Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat - Page 4 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Beintehaan Mohobbat

अपडेट 19

थोड़ी देर में कार अग्रवाल मेन्शन पहुंच जाती है. जहा महक बहार hi कड़ी थी. क्योकि यश ने कॉल करके बोल्दिया था के सोनिया के साथ सिया आएगी. पर जब वह राधा को देखती है तोह थोड़ा शॉक होती है.



महक: सिया तुम राधा के साथ. तुम तोह सोनू के साथ आने वाली थी न.



राधा: हां आंटी पर सोनिया भूल गयी थी के वह आरव के साथ hi आयी थी इसीलिए मैं ले आयी.



महक: थैंक यू सो मच बीटा. आओ अंदर आओ.



राधा: नहीं आंटी फिर कभी. माँ वेट कर रही होंगी.



महक: संजना को मैं देख लुंगी. तुम आओ अंदर. और सिया क्या हुआ तुम्हारा चेहरा इतना उतरा हुआ क्यों है. क्या हुआ है सिया.



सिया कुछ नहीं बोलती बस अंदर भाग जाती है.



महक को टेंशन होजाती है. राधा क्या हुआ है.



राधा भी कुछ नहीं बोल सकती. उसका भी चेहरा उतर जाता है.



महक: अंदर आओ.



राधा महक के पीछे पीछे अंदर आती है.



महक अंदर आके सीधा सिया के रूम में जाती है. जब वह सिया के रूम में जाती है तोह वह देखती है सिया बीएड पे उलटी होक सो रही है. राधा भी पीछे पीछे आती है.



महक सिया के पास जाके उसको उठती है तोह सिया महक के गोड़ में मुँह चुपके रोने लगती है.



सिया का ऐसा रोना महक को सेहन नहीं होता. वह जल्दी से सिया को उठती है.



महक: सिया बच्चा क्या हुआ है. क्यों रो रही हो. तू तोह मेरा बहादुर्र बच्चा है ना. क्या हुआ है. बोलो. तुम्हे पता है ना हुम्हे तुम्हारी आँख में आंसू बिलकुल नहीं पसंद है. चुप करो सिया. अगर यश ने तुम्हारी आँखों में आंसू देख लिया तोह वह सब कुछ बर्बाद कर देगा. तुम जानती हो ना उसका गुस्सा.



सिया यश का नाम सुनके hi शांत होजाती है. वह अपने चेहरा ऊपर उठती है उसकी आँखे लाल होगयी थी.



यह देख कर महक का डिल देहल जाता है.



महक: सियाआ क्या हुआ है बताओ. तुम्हे यश की कसम बताओ.



सिया: मॉम्म. बस यह बोल फिर रोने लगती है.



महक: मत रो मेरी बच्ची. चुप होजाए. प्लीज बोलना मेरा बच्चा क्या हुआए है. राधा क्या हुआ है. तुम तोह बोलो.



राधा भी वह कड़ी होक रोने लगती है.



महक अब राधा को रट देख और टेंशन में आजाती है.



महक: राधाआ बेटा क्या हुआए हैई तुममम क्यों रू रहीए हो. यहाँ आओ.



राधा दौड़ के महक के पास आती है और उसके गले लग के रोने लगती हैई.



महक: राधा बेटा चुप्प होजावू क्या हुआ है. तुम दोनों ऐसी क्यों रो रही हो. चुप्प होजाओ. तुम दोनों को मेरी कसम चुप करो. अब कोई नहीं रोयेगा. और मुझे बताओ क्या हुआ है.



दोनों कुछ नहीं बोलती बस चुप चाप बैठी रहती है.



महक: राधा सिया बताओ क्या हुआ है.



दोनों चुप hi रहती है.



महक: अगर तुम दोनों कुछ बोलोगी नहीं तोह मुझे कैसे पता चलेगा. बोलु.



सिया तुम बताओ मुझे क्या हुआ है. पूरी बात बताओ.



सिया हिम्मत करके महक को सब कुछ बता देती है. उसके बाद दोनों चेहरा नीचे करके बैठी रहती है.



महक सब कुछ सुनती है समझती है. फिर बोलती है.



महक: दोनों चेहरा ऊपर करो.



दोनों वैसे hi रहती है.



महक: थोड़ा जोरर से. मैंने कहा चेहरा ऊपर करो.



दोनों सेहम जाती है और चेहरा ऊपर करती है.



महक: तोह दोनों यश से प्यार करती हो.



दोनों हां में गर्दन हिला देती है.



महक: कितना प्यार करती हो.



दोनों एकसाथ बोलती है बेइन्तेहाँ मोहोब्बत. उसके बिना हम जी नहीं पाएंगे. वह हमारी ज़िन्दगी है.



महक: और अगर वह नहीं मिला तोह.



दोनों के आँखों में आंसू आजाते है. और बोलते है. हम मर्डर जाएंगी.



महक: यश के लिए क्या कर सकती हो.



दोनों: उसके लिए कुछ भी कर सकते है.



महक: उसके लिए एकदूसरे को एक्सेप्ट कर सकती हो.



दोनों हैरानी के साथ पहले एकदूसरे को फिर महक को देखते है.



महक: मैंने पूछा दोनों एकदूसरे को एक्सेप्ट कर सकती हो.



दोनों: क्या हमारे ऐसा करने से हुम्हे यश मिल जायेगा.



महक: मिलेगा क्या नहीं वह बाद की बात है. क्या दोनों एक दूसरे को एक्सेप्ट कर सकोगी.



दोनों: अगर हमारे एकदूसरे को एक्सेप्ट करने हुम्हे यश मिलता है तोह हम तैयार है.



महक: दोनों को सौतन की तरह नहीं बेहेन की एक्सेप्ट करना होगा. अगर दोनों के dil-o-dimaag में 0.1% भी सौतन की जेएलओसी की फीलिंग आयी तोह उसी वक़्त यश से हमेशा हमेशा के लिए अलग करदी जाओगी.



दोनों: नहीं हम ऐसा बिलकुल नहीं करेंगे. हम प्रॉमिस करते है. यश के लिए कुछ भी करेंगे.



महक: तोह सुनने यश के जीवन में 2 जीवन संगिनिया लिखी हुई थी.



दोनों: शॉक से. क्याआआआ.



महक: हआ. और वह दोनों जीवन संगिनिया तुम दोनों पागल हो. जिसमे एक पागल उसका कवच है तोह दूसरी पागल उसकी शक्ति. इसीलिए मुझे इस्बात से हैरानी नहीं हुई. क्योकि मुझे यह बात पहले से पता थी आज नहीं तोह कल 2 जान को लेके ऐसा होगा.



दोनों कुछ नहीं बोलती बस चेहरा नीचे कर शर्माने लगती है.



महक: अब शर्माना बंद करो. और मुझे एक बात बताओ. राधा का तोह समाज आता है. पर सिया तुम कैसे.



सिया: माँ यह मुझे भी नहीं पता के कैसे मैं यश से प्यार कर बैठी. मेरी लाइफ में लड़के नाम पे बस यश hi है. हमेशा से मैंने यश को hi देखा है. उसका केयर करना प्यार जाताना मस्ती करना यह सब मेरे दिल में उसके लिए प्यार को और मजबूत करते गए. और यह प्यार भाई बेहेन से कब लड़का लड़की वाला होगया. मुझे खुद पता नहीं चला. पर माँ क्या यश मुझे एक्सेप्ट करेगा. वह तोह राधा को प्यार करता है.



महक: मैं हु ना तू चिंता मत कर. वह जरूर एक्सेप्ट करेगा. और तुम दोनों को करेगा.



दोनों जाके महक के गले लग जाती है और बोलती है थैंक यू माँ थैंक यू आंटी.



महक: अब माँ बोलने की आदत दाल लो राधा.



राधा शर्मा जाती है.



महक: चलो अब लंच करलो. जल्दी से फ्रेश होक नीचे आओ.



यह बोल महक नीचे चली जाती है और वह जाके संजना को कॉल करके बोलदेति है राधा उसके पास है टेंशन ना ले.



इधर राधा और सिया अभी भी वैसे hi खड़े थे.



सिया: राधा.



राधा: हम्म्म.



सिया: क्या तुम इसके लिए दिल से रेडी हो.



राधा: मैं यश के लिए कुछ भी करुँगी. क्या तुम तैयार हो.



सिया: यश मेरी ज़िन्दगी है. उसके लिए 1 क्या मैं 10 एक्सेप्ट करलु.



यह बोल दोनों एकदूसरे को गले लगा लेते है.



सिया: तुमने और माँ ने तोह करलिया. माँ डैड को भी मन लेगी. पर जिसके लिए यह सबकुछ होरहा है अगर उसने hi ना किया तोह मेरा क्या होगा.



राधा: चिंता मत करूओ. सिया. हम ठिक्क उसको मन लेंगे. और मानेगा नहज तोह जाएगा कहा. किसी और के पास गया तोह टांग ना टॉड दे.



सिया: हम्म्म. चलो तुम जल्दी से जाके फ्रेश होजाओ. तब तक मैं दूसरे रूम में जाके फ्रेश होजाती हु.



फिर दोनों जल्दी से जाके फ्रेश होते है और नीचे आते है और लंच करने लगते है.



सिया: माँ.



महक: हआ बोलो.



सिया: डैड मानेगे ना.



महक: उनको मैं देख लुंगी. तुम चिंता मत करो. मेरे लिए मेरे बच्चो की ख़ुशी ज्यादा इम्पोर्टेन्ट है. और यश को मैं अपने स्टाइल में समझाउंगी. कोई रिएक्शन मत करना दोनों.



दोनों: ोककक.



थोड़ी देर बाद एहलोग लंच कम्पलीट करते है. फिर राधा बोलती है.



राधा: अच्छा आंटी अब मैं चलती हु. माँ वेट कर रही होंगी.



महक: ठीक है. और आज जो भी बाते हुई वह संजना को मत बताना. मैं खुद आउंगी तेरे घर तू लेने के लिए.



राधा: शर्मा के. जीई.



फिर राधा महक के पैरर चुके और सिया के गले लग के वह से निकल के अपने घर आती है.



इधर सिया महक के गॉड में सर रख के पूछती है.



सिया: माँ एक बात पुछु.



महक: एहि ना के मैंने कुछ रियेक्ट क्यों नहीं किया.



सिया: हम्म्म.



