Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती - Page 59 - SexBaba
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Incest रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती

रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - २१३

कहातो देवायत मंजु ओर भावनाके होठोपे बारी बारी कीस करते अपने रुममे चला गया.. ओर फ्रेस होकर बहार आगया.. तब भावना ओर मंजु होलमे सोफेपे देवायतके इन्तजारमे बैठी आपसमे पुनम ओर लखनके बारेमे बाते कर रही थी.. जैसे ही देवायत उनके पास आकर बैठ गया तो मंजुने पुनम ओर धिरेनके बीच सुरुसे यहा आने तक हुआ सारा वाक्या सुना दीया.. जीसे सुनकर थोडी देरतो देवायत भी सोक्ट हो गया.. ओर उसे पुनमकी चीन्ता होने लगी.. तभी.... अब आगे

देवायत : (मनमे) ओह.. गोड.. ये क्या हो गया..? पुनो मुजसे कीतना प्यार करती हे.. मेरा बच्चा भी उनके उदरमे पल रहा हे.. कही धिरेनको इस बातका पता तो नही चल गया होगा..? ये सब मेरी वजहसे तो नही हुआ..? मुजे लगता हे कहीना कही मेरी वजहसे पुनोका घर उजड रहा हे.. नही.. अब मे पुनोसे दुर ही रहुगा.. मंजु ओर पुनो तो बहुत कुछ जानती हे.. पता नही मंजु पुनोके बारेमे मुजे क्या बात करने वाली थी..

मंजुला : (मनकी बात जानते) जानु.. क्या सोच रहे हो..?

देवायत : मंजु.. तुम पुनोके बारेमे क्या यही सब कहेने वाली थी..?

मंजुला : (मुस्कुराते) नही देवु.. सीर्फ यही नही.. मुजे इनके बारेमे कुछ ओर भी बाते करनी हे.. अब आप अब पुनोकी चीन्ता मत करना.. उनकी कीस्मतमे जो लीखा हे वोही सब हो रहा हे..

देवायत : (मुस्कुराते) हां मंजु.. तुजे ओर पुनोको तो सबकुछ पता चल जाता हे.. बोल.. ओर क्या बात करना चाहती थी..?

मंजुला : (अ‍ेक नजरसे देखते) जानु.. आपको पता हे पुनो कौन हे..? वो पीछले जन्ममे कीसकी बीवी थी..? ओर इस जन्ममे उसने आपसे क्यो सादी की..?

देवायत : (आस्चर्यसे देखते) नही तो..? बता.. मुजे यही सब जानना हे.. मंजु.. मुजे लगता हे इस बातके लीये कहीना कही मे भी जीम्वेवार हु.. मे अब पुनोसे दुर ही रहुगा..

मंजुला : (मुस्कुराते) जानु.. इसके लीये आप गील्टी फील मत करो.. जो इनकी किस्मतमे लीखा था वो सब हो चुका.. लेकीन.. हां.. अब आप पुनोसे दुरीया रखना चाहो तो रख सकते हे.. पता हे क्यु..?

देवायत : (आस्चर्यसे सामने देखते) क्यु..? बता मुजे..

मंनुला : (मुस्कुराते) जानु.. तो फीर सुनो.. असलमे पुनो आपकी बीवी थी ही नही.. वो हमारे लखनकी बीवी हे.. जो पुनोके पीछले जन्मकी अ‍ेक कामनाकी वजहसे इस जन्ममे आपसे सादी करनी पडी.. जो बाबाने अ‍ेक मक्सदसे करवादी.. जो मक्सद अब पुरा हो चुका हे.. जानु.. वो पीछले जन्ममे आपकी बेटी थी.. पीयु.. आपके छोटे भाइ बबलुकी बीवी..

देवायत : (आस्चर्यसे) मंजु.. ये क्या केह रही हो तुम..?

मंजुला : (मुस्कुराते) हां जानुं.. मेरी बात ध्यानसे सुनो अब..

फीर मंजुने पुनम ओर लखनके पीछले जन्मसे लेकर इस जन्म तक सबकुछ देवायतको बता दीया.. जीसे सुनकर देवायत भी सोक्ट हो गया.. क्युकी पीछले जन्ममे उस राजाने उनको अपनी बेटी माना था.. उसी क्षण देवायतके मनमे पुनमको लेकर थोडा क्षोभ होने लगा.. उनको अफसोस होने लगाकी अपनी ही बेटीके साथ..? बस.. मंजुने बडी ही सीफततासे देवायतको पुनमसे दुर करदीया.. ओर देवायतको पता भी नही चला..

बस.. यही तो मंजु चाहती थी.. ताकी अब पुनम लखनके साथ उनकी बीवी बनकर अपनी लाइफ खुलकर जी सके.. इसी तराह वो लताको भी लखनसे दुर करना चाहती थी.. ताकी लता देवायतके साथ सादी कर सके.. मंजु ये सब काम जल्दसे जल्द नीपटाना चाहती थी.. ओर उसे सबसे बडी टेन्सन सृती भुमीका ओर चंदाकी होने लगी.. क्युकी कुछ ही दिनोमे इन तीनोकी जींदगीमे बहुत बडा भुचाल आने वाला था..

हालाकी मंजुको ये भी पता था की इस मुसीबतको लखन ओर पुनम अच्छी तराहसे सम्हाल लेगे.. फीर भी उनको आने वाले तुफानकी थोडीसी चीन्ता होने लगी.. तो दुसरी ओर उनको भी आभास होने लगा था.. की अब उनके जानेका वक्त नजदीक आने लगा हे.. क्युकी दुसरे जन्ममे उनको खुद अपने ही बेटे विजयकी सोतेली बहेन बनकर अपनी ही छोटी बहेन भावनाकी कोखसे वापस आना था.. जीसके लीये आजकल देवायत ओर भावना बहुत महेनत कर रहे थे..

तो दुसरी ओर सहेरमे सृती भी १० बजे अपनी कार लेकर क्लीनीकपे चली गइ थी.. तो अ‍ेक घंटेके बाद लखन भी नीलमको लेकर उनके स्कुल चला गया.. तब नीलम बहुत ही अ‍ेक्साइटेड हो रही थी.. क्युकी उसे धिरेनके साथ बात करनेकी बहुत जल्दी थी.. वहा जाकर लखनने उनकी प्रीन्सींपालसे बात करली.. फीर छुटीका समय जानकर वहासे होस्टेलकी ओर नीकल गया..

फीर अपनी होस्टेल वाली बीवीके पास चला गया.. तो पता चला राधीका अपनी मम्मीको लेकर होस्पीटल गइ थी.. ओर वो आज होस्टेलपे आइ ही नही हे.. तो लखन उसे फोन करके सीधा ही होस्पीटल पहोंच गया.. जहा राधीकाने उनकी मम्मीको अ‍ेडमीट कीया था.. तो लखनको देखते ही उनके गले लग गइ.. ओर रोने लगी.. तब लखनने उनको सम्हाला.. फीर उनकी मम्मीका हालचाल जाना.. तो पता चलाकी उनकी मम्मीको फीरसे पेरेलीसीसका अ‍ेटेक आगया था.. तो सुनकर राधीकाके उपर भडक गया..

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लखन : (थोडा गुस्सा होते) राधु.. क्या मुजे इतना पराया कर दीया..? की अ‍ेक फोन तक नही कीया..?

राधीका : (आंसु पोछते) लखन.. प्लीज.. आप गुस्सा मत करो.. सबकुछ इतनी जल्दीसे हो गया.. मे जस्ट इनको आधे घंटे पहेले ही यहा लेकर लाइ हु.. जब मे मम्मीको नहेला रही थी.. तब ही ये सब हो गया..

लखन : (हग करते) चलो ठीक हे.. कहा हे मम्मीजी..? चलो उनके पास बैठते हे.. मे अभी लताको फोन करके बताता हु..

राधीका : (थोडी परेसान होते साथ चलते) यार.. अभी उनको मत बताओनां.. वो सब खामखा परेसान हो जायेगे.. अब मम्मीकी तबीयत भी स्थीर हे.. तो सबको क्यु परेसान करना..

लखन : (मुस्कुराते) चुप.. अ‍ेक दम चुप.. राधु.. मत भुलो अब तुम हमारे खानदानकी बहु हो.. अगर मैने घरपे नही बताया तो उल्टा सब लोग मुजे डांटेगे.. क्या तुम मुजे सबकी डांट खीलवाना चाहती हो..?

राधीका : (सरमाते हसते) नही.. चलीये इधर रुममे मम्मी हे.. देखना आपको देखकर खुस होजायेगी.. पता नही होस्टेलपे क्या हाल होगा..

लखन : (मुस्कुराते साथ चलते) राधु.. तु वहाकी फीकर मत कर.. मे दो पहोरको खाना खाकर होस्टेलपे चला जाउगा.. ओर वहा चकर लगाता रहुगा.. अभी तो मेरा काम फोनपे ही चल जाता हे.. तो वही बैठकर काम करता रहुगा.. मेरी ओफीस बादमे खोलुगा..

राधीका : (प्यारसे लखनकी ओर मुस्कुराते) लखन.. थेन्क्स..

लखन : (मुस्कुराते सरपे टपली मारते) तु बहुत बीगड गइ हे.. कभी पतीको थेन्क्स कहेते हे..? चल आजा..

कहातो राधीका सरमाके हसने लगी.. ओर दोनो रुममे चले गये.. तो राधीकाकी मम्मी लखनको देखते ही खुस होजाती हे.. फीर लखनने लता ओर सृतीसे बात करते सबकुछ बता दीया.. तो रजीयाने घरपे ही उन लोगोका खाना भी बना दीया.. तबतक लता ओर रमाने घरका बहुत सारा सामान सेट करलीया था.. जब दो पहोरको सृती घरपे खानेके लीये आइ.. तब लखन भी घरपे आ चुका था.. फीर सब मीलकर खाना खाने बैठ गये.. तभी..

