Pariwarik Rishto Me Chudai Ke Majbut Sambandh - Page 3 - SexBaba
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Pariwarik Rishto Me Chudai Ke Majbut Sambandh

ः भाई ऐसा कुछ नहीं होगा :डिक्लेअर:

जैसा की मैंने पहले भी कहा है की किसी एक अपडेट से कोई निष्कर्ष नहीं निकल सकता है..

एंड में बीइंग ा रीडर अलोंग विथ बीइंग ा वृत्तेर , भली भांति समझ सकता हु की हर अपडेट के बाद एक रीडर के मन में अलग अलग सवाल उठते hi है..

एंड रीडर्स के कमैंट्स एंड सुग्गेस्टिव सुन्ना अलग बात है और कहानी को स्पेसिफिकल्ल्य किसी एक के आधार पर लिखना अलग सो भाई ऐसा नहीं होगा की किसी ख़ास की बात मन कर कहानी का रुख बदल दिया जाये :)
 
एक वृत्तेर के लिए हर रीडर एक सामान है और उसके द्वारा दिया गया हर एक कमेंट और सुग्गेस्टिव भोत एहम होता है पर इसका मतलब ये नहीं है की में अपनी कहानी का रुख बदलू.. कहानी मेने जो सोच राखी जैसे कल्पना की हुई वैसे hi मिलती रहेगी दोस्तों :) बस आप लोग ऐसे hi अपने साथ के साथ हौसला बढ़ाते चलो...

थैंक यू सो मच वन्स अगेन माय लवली रीडर्स ?
 
बुआ के कमरे में चाय रख जैसे hi में रूम से बहार निकलने को बुआ के पलंग क सिरहाने पड़े तकिये के पास पड़े हुए एक बॉक्स ने मेरे कदम वही रोक दिए. उस बॉक्स को देख अब बहार की और जाते हुए मेरे कदम वापस मुद कर पलंग क उस सिरहाने पर आजाते है और हाथ मेरे दिमाग का आदेश पाने से पहले hi उस पैकेट को उठा लेते है.

ये बॉक्स जो इस वक्त मेरे हाथो में था उस पर बने फोटो को देख और उसपर बोल्ड अक्षरों में लिखे उस शब्द को देख में बॉक्स खोलता करता हु और बॉक्स खोलने पर मुझी वो अंदर से खली मिलता है, और उसी समय मुझे रूम के बाथरूम से पानी गिरने की आवाज सुनाई पड़ती है मनो किसी ने शावर ों किया हो. क्युकी रूम बुआ का था और बुआ इस वक्त रूम में तो थी नहीं थी तो ये बात साफ थी की बुआ इस वक्त बाथरूम में hi है.

हाथ में वो खली बॉक्स जो की एक डिलडो छुम वाइब्रेटर के सेट का था , जो इस वक्त खली पड़ा हुआ था और बुआ इस वक्त बाथरूम में थी, इन दोनों बातो को एक साथ जोड़ने पर मेरे मन में एक सवाल उठ जाता है की क्या बुआ बाथरूम में इस वक्त नहाने के साथ इस कृत्रिम लुंड का उपयोग भी कर रही होंगी.. और इसी सोच के साथ मेरे चेहरे पर एक मुस्कान आजाती है और साथ hi मेरा ठरकी दिमाग अब मुझसे किसी तरह बाथरूम के अंदर झक अपनी बुआ को देखने का कहने लगा था.

अब अपने ठरकी दिमाग की बात मानते हुए में उस खली बॉक्स को जहा से उठाया वही रख कर बाथरूम के पास पहुंच जाता हु और कही कोई ऐसी जगह ढूंढ़ने लगता हु जहा से मुझे अंदर का नजारा देखने मिल जाये.

(बुआ का रूम फ्लोर पर सबसे एन्ड में था जिसके जस्ट बाद बहत की तरफ खुली कॉमन बालकनी बानी हुई थी )

और तभी मुझे यद् आता है की बुआ के बाथरूम का एक स्लाइडिंग गिलास वेंटिलेशन विंडो बालकनी की तरफ भी है और ये बात यद् आते hi में सीधा उस तरफ भाग पड़ता hu.Vo विंडो जो इस वक्त बंद थी में धीरे से गिलास को स्लाइड करके खोल इतना खोल देता हु की मुझे अंदर का नजारा भी दिख जाये और बुआ से पकड़े जाने का दर भी न रहे.

कांच को खिसकने के बाद जैसे hi मेरी नज़र बाथरूम के अंदर गिरती है तो अंदर का नज़ारा देख मेरी आँखे पूरी तरह खुली hi रह जाती है और पलकें इस कदर रुक जाती है मनो इस वक्त पालक झपके उतने समय के लिए भी में अंदर के नज़ारे को मिस नहीं करना चाहता हु.

इस वक्त मेरी नज़रो के सामने पानी से भीगे हुए बुआ के नंगे बदन का वो हिस्सा था जो शायद बुआ के शरीर का सबसे आकर्षक भाग है, उनकी वो पहाड़ो जैसे मोठे मोठे नंगे चूतड़ , चूतड़ों पर भरा हुआ मांस जिसे देख किसी का भी मन तुरंत मसलने का हो जाये ,रंग में इतने गोर की एक बार मसलने पर hi चूतड़ मसलने जाने के प्रमाण के रूप में लाल निशानों की चाप छूट जाये ,और इतने चिकने मालूम पद रहे थे की पानी की एक बून्द भी वह रुक नहीं प् रही थी. सिर्फ चूतड़ मात्रा देखने से यहाँ मेरे पंत में लुंड ने हलचल मचा दी थी की तभी बुआ ने पलट कर अपने जिस्म के आगे का हिस्सा मेरे सामने कर मनो लुंड पर जुल्म ध दिया हो.

भरे हुए उस मखमली गोर चिकने जिस्म की मालकिन मेरी बुआ और उस मन मोहक शरीर पर रास भरे ामो की तरह झूलते हुए वो दो चुकी , उन पर मूंगफली के डेन जीतती ब्राउन निप्पल्स जिसके मुहाने पानी की बून्द इस तरफ ठहरी हुई थी की मनो कह रही हो आओ इस निप्पल को चूस मुझे पि लो... बुआ की चूचिया जो अछि तरह से इस वक्त सामने को झूल रही थी और निप्पल्स इस तरह अकड़ी हुई थी मनो मेरे पंत में हलचल मचाये लुंड की सलामी स्वीकार करने को तैयार हो.

अभी बुआ के इस हसीं रूप को देखने में व्यस्त hi था की बुआ के मुँह से निकली एक अह्हह्ह्ह्ह िष्ठ्हह ममममम की सिसकी ने मेरा ध्यान उनके चेहरे की तरफ खींच लिया. आँखे बंद किये और होठो को कभी अपने दांतो में भींच तो कभी चेहरे पर ऐसे भाव लेट हुए की मनो जिस्म में कही दर्द हो रहा है पर उस दर्द का अलग hi आनंद मिल रहा हो... और तभी ाभ्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह एसससस और तेजज छोड़ूऊई की आवाज और उनके हिलते हुए हाथो को देख मेरी नज़र उनके हाथो का पीछा करते हुए उनकी टैंगो के बिच छूट पर पड़ती है.

हयईईई हलकी हलकी महीन झांटो वाली उस छूट को देख मेरे लुंड ने ऐसा झटका लगाया की अब पंत के अंदर कैद होने से दर्द की अनुभूति मुझे भी होने लगी थी और मन क्र रहा था अभी उसे आज़ाद कर दू. बुआ की पूर्ण रूप से परिपक्वा और रास से भरी छूट जो इस वक्त गीली होने की वजह से अचे से चमक सी रही थी और उस छूट के अंदर वो रेड कलर का एक मोटा सा लम्बा सा डिलडो जो इस वक्त बुआ की हाथो से भोत तेज गति में अंदर बहार होते हुए उन्हें छोड़ रहा था.

अपनी टंगे पूरी तरह फैलाये और एक हाथ से छूट की फको को फैलते हुए दूसरे हाथ से इस कृत्रिम लुंड से अपनी छूट को छोड़ने में पूरी रारह से लीं थी और साथ hi कभी अपनी hi चुचिओ को जोर से दबोच रही या निप्पल्स को पिंच करते हुए अपने hi मुँह में भर चूसते हुए डिलडो से चुदाई प्रतिक्रिया जारी रख रही.

आंखे बंद किये और वही दिवार के सहारे खड़े हो एक तंग उठा कर नल पर रख अब बुआ ने जितना हो सके उतना उस डिलडो को छूट में पेलना शुरू कर दिया था और साथ hi अपनी छूट के डेन को भी रगड़ने का काम कर रही थी. ममममममम ओह्ह्ह्हह िस्सड़ड्ड्याह्ह्ह्हह्ह छोड़ो मुझे उफ्फ्फफ्फ्फ़ हआ और जोर से इस्स्स्सस्स्स्स हईये ओह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करते हुए अपनी स्वयं की चुदाई में इतनी व्यस्त बुआ बाहरी दुनिया से बिलकुल अलग अपने शारीरिक सुख को प्राप्त करने के खेल में लगी हुई थी.

बुआ को इस तरह अपनी छूट से खेलते और डिलडो से छूट छोड़ते देख अब मुझे बस यही इच्छा हो रही थी की अभी जा कर उस डिलडो को बहार निकल बुआ से यह कहु की क्यों खुद को इतनी तकलीफ दे रही हो इस कृत्रिम लुंड को लिए जबकि आपके अपने भतीजे के आपकी जरूरतों और इस रास भरी छूट को चरम सुख देने के लिए वास्तविकता ने इतना मजेदार लुंड है.

ये सोच hi रहा था की बुआ ने अब वो कर दिया जिसे देख मेरा रोम रोम प्रफुल्लित हो उठा , बुआ ने डिलडो को छूट में पेलते हुए आगे गांड मेरी तरफ कर आगे झुकते हुए अपने एक हाथ की ऊँगली को चूतड़ों के बिच दरार में दाल गांड के उस सुराख़ में घुसा दी जहा घुसने के लिए मेरा लुंड इस वक्त तड़प रहा था.

जिस बुआ को मेने आज तक हमेशा गुस्सा करते या हमेशा hi स्ट्रिक्ट व्यवहार के लिए जाना था आज उसी बुआ को अपने शरीर की गर्मी के आगे हारते इस तरह देख मुझे इस बात का यकीं हो चूका था की कोई इंसान बहार से चाहे उतना सख्त बन जाये लेकिन अंदर से अपनी शरीर की गर्मी और जिस्म में जलती आग के आगे अपना सब कुछ हार जाता है .

बुआ ने अब डिलडो को ऐसे hi कुछ हद तक छूट में डेल बुआ ने अब वाइब्रेटर मोड ों कर दिया था और गांड में उंगलिया डालते हुए वाइब्रेटर से उस कम्पन के साथ अपनी गांड हिलाते हुए जिस्म की आग को बुझाने में पूरी तरह लग पड़ी थी..

अह्ह्ह्ह मममम ओह्ह्ह्ह िष्ठ्हह छोड़ो अह्ह्ह में गइईईई उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ हईये की आवाज के साथ hi अब बुआ पुरे जोर से उस विबररोर छुम डिलडो को अपनी छूट पर दबा कर छूट रास चोरते हुए झाड़ जाती है.

बुआ के अपने खुद के जिस्म के साथ इस तरह प्रेम और काम वासना की आग में जलते हुए चल रहे छोडन खेल को देख अब में वह बालकनी से निकल सीधा अपने कमरे में आजाता हु और लुंड को बहार निकल हाथ में पकड़ बुआ की गांड , मम्मी और जिस तरह वो छूट और गांड दोनों एक साथ छोड़ रही थी वो सब यद् किये मुठियाने लग पड़ता हु.

अह्ह्ह हैए बुआ क्या मस्त माल है तू तो , आज तक तमहरे नेचर से घबराते हुए मेने उनपर इतना गौर नहीं किया पर आज तुम्हारा जो रूप देखा उसके बाद तो मेरा ये लुंड तुम्हारे छूट गांड और मुँह तीनो hi छेड़ो में जाने के लिए तैयार है और उतावला है , पता नहीं कब मेरा ये लुंड तमहरे छेड़ो में जायेगा और इसके साथ hi तम्हे खुद भी इतना परेशां नहीं होना पड़ेगा उस नकली लुंड के साथ अह्ह्ह्हह बाआ ममममम िस्ष्ह करते हुए में भी अपने लुंड से माल चोर देता हु.

झड़ने के बाद अब मुझे ये यद् आता है की जो चाय माँ ने बुआ के लिए भेजी थी वो में रूम में चोर कर आया हु और इसी के साथ मेरे मन में एक विचार आता है और वापस बुआ के रूम की और चल पड़ता हु.

इतनी देर में बुआ भी अब अपने बाथरूम से नाहा कर निकल रूम में आ चुकी थी और इस वक्त एक सलवार सूट पेहेन कर अपने गीले बालो को सूखने में लगी हुई थी, मेने दरवाजा नॉक किया..

बुआ: कौन है ...

में: बुआ में हु सनी..

बुआ: ओह ठीक है दरवाजा खुला है आजाओ अंदर बीटा.

में, हैए बीटा मत बोलो अब, बीटा सुनते hi मन करता है की अभी तमहरा ये बीटा तमहरि गांड मर दे,: हे बुआ, कहा थी आप मेने पहले भी कितनी बार दूर नॉक किया था.

बुआ: में शावर ले रही थी सनी इसलिए, बोलो कुछ काम था क्या.

में: काम कुछ नहीं वो माँ ने आपके लिए सगाई भिजवाई थी सो वही देने आया था पर आप रूम में नहीं थी तो में यही टेबल पर रख कर चला गया था .

बुआ, थोड़ा तेनसेद होते हुए: ओह तो ये चाय तुम रख कर गए थे सनी, मेने भाभी को बोलै तो था और मुझे लगा वही रख गयी है.

बुआ का टेंस चेहरा देख और साथ hi मेरी नजर जब बीएड पर पड़ती है तो इस वक्त वो डिलडो वाला बॉक्स वह नहीं था इसका मतलब बुआ को अब ये लगने लगा था की कही मेने वो बॉक्स देख तो नहीं लिया ः. अब बुआ को क्या पता की मैंने सिर्फ बॉक्स hi नहीं आज उनको उस बॉक्स में रखे उस नकली लुंड से अपनी छूट छोड़ते और गांड में उंगलिया डालते भी देख लिया है ः.

में: हाँ बुआ वो माँ आ hi रही थी की मेने कहा में उप्पेर जा रहा हु तो में दे दूंगा सो उन्होंने मुझे दे दी.

बुआ: ओह थॉट्स okay बूत सनी जब मेने दूर नहीं खोला तो तुम्हे अंदर नहीं आना चाहिए था न ये तो अछि बात नहीं है.

में: ी क्नोव बुआ एंड आईएम सॉरी बूत आप मेरी हुआ हैं और में आपका भतीजा , क्या अब मुझे आपके रूम में आने की भी परमिशन चाहिए, सूर्य मुझे नहीं पता था अगली बार से ध्यान रखूंगा बुआ.

बुआ, कलम होते हुए: कॉमन सनी मेरा वो मतलब नहीं था तू बुरा क्यों फील कर रहा है.

में: नहीं बुआ बुरा फीलनही किया , इतस जस्ट मुझे पता है में आपको कुछ खास पसंद नहीं हु , न आप कभी अपने सबसे छोटे भतीजे से कोई बात करती हैं, दिन भर ऑफिस की बाटे और घर पर भी आप प्रीति से बाटे क्र लेती हो मुझसे कभी नहीं.

बुआ: हहै तू पागल है सनी ऐसा कुछ नहीं है मेरे लिए तू और प्रीति एक सामान हो और में अपने भाई के बच्चो में केसा भेदभाव करुनफी भला.

में: पर बुआ मुझे हमेशा ऐसे hi लगता है और आप हो भी इतनी स्ट्रिक्ट की मेरा खुद सामने से आपसे बात करने की हिम्मत नहीं होती , क्या पता कब कही मेरी पिटाई कर दो ः.

बुआ: हहहहए अब इतनी भी स्ट्रिक्ट नहीं की बिंबत पिटाई कर दू , हाँ अगर गलत काम करेफ़ा तो मुझसे बुरा भी कोई नहीं होगा बीटा.

में, ये जनता हु इसलिए तो अब संभल के बात क्र रहा आपसे और वैसे भी अब तो भोत कुछ लेना है आपसे बुआ, कोई गलती करने की गुंजाईश hi नहीं है:

हाहाहा बुआ मुझे मरना थोड़े है जो गलत काम करूँगा और आपकी पिटाई का हक़दार बनूँगा.

बुआ: हहै बस तो जब तक तू सही काम कर रहा मुझसे डरने की भी जरुरत नहीं है तुझे बीटा .

में: ः वैसे बुआ बातो में मई ये तो भूल hi गया, कोंग्रटुलतिओन्स फॉर थे प्रोजेक्ट डील, पापा ने बताया था की आपको डील मिल गई ..

बुआ: हाँ डील मिल गयी हमे एंड थैंक्स बीटा फॉर थे विशेष.

में: वैसे पापा सही hi कहते है आप कोई डील करने जाओ और न हो ऐसा पॉसिबल hi नहीं , आप वाकई में भोत टैलेंटेड हो ः.

बुआ: वाह आज तक बाप बड़ाई करता था आज सबसे छोटे बेटे ने भी कर दी, पर बीटा तुम्हरे पापा को hi करने दो ये सब हहै तुम अपनी पढाई पर फोकस करो फिलहाल, में बस अपना काम कर रही एक बुसिनेसवमन होने के नाते.

में: लो देखो , इसलिए तो दर लगता आपसे , तारीफ करो तो भी सुन्ना पड़ता है हाहाहा.

में, बात बदल और थोड़ा बुआ को चेक करने: वैसे बुआ आम लोग जर्नी में बाद टायर्ड दीखते है पर आप इस वक्त एक दम फ्रेश लग रही है क्या बात है.

बुआ, इतराते हुए: वो इसलिए बीटा की में उतनी जल्दी थकती नहीं हु और अभी मेने शावर लिया है न सो और अचे से फ्रेश फील कर रही.

में, ित्रो मत , छूट और गांड में पिछले आधे घंटे से ऊँगली और नकली लुंड दाल रखा था , छूट झड़ी है फ्रेश तो लगेगी hi न: हाहाहा सही है बुआ ु रियली र ग्रेट, वैसे चाय तो ठंडी हो गयी होगी न में माँ से कहु दूसरी बनाने को.

बुआ, चाय से कुछ यद् आते हुए: नहीं अब नेरा मूड नहीं चाय पिने का बीटा, वैसे ये बता जब तू चाय रखने आया था तो तूने बीएड पर कुछ देखा क्या , एक बॉक्स पड़ा था यहाँ.

में, ये जान क्र की वो डिलडो के बॉक्स की हैट क्र रही मैं अनजान बनते हुए: नहीं तो बुआ मेने तो कोई बॉक्स नहीं देखा , पड़ा भी हो तो मुझे ध्यान नहीं में क्या है न उस वक्त फ्रेंड से कॉल पर बात क्र रहा था तो बस चाय रख कर चला गया था ,वैसे कैसा और किस चीज का बॉक्स था बुआ.

बुआ, सुकून की सांस लेते हुए की मेने वो बॉक्स नहीं देखा: नहीं कुछ नहीं बस मेरा कुछ जरुरी सामान था वही पड़ा था उसमे .कोई बात नहीं में देख लुंगी .

में, हाँ जरुरी तो था बुआ तुम्हरो छूट और गांड की खुजली मिटा कर लुंड की कमी जो पूरा कर रहा है वो: ओह ठीक है बुआ कोई न, अब में जाता हु मुझे थोड़ा काम है.

बुआ: हाँ ठीक है जाओ तुम अब.

और ये बोल में बुआ के रूम से निकल जाता हु और अपने रूम में आते हुए ये सोचने लगता हु की चाहे उतनी स्ट्रिक्ट बन लो बुआ लेकिन में भी आपका भतीजा हु और अब आपकी गांड और छूट में एक न एक दिन मेरा ये लुंड दाल कर hi मानूंगा हाहाहा.


जहा में बुआ के द्वारा चल रहे इस रंगीन खेल का मजा ले रहा था वही भाभी के रूम में कुछ अलग hi माहौल बना हुआ था.



कामिनी, रूम में एंटर करते हुए: होई राहुल, जल्दी आ गए आप, आपने तो कहा था शाम की आने वाले हैं.

राहुल: हाँ मुझे भी यही लगा था पहुंचते हुए शाम हो जाएगी पर वह से हम जल्दी निकल गए इसलिए जल्दी पहुंच गए.

कामिनी, पास जाते हुए: वैसे कोंग्रटुलतिओन्स पतिदेव, इतना बड़ा प्रोजेक्ट सिग्न कर के आये हो हहै.

राहुल, खड़ा हो कामिनी को अपनी बहो में भरते हुए: थैंक्स जान , पर इन तीन दिनों में तुम्हे भोत मिस किया मेने.

कामिनी: मिस तो मेने भी आपको भोत किया राहुल , पर अब आप आ गए है वापस सो आईएम हैप्पी .

राहुल: तुम्हे पता है सबसे ज्यादा मेने क्या मिस किया.

कामिनी, सवालिया नजरो से: नहीं पता बताइये आप hi.

राहुल, बीवी के चूतड़ मसलते हुए उसे बुआ के चूतड़ समझते हुए: मेने तुम्हारी ये चिकनी मजेदार गांड सबसे ज्यादा मिस की कामिनी ः.

कामिनी, सुबह से शाम तक देवर के लुंड से छूट और गांड मरवाने के बाद अब पति के ये कहते hi: हेहेहे हाँ पता hi था आपको मेरी गांड के अलावा कुछ दीखता कहा है पर अभी छोड़िये भी मुझे, चेंज तो करने दो.

राहुल, क्या करू तम्हारी गांड में बुआ की गांड जो दिखती है : नहीं जान अभी एक बार तुम्हारी गांड मरने का मन है वो मरने दो फिर छोड़ूँगा.

कामिनी, वैसे hi सुबह से छुड़वा छुड़वा के बुरा हल था: नहीं राहुल प्लस में थकी हुई हु कॉलेज में भोत काम था अभी रहने दो रत में कर लेना.

राहुल, नसीब को कोसते हुए की बुआ से तो थप्पड़ मिले अब खुद की बीवी भी भाव खा रही है गांड देने में: तुम मुझे कैसे मन कर सकती हो कामिनी , एक बार मर लेने दो बस उसके बाद रत में.

कामिनी, कैसे मरने दू अब तक तमहरे भाई का वीर्य मेरी छूट और गांड में भरा हुआ उसे साफ तो करने दो: नहीं राहुल प्लस समझिये अभी मेरा बिलकुल भी मन नहीं है रत को लेलेना न.

राहुल, बुआ से थप्पड़ खाने से ये तो समझता था की जल्दबाजी में गड़बड़ हुई तो बीवी की गांड रत को भी नहीं मिलेगी : क्या यार कामिनी , चलो ठीक है रत तक वेट क्र रहा पर अभी मेरा लुंड खड़ा है उसका तो कुछ कर दो न.

कामिनी, पति को अब और ज्यादा तरसना भी ठीक नहीं ये सोच स्माइल करते हुए: ाचा ठीक है लाओ इसे अभी के लिए चूस कर शांत कर देती हु . और वही बैठ अपने पति के लुंड लो चूस उसके माल को मुँह में डलवा बाथरूम में अपने कपडे ले चली जाती है , साथ में ये सोचते हुए की , छूट और गांड में छोटे भाई का वीर्य भरा पड़ा है और मुँह में बड़े भाई का, हैए कामिनी क्या रँडप मचा रही है तू तो ईशःठ.

ऐसे hi शाम का समय भी निकल जाता है और रत में आज फिर पूरा परिवार एक साथ बैठा होता है डिनर करने को लेकिन प्रीति आज वह मौजूद नहीं थी जिसे देख राहुल भैया ने माँ से पूछा..

