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रिस्तोमे प्यारकी अनुभुती
अध्याय - २१५
ओर वो भी पायलके साथ जडने लगा.. दोनो ही अपने चरम सुख पे पहोंच गये.. पायलने अपने दोनो पैरसे धिरेनकी कमरपे आंटी लगाली.. ओर भारी सांसोसे धिरेनकी पीठको सहेलाती अैसे ही पडी रही.. तो धिरेन भी पायलके बुब्सपे सर रखते ढेर हो गया था.. इसी दौरान दयाने पुरी फील्म सुट करली थी.. तो पुनम भी दोनोकी चुदाइ देखकर काफी उतेजीत हो चुकी थी.. ओर दयाके पीछे खडी रहेकर अपनी चुतको सहेला रही थी.. तभी.... अब आगे
दया : (सरमाकर मुस्कुराते धीरेसे) दीदी.. दोनोका सुटींग हो गया..
पुनम : (धीरेसे कानमे) दया बहेन चलो अंदर.. आज दोनोको रंगे हाथ पकडनेका अच्छा मौका हे.. अैसा मौका बार बार नही मीलता.. आप इस क्लीपको मेरे फोनपे सेन्ड करदो.. चलो..
दया : (हाथ पकडकर थोडी दुर लेजाते धीरेसे) नही दीदी.. अभी पकडेगे तो बडा हंगामा होजायेगा.. हमे दिमागसे काम लेना हे.. अगर जगडा बढ गया तो हमे रातको ही वापस जाना होगा.. ओर बडे भैया ओर लखन भैया भी नही हे.. तो रातको अकेले जाना ठीक नही हे.. हम जैसे भी करते आजकी रात नीकालते हे.. आप जीजुको सुबह ये क्लीप दीखाकर बात कर लेना.. तबतक हो सकता हे सुबह तक लखन भैयासे भी बात होजाये..
पुनम : (मुस्कुराते) हां दया बहेन.. बात तो आपकी सही हे.. ये लखन भैयासे बात करनेका अच्छा मौका हे.. हम अैसा ही करेगे.. तो फीर अभी तो हमे इस कुतीयाको जाना देना पडेगा.. हम धिरेनको सुबह ही नीपट लेगे.. दया बहेन.. आज रात आप हमारा बोरीया बीस्तरा बांधलो.. हो सकता हे हमे सुबह ये घरको छोडना पडेगा..
दया : (मुस्कुराते धीरेसे) दीदी.. आपकोतो सबकुछ पता चल जाता हे.. क्या सचमे सुबह आप जीजुसे अलग होजायेगी..?
पुनम : (मुस्कुराते) हां दया बहेन.. मेरी मंजील यहा धिरेन नही हे.. लेकीन हम इतनी जल्दी अलग हो जायेगे इतनी उमीद नही थी..
दया
मुस्कुराते) दीदी.. तो फीर हमे थोडी देर यहा वेइट करना पडेगा..
कहातो पुनम वापस धीरेसे दबे पाव खीडकीके पास चली गइ.. ओर अंदर छुपकेसे जांकने लगी.. तो पायल खडी रहेकर अपना पेटीकोट पहेनकर ब्लाउस पहेन रही थी.. तब धिरेन अपने कपडे पहेनते उनके पीछे चला गया.. ओर पीछेसे ही पायलको अपनी बाहोमे भरलीया ओर उनके गलेको चुमने लगा.. तो पायल मदहोस होते सरमाकर मुस्कुराने लगी.. ओर ब्लाउसके बटन बंध करके धिरेनकी ओर पलटकर उनकी बाहोमे समा गइ..
पायल : (होंठ चुमते) जानु.. मत छेडोना.. फीर मुजसे रहा नही जायेगा.. ओर अभी आपकी बीवी भी आजायेगी..
धिरेन : नही डार्लींग.. अब आजाये तो भी उनसे डरनेकी जरुरत नही हे.. क्युकी मे उनको डिवोर्स दे रहा हु..
