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- Dec 5, 2013
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अगर ये सब गोलू भाई का प्लान hai......to सवाल ये उठता hai...ki उन्हें इसकी जरूरत क्यों पड़ी....
अगर चुदाई की बात hoti.......wo तो रोज मेरे घर में hi कर सकते the.....to ये फार्महाउस ले jana.....samjh नहीं आ रहा...
गोलू bhai....aakhir अब आप करने क्या वाले hai...kya....kya...kya.....???????
अब आगे........
यहाँ माजिद ये soch-soch कर परेशान था की आखिर गोलू भाई उसके परिवार को फार्महाउस क्यों ले जाना चाहते है.....
और वही दूसरी taraf....golu भाई के घर पर आलम एक jani-pahchani आवाज सुन कर हैरान रह गया था......
[ आगे की KAHANI......AALAM की जवानी......]
जैसे hi मैंने वो आवाज सुनी तो मैं चौंक gaya....kyoki ये आवाज मेरी अम्मी की थी....
Main(saham कर)- अम्मी....
अम्मी- haa...par तुम यहाँ क्या कर रहो ho...kya मुझसे मिलने आये थे....
मैं- nhi...aapse nhi...wo...wo राजू se...wo मेरा दोस्त है....
अम्मी- ohh...wo बहार hi hoga....jao मिल लो...
मैं- ठीक है ammi...par आप यहाँ....
अम्मी- तुम्हे दादी ने बताया तो था....
मैं- अरे haa...nain भूल hi gaya....theek hai...main राजू से मिल लेता hu....aap अपना काम कीजिये.....
अम्मी- हम्म...
फिर अम्मी एक तरफ चल दी और मैं जल्दी से बहार आ gaya....aur मेरी किस्मत अच्छी थी की राजू मुझे सामने में hi दिख गया....
मैं- अरे राजू भाई....
राजू- aalam....tum यहाँ कैसे....
मैं- wo...main बताता hu...pahle मेरे साथ तो चलो....
राजू- पर बात क्या है....
Main(hath पकड़ कर)- बहुत जरूरी काम hai...tum चलो तो सही...
राजू- तो यही बोल na....mujhe काम है....
मैं- wo....kahi अकेले में बात करे.....
राजू- अकेले me....hmm...theek hai....ek काम karo...main फार्महाउस पर जा रहा hu....tu भी मेरे साथ chal....wahi बात करेंगे....
मैं- तो ठीक hai...chalo.....
और फिर मैं और राजू फार्महाउस पर निकल gaye.....aur जब मैं वह pahucha..to मेरी आँखे बड़ी हो गई....
क्योकि गोलू भाई का फार्महाउस कोई aisa-waisa फार्महाउस नहीं tha...balki वो तो जन्नत की तरह खूबसूरत दिख रहा था....
एक शानदार बड़ा सा ghar....jiske सगरो तरफ गार्डन tha....jo unchi-unchi बॉउंड्री से घिरा हुआ tha...jisse बहार वाला कभी नहीं देख सकता की अंदर क्या चल रहा है....
घर की बात kare...to उस घर में रहिसो के इस्तेमाल करने वाली हर चीज thi.....TV, फ्रिज, ड्रेसिंग टेबल, डाइनिंग टेबल, एक , शानदार bedroom.....usse भी शानदार bathroom...jisme शावर, बाथटब जैसी साती चीजे थी....
उस घर को देख कर मैं एकदम से भौचक्का रह गया tha....mujhe यकीन hi नहीं आ रहा था की मेरे छोटे से गाओं में इतना शानदार घर भी हो सकता है....
अब गार्डन की बात kare....to गार्डन काफी hara-bhara tha....aur घर के दोनों तरफ के गार्डन के बीच स्विमिंग पूल भी बने the.....iske अलावा भी एक स्विमिंग पूल tha...jo घर की छत पर बना हुआ था.....
सच me....golu भाई का फार्महाउस देख कर मुझे फिल्मो में दिखाए जाने वाले बंगलीव भी फीके दिखने लगे थे....
राजू- अब देख लिया na...to ये आँखे ठीक कर le.....kyoki ऐसे आँखे दाड़ने से ये तेरा नहीं हो जायगा....
Main(chounk कर)- huh...nhi...main ऐसा सोच भी नहीं sakta....sach में...
राजू- सगल अब bol...kya जरूरी काम था tujhe....jo तू अकेले में बात करना चाहता था....
मैं- देखो raju....tum ये तो जानते hi ho...ki main....wo..
राजू- are...mujhse क्या sharmana...bol न...
मैं- hmm..tujhe तो पता hi hai...ki मैं अपनी अम्मी ki...wo ुंगे chh...tu समझ गया न...
Raju(muskura कर)- जनता hu...tu अपनी अम्मी को चुड़ते हुए देखना चाहता hai.....ye बात तो पुराणी hai..isme नया क्या है....
मैं- ha...par आज तक मेरी ख्वाहिस पूरी नहीं hui...aur अब मुझे इसकी तालाब बढ़ने लगी hai...khas कर खलील की कहानी सुन कर....
राजू- ohh...wo गोलू भाई और खलील की ammi.....main जरा हु....
मैं- है wahi...aur इसलिए मैं भी चाहता हु की जल्द से जल्द मेरी अम्मी भी चूड़े और मैं देख कर मज़ा ले सकू....
राजू- तो ढूंढ ले किसी ko....aur लिटा दे उसके नीचे अपनी अम्मी को....
मैं- अरे nhi...ye इतना आसान नहीं hai...meri अम्मी बड़ी सरीफ और मजहबी hai...wo कुसी aire-gaire से नहीं फसने वाली....
राजू- hmm..tab तो भूल जा....
मैं- nhi....manta हु मेरी अम्मी काफी मजहबी hai...par मैं एक ऐसे मर्द को जनता hu...jo उन्हें अपने लुंड पर नचा सकता है....
राजू- accha....koun है वो...
मैं- तुम्हारे गोलू भाई....
Rajy(hairani से)- kya....matlab तू चाहता है की गोलू भाई तेरी अम्मी की चुदाई करे...
मैं- हां......
राजू- पर ये होगा kaise....mana की तेरी अम्मी रोज गोलू भाई के घर आती hai...par वो गोलू भाई से मिलते भी nhi...wo तो अपना काम कर के निकल जाती है....
मैं- जनता hu....par अगर तुम मदद karo...to ये हो सकता है...
Raju(joor से)- kya...main....pagal है kya...main kaise....kya मैं उन्हें बोलू की गोलू भाई से छुड़वा lo...ya गोलू भाई से बोलू की वो तेरी अम्मी को छोड़ डेल...
मैं- अरे nhi....unse नहीं bolna....kyoki मैं जनता हु की मुझे किस से बात करनी है....
राजू- तो कर न.....
मैं- कर leta....par मेरे पास उन्हें फ़साने का कोई तरीका nhi...isliye तेरी मदद चाहिए....
राजू- मेरी madad....waise तू किसकी बात कर रहा है....
मैं- wo..meri फूफी ki...aur मैं जनता हु की मेरी फूफी गोलू भाई से चुदवाती hai....pakka...
Raju(soch कर)- ohh....to तू चाहता है की तू अपनी फूफी को फसा कर उनसे बात kare....ki वो तेरी अम्मी को गोलू भाई के लिए तैयार kare...aisa hi न....
मैं- haa....bilkul aisa....bas मुझे ऐसा कोई सबूत chahiye...jise दिखा कर मैं फूफी को फसा saku...taki वो मजबूर हो जाए मेरी बात मैंने के लिए....
राजू- hmm....par इसमें मैं क्या कर सकता हु....
मैं- तुझे वो सबूत लाना hoga....kaise bhi...aur मैं जनता हु की एक तू hi hai...jo ये काम कर सकता है....
