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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - ११८/२
तब लखनका लंड लताकी चुतपे दस्तक देते ठोकर मारने लगा.. तो लताने खुद उनकी नीकरको नीकाल दीया.. लखनने लताको इतनी बार चोद लीयाथा.. जीनकी वजहसे लताकी सब सरम चली गइ थी.. तो वो खुद लखनको साथ देने लगी.. ओर नीकर नीकालतेही धीरेसे लखनके लंडको अपनी मुठीमे पकड लेती हे.. फीर लंडको अपनी चुतपे दो तीन बार घीसते अपनी मंजीलका रास्ता दीखाते चुतके लव होलपे सेट कर देती हे.. तभी लखनने अेकही जटकेमे पुरा लंड लताकी चुतमे उतार दीया तो लताकी चीख नीकल गइ..
उपरकी मंजीलमे लास्टके दोनो रुममे सुहागरातका दौर चल पडा.. तो इधर देवायत भुमी नीर्मला ओर रश्मी हवेलीसे नीकलतेही आपसमे सादीकी बाते करते रश्मीके घरकी ओर जा रहेथे.. नीर्मला ओर भुमी इसीलीये देवायतके साथ आइथी की वो देवायतको भुमीकी प्रेगनन्सीके बारेमे बात कर सके.. भुमीका अबभी देवायतके साथ सटकर चल रहीथी.. ओर बीच बीचमे उनका हाथभी पकड लेती थी.. चारो बाते करते रश्मीके घर आगये..
रश्मी : अंदर आइअे.. आपको मे मस्त चाइ पीलाती हु.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (हसते) रश्मी रहेने दे फीर हमे नींद नही आयेगी.. तो तुजे हमे कंपनी देने वापस आना पडेगा.. हें..हें..हें..
भुमीका : (हसते) नही रश्मी आज तु चाइही बनादे.. भलेही हमे जागना पडे.. हम बाते करेगे.. वैसेभी कलतो घर जानाही हे.. ओर आजतो देवु भी जागेगा.. हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) अरे.. मे क्यु जागुगा..? आप दोनोही जागना मुजेभी कल सहेरमे जाना हे..
रश्मी : (अंदर आते जोरोसे हसते) क्यु..? घरमे आज दो दो सुहागरात मन रही हे तो तीन ही सही.. आपभी फीरसे अपनी दोनो बीवीओके साथ सुहागरात मना लेना.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (जोरोसे हसते) रहेने दे रश्मी.. वरना सुबह मेरी बेटी ओर बहेन दोनोकी हालत खराब होगी.. हें..हें..हें..
भुमीका : (हसते) कमीनीओ धीरे बोलो.. कोइ सुनलेगा.. हें..हें..हें..
रश्मी : (हसते) बुआ.. कोइ बात नही.. यहा सुनने वाला कोइ नही हे.. ओर सुनता हे वो खटीयामे पडा हे..
चारो मस्ती मजाक करते रश्मीके घरमे आगये ओर सोफेपे बैठ गये तब रश्मी सबके लीये पानी लेकर आ गइ.. सभीने पानी पीयातो कीचनमे चली गइ ओर फटाफट चाइ बनाने लगी.. तभी मौका देखतेही नीर्मला ओर भुमीका देवायतके पास अगल बगलमे उनसे सटकर बैठ गइ.. तो देवायत दोनोकी ओर सवालीया नजरोसे हसते हुअे देखने लगा.. तब भुमीका सर्माने लगी.. तो नीर्मलाने धीरेसे कहा..
नीर्मला : देवु.. आप बहुत कमीने हो.. कोइ अपनी बीवीके साथ अैसा करता हे..?
देवायत : (हसते आस्चर्यसे) अरे.. मेने क्या कीया..?
नीर्मला : (धीरेसे हसते) जब मेने आपको भुमीके लीये कहाथा तो आपतो मना कर रहे थे.. ओर दोनो कबसे रीलेशनमे हो..? तो मुजे सब सच नही बता सकते..? मे आपको मना थोडीना करती..?
देवायत : (हसते) ओह.. तो आखीर आपको सब पता चल गया.. सोरी नीमु.. भुमीने मुजे अपनी कसम देदीथी.. तो मे उनकी कसम कैसे तोड सकता हु.. क्या इस बारेमे दोनोमे बात होगइ..?
भुमीका : (सरमाते हसते) हां देवु.. आइ अेम सोरी.. मुजे मजबुरन नीमुको सब सच बताना पडा.. वरना मे हमारे रीस्तेको कीसीके सामने उजागर करना नही चाहती थी.. सोरी..
देवायत : भुमी.. मजबुरन मतलब..? अेसी कोनसी मजबुरी थी..? तुमने नीमुको सब सच बता दीयातो मुजे कोइ फर्क नही पडता.. उल्टा मेतो इस बातपे खुस हुकी हम हमारे रीस्तोको आपसमे अेक्सेप्ट करते खुस हे..
नीर्मला : देवु.. आपसे अेक बात कहेनी थी.. बात थोडी सीरीयस हे.. तो यहाकी.. हम रास्तेमे बाते करे..?
देवायत : नीमु.. यहा कोइ खतरा नही.. ये मेरी सीक्रेट जगाह हे.. मेरा रश्मीके साथभी सब रीलेशन हे.. ओर मे मेरी सीक्रेट बीवीओको यही मीलता हु.. तो कहो.. क्या सीरीयस मेटर हे.. क्या कोइ गंभीर बात हे..?
नीर्मला : (आस्चर्यसे) रश्मीभी..? (देवायतकी जांगपे चपत लगाते) तुम कीतने कमीने हो.. अैसी कीतनी सीक्रेट बीवीया रखी हे..? ठरकी कहीके.. हम सबको ठोकते हो.. फीरभी आपका जी नही भरता.. चुदडक कहीके..
देवायत : (सीरीयस होते) नही नीमु.. जो खुबसुरत दीखती हे वो सबके साथ मे रीलेशन नही रखता.. बाबाने मुजे कुछ जीम्वेवारी दी हे.. बस उसीको नीभा रहा हु.. ओर वोभी मंजुके कहेनेपे.. जो समाजसे दुखी हे ओर वो सामनेसे आतीहे उनके साथही मे रीलेशन रखता हु.. ओर मेरे साथ रीलेशनमे वोही आती हे जो मेरे साथ पीछले जन्ममे साथ थी.. आपभीतो वही हो.. ओर आप दोनोको तो मे प्यार करताथा इसीलीये आपके साथ रीलेशन हे.. अगर मेरे दुसरे रीलेशनसे आपको दुख हुआ हे तो सोरी.. मुजे माफ करदो..
