Pariwarik Rishto Me Chudai Ke Majbut Sambandh - SexBaba
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Pariwarik Rishto Me Chudai Ke Majbut Sambandh

hotaks

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Dec 5, 2013
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hello दोस्तों, आज मई एक नयी कहानी शुरू करने जा रहा हु जो पूरी तरह से इन्सेस्ट बेस्ड है ी होप सबको अछि लगे ;)





कहानी पूरी कहानी के मैं हीरो की जुबानी होगी और उसी तरह शुरुआत कर रहा हु

अपडेट - 01

इंट्रोडक्शन
कहानी के पत्र:-

1)मर मानव खन्ना:- ये मेरे घर के बॉस यानि की मुखिया और मेरे परम पूज्य पिता shri.Dikhne में हेल्थी गयम बॉडी और एक दम फिट. कहने को तो ये शहर के भोत बड़े नमी बिजनेसमैन है पर साथ hi इनकी सबसे बड़ी कमजोरी है जवान शादी शुदा औरते. यहाँ तक की अपने ऑफिस में भी इन्होने फीमेल स्टाफ में अधिकतम जवान और शादी शुदा औरतो को नौकरी दी हुई है और बस यही मौका देखते है की कब इनकी जवानी लूटने का चांस बने.

2) मरस महिमा खन्ना:- ये है मेरी माँ जो की एक हाउसवाइफ है और घर में हर कार्य इनकी परमिशन से hi होता है. नेचर में भोत hi स्वीट और प्यारी, खुद को आज भी पूरी तरह योग और प्राणायाम की मदद से मेन्टेन किया हुआ है जिन्हे देख एक बार तो कोई भी सोच में पद जाये की ये वहार बच्चो की माँ नहीं हो सकती.गोरा रंग भरा हुआ वेल मैनटैनेड शरीर , मेज़रमेंट के हिसाब से कहु तो 38स की मोती चूचिया 32 क आसपास की कमर होगी और चूतड़ 40 के भरी भरकम जिसे देख किसी भू मर्द का लुंड अपनी औकाद में aajaye.Vese तो हर वक्त ये संस्कारो की बाटे करती है पर शरीफ औरत के अंदर एक चुदाई की शौकीन औरत भी है.

3)राहुल खन्ना:- ये है मानव और महिमा का बड़ा बीटा ,अपने पिता के साथ बिज़नेस में उनका साथ दे रहा और हमेशा से hi अपने टारगेट पर फोकस्ड रहने वाला. इन्होने भी खुद को भोत hi अचे और हेअल्थी तरीके से मेन्टेन किया हुआ है और इसके साथ hi इनके शोक भोत hi alag,inhe 40+ की औरते पसंद है और उन्हें पाने के सपने देखने में लगे रहते है.

4)मरस कामिनी खन्ना:- ये है हमारे घर की बहु यानि की राहुल की पत्नी जो की ेल कॉलेज में लेक्चरर भी है. जैसा इनका नाम वैसा hi इनका काम , मर्दो की अटेंशन पाने की शौकीन और भोत hi चुड़क्कड़ किस्म की औरत. 36स की गोरी और भोत hi परफेक्ट शेप की चूचिया 29-30 की कमर और 36 साइज के चूतड़ों की मालकिन. कॉलेज में और उस हर जगह जहा से यव गुज़रती है वहाउजूद हर मर्द एक बार तो पक्का इन्हे सोच कर अपने लुंड को हिला hi देगा.

5)सीमा सक्सेना:- ये है मेरी बड़ी बेहेन ,आप सोच रहे होंगे खन्ना की जगह सक्सेना kyu,vo इसलिए कुकी पिछले कुछ सालो से दीदी कुवारी न रहकर शादी शुदा हो चुकी है . परिवार में सबसे प्यारी और क्यूट अगर कोई है तो यही है भोत hi सिंपल रहने वाली और अपने भाई यानि की मुझे सबै ज्यादा प्यार करती हैं.

6)अशोक सक्सेना:- ये है मेरे जीजू यानि की सीमा दी के हस्बैंड.

7) सनी खन्ना:- ये कहानी का हीरो, यानि की मई खुद. अभी उसी कॉलेज में अपनी ग्रेजुएशन पूरी कर रहा हु जिस कॉलेज में कामिनी भाभी पड़ती है. पढाई में इंट्रेस्ट काम और बदमाशो में अव्वल, चुदाई का शौकीन और ये खासियत की एक बार कोई छुड़वा ले तो 7.2 इंच लम्बे और मोठे लुंड की दीवानी होजाती है. सबसे ज्यादा में अगर किसी से प्यार करता हु तो वो है मेरी दीदी.

8) प्रीति खन्ना:- ये घर की सबसे छोटी बेटी है मुझसे दो साल छोटी है अभी अभी कॉलेज ज्वाइन किया होता है साथ hi मॉडलिंग का भी शोक रखती है. ये भी घर की बाकि फीमेल मेंबर को बराबर की टक्कर देती है और अभी से खुद को इस तरह मेन्टेन किया हुआ है की कॉलेज में लड़के आगे पीछे घूमते रहते है पर ये अपने ऐटिटूड में रहती है.

9)रागिनी खन्ना:- ये है मेरी बुआ जी 39 के आसपास की उम्र होगी ,यानि की मानव खन्ना की बेहेन जिसने आज तक शादी नहीं की और न hi करने की इच्छा रखती है और ये भी पापा पर भाई के साथ बिज़नेस की देखभाल करती है. अब ज़ाहिर सी बात है अगर इस उम्र तक शादी नहीं की है तो इसका मतलब कोई न कही अपनी शारीरिक जरूरतों को पूरा करने के लिए तत्पर रहती होंगी. नेचर से थोड़ी स्ट्रिक्ट और साफ बात करना पसंद करने वाली है चाहे बात कड़वी हो या मीठी..

ये तो थी मेरी फॅमिली जो एक घर में एक साथ रहती थी सीमा दीदी जो इस वक्त ससुराल में है उन्हें चोर कर, इसके अलावा कुछ और लोग है जो परिवार के hi सदस्य है पर वो अलग घर में रहते है जो है..

10)अजित खन्ना:- ये में चाचा जी यानि की पापा के छोटे भाई ,या ये कहु की ये पापा और बुआ में सबसे छोटे है इनका अपना अलग से बिज़नेस है.

11) अंजलि खन्ना:- ये मेरी चची है ,एक साल पहले hi चची को एक बीटा हुआ होता है जिस वजह से इन दिनों हलकी मोती हो गयी होती है पर फिर भी दिखने में भोत hi सेक्सी है और चुचिओ में दूध होने की वजह से वो भी अचे खासे भरे हुए और बड़े दिखाई पड़ते है.

इन पत्रों के अलावा वो किरदार जो कहानी में एहम किरदार निभाने वाले है वो है:

12) श्वेता: एक शादी शुदा जवान 31 साल की जवान औरत जो मेरे पापा यानि मानव खन्ना के ऑफिस में काम करने वाली एक कर्मचारी, पोस्ट की बात करे तो ये मानव खन्ना की पर्सनल सेक्रेटरी है. अब इतनी बड़ी कंपनी में इतनी अछि पोस्ट पर होने के लिए कुछ खास तो होना चाहिए और वो खास बात थी इनकी सुंदरता.. शादी को अभी कुछ साल hi हुए है और जैसी नयी नवेली शादी के बाद औरत बानी लड़की के जिस्म में निखार आता है वही निखार अब इसके जिस्म में भी देखने को मिलता है.

13)डॉ कुसुम: मेरे दोस्त की माँ, जो पेशे से एक डॉक्टर (स्त्री रोग विशेषज्ञ) हैं, मॉडर्न खयालातों के साथ साथ भरे जिस्म की एक चुड़क्कड़ औरत.

14) माधवी : ये है मेरी मम्मी की सहेली, शुरआत में इतना परिचय hi काफी है, बाकि विस्तार से इनका परिचय आएगी जहा कहानी में इनकी जरुरत होने वाली है वह कर दिया जायेगा.

15) रश्मि: सीमा दीदी की सहेली, एक ऐसा व्यक्तित्व जो अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है, जिस्म की बनावट उसकी कुछ ऐसी की 36 के मोठे चुके, 28 की पतली कमर और मोती भरी उभरी हुई गांड... ऐसे हसीं जिस्म को देख किसी भी मर्द का लुंड झटके खाने को तैयार हो जाये और ये भी अपने इस जिस्म का अपने फायदे के लिए उपयोग करना भली भाटी जानती है.

16) मोनाल: ये है प्रीति की सहेली, उसके साथ उसके कॉलेज में पड़ती है. जवानी की इस दहलीज पर कड़ी ये लड़की कुछ ज्यादा hi फ़ास्ट है, दिमाग में हर वक्त छोड़ने के ख्यालो को लिए घूमने वाली ये लड़की, 34 27 36 की बनावट के जिस्म की मालकिन.. इसको देख कर hi ऐसा लगता है की इस उम्र में hi इसने जिंदगी के वो मजे लेलिए है जो हर लड़की के बस की नहीं होती है और शायद इसी वजह के कारन अब वो हालत है की बिना चुदाई के मनो इसका मन hi नहीं लगता हो.

तो ये है कहानी के महत्वपूर्ण किरदारों की डिटेल्स बाकि जो पत्र जुड़ेंगे (जिनका कहानी में ज्यादा रोले न हो कर कुछ hi वक्त के लिए नज़र आएंगे) उन्हें उसी वक्त डेस्क्रिबे कर दिया जायेगा..

आज के इस अपडेट में मैं किरदार का वर्णन कर दिया है बाकि कहानी की शुरिआत अब अगले अपडेट से hogi..ummid है आप सब का साथ बना रहेगा और लाइक्स कमैंट्स के जरिये मुझ तक पहुँचता रहेगा.

कोशिश करूँगा हर एक दो दिन में एक अपडेट देने की कुकी उपदटेस लम्बे रहेंगे इस लिए रोज दे पाना संभव नहीं हो सकेगा...

सभी रीडर्स के लिखे और कमेंट के रूप में सपोर्ट का इंतज़ार रहेगा...
 
अपडेट- 02

गर्मी के दिनों में दोपहर का समय ऐसा होता है जब हर कोई इंसान अपने घर से बहार निकलना तो क्या सोचना भी सही नहीं समझता और अपने अपने घरो में एक, कूलर, फैन चला आराम फार्मा रहे होते है. ठीक वैसा hi मंजर मेरे घर में और मेरी सोसाइटी भी था ,एक भी इंसान घर क बहार नजर नहीं आ रहा होता है और इसी बिच में यानि की सनी सोसाइटी के hi एक घर की दूर बेल्ल बजता हु. मैं आज कॉलेज दो क्लास के बाद करने के बाद बंक मर सीधा इस घर के दरवाजे पर आ खड़ा हुआ था और कुछ hi देर में अंदर की तरफ से दरवाजा खुलता है और एक खूबसूरत चेहरा दरवाजे के सामने आ करखड़ा हो जाता है जो मुझे इस वक्त अपने दरवाजे पर प् कर hi खुश हो जाता है. और दरवाजे से एक तरफ हैट कर कड़ी हो जाती है मनो मुझे अंदर आने की इजाजत दे रही होती है. घर में प्रवेश करते hi तुरंत दरवाजा बंद कर मेने अब उस औरत को उसकी कमर पकड़ अपनी और खींच लिया होता है और बिना किसी विलम्ब के अपने होठ उसके रसीले होठो पर रख देता हु और एक गहरे चुम्बन में तब्दील कर देता हु जिसका पूरा साथ मुझे दूसरी तरफ से उस औरत द्वारा भी मिल रहा होता है.

तक़रीबन 2-3 मिनट के इस गहरे चुम्बन के बाद हमारे होठ एक दूसरे से अलग होते है और पर वो औरत वैसे hi मेरी बहो में लिपटी कड़ी रहती है.

औरत: कितने दिनों बाद यद् आयी हैना तुम्हे मेरी आज सनी लगता है भूल hi गए मुझे तो.


सनी: ऐसा कभी हो सकता है क्या की में आपको भूल जाऊ चची और में तो आपसे मिलने का मौका ढूंढ hi रहा था पर सही वक्त कहा मिल रहा था.

जी हाँ दोस्तों इस वक्त जो मेरी बहो में मुझसे लिपटी हुई थी वो थी मेरी प्यारी अंजलि चची ,जो इस वक्त एक सिंपल सी साड़ी में मेरे से लिपटी हुई थी जजिनहोने इस वक्त एक ढीला सलवार कमीज़ पहना हुआ था और घर में अकेली होने की वजह से किसी तरह का दुपट्टा नहीं डाला हुआ था जिसकी वजह से उनका गोरा शरीर काफी हद तक निखार कर सामने झलक रहा था खास कर दूध से भरी उनकी चूचियों का गहरा सा क्लीवेज.

अंजलि: रहने दो सनी अब तुम सिर्फ बहाने बना रहे हो जब तुम ये अचे से जानते हो की में हर रोज तुम्हारे चाचा के ऑफिस जाने के बाद दिन में अकेली होती हु उसके बाद मौका कैसे नहीं मिल सकता था हँ.

Me(chachi के गलो पर पप्पी करते हुए): अरे चची पिछले एक महीने से कॉलेज में इंटरनल एग्जाम और प्रक्टिकल्स चल रहे थे इस लिए बंक नहीं मर सकता था मई और जैसे hi आज मुझे मौका मिला में तुरंत अपनी इस सेक्सी और हॉट चची के पास चला आया.

अंजलि: मई कुछ नहीं सुन्ना चाहती ये सब ,और तुम आज भी तब आये जब मेने मैसेज कर तुम्हारी खैर खबर ली वार्ना शायद आज भी नहीं आते है न.

में: ाचा चची मई मंटा हु मेने आपके साथ वक्त नहीं बिताया और ये भी समझता हु की आपको बीटा होने के बाद शायद मेरा आपके साथ वक्त बिताना ज्यादा जरुरी है अब आगे से ऐसी गलती नहीं होगी आज माफ़ कर दो.

अंजलि: नहीं इतनी आसानी से माफ़ी नहीं मिलेगी आज तुम्हे सनी.

में: ाचा तो मेरी प्यारी चची आप जो सजा दो वो मुझे मंजूर है.

अंजलि: हाँ सजा तो तुम्हे मिलेगी और तुम्हारी ाज़ा ये है की अभी इसी वक्त तुम अपनी अंजलि चची को संतुस्ट करके ख़ुशी प्रदान करो.

सजा सुनाने के बाद चची मेरी बहो में ऐसे hi लिपट कर कड़ी थी और मेरे साइन पर अपने हाथ फिरा रही थी और में भी अब चची द्वारा सुनाई गई सजा सुन उनकी आँखों में आंखे दाल कर खुश होते हुए दोबारा उनके होठो को चुम लेता हु और वैसे hi चूमते हुए उन्हें अपनी बहो में उतर कर उनके रूम में ले जा पलग पर लिटा देता हु.

में: मुउउउउउआअह चची ऐसी सजा तो में ज़िन्दगी भर भुगतने को त्यार हु.

Anjali(mujhe अपने उप्पेर ले क्र किश का जवाब देते हुए): ाचा तो फिर भुगतो अपनी सजा न मऊआअह्ह्ह्हह.

और अब मेने चची को चूमते हुए अपना एक हाथ उनके ढीले से कमीज़ में दाल दिया जिसमे से उनका स्लीव्ज साफ झलक रहा था और उसे दबाते हुए चची के होठो को चूमते जा रहा था मऊआअह ,चची भी मेरा पूरा साथ देते हुए अपनी चटीओ को उप्पेर उठा मुझे मदद कर रही थी मममम और अगले hi पल अब मेरे होठ चची की दोनों दूध से भरी गोरी चुचिओ के बिच की दरार पर होते है और उन्हें चूमते हुए साथी दोनों चूचिया मेरे हाथो में डाब रही होती है

अपनी दोनों चुचिओ पर मेरे हाथ और होठो का एहसास लिए चची अब पूरी तरह गरमानेलगती है क्र आंख बंद किये अपनी सिसकिया निकलते हुए मजे ले रही होती है ओह्ह्ह्हह ईशःठ ममम sunnyyy.Chuki दिन में कई बार बच्चे को दूध पिलाना होता है इस वजह से चची इन दिनों घर में ब्रा भी नहीं पेहेन रही थी जिस वजह से आधे से ज्यादा चूचिया मुझे उनके कमीज़ से बहार निकलती दिखाई पद रही थी और इतनी खूबसूरत दूध से भरी चूचिया देख मुझसे सब्र नहीं होता है और जोश में आते हुए में चची के कमीज़ को बिच में से पकड़ कर जोर से खींच देता हु ,खींचने की वजह से वो कपडा फैट जाता है और कपडे के फटने की आवाज सुन आँख बंद किये मजे लेती चची अपनी आंखे खोल देती है और फटी हुई कमीज़ में से अपनी दोनों चुचिओ को मेरे सामने इस तरह नंगी और कड़े निप्पल के साथ सलामी देती हु देख बनावटी गुस्से और मुस्क्यराहट के मिश्रण के साथ

अंजलि: ममममम सनी ये आप क्या कर रहे हो फाड् क्यों दिया इसे निकलने को कह देते न में कहा मन करती ईशःठ..

में: अरे चची आपकी ये दूध से भहारी चूचिया देख मुझसे रहा नहीं गया और अब जो होना था सो हो गया बस मुझे इनका दूध पिने दीजिये मुउआअह

और ये कहते हुए मेने अपना मुँह चची की लेफ्ट चुकी के निप्पल पर लगा दिया और साथ hi राइट वाले को दुय्रे धीरे से दबाने लगा मुऊआआअह्ह्ह मुऊआआह के साथ अब चुकी को पंप करते हुए में चची का दूध पिने लगता हु और चची भी पूरा मज़ा लेते हुए अपने हाथ से मेरा मुँह अपनी चुकी पर दबा और खुदसे अपनी निप्पल पकड़ कर मुझे दूध पिलाने लगती है जैसे वो अपने बेटे को पिलाती है.

में: मुउआअह चची सच भोत स्वादिष्ट और मज़ेदार दूध है आपका ममममाऊऊऊ..

अंजलि: तो पि लो न सनी खली कर दो मेरी दोनों चुचिओ का दूध अह्ह्ह्हह वैसे भी तुम्हारा तो पूरा हक़्क़क़ हैमेरे दूध पर मूउउ .

में: हाँ चची ये दूध आप अपने बेटे और मेरे अलावा चाचा को भी नहीं पीला सकती हो इनपर हम दोनों का हिचक है..

अंजलि: ओह्ह्ह्हह सनी जब से दूध आना शुरू हुआ है मेरे तुम्हारे सहचा को चुने भी नहीं दिया है ,काम दूध बनने का बहाना करके उनको मन किया व है और सिर्फ तुम्हारे लिए अपना दूध संभल कर रखती हु पिलो आज क्र खली कर दो अचे से ..

और इस तरह जब तक दोनों hi चुचिओ में से मेने चची के दूध को खली नहीं कर लिया तब तक उन्हें पिता रहा उसके बाद उस फाटे हुए कमीज़ को व्हाची के शरीर से अलग कर के उनके पेट और कमर को चूमते हुए और नाभि में जीभ घुसा कर अचे से प्यार करते हुए जिससे की चची अब पूरी तरह मेरे आगोश में आ चुकी होती hai,unki सलवार का नाडा खोल अपना एक हाथ साथ hi उनकी पंतय के अंदर दाल छूट पर रख छूट को मुट्ठी में भींच लेता हु ..

छूट पर मेरा हाथ पते hi चची के मुँह से अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ईशःठ निकल जाती है और चची अपनी कमर उचका देती है मनो ये कह रहिहो की सलवार निकल कर अचे से रगड़ दो मेरी छूट और मेने भी बिना देर किये चची के इस बात को मानते हुए उनके सलवार को एक पल में खींच कर निकल दिया और इस वक्त अब चची मेरे सामने ेओ पंतय में लेती हुई किसी सुन्दर अप्सरा से काम नहीं लग रही थी ऐसा लग रहा था मनो काम की देवी खुद मेरे सामने नंगी लेती पड़ी हो... चची का ये रूप देख में तुरंत hi उनकी टैंगो के बिच आ जाता हु और अपना मुँह उनकी गीली हो रही पंतय पर रख चउतीस की महक को सूंघने लगता हु और नक्क्को पंतय पर hi रगड़ने लगता हु.

मेरे द्वारा हो रही इन हरकतों से अब चची को अलग hi आनंद की अनुभूति हो रही होती है और इसका प्रमाण वो अपने चूतड़ हिला कर साफ ज़ाहिर कर रही थी ,चची को बढ़ती गर्मी को देख मेने अब बिना देर किये पंतय को निचे सरका उनकी चिकनी छूट की फको को फैलते हुए अपने होठो को उनके बिचरख कर चूसना शुरू कर दिया .. अह्ह्ह्हह िस्स्सस्स सुन्न्नीयीय ममममम की आवाज के साथ hi अब चची पर कामवासना पूरी तरह हावी हो चुकी होती है और वो मेरे सर को अपने हाथो से दबाते हुए खुद से अपनी छूट मेरे मुँह पर घिसने लगती है ,जिसके साथ देने के हिसाब से अब मेने अपने दोनों हाथ निचे ले जा कर चची की चूतड़ों को कास के पकड़ लिया और अपनी जीभ को नुकीला करते हुए चची की छूट में अंदर तक घुसा दी और पूरी गति से रगड़ते हुए चची की छूट की चूसै करने लगा ...

