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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २०५
तब लता रजीयाकी ओर देखती ही रही.. क्युकी रजीयाका पुरा मुह लखनके पानीसे भरा हुआ था.. लखनका इतना सारा पानी नीकलते लताके साथ साथ रजीयाको भी आस्चर्य हुआ.. उसके बाद दोनो बाथरुममे जाकर सही होकर वापस आगये.. तो लखनने रजीयाको पीठके बल लीटा दीया.. ओर खुद उनके उपर चड गया ओर बुब्सको चुमने लगा.. अब लखन रजीयाके उपर पुरी तराह सवार हो चुका था.. तभी.... अब आगे
रजीया : (सरमाते धीरेसे) लखन आप धीरेसे डालना.. ये तो बहुत बडा हो गया हे.. दीदी.. आप यहा ही रहेना.. मुजे बहुत डर लग रहा हे..
लता : (मुस्कुराते बुब्स चुमते) रजुदीदी मे यही हु.. आपको कुछ नही होगा.. आपतो इनका कइ बार लेचुकी हे.. तो क्यु गभरा रही हे..?
रजीया : (सरमाते धीरेसे) दीदी तब इनका इतना बडा नही था.. प्लीज.. लखन.. जरा आरामसे..
जबसे लखनको जडी बुटी दी थी.. तबसे उन्होने कीसीकी चुदाइ नही कीथी.. लखन रजीयाके बुब्सको मुहमे लेकर चुसने लगा.. थो रजीयाके दोनो बुब्स कठोर हो चुके थे.. बुब्सकी नीपल तनके सख्त होचुकी थी.. जीसे लखन मुहमे लेके हल्केसे अपने दातोसे दबाकर खचने लगा.. तो रजीया बहुत ही उतेजीत होकर सीसकारीया करने लगी.. लखनका सख्त लंड रजीयाकी चुतपे ठोकर मारने लगा.. ओर अपने बीलमे जानेका रास्ता ढुंढने लगा..
लखन रजीयाके साथ खेलते तावमे आ गया.. ओर वो जल्दसे जल्द अेक बार रजीयाको चोदलेना चाहता था.. तो दुसरी ओर आज रजीया भी चुदनेके लीये रेडी थी.. आज वो बहुत ही कामुक दीख रही थी.. जीनसे अेक बार तो लताको भी जलन होने लगी थी.. तब रजीयाने धीरेसे लखनका लंड पकडकर अपनी चुतपे सेट करते उनमे घुसनेका रास्ता दीखा दीया.. ओर आंख बंध करते लखनको जोरोसे बाहोमे भीचकर लेटी रही.. तब..
लता : (सरको सहेलाते) रजीया दीदी गभराना नही मे यही हु.. (लखनकी ओर देखते) जानु.. आप आरामसे धीरे धीरे डालना.. आजसे आपकी पहेली बीवी यही हे.. यही समजलो.. आज आप दोनोकी सुहागरात हे.. इस नये हथीयारसे आप रजुदीदीका फीरसे उद्घाटन करदो.. हें..हें..हें..
लखन : (मुस्कुराते) लता मे तुमसे भी बहुत यार करता हु.. मुजे तुम भी चाहीये..
लता : (सरमाते हसते धीरेसे) अरे हां बाबा मे कहा मना कर रही हु.. जब मेरा पीरीयड खतम होजाये तब आप मुजे भी चोद लेना.. लेकीन अभीतो अपनी पहेली बीवीको चोदलो.. कबसे आपके लीये तडप रही हे..
कहातो लखन मुस्कुराते रजीयाके होठोको चुमने लगा.. वो लताको ये दिखाना नही चाहता थाकी उनके बारेमे उसे सबकुछ पता चल गया हे.. वो लताके साथ पहेलेकी तराह ही व्यवहार कर रहा था.. ओर रजीयाके दोनो हाथोको कसके पकड लीया.. फीर धीरेसे कमरको पुस कीया.. तो लखनका थोडासा लंड रजीयाकी चुतमे घुस गया.. तब रजीयाकी चीख नीकल गइ.. ओर लखनके मुहमे ही दब गइ..
