Incest Story - Didi Ki Chinta - Page 7 - SexBaba
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Incest Story - Didi Ki Chinta

Part 57 Mehul….bhai बस कुछ दिन और इन बंद आँखों के साथ. फिर मेरी शर्म पूरी तरह से उतर जाएगी.

Rohan…muskurakar…koi बात नहीं दीदी अब तो इंज़ार है कब ये (लुंड पर हाथ फेरते हुए) आपका छोटा भाई अपनी छोटी बहिन (दीदी की छूट) से मिलान करेगा.

Mehul…muskurakar… मुझे भी इंतज़ार है इस बात का भाई. अच्छा अब जल्दी से अपने कपडे उतर दो.

कहते हुए मेहुल अपने कपडे उतरने लगती है. और दो मिनट में hi अपने सरे कपडे उतर देती है. रोहन को तो इससे भी काम समय लगता है. मेहुल रोहन के गले लग कर सबसे पहले उसके होंठों पर होंठ रखकर उनका रसपान करने लगती है.

रोहन भी अपनी दीदी की गांड को अपने दोनों हाथों से पकड़कर मसलने लगता है. और उसे अपनी और खींचकर अपने खड़े हो रहे लुंड को उसकी छूट पर रगड़ने लगता है. दोनों hi वासना के सागर में घुस चुके थे और गोते लगाने को तैयार थे.

मेहुल को इतने दिनों बाद ये सुख मिल रहा था. मन में तो वो निश्चय कर hi चुकी थी के अपने भाई को अपनी छूट थाली में परोस कर देगी पर अभी उसने एनिवर्सरी से पहले ये विचार इसलिए त्याग दिया था के कहीं उसकी छूट की अच्छी सर्विस हो गयी तो वो दो तीन दिन चलने फिरने के काबिल नहीं रहेगी. सो वो प्लान बना रही थी एनिवर्सरी के बाद का जब उसके मम्मी पापा ट्रिप पर जायेंगे उस दौरान.

रोहन अपनी दीदी को लेकर निचे बिछे कालीन पर hi लेट जाता है और जैसे वो खड़े होकर जो भी कर रहे थे वही सब वो लेटकर करने लगता है. रोहन अपनी दीदी के ऊपर था और उसकी छूट पर अपना लुंड घिस रहा था. और अपने दोनों हाथों से उसने अब मेहुल के दोनों बूब्स दबाने शुरू कर दिए. दोनों के होंठों ने लिप लॉक किया हुआ था. ऐसे उन्होंने अपने आज के सेक्स की शुरुआत की.

रोहन के लुंड और मेहुल की छूट में से पानी निकलने लगा था. और अब इन दोनों जगहों को सर्विस की जरुरत थी तो रोहन बोलता है दीदी अब तुम ऊपर आओ और अपनी छूट को मेरे मुँह पर रखकर मेरे लुंड को चुसो. यानि के सीधी भाषा में उसने अपनी दीदी को 69 की पोजीशन बनाने को बोलै.

मेहुल ने आज्ञाकारी बचे की तरह उठकर साथ में लेते रोहन के मुँह को टारगेट करके अपनी छूट को उसके ठीक ऊपर सेट किया और उसके लुंड पर झुककर उसने तुरंत उसके सुपडे पर किश करना शुरू कर दिया.

रोहन ने भी शुरुआत करते हुए पहले ऊँगली से मेहुल की छूट को कुरेदना शुरू किया उसके निकल रहे हलके हलके रास को सुडुप सुडुप करके चूसने लगा और फिर जल्द hi उसने अपनी जीभ को उसकी छूट पर फेरना शुरू कर दिया. मेहुल ने आनंद से अपनी ऑंखें बंद कर ली.

उत्तेजना ने दोनों पर hi अपना कब्ज़ा जमाना शुरू कर दिया था. और दोनों hi लग गए थे एक दुसरे को संतुष्टि देने. 69 की पोजीशन इतनी बढ़िया होती है के दो लोगों को एक साथ पूरा मज़ा मिल रहा होता है. सुडुप सुडुप कर मेहुल रोहन के लुंड पर अपना मुँह आगे पीछे कर रही थी. उसके गर्म गर्म मुँह का स्पर्श रोहन की जान निकल रहा था और वो इस वजह से दुगुने उत्साह के साथ अपनी जीभ को सख्त कर मेहुल की छूट को चाट रहा था. इस तरह दोनों hi सुख के सागर में डूबे हुए थे.

रोहन को अपने पेट पर मेहुल के उभारों की डोडियन (निप्पल्स) चुभते से महसूस हो रहे थे यानि ये लड़की उत्तेजना के शिखर पर थी और वो निप्पल्स का स्पर्श रोहन को एक और hi दुनिया में ले जा रहा था.

इस तरह दोनों hi पूरी मस्ती में डूबे इस खेल का भरपूर लुत्फ़ उठा रहे थे के मेहुल की योनि में से पानी निकलना शुरू हो गया और उसके कुछ देर बाद रोहन के लुंड ने पानी की बारिश शुरू कर दी. दोनों बहिन भाई एक दुसरे का पानी इस तरह से पी गए जैसे जन्म जन्मांतर के प्यासे हों.

फिर उसके बाद दोनों वही कालीन पर ढेर हो गए. मेहुल उठकर अपने भाई के सर की तरफ सर करके लेट गयी. कुछ देर बाद जब रोहन में एनर्जी वापिस आयी तो वो मेहुल की और करवट लेकर बैठ गया और अपनी एक तंग कुछ इस तरह से मेहुल की टैंगो पर राखी के रोहन की जांघ का कुछ हिस्सा मेहुल की छूट पर आ रहा था. मेहुल की छूट में तो फिर से किडियन लड़ने लगी.

रोहन ने एक हाथ मेहुल की गर्दन के नीचे और दुसरे हाथ से उसकी चूचियों की मसलते हुए bola…to दीदी कैसा लगा आपको ये खेल.

Mehul…muskurakar…apne भाई के साथ तो मुझे इतना मज़ा आता है के लगता hi नहीं ये मेरा भाई है ऐसा लगता है मेरा लवर है ये.

Rohan…uski एक चुकी को चूमते hue…to भाई के साथ साथ आपका लवर भी तो हूँ दीदी. कितना तो लव करता हूँ आपको.

Mehul…muskurakar…haan भाई. सच कह रहे हो. सॉरी भाई मैंने आपको इतना टाइम सुख से वंचित रखा. पर अब और नहीं.

रोहन bola…koi बात नहीं दीदी, अच्छा अब आप कहीं इधर उधर हो जाओ कुछ देर के लिए. क्यूंकि मुझे बाथरूम जाना है. कपडे साथ hi ले जाना पर पहनना नहीं. क्यूंकि एक राउंड और लगाएंगे अभी.

मेहुल मुस्कुराकर. ठीक है भाई. बोलकर अपने कपडे लेकर कीतचने में घुस जाती है और रोहन लोअर पहनकर बाथरूम में घुस जाता है. वो टॉयलेट सीट पर बैठता है तो उसे लोअर में फ़ोन महसूस होता है. फ़ोन निकलकर वो ऐसे hi घर के बहार कक्तव कैमरा की वीडियो ों करता है तो देखकर हक्का बक्का रह जाता है, उसकी अनु बुआ की गाड़ी आकर रुकी थी. मतलब उसके पास दो मिनट का भी टाइम नहीं था.

उसने फटाफट खुद को धोया, टीशर्ट पहनी और रेडी था दरवाजा खोलने के लिए. इससे पहले वो आवाज़ देकर मेहुल को कपडे पहनाने को बोल चूका था. एक मिनट में घंटी बजी और रोहन ने जाकर दरवाजा खोला. मेहुल वहीँ किचन में कपडे पहनकर काम करने का ड्रामा करने लगी.

अनु बुआ आई तो रोहन ने उसे नमस्ते बोलकर उनका घर में स्वागत किया. मैंने मेहुल को आवाज़ देकर bola…mehul देखो तो कौन आया है. मेहुल को पता तो था कौन आया है वो किचन से बहार आकर boli…arey वह अनु बुआ, नमस्ते अनु बुआ.

Anu…khush रहो बचे. वैसे तुम दोनों को कई बार बोलै है के मुझे दीदी hi बोलै करो.

Rohan…socha अब इसको थोड़ा टाइट किया जाये बहुत सख्त बनती है न. बुआ अपने पेअर छूने से मन करके नमस्ते बोलने को बोलै तो हमने आपकी बात मान ली. पर क्या रिश्ते बदल सकते हैं कभी? छोटी हो या बड़ी आप हो तो मेरी बुआ hi न. इसलिए बुआ तो हम बोलेंगे आपको.

Anu…uske सर पर हल्का सा मरती hui…mera भतीजा अब बड़ा और समझदार हो गया है तू तो. और स्माइल करती हुई रोहन को सीने से लगा लेती है. रोहन तो पहले से दुसरे राउंड के लिए रेडी था अनु के बूब्स के स्पर्श की वजह से उसने एक झटका सा मारा तो अनु ने उसे अलग करते हुए अपने दूर करके bola…wakai तू बड़ा हो गया है रोहन.

मेहुल कुछ कुछ समझ चुकी थी वो मुँह पर हाथ रखकर हंसने लगती है अनु के ऐसा कहने से.

अनु उसे देखकर बोलती hai…tujhe क्या दिख गया मेहुल जो ऐसे हंस रही है.

मेहुल को पता था ये बुआ पूरी हरी मिर्ची है. इसे छेड़ना नहीं चाहिए फिर भी जानबूझकर छेड़ते हुए boli…dikha नहीं बुआ, महसूस हुआ.

अब तो अनु को भी समझ आ गयी के ये लड़की मुझे छेड़ रही है तो वो चिढ़कर boli…tum दोनों बहिन भाई बहुत बिगड़ गए हो. लगता है सुधारना पड़ेगा तुम लोगों को.

दोनों चुप कर जाते हैं क्यूंकि अभी चुप रहने में hi भलाई थी. फिर रोहन अनु का सूटकेस पकड़कर अपने मम्मी पापा वाले रूम के बगल वाले रूम में लेजाकर रख देता है और दीदी को सोफे पर बिठाकर मेहुल को बोलता hai…jao बुआ के लिए पानी लाओ.

मेहुल ट्रे में पानी का गिलास ले आती है. और चाय के लिए पूछती है. तो अनु बोलती hai…teeno के लिए बना लो न. मैं अकेली थोड़ी पियूँगी.

ज्यादा बहस न करती हुई मेहुल किचन में चली जाती है और तीन कप चाय के साथ बिस्कुट नमकीन लेकर आती है. अनु चाय पीते पीते दोनों को पूछती है.

अनु ….तो तुम दोनों अभी क्या कर रहे हो?

Rohan…bua मुझे गोवत जॉब मिल गयी है और मैं जल्द hi ज्वाइन करने जा रहा हूँ.

Anu…good और तुम मेहुल.

Mehul…abhi तो कुछ नहीं कर रही थी बुआ. सोच रही हूँ पोस्ट ग्रेजुएशन कर लू.

Anu…to इसमें सोचना कैसा. कर दो शुरू.

Mehul…ji bua…bas इतना hi बोलै उसने सोचा इसे तो थे पॉइंट hi जवाब देना चाहिए.

रोहन अनु से बोलै आपको आराम करना है तो कर लीजिये बुआ.

Anu…arey नहीं मैं दिन में आराम नहीं करती. तुम दोनों को करना है तो कर लो उतनी देर मैं एक केस स्टडी कर लेती हूँ.

Rohan…jaise आपको ठीक लगे बुआ. वो दरअसल पूछने लगा था के आज कैसे आई वो भी सूटकेस लेकर पर मजाल है पूछ पता. फिर सोचा एनिवर्सरी के लिए आई होगी पर उसमे अभी तीन दिन बाकि हैं.

अभी वो सोच hi रहा था के इसके मम्मी पापा चाचा चची और रूही आ जाते हैं. अनु को देखकर सभी खुश हो जाते हैं.

रूही अनु को नमस्ते करके उसके सीने से लग जाती है.

रोहित बोलता hai…anu बहुत अच्छा किया जो तू पहले hi आ गयी.

Anu…muskura kar..haanji भाई वो कोर्ट की छुट्टियां चल रही हैं तो सोचा के पहले hi चली जॉन कुछ काम भी करवा दूंगी.



फिर वो सबके गले से मिलती है और सभी बैठकर बातें करने लगते हैं.
 
Part 58अनु बुआ वैसे तो अच्छी थी पर वो सख्त बहुत थी. दरअसल आजकल कोर्ट की छुट्टिआं चल रही थी उन्होने सोचा के क्यों न पहले hi चला जाये. वैसे भी उनको टाइम कहाँ मिलता है मायके आने का.

अनु बुआ की नज़र बड़ी पैनी थी. उनकी वजह से मैं अपनी प्यारी बहिन मेहुल के करीब नहीं जा प् रहा था. उधर रूही भी इंतज़ार में थी के कब उसके बिरहत्दाय वाला दिन ए और कब उसके प्यारे भाई के हाथों उसकी सील टूटे.

बुआ के लिए ऊपर एक कमरा खोल दिया गया था. उन्होंने रूही से बोलै के ये कुछ दिन वो उनके साथ hi रहे. रूही को पता नहीं क्यों अच्छा नहीं लग रहा था. उसे पता था के निचे उसका भाई और मेहुल मिलकर जरूर कुछ न कुछ गुल खिलाएंगे रात को.

आज छोटे मां महेश और ममी सोनिया आ रहे थे. साथ में उनकी प्यारी सी बेटी शनाया भी आ रही थी. जिसे सभी शानू कहते थे.

पहले चुप चुप सी रहने वाली शानू अब बहुत बोलने लगी थी. हर वक्त सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती. उसके चैनल पर कोई 10क फोल्लोवेर्स थे तो वो खुद को बहुत बड़ी इन्फ्लुएंसर समझने लगी थी. उसके चैनल का नाम शान्दारस्वीटशनो था.

इनको भी ऊपर hi रूम मिला था. पर शानू एक जगह रुकने वाली कहाँ थी. वो तो हर वक्त तितली की तरह इधर उधर मंडराती रहती थी. रोहन और शानू की बहुत ज्यादा बनती थी. शानू शुरू से hi अपने भाई के साथ अपने दिल की हर बात शेयर करती थी और लास्ट टाइम ये लोग दो साल पहले आये थे. उस वक्त रोहन के दिल में बहनो के लिए कोई भी गलत भावना नहीं थी.

शानू जब भाई से मिली तो उसने जोर से जफ्फी डाली और अपने ऑनलाइन फ्रेंड्स को boli…guys ये है मेरी जान. मेरी लाइफ का सबसे प्यारा इंसान और यही एक इंसान है जो शानू से भी ज्यादा शानदार है. ये हैं मेरे प्यारे भैया रोहन, जो मेरे भाई भी हैं, दोस्त भी और हमराज़ भी. तो दोस्तों अभी मुझे कुछ टाइम के लिए आप लोगों को अलविदा कहना पड़ेगा मैं अपने प्यारे भाई से कुछ बातें कर लूँ. तब तक के लिए टाटा bye bye अपना ख्याल रखिये, वीडियो को लिखे करना भूले, चैनल को सब्सक्राइब कीजिये और कमेंट बॉक्स में लिखिए के आपको रोहन भैया कैसे लगे.

कहते हुए वो वीडियो कट कर देती है. अभी भी उसने रोहन की जफ्फी डाली हुई थी. वो वीडियो कट करते hi रोहन की गाल पर किश कर देती है. बदले में रोहन भी उसके गाल पर किश करता है.

महेश सोनिआ रोहित निधि राकेश और राधा हंसने लगते हैं उसकी बातों से .

Radha..hamari शानू अब बड़ी हो गयी है देखो कितने फोल्लोवेर्स बना लिए हैं इसने.

Sonia…kya खाक फोल्लोवेर्स बना लिए हैं दीदी. ये तो सारा दिन इसी काम में लगी रहती है. पता नहीं पढ़ती कब है?

Shanu…offo मम्मी आपको तो हमेशा मुझसे प्रॉब्लम hi रहती है. दो साल हो गए मुझे सोशल मीडिया पर कभी फ़ैल हुई हूँ क्या?

