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- Dec 5, 2013
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अगले दिन आरुषि और मेघा सुबह जल्दी से उस स्केच आर्टिस्ट को लेके आते है. वह दोनों उसको हॉल में बैठा के जल्दी से राधा के रूम में जाते है जहा वह घूम शुभ सी बैठी हुई थी.
दोनों: गुड मॉर्निंग राधा. अब कैसी तबियत है तुम्हारी.
राधा: गुड मॉर्निंग. और मेरी तबियत को क्या हुआ. मैं बिलकुल ठीक हु.
दोनों: अच्छा है चलो हमारे साथ नीचे एक काम है.
राधा: नहीं अभी मेरा कही जाने का मैं नहीं है.
दोनों: चल ना. इससे तेरा hi काम आसान होगा. समाज ले तेरे ड्रीम कृष्णा के पास जाने का 1 स्टेप आगे बढ़ रहा है.
राधा: क्या बोलै तुम दोनों ने.
दोनों: वही जो तूने सूना. अब जल्दी चल नीचे.
राधा बिना एक पल गवाए नीचे आजाती है जहा वह स्केच आर्टिस्ट ने साड़ी तयारी कर लिया था. संजना और विक्रम वही बैठे हुए थे.
राधा: माँ डैड. यह सब क्या है.
विक्रम: राधा यह एक स्केच आर्टिस्ट है. तुम इनको अपने उस ड्रीम कृष्णा के बारे में बताओ यह उसका स्केच बनाएंगे. उससे हम उसको ढूंढेंगे.
राधा: ख़ुशी से नछते हुए. सचहहहहहह.
संजना: बिलकुल मेरी बच्ची.
राधा: थैंक यू माँ थैंक यू डैड.
दोनों: थैंक यू हुम्हे नहीं अपने पीछे कड़ी उन् दोनों से कहो. यह उनका hi काम है.
राधा जल्दी से उनके गले लग जाती है.
राधा: थैंक यू आरुषि थैंक यू मेघा. आज तुम दोनों में मेरे लिए बहोत बड़ा काम करदिया है.
दोनों: चल चल अब ज्यादा सेंटी मत हो. अब जल्दी से इन्हे उसके बारे में बता. दादा यह जैसा बोले बिलकुल वैसे hi बनाना.
फिर राधा उस स्केच आर्टिस्ट को उस लड़के के बारे में सब बताने लगती है. और वह भी वैसा hi बनाने लगते है. 30 मीन्स के बाद वह स्केच तैयार होजाता है.
आदमी: क्या आप सूरे है एहि है वह.
राधा: हआ मुझे जितना पता है मैंने बता दिया.
आदमी: पर यह तोह आधा अधूरा है. जिसमे सिर्फ उसकी आँखे और सर hi है.
राधा: अब जो है एहि है.
आरुषि: दादा जो हुआ है रहने दो.
फिर वह स्केच आर्टिस्ट वह स्केच विक्रम को देके वह से निकल जाता है.
विक्रम: क्या तुम्हे सिर्फ उसकी आँखे और सर hi नज़र आता है प्रिंसेस.
राधा: यस डैड. मुझे कभी उसका पूरा चेहरा दिखा hi नहीं.
संजना: इससे हम उससे कैसे ढूंढेंगे.
राधा: ी don’t क्नोव माँ. पर वह एहि है. मेरा ड्रीम कृष्णा.
आरुषि और मेघा: ठीक है हम है ना हम ढूंढेंगे तू टेंशन मत ले.
विक्रम: बिलकुल.
संजना: ठीक है चलो अब नाश्ता करलो. कल से तुमने कुछ नहीं खाया है. आरुषि मेघा तुम दोनों भी आओ.
दोनों: जी आंटी.
फिर सब नाश्ता करने लगते है. राधा तोह उस स्केच को अपना पास hi राखी हुई थी और उसको देखते हुए hi खा रही थी. और सोच रही थी. कहा हो तुम कैसे हो तुम. देखो आज तुम्हारे करीब आने के लिए एक कदम और बढ़ा लिया है. जल्द hi तुम इस स्केच से बहार निकल के मेरे सामने होंगे.