वो गुं.. गुं.. करते लखनसे मुह छुडवानेकी कोसीस करने लगी.. तब लता उनके सरको सहेलाते रजीयाको सांत करने लगी.. तो रजीयाकी आंखसे आंसु बहेने लगे.. वो लखनके लंडको बरदास्त नही करपाइ.. उनको लगा कीसीने उनकी चुतमे बडा डंडा घुसा दीया हे.. उनकी चुतमे बहुत जलन हो रही थी.. तब लताने लखनकी ओर देखा.. ओर मुस्कुराते आंख मारदी.. ओर इसारोसे कीला फतेह करनेको कहा..
लखन लताके इसारोको समज गया.. लखन कुछ दैर अैसे ही रजीयाके उपर लेटा रहा.. तो कुछ ही देरमे रजीया भी सांत होगइ.. तो लखन अैसेही लेटे रहेते रजीयाके होठोको छोडके उनके बुब्सको चुमने लगा.. तब कुछ ही देरमे रजीया फीरसे उतेजीत होने लगी.. ओर मदहोस होकर लखनकी पीठको सहेलाने लगी.. लखन रजीयाके दोनो बुब्स बारी बारी चुस रहा था.. जब रजीया नोर्मल होगइ..
लखनने फीरसे अपना होंठ रजीयाके होठोपे रख दीया ओर चुमने लगा.. तभी चुमते चुमते अचानक रजीयाके होठोपे लीपलोक करदीया.. ओर अपनी कमरको जोरोसे जटका देदीया.. तो लखनका पुरा लंड रजीयाकी चुत चीरते पुरा अंदर घुस गया.. ओर रजीया जोरोसे चीखते बेहोस होगइ.. तो लखनने गभराकर रजीया के होठोको छोड दीया.. ओर डरके मारे रजीयाकी ओर देखते लताकी ओर देखने लगा.. तब लता मुस्कुरा रही थी..
लता : (लखनके होठ चुमते) साबास मेरे सेर.. मुबारक हो.. आखीर आपने कीला फतेह कर ही लीया.. आप अैसे गभराइअे मत वो सीर्फ बेहोस हुइ हे.. अब आप इनको होंसआनेसे पहेले बेहीसी मे ही चोदलो.. ओर उनकी चुतको अपने हथीयारके लायक करदो ताकी इनको दुबारा कोइ तकलीफ नाहो..
लखन : लता.. देखतो जरा इनको कुछ हुआ तो नही..?
लता : (होंठ चुमते) अरे कुछ नही हुआ हे.. सीर्फ रजीयाकी चुतसे थोडासा मामुली खुन नीकल गया हे.. बस.. थोडी देरके लीये बेहोस हुइ हे.. जानु.. आज फीरसे दोनोकी सुहागरात हे.. अब आपको सबके साथ अैसे ही करना हे..
लखन : (लताकी ओर आस्चर्यसे देखते) सबके साथ अैसे ही करना हे मतलब..?
लता : (अपनी गलतीका अहेसास होते ही) वो.. वो.. अरे कुछ नही.. मतलब मेरे साथ भी.. अब आप इनको फटाफट चोदलो वरना इनको होस आजायेगा तो आपको चोदने नही देगी.. आप फटाफट चोदना चालु करो.. जब इनको होस आने लगे.. तब आप रुक जाना..
तब लखन हाथके बल उचा हो गया.. ओर रजीयाको बेहोसीमे ही चोदने लगा तो रनीयाके दोनो बुब्स तालमेलमे उछलने लगे.. ओर रजीया अैसेही बेहोसीमे लखनसे चुदती रही.. अब लखनका लंड बडेही आरामसे रजीयाकी चुतमे अंदर बहार हो रहा था.. तब कुछ ही देरमे रजीया मुह बीगाडते होसमे आने लगी.. तब लताने इसारा करते लखनको चोदनेसे रोकदीया ओर उनके होठोको चुमने कहेने लगी..
तो लखन रजीयाके उपर जुकते लेट गया.. ओर अेक हाथसे बुब्सको सहेलाते रजीयाके होठोको चुमने लगा तब रजीयाने धीरेसे आंख खोलदी.. तब उनकी आंखसे आंसु बहेने लगे.. तो लता उनके सरको सहेलाते मुस्कुराने लगी.. अब रजीया बीलकुल सांत हो चुकी थी.. तब लखनने उनके होठोको छोड दीया तो रजीया बहुत ही सर्मसार होते लताकी ओर देखने लगी.. तब वो बहुत सरमाइ.. ओर धीरेसे कहा..