Sonia…fail नहीं हुई तो क्या इंतज़ार कर रही है फ़ैल होने का. अभी कॉलेज जाने लगी है. स्कूल नहीं है ये. पर इसे समझाना बेकार है रोहन तू hi इसे समझा ये तेरी बात hi सुनती है के सारा दिन इस पर लगे रहने से इसके करियर का क्या बनेगा.

Shanu…mummy आप कब समझोगे के जो मैं कर रही हूँ वही करियर है.

इतने में अनु बुआ आ जाती है. शानू भी इसे बुआ hi कहती है. अनु ने आते वक्त इनकी साडी बातें सुन ली थी.

Anu…sahi तो कह रही है तुम्हारी मम्मी. ट्रेडिशनल करियर hi असली करियर होता है शानू.

Shanu…bua जी मैं कुछ hi सैलून में इतना कमा लुंगी जितना एक आम इंसान पूरे तीस साल के करियर में कमा पता है.

Anu…achha एक बात बता अभी तक तूने कितना कमाया. और आगे कितने तक जा सकती हो.

Shanu…abhi तो कुछ ज्यादा नहीं आ रहा बुआ. पर हर महीने बढ़ तो रहा है न.

Anu…aur इस चक्कर में तुम खुद की नार्मल लाइफ भी ख़त्म करती जा रही हो. तुम दो साल बाद अपने भाई से मिल रही हो और वो भी खुद नहीं अपने फोल्लोवेर्स के साथ मिल रही हो. क्या ये सही है बीटा? और बात सिर्फ कमाई की नहीं होती, जॉब सटिस्फैक्शन भी कोई चीज होती है.

शानू… आप शायद ठीक कह रही हो बुआ. ऐसा नहीं था के शानू को बुआ की बात पसंद आ गयी थी, उसे पता था के कोई भी इंसान दुनिआ में अनु बुआ से बहस में जीत नहीं sakta..khud रजत फूफा भी नहीं.

जब ये दोनों बातें कर रही थी तो रोहन की नज़र अनु बुआ के बूब्स पर चली जाती है. पर वो थोड़ी देर देखकर मुँह परे कर लेता है. और थोड़ी देर बाद फिर से देखता है.

दरअसल आज बुआ ने पतली सी कुर्ती डाली हुई टी और शायद अपने कम्फर्ट के लिए उसने निचे ब्रा नहीं पहनी थी जिससे उसके निप्पल्स कुर्ती में से पोक कर रहे थे और बड़े hi सेक्सी लग रहे थे. अब तो रोहन को हर तरफ रिश्तों की जगह औरतें hi नज़र आने लगी थी और नज़र आने लगा था उनका शरीर.

एक बार अनु की निगाह पद hi जाती है. रोहन झेंप जाता है और वहां से उठ कर जाने लगता है तो अनु बुआ boli…tu कहाँ जा रहा है. बैठा रह. उन्होंने भी सोचा के इस बेशर्म को कुछ कहने का फायदा तो है नहीं.

इतने में शानू रोहन से बोलती hai…bhai मुझे मार्किट जाना है चलोगे.

रोहन को भी अब अनु बुआ की जलती हुई नज़रों से बचना था तो वो उसे बोलता है. हाँ चल शानू.

सोनिआ mami…kya लाना है अब तूने मार्किट से. अभी तो आये हैं हम लोग.

Shanu…mujhe कुछ खा पि के आना है. और कुछ खरीदना भी है.

Nidhi…jane दो सोनिआ. बची है. रोहन जा खिला ला इसको जो चाहिए. अब जब ननद ने बोल दिया तो छोटी भाभी क्या कहती भला.

शानू खुश हो जाती है और रोहन का हाथ पकड़कर कहती hai…bhai चलें. सोनिआ ऑंखें दिखती है शानू को पर वो उसे बेशर्मी से आंख मरकर चली जाती है तो पीछे से सभी उसकी इस हरकत से हंसने लगते hai…sirf अनु बुआ को छोड़कर.

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रोहन और शानू बाइक पर जाते हैं और शानू उससे एकदम चिपक के बैठी होती है. वो रोहन को बोलती hai..bhai बाइक को झील की तरफ ले चलो. मुझे रील बनानी है.

Rohan…par उधर टाइम बहुत लग जायेगा शानू.

Shanu…to भाई घर पर रहकर भी क्या करेंगे. एक मम्मी क्या काम थी जो ये बुआ भी अब लेक्चर देने आ गयी है. अच्छा है न दूर है. उसने जितनी देर दूर रहे उतना अच्छा है.

Rohan…hanste hue…jhalli ऐसा नहीं बोलते. बड़े हमारे फायदे के लिए hi बोलते हैं.

Shanu…arey इन्हे क्या पता मेरा अच्छा बुरा किस्मे है. और अब मैं 19 की हो गयी हूँ. एडल्ट हूँ. गवर्नमेंट ने मुझे वोट का अधिकार भी दिया है और हँसते हुए और हाँ शादी का भी.

Rohan…Anu बुआ की तरह तुझसे भी बहस करना आसान कहाँ है शानू.

Shanu…hahaha करके हांसे लगती है. और झटके लगने से जब उसके अमरुद जैसे उभर रोहन की पीठ पर चुभते हैं तो रोहन को झटके लगने शुरू हो जाते हैं. और झटके लगते हैं रोहन के लुंड पर.

रोहन सोचता है यार मैं क्या पक्का बहनचोद बन गया हूँ. किसी को नहीं छोड़ता. इस मासूम शानू को भी नहीं. पर ये मासूम कहाँ है. अब तो 19 की हो गयी है, कैसी कैसी बातें करने लगी है.

शानू रोहन को बोलती है. क्या बात है भाई. आपकी बोलती क्यों बंद है.

Rohan..kuchh नहीं. बस मैं बाइक चला रहा था.

Shanu…achha आपको याद है आपने मुझसे कोई वादा किया था.

Rohan…sochte hue…kya वादा किया था मैंने?

Shanu…yaad karo…hanste हुए.

Rohan…aisa क्या वादा किया था मैंने. मुझे कुछ याद नहीं.

Shanu…hanste hue…koi बात नहीं वहां चल के बताउंगी.

Rohan…chal ठीक है. बस 5 मिनट में हम झील पर होंगे वैसे सही कहा तुमने. वहां तुम्हारी बहुत अच्छी रील बनेगी.

Shanu…aapka फायदा उठाउंगी. खूब रील्स बनवाऊंगी.

Rohan…hanste hue…achha बाबा. जितनी मर्जी बनवा लेना.

दोनों झील पर पहुँच जाते हैं. ये बहुत पुराणी झील थी. पर पानी एकदम साफ़ था. पर सर्कार की कमजोरी कहें के इसे पर्यटन स्थल के तौर पर प्रसिद्ध नहीं कर पाए. लेकिन फिर भी बहुत से लोग संडे या छुट्टी के दिनों में यहाँ पिकनिक मानाने आते थे.

जब भी शानू अपनी बुआ यहाँ आती तो रोहन को लेकर इस झील पर जरूर आती थी. फर्क बस इतना था के पहले वो यहाँ आकर रोहन से बातें किया करती थी पर इस बार रील बनवाने आयी थी और अपने भाई को पिछले वादा याद दिलाने.



तो दोस्तों क्या आप लोग गेस कर सकते हो के रोहन ने शानू से क्या वादा किया था और क्या रोहन अपना वादा पूरा कर पायेगा. गेस करने वाले लड़के को मिलेगी एक सरप्राइज छूट और लड़की को किंग साइज लुंड.
 
Part 59शानू ने रील के लिए कपडे बदलना चाहती थी. वहां झील पर बीच में किनारे पर एक पोस्ट सी बानी थी. शायद कभी वहां कोई चौकीदार रहता होगा. रोहन उसे उस केबिन के पास ले जाकर बोलता है के यहाँ बदल लो. पर तुम्हारे पास बदलने को कपडे तो है नहीं.

शानू दन्त दिखने लगती है. और उस केबिन में जाकर पता नहीं क्या करती है के बहार आते hi नंग धडंगी वापिस आती है. उसके हाथ में उसकी टीशर्ट और जीन्स थी और उसने जो पहना हुआ था अब वो शायद उसने निचे hi पहना था. क्यूंकि निचे वाले हिस्से में कतरन वाली निस्केर और ऊपर ब्लाउज टाइप कुछ था और वो भी कटा फटा.

वैसे तो रोहन उसे देखता hi रह गया और उसके लुंड ने हरकत भी शुरू कर दी पर वो प्रत्यक्ष में शानू को bola…ye क्या पहना है शानू तुमने इससे तो ये भी नहीं पहनती.

शानू बच्चों की तरह हँसते हुए boli…ye क्या बोल रहे हो भैया. अपनी बहिन से ऐसी बातें कर रहे हो आप? देखिये ढकने वाली चीजें तो ढकी हुई हैं न.

फिर वो खुद hi शर्मा गयी अपनी बात पर उसने जो अभी ढकने वाली चीजें ढकी हैं बोलै तो रोहन चेहरे पर शैतानी मुस्कान आ गयी और bola…achha तुम्हे पता है के क्या ढकना चाहिए.

वो बात को टालते हुए boli…ye सब छोडो भाई बस आप वीडियोग्राफी करो. मुझे उम्मीद है आप अच्छी वीडियो कैप्चर कर लेते होंगे.

रोहन bola…wo तो मैं कर दूंगा पर क्या तुम इन कपड़ों में बनाई वीडियो अपलोड करोगी नेट पर?

शानू फिर से हंस पड़ी और boli…bhai लगता है आप आजकल की रील्स नहीं देख रहे हो. जब तक ऐसे कपडे पहन कर वीडियो न बनाओ. कोई देखता hi नहीं लाइक्स कमैंट्स तो दूर की बात है.

रोहन ने सोचा उसे क्या. ये इसकी लाइफ है वो वीडियो बनाने लगा जो बहुत hi सेक्सी गाने पर आधारित थी और शानू ने शायद पहले से रिहर्सल कर राखी होगी इसलिए वो इस गाने पर इतना अच्छा डांस कर रही थी.

गण पूरा होने पर जब शानू ने उसे चला कर देखा तो रोहन के गले से लगकर उसकी गाल चूमते हुए boli..wah भाई आपने तो कमल hi कर दिया. पहली बार में hi परफेक्ट वीडियो. पहले तो कभी मैं अच्छे से डांस नहीं कर पति और कभी सामने वाला अच्छी वीडियो नहीं बना पता. आज दोनों hi परफेक्ट हो गया.

उसने रोहन को अभी भी गले से लगाया हुआ था और रोहन के लुंड ने तो पहले से hi बगावत कर राखी थी. उसमे हिलडुल शुरू हो चुकी थी इसलिए वो शानू से अलग होते हुए bola..yaar मुझे तो याद नहीं के तुमने मुझसे कभी वादा लिया हो के मैं झील पर तुझे लेकर तेरी रील के लिए कोई वीडियो बनाऊंगा.

शानू अपने hi अंदाज़ में हंसती हुई boli…bhai मैंने आपको कब कहा के आपने मुझसे कोई ऐसा वादा किया था.

Rohan…to फिर कोई और रीज़न भी है हमारे यहाँ आने का. बहुत जोर लगाकर भी रोहन को याद नहीं आ रहा था के उसने शानू को क्यों बुलाया है.

Shanu…aur नहीं तो क्या भाई. आप तो पूरे भुलक्कड़ हो. फिर उसे याद कराती हुई बोलती है. याद है आपको पिछले बार दो साल पहले जब आप और मैं यहाँ आये थे तो मैंने आपको बताया था के मेरी कितनी hi फ्रेंड्स ने बर्फ बना रखे हैं और सेक्स भी कर चुकी हैं. और मेरा भी मन करता है बर्फ बनाने का.

तब आपने मुझे डांटते हुए कहा था के तुम अभी अपनी पढाई पर फोकस करो. ये टाइम नहीं बर्फ बनाने का. जब अब्दी हो जाओ तो समझदार सा लड़का देखकर उसको बर्फ बनाओ और उससे hi शादी करो.

रोहन को याद आ जाती हैं थोड़ी थोड़ी baten…haan अब ध्यान आ रहा है हमारी ऐसी hi कुछ बातें हुई थी. आगे क्या हुआ था.

Shanu…aage ये हुआ था के आपने मुझे बोलै दूसरी बात तू अभी 17 की है और अभी ऐसा कुछ भी करना लीगल भी नहीं है. इसलिए बाद में hi कोई अच्छा लड़का देखकर बर्फ बनाना. तब मैंने आपसे बोलै था के मेरे सामने मेरी एक फ्रेंड ने लिप्स पर किश की थी. काम से काम मुझे उसका तो एक्सपीरियंस लेना hi है.

तब आपने कहा था के उसके लिए भी तो वेट करनी hi होगी. मैंने कहा था के उसके लिए तो किसी बर्फ की जरुरत नहीं. इतना तो आप hi मेरे लिए कर सकते हो. पर आपने मुझे शायद टालते हुए बोलै के अभी तुम काम उम्र की हो लिप किश अगर मुझसे भी करनी है तो 18 साल की उम्र के बाद hi आना.

रोहन bola…haan अब याद आया ये तो मैंने तुम्हे बस उस वक्त टालने के लिए बोलै था. पर तू अब शायद इतनी तो समझदार हो गयी हो के तुम्हे पता होगा ऐसा भाई बहिन में नहीं हो सकता.

रोहन शायद उसे नहीं बताना चाहता होगा के वो अपनी बहनो के साथ क्या क्या कर चूका है.

शानू… भाई आपने मुझे वादा किया था. तो क्या वादा तोड़ डोज अभी. शानू ने बच्चों की तरह बेचारा सा मुँह बनाकर कहा.

वो दोनों एक जगह पर बैठ चुके थे और शानू उसके बगल में उसके कंधे पर सर रखकर बैठी थी.

Rohan…shanu समझा करो. भाई बहिन में ये सब पॉसिबल नहीं है. तुम्हारी आगे जरूर 19 साल हो चुकी है पर तुम्हारे अंदर अभी भी बचपना है. तुम्हे नहीं पता लिप किश कौन करता है.

शानू… आप मुझे अभी भी बची समझ रहे हो . मुझे पता है लिप किश लवर्स के बीच में hi हो सकती है. भाई कर लो न प्लीज मैंने दो साल वेट क्या है इसके लिए. मेरी फंतासी है लिप किश. और अगर आपने नहीं किया तो मुझे मजबूरन कोई बर्फ बनाना पड़ेगा और मैं उसके साथ अपनी फंतासी पूरी कर लुंगी.

रोहन को लगा के ये तो छुरी खुद खरबूजे पर गिरने को तैयार है.

Rohan…shaitani अंदाज़ में हँसते हुए bola…achha तुम्हे अगर इस बात का पता है के लिप किश लवर्स के बीच में होती है तो तुम्हे ये भी पता होगा के और क्या हो सकता है लवर्स के बीच में.

Shanu…mujhe सब पता है भाई. अगर आप एक बार मुझे किश कर दो तो उसके बाद आप कुछ भी कर सकते हो. क्यूंकि मैं तो आपको लवर की तरह hi मानती हूँ. एक भाई से ज्यादा क्यूंकि आपने मुझे उस वक्त संभाला जब मैं किसी भी जगह गिर सकती थी. आपसे समझदार लवर मुझे और कहाँ मिलेगा भला. शानू साइड से hi गाल पर किश करते हुए बोली. तो मेरे लुंड की हलचल बढ़ गयी. अरे ये तो वाकई मुर्गी हलाल होने पर उतारू है.

रोहन कुछ सोचते हुए उसे केबिन में ले गया और bola…tum सच में रेडी हो न शानू.

शानू ने सोचा के शायद रोहन उसे सेक्स के लिए बोल रहा हूँ. वो कपडे उतरने lagi…haan भाई आपको मुझसे सेक्स करना है आप कर सकते हो. मैं ख़ुशी ख़ुशी तैयार हूँ.

