Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat - Page 2 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat

अपडेट 8

अगले दिन आरुषि और मेघा सुबह जल्दी से उस स्केच आर्टिस्ट को लेके आते है. वह दोनों उसको हॉल में बैठा के जल्दी से राधा के रूम में जाते है जहा वह घूम शुभ सी बैठी हुई थी.



दोनों: गुड मॉर्निंग राधा. अब कैसी तबियत है तुम्हारी.



राधा: गुड मॉर्निंग. और मेरी तबियत को क्या हुआ. मैं बिलकुल ठीक हु.



दोनों: अच्छा है चलो हमारे साथ नीचे एक काम है.



राधा: नहीं अभी मेरा कही जाने का मैं नहीं है.



दोनों: चल ना. इससे तेरा hi काम आसान होगा. समाज ले तेरे ड्रीम कृष्णा के पास जाने का 1 स्टेप आगे बढ़ रहा है.



राधा: क्या बोलै तुम दोनों ने.



दोनों: वही जो तूने सूना. अब जल्दी चल नीचे.



राधा बिना एक पल गवाए नीचे आजाती है जहा वह स्केच आर्टिस्ट ने साड़ी तयारी कर लिया था. संजना और विक्रम वही बैठे हुए थे.



राधा: माँ डैड. यह सब क्या है.



विक्रम: राधा यह एक स्केच आर्टिस्ट है. तुम इनको अपने उस ड्रीम कृष्णा के बारे में बताओ यह उसका स्केच बनाएंगे. उससे हम उसको ढूंढेंगे.



राधा: ख़ुशी से नछते हुए. सचहहहहहह.



संजना: बिलकुल मेरी बच्ची.



राधा: थैंक यू माँ थैंक यू डैड.



दोनों: थैंक यू हुम्हे नहीं अपने पीछे कड़ी उन् दोनों से कहो. यह उनका hi काम है.



राधा जल्दी से उनके गले लग जाती है.



राधा: थैंक यू आरुषि थैंक यू मेघा. आज तुम दोनों में मेरे लिए बहोत बड़ा काम करदिया है.



दोनों: चल चल अब ज्यादा सेंटी मत हो. अब जल्दी से इन्हे उसके बारे में बता. दादा यह जैसा बोले बिलकुल वैसे hi बनाना.



फिर राधा उस स्केच आर्टिस्ट को उस लड़के के बारे में सब बताने लगती है. और वह भी वैसा hi बनाने लगते है. 30 मीन्स के बाद वह स्केच तैयार होजाता है.



आदमी: क्या आप सूरे है एहि है वह.



राधा: हआ मुझे जितना पता है मैंने बता दिया.



आदमी: पर यह तोह आधा अधूरा है. जिसमे सिर्फ उसकी आँखे और सर hi है.



राधा: अब जो है एहि है.



आरुषि: दादा जो हुआ है रहने दो.



फिर वह स्केच आर्टिस्ट वह स्केच विक्रम को देके वह से निकल जाता है.



विक्रम: क्या तुम्हे सिर्फ उसकी आँखे और सर hi नज़र आता है प्रिंसेस.



राधा: यस डैड. मुझे कभी उसका पूरा चेहरा दिखा hi नहीं.



संजना: इससे हम उससे कैसे ढूंढेंगे.



राधा: ी don’t क्नोव माँ. पर वह एहि है. मेरा ड्रीम कृष्णा.



आरुषि और मेघा: ठीक है हम है ना हम ढूंढेंगे तू टेंशन मत ले.



विक्रम: बिलकुल.



संजना: ठीक है चलो अब नाश्ता करलो. कल से तुमने कुछ नहीं खाया है. आरुषि मेघा तुम दोनों भी आओ.



दोनों: जी आंटी.



फिर सब नाश्ता करने लगते है. राधा तोह उस स्केच को अपना पास hi राखी हुई थी और उसको देखते हुए hi खा रही थी. और सोच रही थी. कहा हो तुम कैसे हो तुम. देखो आज तुम्हारे करीब आने के लिए एक कदम और बढ़ा लिया है. जल्द hi तुम इस स्केच से बहार निकल के मेरे सामने होंगे.



इधर कल रात को जब यश और बाकी सब शॉपिंग करके घर आये तब वह पे शालिनी का पति और बीटा बैठे हुए थे.



अवि तोह यश और सिया को देखते hi उनके पास दौड़ के उनको गले लगा लेता है.



अवि: कैसे है आप भैया दीदी.



दोनों: हम बिलकुल ठीक है तुम कैसे हो.



अवि: एकदम फिट.



विजय: कैसे हो मेरे बच्चे.



दोनों जाके उनके पेअर छूटे है और बोलते है. एक दम फिट फूफाजी आप कैसे है.



विजय: बस जी रहे है तुम्हारी बुआ के राज में.



शालिनी: क्या कहा तुमने.



विजय: कुछ नहीं. चलो डिनर करलो.



फिर सब डिनर करने लगते है.



डिनर के बाद सबलोग अपने कमरे में जाके सो जाते है.



नेक्स्ट डे ब्रेकफास्ट के टेबल में इशांत यश से बोलता है.



इशांत: यश कॉलेज में एडमिशन स्टार्ट होगया है. तोह तुमलोग जाके करवा लेना.



यश: ोकक डैड हम आज hi जाके करवा लेंगे.



इशांत: ठीक है मैं प्रिंसिपल को बोल देता हु.



यश: No डैड. हम भी बाकियों की तरह लाइन में खड़े होकर hi एडमिशन लेंगे.



इशांत: देखलो जैसी तुम्हारी मर्ज़ी.



फिर यह लोग नाश्ता करके रेडी होजाता है.



यश: सिया हम बाइक से चलते है और तुमतीनो कार से आजाना.



तीनो: ोककक.



फिर 5 जान अपने सर्टिफिकेट्स लेके कॉलेज की तरफ आजाते है. यश और सिया तोह कॉमन पीपल की तरह hi कॉलेज में आये थे बूत अवि आरव और सोनिया अपनी रियल आइडेंटिटी के साथ आये थे.



वह जाके अपने अपने ब्रांच के एडमिशन की लाइन में खड़े होक एडमिशन का फॉर्म लेके कैंटीन में मिलते है.



सिया: यश कितनी भीड़ है आज. जिसमे आज एडमिशन का फर्स्ट डे है.



आरव: सिया यह यहाँ का बेस्ट कॉलेज है. सब इसमें hi एडमिशन लेना चाहते है.



यश: चलो जल्दी से फॉर्म फिलुप करो. फिर सबमिट करके घर जाते है.



इधर राधा के ब्रेकफास्ट के वक़्त.



विक्रम: राधा तुम जिस कॉलेज में जाना चाहती हो वह आज से एडमिशन स्टार्ट होगये है.



राधा: ठीक है डैड. हम आज hi जाके अपना एडमिशन करके आते है.



विक्रम: मैं प्रिंसिपल से बात करू.



राधा: No डैड. वे विल मैनेज.



आरुषि और मेघा: तोह जल्दी से हमारे घर चलते है वह से अपने डाक्यूमेंट्स लेके फिर कॉलेज चलते है.



राधा: हम्म्म ठीक है.



फिर एहलोग जल्दी से आरुषि और मेघा के घर आके अपने डाक्यूमेंट्स लेके कॉलेज आते है.



जैसे hi राधा कॉलेज में पैरर रखती है वह वही रुख जाती है.



आरुषि और मेघा उसको ऐसे रखते देख फिर शॉक होजाते है.



दोनों: क्या हुआ चलना.



राधा: मुझे यहाँ भी उसका एहसास होरहा है. वह एहि है.



दोनों: क्या सच में.



राधा: हआ. मेरी दिल की धड़कन मुझे उसका एहसास एहि करवा रही है.



दोनों: पर यहाँ कितने लोग है. अब इतने सारे लोग मैं usko.kaise ढूंढेंगे.



राधा बिना कुछ बोले भागने लगती है. उसको ऐसे भागते देख ओहदोनो भी परेशां होक उसके पीछे भागने लगते है.
 
अपडेट 9

राधा भागते भागते पुरे कॉलेज में अपनी नज़रे घुमा रही थी. फिर वह एडमिशन लाइन की तरफ जाती है. वह पे उसको कुछ ज्यादा hi पॉजिटिव वाइब्स आरहे थे. वह वह हर एक लड़के के चेहरे को खाश करके आँखे देख रही थी पर वह नहीं मिल रहा था.