राजू- accha....theek hai...main कोसिस karuga....par वादा नहीं karta....kyoki मुझे नहीं ोाता की गोलू भाई तेरी फूफी को कब और कहा छोड़ते है.....
मैं- hmm..maine तो उन्हें सिर्फ अपने घर में hi dekha...wo भी साफ़ टूर पर भी nhi...par अँधेरे में....
राजू- पर अँधेरे में काम नहीं banta....tu एक काम kar....tu घर में hi कोसिस करता rah...baki मैं गोलू बगै के घर में हु hi...main वह नजर rakhuga....ab जिसको भी सबूत mile....par काम तो हो जायगा न....
मैं- haa....bas एक बार फूफी मान jaaye....to फिर अम्मी की चुदाई देखने का सपना पूरा हो सकता है....
राजू- तो ठीक hai...main तेरे साथ hu.....hum आज से hi काम पर लग जाते hai....tu घर पर नजर rakh....kuch तो ऐसा मिलेगा hi...jis से तेरी फूफी फास सकती hai....hai न....
मैं- बिलकुल.....
राजू- hmm..to तू अब घर ja...aur काम सुरु kar...mujhe यहाँ टाइम लगेगा....
मैं- ठीक hai....dua करता हु की जल्द से जल्द कुछ काम बन जाए....
फिर मैं फार्महाउस से अपने घर आ gaya....aur आते हुए माजिद से मिल कर भी aaya....wahi खलील और जावेद भी मिल gaye.....isliye घर aate-aate मुझे रात हो गई......
अम्मी- अरे aalam....tu अब तक कहा था....
मैं- वो ammi...main मजीद के घर गया tha....fir वही खलील और जावेद भी आ gaye...to बातों में देर हो गई....
अम्मी- ohh...chal hath-muh धो le...main खाना hi लगा रही थी....
मैं- हम्म...
फिर मैं फ्रेश हो कर खाना खाने आ gaya...par वह अब्बू नहीं दिखे....
मैं- अरे ammi...abbu नहीं आये अब तक....
अम्मी- wo....unhe देर हो jaygi....kuch काम आ gaya...tu खा...
मैं- hmm...waise fufi....aap कही जा रही हो क्या....
फूफी- kya...nhi to...main इस वक़्त कहा जोगी....
मैं- तो फिर आपने ये नै कुर्ती क्यों पहनी है....
फूफी- अरे ye...ye तो तेरी अम्मी लाइ थी aaj.....main तो बस पहन कर देख रही thi....khane के बाद निकाल दूगी....
मैं- अच्छा.....
फिर हममे खाना खाया और सोने चले gaye......aur फिर थकान की वजह से मुझे बिस्तर पर जाते hi नीड आ gai.......aur मैं आराम से सोता रहा.....
=====================
यहाँ एक कार रात के सन्नाटे को चीरती हुई आगे बड़े जा रही thi....aur फिर गोअन के एक घर के सामने रुक गई......
और उस कार से निकले गोलू bhai......aur जैसे hi वो उस घर के दरवाजे तक pahuche....to दरवाजा खुला....
एक ायरत ने सिर्फ गर्दन बाहर कर के गोलू भाई को dekha....aur फिर पूरा दरवाजा खोल दिया....
और दरवाजा खुलते hi गोलू भाई मुस्कुरा pade....kyoki उनके सामने कड़ी ायरत पूरी तरह से नंगी कड़ी थी......
गोलू बगै- क्या बात hai.....tum तो पूरी तरह तैयार हो....
ायरत- आपने हो तो कहा tha....ki नंगी hi सामने aau...warna कभी सामने नहीं आ sakti....to मैं कैसे नहीं karti....aapse दूर होने की बात सोच भी नहीं सकती....
गोलू भाई- ohh...aur अगर तेरा सौहार होता घर me.......to क्या करती....
ायरत- तब भी ऐसे hi aati....jaise अभी आई हुई.....
गोलू भाई- ओह ho....tab तो तेरा सौहार तुझे तलाक दे देता....
अविरत - तो देने do...uski बीवी बनने से अच्छा गई आपकी रखेल बन कर rahu.....ab भीतर तो aaiye....ya यही पर सब करना है....
गोलू भाई- अगर मैं कहु की haa.....to...
Aourat(paas आ कर)- आप कह कर dekhe.....beech बाज़ार भी नंगी हो कर hi आ जोगी....
ायरत की बात पर गोलू भाई मुस्कुरा पड़े और उसने तुरंत भीतर जा कर दरवाजा बंद किया और ायरत की बाहों में उठा कर एक कमरे में चले गए.....
और जैसे hi गोलू भाई ने उस ायरत को utara...to वो ायरत जल्दी से घटना पर बैट्जी और गोलू भाई का पेण्ट खोलने लगी....
गोलू भाई- समझदार है.....
ायरत- अब आपकी रखेल hu....itna भी नहीं समझुगी kya...ki आपको कब और क्या चाहिए....
ये बोलते हुए उस ायरत ने गोलू भाई का लुंड आज़ाद कर दिया और मुँह में भर कर चूसने लगी......
ायरत- uuuummmm...uummmmmmmmmmmmmm......uuuummmmmmmmm....aaahh....waise आज मुझ पर तरस कैसे आ गया.....
गोलू भाई- बस यु hi....socha की चलो आज तेरी रात रंगीन कर दू....
ायरत- वही to.....koi तो वजह hogi...jo इस नाचीज की याद aai....aaaauuummmm...uuuummmmm.....uuummmm...
गोलू भाई- चूसती rah....sab batatauga...pahle थोड़ा गरम तो होने दे......
ायरत - uuuuuuuuuummmmmmmmmmm........uuuuuuummmmmmmm.....uuuuuuummmmmmmm.....uuuuuuummmmmmmm.......
और फिर उस ायरत ने पूरी सिद्दत से गोलू भाई का लुंड choos-choos कर तैयार कर दिया.....
और जैसे hi गोलू भाई तैयार huye....to उन्होंने उस ायरत को उठा कर बीएड पर पटका और लुंड को उसकी छूट में सत्ता दिया....
ायरत- aaahh....ab डालिये na....ruk क्यों गए.....
गोलू भाई - डालता hu....koun सा मर रही hai.....chal....kha le....yeeehhhhhhhhh.....
ायरत- aaaaaahhh....aaammmiiii......uuummm....maar गईई....
गोलू बगै- तू तो ऐसे चीख रही hai...jaise कुवारी काली ho.....haa...
ायरत- aaaahhhhhhhh....pura दाल दिया na....aaaaahhh....ek साथ me......uuummm...takleef हो गई....
गोलू- तो अब मज़ा ले....
और गोलू भाई ने धक्के मारने सुरु कर diye....aur ायरत भी पूरा साथ देते हुए छुड़वाने लगी.....
ायरत - aaahh....aaahh...aahhh...aahhh..aahhh...
गोलू भाई- अब हुई तकलीफ....
ायरत- aaahhh...nhi....ab nhi...aaahhh....joor se....aaahh...aahh...
गोलू भाई- sabaash.....yeeeeeeee...yeeehhh...yeeehhh...
और गोलू भाई ने अपनी रफ़्तार बड़ाई hi थी की ायरत की छूट ने मस्त हो कर पानी छोड़ दिया...
पर झड़ने के बाद भी दोनों के जोश में कोई कमी नहीं aai.....ulta पूरी रफ़्तार से चुदाई होने लगी...
गोलू भाई के धक्को से पूरा बिस्तर हिल रहा tha.....aur उसकी आवाज के साथ साथ उस ायरत की सिसकियाँ कमरे में गूंजने लगी थी.....
ायरत - aaaahhhhh.....thoda...aaahh...aaraaam....se....aaahhh..aaahh...