ममममममम उत्फफ्फ्फ़ सुंननीयियय चुसोऊ ऐसे hi अह्ह्ह्ह हाआनंनं कब से प्यासी हु में तुम्हारे लिए उफ्फ्फफ्फ्फ़ तुम्हारा मेरी छूट को खुश करने कतरीका की अद्भुत है मममम उफ्फ्फफ्फ्फ़ और चुसो मुझे अह्ह्ह्हह ममम.

सलूररररपपपप स्लुर्र्र्रॉप की आवाज के साथ अब चची की छूट को में चूसते हुए साथ hi अपने एक हाथ से उनकी छूट के डेन को भी रगड़ने लगा था और छूट पर दोहरा हमला चची ज्यादा देर तक झेल नहीं पाई और अपनी छूट का पानी चोर्ने लगी ममम अह्ह्ह्हह सुन्न्नीयी में तो गइईईई उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ममममम और में चची की वहुत का पूरा पानी अचे से चाटने के बाद दोबारा चची के उप्पेर आ उनके होठो को चूमने लगा मुउउउउउउआअह्हह्ह्ह्ह.

में: मुआअह चची वाकई भोत hi स्वाद है आपकी छूट में पर उसके रास में महहहआ.

अंजलि: ओह्ह्ह्ह सनी तुम जो मजा देते हो वो मुझे कोई नहीं दे पाया आज तक ेल औरत होने का पूर्ण एहसास मिलता है तुम्हारे साथ.

में: अभी कहा चची अभी तो असली खेल तो बाकि है ः

अंजलि: हाँ पता हैमुझे सनी और वो खेल खेले बिना तुम्हारी सजा पूरी भी कहा होगी आज इतने दिनों बाद हाथ लगे हो में भी खुलकर पूरा मजा लेना चाहती हु .

और ये बोल अब चची ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया और खुद मेरी टैंगो के पास जा कर मेरे लुंड को हाथ में पकड़ सहलाने लगती है और लुंड के टॉप पर अपने होठो से एक प्यारा सा किश कर दिया. चची के होठो के टच से hi लुंड ने एक जोर का झटका मर दिया जिसे डेल्ह चची की आँखों में अलग hi चमक आ जातीहै और वो बिना रुके मेरा लुंड अपने मुँह में लिए चूसना शुरू कर देती है ममममममुउआअह्ह्मणुआअह मुउउउउआअह की आवाज के साथ अब चची लम्बे और भोत मजेदार तरीमे से मेरे लुंड को चूस रही. अह्ह्ह्हह चची सच पूरी तरह एक्सपर्ट होगी हो अब लुंड चूसने में मंमाहहहहह मजा आ रहा ईएसएस hi चुसो.. ममममम सनी तुम्हारा लुंड भी उतना hi मजे देता है न चूसने में और मुझे एक्सपर्ट बनने का मौका भी इसी ने दिया है हहै मुउउउउउउआअह slurrppppppppppppp और अब चची लुंड पर थूकते हुए अचे से गिला कर के अपने गले तक उसे पूरा उतर रही थी और मेने भी चची का सर पकड़ क्र अपने लुंड पर दबा दिया और उनका मुँह छोड़ने लगा था... लम्बा ोरोता लुंड इस तरह गले तक जाने और मुँह की चुदाई से चची की सास फूलने लग गई थी पर वो रुकने का नाम नहीं ले रही थी न hi में और उनका मुँह पकड़ अब मेने निचे से खुद से उनका मुँह छोड़ना शुरू कर दिया था मममममहहहह ये लो चची... चची भी अपना मुँह पूरी तरह खोल लुंड को पूरी तरह आंध्र बहार होने दे रही थी...

इस प्रकार मु चुदाई के बाद थोड़ी देर में चची ने लुंड को मुँह से निकल उस थूक से गीले लुंड को पकड़ लिया और खुद से अपनी टंगे फैलाये उस लुंड के सिरहाने अपनी छूट को रख मुझ पर बैठने लगी .. धीरे धीरे निचे बढ़ने से अब लुंड चची की छूट के अंदर उतर रहा था जिससे चची की आंखे बंद हो रही थी और साथ hi मुँह से सीई स्स्स्सह्ह्हह्ह्ह्ह जैसी सिसकिया निकलने लगी थी पर छूट क लिए लुंड की प्यास इतनी बाद चुकी थी की वो अब इस मोठे लुंड को पूरा छूट में उतर कर मेरे उप्पेर बैठ चुकी थी और आगे की तरफ झुक कर मेरे होठो पर अपने होठ रख चूमने लगी मुउउउउआअआआह्ह्ह्हह्ह मुऊआआआअह्ह्ह्हह . चची की बात को समझते हुए मेने निचे से मोर्चा सँभालते हुए अब धीरे धीरे धक्के देना शुरी कर दिया और चूतड़ फैला कर चची की छूट छोड़ने लगा ... हर धक्के पर अह्ह्ह्हह ममममममम ईशःठ की आवाज के साथ hi व्हाची का मजा भी बढ़ने लगा था और जोश में आ वो मेर ेहोठो को काटने लगी थी ये कहते हुए की अह्हह्ह्ह्ह सुन्न्नी और जोर से छोड़ो मुझे ममममम उफ्फ्फफ्फ्फ़ और तेज़ज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़ज़ ममम अह्ह्ह्हहोर यही सब बोलते हुए चची अब उप्पेर हो कर अपनी चुचिओ को मेरे हाथ में दे कर खुद से लुंड पर उछलने लगी थी और अपनी छुटवाने लगी... चची की दोनों चुचिओ को पकड़ जोर से मसलते हुए और निप्पल को खींसहते हुए लुंड छूट में पूरी तरह अंदर बहार हो रहा था अह्ह्ह्हह्हह सुंनंनीयिययी िष्ठ्हह कितना मजेदार लुंड ह आपका मममम अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हहजजह िष्ठ्हहहह एसससस फुकककक और ऐसे hi चची अब जितना तेज हो सकता था लुंड पर उछलने लगयी है पर मोठे लुंड के धक्को को ज्यादा देर नहीं झेल पाने ले कारन चची फिर से अपनी छूट का पानी चोर देती है और मेरे पे निढाल हो गिर पड़ती है जिस पर मेने अब चची को अपने निचे लिटा उनके दोनों पैरो को अपने कंधो पर रख उनके निचे एक तकिये को फसकर छोड़ना शुरू कर दिया...

शुरुआती धीरे धक्को के प्रहार पर जिससे चची दोबारा साथ देने लगती है और जोर से व्होडने का कहने लगती है मेने दोनों टंगे पकड़ अब व्हाची की छूट को बुरी तरह पूरी स्पीड में पेलना शुरू लार दिया अह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह ममममम ये लो चची िष्ठ्हहहह बच्चा होने के बाद छूट और मजेदार हो गई है अह्ह्ह्ह..

ओह्ह्ह्हह्ह सुंननीयियय मममममम िष्ठ्हहहहह मेरी छूट का जो हल हुआ है तुमने hi किया है अह्ह्ह्हह तुम्हरे चाचा से तो शुरू सुनकुक्ह नहीं हुआ मममम अह्ह्ह्हह .

लुंड को पूरा अंदर दाल अब दोनों टैंगो को मोड़ कर में चची की छूट पर ऐसे उछलने लगा मनो जानवर सवार हो और पुरे बल के साथ चची की छूट पेलने लगता हु ..दोनों के जिस्म पसीना पसीना हो चुके रहे लेकिन रुकने का कोई नाम नहीं ले रहा था अह्ह्ह्हह मममम हैं चची अभी तो आगे भी हमेशा ईएसएस hi व्होडना है आपकी इस छूट को ....

अह्ह्ह्हह तो छोड़ो न सुननीयीय पति वाले काम तो सब तुमने किये है वैसे भी मेरे लिए ममममममाहौर अब तो चाचा से ज्यादा हक़्क़ है तुम्बारामुझ पर अह्ह्ह्ह मुझे मा बनने का सुख भी तुमने दिया है िष्ठ्हहह

ओह्ह्ह्हह मेरे बचे की माआआ है यु चची और आगे भी तुझे छोड़ छोड़ कर बच्चे पैदा करूँगा मई और तेरा दूध पिऊंगा ककककंमंमहाहह

अझह्ह्हह्ह सुंननीयियय िष्ठ्हहह हैं क्यों नहीं सब तुम्हारे नाम कर चुकी हु मई तो दासी हु तुम्हारी तुमने मुझे दुनिया की सवसे वादी ख़ुशी दी है और इसके लिए हमेसगा तुम्हरी आभारी हु अह्ह्ह..

अह्ह्ह्ह मुऊआआह ये ले चची िष्ठ्हह और अब में भी पूरी स्पीड से छोड़ते हुए चची की छूट को पेल रहा था और मुझे ये एहसास होने लगा की अब झड़ने वाला हु तो लुंड को चची की छूट से निकल उप्पेर आ चची के मुँह में लुंड दाल कर मुँह छोड़ने लगा जिससे चची भी समझ कर मुँह खोल साथ देते हुए मुँह को आगे पीछे करने लगी मुउउउउआह स्लीऊरररपपप करते हुए अगले कुछ देर में मेने अपना पूरा वीर्य चची के मुँह में भर दिया जिसे चची ने पूरी तरह पि लिया और लुंड को अचे से आफ कर दिया और दोनों बस्तर पर लेट कर साँसों को सभालने लगते है ... चची मेरी बहो में अपना सर रख लेती होती है ...

अंजलि: मममम सुननीयीय मेरे बेटे के पापा सच में तुम्हारे साथ मुझे एक औरत होने का एहसास होता है अगर तुमने उस दिन मुझे मनाया नहीं होता तो न में मा बनती और न hi कभी ये सुख मेरे नसीब में होता.

में: अरे चची मुझे आपका दुःख दिखाई पद गया था उस दिन इसलिए में आपको अपनी फ्रेंड की माँ के पास ले कर गया था चेकउप केलिए और वही से मुझे समझ आ गया था की अब मुझे क्या करना है..

अंजलि: मुउउउउउउआअह्ह्ह शुक्रिया मुझे मा बनने का सुख देने लिए और वडा करो की जिंदगी भर अपनी चची को ऐसे hi चुदाई का सुख देते रहोगे..

में: ी प्रॉमिस चची में अपने बच्चे की माँ को कैसे दुखी कर सालता हु भला ः...

और इस तरह कुछ देर दोनों एक दूसरे की बहो में लिपटे रहने के बाद में चची के घर से निकल अपने घर की और निकलने लगता हु.

चची के यहाँ से निकलने के बाद मेरे ज़हन में पुराणी बाटे यद् आने लगती है की कैसे मेने व्हाची को मेरे बच्चे की माँ बनाया और ऐसा क्या हुआ की आज चची मेरी दासी बनने तक को त्यार है... ये कुछ बाटे फ्लैशबैक में पता चलेगी जो आने वाले उपदटेस में क्लियर हो जायेगा.

दोस्तों, कमेंट करके बताइयेगा जरूर की आपको आज का ये अपडेट कैसा लगा.
 
एक तरफ यहाँ मई अंजलि चची को अचे से मसल कर छोड़ने में मस्त था वही दूसरी तरफ ऑफिस में बुआ और भाई अपनी टीम के साथ एक कॉन्फ्रेंस हॉल में किसी मीटिंग में व्यस्त थे देखते है ऑफिस में क्या हो रहा होता है.

ऑफिस के कॉन्फ्रेंस हॉल में राहुल और रागिनी दोनों अपनी कंपनी की टीम के साथ किसी प्रोजेक्ट को ले कर डिस्कशन कर रहे थे.

रागिनी: वे नीड थिस प्रोजेक्ट ात अन्य कॉस्ट ,थिस विल बे ा बिग प्रॉफिट फॉर आवर कंपनी एंड वे चैंट बारे तो लूज़ आईटी.

राहुल: डोंट वोर्री बुआ ये प्रोजेक्ट हमे hi मिलेगा इसकी पूरी तयारी कर ली गयी है और मेने और टीम ने मिल कर साडी डिटेल्स अचे से चेक कर ली एंड वे अरे वैरी वेल प्रेपरेड़ फॉर आईटी.

रागिनी: हाँ राहुल वैसे भी में किसी तरह की भी गलती टोलेराते नहीं करुँगी इस बार क्युकी इस बार इस कॉन्ट्रैक्ट को हथियाने की कोशिश हमारी कॉम्पिटिटर****** कंपनी भी कर रही है और उनके हाथ ये प्रोजेक्ट नहीं लग्न चाहिए.

राहुल: बुआ ऐसा hi होगा इस बार ये प्रोजेक्ट हमारी कंपनी को hi मिलेगा ी म दमन सूरे.

रागिनी: okay थें आज hi प्रोजेक्ट की साडी डिटेल कम्पलीट करके मुझे मिलनी चाहिए ,ी होप यू आल अंडरस्टुड आईटी.

सबकी एस मां की एक साथ आवाज आती है और सभी हॉल से बहार चले जाते है सिवई राहुल और रागिनी के,

राहुल: बूत बुआ इस प्रोजेक्ट के लिए अप्लाई करने से पहले सरे लीगल डाक्यूमेंट्स पर पापा के भी सिग्न लगेंगे अस हे इस थे ओनर ऑफ़ थिस कंपनी.

रागिनी: तुम मुझे सरे प्रोसीजर कम्पलीट करके फाइल दे दो सिग्नेचर में उनसे करवा लुंगी. वैसे भैया इस वक्त कहा है मीटिंग में उन्हें भी होना चाहिए था न.

राहुल: हाँ बुआ वो मीटिंग में आने वाले थे की तभी उन्हें किसी जरुरी काम से बहार जाना पड़गया ,मुझे इन्फॉर्म करके गए थे की हे वोट बे अवेलेबल फॉर थे मीटिंग .

रागिनी: हम्म no इश्यूज बूत हे है तो बे प्रेजेंट इन सुच इम्पोर्टेन्ट मीटिंग्स .

राहुल: अरे बुआ पापा को आप के टैलेंट और काबिलियत पर पूरा भरोसा है और इसलिए जब उन्हें पता लगता है की कोई प्रोजेक्ट आप हैंडल कर रही हो तो वो उस प्रोजेक्ट के बारे में टेंशन लेना चोर देते है और विस्व भी आज तक आपने हमेशा सक्सेस hi दिलाई है अपने टैलेंट से.

रागिनी: हम्म्म थॉट्स fine,anyways ी हैवे इतर वर्क्स तो दो तुम आज hi वो फाइल मुझे दे देना शाम तक सो तहत आगे की प्रोसीडिंग्स शुरू हो सके.

राहुल: सूरे बुआ इलल दो आईटी.

और ये बोल कर रागिनी हुआ भी कॉन्फ्रेंस हॉल से बहार निकलने लगती है और पीछे खड़े राहुल भैया की नज़र एक तक्क बुआ के चूतड़ों जो इस वक्त एक टाइट साड़ी में बंधे हुए कैद थे, पर hi रुक जाती है और जैसे बुआ चल रही थी वैसे hi चूतड़ भी उप्पेर निचे हो मटक रहे थे और भैया के मन में ये ख्याल आ जाता है की क्या मस्त चूतड़ है बुआ के ,वैसे भीइस उम्र में औरत मज़ेदार हो hi जाती है और अगर वो औरत बुआ जैसी हो तो सच में मजा hi आजाये मसलने का. पता नहीं कैसे खुद को अकेले संभल रही है इस उम्र तक जहा तक मेरी समझ है किसी भी औरत का इस उम्र तक अपनी जवानी संभाले रखना भोत मुश्किल होता है और भ के चूतड़ देख कर भी साफ लगता है की इस पर म्हणत तो हुई होगी. यही सब सोचने से उसके पंत में लुंड अंगड़ाई लेने लगता है लेकिन पंत में कैद होने की वजह से लुंड पूरी तरह अपनी औकाद में आये उससे पहले राहुल भैया को दर्द का एहसास होता है और वो एडजस्ट करके हॉल से बहार निकल अपने केबिन में चले जाते है.

वही दूसरी तरफ मानव खन्ना यानि मेरे पापा जो की ऑफिस से एक जरुरी काम का बहाना करके निकले थे वो इस वक्त एक होटल रूम में शर्ट के बटन खुले और अपने मर्दाने साइन को नंगा किये हुए साथ hi अपनी पंत को पेरो तक उतरे हुए और अपने दोनों हाथो को अपने आगे बीएड के सहारे झुक कर कड़ी एक हसीं औरत की कमर में डेल हुए उसकी छूट में अपने लुंड को अंदर बहार कर छोड़ने में व्यस्त थे. और इस चुदाई का आनंद लेते हुए वो औरत भी पूरी तरह से नंगी हो पापा के लुंड का खुलकर मजा ले रही थी .


लेडी: ममममम अह्ह्ह सिररररे एस्सस फुककक में हरदरररर ममम ी वांट ु मोरे ंद मोरे एंड हर्डर एसससस फुकक में सिर्रर्र आईएम ुर व्होरे अह्ह्ह.

मानव: हाँ ु बितछःह और ले मेरा लुंड पूरा अंदर तक तेरी ये जवानी लूटने के लिए hi तो तुझे देखते hi मेरी सेक्रेटरी अप्पोइंट किया था साली और पापा ये बोल उस लेडी को और बुरी तरह ढक्के लगते हुए छोड़ने लगते है.

यहाँ ये तो समझ आ गया होगा की इस वक्त पापा जिस औरत पद छाडे हुए है वप उनकी सेक्रेटरी है जिसका नाम श्वेता है ,श्वेता एक मैरिड औरत है और अभी चार महीने पहले hi पापा ने उसे अपनी सेक्रेटरी अप्पोइंट किया था.

श्वेता: ओह्ह्ह्ह सिर्रर्र आपके इरादे में पहले दिन से hi समझ गई थी और आज पैसा चार महीनो में आपने मुझे जितना छोड़ा है उतना तो मेरे पति ने भी नहीं छोड़ा होगा अह्ह्ह्हह ममममम

मानव: तो तू पति की बीवी है और मेरी एक रैंड है समझी तुझे ऑफिस में काम करने के साथ साथ मुझे मज़े देने के अलग से पैसे भी देता हु गिफ्ट्स देता है तो अब उसका हिसाब तो पूरा करूँगा na..or ये बोल पापा ने अब श्वेता के दोनों बूब्स को पकड़ कर निचोड़ दिए और लुंड के स्ट्रोक्स भी और स्पीड से मरने लगते है.

श्वेता: मममम एस्सस सर में ये बात अछि तरह से जानती हु और अब तो में खुद ये चाहती हु की आप मुझे रोज ऐसे hi छोड़ो मुझे अपने पति से ज्यादा मजा आपकी रैंड बन कर छोड़ने में आने लगा है आपके लुंड का कोई जवाब नहीं है सर अह्ह्ह्हह उईईईईई ममम नोच डालो मेरी चूचिया..

पापा उसकी ये बात सुन पूरी तरह जोश में आ जाते है और अब श्वेता के बाल पकड़ लुंड को छूट में पेलने लगते है मनो सच में किसी घोड़ी की सवारी कर रहे हो ..

श्वेता: ओह्ह्ह्ह सिररररर ममममम फुकककक मेई हरदरररर एसससससस ी लव बीइंग ुर व्होरे मंममएससस इसी मज़े के लिए तो आपके एक बार बुलाने पर में आज मेरी मैरिज एनिवर्सरी के दिन भी पति से बहाना कर के दो घंटो के लिए घर से बहार आई हु अह्ह्ह .

मानव: अरे मेरी रंडी मेने तो कल जब तूने बताया की तेरी एनिवर्सरी है तब hi सोच लिया था की कल तुझे पक्का छोड़ना है और इसलिए आज तुझे होटल में बुलवाया ताकि तेरी जवानी आज के दिन जहा पति को लूटनी किये उसकी जगह में लूट लू मम्मूयः और चूतड़ पर दो यहापपद लगा दिए.

श्वेता: अघहहहहहह सिररररर मममम ईशःठ धीरीई दर्द होता है ममम अह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ तो सिर्रर्र अपनी इस सेक्रेटरी छुम रंडी के लिए गिफ्ट नहीं ले कर आये कुछ.

मानव: गिफ्ट भी लाया हु अभी देता हु और ....और ये बोल पापा ने श्वेता को आगे की तरफ झुका गांड को अछि तरह उप्पेर करके लुंड को थूक से गिला कर और गांड के छेद पर थूक दाल कर एक झटके में अपने लुंड का टोपा श्वेता की गांड में घुसा दिया..