लता : दीदी.. आपके देवर नीलुको छोडने गये तब राधीका दीदीको मीलने गये थे.. तो पता चला उनकी मम्मीको फीरसे पेरेलीसीसकी असर होगइ हे.. तो दोनो मां बेटी अभी होस्पीटलमे हे..

सृती : देवरजी.. तब तो दोनो मां बेटी अकेली होगी.. हमे उनके पास जाना चाहीये.. क्युकी अब तो वो भी आपकी बीवी हे.. तो हमारा फर्ज बनता हे.. हम मुसीबतके वक्त उनके साथ रहे..

लखन : (मुस्कुराते) भाभी.. फीकर मत करो.. मे अभी तक उनके पास ही था.. ओर रजीयाने उनका टीफीन भी तैयार करदीया हे.. मे खाना खाकर अभी टीफीन लेकर जाता हु.. सीफ राधुका टीफीन ही हे.. उनकी मम्मीको वहाका खाना खीलाना हे..

सृती : (मोकेका फायदा उठाकर) अरे.. तो चलो मे भी आती हु.. हमारी समधनकी खबर भी पुछ लुगी.. ओर मेरी देवरानीसे भी मील लुगी.. हें..हें..हें..

लता : (हसते) दीदी.. मे भी साथ चलती हु.. देखु तो सही मेरी सौतन कैसी हे.. हें..हें..हें.. तबतक भाभी थोडा आराम कर लेगी.. आज उन्होने बहुत काम कीया हे..

ओर इनके बाद लता सृती ओर लखन टीफीन लेकर होस्पीटल चले गये.. तो वहा लता सृतीको देखकर राधीका बहुत सरमाइ.. ओर सृतीने उनको देखते ही अपने गले लगालीया.. फीर लता भी उनको गले मीली.. फीर राधीकाने उनकी मम्मीका परीचय करवाया.. तब राधीकाकी मम्मी बहुत ही खुस होगइ.. क्युकी ये जानकर की इनकी बेटीको लखनके परीवारने स्वीकार करलीया था..

तब राधीका ओर लता सृती हस हसके बाते करने लगी.. तो लखन राधीकाकी टांगे खीचकर उनकी मस्तीया करते राधीकाकी मम्मीको खुब हसा रहा था.. जीसे देखकर राधीका के साथ सृती भी बहुत खुस हो रही थी.. अब सृतीकी नजरमे लखनके लीये फीलीग्स बदल गइ थी.. ओर वो लखनकी ओर ज्यादा ढलने लगी थी.. तो वो कातील नजरोसे लखनकी ओर देखते हसती रही.. ओर लखनको रीजानेकी कोसीस करने लगी..

फीर राधीकाने खाना खालीया तो तीनो वापस घरपे आगये.. इसी दौरान सृतीने कइ बार लखनसे बाते करते उनसे नजदीया बढाइ.. अब तो लखन भी पहेलेकी तराह सृतीसे हस हसके खुलकर बाते करने लगा था.. ओर अपने अपने रुममे आराम करने चले गये.. फीर दो घंटे आराम करके सृती वापस अपनी क्लीनीकपे चली गइ.. तो लखन भी वापस राधीकाके होस्टेल पे चला गया ओर उनकी ओफीसमे जाकर बैठ गया..
 
वो वापसीमे वो नीलमको लेकर वापस घरपे आने वाला था.. तो इसी दौरान रीसेसमे नीलमने उनकी होस्टेल वाली रुम पार्टनर जो उनकी खास सहेली दियाको ढुंढ लीया.. ओर दोनो गले मीलकर अ‍ेक पेडके नीचे जाकर बैठ गइ.. तब नीलमने दियाके पुछने पर अपनी ओर उनकी मम्मीने जो प्लान कीया था.. उनको छोडकर बाकी सब कुछ दियाको बता दिया.. की धिरेनके साथ उनके घरपे गइ.. तब उनके साथ क्या क्या हुआ..

उसने अपने ओर धिरेनका पहेली बार मीलन हुआ तबसे लेकर दो दिन तक दोनोने कीतने मजे कीये.. ओर धिरेनने उनकी कीतनी बार चुदाइ करली.. तबसे लेकर आखीर दोनो उनके लखन जीजु ओर लता दीदीसे चुदाइ करते पकडे गये.. ओर उनको साथमे घरपे ले गये.. से लेकर लखन जीजु उनको अपने घर छोडते वक्त बीचमे लखनके खेतोपे लखनने भी उनके साथ क्या कीया.. वो भी बता दीया..

नीलमने दियाको बातो ही बातो मे वो भी बता दिया की जडी बुटीकी वजहसे उनके पेनीसमे कीतना बदलाव हो गया हे.. मतलब नीलमने दियाको सबकुछ बता दीया जो उनके साथ घटीत हुआ था.. जीसे सुनकर दिया भी आस्चर्यसे नीलमकी ओर देखने लगी.. नीलमकी बाते सुनकर दियाकी चुत भी गीली होने लगी.. तब दियाके मनमे भी लखनके लंडको अ‍ेक बार देखनेकी इच्छा होने लगी..

फीर नीलमके पुछने पर दियाने भी अपने बारेमे नीलमको सबकुछ बता दीया.. की वो अपने बोय फ्रन्डके घरपे गइ थी.. तब वहा उनके बोयफ्रेन्डने उनकी कीतनी बार चुदाइ करली.. उनके फ्रेन्डने मोलमे जाकर उनको कीतनी गीफ्ट दीलवाइ.. दोनोने डिस्को थीयेटरमे खुब मजे किये.. ओर आखरी रात दोनोने जमकर चुदाइ की.. जीनकी वजहसे दोनो देर तक सोये पडे थे.. तब सुबह ही उनके मम्मी पापा आ गये..

ओर दोनो अ‍ेक साथ पकडे गये.. फीर उनके बोय फ्रेन्डके मम्मी पापाने दोनोके रीलेशनको अ‍ेक्सेप्ट करलीया.. ओर उनके खुदके पापा इनकी सगाइ अपने बोय फ्रेन्डके साथ बहुत जल्द कर देने वाले हे.. सुनकर नीलम थोडी नीरास होगइ.. क्युकी वो अपनी मम्मीके प्लानकी वजहसे लखन ओर धिरेनके बीच मजधारमे फसी हुइ थी.. ओर उनकी मम्मीके प्लानके बारेमे वो दियाको बताना नही चाहती थी..

ओर जबसे लखनके बडे लंडको देखा तब से वो भी लखनकी ओर आकर्सीत भी होने लगी थी.. उनको लखनके साथ मीलन करनेकी बहुत इच्छा होने लगी थी.. तो दुसरी ओर उनकी मम्मीके साथ भी लेस्बीयन रीस्ता हो गया था.. तो नीलम अब अपनी सादीको लेकर कुछ नीर्णय नही लेपा रही थी.. क्युकी लखनके बजाये धिरेनसे पैसा नीकलवाना ओर अपने सभी सोक पुरा करना बहुत ही आसान था.. तब उसने दियाको पुछ ही लीया..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) दिया.. वो.. वो धिरेन जीजु मुजसे सादी करना चाहते हे.. ओर लखन जीजु भी उनके साथ रीलेशन रखनेको केह रहे हे.. तो अब तुही बता मे क्या करु..?

दिया : (सरमाते हसते) नीलु.. तु दिखनेमे हो ही इतनी होट.. की कोइ भी लडका तुमसे रीलेशन रखनेको तैयार होजायेगा.. पहेले ये बता.. क्या वाकइ तेरे लखन जीजुका इतना बडा होगया हे ..? मुजे तो यकीन ही नही होता.. की कीसी आदमीका इतना बडा हो सकता हे.. तुमने अपनी आंखोसे देखा हेनां..?

नीलम : (सरमाकर हसते) कमीनी होट तो तु भी कम नही हे.. पता नही अब तक कीतनोका अंदर ले चुकी हे.. जो अब जाके अ‍ेकसे खुटेसे बंधने वाली हे.. हें..हें..हें..

दिया : (पीठमे अ‍ेक मुका मारते) कमीनी.. वो सब छोडना.. मे जो पुछ रही हु उनका बता..

नीलम : (सामने देखकर धीरेसे) हां दिया.. उनकी तो बात ही मत कर.. जब वो मुजे घरपे छोडने आ रहे थे.. तब भी मेने देखा था.. वो तब भी धिरेनसे बहुत बडा था.. ओर अब तो उनको जडी बुटी देदी गइ हे.. इनके बाद भी मेने देखा हे..ओ.. बापरे.. कीसी गध्धेसे कम नही हे.. पहेली बारमे वो पका कीसीको बेहोस कर देगे.. अब तो इनके आगे धिरेनकी नुनी लगती हे..

दिया : (कातील नजरोसे हसते) नीलु.. तब तो तुम ध्यान रखना.. क्युकी अब तो दो तीन साल तुम उन्हीके साथ रहेने वाली हो.. सभी लडकीया ओर ओरतोको बडे लंड ही पसंद हे.. कास.. मेरे बोय फ्रेन्डका भी इतना बडा होता.. मे तो उनको बहार ही नही नीकालने देती.. नीलु.. क्या वो थोडीसी जडी बुटी तुम मुजे दिलवा सकती हो..? तो मे भी मेरे बोय फ्रेन्डको देना चाहती हु..