फिर वह वह से कैंटीन में जाती है वह भी अच्छी खासी भीड़ थी. फिर वह वह पे भी हर एक टेबल में जाके खोजने लगती है. पर उसको कोई नहीं मिला.



पर तभी 2-3 लड़के आके राधा के पास खड़े होजाते है.



ल1: क्या बात है किसी को ढूंढ रही हो.



राधा: नोने ऑफ़ योर बिज़नेस.



ल2: कहो तोह हम मदद करदे.



राधा: बोलै ना कोई जरुरत नहीं है. जाके अपना काम करो.



ल1: ारी हम अपना काम hi तोह कर रहे है.



ल3: जिसको ढूंढ रही हो अगर वह ना मिला हो तोह हमसे काम चला लो.



राधा गुस्से में आजाती है और उस लड़के को 1 थप्पड़ मार देती है.



ल3: गुस्से में. तेरी इतनी हिम्मत तूने हमपे हाथ उठाया. तू जानती है मैं कौन हु.



राधा: मुझे जानना भी नहीं है. अगर और थप्पड़ नहीं खाना चाहता तोह चुप चाप निकल यहाँ से.



ल3: बहोत बोलती है ना तू. तूने रोहन शर्मा को थप्पड़ मारा है. तुझे तोह छोड़ूंगा नहीं. आई उठाओ इसको. और इसको साथ unndono(Arushi और मेघा) को भी.



राधा: तुझे पता है मैं कौन हु. विक्रम सिंह की बेटी. सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के मालिक की बेटी.



रोहन: तुझे पता है मैं कौन हु. यहाँ के कमिश्नर का बीटा. जिससे तेरा बाप भी डरता है. यह बोल उसने राधा का हाथ पकड़ लिया और उसके साथ आये चमचो ने आरुषि और मेघा को पकड़ लिया.



राधा: चोरो हुम्हे. तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा.



रोहन: इस कॉलेज का हर कोई मुझसे और मेरी पावर से डरता है. आज तुझे कोई नहीं बचाएगा. तूने मुझे थप्पड़ मारा नाआआआआ. अभी वह इतना hi बोलता है के उसकी चीख निकल जाती है.



जब रोहन और उसके चमचे राधा और उसकी दोस्तों से बदतमीज़ी कर रहे थे. तभी वह कैंटीन में 1 ग्रुप आता है. वह यह सब देखते है. उनमे से 1 लड़को बहोत गुस्सा आता है. वह आगे बढ़ने वाला होता है तभी उनमे से एक लड़की उसके कान में बोलती है.



लड़की: ऐसे मत जाओ. अपने फेस को अच्छे से कवर करलो.



लड़का: चिंता मत करो. वह वाला रूप नहीं दिखेगा.



लड़की: फिर भी. कवर करलो. देखने वाले और पहचानने वाले पहचान hi लेते है.



लड़का: ठीककक है.



फिर लड़का अपना फेस कवर करके रोहन के पीछे जाके झट्ट से उसका हाथ मदद देता है. तभी रोहन की चीख निकली थी.



रोहन: दर्द में. कौन है बे तू. चोररर मुझे. तू मुझे जानता नहीं है.



लड़का: होगा किसी बिगड़ी बाप की औलाद. पहले लड़की का हाथ चोरर. वर्ण तेरे पास 1 hi हाथ बचेगा.



रोहन: आई देख क्या रहे हो मारो इसको.



उसके दोनों चमचे लड़के को मारने आते है तोह उस लड़के ने एक hi वार में उनको धेरर करदिया.



लड़का: अब छोड़ेगा या यह अपना हाथ तुड़वायेगा.



रोहन: दर्द से. चोरता हु चोरता हु. ले चोर दिया.



जैसे hi रोहन ने राधा का हाथ छोरा उस लड़के ने भी रोहन का हाथ चोरर दिया.



रोहन: तूने मेरा हाथ मोड़ा. तू जानता है मैं कौन हु.



लड़का: ना तू शरीफ है. ना इस कॉलेज का मालिक लगता है. ना तू कोई सुपर स्टार है. होगा किसी अमीर बाप की बिगड़ी हुई औलाद.



रोहन: मैं इस सेहर के कमिश्नर का बीटा हु. पूरा सेहर मेरे बाप के आगे सर झुका के चलता है. और तूने मेरा हाथ मोड़ा. तुझे छोड़ूंगा नहीं. यह बोल रोहन उस लड़के को मारने आता है.



तोह वह लड़का रोहन के पेट में एक घुसा मरता है तोह रोहन वही बैठ जाता है.



लड़का: तू अभी मेरे सामने बच्चा है. अगर मैंने अपनी पूरी ताक़त से मारा होता तोह तू अब तक शमशान में होता. और तुम्लोग्ग इसको ले जाओ और हॉस्पिटल में एडमिट कराओ. 2 दिन तक यह उठ नहीं सकेगा.



यह बोल वह लड़का राधा के पास आता है.



लड़का: क्या तुम ठीक हो.



जबसे वह लड़का राधा के नज़रो के सामने आया था. राधा उसको पहचानने की कोशिश कर रही थी. पर जब राधा ने उसकी आँखे देखि तोह उसके आँखों से एक पल के लिए आंसू आगये. और वह तब से सिर्फ भीगी पलकों से उसको hi देखे जा रही थी.



लड़का: मैंने पूछा क्या तुम ठीक हो.



राधा: होश में आते हुए. धीरे से हआ.



लड़का: गुड. Ok बई. यह बोल वह लड़का वह से चला गया.



राधा तोह बस उसकी आवाज़ में hi खू गयी थी. उसको तोह यह एहसास भी नहीं था के वह लड़का जा चूका है.



आरुषि और मेघा राधा के पास आते है और उसको हिला के पूछते है.



दोनों: राधा क्या तू ठीक है.



राधा: ी लव यू.



दोनों: ोईए पागल होगयी है क्या. उसको फिर से हिलाते है. राधायआ.



राधा: होश में आते हुए. वह लड़का कहा गया. कहा गया मेरा ड्रीम कृष्णा.



दोनों: क्या बोल रही है.



राधा: ारी वह लड़का जिसने मुझे बचाया. वह कोई और नहीं मेरा ड्रीम कृष्णा है.



दोनों: क्याआआआ.



राधा: हां उसकी आँखे बिलकुल मेरे सपने वाले लड़के से 100% मैच करती है.



दोनों: ारी यौऊ सूरी.



राधा: 200% सूरे. कहा गया ओह्ह्ह्ह.



दोनों: वह तोह कबका चला गया.



राधा: क्याआआआ. मेरे इतने पास आके भी मैंने उससे खू दियाए.



आरुषि: राधा टेंशन मतलो. अब तोह तुम इसी कॉलेज में हो. और शायद वह भी इसी कॉलेज में है. तोह उससे ढूंढ लेंगे.



राधा: ह्म्म्मम्म.



मेघा: पर उसके लिए हुम्हे पहले यहाँ एडमिशन लेना होगा जो इस पागल के वजह से अभी तक हुआ नहीं है.



राधा: जल्दी चलो.



दोनों: थोड़ा मज़ाक करते हुए. क्यों अब ी लव यू नहीं बोलना.



राधा: क्या बोल रही हो.



दोनों: हम क्या बोल रहे है. तुमको हम कबसे बुला रहे थे पर तुम्हे तोह होश भी नहीं था. और जब अपना मुँह खोला तोह उसमे से क्या निकला ी लव यू.



राधा: क्या सच में मैनी ऐसा बोला.



दोनों: और नहीं तोह क्या. किसको ी लव यू बोल रही थी तू.



राधा: शर्मा की. वह जब मुझसे मेरा हाल चाल पूछ रहा था तब मैं उसकी आवाज़ में hi खू गयी. फिर जब तुमदोनो ने मुझे हिलाया तोह मेरे से मुँह से वह निकल गया. यह बोल वह अपना मुँह छुपा लेती है.



दोनों: देखो तोह अब कैसे शर्मा रही है. अगर हमारी जगह उसने सुन्न लिया होता तोह.



राधा: इसशहहहहहह. तब तोह मैं शर्म से hi मर्डर जातीयई.



दोनों: चल चल ज्यादा शर्मा मत. और चल एडमिशन करवाते है.



फिर तीनो जाके अपने एडमिशन करवाते है और घर वापस आते है.