श्वेता जिसे पहले गांड मरवाने का एक्सपीरियंस तो था लेकिन आखरी बार गांड में लिए उसे वक्त हो चूका था और पापा ने आज पहली बरगद में लुंड डाला था उसकी जिस वजह से मोठे लुंड के टोपे को गांड में घुसते hi उसकी एक जोर दर चीख निकल जाती है अह्ह्ह्हह्हह्ह्ब्ब्भहह sirrrrrrrrrr कहा घुसा दिया मममममयुफफ्फ मर गईई सर प्लसस निकल दो इसे वह से..

मानव: चुप कर श्वेता बस गिफ्ट किये था न तुझे तो ये है तेरा गिफ्ट आज तेरी गांड को भी मेने अपने लुंड का स्वाद दे दिया वैसे बी आज से ाचा दिन नहीं कोई तेरी गांड को पहली बार मरने का भोत कासी हुई है साली तू जो ... और हे बोल दो तीन झटके एक साथ बिना रुके दे मरे जिससे लुंड पूरा गांड में उतर जाता है और वही श्वेता का हाल एक दम बुरा हो जाता है और उसके आँखों से आंसू तक निकल आते है..

श्वेता की इस हालत को देख पापा अब कुछ देर रुक कर उसका जिस्म ,बूबे सहलाने लगते है और जैसे hi श्वेता नार्मल होने लगयी है पापा अपने अंदर के जानवर को जगा उसकी गांड की पिलाई शुरू कर देते है...

श्वेता: ओह्ह्ह्हह सिररररर मममममम उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ अह्ह्ह्ह एक गांड बचा राखी थी आपसे आज वो भी लूट ली आपने अह्ह्ह्ह ममम अब रुकना मत जब फाड् hi थी है रतो अचे से फेडो इसे अह्ह्ह फुककक माय अस्स्स्स सर फुकककक आईटी..

इस बात पर पापा अब चूतड़ों को पकड़ भोत hi तेज गति से श्वेता की गांड को छोड़ने लगते है और साथ hi चूतड़ों पर थप्पड़ो की बौछार से दोनों वहुताद लाल कर देते है ...

मममम अह्हह्ह्ह्ह इस्स्स्सस्स सिरमममम उफ्फफ्फ्फ़ िष्ठ्हह इस तरह की मैरिज एनिवर्सरी तो पहली है मेरी ममममम ऐसे कभी सेलिब्रेट नहीं की अह्ह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़ एस्सस सिर्रर्र आईएम गन्ना कम्मं पीएलए डोंट स्टॉप अह्ह्ह ममम..

और अब पापा भी अपनी चुदाई की गति बड़ा देते है और गांड में लुंड पेलने के साथ hi छूट को अपनी उंगलिओ से रगड़ने लगते है जिस वजह से एक तरह पापा क्र दूसरी तरफ श्वेता दोनों एक साथ झड़ने लगते है और झड़ने के बाद दोनों एक दूसरे के िप्पर hi बिस्तर पर निढाल गिर जाते है.

श्वेता: मममममम सिर्रर्र आज आपने मेरी गांड मर कर मुझे पूरी तरह लूट लिया है ममममम में आज सच में आपकी रंडी बन चुकी हु पूरी तरह.

मानव: मुउउउउउआआआआह हाँ वो तो तुम बन hi चुकी हो और ऐसे hi आगे भी तुम्हारी जवानी लूट ता रहूँगा , तुम जैसी जवान औरत तो कमजोरी है मानव खन्ना की मुआअह

और ये बोल पापा बीएड से उठ कर अपने कपडे पहनने लगते है और साथ hi पास पड़े एक बैग में से श्वेता को एक चेक निकल क्र देते है.. ये लो इसे तुम्हारा एनिवर्सरी गिफ्ट समझो तो भी या अपनी गांड की औरजवानी की कीमत समझो तो भी. चेके में अमाउंट देख श्वेता भोत खुश हो जाती है ..थैंक यौऊ सो मच सिरररररर इतना बढ़िया गिफ्ट मुझे आज तक किसी से नहीं मिला... श्वेता की जवानी आपके नाम है सर अब हमेशा के liye..or इस तरह दोनों बरी बरी उस होटल से बहार निकल पापा ऑफिस और श्वेता कल ओफ्फिसाने का बोल अपने घर की तरफ चली जाई है.

ऑफिस में बुआ और राहुल भैया की मीटिंग , होटल में पापा और उनकी सेक्रेटरी श्वेता की चुदाई और यहाँ मेरे द्वारा चची की दुमदार चुदाई ये तीनो काम लगभग एक hi समय पर अलग अलग जगह पर चल रहे होते है. और जैसा की मेने कहा चची की चुदाई के बाद में सीधा अपने घर आजाता हु और थकन की वजह से बिना किसी से बात किये सीधा अपने रूम में जा कर आराम करने लगता हु और तभी मेरे दिमाग ने ये ख्याल भी चल रहे होते है की किस तरह मेने चची को मुझसे छोड़ने के लिए मनाया और आखिर में चची ने मेरे hi बच्चे को अपनी कोख से जनम दिया और मुझे इस उम्र में hi एक बाप बना दिया.

***फ्लैशबैक***

आज चची का बर्थडे था और सुबह सुबह में कॉलेज जाने से पहले में चची को बर्थडे विश करने उनके घर जाता हु , जब में वह पंहुचा तो चची घर में अकेली थी और चाचा आलरेडी ऑफिस जा चुके थे.

घर में पहुंचते hi मेने चची को एक हग्ग दे कर उन्हें बिरथसय विश किया.

में: हैप्पी बर्थडे चची ... एंड मान्य मान्य हैप्पी रिटर्न्स ऑफ़ थे डे चची.

चची: थैंक यू सनी ..

चची ने थैंक यू तो बोल दिया पर उनकी स्माइल देख मुझे कुछ सही नहीं लगा क्युकी वो स्माइल रियल काम फेक ज्यादा लग रही थी और चची के चेहरे से भी लग रहा था की आज के दिन भी वो खुश नहीं थी.

क्युकी मेरे और चची का हमेशा से एक ाचा बांड रहा होता है और में बोहोत सी ऐसी बाटे होती थी जो अपनी माँ से भी पहले चची से शेयर करता था तो आज मुझे चची को इस तरह परेशां नहीं देखा गया और मेने पूछ लिया.

में: चची क्या बात है आज जन्म दिन पर भी आप खुश न हो कर कुछ परेशां सी लग रही हो.

चची( मुँह फेर कर ): नहीं सनी ऐसी कोई बात नहीं है में भोत खुश हु तुझे कुछ भी लगता है.

Sunny(unhe अपनी तरफ पलट कर): देखो चची आप मुझसे झूट नहीं बोल सकती में आपके चेहरे के एक्सप्रेशन अछि तरह से समझता हु सो प्लस सच सच बताइये की बात क्या है.

मेरी इस बात पर चची मुझसे लिपट जाती है और सिसकते हुए रोने लगती है. मुझे समझ नहीं आता की चची को अचानक से क्या होगया पर में कुछ देर चची को ऐसे hi लिपटाये रख उनकी बैक पर हाथ सहलाते हुए..

में: चची क्या हुआ बताइये न अब आप रो क्यों रही हो मेने कुछ गकत कर दिया क्या या किसी और ने कुछ कहा आपसे बताइये तो सही.

और में चची को पकड़ कर वही सोफे पर बिठा उनके आंसू पॉच उनकी तरफ देखता हु.. बताइये चची बात क्या है.

चची: बात कुछ नहीं है सनी किसी ने कुछ नहीं कहा मुझसे ,वैसे भी जब मुझमे hi कोई खराबी है तो में किसी और को क्या दोष दू.

में: चची देखो मुझे आपकी बात समझ नहीं आ राहु प्लस साफ साफ बताइये की बात क्या है हुआ क्या hai..kya चाचा ने कुछ कहा आपसे.

चची: नहीं सनी ये तुम नहीं समझोगे और तेरे चाचा ने अगर कुछ कहा भी है तो वो उनकी जगह सही है मेरे में hi कुछ कमी है कही न कही.

में: चची आपमें कमी किसी कमी और आप पूरी तरह से फिट हो इतनी अछि हो आपमें कोई कमी में मन hi नहीं सकता.

चची: सनी सिर्फ फिट और ाचा दिखना काफी नहीं होता एक औरत को अंदर से भी पूरी रंतरह से सही होना जरुरी है जो में नहीं हु .

में: अंदर से सही शोना matlab..andar से कहा से.. देखो चची मुझे अपना दोस्त मानती हो न फिर प्लस साफ साफ बताइये की क्या कमी है क्या हुआ है.

Chachi(meri आँखों में देख कर): मुझमे एक ऐसी कमी है जो शायद एक औरत के लिए श्राप hai..me कभी माँ नहीं बन सकती sunny..or ये बोल चची फिर से रोने लग जाती है..

चची की ये बात सुन कर मुझे भी एक धक्का सा लगता हज पर इस वक्त चची को संभालना ज्यादा जरुरी था इसलिए मेने चची को फिर अपनी बहो में लिए चुप कराया.

में: चची ये क्या बोल रही हो आप ऐसा किसने कहा आप से ऐसे कैसे हो सकता है..

चची: किसी के कहने की क्या जरुरत है बीटा तुम खुद देख रहे हो मेरी शादी को आज कितने साल हो चुके लेकिन में अब तक माँ नहीं बन पायी शुरू के ालो में हम बच्चे के लिए त्यार नहीं थे इसलिए प्लान नहीं किया और जब प्लान करने का सोचा तो उसके बाद हमारी साडी कोशिशे बेकार जा रही में माँ नहीं बन सकती सनी...

में: चची पर हो सकता है की इसका कोई और कारन हो क्या आपको किसी डॉक्टर ने ये बात कही की आप कभी माँ नहीं बन सकती..

चची: नहीं में किसी डॉक्टर के पास नहीं गयी हु आज तक.

में: तो फिर आप इतने यकीं से कैसे कह सकती हो की माँ नहीं बन सकती हो सकता है कमी आपमें न हो कर चाचा में हो जो रेक्विरेमेंट है एक बच्चे को पैदा करने के लिए शायद वो चाचा की तरफ से काम हो.

चची: ये क्या कह रहे हो सनी तुम तुम्हारे चाचा से में पूरी तरह खुश हु वो मुझे प्यार भी भोत सही ढंग से करते है फिर उनकी तरफ से किसी कमी.

में: चची औरत को सिर्फ प्यार करने से कुछ नहीं होता एक बेबी पैदा करने के लिए मर्द और औरत दोनों का बराबर का हाथ होता है और भोत सी बार कमी मर्द में होती है उनके स्पर्म इतने स्ट्रांग नहीं होते की एक बच्चे के लिए काफी हो.

Chachi(serious हो): पर ये पता कैसे चलेगा सनी और तुम्हारे चाचा तो हमेशा मेरा दोष निकलते रहते है की में hi माँ बनने लायक नहीं आज सुबह भी हमारी इसी बात पर लड़ाई हुई और में इसलिए उदास थी.

में: चची अब इसलिए लिए आपको पहले एक डॉक्टर के पास जा कर चेकउप करवाना पड़ेगा एक बार आप अपना चेकउप करवाओ फिर साफ पता लग जायेगा की आपने कमी है या नहीं.

चची: पर सनी में अकेली डॉक्टर के पास कैसे जाऊ और तेरे चाचा इस बात लड़ कभी आने को मानेंगे नहीं .

में: एक काम करते है चची अभी तो मेरी एक इम्प क्लास है में वो अटेंड क्र आता हु फिर में आपके साथ चलता हु और मेरे एक दोस्त की माँ भोत hi अछि गिनिस है वो अचे से हमे सपोर्ट करेगु में उन्हें लेरसोनालय अचे से जनता हु.

चची: ठीक है फिर यही करते है तुम हो आओ सलग तब तक में भी घर के काम ख़तम कर लेती हु.

और ये बोल कर में अपनी कॉलेज ले लिए निकल जाता हु ,कॉलेज पहुंच कर में दोस्त की माँ को भी कॉल करने अपॉइंटमेंट फिक्स कर देता हु..

आगे की कहानी अब अगले अपडेट में.....

शुक्रिया दोस्तों आप सब में कमेंट देख कर मुझे भोत ाचा लगा और ख़ुशी है की आप लोगो को कहानी पसंद आ रही है ,बस ऐसे hi साथ बनाये रखिये अपना कहानी इसी तरह मज़े और अलग अलग टास्ते के साथ आगे बढ़ती रहेगी .
 
***फ्लैशबैक कॉन्टिनुएस***

कॉलेज में दो क्लास अटेंड करने के बाद मेने चची को कॉल लगा कर सीधा डॉक्टर के क्लिनिक आने को कहा और में भी वही पहुंच जाता हु. चची भी वह सही समय पर आजाती है और हम दोनों मेरे दोस्त की माँ यानि डॉ कुसुम के पास उनके केबिन मचले जाते है. दरवाजे पर जाकर लनौक करते हुए मेने अंदर आने की परमिशन मांगी .

कुसुम: अरे सनी बीटा तुम.. आओ न तुम्हे कब से परमिशन मांगने की जरुरत पड़ी.

में: hello आंटी, ः नहीं आंटी ये आपका क्लिनिक है यहाँ प्रोफेशनल होना पड़ता है घर पर कैसे भी आओ चल जाता है .

कुसुम: ः में अपनों के लिए घर या क्लिनिक दोनों जगह एक जैसी हु ऐसे फरक नहीं करती, खैर बाटे चोरो ये बताओ आज यहाँ कैसे आना hua(meri आँखों में देख नॉटी सी स्माइल कर )

Me(chachi की और इशारा कर): आंटी ये है मेरी chachi,Anjali खन्ना इनका आपसे चेकउप करवाना था इसलिए .

कुसुम: चची की तरफ देखते हुए.. hello अंजलि जी प्लीज ु बोथ हैवे ा सीट फर्स्ट.

और हम दोनों आंटी के सामने राखी दोनों चेयर्स पर बैठ जाते है.

कुसुम: हाँ तो अंजलि जी बताइये क्या प्रॉब्लम है .

में : चची की तरफ देख उन्हें कॉन्फिडेंस देते हुए .. चची हिचकिचाइए नहीं ऐसा समझो की घर की hi डॉक्टर है बिंदास अपनी दिक्कत बताओ इन्हे.

कुसुम: हाँ अंजलि जी अचे से बताओ सनी तो मेरे बेटे जैसा है और आंटी मेरी तरफ देख मुस्कुरा देती है रिप्लाई में मई भी स्माइल दे दिया.

अंजलि: एक्चुअली डॉ मेरी शादी को आज ** साल हो चुके है और में अब तक माँ नहीं बन सकीय हु इस बात पर मेरे और हस्बैंड के बिच अक्सर जगहदे होते रहते है उनका कहना है कमी मुझमे है बस इसलिए..

कुसुम: हम्म्म्म अंजलि जी में आपकी परेशानी समझ गई हु आप फ़िक्र न करिये में अभी आपका टेस्ट कर देती हु इससे पता चल जायेगा की एक्चुअल कमी आपमें है या आपके हस्बैंड में. आइये मेरे साथ

और डॉ चची को ले एक सेपरेट रूम में ले गयी जहा उनका चेक उप किया और फिर वापस रूम में आ गए दोनों वह हमने रिपोर्ट का इंतज़ार करते हुए तक़रीबन 15-20 मं ऐसे hi बात व्हीट की और तब तक रिपोर्ट्स भी आ चुकी थी रिपोर्ट्स देख कर ..

कुसुम: सनी और अंजलि जी , रिपोर्ट्स देख कर ये साफ हो रहा है की आपमें कोई कमी नहीं है आप माँ बनने के लिए पूरी तरह स्वस्थ है और माँ बनने के लिए जरुरी हर गन आपमें है .

ये बात सुन चची के चेहरे पर ख़ुशी आजाती है और में भी खुश हो जाता हु .

अंजलि: थैंक यू सो मच डॉक्टर अपने मेरी परेशानी दूर कर दी ,पर अगर मुझमे कोई कमी नहीं तो फिर में माँ क्यों नहीं बन प् रही हु.

कुसुम: देखिये अंजलि जी हर वक्त कमी औरत में हो ये कोई जरुरी नहीं है भोत सी बार कमी मर्दो में होती है उनके स्पर्म काउंट इतने काम होते है जो एक बच्चा पैदा करने के लिए काफी नहीं होते और यही आपके केस में भी होगा ,एक बार आप अपने पति से भी टास्ते करवाने का कहिये बात और क्लियर हो जाएगी.

अंजलि: नहीं डॉ वो कभी नहीं मानेंगे किसी टास्ते केलिए उनके हिसाब से उनमे कोई कमी नहीं है और वो तो ये बी नहीं चाहते की में कोई चेकउप करवौ इसलिए उन्हें बिना कहे में सनी कोले कर आई हु आज यहाँ.

कुसुम: हम्म्म ये प्रॉब्लम भोत से कपल में देखने को मिलती है आजकल ,वैरी कॉमन इशू आईटी इस.

सनी: तो आंटी ऐसा कोई सलूशन नहीं की चाचा को बिना टास्ते किये कुछ हो सकता हो.

कुसुम: देखो सनी ये पॉसिबल नहीं है बिना टास्ते कुछ नहु कहा जा सकता बाकि हाँ अगर तुम्हारे चाचा यहाँ नहीं आने वाले है तो एक उपाय है तुम्हारी चची के माँ बनने का.

अंजलि: क्या उपाय है डॉ ?

कुसुम: आजकल साइंस इतना आगे बाद गया है अंजलि जी की बिना सेक्स किये भी आप माँ बन सकती है.

में एंड चची दोनों साथ में: ये कैसे पॉसिबल है ???

कुसुम: आईटी इस पॉसिबल , आजकल ऐसी टेक्नोलॉजी आ गई जिसेहम टेस्ट तुबे बेबी प्रोसेस कहते है बूत इसके लिए भी हमे तुम्हारे चाचा के स्पर्म की जरुरत तो होगी hi और वह भी अगर स्पर्म काउंट में कमी हो तो रिस्क बानी रहती है.

अंजलि: नहीं डॉक्टर ये मेरे हस्बैंड नहीं मानेंगे इस बारे में मेने पहले भी उनसे कहा था ये तरीका मुझे पहले दिमाग में आ चूका था पर मेरे हस्बैंड ने मन कर दिया की ऐसा कोई तरीका हम नहीं अपनाएंगे.

कुसुम: फिर अंजलि जी अगर नैचुरली आपको माँ बनना है तो और कोई ऑप्शन नहीं है में कुछ मदद कर भी दू लेकिन अगर आपके हस्बैंड टास्ते करवाए तो कुछ पॉसिबल है.

अंजलि: ठीक है में एक बार और कोशिश करुनगज उन्हें मानाने की कोशिश करती हु.

कुसुम: तहत विल बे ग्रेट अंजलि जी .

अंजलि: थैंक यू सो मच डॉक्टर.

में: थैंक यू आंटी .

कुसुम: इतस माय प्लेअसुरे , एंड सनी तुम अभी वापस कॉलेज जा रहे हो या घर

में: घर जाऊंगा पर कॉलेज में थोड़ा काम है मुझे उसे पूरा करने के बाद क्यों कुछ काम था.

कुसुम: हाँ अगर कॉलेज जा रहे हो तो मुझे घर ड्राप कर देते क्या है मेरी गाड़ी का टायर पंक्चर हो गया है.

में: ठीक है आंटी में चची को बहार चोर कर आता हु फिर चलते है.

और में क्लिनिक से बहार निकल चची को उनकी गाड़ी में चोर देता हु चची घर चली जाती है और में अंदर आने लगता हु तभी मेरी नज़र वह कड़ी गाड़ी पर पड़ती है जो कुसुम आंटी की थी जिसके सभी टायर्स एक दम सही थे. में फिर अंदर आंटी के केबिन में चला जाता इस बार बिना नॉक किये.

में: आंटी अपने मुझसे झूट क्यों कहा आपकी गाड़ी तो बहार बिलकुल सही सलामत कड़ी है .

कुसुम आंटी अपनी चेयर से उठ कर मेरे पास आती है मुझे पीछे धकेलते हुए दिवार से सत्ता देती हाउ और अपना एक हाथ से मेरे जीन्स के उप्पेर से मेरे लुंड को पकड़ लेती है और अपने होठ मेरे होठ पर रख किश करने लगती है मुउउउउउआआअह्ह्ह मुउउउउउआआआहहह. मुझे संहह आगया था की आंटी ने मुझे क्यों रोका था और ये पहली बार नहीं था जब आंटी को में छोड़ रहा था, इससे पहले दो बार उनके घर जा कर उनकी चुदाई हो चुकी है , आंटी की पहलः चुदाई मेने ऐसे hi अपने दोस्त की बर्थडे पार्टी पर की थी और तब से वो मेरे लुंड की दीवानी हो चुकी थी.

किश तोड़ते हुए..