गोलू भाई - चुप kar......yaha आ sali...tujhe ारां दिखता हु....
और गोलू भाई ने उसकी एक टांग उठा का दूसरी टांग पर चढ़ा di...jisse छूट सिकुड़ gai....aur गोलू भाई बेरहमी में धक्के मरने लगे...
ायरत - aaa*******hhhh....mar gai.....aaaahhh....aaahh...
गोलू भाई- इतना मत cheekh....koi जाग गया तो तू hi मारेगी....
ायरत - aaahhhh...koi नहीं jagega....aaaahh...sabko सुला diya.....aaaahhhhh.....aaaj पूरी raat....aaaaiii..main ....मैं gai.....aaahhh....
और वो ायरत एक बार फिर झाड़ gai.....islite गोलू भाई ने लुंड बाहर खींच लिया और ायरत की इसरा किया....
और वो ायरत तुरंत उठी और झुक कर लुंड चूसने लगी......
गोलू - aahh....sali....apni छूट का रास नहीं छोड़ सकती tu...haa...
ायरत - uuuummhhh....nhi...mujhe बहुत पसंद hai....aaauuummm..uuummm...
गोलू भाई- तो चूस le....aah.....fir तेरी हालत बिगड़ता हु.....
ायरत - uuummm..uuummm..uuummm...uummmhhh..aaahh....main भी यही चाहती hu...tabhi तो सबको नीड की दवा khilaai...taki खुल कर मज़ा कर सकू....
गोलू bhai(muskura कर)- क्या बात hai...badi शातिर hai.....bas...ab यही शातिरपन मेरे काम में दिखाना....
ायरत - आप बोलो to.....main सब कर दूगी...
गोलू भाई - बोलता hu...pahle गांड तो मार लू तेरी...
गोलू भाई की बात सुन कर ायरत तुरंत कुटिया बन गई और गोलू भाई के सामबे अपनी गांड हिलने लगी....
और गोलू भाई ने भी देर नहीं ki....lund सेट कर के 2 धक्को में hi गांड में उतार diya......aur धक्के मारने सुरु कर दिए.....
ायरत - aaaaaiiiiiiiii......aaahh...abhi भी तकलीफ देता है.....
गोलू भाई - वो तो देगा hi.....ye असली मर्द का लुंड hai...tere पीद्दे सौहार का ादजा लुंड nhi....samjhi....
ायतत - aaahhhh....janti hu...tabhi तो मुझ जैसी खातून भी रंडी बन gai....aaaahhh.....aaahhh...
गोलू भाई - bilkul....tujhe पटाने में वाकई वक़्त laga...bade नखरे दिखाए tune.....hai न....
ायरत - aaaahhh....par आपने छोड़ा nhi....aaahhh....pel hi diya...aur...aaahhh....apni रखेल बना liya.....aaaahhh....
और फिर थोड़ी देर तक गोलू भाई उस ायरत की जोरदार गांड मारते rahe.....aur जब वो ायरत झाड़ gai...to बिस्तर पर लुढ़क गई.....
इसलिए गोलू भाई उसके ऊपर आये और एक बार फिर से उसकी गांड की धज्जियाँ उड़ने लगे....
फिर अगले 10 मिनट तक कमरे में उस ायरत की दर्द भरी सिसकियाँ hi सुनाई देती रही.....
और फिर एक जोरदार चीख के साथ वो ायरत झाड़ gai....aur कुछ hi धक्को के बाद गोलू भाई भी झड़ने को आ गए....
तो उन्होंने ायरत को छोड़ना छोड़ा और उसे सीधा कर के उसके मुँह पर पिचकारियां मार दी.....
फिर चुदाई का दौर थम गया और वो ायरत गोलू भाई के लाइट शराब का पेग बना कर ले आई....
ायरत - अब bataiye....kaam क्या है...
गोलू bhai(ghoont मार कर)- सुनो.....
और फिर गोलू भाई उसे एक काम बताते hai...jise सुन कर ायरत की आँखे बड़ी हो जाती है....
ायरत - पर ये kaise.....wo...wo अभी बच्चा hai.....kuch गलत हो सकता hai.....ye मत कीजिये...
गोलू भाई- मैंने तुझसे राय नहीं maagi...ye मेरा हुकुम hai...aur तुझे ये करना hi होगा....
ायरत - पर इसकी जरूरत क्या hai...sab ठीक तो....
गोलू bhai(beech में)- chup....jitna बोलै hai...bas उतना hi karna.....baki मुझ पर छोड़ de....samjhi...
Aourat(saham कर)- ठीक hai...par उसे कुछ हो गया तो....
गोलू भाई- उसकी फ़िक्र मत kar....main हु na.....ab chal....tune मुजगे शराब पिलाई na....to अब तुझे भी कुछ पिलाता hu.....aaja...
ायरत ने जब ये बात सुनी तो वो मुस्कुराने lagi....aur जल्दी से गोलू भाई के सामने घुटनो पर बैठ गई....
ायरत- अब जल्दी karo....main कबसे प्यासी हु....
गोलू bhai(muskura कर)- शाबाश.....
और फिर गोलू भाई ने उस ायरत के मुँह में पेशाब ki.....aur वो ायरत पूरी पेशाब हलक में उतार गई.....
गोलू भाई- अब मैं चलता hu....tu कल से hi काम सुरु कर दे....
ायरत - जो hukum...bas थोड़ा ख्याल रखना.....
गोलू भाई- बिलकुल.....
फिर गोलू भाई कपडे पहन कर निकल gaye....aur वो ायरत भी फ्रेश हो कर सोने चली गई.....
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यहाँ माजिद के घर .......जबसे गोलू भाई ने फार्महाउस की बात बताई thi...tabhi से मजीद का दिमाग परेशान था.......
[ माजिद की जवानी......]
जबसे मैंने सुना था की गोलू भाई मेरे परिवार को अपने फार्महाउस ले जा कर रहने वाले hai....tabhi से मेरा दिमाग घूमा हुआ था....
मैं soch-soch कर परेशान हो गया था की आखिर गोलू भाई हमे वह किसलिए ले जाने वाले hai....unke इरादे क्या है....
पर मुझे किसी भी तरह का जवाब नहीं सूझ रहा tha...halaki मैं ये तो समझ hi चूका tha...ki मामला सिर्फ चुदाई का नहीं hai....kyoki गोलू बगै का मेरे घर आ कर मेरे घर की अयर्तों की चुदाई करना आम बात थी....
Khair.....iske अलावा भी मुझे एक सवाल खाये जा रहा tha....jo था मेरी खला के बारे में....
जबसे मैंने सुना था की मेरी खला भी गोलू भाई से चुद चुकी hai....tabhi से मैं ये जानने के लिए बेकरार tha...ki आँखि कैसे मेरी खला गोलू भाई से चुद gai...kyoki वो तो बड़ी तेज और सख्त मोहतरना है.....
जो मिजाज से बेहद hi मजहबी hai.....wo गैर मर्द के बारे में सोच भी नहीं सकती thi...aur तो aur....golu भाई के मजहब वालो को तो वो काफी बुरा मानती thi....to आखिर वो चूड़ी तो चूड़ी कैसे......
Main(man में)- इस सवाल का जवाब मुझे सायद कभी नहीं milega...kyoki मैं कुसी से पूछ तो सकता nhi...aur वक़्त को भी पीछे नहीं कर sakta...jo अपनी आँखों से देख लू.....
ये सवाल मुझे इतना परेशान कर रहा tha...ki मुझे रात को ठीक से नीड भी नहीं aai...aur मैं उठ कर हाल में आ गया....
पर तभी मुझे कुछ khusar-fusar सुनाई di......jise सुन कर मुझे लगा की सायद गोलू भाई आ गए.....