इधर यश एंड ग्रुप भी एडमिशन करवाके घर आजाते है.



रात को इशांत डिनर टेबल पे.



इशांत: तोह होगया तुमसब का एडमिशन.



यश: यस डैड.



इशांत: मैंने सूना आज कुछ प्रॉब्लम होगया था कॉलेज में.



यश: No डैड. ऐसा तोह कुछ नहीं हुआ.



महक: क्या प्रॉब्लम हुआ था इशांत.



इशांत: आज किसी ने कमिश्नर के बेटे रोहन शर्मा को पित्त दिया. किसी लड़की से बदतमीज़ी कररहा था इसीलिए.



महक: बहोत अच्छा किया. और तूने कैसे बोलै कुछ प्रॉब्लम नहीं हुआ.



यश: माँ हमारे सामने तोह नहीं हुआ. हमारा वह से निकल जाने के बाद हुआ होगा.



महक: हम्म होसकता है. पर तुम लोग किसी झमेले में मत पढ़ना. समझिए.



चारो: जीई.



इशांत: कॉलेज कब से स्टार्ट होरहा है.



यश: 4 दिन बाद से.



इशांत: ठीककक है.



फिर सब डिनर करके अपने अपने कमरे में चला जाते है.



इधर रात को एक लड़का चुपके से एक घर से निकलता है.



वह घर से दुर्र एक सुनसान जगह आता है. जहा कुछ लोग उसका इंतज़ार कर रहे थे. उसमे 2 लड़के और 2 लड़कियां थी.
 
अपडेट 10

लड़का: हां क्या इनफार्मेशन है.



ल1: उसने यहाँ के एक गुंडे को सुपारी दी है.



लड़का: किसको दी है.



ल2: यहाँ का दादा है वह पोलिटिकल किलिंग करता है. यहाँ के कमिश्नर का सपोर्ट है उससे.



लड़का: नाम क्या है उसका.



लड़की 1: रघु.



लड़का: हम्म तोह चलो उसको सुपारी के साथ पान चुना इलाइची सब देके आते है. वैसे कितने आदमी है.



लड़की 2: 10-15.



लड़का: चलो सबको अच्छे से पान खिला के आते है.



फिर वह लड़का उन् 4 जान के साथ चल देता है उस रघु के पास.



यह 5 जान रघु के सारे आदमियों को मार के उसके सामने जाके खड़े होजाते है. जहा वह आराम से सो रहा था.



लड़का: उठाओ इसको.



तभी 1 लड़की नई उसके मुँह पे पानी मारा.



रघु हड़बड़ा के उठ गया और अपने सामने इन् 5 जान को देख कर शॉक होगया.



रघु: कौन हो तुमलोग और अंदर कैसे आये.



लड़का: तेरा काल है हम.



रघु: अभी तू जानता है मैं कौन हु. रघु रघु भाई. पूरी मुंबई कांपती है मुझसे. तुमलोग अंदर कैसे आये मेरे आदमियों ने रोका नहीं.



लड़का: तेरे आदमियों को पहले hi यमराज के पास पहुंचा चुके है अब तेरी बारी. यह बोल वह अपनी खून से भीगी हुई कटना निकल लेता है.



जिससे देख के रघु डर जाता है.



रघु: डरते हुई. क्या चाहिए.



लड़का: तूने कुछ टाइम पहले एक बिजनेसमैन की सुपारी ली थी.



रघु: हाआआ लीई थीई.



लड़का: नहीं लेना चाहिए था. यह बोल वह कटना उसके गले में फिरा देता है.



धीरे धीरे रघु वही तड़प के मर्डर गया.



लड़का: चलो.



फिर वह 5 अपने अपने घर निकल जाते है.



इधर वह लड़का जब अपने घर आया और अपने कमरे में गया तोह वह किसी को बैठा देख शॉक होजाता है. फिर जब उसका चेहरा देखा तब शांत हुआ.



लड़का: तुम यहाँ सोई नहीं.



लड़की: तुम बहार गए थे और मैं सो जाऊ. मार दिया उसको.



लड़का: हा.



लड़की: अब क्या.



लड़का: जब तक वह वापस इंडिया नहीं आता तब तक ऐसे hi रहना होगा.



लड़की: अगर किसी ने इनलोगो को कुछ करदिया तोह.



लड़का: मेरे रहते कभी नहीं. और मेरे आदमी हरवक्त इनपे नज़र रखते है. Don’t वोर्री. चलो अब सो जाओ.



फिर वह लड़की अपने रूम में जाके सो जाती है.



लड़का: तू जितना बहार रह सकता है रह ले. तेरे अंत नजदीक आरहा है. जी ले जितना जी सकता है.



फिर वह लड़का अपने फ्रेश होक सो जाता है.



अगली सुबह हर जगह यह न्यूज़ फैल गयी के किसीने मुंबई के मशहूर गुंडे रघु को मार्डिया है. हर जगह एहि खबर थी. जब वह कमिश्नर यह न्यूज़ देखता है तोह वह भी हैरान होजाता है.



कमिश्नर: अब यह कौन आगया जिसने रघु को मार दिया.



साला पहले किसीने मेरे बेटे को मार्डिया. पता किया तोह पता चला कमीने ने विक्रम सिंह की बेटी को पकड़ा था. और उस लड़के का भी कुछ नहीं पता चला और यहाँ किसी ने रघु को मार दिया.



इधर इशांत और विक्रम के घर भी यह न्यूज़ फैल गयी थी.



विक्रम: क्या बात है. आज का दिन अच्छा जायेगा.



संजना: क्या बात है जो खुश होरहे हो.



विक्रम: ारी किसी ने रघु को मार्डिया.



संजना: तुम्हारा दिमाग तोह ठीक है. किसी ने किसी को मार्डिया और तुम खुश होरहे हो. और यह सुबह सुबह खून खराबे की बात कर रहे हो बंद करो.



विक्रम: ारी गुस्सा क्यों होरही हो कर रहा हु. वैसे हमारी प्रिंसेस कहा है कल से दिखी नहीं.



संजना: कल जब से एडमिशन करवा के आयी है अपने रूम में hi बैठी है उस स्केच को लेके और सिर्फ मुस्कुराई जा रही है.



विक्रम: बुलाओ उसको जरा हम भी देखे आखिर क्या हुआ.



संजना राधा को बुलाके लाती है.



राधा: गुड मॉर्निंग डैड.



विक्रम: गुड मॉर्निंग प्रिंसेस. कल कैसा रहा एडमिशन. कुछ प्रॉब्लम तोह नहीं हुआ ना



राधा जब कल एडमिशन का सुनती है तोह शर्मा जाती है.



संजना: ारी तुझसे एडमिशन का पूछा है शादी का नहीं जो इतनी शर्मा रही है.



राधा: ओह्ह्ह डैड कल मुझे एडमिशन के वक़्त वह मिल गया.



विक्रम: कौन मिल गया प्रिंसेस.



राधा: मेरा ड्रीम कृष्णा.



दोनों: शॉक से. Kyaaaaaaaaaaaa. कब कहा कैसे.



राधा: डैड माँ कल कॉलेज में मिला.



विक्रम: बीटा पूरी बात बताओ.



फिर राधा उन्हें कल कॉलेज में जो कुछ हुआ सब बता देती है.



विक्रम: क्याआ. उस कमिश्नर के लड़के की इतना हिम्मत. उसने तुम्हारे साथ बदतमीज़ी की. मैं उससे छोड़ूंगा नहीं.



राधा: डैड आप उससे कुछ मत करियेगा. उसकी वजह से hi तोह मुझे वह मिला है.



संजना: पर बीटा तुम्हे यकीन है के जिसने तुम्हारी हेल्प की वह लड़का तुम्हारे सपनो वाला है. जबकि उसने तोह अपना फेस कवर किया हुआ था.



राधा: हआ माँ. उसकी आँखे मेरी सपनो वाली आँखों से फुल मैच करते है. और फिर मेरे दिल ने भी इसको महसूस किया है.



विक्रम: पर तुम उससे ढूँढोगी कैसे.



राधा: डैड अब मैं भी उस कॉलेज में hi हु और वह भी. मैं उससे ठीक ढूंढ लुंगी.



विक्रम: अच्छा है. पर उस कमिश्नर की तोह.



राधा: No डैड. मेरे ड्रीम कृष्णा ने उसको सबक सीखा दिया है. अगर फिर से वह कुछ करता है तब आप एक्शन ले लीजियेगा.



