Romance Sex kahani - Ek Bhool 2 - Page 3 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Ek Bhool 2

सॉरी फ्रेंड्स आज के लिए भी माफ़ी चाहता hun...Aaj फ्री तो हूँ लेकिन कंसन्ट्रेट नहीं कर पा रहा हूँ.

कुछ भी लिख जार पोस्ट कर दिया तो अपडेट का क्वालिटी डाउन हो jaayega...Aur आप सब को भी पसंद नहीं आएगा.

वेडनेसडे मेरा ऑफ डे रहता है तो कल दोपहर में अच्छे मूड और कंसन्ट्रेट कर के likhunga...Waise भी स्टोरी रोमांटिक थ्रिलर है तो जल्दबाज़ी में मिस्टेक के चांस रहता है.

सॉरी फ्रेंड्स आज के लिए bhi...Aaj वादा कर के भी अपडेट नहीं दे पाया. :(
 
अपडेट 11

पता नहीं फिर कहा चला गया ये लड़का?

खुद से hi बातें करते हुए मेघा सुमित को एक बार फिर गांव में ढूंढ़ने लगी.

लेकिन कुछ देर की तलाश के बाद सुमित मिल hi gaya...Gaanw के एक खेत को कुछ बच्चें क्रिकेट फील्ड के रूप में उसे कर रहे thhe...Sumit भी उन् बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहा था.

मेघा कुछ दूर से सुमित को बिना डिस्टर्ब किये खेलते हुए देखती रहती है.

आफ्टर मैच

मेघा:- बहुत अच्छा खेलते हो.

सुमित:- Wo...Bachpan में बहुत खेलता था cricket...Uss वक्त सपना था क्रिकेटर बनने ki...Bas इसी वजह से.

मेघा:- तो अब्ब?

सुमित:- वक्त के साथ साथ सपने भी बदलते रहते hai...Abb पहले जितना इंटरेस्ट नहीं रहा.

मेघा:- तो अब्ब क्या सपना है?

सुमित:- अब्ब तो एक hi सपना hai...Wo है तुम्हे पाना.

सुमित की इस बात पर मेघा एक दम से चुप हो गयी.

मेघा:- और वक्त के साथ ये सपना भी बदल जाएगा.

कुछ सोचते हुए बोली मेघा.

सुमित:- हाँ ऐसा भी हो सकता है.

अब्ब मेघा सिर्फ सुमित को घूरती hai...Kuch बोलती nahi...Shayad उससे सुमित की ये बात बुरा लग गया.

सुमित:- लेकिन सपने भी सिर्फ वही पूरा होता है जिसमे शिद्दत ho...Jo तुम्हे पाने में है और क्रिकेटर बनने में नहीं था.

सुमित की इस बात से मेघा की मुस्कान वापस आ गया.

मेघा:- अच्छा ये bataao...Tum बहुत अच्छा शॉट्स मार रहे थे लेकिन बिच में बहुत डिफेंस भी कर रहे thhe...Mujhe अटैकिंग प्लेयर पसंद है.

सुमित:- हर चीज का एक सही वक्त होता hai...Attack करने का मौका कभी न कभी जरूर आता hai...Lekin जल्दबाज़ी किया तो पता नहीं फिर वो मौका कभी मिले या न मिले.

सुमित ने कुछ सोचते हुए kaha...Aur कहते hi उससे एहसास हुआ की उसने अनजाने में क्या कह दिया है.

मेघा:- मई क्या पूछ रही हूँ और तुम जवाब क्या दे रहे हो?

सुमित:- ऐसे hi...Confuse करने की तो मेरी आदत है.

सुमित ने मुस्कुराते हुए बात को बदल दिया.

दोनों अब्ब घर की तरफ चल रहे थे.

मेघा:- अगर मैंने तुम्हारा प्यार ठुकरा दिया तो तुम क्या करोगे?

उत्शुकता के साथ मेघा ने पूछा.

सुमित:- ऑफ कोर्स अर्जुन रेड्डी या फिर कबीर सिंह नहीं banunga...Apna दाढ़ी (बियर्ड) नहीं badhaunga...Kyuki वो पहले hi बड़ा है.

सुमित ने हँसते हुए जवाब दिया.

मेघा:- तुम कभी सीरियस नहीं हो सकते?

सुमित:- Nope...Tumhare सामने तो बिलकुल भी नहीं.

प्यार करता हूँ tumse...Tumhe हसाना और खुस रखना मेरा फ़र्ज़ hai...Naa की दुनिया भर की दुःख भरी कहानी सूना कर तुम्हे सेंटी करना.

मेघा:- ये भी सही है.

फिर दोनों ऐसे hi चलते रहते है.

सुमित:- अच्छा ये bataao...Suraj की क्या हाल चाल है?

मेघा:- कौन सूरज?

चौंकते हुए मेघा बोली.

सुमित:- वही मेरा साला और तुम्हारा भाई.

मेघा:- तुम उससे कैसे जानते हो?

मेघा की हैरानी और भी बढ़ रहा था.

सुमित:- तुमसे प्यार होते hi सब कुछ पता कर लिया tha...Tumhare घर में कितने लोग है और कैसे hai...Sasur जी और सासु माँ के बारे में भी पता किया की वो कैसे hai...Baad में ख़ुशी ख़ुशी हमारे शादी करवा देंगे या फिर मुझे तुम्हे भगाना पड़ेगा.

और कितने भाई है और मुझे अपने बॉडी को कैसे मेन्टेन करना चाहिए शादी के वक्त एक्शन करने के लिए अगर वो मार पीट पर उतर आया तो.

ये सुन कर तो मेघा का दिमाग ने कुछ पल के लिए तो काम करना hi बंद कर दिया.

मेघा:- कुछ ज्यादा hi दूर का नहीं सोच रहे हो?

सुमित:- अब्ब ऊपरवाला ने दिमाग दिया है तो थोड़ा फायदा तो उठाना पड़ेगा naa...Waise भी सोचने में क्या जाता hai...Free का चीज hai...Paisa भी नहीं लगता.

मेघा:- तुम सच में पागल हो.

सुमित:- तुम्हारे प्यार में.

मेघा:- तुमसे बात करना hi बेकार hai...Nahi जीत सकती तुम से.

सुमित:- बस एक बार मेरी बन jaao...Fir तुमसे हारना सिख jaaunga...Hamesha सोचा है अगर माँ और पापा के बाद किसी से हारूंगा तो सिर्फ अपने पत्नी से.

फिर दोनों के बिच एक खामोशी छा जाती है.

मेघा:- Sumit...Tum सच में बहुत अच्छा ho...Acchi बातें करते ho...Sense ऑफ़ ह्यूमर भी काफी अच्छा hai...Tumse बात करके काफी अच्छा लगता hai...Ek अलग hi पाजिटिविटी है तुम्हारे आस पास.

