दरवाजा खोलते hi मेरे सामने वो शख्स नजर आता है जो मेरी जिंदगी में शायद सबसे महत्त्व रखता hai.Aur ये शख्स थी मेरी प्यारी सीमा didi.Aur उन्हें देखने में मैं इस कदर बिजी हो गया था की उनकी आवाज से मुझे वापस होश आता है...
दीदी: "अब ऐसे hi देखता रहेगा या अंदर भी आने देगा मुझे".
दीदी की आवाज सुन मनो में होश में आता हु और जोर से चिल्लाते हुए didiiiiiiiiiiiiiiiiii कर उनके गले लग जाता हु और ख़ुशी के मरे वैसे hi उनकी कमर में हाथ दाल उन्हें उठा गोल गोल घूमने लगता हु...
दीदी: उफ्फ्फ सनी चोर मुझे गिर जाउंगी मई हहै.
में, दीदी को निचे उतर दोबारा गले लग: ओह माय गॉड, दीदी आईएम सो हैप्पी आपको देख कर, में बयां नहीं कर सकता में कितना खुश हु, ी मिस्ड ु सो मच दीदी.
दीदी, मुझे तिघ्टलय हुग करते हुए: ओह मेरा प्यारा भाई, मेने भी तुझे भोत मिस्स्स किया, कैसा है तू, और ऐसा लग रहा तुझे देख की कितने सालो बाद देख रही हु हहै.
में: ः दीदी आप भी तो कितने वक्त बाद आई हो और बिलकुल बदल गई हो, साड़ी में तो वाकई भोत सुन्दर लग रही हो आप ः.
दीदी: हेहेहे थैंक्स भाई, तू भी तो बदला बदला लग रहा मुझे इतने टाइम बाद मिला है तो.
मेरी डीडीई वाली चीख सुन घर के बाकि सब लोग भी अब तक डाइनिंग हॉल से बहार आ चुके थे.
प्रीति: दीदी सारा प्यार इस नालायक को hi दे डौगी या मुझे भी कुछ मिलेगा, में भी कड़ी हु यहाँ और घर के बाकि सब भी.
में, दीदी के कुछ कहने से पहले: तू बकवास मत कर चुड़ैल पहले में तो जी भर के मिल लू दीदी से.
दीदी, मुझसे अलग हो, प्रीति की और जाते हुए: हेहेहे चुप कर सनी तू, जितना प्यारा तू है उतनी hi प्यारी मेरी ये बेहेन है समझा..
प्रीति, दीदी को हुग कर: थान्क्स्स्स दीदी, इवन ी लव ु सो मच एंड मेने सबसे ज्यादा मिस किता apko.kesi हो आप.
दीदी: में एक दम फिट न फाइन हहै, तू किसी है प्रिंसेस एंड ी मिस्ड ु तू.
प्रीति, मुझे चिढ़ाते हुए: में भी ठीक हु एंड देख सनी मुझे प्रिंसेस कहा दीदी ने.
दीदी: ओफ्फो तुम दोनों की लड़ाईया अब भी चालू है हहै.
माँ: तू इन दोनों की लड़ाई चोर बेटी इनका तो रोज का है.
पास कड़ी माँ की आवाज सुन दीदी माँ के पास जा गले लगती है एंड पैर चुटी हैं मिलती और बाद में पापा के पास जा उनके पैर छू गले लगती है. बेटी पापा की सबसे लाड़ली होती है ये बात एक परम सत्य है और आज दिखाई बी दे रहा था.
दीदी: कैसे हो पापा आप.
पापा: में बढ़िया तू किसी है एंड ये क्या ऐसे अकेली घर आयी कॉल क्र दिया होता कोई बी लेने आजाता.
दीदी: अगर कॉल करती तो ये सरप्राइज नहीं होता न हहै.
में: सीरियसली डीई, ये बेस्ट सरप्राइज है, आज का दिन बेस्ट हो गया मेरा तो ः.