दिया : (जटसे) अरे.. पागल होगइ हो क्या..? ना बाबा ना.. मैने सुना हे.. वो जडी बुटी हमारे वोही आश्रम वाले बाबाने दि हे.. ओर वो भी मंजु दीदीके पास हे.. क्युकी मैने सुना हे.. बाबाने उनको अ‍ेक खास मक्सदसे दी हुइ हे.. तो मे उनसे नही मांग सकती.. अ‍ैकतो अ‍ैसे ही मेरे ओर धिरेनके बारेमे सबको पता चल गया हे.. कमीनी तुजे जो कहा हे.. उनके बारेमे बतानां.. ये बीचमे जडी बुटी लेकर कहा बैठ गइ..?

दिया : (सेड मुह करते) हंम.. येतो तेरे लखन जीजुके बडे लंडके बारेमे सुना इसीलीये पुछ रही थी.. नीलु.. तुजे नही पता.. आज कल सीर्फ हम लडकीया ही नही.. सादी सुधा ओरते भी बडे लंडकी दिवानी हे..

नीलम : (हसते) कमीनी.. अगर बडे लंडका इतना ही सौक हे.. तो मे तुजे भी लखन जीजुसे मीलवा दुगी.. ओर इनसे तुजे चुदवा भी दुगी.. वो इन सब चीजोके बहुत सौकीन हे.. हें..हें..हें.. अ‍ेक बार ट्राइ बरलेनां.. हें..हें..हें..

दिया : (सरमाते अ‍ेक मुका मारते हसते) हां अगर तुजे बुरा ना लगे तो वो भी कर लुगीं.. कमीनी.. तुजे भी मतलब..? मतलब तुम भी तेरे लखन जीजुका लेना चाहती हे..? हें..हें..हें.. देखना तेरी फट जायेगी.. हें..हें..हें..

नीलम : (थोडा गुस्से होनेका नाटक करते) दिया.. प्लीज.. मजाक नही.. बताना हे तो बता.. मे यहा दोनो जीजुके बीच उलजनमे फसी हु.. ओर तुजे मजाक सुज रहा हे..? बताना मे क्या करु..? अभी तो पुनो दीदी उनकी बीवी हे.. ओर धिरेन केह रहा था.. वो उनको छोडदेना चाहता हे.. ओर तुजे अ‍ेक बात ओर बताउ..? उन्होने हम दोनोके लिये यहा सहेरमे अ‍ेक घर भी लेलीया हे.. दिया.. मे तो लखन जीजु.. ओर धिरेन जीजुके बीच फस गइ हु.. बताना मे क्या करु..?

दिया : (मुस्कुराते) कमीनी.. तो अच्छा हेना.. तुजे तो दो दो लंड मील जायेगे.. तेरे धिरेन जीजुकी तो सरकारी नोकरी हे.. वो भी बेन्कमे.. तो तुम अ‍ैसो आरामकी जींदगी तो उनके साथ अ‍ैसे ही गुजार सकती हो.. ओर रही बात लखन जीजुकी.. तो अभी तुमने ही बताया.. की तेरे लखन जीजुने भी तीन तीन सादी करली हे.. तो फीर तुजे उनके साथ कहा रहेना हे..? बस.. कभी बडे लंडका मजा चाहीये.. तो तेरे लखन जीजु तो हे ही.. अगर तेरी धिरेन जीजुके साथ सादी भी हो गइ.. तो क्या फर्क पडता हे..?

नीलम : (सरमाकर मुस्कुराते अ‍ेक मुका मारते) कमीनी.. क्या बोल रही हे..? क्या मे दो दो मर्दसे चुदवाउगी..? कुछ तो सरम कर.. तु हे ही अ‍ैसी.. अगर मेरी जगाहपे तुम होती तो तुजे पता चलता..

दिया : (फीकी मुस्कानसे) नही नीलु.. में पहेले अ‍ैसी नही थी.. मे तुमसे भी सरीफ थी.. जबसे मैने मेरी मांके बारेमे ओर मेरी सौतेली माके बारेमे जाना.. तब मेरी समजमे आया.. की सबको बडा लंडही चाहीये.. यहा रीस्तोकी तो कोइ अ‍ेहमीयत ही नही हे.. मेरी दोनो मांओका उनके देवरके साथ यानी मेरे असली बापके साथ नाजायज रीस्ता हे.. ओर मे तो खुद मेरे चाचाकी संतान हु.. जीस तराह तुम अपने पापाके होते हुअ‍े भी अपनी बुआके लडकेकी संतान हो..
 
नीलम : (सीरीयस होते) हां दिया.. मेरी मम्मी मेरे इस पापाकी मामी थी.. ओर मामी भांजेके बीच नाजायज रीस्ता होगया था.. तो मे उनकी ही नीशानी हु.. तुम सच केह रही हो.. कमीनी सभी ओरतोको बडा लंड ओर अ‍ैसो आरामकी जींदगी चाहीये.. इसके लीये वो ये भी नही देखती की मर्द रीस्तोमे उनका क्या लगता हे.. अभी हाल ही मे गांवमे लखन जीजुके अ‍ेक दोस्त हे बंसी भैया.. उनकी सादी उनकी विधवा बुआसे होगइ.. ओर खुद उनके पापाने अपनी विधवा बहेनकी सादी अपने बेटेसे करवाइ..

दिया : (आस्चर्यसे देखते) क्या केह रही हो तुम..? खुद बापने अपनी बहेनका हाथ अपने बेटेको सोंपा..?

नीलम : (मुसकुराते) हां दिया.. मे खुद उस सादी अ‍ेटेन्ड करके आइ हु.. सब मेरी आंखोसे देखा..

दिया : (मुस्कुराते) नीलु.. तो फीर मेरी मान.. अगर तेरे धिरेन जीजु तुमसे सादी करना चाहते हे.. तो तुम उनसे सादी करले.. ओर मजा तो हम कीसीके साथ भी ले सकती हे.. मेरी जींदगीमे भी तीन तीन बोय फ्रेन्ड आचुके हे.. ओर मे तीनोका बीस्तर गरम कर चुकी हु.. तब जाके मुजे अ‍ेक अच्छा लंड नसीब हुआ हे.. ओर आज तेरे लखन जीजुके बारेमे भी.. सुना.. तो मन बेकाबु होने लगा हे.. बस.. हमे तो हमारी जवानीका मजा ही लुटना हे.. जब अ‍ेक बार हमे बच्चे हो गयेनां.. तो सब जोस ठंडा होजायेगा..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) दिया.. सच कहा तुमने.. मेने भी कल लखन जीजुका देखा.. तबसे मेरा भी मन भटकने लगा हे.. तभी तो तेरी सलाह ले रही हु.. की मे क्या करु..? ओर धिरेनकी मम्मी खुद लखन जीजुकी भाभी हे.. ओर मेरी लता दीदी खुद उनकी बीवी हे.. तो हमारा मीलना जुलना तो अ‍ैसे ही होता रहेगा.. तो मे लखन जीजुसे आसानीसे मील सकती हु.. दिया.. तुजे अ‍ेक ओर बात बताउ..?

दिया : (सामने देखते) हां.. क्या..?

दिया : (हसते) दिया.. हभी हालमे ही पता चला हे.. की लखन जीजुने हमारी होस्टेलकी मेडमसे भी सादी करली हे.. हमे तो पता ही नही था.. की वो लखन जीजुसे चुदवाती थी.. हें..हें..हें..

दिया : (सरमाते हसते धीरेसे) नीलु.. क्या केह रही हो तुम..? तब तो मेने तेरे लखन जीजुको जरुर वहा देखा होगा.. नीलु.. अगर तुम बुरा ना मानोतो अ‍ेक बात कहु..? क्या तुम अ‍ेक बार तुम्हारे लखन जीजुसे मीलवा सकती हो..? क्युकी मे उनके पेन्टके उभारको देखना चाहती हु.. बहारसे ही पता चल जायेगा.. की उनका कीतना बडा हे.. तुम फीकर मत करना.. मे इनसे आगे नही बढुगी.. हें..हें..हें..

नीलम : (सरमाते हसते) कमीनी क्या बोल रही हे..? देखना वो बहुत ही रंगीन मीजाजके हे.. अगर तुजे अ‍ेक बार देख लीया तो तुजे पटा लेगे.. तो तेरी सादी धरीकी धरी रेह जायेगी.. फीर मुजे दोस मत देना.. की तेरे जीजुने मेरी फाडके रखदी.. हें..हें..हें..

दिया : (हसते अ‍ेक मुका मारते) चल हट कमीनी.. हसले.. अ‍ैसा कुछ भी नही होगा.. मेरे लीये तो मेरा बोय फ्रेन्ड ही ठीक हे.. तुजे पता नही वो कीतने पैसे वाले हे.. बस.. अब उनके साथ सादी करते सारी जींदगी अ‍ैसे ही बीतानी हे.. हां.. कभी कभी बहारका खाना खानेका मन हुआ.. तो मे तेरे लखन जीजुको बुला लुगी.. बडे लंडसे चुदवानेका मजा ही अलग हे.. हें..हें..हें..

नीलम : (सर्मसार होते मुका मारते) कमीनी.. अगर उनसे चुदवायेगी तो देखना वो तेरी फाडके ओखली कर देगा.. मे मजाक नही कर रही.. उनका सचमे बहुत बडा हे.. हें..हें..हें.. चल बहुत हुआ मजाक.. अब जरा तेरा मोबाइल फोनदे मुजे.. मुजे धिरेन जीजुसे बात करनी हे.. मेरा फोनतो दीदीने ले लीया हे.. अच्छा हुआ उन्होने मुजे उनका नंबर देदीया.. मे लेकर आइ हु.. ला.. फोन..

कहेते नीलमने दियाका फोन लेलीया ओर धिरेनका नंबर नीकालकर वो धिरेनको फोन करने लगी.. फीर दो टड्ढाइके बाद धिरेनने फोन उठा लीया.. ओर नीलमसे बात करने लगा.. तो कुछ ही देरमे वो नीलमको लेने आ रहा हे.. कहेकर फोन काट दीया.. तो नीलम खुस होकर बहुत ही सरमाने लगी.. ओर फोन काटकर उसने दियाको सब बता दीया.. ओर कहा.. की यहा स्कुलमे वो सब सम्हाल ले.. वो छुटी होनेसे पहेले वापस आजायेगी.. तो दियाने कहा..