लेकिन तुम ऐसे लड़के नहीं हो जिससे मई प्यार करना चाहती hun...Itne अच्छाई के बावजूद तुम कभी सीरियस नहीं होते.

मेघा की इस बात पर सुमित सीरियस हो कर बोलै.

सुमित:- इसके लिए मई तुमसे माफ़ी मांगता hun...Lekin मई ये कभी नहीं चाहूंगा की तुम्हारे हिसाब से मई खुद को बदलू और तुम मुझे प्यार करो.

अगर तुम मुझसे प्यार करोगी तो सिर्फ मुझ से ना की मेरे बदलाव से.

अगर कभी प्यार हो जाए तो बता dena...Intejaar karunga...Chaahe कितना भी वक्त lo...Mujhe मंजूर है.

लेकिन इतना भी नहीं की बाल झड़ने लग जाए और दाढ़ी मुछ सफ़ेद हो जाए.

लास्ट में आते आते सुमित की आवाज में फिर से वो hi मजाक आ गया.

मेघा कुछ नहीं boli...Fir से दोनों के बिच वही खामोशी छा गया.

घर के पास पहुँचते hi सुमित की रफ़्तार भी तेज होने लगा.

मेघा:- इतनी तेज क्यों चल रहे हो?

सुमित:- सासु माँ और दादी को मानना hai...Aakhir शादी में उनकी मंजूरी भी तो चाहिए.

इतना कह कर सुमित और तेज चलने laga...Aur साथ में मेघा भी सुमित के साथ साथ तेज चलने लगी ये सोच कर.

मेघा:- (इन हेर मंद) पागल है ये ladka...Kahi कोई गड़बड़ ना कर दे!!!
 
अपडेट 12

कुछ देर ऐसे hi घर में बैठे रहने के बाद सुमित ने कुछ ऐसा देखा की वो खुद को रोक नहीं पाया.

सुमित:- दादी जी आप को दम (अस्थमा) की बीमारी है?

दादी की हाथ में रोताहैलेर (मेडिसिन गिवेन थ्रू ब्रीथिंग रूट) देख कर कहा.

दादी:- हाँ 5 साल पहले से hai...Tab से बस यही दवाई से काम चला रही हूँ.

फिर वो दवाई लेने लगती है.

सुमित:- नहीं nahi...Aise nahi...Iss तबाह से पूरा दवाई साँसों से नहीं jaayega...Aur उतना असर नहीं करेगा.

फिर सुमित दादी के पास जा कर उनको सही तरीके से दवाई लेना सीखा देता hai...Aur एक दो बार उन्हें खुद कोशिश करने को कहता है.

दादी:- शुक्रिया beta...Aaj से ऐसे hi दवाई लुंगी.

दादी की बातों से hi पता चल रहा था की वो कितनी खुश hai...Paas में hi बैठी मेघा भी बहुत खुश थी ये देख कर.

सुमित:- जो मई कर रहा हूँ वो मेघा को करना chahiye...Lekin ye...Isko अपना hi make-up करने से फुर्सत मिले तो ना.

सुमित की इस बात से मेघा एक दम से चौंक gayi...Wo कुछ बोलती उससे पहले hi.

दादी:- अब्ब तो ये बाहत बड़ी हो गयी hai...Daaktari की पढ़ाई कर रही hai...Iss बूढी दादी से इससे अब्ब क्या मतलब?

जब से आयी है एक बार भी ढंग से बात नहीं किया इस ने मुझ से.

मेघा:- क्या दादी आप भी?

कल hi तो आयी hun...Kal देर रात होने की वजह से आते hi सू गयी और आज वक्त नहीं मिल रहा tha...Ek हफ्ते तो आप के पास hi हूँ.

मेघा भी उदास आवाज में boli...Aur दादी के पास आ कर बैठ गयी.

मेघा:- (तो सुमित) और तुम Mr...Abhi रेस्पिरेटरी सिस्टम पढ़ाई हुआ नहीं hai...Issi लिए अभी कुछ पता नहीं hai...Aur तुम्हे तो पता hi hoga...Little नॉलेज इस dangerous...Warna दादी की बीमारी चुटकी बजा कर ठीक कर देती.

सुमित:- यही तो गलत बात hai...Tum डॉक्टर बनने जा रही ho...Bhale hi अभी पढ़ रही हो लेकिन लोग समझते है की तुम डॉक्टर hi ho...Thoda बहुत जानकारी होना चाहिए बीमारी का जो गांव और सोसाइटी में ज्यादातर लोग को होता है.

दवाई भले hi मत दो लेकिन सुझाव तो दे सकती ho...Lifestyle चेंज के बारे में.

मेघा:- हाँ ये भी सही hai...Aage से इस बात का ख्याल रखूंगी.

कुछ सोचते हुए मेघा बोली.

म. माँ:- बीटा मुझे भी प्रेशर की बीमारी hai...Ek बार चेक कर लो.

मेघा:- लेकिन इसके लिए तो हॉस्पिटल जाना padega...Pressure चेक करने के लिए कुछ है भी नहीं.

म. माँ:- अच्छा ठीक hai...Shaam में जाती हूँ हॉस्पिटल.

सुमित:- मेरे होते हुए नहीं.

फिर सुमित अपने बैग से बप मासुरिंग डिवाइस निकाल कर मेघा को देता है.

सुमित:- बप तो नाप सकती हो.

मेघा:- सिर्फ थोड़ा नॉलेज hai...Acche से नाप नहीं पाउंगी.

सुमित:- तुम्हारा कुछ नहीं हो सकता.

फिर सुमित खुद hi प्रेशर मोरे करता है.

सुमित:- माँ जी अभी ज्यादा नहीं है...135/85 hai...Khaana पीना में बदलाव काफी है अभी के liye...Jaise की खाने में नमक थोड़ा काम.

म. माँ:- कोई दवाई.

सुमित:- नहीं अभी उसकी जरुरत nahi...Abhi खाना पीना मई बदलाव करना काफी hoga...Dawaai तो आखिर में काम करेगा hi...Lekin जब बिना दवाई के hi काम हो सकता है तो दवाई क्यों?

मेघा की माँ सुमित की बात समझ गयी और फिर मेघा को देख.

म. माँ:- सिख कुछ सुमित se...Hamesha पढ़ाई पढ़ाई hi करती रहती hai...Kuch व्यभचारिक (बिहेवियरल) ज्ञान भी सिख.

सुमित:- Haan...Megha में अकाल की थोड़ा कमी है.

सुमित ने मेघा को दांत दिखाते हुए कहा.

मेहः सुमित को घूरती रहती है लेकिन कुछ नहीं कहती.

म. माँ:- वही to...Kuch समझती नहीं और जिद्द सर पर रहता है iska...Pata नहीं कब आएगा इससे अकाल.

सुमित ये बात सुन मेघा की तरफ देख मुस्कुराता है जैसे वो उससे चिढ़ाने की कोशिश कर रहा हो.