महक: पहली बात मैं एक माँ हु. अपने बच्चे की ख़ुशी मेरे लिए सबसे पहले है. और दूसरी बात मुझे यह बात पहले से पता है तू यश से प्यार करती है.



सिया: शॉक से. कैसी. मैंने तोह यह बात कभी किसी को नहीं बताई. फिर आपको कैसे पता चली.



महक: सिया के सर को सहलाते हुए. कहा ना एक माँ हु. मेरे बच्चे की ख़ुशी किस्मे है यह एक माँ को पता होता है. और याद है जब हम लास्ट टाइम तुमलोगो से मिलने लंदन गए थे.



सिया: हां 1.5 साल पहले. मेरे बर्थडे पे.



महक: हम्म उस वक़्त मुझे पता चला. रात को जब तू मेरे साथ सो रही थी. तब तूने खुद नींद में बोलै था.



सिया: व्हाटट. क्या कहा था मैंने. और तब आपने मुझे कुछ क्यों नहीं कहा.



महक: तूने कहा था ी लव यू यश. मैं तुमसे बहोत प्यार करती हु. मैं तुम्हे खुद से दररर नहीं देख सकती ेट्स ेट्स. पहले तोह हुम्हे बहोत अजीब लगा और बुरा भी लगा. पर जब मैंने तुझे ऑब्सेर्वे किया जिस तरह से तू मेरे यश का ख्याल रखती है उससे समझती है और यश तेरे साथ खुश रहता है तुझे ना देखने से एकदम बेचैन होजाता है. उसी वक़्त मैंने तय कर लिया था. अगर तू चाहेगी तोह तुझे तेरा प्यार जरूर दिलवाऊंगी. और आज तूने मांग लिया.



सिया: थैंक यू माँ. मुझे समझने के लिए. मेरा प्यार समझने के लिए. अगर मुझे मेरा यश ना मिलता तोह में शायद ज़िंदा ना रहती. जिस यश ने मुझे यह नयी ज़िन्दगी दी मेरी यह ज़िन्दगी उसकी है माँ.



महक: चुप पागल. और फिर कभी यह मरने की बात ना करना.



सिया: सॉरी माँ. बूत क्या यश मानेगा.



महक: मैंने कहा ना. मैं उससे बात करुँगी. तू टेंशन मत लेना. और परसो घर में पार्टी है. तोह जाओ उसकी तैयारी करो.



सिया: थैंक यू माँ. यह कह के वह अपने कमरे में भग्ग जाती है.
 
थैंक यू

सिया अपने दिल के हाथो मजबूर है. जब से उसने होश संभाला है तबसे उसने सिर्फ यश को hi देखा है. यश का उसका केयर करना प्यार जाताना उससे मस्ती मज़ाक करना सिया को प्यार करवा बैठा. और अब वह उससे इस हद्द तक प्यार करती है के वह उसको ना मिला तोह वह और किसी की ना होसकेगी.

नेक्स्ट अपडेट में भविस्यवाणी को लेकर जिक्र होगया है.
 
थैंक यू

जब महक को पहले से hi पता था सिया यश से प्यार करती है और यश के जीवन में 2 लड़कियां है तोह बेकार में तमाशा करके क्या मिलता.

और यश सिया के इतना पोस्सेस्सिवे है के अगर महक ने सिया को मारा होता तोह यश अपने गुस्से में क्या कर जाता यह महक को पता है.

यश राधा को लेके अपना प्यार तोह समाज चूका है. सिया से प्यार तोह बहोत करता है पर वह उस प्यार को अभी समाज नहीं पा रहा है. क्योकि उसको लगता है उसकी सिया हमेशा उसके पास hi रहेगी.

जब तक उसको यह एहसास नहीं होगा के सिया उससे दुर्र होसकती है तब तक यश को उसके प्यार का एहसास नहीं होगा.
 
अपडेट 20

थोड़ी देर में यश घर आता है.



महक: यश मुझे कुछ बात करनी है.



यश: यस माँ.



महक: परसो घर में पार्टी है तोह तुम्हारे डैड चाहते है वह पे सिया कोई लड़का अपने लिए चूसे करले.



यश जब यह सुनता है तोह उसके चेहरे में जो एक मुस्कान थी वह चली जाती है.



यश: No माँ. अभी सिया ऐसा कुछ नहीं करेगी.



महक: और क्यों नहीं करेगी.



यश: अभी आगे hi क्या है माँ. अभी पढाई तोह करने दो.



महक: हां तोह हम कौनसा शादी करवा रहे है. बस देखने बोल रहे है. शादी तोह पढाई के बाद hi करवाएंगे. तब तक एक दूसरे को जानेंगे पहचानेंगे समझेंगे. अगर पसंद आगया तोह फिर कोई बात hi नहीं है. वर्ण दोस्त बांके रहेंगे.



यश: और अगर पसंद आगया तोह.



महक: तोह पढाई के बाद शादी उसके बाद वह अपने घर.



यश: व्हाटटटटटट शाडीइइइइइ. नहीइइइइइइ. और अपनी घर्रर से क्या मतलबब ही. यह उसका घर्रर्र हीी. और वह हमेशा येहीइ रहेगीइ मेरी साठः रहेगीइ. मैं उससे कहीए नही जननी दूंगा. और शादीय तोह दररर की बात हैई मैं उससे किसी सी मिलनी ही नही दूंगा. और मिलना भी दुर्र की बात हैई किसी को मेरी सिया की तरफ देखनी भी नही दूंगा. मेरी सिया मेरी पास रहेगीइ हमेशा.



महक: ारी यश यह क्या पागलपन है. एक न एक दिन तोह उसकी शादी करनी hi होगी ना. कब तक उसको ऐसे रखेंगे.



यश को अब गुस्सा आने लगता है. और थोड़ा गुस्से में बोलता है.



यश: मैनीई बोललललल दियाए नाआ. सियाआ कहीए हीई जाएगीइ. ऑरररर उसकीय कोईई शादियी हीई होगीयी. ागररर किसी ने मेरी सिया की तरफ आँख उठा कर भी देखा तोह उसको वहीइ जाननं से मार दूंगा. सिया सिर्फ़्फ़ मेरीए ही सिर्फ मेरिइइइ.



महक यश के गुस्से को देख कर थोड़ा डर जाती है. पारर हिम्मत कार्की बोलती है.



महक: ागररर सिया सिर्फ तुम्हारी है तोह राधा कौन है.



यश राधा का नाम सुनती hi शांततः होजाता है उसकी हालत ऐसी होजाती है जैसी किसी ने प्यासे को पानी मिलगया हो.



महक: शांत क्यों होगये बोलो. अगर सिया सिर्फ तुम्हारी है तोह राधा कौन है.



यश: आपको राधा के बारे में कैसे पता.



महक: यानी यह सच है तुम राधा से प्यार करते हो.



यश कुछ नहीं बोलता बस सर झुका के खड़ा होजाता है.



महक: मैंने कुछ पूछा है यशः.



यश: जीई. मैं करता हु राधा से प्यार.



महक: अगर तुम राधा से प्यार करते हो तोह सिया के लिए यह पागलपन क्यों.



यश कुछ नहीं बोल सकता. बस चुप चाप खड़ा रहता है.



महक: मुझे राधा को लेकर बहोत ख़ुशी है. तुम्हारी चॉइस अच्छी है. इनफैक्ट मैं खुद उससे तुम्हारे किये चूसे करती. पर मुझे सिया वाले का जवाब चाहिए.



यश: मेरे पास इसका कोई जवाब नहीं है.



महक: मुझे रात में डिनर के बाद जवाब चाहिए. अगर तुमने आज रात तक जवाब नहीं दिया तोह मैं परसो खुद सिया के लिए लड़का चूसे करुँगी. अब तुम जा सकते हो.



यश वह से चला जाता है और महक के चेहरे में मुस्कान आजाती है.



महक: मेरा पागल बीटा. राधा के लिए जो प्यार है वह एक पल में पता चल गया. पर सिया के लिए दिल में जो प्यार है वह ना समाज सका.



इधर यश अपने कमरे में आके सोचने लगता है आखिर क्यों वह सिया को खुद से दुर्र नहीं होने देना चाहता. क्यों उसके दुर्र जाने की बात सुनके hi वह घबरा जाता है परेशां होजाता है.



यश: आखिर क्यों मैं सिया को खुद से दुर्र नहीं करना चाहता. क्यों उससे दुर्र होने के ख्याल से hi मुझे डर लगने लगता है. क्यूओ. अगर आज रात तक मैंने माँ को जवाब नहीं दिया तोह वह मुझसे मेरी सिया को दूर कर देंगी. नहीं नहीं मैं मेरी सिया को खुद्द से दुर्र नहीं जाने दूंगा.



वह एहि सब सोचता रहता है के और उससे नींद आजाती है.



उसको सोये हुए कुछ वक़्त hi होता है के उसको एक सपना आता है जिसमे वह देखता है सिया को. सिया दुल्हन बानी हुई थी और यश वही खड़ा उसको देख रहा था. तब सिया उसको बोलती है.



सिया: यश मुझे बचालो यश. मैं तुमसे दररर नहीं जाना चाहती. मुझे बचालो यश.



अगर यह शादी होगयी तोह मैं मर्डर जाउंगी यश. मुझे बचालो. मैं तुमसे बहोत प्यार करती हु यश. खुद से भी ज्यादा मैं तुमसे प्यार करती हु. मुझे बचालो यश. अभी सिया ने इतना hi बोलै के कोई आता है और सिया को अपने साथ ले जाने लगता है. सिया चिल्लाने लगती है. पर कोई उसकी आवाज़ नहीं सुनता. यश उसको बचने के लिए आगे बढ़ता है तोह वह आगे नहीं बढ़ पता. वह पूरी कोशिश करता है पर वह आगे नहीं बढ़ पता. वह सिया का नाम लेके चिल्लाने लगता है.



यश: सियाआआआ. चोरररूओ मेरी सियाआ को Siyaaaaaaaaaaa.



तभी सिया भागते हुए यश के पास आके उसके गले लग जाती है.



सिया: यशःह्ह्ह. मैं तुमसे बहोत प्यार करती हु यश. मैं तुम्हारे बिना नहीं जी सकती.