दिया : (सरारतसे) नीलु.. अगर तुम तेरे जीजुको मीलना चाहती हो.. तो आज हमारी रुममे चली जाओ.. क्युकी आज मेडम उनकी मम्मीको लेकर होस्पीटलमे हे.. तो वहा तुमको देखने वाला आज कोइ नही होगा..

नीलम : (सर्मसार होते) दिया.. अगर कीसीने हमे देख लीया तो..? क्या वहा ओर कोइ लडकी नही हे..?

दिया : (हसते धीरेसे) कमीनी.. सभी लडकीया इस वक्त यही स्कुलमे हे.. तो वहा कौन होगा..? ये ले मेरी रुमकी चाबी.. आज मेरे पास ही हे.. फीर तेरे जीजीुको मीलकर वापस आजाना.. मे टीचरको तेरे पीरीयडका बहाना देदुगी.. कहे दुगी तुम पेड पहेनने गइ हो.. थोडी देर लगेगी.. जा वही मीलले उसे.. येले चाबी..

नीलम : (सरमाकर चाबी लेते) दिया.. थेन्क्स.. देखना सब सम्हाल लेना.. आज कीतने दिनोके बाद हम मील रहे हे.. जबसे हम मीले हे तबसे धिरेनको मीलनेका बहुत मन कर रहा हे.. तु सही केह रही थी..

दिया : (हसते धीरेसे) कमीनी.. तभी तो तुजे केह रही थी.. की जा अ‍ेक बार मीलले उसे.. साली ये आग ही अ‍ैसी हे.. जब अ‍ेक बार कीसीका अंदर लेलीयानां.. तो फीर इनके बीना रेह ही नही सकती..

नीलम : (सरमाते हसते) दिया.. सच कहा तुमने.. आज कल मुजे भी बहुत इच्छा होने लगती हे..

तब कुछ ही देरमे धिरेन अपनी बाइकसे बेन्कसे छुटी लेकर आगया.. तो दिया उनकी ओर देखकर हसने लगी.. फीर नीलमने दियाका अ‍ैजे खास फ्रेन्डके रुपमे परीचय करवाया.. तो धिरेनने स्कुल खतम होनेसे पहेले नीलमको वापस छोडनेकी बात की.. तो नीलमने सरमाकर हसते धिरेनको होस्टेलके रुमकी चाबी दीखाइ.. तो धिरेन सब कुछ समज गया.. फीर नीलम धिरेनके पीछे बैठकर नीकल गइ.. तो दिया वापस क्लासमे चली गइ..

इधर धिरेन नीलमको लेकर होस्टेलपे आगया.. तो वहा कोइ नही था.. तब नीलमने धिरेनको होस्टेलकी मेडमकी सारी बात बतादी.. जीसे सुनकर धिरेन भी खुस होगया.. ओर दोनो उपरकी मंजीलपे दियाके रुममे चले गये.. तो अंदर जातेही नीलमने रुमको लोक कर दीया.. ओर धिरेनकी बाहोमे समा गइ.. तब धिरेन नीलमको अपनी बाहोमे कसते उनके चहेरेको पागलोकी तराह चुमने लगा..

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तब उनको नही पता था.. की ओफीसमे लखन बैठा हे.. ओर दोनोको आते हुअ‍े देख चुका हे.. जैसे ही नीलम ओर धिरेन उपरकी ओर अपने रुममे गये.. तब पीछेसे लखन भी दबे पांव अपना मोबाइल लेकर उपर चला गया.. ओर वो रुमके दरवाजे ओर खीडकीकी ओर देखने लगा.. तभी उसे खिडकी थोडीसी खुली दीख गइ.. तो लखन मुस्कुराते वहा चला गया ओर अंदर जांकने लगा.. तभी अंदर..
 
नीलम : (उतेजनामे) धि..रे..न.. हमे जल्दसे वापस जाना होगा.. बस.. अब बस भी करो.. मे आपको मीलना चाहती थी.. ओर कुछ बाते कहेना चाहती थी.. आपको जो भी करना हे जल्दीसे कर लीजीये..

धिरेन : (फटाफट कपडे नीकालते) नी..लु.. प्लीज.. थोडी देर रुकते हेनां.. मुजे तुमसे मीलन करनेका बहुत मन कर रहा हे.. तेरे बीना रहा नही जाता.. चल फटाफट कपडे नीकाल.. मे अ‍ेक बार तुमसे मीलना चाहता हु.. कीतने दिन हो गये हम नही मीले.. क्या तुजे घरपे कीसीने कुछ कहा तो नही..?

नीलम : (मुस्कुराते सरमाकर कपडे नीकालते) धिरेन.. प्लीज.. वो सब बाते बादमे.. पहेले जो भी करना हो थोडा जल्दीसे करना.. आज सीर्फ अ‍ेक ही बार.. फीर मुजे उसीके बारेमे आपसे बात भी करनी हे..

तब कुछ ही देरमे दोनो नंगे होगये.. तो नीलम बहुत ही सर्मसार हो रही थी.. कीतने दिनोसे वो ये सुखसे वंचीत थी.. तो आज वो भी धिरेनके साथ मीलन करना चाहती थी.. तब धिरेन बेडके कीनारे बैठ गया.. ओर अ‍ेक हाथसे अपना लंड पकडकर हीलाते हुअ‍े नीलमकी ओर देखकर हसने लगा.. ओर आंखोके इसारोसे लंडकी ओर इसारा करते नीलमको मुहमे लेनेको कहेने लगा..

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) धिरेन.. प्लीज.. ये सब हम कीसी ओर दिन करे..? आप जल्दीसे मेरे उपर आजाओनां.. हमारे पास टाइम बहुत कम हे..

धिरेन : (मुस्कुराते नीलमके बुब्सको थामते) नीलु.. प्लीज.. सीर्फ अ‍ेक बार.. मुहमे लेना.. बहुत मन कर रहा हे..

तब नीलम बहुत ही सर्मसार होगइ.. ओर घुटनोके बल धिरेनके पैरोके बीच बैठ गइ.. फीर अ‍ेक नजर धिरेनकी ओर देखते अपनी नजर चुका लेती हे.. ओर धीरेसे धिरेनके लंडको अपनी मुठीमे पकड लेती हे.. फीर धीरे धीरे सहेलाते अपना मुह लंडकी ओर लेजाती हे.. ओर अपनी जीभसे चाटने लगती हे.. तब धिरेन आंख बंध करते उतेजीत होने लगा.. ओर मुस्कुराने लगा.. तब नीलममे पुरा लंड अपने मुहमे ले लीया..

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ओर लोलीपोप की तराह चुसने लगी.. तो धिरेनका लंड तनके सख्त हो गया.. ओर उसे नीलमसे दुरीया बरदास्त नही हुइ.. ओर वो नीलमको अपने उपर खीच लेता हे.. ओर उनके होठोको चुमने लगता हे.. तब नीलम भी पुरी मदहोसीमे छागइ थी.. ओर वो भी नसीली आंखोसे देखते धिरेनके मुहमे जीभसे जीभका पेच लडाने लगी.. दोनोके उपर वासना पुरी तराह हावी हो चुकी थी..

तब धिरेन नीलमको बेडपे लीटा देता हे.. ओर उनके उपर छा जाता हे.. फीर उनके होठोको चुमते अ‍ेक हाथ नीचेकी ओर लेजाते नीलमकी चुतको सहेलाने लगता हे.. तब नीलम मदहोस होकर सीसकारीया करने लगी.. वो नसीली आंखोसे धिरेनकी आंखोमे देखने लगी.. ओर धिरेनकी गरदनमे दोनो हाथ डालकर उनको जोरोसे अपने तनसे चीपका देती हे.. ओर उनके होठोको चुमने लगी..

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नीलम : (उतेजनामें) धि..रे..न.. प्लीज.. जल्दीसे अंदर डालदो.. नही रहा जाता..

कहा तो धिरेन सरकते उनके पैरोके बीच आजाता हे.. फीर अपना लंड पकडकर नीलमकी चुतपे घीसने लगता हे.. तब नीलमकी चुत फडफडाते पानीका रीसाव करने लगी.. ओर धिरेनके लंडको भीगोने लगी.. जब लंड गीला हो गया तब धिरेनने चुतपे रखते थोडासा पुस कीया.. ओर लंडको चुतमे फसा लीया.. फीर वो नीलमके उपर जुकते उनके बुब्सको मसलते होठोको चुमने लगा..

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तभी नीलमने धिरेनको कसके अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर वासना भरी नजरोसे धिरेनकी आंखोमे देखने लगी.. फीर अपनी नजर जुकाली.. तब धिरेनने अ‍ेक ही जटकेमे अपना पुरा लंड नीलमकी चुतमे उतार दीया.. तो नीलमके मुहसे अचानक हुअ‍े हमलेसे आहे नीकल गइ.. ओर नीलमने जोरोसे धिरेनको अपनी बाहोमे भीच लीया.. तो धिरेन नीलमके बुब्सको चुमते धीरे धीरे कमर हीलाते नीलमको चोदने लगा..