कुसुम: हाँ पता है बीटा मेरी गाड़ी सही है पर तुम्हारी आंटी ठीक नहीं है न आज सुबह जब मेरी नर्स ने बताया की सनी खन्ना का अपॉइंटमेंट भी है मेने सरे अपॉइंटमेंट कैंसिल करवा दिए कुकी कितने दिनों बाद आज मौका मिला है मुझे तुम्हारे इस दुमदार लुंड को लेने का ,मुझे लगा था अकेले आओगे लेकिन साथ में चची भी थी इसलिए इतनी सेर खुद को संभल रखा था पर अब नहीं सम्भला जा रहा है सनी दे दो न अपना मुसल लुंड मेरी छूट को.

में आंटी के चूतड़ों को अपने हाथो में पकड़ मसलते हुए ,रुका तो मुझसे भी नहीं जा रहा था कुसुम रानी वैसे भी एक बार तुमहेतुम्हारैक्लिनिक में छोड़ने का तो में कबसे hi सलचैराहा था आज ये काम भी पूरा कर देता हु और ये बोल मेने आंटी के होठो को वापस चुम लिया. होठो को चूमते हुए hi आंटी ने मेरे जीन्स को खोल लुंड बहार निकल दिया और उसे सहलाते हुए : हैइए सनी सच में कितना मस्त लुंड है तुम्हारा जब पहली बार लिया तभी से दीवानी हो गई में तो इस लुंड की और आंटी निचे बैठ लुंड को मुँह में ले क्र चूसने लगतु है और मेने भी उनका फेस पकड़ उनके मुँह को छोड़ना शुरू कर दिया.

मुँह छोड़ते वक्त ये बात बी ख्याल में थी की इस वक्त हम घर में नहीं क्लिनिक में है इसलिए मेने आंटी को खड़ा किया और उन्होंने इस वक्त साड़ी पहनी थी जिसका पल्लू हटा मेने ब्लाउज के हुक खोल दिए और ब्रा को खींच कर फाड् दिया ... कामिनी औरत जब पता है की छुड़वाना है तो इतने सरे कपडे क्यों पहने हुए थी तू अब तक पहले नहीं निकल दक्ति थी और ये बोल मेने दोनों निप्पल जोर से मसल डाली.... अह्ह्ह्हह्हह मममम हैइए अगर पहले निकल देती तो तुम ऐसे फाड़ते कैसे और मुझे तुम्हारी यही ऐडा तो गरम करती है तुम्हारा यु जानवर बन जाना और मेरे जिस्म को नोचना अह्ह्ह्ह िष्ठ्हह.. इस बात पर मेने आंटी को उनके hi टेबल पर लिटा दिया और साड़ी पेटीकोट उठा पंतय बी एक झटके में निकल कर उनके मुँह में hi थुश दी जिससे की आगे होने वाली आवाजे बहार न जाये और उनकी छूट पर थप्पड़ लगाने लगा ... दर्द जब सेहेन नहीं हुआ तो आंटी की आहें निकलने लगी पर पांतिमुह में होने की वजह से चीख बहार नहीं निकल पाई मममममममम ुफगगगगव्ववववव करते हुए वो छूट पीछे सरकने लगी ठु जिस पर मेने उनकी कमर पकड़ उनकी टैंगो के बिच आकर लुंड को छूट पर सेट कर एक कास कर जोर का धक्का लगा पूरा लुंड एक बार में hi अंदर उतर दिया .. अह्ह्ह्हह्हह उम्मम्मम्मम गगगगगगगग करते हुए मुझे आंटी पीछे धकेलने लागिमानो कह रही हो की बहार निकल दो लुंड पर मेने उनकी एक न सुनी और अगले बिस से पच्चीस मिनट तक उनकी छूट की दुंदर तरीके से चुदाई करता रहा जिस बिच वो तीन बार अपना पानी चोर चुकी थी . और अब में भी अपना पानी आंटी की छूट में भर कर लुंड बहार निकल उनके मुँह के पास ले जा क्र पंतय निकल चटवाने लगा जिसे आंटी ने अचे से साफ कर दिया चाट कर..

कुसुम: ओह्ह्ह्ह सनी वाकई क्या जबरदस्त चुदाई करते हो तुम पूरी जान निकल दी मेरी जानवर हो पुरे.

में: अरे कुसुम रानी अब तुझ जैसी मस्त भरे जिस्म की औरत मिले तो जानवर बनना hi पड़ता वार्ना तुझे बी कहा मजा आएगा क्यों हाहाबा..

कुसुम: हेहेहे हाँ बात तो सही है में खुद इस जानवर से छोड़ने को बेताब थी उम्मम्मम्मम्हाआअह थैंक यू फॉर फूकिंग में.

में: मुआअआआअह्ह्ह्ह चलो अब में चलता हु ,अब सीधा घर जाऊंगा कॉलेज कैंसिल हाहाहा.

कुसुम: हेहेहे वैसे सनी एक बात कहु अगर बुरा न मनो तो थोड़ी पर्सनल और शायद बुरी लगे वैसी भी है.

में: अरे आंटी बिंदास बोलो आपकी कोई बात बुरी नहीं माननी

कुसुम: देखो मुझे ये भोत अचे से पता है की तुम्हे चुदाई का भोत शोक है खास कर के मैरिड औरतो की छूट का है न

में: हैं भोत शोक है मन करता है साडी औरतो की छूट फाड् दू हाहाहा..

कुसुम: हम्म्म तो मेरी बात ध्यान से सुनो , तुम्हे ये शोक है और अगर तुम्हरे इस शोक से किसी एक जरुरत मंद की जरुरत पूरी होती है और उसकी परेशानी दूर होती है तो तुम उसकी मदद करना चाहोगे.

में: में समझा नहीं कैसी जरुरत और कैसी मदद.

कुसुम: में तुम्हारी चची की बात कर रही हु सनी.

में: चची की .. क्या मतलब में समझा नहीं साफ साफ कहो

कुसुम: देखो सनी जो रिपोर्ट मेने तुम्हारी चची की अभी देखि उसमे साफ पता लगा की तुम्हारी चची में कोई कमी नहीं और तुम्हारे चाचा की फाल्ट में है और वो उन्हें माँ बनाने में समर्थ नहीं...

में: हां तो

कुसुम: और तुमने सुना की तुम्हारे चाचा टास्ते करवाने क लिए बी राज़ी नहीं और उन्हें बच्चा भी चाहिए वार्ना ऐसे hi चची को परेशां करते रहेंगे..

में: हाँ पर आंटी इसमें मई उनकी क्या मदद क्र सकता हु

कुसुम: देखो सनी मेरे कहने का मतलब है की क्यों न अगर तुम hi अपनी चची को माँ बना दो और उन्हें ये सुख देदो जिससे की घर की बात घरमे ोे चाचा भी खुश रहरण्गे उन्हें जिंदगी भर यही लगरगा की बच्चा उन्ही का है..

में: आंटी ये आप क्या बोल रही हो कुछ पता भी है में अपनी चची को माँ बनाऊ इसका मतलब उनके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाऊ ये अपने सोचा भी कैसे.

कुसुम: देखो सनी एक यही तरीका है और मेरी नजर में ये गलत भी नहीं वैसे भी चची होने से पहले वो भी एक औरत है इसमें गलत hi क्या है या ऐसा है की तुम्हे चची पसंद नहीं.

में: बात पसंद नापसंद की नहीं है और में चची को पसंद कार्य हु no डाउट आंटी ,पर मेने चची को उस नजर से कभी देखा hi नहीं है .

कुसुम: अगर नहीं देखा तो देखो और एक बार अगर तुम्हारी चची ने तुम्हारे लुंड का स्वास चख लिया तो ये मेरी गारंटी है की वो बार बार तुमसे छोड़ना चहेगु जैसे की में इस लुंड की दीवानी हो गई हु.

में: पता नहीं क्या चची इस बात के लिए मानेगी (मन में अब मेरे भू चची का चेहरा और उनका फिगर आने लगा था और एक तरह से में भी आंटी की बातो में आकर चची को छोड़ने की बात को ले कर उत्साहित होने लगा था)

कुसुम: मणि तो में भी नहीं थी न पहलु बार लेकिन अब देखो कैसे तुम्हारे इस मुसल लुंड के लिए हमेशा तैयार रहती हु हहै.

में: हम्म्म बात तो आपकी सही है और में अपनी चची को खुश देखना चाहता हु बस.

कुसुम: तो ठीक हाउ फिर अपनी चची को खुश करने के लिए यही तरीका बेस्ट रहेगा

में: हम्म आंटी फिर बी मुझे थोड़ा वक्त चाहिए ये सब सोचने का.

कुसुम: सोच लो अचे से और में तो कहूँगी की इस बात पर अमल भी करो मेरे छोड़ू बेटे ..

में: ठीक है आंटी अब में चलता हु और उनके होठो पर एक चुम्बन ले क्लिनिक से बहार निकल घर की और चल देता हु.

आगे की कहानी अगले अपडेट में ....
 
कुसुम आंटी के क्लिनिक से निकल कर में अपनी बाइक ले घर की तरफ निकल पड़ा ,रस्ते में आंटी की कही बात को सोचते हुए की क्या चची के साथ ये सब करना सही होगा . इसी सोच के बिच मेरे मन में चची के बारे में विचार आने लगे आजतक मेने उन्हें चची और एक दोस्त के रूप में देखा था लेकिन आज पहली बार में उनके शरीर को उनके चेहरे को और उनकी सुंदरता के बारे में सोच रहा था और जैसा की आंटी ने कहा था , चची की सुंदरता का जवाब नहीं था और उनका शरीर बिलकुल कैसा हुआ और वेल मैनटैनेड था, जिस्म में भराव ज्यादा नहीं था परन्तु उनकी चूचिया 34 की साइज की तो होंगी hi और चूतड़ भी एक जवान औरत के हिसाब से भोत उम्दा थे और अब यही सब सोच में कुसुम आंटी की बात पर गौर करता रहा की वैसे चची अगर मन जाये तो उनको छोड़ने में भी मजा तो बोहोत आने वाला है और वो मेरे बच्चे की माँ बनेंगी ये सोच वक अलग की मनोरंजक एहसास दे रहा था पर साथ hi मन में ये सवाल भी था की क्या चची इस बात के लिए कभी राज़ी होंगी भी? उन्हें मनाये बिना ये कभी मुमकिन नहीं अब उन्हें कैसे मनाया जाये. यही सोचते हुए में अपने घर पहुँचता हु.

*जैसा की आपको पता है ये फ्लैशबैक की पुराणी बाटे मुझे तब यद् आई है जब में अभी चची को छोड़ने के बाद अपने घर आ कर आराम कर रहा होता हु लेकिन इससे पहले की में आगे क्या हुआ ये ज़हन में ला पता मेरे रूम के दरवाजे पर नॉक होता है. तो आगे का फ्लैशबैक के लिए थोड़ा इंतज़ार..

***बैक तो प्रेजेंट***

रूम के दरवाजे पर नॉक होते hi में बीएड पर से hi आवाज लगा देता हु..

में: कोण है ????

बहार से मेरी छोटी बेहेन प्रीति की आवाज आती है.

प्रीति: सनी में हु कितना सोयेगा अब उठ भी जा माँ बता रही कॉलेज से आते hi सोया पड़ा है

मेरे मन में ख्याल आता है की चची की दुमदार चुदाई की वजह से मुझे इतनी देर हो गई रूम में आराम केते हुए और पुराणी बटव यद् करते हुए वक्त का पता hi नहीं लगा.

में: हाँ ठीक है आ रहा हु चिल्ला मत अब.

और में बीएड से उठ कर मुँह हाथ धो रूम से बहार आता हु . शाम का समय हो चूका था और इस वक्त घर में मेरे ,माँ के अलावा प्रीति और कामिनी भाभी भी घर में मौजूद the.Or में सीधा रूम से निकल लिविंग रूम में पड़े सोफे के सामने बैठ जाता हु जहा प्रीति भी बैठी टीवी देख रही थी तभी किचन से आवाज आती है.

महिमा: सनी बीटा पकोड़े बनाये है खायेगा या सिर्फ चाय लौ तेरे लिए.

में: माँ, सिर्फ चाय दे दो अभी और कुछ खाने का मन नहीं है मेरा..

महिमा: क्या बात है बीटा आज कॉलेज से आने के बाद भी कुछ नहीं खाया और अभी बी मन कर रहा तबियत तो ठीक है न.

में: हाँ माँ सब ठीक है बस भूख नहीं.. (आज चची को इतने अचे तरीके से खाया है भूख होगी भी कहा से तुझे सनी)

महिमा: ाचा ठीक है .

और ये बोल क्र माँ कामिनी भाभी के साथ hi मेरी चाय भिजवा देती है जो किचन से निकल बहार दो हाथो में चाय लिए एक मेरे लिए और एक उनके खुद के लिए लती है और सोफे पर मेरे सामने hi बैठ जाती hai.Unke हाथ से चाय का कप ले लेता हु और भाभी के सामने बैठते हु मेरी नजर उनके ब्लाउज से दिखाई पद रहे गोर बूबो के गहरे क्लीवेज पर पड़ती है , कामिनी भाभी अपने जिस्म एक्सपोज़ करना भोत पसंद करती है और उनका हर एक कपडा ऐसा मिलेगा जिसमे से उनकी चुवहिया लगभग आधी साफ नज़र आती है और उनके भैरव चूतड़ को इस तरह कपड़ो में लॉस ले रखती है की किसी के भी मुँह में पानी आजाये और में एक तक इस वक्त भाभी की चुचिओ को घर रहा था और चाय की चुस्किअ ले रहा था मनो चाय न पि कर भाभी के निप्पल्स से उनका hi दूध पि रहा हु. मेरी नजर को अपनी चुचिओ पर पड़ते भाभी भी देख चुकी थी और भाभी को अचे से पता था जब बहार के मर्दो के हल बेहाल होते है तप घर वालो के तो होने hi है इसलिए वो भी इस बात पर कुछ न बोल दूसरी बात छेद देती है.

कामिनी: और बताओ सनी भैया कॉलेज कैसा चल रहा आपका

में: बस भाभी सब ाचा hi है आप तो में hi कॉलेज में हो पता है वह का सिस्टम क्या होता है.

कामिनी: हाँ जानती हु इसलिए पूछ रही हु अभी इंटरनल्स पर ध्यान देना होता है अचे से अगर कॉलेज अचे मार्क्स दे देता है तो फाइनल्स में काम म्हणत रहेगी.

Me(boobs को घूरते हुए): हाँ चची और पढाई में म्हणत नहीं होती मुझसे, वैसे भी पढाई में म्हणत क्यों करनी दुनिया में भोत सी चीजे है जहा म्हणत की जरुरत है.

Kamini(mera इशारा समझते हुए): हाँ देवर जी बात तो सही है और आपके पास तो म्हणत करने के लिए घर में hi अचे ऑप्शन है. ी मैं पापा का बिज़नेस जो है.

में: उस बारे में मेने अभी इतना ाच नहीं है भाभी देखते है आगे क्या करना है.

अब भाभी वही बैठी प्रीति को भी ऐसे hi पूछ लेती है..

कामिनी: और प्रीति दी आपकी कॉलेज में क्या चल रहा है

प्रीति: भाभी मेरे भी सनी जैसे hi है मुझे स्टडीज में इंट्रेस्ट नहीं मुझव मॉडलिंग करनी है

कामिनी: हाँ दी अब जानते है की आपका इंटरेस्ट मॉडलिंग में है इसलिए तो आपको यव कोर्स चूसे करने दिया है पर स्टडीज भी जरुरी है न साथ.

प्रीति: भाभी उतनी तो में कर लेती हु में इस सनी जितनी नालायक नहीं हु हहह.

में: चल चल बड़ी आयी नलयाल वाली तू किस लायक मुझे अचे से पता..

कामिनी: अरे अब तुम दोनों आपस में लड़ना शुरू मत कर दो हहै..

में: तो भाभी इसे समझा दो आपने सवाल किया आपको जवाब दे मुझे बिच में क्यों ला रही

कामिनी: हाँ ठीक है अब शांत हो जाओ देवर जी ..

और कुछ देर ऐसे hi बाटे होती रही तब एक बुआ पापा और भैया भी ऑफिस से आजाते है, डिनर का टाइम भी हो जाता है और सब साथ बैठ डिनर कर अपने अपने रूम्स में चले जाते है.

मेरा और राहुल भैया और बुआ का रूम फर्स्ट फ्लोर पर होता है और वही पापा और प्रीति का रूम ग्राउंड फ्लोर पर भी होता है.

अब यहाँ में और प्रीति तो रत में अकेले रहे तो कुछ खास होने से रहा तो इस वक्त लेकिन घर में दो कपल और है जो रत में भोत कुछ कर सकते है जैसे की इस वक्त राहुल भैया के रूम में हो रहा है.


भाभी इस वक्त अपने कपडे बदल कर एक गाउन में आ चुकी होती है जिसके अंदर उन्होंने ब्रा नहीं पेहेन सिर्फ एक पंतय पहनी हुई होती है और जिस कारन दिन में आधा क्लीवेज दिखाई पड़ने वाली भाभी की चूचिया इस वक्त आधे से ज्यादा गाउन के डीप गले से साफ झकल दिखला रही होती है जिनकी झलक देखते hi रूम में मौजूद भैया भाभी को अपने पास खींच उनकी दोनों चूचियों को हाथ में पकड़ दबोच लेते है ..

राहुल: मम वाह डार्लिंग सच क्या चूचिया है तुम्हारी और तुम्हारे इस गाउन में तो ये और भी ज्यादा निखार कर सामने आ रही है मन कर रहा निचोड़ के रख दू.

दिन भर कॉलेज में लड़को की नज़र से और शाम को आज अपने देवर यानि मेरी नज़र अपनी चूचियों पर पड़ते देख भाभी वैसे hi गर्मी में जल रही होती है ..

कामिनी: ममम ओह्ह्ह राहुल तो निचोड़ दो न आपका तो हक़्क़क़ है इनपर वैसे भी इनको इस तरह बड़ा भी अपने hi तो किया है मसल मसल कर.

राहुल: हाँ डार्लिंग क्या करू मुझे बड़े बड़े बूब्स वाली औरत भोत पसंद है और तुम्हारी चूचिया बिलकुल मेरी पसंद की है इन्हे कैसे बक्श दू

और ये बोल भैया भाभी के गाउन को वही खड़ेखड़े निकल देते है और खुद भी अपने कपडे उतर देते है और दोनों बिस्तर में एक दूसरे से लिपट कर खेलने लगते है . हाथो में भाभी की चुचिओ और निप्पल्स को मसलते हुए भाभी के होठो पर अपने होठ रख भैया भाभी को मज़े दे रहे थे वही भाभी भी अब भैया का लुंड अपने एक हाथ में पकड़ उसे मिथियाते हुए किश का पीरा साथ दे रही थी .

कामिनी: मुऊआआह्ह्ह राहुल पता है दिन भर गर्मी में जलती रहती हु कॉलेज में लड़के पर स्टाफ ऐसी नज़र से द्केहते है की अभी पकड़ के मुझे नोच देंगे िष्ठ्हह

राहुल: उम्म्माह ः डार्लिंग अब तुम्हारी जवानी है hi नोचने लायक कोई भी मर्द तुम्हे अपने बिस्तर में लेना चाहेगा और तुम कहा काम हो तुम्हे भी तो अपने जिस्म से दूसरी को तैसे करने में मजा आता है न ..

कामिनी: हेहेहे हाँ मजा तो आता है और आपको ये बात अचे से पता भी है पर इसका ये फायदा बी होता है न दिन भर ऐसे तैसे करने से में भी गर्म रहती हु और रत में आपके इस गरम लुंड से पूरी गर्मी शांत करवाने का अलग मजा आता है मऊआआह्ह्ह्ह..

और इस बात पर भैया भाभी की चुकी को अपने मुँह में भर लेते है और और उप्पेर की तरफ बूब्स पर जोर से बाईट कर देते हैजिससे की उनके दांतो के निशान भाभी की गोरी चुकी पर पद जाते है..

कामिनी: ुटगफ्फफ्फ ममम िशः राहुल बाईट क्यों किया देखो अब मार्क्स पद गए न अब कल ब्लाउज जब क्लीवेज दिखेगा तो ये मार्क्स साफ नजर आएंगे

राहुल: तो आने दो नजर डार्लिंग लोगो को भी पता चलेगा न की जिन छिछिओ के लिए वो तरसते है उन्हें में रोज रत मसल मसल के निचोड़ता हु िम्म्मम्म और भैया दोबारा भाभी की चुचिओ को बरी बरी चूसने लगते है.

ममममम अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह राहुल मममम ुफगफ्फणिचोड दो बोलते हुए अब भाभी पूरी तरह गरम हो चुकी होती है और भैया के लुंड को पकड़ कर अपनी छूट क्र उप्पेर घिस रही होती है जिस पर भैया समझ जाते है की भाभी अब पूरी तरह तैयार है और लुंड के लिए तड़प रही है लेकिन इस पर भैया ने लिंड को पीछे सरका कर भाभी की तरफ देख उन्हें पलटने का इशारा कर दिया जिस पर भाभी समझ गई भैया क्या चाहते है और स्माइल करते हुए पलट जाती है.