यश सिर्फ सिया सिया करके चिल्लाने लगता है. और झट्ट से नींद से उठ जाता है तोह देखता है सिया उसके सामने बैठी है और उसको बोल रही है.



सिया: मैं एहि हु यश. बिलकुल तुम्हारे पास. मैं कही नहीं गयी यश.



यश झट्ट से सिया को गले लगा लेता है और बोलता है.



यश: मुझे चोरर के कही मत जाना सिया. मैं तुम्हारे बिना नहीं जी सकता. मैं तुमसे बहोत प्यार करता हु सिया. बहोत प्यार करता हु. अगर तुम मुझे ना मिली तोह मैं मर्डर जाऊंगा सिया. प्लीज तुम मुझे चोरर के कही मत जाना. यह बोलते हुए यश सिया के पुरे चेहरे को चूमने को लगता है.



सिया: यश यश रुको यश.



यश: ी लव यू सिया. ी लव यू वैरी मच.



सिया तोह तबसे hi हवा में उड़द रही थी जब उसने सुना था के यश भी उससे प्यार करता है. और अब जब उसने यश के मुँह से ी लव यू सुना तोह उसके आँखों से आंसू बह गए.



सिया: तुम्हारे मुँह से यह सुनने के लिए ना जाने कब से वेट कर रही थी. पर तुमने बहोत लेट किया यश. ी लव यू यश. ी लव यू मोरे थान माय लाइफ. ी लव यू.



यह बोल उसके गले लग जाती है. और रोने लगती है.



यश: रट नहीं सिया. मुझे मेरी सिया हस्ते हुए hi अच्छी लगती है. चुप करो सिया.



सिया: आज रो लेने दो यश. नाजाने कब से यह आंसू रुके हुए थे. आज इन्हे बह जाने दो. आज मुझे मेरी ज़िन्दगी मिल गयी. आज मुझे मेरा यश मिल गया.



यश: मैं तोह हमेशा से hi तुम्हारा था. तुमने तोह पहचान लिया. बस मैंने लेट करदिया. अब चुप करो सिया.



सिया चुप करती है फिर यश की आँखों में देखती है यहाँ उससे अपने लिए बेहिसाब प्यार दिख रहा था.



सिया: ी लव यू यश.



यश: ी लव यू तू सिया.



यह बोल दोनों एक दूसरे के गले लग जाते है.



थोड़ी देर बाद दोनों अलग होते है तोह सिया शर्मा के यश के सीने में मुँह छुपा लेती है. यश भी उससे अपनी बाहों में काश लेता है और बीएड में ले जाता है. दोनों वैसे hi एकदूसरे से चिपक के बीएड में पढ़े रहते है.



यश: सियाआ.



सिया: हम्म्म.



यश: अगर मेरे से इतना प्यार करती हो तोह पहले बोलै क्यों नहीं.



सिया: डर्टी थी यश. कही तुम मेरे प्यार को रिजेक्ट ना कार्डो. अगर ऐसा होता तोह मैं ज़िंदा ना रहती मैं मर्डर जाती यश.



यश: आज के बाद अपने मुँह से यह मरने की बात मत निकलना.



सिया: कभी नहीं निकलूंगी. बस मुझे कभी खुद से दररर मत करना. हमेशा ऐसे hi प्यार करते रहना.



यश: अपनी आखरी सांस तक.



सिया: पर तुम तोह राधा को भी प्यार करते हो ना.



यश: एहि तोह समाज नहीं आया. मुझे राधा को देखते hi पता नहीं क्यों प्यार का एहसास होगया. फिर उसकी बाते सुनके तोह मैं जैसे वही खू गया. और फिर क्लास में उससे बाते करके उसकी मासूमियत देख कर मैं उससे प्यार कर बैठा. ी ऍम सॉरी सिया.



सिया: ारी इसमें सॉरी क्यों यश. तुम्हे पता है राधा और मैं दोनों तुम्हारी किस्मत में लिखे हुए है. और राधा के प्यार के सामने तोह मेरा प्यार कुछ भी नहीं. मैं तोह तुम्हे देख कर तुम्हारे साथ रहकर प्यार करने लगी. पर वह पागल तोह तुम्हे बिना देखे hi तुमसे प्यार करती है.



यश: मतलब.



फिर सिया यश को राधा के सपने के बारे में उसके पागलपन के बारे में सब बताती है.



यश यह सुनके हैरान होजाता है.



यश: कोई कैसे किसी को इस तरह इतना प्यार कर सकता है.



सिया: जब किस्मत में लिखा हो और प्यार सच्चा हो तोह कुछ भी होसकता है.



यश: तोह तुमने क्या सोचा है सिया राधा के बारे में. तुम्हे बुरा नहीं लगा तुम्हारा प्यार बैठत गया.



सिया: पहले तकलीफ हुई थी यश. पर मैं अपने लिए किसी और का प्यार तोह नहीं छिन्न सकती ना. और राधा का भी एहि पॉइंट ऑफ़ व्यू है. अगर हमदोनो में से अगर किसी एक को तुम मिले तोह वह दूसरा ज़िंदा नहीं रहेगा यश. इसीलिए हमदोनो ने hi एकदूसरे को एक्सेप्ट करलिया है यश. और हमदोनो को कोई प्रॉब्लम नहीं है.



यश: कैसे सिया कैसे कोई अपने प्यार को किसी और के साथ...



सिया: जहा प्यार होता है वह सब कुछ होता है यश.



एहलोग ऐसे hi बाते करने लगते है.
 
अपडेट 21

और इधर महक चुप चाप बैठ के इशांत का वेट कर रही थी.



थोड़ी देर में इशांत घर आता है.



इशांत: गुड इवनिंग महक.



महक: गुड इवनिंग इशांत. अच्छा हुआ आप आगये. मुझे कुछ बात करनी है.



इशांत: हआ बोलो.



महक: नहीं पहले आप फ्रेश होजाओ. फिर बात करते है.



इशांत: ारी बोलो ना क्या बात है.



महक: बात थोड़ी इम्पोर्टेन्ट है इशांत. शांति से बात करते है ना.



इशांत: ठीककक है. यह बोल इशांत फ्रेश होने अपने रूम में चल देता है.



थोड़ी देर बाद वह फ्रेश होक आता है तोह देखता है मेहम रूम में hi उसका वेट कर रही है.



इशांत: अब बोलो क्या बात है.



महक: आपको याद है यश के नामकरण के दिन कुलगुरु ने क्या कहा था.



इशांत: ारी वह दिन कैसे भूल सकता हु. उन्होंने कहा था हमारे बीटा बहोत भाग्यशाली होगा. सबको प्यार करेगा गुस्सा बहोत भयानक होगा ेट्स ेट्स.



महक: और क्या कहा था.



इशांत: बात क्या है महक. अचानक आज यह सवाल क्यों.



महक: ारी बताओ ना.



इशांत: और कहा था सहबजयादे की 2 बीवियां होंगी. एक कवच बनेगी तोह दूसरी शक्ति.



महक: हम्म तोह जैसा उन्होंने कहा था उसकी 2 बीवियां होंगी. तोह मुझे मेरी दोनों बहुएं मिल गयी है.



इशांत: बस इतनी सी बात.



क्या कहा दोनों बहुएं मिल गयी है. कब कहा कैसे कौन है वह दोनों और तुम्हे कहा से मिली.



महक: शांत शांत सब बताती हु. दोनों में से 1 को तोह हम बहोत बहोत अच्छी तरह से जानते है. और दूसरी को जानते है. हमारे जान पहचान की है.



इशांत: कौन है.



महक: पहले बोलो आप गुस्सा नहीं करोगे. और कोई रियेक्ट नहीं करोगे.



इशांत: क्या बात है महक. इतनी सीरियस क्यों होगयी तुम.



महक: पहले प्रॉमिस करो.



इशांत: अच्छा बाबा प्रॉमिस. अब बोलो.



महक: वह लड़कियां सिया और राधा है.



इशांत: Kyaaaaaaaaaaaaa. सिया और राधा हमारी सिया और राधा. मतलब सिया अग्रवाल हमारी बेटी और राधा सिंह विक्रम की बेटी.



महक: हआ.



इशांत: क्या हा. राधा का तोह ठीक है पर सिया. तुम पागल होगयी हो. वह भाई बेहेन है. हैवे यू लॉस्ट योर मंद.



महक: आपने प्रॉमिस किया था.



इशांत: ारी प्रॉमिस गया तेल लेने.



महक: थोड़ा गुस्से से. क्या कहा आपने.



इशांत महक का गुस्सा देख वही शांत होजाता है. किसी ने सच hi कहा है. बड़े से बड़े शेर भी बीवी के सामने चूहा बन जाता है. और एहि हाल अभी इशांत का था. थोड़ी देर पहले चिल्ला रहा था और अब बीवी के गुस्से के सामने आवाज़ भी नहीं निकल रही है.



इशांत: मैंने क्या कहा मैंने कहा वह दोनों भाई बेहेन है.



महक: मैं जानती हु. पर आप पहले पूरी बात सुनलो फिर कुछ कहना.



इशांत: बोलो.



फिर महक इशांत को सिया हुए राधा के बारे में सब बताती है. कैसे वह यश को प्यार कर बैठे और कितना प्यार कर बैठे. और यह भी बताती है यश भी उनसे प्यार करता है जिसमे राधा के प्यार को प्यार करता है यह पता है पर सिया के प्यार का नहीं.



और आज उसकी यश के साथ जो बात हुई वह भी बताती है.



महक: अब आप hi बोलो. कैसे हम उन्हें अलग करे. अगर किसी को भी एकदूसरे से अलग किया तोह वह ज़िंदा नहीं रहेंगे.



इशांत: माय गॉड. यह सब पुरे पागल है.



महक: और तीनो हमारे नसीब में hi है.



इशांत: तोह तुम क्या चाहती हो.



महक: देखो राधा को लेके कोई ऑब्जेक्शन नहीं करेगा. और रही बात सिया की तोह जब कोई ऑब्जेक्शन करेगा तोह हम उन्हें सिया की असलियत बता देंगे. मुझे मेरे बच्चो की ख़ुशी चाहिए. मेरे लिए उनकी ख़ुशी से बढ़ कर कुछ नहीं है.



इशांत: क्या वह दोनों एकदूसरे को एक्सेप्ट करने को तैयार है.