नीर्मला : (हग करते) नही देवु.. आप माफी मांगकर मुजे सर्मीन्दा मत करो.. हमे आपके कीसीभी रीलेशनसे कोइ अेतराज नही.. हम दोनोही आपके सबारेमे सबकुछ जानती हे.. तो माफी मत मांगो.. मेतो मजाक कर रही थी.. मुजे पता हे रश्मीभी हम मेसे अेक हे..
तभी देवायत दोनोके कंधेपे पीछे हाथ लेजाते अपनी ओर खीच लेता हे ओर बारी बारी दोनोके गालपे कीस कर देता हे तब.. भुमीका अेक लडकीकी तराह सर्मसार होगइ.. तो नीर्मलाभी सरमाकर हसने लगी.. तब रश्मी चाइ बनाते कीचनसे अेक विन्डोसे तीनोकी हरकत देखते हसती रही.. लेकीन तीनो बहुत धीमी आवाजमे बाते कर रहे थे.. तो वो कीचनसे ही तीनोकी बाते सुननेकी कोसीस कर रहीथी..
देवायत : (हसते) हंम.. अब बताओ.. आप दोनो कीसलीये परेसान हो..?
नीर्मला : (थोडी गभराते धीरेसे) देवु.. भुमी.. सी इस प्रेगनेन्ट.. अभी १० से १२ दिन हुअे हे.. जब आप दोनो पीछली बार मीलेथे तबही वो पे्रगनेन्ट हुइथी.. ओर तब वो आइ पील लेना भुल गइथी.. तो पेटसे होगइ.. कलसे उसे उल्टीया होने लगी हे.. मेने ओर मंजुने उसे टेबलेट देदी हे.. मंजुभी इस बारेमे जानती हे..
देवायत : (बहुतही खुस होते भुमीको बाजुसे कसते) क्या..? भुमी.. क्या ये सच हे..? आइ लव यु.. आज तुमने मुजे बहुतही बडी खुस खबर दी हे.. लव यु सो मच..
भुमीका : (आंखमे आंसु बहेने लगे) नही देवु.. आइ अेम सोरी.. मे ये बच्चा नही चाहती.. सृतीको क्या मुह दीखाउगी.. अभी कलतो सृतीके साथ आपकी सगाइ हुइ हे.. अगर उसे हमारे रीस्तेके बारेमे पता चल गया ओर वो नाराज होजायेगी.. वो अपना रीस्ता तोड देगी..
देवायत : (आस्चर्यसे देखते) भुमी..? तुमनेभी मुजे वादा कीयाथा.. की अगर इस उमरमे बच्चा होता हे तो मे उसे पैदा करुगी.. चाहे जो भी परीणाम आये.. क्या तुम अपना वादा भुल गइ..? अेकना अेक दिनतो सृतीको पता चलनाही था..
भुमीका : (देवायतसे लीपटकर आंसु बहाते) नही देवु मे कुछभी नही भुली.. मुजे अपना सभी वादा आजभी याद हे.. बस सृतीके आपके रीस्तोकी वजहसे मुजे ये फैसला लेना पडा.. अब आपही कहो मे क्या करु..?
नीर्मला : (उसे सांत करते) भुमी क्या कर रही हे.. वहा अंदर रश्मी हे.. सुनलेगी.. सांत होजा..
देवायत : नही नीमु रश्मीकी कोइ टेन्शन नही हे.. वोभी आप दोनोकी तराह मेरी बीवी हे ओर मेरे होने वाले बच्चेकी मां भी हे.. वोभी बांज थी.. तो मंजुके कहेनेपे इसे भी बच्चा देदीया.. सी इस प्रेगनेन्ट..
नीर्मला : (सोक्ट होते) क्या..? मंजुने कहा हे..? आइ कान्ट बीलीव.. मंजुभीनां..
भुमीका : (अपने आंसु पोछते) हां नीमु.. मत भुलो हम सब कोइ सामान्य ओरते नही हे.. मंजुने मुजे बहुत कुछ बताया हे.. तो रश्मीभी हममेसे अेक हे.. उनकाभी इतना ही देवुपे हक हे जीतना हम दोनोका हे.. अब ये सोचोकी मुजे क्या करना हे.. मे सृतीको कैसे समजाउगी.. की इस बच्चेका बाप कौन हे..
नीर्मला : भुमी.. तुम उनकी टेन्शन मतलो.. उसे मंजु सब समजा देगी.. हमारी सृती बहुतही समजदार हे.. लेकीन ये दोनोकी सादी तक हमे ये बात छुपानी पडेगी.. जब अेक बार ये दोनोकी सादी होजायेगी तो उसेभी बहुत कुछ ज्ञात होजायेगा ओर ये बात वो अेक्सेप्ट करलेगी.. क्या कहेते हो देवु..?
देवायत : हां भुमी.. नीमु ठीक केह रही हे.. मुजे जल्दसे जल्द सृतीसे सादी करनी पडेगी.. वरना ये बात हम ज्यादा दिन नही छीपा सकते.. ओर मुजे यकीन हे मंजु उसे समजा देगी..
भुमीका : (चींतीत होते) देवु.. अगर सृतीने इसे अेक्सेप्ट नही कीयातो..? मेतो बरबाद होजाउगी.. मेरे पास मरनेके अलावा कोइ रास्ता नही बचेगा..
नीर्मला : (थोडी गुसेमे) पागल होगइ हो क्या..? तु कैसी बाते कर रही हे..? कमीनी तेरी जगाह मे होतीतो राजीवसेभी मुकाबला करलेती.. बात करती हे.. अगर सृतीने तुजे कुछ कहातो तुम मेरे पास चली आना.. हम वहा तेरी डीलीवरी करेगे.. ओर तुम मेरे साथही रहेना.. कमीनी आजके बाद मरनेकी बात कीतो मुजसे बुरी कोइ नही होगी.. बात करती हे..
देवायत : (आंख गीली करते) भुमी.. अब तुमसे मे क्या कहु.? क्या तु मरजायेगी तो मे तेरे बीना जीन्दा रेह पाउगा..? कुछ उल्टा सीधा मत सोच.. तुजे नीमुने कहा वोही कर.. मे तुम दोनोको नीमुके घर मीलता रहुगा..
नीर्मला : हां भुमी.. तु बहुत नसीबवाली हेकी हमारे देवुका बच्चा पैदा करेगी.. मत गीरा इसे..
तभी रश्मी चाइ लेकर आती हे तो नीर्मला ओर भुमीका सही होकर बैठ जाती हे.. तब रश्मी नीचे घुटनेके बल बैठकर तीनोको चाइ देने लगी.. ओर खुदके लीयेभी लेली.. फीर चारो चाइ पीने लगे तबतक रश्मी चाइ पीते चोर नजरसे कभी देवायतको तो कभी भुमीकाकी ओर देखती रही.. जब सबने चाइ पीली तो रश्मी सभी खाली कप लेकर कीचनमे चली गइ.. ओर फोरन वापस आतेही भुमीकाके पास नीचे घुटनोके बल बैठ गइ..