फिर सुमित मेघा की माँ और दादी से ऐसे hi बातें करने लगता hai...Kuch hi देर में वो उन् से पूरी तरह घुल मिल गया.

म. माँ:- अच्छा तो अब्ब में जाती hun...Naashta भी बनाना है.

वो वह से जाने hi वाली थी की उन्हें कुछ याद आता है.

म. माँ:- बीटा तुम कब भीब्मेघा के साथ एक हफ्ता रहोगे ना.

सुमित:- नहीं माँ ji...Aaj और कल तक hi hun...Parso जाना होगा.

ये बात सुन कर मेघा को बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता.

थोड़ा चौंकते हुए,

म. माँ:- लेकिन क्यों? छुट्टी तो 1 हफ्ते की है ना?

सुमित:- अपना घर भी जाना पड़ेगा...100 से भी ज्यादा धमकी भरा फ़ोन कॉल आ चूका है माँ का :डी

और वैसे भी मेघा को सही सलामत पहुंचा दिया और एक दोस्त का फ़र्ज़ निभाया.

मेघा को देख मुस्कुराते हुए कहा सुमित ने.

फिर सभी अपने अपने काम में व्यस्त हो जाते है.

मेघा:- (इन हेर मंद) फिर कहा चला gaya...Isse ढूंढ़ते हुए मई पागल हो जाउंगी.

सुमित फिर से वही तालाब के पास मिला.

सुमित:- ये क्या ब्यूटी queen...Mere बिना 20 मिनट नहीं रह paayi...Aur पागलो की तरह ढूंढते हुए चली आयी.

अजीब सा मुस्कान था सुमित की चेहरे में.

मेघा:- मई तुम्हे क्यों ढूंढूंगी? वो आशीष नाम का कोई है जो तुम्हे 15 मिस्ड कॉल्स कर चूका hai...Bas यही बताने आयी थी.

आशीष का नाम सुनते hi सुमित को एक झटका laga...Saath hi वो थोड़ा दर भी गया tha...Megha की हाथ से फ़ोन छींटे हुए.

सुमित:- आशीष!!!

घबराहट अभी भी था सुमित की आवाज में.

मेघा:- अब्ब क्या हुआ तुम्हे?

सुमित:- कुछ ख़ास नहीं.

सुमित ने एक दम से नार्मल होने की एक्टिंग किया.

मेघा:- कौन है ये आशीष? और तुम इतना डरे हुए क्यों हो?

सुमित:- Ashish...Hai तो ये सबसे कमीना और मेरा सबसे अच्छा dost...Dar इस बात का है की इसका किडनी फ़ैल हो चूका hai...Aur ट्रांसप्लांट होने वाला tha...Bas इसी बात का दर है.

सुमित को जल्दबाज़ी में यही बहाना मिला.

मेघा:- अच्छा तुम आराम से बात karo...Mai चलती हूँ.

सुमित:- हाँ उससे तो बात karunga...Lekin तुम ये bataao...Abhi ससुर जी कहा है? उनसे भी बात करना है.

मेघा:- पापा तो अभी खेत में होंगे.

फिर मेघा अपना खेत के रास्ता सुमित को बता देती है.

मेघा:- वैसे तुम्हारा बातें माँ और दादी को बहुत पसंद aaya...Aur मुझे भी.

मेघा मुस्कुरा कर बोली और वह से चली gayi...Megha की इस बात पर सुमित के चेहरे में अपने आप मुस्कान आ गया.

फिर वो खेत की तरफ जाते हुए आशीष को फ़ोन लगता है.

सुमित:- अबे kamine...Dost है या dushman...Marwayega एक दिन तू मुझे.

दूसरी तरफ से.

आशीष:- क्या हुआ? ठीक तो है ना तू?

सुमित:- अभी तक तो ठीक hun...Lekin अगले पल कोई भरोषा nahi...Jab तेरे जैसे दोस्त मेरे नसीब में हो तब.

आशीष:- अब्ब मैंने क्या कर दिया?

सुमित:- हज़ार बार मन कर चूका hun...Mujhe फ़ोन मत किया kar...Sab प्लानिंग और म्हणत की वाट लग जाएगा.

जब जरुरी होगा तब मई खुद फ़ोन करूँगा तुझे.

आशीष:- ठीक है yaar...Bas तेरा हाल चाल जानना था.

सुमित:- मई ठीक hun...Aur जल्द प्लानिंग पूरा हो jaayega...Fir तुझे खुश खबरि सुनाऊंगा.

आशीष:- आल थे बेस्ट yaar...Abb सच में तेरा बहुत फ़िक्र हो रहा है.

सुमित:- भूल mat...Saamne सुमित hai...Haarna मैंने कभी सीखा nahi...Aur जब तक अपना मंजिल ना मिले तब तक रुकूंगा नहीं.

सुमित ने आत्मविश्वाश के साथ कहा.

आशीष:- ऐसे hi हौशला रख के आगे badh...Tu ऐसा hi अच्छा लगता है.

सुमित:- अच्छा ठीक hai...Aur आगे से भूल कर भी मुझे फ़ोन मत karna...Pata नहीं कब किस को शक हो जाए?

इतना कह कर सुमित फ़ोन कट कर देता है और मेघा के पापा से मिलने उनके खेत की तरफ जाता है.
 
अपडेट 13

Thanks...Thanks Kirti...Thanks ा लोट.

राज का ख़ुशी का कोई ठिकाना hi नहीं था.

दोनों आज लाइब्रेरी के पास मिले thhe...Dono हॉस्टल में hi रहते थे और यही जगह दोनों के लिए सबसे पास था.

कीर्ति एक नजर राज को देखती है लेकिन फिर मुंह घुमा लेती hai...Raj को ये बुरा तो लगता hai...Lekin ये आदत हो गया था उससे.

राज:- आज तुमने पहली बार मुझे बुलाया? कोई ख़ास बात?

राज की एक्ससिटेमेंट में कोई कमी नहीं aaya...Uske लिए यही काफी था की कीर्ति ने उससे बुलाया है बात करने के लिए.

कीर्ति:- सुमित ने कहा था एक बार तुमसे बात कर लू?

कीर्ति की इस बात से राज ख़ुशी के साथ हैरान भी हो gaya...Aakhir सुमित भैया ने अपना वादा पूरा कर hi diya...Ek मौका मिल hi गया usse...Lekin हैरानी भी हुआ की कैसे इतनी जल्द सुमित भैया ने कीर्ति को मनाया.

राज:- मुझे भरोषा था सुमित भैया पर.

कीर्ति:- लेकिन मुझे भरोषा नहीं है तुम par...Aur ना hi कभी होगा.

राज:- ये तुम? क्या...

राज अपनी बात पूरी करता उससे पहले hi.