रोहन ने उसे रोकते हुए kaha…arey पगली मैं तो बस किश की बात कर रहा था अभी. घर से क्या सोच के आयी थी के रोहन भाई से छोड़ना है तूने. उसने हँसते हुए बोलै.

सोच के तो किश का hi आयी थी भाई. पर अगर ये सेक्स नाम का बोनस भी मिल जाये तो क्या हर्ज है. आप सोच लो एक बार.

रोहन कुछ sochkar…abhi के लिए किश hi काफी है. बाकि बाद में सोचेंगे.

Shanu..haan में गर्दन हिलाकर रोहन के करीब आयी उसकी गाल को दोनों हाथों में लिया और अपने होंठ उसके पास करके boli..bhai मैं तैयार हूँ. आप तैयार हो क्या?

वैसे तो रोहन को पता था के ये इसका बचपना है पर फिर भी अब उसके अंदर आग लग चुकी थी. छूट का चस्का तो रोहन को लग hi चूका था तो हाथ आई को कैसे मन कर सकता था सोचा तो ये था के वो किश करके छोड़ देगा पर फिर भी मन में कहीं न कहीं एक आस तो जग चुकी थी.

रोहन ने शानू को उसकी पीठ से पकड़कर आगे किया और उसे अपने से चिपका कर उसके नरम मुलायम रास से भरे होंठों पर होंठ रख दिए. ओह क्या लजीज़ होंठ थे शानू के. और उनमे तड़प ऐसी के जैसे बहुत ज्यादा बेकरार थे रोहन के होंठो से मिलने को. कभी ऊपर वाला और कभी निचे वाला होंठ चुस्त रहा रोहन और ऐसा करते करते वो इतना मस्त हो चूका था के उसके हाथ अपने आप पता नहीं कब शानू की गांड पर चले गए और उसने उन्हें जोर से दबा दिया जिससे शानू की छूट रोहन के पूरे खड़े हुए लुंड पर जाकर टकरा गयी और शानू के मुँह से आह्हः सी निकली तो रोहन को एक बार तो गलती का एहसास हुआ और वो उसे छोड़ता हुआ bola…shayad तुम्हे नहीं पता शानू ये क्या चल रह रहा है. हो सकता है मैं अपने पर कण्ट्रोल न कर पौन. पता नहीं ये खेल किस हद तक चला जाये.

शानू उसके होंठों के पास अपने होंठ ले जाकर बड़े hi मादक अंदाज़ में बोली…15 की थी जब से सेक्स के किस्से सुनते आ रही हूँ. आपने जिस दिन समझाया था मुझे उसी दिन आपको बर्फ मान लिया था. उसी दिन बोलते तो उसी दिन चुद जाती आपसे. पर आपने मुझे समझाया उम्र का वास्ता दिया और पता है आपको ये दो साल मैंने कैसे गजरे हैं. प्लीज अब मुझे मत रोकिये.

फिर शानू ने खुद hi आगे बढ़कर उसके होंठों पर होंठ लगाकर bola….bhai आप वैसे hi पीछे हाथ रखकर आगे को दबाओ. मेरी इसमें भी खुजली हो रही है. आपके उससे टकरा कर बड़ा मज़ा आ रहा है. किश का मज़ा दुगुना हो जायेगा.

रोहन को भला और क्या चाहिए था उसे सब कुछ बना बनाया मिल रहा था. वो पशनातेली शानू को किश करने लगा. उसकी जीभ को चूसा. शानू भी अपने प्यारे भाई की जीभ को चूसने लगी. दोनों के रास मिलकर एक बहुत प्यारा रास बना रहे थे. कामर्स और दोनों बुरी तरह से उस कामर्स में डूब चुके थे.

जैसे हार्ट अटैक के मरीज को एक गोली जीभ के निचे रखने को दी जाती है जिसके रखते hi उसका असर सीधा हार्ट पर जाता है. वैसे hi इनके एक दुसरे की जीभ चूसने से सीधा असर निचे वाले पार्ट्स में जा रहा था. शायद जीभ में कोई ऐसी नसे हैं जो शरीर के दुसरे अंगों को प्रभावित करती हैं. खैर ये दोनों बुरी तरह से काम के वश में चले गए थे.



निस्केर बुरी तरह से फटी हुई थी और निचे पंतय पहनी नहीं थी. तो रोहन उसकी लगभग नंगी गांड पर हाथ फेरने लगा. खुद भी मस्त हो गया और उसे भी करने लगा.
 
Part 60वो तो पहले hi मस्त हो राखी थी. उसे बहुत मज़ा आ रहा था इस बात का अंदाज़ा उसकी किश से hi लग रहा था के कैसे वो रोहन के होंठों को खाने पर तुली हुई थी. मस्ती से उसका भी बुरा हाल हो रखा था. उसका मन तो कर रहा था के इसे यहीं पटक कर अपनी बहिन को छोड़ दे. फिर दिमाग में आया के ये अभी छोटी है इसे नहीं पता इसके परोस एंड कंस, कहीं ये कुछ ऐसा न करवा ले के बाद में इसे पछताना पड़े. रोहन का मन अभी भी उसको छोड़ने के लिए तैयार नहीं हो रहा था.

अंदर केबिन में भी एक बेंच रखा हुआ था. जिस पर 5-6 लोगों के बैठने की जगह थी. यानि के केबिन थोड़ा बड़ा hi था. थोड़ी देर किश करने के बाद रोहन शानू को लेकर बेंच पर बैठ जाता है. वो चुदाई को टालने की बहुत कोशिश कर रहा था.

उसने शानू के कंधे पर हाथ रखकर puchha…to स्वीटू कैसी लगी किश तुम्हे.

Shanu…muskurakar…bhai बहुत hi अच्छी. मेरा तो दिल hi नहीं कर रहा था किश तोड़ने का वो तो आपने जबरदस्ती मुझे रोका तब जाकर मैं रुकी.

Rohan…dekho शानू तुम्हे नहीं पता तुम किस हद तक सोच रही हो. अभी भी कह रहा हूँ संभल जाओ. ये अभी तुम्हारे लिए नहीं है.

Shanu..udas मुँह karke…bhai बस रहने दो आप. मैंने बताया न मेरी फ्रेंड्स ने 15 की उम्र में hi ये सब शुरू कर दिया था. लीगल आगे भी 18 है और मैं तो 19 की हो गयी हूँ. फिर भी आप मुझे ऐसा बोल रहे हो. मुझे तो लग रहा है मैं आपको पसंद नहीं हूँ. अगर ऐसी बात है तो आप बता दो मैं आपको परेशान नहीं करुँगी.

रोहन को उसकी बात सुनकर उस पर बहुत प्यार आता है. वो उसे पकड़कर बैठे बैठे फिर से किश शुरू कर देता है और उसके छोटे छोटे उभारों को पकड़कर उन्हें दबाते हुए बोलता है.

Rohan…arey पगली तुम तो वो चीज हो जिसे देखकर मुर्दे का भी खड़ा हो जाये; मैं तो फिर एक एवं इंसान hun.kekar उसे अपनी गॉड में बिठाया और लगा बेतहाशा चूमने उसको.

शानू को पूरा मज़ा आ रहा था उसके चूमने पर. उसके अंगों ने फड़कना शुरू कर दिया और उसके हाथ अपने आप hi रोहन की पीठ पर चलने लगे. वो खुद भी मस्त हो रही थी और रोहन को भी मदमस्त करना छह रही थी.

रोहन भी अब सोचने लगा था के जो होगा देखा जायेगा और अब तो होकर hi रहेगा क्यूंकि अब वापिस मुड़ना शायद पॉसिबल नहीं था. रोहन ने किश करते करते शानू की टॉप उतर दी. उसने निचे एक स्लिप सी पहनी हुई थी जो लड़कियां बनियान के रूप में पहनती हैं.

रोहन ने उस पर से hi शानू के छोटे छोटे बूब्स को दबाना शुरू कर दिया. शानू के निप्पल्स ने सख्त होना शुरू कर दिया और रोहन के लुंड ने.

शानू को अपनी गांड के निचे बाकायदा महसूस होने लगा था तो उसके चेहरे पर स्माइल आ गयी.

Rohan…ankh का इशारा karke…tu की बात पर मुस्कुरा रही है.

Shanu….bhai निचे तुम्हारा चुभने लगा है.

Rohan…hanste hue…abhi तो तू देखती जा. अभी वो निचे चुभ रहा है न. थोड़ी देर में जब तेरी छूट के अंदर जायेगा तो तेरी ये मुस्कान गायब होकर मुँह से चीखें न निकली तो मेरा नाम भी रोहन नहीं.

Shanu…apne छोटे छोटे हाथों से उसकी छाती पर मरते hue…bhai क्यों डरा रहे हो बची को.

रोहन…. हँसते hue…ye देखो इस बची को अभी थोड़ी देर पहले बोल रही थी के मैं पूरा का पूरा लुंड अपनी छूट में लेने के लिए रेडी हूँ.

Shanu…to और क्या. लुंड ले लुंगी इसका मतलब मैं बची नहीं रही क्या?

Rohan…ek minute…tu तो पूरी तैयार होकर आयी है रे. एकदम झकास पूरे नाम बोल रही है अंगों के.

शानू…. इन्फ्लुएंसर होने का यही फायदा है भाई. इंसान एकदम बिंदास बोलने लग जाता है.

Rohan..uski स्लिप उतारते hue…aur हाँ. बिंदास सब कुछ करने भी लग जाता है. उसकी बात पर शानू हंसने लगी. शानू के प्यारे प्यारे से बूब्स देखकर रोहन के लुंड ने एक जोरदार झटका मारा.

Shanu…bachon की तरह मासूमियत से boli…bhai चुभ रहा है आपका.

Rohan…koi बात नहीं बचे अभी तो ये तुम्हारे छेड़ का डीएमटीर बढ़ने वाला है फिर बोलना क्या बोलना है.

कहकर रोहन ने उसके एक निप्पल को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया और दुसरे को अपने दुसरे हाथ से मसलने लगा. शानू को तो सिसकारियां आने लगी. ओह्ह्ह्ह भाई. आआह्ह्ह bhai….sssssiiiiiiiiiiiiiii….haan ऐसे hi चुसो न प्लीज. हाँ बिलकुल भाई. ओह भाई मेरी छूट में खुजली हो रही है भाई. कुछ करो न इसका.

रोहन थोड़ी देर उसके बूब्स चुस्त रहा फिर उसने खुद के कपडे एक झटके में उतर दिए और जब शानू ने उसका झूलता हुआ लुंड देखा तो वो एक बार को तो दर hi gayi…bhai मैं ये अपने अंदर नहीं ले पाऊँगी. मेरी वर्जिन छूट में भला ये इतना बड़ा सांप समां सकता है क्या?

रोहन अपने लुंड को हाथ में झूलता हुआ bola…chhote से छूटे होल को बड़ी गुफा बनाने की ताकत रखता है ये शानू बीटा. एक बार लेकर देखना.

Shanu…darte hue…dekhna भाई. कहीं ये मेरी छूट hi ना फाड़ दे.

Rohan…ab मुझे कुछ नहीं पता. जो होना है अब होकर hi रहेगा. तुम एक काम करो अभी पहले मेरे लुंड को मुँह में लेकर चुसो. आता है न तुम्हे या समझों.

Shanu…muskurakar…you मैं सकिंग भाई?

Rohan…wah बीटा तुम्हे तो पूरा ज्ञान है. कहाँ से मिला इतना ज्ञान.

Shanu…hanskar…main और मेरी सहेलियां क्लास में बैठकर पोर्न मूवीज देखते हैं.

Rohan…to चलो शाबाश लग जाओ अपनी ड्यूटी पर और इसको चूसकर इतना सख्त और बड़ा कर दो के ये तुम्हारी छूट को असीम आनंद दे.

Shanu…haan भाई बोलकर निचे बैठ जाती है और लग जाती है लुंड को चूसने. वैसे तो शानू मुझसे कभी झूठ नहीं बोलती थी. पर मैं हैरान था के कोई लड़की जो उम्र में कच्ची हो इतनी परफेक्शन से कैसे लुंड चूस सकती है. ये वाकई पोर्न फिल्मो वालों ने आजकल की जनरेशन को बिगड़ दिया है और बाकि की कसार ये इन्सेस्ट स्टोरी राइटर पूरी कर देते हैं. हाहाहाहा.

शानू बड़े hi मज़ेदार तरीके से अपने भाई के लुंड को पहले सुपडे के ऊपरी हिस्से को चुस्ती है फिर और अंदर ले जाती है और आगे पीछे करके ऐसा चुस्ती है के रोहन की ऑंखें मादकता की अधिकता से बंद होने लगती हैं.

शानू बीच बीच में मुठ भी मरती है. और फिर चूसने लगती है. शायद रोहन के साथ साथ उसे भी उतना hi आनंद आ रहा था चूसने में. आज ज़िन्दगी में पहली बार उसके मन का काम जो होने वाला था. यानि के उसके प्यारे भाई रोहन द्वारा उसकी चुदाई.

अब मैंने उसे बेंच पर पटका और उसकी छूट पर अपना मुँह टिका कर उसको पहले तो बेतहाशा चूमता रहा. मुझे तो अब पूरा तजुर्बा हो चूका था चुदाई का. इतनी लड़कियों की फुद्दी मार चूका था के लगता है ये मेरे लिए बाएं हाथ का खेल है. लड़कियों को कैसे मज़ा आता है ये मुझे समझ आ चुकी थी.

किश करते करते hi उसकी छूट का गीलापन महसूस होने लगा था. फिर मैंने उसकी छूट की दरार में अपनी जीभ डालकर छूट में चलने लगा तो शानू उछलने लगी. उसके डेन पर जीभ फेरनी शुरू की तो उसकी तो हालत hi ख़राब हो गयी. उसे आज चुदाई का असली मज़ा पता चल रहा था वर्ण तो बेचारी ने आज तक चुदाई के किस्से hi सुने थे.

वो ओह्ह्ह्ह bhai…aaahhh भाई करने लगी. ऊपर से रोहन उसके बूब्ज़ को दबा रहा था और निचे उसकी छूट को अपनी जीभ से आनंद दे रहा था. गिला गिला माल उसकी छूट से निकल रहा था. अब लग रहा था छूट एकदम गीली हो गयी है तो रोहन ने एक ऊँगली को उसकी छूट में घुसा दिया. शानू दर्द से चीखती हुई boli…aaahh भाई क्या करते हो. मुझे दर्द हो रहा है.

रोहन हँसते हुए bola…zara सी ऊँगली से तुम्हे दर्द हो रहा है जब इसमें लुंड जायेगा तो क्या हाल होगा. शानू भी हंसने लगी और boli…wahi होगा जो मंजूरी खुदा होगा.

रोहन को एकदम से जोश चढ़ा और वो उस पर hi चढ़ गया और अपने लुंड का सूपड़ा उसकी छूट की दरार पर रखकर हलके से धकेलने लगा. शानू boli…oohhh भाई मार डाला आपने तो.

Rohan…hanste hue…aise hi मार डाला. अभी तो अंदर भी नहीं गया.

Shanu…ankhon में आंसू आ चुके the…rehne दो भाई फिर कभी कर लेंगे अभी ऐसे hi ठीक है.

Rohan…nahi मेरी जान ये पहली बार वाला दर्द तो सहना hi पड़ेगा तुम्हे. कहकर उसने थोड़ा सा और धक्का लगाया तो शानू के मुँह से फिर से nikla…maar डाला भाई aapne…rohan फिर कुछ नहीं बोलै. वो उसके ऊपर झुक गया और उसके होंठों पर किश करने लगा. उसके बूब्स को दबाने लगा.

अभी तक उसका लुंड पूरी तरह से अंदर दाखिल नहीं हुआ था वो एक बैरियर पर अटका हुआ था उसको पता था के अगर इस बैरियर को तोड़ेगा तो बहुत ज्यादा फाइन भरना पड़ेगा उसे नहीं उसकी प्यारी बहिन शानू को. पर उसे ये भी पता था के ये टोल टैक्स ज़िन्दगी में एक hi बार चुकाना होता है फिर तो साडी ज़िन्दगी के मज़े hi मज़े हैं.

