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- Dec 5, 2013
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इधर यश उसके पास जाता है और उसका गाला पकड़ के उठा देता है.
तभी वह प्रिंसिपल आता है.
प्रिंसिपल: क्या होरहा है यह सब. चोरो उससे.
सिया: यश चोरो उससे.
सिया की बात सुनके यश उसको दुर्र फक्क देता है.
प्रिंसिपल: क्या है यह सब. क्या एहि सब करने आते हो कॉलेज.
यश: सिर्फ एक सवाल क्या इस कॉलेज में रैगिंग अल्लोव है.
प्रिंसिपल: कैसी बाते कर रहे हो. किसी भी कॉलेज में रैगिंग अल्लोव नहीं है हर कॉलेज में बन है.
यश: और आप इस कॉलेज के किस पोस्ट पे है.
प्रिंसिपल: तुम होते कौन हो यह सब पूछने वाले.
यश: मैं कौन हु यह थोड़ी देर में पुरे कॉलेज को पता चल जायेगा. पहले आप बताइये.
प्रिंसिपल: मैं इस कॉलेज का प्रिंसिपल हु.
यश: तोह सर. क्या आपको पता है इस कॉलेज में रैगिंग होती है और उसमे आपका बीटा शामिल है.
प्रिंसिपल: व्हाट नॉनसेंस. मेरा बीटा ऐसा कभी नहीं कर सकता.
यश: आरव अवि. यश इतना hi बोलता है के आरव और अवि प्रिंसिपल के बेटे को उठा के वह लाता है.
यश: यह रहा आपका बीटा पूछिए इससे.
प्रिंसिपल: क्या यह सच है.
ल3: No डैड. यह झूट बोल रहा है. हम तोह बस जूनियर्स है देख कर नाम पूछ रहे थे. तोह इसने मुझे मार दिया. और तोह और इसने शिवम् को भी मारा और आपने देखा होगा इसने कैसे उसको गले से पकड़ा हुआ था.
प्रिंसिपल: तुम जैसे स्टूडेंट को इस कॉलेज में रहने का कोई हक़ नहीं है. मैं अभी तुम्हे ृस्तिकते करता हु.
अभी प्रिंसिपल ने इतना hi बोलै था के वह कुछ कार्स अंदर आती है.
जिसमे से मिनिस्टर कमिश्नर बहार निकलता है
राधा पुलिस को देख कर डर जाती है.
मिनिस्टर: किस्मे इतनी हिम्मत हुई जिसने मेरे बेटे को मारा.
यश: मैंने मारा है तेरे बेटे को.
मिनिस्टर: लड़के. तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरे बेटे को मारा. कमिश्नर अरेस्ट हिम.
कमिश्नर आगे बढ़ने जाता है. तभी वह एकसाथ बहोत साड़ी गाड़ियां अंदर आती है. पूरा कॉलेज कैंटीन में आगया था.
इतनी साड़ी गाड़ियों को देख कर सिया के चेहरे में मुस्कराहट आजाती है.
सिया: राधा तुम हमारे फादर से मिलना चाहती थी ना. लो आगये. हमारे फादर.
उन् गाड़ियों में से hi टेक गन लेस्स बोडीगार्ड्स उतारते है. इतने सारे बोडीगार्ड्स को देख कर एकबार तोह कमिश्नर और मिनिस्टर भी शॉक होगये.
तभी उन् बोडीगार्ड्स के बीच में से बहार निकलते है मर. इशांत अग्रवाल एंड मरस. महक अग्रवाल.
राधा: यह तोह इशांत अंकल और महक आंटी है. क्या यह है तुमलोगो के पेरेंट्स.
सिया बस हां में गर्दन हिला देती है.
राधा पूरा शॉक होजाती है. उसने यश को क्या समझा था और वह क्या निकला.
सिया दौड़ से उनके पास जाती है.
सिया: माँ डैड.
इशांत और महक ने सिया को गले लगा लिया.
महक: क्या हुआ बच्चा. हुम्हे सोनू ने बताया कुछ प्रॉब्लम होगयी है. कहा है वह.
तभी अवि सोनिया और आरव भी उनके पास आते है.
आरव और सोनिया: बाआ.
अवि: मंईईई
महक: क्या हुआ है बच्चो. यश कहा है. यशःह्ह्ह.
यश: एस्सस माँ.
महक: क्या हुआ है. सोनू ने बताया प्रॉब्लम होगयी है.
यश: नथिंग माँ. बस कॉलेज में थोड़ी साफ़ सफाई की जरुरत है.