कीर्ति:- सुमित की बार बार जिद्द करने पर मुझे आना hi pada...Wo कह रहा था की तुम मुझे अभी भी प्यार करते ho...Hum दोनों को साथ बैठ कर एक बार फिर से एक दूसरे को समझना चाहिए.

सुमित बहुत hi अच्छा लड़का है और बहुत अच्छा दोस्त bhi...Iss वजह से मुझे आना pada...Warna तुम्हारा असलियत मुझसे छुपा नहीं है.

फिर ये वही baatein...Aur एक बार फिर राज की उम्मीद पर पानी फिर गया.

राज:- Please...Ek बार समझने की कोशिश तो karo...Tum जैसा सोच रही हो...

राज को मजबूरन अपना बात बिच में रोकना pada...Jab उसने देखा की कीर्ति उसकी बात पर इंटरेस्ट नहीं दिखा रही है.

राज एक बार फिर थक हार कर वह से जाने laga...Kirti एक बार भी समझना नहीं चाहती थी उससे.

तभी उसके दिमाग में कुछ आया.

राज:- सुमित भैया अच्छे hai...Aisa तुम्हे क्यों लगा?

इतने वक्त से सुमित को जान्ने के बाद राज अभी भी सुमित को समझ नहीं पाया tha...Aur कीर्ति सुमित को इतनी जल्द समझ गयी, ये राज को अजीब लग रहा था.

कीर्ति:- क्यों की हर लड़का तुम्हारी तरह घटिया नहीं hota...Ye देखो.

इतना कह कर कीर्ति अपना मोबाइल राज को देती hai...Wo फेसबुक का चाट tha...Aur चैटिंग का पहले लाइन पड़ते hi राज का दिल टूट gaya...Aankhon से आंसू इस बार वो रोक नहीं पाया.

"ी लव यू."

हाँ यही मैसेज था जो राज अपनी आँखों पर विश्वाश नहीं कर पा रहा था.

आंसू से भरी आँखें उठा कर उसने कीर्ति को देखा और फिर हारा हुआ आवाज में पूछा.

राज:- तुम सुमित भैया से प्यार करते हो?

पूछने से पहले hi राज को जवाब पता था.

कीर्ति:- बस यही सोच सकते हो tum...Tumhari बातों से hi तुम्हारा सोच साफ़ झलक रहा है.

आगे की मैसेज पढ़ो.

फिर राज स्क्रॉल करके सुमित का रिप्लाई पढता hai...Jisme लिखा था.

"यू मस्ट बे joking...Aur अगर सच भी है तो ी ऍम sorry...Mai मेघा को चाहता हूँ और उससे प्यार करता hun...Aur किसी के बारे में सोच नहीं sakta...Tum सिर्फ मेरी दोस्त हो इससे ज्यादा कुछ नहीं.

और अगर हो सके तो राज का दिल मत todna...Bahut प्यार करता है वो तुमसे अभी bhi...Agar माफ़ कर सकती हो तो माफ़ कर देना उसको."

ये मैसेज पढ़ने के बाद राज के दिल में सुमित के लिए इज़्ज़त तो बहुत बढ़ गया लेकिन उसका दिल का दर्द वैसा hi था ये जान्ने के बाद की कीर्ति अब्ब सुमित भैया को चाहने लगी hai...Bhale hi ये one-sided लव था.

लेकिन जब उसने आगे और स्क्रॉल किया तो वो और भी हैरान रह gaya...Iss बार मसाज कीर्ति का था.

"सॉरी Sumit...Wo मैसेज मैंने नहीं आशा ने लिखा tha...Ek घटिया मसाज था wo...Jab उसने हमे साथ बात करते देखा था तो बस मुझसे मजाक करने के लिए मेरे मोबाइल से तुम्हे मैसेज कर दिया जब मई रूम में नहीं thi...Abhi पता चला मुझे ये बात.

तुम और मेघा सच में बहुत क्यूट लगते हो एक दूसरे के saath...Tum दोनों की जोड़ी हमेशा ऐसा hi बने रहे. :)

और जहा तक राज को माफ़ करने की बात है शायद hi वो मई कर पाउ. :माध:"

ये मैसेज पढ़ते hi राज का उदास चेहरा में फिर वापस मुस्कान लौट aaya...Dil से एक आवाज आया.

" अभी भी सब ठीक hai...Aur जल्द सब कुछ ठीक करना होगा."

फिर मुस्कुराते हुए उसने कीर्ति को देखा.

कीर्ति:- तुम्हारी तरह नहीं हूँ mai...Jo हर बदलते दिन के साथ प्यार भी बदल le...Kisi से प्यार नहीं करती हूँ मई और ना hi कभी karungi...Tumne ऐसा सबक सिखाया है मुझे की प्यार शब्द से hi नफरत हो गया है.

इतना कह कर कीर्ति राज से अपना मोबाइल छीन गुस्से में वह से चली गयी.

राज को अपना ये बेइज़्ज़ती भी प्यारा लग रहा tha...Ek हार्ट अटैक होते होते बचा था wo...Abhi भी कीर्ति के दिल में राज के लिए फीलिंग था भले hi नफरत ka...Yahi काफी था राज के liye...Abb उसका हौशला भी काफी बढ़ गया कीर्ति को किसी भी तरह मनाने की.

वो बस कीर्ति को पीछे से देखता रहा होंठो में मुस्कान के साथ जब तक की कीर्ति उसकी नजरो से ओझल ना हो गयी.

क्या बात है सुमित सफस? पापा को भी इम्प्रेस कर दिया तुमने तो?

चांदनी रात में मेघा अपने घर की छत में सुमित से बात कर रही thi...Megha का फॅमिली एक मिडिल क्लास फॅमिली था और उसका घर भी सिंगल फ्लोर का एक पक्का घर था.

सुमित:- कैसे नहीं करते? दिन भर म्हणत किया है खेत mein...Aaj सारा का सारा खेत का खुदाई कर दिया तुम्हारे पापा के साथ मिल kar...Naya एक्सपीरियंस भी था बैल (ॉक्स) से खेत खुदाई करने का.

मेघा:- सच में तुमने खुदाई किया?

मेघा ने हँसते हुए पूछा.

सुमित:- Haan...Aur इतना ज्यादा कर दिया की कमर में बहुत दर्द हो रहा है.

अपने कमर को सहलाते हुए सुमित ने kaha...Aur ये सुन मेघा और भी हसने लगी.

सुमित:- और hanso...Pata नहीं तुम्हे पाने की चक्कर में और कितना पापड बेलना पड़ेगा.

मेघा:- अच्छा तुम्हे पापड भो बेलना आता hai...Ruko माँ को बताती hun...Kal माँ का हेल्प कर देना पापड बनाने में.

ये सुनते hi.

सुमित:- अरे नहीं nahi...Bas कर मेरी Maa...Pehle hi हालत खराब है और तुम हो की...

कहते कहते बिच में सुमित रुक gaya...Sumit का हालत देख मेघा और भी हसने lagi...Aur इस बार साथ में सुमित भी.