रश्मी : (सरमाते धीरेसे भुमीका हाथ थामते) बुआ.. माफ कीजीयगा मेने आप लोगोकी सारी बाते सुनली.. ओर आप नीस्चीत रहीये.. ये बात सीर्फ मेरे तकही सीमीत रहेगी.. बस आपसे अेकही बीनंती हे..
नीर्मला : (आस्चर्यसे देखते) क्या..?
रश्मी : (सरमाते हसते) बुआ.. मुज जैसी अेक बांजको पुछीयेकी हमारे लीये अेक बच्चेकी अहमीयत क्या हे.. आप बहुत खुसनसीब हेकी हमारे पतीका बच्चा आपके पेटमे पल रहा हे.. अगर आपको कोइ फेमीली प्रोबलेम हेतो मेरे घरके दरवाजे हमेसा आपके लीये खुले हे.. ओर बच्चे रखनेकी प्रोबलेम हेतो आप ये बच्चा मुजे दे दीजीये.. मे इसे गोद लेकर पालुगी.. आप इस बच्चेको मत गीराइअे.. मे आपसे हाथ जोडती हु..
रश्मीकी अैसी मनत देखते भुमीकाकी आंखसे फीरसे आंसु बहेने लगे.. ओर वो फोरन खडी होगइ.. ओर रश्मीको खडी करते उनको गले लगा लीया.. ओर उनके कंधेपे सर रखते आंसु बहाती रही.. तो नीर्मलाभी खडी होकर भुमीकी पीठ सहेलाते उसे सांत करने लगी.. तो भुमीका आंसु पोछते वापस सोफेपे बैठ गइ ओर रश्मी भुमीके लीये पानी लेने चली गइ तब नीर्मलाभी अपनी सारी सही करते भुमीके पास बैठ गइ..
नीर्मला : (हसते) देखा भुमी.. वहा कौन अपना ओर कौन पराया हे हमे पताही नही चलता.. सब हमारे हे अैसा लगता हे.. देवुभी क्या चुन चुनकर बीवीया लाया हे.. हमतो इसे पाकर धन्य होगइ..
रश्मी : (पानी देते) लीजीये बुआ पानी पीजीये ओर वहा बाथरुम हे वहा जाकर अपना मुह धो लीजीये.. ओर सृती दीदीकी चीन्ता मत कीजीये.. अगर वो थोडी नाराजभी होगी तो ज्यादा दीन तक हमारे पतीसे अलग नही रेह सकती.. जब हम नही रेह सकती तो वो कैसे इनसे दुर रेह सकती हे..? कुछही दिनोमे वो सब भुल जायेगी ओर उनकी नाराजगी दुर होजायेगी.. वो बहुतही अच्छी लडकी हे..
नीर्मला : (हसते) अरे जो बात हुइ ही नही उनके बारेमे ज्यादा क्या सोचना.. हो सकता हे हम जो सोच रहेहे वो होगाही नही.. मेरी मंजु उसे सब समजा देगी.. फीर हाल तो हमे इन दोनोकी सादी तक सब छुपाना हे बाकीकी बात बादमे सोचेगे..
रश्मी : (हसते) ठीक कहा दीदी आपने.. बुआ ज्यादा कुछ मत सोचीये जो होता हे होने दीजीये..
देवायत : (हसते) भुमी.. सब ठीक केह रहे हे.. आनेदे हमारे बच्चेको इस खुबसुरत दुनीयामे..
भुमीका : (खाली ग्लास रश्मीको देते) ठीक हे.. अब जो होगा देखा जायेगा.. थेन्क्स रश्मी.. लेकीन याद रखना इस बातका कीसीको अभी पता ना चले.. मे इस बच्चेको जन्म दुगी.. ओर नीमु.. अगर कुछ हुआ तो मे तेरे साथ रहेने आजाउगी.. ओर अब तुभी उधर आती जाती रहेना.. अब मे जल्दही सृतीकी सादी कर देना चाहती हु.. कहो देवु कब करनी हे सादी..?
नीर्मला : (हसते) अरे बाततो होगइ हे.. मंजुने नही कहाकी अगले हप्ते हम सादी आश्रममे कर देगे.. कमीनी हमभी तो तीन दिनके बाद उधर आ रहे हे.. तु अकेली सब तैयारीया थोडीना करलेगी.. हें..हें..हें..
भुमीका : (सरमते हसते) हां.. आजा.. अबतो तुभी मेरी सौतन हे.. हें..हें..हें.. दोनो इनको बुलाकर खुब मजे करेगे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सर्मसार होते जांगपे अेक चपत लगाते) कमीनी.. तु प्रेगनेन्ट हे.. कीतनी ठरकी होगइ हे..? कुजतो सरम कर.. रश्मी इधर बैठी हे..
रश्मी : (हसते) दीदी.. इस मामलेमे मे बुआके साथ हु.. देखो वो मेरा रुम.. बस इसी बातके लीये रखा हे.. अगर अभी आपको इसे मीलना होतो तीनो चले जाइअे वहा.. मेतो इनको मेरे पतीके सामनेही मीलती हु.. ताकी उस कमीनेको भी पता चलेकी इनकी बीवीको कोइ ठोकता हे तो कैसा लगता हे.. इसी राजाने उनकी बीवीको पेटसे करदीया हे.. साला नामर्द कहीका..
नीर्मला : (आस्चर्यसे हसते) क्या..? तुम दोनो तेरे पतीके सामने करते हो.. ओह गोड.. हें..हें..हें..
रश्मी : (हसते) हां दीदी.. मुआ खटीया मे पडा हे.. वो अकेला हील भी नही सकता.. गावंकी बहुत सारी लडकीया ओर ओरतोको मजबुर करके उनकी जींदगी बरबाद कर चुका हे.. अब उनके पापोकी सजा खटीयामे पडे भुगत रहे हे.. ताकी उसेभी पता चलेकी दुसरेकी बीवीयाको खराब करते कैसा लगता हे.. कमीनेका उनकी बहेनके साथही चकर था.. फीरभी साला मेरे पले पड गया.. येतो अच्छा हुआ मुजे इस देवर मील गये.. ओर मेरी कोख भरदी..
भुमीका : रश्मी.. थेन्क्स अगेइन.. तेरी बातोसे मुजपे हीमत आगइ.. अबतो कुछभी होजाये मे इस बच्चेको इस दुनीयामे लाकरही रहुगी.. फीर सृतीसे भी क्यु बगावत करना पडे.. मे इस बच्चेको जन्म दुगी..