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नीलम भी उतेजीत होते अपनी कमर हीलाने लगी.. तो धिरेन पागल जैसा होने लगा.. ओर कमर हीलाते नीलमको जोरोसे चोदने लगा.. नीलमकी चुत गरम भठीकी तराह तप रही थी.. तब उसे लगा की वो अभी छुट जायेगा.. तो वो नीलमको अभी भी चोदना चाहता था.. तो उसने फोरन नीलमको चोदना बंध करदीया.. ओर नीलमसे चीपकते उनके बुब्सको ओर उनके होठोको चुमने लगा.. तब नीलमको भी अच्छा नही लगा.. ओर वो सरमाते धीरे धीरे अपनी कमर हीलाने लगी.. तब..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) धिरेन.. चोदोनां.. चोदना बंध क्यु करदीया.. कीतना मजा आ रहा था.. जोरोसे चोदो मुजे.. मुजसे रहा नही जाता..

धिरेन : (सरमाते धीरेसे) नीलु.. थोडी देर रुकजा.. वरना मेरा नीकल जायेगा.. मे तुजे ओर चोदना चाहता हु.. क्युकी हम इतने दिनोसे बाद मील रहे हे.. तो मेरा जल्दी होजायेगा..

कहातो नीलम सर्मसार होगइ.. ओर नजरे चुराते अपनी कमर हीलाना छोडदीया.. ओर धिरेनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीचते उनके होठोको चुमने लगी.. तभी अचानक धिरेनने अपना लंड बहार नीकाल दीया.. ओर नीलमको घोडीकी तराह होजानेको कहा.. तो नीलम बहुत ही सरमा गइ.. ओर बेडपे बैठते उल्टी होगइ.. ओर घीडी बनके जुक गइ.. तब धिरेन नीलमके पीछे चला गया.. ओर पैरोके बीच जाकर घुटनोके बल बैठ गया..

फीर अपना लंड पकडकर पीछेसे नीलमकी चुतमे घुसाने लगा.. तब नीलमने भी हाथ नीचेकी ओर लेजाते लंडको सहारा देते अपनी चुतका रास्ता दीखा दीया.. तब धिरेन नीलमकी कमर पकडकर पुस करता हे.. तो उनकी लंड बडी आसानीसे नीलमकी चुतमे चला गया.. ओर धिरेन कमर पकडकर धीरे धीरे नीलमको वापस चोदने लगा.. तो नीलमको थोडा दर्द होने लगा.. ओर वो चदर पकडकर अपना मुह बीगाडने लगी..

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तो धिरेन वापस बहुत ही उतेजीत हो गया.. ओर जोरोसे कमर हीलाने लगा.. तब कुछ ही देरमे उनका लंड फुट पडा.. ओर लंडसे पीचकारीया छोडते नीलमकी चुतमे उडेलने लगा.. जब जड गया.. तो नीलमकी पीठमे मुह रखते ढेर होगया.. तब नीलम अब भी प्यासी थी.. तो वो जोरोसे अपनी कमरको आडी टेडी होलाने लगी.. तब वो भी इतने दिनोसे नही चुदी थी.. जीनकी वजहसे वो भी जल्दीसे जड गइ.. तब..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) क्या धिरेन.. थोडी देर ओर करना थानां.. इतनी भी जल्दी नही थी..

धिरेन : (पीछेसे बुब्सको मसलते) नीलु.. हम इतने दिनोसे नही मीले थे.. तो सब जल्दीसे हो गया.. आइ अ‍ेम सोरी.. क्या तेरा होगया..? वरना तु लेटजा.. मे कर देता हु..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) नही धिरेन.. हो गया.. अब उपरसे हटीयेनां.. मुजे बाथरुम जाना हे..

तो धिरेन नीलमकी पीठसे हट गया.. तो नीलम अपने नीकरसे अपनी चुतको साफ करने लगी.. फीर मन ही मन धिरेनको कोसती जटसे बाथरुममे चली गइ.. ओर चुतको साफ करके अपने आपको सही करने लगी.. फीर सरमाते नंगी ही बहार आगइ.. तो धिरेन भी बाथरुमे चला गया.. ओर अपने आपको सही करने लगा.. तबतक नीलमने अपने कपडे पहेन लीये थे.. ओर अपने बालोको सही कर रही थी.. फीर धिरेन भी बहार आकर कंपलीट हो गया.. ओर दोनो अ‍ेक दुसरीकी बाहोमे समा गये.. तभी....

कन्टीन्यु
 
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my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती

अध्याय - २१४

तो धिरेन नीलमकी पीठसे हट गया.. तो नीलम अपने नीकरसे अपनी चुतको साफ करने लगी.. फीर मन ही मन धिरेनको कोसती जटसे बाथरुममे चली गइ.. ओर चुतको साफ करके अपने आपको सही करने लगी.. फीर सरमाते नंगी ही बहार आगइ.. तो धिरेन भी बाथरुमे चला गया.. ओर अपने आपको सही करने लगा.. तबतक नीलमने अपने कपडे पहेन लीये थे.. ओर अपने बालोको सही कर रही थी.. फीर धिरेन भी बहार आकर कंपलीट हो गया.. ओर दोनो अ‍ेक दुसरीकी बाहोमे समा गये.. तभी.... अब आगे

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धिरेन : नीलु.. कल हमारे मकानका रजीस्ट्रेशन हे.. अभी मेरे नामपे लोन हे.. ओर नोमीनेशनमे मेने तेरा नाम डाल दीया हे.. अब हम बहुत ही जल्द सादी करलेगे.. तुम तैयार रहेना..

नीलम : (सरमाते धीरेसे) धिरेन.. अभी मुजे तीन साल ओर पढना हे.. क्या हम बादमे सादी नही कर सकते..? हंम..? अभी तो मेरी मम्मी भी इधर हे.. तो कुछ दिन हमे सावधानी रखनी पडेगी..

धिरेन : (जटसे धीरेसे) अरे पागल होगइ हो क्या..? नीलु.. मे तेरे बीना नही रेह सकता.. मे जल्दसे जल्द तुमसे सादी कर लेना चाहता हु.. पढाइ तो तुम मेरे साथ रहेकर भी कर सकती हो..

नीलम : (थोडी परेसानीसे) धिरेन आप समजते क्यु नही..? हमे पुनम दीदीके बारे भी तो सोचना पडेगा.. अगर हम सादी करलेगे तो आप उनको क्या कहोगे..? बाय ध वे.. फीर पुनम दीदीके बारेमे आपने क्या सोचा हे..?

धिरेन : नीलु.. मुजे नही लगता मे उनके साथ रेह पाउगा.. क्युकी उनके आते ही.. हमारे बीच थोडी बहेस होगइ थी.. ये भी नही.. की चलो.. इतने दिनोके बाद पतीको मीली हु.. तो कुछ प्यारकी बाते करले.. अब मुजे ना पुजोकी परवा हे नाही मेरी मम्मीकी.. क्युकी अब वोभी उसी परीवारकी होकर रेह गइ हे.. नीलु.. मुजे नही लगता.. मे पुनोके साथ पुरी जींदगी बीता पाउगां.. मे उनको जल्द से जल्द डीवोर्स देना चाहता हु.. फीर हम दोनो सादी करलेगे.. क्या कहेती हो..?

नीलम : (मनमे खुस होते मुस्कुराते) धिरेन.. देखना जो भी करो.. सोच समजकर करना.. इसमे कही मेरा नाम ना आये.. पहेले आप पुनम दीदीको डिर्वोस देदो.. फीर हम अ‍ेकाद दो सालके बाद सादी कर लेगे.. बस.. मुजे सीर्फ मेरी पढाइकी चीन्ता हे.. क्युकी मे भी आपके साथ जोब करना चाहती हु..

धिरेन : (थोडा परेसान होते) दो साल..? नीलु.. हम सादी तो कर ही सकते हे.. सादी करनेके क्या हर्ज हे..? फीर भले ही सादीके बाद तुम दो साल लखन भैयाके घरपे रहो.. हम सबसे हमारी सादी छुपायेगे.. जब तेरी पढाइ खतम होजाये तब तुम हमारे घरपे चली आना.. मे अ‍ेक दो दिनमे ही पुनोसे बात कर लेता हु..

नीलम : (थोडी मायुस होते) धिरेन.. फीर भी कुछ महिने तक इन्तजार करना पडेगा.. मे कोइ नीर्णय नही लेपा रही.. मेरी तो कुछ समजमे नही आ रहा.. की मे क्या करु..? क्युकी मुजे मम्मी पापाका सपना भी पुरा करना हे.. ओर लता दीदी ओर भावना मम्मीकी मुजपे पुरी नजर हे.. हमे इस बारेमे जल्द बाजी नही करनी चाहीये.. मुजे तीन साल लखन जीजुके साथ ही रहेकर पढना पडेगा..

धिरेन : (आस्चर्यसे देखते) मतलब..? नीलु.. तुम ये क्या बोल रही हो..? देखना बाबा मे तेरी वजहसे पुनोको डिवोर्स दे रहा हु.. क्युकी मुजे तेरे साथ जींदगी बीतानी हे.. पुनोके साथ नही.. तो तुम कुछ उल्टा सीधा मत सोचना.. तुम जब कहोगी हम सादी कर लेगे.. ओर मे तेरी अभीसे सब जीमेदारी उठानेके लीये तैयार हु.. तुजे कुछ भी चाहीये मुजे बोलना.. मे तुजे लेकर दुगा.. समजलो.. आजसे तुम मेरी बीवी ही हो..

नीलम : (मनमे खुस होते) धिरेन.. वो तो ठीक हे.. लेकीन देखना फीर मे आपसे बहुत खर्चा करवाउगी.. ये बीवी बहुत महेंगी हे.. अ‍ेक बार फीर सोचलो.. हें..हें..हें..

धिरेन : (हसते) हां सोचलीया हे.. नीलु.. मे तुजे अपनी रानी बनाके रखुगा.. देखा नही.. मेने हमारे मकानमे भी वारीसमे तेरा नाम रख दीया हे.. तुजे जीतना भी खर्चा करनाहो करना.. मे मना नही करुगा.. बस.. तुम सादीके लीये मना मत करना.. वरना मे तेरे बीना नही जी पाउगा.. क्या तबतक हम अ‍ैसे मीलतो सकते हेनां..?

