Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat - Page 3 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat

अपडेट 14

इधर यश उसके पास जाता है और उसका गाला पकड़ के उठा देता है.



तभी वह प्रिंसिपल आता है.



प्रिंसिपल: क्या होरहा है यह सब. चोरो उससे.



सिया: यश चोरो उससे.



सिया की बात सुनके यश उसको दुर्र फक्क देता है.



प्रिंसिपल: क्या है यह सब. क्या एहि सब करने आते हो कॉलेज.



यश: सिर्फ एक सवाल क्या इस कॉलेज में रैगिंग अल्लोव है.



प्रिंसिपल: कैसी बाते कर रहे हो. किसी भी कॉलेज में रैगिंग अल्लोव नहीं है हर कॉलेज में बन है.



यश: और आप इस कॉलेज के किस पोस्ट पे है.



प्रिंसिपल: तुम होते कौन हो यह सब पूछने वाले.



यश: मैं कौन हु यह थोड़ी देर में पुरे कॉलेज को पता चल जायेगा. पहले आप बताइये.



प्रिंसिपल: मैं इस कॉलेज का प्रिंसिपल हु.



यश: तोह सर. क्या आपको पता है इस कॉलेज में रैगिंग होती है और उसमे आपका बीटा शामिल है.



प्रिंसिपल: व्हाट नॉनसेंस. मेरा बीटा ऐसा कभी नहीं कर सकता.



यश: आरव अवि. यश इतना hi बोलता है के आरव और अवि प्रिंसिपल के बेटे को उठा के वह लाता है.



यश: यह रहा आपका बीटा पूछिए इससे.



प्रिंसिपल: क्या यह सच है.



ल3: No डैड. यह झूट बोल रहा है. हम तोह बस जूनियर्स है देख कर नाम पूछ रहे थे. तोह इसने मुझे मार दिया. और तोह और इसने शिवम् को भी मारा और आपने देखा होगा इसने कैसे उसको गले से पकड़ा हुआ था.



प्रिंसिपल: तुम जैसे स्टूडेंट को इस कॉलेज में रहने का कोई हक़ नहीं है. मैं अभी तुम्हे ृस्तिकते करता हु.



अभी प्रिंसिपल ने इतना hi बोलै था के वह कुछ कार्स अंदर आती है.



जिसमे से मिनिस्टर कमिश्नर बहार निकलता है



राधा पुलिस को देख कर डर जाती है.



मिनिस्टर: किस्मे इतनी हिम्मत हुई जिसने मेरे बेटे को मारा.



यश: मैंने मारा है तेरे बेटे को.



मिनिस्टर: लड़के. तेरी इतनी हिम्मत तूने मेरे बेटे को मारा. कमिश्नर अरेस्ट हिम.



कमिश्नर आगे बढ़ने जाता है. तभी वह एकसाथ बहोत साड़ी गाड़ियां अंदर आती है. पूरा कॉलेज कैंटीन में आगया था.



इतनी साड़ी गाड़ियों को देख कर सिया के चेहरे में मुस्कराहट आजाती है.



सिया: राधा तुम हमारे फादर से मिलना चाहती थी ना. लो आगये. हमारे फादर.



उन् गाड़ियों में से hi टेक गन लेस्स बोडीगार्ड्स उतारते है. इतने सारे बोडीगार्ड्स को देख कर एकबार तोह कमिश्नर और मिनिस्टर भी शॉक होगये.



तभी उन् बोडीगार्ड्स के बीच में से बहार निकलते है मर. इशांत अग्रवाल एंड मरस. महक अग्रवाल.



राधा: यह तोह इशांत अंकल और महक आंटी है. क्या यह है तुमलोगो के पेरेंट्स.



सिया बस हां में गर्दन हिला देती है.



राधा पूरा शॉक होजाती है. उसने यश को क्या समझा था और वह क्या निकला.



सिया दौड़ से उनके पास जाती है.



सिया: माँ डैड.



इशांत और महक ने सिया को गले लगा लिया.



महक: क्या हुआ बच्चा. हुम्हे सोनू ने बताया कुछ प्रॉब्लम होगयी है. कहा है वह.



तभी अवि सोनिया और आरव भी उनके पास आते है.



आरव और सोनिया: बाआ.



अवि: मंईईई



महक: क्या हुआ है बच्चो. यश कहा है. यशःह्ह्ह.



यश: एस्सस माँ.



महक: क्या हुआ है. सोनू ने बताया प्रॉब्लम होगयी है.



यश: नथिंग माँ. बस कॉलेज में थोड़ी साफ़ सफाई की जरुरत है.



अभी यश इतना hi बोलता है तभी वह विक्रम भी आजाता है.



कमिश्नर और मिनिस्टर इशांत को देख कर पहले hi घबराये हुए थे. और अब विक्रम को देख कर और डर जाते है.



इशांत: विक्रम तू यहाँ.



विक्रम: ारी इशांत तू. और भाभी भी एहि है.



इशांत: हां मेरे बच्चे एहि है. कुछ प्रॉब्लम होगयी थी इसीलिए आये है. पर तू यहाँ कैसे.



विक्रम: ारी मेरी बेटी भी एहि है. उसने बताया कुछ प्रॉब्लम होगयी है.



महक: क्या राधा यहाँ है. कहा है वह.



राधा वह आती है और डैड बोलके गले लग जाती है.



विक्रम: क्या हुआ प्रिंसेस. तुमने हुम्हे बुलाया क्या प्रॉब्लम है.



अभी राधा कुछ बोलती उससे पहले hi.



इशांत: कमिश्नर और मिनिस्टर यहाँ पे क्या बात है.



ुनन्दनो की तोह वैसे hi हालत ख़राब होगयी थी.



कमिश्नर: सर यहाँ पे एक लड़के ने मिनिस्टर और प्रिंसिपल के बेटे को पित्त दिया था. इसीलिए हम यहाँ पे आये है.



इशांत: किसने पिता.



कमिश्नर: सर आपके बेटे ने.



इशांत: किस लिए पिता. प्रिंसिपल क्या हुआ था.



प्रिंसिपल जो कमिश्नर और मिनिस्टर से ज्यादा डरा हुआ था वह बोलता है.



प्रिंसिपल: सर आपके बेटे ने मेरे बेटे को और मिनिस्टर सर के बेटे को मारा है. क्योकि यह सीनियर होने के चलते बस इनका नाम पूछ रहे थे. पर आपके बेटे ने इनको पित्त दिया.



राधा: डैड अंकल यह झूट बोल्रहे है. यश ने उनको इसीलिए नहीं पिता क्योकि वह हमारा नाम पूछ रहे थे. यश ने उनको इस लिए पिता क्योकि वह हमारी रैगिंग कर रहे थे और प्रिंसिपल सर के बेटे ने सिया से बदतमीज़ी की थी.



अब उन् तीनो की और उनके बेटे की डर से हालत ख़राब होचुकी थी.



इशांत: राधा बीटा पूरी बात बताओ क्या हुआ था.



मिनिस्टर: इशांत जी मैं बताता हु न. बच्चो के बीच मिस अंडरस्टैंडिंग होगयी है और कुछ नहीं.



इशांत: गुस्से से. मैंने राधा से पूछा है आपसे नहीं. राधा बीटा बताओ.



फिर राधा उन्हें सबकुछ बता देती है आज जो जो हुआ.



इशांत: हआ तोह मिनिस्टर आपका बीटा मेरे बेटे को खानदान को देखेगा.



मिनिस्टर: सर. उससे गलती होगयी. वह बच्चा है. माफ़ कर दीजिये.



इशांत: मर. प्रिंसिपल तुम्हारे बेटे ने मेरी जान से प्यारी बेटी को लेके जो बोलै है उसकी सजा तोह उससे अभी मिलेगी. यष्ठ.



यश: यस डैड.



इशांत: इसने तुम्हारी बेहेन को लेके बोलै है. इसको सजा देने का हक़ तुम्हारा है.