भैया: माँ प्रीति दिखाई नहीं दे रही उसे डिनर नहीं करना है क्या.

माँ: नहीं बीटा वो मन कर रही थी की आज उसका मन नहीं है वैसे hi कॉलेज से देरी से आई थी शाम में उसने खा लिया था.

भैया: ओह okay okay .

पापा: बी थे वे महिमा तुम्हे पता गई राहुल और रागिनी ने इस बार मिल कर भोत बड़ा काम किता है ये प्रोजेक्ट डील फाइनल करवा कर , हमारी कंपनी भोत प्रॉफिट में जाएगी अब.

महिमा: हाँ में तो इस बात को सुनी तब से hi भोत खुश हु , थैंक्स रागिनी दीदी , ये सब आपकी वजह से hi हुआ है.

बुआ: ओह कॉमन भाभी , ये बिज़नेस है और हमारी कंपनी के फायदे के लिए में ये सब नहीं करुँगी तो किसके लिए करुँगी सो ये फॉर्मलिटीज न किया करो .

भैया: नहीं माँ आप बिलकुल सही कह रही हो , बुआ की वजह से कंपनी भोत प्रॉफिट में है और जितना योगदान पापा का है उतना hi बुआ का , और मुझे दोनों से hi भोत कुछ सिखने को मिलता है , थैंक्स बुआ फॉर बीइंग तेरे विथ में ऑलवेज.

बुआ, अपना स्वर ुचा और भरी करते हुए, टॉन्ट कस्ते हुए: राहुल तुमने अपने टैलेंट से भी ऐसा भोत कुछ सीखा है जो न मैंने और न hi भैया ने तुम्हे सिखाया है .

पापा: ाचा ऐसा क्या सिख लिया हमारे बेटे ने रागिनी.

बुआ: अरे भैया में ये बोल कर नहीं बता सकती, आपके बेटे का टैलेंट तो मेने इन दो दिनों में इस प्रोजेक्ट को हासिल करने के लिए भोत अचे से उसे होते हुए देखा है जिस पर हम सभी को प्राउड होना चाहिए, राइट राहुल.

राहुल, बुआ की बात सुन ये समझते हुए की बुआ तना मरते हुए उनके बिच हुए कांड की बात कर रही और चुप रहना hi बेहतर समझते हुए: हाहाहा क्या बुआ आप भी ऐसा कुछ नहीं है , वैसे सीमा कब आ रही है माँ.

दीदी का नाम सुनते hi इतनी देर से चुप बैठा मैं ...

में: भैया दीदी कल दोपहर तक आने वाली है मेरी सुबह hi बात हुई उनसे .

भैया: वूव थॉट्स ग्रेट , ये तो अछि बात है.

में: हाँ और अब में पहले hi कह देता हु सबसे जब तक दीदी यहाँ रहेगी कोई मुझे कॉलेज जाने के लिए फाॅर्स नहीं करेगा, मेरा मन होगा उस दिन जाऊंगा मैं बाकि ज्यादा से ज्यादा समय दीदी के साथ बसससससस..

और मेरी इस बात पर सब अगड़ी करते हुए है देते है और अपना अपना खाना ख़तम करने के उपरांत कमरों में चले जाते है.

यहाँ कल दीदी आ रही है इस ख़ुशी में मुझे नींद वैसे hi नहीं आ रही थी की तभी अचानक मेरे सामने शाम को देखा बुआ का वो नग्न रूप और खेल यद् आ जाता है जिससे अब नींद आने का सवाल बिलकुल hi नहीं tha.or तभी पास पड़े पानी के जग को उठता हु जो इस वक्त खली पड़ा हुआ था तो जग ले में सीधा निचे किचन की तरफ चल पड़ता हु.

अभी मैं किचन के दरवाजे के पास पंहुचा hi था की एक अह्ह्ह्हह्हह की हलकी सी मादक सिसकी मेरे कण में पड़ती है.

साला सुबह से भाभी की छूट गांड मर कर आहें निकलवाई , शाम में बुआ की ाहैं सुनने को मिली और ये सब काम था की अब रत में यहाँ भी ाहेननं सुनाई पद रही , और ये देखने के लिए की ये आवाज किसकी थी और कहा से आई में उस आवाज की तरफ बाद जाता हु...

आवाज किसकी थी और क्या चल रहा था , कल सीमा भी अपने मायके अपने परिवार वालो से इतने वक्त बाद मिलेगी तो क्या होगा ये सब अगले अपडेट में...

 
किचन के दरवाजे के करीब पहुंचते hi मेरे कानो में एक आह्ह्ह्हह्ह की आवाज सुनाई पड़ती है जिसे सुनते hi तुरंत मेरे कदम वही रुक जाते है और में ये सोच कर की इस वक्त कोण ाहेंन भर रहा हाउ और यही सोचते हुए उस आवाज की तरफ बढ़ जाता हु.



आवाज की तरफ जाते हुए मुझे पता लगता है की ये आवाज को किचन के पास वाले रूम से आ रही है और ये कमरा तो माँ का है, इसका मतलब ये अह्ह्ह्ह माँ की थी. अभी ये सोच hi रहा था की जैसे hi में माँ के रूम के दरवाजे के करीब पंहुचा की मुझे पिछली अह्ह्ह्हह से तेज स्वर में एक और अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मममममम उफ्फ्फ्फ़ की लम्बी सिसकी सुनाई पड़ती है. अब मेरे लिए ये समझना मुश्किल नहीं था की एक औरत की ऐसी सिसकिया कब और क्यों निकलती है.

मेरे दिमाग में अब ये बात आ चुकी थी की हो न हो अंदर पापा माँ की चुदाई कर रहे है और माँ मजे में ये ाहिएँ निकल रही है, परन्तु ये सब जानने के बाद और माँ की मधुर आवाज में वो यहीं सुनने के बाद अब मेरे लुंड ने हलचल मचाना शुरू कर दिया था और मन में बस यही सवाल की माँ किस तरह छुड़वा रही होंगी, और पापा से जलन हो रही थी की वो उस औरत पर छाडे हुए है जो मेरी नजर में आज सबसे भरे खूसूरत और मांसल जिस्म की मालकिन है और इसी बात पर में पापा की किस्मत की दाद दे रहा था.

पर अब मुझे किसी भी तरह रूम के अंदर चल रहा नजारा देखना था और इस लिए में सबसे पहले तो प्रीति के कमरे की तरफ गया और उसके दरवाजे को बहार से बंद कर दिया क्युकी निचे एक सिर्फ उसी का रूम था और फिर किचन में पड़ी एक टेबल ला उस पर चढ़ा और दरवाजे के उप्पेर वाली छोटी विंडो से अंदर झाकने लगता हु.

हैइए अंदर का नज़ारा देख मेरा हाथ अपने आप मेरे लुंड पर चला गया और उसे लोअर में hi सहलाने लग गया. नज़ारा hi कुछ ऐसा था की माँ इस वक्त बिस्तर पर पूरी नंगी लेती हज थी और माँ को मेने आज पहली बार इस कदर नंगा देखा था जिसे देख मेरे पास कुछ बोलने के शब्द नहीं रह गए और कुछ सोचने के लिए कोई बात.

बिस्तर पर पूरी तरह नग्न रूप में लेती हुई मेरी माँ, रूम की छोटी लाइट में चमकता उनका गोरा नंगा जिस्म, पहाड़ जैसी दो उभरी हुई चूचिया और निप्पल एक दम कड़क मनो रूम की रूफ को निशाना बना आंख से आंख मिला रही हो और उन चुचिओ को मसलता हुआ उनका अपना एक हाथ और इसी के साथ मुँह से निकलती सिसकिया और चेहरे के बदलते भाव अहहहबह मममम, ऐसा नजारा तो शायद hi कही देखने को मिले, और तभी उनके मुँह से आवाज निकलती है ममममम ओह्ह्ह्ह मानव िष्ठ भोत चूस ली छूट अब लुंड भी दाल दो अपना, तीन दिन से नहीं छोड़ा आपने मुझे आज जीभ की नहीं लुंड की जरुरत है आपकी महिमा को अह्ह्ह्ह ममममममम उफ्फ्फ्फ़.

माँ के मुँह से इस तरह पापा को चुदाई का आमंत्रण देते देख अब मेने अपने लोअर में हाथ दाल लुंड मसलते हुए, हैइए माँ काश मुझे एक बार ऐसे बोल दो कसम आपकी चुचिओ से पिए दूध की, छूट को फाड् न दिया तो आपका बीटा नहीं माँ मममममम अह्ह्ह्ह हाय.

और अंदर कमरे में अब मेने देखा की पापा जो अब तक माँ की छूट पर मुँह लगाए हुए थे वो उप्पेर आते हुए और माँ की दोनों टैंगो को फैला अपना लुंड उनकी छूट पर रख धक्का लगा देते है. धक्का लगाने से लुंड माँ की छूट को फैलता हुआ अंदर घुस जाता है और जब लुंड घुसा उस समय माँ के चेहरे के भाव देख और उनकी अह्ह्ह्हह्हह मानववववव मममममम येअहहहह की आवाज सुन ऐसा लगा मनो माँ की छूट में इस वक्त पापा का नहीं बल्कि मेरा hi लुंड गया हो और वो चेहरे से मुझे और बेरहमी से छोड़ने का कह रही है.

पापा ने अब अपने धक्के लगाना शुरू कर दिया था और माँ भी गांड उचका कर पापा का पूरा सतब दे रही थी मममम अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह एष फुकक में मानव भोत प्यासी हु आज में ईशःठ, और माँ अभी ये बोली hi थी की उनकी चुदाई काट रहे पापा की सांस भरी होने लगती है और गांड और जोर के धक्के लगते गए शरीर अकड़ने लगता है और अगले सात आठ धक्को में पापा अपना लुंड बहार खींच माँ के पेट पर निकल देते है और साइड में गिर पड़ते है ोिठ्ठ्ह महिमा ममम.

माँ जो यहाँ आज इतनी प्यासी और चुदाई की भूखी थी पापा के इस तरह झगड़ते hi गुस्सा दिखते हुए..

माँ: ओह्ह्ह्ह मानव ये क्या आप उतर क्यों गए इतने में और इतने में झाड़ गए ममम प्लस उठिये न मुझे और छोड़ना है और मन है मेरा.

Papa,saans कण्ट्रोल करते हुए और आंखे बंद रखे hi: महिमा आज नहीं होगा और मुझसे आईएम वैरी टायर्ड प्लस सो जाओ तुम भी और मुझे बी सोने दो.

माँ, झल्लाते हुए: क्या मतलब सो जाऊ मानव, आप पिछले तीन चार दिन से थकन का बहाना कर रहे और मेने ब्बि कुछ नहीं कहा, आज जब मेरा इतना मन है छोड़ने का तो आप ऐसे बिच में चोर दिए, में अभी संतुष्ट नहीं हुई हु मानव उठिये न, छोड़ो न मुझे प्लस छोड़ो अपनी महिमा को मममम

पापा: सॉरी डार्लिंग पर आज मुझसे नहीं होगा एंड गुड नाईट किश क्र पापा करवट बदल कर सो जाते है.

पापा के माँ को यु बिना संतुष्ट किये सोने पर मन तो किया की चार गालिया उन्हें hi सुना दू की जब इतनी गरम बीवी को खुश नहीं कर सकते हो तो किस काम की मर्दानगी, और वही एक विचार ये भी चल रहा था की मेरी प्यासी और असंतुष्ट माँ के पास जा कर में खुद उनकी छूट में अपना लुंड दाल उनकी चुदाई करके छूट की आग तृप्त कर दू, पर इस वक्त ये दोनों hi करना मेरे लिए मुमकिन नहीं था, मेरे लिए कुछ मुमकिन था तो वो था वह खड़े खड़े अंदर माँ को यु प्यासा देखना और लुंड के लिए तड़पना.

चुदाई की प्यास और छूट की आग में जलती मेरी प्यारी माँ का इस वक्त बुरा हल था और पति के सोने के बाद अब उन्हें किसी भी तरह अपनी छूट की आग बुझानी थी पर कैसे, और इसी लिए अब वही बीएड पर लेते हुए माँ अपनी दोनों टंगे पूरी तरह फैला देती है जिससे अब इतनी देर में पहली बार मेरी माँ की छूट बिक्लुल साफ तरीके से मेरे सामने थी.

अपने जन्म स्थान और वो छूट, जहा से निकल कर मेरा जन्म हुआ, को देखते hi मेरे लुंड के टोपे पर प्रेकम की दो बुँदे निकल aai,fule हुए होठो वाली और भोत hi अछि तरह से झांटो को साफ की हुई माँ की उस चिकनी छूट को देखते hi मेरे मुँह में पानी आ गया था और जीभ लार टपकाये ऐसे इंतज़ार कर रही हो मनो अभी उस छूट को चूसने का मौका मिलने वाला है.

वह माँ अब अपने एक हाथ को छूट की फको को फैला देती है जिससे छूट के अंदर का लाल रंग का खूबसूरत भाग मेरे सामने आ जाता है और उस खूबसूरती को देखते hi लुंड दो झटके लगा देता है अह्ह्ह्ह माँ क्या छूट है आपकी कसम से मममम

और माँ अब अपनी दो उंगलिया छूट में डेल खुद से छूट छोड़ने लगती है, आंखे बंद किये, एक हाथ छूट में और दूसरे हाथ से एक चुकी को तो कभी उसकी निप्पल को उंगलिओ में भजनच मरोड़ते हुए अपने जिस्म की आग मिटने में लीं होतु चली जाती है और माँ को इस तरह चुदाई की प्यास में और छूट की आग में जलते गए देख मुझसे बी रुका नहीं जाता है और वही टेबल पर खड़े अपनी माँ को छूट में ऊँगली करते देख में अपना लुंड हिलने लगता हु.

अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह मानव क्या जाता अगर मेरी छूट को शांत कर में सोते उफ्फफ्फ्फ़ कितने दिनों से ढंग से नहीं छोड़ा अपनी महिमा को अह्ह्ह्ह मममम उफ्फ्फफ्फ्फ़ कोई छोड़ो मुझे अह्ह्ह्ह गयीईइ ईशःठ करते हुए मुँह स बड़बड़ाते हुए अब माँ ने अपनज उंगलिओ की गति बड़ा दी थी और उनकी बाटे सुन में बी मन में ये कहते हुए की ओह्ह्ह्हह माँ चोरो पापा के लुंड को और अब अपने बेटे के इस लुंड को लो उस छूट में, आपके दूध की कसम माँ कभी प्यासा नहीं छोड़ूंगा और इतना पटक पटक के छोडूंगा की आप सामने से रुकने का कहोगी माँ अह्हह्ह्ब्हः लेलो बेटे का लुंड मममम उफ्फफ्फ्फ़..

अब माँ अपनी चुचिओ को अपने hi बाथ से थप्पड़ मरते हुए और उसे और जोर से भींचते हुए साथ hi दूसरे हाथ से छूट में उंगलिया दाल तो कभी रुक मर हाथ बहार निकल छूट पर हलके थप्पड़ लगते हुए, अह्ह्ह्हह िषभःह भोत आग लगतु है इसमें भी अह्ह्ह्ह बिना लुंड लिए रह नहीं सकती क्या रेमेरी निगोड़ी छूट मममम अह्ह्ह्ह और वापस से छूट में तीन ुनिया घुसा के छोड़ना शुरू कर देती है.

माँ का ये वाइल्ड रूप देख की कैसे वो खुद से अपनी छूट और चुचिओ को मर मर कर दर्द दे रही है जिसे देख अब मेरा जोश अजर दोगुना हो जाता है क्युकी ये सब कर माँ ने मुझे ये भू जतला दिया की वो बिलकुल वैसी hi औरत है जैसू मुझे पसंद है, वाइल्ड और रफ़ चुदाई पसंद करने wali..mmmm अह्ह्ह माँ एक दिन में नोचूँगा तमहरि वो चूचिया और लुंड की मार से छूट को दर्द दूंगा मेरु लुंड की प्यासी चुड़क्कड़ माँ ये मेरा वादा हाउ अह्ह्ह्हह मममम ओह्ह्ह्हह..

और अब माँ ने अपनी तीनो hi उंगलिओ को एक साथ छूट में पेल होठो को दांतो में काटते हुए गांड जोर जोर से उप्पेर हवा में उठा छोड़ना शुरू कर दिया था और उनका जिस्म ब्बि अकड़ने लगा था जिसे देख ये बात समझते देर नहीं लगी की माँ झड़ने वाली है और यहाँ उनके इस तरह उंगलु छोडन से मेरा लुंड भी अपने चरम पर पहुंचने लगा था और कही न कही दोनों मी बेटे साथ साथ hi अपना अपना रास बहा देते है.

और माँ वह छूट झड़ने के बाद अपनी तीनो उंगलिया बरी बरी अपने मुँह में दाल चूसने लगी और पूरी तरह साफ करके नंगे जिस्म पर चद्दर दाल सो गई. माँ को यु छूट रास से सनी उंगलिया चूसते देख में मन hi मन हस्ता हुआ की ः वाह माँ चुड़क्कड़ औरत होने के सरे गन है आपमें तो, सच एक दिन मुझे आपको मेरे लुंड के निचे लिटा रगड़ने में खूब मजा आने वाला है और वो दिन भोत जल्द आएगा मेरी चुड़क्कड़ माँ, फिलहाल के लिए गुड नाईट ः.

और ये बोल में वह से टेबल वापस किचन में रख और प्रीति का रूम वापस खोल अपने रूम में आजाता हु और अब मेरे मन में ये बात बैठ चुकी थी की पापा माँ को पूरी तरह संतुष्ट नहीं रख पते है, डेली छोड़ना तो दूर तीन चार दिनों में एक बार वो भी इस तरह ना क्र बराबर की चुदाई से इतने गरम भरे जिस्म वाली मेरी माँ का वाकई में कुछ नहीं होता होगा और प्यासी माँ को बीटा खुश नहीं करेगा तो कौन करेगा भला ः.

और अपने बिस्तर पर लेट ते हुए खुद से ये प्रॉमिस कर के की अब माँ को ज्यादा दिन ऐसे लुंड के लिए नहीं तड़पने दूंगा और भोत जल्द उन्हें यही इसी बिस्तर में अपने निचे लिटा कर उन्हें इतना रगड़ रगड़ज के पेलुँगा की उन्हें पापा से इस कदर चुदाई की भीख नहीं मांगनी पड़ेगी haha.Or यही सब सोचते हुए में भी अब नींद की आगोश में चला जाता हु.

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जिस वक्त यहाँ माँ और पापा के रूम उनकी चुदाई का ये खेल शुरू जिसकी गवाह मेरी अपनी स्वयं की आंखे भी बानी, ठीक उसी वक्त भैया के रूम में भी कुछ ऐसा hi पर हर वक्त की भाटी एक अलग तरीके से इस खेल को अंजाम दिया जा रहा था.



कामिनी भाभी जो इस वक्त अपने गाउन पहने हुए बाथरूम से निकल कर बिस्तर पर बैठी hi थी की राहुल भैया जो बीएड पर पहले से बैठे हुए थे भाभी की टैंगो के पास आ उनकी टंगे एक झटके से खींच कर उन्हें बिस्तर पर लिटा उनके उप्पेर चढ़ जाते है और किसी जानवर की भांति भाभी की दोनों चूचियों को गाउन के उप्पेर से hi बुरी तरह नोचने लगते है.

अब भाभी जो आलरेडी पूरा दिन मेरे हाथो अपना पूरा जिस्म रगड़ रगड़ के मसलवा कर घर आई थी अपने पति का ये जानवरो वाला रूप देख....

कामिनी, दर्द से चिल्लाते हुए: अह्हह्ह्ह्ह ममममम ओह्ह्ह्हह्हह रहलललल ये आप क्या कर रहे है ऐसे कोण करता है भला आराम से दबाओ न. ममम

राहुल, जो इस वक्त कुछ सुनने के मूड में नहीं था और अप्पनइ बीवी के गाउन को पकड़ खींच फाड़ते हुए दोनों चूचिया नंगी कर मसलते हुए: ममममुआह मंऊआआअह्ह्ह क्या मस्त चूचिया है तमहरि जान आज इन्हे आराम से नहीं पपुरी बेरहमी में नोचूँगा में और तुम चाहे कितना रोको में नहीं रुकने वाला.

कामिनी, पति द्वारा यु कपडे फाड़ने और चूचिया मसलने पर: ममममम उफ्फफ्फ्फ़ राहुल ये आप क्या कर रहे हो कपडे क्यों फाड् हे मेरे िष्ठ्हहह ममममम में कहा मन कर रही आपको पर आराम से करो न अह्ह्ह्ह दर्द हो रहा हैमुझे भोत मममम.

राहुल, बिना कुछ सुने अब बीवी की दोनों चुचिओ को मरोड़ कर एक चुकी को हाथो में जोर से भूंच दूसरी को मुँह में भर चबाते hue:muuuuuuuuaahhhh मुऊआआआह कितने दिनों बाद मिली है ये मुझे आज मममम और आज मुझे इस जवान जिस्म को मसलने से अब मत रोको.

कामिनी: ओह्ह्ह्हहब िष्ठ्हब राहुल रोक कहा रही हु पर धीरे बी कर सकते हो न आप मममम िष्ठ देखो निशान पद रहे और दर्द भी भोत हो रहा है मममुफ़्फ़.

राहुल, कुछ न सुनते हुए अब बीवी को हाथो से पकड़ उल्टा घूमते हुए और चूतड़ अपनी नजरो के सामने आते hi तीन चार थप्पड़ कामिनी के चूतड़ों पर लगा कर : अह्हह्ह्ह्ह िष्ठ्हह यही है न तेरे वो भरे हुए चिकने चूतड़ जो मटकती रहती है ममममम आज इनकी खैर नहीं जान कितना तड़पा हु इनके लिए..

कामिनी, अपने पति के इस रूप को पहली बार देख और दर्द से चिल्लाते हुए गुस्से में: अघहहहहहह राहुल ये क्या कर रहे हो मर क्यों रहे हो मममम बीवी हु आपकी कोई बाज़ारू औरत नहीं हु चोरो मुझे अह्ह्ह्ह ईशःठ.

राहुल, बीवी की ये बात सुन और गुस्से में आते हुए चूतड़ फैला दो उंगलिया एक साथ गांड में दाल: चुप कर हरामज़ादी बीवी है तो बीवी की तरह पति की बात मन और वो जो क्र रहा करने दे समझी ज्यादा मत बोल और अब मुझे तेरी ये गांड का मजा लेने दे ममममम मऊआअह.

कामिनी, गांड में उंगलिया और पति के मुँह से पहलु बार गालिया सुन मिक्स्ड फीलिंग्स का अनुभव करते हुए: ममममम उफ्फ्फ्फ़ राहुल क्या हो गया है आपको ईशःठ पहले तो कभी ऐसा नहीं किया आपने मेरे साथ आज क्यों कर रहे हो उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ ममम इतस पैनिंग..

राहुल, मन में, वो इसलिए क्युकी आज से प्पेहले कभी मेने किसी औरत के हाथ थपप्पड़ नहीं खाया, और तूने मुझे थप्पड़ बरसाए रागिनी बुआ, आज में बताता हु थप्पड़ मरने का बदला कैसे होता है. और ये बोल राहुल ने अपना लुंड बहार निकल बिना कामिनी की गांड गीली किये अपना लुंड उसमे पेल दिया पुरे झटके से...

कामिनी, सुखी गांड में लुंड घुसते hi: ह्ह्हह्ह्ह्ह ममममममम अह्ह्ह्हह्हह मर्डरर गइईईई रहललललल ये क्या किया आपने मममम उफ्फफ्फ्फ़ ऐसे कौन घुसता है गांड में लुंड अह्ह्ह बहार निकालो इसे प्लसससससममम ओह्ह्ह.