रोहन एक सेकंड के लिए रूककर bola…shanu अब हम शुरू हो गए हैं तो किसी नतीजे पर पहुँच कर hi रुकेंगे. मैं एक धक्का मरने लगा हूँ जो तुम्हारी सील को तोड़ देगा तुम्हे बहुत दर्द होगा पर मेरा यकीं मनो दस मिनट बाद तुम्हे बहुत मज़ा आएगा. ये दर्द सबको होता है शोना.

Shanu…bhai मुझे कुछ नहीं पता. अब तो मैं आपके हवाले हूँ. जैसा आपको ठीक लगे कर दो. पर जल्दी करो क्यूंकि अब ये दर्द मुझसे सेहन नहीं हो प् रहा.

रोहन मन में bola…meri जान इससे भी कहीं ज्यादा दर्द अब तुम्हे सहना पड़ेगा. सोचकर उसने एक जोरदार धक्का मारा जिससे शानू को इतना दर्द हुआ मनो उसका कोई अंग hi काटकर गिर गया हो. असीम पीड़ा हुई के उससे चीखा तक नहीं गया. क्यूंकि रोहन ने उसके मुँह को अपने मुँह से ब्लॉक कर रखा था.

फिर उसके बाद रोहन नहीं रुका और जोरदार धक्को के साथ उसने बड़ी hi बेरहमी के साथ शानू की चुदाई शुरू कर दी. हालाँकि इस दौरान उसका फ़ोन भी बजा पर उसने फ़ोन नहीं उठाया के एक बार अपने इस इम्पोर्टेन्ट काम को कर ले फ़ोन तो बाद में भी सुना जा सकता है.

शानू दर्द के मारे अंदर hi अंदर कराह रही थी. ऐसा लग रहा था के जैसे सांसे उखड गयी हों. और छूटना चाहती थी पर रोहन ने उसे अपनी बाँहों में बुरी तरह से जकड़ा हुआ था. और वो लगातार उसके होंठों को चूस रहा था.

रोहन की बात सच hi निकली. दर्द काम हो गया था और शानू को अब मज़ा आने लगा था. उसकी सांसे भी अब कुछ व्यवस्थित हो गयी थी.

रोहन एक hi स्पीड में धक्के मार रहा था. अब रोहन के साथ साथ शानू भी बड़े प्यार से अपने भाई के होंठों को चूसने लगी थी जिससे रोहन को एहसास हो गया था के इसको अब मज़ा आने लगा है. तो उसने अपनी रफ़्तार पहले से भी बढ़ा दी.

रोहन को पसीने आ रहे थे. उसके चिपचिपे शरीर से शानू का चिपचिपा शरीर जब टकरा रहा था तो आनंद की ऐसी बर्षा हो रही थी दोनों को ऐसा लग रहा था मनो सातवें आसमान पर हों. एक दुसरे के पसीने की खुशबु ने दोनों को मदहोश कर रखा था.

अब तो शानू की छूट रोहन के लुंड को और अंदर तक लेना छह रही थी. इसलिए शानू ने निचे से कोशिश की और उसने हलके हलके अपनी गांड को उठाकर और अंदर तक लेने की कोशिश करना शुरू कर दिया.

इस तरह अब ये दोनों आनंद के सरोवर में गोते खा रहे थे और दोनों hi नहीं छह रहे थे के इस खेल का कोई अंत हो. पर इस प्रकृति में कुछ भी तो स्थिर नहीं है. अंत निश्चित है. इसलिए कोई 25-30 मिनट बाद इनके खेल का भी अंत हुआ और रोहन ने अपने माल को शानू की छूट में hi दाल दिया. शानू तो आनंद में इतनी डूबी हुई थी के पता नहीं कितनी दफा उसकी छूट ने अपना माल छोड़ा होगा.

एन्ड में शानू ने अपने ऊपर से अपने भाई को जोर से जकड लिया और जोर से bola…i लव यू माय स्वीट बरोथेर.

रोहन भी उसी जोश के साथ bola…i लव यू माय स्वीट सिस्टर.

कुछ देर दोनों उसी मोड में रहे. फिर उन दोनों ने कपडे पहने और फिर रोहन को याद आया के उसका फ़ोन कई बार बजा. एक दो बार तो उसने सुना फिर उसके बाद पता नहीं कितनी बार बजा होगा. उसने फ़ोन निकल कर देखा तो अनु बुआ की 5 मिस्ड कॉल्स, मेहुल दीदी की 2, और रूही की एक मिस्ड कॉल थी.

उसने सबसे मेहुल को फ़ोन मिलाया और poochha…kahan हो दीदी.

Mehul….meri छोडो तुम बताओ कहाँ हो. अनु बुआ तुम्हे कब से कॉल कर रही है. तुम कोई रिप्लाई hi नहीं कर रहे हो.

Rohan….oh दीदी मैं क्या बताऊँ मैं ट्रैफिक में फंसा था इसलिए उनको या किसी को भी रिप्लाई नहीं कर पाया.

Mehul…hanste hue…apne शहर में इतना ट्रैफिक तो नहीं भाई के आपको 40 मिनट तक फ़ोन न सुनाई दे. सच सच बताओ माजरा क्या है.

Rohan…wo सब बाद में पहले ये बताओ ये मोगाम्बो खुश है या नाराज़ है.

Mehul…hanste hue…jaisi आपने हरकत की है भाई. मोगाम्बो भला खुश हो सकता hai?aap आओ आज तो आपकी क्लास लगी hi समझो.

Rohan…dekhta हूँ बनता हूँ कोई बहाना.

Mehul….hanste hue…haan उनको कोई भी बहाना बना के बताओ उन्हें सचाई पता चल hi जाती है. क्रिमिनल लॉयर हैं वो. चलो अच्छा अभी रखती हूँ. आप जितनी जल्दी हो सके आ जाओ घर. उनको आपने मार्किट ले जाने का वडा किया होगा.

Rohan…o बहिन छोड़ मैं तो भूल गया.

Mehul…abhi भी हंस रही thi…wo तो आप हो भाई. और दोनों भाई बहिन हंसने लगते हैं.
 
Part 61मेहुल के फ़ोन के बाद शानू ने रोहन का उदा हुआ चेहरा देखा तो वो उससे पूछने लगी.

Shanu…kya हुआ भाई. चेहरे की हवाइयां क्यों उड़ गयी हैं तुम्हारे.

Rohan…mogambo नाराज़ हो गया है शानू.

Shanu…uljhan भरे भाव के sath…arey भाई, सही से बताओ न क्या हुआ है और ये मोगाम्बो कौन है?

Rohan…ghabraya हुआ sa…arey अपनी अनु बुआ. तुम्हे तो पता है न उनका कितनी शक्की हैं वो. फ़ोन पर फ़ोन चढ़ा दिए उन्होंने अपनी चुदाई के दौरान. अब सोच रहा हूँ क्या बहाना बनाऊं उन्हें.

Shanu…bol दो के मूवी देखने गए थे.

Rohan…haan ये आईडिया सही है. बोल देंगे के फिल्म की आवाज़ में सुनाई नहीं दिया फ़ोन.

Shanu…hanste hue…dekha मेरा दिमाग.

Rohan…abhi भी दर रहा tha…tumhare दिमाग का तो मुझे पता है. पर तुम्हे अभी अनु बुआ के दिमाग का आईडिया नहीं है शानू. खैर घर चलते हैं फिर देखते हैं क्या होता है.

Shanu…arey आप अभी से क्यों घबरा रहे हो भाई. घर तो चलो.

रोहन भी सोचता है. मज़ा तो ले लिया अब जो होगा देखा जायेगा. वैसे तो कोई प्रॉब्लम नहीं थी पर अभी शानू थोड़ा लंगड़ा के चलने लगी थी. और ये बात अनु बुआ के लिए शक का कारन हो सकती थी.

शानू जैसे hi अंदर एंटर हो रही होती है, अनु बुआ की नज़र सीधे उसकी चल पर पहुँच जाती है और उसका सबसे पहला सवाल था.

Anu…arey शानू तेरी चल को क्या हुआ? तुम ऐसे क्यों चल रही हो? और तुम लोग गए कहाँ थे. रोहन फ़ोन भी नहीं उठा रहा था. अनु बुआ ने जब आते hi सवालों की झड़ी लगा दी तो शानू एकदम हड़बड़ा गयी. कहाँ तो वो इस बात को लिघ्टलय ले रही थी अब जब अनु बुआ ने उससे सवाल जवाब शुरू किया तो वो घबरा hi गयी.

Shanu…hadbadakar…wo हम लोग फिल्म देखने गए थे. इंटरवल में पेशाब करने गयी तो सीढियाँ में उलझकर गिर गयी और पेअर में मोच आ गयी.

अनु बुआ को समझ तो आ चुकी थी के कुछ न कुछ झोल है उसने इस बार रोहन को सवाल दाग दिया.

Anu…rohan कौन से थिएटर में गए थे.

रोहन को समझ आ गयी के बुआ उलझना छह रही है. उसने थिएटर का नाम बता दिया. उसने क्यूंकि मूवी से रिलेटेड झूठ बोलना था तो वो पहले से ये देखकर आया था के कौन से थिएटर में कौन सी मूवी लगी है.

उसने थिएटर का नाम बता दिया पर मूवी का नाम नहीं बताया.

Anu…kaun सी मूवी देखि?

Rohan…usne जो भी मूवी का नाम देखा था थिएटर में वो बता दिया. कोई साउथ इंडियन मूवी थी. अनु गूगल सर्च पर उस थिएटर में लगी मूवीज की डिटेल चेक करके बोलती है.

Anu…par वो तो रात 10 बजे शुरू होनी है और अभी शाम के 7 बज रहे हैं. तुम झूठ बोल रहे हो न रोहन, सच सच बताओ तुम दोनों कहाँ थे और शानू लंगड़ा के क्यों चल रही है.

शानू जो रोहन को हंसकर बोल रही थी के अनु बुआ कौन सी टॉप है अभी सवालों से बचकर दर के मारे अंदर भाग चुकी थी अपने रूम में. वैसे भी उसे वाशरूम उसे करना था और उसे रेस्ट भी करना था एक तो उसके दर्द था और दुसरे उसे अभी नींद भी बहुत आ रही थी.

Rohan…bua आपकी ना बाल की खाल उतरने की आदत नहीं गयी. जो हिंदी मूवी अभी चलनी थी उसकी सेल नहीं हो रही थी तो उन लोगों ने साउथ इंडियन मूवी का एक शो बढ़ा दिया आज. आपको विश्वास नहीं तो आप थिएटर में फ़ोन करके पता कर सकती हो. आप भी न बुआ बस बिना मतलब बात का बतंगड़ बना देते हो. और क्या हुआ अगर मुझसे फ़ोन अटेंड नहीं हुआ आपने फ़ोन पर फ़ोन चढ़ा दिया.

अनु को अब लग रहा था के उससे गलती हो गयी है. वो थोड़े धीमे स्वर में boli…koi बात नहीं रोहन, मैं तो बस ऐसे hi पूछ रही थी. तुम्हे तो पता है न मेरी नेचर.

रोहन मन hi मन मुस्कुरा रहा था के उसके दिमाग की जीत हो गयी है. पर वो गंभीर से स्वर में bola…achha वो सब छोड़िये आपको कहीं जाना था क्या?

Anu…nahi तुम थक गए होंगे. मैं चली जाती हूँ.

Rohan…arey बुआ अब नखरे छोड़िये. बोलिये कहाँ जाना है आपको?

Anu….chal अगर तू इतना hi इंसिस्ट कर रहा है तो मुझे अपने ऑफिस जाना था. वहां से मुझे कुछ फाइल्स लानी हैं. सोच रही थी घर बैठे कुछ काम तो होता नहीं. सोचा स्टडी कर लुंगी फाइल्स को और अपने क्लाइंट्स के केस मजबूत बना दूंगी.

Rohan..dhime se…haan और दुसरे की पक्का खटिआ कड़ी करने वाली हो आप.

Anu…mathe की त्योदियाँ चढ़ा kar…..kya कहा तूने.

Rohan…muskura kar…kuchh भी तो नहीं बुआ. चलें?

Anu…bura सा मुँह banakar…chalo..man hi मन सोच रही थी. ये लड़का बहुत बिगड़ गया है. लगता है इसे गलत आदतें लग गयी हैं. मुझे पता करना पड़ेगा.

दोनों अनु के ऑफिस की और चल देते हैं. उन्हें खुद तो चैन था नहीं अपने ऑफिस के एक पेओन को भी विपदा में दाल दिया था. छुटियों के दिनों में उसे ऑफिस बुला लिया था. रोहन ने उस पेओन के कान में बोलै.

Rohan…dost तुम्हारी मैडम सनकी नहीं है?

Peon…sanki…ek नंबर की सनकी है ये. पूछो मत. देखो न छुटियों में भला कोई वकील काम करता है क्या? इसने मुझे घर से बुलाया स्पेशलय.

Rohan…dekh लो और मुझे भी परेशान किया.

Peon…ek minute…waise तुम कौन हो?

Rohan…muskurakar…unfortunately ये मेरी बुआ है.

पेओन ….डरते hue…arey भाई पहले बताना था न. मेरी शिकायत तो नहीं कर डोज मैडम से. एक बार हटा दिया न, तो कोई दूसरा भी नहीं रखेगा मुझे.

Rohan…muskurakar…chinta न करो मोगाम्बो मुझे भी पसंद नहीं है. वैसे भी मैं कभी किसी की शिकायत नहीं करता. इनके बारे में कुछ बोलकर अपना मन हल्का करना चाहते हो तो बोलो.

पेओन…. नहीं नहीं बिलकुल भी नहीं.

इतने में अनु की भयानक आवाज़ आती hai…sham लाल. तुम्हे पांच फाइल्स निकल कर लाने में कितना टाइम लगेगा. और रोहन तुम. तुम वहां क्या कर रहे हो?

Rohan…ghabrakar…files ढूंढने में मदद कर रहा हूँ बुआ.

Anu…achha तुम्हे पता है मेरे ऑफिस में कौन सी फाइल कहाँ राखी है. चुपचाप इधर आ जाओ. तुमने hi इसे बातों में लगाया होगा तभी ये अभी तक धुंध नहीं पाया.

Peon…sahib आप यहाँ से चले जाओ. वर्ण मोगाम्बो नाराज हो गया na…oh मैं भी मोगाम्बो बोल रहा हूँ. आप जाओ साहिब.

रोहन मुस्कुरा कर अनु के केबिन में जाकर उसके सामने बैठ जाता है और उसकी नज़र एक बार फिर अनु की टीशर्ट में कैद उसके 36 नंबर बूब्स पर चली जाती है.

रोहन मन hi मन इमेजिन करने लगता है जैसे वो अनु बुआ के बूब्स को चूसे रहा है. उसे इतनी भी होश नहीं रहती के उसके होंठ चूसने वाले अंदाज़ में चल रहे हैं. थोड़ी देर तो ऐसा चलता रहता है. पर फिर अनु की नज़र जैसे hi उसके होंठों और उसकी आँखों पर जाती है तो उसे बहुत गुस्सा आता है. वो एक बार बोलती hai…rohan. रोहन को सुनाई नहीं deta.do तीन बार बोलने पर भी जब उसे सुनाई नहीं देता तो अनु बुआ चिल्लाकर बोलती hai…rohan.

अब रोहन को होश अत है और वो हड़बड़ाकर सीधा होकर बैठ जाता है और अपना ध्यान इधर उधर करने लगता है. अनु इस बात को नोटिस करते हुए कहती hai..kya बात है रोहन. तुम घर की महिलाओं के साथ ऐसा बेहवे क्यों कर रहे हो?

Rohan…ghabrakar….kkkaisa बुआ.

Anu…dekho तुम्हारी जुबान भी तुम्हारा साथ नहीं दे रही है. मुझे तो लग रहा है तुम्हारे अंदर इन्सेस्ट फीलिंग्स आ रही हैं.

रोहन को समझ आ गयी थी के उसकी बुआ क्या बोल रही है और अपनी बुआ की बात सुनकर उसके टट्टे हलक तक पहुँच चुके थे. फिर भी वो अनजान बनते हुए पूछता है.