फीर तीनोही वहासे नीकल गये.. तो पुरे गांवमे सनाटा ओर अंधेरा छाया हुआथा तो देवायतकी दोनो ओर चलते नीर्मला ओर भुमीने उनका हाथ थाम लीया.. जैसे कोइ प्रमी हो.. तीनोही खुस होते बाते करते हवेलीकी ओर जा रहेथे.. तब उस गली आतेही जहा भुमीका ओर देवायतने खडे खडे पीछली रात चुदाइ करली थी.. तो भुमीका सरारतसे हसते देवायतको खीचकर गलीमे लेजाने लगी..
तो देवायत समज गया ओर भुमीको वापस खीचकर हवेलीकी ओर चलने लगा तो नीर्मला आस्चर्यसे दोनोकी ओर हसते हुअे देखने लगी.. तब भुमीकाने नीर्मलाको सबकुछ बता दीया.. तो नीर्मला जुठा गुसा करते भुमीकाको मारने लगी.. तब भुमीका हसती हुइ देवायतके आसपास नीर्मलासे बचते चकर लगाती रही.. ओर तीनो मस्तीया करते हवेलीकी ओर जाने लगे.. तब देवायतने हसते हुअे कहा..
देवायत : (हसते) नीमु.. पता हे.. भुमी तुमसेभी ज्यादा ठरकी हे.. उसे हर वक्त चुदाइ करनी होती हे..
भुमीका : (हसते) हांतो मेरे पतीसे चुदवाती हु.. दुसरोसे थोडीना चुदवाती हु.. बात करते हे..
नीर्मला : (हसते) हां तभीतो कमीनी प्रेगनेन्ट होगइ.. मुजसे बहुत छुपाया.. अब भुगतना.. हें..हें..हें..
भुमीका : (हसते) हां.. उस दिन मे आइपील लेना भुल गइ थी.. नीमु पुरे दिनमे हमने चार बार कीया..
नीर्मला : (हसते) कमीनी तुमतो बातोसेही मुजे गरम कर दोगी.. देवु.. चलोना आज हमारे साथ सोने.. हम तीनो पुरी रात मजे करेगे.. कीतने दिन होगये हम नही मीले.. अबतो भुमी भी साथ हे..
देवायत : (हसते) नही वहा जोखीम हे.. ओर मत भुलो मंजुको सब पता चल जाता हे.. आज तेरी बहेनको चोदना हे.. हम हमारी सुहागरातके बाद मीलेही नही.. उसका बेटा आज भलेही मेरी बहेनको चोदे.. मेभी उनकी मा को चोदकर बदला ले लुगा.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सर्मसार होते हसते) तुम कीतने कमीने हो.. अबतो वो मेरा बेटा हे.. तो इस मा के बारेमे भी कुछ सोचो.. ओर अबतो साथमे उनकी मौसीभी हे.. उनकी मा ओर मौसी दोनोको चोदलो.. हम दोनो तैयार हे.. हें..हें..हें..
भुमीका : नीमु.. वैसे तुमभी कल मेरे साथ चल.. सृतीतो क्लीनीकपे चली जायेगी.. ओर देवुभी कल सहेर कीसी कामकी वजहसे आ रहा हे.. तो हमारे पास साम तकका वक्त होगा.. हम तीनोही मजे करेगे..
देवायत : (हसते) नही भुमी कल भानु वंदना रश्मी ओर नीलमभी साथमे होगे.. ओर वो चारोको भी छोडने जाना हे.. पुरा दिन काममे नीकल जायेगा.. मे बादमे आजाउगा.. अबतो हमारे पास बहुत मौके आयेगे.. अेकबार सृतीसे सादी होजाये तो वहाभी आना जाना लगा रहेगा..
नीर्मला : (हसते) देवु आपकेतो मजे हे.. फीर रातमे बेटी तो दिनमे उनकी मा.. दोनोको चोदते रहो.. हें..हें..हें..
भुमीका : (जुठे गुसेसे मुका मारते) कमीनी तो तुमभी मां बेटी इनसे चुदवाती हो.. मुजसे क्यु कहेती हे.. अरे हां.. नीमु.. ये भावुका क्या हे..? उसे कुछ प्रोबलेम हे क्या..? पुरी सादीमे मुजे नीरास लग रही थी.. वो कन्यादानमे भी नही आइ..
नीर्मला : (सीरीयस होते) हां भुमी.. जबसे भानु ओर रमाकी सादी हुइ तबसे भावुने भानुसे सब रीलेशन खतम करलीये हे.. अब मुजे नही लगता वो दोनो साथमे रहे..
देवायत : नीमु इसीलीये मेने आपका मकान भावुके नाम करनेको कहाथा.. मेरी मंजु बहुत कुछ जानती हे..
भुमीका : नीमु तुम अेक बार मंजुको अकेली मीलकर उसे सब पुछलो.. क्या पता उनके पास कोइ रास्ता हो..
नीर्मला : (सीरीयस होते) भुमी.. मेने मंजुसे सबकुछ पुछ लीया हे.. इस बारेमे हम दोनो फुरसतमे बात करेगे..
तीनोही बाते करते हवेलीमे आगये तब पुरी हवेलीमे सनाटा छाया हुआथा.. सब लोग सो चुके थे.. सीर्फ उपरकी मंजीलमे तीन कमरेमे तीनो कपल जाग रहेथे.. भानुभी रमाकी वायाग्रा खाकर जबरदस्त चुदाइ कर रहाथा.. तो लखनभी वायाग्रा खाकर लताके उपर चडकर उसे जमकर चोद रहाथा.. ओर लताभी छटपटाते लखनके लंडको अपनी चुतमे जेल रहीथी.. तब धिरेन अब भी पुनमके साथ ओरल सेक्समे लगा हुआ था..
वो पुनमके पैरोके बीच बेठकर जुकते उनकी चुतको अपनी जीभसे खरोद रहाथा तो पुनमभी मदहोसीमे आंख बंध करते चदर पकडते छटपटा रही थी.. तब देवायत भुमीका ओर नीर्मला तीनोही होलमे आगये.. तो वहाभी अंधेरा छाया हुआ था.. तभी भुमीका ओर नीर्मला दोनोही देवायतकी दोनो ओर बाहोमे समाते उनके चहेरेपे चुंबनोकी बारीस करते टुट पडी.. तो देवायतनेभी दोनोको दोनो हाथोसे अेक साथ अपनी बाहोमे भीचलीया ओर उन दोनोके होठोको बारी बारी चुमने लगा....