इधर कल रात को जब यश और बाकी सब शॉपिंग करके घर आये तब वह पे शालिनी का पति और बीटा बैठे हुए थे.
अवि तोह यश और सिया को देखते hi उनके पास दौड़ के उनको गले लगा लेता है.
अवि: कैसे है आप भैया दीदी.
दोनों: हम बिलकुल ठीक है तुम कैसे हो.
अवि: एकदम फिट.
विजय: कैसे हो मेरे बच्चे.
दोनों जाके उनके पेअर छूटे है और बोलते है. एक दम फिट फूफाजी आप कैसे है.
विजय: बस जी रहे है तुम्हारी बुआ के राज में.
शालिनी: क्या कहा तुमने.
विजय: कुछ नहीं. चलो डिनर करलो.
फिर सब डिनर करने लगते है.
डिनर के बाद सबलोग अपने कमरे में जाके सो जाते है.
नेक्स्ट डे ब्रेकफास्ट के टेबल में इशांत यश से बोलता है.
इशांत: यश कॉलेज में एडमिशन स्टार्ट होगया है. तोह तुमलोग जाके करवा लेना.
यश: ोकक डैड हम आज hi जाके करवा लेंगे.
इशांत: ठीक है मैं प्रिंसिपल को बोल देता हु.
यश: No डैड. हम भी बाकियों की तरह लाइन में खड़े होकर hi एडमिशन लेंगे.
इशांत: देखलो जैसी तुम्हारी मर्ज़ी.
फिर यह लोग नाश्ता करके रेडी होजाता है.
यश: सिया हम बाइक से चलते है और तुमतीनो कार से आजाना.
तीनो: ोककक.
फिर 5 जान अपने सर्टिफिकेट्स लेके कॉलेज की तरफ आजाते है. यश और सिया तोह कॉमन पीपल की तरह hi कॉलेज में आये थे बूत अवि आरव और सोनिया अपनी रियल आइडेंटिटी के साथ आये थे.
वह जाके अपने अपने ब्रांच के एडमिशन की लाइन में खड़े होक एडमिशन का फॉर्म लेके कैंटीन में मिलते है.
सिया: यश कितनी भीड़ है आज. जिसमे आज एडमिशन का फर्स्ट डे है.
आरव: सिया यह यहाँ का बेस्ट कॉलेज है. सब इसमें hi एडमिशन लेना चाहते है.
यश: चलो जल्दी से फॉर्म फिलुप करो. फिर सबमिट करके घर जाते है.
इधर राधा के ब्रेकफास्ट के वक़्त.
विक्रम: राधा तुम जिस कॉलेज में जाना चाहती हो वह आज से एडमिशन स्टार्ट होगये है.
राधा: ठीक है डैड. हम आज hi जाके अपना एडमिशन करके आते है.
विक्रम: मैं प्रिंसिपल से बात करू.
राधा: No डैड. वे विल मैनेज.
आरुषि और मेघा: तोह जल्दी से हमारे घर चलते है वह से अपने डाक्यूमेंट्स लेके फिर कॉलेज चलते है.
राधा: हम्म्म ठीक है.
फिर एहलोग जल्दी से आरुषि और मेघा के घर आके अपने डाक्यूमेंट्स लेके कॉलेज आते है.
जैसे hi राधा कॉलेज में पैरर रखती है वह वही रुख जाती है.
आरुषि और मेघा उसको ऐसे रखते देख फिर शॉक होजाते है.
दोनों: क्या हुआ चलना.
राधा: मुझे यहाँ भी उसका एहसास होरहा है. वह एहि है.
दोनों: क्या सच में.
राधा: हआ. मेरी दिल की धड़कन मुझे उसका एहसास एहि करवा रही है.
दोनों: पर यहाँ कितने लोग है. अब इतने सारे लोग मैं usko.kaise ढूंढेंगे.
राधा बिना कुछ बोले भागने लगती है. उसको ऐसे भागते देख ओहदोनो भी परेशां होक उसके पीछे भागने लगते है.