राहुल, मन में, इसी गांड पर इतना गुरुर हाउ न तुझे बुआ आज देख कैसे फाड़ता हु में, घर वालो के सामने डिनर टेबल पपर टॉन्ट मर रही थी न ले अब मर टॉन्ट( और इस वक्त अपनी बीवी कामिनी को रागिनी बुआ की गांड समझ थप्पड़ का बदला लेने की भाव से ): चुप चाप पपड़ी रह साली रंडी और गांड फड़वा अपनी समझी वार्ना इतना बजाऊंगा की दोबारा कभी गांड मटकने से पहले सोचेगी तू, भोत शोक है न गांड मटकने का अब मटका ये ले साली हहहह,

और ये बोल राहुल दाना दान कामिनी की गांड में लुंड प्पेलने लगता है साथ hi चूतड़ों पर थप्पड़ लगते रहता है.

कम्मिनी जो आज सुबह से अपने देवर की बेरहम चुदाई ऐ वैसे hi बेहाल थी अब अपने पति के भी इस तरह बेरहमी से छोड़ने से बुरी तरह थक चुकी थी पर साथ hi क्युकी आज पहली बार उसका पति इस तरह उसकी चुदाई कर रहा था, चाहे बुआ की थप्पड़ो के बदले के रूप में hi आज वो अपनी पत्नी को रैंड समझ कर छोड़ रहा था पर ये सब कामिनी को कहीं न कही ाचा भी लग रहा था की उसका पति ये सब बी कर सकता था पर वही उसे ये बात बी दिमाग में थी किचनक ऐसा क्या हुआ जो इतना बदलाव आया राहुल में.

कामिनी: मममममम अहह राहुल उफ्फ्फफ्फ्फ़ धीरीयर अब नहीं सहा जा रहा मुझसे मममममम ईशःठ रुक जोऊ न अह्ह्ह्ह..

Rahul,khyalo में बुआ को इमेजिन करते हुए: चुप कर साली चुड़क्कड़ औरत, पूरा दिन गांड दिखा के आगे पीछे घूमती रहती है और अब जब में इस गांड का सही उपयोग कर रहा तक रोक रही, जब दम नहीं तो दिखती क्यों है रंडी, और दिखाना है तो अब भुगत ये ले अह्ह्ह्ह ममम और बोलते हुए कामिनी के बालो को पकड़ राहुल उसकी गांड की सवारी करते हुए लुंड पूरा अंदर पेल रहा था.

कामिनी, पति के इस दुमदार चुदाई से दर्द का एहसास के साथ मस्त हो कर: अह्ह्ह्हह. ममममम उफ्फ्फ मुझे पता होता आपको नहीं पसंद मेरा यय गांड मकान तो नहीं करती ऐसा अह्ह्ह्हह ममममनं अब धीरे कर लो प्लस उफ्फफ्फ्फ़ हैएएइ.

राहुल, अब अपने झड़ने के करीब आने से और तेजी से धक्के लगते हुए अपनी बीवी कामिनी की गांड में hi माल भर के उसके बदन पर गिर पड़ता है ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मममममम.

बुआ के प्रति गुस्से और थप्पड़ के बदले की भावना में राहुल ने आज अपनी hi बीवी कामिनी को इतना बुरी तरह छोड़ा था की वो झड़ने के तुरंत hi नींद में चला जाता है और यहाँ दर्द के एहसास में झूझती कामिनी अब भी यही सोच रही थी की आज इनको ऐसा क्या हो गया जो इतना बेहेरेम हो गए, मेरी इस तरह चुदाई तो इन्होने कभी नहीं की.

पर वही मन hi मन कामिनी भी अपने पति की इस तरह की चुदाई से खुश थी क्युकी वाइल्ड रफ़ चुदाई उन्हें भी हमेशा से पसंद हुआ करती आई hai.Par उनके मन में ये संदेह जरूर था की राहुल में इस तरह अचानक बदलाव कैसे आया. और यही सोचते हुए अपनी गांड में हो रहे चुदाई के उस मीठे दर्द को लिए वो भी अब नींद के आगोश में चली जाती है.


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सुबह सुबह जब राहुल भैया की नींद खुलती है तो कामिनी भाभी को वैसे hi नंगी उनके बगल में सोई हुई पते है जिन्हे देख भैया को रत को उनके द्वारा भाभी को रागिनी बुआ समझ कर बदले और गुस्से की भावनाओ में बहते हुए की गई बेरहम चुदाई यद् आजाती है और वो सब यद् आता हाउ की कैसे उन्होंने भाभी के रोकने पर भी न रुकते हुए और रंडी, हरामज़ादी जैसे शब्दों का प्रयोग किया था. और यही प्रार्थना क्र रहे थे की कही उसे मेरे इस तरह छोड़ने पर कोई शक न हुआ हो और न hi गुस्सा ho.bhaiya ये सब सोच hi रहे होते है की भाभी भी करवट बदल सीधी हो आँखे खोलते हुए..



कामिनी: गुड मॉर्निंग राहुल, आप जल्दी जग गए आज.

राहुल, बीवी की आवाज सुन उसके चेहरे पर किश क्र: गुड मॉर्निंग एंड सॉरी जान.

कामिनी: गुड मॉर्निंग तो समझ आया राहुल पर सुबह सुबह ये सॉरी किसलिए..

राहुल: सॉरी कल रत के लिए जान, में कुछ ज्यादा hi वाइल्ड हो गया था तुम्हरी चुदाई करते हुए और भोत कुछ बुरा भला भी बोल दिया और अपशब्द भी बोल दिए जो मुझे नहीं बोलने चाहिए थे.

कामिनी, मजे लेते हुए: हाँ ये बात तो सही है राहुल अप्पकी, आपने कल रत भोत कुछ कहा मुझे और ऐसे ऐसे वर्ड्स बोले जो एक औरत के लिए सुन्ना क्या सोचना भी पाप है, आप ऐसा कैसे मर सकते है और ऐसा क्या हुआ था आपको कल जो रुके भी नहीं रोकने पर.

राहुल, मन में, अब तुम्हे कैसे बताऊ की ये सब बुआ की वजह से हुआ: कुछ नहीं हुआ है मुझे जान बस कल इतने दिनों बाद तुम मिली थी तो जोश ज्यादा आ गया और उसी में वो सब निकल गया, तुम्हे बुरा लगा होगा भोत ी क्नोव एंड ी रियली ऍम सॉरी फॉर तहत.

Kamini,ye जानते हुए की कुछ तो हुआ ह और उसे पता करने क लिए पूछते हुए: बूत राहुल ये पहली बार नहीं था की आप बहार गए हो इतने दिनों के लिए मुझसे अलग हुए हो फिर इस बार ऐसा क्यों हुआ.

राहुल, कैसे बताऊ की इस बबर बुआ साथ थी और वापसी में उनके थप्पड़ बी साथ थे इसलिए: हम्म्म बस ये समझ लो की इस बार मेने तुम्हे हर बार से ज्यादा मिस किया और इसलिए ये सब हुआ जान.

Kamini,man ने, ऐसा क्यों लग रहा की ये मुझसे कुछ चिप्पा रहे है : ठीक है में मन लेती हु पर मुझे ऐसा लग रहा है की इस बार टूर पर ऐसा कुछ हुआ है जो आप मुझसे छिपा रहे हैं राहुल.

राहुल, सकपकाते हुए: नहीं जान ऐसी कोई बात नहीं है तुमसे भला क्यों छिपाऊँगा.

Kamini,man में, मत बताओ में पता कर लुंगी: हम्म्म ठीक है में मान लेती हु आपकी बात.

राहुल: अब ये तो बताओ न की तुमने मुझे रत की बात पर माफ़ किया या नहीं.

कामिनी, राहुल के पास आते हुए उसके होठ चूमते हुए: उम्माह सच कहु तो आपने जिस तरह मुझे रंडी और बाकि शब्द कहे और जिस बेरहमी से गांड मरी मुझे आपसे छोड़ने में ऐसा मजा पहले कभी नहीं आया हेहेहे.

राहुल, ये सुन चैन की सास लेते हुए: ः सच कह रही हो तुम तो दर गया था पता नहीं तुम्हे कैसा लगा होगा.

कामिनी, अँधेरे में तीर चोरते हुए: हहै डरो मत डार्लिंग हस्बैंड, मुझे भोत मजा आया और हाँ अगर दोबारा आपके ज़हन में वो बात आये जिसने आपको इतना गुस्सा दिलाया तो आप आने देना, इसी बहाने मेरी दर्द भरी चुदाई करोगे और मुझे ये मजा मिलेगा हहै.

राहुल, ये जान की उसकी बीवी समझ गई की वो किसी और के बारे में सोच रहा था: तुम्हे कैसे पता चला की मेरे ज़हन में कुछ और बात थी.

कामिनी, यकीं होते हुए की कोई बात तो पक्की है: में बीवी हु आपकी और अपने पति की चुदाई के तरीके में बदलाव अचे से समझ आता है और एक औरत होने के नाते ये समझने में देर नहीं लगती की आप कल मेरी चुदाई नहीं किसी और बात का गुस्सा निकल रहे थे हहै.

राहुल, बात को अवॉयड करते हुए: हम्म्म्म ः ठीक है माय होत्ती वाइफ अब से ध्यान रखूंगा में इस बात का ः.

कामिनी, चाहे उतना अवॉयड क्र लो राहुल पर में पता कर hi लुंगी की इस बार टूर पर ऐसा क्या हुआ की जो में इतने वक्त में बदलाव न ला सकीय आपमें वो इन तीन दिनों में आ गया: हहै हाना चलो अब उठो एंड गेट रेडी ऑफिस नहीं जाना क्या हहै.

राहुल: हाँ जाना है न चलो में फ्रेश हो जाता हु.

और अपने पति के जाने के बाद बिस्तर पर लेती कामिनी भाभी अब भी यही विचार कर रही थी कुछ बात तो जरूर है और में पता कर के hi रहूंगी अब हहै.

सब अपने अपने समय पर रेडी हो कर डाइनिंग टेबल पर आकर बैठ जाते है और आज में माँ में एक सिंपल , रेस्पोंसिबल और अपनी घरेलु जिम्मेदारियों के टेल दबी हाउसवाइफ नहीं बल्कि उस प्यासी असंतुष्ट औरत को देख रहा था जो रत में अपने पति की चुदाई से असंतुष्ट रहने के बाद उंगलिओ का सहारा ले कर रत बिताती है. और साथ hi माँ को देखते hi मुझे उनका बीती रत वाला नग्न सुन्दर मनमोहक और कामुक जिस्म यद् आजाता है जो मेरे लुंड में एक करंट दौड़ा देता है.

इससे पहले की में इस बारे में और कुछ सोचता या माँ से किसी तरह की बात करता, मेरे कानो में दूर बेल्ल की आवाज सुनाई पड़ती है, और में स्वयं उठ कर मैंडूर खोलने चला जाता हु.

दरवाजा खोलते hi मेरे सामने उस शख्स का चेहरा आजाता है जिसे देखने को में कबसे तरस रहा था और एक तक्क वही रुक कर उन्हें देखता रह जाता हु. और तभी उस शख्स की मीठी सी आवाज मेरे कानो में पड़ती है...

कैसा है मेरा हीरो, मेरा प्यारा सा भाई, ऐसे देखता hi रहेगा या मुझे अंदर भी आने देगा अब हहै....






 
दरवाजा खोलते hi मेरे सामने वो शख्स नजर आता है जो मेरी जिंदगी में शायद सबसे महत्त्व रखता hai.Aur ये शख्स थी मेरी प्यारी सीमा didi.Aur उन्हें देखने में मैं इस कदर बिजी हो गया था की उनकी आवाज से मुझे वापस होश आता है...



दीदी: "अब ऐसे hi देखता रहेगा या अंदर भी आने देगा मुझे".

दीदी की आवाज सुन मनो में होश में आता हु और जोर से चिल्लाते हुए didiiiiiiiiiiiiiiiiii कर उनके गले लग जाता हु और ख़ुशी के मरे वैसे hi उनकी कमर में हाथ दाल उन्हें उठा गोल गोल घूमने लगता हु...

दीदी: उफ्फ्फ सनी चोर मुझे गिर जाउंगी मई हहै.

में, दीदी को निचे उतर दोबारा गले लग: ओह माय गॉड, दीदी आईएम सो हैप्पी आपको देख कर, में बयां नहीं कर सकता में कितना खुश हु, ी मिस्ड ु सो मच दीदी.

दीदी, मुझे तिघ्टलय हुग करते हुए: ओह मेरा प्यारा भाई, मेने भी तुझे भोत मिस्स्स किया, कैसा है तू, और ऐसा लग रहा तुझे देख की कितने सालो बाद देख रही हु हहै.

में: ः दीदी आप भी तो कितने वक्त बाद आई हो और बिलकुल बदल गई हो, साड़ी में तो वाकई भोत सुन्दर लग रही हो आप ः.

दीदी: हेहेहे थैंक्स भाई, तू भी तो बदला बदला लग रहा मुझे इतने टाइम बाद मिला है तो.

मेरी डीडीई वाली चीख सुन घर के बाकि सब लोग भी अब तक डाइनिंग हॉल से बहार आ चुके थे.

प्रीति: दीदी सारा प्यार इस नालायक को hi दे डौगी या मुझे भी कुछ मिलेगा, में भी कड़ी हु यहाँ और घर के बाकि सब भी.

में, दीदी के कुछ कहने से पहले: तू बकवास मत कर चुड़ैल पहले में तो जी भर के मिल लू दीदी से.

दीदी, मुझसे अलग हो, प्रीति की और जाते हुए: हेहेहे चुप कर सनी तू, जितना प्यारा तू है उतनी hi प्यारी मेरी ये बेहेन है समझा..

प्रीति, दीदी को हुग कर: थान्क्स्स्स दीदी, इवन ी लव ु सो मच एंड मेने सबसे ज्यादा मिस किता apko.kesi हो आप.

दीदी: में एक दम फिट न फाइन हहै, तू किसी है प्रिंसेस एंड ी मिस्ड ु तू.

प्रीति, मुझे चिढ़ाते हुए: में भी ठीक हु एंड देख सनी मुझे प्रिंसेस कहा दीदी ने.

दीदी: ओफ्फो तुम दोनों की लड़ाईया अब भी चालू है हहै.

माँ: तू इन दोनों की लड़ाई चोर बेटी इनका तो रोज का है.

पास कड़ी माँ की आवाज सुन दीदी माँ के पास जा गले लगती है एंड पैर चुटी हैं मिलती और बाद में पापा के पास जा उनके पैर छू गले लगती है. बेटी पापा की सबसे लाड़ली होती है ये बात एक परम सत्य है और आज दिखाई बी दे रहा था.

दीदी: कैसे हो पापा आप.

पापा: में बढ़िया तू किसी है एंड ये क्या ऐसे अकेली घर आयी कॉल क्र दिया होता कोई बी लेने आजाता.

दीदी: अगर कॉल करती तो ये सरप्राइज नहीं होता न हहै.

में: सीरियसली डीई, ये बेस्ट सरप्राइज है, आज का दिन बेस्ट हो गया मेरा तो ः.

दीदी, बुआ की और बाद, गले लग: हहै, आपके पैर नहीं चुने वाली में बुआ, सोज़ आप आज भी मेरे बराबर की लग रही हो हहै

बुआ: हाहाहा पैर छुए तो में थप्पड़ लगा देती वैसे भी. इतस गुड तो सी ु सीमा, एक तू hi है जो इस घर में बचो में सबसे समझदार है हहै.

में: देख लो दीदी आयी नहीं की बाकि सब की बुराई होना शुरू, गलत बात है बुआ.

बुआ, आँखे बड़ी कर: छः अब सही है सो है.

भैया जो चुपचाप खड़े थे: सबसे मिलना हो गया हो तो एक भाई तेरा यहाँ बी खड़ा है सीमा ः.

दीदी: हहह भैया आपको कैसे भूल सकती हु.

और इसके बाद कामिनी भाभी की और देख..

दीदी, भाभी क गले लग धीरे से: हे माय सेक्सी भाभी हहै किसी ho.(didi और भाभी में ऐसी मजाक मस्ती चलती रहती दोनों में भोत अछि बॉन्डिंग है)

भाभी: हेहेहे आईएम फाइन, वैसे अब तो आप मुझसे ज्यादा सेक्सी लगने लगी है सीमा दीदी.

माँ: और बता बेटी अशोक जी कैसे हैं.

दीदी: वो भी ठीक है बस कम्पनी के काम से गए है सो मेने सोचा इसी बहाने यहाँ घर पर आने का मौका मिल गया है हहै.

में: दीदी ये तो भोत साहू किया आपने, पता है कितने टाइम बाद पूरी फॅमिली साथ है आज.

प्रीति: वैसे तो ये नालायक कुछ सही कहता नहीं पर आज पहली बार सही बात की है, सच दी आपके बिना घर में कमी थी हहै.

दीदी: अरे अब में आ गई हु न सो कोई कमी नहीं अचे से सब साथ रहेंगे और एन्जॉय करेंगे, में भी तो मेरा ये परिवार मिस कर रही थी न.

बुआ: हहै ाचा तो तुम लोग बैठो हमे ऑफिस के लिए देर हो रही है आज भोत जरुरी है मीटिंग है, तो हम चलें भैया.

पापा: हाँ रागिनी हमें निकलना चाहिए अब, एंड सीमा बेटी शाम को आज जल्दी आजायेंगे, एक काम करना सनी आज चाचा चची को बोल देना डिनर यही क्र ले, आज फुल फॅमिली साथ टाइम स्पेंट करेगी.

और ये बोल भैया, पापा और बुआ ऑफिस के लिए निकल जाते है.

प्रीति: दीदी मेरा कॉलेज में एक इम्पोर्टेन्ट प्रोजेक्ट चल रहा आज लास्ट डे है तो जाना पड़ेगा कल से में फ्री रहूंगी सो आ कर मिलती हु ब्बये.

दीदी: okay प्रिंसेसस्स जाओ टेक केयर ब्बये.

और अब घर में मैं, दीदी, माँ एंड भाभी रह गए थे, जिसमे भाभी भी कॉलेज के लिए निकल जाती है.

में: दीदी आप जर्नी से थक कर आई होंगी न थोड़ा रेस्ट कर लो

माँ: वो बची नहीं है क्र लेगी तू ये बता तुझे कॉलेज नहीं जाना हाउ क्या.

में: mom.mene कल hi कहा था न दी के आर के बाद में कही नहीं जाऊंगा.

दीदी: हहै क्यों भाई, कॉलेज क्यों नहीं जाओगे भला.

में: ओह दीदी कॉमन अब, में हर वक्त आपके साथ रहूँगा अब कहु नहीं जाने वाला.

माँ: सीमा इसको बस बहाने किए कॉलेज न जाने के पता नहीं क्या कररगा ये लड़का.

दीदी: माँ मेरा भाई है ये, देखना एक दिन सबसे बड़ा काम करेगा हहै.

माँ: मुझे तो इसमें एक बी ऐसा लक्षण नहीं दिखाई दे रहा पता नहीं तुझे कहा से दिखाई दिए हहै.

में, दिखाई तो आपमें बी कहा रहा था की इतनी चुड़क्कड़ और प्यासी गरम औरत हो वो तो मुझे बी कल hi पता लगा न माँ ः: ः देखा दीदी यहाँ किसी को मेरी वैल्यू hi नहीं बस एक आप hi हो मुझे समझने वाली और ये बोल में दीदी को दोबारा हुग क्र लेता हु.

दीदी: हेहेहे वैल्यू के बच्चे इसका मतलब ये नहीं की तुझे आज कॉलेज जाने से छुट्टी mili..vo तुझे जाना पड़ेगा.

में: बूत दीदी....

दीदी: कोई बूत बूत नहीं, देख वैसे भी अभी में रेस्ट करुँगी टायर्ड हु भोत तो कोई फायदा नहीं तेरा घर पर रहने का इससे ाचा अभी कॉलेज जाओ, वापस जल्दी आजाना बस.

में: okay दीदी आप कह रही हो इसलिए चला जाता हु बूत इंटरवल में hi चला आऊंगा haha.aur ये बोल में भी कॉलेज को निकल जाता हु.

घर में दीदी, माँ को कस के गले लग: ओह्ह्ह माँ ी मिस्ड ु थे मोस्ट, पता है कितनी यद् आती apki,hehe

माँ: हहै मुझे बी भोत यद् आई तेरी, एक तू hi है जो इस घर में समझदार है और मुझे समझती बाकि सब तो अपने काम में व्यस्त.

दीदी: हहै माँ, वैसे एक बात है आप इनदिनों कुछ ज्यादा hi चेंज हुई हो पहले से ज्यादा खूबसूरत बी लग रही हो.

माँ: ः बकवास न कर अब तू भी, मेरी चोर तुझमे भोत चंगेस आये है, लगता है ससुराल में भोत सेवा हो रही है हहै.

दीदी: ः माँ कुछ भी हाँ...

माँ: हहै ाचा अब तू जा थोड़ा आराम कर ले थक गई होगी तेरे रूम की सफाई करवा दी ह मेने, वार्ना सनी और प्रीति फिर तुझे अपने अपने रूम में ले जाने क लिए लड़ पड़ते हहै, में भी तक तक घर के काम ख़तम कर लू.

दीदी: हेहेहे okay माँ. और ये बोल दीदी बी रूम में चली जाती है और माँ अपने काम में लग जाती हैं.


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कॉलेज पहुंचने के बाद अभी में क्लास अटेंड hi कर रहा था की मुझे प्राची ma'am का एक मश्ग आता है "कुछ बात करनी है तुमसे, मीट में इन थे कैंटीन आफ्टर हाफ न हर."

मैसेज देख अब मेरे मन में कही न कही ये बात चल रही थी की लगता है जो में चाहता था वो हो गया है, और शायद ma'am उसी सिलसिले में बात करने के लिए मिलना चाहती है, खैर अभी कुछ देर में पता चल hi जायेगा.

क्लास ओवर होने के बाद में सीधा कैंटीन की तरफ चला जाता हु जहा इस वक्त काफी भीड़ थी, और ma'am एक टेबल पर इस तरह बैठी थी की इनका फेस एंट्रेंस क ठीक सामने था और मुझे देखते hi वो खुद उठ कर मेरे पास आने लगी, पास आने क बाद ma'am...

Ma'am : hi सनी कैसे हो..

में: hi ma'am, आईएम फाइन थँक्स हावस ु एंड ऐसे यहाँ क्यों बुलाया आपने.

Ma'am : में बी ठीक हु, कुछ जरुरी बात करनी थी इसलिए बुलाया पर यहाँ भोत भीड़ है ठीक से बात नहीं हो पाएगी कहि और चलते है.

में, सोचते हुए: ठीक है ma'am इस वक्त काम भीड़ या साइलेंट प्लेस कॉलेज में एक hi होगा, स्टाफ पार्किंग zone.(mujhe पता था की वह कॉलेज टाइम ने कोई हलचल नहीं रहेगी और सबसे सेपरेट भी है)

Ma'am : वाह तुम्हे बड़ा पता है हर जगह क बारे में हहै.

में: हाँ अब कहा जाने की जौरात पद जाये, उसलिए खबर रखनी पड़ती hai..ab चले?

और ma'am के हामी भरने के बाद हम पार्किंग की तरफ चले जाते है और वह ma'am की स्कूटी के पास hi पहुंच क्र..

में: हाँ तो बताइये ma'am क्या बात करनी है.



Ma'am, सवालिया नजरो से: क्या तुम अब रक् मुझे अवॉयड क्र रहे हो, पिछले दिनों ढंग से बात बी नहीं की ऐसा क्यों सनी.

में: आप आपके उस सवाल जा जवाब बड़े ैगे से जानती हो ma'am, और ये भी की में आपसे क्या चाहता हु.




Ma'am : हैं में जानती हु और इस लिए सोच कर तुमसे बात करने यहाँ आई हु.

में, स्माइल के साथ: तो फिर क्या सोचा ह आपने.

Ma'am, नजरे नीची कर: देखो सनी जब से उस दिन में तुम्हे मेरे घर ले गई और हमारे बिच जो हुआ उस दिन से hi में भी मैं नहीं रही और बार बार तमहरे बारे में सोचती रही हु और तमहरा इस तरह मुझे अवॉयड करना ाचा नहीं लगता, परन्तु...