विक्रम: ठीककक है.



संजना: चलो अब नाश्ता करो.



फिर सब नाश्ता करते है. विक्रम नाश्ता करके वह से निकल जाता है.



विक्रम एक कॉल करता है.



आदमी: Hello कौन.



विक्रम: विक्रम सिंह.



आदमी जैसे hi यह सुनता है थोड़ा शॉक होजाता है.



आदमी: विक्रम जी. मेरे बेटे ने जो किया उसके लिए मैं माफ़ी मांगता हु.



विक्रम: कमिश्नर . अपने बेटे को समझा देना अगली बार अगर उसने मेरे बेटी या उसके दोस्तों की तरफ आँख उठा कर भी देखा तोह वही ज़िंदा गार दूंगा. क्या बोलै था उसने मैं तुम्हारे सामने सर झुका के चलता हु.



कमिश्नर: गलती होगयी. आप और इशांत जी जैसे लोग है तभी तोह हम है. प्लीज माफ़ करदिजिये. मैं उससे समझा दूंगा.



विक्रम: एहि तुम्हारा और तुम्हारे बेटे के लिए अच्छा होगा.



यह बोल विक्रम कॉल कट करदेता है.



कमिश्नर वह से सीधा अपना बेटे के पास जाता है जो मोबाइल में गेम खेल रहा था. कमिश्नर जाके उसको एक थप्पड़ मारता है.



रोहन: क्या हुआ डैड. आपने मुझे क्यों मारा.



कमिश्नर: कल किस लड़की के साथ बदतमीज़ी की है तुझे पता है.



रोहन: उस लड़की को तोह मैं छोड़ूंगा नहीं.



कमिश्नर: तू जानता है उसका बाप कौन है



रोहन: हां बोल रही थी किसी विक्रम सिंह की बेटी है. तोह उससे क्या.



कमिश्नर: अभी कमीने. उस विक्रम सिंह जैसे लोगो के वजह से hi मैं पावर में हु. और तू उसकी बेटी के साथ बदतमीज़ी करके आया है.



रोहन: ओह्ह शीट्ट्ट्ट. ी ऍम सॉरी डैड. मुझे नहीं पता था.



कमिश्नर: यह तोह अच्छा हुआ. विक्रम सिंह ने इस बार चोरर दिया. वर्ण वह तुझे ज़िंदा गार देता और मैं कुछ करने जाता तोह उसका दोस्त इशांत अग्रवाल अग्रवाल एम्पायर का मालिक आजाता. और अगर वह आता तोह पूरी सरकार को झुकना पढता.



रोहन: Whatttttttttt.



कमिश्नर: हआ. इशांत और विक्रम बहोत अच्छे दोस्त है. और इशांत विक्रम की बेटी को अपनी खुद की बेटी मानता है.



रोहन: सरररययय ड़ड़ड़ड़.



कमिश्नर: अगली बार से ध्यान रखना उससे 100 कदम दुर्र hi रहना.



रोहन: एस डैड. बी थे वे डैड. अगर मैं उस विक्रम की बेटी से शादी करलु. तोह वह विक्रम और इशांत हमेशा के लिए आपके नीचे आजायेंगे. क्योकि उनकी बेटी हमारे पास रहेगी.



कमिश्नर: यह इतना आसान नहीं रहा तेरी उस हरकत के बाद.



रोहन: मैं उससे माफ़ी मांगके उससे दोस्ती करके उसको अपने प्यार के जाल में फसा लूंगा डैड.



कमिश्नर: अगर यह होता है तोह फिर मैं इस सेहर का सबसे पॉवरफुल आदमी बन सकता हु.



रोहन: यस डैड.



कमिश्नर: पर अगर कुछ गर्बर हुई तोह तू फिर ज़िंदा नहीं बच पायेगा.



रोहन: Don’t वोर्री डैड. ी विल हैंडल आईटी. बस आप उस लड़के के बारे में पता करे जिसने मुझे मारा था.



कमिश्नर: मैंने आदमी लगा दिए है. तू चिंता मत कर.



यह बोल कमिश्नर वह से निकल जाता है.



रोहन: तूने मुझे थप्पड़ मारा था. अब देख तेरी ज़िन्दगी नर्क से बदतर बना दूंगा मैं.
 
सॉरी दोस्तों. एक्चुअली मैंने हायर स्टडीज के लिए एक कॉलेज में अप्लाई किया था. और एंट्रेंस एग्जाम भी दिया था. पर सिलेक्शन नहीं हुआ. और उम्मीद से बहोत काम मार्क्स मिले थे. इसीलिए मूड पूरी तरह से ऑफ था. और उसकी वजह से hi यहाँ पे वह सब लिख दिया.

पर मैं यह स्टोरी भी कम्पलीट करूंगा. कल से रेगुलर उपदटेस आएंगे. .

थैंक्स फॉर सपोर्ट.
 
थैंक यौऊ जी.

आपने तोह कुछ ज्यादा hi तारीफ करदी. और रघु का सन इस्सलिये जल्दी जल्दी निकल दिया क्योकि वह कोई इम्पोर्टेन्ट रोले नहीं था. बस एक नमूना था.

कमिश्नर और उसके बेटे को पता है वह किस जगह हाथ दे रहे है. पर लालच और बुरी नियत ने उनको अँधा करदिया है.

और जिसका इंतज़ार होरहा है इंडिया में आने का वह जब आएगा तोह स्टोरी एन्ड की तरफ जाएगी. क्योकि मैं विलन वही है
 
अपडेट 11

ऐसे 4 दिन गुज़र जाते है. आज सभी के कॉलेज का पहला दिन था.



पर राधा थोड़ी ज्यादा hi एक्ससिटेड थी. इसीलिए वह सुबह जल्दी उठ के अच्छे से तैयार होक नीचे आती है.



संजना: राधा कॉलेज जा रही हो या शादी में.



राधा: माँ कॉलेज जा रही हु.



संजना: तोह इतना सज सवार के क्यों जा रही हो.



राधा: शर्मा के. वह माँ आज कॉलेज में अगर वह मिलगया तोह.



संजना: तोह क्या.



राधा: माँ वह कहते है फर्स्ट इम्प्रैशन इस लास्ट इम्प्रैशन. इसीलिए मैं अपनी तरफ से कोई कमी नहीं चूर्ण चाहती.



संजना: पागल लड़की. उससे मिली भी नहीं जानती भी मिली. यहाँ तक के उसका नाम तक नहीं पता. और वह आज आएगा भी या नहीं. यह तक नहीं पता. और यह पागल ऐसे सज सवार के जा रही है.



राधा बस शर्मा जाती है.



संजना: अब शर्माना चोरो और नाश्ता करो.



राधा: डैड कहा है.



विक्रम: हम यहाँ प्रिंसेस.



राधा: गुड मॉर्निंग डैड.



विक्रम: गुड मॉर्निंग प्रिंसेस. सो एक्ससिटेड फॉर कॉलेज.



राधा: यस डैड.



संजना: तू सच में कॉलेज के लिए एक्ससिटेड है आआआआ.



राधा: ममममममम.



संजना: अच्छा अच्छा ठीक है. चलो नाश्ता करो.



फिर राधा जल्दी से नाश्ता करके कॉलेज के लिए निकल जाती है.







इधर यश एंड ग्रुप भी जल्दी से नाश्ता करके कॉलेज के लिए निकल जाते है.



राधा जल्दी से कॉलेज पहुंच के पार्किंग में hi अपनी कार में बैठी रहती है.



आरुषि और मेघा जब आते है तोह राधा को कार में hi देखते है.



दोनों: ोई पागल कार में क्या कर रही है चल ना.



राधा: ारी यहाँ पार्किंग में hi रखते है. जब वह आएगा तोह उसको एहि से पहचान लुंगी.



दोनों: यह लड़की पागल होचुकी है.



राधा: ज्यादा बकबक बंद करो और कार में बैठो और हर लड़के की आँखों को देख कर अपने जीजाजी को खोजो.



दोनों: ूहू जीजाजी.



राधा: हां तोह जब उससे मेरी शादी होगी तोह वह तुम्हारा जीजाजी न होगा. यह बोल शर्मा जाती है.



दोनों: अभी तक उससे मिली भी नहीं. जानती तक नहीं और शादी तक पहुंच गयी.



राधा: शर्मा के. चुप करो. और हेल्प करो.