कामिनी: उफ्फफ्फ्फ़ राहुल आज भी आप मेरी गांड मरोगे इतनी पसंद है आपको मेरी गांड की हफ्ते में चार दिन गांड मरते हो और छूट से ज्यादा वो भी. कितनी बड़ी कर दी है आपने ऐसे hi मेरी गांड मर मर के.

Rahul(bhabhi के चूतड़ों को मसलते हुए): हईये कम्मो डार्लिंग क्या बताऊ तुम्हारी गांड है hi आईटी ी सॉफ्ट गदराई और मजेदार और तुम जंतु हो मुझे ऐसी गांड कितनी पसंद , मेने तो सुहाग रत में भी तुम्हारी गांड मर ली थी ः ..

कामिनी: हाँ वो में कैसे भूल सिटी हु भला राहुल पहली रत में hi मेरी कुंवारी गांड में अपना लुंड पेल दिया था अपने अगले दिन सुबह चल भी नहींपा रही थी हहै..

Rahul(gand के छेद पर लुंड रख अंदर धकेलते हुए): और अब देखो क्या हल है मेरी बीवी के इतने अचे से गांड में लुंड लेती है मजे दसे और मुझे मजे देती है.

कामिनी: मममम अह्ह्ह्हह िष्ठ्हह गांड पीछे करते हुए... हाँ क्या करू पत्नी हु पति को खुश काटना धर्म है मेरा हहै ..

Rahul(bhabhi की गांड में लुंड उतर कर अंदर बहार क्र छोड़ते हुए): ओह्ह्ह्हह ममममम कम्मो सच तुम्हारी गांड में अलग hi नशा है िष्ठ्हह उफ्फ्फफ्फ्फ़

और भैया को भाभी की गांड मार्के काजा इसलिए ज्यादा आता था क्युकी अक्सर भाभी को छोड़ते वक्त वो भाभी की जगह बुआ की गांड को इमेजिन करते थे और उन्ही की गांड समझ कर छोड़ते थे और आज भी वैसे hi उनके ज़हन में बुआ की गांड थी और वही समझ भाभी की गांड को अब पूरी स्पीड में उछलते हुए दूना दान पेले जा रहे थे जिसके जवाब में भाभी भी एक भूखी शेरनी की यारह भैया के लुंड को अपनी गांड में उतरवा कर पुरजा ले रही थी और ऐसे hi कुछ देर और ये खेल चलता है और भैया भाभी की गांड में hi अपना माल भर देते है और दोनों एक दूसरे से लिपट सो जाते है..


भैया के रूम में तो ये घमासान चिड़ा हुआ था वही पापा के रूम में भी कुछ तो हो रहा था ..क्या हो रहा था... वो नेक्स्ट अपडेट में...
 
पापा के कमरे इस वक्त का मंजर कुछ ऐसा था की मम्मी पापा दोनों hi इस वक्त अपने बीएड पर एक दूसरे से लिपटे हुए थे और पापा के मुँह में मम्मी की वही गोरी मोती मोती चूचिया थी जो एक समय बचपन में मेरे मुँह में हुआ करती थी जब मम्मी द्वारा मुझे उस समय दूध पिलाया जाता था. चूचिया वही थी पर पिलाने वाली मम्मी के पिलाने के तरीके में फरक था, जहा बचपन में वो मुझे एक माँ होने के नाते अपनी ममता और बेटे के प्रति प्रेम कर्त्तव्य और दायित्व समझ कर दूध पिलाने के लिए अपनी चूचिया मेरे मुँह में देती थी वही इस वक्त मम्मी ने अपनी चूचिया काम, वासना , और शारीरिक भूख की पूर्ति और उस क्रीड़ा का असीम आनंद लेने के लिए पापा के मुँह में दे राखी थी जिसे पापा भी पुरे मज़े और उत्साह के साथ मुँह में लिए चूस रहे थे और हाथो से दबा रहे थे. इसीलिए तो कहा जाता है की एक औरत के हज़ार रूप , अलग अलग समय पर अलग अलग कर्तव्यों की पूर्ति करने वाली होती है.

अपने नाईट गाउन को शोल्डर से निचे सरका दोनों चुचिओ को पूरी तरह आज़ाद किये एक पापा के मुँह में दाल चुसवाते हुए साथ hi दूसरी चुकी को उनके हाथो मसलवटे हुए मम्मी इस वक्त आँखें बंद किये पूरा मज़ा लेने में खोई हुई थी और हो भी क्यों नहीं पापा जिस तरह मम्मी की चुचिओ की निप्पल मुँह में लिए उन्हें कभी बाईट करते कभी प्यार से सूचक करते हुए खेल रहे थे कोई भी औरत चाहेगी की ये खेल कभी रुके hi नहीं और मम्मी को ये बात अचे से पता है की पापा इस खेल के कितने बड़े खिलाडी है , चाहे दिन भर घर पर रहती हो और उन्हें भले ये आईडिया न हो की पापा उनके साथ तो ये खेल hi रहे है लेकिन साथ hi उन्हें घर के बहार भी पापा को छूट की कोई कमी नहीं है और आज तक पता नहीं कितनी hi औरतो की जवानी के मजे लुटे honge.Apne हाथो से पापा का मुँह अपनी दोनों चुचुईओं के बिच फसा कर उसे दबाते हुए मम्मी अब पूरी तरह इस आग में जलने लगती है ..

मम्मी: ममममम ओह्ह्ह्ह मानव अचे से दबाओ न जोर जोर से जैसे हमेशा डालते हो अह्ह्ह्हह खा जाओ मेरी चूचिया ुफ्फिशः..

पापा: हाँ माहिई उम्मम्मम्माआठ मऊआआआह दबा रहा हु क्या बात है आज कुछ ज्यादा hi गरम हो रही हो तुम.

मम्मी: इसशहहह अब गरम नहीं रहूंगी तो क्या रहूंगी मानव तीन दिन से आपने मुझे छुआ भी नहीं है कभी ऑफिस के काम में बिजी तो कभी थकन की वजह से .आपको तो थकन और दूसरे बहाने मिल जाते है पर में कैसे समझौ खुद को आप hi बताइये.

पापा, मम्मी की चुचिओ को जोर से दबाते हुए और एक हाथ मम्मी की टैंगो के बिच ले जा उनकी छूट को भींचते हुए: ओह्ह्ह्ह माहि सॉरी डार्लिंग पर क्या करू सच में मेरा वही हल था न वार्ना जिस मर्द के साथ इतनी हसीं और कामुक औरत लेती हो वो बिना उसे चोदे कहा रह पायेगा .

मम्मी: ममममम लुछःह िष्ठ्हहहह मानव आप तो दिन भर ऑफिस में समय निकल लेते हो और ऐसे hi घर के सभी लोग कही न कही बिजी में अकेली रहती हु घर में , दिन में अकेले रहना और रत में भी पति का साथ नहीं मिले तो में कैसा रेहु आप hi बताओ.

पापा, मम्मी को सीधा लिटा उनके उप्पेर आ चूचियों को चूसते हुए निचे की तरफ जा अपना मुँह उनकी टैंगो के बिच लगा देते है: मुउउउउआआआह उम्मम्मम्माह उम्मम्मम्माह सॉरी जान में भू नहीं रेगना चाहता तुम्हारी इस रसीली छूट से दूर पर मज़बूरी होती है न मुउउउउआआआह आज तीन दिन की पूरी भड़ास निकल दूंगा तुम्हारी ,और ये बोल पापा अपनी जीभ मम्मी की छूट में घुसा देते है.

मम्मी, पापा की जीभ को छूट में इस तरह घुसने से और उनके स्पर्श से पूरी तरह अपने आप को सरेंडर कर देती है: ममममममम ओह्ह्ह्हह्ह िष्ठ्हह ममममममम हैएएइ मानव हआ चुसो मेरी इस निगोड़ी छूट को हईये अह्हह्ह्ह्ह बस ये तो रत होने का इंतज़ार करती है की कब आप इसे स्पर्श करो और अपने लुंड से इसका मिलान करवाओ अह्ह्ह ममममममम.

पापा, छूट की फैंको को उंगलिओ से खोल जीभ को छूट के डेन पर रख घिसते हुए: मममममममुयउमममममऊ ाहहुमंमंमह तो माहि डार्लिंग तुम्हारी छूट का स्वाद भी तो इतना ाचा है की मेरा खुद मन करता है की बस हर पाप इसे अपने मुँह में ऐसे hi भर क्र रखा करू.

मम्मी: महहहहहह ुह्ह्ह्हह्ह मानव मममममममम इसशहहहहहह उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़ अब और मत तड़पाइए अपनी माहि को न अह्ह्ह्ह प्लसससस छोड़ दीजिये मुझे अह्ह्ह नहीं रहा जा रहा अब लुंड के बगैर.

पापा, इस बात पर मम्मी के उप्पेर आ कर उनके होठो को चूमते हुए निचे अपने हाथ से लुंड को छूट पर रख एक धक्का मरते है जिससे पापा का लुंड मम्मी की छूट में सररर से अंदर चला जाता है, अपनी गीली तड़पती छूट में पापा का लुंड पते hi मम्मी पापा की पीठ पर अपने नाख़ून लगा पापा को कस कर पकड़ लेती है और अपनी कमर उचका कर पापा का पूरी तरह साथ देती है.

मम्मी: ओह्ह्ह्हह मानवववव िष्ठ्हह मममममम हईये उफ्फफ्फ्फ़ ऐसे hi छोड़ो अपनी माहि को मानव ममऊआआह्ह्ह.

पापा, अपनी चुदाई की गति बढ़ाते हुए और साथ hi मम्मी की निप्पल कोण हाथ में पकड़ मरोड़ कर खींचते हुए: ओह्ह्ह्हह माहि िष्ठ्हहह इतने सालो से इस छूट को छोड़ रहा हु ,इस छूट से तुमने चार चार बच्चे भी पैदा कर दिए फिर भी आज तक तुम्हारी इस छूट को छोड़ते वक्त ऐसा लगता है की इसकी अचे से चुदाई नहीं होती है .

मम्मी: िष्ठ्हह उफ्फफ्फ्फ़ िष्ठ्हहह ममममम अह्ह्ह्ह सब आपके इस लुंड के hi कारनामे है मानव ये है hi इतना मोटा की आज भी मुझे इसे लेते वक्त दर्द के मरे चीख निकल जाती है ईशःठ मममम ुफगफ्फग्गफ्फ..


पापा, मम्मी की दोनों भरे हुए चुचिओ को जो इस वक्त उनके धक्को की वजह से हिल रही थी उन्हें पकड़ क्र बुरी तरह नोच देते है जोर से: अह्हह्ह्ह्ह मममम माहि सच तुम दिनों दिन और सुन्दर और कामुक दिखती जा रही हो और तुम्हारा ये नंगा जिस्म देखते hi तो मन करता है पटक पटक के ऐसे hi छोड़ता राहु ..

मम्मी: िष्ठ्हहह उफ्फफ्फ्फ़ मानवत्व अह्ह्ह्ह मेरे जिस्म में जो भी बदलाव हुए है सब आपकी वजह से हाउ मानव आपने hi इतने सालो से मुझे इस तरह छोड़ छोड़ कर इस शरीर को ऐसा बनाया है की आज चार बच्चे होने के बाद भी मुझमे कामाग्नि ख़तम होने की बजे और बाद रही है और मेरा जिस्म अब भी हर वक्त आपसे छोड़ने के लिए तड़पता रहता है अह्ह्ह्हह िष्ठ्हह उफ्फ्फ्फ़.

पापा, मम्मी की इस बात पर अब मम्मी की चुचिओ को तो पकड़ क्र दबा hi रहे थे साथ hi निचे से अपने धक्को को भी पूरी तरह तेज़ कर जोरो से छोड़ने लगते है और उनकी चुदाई की आवाज इस वक्त अब पुरे रूम में गूंजने लगती है लेकिन दोनों hi इस कामुक खेल को और अचे से खेलना छह रहे थे और वही करने में मशगूल थे.

मम्मी, ओह्ह्ह्हह मानव mmmmmaiiiiiiiiii आईईईई उफ्फफ्फ्फ़ हईये मेरी छुट्ट्ट्ट उफ्फफ्फ्फ़ में gaiiiiiiiiiii अह्ह्ह्हह छोड़ो ाभ्ह्ह्ह िष्ठ्हहह अहह करते हुए पापा ले धक्को को और सेहेन नहीं कर पति है अपनी छूट का पानी चोर देती है.

मम्मी की छूट के झड़ने के बाद पापा अपना लुंड छूट से बहार निकल मम्मी के उप्पेर आजाते है और लुंड को मम्मी के होठो के उप्पेर रख देते है, अपनी छूट रास से गिला लुंड होठो पर देख मम्मी तुरंत अपना मुँह खोल देती है जिससे पापा अपना लुंड मम्मी के मुँह में धकेल देते है और क्युकी वो भी झड़ने के करीब होते hai,mummy के मुँह को पकड़ जोर जोर से आगे पीछे करते हुए छोड़ने लगते है और अपना माल मम्मी के मुँह में hi भर देते है. पापा का वीर्य इस वक्त मम्मी के होठो पर, गाल पर और कुछ बुँदे उनकी चुचिओ पर भी गिरी हुई थी . मंज़र कुछ ऐसा था की इस वक्त मम्मी का गाउन कंधो से निचे सरका हुआ और दोनों चुचिओ को बहार निकले हुए था , साथ hi पापा ने उसे निचे से मम्मी की कमर तक उप्पेर उठा दिया था और अब पापा के वीर्य से चेहरा और चूचिया सनी होने की वजह से ऐसा लग रहा था मनो इस वक्त बिस्तर पर कामुक औरत जिसे पापा ने बुरी तरह छोड़ छोड़ क्र बेहाल कर रखा है वो पड़ी हुई है जिसे देख साफ नज़र आ रहा है की कितनी बुरी तरह मम्मी की चुदाई हुई है और ऐसी चुदाई से उनके चेहरेपर संतुष्टि पूरी तरह साफ झलक रही थी. कुछ देर बाद मम्मी बीएड से उठ कर बाथरूम में जा खुद को साफ करती है और वापस आकर बीएड पर पापा से लिपट सो जाती है.


सुबह सुबह रोज की hi तरह मम्मी सबसे पहले जग चुकी होती है और किचन में सबके लिए ब्रेकफास्ट ,टिया यही सब बनाने में व्यस्त हो जाती है वही धीरे धीरे कर घर के बाकि सदस्य भी एक एक उठने लगते है और अपने अपने काम चाहे ऑफिस या कॉलेज जाने के लिए तैयार हो निचे ब्रेकफास्ट टेबल पर एकत्रित हो जाते है. घर में ब्रेकफास्ट और डिनर सब एक साथ करते थे ये रोज का hi मनो एक रूल सा था चाहे कैसा भी दिन हो. उसी हिसाब से सबसे पहले पापा और बुआ रेडी हो डाइनिंग टेबल पर आ कर बैठ जाते है उसके बाद राहुल भैया आते है जो सबको गुड मॉर्निंग विश करने के बाद टेबल पर आ बैठ जाते है, भैया इस तरह बैठे से की रागिनी बुआ उनकी एक साइड बैठी हुई थी, जिन्होंने आज एक टाइट ब्लू कलर का सलवार सूट पहना हुआ था और वो इतना टाइट था की राहुल भैया ने जैसे hi उन्हें देखा तो साइड से उनकी चूचियों का उभर उन्हें बोहोत hi अचे से दिखाई पद रहा था और साथ hi अंदर पहनी ब्रा का शेप पूरी तरह बनता दिखाई पद रहा था. भैया वैसे hi बुआ को देख हमेशा खो से जाते है और बुआ को पाने की चाहत तो उन्हें भोत पहले से है लेकिन बुआ के व्यक्तित्व को अछि तरह से जानने के कारन वो आगे कदम उठाने से भी डरते थे क्युकी जानते थे की इस बात का पता लगते hi बुआ क्या अंजाम कर सकती है. फिर भी इस वक्त बुआ की चुचिओ का आकर देख उनका लुंड नहीं समबजल साला और पंत में hi अपनी औकाद में आने लगता है और जितनी देर डाइनिंग टेबल पर ब्रेकफास्ट ख़तम नहीं होगा तब तक इसका यही हल रहना है.

वही अब टेबल पर प्रीति भी आ कर बैठ गई थी और कॉलेज जल्दी जाना है ये बोल चिल्लाते हुए ब्रेकफास्ट के लिए बोलने लगती है जिसकी आवाज सुन उप्पेर से आती हुई कामिनी भाभी ने उसे टोक दिया.

कामिनी: अरे प्रीति इतनी भी क्या जल्दी है थोड़ा वेट कर लो सब आ गए है न बस अब एक साथ कर लेंगे न ब्रेकफास्ट .

प्रीति: सब कहा आये है भाभी वो नालायक सनी अभी तक नहीं आया.

प्रीति ये बात बोली hi थी की मेने सीढ़ियों से उतारते हुए उसे सुन लिया.

में: तू फिर बोली ,नालायक तू है में नहीं और में रेडी हु और सही टाइम पर आ गया हु ,एक दिन जल्दी क्या रेडी हो गई घर सर प उठा रही.

माँ: ओफ्फो अब तुम दोनों सुबह सुबह शुरू मत जो जाओ चलो आओ ब्रेकफास्ट करो .

और ये बोल सब एक साथ बरवाकफास्ट करने लगते है और उसके बाद अपने अपने काम के लिए निकल जाते है.

कामिनी भाभी और मैं हमे जाना एक hi कॉलेज होता है पर रोज दोनों अलग अलग गाड़ी से hi जाते थे और इसलि वजह ये थी की कॉलेज में किसी को नहीं पता था की हम दोनों में देवर भाभी का रिश्ता है क्युकी ये बात न मई और न hi भाभी चाहती थी की किसी को पता चले.

सो इस वजह से में अपनी बाइक लिए कॉलेज के लिए चला जाता हु और भाभी अपनी कार ले कॉलेज के लिए निकल पड़ती है.

आज के अपडेट में इतना hi आगे की कहानी अगले उपदटेस में .....
 
घर से मई अपनी बाइक ले कर कॉलेज पहुँचता हु वही कामिनी भाभी अपनी कार से कॉलेज आती है , कॉलेज में पहुंचते hi मुझे मेरे कुछ दोस्त सामने खड़े मिलते है उनमे से एक था रवि , डॉ कुसुम का बीटा. मेरे और रवि के बिच में गहरी दोस्ती थी और शायद इसी वजह से मेरा उसके घर आना जाना शुरू हुआ और उसी में मौका देख मेने उसकी माँ कुसुम को अपने लुंड के निचे लिटा दिया था. रवि को इस बारे में भनक भी नहीं है की में उसकी माँ को छोड़ चूका हु और अब उसकी माँ मेरे लुंड की दीवानी हो चुकी है. यहाँ कॉलेज में जैसा की मेने बताया किसी को इस बात की खबर नहीं थी की कामिनी भाभी और मेरे बिच देवर भाभी वाला रिश्ता है ,इस बात के फायदे क्या हुए ये आगे पता chalega,philhal में रवि और बाकि दोस्तों के साथ अपनी क्लास में चला जाता हु. हमेशा की hi तरह में और रवि एक साथ बैठते है मिडिल कार्नर बेंच पर जो न ज्यादा आगे न ज्यादा पीछे.

रवि: अरे सनी सुबह सुबह आज पहली क्लास अटेंड करवा रहा है तू मुझे ,मेरा बिलकुल मन नहीं है क्लास अटेंड करने का वैसे भी पता नहीं किसकी क्लास है ये कोण आएगा सुबह सुबह लेक्चर देने.

में: अरे रवि कल hi नया सचेडूले लगा था नोटिस बोर्ड पर और उस हिसाब से अभी पहली क्लास कामिनी ma'am की है और वैसे hi वो भोत स्ट्रिक्ट है उनकी क्लास मिस नहीं कर सकते.

पहली क्लास भाभी की थी और ये बात मुझे पता थी इसलिए न चाहते हुए बुइ ये क्लास अटेंड करना जरुरी था वार्ना घर आ कर चार बाटे सुन्नी पड़ती और इसी वजह से में रवि और बाकि दोस्तों को क्लास में खींच लाया था. में तो मज़बूरी में क्लास अटेंड कर रहा था लेकिन भाभी का नाम सुनते hi रवि को पता नहीं अचानक से मन बदलते हुए.

रवि: kya..kya कहा तूने अभी कामिनी ma'am की क्लास hai..abey तो पहले क्यों नहीं बोलै अब तो मुझे भी ये क्लास लेनी है.

में: क्यों बी सेल अभी तो मन कर रहा था अब अचानक क्या हो गया जो ऐसे बात बदल दी तूने.

रवि: अरे तो तूने पहले ये कहा बताया की क्लास कामिनी ma'am की है वार्ना में नाटक करता hi नहीं. शायद hi कोई चुटिया होगा जो कामिनी ma'am की क्लास छोड़ेगा.

