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- Dec 5, 2013
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Part 57 Mehul….bhai बस कुछ दिन और इन बंद आँखों के साथ. फिर मेरी शर्म पूरी तरह से उतर जाएगी.
Rohan…muskurakar…koi बात नहीं दीदी अब तो इंज़ार है कब ये (लुंड पर हाथ फेरते हुए) आपका छोटा भाई अपनी छोटी बहिन (दीदी की छूट) से मिलान करेगा.
Mehul…muskurakar… मुझे भी इंतज़ार है इस बात का भाई. अच्छा अब जल्दी से अपने कपडे उतर दो.
कहते हुए मेहुल अपने कपडे उतरने लगती है. और दो मिनट में hi अपने सरे कपडे उतर देती है. रोहन को तो इससे भी काम समय लगता है. मेहुल रोहन के गले लग कर सबसे पहले उसके होंठों पर होंठ रखकर उनका रसपान करने लगती है.
रोहन भी अपनी दीदी की गांड को अपने दोनों हाथों से पकड़कर मसलने लगता है. और उसे अपनी और खींचकर अपने खड़े हो रहे लुंड को उसकी छूट पर रगड़ने लगता है. दोनों hi वासना के सागर में घुस चुके थे और गोते लगाने को तैयार थे.
मेहुल को इतने दिनों बाद ये सुख मिल रहा था. मन में तो वो निश्चय कर hi चुकी थी के अपने भाई को अपनी छूट थाली में परोस कर देगी पर अभी उसने एनिवर्सरी से पहले ये विचार इसलिए त्याग दिया था के कहीं उसकी छूट की अच्छी सर्विस हो गयी तो वो दो तीन दिन चलने फिरने के काबिल नहीं रहेगी. सो वो प्लान बना रही थी एनिवर्सरी के बाद का जब उसके मम्मी पापा ट्रिप पर जायेंगे उस दौरान.
रोहन अपनी दीदी को लेकर निचे बिछे कालीन पर hi लेट जाता है और जैसे वो खड़े होकर जो भी कर रहे थे वही सब वो लेटकर करने लगता है. रोहन अपनी दीदी के ऊपर था और उसकी छूट पर अपना लुंड घिस रहा था. और अपने दोनों हाथों से उसने अब मेहुल के दोनों बूब्स दबाने शुरू कर दिए. दोनों के होंठों ने लिप लॉक किया हुआ था. ऐसे उन्होंने अपने आज के सेक्स की शुरुआत की.
रोहन के लुंड और मेहुल की छूट में से पानी निकलने लगा था. और अब इन दोनों जगहों को सर्विस की जरुरत थी तो रोहन बोलता है दीदी अब तुम ऊपर आओ और अपनी छूट को मेरे मुँह पर रखकर मेरे लुंड को चुसो. यानि के सीधी भाषा में उसने अपनी दीदी को 69 की पोजीशन बनाने को बोलै.
मेहुल ने आज्ञाकारी बचे की तरह उठकर साथ में लेते रोहन के मुँह को टारगेट करके अपनी छूट को उसके ठीक ऊपर सेट किया और उसके लुंड पर झुककर उसने तुरंत उसके सुपडे पर किश करना शुरू कर दिया.
रोहन ने भी शुरुआत करते हुए पहले ऊँगली से मेहुल की छूट को कुरेदना शुरू किया उसके निकल रहे हलके हलके रास को सुडुप सुडुप करके चूसने लगा और फिर जल्द hi उसने अपनी जीभ को उसकी छूट पर फेरना शुरू कर दिया. मेहुल ने आनंद से अपनी ऑंखें बंद कर ली.
उत्तेजना ने दोनों पर hi अपना कब्ज़ा जमाना शुरू कर दिया था. और दोनों hi लग गए थे एक दुसरे को संतुष्टि देने. 69 की पोजीशन इतनी बढ़िया होती है के दो लोगों को एक साथ पूरा मज़ा मिल रहा होता है. सुडुप सुडुप कर मेहुल रोहन के लुंड पर अपना मुँह आगे पीछे कर रही थी. उसके गर्म गर्म मुँह का स्पर्श रोहन की जान निकल रहा था और वो इस वजह से दुगुने उत्साह के साथ अपनी जीभ को सख्त कर मेहुल की छूट को चाट रहा था. इस तरह दोनों hi सुख के सागर में डूबे हुए थे.