जब दोनों चुप हुए तो चुप hi रह gaye...Koi कुछ नहीं बोल रहा tha...Fir इस शान्ति को तोड़ कर सुमित ने हैरान कर देने वाली बात कहा.

सुमित:- अगर तुम बुरा न मानो तो एक बात कहु.

मेघा:- हाँ कहो.

सुमित:- तुम मेरी 4तह गर्ल फ्रेंड हो.

मेघा:- क्या?

हैरानी में मेघा इतना hi बोल paayi...Fir.

मेघा:- मई कब तुम्हारी गर्लफ्रेंड बानी? और बाकी के 3 कौन है?

सुमित:- उनसे ब्रेक उप हो गया hai...Abhi के लिए सिर्फ तुम hi हो.

मेघा सुमित को गुस्से से घूरने लगी.

सुमित:- ऐसे घूरो mat...Sharm आ रहा है.

शर्माने की नाटक करते हुए कहा सुमित ने.

सुमित:- क्यों? तुम्हारा कोई बर्फ नहीं था पहले?

मेघा:- नहीं.

सुमित:- ये भी सही hai...Mai hi पहला और मई hi aakhiri...Waise भी तुम्हे हैंडल करना हर किसी की बात नहीं है.

सुमित ने मुस्कुराते हुए kaha...Lekin मेघा अभी भी सुमित को घर रही थी.

सुमित भी चुप हो gaya...Kaafi देर बाफ मेघा hi बोली.

मेघा:- 4 गफ बना सकते हो तो 5 बनाना भी कोई बड़ी बात नहीं होगी.

सुमित:- हाँ ये भी कोई मुश्किल नहीं काम hai...Mood पर देपेंद है.

ये सुनते hi मेघा उठ कर गुस्से में वह से जाने lagi...Tabhi सुमित उसका हाथ पीछे से पकड़ कर.

सुमित:- कहने के लिए 4 hai...Bas नाम का रिलेशनशिप था wo...Saccha प्यार का एहसास तो तुम्हे देख कर हुआ hai...Gf भले hi 4तह हो तुम पर प्यार में 1सत हो और रहोगी.

तुमसे इतना प्यार करता हूँ की तुमसे कुछ छुपाना नहीं chaahta...Jaise आज बताया अपने पास्ट रिलेशनशिप के बारे में वैसे hi सब कुछ बताऊंगा पर धीरे धीरे सही वक्त आने पर.

सुमित ने चाँद की रौशनी मेंमेघा की चमकते चेहरा को देख प्यार से कहा.

एक नजर मेघा ने भी सुमित को dekha...Sumit का चेहरा में ऐसा चमक था की मेघा सुमित पर यकीं नहीं कर पा रही थी सुमित सच बोल रहा है या झूठ.
 
अपडेट 14

कैसा लगा नाश्ता?

ढाबा में नाश्ता करने के बाद मेघा ने सुमित से पूछा.

सुमित:- मस्त.

मेघा:- ये हमारे गांव का सबसे फेमस ढाबा hai...Aas पास के 5 गांव में भी खूब नाम चला है इस ढाबा का.

सुमित:- इतना अच्छा नाश्ता मिलता है तो नाम तो चलेगा hi.

मेघा सुमित की इस तारीफ़ पर मुस्कुराती है और.

मेघा:- और तुम्हारे 5 स्टार होटल के कपरिसों में?

सुमित:- कपड़े कैसे कर सकता हूँ जब मई आज तक 5 स्टार होटल में गया hi नहीं.

मेघा सुमित को हैरानी से देखती है.

मेघा:- लेकिन क्यों?

कुछ सोचते हुए,

सुमित:- बस ऐसे hi.

फिर सुमित कुछ सोचते हुए.

सुमित:- मई नोटिस कर रहा हूँ की तुम मुझे पूरा का पूरा सेहर वासी सोचती हो?

मेघा:- (हैरानी से) अब्ब ये मत कहना की ये झूठ है.

सुमित:- सच है लेकिन कुछ हद्द tak...Bhale hi अब्ब सेहर में शिफ्ट हो चुके है हम log...Bachpan मेरा गांव में hi गुजरा अभी भी दादा और चाचा अपने परिवार के साथ वही रहते है तो गांव जाना आना लगा रहता है.

मेघा:- यकीं नहीं hota...Tumhara स्टाइल, बोलने की तरीका और बाकी के हर चीज अलग है.

सुमित:- Vakt...Sab वक्त का खेल है madam...Baad में समझ जाओगी.

वैसे एक चीज मैच कर रहा है जो तुम नोटिस नहीं कर रही हो.

मेघा:- वो क्या?

सुमित:- कुछ अजीब सा स्मेल नहीं आ रहा है तुम्हे?

वही शैतानी मुस्कान के साथ सुमित ने कहा.

मेघा:- मतलब ki...Tum se...Mai आस पास देख रही thi...Iss बधबू की वजह ko...Aur इस वजह से तुम थोड़ा दूर बैठ रहे थे.

हैरानी में मेघा से कुछ बोलै भी नहीं जा रहा था.

सुमित:- यस माय ब्यूटी queen...I ऍम ड्रंक.

गांव में आया हु और लोकल ना पीयू ये कैसे हो सकता hai...Aaj पूरा का पूरा बोतल लोकल शराब का चड्ढा चूका हूँ.

सुमित ने हस्ते हुए कहा और मेघा उससे गुस्से से घूरती रही.

सुमित:- और जानती हो वो भी फ्री mein...Aur ये गांव वाला hi कर सकता hai...Gaanw में आके वो भी अपनी बातो से गांव वालो को मन कर फ्री में पीना ये गांव वाला hi कर सकता है.

बातो के साथ सुमित का हंसी और भी गहरा हो रहा था.

मेघा:- हद्द है.

इतना कह कर मेघा पैसे देने चली जाती है.

सुमित:- रुको ब्यूटी queen...Mai पाय करूँगा.

मेघा:- Nahi...Tum मेरे गांव में ho...Aur यहाँ पाय करना मेरा फ़र्ज़ hai...Wo कहते है ना अतिथि देवो भाव.

फिर मेघा पाय कर देती है और दोनों ढाबा से बाहर आ जाते है.

मेघा:- अब्ब ये मुंह क्यों लटका लिया तुमने?

सुमित:- पहली बार डेटिंग आये थे और मई पाय नहीं कर पाया.

मेघा:- किसने कह दिया ये डेटिंग है? तुम्हारा एक्सपेक्टेशन कुछ ज्यादा hi बढ़ रहा है.

सुमित:- क्या करू? दिल है की मानता नहीं.

मेघा:- तो फिर अपने दिल पर काबू रखो.

सुमित:- दिल पर काबू दिमाग का रहता hai...Lekin तुम्हे देखने के बाद मेरा दिमाग का फ्यूज hi उड़द गया hai...Aur दिल बेकाबू होता जा रहा है.