Rohan…ye इन्सेस्ट क्या होता है बुआ?

अब अनु उलझ गयी के उसने ये शब्द इस्तेमाल hi क्यों किया. पर अब जब उसने बोल hi दिया था उसे रोहन को एक्सप्लेन करना hi था. वो उसे बोलती hai…rohan अपनी फॅमिली की लड़कियों और महिलाओं पर दूसरी तरह की निगाह डालना इन्सेस्ट होता है.

Rohan…kuchh कुछ समझ आ गया बुआ बस ये गलत निगाह को थोड़ा एक्सप्लेन कर दो.

अनु को समझ आ गयी थी के ये लड़का एक नंबर का हरामी बन चूका है पर फिर भी उसे अब एक्सप्लेन तो करना hi tha….galat निगाह मतलब गन्दी निगाह मतलब सेक्स से रिलेटेड. समझ जाओ न अब रोहन.

रोहन समझ तो पहले से चूका था. और वो अब अपनी बुआ के मज़े भी लेना चाहता था तो वो बहुत सोच समझकर bola….hey भगवन. आप ये क्या कह रही हो बुआ. मतलब आप मुझ पर ये इलज़ाम लगा रहे हो के मैं अपनी बहनो के साथ साथ आपके साथ सेक्स करना चाहता हूँ. मन hi मन रोहन कामिनी हंसी हंस रहा था.

अनु तो एकदम घबरा hi गयी उसकी बात सुनकर और खुद को कोसने लगी के उसने अपने भतीजे के साथ ऐसा टॉपिक छेड़ा hi क्यों. Boli…arey रोहन तुम तो जो भी मन में आये वो बोले जा रहे हो.

अब तो रोहन भी अड़ gaya…arey बुआ जी आपने hi तो बोलै. एक तो आप मुझ पर झूठा इलज़ाम लगा रहे हो और ऊपर से मुझे hi बोल रहे हो के मैं जो मन में आये वो बोल रहा हूँ. आप न बहुत गलत कर रहे हो जो मुझ पर इतना गन्दा इलज़ाम लगा रहे हो. मैं पापा को बोलूंगा के आपने मुझे ऐसा बोलै.

अनु घबराकर boli….nahi नहीं रोहन मुझे माफ़ कर दो. भाई को ऐसा वैसा कुछ नहीं बोलना. मेरे बारे में क्या सोचेगा वो.

Rohan…ye तो आपने इलज़ाम लगाने से पहले सोचना था. वैसे आपने ऐसा क्यों सोचा मेरे बारे में. कुछ गलत करते पकड़ लिया क्या mujhe…rohan अपनी बुआ के पूरे मज़े ले रहा था.

Anu…nahi रोहन. इस टॉपिक को छोडो न. फिर वो सब्जेक्ट चेंज करने के लिए पेओन को आवाज़ लगाती hai…sham लाल. कहाँ मर गए. अभी तक तुमसे पांच फ़िलें नहीं ढूंढी गयी. दो मिनट में लेकर मेरे टेबल पर आओ नहीं तो नौकरी से निकल दूंगी. गुस्सा करके वो रोहन पर भी रुआब झड़ना चाहती थी.

पर रोहन कहाँ उसके गुस्से को कुछ समझ रहा था. शाम लाल ने वो फ़िलें भी लेकर दे दी अनु को. रोहन उसके सामने hi bola…boliye न बुआ आपको क्यों लगा के मेरे अंदर इन्सेस्ट फीलिंग्स हैं.

Anu…hath jodkar…mujhe माफ़ कर दे मेरे बाप. मुझसे गलती हो गयी जो तुम्हे ऐसा बोलै.

Rohan…jaan बूझकर उदास सा मुँह banakar…haan एक तो मुझ पर झूठा इलज़ाम लगा रहे हो ऊपर से गुस्सा भी उतर रहे हो. ठीक है बुआ आप बड़े होने का फायदा उठा रहे हो.

Anu…jhujhlakar…arey मैं कहाँ गुस्सा हो रही हूँ. फिर खुद को थोड़ा शांत करके उसे समझते हुए बोलती hai.…arey बचे वो मुझसे ऐसे hi बोलै गया. देखो तुम्हारी नज़रें इधर उधर चली जाती हैं. शायद तुम खुद नोटिस नहीं करते पर तुम्हारा ध्यान हमारे अंगों पर चला जाता है.

रोहन को क्या पता नहीं था पर फिर भी अनजान बनते हुए बोलता hai…achha बुआ जी. ऐसा होता है क्या? पर यकीं मनो मैं जानबूझकर ऐसा नहीं करता.

Anu….topic को ख़त्म करने के मकसद se….chhodo इस बात को. फ़िलें मिल गयी हैं. चलो अब घर चलते हैं.

Rohan…use जानबूझकर छेड़ते hue…to बुआ जी अब तो आपको नहीं लगता न के मेरे अंदर इन्सेस्ट फीलिंग्स हैं.

अनु को गुस्सा तो इतना आता है के उसका दिल करता है वो रोहन के चांटा मरे पर वो खुद को शांत रखते हुए बोलती hai…nahi बचे. ऐसा कुछ नहीं है. वो मेरी गलती थी. अब चलें?



Rohan…haan बुआ जी अब चलिए आप.
 
Part 62

सरे रस्ते अनु इसी दुविधा में सोचती रहती है के रोहन सच में उतना hi मासूम है जितना वो दिखा रहा था या फिर वो ड्रामा कर रहा है. वो किसी निर्णय पर नहीं पहुँच प् रही थी. पर अंत में वो इसी निर्णय पर पहुँचती है के ये लड़का पहले शरीफ जरूर था पर अब हरामी बन गया है.

वो सोचती है के इस पर नज़र रखनी चाहिए और इसे तब तक कुछ नहीं पूछना चाहिए जब तक के इसके खिलाफ कोई मजबूत सुबूत न हों.

वो अभी सोच hi रही थी के रोहन का फ़ोन बज उठता है. वो फटाफट फ़ोन उठा लेता है क्यूंकि ये फ़ोन उसके दोस्त दीपक का था और उसने उसका नाम “छोड़ू” के नाम से सेव कर रखा था.

रोहन ने फटाफट फ़ोन उठाया इतने में hi अनु ने देख hi लिया था उसने मुँह बनाया. उधर से आवाज़ aayi…aur भाई गांडू. किधर बिजी है. इतने टाइम से मिला नहीं तू, कहीं सच में गांड मरवाने का बिज़नेस तो नहीं कर लिया तूने? और पागलों की तरह हंसने लगता है.

रोहन जवाब देने को तो ठोकने वाले जवाब दे सकता था पर उसकी प्यारी बुआ जो साथ थी और उसे पूरा विश्वास था के उसने उसके दोस्त की बात सुन ली हो. उसने तुरंत वॉल्यूम काम किया और जैसे hi उसने अनु की और देखा उसने बुरा सा मुँह बनाते हुए bola…disgusting और मुँह परे कर लिया.

रोहन लगभग मिमियाते हुए bola…bol दीपक किसलिए फ़ोन किया.

दीपक हँसते hue…kya हुआ बे भोसड़ी के, बड़ी इज़्ज़त से बात कर रहा है.

Rohan…dhire se…aaram से बोल यार अनु बुआ साथ हैं. बोलकर अनु की और देखा तो वो बुरा सा मुँह बनाये खिड़की की और देख रही थी.

दीपक कहि कहि करके हँसता है और धीरे से बोलता hai…achha तभी तेरी फटी पड़ी है सेल.

रोहन अब गुस्से में बोलता hai…tujhe ढंग से बात करनी है तो कर नहीं तो मैं रखता हूँ.

दीपक.. अरे नहीं नहीं रुक मेरी बात सुन. तू बस दो मिनट के लिए मिल सकता है मुझे. तेरे मतलब की hi बात है.

Rohan…arey नहीं भाई अभी बुआ जी को लेकर घर जा रहा हूँ. बाद में मिलता हूँ न तेरे को कल.

Deepak…nahi आज के लिए hi ऑफर है. सिर्फ दो मिनट्स के लिए मिल जा आकर.

Rohan…ek मिनट होल्ड करना.. फिर अनु की और मुँह karke…bua जी मुझे रस्ते में एक मिनट का काम है अगर आपकी इजाज़त हो तो.

अनु तो पहले hi चिढ़ी पड़ी थी. Boli…jaise मेरे मन करने पर रुक जाओगे.

रोहन कहि कहि करके हँसता है और गाड़ी को दीपक के घर की और घुमा देता है.

अनु चिढ़ी पड़ी थी पर ज्यादा कुछ बोल नहीं प् रही थी क्यूंकि उसे दर था ज्यादा सख्ताई करने पर कहीं ये वो वाली बात भाई को न बता दे.

रोहन दीपक को दूर से hi देख लेता है और उसके पास लेजाकर गाड़ी रोक देता है. बुआ को दो मिनट्स बोलकर बहार निकलता है.

इतने में दीपक अनु बुआ के दर्शन कर लेता है और रोहन के बहार आते hi कामिनी हंसी हँसते हुए उसे बोलता hai…yaar क्या माल है तेरी बुआ. कसम से मौका मिले तो पटक पटक कर छोडूं इसे.

रोहन उसके सर पर मरते हुए बोलता hai…teri बहिन को छोडूं सेल मेरी बुआ के बारे में गन्दी बात बोल रहा है.

दीपक वही कामिनी हंसी हँसते हुए बोलता hai…chod ले भाई मेरी बहिन को जैसे मन करे छोड़ ले. पर इसकी दिला दे यार क्या मस्त चूचियां हैं एकदम गदराया बदन. कहीं भी मास्स एक्स्ट्रा नहीं hai…wo बहुत hi भद्दी नज़र अनु बुआ पर दाल रहा था. रोहन ने ये नोटिस किया तो उसे गुस्से में बोलै.

Rohan…tujhe बोलना कुछ और था पर ऐवें hi बकवास किये जा रहा है. छोड़ तुझे कोई बात hi नहीं करनी मैं चल रहा हूँ. बोलकर रोहन जैसे hi जाने लगता है तो दीपक उसको बाजु पकड़ कर रोक लेता है.

Deepak…achha सुन. बात ये है, एक कॉलेज की तीन लड़कियां आ रही हैं. मेरे जोहनी और विमल के लिए. विमल भें छोड़ को कोई काम पद गया. एक लड़की फ्री है अगर तुझे चुदाई की शुरुआत करनी है तो देख ले आज मौका है तेरे पास.

रोहन. गर्व से सीना तान kar…tujhe क्या लगता है तेरा भाई अभी तक कुंवारा है. तीन तीन को थोक चूका है तेरा भाई और एक के साथ पूरे नज़ारे लिए हैं.

दीपक उसकी पीठ थपथपाकर बोलता hai…wah बहनचोद तू तो बड़ा चुड़क्कड़ बन गया है. फिर आज मज़े लेने हैं या नहीं?

Rohan…laar टपकते hue…yaar मूड तो है पर अभी बुआ को घर छोड़ना है. रात भी काफी हो गयी है. उधर मम्मी पापा की 25तह एनिवर्सरी की तैयारियां भी चल रही हैं. देखता हूँ. माहौल देखकर घर जाकर तुझे बताता हूँ.

Deepak…chal यार बताना. और एक बार फिर अनु की और गन्दी नज़र डालते हुए…, मेरी बात छोड़, तू क्यों नहीं पता लेता इस माल को.

रोहन.. हैट सेल बोलकर. कार में आ जाता है. और दीपक जोर जोर से हंसने लगता है.

रोहन गाड़ी को घर की और भगा देता है और वो महसूस करता है के बुआ फुकी बैठी है. वो उससे कोई भी बात करने की हिम्मत नहीं कर रहा था. उसे समझ नहीं आ रही थी के ये इस तरह क्यों जाली हुई हैं.

बात दरअसल ये हुई थी के रोहन ने सोचा होगा उसने अपनी विंडो लगा दी, पर गिलास के ऊपर का कुछ हिस्सा खुला hi रह गया था तो जो भी इन दोनों दोस्तों में बात हो रही थी वो सब अनु ने सुन ली थी तो वो खुद के लिए दीपक की गन्दी निगाह और गन्दी बातों की वजह से खीझि पड़ी थी. उसे एक और बात का गुस्सा था के उसके भतीजे के ऐसे गंदे दोस्त हैं.

गाड़ी जैसे hi घर पर रूकती है अनु बुआ अपनी फ़िलें उठाकर गुस्से में खिड़की बंद करके अंदर भाग जाती है. सभी उसको गुस्से में देखकर हैरान रह जाते हैं.

वैसे घर में रौनक बहुत हो गयी थी. मां ममी शानू, अनु बुआ इन सबके आने से घर में खूब चहल पहल हो गयी थी.

जब रोहन अंदर आता है तो रोहित उसे पूछता hai…kya हुआ रोहन अनु इतनी गुस्से में क्यों थी.

एक्साक्ट्ली तो रोहन को भी नहीं पता था. उसे लग रहा था उसकी बुआ उसके ताड़ने से गुस्से में है. वो बात बनाते हुए बोलता hai…papa आपको तो पता hi है के अनु बुआ का गुस्सा नाक पर बैठा रहता है. वो फाइल्स नहीं मिल रही थी तो पेओन पर गुस्सा आ गया इन्हे और अभी भी उसी बात पर गुस्सा हैं.

Rohit…hansne लगता hai…ye अनु भी न. इतनी बड़ी क्रिमिनल लॉयर बन गयी पर अभी तक इसका बचपना नहीं गया. कोई बात नहीं, निधि जाओ उसे खाने के लिए बुला लाओ.

निधि अनु को बुलाने जाती है और उसके गुस्से होने का कारन पूछती है तो अनु ताल देती है और दिखावे के लिए हंसने लगती है. फिर वो अपनी भाभी के साथ निचे आ जाती है.

आज सारा परिवार निचे बैठकर एक साथ खाना खा रहा था. रोहित ने अपनी बहिन को छेड़ते हुए bola…kyun अनु आज तेरा मूड कुछ उखड़ा उखड़ा सा लग रहा है कोई बात हुई क्या? रोहित के चेहरे पर स्माइल थी.

तो अनु चिढ़ते हुए बोलती hai…kuchh भी तो नहीं भाई, मैं एकदम ठीक हूँ.

Rohit…arey रोहन तो बोल रहा था तुम छोटी सी बात से चिढ गयी. सभी हंसने लगते हैं उसकी बात पर तो अनु और भी ज्यादा चिढ जाती है.

पर फिर वो सोचती है के कहीं रोहन ने कुछ उल्टा सीधा तो नहीं बोल दिया. वो रोहन को बोलती hai…tune क्या बोलै रोहन भाई को? वो थोड़ा दरी भी हुई थी के इस बेशर्म ने कुछ और hi न बोल दिया हो.

Rohan…arey बुआ और क्या बोलना था भला. वो पेओन ने आपकी फाइल्स ढूंढने में देरी कर दी तो आपने उसे डांटा यही बताया maine…fir शैतानी मुस्कान के sath…kyun कुछ और बताना था क्या?

अनु को एक बार को तो चैन मिलता है के इस शैतान ने कुछ गलत नहीं बोलै फिर उसे डांटते हुए बोलती hai…aur क्या बोलना है, चुपचाप खाना खा लो.

अनु को उसे झिड़कता देख सभी हंसने लगते हैं और अनु झेंप जाती है.

हँसते खेलते सभी खाना खाने लगते हैं. अनु लड़कियों में बैठी थी. वो उसका मूड ठीक कर देती हैं. अनु भी अब उन सबके साथ हंसी मज़ाक कर रही थी.

फिर आती है बात सोने की. रूम्स तो बहुत थे पर ऊपर के तीन रूम और स्टोर की सफाई होनी बाकि थी. वो तभी इस्तेमाल किये जा सकते थे.

आज के लिए ये तय हुआ के जितने लोग बेड्स पर एडजस्ट हो सकते हैं वो हो जाये बाकि हॉल में गद्दा लगा लेंगे. रोहन के साथ शानू मेहुल और रूही निचे पड़ने को तैयार थे पर अनु ने भी ज़िद की के वो इनके साथ निचे hi पड़ेगी.