रोहन को अपने पेट पर मेहुल के उभारों की डोडियन (निप्पल्स) चुभते से महसूस हो रहे थे यानि ये लड़की उत्तेजना के शिखर पर थी और वो निप्पल्स का स्पर्श रोहन को एक और hi दुनिया में ले जा रहा था.
इस तरह दोनों hi पूरी मस्ती में डूबे इस खेल का भरपूर लुत्फ़ उठा रहे थे के मेहुल की योनि में से पानी निकलना शुरू हो गया और उसके कुछ देर बाद रोहन के लुंड ने पानी की बारिश शुरू कर दी. दोनों बहिन भाई एक दुसरे का पानी इस तरह से पी गए जैसे जन्म जन्मांतर के प्यासे हों.
फिर उसके बाद दोनों वही कालीन पर ढेर हो गए. मेहुल उठकर अपने भाई के सर की तरफ सर करके लेट गयी. कुछ देर बाद जब रोहन में एनर्जी वापिस आयी तो वो मेहुल की और करवट लेकर बैठ गया और अपनी एक तंग कुछ इस तरह से मेहुल की टैंगो पर राखी के रोहन की जांघ का कुछ हिस्सा मेहुल की छूट पर आ रहा था. मेहुल की छूट में तो फिर से किडियन लड़ने लगी.
रोहन ने एक हाथ मेहुल की गर्दन के नीचे और दुसरे हाथ से उसकी चूचियों की मसलते हुए bola…to दीदी कैसा लगा आपको ये खेल.
Mehul…muskurakar…apne भाई के साथ तो मुझे इतना मज़ा आता है के लगता hi नहीं ये मेरा भाई है ऐसा लगता है मेरा लवर है ये.
Rohan…uski एक चुकी को चूमते hue…to भाई के साथ साथ आपका लवर भी तो हूँ दीदी. कितना तो लव करता हूँ आपको.
Mehul…muskurakar…haan भाई. सच कह रहे हो. सॉरी भाई मैंने आपको इतना टाइम सुख से वंचित रखा. पर अब और नहीं.
रोहन bola…koi बात नहीं दीदी, अच्छा अब आप कहीं इधर उधर हो जाओ कुछ देर के लिए. क्यूंकि मुझे बाथरूम जाना है. कपडे साथ hi ले जाना पर पहनना नहीं. क्यूंकि एक राउंड और लगाएंगे अभी.
मेहुल मुस्कुराकर. ठीक है भाई. बोलकर अपने कपडे लेकर कीतचने में घुस जाती है और रोहन लोअर पहनकर बाथरूम में घुस जाता है. वो टॉयलेट सीट पर बैठता है तो उसे लोअर में फ़ोन महसूस होता है. फ़ोन निकलकर वो ऐसे hi घर के बहार कक्तव कैमरा की वीडियो ों करता है तो देखकर हक्का बक्का रह जाता है, उसकी अनु बुआ की गाड़ी आकर रुकी थी. मतलब उसके पास दो मिनट का भी टाइम नहीं था.
उसने फटाफट खुद को धोया, टीशर्ट पहनी और रेडी था दरवाजा खोलने के लिए. इससे पहले वो आवाज़ देकर मेहुल को कपडे पहनाने को बोल चूका था. एक मिनट में घंटी बजी और रोहन ने जाकर दरवाजा खोला. मेहुल वहीँ किचन में कपडे पहनकर काम करने का ड्रामा करने लगी.
अनु बुआ आई तो रोहन ने उसे नमस्ते बोलकर उनका घर में स्वागत किया. मैंने मेहुल को आवाज़ देकर bola…mehul देखो तो कौन आया है. मेहुल को पता तो था कौन आया है वो किचन से बहार आकर boli…arey वह अनु बुआ, नमस्ते अनु बुआ.
Anu…khush रहो बचे. वैसे तुम दोनों को कई बार बोलै है के मुझे दीदी hi बोलै करो.