उसलिए मैं अम्मी के रूम में jhanka...par वह तो अम्मी, और छोटी ममिजान सोइ हुई thi.....aur खला तो मेरे कमरे में hi सोइ हुई थी...
तो अब बची मेरी बड़ी mamijaan....jo कही नहीं dikhi....matlab वो hi आज रात गोलू भाई से चुद रही hai...par वो है कहा....
ये सोच कर मैंने उस हलकी आवाज का पीछा kiya.....aur वो आवाज मुझे घर के पीछे तक ले गई....
जहा मैंने देखा की मेरी बड़ी ममिजान एक मर्द के साथ कड़ी thi....aur वो मर्द ममिजान की कमर को पकडे हुए tha...aur ममिजान शरमाते हुए उससे बात कर रही थी....
Main(man में)- ये kya...golu भाई को ये जगह mili...are...jab वो बैडरूम में hi इन्हे छोड़ सकते the....to फिर यहाँ बाड़े में क्यों.....
ये सोच कर मुझे कुछ गड़बड़ सी लगने लगी और मैं चुपके से थोड़ा आगे सगळा gaya....jaha से मैं उन दोनों की बातें सुन सकता था.....
मर्द- मुझे यकीन नहीं hota...ki आप मेरे बारे में ऐसा सोचती थी....
Mamijaan(sharma कर)- अरे आप bhi...main तो आप के लिए कब से सोचती thi...par आप ने समझा hi नहीं......
मर्द- सच me....par मैं क्या karu....mujhe कभी समझ hi नहीं आया की आपके दिल में ऐसा कुछ भी है....
ममिजान- अब तो यकीन आया na....ya अब भी कोई कमी बाकि है....
मर्द- अरे nhi...yakeen है na...tabhi तो आपकी ये बलखाती कमर मेरे हाथो में है....
Mamijaan(sharma कर)- haaye....kaash आप पहले hi मेरी कमर को थाम lete...to सायद अब तक हमारी मोहब्बत 4-5 साल की हो जाती.....
मर्द- तो अभी क्या hua....kaho तो अभी hi अपनी मोहब्बत की मोहर लगा दू....
ममिजान- nhi...abhi nhi....mohabbat की मोहर मैं तभी lagwaugi...jab आप मेरी एक बात maane.....bolo...manoge न....
मर्द- are...aap हुकुम karo...jaan दे दू....
Mami(uske मुँह पर हाथ रख जार)- nhi....jaan दे फि तो मेरा क्या hoga.....maon तो जीते जी मर जोगी...
मर्द- तो फिर kaho...kya चाहिए....
ममिजान- पहले अआप वादा karo...ki मेरी बात हर हाल में पूरी hogi....bolo...vaada...
मर्द- vaada....ab bolo...kya चाहती है आप...
ममिजान- मैं na...main तुम्हारी बीवी का गुरूर तोडना चाहती हु.....
Mard(chounk कर)- kya....par kyo....aur waise....use कौन सा गुरूर है...
ममिजान- आप नहीं jante...par उसे अपने मजहबी होने का गुरूर hai...use इस बात का गुरूर है की वो सबसे अच्छी पर्दानादि hai....wo कभी लिवास के बिना गैर मर्द के सामने नहीं जाती.....
मर्द- hmm..ye बात तो hai...meri बीवी है hi aisi....badi मजहबी है....
ममिजान- bas...main उसका यही गुरूर तोडना चाहती हु....
मर्द- par....theek hai...par मैं क्या कर सकता हु इसमें....
ममिजान- वो मैं bataugi...bas सही वक़्त आने do....aapko बस इतना करना hoga...ki मेरी है में है मिलाना hoga...bolo...mera साथ डोज....
मर्द- आपके लाइट तो जान भी दे du...theek hai...main पूरा साथ duga....ab तो मेटि मोहबत कबूल करोगी न....
ममिजान- karoogi...par उस फिन karoogi...jab आप मेरा साथ doge...kasam se...usi दिन मेरी तागे खोल कर आपके नीचे आ jaugi....fir जी भर कर मोहब्बत की मोहर लगा लेना....
मर्द- तो ठीक hai....aap बस bolo..ki कब करना hai...main आपके साथ हु....
ममिजान- bas...mere साथ rahna...fir dekhna...main कैसे आपको जन्नत की सैर कराती hu.....chalo....abhi जाती hu...kahi कोई जाग गया तो दोनों को आफत हो जायगी...
मर्द- पर हम मिलेंगे kaha...kahi तो मिलना होगा न....
ममिजान- वो मुझ पर छोड़ do...main सारा इंतज़ाम कर dugi...aap बस तैयार rahna....abhi चलती हु....
फिर बड़ी ममिजान ने idhar-udhar देखा और घर में आने lagi.....isliye मैं भी जल्दी से पीछे हो कर अपने कमरे में आ गया....
और जब ममिजान अम्मी के कमरे में चली gai...to मैं उस मर्द को देखने gaya...par वो जा चूका था....
Main(man में)- अब ये क्या tha...mamijaan कुसी और मर्द के sath....wo भी ऐसे मर्द के sath...jiski बीवी भी hai...aur ममिजान उसकी बीए का गुरूर तोडना चाहती hai.....huh...sala कौन मिल गया inko....ek गोलू भाई से सुकून नहीं मिला की दूसरा फसा liya....huh...
मैं कुछ देर तक उन दोनों की बातों को सोचता raha...par मुझे समझ नहीं आया की आखिर वो मर्द कौन हो सकता है....
इसलिए मैंने सोचना छोड़ा और बिस्तर पर लेट gaya...kyoki रात भी काफी हो चुकी thi...aur परेशान होते हुए मेरा सर भी भरी हो गया tha......isliye कुछ hi देर बाद मेरी आँख लग गई......
====================
यहाँ गोलू भाई के घर पर इस रात के वक़्त गोलू भाई ड्रिंक कर रहे the....ki तभी राजू वह आ गया.....
गोलू भाई - hmm..aa gaya.....bol...kaam हुआ की नहीं....
राजू - है bhai.....ho gaya....ab बस आगे आपको hi देखना होगा.....
गोलू भाई - hmm..tu फ़िक्र मत kar....main आज रात को hi सब सेट कर दुगा.....
राजू- जी bhai....waise bhai....ek बात....
गोलू bhai(beech में)- पूछ le.....tu घबराता क्यों hai....jo दिल करे पूछ लिया कर....
राजू- वो bhai....kya उनको फार्महाउस पर ले जाना जरूरी tha.....aur आलम को...
गोलू bhai(beech में)- दोनों hi जरूरी है raju....bahut जरूरी....
राजू- पर kyo.....isse कोई ज्यादा फायदा hoga....waise भी सब हाथ में hai....to fir...kyo...
गोलू bhai(khade हो कर)- ये भी बता duga.....tu बस काम होने de....fir सब batauga.....detaill me....ab जा कर सो ja....mujhe जाना भी है....
राजू - जी bhai...(aur राजू निकल गया )
गोलू भाई - अब आएगा maza.....jab बीटा अपनी अम्मी ko....souhar अपनी बीवी ko.....aur भाई अपनी बहिन ko.....kusi गैर मर्द से खुद chudwayga....wo भी मुस्कुरा kar.....aaahhh....tabhi मेरे दिल को सुकून milega.....saalon.....ab तुम्हे पता chalega...ki किसी सरीफ इंसान को हद से ज्यादा परेशान करने का क्या अंजाम होता hai....haaattt...
और गोलू बगै ने गुस्से में गिलास को जमीन पर फेका और घर से निकल गए......
"" हवस का नंगा नाच सुरु होने वाला है.......""
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी......
थैंक्स फ्रेंड्स......
कीप रीडिंग.........