अभी यश इतना hi बोलता है तभी वह विक्रम भी आजाता है.
कमिश्नर और मिनिस्टर इशांत को देख कर पहले hi घबराये हुए थे. और अब विक्रम को देख कर और डर जाते है.
इशांत: विक्रम तू यहाँ.
विक्रम: ारी इशांत तू. और भाभी भी एहि है.
इशांत: हां मेरे बच्चे एहि है. कुछ प्रॉब्लम होगयी थी इसीलिए आये है. पर तू यहाँ कैसे.
विक्रम: ारी मेरी बेटी भी एहि है. उसने बताया कुछ प्रॉब्लम होगयी है.
महक: क्या राधा यहाँ है. कहा है वह.
राधा वह आती है और डैड बोलके गले लग जाती है.
विक्रम: क्या हुआ प्रिंसेस. तुमने हुम्हे बुलाया क्या प्रॉब्लम है.
अभी राधा कुछ बोलती उससे पहले hi.
इशांत: कमिश्नर और मिनिस्टर यहाँ पे क्या बात है.
ुनन्दनो की तोह वैसे hi हालत ख़राब होगयी थी.
कमिश्नर: सर यहाँ पे एक लड़के ने मिनिस्टर और प्रिंसिपल के बेटे को पित्त दिया था. इसीलिए हम यहाँ पे आये है.
इशांत: किसने पिता.
कमिश्नर: सर आपके बेटे ने.
इशांत: किस लिए पिता. प्रिंसिपल क्या हुआ था.
प्रिंसिपल जो कमिश्नर और मिनिस्टर से ज्यादा डरा हुआ था वह बोलता है.
प्रिंसिपल: सर आपके बेटे ने मेरे बेटे को और मिनिस्टर सर के बेटे को मारा है. क्योकि यह सीनियर होने के चलते बस इनका नाम पूछ रहे थे. पर आपके बेटे ने इनको पित्त दिया.
राधा: डैड अंकल यह झूट बोल्रहे है. यश ने उनको इसीलिए नहीं पिता क्योकि वह हमारा नाम पूछ रहे थे. यश ने उनको इस लिए पिता क्योकि वह हमारी रैगिंग कर रहे थे और प्रिंसिपल सर के बेटे ने सिया से बदतमीज़ी की थी.
अब उन् तीनो की और उनके बेटे की डर से हालत ख़राब होचुकी थी.
इशांत: राधा बीटा पूरी बात बताओ क्या हुआ था.
मिनिस्टर: इशांत जी मैं बताता हु न. बच्चो के बीच मिस अंडरस्टैंडिंग होगयी है और कुछ नहीं.
इशांत: गुस्से से. मैंने राधा से पूछा है आपसे नहीं. राधा बीटा बताओ.
फिर राधा उन्हें सबकुछ बता देती है आज जो जो हुआ.
इशांत: हआ तोह मिनिस्टर आपका बीटा मेरे बेटे को खानदान को देखेगा.
मिनिस्टर: सर. उससे गलती होगयी. वह बच्चा है. माफ़ कर दीजिये.
इशांत: मर. प्रिंसिपल तुम्हारे बेटे ने मेरी जान से प्यारी बेटी को लेके जो बोलै है उसकी सजा तोह उससे अभी मिलेगी. यष्ठ.
यश: यस डैड.
इशांत: इसने तुम्हारी बेहेन को लेके बोलै है. इसको सजा देने का हक़ तुम्हारा है.
यश आगे बढ़ता है और प्रिंसिपल के बेटे को खिंच के एक थप्पड़ मारता है. जिससे वह वही बेहोश होजाता है.
यश: मर. प्रिंसिपल कैसे मुझे आप और आपका यह बीटा इस कॉलेज में नहीं दिखने चाहिए.
प्रिंसिपल: ी ऍम सॉरी सर. प्लीज मुझे और मेरे बेटे को माफ़ करदे. उससे गलती होगयी है.
यश: इसने मेरे बेहेन के बारे में गलत बोलै. और आप इस कॉलेज के प्रिंसिपल है और आपको यह तक नहीं पता आपके पीछे से क्या क्या होरहा है यहाँ. इस कॉलेज को आप जैसे प्रिंसिपल और इस जैसे स्टूडेंट की कोई जरुरत नहीं है.
प्रिंसिपल इशांत के पास जाके उससे माफ़ी मांगने लगता है.
इशांत: मेरे बेटे ने जो डिसिशन ले लिया वह फाइनल है. अब तुम्हारे और तुम्हारे बेटे की बारी मिनिस्टर.