इसके दो कारन थे एक तो वो खुद को भी बचा hi समझती थी, दुसरे उसे शक था के रोहन िंकेस्टॉस एक्टिविटीज में इन्वॉल्व है तो वो उस पर भी निगाह रखना चाहती थी.

रोहन की एक साइड रूही ने रिज़र्व कर ली तो दूसरी साइड पर अनु सो गयी जानबूझकर. आगे देखेंगे इनकी रात कैसे गुजरती है.
 
Part 63

कुछ इस तरह लेते थे ये लोग. तीन गद्दों पर पांच लोग पहले गद्दे पर रूही और रोहन, बीच वाले गद्दे पर सिर्फ अनु बुआ और तीसरे गद्दे पर मेहुल दीदी और शानू.

हालाँकि शानू भी मेरे साथ सोना चाहती थी पर रूही ने पहले जगह रोक ली.

अनु बुआ के दिमाग में कुछ और hi चल रहा था. पर पता नहीं क्या. रोहन ने लाइट बंद कर दी ये बोलकर के मुझे लाइट में नींद नहीं आती.

अब हॉल में घुप्प अँधेरा था. वो सोच रहा था रूही से सत्कार सो जायेगा तो उसे आनंद मिलेगा. हालाँकि वो भी शानू को अपने साथ hi सुलाना चाहता था ताकि उसके लुंड का कुछ हो सके चाहे हाथ से hi. पर रूही ने उसका काम ख़राब कर दिया.

खैर रूही की तरफ मुँह करके रोहन ने उसके कोमल कोमल होंठो को चूसना शुरू कर दिया. रूही भला अपने प्यारे भाई को किसी चीज के लिए मन कर सकती थी. उसका बस चलता तो वो उससे चुद hi जाती.

थोड़ी देर उसके होंठो को चूसते चूसते रोहन को जोश आ गया और वो उसकी जीभ को चूसने लगा. रूही भी पूरे आनंद के साथ उसका साथ दे रही थी. रोहन का लुंड टैंकर एकदम खड़ा हो गया था और रूही की नन्ही छूट से टकरा रहा था. रूही की ऑंखें बंद हो गयी थी इस अनोखे एहसास की वजह से.

थोड़ी hi देर बीती होगी के अनु के खुराफाती दिमाग ने कुछ पुलाव कुछ बिरयानी पकाना शुरू कर दिया. वो रोहन से boli…rohan सो गए हो क्या?

रोहन को समझ आ गयी थी के बुआ को उनकी हिलडुल महसूस हो रही है, इसलिए झूठ बोलने से कोई फायदा नहीं.. Bola…ji नहीं बुआ जी. क्या हुआ आपको नींद नहीं आ रही क्या?

Anu…haan नींद नहीं आ रही मेरे साथ आ जाओ न तुम. उसने तो अपनी तरफ से रूही को सेफ करने के लिए बोलै था के कहीं रोहन उसके साथ कुछ गलत न कर दे पर उसे क्या पता था के खुद उसके साथ पन्गा पड़ने वाला है.

रोहन को एक बार को तो गुस्सा आया के साली ने किश छुड़वा दी पर फिर उसके दिमाग का बल्ब जला और वो एकदम से पलटकर अनु बुआ की और गया और उसे जफ्फी दाल के एक तंग उसकी दोनों टैंगो पर इस तरह राखी के उसका घुटना बुआ की छूट को दबा रहा था. वो कामिनी हंसी हँसता हुआ bola…ab ठीक है बुआ जी और उसने अपना घुटना थोड़ा दबा दिया जिससे अनु की छूट डाब सी गयी.

अनु को गुस्सा तो बहुत आया पर किस पर करती, पन्गा तो खुद उसी ने लिया था न अपने शरीफ से हरामी बन चुके भतीजे के साथ.

अनु ने सोचा गुस्से से काम नहीं चलेगा. वो प्यार से boli…dekho बीटा ऐसे सत्कार नहीं लेटते, थोड़ा दूर होकर लेटो न.

दरअसल उसको अपनी जांघ पर रोहन का खड़ा हुआ लुंड और छूट पर घुटना महसूस हो रहे थे तो उसके अंदर भी हलचल शुरू हो गयी थी उसके अंदर क्या उसकी छूट के अंदर.

पर अब वो बोलती भी क्या. रोहन ने भी मौके पर चौका मरते हुए kaha…bua जी आप भी कमल करते हो, थोड़ी दूरी पर hi तो लेता था. अपने hi तो बोलै मेरे पास आकर लेटो.

अब अनु को थोड़ी खीझ चढ़ गयी boli…paas आकर बोलै था चढ़कर नहीं.

रोहन मन hi मन हंस रहा था उसके चिढ़ने पर. रोहन क्या बाकि लड़कियों को भी हंसी आ रही थी के भाई मोगाम्बो को बहुत अच्छा सबक सीखा रहा है. वो तीनो भी अंदर hi अंदर हंस रही थी.

रोहन bola…lagta है बुआ चढ़कर का मीनिंग नहीं पता आपको, चढ़कर तब होता जब मैं एकदम ऊपर होता आपके मेरा मुँह आपके मुँह के ऊपर, मेरी चेस्ट आपकी बड़े.. (रोहन ब्रैस्ट कहता कहता जानबूझकर रुक गया ) सॉरी चेस्ट के ऊपर, पेट पेट के ऊपर उसके नीचे का part आपके part के upar…rohan अभी बोल hi रहा था के अनु गुस्से में बोल padi…chup करो रोहन कुछ भी बोले जा रहे हो.

Rohan…waise ये अच्छा है बुआ, हर बात की शुरुआत आप hi करते हो फिर जब मैं एक्सप्लेन करता हूँ तो बच्चा समझ कर गुस्सा होने लगते हो, बड़े होने का फायदा उठाते हो आप, मैं चढ़कर कहाँ लेता हूँ मैं तो सत्कार लेता हूँ. अगर आपको मेरा कहीं भी लेटना पसंद नहीं तो मैं कुर्सी पर जाकर बैठ जाता हूँ आप आराम से सो जाओ…. बोलकर भी रोहन अनु से अलग नहीं हुआ था वो उसके उत्तर की प्रतीक्षा कर रहा था.

लड़कियां मन hi मन खिलखिलाकत हंस रही थी पर वो आवाज़ नहीं निकल सकती थी उन्हें पीटना नहीं था अनु बुआ से.

और अनु बुआ उनका बेचारी का तो बुरा हाल था. इतनी बड़ी क्रिमिनल लॉयर, इतने बड़े बड़े केस चुटकियों में हल किये पर उसका भतीजा उसे बात बात पर पटकनी दे रहा था. उसकी बजा रहा था हर बात पर.

अनु तिलमिलाकर boli…jyada ड्रामा मत करो रोहन बहुत ज्यादा छोटे नहीं हो मुझसे कोई 7-8 साल hi छोटे हो. मैं कोई बड़े होने का फायदा नहीं उठा रही. ठीक है चुपचाप लेते रहो अब.

रोहन को पास बुलाकर बेचारी खुद hi फंस चुकी थी. अब बोलती भी क्या भला. ऐसा नहीं था के उसे रोहन से प्यार नहीं था, भला कौन सी बुआ होगी जो अपने भतीजे से प्यार न करे, बस ये चाहती थी के वो उसे नार्मल प्यार करे जैसे एक बुआ को करा जाता है. न के सेक्सुअल अट्रैक्शन वाला.

खैर बुआ ने सोचा के ये अभी काबू में आने वाला नहीं है इसलिए एक बार फिर से उसे हिदायत देते हुए boli…ok ऐसे hi सो जाओ पर ज़रा तमीज़ से रहना.

Rohan…shaitani मुस्कान के sath…maine तो कोई बदतमीज़ी की hi नहीं bua…kehte हुए रोहन ने बुआ के नंगे पेट पर अपना हाथ रख लिया.

दरअसल बुआ का टॉप थोड़ा छोटा था इसलिए उसका पेट एकदम नंगा था. वैसे तो बुआ को अपने नंगे पेट पर रोहन के बलिष्ठ हाथ का स्पर्श बहुत अच्छा लग रहा था पर उसे इस बात का पूरा आभास था के ये उसका भतीजा है. लेकिन अब कुछ नहीं किया जा सकता था क्यूंकि अगर अनु एक बात बोलती तो रोहन उसको चार जवाब देता.

इसलिए उसने चुपचाप सोने में hi अपनी भलाई समझी. इधर रोहन ने मन hi मन सोचा के मोगाम्बो को अच्छा मज़ा चखाया. उसका अनु पर तीन तरह से प्रहार चल रहा था, वो उसकी छूट पर थोड़ी देर बाद घुटना दबा देता, इधर साइड से लुंड को प्रेस कर देता जांघ की साइड पर और कभी उसके नंगे पेट पर उंगलिया फिर देता, अनु को कुछ भी महसूस हो रहा हो पर रोहन की तंग और बाजु के दबाव से उसको कहीं न कहीं सुकून भी मिल रहा था और वो पता नहीं कब नींद की आगोश में चली गयी.

रोहन को भी अपनी बुआ के गदराये जिस्म के संपर्क में लेते हुए इतना आनंद आया के उसे भी थोड़ी hi देर में नींद आ गयी.

सुबह जब अनु की आंख खुली तो उसके होश उड़ गए ये देखकर के उसकी बायीं चुकी रोहन के दाएं हाथ की ग्रिफ्ट में थी. वैसे एक बात का अनु को अंदाज़ा था के ये उसने जानबूझकर नहीं किया बस नींद में हो गया होगा. घुटना वैसे hi उसकी छूट में धसा था. और लुंड भी वैसे hi अकड़ा हुआ था.

सुबह की रौशनी हो चुकी थी और कोई अगर इन दोनों को देखता तो ऐसा लगता के कोई पति पत्नी या लवर्स पड़े हैं. खैर अनु ने धीरे से उसे अपने से अलग किया. उसे रोहन पर अब गुस्सा तो नहीं था पर उसे बड़ा अजीब सा महसूस हो रहा था. आज उसे अपने पति की कमी महसूस हो रही थी और मन कर रहा था के उसका पति उसकी जोरदार ढंग से चुदाई करे. क्यूंकि अनु कोई औरत टाइप तो थी नहीं अभी लड़कियों जैसी hi थी और उसके इमोशंस भी जल्दी hi भड़क जाते थे.



पर उसका आना मुश्किल था. इसलिए अनु ने बाथरूम में जाकर खुद को संतुष्ट कर लिया अपनी उँगलियों से.
 
Part 64

नाहा धोकर अनु तो रसोई में जाकर अपनी भाभियों का साथ देने चली गयी. रोहन की ममी भी लगी हुई थी साथ. अनु अपनी भाभी को बोली.

Anu…bhabhi अब आपको मेहुल की शादी के बारे में सोचना चाहिए.

Nidhi…muskura kar…tune बिलकुल ठीक सोचा है अनु. वैसे तू बुआ है उसकी तू hi क्यों नहीं देख लेती उसके लिए कोई रिश्ता.

Anu…ji भाभी देखूंगी और हाँ उस शैतान का भी कुछ हल करो.

सोनिआ mami…kis शैतान की बात कर रही हो अनु.

Anu…(bhabhi की भाभी को ये भी भाभी hi बोलती है)... भाभी, रोहन की.

Sonia…lo कर लो बात. अनु उस जैसा शरीफ लड़का पूरी दुनिया में नहीं hai.aur तुम उसे बदमाश बोल रही हो.

Anu…man में.. उसे शरीफ बोलती है, मुझे तो लगता है तेरी hi नन्ही सी लड़की को छोड़ चूका है wo…fir बोलती hai…arey भाभी वो शरीफ था. अभी नहीं है. आपने उसकी हरकतें नहीं देखि.

Sonia…arey. मुझे तो विश्वास नहीं हो रहा. वैसे कैसी हरकतें और किसके साथ की.

अनु.. मन hi man…ab क्या बताऊँ छूट पेट और चूचियों पर इसने कैसा हमला किया के मुझे सुबह सुबह ऊँगली करनी पड़ी.

Sonia…kya सोचने लग गयी अनु बोलो न.

Anu…bhabhi रत को मेरे साथ लेट गया. फिर उसने बताया कैसे कैसे उसने उसके शरीर पर दबाव बनाया और कैसे उसका खड़ा हुआ लुंड साइड में गली निकलने को तैयार था.

Sonia…hanste hue…arey अनु तुम्हे तो खुश होना चाहिए तुम्हारा भतीजा जवान हो गया है.

Anu…jawan हो गया है तो गफ बनाये न. इसका मतलब ये थोड़े है के घर की लड़कियों औरतों के साथ hi उल्टा सीधा करने का सोचे. मुझे तो शक है वो घर की लड़कियों पर गलत निगाह रखता है.

Radha…anu तुम क्रिमिनल लॉयर हो. इसलिए तुम्हारा दिमाग बहुत शक्की हो गया है. ऐसा नहीं है हमारा रोहन. और जवानी में हर लड़का लड़कियों और महिलाओं से सतना चाहता है. ये तो अच्छी बात है के वो स्ट्रैट है. वर्ण आजकल तो यही खतरा रहता है के लड़का गे न बन जाये.

राधा हंसने लगती है बोलकर और निधि और सोनिआ भी उसकी बात पर हंसने लगती हैं. अनु बेचारी अपना सा मुँह लेकर बैठ जाती है. उसे हर मोर्चे पर हार का सामना करना पद रहा था. इसलिए वो बुरी तरह से जल भून गयी थी.

************************************

जब इधर ये चरों महिलाएं रोहन की जवानी पर चर्चा कर रही थी तो उधर बच्चों ने भी अनु बुआ के लिए मीटिंग का सोचा. रोहन का कमरा चुना गया मीटिंग के लिए. तीनो रोहन के कमरे में आ गए और रूम को लॉक कर दिया.

रोहन बीचो बीच बैठ गया तो उसके एक और मेहुल बैठ गयी और दूसरी और रूही. शानू बेचारा सा मुँह बनाकर boli…mujhe भी आपके साथ बैठना है भाई, मैं कहाँ बैठूं.

रोहन मुस्कुरा कर बहन फैला कर bola…meri प्यारी बहिन मेरी गॉड में बैठेगी. शानू खुश होकर बीएड पर चढ़ी और अपने भाई की गॉड में बैठ गयी. रोहन के लुंड ने झटका देकर उसका स्वागत किया. शानू को वो महसूस हो गया और उसके चेहरे पर स्माइल आ गयी.

रोहन ने पहले अपनी तीनो बहनो की गलों को चूमा तो तीनो के चेहरे पर स्माइल आ गयी. फिर रोहन bola…to बहनो जैसा के आप लोगों को पता hi है के हम लोग अनु बुआ की हरकतों पर चर्चा को इकट्ठे हुए हैं.

उनका जासूसी दिमाग बोल रहा है के मेरे अंदर इन्सेस्ट फीलिंग्स आ गयी हैं. अलग अलग तो आप लोगों को बहुत कुछ पता है पर मैं आज सब कुछ तुम तीनो के सामने खोल देता हूँ जो भी मेरे मन में है और जो भी अभी तक हुआ है और होने वाला है. आप तीनो बहने एक दुसरे के सामने खुलने को तैयार हो तो मैं बात को आगे बाधाओं.

एक बार को तो तीनो झिझकने लगी पर फिर तीनो के मन में उत्सुकता जाग गयी के बाकियों ने क्या किया है. इस बात को जानने के लिए सबने सबकी बातों को ओपन करने को बोलै.

रोहन बोलै.. शुरू करता हूँ इस बात से के अनु बुआ का जासूसी दिमाग जो मेरे अंदर इन्सेस्ट फीलिंग्स की बात कर रहा तो ये उन बिचारि की बात एकदम सही है, हाँ ये बात और है के मैं उनकी बात को सही साबित नहीं होने दे रहा. और अपनी फीलिंग्स की बात करूँ तो सबसे पहले मैं अपनी बड़ी बहिन मेरी मेहुल दीदी से शुरू करना चाहूंगा. जिनके साथ हुआ बहुत कुछ है पर खुलकर नहीं हुआ जो भी हुआ अँधेरे में हुआ और अभी तक मेरा लुंड

फिर रोहन ने मेहुल के साथ जो जो हुआ बताते हुए अंत में ये बोलै के मम्मी पापा की एनिवर्सरी के बाद दीदी मुझसे खुलकर सेक्स करने वाली है. क्यों दीदी.