यश आगे बढ़ता है और प्रिंसिपल के बेटे को खिंच के एक थप्पड़ मारता है. जिससे वह वही बेहोश होजाता है.



यश: मर. प्रिंसिपल कैसे मुझे आप और आपका यह बीटा इस कॉलेज में नहीं दिखने चाहिए.



प्रिंसिपल: ी ऍम सॉरी सर. प्लीज मुझे और मेरे बेटे को माफ़ करदे. उससे गलती होगयी है.



यश: इसने मेरे बेहेन के बारे में गलत बोलै. और आप इस कॉलेज के प्रिंसिपल है और आपको यह तक नहीं पता आपके पीछे से क्या क्या होरहा है यहाँ. इस कॉलेज को आप जैसे प्रिंसिपल और इस जैसे स्टूडेंट की कोई जरुरत नहीं है.



प्रिंसिपल इशांत के पास जाके उससे माफ़ी मांगने लगता है.



इशांत: मेरे बेटे ने जो डिसिशन ले लिया वह फाइनल है. अब तुम्हारे और तुम्हारे बेटे की बारी मिनिस्टर.



इशांत एक फ़ोन करता है और कुछ बात करता है मिनिस्टर के पास एक कॉल आता है और उसको बोलै जाता है उसको मिनिस्टर के पोस्ट से ससपेंड किया जाता है.



मिनिस्टर: सर मुझे माफ़ कर दीजिये. मेरा बीटा मेरी hi वजह से hi इतना आगे बढ़ा है. प्लीज सर मुझे माफ़ करदिजिये.



इशांत: तेरा बीटा मेरे बेटे का खानदान देखना चाहता था तोह उसको दिखा दिया है. अब जाके अपने बेटे को संभल.



यह बोल इशांत विक्रम यश और राधा बाकिलोगो के पास आते है.



कमिश्नर खुश था के वह बच गया. फिर वह से सब निकल जाते है.



कॉलेज को भी ऑफ करदिया गया था.



महक: राधा बीटा कैसी हो तुम.



राधा जाके महक के पैरे चुने वाली होती है तोह महक उसको गले लगा लेती है.



राधा: मैं ठीक हु आंटी. आप कैसे है.



महक: मैं भी अच्छी हु. भैया संजना कैसी है.



विक्रम: संजना भी अच्छी है. चलिए आपलोग अभी घर चलिए संजना आपलोगो से मिलके बहोत खुश होगी.



इशांत: आज नहीं विक्रम फिर कभी आएंगे.



राधा: चलिए ना अंकल आंटी प्लीसीई.



महक: अब जब राधा ने बोलै है तब तोह आना hi पड़ेगा.



राधा: आरुषि मेघा तुम दोनों भी चलो.



दोनों: चलो.



राधा: अंकल आंटी यह मेरे बेस्ट फ्रेंड्स है.



दोनों: Hello अंकल Hello आंटी.



इशांत और महक: Hello बीटा.



विक्रम: चलो चलते है.



यश: माँ आपलोग चलिए. हम अपनी कार और बाइक में आते है.



महक: ठीक है.



फिर यश और बाकी सब पार्किंग में जाते है.



राधा की इच्छा थी वह यश के साथ बाइक में जाए. पर वह कुछ बोल ना पायी.



यश के साथ सिया बाइक में और बाकी सब अपने अपने कार में जाने लगते है.
 
थैंक यू

हमारी कल्पनाये भी तोह हम फिल्म्स से hi लेते है. फिल्म्स देख कर hi तोह हम यह सब सोचते है.

प्रिंसिपल अपने बेटे के प्यार में और इतनी बड़ी कॉलेज के सबसे सीनियर पोस्ट में होने के अहंकार में भूल गया था कोई उसका भी बाप आसक्त है उसका अहंकार तोड़ने के लिए.

और मिनिस्टर्स को पोस्ट क्या मिल जाती है वह तोह बाकी सब को अपने पैरर की झूटी hi समझते है. और उनके बच्चे लड़कियों को अपने ऐशो आराम का सामन.
 
थैंक यू

यश और महक का हॉट सन यह तोह इम्पॉसिबल है.

और इनदोनो के हॉट सीन्स से सिया और राधा क्यों खुश होंगी.

ुनन्दनो को तोह मुझे दुआ में याद रखना hi होगा. क्योकि उनकी किस्मत जो मेरे हाथ में है🤣🤣🤣

आपको किसने बताया यश के पास पहले कोई और था. जिसने बताया उसका नाम तोह बताना jara:bat1::bat1:🦇🦇

यह तोह आपने सही कहा आने वाले दिनों में राधा अग्रवाल हाउस की बहु तोह बनेगी hi.
 
अपडेट 15

थोड़ी देर बाद hi सब विक्रम के घर आजाते है.



संजना इशांत और महक को देख कर बहोत खुश होती है.



संजना: महक इशांत भैया. कैसे है आपलोग.



दोनों: हम अच्छे है. तुम कैसी हो.



संजना: मैं भी अच्छी हु. आइये न बैठिये.



फिर सबलोग हॉल में बैठ जाते है.



संजना: विक्रम क्या बात है आज यह बिजी लोग आपको कहा से मिल गए.



विक्रम: अब क्या बताये संजना. यह सब आज राधा के कॉलेज में मिले.



संजना: कॉलेज में क्यों.



फिर विक्रम उससे साड़ी बात बताता है.



संजना: ोोोू. वैसे कहा है हमारे यश और सिया.



महक: यह है यश. यह सिया. यह हमारे भतीजे और भतीजी. आरव और सोनिया. और यह हमारा भंजहा अवि.



5 जान: Hello आंटी.



संजना: Hello बच्चो. और यह है मेरी पागल राधा.



महक: ऐसा क्यों बोल रही हो संजना. यह तोह बहोत प्यारी है.



संजना: इसका पागलपन हुम्हे hi पता है.



राधा: ममममममम.



संजना: अच्छा अच्छा नहीं बोलती कुछ.



इधर सिया यश के कान में.



सिया: भाई माँ को उनकी बहु पसंद आगयी है. तू कहे तोह मैं बात करू.



यश उसको आँखे दिखता है तोह वह हसने लगती है.



संजना: राधा जाओ इनको घर घुमाओ.



राधा: जी माँ.



महक: जाओ बच्चो.



फिर सब राधा के साथ वह से चले जाते है. राधा उन्हें पूरा घर घूमती है फिर उन्हें अपने कमरे में लेके जाती है.



राधा जब उन्हें अपने कमरे में लाती है तोह वह उन्हें दीवार में वह स्केच दीखता है.



सिया: राधा यह कैसा स्केच है आधा अधूरा.



राधा तोह इसके बारे में भूल hi गयी थी. और अब वह क्या जवाब दे उसको समाज नहीं आता.



राधा: वह यह स्केच तोह अभी वह इतना hi बोलती है के पीछे से आरुषि बोलती है.



आरुषि: ारी यह स्केच हम बना रहे थे. पर बाद में टाइम नहीं मिला इसीलिए आधा hi बना है अभी तक.



सिया: अच्छा. पर इसकी आँखे बिलकुल यश की आँखे है. क्यों सोनिया.



सोनिया: हां सिया. सही कहा. पूरा 100% मैच कर रहा है. ऐसा लग रहा है जैसे यह स्केच यश का hi है.



राधा आगे कुछ नहीं बोल पाती. तभी उन्हें संजना की आवाज़ आती है. तोह ओहलोग नीचे आते है.



संजना: चलो बच्चो लंच तैयार है. लंच करलो.



महक: ारी नहीं संजना. इसकी कोई जरुरत नहीं है.



विक्रम: ारी भाभी ऐसे कैसे आप कितने टाइम बाद हमारे घर आये है. खाना तोह खाना hi पड़ेगा.



फिर सबलोगो को जबरदस्ती दिंनिंग टेबल पे बैठाया जाता है.



संजना सर्वे कर रही होती है तोह राधा भी सर्वे करने लगती है.



संजना: ारी आज सूरज कहा से निकल गया. मेरी यह पागल मेरी हेल्प कर रही है.