दीदी, बुआ की और बाद, गले लग: हहै, आपके पैर नहीं चुने वाली में बुआ, सोज़ आप आज भी मेरे बराबर की लग रही हो हहै
बुआ: हाहाहा पैर छुए तो में थप्पड़ लगा देती वैसे भी. इतस गुड तो सी ु सीमा, एक तू hi है जो इस घर में बचो में सबसे समझदार है हहै.
में: देख लो दीदी आयी नहीं की बाकि सब की बुराई होना शुरू, गलत बात है बुआ.
बुआ, आँखे बड़ी कर: छः अब सही है सो है.
भैया जो चुपचाप खड़े थे: सबसे मिलना हो गया हो तो एक भाई तेरा यहाँ बी खड़ा है सीमा ः.
दीदी: हहह भैया आपको कैसे भूल सकती हु.
और इसके बाद कामिनी भाभी की और देख..
दीदी, भाभी क गले लग धीरे से: हे माय सेक्सी भाभी हहै किसी ho.(didi और भाभी में ऐसी मजाक मस्ती चलती रहती दोनों में भोत अछि बॉन्डिंग है)
भाभी: हेहेहे आईएम फाइन, वैसे अब तो आप मुझसे ज्यादा सेक्सी लगने लगी है सीमा दीदी.
माँ: और बता बेटी अशोक जी कैसे हैं.
दीदी: वो भी ठीक है बस कम्पनी के काम से गए है सो मेने सोचा इसी बहाने यहाँ घर पर आने का मौका मिल गया है हहै.
में: दीदी ये तो भोत साहू किया आपने, पता है कितने टाइम बाद पूरी फॅमिली साथ है आज.
प्रीति: वैसे तो ये नालायक कुछ सही कहता नहीं पर आज पहली बार सही बात की है, सच दी आपके बिना घर में कमी थी हहै.
दीदी: अरे अब में आ गई हु न सो कोई कमी नहीं अचे से सब साथ रहेंगे और एन्जॉय करेंगे, में भी तो मेरा ये परिवार मिस कर रही थी न.
बुआ: हहै ाचा तो तुम लोग बैठो हमे ऑफिस के लिए देर हो रही है आज भोत जरुरी है मीटिंग है, तो हम चलें भैया.
पापा: हाँ रागिनी हमें निकलना चाहिए अब, एंड सीमा बेटी शाम को आज जल्दी आजायेंगे, एक काम करना सनी आज चाचा चची को बोल देना डिनर यही क्र ले, आज फुल फॅमिली साथ टाइम स्पेंट करेगी.
और ये बोल भैया, पापा और बुआ ऑफिस के लिए निकल जाते है.
प्रीति: दीदी मेरा कॉलेज में एक इम्पोर्टेन्ट प्रोजेक्ट चल रहा आज लास्ट डे है तो जाना पड़ेगा कल से में फ्री रहूंगी सो आ कर मिलती हु ब्बये.
दीदी: okay प्रिंसेसस्स जाओ टेक केयर ब्बये.
और अब घर में मैं, दीदी, माँ एंड भाभी रह गए थे, जिसमे भाभी भी कॉलेज के लिए निकल जाती है.
में: दीदी आप जर्नी से थक कर आई होंगी न थोड़ा रेस्ट कर लो
माँ: वो बची नहीं है क्र लेगी तू ये बता तुझे कॉलेज नहीं जाना हाउ क्या.
में: mom.mene कल hi कहा था न दी के आर के बाद में कही नहीं जाऊंगा.
दीदी: हहै क्यों भाई, कॉलेज क्यों नहीं जाओगे भला.
में: ओह दीदी कॉमन अब, में हर वक्त आपके साथ रहूँगा अब कहु नहीं जाने वाला.
माँ: सीमा इसको बस बहाने किए कॉलेज न जाने के पता नहीं क्या कररगा ये लड़का.