फिर तीनो वही बैठ के गेट से अंदर आते हर लड़के आँख को देख रही थी. पर तभी वह एक कार और एक बाइक अंदर आते है. जैसे hi वह अंदर आते है वैसे hi राधा की धड़कने तेज़ होगयी.



राधा : वह आगया.



दोनों: कहा है.



राधा: मेरी दिल ने कहा वह आगया है.



दोनों: अभी एक कार और बाइक अंदर आयी है होसकता है उसमे हो.



राधा यह सुनते hi भाग के उधर जाती है.



यह दोनों भी भाग कर उसके पीछे जाते है.



राधा भागते हुए जा रही थी तभी वह किसी से टकरा जाती है.



पर जब वह गिर्र रही थी तभी किसी ने उससे पकड़ लिया. राधा गिरने के डर से अपनी आँखे बंद करलेती है.



जिस लड़के ने उससे पकड़ा वह उसके उस मासूम चेहरे में खू सा गया. वह बस उसके उस मासूम से चेहरे को hi देख रहा था. और राधा बस अपनी आँखे बंद किये गिरने का इंतज़ार कर रही थी.



पर जब कुछ देर तक वह गिरी नहीं तब उसने अपनी आँखे खोली तोह खुद को किसी के हाथो में पाया. वह झट्ट से उठ जाती है.



जब वह उठती है तोह उस लड़के होश आता है. उस लड़के के पीछे खड़े उसके साथी सन का मज़ा ले रहे थे. उनमे से किसी ने उनकी एक पिछ ली. पर जब सन ख़तम तब वह भी उसके पास आते है. तब तक आरुषि और मेघा भी आगये थे.



राधा जब कड़ी होती है तोह उस लड़के देखती है. फिर बोलती है.



राधा: थैंक यू. मुझे बचने.....



अभी वह इतना hi बोलती है के अचानक चुप होजाती है.



क्योकि राधा बोलते हुए अचानक उसकी आँखों में देख लेती है. और जब वह उसकी आँखों में देखती है तोह उसको शौककक लगता है.



लड़का: क्या तुम ठिक्क हूँ.



राधा को तोह जैसे कुछ सुनाई hi नहीं दे रहा था वह तोह बस उसके चेहरे को अपने दिल दिमाग और आँखों में बसा रही थी.



लड़का: Hello.



आरुषि राधा को चुटी काट टी है. जिससे वह चीख उठती. और उसकी तरफ देखती है. तोह वह इशारे से उस लड़के की तरफ देखने को बोलती है.



राधा जब उसकी तरफ देखती है तब उसको होश आता है.



राधा: थैंक यू मुझे बचने के लिये.



लड़का: क्या तुम ठीक हो.



राधा: हा.



लड़का: ोककक.



तभी उसके साइड में कड़ी लड़की उसके पास आती है और उससे चिपक जाती है.



उस लड़की के ऐसे चिपकने से राधा को बहोत गुस्सा आता है उसका मैं कर रहा था अभी उस लड़की को मार दी.



लड़की: चले.



लड़का: हां चलो. ोकक नीस तो मीट यू.



राधा: क्या हम दोस्त बन सकते है.



लड़का: आज तोह पहला दिन है. अगर किस्मत में रहा तोह दोस्त जरूर बनेंगे. बी थे वे मेरा नाम यश है यश अग्रवाल.



राधा: राधा. राधा सिंह.



यश: नीस तो मीट यू राधा.



राधा: शामे हेरे यशःह्ह.



फिर यश आगे चला जाता है. और राधा वही उसके खयालो में खोओ जाती है और उसको जाते हुए देखती रहती है.



आरुषि और मेघा: ारी ोोोू यहाँ कड़ी क्यों है. तुझे उसको ढूंढ़ना नहीं है क्या.



राधा: किस्से ढूंढ़ना है.



दोनों: ारी तेरे ड्रीम कृष्णा को. जिसके लिए तू पागल है.



राधा: ड्रीम कृष्णा नहीं यशःह्ह्ह्ह. मेराआ यशःह्ह्हह्ह.



दोनों: अब यह यश कौन है और कहा milaaaaaaaaaa. एक मिनट कही यह लड़का hi तोह........



राधा: यश मेरा यश. यश अग्रवाल.



दोनों: इसका मतलब यह वही लड़का है. जिसने तुझे पागल कर रखा है और जिसने तुझे उस दिन बचाया था.



राधा: हा. यश. मेरा यश.



दोनों: ारी क्या कबसे एक hi चीज़ बोल रही है. तू चल हमारे साथ.



वह दोनों उसको खिंच के कैंटीन में ले जाते है और एक साइड में टेबल में बैठ जाते है.



दोनों: अब चुप चाप बता. क्या यह वह hi लड़का है. जो तेरे सपनो में आता था. जिसने तुझे ुस्सदिन यहाँ पे हेल्प किया था. और उस दिन मॉल में जिसका एहसास तुझे हुआ था.



राधा: हआ एहि है मेरा ड्रीम कृष्णा. मेरा यश. तुमदोनो ने मेरे यश की आँखे नहीं देखि थी. यह वही आँखे है जो मुझे सपनो में दिखती है. यह वही आँखे है जो उस दिन मुझे यहाँ हेल्प किया था.



दोनों: मतलब तेरा ड्रीम कृष्णा यश है. यश अग्रवाल.



राधा: शर्मा के. हआ.



दोनों झट्ट से उससे गले लगा लेती है.



दोनों: कोंग्रटुलतिओन्स राधा. आखिर तुझे वह मिल hi गया.



राधा: जो आँखे मुझे 2 साल से दिखती थी आज उसका पूरा चेहरा दिख गया. जिससे मैं अनजाने में hi पुरे 2 साल से प्यार कर रही हु वह आज मुझे मिल गया. ी ऍम सो सो सो हैप्पी.
 
थैंक यू

इसको बेशर्मी नहीं चुलबुला पैन कहते है. जिनके मैं में कोई पाप नहीं होता. पानी की तरह निस्चल होता है. और साफ़ मैं के लोग hi यह करते है. और साफ़ मैं के लोग hi यह करते है. उनके मैं में कभी कोई बुरे ख़यालात नहीं आते. जो मैं में आता है वह बोल देते है.

और इधर यश को राधा को देख कर वही फीलिंग आती है जो राधा महसूस करती है उसके लिए. सो इधर आप कह सकते है के लव बोथ साइडेड है.
 
अपडेट 12

इधर यश एंड ग्रुप जब कैंटीन में आये तब यश कैंटीन में चुप चाप बैठ जाता है और कुछ सोच रहा होता है. और हल्का हल्का मुस्कुरा रहा होता है.



सिया: क्या बात है यश क्या सोच रहे हो.



सोनिया: क्या नहीं सिया बोल किसके बारे में सोच रहे हो.



यश कुछ नहीं बोलता बस अपने खयालो में hi रहता है.



सोनिया: भाई कितनी ख़ूबसूरत थी ना वह.



यश: बेखयाली में hi. हआ बहोत. बिलकुल पारी जैसी.



सबलोग शॉक जाते है.



सिया सोनिया और अवि आरव एकदूसरे को देखने लगते है. फिर मुस्कुरा देते है.



सिया: आवाज़ कितनी मीठी थी ना.



यश: बेखयाली में hi. हआ गुड़ से मीठी.



अवि: क्या नाम था उसका याद नहीं आरहा.



यश: बेखयाली में. राधा. राधा सिंह.



जैसे hi वह चारो यह सुनते है उनकी स्माइल गहरी होजाती है.



सिया जोररर से यश को हिलती है तोह वह अपने खयालो से बहार आता है.



यश: हां क्या हुआ.



सिया: वही तोह हम पूछ रहे है तुम्हे क्या हुआ. कबसे बुला रहे है. कहा खोये हुए हो.



यश: हड़बड़ा के. कुछ नहीं वह एक काम याद आगया था उसके बारे में hi सोच रहा था.



आरव: कही उस काम का नाम राधा तोह नहीं.



यश यह सुनके घबरा जाता है. पर बोलता है.



यश: मतलब. क्या कहना चाहते हो. और कौन राधा.



सिया: अच्छा अब कौन राधा. वही जिससे अभी तुमने पार्किंग में गिरने से बचाया.



यश: अच्छा वह लड़की. हां तोह उसका क्या. मैं तोह उससे जानता तक नहीं.