राधा: ममममम.



संजना: क्या माँ जाके चुप चाप बैठो.



महक: आओ बीटा तुम मेरे पास आके बैठो.



फिर राधा को महक अपने पास बैठा के बाते करने लगती है.



इधर इससबार सिया और सोनिया दोनों यश के कान में बोलती है.



दोनों: अपने सास ससुर को इम्प्रेस करना चाहती है. सास तोह पहले से hi इम्प्रेस होगयी है. हम कुछ बात करे भाई.



यश: प्लीज चुप चाप खाना खाओ. मेरा सिर्र मत खाओ.



महक इनकी है हरकत देख लेती है पर कुछ बोलती नहीं है.



थोड़ी देर बाद सब खाना खा के उठते है.



इशांत: विक्रम भाभी अब हुम्हे इज़ाज़त दीजिये.



महक: हां संजना. अब अगली बार तुम तीनो को हमारे घर आना होगा.



संजना: जरूर आएंगे.



फिर सबलोग वह से चले जाते है. उनके जाने के बाद संजना राधा को पकड़ लेती है.



संजना: हां तोह ड्रीम क्वीन अब बताओ कैसा रहा आज का दिन.



राधा: माँ आज का दिन तोह मेरे जीवन का सबसे बड़ा अच्छा और यादगार दिन रहेगा.



संजना: क्यों ऐसा क्या होगया. और तुम जिसके लिए इतना सज सवार के गयी थी क्या वह मिला.



राधा: शर्मा के. हां माँ. और आप दोनों उससे जानते हो.



दोनों: क्याआ. कौन है वह.



राधा: क्या आप दोनों ने इतनी देर उससे बाते की फिर भी नहीं पहचाना.



पहले तोह वह सोचते है फिर जब उनके दिमाग की बत्ती जाली तब.



दोनों: क्या जो हम सोच रहे है वह.



राधा: शर्मा के. हआ.



दोनों: मतलब यशःह्ह्ह.



राधा: हआ माँ डैड. मेरा ड्रीम कृष्णा यश hi है.



फिर राधा उन्हें सब बताती है.



दोनों: आआआहहह. बहोत अच्छीई चॉइस है. इनफैक्ट हमलोगो ने तोह तुम्हारे बचपन में hi तुमदोनो के लेके बात की थी. और हुम्हे क्या पता था यह सच होगा.



राधा कुछ नहीं बोलती बस शर्मा के वह भग्ग जाती है.



संजना: राधा ने तोह हमारी टेंशन hi दुर्र करदी.



विक्रम: हआ वर्ण हम तोह सोच रहे थे कैसा लड़का होगा कैसा परिवार होगा.



संजना: राधा के बचपन में तोह महक ने मुझे बोलै था वह राधा को अपनी बहु बनाएगी.



विक्रम: मैं जल्द hi इशांत और भाभी से बात करता हु.



संजना: नहीं विक्रम अभी नहीं. अभी यह प्यार सिर्फ राधा की तरफ से. हुम्हे यह नहीं पता के यश के दिल में क्या है. वह 8 साल लंदन में रहा है. होसकता है उसके दिल में कोई और हो.



अगर हम अभी उनसे बात करते है तोह महक और इशांत भैया मान जायेंगे. और अपनी पेरेंट्स की ख़ुशी के लिए शायद यश भी मान जाए. पर इस रिश्ते में प्यार नहीं होगा.



जब तक हुम्हे दोनों तरफ से यह कन्फर्म नहीं होता तब तक कोई बात नहीं. और अभी इनकी आगे hi क्या है इनको अभी एन्जॉय करने दो.



बस हुम्हे पता चल गया न यह पागलपन किसके लिए था एहि बहोत है.



विक्रम: ठीक है फिर जैसा तुम ठीक समझो.



इधर राधा अपने कमरे में आती है तोह उस स्केच को लेके बाते करने लगती है.



राधा: तोह मेरे ड्रीम कृष्णा का नाम है यश अग्रवाल. सो मर. यश तुम तोह मेरी इमेजिनेशन से भी ज्यादा हैंडसम और स्मार्ट निकले. तुम्हे देखने के बाद तोह मैं तुमसे और ज्यादा प्यार करने लगी हु. अब तोह तुम्हारे बिना पता नहीं मेरा क्या होगा.



यह सब बोलते बोलते वह सो जाती है.



इधर यश और सबलोग घर आते है.



महक: सिया और सोनिया मुझे तुमदोनो से कुछ बात करनी है अकेले में.



दोनों: जी.



फिर तीनो वह से सिया के रूम में जाते है.



सिया: जी माँ बोलिये क्या बात है.



महक: यह तोह तुम दोनों बताओ. आखिर क्या बात है.



सोनिया: हम समझे नहीं बुआ.



महक: संजना के यहाँ क्या चल रहा था तुम दोनों और यश के बीच. और मुझे सच सच बताना. मैंने यह 1 बार नहीं 2 बार देखा है.



सिया: ऐसा कुछ नहीं है माँ. हम बस भाई से मस्ती कर रहे थे.



महक: और ऐसी क्या मस्ती कर रहे थे के यश तुम्हे आँखे दिखा रहा था और शर्मा रहा था.



सोनिया: वह बुआ बात ऐसी है की. वह भाई.



महक: साफ़ साफ़ बोलो सोनू. सिया क्या बात है.



सिया: वह भाई राधा से प्यार करने लगा है.



महक: अच्छा प्यार करने लगा है इतनी सी बात.



क्याआआआ. मेरा बीटा मेरा यश प्यार करने लगा है. वह भी राधा से. संजना की बेटी राधा से.



सोनिया: हां बुआ.



महक: कब कहा कैसे. कुछ दिन पहले तोह वह लंदन से आया है.



फिर सोनिया और सिया महक सबकुछ बताते है.



महक: सचहहहहह. मेरा बीटा आज है रहा था. आज कितने साल के बाद मेरा बीटा है रहा था. और क्या यह सच है वह राधा से प्यार करता है.



सिया: यस माँ.



महक: मैं अभी इशांत को बोलती हु. वह विक्रम भाईसाहब से बात करे इनके बारे में.



सिया: रुकिए माँ. अभी हुम्हे यह पता है के भाई राधा से प्यार करता है. पर हुम्हे राधा की तरफ से कुछ नहीं पता. होसकता है वह किसी और को पसंद करती हो. अगर आपलोगो उनसे बात की तोह वह मान जाएंगे. और शायद राधा भी अपने पेरेंट्स की बात न ताल पाए. पर इस रिश्ते में प्यार नहीं होगा.



इसीलिए पहले दोनों तरफ से कन्फर्म होने दीजिये. फिर बात कीजियेगा.



महक: हम्म ठिक्क है.



सोनिया: और भाई से भी इस बारे में कोई बात मत कीजियेगा. वह इससे परेशां होसकता है. वैसे hi भाई ने हसना चोर दिया है. इसके साथ वह है तोह रहा है.



महक: ठीक है मैं कुछ नहीं कहूँगी. मुझे मेरे बेटे की ख़ुशी चाहिए सिर्फ और कुछ नहीं.



इधर यश अपने कमरे में आके अपने मोबाइल में राधा और उसकी वह पिछ देखने लगता है.



यश: कितनी प्यारी और मासूम है. इसको देखते hi मुझे प्यार होगया है. ी प्रॉमिस इसको दुनिया की हर ख़ुशी दूंगा.



फिर यश वह पिछ देखते देखते hi सो जाता है.
 
थैंक यू

यह लोग जो भी करते है अपने बाप के दम पे hi तोह करते है. अगर उनके बाप के पास पावर ना हो तोह यह लोग किसी काम के नहीं. एहलोग सोचते है यह कुछ भी करेंगे और इनको इनके बाप के वजह से कोई कुछ नहीं बोलेगा. पर यह भूल जाते है हर बाप के ऊपर भी एक बाप होता है.

और इनकी रिश्तेदारी तोह बनेगी hi और जल्दी बनेगी. पर अभी सिर्फ बोलने के लिए hi बनेगी.
 