कन्टीन्यु
अध्याय - ११८/२
तब लखनका लंड लताकी चुतपे दस्तक देते ठोकर मारने लगा.. तो लताने खुद उनकी नीकरको नीकाल दीया.. लखनने लताको इतनी बार चोद लीयाथा.. जीनकी वजहसे लताकी सब सरम चली गइ थी.. तो वो खुद लखनको साथ देने लगी.. ओर नीकर नीकालतेही धीरेसे लखनके लंडको अपनी मुठीमे पकड लेती हे.. फीर लंडको अपनी चुतपे दो तीन बार घीसते अपनी मंजीलका रास्ता दीखाते चुतके लव होलपे सेट कर देती हे.. तभी लखनने अेकही जटकेमे पुरा लंड लताकी चुतमे उतार दीया तो लताकी चीख नीकल गइ..
उपरकी मंजीलमे लास्टके दोनो रुममे सुहागरातका दौर चल पडा.. तो इधर देवायत भुमी नीर्मला ओर रश्मी हवेलीसे नीकलतेही आपसमे सादीकी बाते करते रश्मीके घरकी ओर जा रहेथे.. नीर्मला ओर भुमी इसीलीये देवायतके साथ आइथी की वो देवायतको भुमीकी प्रेगनन्सीके बारेमे बात कर सके.. भुमीका अबभी देवायतके साथ सटकर चल रहीथी.. ओर बीच बीचमे उनका हाथभी पकड लेती थी.. चारो बाते करते रश्मीके घर आगये..
रश्मी : अंदर आइअे.. आपको मे मस्त चाइ पीलाती हु.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (हसते) रश्मी रहेने दे फीर हमे नींद नही आयेगी.. तो तुजे हमे कंपनी देने वापस आना पडेगा.. हें..हें..हें..
भुमीका : (हसते) नही रश्मी आज तु चाइही बनादे.. भलेही हमे जागना पडे.. हम बाते करेगे.. वैसेभी कलतो घर जानाही हे.. ओर आजतो देवु भी जागेगा.. हें..हें..हें..
देवायत : (हसते) अरे.. मे क्यु जागुगा..? आप दोनोही जागना मुजेभी कल सहेरमे जाना हे..
रश्मी : (अंदर आते जोरोसे हसते) क्यु..? घरमे आज दो दो सुहागरात मन रही हे तो तीन ही सही.. आपभी फीरसे अपनी दोनो बीवीओके साथ सुहागरात मना लेना.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (जोरोसे हसते) रहेने दे रश्मी.. वरना सुबह मेरी बेटी ओर बहेन दोनोकी हालत खराब होगी.. हें..हें..हें..
भुमीका : (हसते) कमीनीओ धीरे बोलो.. कोइ सुनलेगा.. हें..हें..हें..
रश्मी : (हसते) बुआ.. कोइ बात नही.. यहा सुनने वाला कोइ नही हे.. ओर सुनता हे वो खटीयामे पडा हे..
चारो मस्ती मजाक करते रश्मीके घरमे आगये ओर सोफेपे बैठ गये तब रश्मी सबके लीये पानी लेकर आ गइ.. सभीने पानी पीयातो कीचनमे चली गइ ओर फटाफट चाइ बनाने लगी.. तभी मौका देखतेही नीर्मला ओर भुमीका देवायतके पास अगल बगलमे उनसे सटकर बैठ गइ.. तो देवायत दोनोकी ओर सवालीया नजरोसे हसते हुअे देखने लगा.. तब भुमीका सर्माने लगी.. तो नीर्मलाने धीरेसे कहा..
नीर्मला : देवु.. आप बहुत कमीने हो.. कोइ अपनी बीवीके साथ अैसा करता हे..?
देवायत : (हसते आस्चर्यसे) अरे.. मेने क्या कीया..?
नीर्मला : (धीरेसे हसते) जब मेने आपको भुमीके लीये कहाथा तो आपतो मना कर रहे थे.. ओर दोनो कबसे रीलेशनमे हो..? तो मुजे सब सच नही बता सकते..? मे आपको मना थोडीना करती..?
देवायत : (हसते) ओह.. तो आखीर आपको सब पता चल गया.. सोरी नीमु.. भुमीने मुजे अपनी कसम देदीथी.. तो मे उनकी कसम कैसे तोड सकता हु.. क्या इस बारेमे दोनोमे बात होगइ..?
भुमीका : (सरमाते हसते) हां देवु.. आइ अेम सोरी.. मुजे मजबुरन नीमुको सब सच बताना पडा.. वरना मे हमारे रीस्तेको कीसीके सामने उजागर करना नही चाहती थी.. सोरी..
देवायत : भुमी.. मजबुरन मतलब..? अेसी कोनसी मजबुरी थी..? तुमने नीमुको सब सच बता दीयातो मुजे कोइ फर्क नही पडता.. उल्टा मेतो इस बातपे खुस हुकी हम हमारे रीस्तोको आपसमे अेक्सेप्ट करते खुस हे..
नीर्मला : देवु.. आपसे अेक बात कहेनी थी.. बात थोडी सीरीयस हे.. तो यहाकी.. हम रास्तेमे बाते करे..?
देवायत : नीमु.. यहा कोइ खतरा नही.. ये मेरी सीक्रेट जगाह हे.. मेरा रश्मीके साथभी सब रीलेशन हे.. ओर मे मेरी सीक्रेट बीवीओको यही मीलता हु.. तो कहो.. क्या सीरीयस मेटर हे.. क्या कोइ गंभीर बात हे..?
नीर्मला : (आस्चर्यसे) रश्मीभी..? (देवायतकी जांगपे चपत लगाते) तुम कीतने कमीने हो.. अैसी कीतनी सीक्रेट बीवीया रखी हे..? ठरकी कहीके.. हम सबको ठोकते हो.. फीरभी आपका जी नही भरता.. चुदडक कहीके..
देवायत : (सीरीयस होते) नही नीमु.. जो खुबसुरत दीखती हे वो सबके साथ मे रीलेशन नही रखता.. बाबाने मुजे कुछ जीम्वेवारी दी हे.. बस उसीको नीभा रहा हु.. ओर वोभी मंजुके कहेनेपे.. जो समाजसे दुखी हे ओर वो सामनेसे आतीहे उनके साथही मे रीलेशन रखता हु.. ओर मेरे साथ रीलेशनमे वोही आती हे जो मेरे साथ पीछले जन्ममे साथ थी.. आपभीतो वही हो.. ओर आप दोनोको तो मे प्यार करताथा इसीलीये आपके साथ रीलेशन हे.. अगर मेरे दुसरे रीलेशनसे आपको दुख हुआ हे तो सोरी.. मुजे माफ करदो..