अगले दिन आरुषि और मेघा सुबह जल्दी से उस स्केच आर्टिस्ट को लेके आते है. वह दोनों उसको हॉल में बैठा के जल्दी से राधा के रूम में जाते है जहा वह घूम शुभ सी बैठी हुई थी.
दोनों: गुड मॉर्निंग राधा. अब कैसी तबियत है तुम्हारी.
राधा: गुड मॉर्निंग. और मेरी तबियत को क्या हुआ. मैं बिलकुल ठीक हु.
दोनों: अच्छा है चलो हमारे साथ नीचे एक काम है.
राधा: नहीं अभी मेरा कही जाने का मैं नहीं है.
दोनों: चल ना. इससे तेरा hi काम आसान होगा. समाज ले तेरे ड्रीम कृष्णा के पास जाने का 1 स्टेप आगे बढ़ रहा है.
राधा: क्या बोलै तुम दोनों ने.
दोनों: वही जो तूने सूना. अब जल्दी चल नीचे.
राधा बिना एक पल गवाए नीचे आजाती है जहा वह स्केच आर्टिस्ट ने साड़ी तयारी कर लिया था. संजना और विक्रम वही बैठे हुए थे.
राधा: माँ डैड. यह सब क्या है.
विक्रम: राधा यह एक स्केच आर्टिस्ट है. तुम इनको अपने उस ड्रीम कृष्णा के बारे में बताओ यह उसका स्केच बनाएंगे. उससे हम उसको ढूंढेंगे.
राधा: ख़ुशी से नछते हुए. सचहहहहहह.
संजना: बिलकुल मेरी बच्ची.
राधा: थैंक यू माँ थैंक यू डैड.
दोनों: थैंक यू हुम्हे नहीं अपने पीछे कड़ी उन् दोनों से कहो. यह उनका hi काम है.
राधा जल्दी से उनके गले लग जाती है.
राधा: थैंक यू आरुषि थैंक यू मेघा. आज तुम दोनों में मेरे लिए बहोत बड़ा काम करदिया है.
दोनों: चल चल अब ज्यादा सेंटी मत हो. अब जल्दी से इन्हे उसके बारे में बता. दादा यह जैसा बोले बिलकुल वैसे hi बनाना.
फिर राधा उस स्केच आर्टिस्ट को उस लड़के के बारे में सब बताने लगती है. और वह भी वैसा hi बनाने लगते है. 30 मीन्स के बाद वह स्केच तैयार होजाता है.
आदमी: क्या आप सूरे है एहि है वह.
राधा: हआ मुझे जितना पता है मैंने बता दिया.
आदमी: पर यह तोह आधा अधूरा है. जिसमे सिर्फ उसकी आँखे और सर hi है.
राधा: अब जो है एहि है.
आरुषि: दादा जो हुआ है रहने दो.
फिर वह स्केच आर्टिस्ट वह स्केच विक्रम को देके वह से निकल जाता है.
विक्रम: क्या तुम्हे सिर्फ उसकी आँखे और सर hi नज़र आता है प्रिंसेस.
राधा: यस डैड. मुझे कभी उसका पूरा चेहरा दिखा hi नहीं.
संजना: इससे हम उससे कैसे ढूंढेंगे.
राधा: ी don’t क्नोव माँ. पर वह एहि है. मेरा ड्रीम कृष्णा.
आरुषि और मेघा: ठीक है हम है ना हम ढूंढेंगे तू टेंशन मत ले.
विक्रम: बिलकुल.
संजना: ठीक है चलो अब नाश्ता करलो. कल से तुमने कुछ नहीं खाया है. आरुषि मेघा तुम दोनों भी आओ.
दोनों: जी आंटी.
फिर सब नाश्ता करने लगते है. राधा तोह उस स्केच को अपना पास hi राखी हुई थी और उसको देखते हुए hi खा रही थी. और सोच रही थी. कहा हो तुम कैसे हो तुम. देखो आज तुम्हारे करीब आने के लिए एक कदम और बढ़ा लिया है. जल्द hi तुम इस स्केच से बहार निकल के मेरे सामने होंगे.