दीदी: माँ मेरा भाई है ये, देखना एक दिन सबसे बड़ा काम करेगा हहै.
माँ: मुझे तो इसमें एक बी ऐसा लक्षण नहीं दिखाई दे रहा पता नहीं तुझे कहा से दिखाई दिए हहै.
में, दिखाई तो आपमें बी कहा रहा था की इतनी चुड़क्कड़ और प्यासी गरम औरत हो वो तो मुझे बी कल hi पता लगा न माँ ः: ः देखा दीदी यहाँ किसी को मेरी वैल्यू hi नहीं बस एक आप hi हो मुझे समझने वाली और ये बोल में दीदी को दोबारा हुग क्र लेता हु.
दीदी: हेहेहे वैल्यू के बच्चे इसका मतलब ये नहीं की तुझे आज कॉलेज जाने से छुट्टी mili..vo तुझे जाना पड़ेगा.
में: बूत दीदी....
दीदी: कोई बूत बूत नहीं, देख वैसे भी अभी में रेस्ट करुँगी टायर्ड हु भोत तो कोई फायदा नहीं तेरा घर पर रहने का इससे ाचा अभी कॉलेज जाओ, वापस जल्दी आजाना बस.
में: okay दीदी आप कह रही हो इसलिए चला जाता हु बूत इंटरवल में hi चला आऊंगा haha.aur ये बोल में भी कॉलेज को निकल जाता हु.
घर में दीदी, माँ को कस के गले लग: ओह्ह्ह माँ ी मिस्ड ु थे मोस्ट, पता है कितनी यद् आती apki,hehe
माँ: हहै मुझे बी भोत यद् आई तेरी, एक तू hi है जो इस घर में समझदार है और मुझे समझती बाकि सब तो अपने काम में व्यस्त.
दीदी: हहै माँ, वैसे एक बात है आप इनदिनों कुछ ज्यादा hi चेंज हुई हो पहले से ज्यादा खूबसूरत बी लग रही हो.
माँ: ः बकवास न कर अब तू भी, मेरी चोर तुझमे भोत चंगेस आये है, लगता है ससुराल में भोत सेवा हो रही है हहै.
दीदी: ः माँ कुछ भी हाँ...
माँ: हहै ाचा अब तू जा थोड़ा आराम कर ले थक गई होगी तेरे रूम की सफाई करवा दी ह मेने, वार्ना सनी और प्रीति फिर तुझे अपने अपने रूम में ले जाने क लिए लड़ पड़ते हहै, में भी तक तक घर के काम ख़तम कर लू.
दीदी: हेहेहे okay माँ. और ये बोल दीदी बी रूम में चली जाती है और माँ अपने काम में लग जाती हैं.
_________________________________________
कॉलेज पहुंचने के बाद अभी में क्लास अटेंड hi कर रहा था की मुझे प्राची ma'am का एक मश्ग आता है "कुछ बात करनी है तुमसे, मीट में इन थे कैंटीन आफ्टर हाफ न हर."
मैसेज देख अब मेरे मन में कही न कही ये बात चल रही थी की लगता है जो में चाहता था वो हो गया है, और शायद ma'am उसी सिलसिले में बात करने के लिए मिलना चाहती है, खैर अभी कुछ देर में पता चल hi जायेगा.
क्लास ओवर होने के बाद में सीधा कैंटीन की तरफ चला जाता हु जहा इस वक्त काफी भीड़ थी, और ma'am एक टेबल पर इस तरह बैठी थी की इनका फेस एंट्रेंस क ठीक सामने था और मुझे देखते hi वो खुद उठ कर मेरे पास आने लगी, पास आने क बाद ma'am...
Ma'am : hi सनी कैसे हो..
में: hi ma'am, आईएम फाइन थँक्स हावस ु एंड ऐसे यहाँ क्यों बुलाया आपने.