मेहुल उसकी बातें सुनकर शर्मा रही थी और उसने मुस्कुराते हुए हाँ बोल दिया तो रूही और शानू बोली.. ोू वाओ दीदी नीस.

मेहुल बस मुस्कुरा दी.

फिर रोहन रूही की बातें बताने लगा. कैसे उसके सामने नंगा होकर दीक्षा को छोड़ा और उससे उसी हाल में किश की. मेहुल और शानू बे वाओ बोलै तो रूही शरण गयी.

रोहन आगे बोलता hai…ruhi एक बात मैं जनता हूँ एनिवर्सरी वाले दिन तेरा बर्थडे भी है और उस दिन तूने मुझसे जो गिफ्ट मांगना है वो मेरा लुंड hi है न.

रूही हाँ बोलकर गर्दन झुका लेती है तो रोहन उसके होंठो को चूसकर बोलता है. तुझे तेरे भाई का लुंड जरूर मिलेगा मेरी बहिन और वो भी तेरे बर्थडे वाले दिन.

रूही भी अपने भाई के होंठो को चूमते हुए boli…thank यू भाई.

रोहन फिर शानू पर आता है. जो अपनी बरी आने पर रोहन की गोदी में उसकी और मुँह करके बैठ गयी थी.

रोहन अपनी दोनों बहनो को बताता है के कैसे उसने शनाया के कहने पर उसकी इच्छा को पूरा करते हुए झील पर उसे छोड़ा.

मेहुल और रूही हूटिंग करने लगते हैं. शानू शर्माती नहीं बल्कि अपने भाई के होंठो को अपने होंठो में कैद कर लेती है.

और चूसने लगती है. रोहन भी उसके होंठो बेतहाशा चूसने लगता है. फिर कुछ देर बाद उसकी जीभ को चुस्त है तो रोहन के लुंड में हलचल मच जाती है.

रोहन के दोनों हाथ अपनी दोनों बहनो रूही और मेहुल के कन्धों पर थे. रोहन ने अपनी प्यारी दीदी मेहुल की चुकी को उस हाथ में पकड़ रखा था और उसे धीरे धीरे दबा रहा था पर मेहुल सबके सामने होने के बावजूद भी कुछ नहीं बोल रही थी.

वैसे भी आज सबके सामने सब लोग खुल चुके थे. अगर अनु बुआ को आगे भी सतना था तो इन सबका आपस में खुलना बहुत जरुरी था.

पिछले कुछ दिनों में जब रोहन ने मेहुल से दूरी बनाई थी तो मेहुल ने भी डिसिशन ले लिया था रोहन से सब कुछ करने का और पूरी तरह से खुलने का पर मम्मी पापा की एनिवर्सरी के बाद.

अभी रोहन का लुंड बगावत पर उतर आया था. रोहन मेहुल से bola…didi आपने एनिवर्सरी से पहले मेरा लुंड सीधे तौर पर देखना नहीं है. तो आप मुँह परे कर लीजिये. मेरा लुंड कल रात से hi परेशान है और अभी तो इसने बग़ावत भी कर दी है. तो मैं इसका कुछ करवाना चाहता हूँ.

मेहुल boli…ok भाई आप कर लो जो करना है.

रोहन शानू के होंठो को चूमकर कहता hai…shanu प्लीज तुम hi कुछ करो अपने इन्ही नाज़ुक होंठो से.

शानू अपने भाई का मंतव्य समझ जाती है और मुस्कुरा कर ऊपर उठती है और भाई का लोअर उतर देती है. अंडरवियर उसने पहना नहीं था तो रोहन का लुंड एकदम से बहार निकला. रूही भी हॉरर भरी नज़रो से अपने भाई के प्यारे से लुंड को देखने लगी.

शानू लुंड पर झुकी और पहले उस पर कुछ चुम्बन जेड. रोहन की ऑंखें बंद हो गयी और बड़े hi प्यार से अपनी प्यारी बहिन शानू को bola…shanu बचे अब चुम्बन छोडो और मेरे लुंड को मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दो.

शानू ने एक आज्ञाकारी बालिका की तरह अपने भाई के लुंड को चूसना शुरू कर दिया, बिलकुल किसी मंझे हुए कलाकार की तरह. ये देखकर रूही का हाथ अपने आप अपनी छूट पर चला गया. चाहती तो मेहुल भी थी अपनी छूट का कुछ करना पर वो शर्मा रही थी तो नहीं किया.

सुदप सुदप करके जो शानू रोहन के लुंड को चूस रही थी वो अपने आप में hi आनंद देने वाला था. ऑंखें बंद किये रोहन जैसे स्वर्ग की सैर पर जा चूका था. दस मिनट उसे पूरा आनंद मिला शानू से फिर वो उसके मुँह में hi झाड़ गया.

जब वो झाड़ रहा था तो उसने उत्तेहजना की वजह से मेहुल के उभर को जोर से दबा दिया तो मेहुल के मुँह से भी आअह्ह्ह निकली.

शानू रोहन के लुंड से निकलने वाले सरे के सरे कामर्स को पि गयी और लुंड को भी अच्छे से चाट लिया.

रूही भी उत्तेजित हुई पड़ी थी. शानू के चेहरे पर लगे अपने भाई के लुंड के कामर्स को देखकर उसकी उत्तेहजना और भी भड़क गयी और उसने शानू के होंठों को अपने होंठों में लेकर उन्हें चूसना शुरू कर दिया और वो कामर्स भी चाट गयी.

रोहन और शानू खुश हो गए ये देखकर.

शानू boli…bhai रूही को अब और नहीं तड़पना इसे इसके बर्थडे पर अपने लुंड का तोहफा दे hi देना.

रोहन मुस्कुरा कर हाँ में सर हिलाते हुए बोलता hai…ab हमें मिशन पर चर्चा करनी चाहिए. फिर वो तीनो प्लानिंग करते हैं जिसमे पहले इन तीनो ने अनु बुआ को लेकर ऊपर की सफाई करनी थी. फिर शानू ऐसा आईडिया देती है के बाकि तीनो बोलते हैं बिंगो!!
 
Part 65

सफाई के लिए जब बच्चों को बोलै जा रहा था तो रोहन जानबूझकर अनु को उकसाने के लिए अपनी माँ को बोलता है.

Rohan…man hi मन मुस्कुराते hue…bua आप रेस्ट करो या मम्मी चची के साथ थोड़ा बहुत काम देख लो. सफाई का काम हम बचे देख लेंगे.

रोहन की बात पर अनु के दिमाग में तुरंत ये बात आयी. मुझे सब पता है सफाई के बहाने से तू लड़कियों के साथ क्या करना चाहता है बदमाश लड़का. कहीं कुछ ऊंच नीच न हो जाये.

ये सोचकर अनु फाटक से boli…kyun मुझे तुम लोग अपने से अलग समझते हो क्या. मैं भी चलती हूँ तुम लोगों के साथ सफाई करवाने.

Mehul…dekh लो बुआ काम मुश्किल है कहीं आप थक न जाओ.

Anu…ankhe दिखते hue…mushkil की बची. मुझे तुमने बूढी समझ लिया है क्या? मैं चल रही हूँ तो मतलब चल रही हूँ तुम लोगों के साथ.

रोहन.. मेहुल को आंख मरते hue…aane दे न मेहुल देखना आधे घंटे में hi भाग जाएँगी निचे.

अनु उनके साथ सीढियाँ चढ़ते hue…dekhti हूँ कौन आता है निचे.

फिर किसी ने कुछ भी कहना ठीक नहीं समझा. और सब लोग लग गए सबसे पहले बरामदे की सफाई करने.

Ruhi…bua आप टेबल पर खड़े होकर पंखे की सफाई कर दो.

Rohan…janbujhkar…nahi रूही बुआ से निचे निचे की सफाई करवा लो कहीं टेबल से निचे गिरकर इनका कुछ टूट वोट गया तो लेने के देने पद जायेंगे और ये फंक्शन भी अटेंड नहीं कर पाएंगी.

Anu…gusse me…rohan बस अब बहुत हुआ. अब तो फैन मैं hi साफ़ करुँगी.

Rohan…muskura kar…bilkul कर लो बुआ जी. वैसे सच में आप बहुत एक्टिव हो.

अनु इन सब को दिखने को पूरी शिद्दत से फैन की सफाई करने लग जाती है.

Rohan…fir से अनु की तारीफ करते hue…wah बुआ सच कह रहा हूँ जितनी फुर्ती आप में है उतनी तो मुझमे भी नहीं है.

अनु इस बार कोई जवाब नहीं देती. उसे लग रहा था रोहन अभी भी उसका मज़ाक hi उदा रहा है.

रोहन बुआ को छेड़ने में कोई कसार नहीं छोड़ रहा था. इन चरों में आपस में बहुत इशारेबाजी हो रही थी. सफाई भी करे जा रहे थे और बुआ को देख देख के हांसे भी जा रहे थे.

बुआ को पंखे में लगा देख रोहन bola…mehul दीदी बुआ को फैन के साथ लगे देख मुझे एक जोके याद आ गया.

मेहुल boli…irshaad है भाई. सुनाओ.

Rohan…apni फिल्म इंडस्ट्री की एक फेमस हीरोइन थी. एक बार सेट पर लाइट चली गयी जनरेटर चल नहीं रहा था.

Mehul…fir भाई.

Rohan…suna मेहुल को रहा था और ध्यान बुआ पर hi था वो साथ साथ उसका फेस एक्सप्रेशन देखे जा रहा था.. फिर क्या दीदी, हीरोइन boli…kitni गर्मी है. मेरा तो दिल कर रहा है. कपडे निकलकर फैन के निचे लेट जॉन.

Mehul…hihihi करके हंसने लगी तो रोहन बोलै जोके अभी बाकि है दीदी.

Anu…chup कर बेशर्म बहनो के आगे कैसे गंदे जोके सुना रहा है.

Rohan…suno तो सही बुआ आपको मज़ा आएगा.

बुआ भी चुप हो गयी के इस बेशर्म ने बोल के hi रहना है तो चुप्पी hi भली है.

Rohan…us हीरोइन के पास स्पॉट बॉय खड़ा था bola…madam, मैं आपका सबसे बड़ा फैन हूँ, आप मुझे सेवा का मौका दे सकती हो.

साडी बहने कहि कहि करके हंसने लगी. खलकर वो अनु बुआ के दर से नहीं है रही थी..

अनु boli…disgusting.

रोहन हँसते हुए bola…disgusting वाली बात नहीं है बुआ. जिस तरह से आप फैन की सफाई करते करते पसीने से पानी पानी हो रही हो मैं तो आपका फैन हो गया.

अबके तो लड़कियां खूब खिलखिलाकर हंसी. अनु खीझते हुए boli…tujhe जरा भी लाज शर्म है के नहीं रोहन.

Rohan…hanste hue…maine क्या कहा बुआ. जो आपको इतना गुस्सा आया.

अनु ने चुप रहना hi बेहतर समझा. Boli…kuchh नहीं. फैन की अच्छे से सफाई हो गयी थी. अनु boli…ab कहाँ करनी है सफाई बचो.

रोहन bola.bua जी तीन रूम्स और एक स्टोर रूम. हम लोग दो टीम्स में सफाई कर लेते हैं. मैं और शानू स्टोर की सफाई कर लेते हैं. आप रूही और मेहुल दीदी एक रूम में लग जाओ.

.

मेहुल और रूही ठीक है बोलती हैं पर अनु को प्रॉब्लम थी. उसे कुछ शक सा हो रहा था.

रोहन को समझ आ गयी थी के बुआ शक कर रही है. वो बुआ को आंख मर कर मुस्कुराते हुए bola….Agar इनके साथ रूम की सफाई नहीं करना चाहती हो तो मेरे साथ स्टोर रूम में चलो.

वो उसका हाथ पकड़कर ले जाने लगता है. वो जिस लहजे में बोलै और जिस लहजे में हाथ पकड़कर लेकर जाने लगा बुआ को लगा के स्टोर के अँधेरे में वो जरूर उसके साथ छेड़ कहानी कर सकता है तो वो फटाफट हाथ छुड़ाते हुए boli…nahi नहीं तुम शानू को hi ले जाओ.

शानू भी मज़े लेते हुए boli…nahi बुआ जी अगर आपको भाई के साथ स्टोर में जाना है तो जाओ. मैं रूम की सफाई कर लेती हूँ.

Anu…nahi बस ये तय हुआ. तुम रोहन के साथ जाओगी और मैं रूम में.

शानू आज्ञाकारी बचे की तरह हाँ में सर हिलाकर boli…thik है बुआ जी. जैसा आप कहो.

अब रोहन और शानू स्टोर रूम में और अनु, मेहुल और रूही रूम में सफाई करने लगे.

दरअसल ये सब कुछ शानू की प्लानिंग के हिसाब से hi हो रहा था. अब प्लानिंग का असली हिस्सा शुरू होना था. अभी तक तो जो भी हो रहा था प्लानिंग के हिसाब से सक्सेसफुल hi हो रहा था. एन्ड में देखते हैं इनकी प्लानिंग सक्सेसफुल हो पति है या नहीं.

***********

किसी भी बड़े प्लान को जब सक्सेसफुल होना होता है तो उसमे कोई न कोई अड़चन जरूर आती है. यहाँ इनके प्लान में भी एक अड़चन आ गयी thi.ji हाँ रोहन की फ्रेंड मितली.

मितली पता नहीं कहाँ से आ टपकी रोहन के घर और सीधे आवाज़ लगाने lagi…rohan.. रोहन.

निधि ने तो उसकी आवाज़ से hi पहचान लिया के मितली है. उसे देखते hi boli…arey मितली बीटा. आओ आओ. कितनी देर बाद दिखी हो. और आते hi रोहन को आवाज़ लगाने लगी. अपनी एंटी को नहीं मिलना था तुम्हे.

मितली निधि से गले मिलकर boli…wo ौंटी आपके यहाँ फंक्शन है तो सोचा कुछ मदद कर दूँ इसकी. नहीं तो कमीना बाद में तने मरेगा.

उसके मुँह से कमीना सुनकर निधि हंसने लगी और सबको मितली और रोहन की दोस्ती बारे बताने लगी.

मितली बहुत टाइम बाद आयी थी तो राधा भी उसे नहीं जानती थी. निधि ने राधा और अपनी भाभी सोनिआ से उसकी इंट्रो करवाई.

फिर निधि boli…jao वो लोग ऊपर सफाई कर रहे हैं. तुझे योगदान देना है तो तुम भी लग जाओ. हँसते हुए निधि बोली तो मितली जवाब दिए बिना hi सीढियाँ चढ़कर ऊपर चली गयी.

और ऊपर जाकर फिर से रोहन रोहन चिल्लाने लगी.

वो तो मेहुल एक्टिव थी उसने सुन लिया. वो फटाफट रूम से बहार निकली और मितली को परे hi रोक लिया पहले hi hello हुई और बोली.

Mehul…aur बताओ मितली कैसे आना हुआ.

Mitali…arey मैं तो बेंचो ओह सॉरी कमीने रोहन की मदद करने आयी हूँ. घर पर फंक्शन है बोलेगा आयी hi नहीं.

Mehul…dhire se…par गलत टाइम पर आ गयी हो.

Mitali…kya बोलै आपने दीदी. और कहाँ है rohan.mujhe भी कोई काम चाहिए.

Mehul…usko बाद में मिल लेना. पहले मेरा साथ do…bolkar उसे एक और कमरे में ले गयी और उसे काम में लगा लेती है.

मितली भी मेहुल के साथ लग जाती है. मेहुल ने उससे कुछ इस तरह से अपनी बात मनवाई थी, बोलते hue…tum एक दो रूम्स की सफाई करके उस कमीने को सरप्राइज देना.

Mitali…wah दीदी.. गुड आईडिया. बोलकर लग जाती है काम पर.