अगर ये सब गोलू भाई का प्लान hai......to सवाल ये उठता hai...ki उन्हें इसकी जरूरत क्यों पड़ी....
अगर चुदाई की बात hoti.......wo तो रोज मेरे घर में hi कर सकते the.....to ये फार्महाउस ले jana.....samjh नहीं आ रहा...
गोलू bhai....aakhir अब आप करने क्या वाले hai...kya....kya...kya.....???????
अब आगे........
यहाँ माजिद ये soch-soch कर परेशान था की आखिर गोलू भाई उसके परिवार को फार्महाउस क्यों ले जाना चाहते है.....
और वही दूसरी taraf....golu भाई के घर पर आलम एक jani-pahchani आवाज सुन कर हैरान रह गया था......
[ आगे की KAHANI......AALAM की जवानी......]
जैसे hi मैंने वो आवाज सुनी तो मैं चौंक gaya....kyoki ये आवाज मेरी अम्मी की थी....
Main(saham कर)- अम्मी....
अम्मी- haa...par तुम यहाँ क्या कर रहो ho...kya मुझसे मिलने आये थे....
मैं- nhi...aapse nhi...wo...wo राजू se...wo मेरा दोस्त है....
अम्मी- ohh...wo बहार hi hoga....jao मिल लो...
मैं- ठीक है ammi...par आप यहाँ....
अम्मी- तुम्हे दादी ने बताया तो था....
मैं- अरे haa...nain भूल hi gaya....theek hai...main राजू से मिल लेता hu....aap अपना काम कीजिये.....
अम्मी- हम्म...
फिर अम्मी एक तरफ चल दी और मैं जल्दी से बहार आ gaya....aur मेरी किस्मत अच्छी थी की राजू मुझे सामने में hi दिख गया....
मैं- अरे राजू भाई....
राजू- aalam....tum यहाँ कैसे....
मैं- wo...main बताता hu...pahle मेरे साथ तो चलो....
राजू- पर बात क्या है....
Main(hath पकड़ कर)- बहुत जरूरी काम hai...tum चलो तो सही...
राजू- तो यही बोल na....mujhe काम है....
मैं- wo....kahi अकेले में बात करे.....
राजू- अकेले me....hmm...theek hai....ek काम karo...main फार्महाउस पर जा रहा hu....tu भी मेरे साथ chal....wahi बात करेंगे....
मैं- तो ठीक hai...chalo.....
और फिर मैं और राजू फार्महाउस पर निकल gaye.....aur जब मैं वह pahucha..to मेरी आँखे बड़ी हो गई....
क्योकि गोलू भाई का फार्महाउस कोई aisa-waisa फार्महाउस नहीं tha...balki वो तो जन्नत की तरह खूबसूरत दिख रहा था....
एक शानदार बड़ा सा ghar....jiske सगरो तरफ गार्डन tha....jo unchi-unchi बॉउंड्री से घिरा हुआ tha...jisse बहार वाला कभी नहीं देख सकता की अंदर क्या चल रहा है....
घर की बात kare...to उस घर में रहिसो के इस्तेमाल करने वाली हर चीज thi.....TV, फ्रिज, ड्रेसिंग टेबल, डाइनिंग टेबल, एक , शानदार bedroom.....usse भी शानदार bathroom...jisme शावर, बाथटब जैसी साती चीजे थी....
उस घर को देख कर मैं एकदम से भौचक्का रह गया tha....mujhe यकीन hi नहीं आ रहा था की मेरे छोटे से गाओं में इतना शानदार घर भी हो सकता है....
अब गार्डन की बात kare....to गार्डन काफी hara-bhara tha....aur घर के दोनों तरफ के गार्डन के बीच स्विमिंग पूल भी बने the.....iske अलावा भी एक स्विमिंग पूल tha...jo घर की छत पर बना हुआ था.....
सच me....golu भाई का फार्महाउस देख कर मुझे फिल्मो में दिखाए जाने वाले बंगलीव भी फीके दिखने लगे थे....
राजू- अब देख लिया na...to ये आँखे ठीक कर le.....kyoki ऐसे आँखे दाड़ने से ये तेरा नहीं हो जायगा....
Main(chounk कर)- huh...nhi...main ऐसा सोच भी नहीं sakta....sach में...
राजू- सगल अब bol...kya जरूरी काम था tujhe....jo तू अकेले में बात करना चाहता था....
मैं- देखो raju....tum ये तो जानते hi ho...ki main....wo..
राजू- are...mujhse क्या sharmana...bol न...
मैं- hmm..tujhe तो पता hi hai...ki मैं अपनी अम्मी ki...wo ुंगे chh...tu समझ गया न...
Raju(muskura कर)- जनता hu...tu अपनी अम्मी को चुड़ते हुए देखना चाहता hai.....ye बात तो पुराणी hai..isme नया क्या है....
मैं- ha...par आज तक मेरी ख्वाहिस पूरी नहीं hui...aur अब मुझे इसकी तालाब बढ़ने लगी hai...khas कर खलील की कहानी सुन कर....
राजू- ohh...wo गोलू भाई और खलील की ammi.....main जरा हु....
मैं- है wahi...aur इसलिए मैं भी चाहता हु की जल्द से जल्द मेरी अम्मी भी चूड़े और मैं देख कर मज़ा ले सकू....
राजू- तो ढूंढ ले किसी ko....aur लिटा दे उसके नीचे अपनी अम्मी को....
मैं- अरे nhi...ye इतना आसान नहीं hai...meri अम्मी बड़ी सरीफ और मजहबी hai...wo कुसी aire-gaire से नहीं फसने वाली....
राजू- hmm..tab तो भूल जा....
मैं- nhi....manta हु मेरी अम्मी काफी मजहबी hai...par मैं एक ऐसे मर्द को जनता hu...jo उन्हें अपने लुंड पर नचा सकता है....
राजू- accha....koun है वो...
मैं- तुम्हारे गोलू भाई....
Rajy(hairani से)- kya....matlab तू चाहता है की गोलू भाई तेरी अम्मी की चुदाई करे...
मैं- हां......
राजू- पर ये होगा kaise....mana की तेरी अम्मी रोज गोलू भाई के घर आती hai...par वो गोलू भाई से मिलते भी nhi...wo तो अपना काम कर के निकल जाती है....
मैं- जनता hu....par अगर तुम मदद karo...to ये हो सकता है...
Raju(joor से)- kya...main....pagal है kya...main kaise....kya मैं उन्हें बोलू की गोलू भाई से छुड़वा lo...ya गोलू भाई से बोलू की वो तेरी अम्मी को छोड़ डेल...
मैं- अरे nhi....unse नहीं bolna....kyoki मैं जनता हु की मुझे किस से बात करनी है....
राजू- तो कर न.....
मैं- कर leta....par मेरे पास उन्हें फ़साने का कोई तरीका nhi...isliye तेरी मदद चाहिए....
राजू- मेरी madad....waise तू किसकी बात कर रहा है....
मैं- wo..meri फूफी ki...aur मैं जनता हु की मेरी फूफी गोलू भाई से चुदवाती hai....pakka...
Raju(soch कर)- ohh....to तू चाहता है की तू अपनी फूफी को फसा कर उनसे बात kare....ki वो तेरी अम्मी को गोलू भाई के लिए तैयार kare...aisa hi न....
मैं- haa....bilkul aisa....bas मुझे ऐसा कोई सबूत chahiye...jise दिखा कर मैं फूफी को फसा saku...taki वो मजबूर हो जाए मेरी बात मैंने के लिए....
राजू- hmm....par इसमें मैं क्या कर सकता हु....
मैं- तुझे वो सबूत लाना hoga....kaise bhi...aur मैं जनता हु की एक तू hi hai...jo ये काम कर सकता है....