में: क्यों ऐसी क्या वजह से जो हर कोई उनकी क्लास करना इतना पसंद करता है. इतना ाचा लगता है तुझे उनसे पढ़ना क्या हाहाहा.

रवि: अबे घंटा, पढता कोण है उनके लेक्चर में बस.

में: तो फिर अटेंड क्यों करनी होती है क्लास, यहाँ मुझे इतना तो डाउट था की भाभी जिस तरह माल बन कर कॉलेज आती है यही एक वजह हो सकती है रवि के भी ऐसा कहने की.

रवि: अबे तूने देखा नहीं क्या उन्हें , पूरा कॉलेज पागल है उनके लिए तो, साली क्या मस्त आइटम बन क्र आती है ेल दम मस्त फिगर और भरा हुआ जिस्म लिए घूमती है ,साला उसे देखते हु लुंड खड़ा हो जाता है और मन करता है यही पूरी क्लास के सामने उसकी मोती भरी गांड में लुंड पेल दू बस.

भाभी के बारे में अपने hi दोस्त से ऐसी बात सुन मुझे भी अब मजा आ रहा था क्युकी ये तो उसने सही कहा था की भाभी माल hi ऐसी है की किसी को भी लुंड हिलने पर मजबूर कर दे.


में: ाचा इतनी पसंद है तुझे कामिनी ma'am, वैसे बात तो तूने सही कही दिखने में है तो एक नंबर की हॉट और सेक्सी औरत.

हमारी भाभी को ले कर ऐसे बाटे चल hi रही होती है की तभी क्लास में भाभी की एंट्री होती है और घर पर भाभी को मेने इतना नोटिस नहीं किया था पर जैसे hi भाभी ने क्लास में एंट्री ली एक बार के लिए तो मेरे मुँह से भी निकल गया की भेनचोद क्या मस्त माल है ये साली.


और निकले भी क्यों नहीं भाभी जिस तरह तैयार हुई आज कॉलेज आयी थी, ग्रीन कलर की साड़ी जिसमे पल्लू केनाम का सिर्फ एक पत्ता था और उसके निचे फ्लावर डिज़ाइन वाला छोटा सा कैसा हुआ ब्लाउज जिसमे से उनके गोर गोर बूब्स का भरा हुआ क्लीवेज और हैए उन बूब्स के बिच की दरार जो भोत hi क्लेअर्ल्य नज़र आ रही थी , साथ hi अभी नाभि से निचे बंधा हुआ पेटीकोट जिस वजह से उनकी गोरी चिकनी कमर और गहरी नाभि अपने आप hi मेरी नज़र खींच रही थी और इस सब से उम्दा भाभी के मोठे चूतड़ वाली कासी हुई गांड जो की साड़ी में इतनी कासी हुई थी की उसका शेप बोहोत hi अचे तरीके से नज़र आ रहा था , ये सब देख किसी और का hi क्या आज मेरा भी लुंड जीन्स में अंगड़ाई लेने लग गया था और पास बैठे रवि की आवाज़ सुन कर में होश में आया.

कामिनी भाभी की एक झलक:

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रवि: देख न यार क्या मस्त आइटम बन कर आई है आज भी ये साली , देखते hi लुंड खड़ा हो गया बस मेरा तो.

में: ः हाँ भाई बात तो सही है तेरी कितनी हॉट और सेक्सी लग ऋ है न कामिनी ma'am

रवि: हाँ साला मुझे तो जलन होती है इसके पति से जो हर रोज ऐसा माल मसलता hoga.or साली की गांड तो देख लगता है गांड मरवाने की भोत शौकीन है ये.


में, मन में ये सोचते हुए की भैया किस्मत वाले है या नहीं ये बाद की बात है पर ये पक्का है की भाभी चुड़क्कड़ किस्म की औरत है और उन्होंने भोत सी बार मुझे उनके बूब्स घूरते देखा है पर कभी कुछ नहीं कही , अंदर hi अंदर उन्हें भी अपना जिस्म दुसरो को दिखने का शोक लगता है और अगर ऐसा है तो सनी बीटा वो दिन दूर नहीं जब तेरी भाभी तेरा लुंड चूस कर अपनी छूट में अपने खुद के हाथ से डालेगी. और भाभी को छोड़ने के ख्याल मात्रा से hi लुंड में हलचल होने लगी थी.

वह भाभी अपना लेक्चर देने में बिजी थी लेकिन अब मेरा और रवि का ध्यान लेक्चर पर नहीं के बराबर और भाभी के जिस्म और उनके कर्व्स पर ज्यादा था और लेक्चर लेते हुए भाभी कभी साइड तो कभी पीछे टर्न हो रही थी जिससे की उनकी गांड , गोरी कमर, ब्लाउज पीछे से ज्यादा ओपन होने ली वजह से वो नंगी गोरी पीठ और उनके भरे बाउंसी गोरी गोरी चुचिओ का वो क्लीवेज इस सब के दर्शन बार बार हो रहे थे . कुछ ऐसे:

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रवि: यार सनी ध्यान से देख इसके क्लीवेज को बस कितना ाचा नज़ारा है न और बस इसके बैक साइड ब्लाउज को देख लगता है साली अंदर ब्रा भी नहीं पहनी है और आई है आज

रवि की इस बात पर में भाभी के ब्लाउज की और ध्यान से देखता हु और मुझे भी ये यकीं होने लगता है की बात तो ये सही कह रहा है की आज भाभी ने ब्रा नहीं पेहेन सीधा ब्लाउज दाल रखा है और इस वजह से उनकी चूचिया रोज के कपरिसों में कुछ ज्यादा hi बहार दिखाई पद रही है.

में: हाँ यार लग तो रहा है की ब्रा नहीं पहनी है इसने.

रवि: इसका मतलब ये भी चाहती है की कॉलेज में लौंडे इसको ताड़े और इसका ये बार हुआ गरम जिस्म देखे. साली अगर लेक्चरर नहीं होती तो अभी पटक के छोड़ देता.


रवि की इस बात पर मुझे अब भाभी पर एक तरह से गुस्सा भी आ रहा था की इतनी भी क्या गर्मी है की अपने जिस्म की इस तरह नुमाइश कर रही है ये औरत. ये बात सही थी की क्युकी वो मेरी भाभो थी इस वजह से मुझे ऐसा फील हुआ शायद उनकी जगह कोई और होती तो में भी बिलकुल ऐसे hi रियेक्ट करता जैसे रवि कर रहा था और चाहे सोच मेरी कुछ भी हो उस वक्त भाभी को इस तरह देख मन तो मेरा भी यही कर रहा था की में खुद भाभी को वही लिटा कर अपना लुंड उनकी गांड में पेल दू.

पुरे लेक्चर में हनारे बिच भाभी को ले कर ऐसे hi बाटे चलती रही और मेरा लुंड पुरे वक्त पंत में ऐसे hi अंगड़ाइयां मरता रहा. आगे का ेल और लेक्चर लेने के बाद मेरा अब और मन नहीं हो रहा था लेकिन रवि को वो लेक्चर लेना जरुरी था क्युकी उसकी अटेंडेंस शार्ट हो रही थी सो में अकेला उठ कर क्लास से निकल कैंटीन में आजाता हु. कैंटीन में घुसते hi मेरी नज़र एक टेबल पर बैठी अकेली लेडी पर पड़ती है और जिसे देख में मन hi मन अब खुश होने लगता हु की बीटा आज सही मौका मिला है इससे बात करने का.

ये लेडी थी प्राची ma'am, दिखने में भोत क्यूट और नेचर में स्वीट लेकिन जहा पूरी कॉलेज में कामिनी भाभी के चर्चे थे वही मेरी नज़र इन पर तिकी हुई थी और क्लास में भोत सी बार ऐसा हुआ भी है की ma'am ने मुझे उन्हें एक तक्क घूरते हुए पकड़ भी लिया होता है जिसके जवाब में मैं उन्हें स्माइल पास कर देता था . Ma'am भी इसके बाद आगे कभी कुछ नहीं बोली और हमेशा से में ma'am से बात करने का मौका ढूंढ़ता रहता था , ये कह सकता हु में की प्राची ma'am को में शुरू से पसंद करता आया हु और जहा पूरी कॉलेज कामिनी भाभी को पाना चाहती थी मेरी नज़र प्राची ma'am पर तिकी हुई थी और वैसे भी अब मन में एक ये भी खयालथा की कामिनी भाभी तो घर की है जब मन किया तब उनके साथ मज़े कर सकता हु पर इनके साथ मौके बनाने पड़ेंगे .

यही सब सोचते हुए में सीधा उनकी टेबल के पास जा कर खड़ा हो जाता हु

में: hello ma'am हाउ अरे यू.

प्राची ma'am जो इस वक्त एक रेड ब्लैक कॉम्बो के सलवार सूट में उस टेबल पर बैठी हुई थी जिनका दुपट्टा उनके लेफ्ट शोल्डर पर डाला हुआ था और गले में मंगलसूत्र जो उनकी ब्रैस्ट लाइन तक आ रहा था ,

प्राची: हे सनी , आईएम फाइन थैंक्स ु से और यहाँ कैसे ? क्लास होगी न तुम्हारी तो इस वक्त.

में: ऍम गुड ma'am, हाँ क्लास तो है बूत मेरा मन नहीं हुआ अटेंड करने का सो बंक कर दी.

प्राची: ओह्हो मन नहीं किया, तुम्हारा मन होता कब है कोई वलास करने का सनी.

में: ma'am होता है न मेने आज तक आपकी एक भी क्लास मिस नहीं की है चेक कर लो. वैसे िफ़ ु डोंट मंद मई ी सीट हेरे ma'am बाकि सरे टेबल्स फुल है.

प्राची: हाँ सूरे बैठ जाओ, और ये बताओ सिर्फ मेरी क्लास अटेंड करने से तुम एग्जाम क्लियर कर लोगे क्या.

Ma'am के सामने बैठने से अब मुझे उनके राइट साइड जहा दुपट्टा नहीं था सो वह से उनका रेड बूब कुर्ते में से उभरा हुआ अचे से नज़र आ रहा था , वैसे तो ma'am ने एक्सपोसिंग कपडे नहीं दाल रखे थे पर फिर भी मुझे इस वक्त उनके बूब्स का उभर और शेप जो कुर्ते में से दिख रहा था उसे देखने में बड़ा आनंद मिल रहा था.

में: अरे ma'am अभी एग्जाम को भोत वक्त है वैसे भी आप भी जानती हो यूनिवर्सिटी के एक्साम्स दो दिन में पद कर क्लियर किये जाते है ः.

प्राची: तुम कभी नहीं सुधरने वाले, वैसे एक बात बताओ तुम मेरी क्लास में भी मुझे इस तरह घूरते क्यों रहते हो और हर वक्त स्माइल करते रहते हो.

में: वो ma'am पता नहीं आपको डेल्ह कर हर वक्त मेरी मुस्कराहट निकल जाती और जब आप पद्धति हो या क्लास में जित ी देर होती है मेरा मन करता है में आपको hi देखता राहु.

प्राची, थोड़ा स्माइल करते हुए: अरे यू ट्राइंग तो फ़्लर्ट विथ में सनी? ये मत भूलो तुम्हारी ma'am हु मैं समझे.

में: ी क्नोव ma'am और में कोई फ़्लर्ट माहि कर रहा आपसे ,ी जस्ट साइड व्हाट ी फेल्ट एंड ma'am थौघ आईएम ुर स्टूडेंट बूत फ्रैंकली स्पीकिंग ी हैवे नेवर सीन सुच ब्यूटीफुल लेडी लिखे यू. मुझे आप क्यूट लगती हो .

मेरी ये बात सुन अब प्राची ma'am क्या रियेक्ट करे उन्हें कुछ समझ नहीं आता है वो इतना फ्रैंकली मेरी तरफ से ऐसा बोलना एक्सपेक्ट नहीं कर रही थी.

प्राची, खुद को नार्मल दिखते हुए: अच्छा में क्यूट और ब्यूटीफुल लगती हु, ु क्नोव व्हाट शायद ये पहला केस होगा जहा एक स्टूडेंट अपनी टीचर से ऐसा कह रहा हॉनर ये बोलने के बाद स्टूडेंट को शर्म भी नहीं .

में: ma'am अब मुझे जो लगा वो मेने कह दिया आपको, आईएम सॉरी आपको सही नहीं लगा हो तो बूत ट्रस्ट में ु र वैरी प्रीटी एंड ब्यूटीफुल लेडी प्राची ma'am , एंड थैंक यू फॉर अल्लोविंग में तो सीट .

और इतना कह कर में वह से उठ कर चला जाता हु और कैंटीन से बहार निकल आता हु. वह प्राची ma'am अब तक यही सोच में थी की में क्या बोल गया उन्हें , शायद उन्होंने ऐसा एक्सपेक्ट नहीं किया होगा की कोई स्टूडेंट उन्हें इस तरह बिंदास आकर ये बात बोल कर जायेगा , चाहे मन में कुछ भी बात चल रही हो पर उनके चेहरे पर आई हुई स्माइल ये साफ बयान कर रही थी की उन्हें बी मेरी बात सुन कर ाचा लगा है.


वह कॉलेज में ये सब चल रहा था तभी घर पर मेरी मम्मी जो दिन के वक्त बिलकुल अकेली होती है इस वक्त अपने कमरे में आराम कर रही होती है, उनका फ़ोन बज उठता है, मम्मी फ़ोन रिसीव करते hi सामने से एक मर्द की आवाज आती है:

कॉलर: hello महिमा डार्लिंग कैसी हो, क्यों मेरे कॉल्स को रिसीव करने की बजे डिसकनेक्ट कर रही थी बार बार.

माँ: क्युकी आप गलत समय पर कॉल कर रहे थे आपसे कितनी बार कहा है की शाम के बाद मुझे कॉल मत किया कीजिये मेरा पूरा परिवार साथ में होता है.

कॉलर: तो क्या में आपके परिवार का सदस्य नहीं, या आप इतना करीबी होते हुए भी मुझे अपने परिवार का हिस्सा नहीं समझती हैं.

मम्मी: नहीं ऐसा कुछ नहीं है आप भी मेरे hi परिवार के एम् महत्वपूर्ण सदस्य हो पर में जानती हु आप का कॉल किस वजह से आता है इसलिए डर लगा रहता hi की कही कुछ गड़बड़ न हो जाये.

कॉलर: अरे डार्लिंग ऐसे कैसे गड़बड़ हो जाएगी में कोई आपका दुश्मन थोड़े hi हु बस आपका एक आशिक़, दीवाना चाहने वाला हु जो हर वक्त आपको प्यार करना चाहता हाउ पाना चाहता है.

मम्मी: हाँ मुझे सब पता है की आप क्या पाना चाहते है और क्या नहीं पर मेने आपसे पहले भी कहा है की हमारे बिच वो चार पांच बार जो कुछ भी हुआ है वो नहीं होना चाहिए था पर अब उसे सुधारा नहीं जा सकता पर आगे न हो ये तो ध्यान रखा जा सकता है न और आपकप भी ये बात समझनी चाहिए.

कॉलर: अरे डार्लिंग लेकिन अब ये कैसे पॉसिबल है , जो इंसान एक बार आपको पा ले वो अब उसे खोने का सोच भी नहीं सकता उल्टा हर पल पाने की चाहत और बढ़ने लगती है

मम्मी: उफ्फ्फ प्लस समझने की कोशिश करिये ये सही नहीं होगा अगर किसी को जरा बी भनक लग गई तो भोत सरे रिश्ते बिगड़ जायेंगे.

कॉलर: इसलिए तो में आपसे कह रहा हु की को जैसा चल रहा चले दिया जाये किसी को कभी कुछ पता नहीं चलेगा और वैसे भी सच बताइये क्या आपको मेरा साथ पसंद नहीं आया .

मम्मी: बात पसंद नापसंद की नहीं है इस वक्त आप समझ क्यों नहीं रहे है , हर वक्त जरुरी तो नहीं जो पसंद हो वो मिल hi जाये.

कॉलर: अगर हम चाहे तो हर वक्त मिल सकता है और तुम जवाब दो इस बात का क्या तुम्हे पसंद नहीं आया था मेरे साथ

मम्मी: अब अगर पसंद नहीं आता तो में आपके साथ इस सब करने में शामिल होती hi क्यों खुद सोचिये पर वो अपनी जगह है कुछ देर के मजे के लिए हम रिस्क नहीं ले सकते है न.

कॉलर: तोए कोनसा डेली आपका साथ मांग रहा हु हफ्ते महीने में ेल बार हमारा मिलना हो बस यही छह रहा हु न , वैसे भी जिस दिन से आपको भोगा है मेने उसके बाद और किसी महिला को भोगने का मजा hi नहीं और भोगता भी तू ये सोच कर की वो आपकी hi परछाई है.

मम्मी: िष्ठ्हह अब ऐसी बाटे न करो सब समझ रही हु में की आप ये सब बाटे क्यों कर रहे , घूमना फिरना बंद कीजिये और अब बताइये कल शाम से क्यों कॉल प कॉल कर रहे हो अआप.

कॉलर: क्युकी मुझे मेरी महिमा डार्लिंग की वो भरी हुई गोरी गोरी ब्राउन बड़ी निप्पल वाली चूचिया देखने का मन हो रहा है एक बार दिखा दो प्लस.

मम्मी: िष्ठ्हहहह शर्म नहीं आती ऐसी बात करते हुए आपको, में कुछ नहीं दिखने वाली हु .

कॉलर: जब पूरा भोग लिया आपको तब शर्म नहीं थी अब किस बात की sharam,darling सिर्फ एक झलक दिखा दो तुम्हारा ये दीवाना खुश हो जायेगा प्लस.

मम्मी को भी सामने वाले की बाटे अछि लग रही थी और मन hi मन वो खुश थी की इनका कॉल आया है कुकी वो अचे से जानती थी की इनकी ऐसी hi कोई ख्वाइश होगी और वो इसके लिए तैयार भी थी. इसलिए मम्मी ने कुछ देर कुछ नहीं कहा और कॉल डिसकनेक्ट कर दिया , सामने से कॉल वापस आता है मम्मी वापस से कट क्र देती है और मुस्कुरा देती है और फिर अपना फ़ोन साइड में रख अपनी साड़ी का पल्लू हटा कर ब्लाउज के सरे हुक खोल ब्रा को उप्पेर उठा देती है और खुद से उस यूजर को वीडियो कॉल कर देती है , कॉल रिसीव करते hi कॉलर की आँखों के सामने मम्मी की नंगी चूचिया दिखाई पड़ती है जिसे देख वो खुश हो जाता है और वही कॉल पर मम्मी के सामने अपनी पंत से लुंड हिलने लगता है, ये देख मम्मी वीडियो कॉल का कैमरा ऑफ क्र देती है और उस कॉल को वौइस् कॉल में तब्दील कर देती है.

मम्मी: अब तो खुश हो न मिल गया जो चाहिए था वो आपको.

कॉलर: हां डार्लिंग थैंक यू सो मच, सच इतनी खु सूरत चूचिया मेने किसी और औरत की नहीं देखि मन करता है अभी आपके पास आकर इन्हे पि जाऊ..

मम्मी: हेहेहे चलो अब रखती हु में और हाँ आइंदा ऐसे शाम के बाद कॉल मत करियेगा मुझे पर्सनली .

कॉलर: ठीक है डार्लिंग ध्यान रखूँगा वैसे एक आखरी काम कर दो ये जो अभी कॉल पर दिखाया वैसे hi ेल सेल्फी ले क्र मुझे व्हाट्सप्प क्र दो ताकि जब मन क्रेदेख सकू ..

मम्मी: हहै ठीक है और ये बोल कर मम्मी कॉल कट कर देती है और अपनी नंगी चूचियों के साथ एक पिछ क्लिक क्र के सेंड कर देती है और वापस से अपने कपडे ठीक कर लेती है.


अब यहाँ सवाल ये उठता है की ऐसा कोण था ये कॉलर जिससे मम्मी इस तरह के सम्बन्ध बनाये हुए थी और उनका कहना था की कोई करीबी रिश्तेदार है वो भी और परिबार के महत्वपूर्ण सदस्यों में से कोई एक है. अब ये तो आगे hi पता चलेगा सही वक्त आने पर .फिलहाल आज के अपडेट के लिए इतना hi.

दोस्तों पिछ ऐड करने की कोशिश की है ी होप यही तरीका होगा पिछ ऐड करने का क्युकी मेने पहले ऐड नहीं की कभी.
 
भाइयो शायद इस अपडेट को लेकर ये गलत फेमि पैदा हुई है आप लोगो में की भाभी और माँ कही और चुद रही लेकिन भाभी का ऐसा रूप और ऐसी बाटे इसलिए की गयी है कुकी वह मेने एक बात और कही थी की कामिनी और सनी के रिश्ते के बारे में किसी को नहीं पता होता है और अपनी भाभी के बारे में दोस्त की जो सोच थी उसे जानने के बाद कहानी अगला मोड़ लेगी.. एक hi अपडेट में तो सब क्लियर नहीं हो सकता na...vaise भी सिर्फ सोच बताई है दोस्त से छुड़वा नहीं लिया है भाभी ने...