इशांत एक फ़ोन करता है और कुछ बात करता है मिनिस्टर के पास एक कॉल आता है और उसको बोलै जाता है उसको मिनिस्टर के पोस्ट से ससपेंड किया जाता है.
मिनिस्टर: सर मुझे माफ़ कर दीजिये. मेरा बीटा मेरी hi वजह से hi इतना आगे बढ़ा है. प्लीज सर मुझे माफ़ करदिजिये.
इशांत: तेरा बीटा मेरे बेटे का खानदान देखना चाहता था तोह उसको दिखा दिया है. अब जाके अपने बेटे को संभल.
यह बोल इशांत विक्रम यश और राधा बाकिलोगो के पास आते है.
कमिश्नर खुश था के वह बच गया. फिर वह से सब निकल जाते है.
कॉलेज को भी ऑफ करदिया गया था.
महक: राधा बीटा कैसी हो तुम.
राधा जाके महक के पैरे चुने वाली होती है तोह महक उसको गले लगा लेती है.
राधा: मैं ठीक हु आंटी. आप कैसे है.
महक: मैं भी अच्छी हु. भैया संजना कैसी है.
विक्रम: संजना भी अच्छी है. चलिए आपलोग अभी घर चलिए संजना आपलोगो से मिलके बहोत खुश होगी.
इशांत: आज नहीं विक्रम फिर कभी आएंगे.
राधा: चलिए ना अंकल आंटी प्लीसीई.
महक: अब जब राधा ने बोलै है तब तोह आना hi पड़ेगा.
राधा: आरुषि मेघा तुम दोनों भी चलो.
दोनों: चलो.
राधा: अंकल आंटी यह मेरे बेस्ट फ्रेंड्स है.
दोनों: Hello अंकल Hello आंटी.
इशांत और महक: Hello बीटा.
विक्रम: चलो चलते है.
यश: माँ आपलोग चलिए. हम अपनी कार और बाइक में आते है.
महक: ठीक है.
फिर यश और बाकी सब पार्किंग में जाते है.
राधा की इच्छा थी वह यश के साथ बाइक में जाए. पर वह कुछ बोल ना पायी.
यश के साथ सिया बाइक में और बाकी सब अपने अपने कार में जाने लगते है.
इधर यश उसके पास जाता है और उसका गाला पकड़ के उठा देता है.
तभी वह प्रिंसिपल आता है.
प्रिंसिपल: क्या होरहा है यह सब. चोरो उससे.
सिया: यश चोरो उससे.
सिया की बात सुनके यश उसको दुर्र फक्क देता है.
प्रिंसिपल: क्या है यह सब. क्या एहि सब करने आते हो कॉलेज.
यश: सिर्फ एक सवाल क्या इस कॉलेज में रैगिंग अल्लोव है.
प्रिंसिपल: कैसी बाते कर रहे हो. किसी भी कॉलेज में रैगिंग अल्लोव नहीं है हर कॉलेज में बन है.
यश: और आप इस कॉलेज के किस पोस्ट पे है.
प्रिंसिपल: तुम होते कौन हो यह सब पूछने वाले.
यश: मैं कौन हु यह थोड़ी देर में पुरे कॉलेज को पता चल जायेगा. पहले आप बताइये.
प्रिंसिपल: मैं इस कॉलेज का प्रिंसिपल हु.
यश: तोह सर. क्या आपको पता है इस कॉलेज में रैगिंग होती है और उसमे आपका बीटा शामिल है.
प्रिंसिपल: व्हाट नॉनसेंस. मेरा बीटा ऐसा कभी नहीं कर सकता.
यश: आरव अवि. यश इतना hi बोलता है के आरव और अवि प्रिंसिपल के बेटे को उठा के वह लाता है.
यश: यह रहा आपका बीटा पूछिए इससे.
प्रिंसिपल: क्या यह सच है.
ल3: No डैड. यह झूट बोल रहा है. हम तोह बस जूनियर्स है देख कर नाम पूछ रहे थे. तोह इसने मुझे मार दिया. और तोह और इसने शिवम् को भी मारा और आपने देखा होगा इसने कैसे उसको गले से पकड़ा हुआ था.
प्रिंसिपल: तुम जैसे स्टूडेंट को इस कॉलेज में रहने का कोई हक़ नहीं है. मैं अभी तुम्हे ृस्तिकते करता हु.
अभी प्रिंसिपल ने इतना hi बोलै था के वह कुछ कार्स अंदर आती है.