अध्याय - २०५
तब लता रजीयाकी ओर देखती ही रही.. क्युकी रजीयाका पुरा मुह लखनके पानीसे भरा हुआ था.. लखनका इतना सारा पानी नीकलते लताके साथ साथ रजीयाको भी आस्चर्य हुआ.. उसके बाद दोनो बाथरुममे जाकर सही होकर वापस आगये.. तो लखनने रजीयाको पीठके बल लीटा दीया.. ओर खुद उनके उपर चड गया ओर बुब्सको चुमने लगा.. अब लखन रजीयाके उपर पुरी तराह सवार हो चुका था.. तभी.... अब आगे
रजीया : (सरमाते धीरेसे) लखन आप धीरेसे डालना.. ये तो बहुत बडा हो गया हे.. दीदी.. आप यहा ही रहेना.. मुजे बहुत डर लग रहा हे..
लता : (मुस्कुराते बुब्स चुमते) रजुदीदी मे यही हु.. आपको कुछ नही होगा.. आपतो इनका कइ बार लेचुकी हे.. तो क्यु गभरा रही हे..?
रजीया : (सरमाते धीरेसे) दीदी तब इनका इतना बडा नही था.. प्लीज.. लखन.. जरा आरामसे..
जबसे लखनको जडी बुटी दी थी.. तबसे उन्होने कीसीकी चुदाइ नही कीथी.. लखन रजीयाके बुब्सको मुहमे लेकर चुसने लगा.. थो रजीयाके दोनो बुब्स कठोर हो चुके थे.. बुब्सकी नीपल तनके सख्त होचुकी थी.. जीसे लखन मुहमे लेके हल्केसे अपने दातोसे दबाकर खचने लगा.. तो रजीया बहुत ही उतेजीत होकर सीसकारीया करने लगी.. लखनका सख्त लंड रजीयाकी चुतपे ठोकर मारने लगा.. ओर अपने बीलमे जानेका रास्ता ढुंढने लगा..
लखन रजीयाके साथ खेलते तावमे आ गया.. ओर वो जल्दसे जल्द अेक बार रजीयाको चोदलेना चाहता था.. तो दुसरी ओर आज रजीया भी चुदनेके लीये रेडी थी.. आज वो बहुत ही कामुक दीख रही थी.. जीनसे अेक बार तो लताको भी जलन होने लगी थी.. तब रजीयाने धीरेसे लखनका लंड पकडकर अपनी चुतपे सेट करते उनमे घुसनेका रास्ता दीखा दीया.. ओर आंख बंध करते लखनको जोरोसे बाहोमे भीचकर लेटी रही.. तब..
लता : (सरको सहेलाते) रजीया दीदी गभराना नही मे यही हु.. (लखनकी ओर देखते) जानु.. आप आरामसे धीरे धीरे डालना.. आजसे आपकी पहेली बीवी यही हे.. यही समजलो.. आज आप दोनोकी सुहागरात हे.. इस नये हथीयारसे आप रजुदीदीका फीरसे उद्घाटन करदो.. हें..हें..हें..
लखन : (मुस्कुराते) लता मे तुमसे भी बहुत यार करता हु.. मुजे तुम भी चाहीये..
लता : (सरमाते हसते धीरेसे) अरे हां बाबा मे कहा मना कर रही हु.. जब मेरा पीरीयड खतम होजाये तब आप मुजे भी चोद लेना.. लेकीन अभीतो अपनी पहेली बीवीको चोदलो.. कबसे आपके लीये तडप रही हे..
कहातो लखन मुस्कुराते रजीयाके होठोको चुमने लगा.. वो लताको ये दिखाना नही चाहता थाकी उनके बारेमे उसे सबकुछ पता चल गया हे.. वो लताके साथ पहेलेकी तराह ही व्यवहार कर रहा था.. ओर रजीयाके दोनो हाथोको कसके पकड लीया.. फीर धीरेसे कमरको पुस कीया.. तो लखनका थोडासा लंड रजीयाकी चुतमे घुस गया.. तब रजीयाकी चीख नीकल गइ.. ओर लखनके मुहमे ही दब गइ..