Ma'am : में बी ठीक हु, कुछ जरुरी बात करनी थी इसलिए बुलाया पर यहाँ भोत भीड़ है ठीक से बात नहीं हो पाएगी कहि और चलते है.
में, सोचते हुए: ठीक है ma'am इस वक्त काम भीड़ या साइलेंट प्लेस कॉलेज में एक hi होगा, स्टाफ पार्किंग zone.(mujhe पता था की वह कॉलेज टाइम ने कोई हलचल नहीं रहेगी और सबसे सेपरेट भी है)
Ma'am : वाह तुम्हे बड़ा पता है हर जगह क बारे में हहै.
में: हाँ अब कहा जाने की जौरात पद जाये, उसलिए खबर रखनी पड़ती hai..ab चले?
और ma'am के हामी भरने के बाद हम पार्किंग की तरफ चले जाते है और वह ma'am की स्कूटी के पास hi पहुंच क्र..
में: हाँ तो बताइये ma'am क्या बात करनी है.
Ma'am, सवालिया नजरो से: क्या तुम अब रक् मुझे अवॉयड क्र रहे हो, पिछले दिनों ढंग से बात बी नहीं की ऐसा क्यों सनी.
में: आप आपके उस सवाल जा जवाब बड़े ैगे से जानती हो ma'am, और ये भी की में आपसे क्या चाहता हु.
Ma'am : हैं में जानती हु और इस लिए सोच कर तुमसे बात करने यहाँ आई हु.
में, स्माइल के साथ: तो फिर क्या सोचा ह आपने.
Ma'am, नजरे नीची कर: देखो सनी जब से उस दिन में तुम्हे मेरे घर ले गई और हमारे बिच जो हुआ उस दिन से hi में भी मैं नहीं रही और बार बार तमहरे बारे में सोचती रही हु और तमहरा इस तरह मुझे अवॉयड करना ाचा नहीं लगता, परन्तु...
में, ये सोच की चिड़िया जाल में फास गयी: पतंतु क्या ma'am???
Ma'am : बूत में मैरिड हु सनी और तुम अचे से जानते हो की मेरा टंगरे साथ इतना आगे बढ़ना सही नहीं होगा.
में: तो ठीक ह फिर ma'am हम अपने ऍबे ेअसते पर चलते है व्ही सही होगा न.
Ma'am : ऐसा क्यों कह रहे हो सनी, ने ऐसे तुमसे अलग रस्ते पर नहीं चल सकती, में दोनों तरफ से फांसी हुई हु दिमाग मेरा मंजूरी नहीं देता और दिल तमहरा साथ चाहता है.
में: तो ma'am अब ये आपकी कश्मकश है, मुने मेरी फीलिंग आपके लिए आलरेडी बता दी है को पूरी कॉलेज में कोई एक है जिसे में पसंद करता हु तो वो आप ho.(ye मेरा ma'am को जाल में फ़साने का डाव था )
Ma'am : हाँ जानती हु और में तुम्हे हर्ट बी नहीं क्र सकती इसलिए मेने एक रास्ता निकला है.
में: कैसा रास्ता..
Ma'am, नजरे नीची क्र, स्माइल करते हुए: मुझे तुम्हे अपना लवर बनाने में कोई परेशानी नहीं है सनी और में दिल से तुम्हरे साथ रहना चाहती हु परन्तु अभी में अपने दिमाग को नहीं समझा सकीय हु इसलिए जब तक में पूर्ण रूप से संतुष्ट नहीं हो जाती में तुम्हे अपना जिस्म नहीं सौपूंगी, उसके अलावा में तुम्हारी प्रेमिका होने क हर फ़र्ज़ को निभाऊंगी.
में, ma'am की बात सुन खुश होते हुए उनके कंधो को पकड़ अपनी और खींच: ma'am आपको पता ह न आप क्या कह रही हो...