में, ये सोच की चिड़िया जाल में फास गयी: पतंतु क्या ma'am???

Ma'am : बूत में मैरिड हु सनी और तुम अचे से जानते हो की मेरा टंगरे साथ इतना आगे बढ़ना सही नहीं होगा.

में: तो ठीक ह फिर ma'am हम अपने ऍबे ेअसते पर चलते है व्ही सही होगा न.

Ma'am : ऐसा क्यों कह रहे हो सनी, ने ऐसे तुमसे अलग रस्ते पर नहीं चल सकती, में दोनों तरफ से फांसी हुई हु दिमाग मेरा मंजूरी नहीं देता और दिल तमहरा साथ चाहता है.

में: तो ma'am अब ये आपकी कश्मकश है, मुने मेरी फीलिंग आपके लिए आलरेडी बता दी है को पूरी कॉलेज में कोई एक है जिसे में पसंद करता हु तो वो आप ho.(ye मेरा ma'am को जाल में फ़साने का डाव था )

Ma'am : हाँ जानती हु और में तुम्हे हर्ट बी नहीं क्र सकती इसलिए मेने एक रास्ता निकला है.

में: कैसा रास्ता..

Ma'am, नजरे नीची क्र, स्माइल करते हुए: मुझे तुम्हे अपना लवर बनाने में कोई परेशानी नहीं है सनी और में दिल से तुम्हरे साथ रहना चाहती हु परन्तु अभी में अपने दिमाग को नहीं समझा सकीय हु इसलिए जब तक में पूर्ण रूप से संतुष्ट नहीं हो जाती में तुम्हे अपना जिस्म नहीं सौपूंगी, उसके अलावा में तुम्हारी प्रेमिका होने क हर फ़र्ज़ को निभाऊंगी.

में, ma'am की बात सुन खुश होते हुए उनके कंधो को पकड़ अपनी और खींच: ma'am आपको पता ह न आप क्या कह रही हो...

Ma'am, शर्म से लाल होते हुए: हाँ सनी ी थिंक आईएम फॉलिंग फॉर ु, तुम्हरे लिए मेरे दिल में खास जगह बनने लगी है पर तुम्हे पूरी तरह अपनाने से पहले मुझे वक्त चाहिए.

में, ये सोचते हुए की जब इतना असर हो गया ह और लवर बनने को तैयार है तो आगे मेरे निचे कैसे लाना ह ये मिझे अचे से पता है ः: हम्म ma'am कोई बात नहीं में समझ सकता हु और आपको जितना वक्त लेना ह लेलीजिये, एंड थैंक ु सो मच मुझे एक्सेप्ट करने और मेरी प्रेमिका बनने के लिए, ी रियली लव ु सो मच ma'am.

Ma'am, मुस्कुरा कर: मुझे बी लगता ह की में तुमसे प्यार करने लगी हु सनी और टुंगरा इस तरह दूर रहना मुझे हर्ट करता है, अब ऐसे दूर न रहना प्लस

में, जिस वजह से दूर रहा वो वजह पूरी होती दिख रही है सो अब दूर नहीं पास रह तुम्हरे जिस्म की आग भड़काऊंगा ma'am ताकि इस खूबसूरत जवान जिस्म क मजे जल्द ले सकू: हाँ ma'am ी प्रॉमिस अब ऐसा नहीं होगा, मुझे जो चाहिए वो मिल गया फिर क्यों दूर रहना ः.

Ma'am : हहै, अब चलें क्लास बी लेनी ह मुझे, और जो कहना था वो कह बी दिया.

में, ma'am को अपनी बहो ने खींच: ऐसे कैसे चले ma'am, अपने इस प्रेमी को इन होठो का रास तो पीला तो आज इतनी ख़ुशी का दिन ह..

Ma'am, हसकर धक्का देते हुए: नहीं सनी अभी घर में नहीं ह हम यहाँ ऐसा कुछ नहीं प्लस

में, पकड़ मजबूत करते हुए: तो क्या हुआ ma'am यहाँ कोण हमे देख रहा है और अभी अपने कहा प्रेमिका क फ़र्ज़ निभाओगे तो मुझे खुश रखना बी फ़र्ज़ हुआ और इस वक्त मेरी ख़ुशी आपके इन होठो को चूसने में है.

Ma'am, इधर उधर देखते हुए: िष्ठ सनी लेकिन यहाँ कभी भी कोई भी आ सकता है प्लस समझो.

इससे पहले की ma'am इसके आगे कच बोल पति मेने अपने होठो को ma'am में होठो पैट रख दिया और एक हाथ को कमर में सहलाते हुए आउट दूजे हाथ से उनकी गांड मसलने लगता हु. मेटे इस तरह ma'am के होठ पर अपने होठ रखने से पहले तो ma'am सकपका गयी परन्तु साथ hi मेरे दोनों हाथो के उनके शरीर पर असर करना शुरू काट दिया था और वो भी चुम्बन का साथ देने लगी थी.

चुम्बन धीरे धीरे अब वाइल्ड होने लगा था और ने ma'am के होठो को चूमने के साथ साथ काट भी रहा था और अपना एक हाथ जो कमर पर था उसे उप्पेर ला ma'am की चुकी पर रख उसे दबाने लग गया था.

होठो को चूमने और अपनी चुचिओ को इस तरह दबवा अब मां भी गर्माने लगी थी और अपने हाथो से मेरा सर पकड़ चुम्बन का पूरा साथ दे रही thi.Kuch मिनटों तक चले इस चुम्बन क्र बाद अब ma'am की सास भरी होने लगी थी और इसी वजह से अब अपने होठ मेरे होठो से हटा दूर कर लेती है, लेकिन में अपने हाथो से गांड और चुकी मसलना जारी रखता हु.

Ma'am : ममम िध्ह्हः सनी तुम सच में भोत हॉट हो अहह ममम उफ्फ्फ्फ़ पर अब चोरो मुझे कोई आ जायेगा.

में: मन नहीं कर रहा ma'am चोर्ने का, चाहता तो हु की अभी आपकी इन चुचिओ का रास पि जाऊ, और ये बोल दोनों चूचिया साड़ी के उप्पेर से जोरो से दबा देता हु.

Ma'am : िष्ठ्हहहह नहीं न सनी अह्ह्ह्ह मममम ऐसे बी कोई दबाता है भला हहै, और मेने कहा न सही वक्त आने पर अपना सब कुछ दूंगी तुम्हे फिलहाल यहाँ से चलो.

Ma'am की बात सुन अब मुझे बी लगा था की भोत देर हो गई है कोई बी आ सकता है और फिर उन्हें एक और किश कर हम वह से चले आते है.

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शाम का समय हो रहा था और पापा अपनी कार लिए ऑफिस से निकल hi रहे थे की उन्हें ऑफिस के एग्जिट दूर पर रश्मि कड़ी दिखाई पड़ती है, जिसे देख पापा उसके पास जा कार रोक देते है..

मानव: अरे रश्मि तुम यहाँ क्यों कड़ी हो.

रश्मि: सर, में आपका hi वेट कर रही थी, मेने आपको पार्किंग एरिया की तरफ जाते देखा यो सोचा आज आपसे hi लिफ्ट लेलु घर जाने के लिए, क्या आप मुझे ड्राप क्र देंगे सर.

मानव, वाह रंडी सामने से साथ चलने को कह रही, पर आज जल्दी घर जाना है : येह सूरे व्हाई नॉट, के ों इन.

रश्मि, विजयी मुस्कान जैसे उसका कोई प्लान काम क्र गया हो: थैंक ु सो मच सर, और दरवाजा खोल अंदर आजाती है.

और इसी के साथ पापा कार रश्मि के घर की तरफ बड़ा देते है और रश्मि कुछ सोच कर..

रश्मि: सर लगता है आप मुझे नाराज़ है या मेरा कोई काम पसंद नहीं आया है हैं न..

मानव: नहीं तो, तुम्हे ऐसा क्यों लग रहा है रश्मि.

रश्मि, नॉटी स्माइल के साथ : वो इसलिए की आज मुझे अपने केबिन में नहीं बुलाया न hi मुझसे किसी तरह की सेवा करवाई. या ऐसा है की आपको में श्वेता मां से काम मजेदार लगी.

मानव: हाहाहा नहीं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है रश्मि, मुझे तुम भी उतनी hi मजेदार लगी जितनी श्वेता, वैसे बी तुम जैसी जवान लड़कीओ का hi तो शौकीन हु मैं.

रश्मि: हहै वैसे सच कहु तो सर मेने भी आप जिस तरह चुदाई करते वो वैसी चुदाई किसी और से नहीं करवाई आज तक, आपके साथ अलग hi मजा आता है.

मानव: हाहाहा तो बस फिर ऐसे hi मजे देती रहो और लेती रहो और ऑफिस का काम करती रहो.

रश्मि: हेहेहे जी सर जरूर.. इतस माय ड्यूटी नाउ.

और ऐसे hi रश्मि और पापा की बाटे चलती रही और गाड़ी रश्मि के घर के बहार जा क्र रुकती है.

रश्मि: सर, प्लस अंदर आइये न यहाँ तक आये hi हो तो.

मानव: नहीं रश्मि आज नहीं फिर कभी, आज घर जल्दी जाना है मुझे.

रश्मि: सर ज्यादा देर नहीं बस कुछ देर, आप यहाँ तक आये है अंदर नहीं आओगे तो मुझे ाचा नहीं लगेगा.

मानव: में आजाता पर आज मेरी बेटी घर आई है ससुराल से इसलिए मुझे जल्दी जाना है यही कारन है की में ऑफिस से जल्दी निकला हु.

रश्मि, ओह तो सीमा आज आगे, फिर तो आपको अंदर आना hi पड़ेगा आज मर मानव : ओह थॉट्स नीस सर, (सेडक्टिव स्माइल और इशारे के साथ), बूत सर बेटी तो आपकी घर पर hi है और आज hi वापस तो जाएगी नहीं, बूत अगर आज आप अंदर नहीं आये तो मुझे ये मौका नहीं मिलेगा सर.

मानव, रश्मि की और देख: कैसा मौका रश्मि, ऐसा क्या है आज.

रश्मि: सर आज मेरे घर पर कोई नहीं है में इस वक्त अकेली हु, हस्बैंड बी ऑफिस गए हुए है लेट आएंगे और में चाहती हु की आप इस मौके का फायदा उठा कर मुझे मेरे hi रूम में चोदे और पूर्ण रूप से आपकी रंडी होने का एहसास कराये सर प्लस.

और ये बोल रश्मि कार में बैठे बैठे hi एक हाथ पापा के पंत में जीन्स के उप्पेर रख और दूसरे हाथ से अपनी साड़ी का पल्लू हटा क्लीवेज दिखने लगती है... ममम सर प्लस चलिए और आपकी इस रैंड को उसके पति के बिस्तर में छोड़िये न.

अब अगर एक औरत सामने से इस तरह अपनी जवानी दिखाए और खुद से चुदाई का आमंत्रण दे वो भी अपने पति के बिस्तर में, तो ऐसी स्तिथि में सख्त से सख्त लौंडा भी पिघल जायेगा और पपप तो वैसे hi जवान जिस्म के शौकीन तो वो इस आमंत्रण को कैसे अस्वीकार कर सकते थे.

आमंत्रण स्वीकार होते hi रश्मि पापा को घर के अंदर ले जा सीधा अपने बैडरूम में ले जाती है और पापा को बीएड पर लिटा उनके सामने बिलकुल एक देसी घरेलु रैंड जैसे सडके करते हुए अपने एक एक कपडे को उतर नंगी हो जाती है.

रश्मि, नंगी हो अपनी छूट खुद से सहलाते हुए मानव को तैसे करते हुए : ममममम सर अब आज मेरी इस छूट को फाड् दीजिये सर अह्ह्ह्ह आपके लुंड की दीवानी हो गई है ये और आज अपने hi पति के बिस्तर में अपने बॉस का लुंड लेना चाहती है आपकी ये रंडी रश्मि सर ममममम प्लस छोड़ दीजिये और ये सुख दे दो मुझे मम..

इतना कुछ सुनने के बाद अब पापा का अपने काबू ने रहना कहा मुमकिन था और अगले hi पल रश्मि बिस्तर पर नंगी टंगे फैलाये पड़ी थी और उसकी छूट में पापा का लुंड पूरी गति से अंदर बहार होते हुए चुदाई करने में व्यस्त हो जाता है. और चुदाई के इस दुमदार दौर के पूरा होने के बाद लुंड का पानी रश्मि को पीला पापा उसके घर से अपने घर को निकल जाते है.

पापा तो छोड़ कर चले गए लेकिन इस वक्त रश्मि के चेहरे पर एक विजयी मुस्कान थी और दिमाग में ये विचार की, भले आज मुझे अपने पति की जगह तुम्हरा लुंड लेना पड़ा हो और चाहे तुम्हारी रंडी बन कर रहना पद रहा हो "मर मानव", लेकिन भोत जल्द इस सब का हिसाब अचे से वसूल किया जायेगा हहै.. और यही सोचते हुए वो फिर एक मश्ग टाइप करके भेजती है की..

"एक और प्लान सफल रहा, मर मानव की मेरे घर में एंट्री हो गई है".



अब आगे क्या होता है और रश्मि किस विचार में है क्या प्लान कर रही, और वह घर की बेटी के आने के बाद क्या होगा, ये सब अगले उपदटेस में...

 
शाम को पूरा परिवार एक साथ होता है और चाचा चची भी घर पर आ चुके होते है जैसे hi उन्हें भी दीदी के आने की खबर मिलती है.



माँ: आज सब लोग एक साथ है कितना ाचा लग रहा है न.

चची: हाँ दीदी एक दम सही कहा, आपके तो फिर बी ठीक है में तो और भी ज्यादा अकेला फील करती हु.

में, चची को देख स्माइल क्र: अरे चची तो हम कोनसा दूर है आपसे एक hi मोहल्ले में तो रहते है न.

चची, जैसे शिकायत क्र रही हो इस लिजाज से : हाँ मोहल्ला एक है सिर्फ सनी बाकि तू hi बता आखरी बार चची की यद् कब आई थी तुझे.

में, चची की बात समझते हुए: नहीं नहीं चची ऐसी बात नहीं है अब आपसे भला दूर रह सकता हु क्या ः.

चाचा: हाँ सनी तो वैसे भी आता जाता रहता है अक्सर, तुम भी बताती हो न की सनी आया था करके अंजलि, अब उसे भी कॉलेज और पढाई में ध्यान देना होता है रोज तो नहीं आ सकता न.

में: ः देखा चची, चाचा समझते है पर आप नहीं.

चची, वो समझेंगे hi न उन्हे थोड़े तेरे लुंड से अपने जिस्म की प्यास बुझवानी है बीटा, वो काम तो मुझे करवाना है न: हाँ देख रही हु और ये बी देख रही हु की अब तू अपनी चची से पहले जैसा प्यार नहीं करता है.

तभी दीदी बिच में आ...

दीदी: हहै क्या बाटे चल रही है आप सब में.

चची: कुछ नहीं सीमा बस महिमा दीदी कह रही की आज सब साथ है तो कितना ाचा लग रहा है.

वही पास बैठे हुए पापा: हाँ अंजलि ये तो महिमा ने सही कहा, सीमा के आने से आज घर भर सा गया है.

दीदी: हहै पापा अगर ऐसा hi था तो शादी hi नहीं करवाते मेरी, ज़िन्दगी भर आपके पास रह जाती हहै.

पापा: हाहाहा बेटी काश ऐसा हो सकता तो एक पिता से ज्यादा शायद hi कोई खुश होता, पर दुनिया और समाज के नियम है, बेटी को एक दिन ससुराल जाना hi होता है.

प्रीति, टपक से: बकवास नियम है में तो कही नहीं जाने वाली हँ.

और उसकी ये बात सुन सब है पड़ते है..

में: तुझे तो जल्द से जल्द भेजना है चुड़ैल वार्ना ऐसे hi मेरा जीना हराम करती रहेगी.

प्रीति: देख लो दीदी अब ये फिर बोलै, और आप कहोगी मेने लड़ाई शुरू की

दीदी: ोफ़ू सनी क्यों तंग करता है प्रीति को, और प्रीति तुझे कोई नहीं भेज रहा अभी, अभी अपनी पढाई पर ध्यान दे हहै.

चाचा: वैसे भैया अभी भाभी से पता चला की आपको एक और नया प्रोजेक्ट मिला है भोत भोत बधाई हो आपको.

पापा: ः अरे इसमें मेरी कोई म्हणत नहीं सब कुछ रागिनी का किया हुआ है उसी की म्हणत है.

भैया, इस बात को सुन: हाँ चाचा पापा ने सही कहा इस बार सारा काम बुआ ने संभाला है और उन्ही की म्हणत है की हमे ये प्रोजेक्ट मिला है. में तो लकी हु जो इनके साथ काम करने मिल रहा है.

बुआ, दोबारा भैया की बात काटते हुए : ः ऐसा कुछ नहीं है भैया मेने बस अपना काम किया है और राहुल तुम तो आलरेडी भोत कुछ दिख चुके हो अब मेरे से सिखने की जरुरत कहा है.

भैया समझ गए की बुआ अब भी उन्हें तने मर रही है और ये बात उनसे हज़म नहीं होती है पर तब वो कुछ बोल नहीं सकते थे... लेकिन बुआ के इस तरह राहुल भैया को जवाब देना और भैया का चुप रह जाना वह चची के बच्चे को खेलती हुई भाभी अचे से नोटिस कर लेती है और उन्हें अब पक्का यकीं हो जाता है की पिछले तीन दिनों में कुछ न कुछ गड़बड़ जरूर हुई है बस अब किसी तरह पता लगनी है.

भाभी ये सोच hi रही थी की तभी दीदी उनके पास आ चची क बेटे को खिलते हुए..

दीदी: अले अले वाओ चची आपका बीटा तो भोत क्यूट हो गया है हहै और भाभी देखो ध्यान से ऐसा नहीं लगता की इसका फेस सनी से मिलता है.

में और चची अब मन में यही सोच रहे थे की जब बाप hi में हु तो फेस तो मिलना है hi और ये सुन एक दूजे को देख मुस्कुरा देते है.

Chachi:hehe सीमा अब सनी और मेरा ये प्यारा सा बच्चा दोनों है तो एक hi परिवार के और दोनों के पापा भाई भाई है सो ऐसे चेहरा मिलना तो होता hi है हहै.

माँ: बिलकुल सही कहा अंजलि तुमने ये, भोत सी बार ऐसा होता है की बच्चे का चेहरा माँ बाप से न मिल घर के और सदस्यों से मिलता है हहै.

चाचा, जो सब ध्यान से सुन सोच विचार में दुबे हुए थे: बिलककुल सही कहा भाभी आपने, और इसी वजह से हमारे बच्चे का फेस सनी से मिलता हुआ लगता है ः.

पापा: चेहरा किसी का भी हो, आल मैटर्स इस तहत की ये बच्चा है तो हमारे परिवार का सबसे छोटा सदस्य और अजित ये बी तो देखो की कितने टाइम बाद भगवन ने तुम दोनों को ये ख़ुशी दी है.

चाचा: हाँ भाई में तो इसलिए भोत खुश हु और अंजलि तो मनो डबल खुश ः.

और ये बात चल hi रही थी की तभी बेबी रोने लगता है.

माँ: अंजलि लगता है इसे भूख लग रही है या नींद आ रही है.

चची: हाँ दीदी ये इसके सोने का वक्क्त है वैसे भी, में इसे दूध पीला कर सुला देती हु.

माँ: ये क्या अंजलि अब तो ये दो साल लगभग का होने आया और अब तक तुम इसे अपना दूध पिलाना नहीं छुड़वाई हो.

चची, मेरी और देख : हहै दीदी बस छुड्वने की कोशिश कर रही हु और काम बी कर दिया है पहले से, दिन में एक बार hi पिलाती हु.

माँ: हम्म्म ठीक है जाओ अभी चुप करवाओ इसे.

में, मौका देख: चची आप इसे उप्पेर मेरे रूम में सुला दीजिये वह कोई डिस्टर्बैक्र बी नहीं होगा यहाँ निचे तो हम सब लोग है बात चित की आवाज से नींद खुल सकती है इसकी.

चची, स्माइल कर: ठीक है सनी.

और यर बोल चची उप्पेर मेरे रूम में चली जाती है और क्युकी में भले काम वक्त का hi सही पर इस मौके का फायदा उठाना चाहता था सो कॉल का बहाना करके में भी उप्पेर की और चला आता हु और अपने रूम में आजाता हु जहा इस वक्त चची बीएड पर बैठी हुई थी और बेबी सो चूका था.

में: ये क्या चची बेबी तो सो गया है आप फिर बी निचे नहीं आई.

चची, साड़ी का पल्लू हटा कर जिसके निचे उन्होंने ब्लाउज को बंद नहीं किया था और एक चुकी अब बी बहार hi थी: इसलिए नहीं आई क्युकी मुझे पता था की मेरे इस बच्चे के पापा जरूर उप्पेर आएंगे मेरा दूध पिने के लिए हहै.

में, चची की बात सुनते hi तुरंत उनके पास जा बीएड पर लिटा उनकी चुकी को मुँह में भर दूध पिटे हुए: मुउउउउआआआहहह आपको कैसे यकीं था की में उप्पेर आउने hi ः.

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चची, निप्पल को मेरे मुँह में भर दबा क्र दूध की धार देते हुए: ईशःठ सनी जब तमने कहा की मेरे रूम में जाओ में तो तब hi समझ गई थी की तुम कुछ न कुछ बहाना कर जरूर उप्पेर आओगे हहै.

में, दूसरी चुकी को बी नंगा क्र दबाते हुए: मूवएह मुउउउउआअह ओह्ह्ह चची में तो आप जब से घर में आई हो तब से दूध पीना छह रहा था और हाँ वो माँ जो कह रही थी की दूध पिलाना बंद क्र दो, ऐसा मत करना वार्ना दूध बनेगा नहीं और मुझे भी पिने नहीं मिलेगा हहै.

चची: ममममम िष्ठ्हह ओह्ह में ये अचे से जानती हु की आपको मेरा दूध पीना कितना पसंद है और मेने दीदी से झूट कहा था बस बाकि में अब भी बेबी को दूध डेली पीला रही हु ताकि फ्रेश बनता रहे और मेरे बच्चे के पापा को मेरा दूध मिलता रहे हहै.

में, चुकी पर काट मर और दूजी की निप्पल दबा: मुउउउउउउआअह्ह्ह्ह वाह नेरे बच्चे की सेक्सी चुड़क्कड़ मा ः कितना ाचा काम कर रही हो ये तो.

चची: ममममम उफ्फ्फ पर आपको फुर्सत कहा मेरे पास आने की, पता है पांच दिन हो गए आपने मेरी चुदाई किये हुए, आपके लुंड के लिए छूट कितना तड़प रही अब तो सनी.

में: ममममम चची तो में भी तो आपकी छूट और गांड दोनों मरने का मौका देख रहा बस और फ़िक्र मत करो इसी हफ्ते में मौका देख आपके घर आ कर आपके जिस्म को नोचूँगा चची मुआअह.

चची: ओह्ह्ह्ह सनी कभी भी आजाना मेरी छूट इंतज़ार करेगु अह्ह्ह और फिलहाल कुछ कर दो न भोत खुजली हो रही है.

में, कुकी सब घर में थे ये जनता था इसलिए: मम चची अभी तो कोई बी उप्पेर आ सकता है ज्यादा वक्त नहीं है हमारे पास फिर भी में आपको थोड़ा मजा दे देता हु और ये बोल चची की साड़ी उप्पेर कर अपनी ऊँगली और जीभ दोनों एक साथ छूट पर रलह चाटने रगड़ने लगता हु आउट मेरे ऐसा करने से चची पूरी तरह गरमा कुछ देर में अप्पन पानी चोर देती है.