वो गुं.. गुं.. करते लखनसे मुह छुडवानेकी कोसीस करने लगी.. तब लता उनके सरको सहेलाते रजीयाको सांत करने लगी.. तो रजीयाकी आंखसे आंसु बहेने लगे.. वो लखनके लंडको बरदास्त नही करपाइ.. उनको लगा कीसीने उनकी चुतमे बडा डंडा घुसा दीया हे.. उनकी चुतमे बहुत जलन हो रही थी.. तब लताने लखनकी ओर देखा.. ओर मुस्कुराते आंख मारदी.. ओर इसारोसे कीला फतेह करनेको कहा..
लखन लताके इसारोको समज गया.. लखन कुछ दैर अैसे ही रजीयाके उपर लेटा रहा.. तो कुछ ही देरमे रजीया भी सांत होगइ.. तो लखन अैसेही लेटे रहेते रजीयाके होठोको छोडके उनके बुब्सको चुमने लगा.. तब कुछ ही देरमे रजीया फीरसे उतेजीत होने लगी.. ओर मदहोस होकर लखनकी पीठको सहेलाने लगी.. लखन रजीयाके दोनो बुब्स बारी बारी चुस रहा था.. जब रजीया नोर्मल होगइ..
लखनने फीरसे अपना होंठ रजीयाके होठोपे रख दीया ओर चुमने लगा.. तभी चुमते चुमते अचानक रजीयाके होठोपे लीपलोक करदीया.. ओर अपनी कमरको जोरोसे जटका देदीया.. तो लखनका पुरा लंड रजीयाकी चुत चीरते पुरा अंदर घुस गया.. ओर रजीया जोरोसे चीखते बेहोस होगइ.. तो लखनने गभराकर रजीया के होठोको छोड दीया.. ओर डरके मारे रजीयाकी ओर देखते लताकी ओर देखने लगा.. तब लता मुस्कुरा रही थी..
लता : (लखनके होठ चुमते) साबास मेरे सेर.. मुबारक हो.. आखीर आपने कीला फतेह कर ही लीया.. आप अैसे गभराइअे मत वो सीर्फ बेहोस हुइ हे.. अब आप इनको होंसआनेसे पहेले बेहीसी मे ही चोदलो.. ओर उनकी चुतको अपने हथीयारके लायक करदो ताकी इनको दुबारा कोइ तकलीफ नाहो..
लखन : लता.. देखतो जरा इनको कुछ हुआ तो नही..?
लता : (होंठ चुमते) अरे कुछ नही हुआ हे.. सीर्फ रजीयाकी चुतसे थोडासा मामुली खुन नीकल गया हे.. बस.. थोडी देरके लीये बेहोस हुइ हे.. जानु.. आज फीरसे दोनोकी सुहागरात हे.. अब आपको सबके साथ अैसे ही करना हे..
लखन : (लताकी ओर आस्चर्यसे देखते) सबके साथ अैसे ही करना हे मतलब..?
लता : (अपनी गलतीका अहेसास होते ही) वो.. वो.. अरे कुछ नही.. मतलब मेरे साथ भी.. अब आप इनको फटाफट चोदलो वरना इनको होस आजायेगा तो आपको चोदने नही देगी.. आप फटाफट चोदना चालु करो.. जब इनको होस आने लगे.. तब आप रुक जाना..
तब लखन हाथके बल उचा हो गया.. ओर रजीयाको बेहोसीमे ही चोदने लगा तो रनीयाके दोनो बुब्स तालमेलमे उछलने लगे.. ओर रजीया अैसेही बेहोसीमे लखनसे चुदती रही.. अब लखनका लंड बडेही आरामसे रजीयाकी चुतमे अंदर बहार हो रहा था.. तब कुछ ही देरमे रजीया मुह बीगाडते होसमे आने लगी.. तब लताने इसारा करते लखनको चोदनेसे रोकदीया ओर उनके होठोको चुमने कहेने लगी..
तो लखन रजीयाके उपर जुकते लेट गया.. ओर अेक हाथसे बुब्सको सहेलाते रजीयाके होठोको चुमने लगा तब रजीयाने धीरेसे आंख खोलदी.. तब उनकी आंखसे आंसु बहेने लगे.. तो लता उनके सरको सहेलाते मुस्कुराने लगी.. अब रजीया बीलकुल सांत हो चुकी थी.. तब लखनने उनके होठोको छोड दीया तो रजीया बहुत ही सर्मसार होते लताकी ओर देखने लगी.. तब वो बहुत सरमाइ.. ओर धीरेसे कहा..