जिसमे से मिनिस्टर कमिश्नर बहार निकलता है
राधा पुलिस को देख कर डर जाती है.
मिनिस्टर: किस्मे इतनी हिम्मत हुई जिसने मेरे बेटे को मारा.
यश: मैंने मारा है तेरे बेटे को.
मिनिस्टर: लड़के. तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरे बेटे को मारा. कमिश्नर अरेस्ट हिम.
कमिश्नर आगे बढ़ने जाता है. तभी वह एकसाथ बहोत साड़ी गाड़ियां अंदर आती है. पूरा कॉलेज कैंटीन में आगया था.
इतनी साड़ी गाड़ियों को देख कर सिया के चेहरे में मुस्कराहट आजाती है.
सिया: राधा तुम हमारे फादर से मिलना चाहती थी ना. लो आगये. हमारे फादर.
उन् गाड़ियों में से hi टेक गन लेस्स बोडीगार्ड्स उतारते है. इतने सारे बोडीगार्ड्स को देख कर एकबार तोह कमिश्नर और मिनिस्टर भी शॉक होगये.
तभी उन् बोडीगार्ड्स के बीच में से बहार निकलते है मर. इशांत अग्रवाल एंड मरस. महक अग्रवाल.
राधा: यह तोह इशांत अंकल और महक आंटी है. क्या यह है तुमलोगो के पेरेंट्स.
सिया बस हां में गर्दन हिला देती है.
राधा पूरा शॉक होजाती है. उसने यश को क्या समझा था और वह क्या निकला.
सिया दौड़ से उनके पास जाती है.
सिया: माँ डैड.
इशांत और महक ने सिया को गले लगा लिया.
महक: क्या हुआ बच्चा. हुम्हे सोनू ने बताया कुछ प्रॉब्लम होगयी है. कहा है वह.
तभी अवि सोनिया और आरव भी उनके पास आते है.
आरव और सोनिया: बाआ.
अवि: मंईईई
महक: क्या हुआ है बच्चो. यश कहा है. यशःह्ह्ह.
यश: एस्सस माँ.
महक: क्या हुआ है. सोनू ने बताया प्रॉब्लम होगयी है.
यश: नथिंग माँ. बस कॉलेज में थोड़ी साफ़ सफाई की जरुरत है.
अभी यश इतना hi बोलता है तभी वह विक्रम भी आजाता है.
कमिश्नर और मिनिस्टर इशांत को देख कर पहले hi घबराये हुए थे. और अब विक्रम को देख कर और डर जाते है.
इशांत: विक्रम तू यहाँ.
विक्रम: ारी इशांत तू. और भाभी भी एहि है.
इशांत: हां मेरे बच्चे एहि है. कुछ प्रॉब्लम होगयी थी इसीलिए आये है. पर तू यहाँ कैसे.
विक्रम: ारी मेरी बेटी भी एहि है. उसने बताया कुछ प्रॉब्लम होगयी है.
महक: क्या राधा यहाँ है. कहा है वह.
राधा वह आती है और डैड बोलके गले लग जाती है.
विक्रम: क्या हुआ प्रिंसेस. तुमने हुम्हे बुलाया क्या प्रॉब्लम है.
अभी राधा कुछ बोलती उससे पहले hi.
इशांत: कमिश्नर और मिनिस्टर यहाँ पे क्या बात है.
ुनन्दनो की तोह वैसे hi हालत ख़राब होगयी थी.
कमिश्नर: सर यहाँ पे एक लड़के ने मिनिस्टर और प्रिंसिपल के बेटे को पित्त दिया था. इसीलिए हम यहाँ पे आये है.
इशांत: किसने पिता.
कमिश्नर: सर आपके बेटे ने.
इशांत: किस लिए पिता. प्रिंसिपल क्या हुआ था.
प्रिंसिपल जो कमिश्नर और मिनिस्टर से ज्यादा डरा हुआ था वह बोलता है.
प्रिंसिपल: सर आपके बेटे ने मेरे बेटे को और मिनिस्टर सर के बेटे को मारा है. क्योकि यह सीनियर होने के चलते बस इनका नाम पूछ रहे थे. पर आपके बेटे ने इनको पित्त दिया.
राधा: डैड अंकल यह झूट बोल्रहे है. यश ने उनको इसीलिए नहीं पिता क्योकि वह हमारा नाम पूछ रहे थे. यश ने उनको इस लिए पिता क्योकि वह हमारी रैगिंग कर रहे थे और प्रिंसिपल सर के बेटे ने सिया से बदतमीज़ी की थी.