राजू- accha....theek hai...main कोसिस karuga....par वादा नहीं karta....kyoki मुझे नहीं ोाता की गोलू भाई तेरी फूफी को कब और कहा छोड़ते है.....
मैं- hmm..maine तो उन्हें सिर्फ अपने घर में hi dekha...wo भी साफ़ टूर पर भी nhi...par अँधेरे में....
राजू- पर अँधेरे में काम नहीं banta....tu एक काम kar....tu घर में hi कोसिस करता rah...baki मैं गोलू बगै के घर में हु hi...main वह नजर rakhuga....ab जिसको भी सबूत mile....par काम तो हो जायगा न....
मैं- haa....bas एक बार फूफी मान jaaye....to फिर अम्मी की चुदाई देखने का सपना पूरा हो सकता है....
राजू- तो ठीक hai...main तेरे साथ hu.....hum आज से hi काम पर लग जाते hai....tu घर पर नजर rakh....kuch तो ऐसा मिलेगा hi...jis से तेरी फूफी फास सकती hai....hai न....
मैं- बिलकुल.....
राजू- hmm..to तू अब घर ja...aur काम सुरु kar...mujhe यहाँ टाइम लगेगा....
मैं- ठीक hai....dua करता हु की जल्द से जल्द कुछ काम बन जाए....
फिर मैं फार्महाउस से अपने घर आ gaya....aur आते हुए माजिद से मिल कर भी aaya....wahi खलील और जावेद भी मिल gaye.....isliye घर aate-aate मुझे रात हो गई......
अम्मी- अरे aalam....tu अब तक कहा था....
मैं- वो ammi...main मजीद के घर गया tha....fir वही खलील और जावेद भी आ gaye...to बातों में देर हो गई....
अम्मी- ohh...chal hath-muh धो le...main खाना hi लगा रही थी....
मैं- हम्म...
फिर मैं फ्रेश हो कर खाना खाने आ gaya...par वह अब्बू नहीं दिखे....
मैं- अरे ammi...abbu नहीं आये अब तक....
अम्मी- wo....unhe देर हो jaygi....kuch काम आ gaya...tu खा...
मैं- hmm...waise fufi....aap कही जा रही हो क्या....
फूफी- kya...nhi to...main इस वक़्त कहा जोगी....
मैं- तो फिर आपने ये नै कुर्ती क्यों पहनी है....
फूफी- अरे ye...ye तो तेरी अम्मी लाइ थी aaj.....main तो बस पहन कर देख रही thi....khane के बाद निकाल दूगी....
मैं- अच्छा.....
फिर हममे खाना खाया और सोने चले gaye......aur फिर थकान की वजह से मुझे बिस्तर पर जाते hi नीड आ gai.......aur मैं आराम से सोता रहा.....
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यहाँ एक कार रात के सन्नाटे को चीरती हुई आगे बड़े जा रही thi....aur फिर गोअन के एक घर के सामने रुक गई......
और उस कार से निकले गोलू bhai......aur जैसे hi वो उस घर के दरवाजे तक pahuche....to दरवाजा खुला....
एक ायरत ने सिर्फ गर्दन बाहर कर के गोलू भाई को dekha....aur फिर पूरा दरवाजा खोल दिया....
और दरवाजा खुलते hi गोलू भाई मुस्कुरा pade....kyoki उनके सामने कड़ी ायरत पूरी तरह से नंगी कड़ी थी......
गोलू बगै- क्या बात hai.....tum तो पूरी तरह तैयार हो....
ायरत- आपने हो तो कहा tha....ki नंगी hi सामने aau...warna कभी सामने नहीं आ sakti....to मैं कैसे नहीं karti....aapse दूर होने की बात सोच भी नहीं सकती....
गोलू भाई- ohh...aur अगर तेरा सौहार होता घर me.......to क्या करती....
ायरत- तब भी ऐसे hi aati....jaise अभी आई हुई.....
गोलू भाई- ओह ho....tab तो तेरा सौहार तुझे तलाक दे देता....
अविरत - तो देने do...uski बीवी बनने से अच्छा गई आपकी रखेल बन कर rahu.....ab भीतर तो aaiye....ya यही पर सब करना है....
गोलू भाई- अगर मैं कहु की haa.....to...
Aourat(paas आ कर)- आप कह कर dekhe.....beech बाज़ार भी नंगी हो कर hi आ जोगी....
ायरत की बात पर गोलू भाई मुस्कुरा पड़े और उसने तुरंत भीतर जा कर दरवाजा बंद किया और ायरत की बाहों में उठा कर एक कमरे में चले गए.....
और जैसे hi गोलू भाई ने उस ायरत को utara...to वो ायरत जल्दी से घटना पर बैट्जी और गोलू भाई का पेण्ट खोलने लगी....
गोलू भाई- समझदार है.....
ायरत- अब आपकी रखेल hu....itna भी नहीं समझुगी kya...ki आपको कब और क्या चाहिए....
ये बोलते हुए उस ायरत ने गोलू भाई का लुंड आज़ाद कर दिया और मुँह में भर कर चूसने लगी......
ायरत- uuuummmm...uummmmmmmmmmmmmm......uuuummmmmmmmm....aaahh....waise आज मुझ पर तरस कैसे आ गया.....
गोलू भाई- बस यु hi....socha की चलो आज तेरी रात रंगीन कर दू....
ायरत- वही to.....koi तो वजह hogi...jo इस नाचीज की याद aai....aaaauuummmm...uuuummmmm.....uuummmm...
गोलू भाई- चूसती rah....sab batatauga...pahle थोड़ा गरम तो होने दे......
ायरत - uuuuuuuuuummmmmmmmmmm........uuuuuuummmmmmmm.....uuuuuuummmmmmmm.....uuuuuuummmmmmmm.......
और फिर उस ायरत ने पूरी सिद्दत से गोलू भाई का लुंड choos-choos कर तैयार कर दिया.....
और जैसे hi गोलू भाई तैयार huye....to उन्होंने उस ायरत को उठा कर बीएड पर पटका और लुंड को उसकी छूट में सत्ता दिया....
ायरत- aaahh....ab डालिये na....ruk क्यों गए.....
गोलू भाई - डालता hu....koun सा मर रही hai.....chal....kha le....yeeehhhhhhhhh.....
ायरत- aaaaaahhh....aaammmiiii......uuummm....maar गईई....
गोलू बगै- तू तो ऐसे चीख रही hai...jaise कुवारी काली ho.....haa...
ायरत- aaaahhhhhhhh....pura दाल दिया na....aaaaahhh....ek साथ me......uuummm...takleef हो गई....
गोलू- तो अब मज़ा ले....
और गोलू भाई ने धक्के मारने सुरु कर diye....aur ायरत भी पूरा साथ देते हुए छुड़वाने लगी.....
ायरत - aaahh....aaahh...aahhh...aahhh..aahhh...
गोलू भाई- अब हुई तकलीफ....
ायरत- aaahhh...nhi....ab nhi...aaahhh....joor se....aaahh...aahh...
गोलू भाई- sabaash.....yeeeeeeee...yeeehhh...yeeehhh...
और गोलू भाई ने अपनी रफ़्तार बड़ाई hi थी की ायरत की छूट ने मस्त हो कर पानी छोड़ दिया...
पर झड़ने के बाद भी दोनों के जोश में कोई कमी नहीं aai.....ulta पूरी रफ़्तार से चुदाई होने लगी...
गोलू भाई के धक्को से पूरा बिस्तर हिल रहा tha.....aur उसकी आवाज के साथ साथ उस ायरत की सिसकियाँ कमरे में गूंजने लगी थी.....
ायरत - aaaahhhhh.....thoda...aaahh...aaraaam....se....aaahhh..aaahh...