पायल : (चोंकते) अरे..? पागल होगये हो क्या..? कीतनी खुबसुरत बीवी मीली हे आपको..? कही ये सब आप मेरे लीये तो नही कर रहे..? देखना बाबा अगर आपके भाइको पता चला तो वो तो मुजे जानसे मार देगे..
धिरेन : (मुस्कुराते गाल चुमते) अरे नही नही भाभी.. आप गलत समज रही हे.. मे ये सब आपके लीये नही कर रहा.. बीवी अगर खुबसुरत होती हे तो भी कुछ नही होता.. अैसा प्यार भीतो मीलना चाहीये जो मुजे आपसे मीलता हे.. (थोडा जुठ बोलते) मुजे पता हे.. आप भीमा भाइको नही छोड सकती.. वरना मे आपसे ही सादी कर लेता.. हें..हें..हें..
पायल : (सरमाते धीरेसे) हटो पागल.. अगर पहेले मीले होते तो मे जरुर आपसे सादी करलेती.. देवरजी.. देवरानी कीतनी खुबसुरत ओर अच्छी हे.. कीसी अप्सरासे कम नही लगती.. तो फीर आप उसे क्यु छोडना चाहते हो..? मुजे नही लखता वो आपको प्यार नही देती होगी.. दोनोके बीच जमती नही हे क्या..? की उनका कही ओर चकर हे..?
धिरेन : (मुस्कुराते) हां भाभी.. यही समजलो.. क्युकी वो मुजे ज्यादा सेक्स नही करने देती.. मुजे लगता हे वो कीसी ओरको प्यार करती हे.. ओर उसने मुजसे कीसी मजबुरीमे सादी की हे.. मुजे तो सक हे अभी जो उनके पेटमे बच्चा पल रहा हे.. सायद वो भी मेरा नही हे..
पायल : (सोक्ट होते) देवरजी.. ये आप क्या अनाप सनाप बोल रहे हे..? मेरी देवरानी अैसी दिखती तो नही हे..? सायद आपको कुछ गलत फेहमी हे.. ओर अगर वो प्रेगनेन्ट हे.. तो फीर वो आपको डिवोर्स क्यु देगी..?
अध्याय - २१५
ओर वो भी पायलके साथ जडने लगा.. दोनो ही अपने चरम सुख पे पहोंच गये.. पायलने अपने दोनो पैरसे धिरेनकी कमरपे आंटी लगाली.. ओर भारी सांसोसे धिरेनकी पीठको सहेलाती अैसे ही पडी रही.. तो धिरेन भी पायलके बुब्सपे सर रखते ढेर हो गया था.. इसी दौरान दयाने पुरी फील्म सुट करली थी.. तो पुनम भी दोनोकी चुदाइ देखकर काफी उतेजीत हो चुकी थी.. ओर दयाके पीछे खडी रहेकर अपनी चुतको सहेला रही थी.. तभी.... अब आगे
दया : (सरमाकर मुस्कुराते धीरेसे) दीदी.. दोनोका सुटींग हो गया..
पुनम : (धीरेसे कानमे) दया बहेन चलो अंदर.. आज दोनोको रंगे हाथ पकडनेका अच्छा मौका हे.. अैसा मौका बार बार नही मीलता.. आप इस क्लीपको मेरे फोनपे सेन्ड करदो.. चलो..
दया : (हाथ पकडकर थोडी दुर लेजाते धीरेसे) नही दीदी.. अभी पकडेगे तो बडा हंगामा होजायेगा.. हमे दिमागसे काम लेना हे.. अगर जगडा बढ गया तो हमे रातको ही वापस जाना होगा.. ओर बडे भैया ओर लखन भैया भी नही हे.. तो रातको अकेले जाना ठीक नही हे.. हम जैसे भी करते आजकी रात नीकालते हे.. आप जीजुको सुबह ये क्लीप दीखाकर बात कर लेना.. तबतक हो सकता हे सुबह तक लखन भैयासे भी बात होजाये..