Ma'am, शर्म से लाल होते हुए: हाँ सनी ी थिंक आईएम फॉलिंग फॉर ु, तुम्हरे लिए मेरे दिल में खास जगह बनने लगी है पर तुम्हे पूरी तरह अपनाने से पहले मुझे वक्त चाहिए.
में, ये सोचते हुए की जब इतना असर हो गया ह और लवर बनने को तैयार है तो आगे मेरे निचे कैसे लाना ह ये मिझे अचे से पता है ः: हम्म ma'am कोई बात नहीं में समझ सकता हु और आपको जितना वक्त लेना ह लेलीजिये, एंड थैंक ु सो मच मुझे एक्सेप्ट करने और मेरी प्रेमिका बनने के लिए, ी रियली लव ु सो मच ma'am.
Ma'am, मुस्कुरा कर: मुझे बी लगता ह की में तुमसे प्यार करने लगी हु सनी और टुंगरा इस तरह दूर रहना मुझे हर्ट करता है, अब ऐसे दूर न रहना प्लस
में, जिस वजह से दूर रहा वो वजह पूरी होती दिख रही है सो अब दूर नहीं पास रह तुम्हरे जिस्म की आग भड़काऊंगा ma'am ताकि इस खूबसूरत जवान जिस्म क मजे जल्द ले सकू: हाँ ma'am ी प्रॉमिस अब ऐसा नहीं होगा, मुझे जो चाहिए वो मिल गया फिर क्यों दूर रहना ः.
Ma'am : हहै, अब चलें क्लास बी लेनी ह मुझे, और जो कहना था वो कह बी दिया.
में, ma'am को अपनी बहो ने खींच: ऐसे कैसे चले ma'am, अपने इस प्रेमी को इन होठो का रास तो पीला तो आज इतनी ख़ुशी का दिन ह..
Ma'am, हसकर धक्का देते हुए: नहीं सनी अभी घर में नहीं ह हम यहाँ ऐसा कुछ नहीं प्लस
में, पकड़ मजबूत करते हुए: तो क्या हुआ ma'am यहाँ कोण हमे देख रहा है और अभी अपने कहा प्रेमिका क फ़र्ज़ निभाओगे तो मुझे खुश रखना बी फ़र्ज़ हुआ और इस वक्त मेरी ख़ुशी आपके इन होठो को चूसने में है.
Ma'am, इधर उधर देखते हुए: िष्ठ सनी लेकिन यहाँ कभी भी कोई भी आ सकता है प्लस समझो.
इससे पहले की ma'am इसके आगे कच बोल पति मेने अपने होठो को ma'am में होठो पैट रख दिया और एक हाथ को कमर में सहलाते हुए आउट दूजे हाथ से उनकी गांड मसलने लगता हु. मेटे इस तरह ma'am के होठ पर अपने होठ रखने से पहले तो ma'am सकपका गयी परन्तु साथ hi मेरे दोनों हाथो के उनके शरीर पर असर करना शुरू काट दिया था और वो भी चुम्बन का साथ देने लगी थी.
चुम्बन धीरे धीरे अब वाइल्ड होने लगा था और ने ma'am के होठो को चूमने के साथ साथ काट भी रहा था और अपना एक हाथ जो कमर पर था उसे उप्पेर ला ma'am की चुकी पर रख उसे दबाने लग गया था.
होठो को चूमने और अपनी चुचिओ को इस तरह दबवा अब मां भी गर्माने लगी थी और अपने हाथो से मेरा सर पकड़ चुम्बन का पूरा साथ दे रही thi.Kuch मिनटों तक चले इस चुम्बन क्र बाद अब ma'am की सास भरी होने लगी थी और इसी वजह से अब अपने होठ मेरे होठो से हटा दूर कर लेती है, लेकिन में अपने हाथो से गांड और चुकी मसलना जारी रखता हु.
Ma'am : ममम िध्ह्हः सनी तुम सच में भोत हॉट हो अहह ममम उफ्फ्फ्फ़ पर अब चोरो मुझे कोई आ जायेगा.