थैंक यू

अब दोनों के माँ बाप कॉलेज फ्रेंड्स है. और अक्सर कॉलेज फ्रेंड्स में एहि डीडे होता है उनके बच्चे एकदूसरे से शादी करेंगे. पर यहाँ इनकी किस्मत अच्छी थी के इनके बच्चो को एकदूसरे से प्यार होगया.

पेरेंट्स को फ़िलहाल शांत hi रहना चाहिए. क्योकि दोनों hi अभी ओने साइडेड जानते है. पर जब बोथ साइडेड का पता चलेगा तोह पेरेंट्स भी आपस में बात कर hi लेंगे.

और रही पहली हीरोइन की बात तोह उसके बारे में शायद नेक्स्ट अपडेट में पता चल जाए. साथ में विलन के बारे में भी
 
अपडेट 16

इधर वह मिनिस्टर अपनी पोस्ट के जाने से बहोत गुस्से में था. पर वह यह भी जानता था वह इशांत अग्रवाल का कुछ नहीं उखाड़ सकता था. तभी उसके पास एक कॉल आता है.



मिनिस्टर: Hello कौन.



सामने से: मैं कौन हु यह चोरो. मैंने सुन्ना है इशांत अग्रवाल ने तेरी मिनिस्टर की पोस्ट को छिन्न लिया है. और उसके बेटे ने तेरे बेटे को पुरे कॉलेज के सामने मारा है.



मिनिस्टर: कौन बोल रहा है.



सामने से: अपना दोस्त hi समझो.



मिनिस्टर: कौन दोस्त कैसा दोस्त.



सामने से: दुश्मन का दुश्मन दोस्त होता है ना.



मिनिस्टर: मतलब तुम भी इशांत अग्रवाल के.



सामने से: हआ उसका सबसे बड़ा अनजान दुश्मन.



मिनिस्टर: मुझे किस लिए कॉल किया है.



सामने से: क्या तुम उससे अपनी बेइज़ाती का बदला लेना नहीं चाहते.



मिनिस्टर: वह इशांत अग्रवाल है उसका हाथ लगाना तोह दुर्र की बात है आँख उठा कर भी नहीं देखते.



सामने से: अगर तुम मेरे साथ मिल जाओ तोह इशांत अग्रवाल से तुम अपना बदला ले सकते हो.



मिनिस्टर: तुम हो कौन.



सामने से: मैं कौन हु यह बहोत जल्द पता चल जायेगा. बस इतना जान लो मैं hi हु वह जिसके मदद से तुम अपना बदला ले सकते हो.



मिनिस्टर कुछ सोच के. ठीक है मैं तुम्हारे साथ हु. बोलो मुझे क्या करना होगा.



सामने से: गुड मुझे तुमसे एहि उम्मीद थी. तुम्हे बस उसके बच्चो पे नज़र रखनी है. वह कब कहा कैसे किसके साथ है सब कुछ.



मिनिस्टर: ठीककक है. काम से काम अपना नाम तोह बता दो.



सामने से: मत.



मिनिस्टर: मत. इसका क्या मतलब है.



मत: अभी के लिए इतना जानना hi तुम्हारे लिए बहोत है. जब पुरे अग्रवाल परिवार को ख़तम करूँगा तब पता चल जायेगा.



मिनिस्टर: ठिक्क है.



यह बोल वह कॉल काट देता है.



इधर अवि सोनिया और आरव भी अपने पेरेंट्स के साथ अपने घर चले गए थे.



रात को डिनर टेबल पे इशांत यश और सिया से.



इशांत: यश सिया. अब तुम दोनों अपनी रियल आइडेंटिटी के साथ हर जगह जाओगे. और मैं कोई आर्ग्यूमेंट्स नहीं सुनूंगा.



महक: मेरा भी यह डिसिशन है.



यश सिया: पर.



दोनों: कोई पर नहीं. कल से तुमदोनो अग्रवाल एम्पायर के वारिस बांके जाओगे हर जगह.



यश और सिया इसके आगे कुछ ना बोल पाए. बस ोककक बोलके रह गए.



इशांत: अच्छा अब यह बताओ कॉलेज में कोई लड़की और तुम्हे कोई लड़का पसंद आया या नहीं.



यश सिया: ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़ड़.



इशांत: व्हॉट डैड. अरे जब मैं अपने कॉलेज फर्स्ट डे गया था उसी दिन मैंने तुम्हारी माँ को पसंद किया था. तुम दोनों मेरे बच्चे हो. अभी तक किसी को पसंद नहीं किया.



महक सिर्फ यश के चेहरे को देख रही थी. और यश तोह एक ख्याल में hi खू गया था.



इशांत: यष्ठ तुम बताओ.



यश: होश में आते हुए. No डैड.



सिया और महक यह सुनके मैं hi मैं हस्ते है.



इशांत: सियाआ.



सिया: No डैड. अगर कोई आता है तोह सबसे मैं माँ को hi बताउंगी.



इशांत: ोकककक. और हां 3 दिन बाद घर में एक पार्टी है. तुमदोनो के वापस इंडिया आने के ख़ुशी में और उस दिन मैं एक अनाउंसमेंट भी करूँगा. और उसमे बहोत सारे बिजनेसमैन विप्स पॉलिटिशियन आएंगे. देखो होसकता है उनके बच्चो में से कोई तुम्हे पसंद आजाये.



यश सिया: डैड प्लीसीई.



इशांत: अच्छा अच्छा ठीक है.



महक: कैसी अनाउंसमेंट इशांत.



इशांत: यह बच्चो के लिए सरप्राइज है. तुमको बाद में बता दूंगा.



फिर यह लोह अपना डिनर फिनिश करके अपने रूम में आते है.



सिया जैसे hi अपने रूम में आती है वह सीधा वाशरूम जाती है. जहा उसके आँखों में आंसू थे. सिया वही बैठ के रोने लगती है. उसने सुबह से अपने आंसुओं को रुख के रखा था अपनी हसी मज़ाक के पीछे. पर अब वह नहीं रूखे. उसने अपने दिल पे पत्थर रखके आज जो कुछ भी किया था उसका बोज्ज अब वह और नहीं सेह पायी.



सिया रट हुए अपने आप से. मत रो सिया मत रो. भगवन सबको नहीं मिलते. शायद तेरी ज़िन्दगी में तेरे भगवन का प्यार नहीं लिखा है. मत रो. यह कहके वह और जोर से रोने लगती है.



इधर राधा यश से बात करने के लिए उसको देखने के लिए तरस रही थी. पर ना तोह उसके पास यश का फ़ोन नंबर था और नाही कोई पिछ.



राधा: यह यश ने तोह मुझे पूरा पागल बना दिया है. अब तोह उसके बिना रहा hi नहीं जा रहा है. पता नहीं कब सुबह होगी और मैं यश को देखूंगी.



वह इन्ही खयालो में जैसे तैसे सो जाती है.



इधर यश राधा की पिछ को hi देख रहा था. उसको निहार रहा था. जैसे वह में नहीं असलियत में राधा को देख रहा है. वह ऐसे देख रहा था तभी सिया उसके रूम में आती है.



सिया: यश क्या मैं अंदर आसक्ति हु.



यश: तुम्हे कब से परमिशन लेने की जरुरत पढ़ गयी सिया. मेरी हर चीज़ में तुम्हारा पूरा अधिकार है. आओ बैठो.



सिया यह सुनते हुए थोड़ा सा स्माइल करती है. और बोलती है.



सिया: अगर ऐसा है तोह मैं तुमसे अगर कुछ मांगती हु तोह क्या तुम मुझे डोज.



यश: तुम्हे मांगने की जरुरत नहीं है तुम हक़ से ले लिए करो.



सिया: सोच लो. होसकता है वह हक़ किसी और का हो.



यश: मेरी सिया जो बोलेगी वह उसका होगा बोलो क्या चाहिए.



सिया: बस तुमने बोल दिया एहि बहोत है. जब टाइम आएगा तब ले लुंगी.