गोलू भाई - चुप kar......yaha आ sali...tujhe ारां दिखता हु....
और गोलू भाई ने उसकी एक टांग उठा का दूसरी टांग पर चढ़ा di...jisse छूट सिकुड़ gai....aur गोलू भाई बेरहमी में धक्के मरने लगे...
ायरत - aaa*******hhhh....mar gai.....aaaahhh....aaahh...
गोलू भाई- इतना मत cheekh....koi जाग गया तो तू hi मारेगी....
ायरत - aaahhhh...koi नहीं jagega....aaaahh...sabko सुला diya.....aaaahhhhh.....aaaj पूरी raat....aaaaiii..main ....मैं gai.....aaahhh....
और वो ायरत एक बार फिर झाड़ gai.....islite गोलू भाई ने लुंड बाहर खींच लिया और ायरत की इसरा किया....
और वो ायरत तुरंत उठी और झुक कर लुंड चूसने लगी......
गोलू - aahh....sali....apni छूट का रास नहीं छोड़ सकती tu...haa...
ायरत - uuuummhhh....nhi...mujhe बहुत पसंद hai....aaauuummm..uuummm...
गोलू भाई- तो चूस le....aah.....fir तेरी हालत बिगड़ता हु.....
ायरत - uuummm..uuummm..uuummm...uummmhhh..aaahh....main भी यही चाहती hu...tabhi तो सबको नीड की दवा khilaai...taki खुल कर मज़ा कर सकू....
गोलू bhai(muskura कर)- क्या बात hai...badi शातिर hai.....bas...ab यही शातिरपन मेरे काम में दिखाना....
ायरत - आप बोलो to.....main सब कर दूगी...
गोलू भाई - बोलता hu...pahle गांड तो मार लू तेरी...
गोलू भाई की बात सुन कर ायरत तुरंत कुटिया बन गई और गोलू भाई के सामबे अपनी गांड हिलने लगी....
और गोलू भाई ने भी देर नहीं ki....lund सेट कर के 2 धक्को में hi गांड में उतार diya......aur धक्के मारने सुरु कर दिए.....
ायरत - aaaaaiiiiiiiii......aaahh...abhi भी तकलीफ देता है.....
गोलू भाई - वो तो देगा hi.....ye असली मर्द का लुंड hai...tere पीद्दे सौहार का ादजा लुंड nhi....samjhi....
ायतत - aaahhhh....janti hu...tabhi तो मुझ जैसी खातून भी रंडी बन gai....aaaahhh.....aaahhh...
गोलू भाई - bilkul....tujhe पटाने में वाकई वक़्त laga...bade नखरे दिखाए tune.....hai न....
ायरत - aaaahhh....par आपने छोड़ा nhi....aaahhh....pel hi diya...aur...aaahhh....apni रखेल बना liya.....aaaahhh....
और फिर थोड़ी देर तक गोलू भाई उस ायरत की जोरदार गांड मारते rahe.....aur जब वो ायरत झाड़ gai...to बिस्तर पर लुढ़क गई.....
इसलिए गोलू भाई उसके ऊपर आये और एक बार फिर से उसकी गांड की धज्जियाँ उड़ने लगे....
फिर अगले 10 मिनट तक कमरे में उस ायरत की दर्द भरी सिसकियाँ hi सुनाई देती रही.....
और फिर एक जोरदार चीख के साथ वो ायरत झाड़ gai....aur कुछ hi धक्को के बाद गोलू भाई भी झड़ने को आ गए....
तो उन्होंने ायरत को छोड़ना छोड़ा और उसे सीधा कर के उसके मुँह पर पिचकारियां मार दी.....
फिर चुदाई का दौर थम गया और वो ायरत गोलू भाई के लाइट शराब का पेग बना कर ले आई....
ायरत - अब bataiye....kaam क्या है...
गोलू bhai(ghoont मार कर)- सुनो.....
और फिर गोलू भाई उसे एक काम बताते hai...jise सुन कर ायरत की आँखे बड़ी हो जाती है....
ायरत - पर ये kaise.....wo...wo अभी बच्चा hai.....kuch गलत हो सकता hai.....ye मत कीजिये...
गोलू भाई- मैंने तुझसे राय नहीं maagi...ye मेरा हुकुम hai...aur तुझे ये करना hi होगा....
ायरत - पर इसकी जरूरत क्या hai...sab ठीक तो....
गोलू bhai(beech में)- chup....jitna बोलै hai...bas उतना hi karna.....baki मुझ पर छोड़ de....samjhi...
Aourat(saham कर)- ठीक hai...par उसे कुछ हो गया तो....
गोलू भाई- उसकी फ़िक्र मत kar....main हु na.....ab chal....tune मुजगे शराब पिलाई na....to अब तुझे भी कुछ पिलाता hu.....aaja...
ायरत ने जब ये बात सुनी तो वो मुस्कुराने lagi....aur जल्दी से गोलू भाई के सामने घुटनो पर बैठ गई....
ायरत- अब जल्दी karo....main कबसे प्यासी हु....
गोलू bhai(muskura कर)- शाबाश.....
और फिर गोलू भाई ने उस ायरत के मुँह में पेशाब ki.....aur वो ायरत पूरी पेशाब हलक में उतार गई.....
गोलू भाई- अब मैं चलता hu....tu कल से hi काम सुरु कर दे....
ायरत - जो hukum...bas थोड़ा ख्याल रखना.....
गोलू भाई- बिलकुल.....
फिर गोलू भाई कपडे पहन कर निकल gaye....aur वो ायरत भी फ्रेश हो कर सोने चली गई.....
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यहाँ माजिद के घर .......जबसे गोलू भाई ने फार्महाउस की बात बताई thi...tabhi से मजीद का दिमाग परेशान था.......
[ माजिद की जवानी......]
जबसे मैंने सुना था की गोलू भाई मेरे परिवार को अपने फार्महाउस ले जा कर रहने वाले hai....tabhi से मेरा दिमाग घूमा हुआ था....
मैं soch-soch कर परेशान हो गया था की आखिर गोलू भाई हमे वह किसलिए ले जाने वाले hai....unke इरादे क्या है....
पर मुझे किसी भी तरह का जवाब नहीं सूझ रहा tha...halaki मैं ये तो समझ hi चूका tha...ki मामला सिर्फ चुदाई का नहीं hai....kyoki गोलू बगै का मेरे घर आ कर मेरे घर की अयर्तों की चुदाई करना आम बात थी....
Khair.....iske अलावा भी मुझे एक सवाल खाये जा रहा tha....jo था मेरी खला के बारे में....
जबसे मैंने सुना था की मेरी खला भी गोलू भाई से चुद चुकी hai....tabhi से मैं ये जानने के लिए बेकरार tha...ki आँखि कैसे मेरी खला गोलू भाई से चुद gai...kyoki वो तो बड़ी तेज और सख्त मोहतरना है.....
जो मिजाज से बेहद hi मजहबी hai.....wo गैर मर्द के बारे में सोच भी नहीं सकती thi...aur तो aur....golu भाई के मजहब वालो को तो वो काफी बुरा मानती thi....to आखिर वो चूड़ी तो चूड़ी कैसे......
Main(man में)- इस सवाल का जवाब मुझे सायद कभी नहीं milega...kyoki मैं कुसी से पूछ तो सकता nhi...aur वक़्त को भी पीछे नहीं कर sakta...jo अपनी आँखों से देख लू.....
ये सवाल मुझे इतना परेशान कर रहा tha...ki मुझे रात को ठीक से नीड भी नहीं aai...aur मैं उठ कर हाल में आ गया....
पर तभी मुझे कुछ khusar-fusar सुनाई di......jise सुन कर मुझे लगा की सायद गोलू भाई आ गए.....