चची: ममममम सनी िशः अभी क लिए तो रहत है पर ज्यादा देर नहीं रहेगी प्लस अब जल्दी घर आजाना और अपनी चची को अचे से छोड़ जाना मऊआअह.

में: मऊआअह हाँ मेरी चची पक्का प्रॉमिस, अब निचे चले..

और ये बोल चची अप्पने कपडे ठीक करने लगी और में भी रूम से बहार निकलने लगा.

जहा में और चची मेरे रूम में इस हसीं खेल में व्यस्त थे, हमे इस बात का बिलकुल भी अंदाजा नहीं था की रूम के बहार खड़े हो एक शख्स हमारी साडी बाटे सुन और कीहोल से देख भी रहा है और ये शख्स कोई और नहीं मेरे चाचा hi थे, जो मेरे उप्पेर आने के बाद ये बहाना बना उप्पेर आये थे की में देख कर आता हु बेबी सो गया या अब भी अंजलि को परेशां कर रहा है.

में और चची रूम से बहार निकल निचे आये इससे पहले चाचा निचे आ चुके थे और मुझे और चची को साथ निचे उतारते देख रहे थे.

हमे निचे आने से तुरंत hi...

चाचा: क्या हुआ अंजलि, सो गया बेबी ठीक से.

चची: हाँ जी सुला दिया है भोत तंग कर रहा था बड़ी मुश्किल से सोया है.

चाचा, तंग वो कर रहा था या सनी से अपने जिस्म की आग बुझवाने में तुम व्यस्त थी: ः कोई बात नहीं अब बच्चा है तंग नहीं करेगा तो क्या करेगा, वैसे सनी तुम चची के साथ कैसे तम्हे तो कॉल आया था न.

में: हाँ चाचा वो में कॉल ख़तम होते निचे आ hi रहा था की सोचा चची को भी साथ ले कर hi औ.

चाचा: ओह ाचा ठीक है चलो आओ बैठो दोनों यहाँ अब ः.

चाचा, मन में, एक तो पिछले इतने सालो से तू मेरी बीवी को छोड़ रहा है, उसे माँ भी बना चूका है और अभी भी उसके जिस्म के मजे लेने के लिए रुक गया था और ये अब इतनी सफाई से झूट बोल रहा है. वो तो ाचा है उस दी सच्चाई को अपने कानो से सुना ुर अपनी आँखों से देख भी लिया वार्ना मुझे आज तक पता नहीं लगता. चाचा ने किस दिन क्या सुना और क्या देखा सुनते है उनकी hi जबानी...




***फ्लैशबैक***

(चाचा अस ा नैरेटर )

आज हमे बेबी हुए पुरे तीन महीने हो चुके थे और हम दोनों hi भोत खुश थे और इस वक्त हॉल में बैठे बेबी को खेला hi रहे थे की दूर बेल्ल बजती है, में दूर बेल्ल की आवाज सुन उस तरफ जाता हु.

में, दूर खोलते hi: अरे डॉ कुसुम( जिनके अंडर में चची की पूरी प्रेगनेंसी और टेस्ट्स ंद डिलीवरी हुई) आप यहाँ, प्लस अंदर आइये न.

अंजलि: अरे कुसुम जी आप आज यहाँ, प्लस आइये न बैठिये.

कुसुम: hi अजित जी एंड अंजलि जी, कैसे हो और बेबी कैसा है.

अंजलि: सब एक सही है और बेबी क आने क बाद से तो भोत खुश हैं, आप यहाँ कैसे आज हहै.

कुसुम: अरे अब हमारे बिच एक फॅमिली ररलतिओं सा हो गया है अंजलि जी और साथ hi आप सनी की चची भी हो और सनी मेरे बेटे जैसा है उसी ने कहा की बेबी होने क बाद कितना टाइम हो गया एक बार चची को देख आना सो चली आई.

में: ये तो भोत ाचा किया कुसुम जी आपने, वैसे हम एक दो दिन में आपके पास आ hi रहे थे.

कुसुम: हहै अछि बात है न वैसे बाबीबको देख तो लग रहा एक दम फिट एंड फाइन है.

अंजलि: हाँ कुसुम जी बिलकुल फिट है मेरा बेबी हहै.

कुसुम: वैसे बेबी क साथ साथ माँ की बी हेल्थ चेक करना जरुरु है, िफ़ ु डोंट मंद में अंजलि जी का भी थोड़ा चेकउप क्र लू अजित जी.

में, डॉ की बात सुन: हाँ क्यों नहीं आप अचे से चेकउप क्र लो अंजलि का भी, मुझे बीवी और बेबी दोनों फिट चाहिए ः.

कुसुम: हहै तो अंजलि जी क्या हम आपके रूम में चसल सकते है कुछ देर, जस्ट फॉर चेककुप्स.

अंजलि: जी जरूर आइये न... और अंजलि डॉ क साथ हमारे रूम में चली जाती है.

कुछ देर रुकने के बाद भी जब अंजलि और डॉक्टर कुसुम रूम से बहार नहीं आहे तो में रूम की तरफ चला जाता हु और पास पहुंचते hi अंदर से मुझे दोनों औरतो की हसी सुनाई पड़ती है और वही रुक अब में उनकी बाटे सुनने लग पड़ता हु.

अंजलि: हेहेहे क्या कुसुम जी आप भी, ऐसा कुछ भी नहीं है.

कुसुम: हे तो आपका चेहरा साफ बयां कर रहा है अंजलि जी की आपमें पहले और अब में कितना बदलाव आ गया है, आप मनो या न मनो उसकी म्हणत आप पर साफ झलक रही है हहै.

में बहार खड़ा कन्फ्यूज्ड की ये दोनों क्या बाटे कर रही है और अब सुनने के साथ अंदर देखने की लालसा बाद जाती है और इसी लिए में कीहोल में से अंदर झाकने लगता hu.aur जैसे hi मेरी नजर अंदर पड़ती है, तो वह मुझे चेकउप के नाम पर अंजलि बीएड पर बैठी और उसके पास hi कुसुम जी भी बैठी हुई दिखती है और दोनों को देख ऐसे तो बिलकुल नहीं लग रहा था की अंदर किसी किस्म का चेकउप चल रहा हो.

जिसे देखने के बाद अब में ये नहीं समझ प् रहा था की ये कैसा चेकउप चल राग है और वापस उन दोनों की बाटे सुनने लगता हु.

अंजलि: हहै कुसुम जी अब उसकी म्हणत न आपसे छिपी न मुझसे, लड़का है hi इतना मेहनती अब असर तो दिखेगा न.

कुसुम: हाहाहा बात तो ये भी सही कही आपने और अब तो उसकी म्हणत का परिणाम आपको बेटे के रूप में मिला है ः.

यहाँ चौकने की बरी दोबारा मेरी थी की डॉ का इस बात से क्या मतलब है.

अंजलि: सच कुसुम जी ये परिणाम तो मेरी जिंदगी का बेस्ट परिणाम है, इसने जो ख़ुशी दी वो कभी नहीं मिली. और सच कहु तो उस दिन अगर वो मुझे आपके पास ले कर नहीं आता और मेरा चेकउप नहीं करवाता तो में आज तक अपने आप में खोट निकलती रहती और ये नहीं समझ पति की खोट मुझमे नहीं मेरे पति में है, और इस वजह से में माँ नहीं बन सकती हु.

अंजलि की इस बात ने मनो मेरे पेरो टेल की जमीं हिला दी हो, ये अंजलि क्या कह रही है और इसने किसके साथ जा कर चेकउप करवाया और अगर इसके कहने के मुताबित में बाप नहीं बन सकता तो फिर ये बच्चा किसका है और ये दोनों औरते किस लड़के की बात कर रही है.

कुसुम: इसलिए कहते न अंजलि जी की जो होता ाचा hi होता है, आप पहले कितना दर रही थी लेकिन आज तक कुछ गलत हुआ क्या बताइये.

अंजलि: हहै हाँ सही कहा आपने ये तो, बस उम्मीद करती हु की अजित को ये सच्चाई कभी पता न चले की ये बच्चा उनका न हो कर किसी और के साथ बने सम्बन्ध का नतीजा है, क्युकी वो इस बच्चे को ले कर भोत खुश है.

कुसुम: हम तीनो के अलावा इस सच्चाई को कोई नहीं जान पायेगा डोंट वोर्री आप बस अपनी लाइफ एन्जॉय कीजिये अब.

अंजलि: हहै हैं कुसुम जी, वो तो में कर hi रही हु, बेबी आने के बाद लाइफ hi बदल गयी है मेरी हहै. और मुझे ये ख़ुशी दिलाने के पीछे आपका भी भोत बड़ा श्रेय है कुसुम जी, ना आप मुझे ये सब करने को मानती न में ऐसा कुछ उसके साथ करने का सोच पति हहै.

कुसुम: मेने तो एक डॉक्टर होने के साथ साथ एक औरत होने के नाते आपकी मदद की अंजलि जी बस और जब ये जाना की आप सनी की चची है तो मेरे लिए ये और बी जरुरी हो गया की आपको ये सुझाव दू हहै.

अंजलि: हां अब में भोत अचे से समझ रही हु की आपको ये सुझाव देने का कैसे सुझा था हहै, पर जो भी हुआ आज में खुश हु माँ बन कर.

कुसुम, चिढ़ाते हुए: वैसे बेबी के असली पापा आते है न मिलने इसे और बच्चे की माँ को हहै.

अंजलि: हेहेहे क्या कुसुम जी आप भी न, वो तो किसी न किसी बहाने आ hi जातें हैं बेबी से मिलने.

कुसुम: ाचा सिर्फ बेबी से मिलने... माँ से नहीं मिलता क्या वो ः.

अंजलि: हेहेहे अब आप अचे से जानती हैं उसे, आपको लगता है वो सिर्फ बेबी से मिल खुश रहेगा.

कुसुम: हाहाहा में तो भोत अचे से जानती हु ओट यकीं भी है की अब वो आपको आपके पति की जरुरत भी नहीं महसूस करने देता होगा इस कदर आपकी शरूरीरिक जरूरते पूरी कर रहा होगा.

अंजलि, शर्मा कर: हहै हाँ ये तो आपने सही कहा और इस बात का प्रमाण देने की जरुरत भी नहीं क्युकी उससे आपके भी अचे सम्बन्ध है हहै.

कुसुम: हाहाहा पर मेरी आप जैसी किस्मत नहीं आप उसके मुझसे भी ज्यादा करीब है, मुझे तो इंतज़ार करना पड़ता है ः.

वह अंदर अंजलि और डॉ के बिच इसी तरह की बाटे हो रही थी लेकिन यहाँ मेरे दिमाग ने काम करना बंद कर दिया था जब से अंजलि के मुँह से ये बात सुनी की ये बच्चा मेरा नहीं है किसी और का है और लेफ्ट जाने किटने समय से अंजलि उस शख्स के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाये हुए है.

गुस्से के मरे मन तो कर रहा था की अभी इसी वक्त अंदर रूम में जा कर दोनों अंजलि और उस डॉक्टर को पकड़ के सबक सिखौ पर यहाँ में इस कारन रुक जाता हु की अगर अंजलि के कहे मुताबिक कही मुझमे hi तो कही कोई दोष नहीं और अगर ऐसा होगा तो अंजलि के सवालो का कोई जवाब नहीं होगा और न hi में उससे उसने मेरे साथ ऐसा क्यों किया, क्यों इतना बड़ा धोखा किआ इस बात का दृढ़ता के साथ प्रश्न मर सकूंगा, क्युकी जब अपना hi सिक्का खोता तो कोई और क्या करे.

में ये सोच hi रहा था की वो दोनों भी अब रूम से बहार आजाती हैं. और कुसुम जी घर से चली जाती है जिसके कुछ देर बाद में भी अंजलि से सवाल करने से पहले अपनी और से तसल्ली करने और सच्चाई जानने के लिए अंजलि से काम का बहाना कर सीधा एक हॉस्पिटल में जा कर अपना करवाना मुनासिब समझता हु. और चेकउप की रिपोर्ट से मुझे भी ये बात पता चलती है की जो अंजलि ने कहा वो यही था, मुझमे पिता बनने के गन नहीं थे और ये मेरी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई है.

ये बात जानने के बाद में मनो टूट सा गया और अब क्युकी मेरी कमजोरी थी सो अंजलि से सवाल करने का हक़्क़ भी खो चूका था, चूँकि वो हमेशा से ये बात कहती आई है की चेकउप करवाओ पर मेने नहीं मणि और आज ये सब हो रहा है. अब मेरे पास या तो अंजलि को सब सच पूछने के बाद उसे चोर्ने का या इस बच्चे को अपनाने के अलावा कोई ऑप्शन नहीं.

और इसी सोच के साथ में वापस घर चला आता हु जहा अंजलि को बच्चे के साथ खेलते देख और खुश देख कुछ कहने की हिम्मत नहीं होती है और में इस सच को कही न कही स्वीकार करने लगा था.

पर मन hi मन मुझे ये जरूर जानना था की वो इंसान कोण है जिसके साथ अंजलि ने अपने सम्बन्ध बनाये और इसका परिणाम मेरे सामने खेल रहा है.

दिन ऐसे hi बिट गए और एक रत को डिनर के समय सनी घर पर आता है ये कहते हुए की आज में बेबी के साथ खेलूंगा और रत यही रुकूंगा, जिस पर में और अंजलि दोनों hi राज़ी हो जाते है.

आधी रत को अचानक मेरी नींद खुलती है तब में अंजलि को अपने बिस्तर में नहीं पता हु और न hi बेबी वह था, कही बेबी अंजलि को परेशां कर रहा होगा ये सोच मैं रूम से बहार निकल अंजलि को देखने लगता हु जो बहार हॉल में भी नहीं दिखाई लड़ती है लेकिन तभी मुझे जिस रूम में सनी सोया था वह से कुछ खुसफुसाहट की आवाज आने लगती है.

उस आवाज का पीछा करते हुए जब में रूम क करीब पंहुचा तो दरवाजा हल्का सा खुला पता हु शायद सनी बंद करना भूल गया था पर जैसे hi अंदर को मेरी नज़र पड़ी मेरी आंखे संन्न रह गई.

मेरी अपनी बीवी अंजलि इस वक्त सनी के उप्पेर चढ़ उसके लुंड को छूट में डेल हुए हुमच हुमच क्र उछाल कर छुड़वा रही तगु और सनी भी निचे से अपनी गांड उठा अंजलि के धक्को को बराबर से रिप्लाई देते हुए निचे से छोड़ रहा था और साथ hi अंजलि की चुचिओ से दूध पि रहा था.

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सनी: ममममम ओह्ह्ह्ह चची क्या टेस्टी दूध है आपका मम्मुआह हायरे.

अंजलि: अह्ह्ह्हह सनी तो पिलो न सारा दूध और ऐसे hi पूरी ताकत से छोड़ो अपनी चची को मममम अह्ह्ह्हह पता है तुम्हारे लुंड की कितनी बुरी आदत लग गई है अब मुझे, तेरे चाचा का लुंड भी पसंद नहीं आता अब अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह.

सनी, अंजलि की चुचिओ को पूरा मुँह में भर अपने धक्को की गति बढ़ा: अह्हह्ह्ह्ह हैइए चची तो तमहरि छूट भज और मजेदार हो गई है इनदिनों तो अब अह्ह्ह्ह ईशःठ फुकककक.

अंजलि: ोहहभ सनी मममम अह्ह्ह्हह मेरी छूट अब तुम्हरी है अह्ह्ह जब से तुमने मुझे मेरी छूट में अपना बीज दाल माँ बनाया है आह में तो पूर्ण रूप से तुम्हारी हो गई हु सनी, माँ बनने की जो ख़ुशी तुमने दी है मुझे उसके बाद तो में चाहती हु हर रोज आ कर तुम मेरी ऐसे चुदाई करो अह्ह्ह मममम ओह्ह्ह्ह.

सनी: हाँ मेरे बच्चे की माँ, तुम्हे तो अब में खुद रोज ऐसे hi पेलना चाहता हु और इन मोती दुह से भरी चुचिओ को निचोड़ना चाहता हु ममममम हईये क्या रसीली चिकनी चूचिया और मजेदार छूट हो गई है चची तेरी.

अंजलि: अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह सनी ममम उफ्फफ्फ्फ़ िष्ठ आज कुसुम जी आई थी वो भी कह रही थी की मुझने बदलाव आ गए है, सब तुम्हरे लुंड की वजह से हुआ है अह्ह्ह ममम ओह्ह्ह्हह अहह िर जोर से पेलो न mmmmm.ohhhh पेलो मुझे, में झाड़नेवाली हु अह्ह्ह ममममम एसससससस..

सनी: ओह्ह्ह चची मममम अभी तो और बदलाव आएंगे और छोड़ना है तुझे आगे भी िष्ठ्हह तेरे इस जिस्म को बुरी तरह निचोड़ना है मममम अह्ह्ह्ह में बी झड़ने वाला हु अह्ह्ह्ह एस फुककक ु चची ममम..

और दोनों घमासान तरीके से हो रही इस चुदाई की चरम पर पहुंच जाते है और बरी बरी झड़ने के बाद एक दूसरे से लिपट जाते है.

अपने hi भतीजे सनी के निचे लेटी इस तरह बेशरम बन अंजलि को छुड़वाते देख और

अंजलि के मुँह से ये सुन की उसने सनी के छुड़वा कर उसके बच्चे को जन्म दिया है अब मेरा दिमाग पूरी तरह ख़राब हो चूका था और में आगे क्या हुआ ये न देख सीधा अपने कमरे में आजाता हु.

अब दिमाग में बस यही चल रहा था की मन अंजलि तो माँ बनने के लिए तड़प रही थी और बहक गई हो पर सनी, वो तो मेरा अपना भतीजा है उसने मेरे साथ ऐसा कैसे किया और इस बात को ले कर मुझे उस पर मुझे अब बड़ा गुस्सा आ रहा और में उसे कभी माफ़ नहीं करूँगा और सही मौके पर इसका बदला भी लिया जायेगा.

जिसे में बच्चा समझ रहा था वो तो मेरी hi बीवी के उप्पेर चढ़ मर उसे अपनी औरत समझ मसल मसल के रगड़ रहा है साला, इसको में नहीं चोर्ने वाला हु और अब अंजलि के साथ में जैसे भी पेश आऊं लेकिन सुननय को मेरी बीवी और अपनी चची पर चढ़ने की और उसके साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाने और बच्चा देने की इस गलती की सजा जरूर भुगतनी होगी



***फ्लैशबैक एंड्स ***

पिछली बातो को यद् क्र इसी सोच में दुबे हुए चाचा जो इस वक्त ये सोच रहे है की, बीटा कही न कही मेरी कमजोरिया hi कारन रही है जिस वजह से आज भी मेरी बीवी तुझसे यु छोड़ने के किये तड़प रही और तुझसे छुड़वा कर सुख प्राप्त कर रही है और इसे स्वीरकरने के अलावा मेरे पास कोई ऑप्शन नहीं है. पर इसका ये मतलब नहीं की में ये सब एक्सेप्ट कर चूका हु बल्कि में तो ये सोच रहा हु की तूने तो मेरी बीवी पर हाथ मारा है लेकिन तू ये भूल गया की तम्हारी माँ जो अंजलि से कई ज्यादा हसीं और मस्त माल है वो मेरी भाभी भी है और में उनके साथ बी भोत कुछ कर सकता हु.

भले मेरा उनसे कोई भी रिश्ता हो, लेकिन जब से मुझे तुम्हरे और अंजलि के इस सम्बन्ध का पता लगा है मेने तब से hi महिमा भाभी को पाने की हसरत कर ली है और एक न एक दिन में उन्हें पा कर मेरा ये अपमान का बदला जरूर लूंगा और ये मुझे अचे से पता है की महिमा भाभी को अपने चंगुल में कैसे फ़साना है. सिर्फ इसी तरह नहीं, तुमसे अपने अपमान का बदला लेने क लिए में हर मुमकिन प्रयास करूँगा बस देखते जाओ सनी बीटा ः.

और चाचा ये सोच hi रहे थे की तभी माँ की आवाज आती है की डिनर रेडी है, और ये सुन सब साथ बैठ डिनर करते है जिसके बाद चची चची अपने घर चले जाते है.

घर में भी सब लोग आज इतने दिनों बाद इस तरह साथ वक्त बिता कर भोत खुश थे और डिनर के बाद कुछ समय और साथ बिताने के बाद अपने अपने रूम में चले जाते है. मुझे नींद नहीं आ रही होती है और सत्ता मरने का सोच में एक सिगरेट लिए टेरेस की तरफ बाद जाता हु, टेरेस पर पहुंचते hi मुझे प्रीति वह फ़ोन पर किसी सी बात करती हुई दिखाई पड़ती है.

ज्यादा कुछ तो नहीं पर प्रीति के मुँह से मुझे इतना सुनाई पड़ता है की " प्लस सर मुझसे ये नहीं होगा और आप मुझसे ऐसा करने का कह भी कैसे सकते है, मुझे आपसे ये एक्सपेक्टेशंस नहीं थी" और इतना बोल वो गुस्से में फ़ोन कट कर देती hai...ye सब देख में उसके पास जाए...

में: मुझे लगा था तू सिर्फ मुझसे लड़ती रहती है, आज पता चला हर किसी के साथ तू ऐसे hi करती, लड़ाकू है एक नम्बर की.

प्रीति, जो इस वक्त गुस्से में थी: देख सनी अभी मेरा दिमाग मत ख़राब कर में आलरेडी भोत गुस्से में हु तेरा मुँह तोड़ दूंगी.

में: तो मेने क्या गलत कहा तुझसे और तू मुँह तोड़ देगी तो में कोई चुप नहीं रहने वाला हु, तू किसी का गुस्सा यहाँ मेरे पर मत निकल चुड़ैल कही की.



प्रीति: मेरा न इस वक्त बिलकुल मूड नहीं तेरे जैसे बेवकूफ इंसान के साथ बेहेस करने का.

और ये बोल वो गुस्से में टेरेस से निचे की और चली जाती है, जो सामने की तरफ स्टैर्स से आती हुई सीमा दीदी क रोकने पर भी नींद आने का बहाना कर के चली जाती है. और सीमा दीदी भी उसके इस रवैयी से आशर्य करते हुए मेरी तरफ आने लगती है....
 
प्रीति के इस तरह दीदी को नींद का बहाना कर सीडीओ से निचे उतरने के बाद दीदी उसके इस व्यव्हार पर आश्चर्य करते हुए ये सोच कर की इस लड़की को क्या हो गया.. वो मेरी तरफ चली आती है.



दीदी को आता देख में जो सत्ता फुक्ने के इरादे से टेरेस पर आया था, सिगरेट को वापस अपनी पॉकेट में दाल चुप चाप खड़ा हो जाता हु.

दीदी, पास आते hi: सनी प्रीति को क्या हुआ वो ऐसे इतने गुस्से में क्यों थी.

में: दीदी मुझे कैसे पता होगा अब, में जब यहाँ आया तब भी उसका यही रवैया था.

दीदी: सच बोल सनी तूने hi तो कुछ नहीं बोलै न फिर से उसे.

में: दीदी कसम से इस बार मेने कुछ नहीं कहा उसे, और आप इतना क्यों सोच रही हो होगा उसका कोई नया नाटक ः.

दीदी, सोचते हुए: हम्म्म ठीक है सनी पर अब तुम दोनों ये लड़ाई झगडे काम किया करो बच्चे नहीं रहे हो.

में: हाँ दीदी ठीक है अब आप भी माँ की तरह शुरू मत हो जाओ ः, वैसे आप इत्ती रत में यहाँ, सोइ नहीं अब तक.

दीदी: नहीं मुझे नींद नहीं आ रही थी सोची टेरेस पर घूम लू थोड़ी देर, तू भी तो नहीं सोया न अब तक.

में: हाँ दीदी मेरा भी कुछ ऐसा hi हाल है ः.

दीदी: हहै चलो ाचा है तू यहाँ है मुझे कंपनी मिल गई.