मेघा:- बातें बहुत करते हो!!!

सुमित:- प्यार उससे भी ज्यादा.

मेघा:- अच्छा छोडो ये बातें? तुम्हारा कंप्लेंट है ना की तुम यहाँ पाय नहीं कर paaye...Koi बात नहीं सेहर में मुझे 5 स्टार होटल में खिला देना.

सुमित:- ना ना naa...Kuch ऐसी चीज मांगो जो मेरे औकात की हो.

मेघा:- क्या मतलब?

सुमित:- ये गरीब तुम्हारा इतना खर्च नहीं उठा पायेगा.

मेघा:- गरीब?

सुमित:- और नहीं तो क्या? ऐसे लोग को क्या कहोगी जिसके पास दवा दारू का इंतजाम करने का भी पैसा ना हो.

मेघा:- दवा दारू? क्या बोले जा रहे हो? कुछ समझ में नहीं आ रहा hai...Shayad तुम्हे चढ़ गया है.

सुमित:- ी मैं सिगरेट और Daaru...Papa भी इतना स्ट्रिक्ट है की जरुरत के हिसाब से पैसे भेजते है ये सोच कर की लड़का बिगड़ न jaaye...Lekin उन्हें क्या पता लड़का आलरेडी बिगड़ गया है.

वो तो किसी तरह नाश्ते की पैसा बचा कर और हॉस्टल में उधार ले कर काम चला रहा हूँ.

अगर तुम्हे भी नशा करना है तो bolo...Unlimited स्टोर है मेरे पास.

सुमित ने दांत दिखा कर कहा.

मेघा बस उससे घूरती रही लेकिन कुछ नहीं बोली.

सुमित:- अगर तुमने मुझे अपना बर्फ बना लिया तो भी ज्यादा कुछ एक्सपेक्ट मत करना की तुम्हे मई डेली शॉपिंग कराऊंगा और बड़े बड़े होटल में डिनर के लिए ले जाऊँगा.

मेघा:- तब तो मुझे एक रीज़न और मिल गया तुम्हे रिजेक्ट करने की.

मेघा ने मजाक में कहा.

सुमित:- ये भी सही hai...Sabka अपना अपना एक्सपेक्टेशन होता hai...Kisi को पैसा पसंद है तो किसी को looks...Kisi को स्टाइल तो किसी को सेंस ऑफ़ humor...Lekin बहुत काम होते है जिनको सच्चा प्यार पसंद आता है.

सुमित ने कुछ सोचते हुए kaha...Lekin अगले hi पल वो अपने ख्याल से बाहर आ गया.

मेघा:- ओह hello...Mai मजाक कर रही thi...Tumhara प्यार को अपनाया नहीं है इसका मतलब ये नहीं की तुम्हारी कमियों की वजह se...Bas जल्दबाज़ी में फैसला नहीं करना चाहती हूँ.

मेघा ने गुस्से में कहा और फिर दोनों बिना कुछ बोले घर की तरफ चलते है.

घर के पास पहुँच कर.

मेघा:- Ruko...Abhi नहीं.

सुमित:- क्यों?

मेघा:- तुम अभी फुल नशे में ho...Ghar में पता चल गया तो?

थोड़ा दर के साथ मेघा बोली.

सुमित:- कुछ नहीं hoga...Ghar में पापा को कई बार बेवकूफ बना चूका हूँ इस मामले में तो ससुर जी क्या चीज है? आदत है मुझे.

इतना कह कर सुमित मेघा की जवाब सुने बिना घर में चला जाता है.

Knock...Knock...

कुछ देर में राज ने गेट खोला और सामने खड़े शख्स को देख सर झुका लिया.

अबे दर mat...Jindagi भर रैगिंग नहीं lunga...Wo बस सुरुवात में.

ये कहने वाला शख्स था Ramesh...Raj और सुमित का सीनियर.

राज:- भैया कुछ काम था?

रमेश:- सुमित अभी भी नहीं आया है क्या?

राज:- नहीं...1 वीक बाद आएंगे.

रमेश:- चल ठीक hai...Aaj दवा दारू का प्रोग्राम tha...Issi लिए सुमित को बुलाने आया था.

राज:- जब वो आएंगे तब बता दूंगा उन्हें.

रमेश:- अच्छा ठीक है.

फिर वो जाने hi वाला था की उससे कुछ याद आता है और..

रमेश:- राज, सुमित का ख्याल रखना!

इस बार रमेश काफी सीरियस था.

राज:- उनका क्या ख्याल rakhu...Wo hi मेरा ख्याल रखते hai...Personality से ऐसा लगता नहीं की उन्हें कभी किसी की जरुरत भी पड़े.

रमेश:- जरुरत तो सभी को पड़ता है किसी ना किसी ka...Chaahe वो कितना भी मजबूत इंसान क्यों ना हो? और उतना भी मजबूत नहीं है जितना तू सोचता है.

राज:- मतलब उनका पर्सनालिटी फेक है.

रमेश:- नहीं वो रियल hai...Jaise वो बात करता है और जिस स्टाइल में रहता है वो रियल है लेकिन अभी हालत अलग है.

राज को कुछ समझ में नहीं आ रहा tha...Ek पल में hi उसका सुमित के बारे में ख्याल बदल गया.

राज:- थोड़ा डिटेल में समझाइये ना?

रमेश:- Nahi...Sumit ने मन किया है.

मई तो तुझे ये भी नहीं बताता लेकिन सुमित को देख मुझे खुद दर लगने लगा है इसी लिए तुझे उससे संभालने के लिए कहना पद रहा है.

अब्ब ये तेरा रिस्पांसिबिलिटी है सुमित का ख्याल रखना एक रूम मात और भाई के रिश्ते se...Kabhi हद्द से ज्यादा नशा करने मत देना?

इतना कह कर रमेश वह से चला gaya...Aur साथ में छोड़ गया राज को अलग hi कन्फूसिओं में.

नेक्स्ट डे

अच्छा ब्यूटी queen...Chalta hun...Bahut याद आओगी.

इस बार सुमित सीरियस हो कर बोलै.

मेघा:- बात तो ऐसे कर रहे हो जैसे बहुत वक्त के लिए दूर हो रहे है...1 हफ्ते बाद कॉलेज में मिलेंगे hi...Aur तब तक फ़ोन.

सुमित:- घर जा रहा हु 1 हफ्ते के liye...To पापा और माँ के सामने तुमसे बात नहीं कर sakta...Aur कॉलेज का भी सूरे नहीं hun...Agar बंक किया तो कब तक करूँगा ये मुझे खुद पता नहीं.

मेघा:- तो इस ग़म में तुम्हारा चेहरा लटका है?

सुमित:- Nahi...Dusra जेल जाने की ग़म में.

मेघा:- जेल?