Rohan…socha अब इसको थोड़ा टाइट किया जाये बहुत सख्त बनती है न. बुआ अपने पेअर छूने से मन करके नमस्ते बोलने को बोलै तो हमने आपकी बात मान ली. पर क्या रिश्ते बदल सकते हैं कभी? छोटी हो या बड़ी आप हो तो मेरी बुआ hi न. इसलिए बुआ तो हम बोलेंगे आपको.
Anu…uske सर पर हल्का सा मरती hui…mera भतीजा अब बड़ा और समझदार हो गया है तू तो. और स्माइल करती हुई रोहन को सीने से लगा लेती है. रोहन तो पहले से दुसरे राउंड के लिए रेडी था अनु के बूब्स के स्पर्श की वजह से उसने एक झटका सा मारा तो अनु ने उसे अलग करते हुए अपने दूर करके bola…wakai तू बड़ा हो गया है रोहन.
मेहुल कुछ कुछ समझ चुकी थी वो मुँह पर हाथ रखकर हंसने लगती है अनु के ऐसा कहने से.
अनु उसे देखकर बोलती hai…tujhe क्या दिख गया मेहुल जो ऐसे हंस रही है.
मेहुल को पता था ये बुआ पूरी हरी मिर्ची है. इसे छेड़ना नहीं चाहिए फिर भी जानबूझकर छेड़ते हुए boli…dikha नहीं बुआ, महसूस हुआ.
अब तो अनु को भी समझ आ गयी के ये लड़की मुझे छेड़ रही है तो वो चिढ़कर boli…tum दोनों बहिन भाई बहुत बिगड़ गए हो. लगता है सुधारना पड़ेगा तुम लोगों को.
दोनों चुप कर जाते हैं क्यूंकि अभी चुप रहने में hi भलाई थी. फिर रोहन अनु का सूटकेस पकड़कर अपने मम्मी पापा वाले रूम के बगल वाले रूम में लेजाकर रख देता है और दीदी को सोफे पर बिठाकर मेहुल को बोलता hai…jao बुआ के लिए पानी लाओ.
मेहुल ट्रे में पानी का गिलास ले आती है. और चाय के लिए पूछती है. तो अनु बोलती hai…teeno के लिए बना लो न. मैं अकेली थोड़ी पियूँगी.
ज्यादा बहस न करती हुई मेहुल किचन में चली जाती है और तीन कप चाय के साथ बिस्कुट नमकीन लेकर आती है. अनु चाय पीते पीते दोनों को पूछती है.
अनु ….तो तुम दोनों अभी क्या कर रहे हो?
Rohan…bua मुझे गोवत जॉब मिल गयी है और मैं जल्द hi ज्वाइन करने जा रहा हूँ.
Anu…good और तुम मेहुल.
Mehul…abhi तो कुछ नहीं कर रही थी बुआ. सोच रही हूँ पोस्ट ग्रेजुएशन कर लू.
Anu…to इसमें सोचना कैसा. कर दो शुरू.
Mehul…ji bua…bas इतना hi बोलै उसने सोचा इसे तो थे पॉइंट hi जवाब देना चाहिए.
रोहन अनु से बोलै आपको आराम करना है तो कर लीजिये बुआ.
Anu…arey नहीं मैं दिन में आराम नहीं करती. तुम दोनों को करना है तो कर लो उतनी देर मैं एक केस स्टडी कर लेती हूँ.
Rohan…jaise आपको ठीक लगे बुआ. वो दरअसल पूछने लगा था के आज कैसे आई वो भी सूटकेस लेकर पर मजाल है पूछ पता. फिर सोचा एनिवर्सरी के लिए आई होगी पर उसमे अभी तीन दिन बाकि हैं.
अभी वो सोच hi रहा था के इसके मम्मी पापा चाचा चची और रूही आ जाते हैं. अनु को देखकर सभी खुश हो जाते हैं.
रूही अनु को नमस्ते करके उसके सीने से लग जाती है.
रोहित बोलता hai…anu बहुत अच्छा किया जो तू पहले hi आ गयी.
Anu…muskura kar..haanji भाई वो कोर्ट की छुट्टियां चल रही हैं तो सोचा के पहले hi चली जॉन कुछ काम भी करवा दूंगी.