नीलम : (थोडी सरारत करते) नही.. अगर सादीसे पहेले कही कुछ उच नीच होगइ तो..? बाबा मे सबको क्या जवाब दुगी.. की ये बच्चा कीसका हे.. हें..हें..हें.. अब तो जो भी करना हे सादीके बाद..

धिरेन : (थोडा परेसान होते) अरे.. पागल हो गइ हो क्या..? अरे बाबा मे तेरे बीना नही रेह सकता.. तुम कहोतो मे आज ही पुनोको डीवोर्स दे दुगा.. फीर हम कोर्ट मेरीज करलेगे.. फीर तुम लखन जीजुके यहा ही रहेना.. फीर तो हमे मीलनेमे कोइ प्रोबलेम नही हेनां..?

नीलम : (मुस्कुराते) हां.. तो फीर ठीक हे.. आप हीतो केह रहेथे.. की लखन जीजु हमे मीलनेमे पुरी मदद करेगे.. तो आप उनसे बात क्यु नही करते..? हो सकता हे वो कोइ रास्ता नीकाले..

धिरेन : (मुस्कुराते) अरे हां.. नीलु.. अच्छा हुआ तुमने याद दिलवाया.. वो मेरे सालेसे ज्यादा मेरे दोस्त हे.. उसीने कहा हे.. की जब भी नीलुको मीलनेका मन करे.. मुजे बता देना.. मे तुम दोनोके मीलनका इन्तजाम कर दुगा.. नीलु.. मुजे लगता हे.. वो हमारी सादी करवानेमे भी हमारी मदद करेगे.. मे अ‍ेक बार उनसे बात कर लुगा..

नीलम : (मनमे) बुध्धु कहीका.. धिरेन.. तुम कितना बुध्धु हो.. तुजे क्या पता.. हमे कीसलीये मीलवाना चाहते हे.. वो हम दोनोके मीलनका नही.. खुदके मीलनका इन्तजाम कर रहे हे.. वो रोज तेरी इस बीवीको चोदेगा.. इनके हथीयारेके आगे आपकी तो नुनी दिखती हे.. ओर मुजे भी तो अपनी जींदगीमे पुरे मजे चाहीये.. बस.. अंदर डाला नही ओर थोडी देरमे ढेर होजाते हो..

मेरी भी तुमसे सादी करनेकी मजबुरी हे.. वरना मे लखन जीजुसे ही सादी करना पसंद करती.. अब देखते हे.. लखन जीजुसे कब मीलन होता हे.. मुजे लगता हे जबतक मम्मी इधर हे.. मुजसे मीलनेका वो कोइ रीस्क नही लेगे.. कमीने कहीके.. अभी तो मेरी मम्मीके पीछे ही पडे हे.. लगता हे.. वो मम्मीको भी जल्द चोद लेगे..

धिरेन : (होंठ चुमते) नीलु.. क्या सोचमे पड गइ..? तुम फीकर मत करो.. हम दोनो अ‍ैसे ही मीलते रहेगे.. जबतक हमारी सादी नही होजाती तबतक हम सावधानी बरतेगे.. क्या केहती हो..?

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कहातो नीलम जेंप गइ.. ओर फोरन तंद्नासे बहार आगइ.. उसने धिरेनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर उनके होठोको चुमने लगी.. आज बातो ही बातोमे नीलमने अपने दिलकी बात कहेदी.. ओर उसे जो भी चाहीये धिरेन उनको देनेके लीये तैयार था.. यही सब सोचके नीलमने मन ही मन खुस होने लगी.. उनको अपने प्लानके मुताबीक कामयाबी मीलती नजर आने लगी थी.. लेकीन उसे पता नही था वो आनायस ही लखनकी ओर ढलने लगी थी..
 
नीलम : (कुछ सोचकर) धिरेन.. अगर लखन जीजुने खुद मददके लीये कहा हे.. तो मेरे खयालसे आपको अ‍ेक बार उनसे बात करलेनी चाहीये.. हो सकता हे वो हमारी मदद करे..

धिरेन : (मुस्कुराते) ठीक हे नीलु.. अब मीलेगे तब उनसे बात करलुगा..

ओर नीलुने मन ही मन दियाकी सलाहके अनुसार धिरेनके साथ सादी करनेका फैसला करलीया.. इसकी लीये उसे अपनी मम्मीको धोखा भी क्यु ना देना पडे.. नीलमको अपनी लाइफ सेटल होते दीख रही थी.. फीर दोनो दरवाजा बंध करते बहार आगये.. तो नीलमने अपने दुपटेसे अपना मुह ढक लीया.. ओर रुमको ताला लगाने लगी.. तबतक लखन अपना काम करते नीचे जा चुका था.. ओर अभी ओफीसमे बैठा था..

तभी नीलमने आजु बाजु नजर घुमाइ.. तो उनको खीडकीको थोडी खुली दीखाइ दी.. जीसे देखकर अ‍ेक बार तो नीलम भी गभरा गइ.. क्युकी वहा आसानीसे कोइ उन दोनोकी चुदाइ देख सकता था.. इस बारेमे नीलमने कुछ नही कहा.. ओर वो जटसे धिरेनको लेकर नीचे चली गइ.. ओर दोनो होस्टेलसे बहार नीकल गये.. तब दो आंखे उन दोनोको देखती रही.. जी हां.. ये हमारे लखन भैया ही थे..

जब वो ओफीसमे बेठे थे तब भी कीसी आवाजकी आहट सुनकर देख रहे थे.. तब नीलम ओर धिरेन आजु बाजु नजर घुमाकर उपरकी ओर जा रहे थे.. तब लखनके चहेरे पे कातील स्माइल आगइ.. ओर वो भी दबे पांव उनके पीछे चले गये थे.. ओर यहा वहा देखते उन्होने खीडकी थोडीसी खुली दीख गइ.. ओर वो अंदर जांकने लगे.. तो नीलम ओर धिरेन दोनो अपने कपडे नीकाल रहे थे..

तब लखनने अपना मोबाइल नीकाल लीया.. ओर खीडकीके पास केमेरा सेट करके विडीयो क्लीप बनाने लगे.. उसने धिरेन ओर नीलमकी पुरी चुदाइकी क्लीप बनाली.. फीर दोनोकी बाते भी रेकोर्ड करली.. फीर धिरेन ओर नीलमके रुमसे वापस बहार आनेसे पहेले.. वहासे खीसक लीये.. ओर ओफीसमे आकर दरवाजा बंध करते छुप गये.. तब नीलम ओर धिरेन भी नीचे आगये.. ओर बहार चले गये..

धिरेन ओर नीलम वापस स्कुलके गेटपे आगये.. ओर धिरेन नीलमको दो तीन दिनके बाद दुबारा मीलनेको कहेकर उसे स्कुलपे छोड देता हे.. ओर अ‍ेक बार फीर सादीका वादा करके धिरेन वहीसे सीधा अपने गांवकी ओर चला जाता हे.. तो इधर लखन भी अ‍ेक बार विडीयो क्लीप देखकर गरम होजाता हे.. तब उसे अपनी बहेन पुनमका खयाल आता हे.. ओर सृतीने उनके रोनेकी कही बातोसे उसे पुनमकी चीन्ता होने लगती हे..

कुछ सोचकर वो नीलम धिरेनकी विडीयो क्लीप पुनमको सेन्ड कर देता हे.. फीर अ‍ेक घंटेके बाद वो नीलमको लेने उनकी स्कुलपे चला जाता हे.. जब नीलम दियाके साथ स्कुलसे बहार आइ.. तब वो बहुत खुस नजर आ रही थी.. क्युकी आज पढाइके पहेले दिन ही उसने धिरेनसे अपनी प्यास बुजाली थी.. जब दोनो बहार आये तब लखन अपनी कार लेकर बहार ही खडा था.. ओर दोनो लखनके पास चली गइ..

लखन : (मुस्कुराते) नीलु.. होगइ पढाइ..? क्या ये तेरी सहेली हे..? इनसे परीचय नही करवाओगी..?

नीलम : (सरमाकर हसते) जी.. जीजु.. इनसे मीलो.. मेरी बेस्ट फ्रेन्ड दिया हे.. जो होस्टेलमे मेरी रुम पार्टनर थी.. अब वहा रुममे अकेली रहेती हे..

लखन : (मुस्कुराते हाथ मीलाते) हाय दिया.. क्या वहा अकेला तो नही लग रहा..? वरना तुम भी हमारे घरपे नीलुके साथ रहेने आजाओ.. हें..हें..हें..

दिया : (सरमाकर मुस्कुराते) नही जीजु.. मे होस्टेलमे ही ठीक हु.. आप तो वो ही होनां..? जो वहा मेडमके पास आते जाते हे.. मेने कइ बार आपको वहा देखा हे.. लेकीन ये पता नही था की आप नीलुके जीजा हो..

लखन : (मुस्कुराते) जी.. अब आपकी मेडम भी मेरी बीवी होगइ हे.. हें..हें..हें..

दिया : (आस्चर्यये हसते) क्या..? आपने मेडमसे सादी करली..? हें..हें..हें.. लेकीन वो तो उमरमे आपसे काफी बडी हे.. हें..हें..हें..

लखन : (मुस्कुराते) जी.. बडी हेतो क्या हुआ.. हम दोनो अ‍ेक दुसरेसे प्यार करते थे.. ओर हाल ही मे हम दोनोने सादी करली हे.. प्यारमे उमर नही देखी जाती.. सीर्फ दिल देखते हे.. क्युकी आपकी मेडम मुजे बहुत पसंद आ गइ थी.. हें..हें..हें..