महक: दोनों हमारे यश से इतना प्यार करती है के उसके लिए उन्होंने ख़ुशी ख़ुशी एक दूसरे को एक्सेप्ट किया. उन्हें एकदूसरे से कोई प्रॉब्लम नहीं है.



इशांत: और हमारे सहबजयादे उनका क्या कहना है.



महक: राधा के लिए वह रेडी है. पर सिया को लेके वह समाज नहीं पा रहे है. मैंने उसको आज रात तक का टाइम दिया है. और काफी वक़्त से वह दोनों ेखि कमरे में है और दोनों में कोई बहार नहीं आया. तोह ी ऍम दमन सूरे दोनों ने एक दूसरे को अपना लिया है. अब आप क्या कहते हो.



इशांत: जब सब तुमने सोच hi लिया है तोह ठीक है. अब तुम जो करोगी वह अच्छा hi करोगी.



महक: थैंक यू इशांत.



और यह लोग ऐसी hi बाते करते रहते है.



इधर राधा जब अपने घर आती है तोह वह हद्द से ज्यादा खुश लग रही थी. जिससे देख संजना उससे पकड़ लेती है.



संजना: राधा बेटा क्या बात है. बहोत खुश लग रही हो. महक ने ऐसा क्या कर दिया.



राधा: शर्मा के. क्या माँ आप भी ऐसा कुछ नहीं है. महक आंटी ने कुछ नहीं किया. मैं तोह बस ऐसे hi खुश हु.



संजना: एहि बात है या कुछ और बार है.



राधा: नहीं माँ और कोई बात नहीं है.



संजना: हम्म ठीक है जाओ फ्रेश हो लो.



राधा यह सुनते hi वह भग्ग जाती है.



संजना: इसका यह अचानक इतना खुश होना. और इससबारे में पूछने से शर्मा जाना. कुछ तोह गड़बड़ है. महक को hi पूछूँगी यह तोह बताएगी नहीं.



इधर राधा अपने कमरे में आते hi नाचने लगती है और यश के उस आधे स्केच को लेके बोलने लगती है.



राधा: सो मर. यश अग्रवाल आपकी माँ ने तोह मुझे अपनी पहली बहु मान लिया है. और अब तोह मुझे यह भी पता चल गया है आप भी मुझसे प्यार करते है. और मैं तोह आपसे प्यार करती hi हु. यह बोल उस स्केच को किश कर देती है.



आज मैं बहोत बहोत खुश हु. मुझे मेरा प्यार मिल गया. जिसके सपने में ना जाने कब से देखती आरही हु आज वह मुझे मिल गया. थैंक यू गॉड थैंक यू सो सो सो मच.



वह बिना फ्रेश हुए hi बीएड में गिर्र जाती है और अपने खयालो में घूम रहते हुए hi सो जाती है.



इधर इशांत से बात करने और उससे मानाने के बाद महक सिया को बुलाती है जो यश के सीने में सर रख के अपने प्यार को महसूस कर रही थी.



महक: सियाआआआ. सियाआआ. नीचे आओ.



सिया आँखे बंद करके लेती हुई थी जब उसने महक की आवाज़ सुनी तोह एक झटके में उठ जाती है. उसको ऐसे उठते देख यश भी अचानक से उठ जाता है.



यश: क्या हुआ सिया.



सिया: वह माँ बुला रही है.



यश: ोककक देखो किसलिए बुला रही है.



सिया: नहीं तुम संग चलो. मैं अकेले नहीं जाउंगी.



यश: तुम्हे बुलाया है तुम जाओ. मैं चला फ्रेश होने. यह बोल वह वाशरूम भग्ग जाता है.



सिया को यश को रोखने का मौका तक नहीं मिला.



सिया: यह तोह भाग गया. डैड भी आगये होंगे. मैं कैसे उनको फेस करुँगी. मेरे में तोह हिम्मत hi नहीं होरही है. तभी वापस आवाज़ आती है.



महक: सियाआआ.



सिया: किंग ममममम. चल सिया अब जो होगा देखा जायेगा. यह बोल वह जोर से धड़कते दिल के साथ नीचे आती है तोह वह उससे बस महक hi दिखती है. जिससे उससे हलकी सी रहत मिलती है.



सिया: यस माँ.



महक: कहा थी तुम कब से बुला रही हु.



सिया: वह माँ मैं सो गयी थी. कुछ काम था.



महक: हआ काम तोह था. पहले यह बताओ तुम यश के कमरे से क्यों निकल रही थी.



सिया यह सुनते hi घबरा जाती है. वह क्या बोले उसको समाज नहीं आता.



सिया: वह माँ वह मैं वह एक्चुअली हां मैं देखने गयी थी यश वापस आया है के नहीं.



महक : यह बोलने में इतना घबरा क्यों रही हो.



सिया: नहीं माँ ऐसी कोई बात नहीं है.



महक मैं में बोलती है. पागल लड़की. देखो तोह कैसे डर रही है. जैसे मैं इसको डाटूंगी या मरूंगी. यह बोल हसने लगती है.



महक: क्या बात है सिया. इतना घबरा क्यों रही हो. कुछ हुआ है क्या.



सिया: नहिई माँ कुछ नही हुआ है.



महक: अच्छा ठीक है बैठो तुमसे बात करनी है.



सिया जाके महक के गोड़ में सर रख के लेट जाती है और महक उसके सर को सहलाने लगती है.



महक: मैंने इशांत से बात कर्ली है.



सिया जिसकी घबराहट थोड़ी काम हुई थी महक की बात सुनने के बाद वह उससे कही गुना ज्यादा बढ़ गयी. वह झट्ट से उठ के बैठ जाती है.



सिया: क्याआआ. आपने डैड से बात कर्ली.



महक: हां बात करनी तोह थी इसीलिए कर्ली.



सिया: टोह्हह्हह ड़ड़ड़ड़ नई क्याआ कहा.



महक: पहले यह बताओ यष्ठ से तुम्हारी क्या बात हुइइइइ.



सिया: यष्ठ सीए कैसी बात माँ.



महक: सियाआआ.



फिर सिया महक को सब कुछ बता देती है जो थोड़ी देर पहले उसके और यश के बीच हुआ था. और यह सब बोल वह शर्मा जाती है.



महक: हम्म्म तोह यश को उसके प्यार का एहसास होगया है. चालू अच्छा है.



सिया: मॉम्म ड़ड़ड़ड़ नई क्या कहा.



महक: पहले तोह वह बहोत गुस्सा हुए.



सिया: क्याआआ. मतलबबब ड़ड़ड़ड़ मुझसेइ नरज़ज़्ज़ होगयीए. यह कहते हुए उसकी आँखों में आंसू आजाते है.



महक: ारी तुम रो क्यों रहीए हो. पहले पूरी बात तोह सुणलो.



फिर महक सिया को उसके और इशांत के बीच जो हुआ वह सब बताती है. जैसे जैसे महक बता रही थी सिया के चेहरे के एक्सप्रेशन चेंज होरहे थे.



सिया: मतलब डैड मान गए. वह मेरे से या यश से नाराज़ नहीं है.



महक: बिलकुल भी नहीं. इनफैक्ट वह तोह खुश है उनकी बेटी हमेशा उनके पास रहेगी.



सिया सीधा महक को गले लगा लेती है.



सिया: थैंक यू माँ थैंक यू सो मच. अगर आप ना होती तोह पता नहीं मेरा क्या होता. थैंक यू सो मुछ्ह माँ. ी लव यू मॉम.



महक: ारी मेरा बाछहा. माँ आल्सो लव्स यू. अब मुझे मेरी बच्ची की आँखों में एकदम आंसू नहीं चाहिए समझ गयी.



सिया: यस माँ.



महक: जाओ यश को बुला लाओ डिनर का टाइम होगया है.



यश: ी ऍम हेरे माँ.



महक: हम्म आओ बैठो मैं डिनर लगाती हु. सिया जाके डैड को बुला लाओ.



सिया: यस माँ.



फिर सिया चली जाती है इशांत को बुलाने.
 
अपडेट 22

थोड़ी देर में एहलोग डिनर करने लगते है. डिनर के वक़्त यश और सिया की आँख मिचोली चालू थी. जिससे महक और इशांत देख कर मुस्कुरा रहे थे. पर कोई कुछ ना बोलता.



डिनर के बाद महक सिया को उसके रूम में भेज देती है. और यश को वही पे रुख लेती है.



इशांत: यश क्या तुम्हारी माँ ने जो बोलै है क्या वह सही है. इशांत थोड़ा तेज़्ज़ आवाज़ में बोलता है.



यश: जी जी डैड.



इशांत: तोह तुम क्यों नहीं चाहते सिया की शादी हो.



यश: क्योकि सिया सिर्फ मेरी है सिर्फ मेरी. अगर किसीने उसकी तरफ देखा भी तोह उसकी आँखे निकल लूंगा.



इशांत: थें हु इस राधा. अगर सिया तुम्हारी है तोह राधा कौन है.



यश: मैं राधा से प्यार करता हु. उसको कल कॉलेज में देख कर मुझे फर्स्ट टाइम प्यार का एहसास हुआ. और उसकी वह मासूमियत को मैं प्यार कर बैठा.



यश यह सब सर नीचे करके कह रहा था.



महक: तोह सिया कौन है.



यश: वह वह एक्चुअली मैं पहले सिया के लिए जो मेरी फीलिंग्स है वह समाज नहीं पा रहा था पर अब मुझे पता चल गया है मैं सिया से भी प्यार करता हु. उसके बिना मैं नहीं रह सकता.



इशांत: यानी तुम्हे राधा भी चाहिए और सिया भी चाहिए.



महक: तुम्हे दोनों चाहिए.



यश: एस क्योकि एक मेरा दिल है तोह दूसरी उस दिल की धड़कन. एक मेरी जान है तोह दूसरी मेरी सांस है. ुनन्दनो के बिना मैं नहीं रह सकता. और वह दोनों भी मेरे बिना नहीं रह सकते.



महक: तोह जब दोपहर में मैंने तुमसे बोलै था के मुझे रात तक जवाब चाहिए वर्ण मैं सिया के लिए लड़का देखूंगी. इस बात को रोखने लिए तोह ऐसा नहीं बोल रहे हो न.



यश: नहीं मैं सच में दोनों से बहोत प्यार करता हु. और वह दोनों भी मुझसे बहोत प्यार करती है.