पुनम : (मुस्कुराते) हां दया बहेन.. बात तो आपकी सही हे.. ये लखन भैयासे बात करनेका अच्छा मौका हे.. हम अैसा ही करेगे.. तो फीर अभी तो हमे इस कुतीयाको जाना देना पडेगा.. हम धिरेनको सुबह ही नीपट लेगे.. दया बहेन.. आज रात आप हमारा बोरीया बीस्तरा बांधलो.. हो सकता हे हमे सुबह ये घरको छोडना पडेगा..
दया : (मुस्कुराते धीरेसे) दीदी.. आपकोतो सबकुछ पता चल जाता हे.. क्या सचमे सुबह आप जीजुसे अलग होजायेगी..?
पुनम : (मुस्कुराते) हां दया बहेन.. मेरी मंजील यहा धिरेन नही हे.. लेकीन हम इतनी जल्दी अलग हो जायेगे इतनी उमीद नही थी..
दया
कहातो पुनम वापस धीरेसे दबे पाव खीडकीके पास चली गइ.. ओर अंदर छुपकेसे जांकने लगी.. तो पायल खडी रहेकर अपना पेटीकोट पहेनकर ब्लाउस पहेन रही थी.. तब धिरेन अपने कपडे पहेनते उनके पीछे चला गया.. ओर पीछेसे ही पायलको अपनी बाहोमे भरलीया ओर उनके गलेको चुमने लगा.. तो पायल मदहोस होते सरमाकर मुस्कुराने लगी.. ओर ब्लाउसके बटन बंध करके धिरेनकी ओर पलटकर उनकी बाहोमे समा गइ..
पायल : (होंठ चुमते) जानु.. मत छेडोना.. फीर मुजसे रहा नही जायेगा.. ओर अभी आपकी बीवी भी आजायेगी..
धिरेन : नही डार्लींग.. अब आजाये तो भी उनसे डरनेकी जरुरत नही हे.. क्युकी मे उनको डिवोर्स दे रहा हु..
पायल : (चोंकते) अरे..? पागल होगये हो क्या..? कीतनी खुबसुरत बीवी मीली हे आपको..? कही ये सब आप मेरे लीये तो नही कर रहे..? देखना बाबा अगर आपके भाइको पता चला तो वो तो मुजे जानसे मार देगे..
धिरेन : (मुस्कुराते गाल चुमते) अरे नही नही भाभी.. आप गलत समज रही हे.. मे ये सब आपके लीये नही कर रहा.. बीवी अगर खुबसुरत होती हे तो भी कुछ नही होता.. अैसा प्यार भीतो मीलना चाहीये जो मुजे आपसे मीलता हे.. (थोडा जुठ बोलते) मुजे पता हे.. आप भीमा भाइको नही छोड सकती.. वरना मे आपसे ही सादी कर लेता.. हें..हें..हें..
पायल : (सरमाते धीरेसे) हटो पागल.. अगर पहेले मीले होते तो मे जरुर आपसे सादी करलेती.. देवरजी.. देवरानी कीतनी खुबसुरत ओर अच्छी हे.. कीसी अप्सरासे कम नही लगती.. तो फीर आप उसे क्यु छोडना चाहते हो..? मुजे नही लखता वो आपको प्यार नही देती होगी.. दोनोके बीच जमती नही हे क्या..? की उनका कही ओर चकर हे..?
धिरेन : (मुस्कुराते) हां भाभी.. यही समजलो.. क्युकी वो मुजे ज्यादा सेक्स नही करने देती.. मुजे लगता हे वो कीसी ओरको प्यार करती हे.. ओर उसने मुजसे कीसी मजबुरीमे सादी की हे.. मुजे तो सक हे अभी जो उनके पेटमे बच्चा पल रहा हे.. सायद वो भी मेरा नही हे..
पायल : (सोक्ट होते) देवरजी.. ये आप क्या अनाप सनाप बोल रहे हे..? मेरी देवरानी अैसी दिखती तो नही हे..? सायद आपको कुछ गलत फेहमी हे.. ओर अगर वो प्रेगनेन्ट हे.. तो फीर वो आपको डिवोर्स क्यु देगी..?