इधर कल रात को जब यश और बाकी सब शॉपिंग करके घर आये तब वह पे शालिनी का पति और बीटा बैठे हुए थे.
अवि तोह यश और सिया को देखते hi उनके पास दौड़ के उनको गले लगा लेता है.
अवि: कैसे है आप भैया दीदी.
दोनों: हम बिलकुल ठीक है तुम कैसे हो.
अवि: एकदम फिट.
विजय: कैसे हो मेरे बच्चे.
दोनों जाके उनके पेअर छूटे है और बोलते है. एक दम फिट फूफाजी आप कैसे है.
विजय: बस जी रहे है तुम्हारी बुआ के राज में.
शालिनी: क्या कहा तुमने.
विजय: कुछ नहीं. चलो डिनर करलो.
फिर सब डिनर करने लगते है.
डिनर के बाद सबलोग अपने कमरे में जाके सो जाते है.
नेक्स्ट डे ब्रेकफास्ट के टेबल में इशांत यश से बोलता है.
इशांत: यश कॉलेज में एडमिशन स्टार्ट होगया है. तोह तुमलोग जाके करवा लेना.
यश: ोकक डैड हम आज hi जाके करवा लेंगे.
इशांत: ठीक है मैं प्रिंसिपल को बोल देता हु.
यश: No डैड. हम भी बाकियों की तरह लाइन में खड़े होकर hi एडमिशन लेंगे.
इशांत: देखलो जैसी तुम्हारी मर्ज़ी.
फिर यह लोग नाश्ता करके रेडी होजाता है.
यश: सिया हम बाइक से चलते है और तुमतीनो कार से आजाना.
तीनो: ोककक.
फिर 5 जान अपने सर्टिफिकेट्स लेके कॉलेज की तरफ आजाते है. यश और सिया तोह कॉमन पीपल की तरह hi कॉलेज में आये थे बूत अवि आरव और सोनिया अपनी रियल आइडेंटिटी के साथ आये थे.
वह जाके अपने अपने ब्रांच के एडमिशन की लाइन में खड़े होक एडमिशन का फॉर्म लेके कैंटीन में मिलते है.
सिया: यश कितनी भीड़ है आज. जिसमे आज एडमिशन का फर्स्ट डे है.
आरव: सिया यह यहाँ का बेस्ट कॉलेज है. सब इसमें hi एडमिशन लेना चाहते है.
यश: चलो जल्दी से फॉर्म फिलुप करो. फिर सबमिट करके घर जाते है.
इधर राधा के ब्रेकफास्ट के वक़्त.
विक्रम: राधा तुम जिस कॉलेज में जाना चाहती हो वह आज से एडमिशन स्टार्ट होगये है.
राधा: ठीक है डैड. हम आज hi जाके अपना एडमिशन करके आते है.
विक्रम: मैं प्रिंसिपल से बात करू.
राधा: No डैड. वे विल मैनेज.
आरुषि और मेघा: तोह जल्दी से हमारे घर चलते है वह से अपने डाक्यूमेंट्स लेके फिर कॉलेज चलते है.
राधा: हम्म्म ठीक है.
फिर एहलोग जल्दी से आरुषि और मेघा के घर आके अपने डाक्यूमेंट्स लेके कॉलेज आते है.
जैसे hi राधा कॉलेज में पैरर रखती है वह वही रुख जाती है.
आरुषि और मेघा उसको ऐसे रखते देख फिर शॉक होजाते है.
दोनों: क्या हुआ चलना.
राधा: मुझे यहाँ भी उसका एहसास होरहा है. वह एहि है.
दोनों: क्या सच में.
राधा: हआ. मेरी दिल की धड़कन मुझे उसका एहसास एहि करवा रही है.
दोनों: पर यहाँ कितने लोग है. अब इतने सारे लोग मैं usko.kaise ढूंढेंगे.
राधा बिना कुछ बोले भागने लगती है. उसको ऐसे भागते देख ओहदोनो भी परेशां होक उसके पीछे भागने लगते है.