में: मन नहीं कर रहा ma'am चोर्ने का, चाहता तो हु की अभी आपकी इन चुचिओ का रास पि जाऊ, और ये बोल दोनों चूचिया साड़ी के उप्पेर से जोरो से दबा देता हु.
Ma'am : िष्ठ्हहहह नहीं न सनी अह्ह्ह्ह मममम ऐसे बी कोई दबाता है भला हहै, और मेने कहा न सही वक्त आने पर अपना सब कुछ दूंगी तुम्हे फिलहाल यहाँ से चलो.
Ma'am की बात सुन अब मुझे बी लगा था की भोत देर हो गई है कोई बी आ सकता है और फिर उन्हें एक और किश कर हम वह से चले आते है.
________________________________________
शाम का समय हो रहा था और पापा अपनी कार लिए ऑफिस से निकल hi रहे थे की उन्हें ऑफिस के एग्जिट दूर पर रश्मि कड़ी दिखाई पड़ती है, जिसे देख पापा उसके पास जा कार रोक देते है..
मानव: अरे रश्मि तुम यहाँ क्यों कड़ी हो.
रश्मि: सर, में आपका hi वेट कर रही थी, मेने आपको पार्किंग एरिया की तरफ जाते देखा यो सोचा आज आपसे hi लिफ्ट लेलु घर जाने के लिए, क्या आप मुझे ड्राप क्र देंगे सर.
मानव, वाह रंडी सामने से साथ चलने को कह रही, पर आज जल्दी घर जाना है : येह सूरे व्हाई नॉट, के ों इन.
रश्मि, विजयी मुस्कान जैसे उसका कोई प्लान काम क्र गया हो: थैंक ु सो मच सर, और दरवाजा खोल अंदर आजाती है.
और इसी के साथ पापा कार रश्मि के घर की तरफ बड़ा देते है और रश्मि कुछ सोच कर..
रश्मि: सर लगता है आप मुझे नाराज़ है या मेरा कोई काम पसंद नहीं आया है हैं न..
मानव: नहीं तो, तुम्हे ऐसा क्यों लग रहा है रश्मि.
रश्मि, नॉटी स्माइल के साथ : वो इसलिए की आज मुझे अपने केबिन में नहीं बुलाया न hi मुझसे किसी तरह की सेवा करवाई. या ऐसा है की आपको में श्वेता मां से काम मजेदार लगी.
मानव: हाहाहा नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है रश्मि, मुझे तुम भी उतनी hi मजेदार लगी जितनी श्वेता, वैसे बी तुम जैसी जवान लड़कीओ का hi तो शौकीन हु मैं.
रश्मि: हहै वैसे सच कहु तो सर मेने भी आप जिस तरह चुदाई करते वो वैसी चुदाई किसी और से नहीं करवाई आज तक, आपके साथ अलग hi मजा आता है.
मानव: हाहाहा तो बस फिर ऐसे hi मजे देती रहो और लेती रहो और ऑफिस का काम करती रहो.
रश्मि: हेहेहे जी सर जरूर.. इतस माय ड्यूटी नाउ.
और ऐसे hi रश्मि और पापा की बाटे चलती रही और गाड़ी रश्मि के घर के बहार जा क्र रुकती है.
रश्मि: सर, प्लस अंदर आइये न यहाँ तक आये hi हो तो.
मानव: नहीं रश्मि आज नहीं फिर कभी, आज घर जल्दी जाना है मुझे.
रश्मि: सर ज्यादा देर नहीं बस कुछ देर, आप यहाँ तक आये है अंदर नहीं आओगे तो मुझे ाचा नहीं लगेगा.
मानव: में आजाता पर आज मेरी बेटी घर आई है ससुराल से इसलिए मुझे जल्दी जाना है यही कारन है की में ऑफिस से जल्दी निकला हु.