इशांत: पर एक तुम्हारी बेहेन है.



यश: मुझे उससे कोई फर्क नहीं पढता. मैं सिया से और सिया मुझसे प्यार करती है. और रही राधा की बात तोह ना सिया को राधा से प्रॉब्लम है और नाही राधा को सिया से.



दोनों: क्या तुम ज़िन्दगी भर उनका साथ निभा पाओगे. उनको खुश रख पाओगे.



यश: रही साथ निभाने की बात तोह अपनी आंखरी सांस तक उनका साथ निभाउंगा. उनसे इतना प्यार करूँगा के दुःख को क्या उसकी परछाई भी उनके आसपास तक नहीं आने दूंगा. अपनी जान से ज्यादा उनका ख्याल रखूँगा.



दोनों: और उन्दोनो के आने से अगर तुम अपने माँ बाप को भूल गए तोह.



यश: आप दोनों की वजह से मैं इस दुनिया में हु. और देखा जाए तोह आप दोनों की वजह से hi सिया मेरी ज़िन्दगी में है. आपदोनो हो तोह मैं हु. भगवन ऐसा दिन कभी मेरी ज़िन्दगी में ना लाये. अगर कभी ऐसा होता है तोह वह मेरी ज़िन्दगी का आंखरी दिन होगा.



दोनों: हुम्हे तुमसे एहि उम्मीद थी बीटा. तुमने यह बता दिया लंदन में रहने के बाद भी तुम नहीं बदले. तुमने हमारे संस्कारो को हमारी परवरिश को गलत नहीं होने दिया. हुम्हे तुमपे गर्व है. और हुम्हे तुम तीनो के रिश्ते से कोई प्रॉब्लम नहीं है. और वैसे भी यह तोह तुम्हारे जीवन में होना hi था. तुम्हारे भाग्य में 2 बीवियां लिखी हुई है.



यश जाके अपने माँ डैड के गले लग जाता है.



यश: थैंक यू माँ. थैंक यू डैड. एंड ी प्रॉमिस मैं आपलोगो का भरोसा कभी नहीं टूटने दूंगा.



दोनों: हुम्हे तुमपे यकीन है बीटा. जाओ अब जाके सो जाओ. गुड नाईट.



यश: गुड नाईट माँ गुड नाईट डैड.



फिर यश अपने कमरे में आजाता है और महक इशांत अपने कमरे में चले जाते है.



यश जब अपने कमरे में आता है तोह वह सिया पहले से hi वेट कर रही थी. सिया यश को देखते hi दौड़ के उसके गले लग जाती है.



सिया: क्या कहा माँ डैड ने.



यश: कह रहे थे दोनों में से किसी एक को चूसे करना होगा.



सिया: अछ्हा तोह तुमने क्या कहा.



यश उसको अपनी बाहों में भरके बीएड में लेट जाता है सिया भी उससे चिपक के उसके सीने मैं सर रख देती है.



यश: मैंने कहा मुझे मेरी सबसे प्यारी सबसे सुन्दर सबसे मासूम राधाआ चाहिए.



सिया: ोुउउउउउउउउ. तुम बहोत गंदी हो. हर वक़्त बस मुझे सताते रहते हो. तोह जाओ ना अपनी सबसे प्यारी सबसे सुन्दर सबसे मासूम राधा के पास. मेरे पास क्यों आये हो. चोरो मुझी.



यश: ारी पूरी बात तोह सुनलो. मैंने कहा मुझे सबसे प्यारी सबसे सुन्दर सबसे मासूम राधा चाहिए पर मुझे उसके साथ उससे भी प्यारी ख़ूबसूरत मासूम मेरे दिल की धड़कन सिया भी चाहिए.



सिया शर्मा के उसके सीने में अपना मुँह छुपा लेती है.



यश: सिया.



सिया: हम्म्म.



यश: मेरी तरफ देखो.



सिया: नहीं मुझे शर्म आरही है.



यश: ारी मुझसे कैसी शर्म देखो ना.



सिया अपना चेहरा ऊपर उठती है.



यश: ी लव यौऊ.



सिया: ी लव यू तू यशःह्ह.



एहलोग ऐसे hi बाते कर रहे थे तभी सिया बोलती है.



सिया: यह तुम ऐसे विबरते क्यों होरहे हो.



यश: ारी मेरी पागल सिया मैं विबरते नहीं होरहा हु. हम मेरे मोबाइल के ऊपर सो रहे है.



यश थोड़ा सा साइड होक अपने मोबाइल निकलता है.



सिया: कौन है जो इतनी रात को फ़ोन करके परेशां कर रहा है.



यश: पता नहीं कोई अननोन नंबर है. और अब तक 6 मिस्ड कॉल्स आचुके है.



सिया: 6 मिस्ड कॉल्स.



यश: लो फिर कॉल आगया.



सिया: मुझे दो मैं देखती हु. कौन है जो तुमको इतनी बार कॉल रहा है.



सिया यश के हाथ से फ़ोन लेके कॉल उठती है और स्पीकर पे ढाल देती है.



सिया: Hello कौन बोल रहा है. और क्यों इतनी रात को ऐसे कॉल कर रहे हो.



सामने से: Hello.



सिया: यश से. इतनी रात को लड़की तुम्हे क्यों फ़ोन कर रही है.



यश: मुझे क्या पता. मेरा फ़ोन तोह सुबह से तुम्हारे पास था.



सिया: कौन बोल रहा है.



सामने से: क्या यह यश अग्रवाल का नंबर है.



सिया: हआ. और मैं उसकी होने वाली बीवी बोल रही हु. तुम कौन हो.



सिया ने जानमुजज़ के यह बोलै था.



सामने से: सिया मैं राधा.



सिया: राधा तुम.



राधा: हा.



सिया: इतनी रात को कैसे कॉल किया. वह भी इतनी बार सब ठिक्क है ना.



राधा: हआ सब ठीक है. वह बस मैं बोर होरही थी तोह सोचा यश से बात करलु.



सिया: मस्ती करते हुए. हम भी यहाँ रहते है. कभी हमसे भी बात करलिया करो. और वैसे भी यह मेरा होने वाला पति है तोह इससे बात करने के किये मेरी परमिशन लेनी पड़ेगी.



राधा: कल कॉलेज आओ तुमसे परमिशन लेती हु. अभी उसको फ़ोन दो.



सिया: सुन रहा है बोलते जाओ.



यश: ही राधा.



राधा: ही यश.



यश: क्या बात है इतनी रात को कॉल किया.



राधा: वह बाद में पहले यह बताओ तुम्हारा फ़ोन कहा था कितनी बार कॉल किया.



यश: ारी वह डिनर करने गया हुआ था. तुमने किया डिनर.



राधा: हां होगया.



थोड़ी देर दोनों चुप रहते है. तभी सिया मस्ती करते हुए बोलती है.



सिया: राधाआ.



राधा: हम्म.



सिया: अगर बात होगयी हो तोह कॉल कट कार्डउउउ.



राधा: Nhiiiiiiiiii. मेरा मतलब है के हाआआ.



सिया जोर से हसने लगती है. राधा शर्मा जाती है.



राधा: सियाआआ. तुम कल कॉलेज में मिलूओ. अच्छा यश ब्येई गुड नाईट कल मिलते है. ऑरररर.



यश: गुड निघटत ऑररररर.



राधा: ी लव यू. यह बोल झट्ट से कॉल कट कर दिया.



यश और सिया राधा की यह हरकत देख हसने लगते है.



सिया: चलो अब सो जाओ कल कॉलेज जाना है ना.



यश: ारी इतनी सुन्दर लड़की पास हो तोह कौन कम्बख्त सोयेगा.



सिया: यशःह्ह्ह तुम्हारे इरादे नेकक नहीं लग रही हीी.



यश: मेरे इरादे बिलकुल नक्क्क है. यह बोल सिया को पकड़ लेता है.



सिया: यशःह्ह चोरो मुझी यह सब शादी के बाद. उससे पहले कुछः हीई.



यश: ऐसा जुल्म्म मत करूऊ.



सिया: अब जो है सो हैई चलो सो जाओ. गुड नाईट.



यश: ऐसे सूखा सूखा गुड नाईट.



सिया: अव्व्व मेरे बेबी को गिला गिला गुड नाईट चाहियेए.



यश: हआ.



सिया एक नॉटी अंदाज़ में यश के करीब आती है और उसके होंठो की तरफ जाने लगती है.



यश सिया को ऐसे देख एक्ससिटेमेंट में अपनी आँखे बंद कर देता है और सिया के किश का वेट करने लगता है.



सिया उसके पास आके उसके होंठो के जगह उसके गाल पे किश करके भग्ग जाती है.



यश सिया की इस हरकत पे हल्का सा मुस्कुरा देता है.



फिर दोनों सो जाते है.
 
अपडेट 23

अगले दिन यश की आँख सुबह जल्दी खुल जाती है. तोह उठ के गयम में चला जाता है. फिर वह एक्सरसाइज करने लगता है. अभी थोड़ी देर hi हुआ था के वह सिया आजाती है.



सिया: गुड मॉर्निंग स्वीटहार्ट.



यश: गुड मोर्निंगगग. आज लेट होगयी तुम.



सिया: अब क्या करे. रात भर किसी के खयालो में नींद hi नहीं आयी.



यश: कौन है वह बदनसीब.



सिया: क्याआ कहा.



यश: मेरा मतलब है कौन है वह खुशनसीब.



सिया: है कोई हॉट डैशिंग स्मार्ट हैंडसम.



यश: अच्छी बात है चलो एक्सरसाइज स्टार्ट करो.



सिया: चिढ़ते हुए. कैसा बॉयफ्रेंड है. लड़की रोमांस का सोच रही है और इनको एक्सरसाइज करना है. हहहहह. यह बोल जाके ट्रेडमिल में दौड़ने लगती है.



यश अपनी एक्सरसाइज रुख के सिया के पास जाके उसको ट्रेडमिल से उतरके अपने बाँहों में काश लेता है.



यश: तोह मैडम को रोमांस करना है.



सिया: मेरा मूड नहीं है चोरो.



यश: पर अब जो मेरा मूड बनगया है उसका क्या.



सिया: जाके एक्सरसाइज करो.



यश भी हस्ते हुए अपना एक्सरसाइज कम्पलीट करने लगता है.