यश: कभी भी मांग लेना.



सिया: अच्छा क्या मैं तुम्हारे साथ सो सकती हु.



यश: यह भी पूछने की बात है आजाओ. यह बोल यश अपनी बाहें फैला देता है. और सिया उसमे hi सिमट जाती है और आँखे बंद करदेती है.



यश: क्या बात है सिया. तुम कुछ परेशां लग रही हो.



सिया: नहीं यश ऐसी कोई बात नहीं है. मैं ठीक हु. बस पता नहीं क्यों आज अकेले सोने का मैं नहीं कर रहा था और डर लग रहा था.



यश: मेरी सिया को डर लग रहा था.



सिया: हआ. मुझे लग रहा था कोई तुम्हे मेरे से अलग कर देरहा है. और तुम भी उसके साथ hi जा रहे हो.



यश: ऐसा कभी नहीं होगा. मैं मेरी सिया को कभी भी नहीं छोड़ूंगा. हमेशा उसको अपने साथ रखूँगा.



सिया: और अगर मेरी शादी होगयी तोह.



यश इस सवाल का कोई जवाब नहीं दे सका. उसने कभी सोचा hi नहीं था के सिया की भी कभी शादी होगी वह भी कभी उससे दुर्र जाएगी.



सिया: क्या हुआ यश बोलो.



यश: सच कहु तोह सिया. मैंने कभी यह सोचा hi नहीं के तुम्हारी भी कभी शादी होगी. मुझे नहीं पता तब क्या होगा. और मेरे पास तुम्हारे इस सवाल का कोई जवाब नहीं है.



सिया: मुझे मेरा जवाब मिल गया है यश. अब सो जाओ. गुड नाईट.



यश: गुड नाईट.



फिर सिया यश के सीने में hi सर रखके आँख बंद करके लेती रहती है. उसके आँखों में थोड़े आंसू भी थे.



इधर यश अपनी सोचो में hi घुम्म था. सिया के सवाल ने यश को सोचने पे मजबूर करदिया था. जब से उससे सिया मिली थी उसने कभी उसको खुद से दुर्र करने के बारे में सोचा तक नहीं. और आज अचानक यह सवाल उसके सामने आने से वह परेशां होजाता है.



यश अपनी इन् सोचो में hi सो जाता है. थोड़ी देर बाद जब सिया को लगता है यश सो गया है तोह वह उठती है और यश के चेहरे को देखने लगती है.



सिया: कितना मासूम है मेरा यश. यह तोह मेरे दुर्र जाने के ख्याल से hi परेशां होगया. अब इससे कैसे बताऊ इससे दुर्र होने से पहले मैं मरना पसंद करुँगी. इससे कैसे बताऊ मैं इससे कितना प्यार करती हु. भाई बेहेन के प्यार से ऊपर एक लड़का लड़की वाला प्यार करती हु. इसके बिना तोह जीना सोच भी नहीं सकती.



पर क्या मुझे कभी मेरा प्यार मिलेगा. क्योकि यह तोह अब किसी और का होगया है. मेरा यश तोह अब राधा से प्यार करता है. यह कहते हुए उसके आँखों में आंसू आजाते है.



कितना खुश था मेरा यश राधा से मिलने के बाद. इसकी ख़ुशी के लिए तोह मैं कुछ भी कर जाऊ. पर मेरे इस दिल को कैसे समझौ. आज कॉलेज में और राधा के घर में मैंने मेरे दिल पे पत्थर रख के वहसब किया. क्योकि राधा के वजह से तुम्हारे चेहरे में हसी थी और तुम्हारे लिए तोह मैं अपनी जान दे दू. पर कैसे बोलू इससे मैं इससे कितना प्यार करती हु. मैं तुमसे यह नहीं कह पाऊँगी यश. मुझ में हिम्मत नहीं होगी उससे इंसान यह कहने की जिसने मेरी ज़िन्दगी बदल दी. जिसने मुझे सड़क से उठा के महलो की राजकुमारी बना दिया. तुम hi मेरे दिल की बात को समाज लो न यश. इस सिया को उसके यश का प्यार दे दो ना यश. यह कहते हुए वह वापस यश के सीने से लग जाती है. और तभी यश भी उसको खुद से काश लेता है. और नींद में hi बोलता है. मैं तुम्हे कभी खुद से दुर्र नहीं जाने दूंगा सिया. तुम हमेशा मेरे पास रहोगी. तुम सिर्फ मेरी हो सिया.



सिया यह सुनते hi थोड़ा सा स्माइल करदेती है. फिर वैसे hi सो जाती है.
 
अपडेट 17

अगली सुबह जब यश सो के उठता है तोह देखता है सिया बिलकुल उसके ऊपर सो रही है. और सोते हुए बिलकुल एक मासूम बच्ची की तरह लग रही है.



यश उसके इस मासूम चेहरे को देखता hi रहता है. फिर उसके सर को चुम के उसको बगल में सुला के वाशरूम चला जाता है.



जैसे hi यश वाशरूम के अंदर जाता है सिया अपनी आँखे खोल देती है.



सिया: किश किया तोह किया सर में किया. चलो मेरे यश के किश के साथ सुबह की स्टार्टिंग हुई है. अब तोह पूरा दिन अच्छा जाएगा. फिर जहा पे यश ने किश किया था उस जगह को चुटी है तोह वह शर्मा जाती है और भग्ग के अपने कमरे में चली जाती है.



इधर राधा सुबह उठ के उस स्केच को हाथ में लेती है और उसपे एक किश करके कहती है.



राधा: गुड मॉर्निंग यश. बस कुछ देर और फिर तुम मेरे नज़रो के सामने होगी.



फिर वह जल्दी से वाशरूम में जाती है और रेडी होक नीचे चली जाती है.



उधर यश और सिया भी रेडी होगये थे. पर अपनी रियल आइडेंटिटी के मैच करके.



फिर ब्रेकफास्ट करने नीचे आते है. सिया जब यश को देखती है तोह देखती hi रहती है. और मैं में बोलती है.



सिया: वाह मेरा यश कितना हैंडसम और स्मार्ट दिख रहा है. कॉलेज की साड़ी लड़कियां घायल होजायेगी मेरे यश को देख कर.



यश: गुड मॉर्निंग.



इशांत और महक: गुड मॉर्निंग.



इधर सिया तोह अपने खयालो में hi घुम्म थी.



यश उसके सामने अपना हाथ घुमा के. सिया जी मैंने कहा गुड मॉर्निंग.



सिया: हड़बड़ा के. ू हां. गुड मॉर्निंग.



महक: सिया बीटा कहा खू गयी.



सिया: कही नहीं माँ. बस सोच रही. आज यश को देख कर कॉलेज की साड़ी लड़कियां घायल होने वाली है. कही इसको किसी की नज़र ना लगजाये. आप इसको एक काला टिका लगा दो.



महक: हआ सही कहा मेरा बीटा बहोत अच्छा दिख रहा है. यह बोल अपनी आँख से काजल लेके यश को लगा देती है.



इशांत: अगर अब नज़र उतरना होगया हो तोह नाश्ता करीब.



फिर सब नाश्ता करने लगते है. नाश्ते के बाद इशांत और महक बोलते है.



दोनों: यश सिया बहार तुम्हारे लिए गिफ्ट है जाके देखो.



यश सिया: क्या गिफ्ट है माँ डैड.



दोनों: जाके देखो तोह.



दोनों बहार आके देखते है वह 2 कार कड़ी थी. दोनों कार अभी लांच भी नहीं हुई थी.



दोनों: पसंद आया.



यश सिया: हा. थैंक यू माँ थैंक यू डैड. यह बोल उनके गले लग जाते है.



दोनों: आज से तुम दोनों इसमें hi कॉलेज जाओगे.



यश सिया: ोकककक.



सिया: पर मैं तोह यश के साथ hi जाउंगी. उसकी कार में.



महक: ारी तुम्हारी कार है तोह उसकी कार में क्यों.