अब उन् तीनो की और उनके बेटे की डर से हालत ख़राब होचुकी थी.
इशांत: राधा बीटा पूरी बात बताओ क्या हुआ था.
मिनिस्टर: इशांत जी मैं बताता हु न. बच्चो के बीच मिस अंडरस्टैंडिंग होगयी है और कुछ नहीं.
इशांत: गुस्से से. मैंने राधा से पूछा है आपसे नहीं. राधा बीटा बताओ.
फिर राधा उन्हें सबकुछ बता देती है आज जो जो हुआ.
इशांत: हआ तोह मिनिस्टर आपका बीटा मेरे बेटे को खानदान को देखेगा.
मिनिस्टर: सर. उससे गलती होगयी. वह बच्चा है. माफ़ कर दीजिये.
इशांत: मर. प्रिंसिपल तुम्हारे बेटे ने मेरी जान से प्यारी बेटी को लेके जो बोलै है उसकी सजा तोह उससे अभी मिलेगी. यष्ठ.
यश: यस डैड.
इशांत: इसने तुम्हारी बेहेन को लेके बोलै है. इसको सजा देने का हक़ तुम्हारा है.
यश आगे बढ़ता है और प्रिंसिपल के बेटे को खिंच के एक थप्पड़ मारता है. जिससे वह वही बेहोश होजाता है.
यश: मर. प्रिंसिपल कैसे मुझे आप और आपका यह बीटा इस कॉलेज में नहीं दिखने चाहिए.
प्रिंसिपल: ी ऍम सॉरी सर. प्लीज मुझे और मेरे बेटे को माफ़ करदे. उससे गलती होगयी है.
यश: इसने मेरे बेहेन के बारे में गलत बोलै. और आप इस कॉलेज के प्रिंसिपल है और आपको यह तक नहीं पता आपके पीछे से क्या क्या होरहा है यहाँ. इस कॉलेज को आप जैसे प्रिंसिपल और इस जैसे स्टूडेंट की कोई जरुरत नहीं है.
प्रिंसिपल इशांत के पास जाके उससे माफ़ी मांगने लगता है.
इशांत: मेरे बेटे ने जो डिसिशन ले लिया वह फाइनल है. अब तुम्हारे और तुम्हारे बेटे की बारी मिनिस्टर.
इशांत एक फ़ोन करता है और कुछ बात करता है मिनिस्टर के पास एक कॉल आता है और उसको बोलै जाता है उसको मिनिस्टर के पोस्ट से ससपेंड किया जाता है.
मिनिस्टर: सर मुझे माफ़ कर दीजिये. मेरा बीटा मेरी hi वजह से hi इतना आगे बढ़ा है. प्लीज सर मुझे माफ़ करदिजिये.
इशांत: तेरा बीटा मेरे बेटे का खानदान देखना चाहता था तोह उसको दिखा दिया है. अब जाके अपने बेटे को संभल.
यह बोल इशांत विक्रम यश और राधा बाकिलोगो के पास आते है.
कमिश्नर खुश था के वह बच गया. फिर वह से सब निकल जाते है.
कॉलेज को भी ऑफ करदिया गया था.
महक: राधा बीटा कैसी हो तुम.
राधा जाके महक के पैरे चुने वाली होती है तोह महक उसको गले लगा लेती है.
राधा: मैं ठीक हु आंटी. आप कैसे है.
महक: मैं भी अच्छी हु. भैया संजना कैसी है.
विक्रम: संजना भी अच्छी है. चलिए आपलोग अभी घर चलिए संजना आपलोगो से मिलके बहोत खुश होगी.
इशांत: आज नहीं विक्रम फिर कभी आएंगे.
राधा: चलिए ना अंकल आंटी प्लीसीई.
महक: अब जब राधा ने बोलै है तब तोह आना hi पड़ेगा.
राधा: आरुषि मेघा तुम दोनों भी चलो.
दोनों: चलो.
राधा: अंकल आंटी यह मेरे बेस्ट फ्रेंड्स है.
दोनों: Hello अंकल Hello आंटी.
इशांत और महक: Hello बीटा.
विक्रम: चलो चलते है.
यश: माँ आपलोग चलिए. हम अपनी कार और बाइक में आते है.
महक: ठीक है.
फिर यश और बाकी सब पार्किंग में जाते है.
राधा की इच्छा थी वह यश के साथ बाइक में जाए. पर वह कुछ बोल ना पायी.
यश के साथ सिया बाइक में और बाकी सब अपने अपने कार में जाने लगते है.