रश्मि, ओह तो सीमा आज आगे, फिर तो आपको अंदर आना hi पड़ेगा आज मर मानव : ओह थॉट्स नीस सर, (सेडक्टिव स्माइल और इशारे के साथ), बूत सर बेटी तो आपकी घर पर hi है और आज hi वापस तो जाएगी नहीं, बूत अगर आज आप अंदर नहीं आये तो मुझे ये मौका नहीं मिलेगा सर.
मानव, रश्मि की और देख: कैसा मौका रश्मि, ऐसा क्या है आज.
रश्मि: सर आज मेरे घर पर कोई नहीं है में इस वक्त अकेली हु, हस्बैंड बी ऑफिस गए हुए है लेट आएंगे और में चाहती हु की आप इस मौके का फायदा उठा कर मुझे मेरे hi रूम में चोदे और पूर्ण रूप से आपकी रंडी होने का एहसास कराये सर प्लस.
और ये बोल रश्मि कार में बैठे बैठे hi एक हाथ पापा के पंत में जीन्स के उप्पेर रख और दूसरे हाथ से अपनी साड़ी का पल्लू हटा क्लीवेज दिखने लगती है... ममम सर प्लस चलिए और आपकी इस रैंड को उसके पति के बिस्तर में छोड़िये न.
अब अगर एक औरत सामने से इस तरह अपनी जवानी दिखाए और खुद से चुदाई का आमंत्रण दे वो भी अपने पति के बिस्तर में, तो ऐसी स्तिथि में सख्त से सख्त लौंडा भी पिघल जायेगा और पपप तो वैसे hi जवान जिस्म के शौकीन तो वो इस आमंत्रण को कैसे अस्वीकार कर सकते थे.
आमंत्रण स्वीकार होते hi रश्मि पापा को घर के अंदर ले जा सीधा अपने बैडरूम में ले जाती है और पापा को बीएड पर लिटा उनके सामने बिलकुल एक देसी घरेलु रैंड जैसे सडके करते हुए अपने एक एक कपडे को उतर नंगी हो जाती है.
रश्मि, नंगी हो अपनी छूट खुद से सहलाते हुए मानव को तैसे करते हुए : ममममम सर अब आज मेरी इस छूट को फाड् दीजिये सर अह्ह्ह्ह आपके लुंड की दीवानी हो गई है ये और आज अपने hi पति के बिस्तर में अपने बॉस का लुंड लेना चाहती है आपकी ये रंडी रश्मि सर ममममम प्लस छोड़ दीजिये और ये सुख दे दो मुझे मम..
इतना कुछ सुनने के बाद अब पापा का अपने काबू ने रहना कहा मुमकिन था और अगले hi पल रश्मि बिस्तर पर नंगी टंगे फैलाये पड़ी थी और उसकी छूट में पापा का लुंड पूरी गति से अंदर बहार होते हुए चुदाई करने में व्यस्त हो जाता है. और चुदाई के इस दुमदार दौर के पूरा होने के बाद लुंड का पानी रश्मि को पीला पापा उसके घर से अपने घर को निकल जाते है.
पापा तो छोड़ कर चले गए लेकिन इस वक्त रश्मि के चेहरे पर एक विजयी मुस्कान थी और दिमाग में ये विचार की, भले आज मुझे अपने पति की जगह तुम्हरा लुंड लेना पड़ा हो और चाहे तुम्हारी रंडी बन कर रहना पद रहा हो "मर मानव", लेकिन भोत जल्द इस सब का हिसाब अचे से वसूल किया जायेगा हहै.. और यही सोचते हुए वो फिर एक मश्ग टाइप करके भेजती है की..
"एक और प्लान सफल रहा, मर मानव की मेरे घर में एंट्री हो गई है".
अब आगे क्या होता है और रश्मि किस विचार में है क्या प्लान कर रही, और वह घर की बेटी के आने के बाद क्या होगा, ये सब अगले उपदटेस में...