सिया: बस मैं यश के साथ hi जाउंगी. और मेरी कार भी वही चलाएगा. जो मेरा है वह उसका है और जो उसका है वह मेरा है.



यश: बिलकुल ठीक है कहा सिया ने.



महक: जैसी तुम दोनों की मर्ज़ी.



फिर दोनों कार में बैठ जाते है कॉलेज के लिए निकल जाते है.



राधा तोह पहले hi पहुंच गयी थी और यश का वेट कर रही थी.



तभी वह अवि आरव और सोनिया आजाते है.



अवि सोनिया और आरव: ही राधा.



राधा: ही गाइस.



सोनिया: यहाँ क्यों कड़ी हो राधा. किसी का वेट कर रही हो.



राधा: हआ वह मैं आरुषि और मेघा का वेट कर रही थी.



सोनिया समाज जाती है वह झूट बोल रही है. ोोककक.



राधा: वैसे आज तुम तीनो अकेले.



अवि: मस्ती करते हुए. हम तीनो तोह हमेशा अकेले hi आते है.



राधा: ारी मतलब आज तुम तीनो के साथ यश और सिया नहीं आयी.



सोनिया: अच्छा वहह्ह्ह्हह्ह. नहीं वह दोनों नहीं आये.



राधा: क्यों. नहीं आएंगे.



आरव: हीई आएंगे. यह बोलके थोड़ा रखता है. जिससे राधा का चेहरा उतर जाता है. फिर बोलता है. आएंगे. मेरा मतलब है. आएंगे पर हम्हारे साथ नहीं आये. बस आते hi होंगे.



राधा का यह सुनते hi मुरझाया हुआ चेहरा खिल जाता है.



अवि आरव और सोनिया तीनो hi यह नोटिस करते है. और मैं hi मैं हस्ते है.



तभी वह आरुषि और मेघा भी आजाते है.



दोनों: ही गाइस.



सब: होई.



सोनिया: ारी अच्छा हुआ तुम दोनों आगये. यह कबसे तुमदोनो का वेट कर रही थी.



दोनों: अच्छआ. सॉरी राधा वह ट्रैफिक में अटक गए थे.



राधा को पहली बार इनदोनो को देख कर गुस्सा आया. और धीरे से बोलती है. इतना लेट किया और थोड़ा लेट नहीं कर सकीय. काम से काम मेरा यश आजाता तब तक.



सोनिया: कुछ कहा तुमने राधा.



राधा: हड़बड़ा कर. नहीं मैंने कुछ नहीं कहा.



सोनिया: अच्छा तोह चले.



राधा का सुनते hi वापस मुँह लटक जाता है. वह बोलती है.



राधा: ारी ुनन्दनो का वेट कर लेते है.



आरव: ारी वह दोनों आजायेंगे. चलो चलके कैंटीन में बैठ ते है. वह वही आजायेंगे.



राधा का जाने का मन तोह नहीं था पर वह मैं मार्के चली जाती है.



एहलोग कैंटीन में जाके एक टेबल में बैठ जाते है. कैंटीन के सारे लोग इनको hi घुर्र रहे थे.



मेघा: यह सबलोग हुम्हे घुर्र क्यों रहे है.



आरुषि: ारी हुम्हे नहीं इन्ही घुर्र रहे है. कल इनसब ने जो किया है उसके बाद तोह यह 1सत डे hi पुरे कॉलेज में फेमस होगये है.



अभी एहलोग बाते कर रहे थे तभी वह रोहन आजाता है.



रोहन: ही गाइस. ही राधा.



राधा: तुम फिर यहाँ.



रोहन: वह मैं उस दिन के लिए माफ़ी मांगने आया था. और दोस्ती करने भी.



राधा: मैंने कहा ना मैंने माफ़ करदिया है. और मुझे दोस्त बनाना अच्छा नहीं लगता. सो प्लीज लीव.



रोहन: पर तुमने इनसब से तोह दोस्ती की है.



राधा: तोह क्या अब तुम मुझे बताओगे मुझे किस्से दोस्ती करनी है किस्से नहीं करनी है.



रोहन: ारी क्या बोल रही हो. मैं तोह बस माफ़ी मांगने आया था.



राधा: और मैंने माफ़ करदिया. प्लीज लीव.



रोहन को गुस्सा तोह बहोत आता है पर उसके पास कुछ करने की हिम्मत नहीं थी. क्योकि उसने देखा था कल यह सब क्या चीज़ है. पर गुस्से में अपनी बेइज़ाती करके वह से निकल जाता है.



सोनिया: राधा यह क्या था.



राधा: अब क्या बताऊ सोनिया. एडमिशन के दिन से मेरे पीछे पढ़ा है. एडमिशन के दिन मुझसे बदतमीज़ी की मेरा हाथ पकड़ के. मेरे पापा की भी इंसल्ट की. यह तोह अच्छा हुआ उस दिन यश वह पे हेल्प के लिए आज्ञा. और कल से माफ़ी और दोस्ती की पीछे पढ़ा है.



सोनिया: चोरो. अपना मूड ना बिगाड़ो. मुझे लगता है वह तुम्हे पसंद करने लगा है.



मेघा: अगर ऐसा है तोह वह मुँह की खायेगा. क्योकि मैडम किसी और के पीछे पागल है.



मेघा फ्लो फ्लो में यह बोल तोह देती है पर बाद में पता चलता है उसने क्या बोल्दिया.



सोनिया: Kyaaaaaaaaaa. राढाआआ. तुमने तोह कहा था तुम किसी से प्यार नहीं करटीई फिररररर एहहह सबब क्या ही.



राधा अब क्या बोले उसको समाज नहीं आता. वह गुस्से से घुर्र के मेघा को देखती है तोह वह इशारे से सॉरी बोलती है.



अभी राधा कुछ बोलती तभी पीछे से आवाज़ आती है.



क्या हुआ सोनिया.



सब उस आवाज़ को देखते है तोह वह यश और सिया खड़े थे अपने रियल आइडेंटिटी के साथ.



राधा तोह बस यश को hi देख रही थी. और मैं में सोचती है.



राधा: हाईये कितना हैंडसम स्मार्ट डैशिंग और हॉट है मेरा यष्ठ. इसको जब जब देखती हु तब तब इससे और ज्यादा प्यार होरहा है. हाईटी कही इसको मेरी नज़र ना लग जाए.



यश को सिर्फ राधा hi नहीं पुरे कैंटीन की लड़कियां घुर्र रही थी. और उनको ऐसे घुररते देख सिया को गुस्सा आजाता है.



सिया: साली कमीनियन चुड़ैल कही की. कैसे मेरे यश को घुर्र रही है. कभी कोई लड़का नहीं देखा क्या. जो मेरे यश को घुर्र रही है. देख तोह कैसे देख रही है जैसे खा hi जाएगी मेरे यश को. यह सब सोचते हुए उसने यश के हाथ को पकड़ के खुद से चिपका लिया. जैसे सबको बोल रही हो यह सिर्फ मेरा है और किसी का नहीं.



सोनिया: वाह भैई सिया. क्या बात हैई. आज अपने रियल आइडेंटिटी में.



आरव: बहोत hi कमाल के दिख रहे हो भैई सिया.



अवि: हआ भाई दीदी. मस्त दिख रहो हो.



मेघा और आरुषि: मन्ना पड़ेगा. बहोत अच्छे दिख रहे हो. सिया तुमने तोह खूबसूरती और मासूमियत में हमारी राधा को पीछे चोरर दिया.



राधा कुछ नहीं बोलती वह बस यश को hi देखी जा रही थी.



वह दोनों चल के उनके पास आते है.



दोनों: गुड मॉर्निंग.



सब: गुड मॉर्निंग.



सिया: सोनू. तुम उस वक़्त इतना शॉक के साथ क्या बोल रही थी.



सोनिया: ारी हां मैं तोह भूल hi गयी. यह मेघा ने बोलै राधा किसी लड़के के पीछे पागल है.



यश यह सुनते hi उसकी तरफ देखता है और उसका चेहरा थोड़ा उतर जाता है.