उसलिए मैं अम्मी के रूम में jhanka...par वह तो अम्मी, और छोटी ममिजान सोइ हुई thi.....aur खला तो मेरे कमरे में hi सोइ हुई थी...
तो अब बची मेरी बड़ी mamijaan....jo कही नहीं dikhi....matlab वो hi आज रात गोलू भाई से चुद रही hai...par वो है कहा....
ये सोच कर मैंने उस हलकी आवाज का पीछा kiya.....aur वो आवाज मुझे घर के पीछे तक ले गई....
जहा मैंने देखा की मेरी बड़ी ममिजान एक मर्द के साथ कड़ी thi....aur वो मर्द ममिजान की कमर को पकडे हुए tha...aur ममिजान शरमाते हुए उससे बात कर रही थी....
Main(man में)- ये kya...golu भाई को ये जगह mili...are...jab वो बैडरूम में hi इन्हे छोड़ सकते the....to फिर यहाँ बाड़े में क्यों.....
ये सोच कर मुझे कुछ गड़बड़ सी लगने लगी और मैं चुपके से थोड़ा आगे सगळा gaya....jaha से मैं उन दोनों की बातें सुन सकता था.....
मर्द- मुझे यकीन नहीं hota...ki आप मेरे बारे में ऐसा सोचती थी....
Mamijaan(sharma कर)- अरे आप bhi...main तो आप के लिए कब से सोचती thi...par आप ने समझा hi नहीं......
मर्द- सच me....par मैं क्या karu....mujhe कभी समझ hi नहीं आया की आपके दिल में ऐसा कुछ भी है....
ममिजान- अब तो यकीन आया na....ya अब भी कोई कमी बाकि है....
मर्द- अरे nhi...yakeen है na...tabhi तो आपकी ये बलखाती कमर मेरे हाथो में है....
Mamijaan(sharma कर)- haaye....kaash आप पहले hi मेरी कमर को थाम lete...to सायद अब तक हमारी मोहब्बत 4-5 साल की हो जाती.....
मर्द- तो अभी क्या hua....kaho तो अभी hi अपनी मोहब्बत की मोहर लगा दू....
ममिजान- nhi...abhi nhi....mohabbat की मोहर मैं तभी lagwaugi...jab आप मेरी एक बात maane.....bolo...manoge न....
मर्द- are...aap हुकुम karo...jaan दे दू....
Mami(uske मुँह पर हाथ रख जार)- nhi....jaan दे फि तो मेरा क्या hoga.....maon तो जीते जी मर जोगी...
मर्द- तो फिर kaho...kya चाहिए....
ममिजान- पहले अआप वादा karo...ki मेरी बात हर हाल में पूरी hogi....bolo...vaada...
मर्द- vaada....ab bolo...kya चाहती है आप...
ममिजान- मैं na...main तुम्हारी बीवी का गुरूर तोडना चाहती हु.....
Mard(chounk कर)- kya....par kyo....aur waise....use कौन सा गुरूर है...
ममिजान- आप नहीं jante...par उसे अपने मजहबी होने का गुरूर hai...use इस बात का गुरूर है की वो सबसे अच्छी पर्दानादि hai....wo कभी लिवास के बिना गैर मर्द के सामने नहीं जाती.....
मर्द- hmm..ye बात तो hai...meri बीवी है hi aisi....badi मजहबी है....
ममिजान- bas...main उसका यही गुरूर तोडना चाहती हु....
मर्द- par....theek hai...par मैं क्या कर सकता हु इसमें....
ममिजान- वो मैं bataugi...bas सही वक़्त आने do....aapko बस इतना करना hoga...ki मेरी है में है मिलाना hoga...bolo...mera साथ डोज....
मर्द- आपके लाइट तो जान भी दे du...theek hai...main पूरा साथ duga....ab तो मेटि मोहबत कबूल करोगी न....
ममिजान- karoogi...par उस फिन karoogi...jab आप मेरा साथ doge...kasam se...usi दिन मेरी तागे खोल कर आपके नीचे आ jaugi....fir जी भर कर मोहब्बत की मोहर लगा लेना....
मर्द- तो ठीक hai....aap बस bolo..ki कब करना hai...main आपके साथ हु....
ममिजान- bas...mere साथ rahna...fir dekhna...main कैसे आपको जन्नत की सैर कराती hu.....chalo....abhi जाती hu...kahi कोई जाग गया तो दोनों को आफत हो जायगी...
मर्द- पर हम मिलेंगे kaha...kahi तो मिलना होगा न....
ममिजान- वो मुझ पर छोड़ do...main सारा इंतज़ाम कर dugi...aap बस तैयार rahna....abhi चलती हु....
फिर बड़ी ममिजान ने idhar-udhar देखा और घर में आने lagi.....isliye मैं भी जल्दी से पीछे हो कर अपने कमरे में आ गया....
और जब ममिजान अम्मी के कमरे में चली gai...to मैं उस मर्द को देखने gaya...par वो जा चूका था....
Main(man में)- अब ये क्या tha...mamijaan कुसी और मर्द के sath....wo भी ऐसे मर्द के sath...jiski बीवी भी hai...aur ममिजान उसकी बीए का गुरूर तोडना चाहती hai.....huh...sala कौन मिल गया inko....ek गोलू भाई से सुकून नहीं मिला की दूसरा फसा liya....huh...
मैं कुछ देर तक उन दोनों की बातों को सोचता raha...par मुझे समझ नहीं आया की आखिर वो मर्द कौन हो सकता है....
इसलिए मैंने सोचना छोड़ा और बिस्तर पर लेट gaya...kyoki रात भी काफी हो चुकी thi...aur परेशान होते हुए मेरा सर भी भरी हो गया tha......isliye कुछ hi देर बाद मेरी आँख लग गई......
====================
यहाँ गोलू भाई के घर पर इस रात के वक़्त गोलू भाई ड्रिंक कर रहे the....ki तभी राजू वह आ गया.....
गोलू भाई - hmm..aa gaya.....bol...kaam हुआ की नहीं....
राजू - है bhai.....ho gaya....ab बस आगे आपको hi देखना होगा.....
गोलू भाई - hmm..tu फ़िक्र मत kar....main आज रात को hi सब सेट कर दुगा.....
राजू- जी bhai....waise bhai....ek बात....
गोलू bhai(beech में)- पूछ le.....tu घबराता क्यों hai....jo दिल करे पूछ लिया कर....
राजू- वो bhai....kya उनको फार्महाउस पर ले जाना जरूरी tha.....aur आलम को...
गोलू bhai(beech में)- दोनों hi जरूरी है raju....bahut जरूरी....
राजू- पर kyo.....isse कोई ज्यादा फायदा hoga....waise भी सब हाथ में hai....to fir...kyo...
गोलू bhai(khade हो कर)- ये भी बता duga.....tu बस काम होने de....fir सब batauga.....detaill me....ab जा कर सो ja....mujhe जाना भी है....
राजू - जी bhai...(aur राजू निकल गया )
गोलू भाई - अब आएगा maza.....jab बीटा अपनी अम्मी ko....souhar अपनी बीवी ko.....aur भाई अपनी बहिन ko.....kusi गैर मर्द से खुद chudwayga....wo भी मुस्कुरा kar.....aaahhh....tabhi मेरे दिल को सुकून milega.....saalon.....ab तुम्हे पता chalega...ki किसी सरीफ इंसान को हद से ज्यादा परेशान करने का क्या अंजाम होता hai....haaattt...
और गोलू बगै ने गुस्से में गिलास को जमीन पर फेका और घर से निकल गए......
"" हवस का नंगा नाच सुरु होने वाला है.......""
नोट - अपडेट पोस्टेड frnds....hope ु लिखे आईटी......
थैंक्स फ्रेंड्स......
कीप रीडिंग.........