रही बात माँ की तो ये कॉलर कोण है ये भी अभी तक कहानी में साफ तौर पर नहीं बताया गया है सो निवेदन है की आगे के कुछ उपदटेस तक का इंतज़ार करिये कहानी सही तरह से hi जा रही है. अब अगर सीधा माँ बेटे की चुदाई hi करवानी हो तो कहानी का मज़ा hi क्या..

रही बात इन्सेस्ट की तो भाई में बोहोत समय से इन्सेस्ट स्टोरीज पड़ता आ रहा हु और बोहोत अचे से समझता हु की इन्सेस्ट का क्या मतलब होता है सो प्लस इस बात पर तो निश्चिन्त हो जाइये की कहानी पूरी तरह इन्सेस्ट प्लाट पर hi रहेगी अंत तक .
 
थैंक्स भाई.

और मेने कही रेवेअल नहीं किया है अभी तक की कॉलर क्या है बस गलत फेमि को दूर किया है की कहानी इन्सेस्ट hi है और इन्सेस्ट hi रहेगी हर समय. बाकि कॉलर का सस्पेंस कही नहीं खोला गया है

जो मेने लास्ट लाइन कही की सीधा माँ बेटे की चुदाई में क्या मज़ा ...वो एक अलग पॉइंट है की कहानी में सीधा वो सन नहीं ला सकते कोई रीडर सिर्फ सेक्स नहीं पढ़ना चाहेगा क्युकी में राइटर से पहले रीडर भी हु तो इस बात को अचे से जनता हु की कहानी में मसाला ट्विस्ट और नए मोड़ क्या मायने रखते है :)

भोत भोत शुक्रिया भाई आपका और आपके साथ उन सभी का जो मेरी कहानी पर अपने विचार पेश कर रहे है जिससे मुझे आगे की कहानी लिखने में और मोटिवेशन मिलता रहता है ... कीप सपोर्टिंग एंड कमेंटिंग
 
बाकि का दिन कॉलेज में मेरा ऐसे hi बिट गया और अपनी बाइक लिए में कॉलेज के गेट से बहार निकला hi था की मेरी नज़र गेट की एक तरफ कड़ी प्राची ma'am पर पड़ती है जिन्हे देख में बाइक उनकी तरफ लेलेता हु. हाथ में मोबाइल लिए ma'am मनो किसी का वेट क्र रही हो . में उनके पास जा कर बाइक रोक दिया..

में: hello वन्स अगेन ma'am, आप यहाँ इस तरह क्यों कड़ी हैं.

प्राची: हे सनी तुम यहाँ, में तो बस कैब का वेट कर रही थी यहाँ , देखो न कब से कैब बुक करने की कोशिश कर रही हु आज एक भी कैब नहीं मिल रही है.

में: ओह तो ये बात है ,अरे ma'am इस एरिया में कॉलेज होते हुए भी कैब्स मिलना भोत मुश्किल होता है हमेशा hi, पर आप तो अपना व्हीकल ले कर आती है न हमेशा तो.

प्राची: हाँ वैसे तो में डेली मेरी गाड़ी ले कर आती हु पर आज सुबह मैकेनिक के हाथो सर्विस सेंटर पर भिजवाई है सर्विसिंग के लिए इसलिए .

में: अरे तो ma'am ये कैब का चलकर छोड़िये , चलिए में आपको ड्राप कर देता हु .

प्राची: नहीं सनी इतस okay में चली जाउंगी तुम क्यों परेशान हो रहे हो.

में: ma'am,pure कॉलेज की सबै सुन्दर लेडी को ड्राप करने का मौका मिल रहा है इसे परेशानी नहीं किस्मत कहते है .

प्राची, स्माइल करते हुए: तुम नहीं सुधरने वाले हो सच में. पर तुम्हे अपने घर जाने में देर हो जाएगी न फिर.

में: ः ma'am आप हो न सुधर देना मुझे, नहीं होगी देर आपका घर कोनसे एरिया में है ये बताओ मुझे बस.

प्राची: हाँ तुम्हे तो कान पकड़ के पीटना चाहिए हहै, मेरा घर ****** एरिया में है.

में: ma'am आपके हाथ से तो पीटने का भी मजा आएगा हाहाहा, अरे ये तो मेरे घर के रस्ते में है अब तो और ाचा है चलिए आपको ड्राप क्र hi देता हु.

प्राची: हे भगवन कुछ नहीं होगा तुम्हारा, ठीक है चलो अब और कोई चारा बी नहीं हहै.

और ये बोल Ma'am मेरी बाइक पर बैठ जाती है , जिस ma'am को हमेशा से में पसंद करता आया हु जिसे हमेशा से पाना चाहता था आज वो मेरी बाइक की पिछली सीट पर बैठी हुई थी ,यही अनुभव मेरे लिए सबसे बढ़कर था और जैसे hi ma'am बैठ जाती है में बाइक स्टार्ट कर देता हु और चलने लगता हु. जैसे hi बाइक चलने के लिए मेने ऑक्सेलेराते किया झटके की वजह से ma'am सीधा मेरी पीठ से चिपक गई और उनका एक हाथ मेरे कंधे पर आ गया और खुद को सँभालते हुए वापस पीछे की और सरक गयी. उन कुछ मिनट्स में जब ma'am मेरी पीठ से चिपक गई युई मुझे उनके मुलायम बूब्स का एहसास मेरी पीठ पर होने लगा था जिसे प् कर ऐसा महसूस हुआ मनो कोई सॉफ्ट पिलो पर मेरी बैक गिरी हो, इतना सॉफ्ट और गद्दी दर एहसास ma'am की चुचिओ का मुझे अलग hi सुकून दे गया. वही पीछे बैठी ma'am भी ये समझ गयी थी की क्या हुआ है क्युकी झटके से जब ma'am आगे आई तो मेरी बैक पर उनकी चूचियों के दबने का एहसास उन्हें भी हुआ था इसी वजह से वोतुरन्त पीछे की और सरक गई थी.

Ma'am: सनी आराम से चलाओ थोड़ा और कैसी बाइक है तुम्हारी कही पकड़ने का भी नहीं कुछ.

में: सॉरी ma'am वो इतनी खूबसूरत लड़की मेरी बाइक पर बैठी इस ख़ुशी में में बाइक चलना भूल गया थोड़ी देर के लिए हाहाहा., और ma'am वो क्या है न ये बाइक पर मोस्टली में अकेला hi रहता हु तो पकड़ने के लिए कोई अलग से स्टैंड नहीं लगवाया है और जो था वो भी मॉडिफिकेशन में हटवा दिया

Ma'am: बस बस अब इतनी भी तारीफ मत करो और बाइक चलाओ अचे से.. और में अब पकडू कहा से ,मुझे दर लग रहा कही तुमने गिरा दिया तो हहै.

में: ma'am अगर ऐसी बात है तो आप अपने हाथ मेरे कंधे पर रख दीजिये एंड आपको गिराने की में सोच भी नहीं सकता .

और कुछ देर बाद ma'am का एक हाथ मेरे कंधे पर आ जाता है जिसका एहसास प् कर hi मन खुश हो जाता है और अब में अपनी रफ़्तार से बाइक चला रहा था बिच बिच में बिम्पेर्स एंड ब्रेक्स लगाने की वजह से ma'am कभी कभी आगे की और सरक आती थी और मुझसे चिपक जाती जिससे रस्ते भर मुझे उनकी चूचियों के एहसास का मजा मिलता रहा और ऐसे hi करते हुए ma'am का घर आजाता है.

Ma'am: बस सनी यही रोक दो हम पहुंच गए मेरा घर आ गया.


Ma'am का घर एक सोसाइटी में था , घर ऐसा बोल सकता हु की एक 2भक फ्लैट जैसा hi था और सोसाइटी भोत hi अचे एरिया में थी, और ma'am के घर के बहार मेने बाइक रोक दी.

Ma'am, उतारते हुए: थैंक यू सनी फॉर द्रोप्पिंग में .

में: अरे ma'am ीे थैंक यू कैसा उल्टा थैंक्स तो में कहता हु जो अपने मुझे ये मौका दिया ः. ाचा अब में चलता हु.

Ma'am: हहै , अरे कहा चलता हु अब मुझे यहाँ तक चोर्ने आये हो अंदर चलो न चाय पानी करके जाओ.

Me,beta ma'am सामने से ऑफर दे रही क्या करे अब: नहीं ma'am रेंगने दो फिर कभी अगर मौका मिला आपको ड्राप करने का तब आऊंगा ः.

Ma'am: अरे तो तब पहिए आजाना अभी घर तक आये हो तो चलो भी , वैसे भी सोच लो तुम hi कहते थे न की लकी हो जो मेरे साथ टाइम स्पेंड करने का वक्त मिला तुम्हे तो अब जब खुद इन्विते कर रही तो मन कर रहे हहै.

में, बात तो सही है बीटा ऐसा मौका रोज नहीं आना: हाहाहा okay ma'am आप इतना इंसिस्ट क्र रही तो चलता हु.

और ये बोल में बाइक वही साइड में कड़ी कर ma'am के साथ घर में कजला जाता हु, घर के मैं गेट पर लॉक था जिसे ma'am ने खुद कीस से खोला और ये देख मेरे मन में और ये बात आई की इसका मतलब घर में कोई नहीं ma'am के अलावा . और हम दोनों घर के अंदर आ जाते है.

Ma'am: सनी तुम यहाँ बैठो में अभी आई

और ये बोल कर ma'am अपना बैग सोफे पर रख किचन में चली जाती है और दड़ो गिलास पानी ले कर मुझे देते हुए पास में hi बैठ जाती है.

में: थैंक्स ma'am,and ी मस्ट से भोत hi ब्यूटीफुल घर है आपका ,जैसी आप वैसा आपका घर ः.

Ma'am: हहै शुक्रिया सनी

में: वैसे मां आप अकेली रहती है ,ी मैं आपके हस्बैंड एंड इन लॉज़ नहीं घर में इसलिए पूछा.

Ma'am: इन लॉज़ नहीं रहते हमारे साथ और मेरे हस्बैंड सिर्फ वीकेंड्स पर घर आते है बाकि टाइम बहार hi रहते है जॉब की वजह से .

में: तो ma'am आप अकेले बोर नहीं हो जाती हैं कैसे मन लगता है आपका अकेले इतने बड़े घर में

Ma'am: नहीं अब आदत हो चुकी है मुझे ऐसे रहने की और वैसे भी लगभग पूरा दिन तो कॉलेज में hi निकल जाता है मेरा फिर वक्त कहा बचता है.

में: हम्म्म सही है आपकी बात बूत स्टिल मुश्किल तो होता hi है न.

Ma'am: अरे ये सब बाटे चोरो मुझे ये बताओ तुमने आज कैंटीन में मुझसे जो कहा की में क्यूट हु या सबसे खूबसूरत हु ये सब झूट क्यों बोलै.

में: ma'am आपको लगता है मेने ये सब झूट कहा आपसे. ये मेने दिल से कहा थाजो मेने आपके लिए फील किया.

Ma'am: पर मुझे ये झूट लगता है क्युकी कॉलेज में फसिलटीएस में भी देखो तो मुझसे अछि दिखने वाली टीचर्स है और स्टूडेंट्स में तो लड़कीओ की कमी नहीं ये में भी जानती हु हहै.

में: मन की ऐसी लड़किया होंगी और फसिलटीएस में भी होंगी no डाउट पर मेरी नज़र में आपसे ज्यादा सुन्दर कोई नहीं , में तो हर वक्त यही चाहता हु की कॉलेज में जितनी देर है हम ,आप मेरे सामने रहो .

Ma'am, मेरी बातो से अब कुछ उन्हें भी ाचा फील होता है और वो इस बात को आगे बढ़ाते हुए: ाचा ऐसा क्या देख लिया तुमने मुझमे जो इतनी अछि लगती हु , और में तुम्हारी ma'am हु, तुम इतने स्मार्ट ho,healthy हो आसानी से तुम्हे कोई बी लड़की अपना बॉयफ्रेंड बना लेगी और क्या पता हो भी सही कोई गफ तमहरि हहै, फिर मुझमे ऐसा क्या दिखा.

में: ः ma'am आप सही कह राजी है पर फिलहाल तो मेरी कोई गफ नहीं और में बनाना भी नहीं चाहता क्युकी मुझे जो क्यूटनेस ,परेटिनेस्स आपमें दिखी ऐसी किसी में नहीं .

Ma'am, स्माइल करते हुए: वही तो पूछ रही हु में की तुम्हे मुझमे ऐसा क्या दिखा जो ऐसी बाटे क्र रहे हो

में, ma'am के करीब आते हुए: ma'am आपकी हर एक चीज मुझे पसंद है, आपका नेचर, स्वीटनेस, आपका लुक, रहने का तरीका, आपका पहनावा जो सिंपल होता है जिस कारन आपकी सुंदरता को और निखरता है.

Ma'am, बिना पालक झपकाए मेरी आँखों में देखते हुए मेरी बात सुनते हुए : स्माइल करके ाचा और क्या ाचा लगा.

में: ma'am अगर फिजिकली बात करू तो आपकी वेल मैनटैनेड बॉडी ,जो आपको और जवान और सुन्दर बनती है एंड आपके ये प्रीटी सा फेस, आईज एवरीथिंग.

Ma'am: एवरीथिंग में क्या सनी ,जब इतना साफ साफ बोल रहे हो तो हर चीज क्लेअर्ल्य बताओ न .

में, ma'am की इस बात पर उनका हाथ पकड़ उनके और करीब आ जाता हु: अगर आप सच में सुन्ना चाहती है तो सुनिए, आपकी ये नशीली aankhe,ye लम्बे बाल ये गोर गोर गाल और इन सब से बढ़कर आपके ये रसीले होठ जो शायद बिना लिपस्टिक के भी इतने रसभरे लगते है की मन करे अभी चुम लिए जाये .

और ये बोल में अपना चेहरा ma'am के और करीब ले आता हु और ma'am भी वह से न हिलते हुए स्थिर वही बैठी रहती है और पूछती है अच्छा... और क्या पसंद है तुम्हे मुझमे..

में, अपने हाथ को उनकी कमर में रख कर पास खीसहते हुए: आपकी ये जानलेवा कमर , जिसे देख मेरा मन हमेशा मचलता है , और इस सब से परे जो आपकी सुंदरता को और निखारते है वो ये तीन चीजे है..

Ma'am अब पूरी तरह मेरी बातो में लहो सी गयी थी: कोनसी तीन चीजे सनी.

एक तो आपकी सेक्सी एसेट्स ma'am और बाकि दो चीजे है ये ... और इतना बोल में अपने दोनों हाथ ma'am की बूब्स पर रख देता हु और उसी वक्त अपने होठ ma'am के होठो पर रख देता हु.

अपनी चुचिओ और होठो पर हुए इस सामूहिक हमले की वजह से ma'am जो इतनी देर से मेरी बातो में खोई हुई थी वो एक अलग hi आनंद की अनुभूति करते हुए मेरे चेहरे को पकड़ लार और अपनी आँखे बंद किये मेरे चुम्बन का समर्थन दिखते हुए आपका मुँह खोल देती है जिससे मेरी जीभ अब उनके मुँह में प्रवेश करते हुए उनके होठो के रास को पि रही थी. जिन होठो को चूमने का में इतने महीनो से इंतज़ार कर रहा था आज वो मेरे होठो से जुड़े हुए है और जो बूब्स मेरी नज़र में जाने कितने दिनों से थे आज वो मेरी कैद में थे ये सोच कर hi मुझे आनंद मिल रहा था और इसी आनंद की वजह से में बिना रुके ma'am के होठो जो जाने कितनी देर तक चुस्त रहा और साथ hi चुचिओ को दबाता रहा और इसका पूर्ण समर्थन मुझे प्राची ma'am से भी मिल रहा था. तभी कुछ मिनट्स के चुम्बन में बाद अचानक hi प्राची ma'am मुझसे अलग होते हुए सोफे से कड़ी हो किचन की और भाग जाती है. जो औरत अभी पुराण समर्थन दे राजी थी उसका इस तरह जाना मुझे समझ नहीं आया पर ये जान चूका था की कही न कही Ma'am की अंतरात्मा उन्हें रोक दी थी पर मुझे आज जो मौका मिला पता नहीं दोबारा मिले या नहीं ये सोच उठ कर किचन में चला जाता हु जहा ma'am किचन स्टैंड की तरफ मुँह किये अपनी साँसों पर काबू प् रही थी. पीछे से जा कर उनकी कमर में हाथ दाल उन्हें हुग करते हुए अपने होठो को उनकी गर्दन पर रखते हुए मेने कहा.

में: क्या हुआ प्राची ma'am मऊआअह.

Ma'am जो गर्दन पर मेरे होठो के स्पर्श से कम्प सी गयी थी क्युकी ेल औरत के लिए गर्दन पर चीमा जाना शायद सबसे सेंसिटिव होता hai:mmmm सनी मत करो ये सब ठीक नहीं है प्लस चोरो मुझे प्लस.

मां की इस बात पर में उन्हें अपनी तरफ घुमा देता हु और उनके चेहरे को पकड़ कर: क्यों ma'am क्या ठीक नहीं है क्या आपको ये सब ाचा नहीं लग रहा , अगर ऐसा है तो आपका शरीर तो आपका साथ नहीं दे रहा है.

Ma'am: में जानती हु सनी की मेरा शरीर मेरा साथ नहीं दे रहा और वो तो तब से नहीं दे रहा जब से तुमने कैंटीन में मुझसे वो बाटे कही पर में खुद को रोक रही हु क्युकी में एक शादी शुदा औरत हु किसी और की पत्नी हु और मुझे ये सब करना शोभा नहीं देता ये धोखा है मेरे पति के लिए.

में: क्यों नहीं देता शोभा ma'am बताइये मुझे, क्या आपको ये सुख पाने का हक़ नहीं है, जैसा आप सोच रही वैसा आपके पति सोचते तो आज यहाँ अकेली होने की बजे वो आपको अपने साथ रखते क्या आपको प्यार पाने का हक़्क़नाही ma'am? और में आपकी पर्सनल लाइफ पर कोई टिपण्णी नहीं कर रहा पर मुझे ये समझ आ गया है की आपका शरीर कुछ और मांग कर रहा है और उसे जो चाहिए वो में दे सकता हु और देना चाहता हु तो गलत क्या है.

Ma'am: नहीं सनी गलत कुछ नहीं है और अगर में शादी के बंधन में बंधी नहीं होती तो शायद तुम्हे रोकती भी नहीं पर अभी मुझे ये कुछ ठीक नहीं लग रहा है प्लस समझो इस बात को प्लस. मानती हु की मेने तुम्हारा साथ दिया पर उस समय में बहक गयी थी.

में, ma'am के गलो को चूमते हुए: ma'am पर में आपको वो हर सुख दें चाहता हु जिसकी आप हक़दार हो.

Ma'am: देखो सनी अगर तुम मेरी रेस्पेक्ट करते हो तो इस बात को यही ख़तम करोगे और भूल जाओगे की हमारे बिच ऐसा कुछ हुआ है प्लस.

यहाँ ma'am की बात सुन मुझे बी ऐसा लगा की इस वक्त मेरा आगे न बढ़ना hi ठीक होगा क्युकी आज मुझे ये तो पता चल गया था की अब ma'am ज्यादा दिन नहीं रह पायेगी मेरे बिना और वो दिन दूर नहीं जब ma'am खुद सामने से मुझे कहेंगी की आओ सनी अपनी ma'am की आग बुझाओ और छोड़ दो अचे से.

में: ठीक है ma'am,me आपकी इज्जत करता हु और आपकी मर्जी के खिलाफ कुछ नहीं करूँगा और ये मेरा वडा है. और ma'am से दूर होते हुए पीछे हो जाता हु.

Ma'am एक तक मुझे देखती रहती है बिना कुछ कहे उस वक्त उन्हें भी समझ नहीं आया की क्या कहे इस लिए मेने माहौल बदलते हुए..

में: अब चाय नाश्ता करने बुलाई थी आप घर में वो तो करवाएंगी या वो भी नहीं मिलेगा ः..

Ma'am: हाँ क्यों नहीं जाओ बहार जा कर बैठो में अभी ले कर आई और ma'am एक हलकी सी स्माइल कर दी.

में किचन से बहार आकर बैठा ma'am के चाय नाश्ता लेन पर दोनों ने बिना कोई बात किये उसे ख़तम किया.

में: okay ma'am अब में चलता हु एंड हाँ सॉरी अगर हमारे बिच जो थोड़ा कुछ हुआ वो आपको कही हर्ट किया हो तो.

Ma'am: सॉरी को कोई जरुरत नहीं गलती सिर्फ तुम्हारी नहीं मेने भी साथ दिया था उस वक्त, और इस वजह से ये न सोचना की मेरी नजर में तमहरि कोई गलत इमेज बानी है मेरे लिए तुम वैसे hi हो सनी ,ी होप ु अंडरस्टैंड में .