नीर्मला : (हग करते) नही देवु.. आप माफी मांगकर मुजे सर्मीन्दा मत करो.. हमे आपके कीसीभी रीलेशनसे कोइ अेतराज नही.. हम दोनोही आपके सबारेमे सबकुछ जानती हे.. तो माफी मत मांगो.. मेतो मजाक कर रही थी.. मुजे पता हे रश्मीभी हम मेसे अेक हे..
तभी देवायत दोनोके कंधेपे पीछे हाथ लेजाते अपनी ओर खीच लेता हे ओर बारी बारी दोनोके गालपे कीस कर देता हे तब.. भुमीका अेक लडकीकी तराह सर्मसार होगइ.. तो नीर्मलाभी सरमाकर हसने लगी.. तब रश्मी चाइ बनाते कीचनसे अेक विन्डोसे तीनोकी हरकत देखते हसती रही.. लेकीन तीनो बहुत धीमी आवाजमे बाते कर रहे थे.. तो वो कीचनसे ही तीनोकी बाते सुननेकी कोसीस कर रहीथी..
देवायत : (हसते) हंम.. अब बताओ.. आप दोनो कीसलीये परेसान हो..?
नीर्मला : (थोडी गभराते धीरेसे) देवु.. भुमी.. सी इस प्रेगनेन्ट.. अभी १० से १२ दिन हुअे हे.. जब आप दोनो पीछली बार मीलेथे तबही वो पे्रगनेन्ट हुइथी.. ओर तब वो आइ पील लेना भुल गइथी.. तो पेटसे होगइ.. कलसे उसे उल्टीया होने लगी हे.. मेने ओर मंजुने उसे टेबलेट देदी हे.. मंजुभी इस बारेमे जानती हे..
देवायत : (बहुतही खुस होते भुमीको बाजुसे कसते) क्या..? भुमी.. क्या ये सच हे..? आइ लव यु.. आज तुमने मुजे बहुतही बडी खुस खबर दी हे.. लव यु सो मच..
भुमीका : (आंखमे आंसु बहेने लगे) नही देवु.. आइ अेम सोरी.. मे ये बच्चा नही चाहती.. सृतीको क्या मुह दीखाउगी.. अभी कलतो सृतीके साथ आपकी सगाइ हुइ हे.. अगर उसे हमारे रीस्तेके बारेमे पता चल गया ओर वो नाराज होजायेगी.. वो अपना रीस्ता तोड देगी..
देवायत : (आस्चर्यसे देखते) भुमी..? तुमनेभी मुजे वादा कीयाथा.. की अगर इस उमरमे बच्चा होता हे तो मे उसे पैदा करुगी.. चाहे जो भी परीणाम आये.. क्या तुम अपना वादा भुल गइ..? अेकना अेक दिनतो सृतीको पता चलनाही था..
भुमीका : (देवायतसे लीपटकर आंसु बहाते) नही देवु मे कुछभी नही भुली.. मुजे अपना सभी वादा आजभी याद हे.. बस सृतीके आपके रीस्तोकी वजहसे मुजे ये फैसला लेना पडा.. अब आपही कहो मे क्या करु..?
नीर्मला : (उसे सांत करते) भुमी क्या कर रही हे.. वहा अंदर रश्मी हे.. सुनलेगी.. सांत होजा..
देवायत : नही नीमु रश्मीकी कोइ टेन्शन नही हे.. वोभी आप दोनोकी तराह मेरी बीवी हे ओर मेरे होने वाले बच्चेकी मां भी हे.. वोभी बांज थी.. तो मंजुके कहेनेपे इसे भी बच्चा देदीया.. सी इस प्रेगनेन्ट..
नीर्मला : (सोक्ट होते) क्या..? मंजुने कहा हे..? आइ कान्ट बीलीव.. मंजुभीनां..
भुमीका : (अपने आंसु पोछते) हां नीमु.. मत भुलो हम सब कोइ सामान्य ओरते नही हे.. मंजुने मुजे बहुत कुछ बताया हे.. तो रश्मीभी हममेसे अेक हे.. उनकाभी इतना ही देवुपे हक हे जीतना हम दोनोका हे.. अब ये सोचोकी मुजे क्या करना हे.. मे सृतीको कैसे समजाउगी.. की इस बच्चेका बाप कौन हे..
नीर्मला : भुमी.. तुम उनकी टेन्शन मतलो.. उसे मंजु सब समजा देगी.. हमारी सृती बहुतही समजदार हे.. लेकीन ये दोनोकी सादी तक हमे ये बात छुपानी पडेगी.. जब अेक बार ये दोनोकी सादी होजायेगी तो उसेभी बहुत कुछ ज्ञात होजायेगा ओर ये बात वो अेक्सेप्ट करलेगी.. क्या कहेते हो देवु..?
देवायत : हां भुमी.. नीमु ठीक केह रही हे.. मुजे जल्दसे जल्द सृतीसे सादी करनी पडेगी.. वरना ये बात हम ज्यादा दिन नही छीपा सकते.. ओर मुजे यकीन हे मंजु उसे समजा देगी..
भुमीका : (चींतीत होते) देवु.. अगर सृतीने इसे अेक्सेप्ट नही कीयातो..? मेतो बरबाद होजाउगी.. मेरे पास मरनेके अलावा कोइ रास्ता नही बचेगा..
नीर्मला : (थोडी गुसेमे) पागल होगइ हो क्या..? तु कैसी बाते कर रही हे..? कमीनी तेरी जगाह मे होतीतो राजीवसेभी मुकाबला करलेती.. बात करती हे.. अगर सृतीने तुजे कुछ कहातो तुम मेरे पास चली आना.. हम वहा तेरी डीलीवरी करेगे.. ओर तुम मेरे साथही रहेना.. कमीनी आजके बाद मरनेकी बात कीतो मुजसे बुरी कोइ नही होगी.. बात करती हे..
देवायत : (आंख गीली करते) भुमी.. अब तुमसे मे क्या कहु.? क्या तु मरजायेगी तो मे तेरे बीना जीन्दा रेह पाउगा..? कुछ उल्टा सीधा मत सोच.. तुजे नीमुने कहा वोही कर.. मे तुम दोनोको नीमुके घर मीलता रहुगा..
नीर्मला : हां भुमी.. तु बहुत नसीबवाली हेकी हमारे देवुका बच्चा पैदा करेगी.. मत गीरा इसे..
तभी रश्मी चाइ लेकर आती हे तो नीर्मला ओर भुमीका सही होकर बैठ जाती हे.. तब रश्मी नीचे घुटनेके बल बैठकर तीनोको चाइ देने लगी.. ओर खुदके लीयेभी लेली.. फीर चारो चाइ पीने लगे तबतक रश्मी चाइ पीते चोर नजरसे कभी देवायतको तो कभी भुमीकाकी ओर देखती रही.. जब सबने चाइ पीली तो रश्मी सभी खाली कप लेकर कीचनमे चली गइ.. ओर फोरन वापस आतेही भुमीकाके पास नीचे घुटनोके बल बैठ गइ..