उधर अनु बुआ रूही से बोलती hai…ye मेहुल कहाँ गयी और कोई तो रोहन को आवाज़ लगा रहा था कहते हुए अनु रूम से बहार निकलती है तो रूही देखती है के प्लान एक्सेक्यूटे करने का टाइम भी हो गया. वो अनु को बोलती hai…bua शायद वो लोग इधर गए हैं स्टोर रूम की तरफ.

अनु रूही के साथ चल पड़ती है, जबकि मेहुल मितली को लेकर दूसरी तरफ गयी थी.

जब रूही और अनु स्टोर के गेट पर पहुँचते हैं तो इन दोनों को आअह्ह्ह आह्हः ससीई करके आहों की आवाज़ें आने लगती हैं. रूही का चेहरा खिल जाता है के सब कुछ बिलकुल टाइम पर और योजना अनुसार hi हो रहा है.

अनु वो आहें सुनती है तो गुस्से से लाल हो जाती हैं उसे लग नहीं रहा था बल्कि पक्का विश्वास था के अंदर रोहन शानू की चुदाई कर रहा है.

अनु स्टोर में जाने लगती है तो रूही उसे जानबूझकर रोकते हुए कहती hai…idhar क्यों जा रही हो बुआ, उधर चलते हैं न रूम में.

Anu…gusse mein…tumhe कुछ सुनाई नहीं दे रहा रूही. तुम रूम की सफाई की बात कर रही हो. इधर रोहन शानू पर हाथ साफ़ कर रहा है.

Ruhi…aise hi बनते hue…matlab?

Anu…use खींचते hue…matlab तुम्हे अंदर चलकर बताती हूँ. ये दरवाजा पक्का लॉक किया होगा.

पर अनु दरवाजे पर धक्का मरती है तो हैरान रह जाती है क्यूंकि दरवाजा खुला hi था. अनु देखती है के स्टोर में अँधेरा सा था. वो लाइट जलती है तो देखती है आवाज़ दूसरी और से आ रही थी.

स्टोर काफी बड़ा था और ल शेप में बना हुआ था. चार पांच कदम के बाद बायीं टर्न होता था.

रूही का हाथ पकडे अनु फटाफट आहों की दिशा में जाती है तो देखती है के उसकी आशा के अनुरूप शानू निचे लेती आहें भर रही थी और रोहन उसके ऊपर झुका हुआ था और बोल रहा tha…bas थोड़ी देर और शानू.

Shanu…bhai जल्दी करो न दर्द हो रहा है.

Anu…disgusting. रोहन तुम ये बहुत गलत कर रहे हो. मैं भाई को बताउंगी ये सब.

अनु और रूही को बहुत काम नज़र आ रहा था क्यूंकि बल्ब छोटा था और टर्न के बाद ज्यादा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था बस आभास हो रहा था के निचे शानू है और ऊपर रोहन.

Rohan…par आप पापा को बताओगी क्या बुआ.

अनु.. यही के तू शानू के साथ गलत काम कर रहा है. गंदे कहीं के.

उधर shanu…oh भाई जल्दी करो बहुत पैन हो रहा है.

Anu…rohan तो रोहन ये लड़की शानू भी एकदम बेशर्म हो गयी है.

इतने में रूही मोबाइल की लाइट जलती है तो पता चलता है के शानू निचे लेती है और रोहन उसके ऊपर झुका है पर दोनों ने पूरे कपडे पहने हैं.



*******
 
Part 66

रोहन ने शानू का पेअर पकड़ा था. और रोहन अनु के सामने एक जोर का झटका मरता है. शानू तो जन्मजात ड्रामेबाज है उसने जोर की चीख maari…aahhh भाई मार डाला.

रोहन मुस्कुराते hue…arey अब चलकर देख तेरी मोच ठीक हो गयी है.

शानू चलने का ड्रामा करती है और शो करती है के उसका पेअर ठीक है वो रोहन के गले लगकर बोलती hai…thanks भाई आपने मेरे पेअर की मोच निकल दी.

अनु हैरानी se…kya तुम इसकी पेअर की मोच निकल रहे थे?

Rohan…nahi मैं इसकी चुदाई कर रहा tha.(rohan जानबूझकर ये शब्द बोलै) कमल की सोच है बुआ आपकी. छोटी बहिन है वो मेरी.

अनु को काटो तो खून नहीं. अब उसे बड़ा पछतावा हो रहा था अपनी सोच पर. बहुत पछता रही थी अनु के आखिर वो इन लोगों के साथ सफाई करने आयी hi क्यों. उसे अब ये लग रहा था के आजकल के युवा एक दुसरे के साथ ज्यादा फ्रैंक हैं चाहे वो भाई बहिन hi क्यों न हो. वो खामखाह hi रोहन पर शक कर रही है. अनु को बड़ा hi पछतावा हो रहा था.

इधर रोहन मन hi मन बहुत ज्यादा हंस रहा था पर चेहरा एकदम गंभीर बना हुआ था उसका. पीछे कड़ी रूही और शानू जिनकी तरफ अनु की पीठ थी बिना आवाज़ के हंस रही थी.

रोहन ने सोचा एन्ड में ये दोनों प्लान की धज्जियाँ न उदा दे वो उन दोनों को रुआब से bola…ruhi, शानू तुम दोनों बहार जाओ और हाँ दरवाजा भिड़ा जांस मुझे अनु बुआ से कुछ पर्सनल बात करनी है.

अनु बुआ जिसे मोगाम्बो कहा जाता था थार थार कम्प रही थी. उसकी इतनी भी हिम्मत नहीं हुई के रूही, शानू को रोक दे के दरवाजा नहीं भिड़ना. उसे बहुत ज्यादा एहसास हो रहा था अपनी गलती का.

वैसे रोहन को थोड़ा तरस भी आ रहा था अपनी बुआ पर. लेकिन ये वक्त तरस खाने का नहीं था. अगर वो अभी उस पर तरस खा लेगा तो इस प्लानिंग का कोई मतलब नहीं रह जाता.

उन दोनों के जाते hi अनु डरते डरते boli….sorry रोहन मुझे ग़लतफहमी हो गयी थी.

Rohan…gusse me…achha अभी हुई क्या ग़लतफहमी. आप तो जब से आये हो मुझ पर इलज़ाम पर इलज़ाम लगाए जा रहे हो. और क्या बोल रहे थे पापा को बताओगे. अब मैं बताऊंगा पापा को साडी बात और रूही और शानू मेरी गवाह होंगी.

Anu…gidgidate hue…please रोहन बीटा. ऐसा मत करना. भाई के आगे क्या इज़्ज़त रह जाएगी भला मेरी.

Rohan…aur आपने मेरी इज़्ज़त का सोचा कुछ. चलो एक बार मेरी इज़्ज़त को गोली मारो, लड़को को तो जुटे पड़ते hi रहते हैं. आपने तो शानू की इज़्ज़त का भी नहीं सोचा. और आप तो उस बची रूही को भी के आये जो अभी 18 की भी नहीं हुई. शर्म नहीं आयी आपको.

रोहन अनु की धार धार कर ले रहा था उसका हर प्रहार मनो अनु की गांड पर हो रहा था और उसके तीखे प्रहारों से अनु की गांड अभी फटने को तैयार hi थी.

Anu…ab जो हो गया हो गया रोहन प्लीज मुझे माफ़ कर दो. हाथ जोड़ते हुए अनु बोली तो रोहन ने उसके हाथ पकडे और बोलै.

Rohan…ab आप माफ़ी मांगकर मुझे पाप न चढ़ाओ बुआ आपका ओहदा बहुत बड़ा है. पर आपने हटकट बचकानी की है और मुझे और शानू को बुरी तरह से बेइज़्ज़त किया है.

Anu…rohan बचे अब तो गलती हो गयी. बताओ इसका हल क्या है. हाँ एक बात का विश्वास दिलाती हूँ आगे से ऐसा नहीं होगा कभी.

रोहन अनु की बात सुनकर सोच में पद जाता है. वो सोचता है के अब मौका है इसे निचे लेने का. इसको अच्छा मज़ा चखाया जा सकता है ये सोचकर रोहन बोलै.

Rohan…bua आपने काम ऐसा किया है के आपको सजा दिए बिना भी नहीं छोड़ सकता. या तो पापा को फेस करने को तैयार हो जाओ या फिर….

बोलकर रोहन जानबूझकर रुक गया.

अनु बड़ी उत्सुकता से boli…ya फिर मुझे क्या करना होगा रोहन. तुम जो कहोगे मैं करने को तैयार हूँ.

रोहन मन hi मन सोचने laga…nangi हो जाओ और चुद जाओ.

उसको सोचता देख बेचैन हुई अनु boli…tum खुलकर बताओ मेरी सजा रोहन.

रोहन खुश हो रहा था के कैसे उसने एक क्रिमिनल लॉयर को झूठा साबित किया था जबकि वो अपनी जगह सही थी.

रोहन ने अबकी बार टाइम वास्ते न करते हुए bola…aapko मुझे किश करना होगा.

Anu…muskura kar…bas इतनी सी बात है. वो आगे बढ़ी और रोहन के चेहरे को पकड़कर उसके माथे पर किश कर देती है और बोलती है…. बस?

Rohan…gusse mein…bua जी या तो आप मुझे बचा समझ रही हो या फिर आप अभी बची हो.

Anu…abhi भी दरी हुई thi…to तुम क्या चाहते हो रोहन?

Rohan…sakht लहजे me…lips पर, वो भी पैशनेट. अब जब मुझे अपने बदनाम कर hi दिया है तो क्यों न वो काम भी कर लूँ जिससे झूठी बदनामी मिली है.

अनु के तो होअह फाख्ता जो गए ये सुनकर के उसका भतीजा उसे उसके पति की तरह होंठों पर किश करने को बोल रहा है वो भी पैशनेट. एक बार को तो अनु को इतना गुस्सा आया के रोहन के जोरदार चांटा रसीद कर दे. पर फिर उसे याद आया के रोहन इन्सेस्ट होने की वजह से ये करने को नहीं बोल रहा बल्कि ये तो उसकी सजा है.

गुस्से के साथ साथ अनु कन्फूसिओं में भी थी जिसने कभी अपने पति के इलावा किसी दुसरे मर्द की और आंख उठाकर भी नहीं देखा, उसके साथ उसका भतीजा, क्या हुआ उसका भतीजा है पर है तो मर्द hi न.. उसको किश देना, ये कैसे पॉसिबल है.

रोहन फिर आगे बोलता hai…ek और बात बुआ पैशनेट का मतलब है के मैं कैसे भी किश करूँ और उस दौरान कहीं इधर उधर हाथ लग भी गया तो आपको एक्सेप्ट करना होगा वो भी दिल से.

अनु मुँह फाडे रोहन को देख रही थी. ऑंखें भी बड़ी बड़ी हो गयी थी उसकी. उसका मन तो ये कर रहा था के रोहन को खरी खोटी सुनाये पर वो अपने hi बने जाल में खुद hi फंस चुकी थी और अब उसकी हालत जल बिन तड़प रही मछली जैसी थी. सांस लेना मुश्किल हो रहा था उसे.

अनु अपने गुस्से को दबा कर बड़े hi आराम से boli…rohan शायद तुम्हे नहीं पता मैं तुम्हारी कौन लगती हूँ.

Rohan…dridh निश्चय के sath…aur आपको झूठा इलज़ाम लगते हुए ये बात याद नहीं थी? मुझे भी शौक नहीं आपकी किश करने का और न hi इच्छा है. पर जो इलज़ाम आपने मुझ पर लगाया है, उसको फील करना चाहता हूँ. वैसे तो उसे फील करवाने के लिए और भी बहुत कुछ करना जरुरी था, पर मेरी सोच आप जैसी बेहूदा नहीं है. इसलिए बस किश के किये बोलै.

और भी बहुत कुछ ये ऑंखें बंद करके सोचते hi अनु एक बार तो सोच में पद जाती hai…wo खुद नंगी और रोहन उसकी छूट में लैंड दाल रहा है उसके बूब्स को चूस रहा है, उसकी बंद बजा रहा है, ये भयंकर दृश्य सोचकर धीरे से boli…nahi ऐसा नहीं हो सकता. सोचा के किश hi ठीक है.

फिर कोई फर्म डिसिशन लेते हुए आगे बढ़ी और रोहन के एकदम सामने जाकर boli…rohan मैं तैयार हूँ. तुम किश कर सकते हो. अनु ने खुद को किश और उसके साथ रोहन की छेड़ छड़ के लिए तैयार कर लिया था.

रोहन ने अपनी बुआ का चेहरा अपने हाथो में थमा, फिर अपना चेहरा आगे बढ़ाया किश के लिए और जब चेहरा पास आया तो रोहन देखता है के अनु ने बुरा सा चेहरा बनाया हुआ है.

उसने हाथ छोड़ दिए और बोलता hai…ye क्या बुआ मैं पैशनेट किश एक्सपेक्ट कर रहा था यहाँ आप मुँह बनाये हुए हो. रहने दो आप किश को हम दूसरी ऑप्शन पर आ जाते हैं.

अनु को पता था दूसरी ऑप्शन यानि रोहन अपने पापा से बात करेगा. अनु तो एकदम घबरा जाती है.

दरअसल अनु को अपने दोनों भाइयों और भाभियों से बहुत प्यार करती थी, इन लोगों ने अनु को बच्चों की तरह बड़े hi प्यार से पला था. उन्हें जब इस बात का पता चलेगा के उनकी बहिन ने उनके बेटे पर कैसा भद्दा इलज़ाम लगाया है तो क्या वो लोग उसके साथ रिश्ता रखेंगे? बिलकुल भी नहीं.

यही बातें सोचते सोचते अनु अपना मूड बनाने की कोशिश करती hai…rohan को बोली बस मुझे एक मिनट दो. रोहन मन hi मन अपनी जीत पर बहुत खुश हो रहा था.

उसने इंतज़ार किया के देखते हैं उसकी बुआ क्या करती है. वो तो अभी सोच hi रहा था के उसकी बुआ ने तो उस पर अटैक hi कर दिया.

चेहरे पर लाली और रोमांटिक अंदाज़ के साथ बुआ ने रोहन के चेहरे को थम लिया, बदले में रोहन ने भी उसका चेहरा थम लिया, फिर जब अनु अपने होंठ रोहन के होंठो के एकदम पास लेकर आयी तो दोनों को एक दुसरे की गर्म गर्म सांसे महसूस होने लगी.

इससे पहले के अनु अपने लबों को रोहन के लबों से जोड़ती. रोहन ने अपना चेहरा पीछे हटा लिया और अनु से दूर हैट गया. अनु तो एकदम कन्फ्यूज्ड सी कड़ी थी. Boli…ab क्या हुआ रोहन. अब तो सब तुम्हारे हिसाब से हो रहा था न.

रोहन ने भी यहाँ गेम चली थी, मन में एक और जीत की ख़ुशी लिए रोहन bola…maine आपको सबक सीखना था वो सीखा दिया. मैं भला अपनी बुआ को किश कर सकता था, मेरे अंदर ऐसी कोई फीलिंग hi नहीं है. रोहन झूठ पर झूठ बोले जा रहा था. फिर अपनी बुआ को निचा दिखता हुआ bola…par एक बात है बुआ मैं महसूस कर रहा था लास्ट में आपमें जरूर इन्सेस्ट फीलिंग आ गयी थी. जैसे आप कुछ चाहती हो.

एनीवे आप अभी जा सकती हो. सफाई हम लोग कर लेंगे. आप निचे जाकर मम्मी और सबका हाथ बंटाओ.

अनु रुआंसी सी हो चुकी थी. उसने महसूस किया के लास्ट में उसे सचमुच ऐसी फीलिंग्स आ गयी थी के वो खुद चाहती थी के रोहन उसके होंठो को चूसे और उसके अंगो पर प्रहार करे. ऐसा कैसे हुआ ये सोचकर hi अनु परेशान थी.

उसने मन hi मन अब ये निर्णय लिया था के वो अब कभी भी इन बच्चों के मामले में नहीं पड़ेगी. वो आँखों में आंसू लिए वो सख्त लौंडी निचे की और भागी.
 
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