तभी सोनिया ने अपने फ़ोन से यश के बेखयाली में बोले हुए बात को रिकॉर्ड किया था वह प्ले कर दिया.



यश यह सुनके बुरी तरह घबरा जाता है. तभी यश के मोबाइल में एक मश्ग आता है. जब यश वह मश्ग देखता है तोह और घबरा जाता है. क्योकि उसमे वही पिछ थी जो पार्किंग में ली गयी थी.



सिया: अब बोलो यश. यह सब क्या है. माँ को बोले.



यश कुछ नहीं बोल पता.



तभी सबलोग है देते है और यश शर्मा जाता है.



सोनिया: मेरे भाई को प्यार होग्या. क्या बात है. कॉलेज के पहले दिन hi मेरा भाई फहस्स गया.



सिया: जिसका डर था वहीइ हुआ. हमारा भाई हमारा ना रहा.



अवि: अब तोह भाभी से मिलना होगा. राधा भाभी.



यह बोल ओहलोग वापस हसने लगते है जिससे यश और ज्यादा शर्मा जाता है.



यश: क्लास का टाइम होगया है. बीईई. यह बोल वह भग्ग जाता है. उसका भागते हुए देख कर वह लोग फिर हसने लगते है.



सोनिया: बुआ को बोलना पड़ेगा. उनके बेटे ने बहु ढूंढ ली.



सिया: नहीं सोनू. ऐसा बिलकुल मत करना. आज बहोत साल बाद मैंने इसके चेहरे में हसी देखि है. अगर ऐसा करते है तोह यह ज्यादा होजायेगा. यह बात जब तक दोनों तरफ से कन्फर्म ना हो. और जब तक यश ना चाहे हम किसी को नहीं बताएँगे. शायद इससे यश को दुःख हो.



सोनिया और आरव: हां सिया सही कहा आज बहोत साल बाद भाई को ऐसे हस्ते हुए देखा है. हम भाई से उसकी हसी नहीं छीनेंगे. पर यह हसी जिसके वजह से आयी है उससे तोह जरूर मिलेंगे.



सिया: बिलकुल. बूत अस ा फ्रेंड. और उसके पहले उसका टेस्ट लेंगे. क्या वह हमारी भाई के लिए परफेक्ट है या नहीं.



दोनों: बिलकुल.



सिया: चलो क्लास में चलो.



फिर सबलोग क्लास में आते है.



इधर आरुषि राधा को बोलती है.



आरुषि: पर राधा तूने देखा ना उसके साथ 2 लड़कियां भी थी. और एक तोह कुछ ज्यादा hi चिपकी हुई थी.



राधा जब यह सुनती है तोह उसके आँखों में हलके आंसू आजाते है. पर वह उन्हें पॉच के बोलती है.



राधा: होसकता है दोस्त हो. या रिलेटिव्स हो.



मेघा: ऐसा hi हो तोह अच्छा है.



राधा का चेहरा जो अभी तक ख़ुशी से खिला हुआ हुआ था वह अब मुरझा रहा था



आरुषि: राधा उदास मत हो. चल क्लास में चलते है.



फिर यह लोग अपने क्लास में आजाते है.



जब यह क्लास में आते है तोह आरुषि और मेघा को शॉक लगता है



दोनों: राधा जल्दी से सामने देख.



राधा जब देखती है तोह उसका मुँह खुला का खुला रह जाता है.



क्योकि उसके सामने यश बैठा हुआ था और उसके अगल बगल लड़कियों का झुण्ड था जो उसको hi ताड़ रहा था.



राधा जब यह देखती है तोह उसको बहोत गुस्सा और जलन होती है.



राधा: देखो तोह कामिनियों को कैसे मेरे यश के घुर्र रही है जैसे कच्चा खा जाएगी.



दोनों: राधा को चिढ़ाने के लिए. कुछ भी बोलो पर बाँदा है बड़ा हॉट. इसकी बॉडी तोह देखो. और आँखे देखो हलकी नीली है. अगर ऐसा बॉय फ्रेंड हो तोह और क्या चाहिए.



राधा: दोनों को घूरते हुई. जब घर में hi दुश्मन भरे हो तोह बहार वालो को क्या कहे. यह बोल उनको चुटी काट लेती है.



दोनों: आअह्ह्ह्ह कामिनी क्या कर रही है. प्यार क्या मिला दोस्तों को भूल गयी.



राधा: जब दोस्त दोस्त के प्यार पे डाका डाले तोह ऐसा hi करना चाहिए. अब चुप चाप चलो. और इन् चुड़ैलों को तोह मैं देखती हु. साला मेरे माल पे डाका.



यह बोल राधा झट्ट से यश के पास जाती है.



राधा: होई.



यश जब राधा की आवाज़ सुनता है तोह झट्ट से उस तरफ देखता है और देखता hi रहता है.



तभी उन् लड़कियों में से एक बोलती है. लो आगयी एक और. आई चल लाइन में लग दिख नहीं रहा हम यहाँ पहले से है.



राधा यह सुन्न के बहोत गुस्सा होजाती है. उसका मन तोह कर रहा था सबको यही मार वाले. पर कण्ट्रोल करती है.



राधा: होई.



यश: होई. फिर उसको इशारे से बोलता है उसको बचाले.



राधा: क्या बात है मैं कब से ढूंढ रही हु. और तुम यहाँ हो.



उन् लड़कियों में से बोलती है. तुम जानती हो इससे.



राधा: गुस्से में. मेरा होने वाला पति है चलो हवा आने दो.



यश जब यह सुनता है तोह उसको खाशी आजाती है. उसके साथ साथ आरुषि और मेघा को भी. वह तीनो उसको शॉक से देख रहे होते है.



तभी वह साड़ी लड़कियां चिल्ला के बोलती है. क्याआआआआ पाटीईई.



राधा: हा पाटीईई. चलो अब निकलो.



साड़ी लड़कियां एकबार यश को देखती है तोह वह कुछ नहीं बोलता बस स्माइल कर देता है. जिसे वह लड़कियां हां समाज के उतरा हुआ मुँह लेके चल देती है.



जैसे hi साड़ी लड़कियां वह से जाती है. राधा झट्ट से बोलती है.



राधा: ी ऍम सॉरी. मुझे और कोई रास्ता नहीं मिला इसीलिए यह बोल दिया.



यश: कोई बात नहीं मैं समाज गया था.



राधा: क्या मैं यहाँ बैठ सकती हु.



यश को तोह जैसे उड़ने का मन कर रहा था. और राधा बस उसके मुँह से हां सुनने के लिए दुआ कर रही थी.



यश: यह सूरी. अब अगर तुम यहाँ नहीं बैठी तोह फिर उन् सबको शक्क होजायेगा और वह यहाँ आजायेगी.



राधा यह सुनते hi झट्ट से यश के बगल में बैठ जाती है.



दोनों hi बात को कैसे आगे करे यह सोच रहे थे. पर दोनों hi शर्म के मारे कुछ नहीं बोल पा रहे थे.



राधा को तोह अब भी यकीन नहीं होरहा था जिसके सपने वह कब से देखते आरही है जिसके लिए वह बिलकुल पागल है वह उसके बगल में बैठा है. और अभी वह मज़ाक मज़ाक में उसको अपना पति बोलचूकि है. वह तोह शर्म से मरी जा रही थी.



तभी आरुषि और मेघा वह आते है.



दोनों: राधा तुम यहाँ बैठोगी.



राधा: हआ. वह अब इनको बचने के लिए जब झूट बोलै है तोह बैठना पड़ेगा. बी थे वे यह मेरी बेस्ट फ्रेंड्स है आरुषि और मेघा.



दोनों: होई.



यश: होई. ी ऍम यश. यश अग्रवाल.



दोनों: हां हम जानते है.



यश: कैसी.



दोनों: ारी वह पार्किंग में hi तोह बोलै था.



यश: ोू हआ.



राधा: वैसे तुम्हारे साथ जो लोग थे वह कौन थे.



यश: अच्छा वह. वह तोह मेरे. अभी कुछ बोलने hi जा रहा था फिर कुछ सोच के बोलता है. वह मेरे दोस्त है. जो लड़के थे वह आरव और अवि उसके बगल में जो थी वह आरव की बेहेन सोनिया जो के मेरी भी बेहेन hi है और मेरे बगल में जो थी वह थी मेरी सबसे अच्छी सबसे प्यारी मेरी बेस्ट फ्रेंड. सिया.