रश्मी : (सरमाते धीरेसे भुमीका हाथ थामते) बुआ.. माफ कीजीयगा मेने आप लोगोकी सारी बाते सुनली.. ओर आप नीस्चीत रहीये.. ये बात सीर्फ मेरे तकही सीमीत रहेगी.. बस आपसे अेकही बीनंती हे..
नीर्मला : (आस्चर्यसे देखते) क्या..?
रश्मी : (सरमाते हसते) बुआ.. मुज जैसी अेक बांजको पुछीयेकी हमारे लीये अेक बच्चेकी अहमीयत क्या हे.. आप बहुत खुसनसीब हेकी हमारे पतीका बच्चा आपके पेटमे पल रहा हे.. अगर आपको कोइ फेमीली प्रोबलेम हेतो मेरे घरके दरवाजे हमेसा आपके लीये खुले हे.. ओर बच्चे रखनेकी प्रोबलेम हेतो आप ये बच्चा मुजे दे दीजीये.. मे इसे गोद लेकर पालुगी.. आप इस बच्चेको मत गीराइअे.. मे आपसे हाथ जोडती हु..
रश्मीकी अैसी मनत देखते भुमीकाकी आंखसे फीरसे आंसु बहेने लगे.. ओर वो फोरन खडी होगइ.. ओर रश्मीको खडी करते उनको गले लगा लीया.. ओर उनके कंधेपे सर रखते आंसु बहाती रही.. तो नीर्मलाभी खडी होकर भुमीकी पीठ सहेलाते उसे सांत करने लगी.. तो भुमीका आंसु पोछते वापस सोफेपे बैठ गइ ओर रश्मी भुमीके लीये पानी लेने चली गइ तब नीर्मलाभी अपनी सारी सही करते भुमीके पास बैठ गइ..
नीर्मला : (हसते) देखा भुमी.. वहा कौन अपना ओर कौन पराया हे हमे पताही नही चलता.. सब हमारे हे अैसा लगता हे.. देवुभी क्या चुन चुनकर बीवीया लाया हे.. हमतो इसे पाकर धन्य होगइ..
रश्मी : (पानी देते) लीजीये बुआ पानी पीजीये ओर वहा बाथरुम हे वहा जाकर अपना मुह धो लीजीये.. ओर सृती दीदीकी चीन्ता मत कीजीये.. अगर वो थोडी नाराजभी होगी तो ज्यादा दीन तक हमारे पतीसे अलग नही रेह सकती.. जब हम नही रेह सकती तो वो कैसे इनसे दुर रेह सकती हे..? कुछही दिनोमे वो सब भुल जायेगी ओर उनकी नाराजगी दुर होजायेगी.. वो बहुतही अच्छी लडकी हे..
नीर्मला : (हसते) अरे जो बात हुइ ही नही उनके बारेमे ज्यादा क्या सोचना.. हो सकता हे हम जो सोच रहेहे वो होगाही नही.. मेरी मंजु उसे सब समजा देगी.. फीर हाल तो हमे इन दोनोकी सादी तक सब छुपाना हे बाकीकी बात बादमे सोचेगे..
रश्मी : (हसते) ठीक कहा दीदी आपने.. बुआ ज्यादा कुछ मत सोचीये जो होता हे होने दीजीये..
देवायत : (हसते) भुमी.. सब ठीक केह रहे हे.. आनेदे हमारे बच्चेको इस खुबसुरत दुनीयामे..
भुमीका : (खाली ग्लास रश्मीको देते) ठीक हे.. अब जो होगा देखा जायेगा.. थेन्क्स रश्मी.. लेकीन याद रखना इस बातका कीसीको अभी पता ना चले.. मे इस बच्चेको जन्म दुगी.. ओर नीमु.. अगर कुछ हुआ तो मे तेरे साथ रहेने आजाउगी.. ओर अब तुभी उधर आती जाती रहेना.. अब मे जल्दही सृतीकी सादी कर देना चाहती हु.. कहो देवु कब करनी हे सादी..?
नीर्मला : (हसते) अरे बाततो होगइ हे.. मंजुने नही कहाकी अगले हप्ते हम सादी आश्रममे कर देगे.. कमीनी हमभी तो तीन दिनके बाद उधर आ रहे हे.. तु अकेली सब तैयारीया थोडीना करलेगी.. हें..हें..हें..
भुमीका : (सरमते हसते) हां.. आजा.. अबतो तुभी मेरी सौतन हे.. हें..हें..हें.. दोनो इनको बुलाकर खुब मजे करेगे.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सर्मसार होते जांगपे अेक चपत लगाते) कमीनी.. तु प्रेगनेन्ट हे.. कीतनी ठरकी होगइ हे..? कुजतो सरम कर.. रश्मी इधर बैठी हे..
रश्मी : (हसते) दीदी.. इस मामलेमे मे बुआके साथ हु.. देखो वो मेरा रुम.. बस इसी बातके लीये रखा हे.. अगर अभी आपको इसे मीलना होतो तीनो चले जाइअे वहा.. मेतो इनको मेरे पतीके सामनेही मीलती हु.. ताकी उस कमीनेको भी पता चलेकी इनकी बीवीको कोइ ठोकता हे तो कैसा लगता हे.. इसी राजाने उनकी बीवीको पेटसे करदीया हे.. साला नामर्द कहीका..
नीर्मला : (आस्चर्यसे हसते) क्या..? तुम दोनो तेरे पतीके सामने करते हो.. ओह गोड.. हें..हें..हें..
रश्मी : (हसते) हां दीदी.. मुआ खटीया मे पडा हे.. वो अकेला हील भी नही सकता.. गावंकी बहुत सारी लडकीया ओर ओरतोको मजबुर करके उनकी जींदगी बरबाद कर चुका हे.. अब उनके पापोकी सजा खटीयामे पडे भुगत रहे हे.. ताकी उसेभी पता चलेकी दुसरेकी बीवीयाको खराब करते कैसा लगता हे.. कमीनेका उनकी बहेनके साथही चकर था.. फीरभी साला मेरे पले पड गया.. येतो अच्छा हुआ मुजे इस देवर मील गये.. ओर मेरी कोख भरदी..
भुमीका : रश्मी.. थेन्क्स अगेइन.. तेरी बातोसे मुजपे हीमत आगइ.. अबतो कुछभी होजाये मे इस बच्चेको इस दुनीयामे लाकरही रहुगी.. फीर सृतीसे भी क्यु बगावत करना पडे.. मे इस बच्चेको जन्म दुगी..