थोड़ी बाद वह अपने कमरे में आता है और वाशरूम में चला जाता है फ्रेश होने. जब वह बहार आता है बीएड पे उसके कपड़े रेडी थे.



वह रेडी होक नीचे आता है तोह ब्रेकफास्ट करने बैठ जाता है.



थोड़ी देर बाद ब्रेकफास्ट ख़तम करते है.



यश: सिया चले.



सिया: कहा.



यश: कॉलेज.



सिया: हआ चलो.



फिर दोनों कॉलेज के लिए निकल जाते है.



थोड़ी देर में एहलोग कॉलेज पहुंच जाते है जहा राधा इनका वेट hi कर रही थी.



राधा यश को देखते hi शर्मा जाती है. क्योकि उसको कल रात वाला सन याद आजाता है.



सिया: गुड मॉर्निंग राधा.



राधा: गुड मॉर्निंग सिया. गुड मॉर्निंग यश.



यश: गुड मॉर्निंग.



सिया: बाकिलोग नहीं आये.



राधा: आते hi होंगे.



राधा यश से नज़रे नहीं मिला पा रही थी इसीलिए वह सिर्फ सिया से hi बात कर रही थी.



थोड़ी देर में वह बाकी सब भी आजाते है.



सब: गुड मॉर्निंग.



तीनो: गुड मॉर्निंग.



सोनिया: क्या बात है सिया आज कुछ ज्यादा hi चहक रही हो.



सिया: मैं तोह हमेशा hi ऐसी रहती हु.



आरव: नहीं आज कुछ तोह अलग है. तुम कुछ ज्यादा hi खुश दिख रही हो.



अवि: हआ सही कहा. आज तोह ख़ुशी कुछ ज्यादा hi झलक रही है.



सिया: मैं तोह हमेशा hi खुश रहती हु. और यह सब चोरो यह बताओ आज लेट कैसे होगये.



सोनिया: ारी आरव ने उठने मैं लेट करदिया. इसीलिए कॉलेज में भी लेट होगयी.



आरव: अच्छा ठीक है ना. और कितना सुनाओगी.



सोनिया: जब तक मेरा मैं नहीं भरेगा तब तक.



आरव: चलो यार क्लास में वर्ण यह बकबक करती hi रहेगी.



सोनिया: क्या मैं बकबक करती हु. रुख तुझे बताती हु. यह बोल सोनिया आरव को मारने आती है तोह आरव क्लास की तरफ भाग जाता है. तोह सोनिया भी उसके पीछे पीछे भगति है.



इधर बाकिलोग भी क्लास में चल देते है.



यश राधा से.



यश: तोह चलिए वाइफ बनने का टाइम आगया.



राधा: शर्मा के. हम्म्म.



यश: वैसे में क्लास की बात कर रहा था.



राधा एकबार तोह यश को देखती है फिर जब उससे बात समाज में आती है राधा और शर्मा जाती है. और यश है देता है.



राधा: तुम बहोत गंदी हो. जाओ मैं बात नहीं करुँगी. यह बोल राधा जाके क्लास में बैठ जाती है.



यश भी हस्ता हुआ क्लास में एंटर करता है तोह आज पूरी क्लास उसको hi घुर्र रही थी. उसदिन के काण्ड के बाद सबको पता चल गया था यश कौन है और क्या है. वह जाके राधा के बगल में बैठ जाता है.



यश: अच्छा अच्छा ठीक है नहीं करता मज़ाक. अब ऐसे गुस्सा मत करो.



राधा: हहहह.



यश: राधा. इस तरफ देखो.



राधा उसकी तरफ देखती है.



यश: धीरे से. कल जो बोलै था उसका जवाब नहीं चाहिए.



राधा समाज नहीं पाती यश किस बारे में बोल रहा है.



यश: ी लव यू तू.



राधा यश के मुँह से यह सुनके हैरान होजाती है. उसको यकीन hi नहीं होरहा था यश ने उसको अभी ी लव यू कहा है.



राधा: क्या कहा तुमने अभी. फिर से कहना.



यश: ी लव यू.



राधा की आँख में आंसू ाजते है. वह झट्ट से यश के गले लग जाती है.



राधा: ी लव यू तू यश. ी लव यू सो मच. आज तुमने मुझे मेरी ज़िन्दगी दे दी. थैंक यू यश थैंक यू सो मच.



यश: राधा अभी हम क्लास में है. शांत होजाओ.



राधा को जब इसका एहसास होता है तोह वह झट्ट से अलग होती है और शर्माने लगती है. यह तोह अच्छा है एहलोग लास्ट बेंच पे थे और धीरे धीरे बात कर रहे थे.



यश: यह कमाल है पहले तोह रो रही थी और अब शर्मा रही हो.



राधा कुछ नहीं बोलती.



यश: राधा मेरी एक बात मानोगी.



राधा: तुम जान मांगलो.



यश: जो पहले से hi मेरा है वह लेके क्या करूँगा मुझे कुछ और चाहिए.



राधा: मेरा सबकुछ तुम्हारा है यश. तुम्हे मांगने की जरुरत नहीं है बस ले लो.



यश: अगर ऐसा है तोह मुझे मेरी राधा की आँखों में आंसू नहीं दिखने चाहिए फिर कभी.



राधा: ी प्रॉमिस तुम्हे कभी नहीं दिखेंगे. बस मुझे कभी अपने से अलग मत करना. वर्णा मैंनं......



अभी राधा इतना hi बोलती है के यश ने उसके मुँह पे हाथ रख दिया और ना पे इशारा किया.



एहलोग इतनी धीरे बात कर रहे थे के क्लास में किसी को सुनाई नहीं दे रहा था. लेकिन मेघा और आरुषि की नज़र इनपे hi थी और वह देख कर बस मुस्कुरा रही थी.



राधा: एक बात पुछु सच सच बताओगे.



यश: बोलो.



राधा: कल कहा गए थे तुम.



यश: वक़्त आने पे सब पता चल जायेगा राधा. अभी मैं इसके बारे में कुछ नहीं बता सकता. ी ऍम सॉरी.



राधा: सॉरी मत बोलो यश. मुझे तुमपे पूरा भरोसा है.



एहलोग बात कर hi रहे थे के क्लास में टीचर आते है और पढ़ने लगते है.



टीचर आज कुछ ज्यादा hi ध्यान से पढ़ा रहे थे. क्योकि उन्हें डर था कही उनसे कोई गलती ना होजाये और वह इस कॉलेज से ना निकल दिए जाए.



रेसस्स तक क्लासेज होती रहती है फिर सबलोग कैंटीन में जाते है. सिया और राधा ने यश को दोनों तरफ से घेरर के बैठ गयी थी.



एहलोग बाते कर रहे थे तभी अचानक से सिया को कुछ याद आता है जिससे वह खुश होजाती है.



रेसस्स के बाद सब अपने क्लास में जाने लगते है तोह सिया राधा को रुख लेती है.



सिया: राधा एक मिनट रुको कुछ बात करनी है.



राधा: हआ बोलो.



सिया: यहाँ नहीं अकेले में. यह बोल सिया राधा को एक साइड में ले आती है.



राधा: क्या हुआ सिया.



सिया: पहले यह बताओ यश को प्रोपोज़ किया या नहीं.



राधा यह सुन्न शर्मा जाती है.



सिया: यार अब मुझसे क्या शर्माना. हम दोनों तोह एक hi है. अब बोलो ना.



राधा: हां आज क्लास में hi उसने प्रोपोज़ किया.



सिया: वाआहहह बहोत अच्छी बात है. माँ डैड भी हमारे रिश्ते के लिए मान गए है. ी थिंक बहोत जल्द वह तुम्हारे पेरेंट्स से बात करेंगे.



राधा: सचहहहहहह.



सिया: हआ.



राधा झट्ट से सिया के गले लग जाती है. ी ऍम सो सो सो हैप्पी.



सिया: ारी खुश तोह मैं तुमसे ज्यादा हु. तुम्हारा राष्ट तोह क्लियर था. तुम भी उससे प्यार करती हो और वह भी. पर मेरा केस तोह ओने साइडेड था ऊपर से बेहेन वाला टैग. मुझर तोह डर था कही कुछ गर्बर न होजाये. पर यश ने मेरा सारा दररर ख़तम करदिया. और डैड भी हमारे लिए मान गयी.



राधा: बहोत अच्छीई बात हीी. अब मैं जाऊ.



सिया: ारी रुको ना.



राधा: ारी जल्दी बोलो तुम तोह सारा दिन उसके साथ रहती हो. पर मुझे तोह सिर्फ कॉलेज में hi मौका मिलता है.



सिया: अच्छा तोह इसीलिए क्लास में जाने की जल्दी है.



राधा: हाआआ. यह बोल हसने लगती है.



सिया: अच्छा सुनने कल यश का बर्थडे है.



राधा: सछह. कल उसका बर्थडे है.



सिया: हआ. और शायद इसीलिए कल डैड ने घर में पार्टी राखी है.



राधा: ोोू. इसीलिए पार्टी राखी है. मुझे लगा उनकी कोई बिज़नेस पार्टी होगी. डैड मुझे बोल रहे थे कल अग्रवाल मेन्शन में पार्टी है तोह हुम्हे आना होगा.



सिया: हा. और यश को उसका बर्थडे याद नहीं रहता तोह कल उसको रात को पार्टी में hi हम साथ में विश करेंगी.



राधा: ठीकककक हीी. और रात से मुझे याद आया कल क्या बोल रही थी तुम. तुमसे परमिशन लेनी होगी.



सिया: हस्ते हुयी. ारी मैं तोह मज़ाक कर रही थी.



राधा: अछहहआ.



सिया: हआ. तुम तोह मेरी बेहेन हो. तुम्हे कैसी परमिशन. तुम्हे तोह पूरा हक़ है उसके ऊपर.



राधा: ह्म्म्मम्म. चलो चलते है. फिर उसके लिए अच्छा सा गिफ्ट भी तोह लेना होगा न.



सिया: तोह एक काम करते है हम शाम को शॉपिंग पे चलते है. उसके लिए अच्छा सा गिफ्ट भी ले लेंगे और कल्कि लिए हमारे लिए अच्छा सा ड्रेस भी ले लेंगी.



राधा: सुपर्ब आईडिया.



सिया: तोह ठीक है. तुम आंटी को कॉल करके बोल दो तुम हमारे साथ जा रही हो और शाम को शॉपिंग के बाद hi घर आओगी.