दिया : (कातील नजरोसे हसते) वेरी इन्ट्रेस्टींग.. जीजु.. आप अच्छा मजाक कर लेते हे.. आपतो बहुत ही हेन्डसम ओर रंगीन मीजाजके हे.. हें..हें..हें.. आपको मीलकर बहुत खुसी हुइ.. चलो मे चलती हु.. अब तो मुलाकात होती ही रहेगी.. आपतो नीलुको ले गये.. तो मे अकेली पड गइ.. आज कल वही रुममे अकेली ही रहेती हु.. तो कभी नीलुको लेकर आइअ‍ेगा..

लखन : (कातील मुस्कानसे) जी.. जरुर.. आप इतना प्यारसे बुला रही हे.. तो आना ही पडेगा.. अगर नीलुको मीलनेका मन करे.. तो मुजे बोल दीजीयेगा.. मे नीलुको लेकर आजाउगा.. तो आपसे भी मुलाकात होजायेगी.. हें..हें..हें..

दिया : (कातील नजरोसे स्माइल करते) स्योर.. बाय जीजु.. हें..हें..हें..

कहेते दिया जाते जाते टेडी नजरसे लखनके पेन्टके उभारको देखने लगी.. तब उनका मुह खुलाही रेह गया.. ओर वो लखनकी ओर कातील नजरोसे देखकर मुस्कुराते जाने लगी.. तो लखन भी दियाकी नजरको पहेचान गया.. ओर वो दियाकी ओर देखते नैन नचाने लगा.. तो दिया आंखोके इसारोसे लखनको उनके पेन्टकी ओर इसारा करते हसने लगती हे.. तो लखन सब कुछ समज गया.. की लडकी बहुत चालु हे..

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लखन भी दियाकी ओर कातील स्माइल करते उनको आंख मार देता हे.. तो दिया सर्मसार होते कातील नजरोसे मुस्कुराने लगती हे.. ओर नीलमसे छुपकर फोन करनेका इसारा करते नीकल जाती हे.. ये सब देखकर आज पहेली बार नीलमको दियासे ज्वेलेसी फील होने लगी.. फीर लखन नीलमको कारमे बीठा देता हे.. ओर घरकी ओर नीकल जाता हे.. उसे घरपे जाकर आज सृतीके साथ स्कुटर लेने भी जाना था..

लखन : (कार चलाते मुस्कुराते) हां तो नीलुरानी.. कैसी रही आपके पहेले दिनकी पढाइ..?

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे मुस्कुराते) जीजु.. बहुत अच्छी रही..

लखन : (नीलुकी ओर देखते मुस्कुराते) नीलु.. तो आखीर तुमने धिरेनसे मुलाकात कर ही ली.. तभी तो इतना खुस हो.. हें..हें..हें..

नीलम : (अ‍ेक नजर डालकर सर जुकाते) जीजु.. वो.. वो.. सोरी..

लखन : (सामने देखकर मुस्कुराते) अरे.. सोरी मत बोल.. नीलु.. तु डर मत.. मेने तुम दोनोको होस्टेलमे देख लीया था.. ओर दोनोकी बाते भी सुनली.. वो तुमसे सादी करना चाहता हेनां..?

नीलम : (सर जुकाते सरमाकर) हां जीजु.. वो.. वो.. मुजसे जल्द सादी करना चाहते हे.. स्कुलपे अचानक आ गये.. तो मुलाकात होगइ.. जीजु.. प्लीज.. ये बात घरपे कीसीको मत कहेना.. वरना हंगामा होजायेगा.. ओर मम्मी मेरी पढाइ भी रुकवा देगी.. प्लीज..
 
लखन : (सामने देखकर मुस्कुराते) हंम.. ठीक हे.. नही कहुगा.. तो फीर मे तेरी मदद करुगा.. सीर्फ तेरे लीये.. तुजे हमारी सर्त तो याद हेनां..? तो फीर हमारे बारेमे तुमने क्या डीसाइड कीया..? हम आज मीले..?

नीलम : (नजर जुकाते सर्मसार होते धीरेसे) जीजु.. वो.. वो.. अभी मम्मी इधर हे.. क्या हम उनके जाने तक इन्तजार नही कर सकते..? हंम..? मुजे आपकी सभी बाते मंजुर हे.. बस.. देखना इस बारेमे कीसीको पता ना चले.. खास करके धिरेन जीजुको.. वरना मेरी जींदगी बरबाद होजायेगी..

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लखन : (मनमे खुस होते) क्यु..? बहुत प्यार करती हो धिरेनसे..? ठीक हे.. तुम फीकर मत करो.. हमारे बारेमे कीसीको पता नही चलेगा.. इसीलीये तो तुजे नीचेका कमरा दिया हे.. ताकी हमे मीलनेमे आसानी रहे.. ओर फीकर मत करो.. पुरी जींदगी धिरेनको हमारे बारेमे पता नही चलेगा.. आइ प्रोमीस.. क्या तुम भी उनसे सादी करना चाहती हेनां..?

नीलम : (थोडा चोंकते सरमा गइ) जीजु.. वो.. वो.. हां.. प्लीज.. वो बहुत जीद करते हे.. की मे उनसे सादी करलु.. ये बात कीसीको कहीयेगा नही.. खास करके मेरी मम्मीको.. वरना वो मेरी पढाइ रुकवा देगी..

लखन : (कातील मुस्कानसे) नीलु.. फीकर मत कर.. ये बात कीसीको पता नही चलेगी.. बल्की मे खुद तेरी सादी धिरेनसे करवानेमे मदद भी करुगा.. बस.. सीर्फ अ‍ेक बात याद रदना.. हम दोनोका तेरी सादीके बाद भी रीलेशन बरकरार होना चाहीये.. जब तक हम दोनो जीन्दा रहेगे.. ओर कुछ नही.. क्युकी तु मुजे बहुत अच्छी लगती हे..

नीलम : (सर्मसार होते धीरेसे) जीजु थेन्क्स.. वही होगा जो आप चाहते हो.. तो फीर मुजे आपके साथ जींदगीभर रीलेशन रखनेमे कोइ अ‍ेतराज नही हे.. जीजु.. वो.. वो आपको जडी बुटी दी हे.. तो मुजे कुछ होगा तो नही..? क्युकी आपका बहुत बडा होगया हे.. मुजे बहुत डर लग रहा हे..

धिरेन : (मुस्कुराते) क्या..? तुजे भी पता चल गया..? नही नीलु.. मे हुना..? तुजे कुछ नही होगा.. बस.. पहेली बार थोडासा मामुली दर्द होगा.. जैसे तुजे धिरेनके साथ पहेली बार मीलन करते हुआ था.. तो मे सब सम्हाल लुगा.. तुम फीकर मत कर.. बस.. अब तो तुम हम दोनोके मीलनकी तैयारीया करो.. हम दोनो खुब मजे करेगे.. धिरेनको पता भी नही चलेगा.. अब हम दोनो बहुत ही जल्द मीलेगे..

कहा तो नीलम बहुत ही सर्मसार होते कातील नजरोसे लखनकी ओर देखते मुस्कुराने लगी.. अब नीलम भी समज चुकी थी.. लखनके साथ उनको रीलेशन रखना ही पडेगा.. क्युकी लखन धिरेनसे सादीके मामलेमे उनकी मदद भी कर रहा हे.. तब नीलमको लखनके उपर बहुत प्यार आने लगा.. तो दुसरी ओर रमा भी उनका इस्तेमाल करते लखनके खानदानको ओर अपने पतीको धोखा देकर लखनसे माल नीकलवाना चाहती थी..

ओर नीलमकी सादी लखनसे करवाकर वो खुद अ‍ेसो आरामकी जींदगी जीना चाहती थी.. उपरसे लखनकी सास होकर उनके साथ रीलेशन भी रखना चाहती थी.. इसी बातपे नीलमको रमासे ज्वेलेसी होने लगी थी.. तो आज अ‍ेक बार फीर धिरेनके साथ हुइ मुलाकातके बारेमे लखनको पता चल गया था.. इसी बातसे नीलम थोडी चींतीत थी.. इसीलीये नीलमने आज कुछ सचाइ लखनको बताना उचीत लगा.. तभी..

नीलम : (सरमाकर नजरे जुकाते धीरेसे) जीजु.. मे आपसे अ‍ेक बात कहेना चाहती हु.. प्लीज.. देखना इस बारेमे धिरेन जीजुको पता ना चले.. की ये बात मैने आपको कही हे..

लखन : (नीलमकी ओर आस्चर्यसे देखते) नीलु.. कौनसी बात..? बता मुजे ये बात कीसीको पता नही चलेगी.. आइ प्रोमीस..

नीलम : (सर जुकाते धीरेसे) जीजु.. वो.. वो.. पुनम दीदीके बारेमें..

लखन : (जटसे) क्या पुनम दीदी..? नीलु.. क्या हुआ हे उनको..? कुछ हुआ हे क्या.. बता मुजे..

नीलम : (जटसे) अरे नही नही.. जीजु.. दीदीको कुछ नही हुआ.. दरसल.. वो.. वो.. धिरेन जीजु मुजसे सादी करना चाहते हे.. तो वो पुनम दीदीको जल्दसे जल्द डिवोर्स देना चाहते हे.. जीजु.. प्लीज.. ये बात कीसीको मत कहेना.. की ये सब मेने आपको कहा हे..

लखन : (मुस्कुराते) नीलु.. तुम उनकी फीकर मत करो.. वो सब मे सम्हाल लुगा.. अच्छा हुआ तुमने धिरेनकी सचाइ मुजे बतादी.. आज तुमने सचाइ बताकर लखनका दिल जीत लीया.. क्या तुम उनसे सादी करना चाहती हेना..? मे खुद तेरी सादी उनसे करवा दुगा.. जा जीले अपनी जींदगी..