राधा जब सोनिया को लेके सुनती है तोह वह रिलैक्स फील करती है पर जब वह सिया को लेके सुनती है तोह उसको टेंशन होजाता है.



राधा: ोू अच्छा.



राधा मैं में hi सोचती रहती है कही यह सिया इसकी गर्लफ्रेंड तोह नहीं. नहीं नहीं ऐसा नहीं होसकता. तोह फिर वह सबसे अच्छी सबसे प्यारी यह क्यों बोलै. अगर सच में इसकी गर्लफ्रेंड हुई तोह मेरा क्या होगा. वह इसी सोच में रहती है के क्लास में टीचर एंटर करते है.



टीचर: गुड मॉर्निंग स्टूडेंट्स. आज आप सबका फर्स्ट डे है तोह कोई पढाई नहीं होगी. आप सब अपना अपना इंट्रो दे.



फिर एक एक करके सब अपना इंट्रो देते है. फिर जब राधा की बारी आती है तोह वह अपनी सोच में hi घूम थी.



यश: राधा सर तुम्हारे इंट्रो का वेट कर रहे है.



राधा होश में आती है और बोलती है.



राधा: माय सेल्फ राधा सिंह. ी हैवे सक्रेड 98% इन स्कूल.



टीचर: वाह. अभी तक में तुम्हारा स्कोर hi सबसे ज्यादा है. बहोत अच्छे.



फिर यश अपना इंट्रो देने के लिए खड़ा होता है तोह साड़ी लड़कियां उसको hi घुर्र रही थी. राधा को देख कर गुस्सा आने लगता है.



यश: माय सेल्फ यश. यश अग्रवाल. ी हैवे सक्रेड 99.99% फ्रॉम लंदन.



सब यश का इंट्रो सुनके शॉकेड होजाते है. राधा भी एक पल के लिए शॉक होजाती है.



टीचर: फ्रॉम लंदन.



यश: यस. एक्चुअली मुझे स्कॉलर्शिप मिला था इसीलिए मैं वह पे पढ़ पाया. और अब आगे की पढाई के लिए वापस इंडिया आगया हु.



टीचर: ग्रेट. तुम्हारा स्कोर तोह पुरे कॉलेज में सबसे ज्यादा है. ी थिंक उसके बाद शायद राधा का है.



यश: ी ऍम सॉरी सर. मेरे बाद पुरे कॉलेज में मेडिकल स्टूडेंट सिया का है 99%.



राधा जब यह सुनती है तोह वह और शॉक होजाती है. और उसके आँखों से आंसू आजाते है सिया के बारे में सुनके.



टीचर: वाह. दो इंटेलीजेंट स्टूडेंट हमारे कॉलेज में है. उम्मीद है तुमदोनो अपना रिजल्ट ऐसा hi रखोगे.



यश: वे विल तरय.



टीचर: दीद यू क्नोव सिया?



यश: यस सर. शी इस माय. यश यह बोलते वक़्त राधा को hi देख रहा था. और वह आगे कुछ सुन्ना नहीं चाहती थी इसीलिए अपने कान को बंद कर रखा था. यह देख यश को हसी आरही थी.



यश: यस सर. शी इस माय सिस्टर. यह वर्ड थोड़ा जोरर से hi बोलै था जिससे राधा सुन्न सके. सिया. सिया अग्रवाल.
 
थैंक यू

आज तक स्टोरी का राइटर कभी सीधा क्लास में नहीं गया. कॉलेज में आते hi सीधा पहले कैंटीन में 1सत क्लास करता. वह कैसे अपनी स्टोरी के चरक्टेर्स को पहले सीधा क्लास में भेजेगा. :डी:

और रही माँ बाप के पैसो को उड़ने की बात तोह उसके पास इतना है के कभी ख़तम न हो. और अब तोह और ज्यादा होने वाला है.

जो चिपक रही थी वही गर्लफ्रेंड निकलेगी या नहीं यह तोह बाद में पता चलेगा hi. और दिल टूटेगा या और जुड़ेगा यह भी उसके साथ hi पता चलेगा
 
अपडेट 13

राधा जब यह सुनती है तोह उसकी ख़ुशी का ठिकाना hi नहीं था. उसका दिल कर रहा था वह अभी नाचने लगे. पर वह कण्ट्रोल करती है और यश को घुर्र के देखती है.



टीचर: ोोोककक.



फिर यश बैठ जाता है. और राधा की तरफ देखता है तोह वह उसको घुर्र रही थी.



यश: क्या हुआ.



राधा: तुमने झूट क्यों बोलै के सिया तुम्हारी बेस्ट फ्रेंड है.



यश: मैंने कोई झूट नहीं बोलै. मैंने सच कहा है वह मेरी बेस्ट फ्रेंड है.



राधा: पर अभी तोह तुमने कहा वह तुम्हारी बेहेन है.



यश: तोह यह कहा लिखा है बेहेन बेस्ट फ्रेंड नहीं होसकती.



राधा यह सुनते hi चुप कर जाती है. पर फिर बोलती है.



राधा: तोह तुम बेस्ट फ्रेंड बोलके चुप के चुप क्यों होगये थे.



यश: आगे बोलने वाला था पर तभी सर आगये. यह बोल मैं hi मैं हसने लगता है.



राधा: ोोोू.



यश: एक्चुअली मैंने कभी दोस्त नहीं बनाये. सिया hi हमेशा से मेरे साथ थी. वह मेरी दोस्त मेरी बेहेन सब कुछ बानी मेरे लिए. इसीलिए उसको हमेशा अपनी बेस्ट फ्रेंड अपनी ज़िन्दगी का सबसे इम्पोर्टेन्ट हिस्सा hi माना है.



राधा: क्या कुछ पूछ सकती हु.



यश: हम्म.



राधा: तुमने कभी दोस्त क्यों नहीं बनाये. और वह दोनों कैसे दोस्त बने.



यश: जो भी दोस्त बनता. वह मेरा स्टेटस देख कर बनता. कोई अपना काम निकलवाने के लिए बनता. तोह कोई मेरा स्टेटस देख कर पीछे हट जाता. इसीलिए कभी दोस्त नहीं बनाये. और वह दोनों हमारे फॅमिली के रिलेशन में भी आते है इसीलिए.



राधा: ोककककक. तोह क्या मैं दोस्त बांके लायक हु.



यश: अगर तुमने भी मेरे बारे में जान कर चोरर दिया तोह.



राधा: मैं प्रॉमिस करती हु. मरते दम तक तुम्हारा साथ नहीं छोड़ूंगी. हमेशा तुम्हारे साथ रहूंगी.



यश: प्लीज यह मरने की बात मत किया करो.



राधा: सॉरी. सो फ्रेंड्स. यह बोल अपना हाथ आगे बढ़ा देती है.



यश एक बार तोह उसकी आँखों में देखता है फिर बोलता है अभी तोह मिले है धीरे धीरे फ्रेंड्स भी बन जायेंगे.



राधा: ोककक. मुझे इंतज़ार रहेगा फ्रेंडशिप का.



यश: ोककक. चलो बहार चलते है.



फिर यह दोनों आरुषि और मेघा के साथ बहार आते है और कैंटीन में जाते है. जहा पहले से hi अवि सिया सोनिया और आरव बैठे हुए थे.



यश उनके पास जाके उनसे सबको इंट्रोडस करवाता है. पर अपना रियल आइडेंटिटी नहीं बोलता.



अवि सिया सोनिया और आरव तोह राधा को पकड़ के अपने बीच में बैठा लेते है.



सिया: ही ी ऍम सिया. सिया अग्रवाल.



राधा: होई. ी ऍम राधा सिंह.



सोनिया: ही ी ऍम सोनिया.



आरव: ही ी ऍम आरव.



अवि: ही ी ऍम अवि.



राधा: होई. यह है मेरे दोस्त. आरुषि और मेघा. और दोनों बेहेन है.



दोनों: ही.



चारो: हीई. बैठो ना. फिर वह दोनों भी बैठ जाते है.



इधर सोनिया यश को इशारे से बोल रही राधा दिखने में बहोत अच्छी है.



यश कुछ नहीं बोलता बस चुप चाप बैठ रहता है.



सिया: अपने बारे में कुछ बताओ राधा.



राधा: मेरा नाम तोह आपलोग जान hi चुके है. मेरे पापा का नाम है विक्रम सिंह. सिंह ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज के ओनर. मेरी माँ का नाम संजना सिंह. बचपन से hi मुंबई में हु. और इससे ज्यादा कुछ नहीं है मेरे बारे में.