में: अरे दीदी आप मेरी सबसे प्यारी दीदी हो आपको तो साडी रत कंपनी दे सकता हु वैसे भी कितने टाइम बाद आज हमे ऐसे बात करने का मौका मिला है... हैं न

दीदी: हाँ सनी ये तो तू सही कह रहा है हहै... वैसे और बता स्टडीज किसी चल रही है तेरी.

में: दीदी अब आपको तो अचे से पता है मेरी स्टडीज का ः, बस एग्जाम टाइम ढंग से पढ़ लूंगा.

दीदी: हेहेहे तू इस मामले में कभी नहीं बदलने वाला, पहले से क्यों नहीं पढ़ के रखता है.

में: ओफ्फो दीदी अब इतनी अछि रात है और आप पढाई की बाटे ले मर बैठ गई.

दीदी: हहहहए तो क्या बात करनी है तुझे तू hi बता.

में: कुछ भी दीदी, इतने वक्त बाद मिले में बस आपसे बाटे करते रहना चाहता हु ः.

दीदी: हहै ाचा ये तो बता कॉलेज में गिर्ल्फ्रेंड तो बनाई या नहीं.

में: दीदी कर दी न फिर गलत बात अप्पने ः, मुझे इन सब लफड़ो में पड़ने की आदत नहीं और वैसे भी मुझे अब तक कोई ऐसी लड़की मिली नहीं जो मेरी गफ बन सके.

दीदी: ओह्ह्होऊ ाचा तो किसी लड़की ढूंढ रहा है मेरा भाई गफ बनाने के लिए.

में: सच कहा तो आप मरोगी मुझे ः.

दीदी: मरूंगी क्यों भला, तू बता तो सही.

में: मुझे ऐसी लड़की चाहिए जो स्वीट हो, प्यारी हो, खूबसूरत हो, टैलेंटेड हो और मुझसे ढेर सारा प्यार करे.

दीदी: हम्म्म्म ये तो मुश्किल है ये सब गन एक लड़की में होना तो हेहेहे.

में: क्यों मुश्किल है में ऐसी एक लड़की को अचे से जनता हु जिसमे ये सरे गन है.

दीदी: ाचा ऐसी कौन है वो लड़की.

में, दीदी के कंधो पर हाथ रख: ये सरे गन जिस एक लड़की में है वो लड़की है मेरी सीमा दीदी ः.

दीदी, मेरी बात सुन हाथ हटा मुझे मजाक में थप्पड़ मरने का इशारा कर: हहै भोत बोलने लगा है तू सनी, बेहेन हु में तेरी और मुझे गफ से कपड़े कर रहा है.

में: ः दीदी मेने कोई कपरिसों नहीं किया मेने बस सचाई कही की आपमें ये सब गन है और बचपन से में आपको देखते आया हु अब अपनी पार्टनर भी में आप जैसी hi एक्सपेक्ट करूँगा न.. आप हर तरह से परफेक्ट हैं.

दीदी: तू न भोत बोलने लग गया है सनी आजकल, बाटे बनाना अचे से सीख गया है हहै.

में: ः दीदी चलो मेरा कोई टैलेंट तो आपको दिखा.

दीदी: हेहेहे हाँ तुझमे ऐसे उलटे सीधे टैलेंट hi भरे पड़े है. खैर ये चोर आज वाकई कित्ता ाचा लगा न पूरा परिवार साथ था तो..

में: हाँ दीदी सच एंड आल थैंक्स तो ु आप आई इसलिए हुआ ऐसा, सच आपको भोत मिस करता हु में अब यहाँ.

दीदी: हहै में भी यही सोचा करती थी की बाकि सब तो ठीक पर मेरा प्यारा भाई मेरे बिना क्या कर रहा होगा और वह मुझे भी सबसे ज्यादा यद् तेरी hi आती थी.

में, दीदी को हुग करते हुए: ः दीदी सच में मुझे आपसे बेहतर कोई नहीं समझ पाया है आज तक.

दीदी, अलग होते हुए, चिढ़ाते हुए: हहै बस बस ठीक है अब ज्यादा गले मत पद मेरे .

में: हाहाहा वैसे दीदी जीजू कैसे है उनसे बात हुई आपकी और आपका ख्याल रखते है न अचे से.

दीदी, जीजू का नाम सुनते hi चेहरे की हसी कुछ गायब सी हो गयी जिसे मेने नोटिस किया और अब उनके फेस पर एक फेक स्माइल थी: जीजू भी एक दम मस्त है तेरे और आज तो मेरी बात नहीं हुई अब कल करुँगी उनसे बात. और मेरा भोत अचे से ख्याल रखते है मेरे भाई.

में, दीदी के बदलते फेसिअल एक्सप्रेशन मुझे अब डाउट में दाल चुके थे की कुछ बात है जो दीदी छिपा रही है: हम्म्म ाचा है दीदी में तो बस यही चाहूंगा की जीजू आपको हमेशा खुश रखे और जिस दिन उन्होंने आपको रुलाया मुझसे बुरा कोई नहीं होगा ः.

दीदी, मूड चेंज करते हुए: हेहेहे हाँ पता है मुझे और उन्हें भी की मेरा छोटा भाई मुझे कभी दुखी नहीं देख सकता हेहेहे.

में, माहौल चेंज करते hue:haaha हाँ और अब अगर वो दुखी करेंगे भी तो आप मेरे पास आजाना मुझे वैसे बी गफ चाहिए आपके जैसी hi हाहाहा.

दीदी, मेरे साइन पे मुक्के मरते हुए: हेहही बेशरम अपनी दी को गफ बनाने की बाटे क्र रहा पिट दूंगी अभी तुझे हेहेहे.

में: हाहाहा दीदी वैसे आप ऐसे hi खुश रहो हँसा करो भोत अछि लगती हो.

दीदी: तुझसे मिल कर में ऐसे hi खुश हो जाती हु सनी सब कुछ भूल क्र.

में, दीदी का ये बोलना "सब कुछ भूल कर" कुछ अजीब लगा और डाउट और बाद गया की कुछ बात तो है : ः ाचा है न और क्या सब कुछ भूल कर दीदी?

दीदी, बात सँभालते हुए: अरे ी मैं तुझसे मिल बाकि सब भूल जाती हु में दुनिया का हहै.

में: ः ok ok दीदी.

दीदी: ाचा चल अब में जा रही हु सोने मुझे नींद आ रही है गुड नाईट.

और ये बोल दीदी गुड नाईट किश कर निचे चली जाती है और यहाँ अब मेरे मन में एक विचार सा आया की क्या दीदी मुझसे कुछ छिपा रही है, ससुराल में और जीजू के साथ दीदी खुश तो है न. और फिर दिमाग झटक देता हु को सब सही hi होगा में खामखा इतना सोच रहा हु पर दीदी की बाटे मुझे अजीब भी लगी पता नहीं क्या हो रहा है मुझे.

और इस वक्त इस बात को ज्यादा तवज्जो न देते हुए में पॉकेट से सिगरेट निकल पर फुक्ने लगता हु और अपने रूम में जा कर सो जाता हु.

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दूसरी तरफ कामिनी भाभी और भैया अपने रूम में दोनों एक दूसरे से लिपटे बहो में बहे दाल लेते हुए थे जहा भैया ने इस वक्त भाभी के गाउन को निचे सरका रखा था और उनकी चुचिओ को मुँह में भर चूसने में व्यस्त थे.

वही दूसरी तरफ कामिनी भाभी के मन में सुबह से वही बात चल रही थी की बुआ और राहुल के बिच कुछ तो हुआ है पर पता कैसे करू.. आज शाम को भी बुआ ने राहुल की बात का सही से जवाब न दे और बाद में राहुल की चुप्पी ने भी मेरे इस डाउट को और पक्का कर दिया... और कुछ सोचते हुए..

कामिनी: मममम राहुल सुनिए न मुझे कुछ बात करनी है आपसे.

राहुल, चुकी चूसते हुए: मुआउआभ्ह्ह्ह डार्लिंग अभी मुझे चूचिया चूसने दो बात सुबह करेंगे.

कामिनी: हेहेहे िष्ठ्हहह ररहुल चूचिया यही है में कही ले कर नहीं भाग रही हु बस एक बात तो सुन लो.

राहुल, चुकी मुँह से निकल : ाचा बाबा बोलो क्या बात करनी है.

कामिनी, सोचते हुए: राहुल सच सच बताइये की जब आप बुआ के साथ ट्रिप पर गए तो वह कुछ हुआ था क्या..

राहुल, चूकते हुए की ये कहा से बात ले आई अचानक: ंन्न नहीं तो वह तो कुछ भी नहीं हुआ क्यों किसी ने कुछ कहा क्या.

कामिनी: नहीं किसी ने कुछ नहीं कहा, बस आप आने केबाद बदले बदले से लगे मुझे और कल रत मेरी चुदाई भी अलग तरीके से की, आज मेने देखा की बुआ और आप एक दूसरे से ठीक से बात नहीं कर रहे बस इसलिए.

राहुल, हिचकिचाते हुए और सोचते हुए :न्नन्न... नं.. अरे नहीं कामिनी ऐसा कुछ भी नहीं है और वह कुछ भी नहीं हुआ मेरे और बुआ के बिच में, रही बात तुम्हारी चुदाई की तो मेने कहा था न की इतने दिनों बाद तुमसे मिला तो जोश में हो गया बस.

कामिनी, मेने ये तो नहीं कहा था की आपके और बुआ के बिच कुछ हुआ है... अपने सामने से बोल मेरा डाउट और पक्का कर लिया राहुल: हेहेहे ाचा ठीक है हो सकता है मेरी गलत फेमि हो और आप इतने बदल गए न कल रत से तो बस इसलिए पूछ बैठी.

राहुल: हाहाहा कोई बात नहीं अब सरे सवाल हो गए हो तो में अपनी बीवी की चूचिया चूस लू इजाजत हो आपकी तो ः.

कामिनी, हो न हो बात कुछ तो है आप नहीं बता रहे में बुआ जी से पता करुँगी कोई बात नहीं राहुल, पर पता जरूर कर के रहूंग़ज की वह क्या हुआ था: हहहह कल इतनी बुरी चुदाई की तब तो पूछा नहीं अब क्यों पूछ रहे हो चूस लीजिये न आपकी बीवी हु जो मन में आये कर लो हहै.

और इसके बाद भैया और भाभी के बिच चुदाई का घमासान शुरू होता है जिसके उपरांत वो दोनों भी सो जाते है.

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सुबह सुबह फिर रोज की hi तरह घर के सभी मेंबर्स अपने अपने काम पर चले जाते है और घर में आज माँ के साथ दीदी भी मौजूद थी और प्रीति भी आज कॉलेज नहीं जाने का मूड बता कर छुट्टी ले चुकी थी.

रत को जिस तरह प्रीति का मूड दीदी ने देखा था तब से hi वो प्रीति से बात करने का मौका देख रही थी और चूँकि इस वक्त घर में प्रीति और माँ के अलावा और कोई नहीं था तो दीदी सीधा प्रीति के रूम में चली जाती है.

सीमा, दरवाजे पर रुक क्र: अंदर आजौ क्या प्रिंसेस.

प्रीति: कॉमन दी अब आपको कब से परमिशन की जरुरत पड़ने लगी, प्लस दो के न.

सीमा: हम्म्म क्या बात है आज कॉलेज नहीं गयी सब ठीक है न

प्रीति: हाँ डीई सब ठीक है बस आज मूड नहीं हुआ कॉलेज जाने का इसलिए बंक मर ली हहै.

सीमा: पक्का और कोई बात नहीं है न, और ख़बरदार जो मुझसे तूने कोई बात छिपाई हो तो.

प्रीति, थोड़ा सोच कर: एक्चुअली दीदी एक छोटी सी प्रॉब्लम है बस वही सोच कर परेशां हु.

सीमा: हाँ मुझे लग hi रहा था जब से तू कल रत टेरेस से गुस्से में निकली तभी से मुझे गड़बड़ लग रही थी, अब जल्दी बता क्या प्रॉब्लम है.

प्रीति: हहै दीदी सच एक आप हो को किसी के कुछ कहने स पहले समझ जाती हो बाकि सब अपने हल में मस्त है.

सीमा: ः चल अब अपनी प्रॉब्लम बता.

प्रीति: एक्चुअली दीदी अगले कुछ दिनों में मेरी कॉलेज में फैशन शो इवेंट है और इन दिनों उसके ऑडिशंस चल रहे है एंड आप तो जानती है न मुझे इन सब में कितना िनेरेस्ट है.

सीमा: हाँ तो बच्चा इसमें दिक्कत क्या है, तू इतनी गुड लुकिंग है, ग्रेसफुल है और मॉडलिंग का नॉलेज भी है विथ कम्पलीट टैलेन्सी, इतना सोच क्यों रही है ऑडिशन दे दे पक्का सेलेक्ट हो जाएगी.

प्रीति: मई बी आप सही हो दीदी बूत प्रॉब्लम ये नहीं है प्रॉब्लम दूसरी है.

सीमा: मतलब.,, दूसरी प्रॉब्लम कोनसी.

प्रीति: एक्चुअली दीदी ऑडिशन में जो जज का पैनल है उसमे मेरी कॉलेज के सीनियर्स है जो पिछले दो साल से विनर रह रहे है, और उनका कहना है की ऑडिशंस से पहले फोटोशूट करवाओ और हमे दिखाओ.

सीमा: हाँ तो फोटोशूट करवा ले इसमें दिक्कत क्या है.

प्रीति: नहीं दीदी वही तो दिक्कत है, एक्चुअली पुरे इवेंट की टीम में एक hi फोटोग्राफर है और वो भोत कमीना है, ठरकी किस्म का, एंड ी डोंट वांट तो दो आईटी विथ हिम, मेने एक बार सोचा भी और उसके पास गयी भी बूत भोत अज्जेब नजरो से देख रहा था और भाव भी भोत खता है और न hi उसमे बात करने की तमीज़ है. कल रत भी उसी का कॉल था की फोटोशहोत करवाना है तो ये करना पड़ेगा वो करना पड़ेगा दस तरह की शर्त, और उसी वजह से मुझे गुस्सा aaagaya.(yaha प्रीति ने दीदी से डिटेल में नहीं बताया की वो फोटोग्राफर क्या करने को बोल रहा है).

सीमा: हहहहए बस इतनी सी बात में तू इतना परेशां हो रही प्रीति.

प्रीति: डीई आपको ये इतनी से बात लग रही है, बिना फोटोशूट के मैं ऑडिशन में सेलेक्ट नहीं होने वाली हु ये जानते हुए भी.

सीमा: अरे तो उस लड़के को चोर तू किसी और के पास चली जा न शूट करवाने दिक्कत क्या है.

प्रीति: दीदी अब कॉलेज में इसके अलावा कोई और है hi नहीं और बहार के किसी फोटोग्राफर को में अछि तरह से जानती भी नहीं हु और न hi में कोई प्रोफेशनल मॉडल हु की कोई भी फोटोशूट के लिए मन जायेगा.

सीमा: अरे तो पगली बहार जाना hi क्यों है जब घर में प्रोफेशनल फोटोग्राफर है तो..

प्रीति: घर में??? घर में कौन है दीदी

सीमा: ओफ्फो तू भूल गई क्या सनी ने भी फोटोग्राफी का कोर्स किया हुआ है तू उससे इस बारे में बात क्यों नहीं करती.

प्रीति: में इस बारे में उस नालायक से बात करू? डीई आपको पता भी है आप क्या बोल रही हो, वो सीधे मुँह बात करने लायक नहीं और आप मुझे इस बारे में उससे बात करने को बोल रही हो.

सीमा: ोफ्फूऊ तुम दोनों कब बड़े होने वाले हो अब... और प्रीति गलत क्या खा मेने, जो भी है तेरा बड़ा भाई है और वो इस बारे में नॉलेज भी रखता है, लड़ाई को एक बार दरकिनार करके बात करके तो देख उससे.

प्रीति : पर दीदी वो मेरा hi मजाक उड़ाएगा फोटोशूट जा सुनते hi, मेरी कोई बात सीरियस ली है उसने जो अब लेगा.

सीमा: हाँ लेगा इस बार, उससे बस धीरे और प्यार से बात करनी पड़ेगी तुझे वो जरूर मदद करेगा.

प्रीति: हेहेहे आज तक बिना लाडे हमने बात नई की आप प्यार से करने को कह रही हो.

सीमा: अब तुझे अपना काम निकलवाना हो तो ये तो करना पड़ेगा मेरी प्रिंसेस, एक बार तू उससे बात तो कर फिर बी अगर सनी नहीं मानेगा तो मुझे बोलना में उससे कह दूंगी वो मेरी बात जरूर मानेगा.

प्रीति: okay डीई आप कहती हो तो में करती हु उससे बात पर उसने ज्यादा नाटक किये तो में बी चुप नहीं रहूंगी हहै.

सीमा: ः ठीक है, तुम दोनों का पता नहीं क्या होने वाला है.

प्रीति: हहै, थैंक ु सो मच दीदी में कोशिश करती हु उस नालायक से बात करने की.

सीमा: ः ठीक है चल में जाती हु थोड़ी देर आराम करती हु अब.

और ये बोल सीमा दीदी प्रीति के रूम से निकल अपने रूम में आजाती है और प्रीति भी ये सोच कर की बस किसी तरह सनी मन जाये तो मेरी साडी प्रॉब्लम सोल्वे हो जाये, सुकून की सास लेती है.

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जहा दोनों बहने आपस में बाटे करने में व्यस्त थी वही दूसरी तरफ माँ इस रूम में बैठे टीवी देख रही होती है की तभी उनके मोबाइल पर रिंग बजती है, मोबाइल पर नजर डालने से उन्हें पता चलता है की ये उसी अननोन कॉलर का कॉल है. कुछ देर सोचने के बाद बीएड से उठकर पहले रूम का दरवाजा बंद करने के उपरांत वो कॉल रिसीव करती है और इससे पहले की सामने से वो कुछ बोल पता माँ झल्ला पड़ती है...

महिमा: तुम्हे कितनी बार कहा है की मुझे फ़ोन करना बंद कर दो टंगे समझ क्यों नहीं आता है.

कॉलर, कलम टोन में : अरे महिमा जी बिलख क्यों रही हैं आप ऐसे और आपने रत को कॉल करने से मन किया था, मेने तो दिन में कॉल किया है इसी वजह से.

महिमा: मुझे वो सब नहीं पता और रत दिन किसी भी वक्त मुझे कॉल करना बंद करो अब, में कुछ कहती नहीं इसका मतलब ये नहीं की तुम अपनी करते चले जाओ.

कॉलर: ः क्या महिमा जी आप भी, मुझे मेरे मन की करने दी होती तो अब तक क्या कुछ नहीं कर दिया होता अब तक ऐसे फ़ोन पर आपकी दांत नहीं सुन रहा होता.

महिमा, गुस्सा दिखते हुए: उफ्फ्फ्फ़ तुम समझते क्या हो अपने आप को, इतना भी ओवरस्मार्ट मत बनो मेरे सामने और अब फ़ोन रक्खो.

कॉलर : में तो नहीं रखने वाला फ़ोन आप चाहो तो रख दो.

महिमा: मेरे रखने से या तुम्हे ब्लॉक करने से कहा कुछ होने वाला है पहले क्र के देख चुकी तुम कोई दूसरे नम्बर से फ़ोन करने लगोगे.

कॉलर: हाहाहा महिमा जी अब क्या करें आपके लिए हम पागल hi इतने हो चुके है अब.

महिमा: पर तुम ये क्यों नहीं समझते हो की में शादी शुदा हु घर परिवार है मेरा..

कॉलर, बिच में हो टोकते हुए: हाँ हाँ सब पता है मुझे और आपके काज मुताबिक रत क वक्त घर क सभी सदस्य घर ने होते है इसलिए मेने दिन में बात करना चाहा आज, और में ये भी जनता हु की कल hi आपकी बड़ी बेटी ससुराल से लौटी है और उस वक्त घर में आप दोनों के अलावा कोई नहीं होगा.

महिमा, अपने घर की साडी जानकारिया सही सही सुनते hi चूकते हुए: एक मिनट तुम्हे कैसे पता की मेरी बेटी अपने ससुराल से आई हुई है.

कॉलर: ः महिमा जी मेने आपसे कहा था न हम ऐसे hi आपके चाहने वाले नहीं , आपके घर की साडी खबर रखते hai.mujhe तो ये भी पता है की कल आपका पूरा परिवार एक साथ इकठ्ठा हुआ था, क्यों सही कहा न ः.

महिमा, बुरी तरह से चौकते हुए और सोचते हुए की आखिर ये इंसान ह कोण: क्याआ, तुम्हे ये भी पता है... तुम आखिर हो कौन सच सच बताओ मुझे इसी वक्त.

कॉलर: मेने तो आपको कितनी दफा कहा है की आपका कोई करीबी hi हु जो बस उपजा प्यार पाने के लिए तरस रहा है और आपको और आपकी जवानी को पाने की आस लगाए बैठा है ः.

महिमा, गुस्से में: जस्ट शट उप, बकवास बाब्ड करो अपनी और अब मुझे सच सच बताओ तुम कोण हो.

कॉलर: ः अब जब आप मेरी कोई वैट का जवाब नहीं दे रही तो में आपकी बात का जवाब क्यों दू.

महिमा, झल्लाते हुए: उफ्फ्फ्फ़ क्या सवालगसी तम्हारे और क्या जानना चाहते हो.

कॉलर: इस वक्त तो में आपके उस हसीं जिस्म जा फिगर जानना चाहता हु और ये जानना चाहता हु की आज अपने अपनी चूचिया और छूट किस रंग की ब्रा और पंतय से ढकी हुई है ः.

महिमा, इस तरह क सवाल को सुनते hi गुस्से में: शर्म नहीं आती किसी औरत से इस तरह के सवाल करते हुए, मेने कितनी बार कहा ह की मुझसे ऐसी बकवास बाटे न किया करो.

कॉलर: ः महीना जी इसमें बकवास क्या मेने तो आपके बारे ने कुछ हकीकत जानने क लिए सवाल किये है और अब आपको मुझसे जवाब किए तो इसका जवाब तो देना hi पड़ेगा न.

महिमा: अच्छा, अगर ऐसा hi है तो तुम hi कहते हो न भोत करीबी हो तो तुमने मुझे देखा भी हुआ होगा फिर खुद hi अनुमान लगा लो मेरे फिगर का, पूछ क्यों रहे हो.

कॉलर: अरे महिमा जी आपको जब जब देखता हु मेरी बोलती बंद हो जाती है और खो सा जाता हु आपमें और रही बात अनुमान की तो आपको देख्ग्ते हुए फिगर क्या मेने तो आपको मेरे साथ हमबिस्तर भी अनुमानित कर लिया है हाहाहा.

महिमा: तुमसे तो बात करना hi बेकार है और जब इतना अनुमान कर hi लिया है तो में कैच नहीं वता रही और अब ऐसी बाटे कर समय वर्बाद न करो मेरा.

कॉलर: हईये कितनी तीखी मिर्ची हो आप तो ः, ाचा ठीक है इतना तो बता दो ब्रा पंतय किस रंग की पहनी है.

महिमा, ये सोच क्र की ये पीछा नहीं चीरेगा और झल्लाते हुए : ब्लैक कलर की पहनी है अब तो खुश न जान कर, और मुजगे अब ये बताओ की कोण हो तुम.

कॉलर: ओह्ह्ह्ह गोर गोर जिस्म पर जले रंग की ब्रा और पंतय, कसम से केहर ध रही होगी आप तो. और रही बात मेरी पहचान की तो इतना hi बता सकता हु की में आपका और आपके परिवार का भोत hi करीबी हु, जो जब चाहे तब आपके घर की खबर पता कर सकता हु ः.

महिमा: उफ्फ्फ्फ़ ऐसे पहेलियाँ न बुझाओ और साफ साफ बताओ कोण हो तुम समझे.