फीर तीनोही वहासे नीकल गये.. तो पुरे गांवमे सनाटा ओर अंधेरा छाया हुआथा तो देवायतकी दोनो ओर चलते नीर्मला ओर भुमीने उनका हाथ थाम लीया.. जैसे कोइ प्रमी हो.. तीनोही खुस होते बाते करते हवेलीकी ओर जा रहेथे.. तब उस गली आतेही जहा भुमीका ओर देवायतने खडे खडे पीछली रात चुदाइ करली थी.. तो भुमीका सरारतसे हसते देवायतको खीचकर गलीमे लेजाने लगी..
तो देवायत समज गया ओर भुमीको वापस खीचकर हवेलीकी ओर चलने लगा तो नीर्मला आस्चर्यसे दोनोकी ओर हसते हुअे देखने लगी.. तब भुमीकाने नीर्मलाको सबकुछ बता दीया.. तो नीर्मला जुठा गुसा करते भुमीकाको मारने लगी.. तब भुमीका हसती हुइ देवायतके आसपास नीर्मलासे बचते चकर लगाती रही.. ओर तीनो मस्तीया करते हवेलीकी ओर जाने लगे.. तब देवायतने हसते हुअे कहा..
देवायत : (हसते) नीमु.. पता हे.. भुमी तुमसेभी ज्यादा ठरकी हे.. उसे हर वक्त चुदाइ करनी होती हे..
भुमीका : (हसते) हांतो मेरे पतीसे चुदवाती हु.. दुसरोसे थोडीना चुदवाती हु.. बात करते हे..
नीर्मला : (हसते) हां तभीतो कमीनी प्रेगनेन्ट होगइ.. मुजसे बहुत छुपाया.. अब भुगतना.. हें..हें..हें..
भुमीका : (हसते) हां.. उस दिन मे आइपील लेना भुल गइ थी.. नीमु पुरे दिनमे हमने चार बार कीया..
नीर्मला : (हसते) कमीनी तुमतो बातोसेही मुजे गरम कर दोगी.. देवु.. चलोना आज हमारे साथ सोने.. हम तीनो पुरी रात मजे करेगे.. कीतने दिन होगये हम नही मीले.. अबतो भुमी भी साथ हे..
देवायत : (हसते) नही वहा जोखीम हे.. ओर मत भुलो मंजुको सब पता चल जाता हे.. आज तेरी बहेनको चोदना हे.. हम हमारी सुहागरातके बाद मीलेही नही.. उसका बेटा आज भलेही मेरी बहेनको चोदे.. मेभी उनकी मा को चोदकर बदला ले लुगा.. हें..हें..हें..
नीर्मला : (सर्मसार होते हसते) तुम कीतने कमीने हो.. अबतो वो मेरा बेटा हे.. तो इस मा के बारेमे भी कुछ सोचो.. ओर अबतो साथमे उनकी मौसीभी हे.. उनकी मा ओर मौसी दोनोको चोदलो.. हम दोनो तैयार हे.. हें..हें..हें..
भुमीका : नीमु.. वैसे तुमभी कल मेरे साथ चल.. सृतीतो क्लीनीकपे चली जायेगी.. ओर देवुभी कल सहेर कीसी कामकी वजहसे आ रहा हे.. तो हमारे पास साम तकका वक्त होगा.. हम तीनोही मजे करेगे..
देवायत : (हसते) नही भुमी कल भानु वंदना रश्मी ओर नीलमभी साथमे होगे.. ओर वो चारोको भी छोडने जाना हे.. पुरा दिन काममे नीकल जायेगा.. मे बादमे आजाउगा.. अबतो हमारे पास बहुत मौके आयेगे.. अेकबार सृतीसे सादी होजाये तो वहाभी आना जाना लगा रहेगा..
नीर्मला : (हसते) देवु आपकेतो मजे हे.. फीर रातमे बेटी तो दिनमे उनकी मा.. दोनोको चोदते रहो.. हें..हें..हें..
भुमीका : (जुठे गुसेसे मुका मारते) कमीनी तो तुमभी मां बेटी इनसे चुदवाती हो.. मुजसे क्यु कहेती हे.. अरे हां.. नीमु.. ये भावुका क्या हे..? उसे कुछ प्रोबलेम हे क्या..? पुरी सादीमे मुजे नीरास लग रही थी.. वो कन्यादानमे भी नही आइ..
नीर्मला : (सीरीयस होते) हां भुमी.. जबसे भानु ओर रमाकी सादी हुइ तबसे भावुने भानुसे सब रीलेशन खतम करलीये हे.. अब मुजे नही लगता वो दोनो साथमे रहे..
देवायत : नीमु इसीलीये मेने आपका मकान भावुके नाम करनेको कहाथा.. मेरी मंजु बहुत कुछ जानती हे..
भुमीका : नीमु तुम अेक बार मंजुको अकेली मीलकर उसे सब पुछलो.. क्या पता उनके पास कोइ रास्ता हो..
नीर्मला : (सीरीयस होते) भुमी.. मेने मंजुसे सबकुछ पुछ लीया हे.. इस बारेमे हम दोनो फुरसतमे बात करेगे..
तीनोही बाते करते हवेलीमे आगये तब पुरी हवेलीमे सनाटा छाया हुआथा.. सब लोग सो चुके थे.. सीर्फ उपरकी मंजीलमे तीन कमरेमे तीनो कपल जाग रहेथे.. भानुभी रमाकी वायाग्रा खाकर जबरदस्त चुदाइ कर रहाथा.. तो लखनभी वायाग्रा खाकर लताके उपर चडकर उसे जमकर चोद रहाथा.. ओर लताभी छटपटाते लखनके लंडको अपनी चुतमे जेल रहीथी.. तब धिरेन अब भी पुनमके साथ ओरल सेक्समे लगा हुआ था..
वो पुनमके पैरोके बीच बेठकर जुकते उनकी चुतको अपनी जीभसे खरोद रहाथा तो पुनमभी मदहोसीमे आंख बंध करते चदर पकडते छटपटा रही थी.. तब देवायत भुमीका ओर नीर्मला तीनोही होलमे आगये.. तो वहाभी अंधेरा छाया हुआ था.. तभी भुमीका ओर नीर्मला दोनोही देवायतकी दोनो ओर बाहोमे समाते उनके चहेरेपे चुंबनोकी बारीस करते टुट पडी.. तो देवायतनेभी दोनोको दोनो हाथोसे अेक साथ अपनी बाहोमे भीचलीया ओर उन दोनोके होठोको बारी बारी चुमने लगा....
कन्टीन्यु