सुमित:- हाँ जेल hi तो hai...Iss जेल से दूसरी jail...Yaha स्मोकिंग और अल्कोहल काम हो गया था वह जा कर तो और भी काम हो जाएगा.

मेघा:- तुम्हे नहीं लगता तुम एडिक्ट हो चुके हो?

सुमित:- Shayad...Lekin मई कुछ नहीं कर सकता.

अब्ब सुमित की बात सुन मेघा सच में दर गयी.

मेघा:- अगर मई तुम्हारा साथ दू तो?

सुमित:- तब तो मेरे जान में जान आ जाएगा.

लेकिन जल्दबाज़ी में कोई फैसला मत lo...Aur सिम्पथी तो बिलकुल भी नहीं.

मेघा चुप रही.

सुमित:- वैसे मुझे लगता है तुम भी मुझसे प्यार करने लगी हो?

लेकिन इतना भी मत करो की कभी भुला ना सको.

मेघा:- अब्ब तुम ये क्या बोल रहे हो?

सुमित:- है कुछ majburiyan...Haalaath भी सही नहीं है की तुमसे वादा कर सकू की मई हमेशा तुम्हारा साथ दूंगा और तुम्हारा बन कर रहूँगा.

वो तो तुम्हारे प्यार में खुद पर काबू रखके तुम्हे हंसाता रहता hun...Tumhe खुश करने का कोशिश करता hu...Lekin...Sacchaayi कुछ और hi है.

मेघा:- बहुत बार सुन चुकी हूँ तुम्हारे हालात के बारे mein...Abb बताओगे भी?

इस बार मेघा ने भी गुस्से में कहा.

सुमित:- पहले भी कह चूका hun...Vakt से पहले और किस्मत से ज्यादा कुछ नहीं milta...Aur अभी सही वक्त नहीं आया hai...Lekin बहुत जल्द bataunga...Pehle कॉलेज आओ और फिर उसके बाद.

सुमित ने भी फैसला कर लिया की जल्द hi वो अपना राज मेघा को बताएगा.

फिर सुमित वह से चला जाता hai...Megha पीछे से उससे जाते देखती rahi...Rok भी नहीं सकती thi...Aur जाते हुए देख भी नहीं पा रही thi...Wo तब तक सुमित को देखती रही जब तक सुमित उसकी नजरों से ओझल ना हो गया.

उम्मीद तो था की सुमित एक दो बार पीछे मुद कर जरूर dekhega...Lekin afsos...Wo अपने hi रफ़्तार से वह से निकल gaya...Aur मेघा भी उदास मन के साथ अपने घर वापस आ गयी.
 
अपडेट 15

बहुत ऐटिटूड के साथ कह रहे थे की ना hi फ़ोन करूँगा और ना hi कॉलेज आऊंगा?

बाइक में पीछे बैठी हुई मेघा ने सुमित पर ताना कस्ते हुए कहा.

सुमित:- जहा तक मुझे याद है जब मई घर में था एक बार भी तुम्हे फ़ोन नहीं किया.

मेघा:- और अब्ब? इतनी जल्दी मिलने के लिए बेचैन हो गए.

सुमित:- दिल है की मानता नहीं.

सुमित ने इतना कह कर बाइक का स्पीड और भी बढ़ा diya...Aur दर के मारे मेघा ने सुमित को कास कर पकड़ लिया.

मेघा:- धीरे चलाओ.

दर में मेघा बोल भी नहीं पा रही thi...Sumit भी हालात को समझते हुए बाइक थोड़ा स्लो कर देता है.

मेघा:- मानती हूँ तुम बाइक चलने में एक्सपर्ट ho...Accident शायद hi hoga...Lekin बाइक का भी ख्याल rakho...Aisa hi चलाते रहे तो बाइक तुम्हारे पास काम मैकेनिक के पास ज्यादा रहेगा.

सुमित:- मुझे क्या parwaah...Bike मेरा थोड़ी ना है.

मेघा हैरानी में कुछ नहीं बोली.

सुमित:- हॉस्टल में ऐसे दोस्तों की कोई कमी nahi...Ek का उठा कर ले आया.

और मेरा मानना है की अगर पैसा उड़ाना है तो दिल खोल कर पेरेंट्स की पैसा udaao...Kisi चीज का तोड़ फोड़ करना है तो दोस्तों का karo...Asli मजा तो इसी में hai...Warna अपना म्हणत सबको प्यारा होता है.

सुमित ने हँसते हुए कहा.

मेघा:- तुम और तुम्हारा लॉजिक?

सुमित:- मई, मेरी मेघा और मेरा logic...Jindagi बिताने के लिए सिर्फ यही काफी है.

मेघा ने इस बार कोई जवाब नहीं दिया.

सुमित:- वैसे ब्यूटी queen...Mai अभी भी अपने वादा पर कायम hun...Naa hi तुम्हे फ़ोन किया जब घर में tha...Aur ना hi तुमसे कॉलेज में mila...College के बाहर से hi तुम्हे डेटिंग ले जा रहा हूँ.

वो भी नहीं करता लेकिन तुम्हारा तोते (पैरेट) जैसे नाक में अपने लिए जब तक गुस्सा ना देखु मजा hi नहीं आता.

मेघा:- कुछ ज्यादा hi तारीफ़ नहीं कर रहे हो तुम?

सुमित:- ज्यादा तारीफ़ ? ये तो कुछ नहीं hai...Warna तुम्हारे तारीफ़ के लिए शब्द काम पद जाए...2, 4 शायरी सुना सकता हूँ...5, 6 किताब लिख सकता hun...Aur न जाने...

मेघा:- 1 hi शायरी सूना दो.

मेघा एक्ससिटेमेंट में बोली.

सुमित:- ये तुम्हारी तोते जैसी नाक, बातक (डक) जैसी होंठ, चमगादड़ जैसी कान...

मेघा:- बस bas...Aur नहीं सुन sakti...Rakho तुम अपना तारीफ़ अपने पास.

हँसते हुए सुमित ने जवाब दिया.

सुमित:- आशिक़ हूँ madam...Shaayar नहीं.

मेघा:- ज्यादातर शायर ाहिक hi होते है.

सुमित:- गांव बसा नहीं की लूटेरे haajir...Pehle प्यार के कुछ पल तो जी लेने do...Tum हो की अभी से मुझे प्यार में हारा हुआ शायर बनाना चाहती हो.

मेघा:- अच्छा अब्ब ये बकवास छोडो और बताओ क्या सरप्राइज है?

सुमित:- अगर कह दिया तो सरप्राइज कैसा.

मेघा:- हिंट तो दो.

सुमित:- तुम्हारे दो बड़े सपने में से एक को पूरा करने जा रहा हूँ.

ये बात सुन कर मेघा की एक्ससिटेमेंट और भी बढ़ gaya...Abb उससे इंतजार नहीं हो रहा था.

फिर सुमित बाइक को ऐसी जगह पर रोक देता है जिससे मेघा सच में हैरान रह जाती है.