नीलम : (मनमे खुस होते) जीजु.. थेन्क्स.. आइ प्रोमीस.. मे भले ही धिरेन जीजुसे सादी करलु.. लेकीन मे आपका साथ कभी नही छोडुगी..

आज दोनोने दिल खोलकर बात करली.. तब नीलम पुरे रास्ते लखनसे सरमा रही थी.. अब तो उसने भी धिरेनके साथ सादी करते लखनके साथ रीलेशनमे रहेनेका फैसला करलीया था.. ओर दोनो घरपे आगये.. तो नीलम फटाफट कारसे उतरकर सरमाती हसते हुअ‍े घरके अंदर चली गइ.. आज लखनसे बाते करते उनकी चुत बहुत गीली होचुकी थी.. क्युकी अब तो वो खुद लखनसे चुदवानेके लीये बेताब थी..

वो अंदर जाते ही अपनी बेग रखकर बाथरुममे घुस गइ.. ओर फटाफट कपडे नीकालकर नंगी होगइ.. फीर कमोडपे बैठकर अांख बंध करते लखनके बडे लंडको इमेनींग करते अपनी चुतको सहेलाने लगी.. फीर धीरेसे उंगलीको चुतमे घुसा दीया.. ओर लखन उसे चोद रहा हे.. अ‍ैसा इमेजींग करते वो आंख बंध करते जोरोसे चुतमे उंगली अंदर बहार करने लगी.. ओर कुछ ही देरमे उनकी चुतसे अ‍ेक तेज फवारा नीकल गया..

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तो दुसरी ओर पुनम ओर दया दोनो सामत भाइका सोक मनाकर वापस अपने गांव जा रही थी.. तभी पुनमके मोबाइलमे मेसेजका रींग टोन बजा.. तो पुनम अपना फोन देखने लगी.. देखा तो लखनका मेसेज आया था.. जीसे देखकर पुनम बहुत खुस होगइ.. ओर मुस्कुराते जटसे फोनके मेसेजको देखने लगी.. तो लखनने उनको अ‍ेक विडीयो क्लीप भेजी थी.. तो पुनम उसे डाउनलोड करते देखने लगी.. तो वो सोक्ट होगइ..
 
क्युकी लखनने उनको वोही होस्टेल वाली क्लीप भेजी थी जीसमे धिरेन नीलमकी चुदाइ कर रहा था.. जीसे देखकर पुनम बहुत ही सर्मसार होगइ.. ओर उसने जटसे अपना माथा पकडलीया.. तो दयाने उसे पुछा तो पुनमने दयाको भी वो क्लीप दीखाइ.. तो दया भी देखकर सरमा गइ.. फीर पुनमने अपना मोबाइल बंध कर दीया.. ओर कुछ देरतो वो धिरेनके उपर आग बबुला होने लगी.. फीर कुछ सोचकर मुस्कुराने लगी.. ओर दयाके कानमे कुछ कहेने लगी..

फीर दोनो अपने गांव पहोंच गइ.. गांव आते ही बसमेसे उतरते घरकी ओर चल पडी.. जो सामने ही कुछ दुरी पे उनका घर दीख रहा था.. तो दोनो पैदल चलते अपने घरकी जा ही रही थी तभी अचानक पुनमकी नजर अपने घरकी ओर गइ.. तो भीमाकी बीवी पायल हाथमे चाइकी कीटल लेकर उनके घरमे जा रही थी.. तो पुनम दयाका हाथ कपडकर वही रुक गइ.. ओर दयाको उंगलीसे अपने घरकी ओर दिखाने लगी.. तो..

दया : (सोक्ट होते) दीदी.. ये तो कल मुही पायल भाभी हे.. वो हमारे घरपे क्या करने जा रही हे..?

पुनम : दया बहेन जटसे अपना मोबाइल नीकालो.. सब कुछ सुट कर लेना.. लगता हे रंडी चाइके बहाने धिरेनसे चुदवानेके लीये जा रही हे.. सहेरमे कमीनी वो नीलु.. ओर यहा ये रंडी.. पता नही दोनोने इस कुतेमे क्या देखलीया हे.. दया बहेन.. आज दोनोको रंगे हाथो पकडनेका अच्छा मौका हे..

दया : (मोबाइल नीकालते) दीदी.. तब तो हमे थोडी देरके बाद जाना होगा.. क्युकी वो अभी अभी तो अंदर गइ हे.. हम पांच सात मीनीट यही इन्तजार करते हे.. क्या कहेती हो..?

पुनम : (हाथ पकडकर चलते) दया बहेन यहा नही.. हम छुपकेसे हमारे आंगनसे होते घरके पीछेकी ओर चले जायेगे.. ओर वही इन्तजार करेगे.. क्युकी नीचेकी रुमकी खीडकी बहारकी ओर हे तो सायद वही हमे कुछ दिखनेको मीले.. वरना दोनोकी बाते तो सुनही सकते हे.. चले.. ध्यान रखना कोइ आवाज ना आये..

कहेते पुनम दयाका हाथ पकडकर जटसे घरकी ओर चलने लगी.. तबतक पायल अंदर चली गइ थी.. ओर उसने घरका मेइन डोर भी बंध कर दीया था.. तो पुनम ओर दया जटसे चलकर घरके आंगनपे आगइ.. ओर आते ही दोनो धीरेसे दबेपांव घरके पीछे जाने लगी.. तभी अचानक पुनमने दयाका हाथ छोड दीया.. ओर दयाको चुप रहेनेका इसारा करते उसे घरके पीछे जानेका इसारा करने लगी..

ओर वो खुद घरके मुख्य दरवाजेकी ओर दबे पांव जाने लगी.. तो दया पीछे जाते मुडके देखने लगी.. तो पुनम दरवाजेके पास जाकर जुककर की होलसे देखने लगी.. तो अंदरका नजारा देखते चोंक गइ.. क्युकी पायल ओर धिरेन अ‍ेक दुसरेकी बाहोमे खडे थे.. ओर अ‍ेक दुसरेके होठोको चुम रहे थे.. तभी अचानक धिरेनने पायलको अपनी गोदमे उठालीया.. ओर नीचेके रुमकी ओर चल पडा..

तो पुनम जटसे दबे पांव घरके पीछेकी ओर जाने लगी.. पीछे गइ तो देखा.. दया छुपकेसे खीडमे जांक रही थी.. ओर अपना मोबाइल नीकालते खीडकीसे लगा रही थी.. तब पुनम भी दबे पांव वहा पहोच गइ.. ओर वो भी अंदर जांकनेकी कोसीस करने लगी.. देखातो धिरेन ओर पायल दोनो फटाफट अपने कपडे नीकाल रहे थे.. जब दोनो नंगे होगये तो पायलने अपने बालोके जुठेको खोल दिया..

ओर बाल खुले रखते वो बेडपे आकर पीठके बल लेट गइ.. खुले बालोमे पायल बहुत सेक्सी ओर कयामत लग रही थी.. तभी धिरेनभी अपना लंड हीलाते पायलके पैरोके बीच बैठ गया ओर लंडको पायलकी चुतपे घीसने लगा.. तो पायल आंख बंध करते सीसकारीया करने लगी.. दोनोके उपर काम वासना पुरी तराह हावी हो चुकी थी.. तभी लंड गीला होते ही धिरेनने लंडको चुतके होलमे फसा लीया.. तभी..

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पायल : (सरमाते धीरेसे) देवरजी.. पहेले जट मेरे उपर आजाओ.. ओर अपना लंड घुसादो.. मुजसे नही रहा जाता..

धिरेन : (उपर लेटते) हां भाभी.. वैसे भी हमे जल्दीसे करना पडेगा.. क्युकी पुनो ओर दया बहेन कभी भी आ सकती हे..

कहेते पायलके उपर जुकते लेट गया तो पायलने धिरेनको जोरोसे अपनी बाहोमे भीच लीया.. ओर दोनोके होठ मील गये.. जैसे दोनोको जल्दी हो.. धिरेन पागलोकी तराह पायलके होठोको ओर उनके उरोजोको चुमते मसलने लगा.. ओर अ‍ेक ही जटकेमे अपना पुरा लंड पायलकी चुतमे घुसा दीया.. तो पायल हल्केसे चीखते धिरेनको जोरोसे चुमते अपनी कमर हीलाने लगी.. जैसे उनको भी जल्दीसे चुदवानेकी पडी हो..

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ओर धिरेन भी कमर हीलाते पायलको चोदने लगा.. रुमके अंदर चुदाइका नंगा नाच होने लगा.. पायल सीसकारीया करते धिरेनको चुदवानेमे साथ देने लगी.. कुछ ही देरकी धका पैनी चुदाइके बाद पायल अकडने लगी.. ओर उसने अपनी चुतको कसाव देते धिरेनके लंडको अपनी चुतमे जकड लीया ओर धिरेनसे लीप लोक करते जडने लगी.. तो धिरेन भी बरदास्त नही करपाया..

ओर वो भी पायलके साथ जडने लगा.. दोनो ही अपने चरम सुख पे पहोंच गये.. पायलने अपने दोनो पैरसे धिरेनकी कमरपे आंटी लगाली.. ओर भारी सांसोसे धिरेनकी पीठको सहेलाती अ‍ैसे ही पडी रही.. तो धिरेन भी पायलके बुब्सपे सर रखते ढेर हो गया था.. इसी दौरान दयाने पुरी फील्म सुट करली थी.. तो पुनम भी दोनोकी चुदाइ देखकर काफी उतेजीत हो चुकी थी.. ओर दयाके पीछे खडी रहेकर अपनी चुतको सहेला रही थी.. तभी....

कन्टीन्यु
 
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my new story ye kesi anubhuti (Completed)रिस्तो मे प्यारकी अनुभुती (Ranning)
 
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