फिर वो सबके गले से मिलती है और सभी बैठकर बातें करने लगते हैं.
Rohan…muskurakar…koi बात नहीं दीदी अब तो इंज़ार है कब ये (लुंड पर हाथ फेरते हुए) आपका छोटा भाई अपनी छोटी बहिन (दीदी की छूट) से मिलान करेगा.
Mehul…muskurakar… मुझे भी इंतज़ार है इस बात का भाई. अच्छा अब जल्दी से अपने कपडे उतर दो.
कहते हुए मेहुल अपने कपडे उतरने लगती है. और दो मिनट में hi अपने सरे कपडे उतर देती है. रोहन को तो इससे भी काम समय लगता है. मेहुल रोहन के गले लग कर सबसे पहले उसके होंठों पर होंठ रखकर उनका रसपान करने लगती है.
रोहन भी अपनी दीदी की गांड को अपने दोनों हाथों से पकड़कर मसलने लगता है. और उसे अपनी और खींचकर अपने खड़े हो रहे लुंड को उसकी छूट पर रगड़ने लगता है. दोनों hi वासना के सागर में घुस चुके थे और गोते लगाने को तैयार थे.
मेहुल को इतने दिनों बाद ये सुख मिल रहा था. मन में तो वो निश्चय कर hi चुकी थी के अपने भाई को अपनी छूट थाली में परोस कर देगी पर अभी उसने एनिवर्सरी से पहले ये विचार इसलिए त्याग दिया था के कहीं उसकी छूट की अच्छी सर्विस हो गयी तो वो दो तीन दिन चलने फिरने के काबिल नहीं रहेगी. सो वो प्लान बना रही थी एनिवर्सरी के बाद का जब उसके मम्मी पापा ट्रिप पर जायेंगे उस दौरान.
रोहन अपनी दीदी को लेकर निचे बिछे कालीन पर hi लेट जाता है और जैसे वो खड़े होकर जो भी कर रहे थे वही सब वो लेटकर करने लगता है. रोहन अपनी दीदी के ऊपर था और उसकी छूट पर अपना लुंड घिस रहा था. और अपने दोनों हाथों से उसने अब मेहुल के दोनों बूब्स दबाने शुरू कर दिए. दोनों के होंठों ने लिप लॉक किया हुआ था. ऐसे उन्होंने अपने आज के सेक्स की शुरुआत की.
रोहन के लुंड और मेहुल की छूट में से पानी निकलने लगा था. और अब इन दोनों जगहों को सर्विस की जरुरत थी तो रोहन बोलता है दीदी अब तुम ऊपर आओ और अपनी छूट को मेरे मुँह पर रखकर मेरे लुंड को चुसो. यानि के सीधी भाषा में उसने अपनी दीदी को 69 की पोजीशन बनाने को बोलै.
मेहुल ने आज्ञाकारी बचे की तरह उठकर साथ में लेते रोहन के मुँह को टारगेट करके अपनी छूट को उसके ठीक ऊपर सेट किया और उसके लुंड पर झुककर उसने तुरंत उसके सुपडे पर किश करना शुरू कर दिया.
रोहन ने भी शुरुआत करते हुए पहले ऊँगली से मेहुल की छूट को कुरेदना शुरू किया उसके निकल रहे हलके हलके रास को सुडुप सुडुप करके चूसने लगा और फिर जल्द hi उसने अपनी जीभ को उसकी छूट पर फेरना शुरू कर दिया. मेहुल ने आनंद से अपनी ऑंखें बंद कर ली.
उत्तेजना ने दोनों पर hi अपना कब्ज़ा जमाना शुरू कर दिया था. और दोनों hi लग गए थे एक दुसरे को संतुष्टि देने. 69 की पोजीशन इतनी बढ़िया होती है के दो लोगों को एक साथ पूरा मज़ा मिल रहा होता है. सुडुप सुडुप कर मेहुल रोहन के लुंड पर अपना मुँह आगे पीछे कर रही थी. उसके गर्म गर्म मुँह का स्पर्श रोहन की जान निकल रहा था और वो इस वजह से दुगुने उत्साह के साथ अपनी जीभ को सख्त कर मेहुल की छूट को चाट रहा था. इस तरह दोनों hi सुख के सागर में डूबे हुए थे.