सोनिया: ारी अपने बॉय फ्रेंड के बारे में बताओ.



राधा और यश जब सुनते तब दोनों को hi खासी आजाती है. आरुषि और मेघा तोह मुस्कुराने लगते है.



सिया: क्या हुआ यश.



यश: कुछ नहीं. सोनिया यह कैसा सवाल है. अभी भी मिले हो और इतना जल्दी बॉयफ्रेंड तक पहुंच गयी.



सोनिया: ारी पता होना चाहिए ना.



यश: पर पता करने के और भी तरीके होते है. ऐसे डायरेक्ट कौन पूछता है. उसको बुरा लग सकता है.



सोनिया: सॉरी भाई. सॉरी राधा. अगर तुम्हे बुरा लगा हो तोह.



राधा: नहीं नहीं मुझे बुरा नहीं लगा.



सोनिया: अगर नहीं लगा तोह जवाब दो.



राधा: यश को देखते हुए. मेरा कोई बॉयफ्रेंड नहीं है.



सिया: ोककककक.



राधा का यह जवाब सुनते hi यश को बहोत ख़ुशी होती है.



सिया: यश अपना फ़ोन दो न. एक्चुअली मेरे फ़ोन की बैटरी डाउन है. घर कॉल करना था.



यश: क्यों क्या हुआ.



सिया: कुछ नहीं वह माँ को बोलना था खाना ना बनाये.



यश: क्यूओ.



सिया: वह हमारा बहार लंच का प्रोग्राम बनाया है.



यश: ठिक्क है यह लो.



सिया घर कॉल करती है तोह सोनिया बोलती है.



सोनिया: राधा आरुषि मेघा तुमलोग भी चलो ना हमारे साथ.



तीनो: ारी नहीं नहीं. तुमलोग एन्जॉय करो.



सोनिया: ू के ों अब दोस्त बने है तोह साथ एन्जॉय करते है ना. चलो ना.



तीनो कुछ देर सोचने के बाद ठीक है बोल देते है.



इधर सिया ने भी घर में बोल्दिया था.



एहलोग ऐसे hi बात कर रहे थे तभी वह रोहन आता है.



रोहन: होई राधा. क्या कुछ देर बात होसकती है.



राधा एक पल तोह उसको देख कर हैरान होती है फिर यश को देख कर बोलती है.



राधा: जो बोलना है एहि बोलो.



रोहन: वह एक्चुअली मैं ुस्सदिन की हरकत के लिए माफ़ी माँगना चाहता हु. ी ऍम सॉरी. मुझे उस दिन वैसा नहीं करना चाहिए था.



राधा: ोककक.



रोहन: थैंक यू. क्या हम दोस्त बन सकते है.



राधा: जी नहीं. मैं हर किसी से दोस्ती नहीं करती. थैंक यू.



रोहन: तहत मीन्स तुमने मुझे माफ़ नहीं किया.



राधा: अब तुम्हे जो समझना है समझो. नाउ प्लीज एक्सक्यूज़ उस.



रोहन को गुस्सा तोह बहोत आरहा था पर वह शांत रहने की कोशिश कर रहा था. फिर कुछ देर बाद वह से चला जाता है.



सिया: कौन था यह.



राधा: एडमिशन के दिन मेरे साथ बदतमीज़ी की थी. तब यश ने उससे सबक सिखाया था.



राधा की यह बात सुनके वह चारो हैरान और शॉक होजाते है.



सिया: तुम्हे कैसे पता वह यश था.



राधा: यश की आँखे. मैंने यश की आँखों से उससे पहचाना.



सोनिया: सुपर्ब ऑब्जरवेशन. जिसने मार खायी वह नहीं पहचाना पर तुमने पहचान लिया ग्रेट.



राधा बस है देती है और मन में बोलती है. यश को तोह मैं नींद में भी पहचान लू. यह तोह मेरी आत्मा में बसा हुआ है.



राधा: बी थे वे. थैंक यू यश. उस दिन तुमने मुझे बचाया. मैं तुम्हे उस दिन ठीक से थैंक यू तक नहीं बोल सकीय. थैंक यू सो मच.



यश: इसमें थैंक यू कैसा. यह तोह मेरा फ़र्ज़ था.



सिया: वैसे तुम्हे क्या लगता है भाई. यह सच में सुधर गया या कोई चाल है.



यश: अब यह इसकी कोई चाल है या यह सुधर गया है यह तोह पता नहीं. पर तुम तीनो थोड़ा अलर्ट रहना.



तीनो: हम्म्म.



एहलोग बाते कर रहे थे तभी वह कुछ सीनियर्स आते है जिनमे रोहन भी होता है.



अवि: लो आगये परेशां करने.



यश: चुप चाप बैठे रहो.



उन् सीनियर्स में से कुछ इनके तरफ आते है. इन् सीनियर्स में 3 लड़के और 2 लड़कियां थी.



ल1: चलो अब अपना अपना इंट्रो दो.



यश: हम अपना इंट्रो क्लास में दे चुके है. अगर हमारे बारे में जानना है तोह प्लीज सर से पूछिए.



ल1: तुझे सीनियर्स से बात करने की तमीज नहीं है.



उनमे जो लड़की थी वह बोलती है.



लड़की1: बॉडी मस्त बनायीं है. और दिखने में भी बहोत हॉट एंड सेक्सी है.



उस लड़की का यह बोलने से राधा को बहोत गुस्सा आरहा था साथ में सिया को भी.



ल2: ारी इनमे तोह लड़कियां भी बहोत मस्त मस्त है. खाश कर यह जो थोड़ी नृ जैसी लगती है. एकदम मस्त है यह तोह.



उसका यह बोलना hi काफी था. यश उठा और जाके उसको एक थप्पड़ लगा देता है. थप्पड़ की आवाज़ इतनी जोरर की थी के पुरे कैंटीन में यह आवाज़ गूंज उठी.



दूसरे जो सीनियर्स रैगिंग कर रहे थे वह भी उनके पास आगये.



ल3: अबे तुझे पता है तूने किसको मारा है. यह यहाँ के प्रिंसिपल का बीटा है. और yeh(L1) यहाँ के मिनिस्टर का बीटा है.



यश: यह चाहे प्रिंसिपल का बीटा हो या मिनिस्टर का. मेरी बेहेन के साथ बदतमीज़ी करेगा तोह जान से मार दूंगा.



ल1: साले तूने मेरे आदमी को मारा तेरी इतनी हिम्मत. यह बोल वह यश को मारने आता है तोह यश उसको एक लात मारता है जिससे वह दुर्र जाके गिरता है. यह देख के ल2 और ल3 वापस मारने आते है तोह वह भी मार खाके दुर्र जाके गिरते है.



यश चलके उनके पास जाता है और बोलता है.



यश: अगर आज के बाद मेरी बेहेन या मेरे दोस्तों की तरफ आँख उठा कर भी देखा तोह वही ज़िंदा गार दूंगा. यह बोल वह जाने लगता है.



ल1: तूने मुझे मारा. मेरा बाप का मिनिस्टर है तुझे और तेरे पुरे खानदान को ख़तम करदेगा. और तू आज यहाँ से ज़िंदा बच के नहीं जा पायेगा.



यश जब खानदान सुनता है तोह उसका गुस्सा अपनी सीमा चोरर चूका था. और जब सिया खानदान सुनती है तोह वह अपना सर पित्त लेती है और बोलती है.



सिया: आज इस कॉलेज में खून की होली खेली जाएगी.



राधा: डर से. मतलब.



सिया: मतलब. आज इनसब का हद्द से ज्यादा खून बहेगा. इस मिनिस्टर के लड़के ने खानदान तक की बात उठा दी. और यश अपने फॅमिली से खुद्द से भी ज्यादा प्यार करता है. अब इनको कोई नहीं बचा पायेगा.



सोनिया: सिया तुम चिंता मत करो. मैंने फूफाजी को कॉल करके बता दिया है.



सिया: बड़ा गर्ग हो. अब तोह उस मिनिस्टर को कोई नहीं बचा पायेगा.



राधा: कौन है यश के फादर.



सिया: थोड़ी देर में खुद देख लेना.



राधा बहोत दररर जाती है. उसने जल्दी से अपने डैड को कॉल करके सब बता दिया था. और वह भी आने के लिए निकल गए थे.
 
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