में: येह थॉट्स ऑलराइट ma'am ी अंडरस्टैंड आईटी टोटली एंड अब तो प्रॉमिस भी किया है आपको मेने की आपकी मर्जी के बिना कभी आपको कुछ ऐसा न तो कहूंगा न करूँगा. bye ma'am हैवे ा गुड डे एंड थैंक्स फॉर टिया बर्फ.

और ये बोल कर में ma'am के घर से निकल कर सीधा अपने घर की तरफ आ गया ये सोचते हुए की बीटा आज भले ma'am ने रोक दिया पर अब में भी देखता हु ma'am कितने दिन ऐसे रहेंगी क्युकी जो आग उन चाँद मिनटों में मेने Ma'am के जिस्म किनफील की वो उन्हें ज्यादा दिन अकेले रेंगने नहीं देगी और अब Ma'am को जैसा वडा किया है जब तक वो सामने से नहीं कहेगी की आ सनी छोड़ के ठंडा कर मुझे तब तक में उन्हें टच भी नहीं करूँगा.

इसी सब सोच के साथ में अपने घर पहुँचता हु जहा इस वक्त भाभी भी घर आ चुकी थी और मम्मी घर पर hi होती है. मम्मी से कुछ खाने को मांग कर में सीधा अपने कमरे में आकर थोड़ी देर आराम करने के बहाने बिस्तर पर लेट गया और इसी चक्कर में मुझे नींद आ चुकी थी जो की शाम को आज भी प्रीति के जगाने पर खुलती है.

रत को डिनर के वक्त जब पूरी फॅमिली एक साथ बैठी हुई होती है तब मेरी नज़र कामिनी भाभी पर पड़ती है जो इस वक्त एक कासुअल सलवार सूट पहनी हुई थी पर वो सूट भी बाकि कपड़ो की तरह एक्सपोसिंग तो था जिसे देख मुझे कॉलेज में बो सब बाटे यद् आ गई जो रवि ने कही थी किंकिस तरह उसकी सोच भाभी के लिए बिगड़ी हुई थी और मेने तो सिर्फ रवि के मुँह से सुना था अभी तक ,कॉलेज में तो इस प्रकार कई लड़के भाभी को ले कर यही सोच रखते होंगे.

अंदर hi अंदर में यही सोच रहा था की क्या मुझे भाभी से इस बारे में बात करनी चाहिए की नहीं ,तभी माँ की आवाज ने मेरी सोच को वही रोक दिया..

माँ: क्या सोच रहा है तू सनी खाना नहीं खाना है क्या.

में: नहीं माँ कुछ नहीं बस ऐसे hi कुछ यद् आ गया था और उतना बोल आकर में खाना ख़तम करने लगता हु.

खाने के बाद हर कोई अस उसुअल अपने अपने कमरे में चला जाता है पर दिन में हुए प्राची ma'am के साथ वाकिये को ले और कामिनी भाभी को ले कॉलेज में लड़को की सोच से मेरी नींद उडी हुई थी.

मन hi मन ये बात चल रही थी की चाहे एक औरत कुछ भी चाहे कितना भी मॉडर्न या बोल्ड बन जाये पर अंदर से उसकी बावनाये कभी नहीं मरती अगर ऐसा होता तो इतना आगे बढ़ने के बाद प्राची ma'am मुझे रोकती नहीं और शायद कामिनी भाभी नहीं सिर्फ बोल्ड होने का नाटक करती हो अंदर उनकी भावनाए कुछ अलग हो.

यही सब सोचते हुए में रूम से निकल टेरेस पर आजाता हु और एक सिग्गट निकल कर फुक्ने लगता हु की तभी पीछे से कामिनी भाभी की आवाज आती है..

कामिनी: तो साहबज़ादे को ये शोक भी लगा हुआ है ..

में, भाभी को देख कैग फेकते हुए: ओह्ह्ह भाभी आप यहाँ, सॉरी बो बस कभी कभी स्मोक क्र लेता हु प्लस किसी को कहना नहीं.

कामिनी: एक शर्त पर नहीं कहूँगी अगर ये प्रॉमिस करो की ये जो कभी कभी भी तुम स्मोक के रहे वो बी नहीं करोगे.

में: हाँ भाभी ी प्रॉमिस अब से ी वोट. पर आप इस वक्त टेरेस पर क्या कर रही हो..

भाभी इस वक्त एक नाईट गाउन में थी और जिसे देख साफ पता लग रहा था की अंदर उन्होंने ब्रा भी नहीं पहनी हुई है जिस वजह से उनकी चूचिया इस ढीले गाउन में अचे से पूरा शेप बना रही थी.


कामिनी: तुम्हरे भैया सो गए है और मुझे नींद नहीं आ रही थी सोचा टेरेस पर टहल लू तभी तुम्हे भी इस तरफ आते देखा मेने. तुम यहाँ कैसे.

में: बस भाभी ऐसा hi कुछ समझ लो की मुझे भी नींद नहीं आ रही ः.

मन में ख्याल आता है की यही सही समय है भाभी से बात करने का...

में: भाभी वैसे आपसे एक बात करनी थी थोड़ी पर्सनल है बूत शायद मेरी नजर में करना जरुरी है .

कामिनी: हाँ कहो क्या बात है सनी.

में: don't टेक में रॉंग भाभी ी क्नोव आप मॉडर्न ख्यालो की है एंड सो ऍम ी एंड आवर कम्पलीट फॅमिली इस बूत स्टिल कही न कही आपको भी ये बात का एहसास है की आपके बारे में कॉलेज और बाकि जगहों पर गंदे कमैंट्स और गलत सोच पनप रही है लोगो में.

कामिनी: में समझी नहीं सनी से आईटी क्लीलर्य

में: भाभी आईएम टॉकिंग अबाउट ुर personality,no डाउट आप एक ब्यूटीफुल एंड अत्त्रक्टिंग लेडी है एंड कोई भी आपको देख कर बार बार देखना चाहेगा पर क्या आपको नहीं लगता की आपका ड्रेसिंग कुछ ज्यादा एक्सपोसिंग होता है?

कामिनी, मेरी बात अचे से समझते हुए: okay सनी नाउ ी गोत ुर पॉइंट, सो ु ट्राइंग तो तेल्ल में की जिस तरह में अपने कपडे पहनती हु , जो की एक्सपोसिंग होते है ी क्नोव वैरी वेल और हाँ कही न कही ये भी जानती हु की मुझे देख गंदे कमैंट्स भी मरे जाते होंगे बूत थिस इस माय लाइफ स्टाइल सनी मेरे रहने का तरीका है में इसे क्यों चेंज करू किसी के लिए.

में: नहीं भाभी आप गलत समझ रही है, में आपको किसी और के लिए चेंज होने का नहीं बोल रहा हु ु हैवे ुर ओन फ्रीडम हु ऍम ी तो से समथिंग, इतस जस्ट आज मेने कॉलेज में कुछ लड़को की बाटे सुनी और अपनी भाभी के बारे में सुन्ना ाचा नहीं लगा मुझे.

में ये भी जनता हु में कोई शरीफ इंसान नहीं हु और दूध का धुला नहीं कुकी में खुद भी उन लोगो की बाटे सुन आपके बारे में वही सोचने लगा था उस समय बजाये उन सब को चुप करने के.

कामिनी: ाचा ऐसा क्या सुना तुमने सनी मुझे भी तो बताओ में भी जणू क्या बाटे चल रही मेरे बारे में.

में, साडी बाटे फ्रैंकली बताते हुए: भाभी कॉलेज में लड़के ,इवन माय फ्रेंड्स आल्सो ऐसी बाटे क्र रहे है अस िफ़ वो आपके साथ सोना चाहते है आपके इस जिस्म का उपयोग करना चाहते है और उन्हें लगता है की थे वे ु एक्सपोज़ कही न कही आप भी यही सब दिखा कर बताना छह रही हो की हाँ मुझे भी अपना जिस्म मसलवाना है और आप को इस तरह अपने अंग प्रदर्शन करने में मजा आ रहा है.

मेरी बात सुन इस बार भाभी शॉक होते हुए..

कामिनी: सनी दो ु इवन क्नोव की तुम क्या बोल रहे हो बो भी अपनी भाभी के बारे में, बोलने से पहले सोच तो लो.

में: भाभी ये मई नहीं कॉलेज बोल रहा आपके बारे में और कॉलेज hi क्या शायद और जगह भी ये बाटे हो रही होंगी और भाभी अगर आप इस तरह ड्रेस क्र रही तो बीइंग ा मातुरे लेडी आपको ये सब अचे से पता होना चाहिए की लोग क्या सोच रहे सो डोंट एक्ट अस िफ़ ु र ुनवारे ऑफ़ आईटी.

कामिनी: नहीं सनी ी क्नोव की मेरे बारे में कमैंट्स होते है रिगार्डिंग माय वे ऑफ़ ड्रेसिंग , एक्सपोज़र एंड आल पर मुझे ये नहीं पता था की इतने गिरे हुए कमैंट्स और ऐसी घटिया सोच बी होगी लोगो की ी थॉट अब जमाना बदल गया लोगो की सोच बी बदली होगी.

में: थॉट्स व्हाई ी साइड तो ु न भाभी की मुझे कोई दिक्कत नहीं थी आज तक पर जब ये सब सुना तो मेने सोचा आपसे डिसकस करना चाहिए

कामिनी: हम्म्म बूत तुमने कहा की उनकी बाटे सुन कुछ देर के लिए तुम भी उनकी बातो में आ कर यही सब सोचने लगे थे.

Me,apni चोरी पकड़ी जाने पर: हाँ भाभी सॉरी पर उस वक्त मेने भी कुछ देर के लिए आपके साथ वो सव करने का सोच लिया था और वैसे भी हु तो में भी एक मर्द hi न एंड ट्रस्ट में आज अपने जो ड्रेस पहनी थी ु वेरे लुकिंग ा सेक्स गॉडेस पुरेली इसलिए मन मचल गया.

कामिनी: हैए राम शर्म नहीं आती तुम्हे सनी ऐसा बोलते हुए और सोचते हुए.

में: तो क्या करू भाभी मेरी तो उनसे ज्यादा बड़ी मज़बूरी है क्युकी वो तो सिर्फ कॉलेज में आपको देखते है में तो आपको कॉलेज से आने के बाद घर में भी इसी रूप में देखता हु ,अभी hi देख लो कितनी मस्त बन कर आई हो आप गाउन में भी ः.

मेरी इस बात पर भाभी का चेहरा िले से खिल जाता है पर बनावटी गुस्सा दिखते हुए....

कामिनी: ओह्ह्ह तुम्हारा कहने का ये मतलब है की तुम मेरे बारे में घर आने के बाद भी ये सब सोचते ho.jab कॉलेज वालो की सोच पर तुम्हे ऐतराज़ है तो खुद कैसे सोच रहे बोलो बोलो.

में: भाभी ैटीज़ इसलिए है कुकी आप मेरी भाभी हो और एक देवर का भाभी पर हक़्क़क़ होता है वो जो चाहे सोच सकता है पर अगर कोई बहार वाला भाभी के बारे में ऐसा सोचे तो देवर से ये बैंडस्ट नहीं होगा न ः.

कामिनी: ओह्ह्होऊ अब समझी तो बात ये है देवर जी, आपको दिक्कत ये है की कोई आपकी भाभी के बारे में गलत नहीं बोल सकता भले आप जो चाहे सोचे.

में: हाँ तो इसमें गलत क्या है भाभी, अब में हर किसी का मुँह तो बंद नहीं करवा सकता पर अपनी भाभी से hi थोड़ा सावधान और सतर्क रहने का कह hi सकता हु न, वो भी नस उतनी देर जब तक कॉलेज में है बलि घर पर वो जैसे पहले रहती थी वैसे hi रहे.

कामिनी: हेहेहे ाचा और घर पर वैसे hi क्यों घर पर भी तो में अब चेंज हो कर राहु न क्या दिक्कत है न.

में: नहीं घर पर अगर आप बदल गई तो में अपनी भाभी के जवानी को कैसे देख पाउँगा कैसे भाभी के उस सेक्सी जिस्म को ताड पाउँगा ः.

कामिनी: हाय ढैय्या शर्म तो आती hi नहीं न भाभी के सामने खड़े होकर उसे ताड़ने की बाटे क्र रहे हो.

में: शर्मो क्यों भाभी , वैसे भी अगर आपको यु हमारा ताड़ना ाचा नहु लगता तो ऐसे रहती hi क्यों ः. मेरा कहना इतना है की बस बहार की दुनिया अभी उतनी नहीं बदली जितनी हम सोच रहे तो वह संभलिए और अगर आपको ाचा लगता है किसी का यु आपको ताड़ना तो आपका ये देवर है न भाभी दिन रत उप्पेर से निचे तक आपको तद्र रहेगा ः.

पर ये बोल में थोड़ा पीछे हो भाभी को एक तक उप्पेर से निचे देखने लगता हु.

भाभी मेरी इस हरकत पर शर्मा सी जाती है: धत्त्त शैतान कहिके सच्चे बेशरम हो गए हो तुम सनी यु खुले आम भाभी को ऐसे घर रहे शर्म करो

में: अरे भाभी अगर शर्म करिंगा तो आपकी इस जवानी से आँखे कैसे सेक पाउँगा कसम से क्या हसीं जवानी है भाभी और सच कहु तो ये गाउन में जो आपकी चूचिया है न मन कर रहा इसी वक्त मसल दू , इन्हे मसलने का मन तो आज कॉलेज से hi हो रहा है .

भाभी को अब मेरी बाटे मजदे रही थी और गर्मी चढ़ा रही थी...

भाभी: ाचा क्यों ऐसा क्या है मेरी इन चूचियों में जो इतनी पसंद आ गई है.

में, भाभी के पास आ उनकी दोनों चुचिओ को हाथ में पपकड दबोच क्र: हईये भाभी क्या बताऊ इनके बारे में, आपका जो क्लीवेज दीखता है न और वो बूब्स के बिच की दरार मन करता है की जीभ दाल चाट लू ...

मेरे चूचिया दबोचने से भाभी और मजे में आते हुए : अह्ह्ह्हह सनी क्या कर रहे हो चोरो मुझे कोई आजाएगा अभी .

में, भाभी की चूचिया को बहार निकली थी गाउन से उनपर चूमते हुए: मुउआअह भाभी कोई नहीं आएगा ितनिंराट में बस एक बार इनकी झलक दिखा दो अपने इस देवर को भाभी एक बार बस और मेने दोनों चूचिया जोर से दोबारा भींच ली.

भाभी: अह्ह्ह्हह्हह सनी अभी नहीं ये मौका सही नहीं बाद में अचे से देख लेना अभी चोर दो मुझे प्लस.

भाभी की बात न मानते हुए अब मेने अपने हाथो से गाउन की ज़िप जो पीछे थी उसे खोल दिया और दोनों कंधो से भाभी के गाउन को निचे सरका दिया जिस वजह से गाउन भाभी की कमर तक गिर गया और दोनोचउचिया आज़ाद हो चुकी थी.

इतनी गोरी और मुलायम वहींचिया आज से पहले मेने कभी नहीं दिल्ली थी और उनकी सुंदरता देख मुझसे रुका नहीं जाता और तुरंत एक चुकी को मुँह में भर चूसने लगा साथ hi दूसरी की निप्पल मसलते हुए दबाने.

खुली टेररसपर यु देवर के साथ अधनंगी हुए चुचिओ को चुसवाने का मजा लेती हुई भाभी की छूट भी अब रास बहाने लगी थी .. मममम अह्हह्ह्ह्ह सुन्न्नीयीय क्या कर रहे हो उफ्फ्फफ्फ्फ़ अब बस भी करो कोई देख लेगा चोरो मुझे िष्ठ्हहहह.

और में भाभी की बात के विपरीत अब अपने एक हाथ को कमर तक गिरे हुए गाउन क अंदर ले जा भाभी की दोनों टैंगो के बिच रख रगड़ने लगा, हाथ अंदर डालते hi ये पता लगता है की भाभी ने पंतय भी नहीं पहनी हुई होती है जिससे की उंगलिओ को सीधा भाभी की छूट में घुसा और छूट के डेन को अंगूठे से रगड़ने लग जाता हु.

ओह्ह्ह्हहब िष्ठ्हहह सुन्न्नीयीय ये क्या कर रहे हो उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ कहा हाथ लगा दिया िष्ठ्हहहह उफ्फ्फ छोड़ो मुझे अह्ह्ह्ह ,अपनी चुकी और छूट पर एक साथ हो रहे इस हमले से भाभी पूरी तरह बेकाबू हो जाती है और अपनी कमर हिलाते हुए मेरी उंगलिओ से अपनी छूट छुड्वने लगती है और जिस कारन अगली कुछ देर में भाभी की छूट रास बहा देती है ओह्ह्ह्हह्ह सुननयीयीय िसुह्ह्ह्ह में गयी अह्ह्ह्ह.

और वैसे hi भनहि झड़ने के बाद मेरी बहो में लिपट जाती है. कुछ देर लिपटे रहने के बाद नार्मल होते हुए वो अपना गाउन ठीक करने लगती है जिस पर मेने ज्न्हे रोकते हुए कहा की की मेरा काम नहीं हुआ है भाभी अभी , मेरी बात सुनते hi भाभी मुस्कुरा उठती है..

भाभी: अभी सही समय नहीं है देवर जी आपके लुंड का स्वाद लेने का सही समय पर अंदर भी लेलनंगी अभी सिर्फ चूस कर शांत क्र देती हु और ये बोल भाभी घुटनो के बल बैठ कर मेरे लुंड को बहार nikal,jise देखते hi भाभी की आंखे खुश हो जातींहै किनइतना तगड़ा मुसल मेने पहले कभी नहीं देखा न लिया देवर जी और मुँह में भर चप्पे लगाने लगती है , भाभी के लुंड चूसने के तरीके से साफ पता लग रहा था जैसे की कोई एक्सपर्ट हो और पूरा मज़ा दे क्र लुंड चूस रही थी और अंत में मैंने अपना रास भाभी के मुँह में भर दिया जिसे ख़ुशी ख़ुशी भाभी निगल जाती है और कड़ी हो अपना गाउन ठीक करने लगती है और साथ hi कहती है..

भाभी: वाह सनी भाभी को एक तरफ कॉलेज की बात बताने के बहाने तेरास पर नंगा कर मजा लेलिया पूरा हाँ बड़े स्मार्ट हो.

में: ः पूरा मजा कहा लिया अभी भाभी का ये तो शुरुआत थी अभी भोत कुछ बाकि है.. पर कॉलेज वाली बात सीरियस थी भाभी ः

भाभी: हाँ समझ रही हु में सनी और कल से hi तुम्हे मुझसे बदलाव नज़र आजायेगा देख लेना.

में, भाभी को बहो में जकड उनकी चूचिया भींच: हाँ पर ये बदलाव सिर्फ कॉलेज या बहार जाओ तब के लिए घर में मैं आपमें कोई बदलाव नहीं चाहता ः.

भाभी: िष्ठ्हहह हाँ देवर जी कोई बदलाव नहीं करुँगी घर में वैसे भी पहले तुम्हरे भैया ने दिल्ली और चखी थी मेरी जवानी अब तो देवर को भी खुश रखने का काम है भाभी पर ...

में: ः हाँ सही काबा बिलकुल भाभी ने और आज तो आपको जाने दे रहा हु भोत जल्दी आपको पूरी तरह अपना बनाऊंगा भाभी और ये बोल भाभी के होठ चुम लिए.

कामिनी: सनी तुम्हारा हथियार देखने के बाद तो अब मेरा भी मन है इसे जल्द से जल्द अपने अंदर लेने का ,सच तमहरे भैया से भी मजेदार बड़ा लम्बा और मोटा मज़ार आया ये मुझे, इसे लेने में अलग hi मजा आएगा मुउउउउआआह्ह्ह्ह.

में: ये मेरा लुंड बना hi आप जैसी गरम और चुड़क्कड़ औरतो के लिए है भाभी ः..

भाभी: हेहेहे वो तो जब लुंगी तब पता चलेगा इसका मका फिलहाल भोत देर हो गई हमे अब चलना चाहिए..

और ये बोल एक आखरी किश कर हम दोनों देवर भाभी टेरेस से निचे अपने अपने रूम में आ गए.

आज के अपडेट में इतना hi बाकि अगले अपडेट में......


साथ hi दोस्तों में एक और बात कहना चाहता हु सभी रीडर से की कहानी के किसी एक मात्रा अपडेट से किसी विचार पर न पहुंचे प्लस, कहानी पूरी तरह रीडर्स की soch,pasand और उनले सुग्गेस्टियन्स को ध्यान रखते हुए लिखी जा रही है ... और जैसा की शुरू में hi बता दिया है की कहानी पूरी तरह से इन्सेस्ट बेस्ड रहेगी तो वही रहेगी, इस ट्रैक से अलग चल कर कहानी आगे नहीं बढ़ेगी. धन्यवाद् .
 
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