रोहन को अपने पेट पर मेहुल के उभारों की डोडियन (निप्पल्स) चुभते से महसूस हो रहे थे यानि ये लड़की उत्तेजना के शिखर पर थी और वो निप्पल्स का स्पर्श रोहन को एक और hi दुनिया में ले जा रहा था.
इस तरह दोनों hi पूरी मस्ती में डूबे इस खेल का भरपूर लुत्फ़ उठा रहे थे के मेहुल की योनि में से पानी निकलना शुरू हो गया और उसके कुछ देर बाद रोहन के लुंड ने पानी की बारिश शुरू कर दी. दोनों बहिन भाई एक दुसरे का पानी इस तरह से पी गए जैसे जन्म जन्मांतर के प्यासे हों.
फिर उसके बाद दोनों वही कालीन पर ढेर हो गए. मेहुल उठकर अपने भाई के सर की तरफ सर करके लेट गयी. कुछ देर बाद जब रोहन में एनर्जी वापिस आयी तो वो मेहुल की और करवट लेकर बैठ गया और अपनी एक तंग कुछ इस तरह से मेहुल की टैंगो पर राखी के रोहन की जांघ का कुछ हिस्सा मेहुल की छूट पर आ रहा था. मेहुल की छूट में तो फिर से किडियन लड़ने लगी.
रोहन ने एक हाथ मेहुल की गर्दन के नीचे और दुसरे हाथ से उसकी चूचियों की मसलते हुए bola…to दीदी कैसा लगा आपको ये खेल.
Mehul…muskurakar…apne भाई के साथ तो मुझे इतना मज़ा आता है के लगता hi नहीं ये मेरा भाई है ऐसा लगता है मेरा लवर है ये.
Rohan…uski एक चुकी को चूमते hue…to भाई के साथ साथ आपका लवर भी तो हूँ दीदी. कितना तो लव करता हूँ आपको.
Mehul…muskurakar…haan भाई. सच कह रहे हो. सॉरी भाई मैंने आपको इतना टाइम सुख से वंचित रखा. पर अब और नहीं.
रोहन bola…koi बात नहीं दीदी, अच्छा अब आप कहीं इधर उधर हो जाओ कुछ देर के लिए. क्यूंकि मुझे बाथरूम जाना है. कपडे साथ hi ले जाना पर पहनना नहीं. क्यूंकि एक राउंड और लगाएंगे अभी.
मेहुल मुस्कुराकर. ठीक है भाई. बोलकर अपने कपडे लेकर कीतचने में घुस जाती है और रोहन लोअर पहनकर बाथरूम में घुस जाता है. वो टॉयलेट सीट पर बैठता है तो उसे लोअर में फ़ोन महसूस होता है. फ़ोन निकलकर वो ऐसे hi घर के बहार कक्तव कैमरा की वीडियो ों करता है तो देखकर हक्का बक्का रह जाता है, उसकी अनु बुआ की गाड़ी आकर रुकी थी. मतलब उसके पास दो मिनट का भी टाइम नहीं था.
उसने फटाफट खुद को धोया, टीशर्ट पहनी और रेडी था दरवाजा खोलने के लिए. इससे पहले वो आवाज़ देकर मेहुल को कपडे पहनाने को बोल चूका था. एक मिनट में घंटी बजी और रोहन ने जाकर दरवाजा खोला. मेहुल वहीँ किचन में कपडे पहनकर काम करने का ड्रामा करने लगी.
अनु बुआ आई तो रोहन ने उसे नमस्ते बोलकर उनका घर में स्वागत किया. मैंने मेहुल को आवाज़ देकर bola…mehul देखो तो कौन आया है. मेहुल को पता तो था कौन आया है वो किचन से बहार आकर boli…arey वह अनु बुआ, नमस्ते अनु बुआ.
Anu…khush रहो बचे. वैसे तुम दोनों को कई बार बोलै है के मुझे दीदी hi बोलै करो.