सिया यह सुनते hi यश की तरफ देखती है वह देखती है उसका चेहरा उतरा हुआ था. जिससे उसको बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता.



राधा भी यश का hi चेहरा देखती है जिसमे उसको कई तरह के एक्सप्रेशन नज़र आते है. कभी साद. कभी इमोशनलेस.



सिया: राधा कौन है ओह्ह्ह.



राधा क्या बोले उसको समाज नहीं आता. वह फिरसे मेघा को घूरती है. जो अपनी कही हुई बात पे गिल्ट फील कर रही थी.



तभी आरुषि बोलती है.



आरुषि: ारी कहा तुमलोगो इस मेघा की आधी अधूरी बात को यकीन कर रहे हो.



सोनिया: मतलब.



आरुषि: मतलब मेघा ने आधी बात hi बोली है.



पूरी बात यह है के राधा किसी के पीछे पागल है. पर वह इसको कही नहीं मिलेगा. मैडम को हृथिक रोशन पसंद है. और मैडम उसके पीछे पागल है. और इस कदर पागल है के उसकी मूवी देखने के लिए फर्स्ट डे फर्स्ट शो बुक करती है.



राधा आरुषि की बात सुनके रिलैक्स फील करती है.



सोनिया और सिया: क्याआआआ.



राधा: शर्मा के. हाआआआ. वह मेरा क्रश मेरा प्यार जो बोलो सब है.



यश यह सुनके रलज़ फील करता है और उसके चेहरे पे जो सडनेस थी वह उड़द जाती है.



सोनिया और सिया: पूरा मूड ख़राब कर दिया. खोदा पहर निकला चूहा.



अवि: चूहा नहीं हृथिक रोशन.



यह सुन्न सब हसने लगते है. यश को भी थोड़ी हसी आजाती है. और उसकी हसी देख राधा शर्मा जाती है और सिया की हसी और ज्यादा बढ़ जाती है यश को हस्ते देख.



यश: क्लास में चले.



सिया: चालू.



फिर सबलोग क्लास में जाते है.
 
थैंक यू

सिया सोचती है वह कैसे उसको अपने दिल की बात बोले जिसने उसकी ज़िन्दगी बदल दी. सड़क से उठा के महलो की राजकुमारी बना दिया.

और आपको कहा दिख गया राधा सिया से खुन्नस करती है.

रोहन कुत्ते की दुम्म है जो कभी सीधी नहीं होगी. यश से एकबार तोह मार खा चूका है पर उससे अकाल नहीं आयी. अब अगली बार यश नहीं कोई और मारेगा.
 
अपडेट 18

क्लास में यश जाके अपनी सीट पे बैठ जाता है. जैसे hi वह बैठ ता कुछ लड़कियां उसके पास बैठने के लिए आने लगती है. यह देख के राधा झट्ट से उसके पास बैठ जाती है.



यश उसको एक नज़र देखता है तोह राधा बोलती है.



राधा: अब क्लास में सबके सामने तुम्हारी होने वाली बीवी हु. अगर पास नहीं बैठी तोह सबको शक्क होजायेगा.



राधा यह बोलते हुए शर्मा जाती है. और यश को हसी आजाती है.



फिर क्लास में टीचर आते है और पढ़ने लगते है. पर राधा का ध्यान तोह पढाई से ज्यादा यश पे था.



यश यह नोटिस करता है पर कुछ नहीं बोलता.



ऐसे hi एक एक करके क्लासेज ख़तम होती है रेसस्स होता है.



रेसस्स में सब कैंटीन में आते है.



सिया: यश तुम्हारा फ़ोन कहा है.



यश: क्यों.



सिया: माया का कॉल आया था और वह बोल रही थी तुम्हारा फ़ोन नहीं लग रहा है.



यश: क्या माया कहा. यश झट्ट से अपना मोबाइल देखता है वह बंद पढ़ा था.



यश: शित्त्त. यह तोह स्विच ऑफ है. क्या बोला माया नई.



सिया: उसने बोलै है तुम्हे थोड़ी देर में वह पहुंचना है.



यश: सोनिया सिया को घर ड्राप करदोगी. पलासी.



सोनिया: भाई पलासी कैसा. पर आप कहा जा रहे हो.



सिया: वह उससे अभी माया से मिलने जाना है. यश तुम जाओ. और ध्यान से जाना. मैं सोनिया के साथ चली जाउंगी. और यह मोबाइल ले जाओ. तुम्हारा वाला मुझे दे दो.



यश मोबाइल एक्सचेंज करके झट्ट से वह से भग्ग जाता है.



इधर राधा जब सुनती है किसी माया ने यश से बात करने के लिए कॉल किया और तोह और उससे मिलने बुलाया. और यश एक पल में उसके पास चला गया. इससे राधा को बहोत अजीब लगता है. वह अपने मैं में क्या से क्या सोचने लगती है.



राधा: यह माया कौन है. जिसकी बात सुनते hi यश ऐसा बावला होगया. और उससे मिलने के लिए इतनी जल्दी चला गया. कही उसकी नहीं नहीं ऐसा कुछ नहीं है. पर अगर हुआ तोह. ो गॉड अब कैसे पता लागू. कौन है यह माया. कही यह मेरे यश को फसा ना ले.



सोनिया: सिया. यह यश ऐसे कहा गया.



सिया: बोलै ना वह माया से मिलने गया है.



राधा: यह माया कौन है. जिसके लिए यह ऐसे भग्ग गया.



सिया: समाज लो अभी इस माया से इम्पोर्टेन्ट उसके लिए कुछ नहीं. अभी यश को जितना भी इम्पोर्टेन्ट काम में क्यों न रहता वह उसके पास जरूर जाता.



राधा जब यह सुनती है तोह उसको रोना आजाता है. पर अपने आप को कण्ट्रोल करके.



राधा: गर्लफ्रेंड है क्या.



सिया: ारी नही हीई क्या बोल रही हो. उसकी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है. मेरा यश बिलकुल सिंगल है.



राधा का यह सुन्ना hi बहोत था. उसके चेहरे की हसी वापस आगयी और वह रुख hi नहीं रही थी. अब उसको और कुछ नहीं जानना था के यह माया कौन है. उसका यश सिंगल है एहि उसके लिए बहोत है.



सोनिया: तोह कौन है.



सिया: वह हमारे लंदन की दोस्त है.



राधा: पर यश ने कहा था वह दोस्त नहीं बनता.



सिया: हां सही कहा है. पर उसके लाइफ में बस कुछ दोस्त hi है. जो उसके लिए बहोत है. इसीलिए वह और नहीं बनता. और उन् कुछ दोस्त को चोर के उसने सिर्फ तुम्हे अपना दोस्त बनाया है. वह भी बहोत साल बाद.



राधा यह सुनके और खुश होजाती है.



सिया: कोशिश करना उसका यह विश्वास कभी न टूटे.



राधा: मैं यश का साथ कभी नहीं छोड़ूंगी. हमेशा उसके साथ रहूंगी.



सिया को यह सुन्ना अच्छा नहीं लगता. पर वह कुछ नहीं बोलती.



राधा: ारी हमने अभी तक एक दूसरे से नंबर एक्सचेंज नहीं किया.



सोनिया: ारी हां.



फिर सब एकदूसरे से नंबर एक्सचेंज करते है. राधा ने जिसके यह सब बोलै था वह तोह नहीं हुआ.



राधा: यश का नंबर नहीं मिला.



सोनिया: ारी यह लो भाई का नंबर.



राधा झट्ट से यश का नंबर सेव करती है.



सिया: चलो क्लास में चलो.



फिर सब क्लास में जाते है. पर राधा को क्लास में अच्छा नहीं लग रहा था.



थोड़ी देर बाद इनका कॉलेज ख़तम होता है.



सबलोग पार्किंग में आते है तोह सोनिया बोलती है.



सोनिया: ारी सिया मैं भूल गयी थी. आज मैं और आरव साथ आये है. और अवि को तोह दूसरी तरफ जाना होता है.