राधा: ारी नहीं नहीं. मैं शाम को आती हु ना घर पे. फिर वह से साथ में चलेंगे.



सिया: ठिक्क है. अब चलो क्लास में चलते है.
 
अपडेट 24

फिर वह दोनों क्लास में चले जाते है. राधा क्लास में आके देखती है यश अकेला बैठा हुआ है. और उसको अकेला बैठा देख एक लड़की उसके पास बैठने जा रही है.



राधा यह देख झट्ट से उसके पास जाती है. और वह लड़की उसके पास बैठती उसके पहले hi राधा वह बैठ जाती है.



लड़की अचानक से राधा की हरकत देख घबरा जाती है.



लड़की: ारी. तुम कहा से आगयी. मैं यहाँ बैठने वाली थी.



राधा: इसके बगल की सीट हमेशा के लिए मेरे नाम पे बूकेड है. चल कोई और सीट देख.



लड़की: व्हाट दो यू मैं यह क्या तुम्हारी पर्सनल प्रॉपर्टी है.



राधा: जी हआ यह मेरी पर्सनल प्रॉपर्टी है जिसके 100% शेयर्स hi मेरे नाम पे है. बीवी हु इसकी. चल अब निकल.



राधा के मुँह से यह सुनते hi यश आरुषि और मेघा को खाशी आजाती है. वह तीनो शॉक से राधा को देखते रहते है.



लड़की: Whatttttttttt. बीइइइइइइ. तुम दोनों मैरिड हो.



राधा: मैरिज सर्टिफिकेट देखना है.



लड़की: यकीन नहीं होता.



राधा: जरुरत भी नहीं है.



लड़की अपना ठगा का मुँह से वह से निकल जाती है.



राधा ने वह बीवी वाली बात कुछ ज्यादा hi जोरर से बोलै था जिससे पुरे क्लास को सुनाई दे. और हुआ भी ऐसा hi जिसको यह बात पता था उनको तोह कुछ फर्क नहीं पढ़ा पर जिसको रिसेंटली पता चली उनको ऐसा झटका लगा जैसे किसीने 440 वाल्ट का करंट दे दिया हो.



यह झटका आरुषि और मेघा को भी लगा था. वह दोनों राधा को घुर्र के देख रहे थे. अभी टीचर आये नहीं थे इसीलिए यह दोनों राधा के पास आते है.



दोनों: राधा अभी तुमने यह क्या बोलै.



राधा: सच hi तोह बोलै है. यश मेरा होने वाला पति है. इसने आज मुझे प्रोपोज़ किया. कल दोपहर को इसकी माँ ने मुझे अपनी अस ा बहु एक्सेप्ट कर लिया है.



यह बात इनदोनो के लिए पिछले वाले से भी ज्यादा झटकेदार थे.



दोनों: Kyaaaaaaaaaaaa. यह सब क्या बोल रही हो. ी मैं यह सब कब हुआ कैसे हुआ. और तूने हुम्हे बताया तक नहीं. परसो तोह इससे मिली और इतनी जल्दी यह सब होगया.



राधा: देखो महक आंटी ने कल एक्सेप्ट किया और कल hi मुझे पता चला था यह भी मुझसे प्यार करता है और आज इसने सुबह एहि पे मुझे प्रोपोज़ किया.



दोनों: यानी इसीलिए तुमदोनो उस वक़्त गले मिले हुए थे.



राधा: जीई हा.



दोनों: तुम तोह बहोत फ़ास्ट निकले. तोह यश अब हम तुम्हे यश बुलाये या जीजाजी बुलाये. यह बोल वह दोनों हसने लगती है.



यश: तुम दोनों की मर्ज़ी. जो मर्ज़ी बुलाओ.



दोनों: ठीककक है तोह सिचुएशन के ऊपर बेस्ड करके बुलाएँगे. कॉलेज में यश और बहार जीजा जीई.



राधा: होगया अब जाओ.



दोनों: हां हां जा रहे है. हम भी इसकी सालियान है. हमारा भी हक़ है इस्पे सम्झिइइइ.



राधा: साली.



दोनों: क्या बोली.



राधा: मैं बोली हां सही बोली साली hi तोह है. तुम क्या समझी. यह बोल है देती है.



दोनों: हम सब समझते है. पति मिला नहीं बेहेन को भूल गयी. हहहहहह.



राधा: ारीये. तुम दोनों नाराज़ होगयी.



दोनों: हम्म्म्म.



राधा: ोककक no प्रॉब्लम कैर्री ों.



दोनों: राढाआआआ.



राधा हसने लगती है. राधा की यह हरकत देख यश भी है देता है. उसके साथ एहडोणो भी.



फिर दोनों राधा के गले लग उसको कोंग्रटुलते कर के अपनी सीट पे जाके बैठ जाते है.



यश: लगता है बहोत अच्छे दोस्त है तुम्हारे.



राधा: दोस्त नहीं बेहेने है मेरी. हरवक्त हर ख़ुशी में हर दुःख में मेरे साथ रहते है.



यश: वाह अच्छी बात है.



फिर क्लास में टीचर आते है और पढ़ने लगते है.



फिर एहलोग कॉलेज ख़तम कर घर जाते है.



सिया: राधा तोह शाम को मिलते है.



राधा: ोककक.



यश: क्या प्लान है.



दोनों: हम लड़कियों के प्लान्स के बारे में जान के क्या करोगे. है कुछ हमारा.



यश: ोककक. अब चले.



सिया: हम्म चलो. Bye राधा.



यश: Bye राधा.



राधा: Bye सिया Bye यश.



यह बोल राधा वह से निकल जाती है.



सिया: सोनू शाम को कुछ काम है क्या.



सोनिया: नहीं सिया. मैं फ्री हु.



सिया: मैं और राधा शॉपिंग जा रहे है चलोगी.



सोनिया: शोप्पिंगगगग. हआ क्यों नहीं. जरूर चलूंगी.



यश: कुछ दिन पहले hi तोह पूरा मॉल क्रीड़ा था तुमलोगो ने अब फिर शॉपिंग अब अपने साथ राधा को भी ज्वाइन करवा लिया.



सिया: तुम्हे कोई प्रॉब्लम है.



यश: नहीं मुझे क्या प्रॉब्लम होगा.



सिया: गुड. तोह सोनू शाम को घर आजाना फिर साथ चलेंगे.



सोनिया: दोनी. ोकक bye भाई bye सिया.



दोनों: ब्येई.



फिर सबलोग अपने अपने घर निकल जाते है. घर आके सिया महक से.



सिया: माँ माँ कहा है आप.



महक: क्या हुआ बच्चा.



सिया: माँ कुछ बात करनी है. अकेले में.



महक: क्या बात है सिया.



सिया: माँ आप आइये न बताती हु. यह बोल महक को खींचते हुए उसके कमरे में ले जाती है.



सिया: माँ कल यश का बर्थडे है. तैयारी कहा तक हुई.



महक: तोह तुमको याद आगया. कल यश का बर्थडे है.



सिया: सॉरी माँ. वह टेंशन में ध्यान hi नहीं रहा.



महक: कोई नहीं. साड़ी तैयारी होचुकी है. और कल यश के बर्थडे पे तुमको भी गिफ्ट मिलेंगे. और राधा को भी.



सिया: वाह माँ. क्या मिलने वाला है.



महक: सरप्राइज. यह हमदोनो की तरफ से तुम तीनो को.



सिया: ोकक माँ. वैसे हम शाम को शॉपिंग पे जा रहे है यश के लिए गिफ्ट लेने. वैसे कल के किये यश का ऑउटफिट रेडी है.



महक: ारी मैं तोह भूल hi गयी. अच्छा हुआ याद दिला दिया.



सिया: No प्रॉब्लम माँ. हम देख लेंगे. हम जा रहे है ना हम अपनी पसंद का ले आएंगे.



महक: ोककक और हां तुम और राधा अपने लिए अच्छी सी साड़ी देख लेना. कल वही पेहेनना होगा.



साड़ी का सुनते hi सिया का मुँह बन जाता है.



सिया: सरीईईए. चींईईईई. न्यू.



महक: No की बच्ची. शादी होने वाली है. उसके बाद भी क्या यह जीन्स टॉप पहनेगी.



सिया: नूवो. तब तोह हम सलवार पेहेन लेंगे. पर सरीईई no माँ प्लीसीईई.



महक: अच्छा अच्छा ठीक है. तोह कल्कि अच्छा सा सलवार सूट देख लेना. और ऐसा लेना के तुमतीनो के ऑउटफिट मैच करे. ोककक.



सिया: ोकककक मॉम.



महक: और साड़ी भी कभी कभी पेहेनना चाहिए बीटा. होसकता है तुम्हारा ओरिजिन इंडियन ना हो बूत यू अरे इंडियन. एंड नाउ यू अरे गोइंग तो बे ा इंडियन वाइफ. एंड साड़ी इस इंडियन ट्रेडिशन. यू हैवे तो एक्सेप्ट थिस ट्रेडिशन. नॉट ऑलवेज बूत इन सम केस यू हैवे तो बे माय बेबी.



सिया: ोककक माँ. ी विल तरय.



महक: गुड. चलो अब लंच करलो.



फिर सब लंच करने लगते है. लंच के बाद सब अपने कमरे में चले जाते है. सिया अपने कमरे के जगह यश के कमरे में जाके उससे चिपक के सो जाती है.
 
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अपडेट 25

शाम को राधा अग्रवाल मेन्शन आती है.



राधा: गुड इवनिंग आंटी.



महक: गुड इवनिंग. क्या बात है राधा ससुराल के बिना मैं नहीं लगता.



राधा शर्मा जाती है. नहीं आंटी ऐसा कुछ नहीं है वह तोह सिया के साथ शॉपिंग पे जाना है ना तोह बस इसीलिए.



महक: ोू मतलब शॉपिंग पे जाना है इसीलिए ससुराल की याद आयी वर्ण नहीं आती.



राधा: नहीं नहीं आंटी. बहोत याद आती है.



राधा फ्लो फ्लो में तोह बोल देती है पर जब उससे समाज आया उसने क्या बोलै तोह वह शर्मा जाती है.



महक राधा की यह हरकत देख हसने लगती है.