कॉलर: ः इतनी भी क्या जल्दी महिमा जी, अपने भी तो सिर्फ रंग बताया कोनसा ब्रा पंतय में अपना जिस्म दिखाया है, सो अब बाकि की पहेली आप स्वयं से सुलझाओ जब तक ने दोबारा कॉल न करू, फिलहाल क लिए अब में फ़ोन रखता हु ः, bye महिमा जी.

और इससे पहले की माँ कुछ बोल पति कॉल डिसकनेक्ट हो जाता है और कॉल काट ते hi माँ के मन में अब एक साथ कई सरे सवाल उठ पड़ते है की आखिर ये इंसान है कोण जो मुझे और मेरे परिवार को इतने अचे से जनता है, खुद को करीबी रिश्तेदार बताने वाला ये शख्स जिसे ये तक भी पता है की सीमा अपने ससुराल से आई हुई है, जबकि ये बात तो घर क्र सदस्यों, अंजलि, अजित भैया और सीमा के पति और उसके ससुराल वालो के अलावा शायद hi किसी और को पता होगी.

तो कहीं ये कॉलर इन्ही सदस्यों में से तो कोई एक नहीं है, परन्तु ये सब में मुझे ऐसा कोई नहीं लगता जो अपने hi परिवार की सदस्य के बारे में यानि मेरे बारे में ," जो रिश्ते में किसी की माँ है तो किसी की भाभी तो किसी की सास तो किसी की संधान", ऐसा घटिया सोचेगा और मुझसे इतनी बेशर्मी से बात karega.Kon हो सकता है ये शख्स जो बेशर्मी की साडी चढ़े पर करने पर भी नहीं सोचता और मेरे से इस तरह खुल कर बाटे करता है और मुझे पाने के लिए इतना बावला हुआ जा रहा hai...uffff मेरा तो दिमाग hi फटा जा रहा है पता नहीं कोण है ये......
 
भाई अब माँ बेटे का ऐसे hi सब हो जाये तो कहानी को इतने आगे लेन का मतलब hi क्या और सिर्फ वही चुदाई करनी हो तो एक अपडेट नहीं लग्न उसके लिए पर वैसे न hi पढ़ने में किसी को मजा आएगा और न hi मुझे लिखने में. अब तक जो दर्शाया गया है सब कुछ कहानी आगे बढ़ने क लिए जरुरी है जिसका परिणाम अगले कुछ उपदटेस में साफ दिखाई देगा दोस्त....

बस ऐसे hi साथ बनाये रखो भाई, और आपके सुग्गेस्टिव hi मुझे आगे लिखने के लिए मोटीवेट करते हैं :)
 
कॉलेज ख़तम होने पर में अपनी बाइक लिए घर को निकल hi रहा था की मेरी नज़र कॉलेज गेट पर कड़ी प्राची मां पर पड़ती है जो मनो मेरा hi इंतज़ार कर रही थी. बाइक ले उनके पास पंहुचा hi था की...

Ma'am : सनी मुझे घर ड्राप कर डोज क्या

में: अरे अब अपनी गफ को ड्राप नहीं करूँगा तो किसे करूँगा भला ः.

Ma'am : हेही हाँ ये बात भी सही है तुम्हारी.

और इतना कहने में बाद में ma'am को लिए उनके घर की तरफ निकल जाता हु. घर के बहार पहुंचते hi बाइक से उतर कर ma'am मुझे घाट के अंदर आने को बोलती है और में भी उनकी बात मन उनके साथ घर में चला जाता हु. आज मन में ये विचार भी था की उस दिन अधूरा छूटा काम आज किसी तरह पूरा कर hi देता हु ः.

घर के अंदर प्रवेश करने के बाद ma'am मैं दूर अंदर से बंद hi करती है की में उन्हें खींच कर अपनी बहो में भर लेता हु और अपने होठ मां के होठो पर ताख देता हु. ऐसा लगा की मनो ma'am भी आज इसके लिए तैयार hi थी और उन्होंने भी अपने होठो से अपना समर्थन देते हुए मुझे इस चुम्बन में बराबर का साथ देना शुरू कर दिया.

होठो को चूमते हुए hi मेने ma'am की साड़ी का पल्लू निचे सरका उनकी चूचिया दबनी शुरू काट दी थी जिसका असर ये हुआ की मां की साँसे अब भरी होने लगी थी और किश करते हुए इस बात को में अचे से महसूस कर प् रहा था परसंतु कोई भी रुकने को तैयार नहीं था.

अब मेने किश तोड़ते हुए अपना मुँह ma'am की गर्दन और छाती पर रख कहा चूमते हुए उनकी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया था... अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह मममम सुननयीयीय िष्ठ्हह की आवाज के साथ ma'am भी ममेरे सर पकडे सहलाते हुए अपना साथ दे रही थी. और मेरे इस तरह उनके जिस्म को चूमने और चूचिया मसलने से गरमाने लग चुकी थी.

अपना अगला वॉर करते हुए मेने ma'am के ब्लाउज के हुक खोल दिए और तभी एक हाथ से कमर में बंधी साड़ी अलग कर पेटीकोट की डोरी भी खोलदी, और मेरा ऐसा करते hi मां ने पेटीकोट अपने हाथो में पकड़ लिया जिसे देख मेटि नजरे उनसे मिलती है मनो ये सवाल कर रही हो की अब क्यों नहीं...

Ma'am, मेरी बात समझते हुए: नहीं सनी में अभी और आगे के लिए तैयार नहीं हु प्लस ऐसे hi प्यार करो मुझे इस वक्त.

में, ma'am की पेटीकोट के उप्पेर से hi छूट को हाथ में भींचते हुए: ममम ma'am पर में आपकी जवानी, आपकी सुंदरता को आज नग्न रूप में देखना चाहता हु एक बार, बस मुझे आपको नंगा देखना है आपकी ये हसीं खूबसूरत जिस्म की गर्मी और जवानी को अचे से महसूस करने है, ी प्रॉमिस इसके आगे में कुछ नहीं करूँगा.

Ma'am छूट पर मेरर हाथ लगने से और गर्माते हुए ना मुझे हाँ कहती है और न hi रोकती है और अपनी नजते झुकाये चुप चाप कड़ी रह जाती है जिसे में उनकी हाँ समझते हुए उनके जिस्म से एक एक करके सरे कपडे निकल कर अलग कर देता हु.

अपनी नजरे नीची किये मुँह को निचे की तरफ किये हुए मेरे सामने अब मां पूरी तरह से नंगी कड़ी होती है और शर्म से लाल होये जा रही होती है, पर ma'am का वो नांवा हसीं जिस्म देख अब मुझसे रहा नहीं जाता है और में मां के पास जाते हुए..

में: अह्ह्ह ma'am वाकई आपकी खूबसूरती का कोई जवाब नहीं, जितना सुंदर आप कपड़ो में दिखती हो बिना कपड़ो के तो उससे दस गुना मस्त माल लगती हो ः, क्या गोरी मुलायम चूचिया है आपकी और ये चिकनी छूट (हाथ लगते हुए), सच कहु तो ma'am मेरा मन तो इसे अभी इसी वक्त चूसने का काट रहा है मममम और ये बोल में अपनी उंगलिओ से ma'am की छूट रगड़ने लग जाता हु.

Ma'am : अह्ह्ह्हह सुन्न्नी ये क्या कर रहेहो तुमने मन किया था आगे कुछ करने से...

में, मां को वही सोफे पर धकेल उनकी टैंगो के बिच आकर कमर को कस के पकड़ते हुए: हाँ ma'am पपर मुझसे नहीं रहा जा रहा आउट में अपनी गफ की छूट जो इतनी मस्त इसे देखने के बाद अब बिना चूसे नहीं रह सकता हु मुउउउउआअह और ये बोल में अपना मुँह ma'am की छूट पर लगा देता हु.

Ma'am, छूट पर मेरी जीभ का स्पर्श और मेटरर चूसने से पपुरी तरह गर्माती हुई: अह्ह्ह्हह ममममम ओह्ह्ह्हह्ह ससुन्न्नीयीय मत करो नाआ ईशःठ हैररर उफ्फ्फफ्फ्फ़ रुक जावूओ प्लस्स्सस्स्स्सस्स्डस.

पर में अब ma'am की कोई बात न सुनते हुए अपनी जीभ ma'am की छूट में दाल उंगलिओ से छूट के डेन को रगड़ते हुए चूसने लगता हु जिससे ma'am भी अब अपने आप पर अपना काबू खो देती है और इस पल को एन्जॉय करते हुए अह्ह्ह्ह इसशहहहह ममममम सुननयीय और अचे से चुसो अब अह्ह्ह्ह रुकना मत अह्ह्ह्ह मंन खा जाओ मेरी छूट को िष्ठ मममम ओह्ह्ह्ह हईये करने लगी थी.

जब मुझे ये लगा की अब ma'am पूरी तरह मेरे वश में है और तभी में छूट चेतना रोक देता हु और पीछे हैट जाता हु..

Ma'am, तड़पती हुई आवाज में अपने हाथो से छूट मसलती हुई : अह्ह्ह सनी अब रुक क्यों गगये छतो न इसे प्लस ऐसे मत चोरो अह्ह्ह जब रुकने का कहा था तब रुके नहीं अब क्यों रुके जब में खुद नहीं चाहती हु मममम प्लस करो नाआ सनी.

में, हाँ ma'am पर ऐसे आप मजे ले रही है थोड़ा मजा मुझे भी दे दो मेरे इस लुंड को चूस कर, और ये कहते हुए में अपना लुंड पंत से निकल मां के सामने कर देता हु जिसे देख मां की आंखे बड़ी हो जाती है की सनी इत्ता बड़ा लुंड उफ्फ्फफ्फ्फ़ वाकई भोत बड़ा है अह्ह्ह्ह पता नहीं जब इसे लेने का मौका आएगा तब ये क्या हल करेगा और ये बोल ma'am लुंड को अपने मुँह में ले चूसना शुरू मत देती है.

कुछ देर की चूसै के बाद लुंड निकल कर ma'am दोबारा अपनी जलती हुई छूट को ठंडा करने के लिए चूसने को कहती है और इस बात पैट में उन्हें पीछे मुद कर कुटिया बनने को कहता हु और जैसे hi वो इस पोज़ में आती है अपने लुंड के टोपे को उनकी गीली छूट पर रख रगड़ने लगता हु.

छूट क्र डेन पर लुंड के टोपे की रगड़ से ma'am बुरी तरह सिहर उठती है और अपने जसम को अकड़ते हुए,, ओह्ह्ह सनी ये क्या कर रहे हो प्लस हटाओ इसे वह से अभी में इस बात के लिए तैयार नहीं हु प्प्लस मत करो सनी.

में: मां बस उप्पेर से रगड़ रहा हु अंदर कहा डाला है अभी... ौर्ये बोल लुंड को और तेजी से छूट क होठो के बिच अचे से रगड़ने लगता हु और साथ hi मां की चूचिया पकड़ मरोड़ने लगता हु.

Ma'am, अब मनो अपने अप्प पर काबू खो सी चुकी थी: अह्ह्ह्ह सुन्न्नीयी ममममम भोत ाचा लग रहा है िष्ठ्हह ममममम आज कितने दिनों बाद ऐसा मजा मिला है मुझे ममम ी लव ु सो मुछ्छःह सुनयीय आह्हः एसससस.

और ma'am इस तरह बोल hi रही होती है की मौका देख में अप्पन लुंड ma'am की छूट में पेल देता हु और उनकी कमर पकडे लुंड छूट मर अंदर बहार करना शुरू कर देता हु.

अचानक छूट में हुए लुंड के इस हमले से ma'am की एक जोर से अह्हह्ह्ह्ह िष्ठ्हहह ममम ओह्ह्ह्ह सनी ये क्या किया तुमने, मन करते हुए अंदर दाल दिया िष्ठ्हहह मममम ओह्ह्ह्ह निकालो इसे प्प्लसससससस..

Ma'am एक तरफ मुँह से तो निकलने की बाटे कर रही थी लेकिन वही उनका शरीर लुंड के हर धक्के का साथ देते हुए आगे पीछे हो रहा था...

में, आगे झुक उनकी पीठ और गर्दन को चूमते हुए और आगे हाथ दाल चुकी मसलते हुए : अह्ह्ह्ह ma'am आप कब तक रोके रहोगी ऐसे खुद को.. ापक शरीर आपकी एक भी बात का साथ न देते हुए मेरे लुंड के धक्को का दस्त दे मजे लूट रहा है, आप भी अब सब कुछ सोचना विचारणा चोर अपने इस नए यार के लुंड का मजा लो मुउउउउआआआह्ह्ह्ह.

Ma'am : अह्हह्ह्ह्ह ुसुन्न्नीय ममम अह्ह्ह्ह भोत शैतान और स्मार्ट हो तुम ईशःठ न नकारते हुए भी अप्पन लुंड पेल दिया मेरी छूट में ईशःठ उफ्फ्फफ्फ्फ़.

में, धक्को की गति बढ़ाते हुए: क्या करू ma'am जब से आपको पहली बार देखा तब से hi आपकी छूट का रास्ता ढूंढ़ने में लग गया था और जब अब रास्ता मिल गया तो रुकता कैसे अह्ह्ह्ह.

Ma'am : अह्ह्ह्ह हयेएष्ठ मेरी hi गलती है जो तुम्हे अपने घर में आने दिय अह्ह्ह पहली बात आये तो मेरे शरीर में आग लगा के चले गए फिर आज दूसरी बार आये हो तो मुझे न्नंगा कर्म छोड़ भी रहे हो िष्ठ्हह ममम मम्मी अह्ह्ह्हह उफ्फफ्फ्फ़.

में: अब जब गफ घर में अकेली हो और बर्फ को घर बुलाये तो जाहिर सी बात है मां की चुदाई तो होनी hi है हाहाहा.

Ma'am : हेहेहे ईशःठ उफ्फ्फ्फ़ अब अचे से छोड़ दो मुझर सनी आज अह्ह्ह्ह भोत मोटा लुंड है छूट में भोत कसाव पैदा कर रहा है मममम अह्ह्ह हैरी मममम उफ्फ्फ्फ़.

और ma'am की ये बात सुनने के बाद अब में अपने धक्के और तेज करते हुए पुरे जोश में उनकी चुदाई करने लग पड़ता हु और ऐसे hi दुमदार चुदाई से मां अपनी छूट के रास का पानी बहा देती है और में लुंड छूट से बहार निकल अपना माल उनकी चुचिओ पर गिरा देता हु.

में, पानी चोर्ने के बाद: अह्ह्ह मां अब आप सही रूप में मेरी गफ बानी हो उम्म्माह सच भोत मस्त माल हो आप ः.

Ma'am :हहै िष्ठ्हह सनी और तुम भी भोत अचे से चुदाई करते हो मममम इतनी मजेदार चुदाई मेरी आज तक मेरे पति से भी नहीं की हहै, ी लव ु सो मच...

में: ः ma'am लव ु ताऊ उम्म्माह चलो अब में चलता हु वैसे hi लेट हो गया है घर पर सब सवाल करेंगे और हाँ आता रहूँगा अप्पनइ गफ की छूट मरने और भोत hi जल्दी आपकी ये कासी हुई गांड भी तो फडनी है ः.

Ma'am : हहै धत्त्त बेशरम कही के, गांड के बारे में सोचना भी मत वो कभी नहीं दूंगी.

में: ः वो तो वक्त बताएगा मेरी प्यारी मां अभी में चलता हु bye.

और ये बोल में सीधा अपने घर की तरफ निकल पड़ता हु.

जब में घर पहुँचता हु तो इस वक्त बुआ जो आज ऑफिस से जल्दी घर लौट आई थी, माँ औरर दीदी तीनो hi हॉल में बैठे गप्पे मर रहे थे. चूँकि कामिनी भाभी आलरेडी घर पर पाउच चुकी थी और अपने रूम में आराम करने जा चुकी थी इससे ये तो सब को पता चल hi गया था की आज में लेट पंहुचा हु और मेरे घर में घुसते hi..

में, तीनो लेडीज को गप्पे मरते देख: अरे वाह क्या बाटे हो रही आज आप तीनो में ः.

और बुआ आज आप भी जल्दी आ गई ऑफिस से.

बुआ: हाँ सनी आज कुछ खास काम नहीं था तो सोचा सीमा के साथ वक्त बिता लू.

माँ, मेरी और देख खिचाई करते हुए: बुआ की पचायत करने वाले पहले ये बता की तू इतना लेट कैसे आ रहा है आज, कामिनी तो कब की आ गई है, तेरी कोई अलग कॉलेज चलती है क्या.

में: ः नहीं माँ वो बस एक फ्रेंड को घर ड्राप करने गया था उसमे देरी हो गई.

बुआ, सवाल करते हुए: भाभी इससे ये भी पूछ लो की फ्रेंड hi थी या गिर्ल्फ्रेंड थी जिसे ड्राप करने गया था.

इस बात पर वह बैठी दीदी भी हसने लग पड़ती है जिन्हे देख..

में: क्या दीदी आप भी है रही हो ये नहीं की इन दोनों से मुझे बचाओ.

माँ: दीदी के बच्चे अब जो बुआ ने पूछा उसका जवाब दे फ्रेंड था या गिर्ल्फ्रेंड थी.

में: क्या माँ आप भी न फ्रेंड hi था, और अगर गर्लफ्रेंड होती भी तो क्या दिक्कत है, कोई गुनाह तो है नहीं गफ होना.

बुआ: देख लो भाभी जब आपके सामने ये ऐसे बोल सकता तो कल को एक लड़की ले कर बी आजयेगा और कह देगा की ये इस घर की छोटी बहु है.

माँ: दीदी ऐसा कुछ किया अगर इसने तो इसको और उस लड़की दोनों की टंगे न तोड़ दूंगी में हहै.

दीदी: हेहेहे बुआ, मम्मी क्या आप भी बेचारे की आते hi क्लास लेने लग गए और वैसे बी में मेरे भाई को जानती हु वो ऐसा कुछ नहीं करने वाला है, क्यों सनी.

में, थोड़ा मस्ती के मूड से : हाँ दीदी आप कह तो सही रही हो पर बुआ का भी ये आईडिया बुआ नहीं है, ऐसे अपनी पसंद की लड़की लेन में प्रॉब्लम भी कुछ नहीं है.

माँ: नालायक भोत पिटेगा अभी बकवास की तो समझा.

में: ः माँ क्यों क्या बुराई है इसमें भला, जिंदगी तो मुझे बितानी उसके साथ तो में अपनी चॉइस से hi ले आता हु न लड़की... और वैसे जब बात चेदि hi है तो में आप तीनो को बता देना चाहता हु की मेरी वाकई में गर्लफ्रेंड है.

बुआ: लो भाभी सुन लो अब ये क्या बोल रहा है, यही सुन्ना बाकि रह गया था.

माँ: तुज्झे पता है न तू क्या बोल रहा है सनी, तेरी गर्लफ्रेंड भी है???

दीदी: सनी तूने मुझसे बी ये बात छिपाई.

में: हाँ दीदी और एक नहीं तीन तीन गिर्ल्फ्रेंड है जिनसे में भोत प्यार करता हु.

माँ, बुआ आउट दीदी तीनो एक साथ: क्या तीन तीन गिर्ल्फ्रेंड्स

बुआ: आज तेरी खैर नहीं सनी सच बता रही हु में, भाभी देख लो अप्पके लाड का hi नतीजा है.

दीदी: बुआ एक मिनट, पहले मुझे सनी तू ये बता की तूने मुझसे ये बात कैसे औरर क्यों छिपाई और एक साथ तीन तीन लड़कीओ के साथ कैसे प्यार कर सकता है तू.

में: दीदी में क्या करू वो तीनो है hi इतनी प्यारी की में किसी एक को नहीं चूसे क्र सकता.

माँ: सीमा तू भी क्या इसकी बातो में आ रही है, रुक आज इसकी अकाल ठिकाने लती हु में और सारा प्यार निकलती हु.

दीदी: अरे माँ पहले एक मिनट रुको मुझे बात तो करने दो, सनी मुझे उन तीनो की पिछ दिखा पहले, कही तू कोई मजाक तो नहीं कर रहा.

में: अरे दीदी पिछ क्या में तो साक्षात् तीनो के दर्शन करवा देता हु यही पास में तो रहती है.

बुआ: हाय राम मतलब इसको जरा भी शर्म नहीं आ रही कैसे बेशरम बन मिलवाने की बाटे क्र रहा है.

दीदी: क्या मतलब है तेरा, मिलवाएगा कैसे और कहा रहती है ये तीनो और कोण है ये मुझे अब जल्दी से बता बस.

में, दीदी के पास जा कर बैठते हुए: हहह दीदी सब्र करो अचे से बताता हु न में अब, बैठने तो दो पहले.

दीदी: बैठ गया न अब जल्दी से बोल फटाफट.

में: ः दीदी okay बता रहा हु न... "तो सुनो मेरी पहली गर्लफ्रेंड जो है वो न भोत स्वीट, सुन्दर और सुलझी हुई है और प्यारी तो इतनी की बस एक बार देख लो तो मनो देखते रह जाओ.




दूसरी जो है वो न थोड़ी गुस्से वाली और स्ट्रिक्ट है, उप्पेर से जितनी कड़क दिखाई पड़ती है मुझे लगता है अंदर से उतने hi सॉफ्ट हार्ट की है पर में उससे बी भोत प्यार करता हु.



और तीसरी जो है न वो तो मनो पहली दोनों का कॉम्बिनेशन है, भोत प्यारी, सबसे स्वीट, साथ hi ात टाइम्स गुस्से वाली स्ट्रिक्ट और में इससे भी भोत प्यार करता हु. "

मेरी बात सुन तीनो hi मुझे ऐसे घर रहे थे जैसे मनो कच्चा चबा जायेंगे अभी थोड़ी देर में hi..

बुआ: लो अब यही सुन्ना बाकि रह गया था भाभी इससे, कैसे आराम से लड़कीओ के गन बता रहा है.

माँ: हाँ वही तो दीदी, इसको शर्म भी नहीं आ रही है एक साथ तीन तीन लड़कीओ के बारे में प्यार करने की बाटे कह रहा है.

दीदी: माँ बुआ एक मिनट रुको तो, सनी मेने उनकी क्वालिटीज़ या अच्छे नहीं पूछी थी मुझे उनके नाम और पिछ देखने है बस.

में: हाहाहा दीदी ठीक है वो भी दिखा देता हु रुको. और उठते हुए तीनो लेडीज के सामने खड़े हो कर..

में: हाहाहा दीदी ठीक है वो भी दिखा देता हु रुको. और उठते हुए तीनो लेडीज के सामने खड़े हो कर..

"देखो दीदी जो पहली गिर्ल्फ्रेंड है मेरी वो है मरस महिमा खन्ना (माँ), जो दूसरी गर्लफ्रेंड है वो है मिस रागिनी khanna(bua), और जो तीसरी गर्लफ्रेंड है वो है मरस Seema(didi). और दीदी इनकी पिक्स देखनी है तो दो आपके सामने है और तीसरी आप खुद को तो अचे से देख लीजिये"


और ये बोल में चुप हो क्र तीनो की और बरी बरी से देखने लगता हु और दीदी, बुआ और माँ तीनो hi चुप चाप मुझे ऐसे खड़े इस तरह घर रही होती है जैसे की अब मेरी खैर नहीं...
 
अपडेट-25

दीदी, बुआ और माँ तीनो को अपनी गर्लफ्रेंड कहने के बाद में चुप चाप खड़ा तीनो को ही एक दूसरे की आँखों में देखते देख रहा होता हु की तभी माँ गुस्से में...

माँ: बेशरम इतना शैतान हो गया है तू अब की अपनी माँ, बहेनो को गर्लफ्रेंड बोल रहा है.

में: तो इसमें मेरी क्या गलती ह माँ, मुझसे तो दीदी ने पूछा और मेने बता दिया.

बुआ: चुप कर जा सनी भोत हुआ, तू बदमाश ह ये तो जानती थी पर ऐसी बाटे करेगा ये नहीं सोचा था.