सिया: ोू कोई बात नहीं मैं एक कैब बुक कर लेती हु.



राधा: ारी कैब की क्या जरुरत है. मैं चोरर देती हु.



सिया: ारी नहीं तुम्हे परेशानी होगी.



राधा: के ों सिया. हम फ्रेंड्स है. और फ्रेंड की हेल्प में कोई परेशानी नहीं होगी.



सोनिया: हां सिया तुम राधा के साथ चली जाओ.



सिया: ठीक है.



फिर सिया राधा के साथ कार में बैठ जाती है.



राधा: और बताओ सिया तुम्हारा कोई बॉयफ्रेंड है.



सिया: नहिई.



राधा: अच्छा तोह कोई पसंद तोह होगा.



सिया राधा के इस सवाल का जवाब नहीं देती. बस खयालो में घूम होजाती है.



राधा: सिया मैडम किसके खयालो में घुम्म होगयी.



सिया: किसी के नहीं.



राधा: ारी बताओ भी. हम फ्रेंड्स है.



सिया कुछ नहीं बोलती बस उसके आँखों में आंसू आजाते है.



राधा उसकी तरफ देखती है तोह झट्ट से गाडी को साइड मैं रओखती है.



राधा: सिया क्या हुआए. तुम्हारी आँखों में आंसू. मैंने कुछ गलत बोलै क्या.



सिया: नहीं ऐसी कोई बात नहीं है.



राधा: तोह तुम्हारी आँखों में आंसू किसलिए. बोलो सिया



सिया: ऐसा कुछ नहीं है राधा.



राधा: अगर कभी तुमने मुझे फ्रेंड समझा है तोह बोलो क्या बात है.



सिया कार से बहार उतर के रोने लगती है. सिया को ऐसे रट देख राधा को टेंशन होजाता है.



राधा जल्दी से कार से उतर के सिया के पास जाती है.



राधा: सिया क्या हुआए तुम रो क्यों रही हो.



सिया राधा के गले लग के जोर जोर से रोने लगती है.



राधा: सिया चुप होजाओ. बोलो तोह क्या हुआए.



सिया: मैं जिससे प्यार करती हु. वह किसी और से प्यार ता है.



राधा: पहले चुप होजाओ. लो पानी पियो. फिर शांति से बोलो क्या हुआ है.



सिया पानी पीती है शांत होती है. फिर बोलती है.



सिया: मैं जिससे प्यार करती हु. जिसके लिए जी रही हु वह किसी और को प्यार करता है.



राधा: क्याआ. कौन है वह. और किस्से प्यार करता है. और तुम उस धोखेबाज़ के लिए रो रही हो.



सिया: राधाआआआ. खबरदार अगर मेरे प्यार को धोखेबाज़ कहा. ारी उस बेचारे को तोह पता भी नहीं के मैं उससे कितना प्यार करती हु. पर वह किसी और से प्यार कर बैठा.



राधा: तोह तुम उससे बात करो. उसको बोलो के तुम उससे कितना प्यार करती हो.



सिया: मैं नहीं बोल सकती. वह इंसान मेरे लिए किसी भगवन से काम नहीं है. उसने मेरी ज़िन्दगी बदली है. मेरी ज़िन्दगी में दुःख निकल के सिर्फ खुशियां भरी है. मैं कैसे उस भगवन को यह बोल सकती हु.



राधा: यह तुम क्या बोल रही हो सिया. तुम इशांत अग्रवाल और महक अग्रवाल की बेटी हो. तुम्हारी लाइफ में कहा से दुःख. तुम्हे तोह कभी भी उन्होंने दुःख की मतलब भी नहीं समझने दिया होगा. और कौन है वह लड़का जिसको तुम भगवन के साथ कपड़े कर रही हो. और किस्से प्यार करता है वह.



सिया: क्या तुम सुन्न पाओगी. कौन है वह लड़का. किस्से प्यार करता है वह. क्या सब सुनने के बाद तुम मुझे मेरा प्यार दिलवा सकोगी.



राधा: अगर मेरे बस में हुआ तोह वह हर चीज़ करुँगी. जिससे तुम्हे तुम्हारा प्यार मिले.



सिया: तोह प्लीज मुझे मेरा यश दे दो. मैं मेरे यश के बिना नहीं रह सकती. मर जाउंगी अगर यश मेरे से दुर्र हुआ तोह. कल जब उसने तुम्हे देखा तब से वह तुमसे प्यार करने लगा है. मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हु. प्लीज मुझसे मेरे यश को अलग मत करो.



राधा कब यह सुनती है तोह वह क्या बोले उसको कुछ समाज नहीं आता. उसको समाज नहीं आता वह क्या करे. यश उससे प्यार है यह सुनके खुश होये नाछे या उसके सामने जो कड़ी है वह वह उसके यश से प्यार करती है. उससे उसका यश मांग रही है यह सुनके रोये.



सिया: बोलो राधा क्या डौगी मुझे मेरा यश.



राधा: तुमने तोह मुझसे मेरी ज़िन्दगी मांग ली सिया. तुम नहीं जानती मैं पिछले 2 साल से यश से प्यार करती हु. अरे मैं उससे तब से प्यार करती हु जब मैंने उससे देखा भी नहीं था. पिछले 2 साल से यश मुझे मेरे सपने में दीखता था. और तब से मैं उससे प्यार करती हु. अपनी जान से भी ज्यादा मुझे यश प्यारा है. उसके लिए मेरा प्यार किसी पागलपन से काम नहीं है. मैं पागल हु उसके लियी. मेरे जीने की वजह है वह. और तुम मुझसे मेरे जीने की वजह hi मांग रही हो. कल जब तुमलोगो ने मेरे घर जो स्केच देखा था वह यश का hi स्केच है.



मुझे सपने में यश का सिर्फ इतना hi चेहरा दीखता था. जिसका मैंने स्केच बनवाया ताकि उससे ढूंढ सकू. इस दिन एडमिशन के वक़्त वह मुझे दिखा. पर कल वह मुझे मिला. और तुम उसे hi मांग रही hi मुझसे.



यह सब कहते वक़्त उसकी आँखों में आंसू आजाते है.



सिया: क्याआआआआ. तुम भी उससे प्यार करती हूँ. वह भी पुरे 2 साल से. और उसको देखने के पहले से.



राधा: रट हुए. हआ. मैं तुमसे भीख मांगती हु. सिया प्लीज मुझसे मेरी ज़िन्दगी मत चिन्नो. वर्ण मैं मर्डर जौंगीई.



सिया: जी तोह मैं भी नहीं सकती यश के बिना. अगर वह मुझे नहीं मिला तोह मैं मर्डर जौंगीय.



राधा: पर तुम तोह उसकी बेहेन हो. तुम कैसे उससे प्यार करसकती हो.



सिया: वह मेरा सागा भाई नहीं है. और नाही माँ डैड मेरे माँ डैड है.



राधा: व्हाटटटटटटटट.



सिया: हाआआ.



फिर सिया उससे अपने बारे में सब बताती है.



सिया के बारे में जानके तोह राधा की आँखे बड़ी होगयी थी.



सिया: तोह बोलो राधा क्या तुम मुझे मेरी ज़िन्दगी डौगी.



राधा: तुम मुझसे मेरी ज़िन्दगी मांग रही हो सिया. और क्या तुम सच बोल रही हो यश मुझसे प्यार करता है.



सिया: उतरे हुए मुँह के साथ. हआ.



राधा: मुझे समाज नहीं आरहा है मैं क्या करू. मेरा यश मुझसे प्यार करता है यह सुनके खुश होना चाहिए या तुम्हारी लिए दुखी होना चाहिए.



सिया: हम दोनों एक hi कश्ती पे सवार है राधा. चलो घर चलो. अब जो किस्मत में लिखा होगा वही होगा.



राधा को कुछ समाज नहीं आरहा था वह क्या करीब. वह चुप चाप कार में बैठ के कार को अग्रवाल मेन्शन की तरफ बढ़ा देती है.
 
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