महक: अच्छा अच्छा ठीक है शर्माओ मत. तुम्हारा hi घर है जब मर्ज़ी आओ. कुछ वक़्त बाद तोह तुम परमानेंट मेंबर बन जाओगी. जाओ सिया अपने रूम में होगी. अगर वह नहीं मिली तोह यश के रूम में होगी.



राधा वह से सीधा भग्ग जाती है.



महक: तीनो पागल मेरे घर में hi है.



इधर राधा पहले सिया के रूम में जाती है तोह वह कोई नहीं होता.



राधा: ारी यह तोह यहाँ पे नहीं है. यानी यश के रूम में होगी.



राधा वह से यश के रूम में आती है. राधा दूर पे नॉक करती है तोह कोई रिस्पांस नहीं आता तोह वह दूर खोलके अंदर आती है तोह पूरी तरह से शॉक होजाती है.



क्योकि यश और सिया एकदूसरे से चिपक के बेखबर सोये हुए थे. सिया यश के सीने पे सर राखी हुई थी और यश उसको खुद से चिपका के रखा हुआ था.



राधा: गॉड. देखो कैसे सो रहे है जैसे शादी होचुकी हो. कोई खबर hi नहीं है इनको किसी की. अब क्या करू. उठाऊ या नहीं. कितने आराम से सो रहे है और कितने मासूम लग रहे है. उठाने का दिल तोह बिलकुल नहीं है. पर अगर किसी और ने ऐसे देख लिया तोह अच्छा नहीं लगेगा उठा hi देती हु.



राधा धीरे धीरे सिया के पास जाके उससे उठाने लगती है.



राधा: सिया सिया उठो. सियाआ उठो.



सिया: कसमसाते हुए. हम्म सोने दो ना. मेरे बेबी के साथ सोने में कितना सुकून मिल रहा है.



राधा: बेबी की बच्ची ूठः अगर किसी ने देख लिया तोह फिर भूल जाना इसके साथ सोना. उठो अब.



सिया: कसमसाते हुए अपनी आँखे खोलती है तोह सामने राधा को पाती है तोह वह शॉक होजाती है.



सिया: राधा तुममममम. यहाँ इसवक्त मेरे रूम में.



राधा: सिया मैडम यह तुम्हारा रूम नहीं हमारा होने वाला फ्यूचर रूम है. यह यश का रूम है जरा ठीक से देखो तुम इसवक्त कहा हो और कैसी हो.



सिया चारि तरफ देखती है फिर अपने बगल में देखती है तोह पाती है यश बेखबर सोया हुआ है और वह उसके बगल में सोई हुई थी.



राधा: अब कुछ ध्यान आया.



सिया: ोू हआ वह लंच के बाद हम यहाँ hi सो गए थे. पर तुम यहाँ कैसे.



राधा: मस्ती करते हुए. यह मेरा भी कमरा है. और अपने कमरे में आने में कैसी प्रॉब्लम.



सिया: क्या बात है आजकल बहोत बाते सिख गयी हो. नहीं पहले एकदम छुईमुई से रहती थी.



राधा: सब सांगत का असर है. अच्छा अब उठो जल्दी किसी ने ऐसे देख किया तोह फिर तुम भूल जाओ शादी के पहले इसके साथ सोना और हुम्हे लेट भी होरहा है.



सिया: हआ सही कहा मैं जाती हु फ्रेश होने तुम प्लीज इसको उठा दो.



यह बोल सिया वह से खिसक लेती है. राधा को कुछ बोलने का मौका तक नहीं मिला.



राधा: अब क्या करू. मुझे तोह बहोत शर्म आरही है. सिया ने तोह फसा दिया.



राधा धीरे से यश के पास जाके.



राधा: यश यश उठो. यश देखो शाम होगयी है उठो यश.



यश बेखयाली में hi उस्का हाथ पकड़ लेता और उसको अपने साथ सुला लेता है.



राधा यश के इस हमले से डर जाती है.



यश: नींद में hi. सोने दो ना.



राधा अपने आप को चुराने की कोशिश करती है पर यश की मजबूत बाहों से निकल नहीं पाती. उसकी नज़र एकबार यश के चेहरे पे पढ़ती है तोह सोचती है.



राधा: कितना मासूम लग रहा है सोते हुए. और इसकी बाहों में कितना सुकून मिल रहा है मुझे. मैं कर रहा है साड़ी ज़िन्दगी बस ऐसे hi गुज़र दू. यह कहते हुए वह उसके सीने में सर रख देती है.



राधा को ऐसे करते हुए कुछ टाइम hi हुआ था के उसको ख्याल आता है वह अभी कहा है और किस हालत में है.



राधा: यश यश चोरो मुझे यश देखो कोई आजायेगा. यशःह्ह्ह.



यश नींद में hi हलकी से आँखे खोलता है तोह सामने राधा का चेहरा आता है.



यश: क्या हसीं सपना है. बाहों में सिया और सपनो में राधा. यह कहते हुए यश राधा को चुम लेता है.



राधा यश की इस हरकत से एकबार तोह घबरा जाती है फिर जब उससे एहसास होता है अभी यश ने क्या किया तोह वह शर्मा जाती है.



राधा: इसशहहहहहहह.



यश: नींद में hi बोलता है. कितनी प्यारी हो तुम राधा. कितनी मासूम हो. मन करता है तुमदोनो ऐसे hi अपने बाहों में भरे राखु और ऐसे hi साड़ी ज़िन्दगी गुजर दू. यह बोल उसको एक और किश करदेता है.



राधा तोह यश की हरकतों से सिर्फ शर्माए जारही थी. वह अब भूल चुकी थी के कोई भी आसक्त है. वह बस इस पल को महसूस कर रही थी.



राधा: मेरा भी एहि मानना है यश. साड़ी ज़िन्दगी ऐसे hi तुम्हारे बाहों में गुज़र दू. यह बोल राधा भी यश को किश करदेती है. और उसके सीने में सर रख देती है.



यश उसको और काश लेता है. एहलोग ऐसे hi लेते हुए थे के तभी सिया रूम में आजाती है.



सिया: ओह्हो मुझे यहाँ से भगा के खुद मज़े लिए जारहे है. That’s नॉट फारे राधा.



राधा सिया की आवाज़ सुन झटके से उठ जाती है.



राधा: शर्मा के. नहीं सिया ऐसी कोई बात नहीं है. मैं तोह इसको उठा रही थी इसने मुझे ऐसे पकड़ लिया.



सिया: और तुमने सरेंडर करदिया.



राधा: वह वह इसके बाहों में आते hi मैं जैसे सबकुछ भूल गयी और इसके बाहों में hi खू गयी.



सिया: ू मैडम अब वापस मत खू जाना.



राधा शर्मा जाती है.



सिया: अच्छा चलो अब उठो.



राधा: कैसे उठु. यह मुझे चोरर hi नहीं रहा है.



सिया: रुको हेल्प करती हु.



सिया आके यश को उठाने लगती है.



सिया: यश यश यश ुथूवो. देखो तुमने नींद में hi राधा को पकड़ लिया है. यष्ठ ुथूऊऊ.



यश: कसमस्ते हुए अपनी आँखे खोलता है तोह सामने राधा का चेहरा आता है.



यश: सिया यह तुम्हारा चेहरा राधा का चेहरा कैसे बन गया. चोरो जो भी हो बहोत प्यारा है. यह बोल उसको किश कर देता है.



राधा सिया के सामने ऐसे किश करने से बुरी तरह शर्मा जाती है.



सिया: ारी मेरी जान वह राधा का चेहरा नहीं राधा hi है. तुमने नींद में hi राधा को झाकर रखा है अब चोरो उससे और उठाऊ.



यश जब यह सुनता है तोह झटके से राधा को चोरर देता है. राधा झट्ट से कड़ी होक वह से भग्ग जाती है और यश उठ के बैठ जाता है और सिचुएशन को समझने की कोशिश करने लगता है.



यश: यह राधा यहाँ कैसी.



सिया: हुम्हे उठाने आयी थी. मैं तोह तुमको उठाने का बोलके फ्रेश होने चली गयी. और तुमने उसको झकड़ लिया.



यश: क्याआआआ. यानी में सपने जो किश कर रहा था वह सच में हो रहा था.



सिया: क्याआआआ. तुमने उसको और भी किश किया.



यश: और भी मतलब.



सिया: मतलब एक तोह मेरे सामने hi किया यानी मेरे पीछे से और भी किया. एक तोह ऐसे hi वह शर्म की दूकान है. और तुंहारी इस हरकत से तोह वह अब शर्म से मरी जा रही होगी.



यश: ोोू गॉडडडडड. क्या सोच रही होगी वह मेरे बारे में.



सिया: वह ऐसा कुछ नहीं सोच रही होगी. बस अभी वह शर्म से मरी जा रही होगी. तुम जल्दी से फ्रेश होक नीचे आओ मैं देखती हु कहा है वह.



सिया जल्दी से वह से निकल के राधा को ढूंढ़ने लगती है. वह पहले अपने कमरे में जाती है तोह राधा वही थी.



सिया: राधाआ.



राधा कोई हरकत नहीं कर रही थी. बस शर्माए कड़ी थी.



सिया: राधा. मेरी तरफ देखो.



राधा: नहीं मुझे बहोत शर्म आरही है.



सिया: अब मुझसे क्या शर्माना. देखो मेरी तरफ.



राधा अपनी नर्ज़े ऊपर कर सिया को देखती है.



सिया: आये हाय मेरी बेहेन तोह शर्म के मारे पूरी टमाटर की तरह लाल होगयी है.



राधा सिया के गले लग जाती है.



राधा: ऐसा मत बोलो मुझे बहोत ज्यादा शर्म आरही है.



सिया: अच्छा मेरे सामने किश किया इसलिए शर्म आरही है या जो अकेले में किया था उसकी वजह से.



राधा: दोनों के कारण आरही है. यह मेरी लाइफ की फर्स्ट किश थी.



सिया: कोई बात नहीं राधा. एकदिन तोह यह होना hi था. अच्छा मुझे बताओ तुमने भी किया क्या.



राधा: शर्मा कर. हां एक बार.



सिया: वाआहहह क्या बात है.



राधा: प्लीज ऐसा मत करो ना.



सिया: अच्छा अच्छा नहीं करती. तुम जाके अपने आप को ठीक करलो. तब तक में रेडी होजाती हु.
 
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