दीदी, माँ और बुआ को बिगड़ते हुए देख जो अब तक मेरा मजाक समझ चुकी थी : हहै माँ बुआ शांत हो जाओ आप दोनों, सनी सिर्फ मजाक कर रहा है.

और जैसे hi दीदी ये बोलती हैं में जोर से है देता हु हाहाहा, क्या दीदी थोड़ी देर और रूकती न इतनी जल्दी क्यों बोल गयी आप भी न.

माँ: मजाक के बच्चे, पिट जायेगा किसी दिन तू मेरे हाथो ऐसे hi बकवास करता रहा तो.

दीदी: हहै माँ कॉमन अब चोरो भी, इसने कल भी मुझसे इसी गफ वाली बात को ले कर मजाक किया था इतना गुस्सा होने वाली कोई बात नहीं है.

में: ः क्या दीदी आपने मजा बिगड़ दिया, देखा नहीं अपने माँ और बुआ के चेहरे कैसे हो गए थे.

बुआ: व्हाटएवर आईटी इस सीमा पर ऐसे भी कोई मजाक करता है क्या, अपनी माँ दीदी और बुआ को कोण गर्लफ्रेंड बोलता है भला.

में: ओह क्या बुआ आप भी इतनी मॉडर्न हो कर और बिज़नेस वुमन होकर ऐसे सोच रही हो, आजकल माँ और बहेनो क साथ ऐसे मजाक करना कोई बड़ी बात नहीं है.

बुआ: बाकिओ के लिए नहीं होगी पर मुझे ऐसा मजाक पसंद नहीं है समझा.

दीदी: अरे बुआ चिल करो अब हहै, इतना रियेक्ट करने वाली बात नहीं, सनी सही बोल रहा आज कलेसि बाटे होना नार्मल है.

माँ: पर सीमा तूने सुना न कैसे ये बोल रहा की में तीनो से प्यार करता हु एंड वो तीनो भी मुझसे भोत प्यार करती है .

में: हाहाहा तो माँ इसमें गलत क्या कहा में आप तीनो से सच में प्यार करता हु, और रियल में भी आप और दीदी इतनी प्यारी और स्वीट हो hi और बुआ भी उप्पेर से स्ट्रिक्ट और गुस्से वाली लगती है पर जैसा मेने कहा अंडे से स्वीट hi हैं... और अब आप बताओ क्या आप तीनो भी मुझसे प्यार नहीं करती हैं क्या..

दीदी: हम्म्म वैसे सनी की बात तो सही है, करती हु में तो सनी से प्यार हहै.

में: माँ एंड बुआ आप दोनों बोलो क्या आप मुझसे प्यार नहीं करती.

माँ, मूड लाइट करते हुए: मेने कब कहा की में तुझसे प्यार नहीं करती, पर वो माँ वाला प्यार होता है गफ वाला नहीं.

बुआ: हाँ एक्साक्ट्ली हम तुझे अपना बीटा समझ क्र प्यार करते हैं कोई बॉयफ्रेंड या लवर समझ कर नहीं.

में: वो सब मुझे नहीं पता, मेने ये कहा था की में तीनो से और तीनो hi मुझसे प्यार करती हैं, कैसे और किस तरीके ये नहीं बोलै था हाहाहाहा.

बुआ: देखा भाभी कैसे अब अपनी बात पलट रहा है, कब सुधरेगा ये लड़का पता नहीं.

माँ: पता नहीं क्या करने वाला है ये लड़का, सीमा तू hi कुछ समझा न अब इसे.

दीदी: हहै माँ कॉमन अब इसमें क्या समझौ, वो बस मस्ती कर रहा था क्यों इतना सोच रही हो.

बुआ: तुम्हारी बात सही है सीमा, चलो मजाक समझ कर चोर भी दें पर बचपन से आज तक इसकी शैतानिया काम hi नहीं हुई है.

में: क्या बुआ आप हर बार यही बात कहती है की में हमेशा से मस्तीखोर और शैतान रहा हु, आप तो वैसे hi इतनी स्ट्रिक्ट रहती हो मुझे नहीं यद् की मेने आपके साथ कोई ऐसी शैतानी की हो.

मेरी ये बात सुन माँ को अचानक से हसी आ जाती हो और हस्ते हुए...

माँ: हेहेहे सनी तू कह रहा की तूने अपनी बुआ को तंग नहीं किया, अरे तुम चारो भाई बहेनो में रागिनी दीदी को सबसे ज्यादा तंग किया है तो वो तूने hi किया है.

दीदी: क्यों माँ ऐसी क्या हरकते करता था सनी बुआ के साथ, मुझे बी बताओ न, अपने पहले कभी नहीं बताई.

में: हाँ दीदी आज तो मुझे भी जानना है की मेने ऐसी क्या हरकते की जो मुझ पर ये इल्जाम लगाए जा रहे हैं ः.

बुआ: क्या भाभी आप भी पुराणी बाटे लिए बैठ गई अब चोरो भी.

दीदी: नहीं बुआ प्लस अब तो मुझे और सनी को जननी hi है, माँ बताओ न.

माँ: हहै ाचा बताती हु, तू जानती है सीमा जब सनी छोटा था तो बुआ के पास चोर कर में भोत सी बार बहार के काम करने भी चली जाया करती थी.

बुआ, मेरी और देख: हाँ और तब ये साहबजादे मुझे इतना तंग करते थे पूछो hi मत.

माँ: एक बार तो पता है क्या हुआ, सनी तब छोटा था, तो में उसे चोर पास में hi कुछ काम से गयी हुई थी तो ये बुआ की गोदी में जा कर सो गया और जिद्द्द करने लगा की मुझे दूध पीना है हेहेहे.

दीदी: हेहेहे व्हाटट, फिर फिर बुआ आपने क्या किया.

बुआ: क्या hi करती, ये तो बस रोये जा रहा था तो इसे अपनी गोदी में सुला कर जैसे भाभी इसके सर पर दुपट्टा दाल दूध पिलाती थी वैसे hi नाटक किया और क्या.

माँ: और इसकी शैतानी तो देख, दीदी के ऐसे अपने गॉड में लाइट आलिंगन में रखने से hi ये चुप हो जाता था हहै.

दीदी: हेहेहे ओह माय गॉड सनी क्या क्या करता था तू रे.

में, मन में ये सोचते हुए की, ओह तो इसका मतलब बचपन से hi बुआ के दूध क पीछे पड़ा हुआ ह तू तो सनी, तभी आज भी बुआ की चूचिया देख मुँह में पानी आ जाता है, ः अब तो जल्दी hi इनको निचोड़ क दूध पीना पड़ेगा.

में: ः दीदी अब मुझे क्या पता में तो बच्चा था तब, और ये तो देखो में कितना शरीफ था बुआ के नाटक करने से hi में मन जाता था, वार्ना मुझे कहा समझ थी की माँ दूध पीला रही हैं या बुआ हाहाहा.

माँ: हेहेहे हैं और तुम्हे पता है सीमा ये दीदी से भी ऐसे hi चिपका रेहरा था जैसे मुझसे चिपका रहता था हहै.

माँ की बात सुन मन में ये विचार आने लगे की अरे माँ आपकी चुचिओ से तो अब भी छपकने है मुझे, और जिस दिन से आपको नंगा छूट रगड़ते देखा तब से तो चुचिओ के दूध के साथ अपनी छूट के रास की भी प्यास लगने लगी है मुझे मममम.

और तभी बुआ के फ़ोन पर एक कॉल आता है जो अछि खासी चल रही बातो को बिच में रोक देता है और कॉल पर बात करने लगती है, क्युकी उन्हें कॉल ऑफिस से पापा का था और कुछ डिटेल्स मेल करवानी थी सो वो कॉल कट कर अपने रूम में चली जाती है.

रूम में पहुंचने के कुछ देर बाद बुआ मुझे आवाज दे कर रूम में आने को कहती है. जब में रूम में पंहुचा..

बुआ: सनी जरा तेरा लैपटॉप तो देना, वो क्या है में अपना लैपटॉप ऑफिस में hi भूल आई हु आज, और अभी मुझे ये अर्जेंट मेल करना है.

में: okay बुआ अभी लता हु, और ये बोल में अपने रूम से लैपटॉप ला बुआ को देदेता हु.

बुआ अपने काम में लग जाती है और में वही रूम में राखी साइड चेयर पर बैठा होता हु और इस वक्त एक येलो कलर के सलवार सूट में बैठी बुआ, जिन्होंने दुपट्टा नहीं डाला हुआ था और इस वजह से उनकी चुचिओ का अकार में अचे से देख प् रहा था, काम में व्यस्त होने क कारन उन्हें ये भी नहीं पता था की उनके क्लीवेज के रूप में उनकी वो पहाड़ जैसी गोरी चुचिओ की झलक दिखाई पद रही थी जिसे में भोत अचे से लुत्फ़ उठाते हुए देखे जा रहा था.

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बुआ के जिस्म की बनावट और इन रसीले ामो को देखते हुए मेरी नजर वही बीएड के पास निचे को तरफ पड़े उसी डिलडो वाले बॉक्स पर पड़ती है जो बुआ ने उस दिन बाथरूम में उसे किया था. उसे देख मन में ये ख्याल आते हे की, लगता है इस कृत्रिम लुंड ने दोबारा बुआ के जिस्म के उन छेड़ो जहा घुसना जन्नत से काम नहीं, वह की फोबरा सेर की है और इसको अपनी छूट में लेने के बाद शायद बुआ इसे सही जगह रखना भूल गयी है.

और तभी मेरे दिमाग में रक विचार आता है और उस विचार मात्रा से hi मेरे चेहरे पर मुस्कान आजाती है की बुआ भोत आग और खुजली है न आपकी उस रसभरी छूट में, देखो अब में कैसे उसे हर वक्त रास से भरा रखता हु ः. तभी बुआ की और से आवाज आती है..

बुआ: ले सनी बीटा हो गया मेरा काम एंड येह थैंक्स फॉर थे लैपटॉप.

में, मुस्कुरा के: बुआ इतस okay इसमें थैंक्स की क्या बात है, आज मेने आपको कुछ दिया कल में आपसे कुछ ले लूंगा ः.

बुआ: मुझसे क्या किए तुझे अब..

में, भोत कुछ चाहिए मेरी बुआ रानी तुमसे और तुम्हरे जसम से तो, धीरे धीरे जिस्म के रक एक अंग को लूटूँगा और मजे लूंगा देख लेना ः: ः बुआ अभी से क्यों बताऊ जब लेना होगा तब hi बता के ले लूंगा न.

बुआ: हां ठीक है ठीक है अब बाटे न बना इत्ती.

में: ः, वैसे बुआ एक बात पूछनी थी आपसे, अगर अल्लोव करो तो.

बुआ: हम्म्म पूछो क्या पूछना है.

में: बुआ अभी निचे आपने और मम्मी मेरी बचपन की बाटे कही थी जिसमे ये बताया की आप भी मुझे दूध पिलाने का नाटक करती थी कई बार.

बुआ: हाँ ये सब निचे बतायना तुझे अब क्या पूछना बाकि है.

में, कन्फ्यूज्ड दीखते हुए: तो बुआ आपका कहना है की में इस नाटक को सही समझे सो भी जाता था, पर बुआ जहा तक मुझे पता है और मेरी समझ है में इतना तो जनता हु की अगर एक बच्चा जब माँ का दूध पिता हो और अगर दूध न निकले तो वो कभी शांत नहीं होता है रट जाता है, फिर में कैसे इस झूठे तरीके से चुप हो जाता था.

बुआ, जैसे कोई चोरी पकड़ी गई हो: ये बात मुझे नहीं पता तू अपनी माँ से पूछना, और तुझे ये सब किसने बताया इतना कुछ.

में, बुआ को फसते हुए: बुआ मुझे इसलिए पता है क्युकी कुछ दिन पहले में चची करे यहाँ गया था, चची कुछ काम क्र थी थी में बेबी को खेला रहा था की अचानक वो रोने लगा, मेने वो बोतल वाली रबर की निप्पल उसके मुँह में दी कुछ देर वो चुप रहा लेकिन बाद में वापस रोने लगा तब चची ने ये सब बात बताई की बचे भी स्मार्ट होते सब समझ जाते है ः.

बुआ, मुझे देख : तो तेरे कहने का क्या मतलब है, तू एक्साक्ट्ली क्या जानना चाहता है.

में, मुस्कुरा क्र बुआ की चुचिओ को देखते हुए: मेरा कहने का ये मतलब है की आप जो कह रही थी न की कपड़ो क उप्पेर से में ऐसे चिपक जाता जैसे सच में दूध ली रहा हु बूत हावस तहत posdible,aapne या तो झूट कहा या पूरी बात बताई नहीं निचे हमे.

बुआ, अब खुद की बात थोड़ा सम्भलते हुए: हाँ कभी कभी तू चुप नहीं होता था तो में सच में तुझे कपडे हटा कर दूध पिलाने का नाटक करती थी.

में, ये सुन की बुआ की इन चुचिओ को जिसे में अब भी इतने अचे से निचोड़ना चाहता हु ये इन्होने खुद मुझे चुसवाई है, है: अच्छा सच बुआ मतलब माँ के साथ साथ अपने भी मुझे अपना दूध पिलाया है क्या.

बुआ, अब हस्ते हुए: हहै नहीं रे पागल मुझे दूध नहीं आता था, में बस तुझे चुप करवाने के लिए ऐसा करती थी.

में, दोबारा बुआ को लपेटे में लेते हुए: लेकिन बुआ जब दूध नहीं आया होगा तो में वापस रोने नहीं लगा?

बुआ, हलके से डांटने वाले टोन ने: बास कर सनी अब कितने सवाल करेगा तू.

में: बुआ प्लस प्लस प्लस बताओ न, जब से मेने ये सुना की आप भी मुझे ऐसे रखती थी में तो खुश हो गया की मेरी दो दो मॉम्स है जिन्होंने दूध पिलाया है ः प्लस बताओ न.

बुआ, मेरा उन्हें माँ बोलना शायद इमोशनल कर गया: ओफ़्फ़्फ़ो सनी ऐसा नहीं था, में तुझे दूध पिलाने क लिए तेरा मुँह लगाती थी और हाँ जैसा तूने कहा की मुझे दूध नहीं आता तो तू रोने लगता पर में तब एक एक बून्द साइड से अपनी उंगलिओ से तेरे मुँह में डालती थी हहै.

में, वाह क्या चालू निकली बुआ तो: हाहाहा बुआ वाह आप तो भोत स्मार्ट निकली.

बुआ: तो क्या करती अब, जब तू रोटा था तो पूरा घर सर प उठा लेता था हहै.

में, इस बात पर दिमाग में एक और बात आती है, थोड़ी रिस्क वाली थी पर उस मौके पर शायद काम कर जाये ये सोच: हाहाहा वैसे बुआ आपकी इन बातो से मुझे एक और बात दिमाग में आई पुछु क्या.

बुआ: इतनी देर से पूछ hi तो रहा, ये भी पूछ ले.

में, सोच कर: बुआ मुझे ये समझ नहीं आया की अगर ऊँगली से hi दूध की बुँदे डालनी थी तो आपने इतने नाटक क्यों किये, कही ऐसा तो नहीं की में दूध पिने के बहाने आपके ये (चुचिओ की तरफ इशारा कर) चुस्त था तो आपको ाचा लगने लगा हो ः.

जैसा मेने सोचा था, बुआ वैसे hi गुस्सा होते हुए: सुन्न्नी ये क्या बकवास कर रहा है तू, बोल क्या रहा कुछ पता भी है या नहीं, थप्पड़ लगाउंगी अभी दो.

में: ः बुआ बकवास क्या इसमें और जिस रारह आप गुस्सा हो रही हो मुझे तो यकीं भी हो रहा है की आपको मुझसे अपनी चूचिया चुसवाने में आनंद मिलता होगा इसलिए मेरे मुँह में निप्पल डेल रखती होंगी ः.

बुआ, मेरे मुँह से चूचिया और निप्पल जैसे शब्द साफ साफ सुन आवाज में कठोरता लेट हुए: सनी चुप कर जा अब समझा, अपनी बुआ के सामने ऐसे वर्ड्स बोलने से पहले सोच तो लिया कर अभी भाभी को बुलाऊ क्या.

में: हाँ बुला लो आप कहो तो में आवाज देदेता हु, उनके सामने hi सच बता देना की आप मुझसे अपनी चूचिया दूध न होने के बाद भी क्यों चुस्वाति थी.

बुआ, मेरी बात सुन अब चूकते हुए और ये समझते हुए की अब ज्यादा गुस्सा भी किसी काम का नहीं: ाचा तो तू कहना चाहता है की में जान बुझ क्र तुझे अपने पास रखती थी ताकि तेरे साथ ये सब कर सकू.. भला इसमें मुझे क्या मजा आना ये तो बता.

में: मजा क्यों नहीं आएगा बुआ, किस लड़की या औरत को अपनी चूचिया चुसवाने में मजा नहीं आता किसी एक का नाम बता दो मुझे.

बुआ: देख सनी अब तू अपनी हद से आगे बोलने लगा है में तुझे सुन रही इसका मतलब ये नहीं की कुछ भी बोले जायेगा, अब में सच में भाभी को बुलाऊंगी, मेरे साथ साथ फिर उनका भी गुस्सा झेल लेना.

में, पास बीएड के कार्नर साइड पर पड़ा डिलडो का पैकेट उठा कर: हैं में तो चाहता हु की आप माँ को बुलाओ ताकि में भी उन्हें ये बता सकीय की जिस तरह इन दिनों वर्त्तमान में आप इस डिलडो छुम वाइब्रेटर से अपने शोक पुरे कर रही हु ठीक वैसे hi उन दिनों मुझसे जान कर अपनी निप्पल्स मुँह में दे कर चूचिया चुसवाने का शोक पूरा कर रही थी.

बुआ, मेरे हाथ में डिलडो का पैकेट देख अब कुछ बोलने की तो नहीं रही थी फिर भी बात सँभालने की कोशिश कर: सुननयीयीय वो बॉक्स मुझे दे यहाँ, और तुझे कैसे पता ये यहाँ पड़ा था और में इससे क्या करती हु.

में: ः बुआ अब इस चीज से एक औरत क्या करती है ये समझना कोई बड़ी बात नहीं है, मेने तो इसे उसी दिन देख लिया था जब आपको चाय देने आया था. (पूरी बात न बताते हुए की मेने बुआ को इसका उपयोग करते भी देखा है).

बुआ, अब पकडे जाने के बाद सफाई देते हुए: हाँ तो क्या होगया इसमें, में एक एडल्ट हु, मातुरे औरत हु, इस टूल को जैसे चाहे वैसे उसे कर सकती हु और तू भाभी को बताना चाहता है न तो ठीक है बता दे पर वो खुद मेरी व्यथा समझेंगी में जानती हु.

में: हाँ माँ भले ये समझ जाये की आप अपनी लाइफ में अकेली है, शादी नहीं की तो आपकी जरूरते पूरा करने के लिए ये जरुरी हो पर उस बात का क्या जवाब है आपके पास की अपने अपनी उसी जरूरते पूरा करने उनके बेटे से अपनी चूचिया चुसवाने का नाटक किया, तब तो आप उल्टा और ज्यादा जवानी की देहलीज पर होंगी न.

बुआ, गुस्से से बुआ की आँखे अब लाल सी हो चुकी थी: मेने तुझे कितनी बार कहा की मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था तुझे समझ क्यों नहीं आता है.

में: में ऐसे कैसे समझ जाऊ लेकिन, और में बस सच सुन्ना चाहता हु की आपने क्या सोच जार ऐसा किया बाकि कुछ नहीं.

बुआ, अब गुस्से में झल्लाते हुए: ठीक है तू सच चाहता है तो सुन...

"हाँ ये सच है की मेरा भी मन होता था ये एक्सपीरियंस करने का की ऐसे बूब्स चुसवाने में केसा फील होता है क्युकी मेने कभी किसी से ये सब नहीं करवाया था और किसी से करवाने में रिस्क या इसलिए तू चाहे छोटा hi था पर मुझे तुझसे अप्पने बूब्स चुसवाना सही लगा"...

अब तो खुश है न सच सुन कर तू.

में, ये सुन की बुआ ने छह कर अपनी चूचिया मुझे चुसवाई, लुंड में हलचल सी मच गयी: वाह यही तो सुन्ना चाहता था में आपसे बुआ, मुझे पता था की आप चाहे उतनी कठोर दिखो लेकिन आप भी औरत हो और अपनी जरूरतों के आगे कुछ भी कर सकती हो.

बुआ: तो क्या करू, में इंसान hi हु कोई मशीन नहीं, बिज़नेस के चक्कर में चाहे मेने खुद पर ध्यान नहीं दिया पर मेरी अपनी जरूरते तो है hi और ते जो बॉक्स तेरे हाथ में हैं वो भी इसी कारन से है मेरे पास समझा.

में, मुस्कुरा कर: तो बुआ ये बात में भी समझता हु अब बच्चा नहीं रहा ः, में बस आपके मुँह से सच सुन्ना चाहता.

बुआ: अब अगर सब सुन लिया हो तो जा यहाँ से मुझे कुछ देर अकेला चोर दे.

में: ः बुआ चला जाऊंगा लेकिन ऐसे कैसे, आपने बचपन में मुझे अपनी चूचिया चुसवाई जिनका स्वाद मुझे अब यद् नहीं, मैं अब दोबारा आपकी इन मोती मोती चुचिओ को चूस कर इनका रास पीना चाहता हु बुआ और बचपन की यदि ताज़ा करना चाहता हु.

बुआ, मेरी ये बात सुन बुरी तरह गुस्से में आते हुए: शट उप ु डॉग, तूने ये सोच भी कैसे लिया नालायक, इससे पहले की मेरा हाथ ीुझपे उठ जाये चला जा यहाँ से.

में: हाहाहा बुआ आप चाहे उतना गुस्सा कर लो पर अब मुझे पता है की आपकी जरूरते क्या है और ये मेरा वडा है आपसे की भोत जल्द आपकी इन चुचिओ को पूरा नंगा कर अपने इन हाथो में दबोच कर निचोड़ते हुए चूसूंगा और हाँ ये भी वडा है की चूचिया निचोड़ने के बाद उन से जगहों की भी सेर करूँगा जहा आपका ये नकली लुंड सेर करता है और आप मजे से उसकी सेर का आनंद लेती है.

बुआ, साफ साफ शब्दों में ये सुन कर की में चूचिया चूसूंगा और उनकी चुदाई करूँगा, बौखलाते हुए, लेकिन साथ hi मुझे ये पता था की मेरी बात का असर उनकी बॉडी पर हो चूका है, और उनके जिस्म में मनो एक करंट सा दौड़ गया था: बकवास बंद कर और ऐसा कभी नहीं होने वाला, इससे पहले में तेरे हाथ न तुड़वा दू भैया से कह कर, अब भाग जा यहाँ से सनी.

में, खड़े होते हुए और बुआ के करीब जा उनके कानो में: चाहे हाथ तुड़वाओ या पैर बुआ जी, अब तो में आपका दूध पि कर hi रहूँगा और रक न एक दिन आपकी टैंगो के बिच भी घुसूंगा देख लेना.. और हाँ घर में चाहे उसे बता दो लेकिन इसमें आप भी फसोगी जब सबको ये पता लगेगा की अपने मुझे बचपन से किस काम के लिए उसे किता है हाहाहा.

और बुआ के कान में धीरे से ये कहकर मेने झट्ट से अपने एक हाथ से उनकी एक चुकी को जोर से दबा दिया और भाग कर हस्ते हुए बुआ को bye बोल बहार निकल गया.

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मेरे टैंगो के बिच आने की और चुकी चूस दूध पिने की बात और इस तरह चुकी दबाने से बुआ एक तरफ तो गुस्से में थी पर वही मेरी इन हरकतों ने उनके जिस्म के अंगो पर करंट सा लगा दिया tha,aur वो ऐसे hi एक टककक गुस्से और जिस्म की जलती आग दर्शाने वाली नज़रो से मुझे रूम से बहार जाते हुए देखती रहती है.
 
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