Rohan…socha अब इसको थोड़ा टाइट किया जाये बहुत सख्त बनती है न. बुआ अपने पेअर छूने से मन करके नमस्ते बोलने को बोलै तो हमने आपकी बात मान ली. पर क्या रिश्ते बदल सकते हैं कभी? छोटी हो या बड़ी आप हो तो मेरी बुआ hi न. इसलिए बुआ तो हम बोलेंगे आपको.
Anu…uske सर पर हल्का सा मरती hui…mera भतीजा अब बड़ा और समझदार हो गया है तू तो. और स्माइल करती हुई रोहन को सीने से लगा लेती है. रोहन तो पहले से दुसरे राउंड के लिए रेडी था अनु के बूब्स के स्पर्श की वजह से उसने एक झटका सा मारा तो अनु ने उसे अलग करते हुए अपने दूर करके bola…wakai तू बड़ा हो गया है रोहन.
मेहुल कुछ कुछ समझ चुकी थी वो मुँह पर हाथ रखकर हंसने लगती है अनु के ऐसा कहने से.
अनु उसे देखकर बोलती hai…tujhe क्या दिख गया मेहुल जो ऐसे हंस रही है.
मेहुल को पता था ये बुआ पूरी हरी मिर्ची है. इसे छेड़ना नहीं चाहिए फिर भी जानबूझकर छेड़ते हुए boli…dikha नहीं बुआ, महसूस हुआ.
अब तो अनु को भी समझ आ गयी के ये लड़की मुझे छेड़ रही है तो वो चिढ़कर boli…tum दोनों बहिन भाई बहुत बिगड़ गए हो. लगता है सुधारना पड़ेगा तुम लोगों को.
दोनों चुप कर जाते हैं क्यूंकि अभी चुप रहने में hi भलाई थी. फिर रोहन अनु का सूटकेस पकड़कर अपने मम्मी पापा वाले रूम के बगल वाले रूम में लेजाकर रख देता है और दीदी को सोफे पर बिठाकर मेहुल को बोलता hai…jao बुआ के लिए पानी लाओ.
मेहुल ट्रे में पानी का गिलास ले आती है. और चाय के लिए पूछती है. तो अनु बोलती hai…teeno के लिए बना लो न. मैं अकेली थोड़ी पियूँगी.
ज्यादा बहस न करती हुई मेहुल किचन में चली जाती है और तीन कप चाय के साथ बिस्कुट नमकीन लेकर आती है. अनु चाय पीते पीते दोनों को पूछती है.
अनु ….तो तुम दोनों अभी क्या कर रहे हो?
Rohan…bua मुझे गोवत जॉब मिल गयी है और मैं जल्द hi ज्वाइन करने जा रहा हूँ.
Anu…good और तुम मेहुल.
Mehul…abhi तो कुछ नहीं कर रही थी बुआ. सोच रही हूँ पोस्ट ग्रेजुएशन कर लू.
Anu…to इसमें सोचना कैसा. कर दो शुरू.
Mehul…ji bua…bas इतना hi बोलै उसने सोचा इसे तो थे पॉइंट hi जवाब देना चाहिए.
रोहन अनु से बोलै आपको आराम करना है तो कर लीजिये बुआ.
Anu…arey नहीं मैं दिन में आराम नहीं करती. तुम दोनों को करना है तो कर लो उतनी देर मैं एक केस स्टडी कर लेती हूँ.
Rohan…jaise आपको ठीक लगे बुआ. वो दरअसल पूछने लगा था के आज कैसे आई वो भी सूटकेस लेकर पर मजाल है पूछ पता. फिर सोचा एनिवर्सरी के लिए आई होगी पर उसमे अभी तीन दिन बाकि हैं.
अभी वो सोच hi रहा था के इसके मम्मी पापा चाचा चची और रूही आ जाते हैं. अनु को देखकर सभी खुश हो जाते हैं.
रूही अनु को नमस्ते करके उसके सीने से लग जाती है.
रोहित बोलता hai…anu बहुत अच्छा किया जो तू पहले hi आ गयी.
Anu…muskura kar..haanji भाई वो कोर्ट की छुट्टियां चल रही हैं तो सोचा के पहले hi चली जॉन कुछ काम भी करवा दूंगी.
फिर वो सबके गले से मिलती है और सभी बैठकर बातें करने लगते हैं.