सुमित ने बाइक को एक 5 स्टार होटल के पार्किंग में रोका.

मेघा:- ये तुम...

हैरानी में मेघा कुछ बोल भी नहीं पा रही थी.

सुमित:- मेरी डार्लिंग की विश हो और मई पूरा ना करू ये कैसे हो सकता है.

मेघा:- लेकिन इतने पैसे.

सुमित:- फ़िक्र मत karo...Udhaari चलता रहता है.

मेघा:- लेकिन चुकाना बहिबपदता है.

सुमित:- सिगरेट और दारु में हिसाब बराबर कर लूंगा दोस्तों से.

अब्ब तुम ज्यादा दिमाग मत chalaao...Aur चलो अंदर.

फिर सुमित मेघा के साथ होटल के अंदर जाता है.

मेनू कार्ड मेघा को देते हुए.

सुमित:- जो भी खाने का मन हो आर्डर कर lo...Aisa मौका बार बार नहीं मिलेगा.

फिर मेघा अपनी पसंद की खाना आर्डर करती है.

कुछ देर बाद दोनों के टेबल पर आर्डर आ जाता hai...Megha तो अपने खाने में बिजी हो जाती है लेकिन Sumit...Uski नजर खाना में काम मेघा पर ज्यादा tha...Bahut प्यार से वो मेघा को देख रहा था.

मेघा भी ये देख स्माइल करती है.

सुमित:- आराम से khaao...Motaapaa से डरने की कोई जरुरत nahi...Tumhara फिगर चाहे कैसा भी हो तुम हमेशा मेरी ब्यूटी क्वीन रहोगी.

मेघा:- फिर पहले की तरह बकवास करने लग गए?

सुमित:- वो तो हमेशा करता था और करता रहूँगा.

पहले भी कह चूका hun...Tumse प्यार करता hun...Aur सीरियस तुम्हारे साथ नहीं हो sakta...Aise hi हंसी मजाक hi करूँगा तुम्हारे साथ.

मेघा:- और गांव में तो काफी सीरियस था जाते वक्त.

सुमित:- उस वक्त भी टल्ली tha...Aur नशे में कब क्या बकता हूँ मुझे खुद पता नहीं chalta...Aage से ख्याल रखूँगा.

मेघा:- और तुम कुछ बताने वाले थे अपने बारे में.

सुमित अपना सर पर मारते हुए.

सुमित:- अरे yaar...Aaj खाओ, पियो और मस्ती karo...Enjoy करने आये है और तुम हो की वही बात ले कर बैठ गयी ho...Bataaunga फिर कभी.

फिर मेघा भी खाते हुए सुमित से हंसी मजाक करने लगती hai...Dono बहुत खुश दिख रहे थे एक दूसरे के saath...Abb मेघा भी सुमित के साथ काफी कम्फर्टेबले फील करने लगी थी.

ऐसे hi अचानक से मेघा उठ जाती है.

सुमित:- क्या हुआ?

मेघा:- वाशरूम जाना था.

सुमित:- मई ी गिव ा कंपनी?

सुमित की इस प्रस्ताव पर मेघा सुमित को घूरती है.

सुमित:- अच्छा accha...Sorry.

मेघा फिर वाशरूम जाती hai...Aur वो जितना दूर जा रही थी सुमित का चेहरे का रंग उतना hi बदल रहा tha...Kuch मज़बूरी और कुछ दर्द के भाव उसके चेहरे पर आ गया था.

धीरे से उसने अपने पॉकेट से एक पेपर निकला.

उसमें पेशेंट का नाम सुमित tha...Aur डायग्नोसिस था एडेनोकार्सिनोमा ऑफ़ पैंक्रियास (कैंसर ऑफ़ पैंक्रियास).

सुमित:- (इन हिज मंद) क्या मई मेघा को बता दू मुझे पैंक्रियास में कैंसर है और 1 साल से भी काम का मेहमान हु.

सुमित ये सोचते हुए काफी सीरियस हो गया था.

फिर अगले पल उसका ख्याल भी बदल जाता है.

सुमित:- Nahi...Ye फेक रिपोर्ट मेघा को दिखा नहीं sakta...Ye देख कर तो मेघा मेरे और भी करीब आ jaayegi...Jo मई बिलकुल भी नहीं चाहता.

कोई और तरीका ढूंढ़ना पड़ेगा.

फिर सुमित वो फेक रिपोर्ट फाड़ देता है.

सुमित:- (इन हिज मंद) अगर हो सके तो मुझे माफ़ कर देना Megha...Jaanta हु मई माफ़ी के लायक नहीं हूँ पर मजबूर हूँ.

तुम्हारे साथ हमेशा hi गलत करते आया हूँ और आगे भी करना padega...Lekin अब्ब और गलत नहीं कर paaunga...Naa hi इतना हिम्मत बाकी है mujhme...Tumhare अच्छाइयों को देख तो बिलकुल भी नहीं.

सुमित ऐसे hi अपने ख्यालों में खोया हुआ था की सामने से मेघा को आता देख फिर से उसके चेहरे के भाव बदल जाता hai...Waapas उसके चेहरे में वही जाना पहचाना मुस्कान था.

पेमेंट करने के बाद सुमित और मेघा होटल से बाहर निकलते hai...Iss बार सुमित के दिमाग में ना जाने क्या आया वो मेघा के हाथ को अपने हाथ में थाम कर आगे पार्किंग की और चल पड़ता है.
 
अपडेट 16

कहा जा रहे है आप?

सुमित का गेटउप देख राज ने पूछा.

सुमित:- मेघा ने शॉपिंग मॉल में बुलाया है.

राज:- पहले तो इतना सज धज कर मिलने नहीं जाते थे aap...Aaj क्यों?

सुमित:- Unpredictable...Agar प्रेडिक्टेबल होने लगा तो सुमित काहे का सुमित सफस? उससे शॉक देते रहना तो अब्ब आदत सा बन गया है मेरा.

राज ने इस बार कुछ नहीं कहा.

सुमित:- और उसकी एक दोस्त भी आ रही hai...Agar पसंद आ गयी तो उससे hi पता lunga...Uske लिए इतना सज धज के जाना तो बनता है.

राज:- आपको समझना मेरे बस की बात नहीं है.

सुमित:- किसने कह दिया मुझे समझने के लिए? एनाटोमी और पैथोलॉजी samajh...Bahut आगे तक जाएगा.

सुमित ने अपने पुरे बॉडी पर फॉग लगाते हुए कहा.

सुमित:- साला ये भी ख़त्म हो gaya...Laa तेरा दे.

इतना कह कर सुमित ने राज के जवाब का परवाह किय्र बिना उसका फॉग उठा कर लगा लिया.

राज:- भाई इतना ज्यादा?

सुमित:- आज कल की लड़कियां स्टाइल से hi पैट टी hai...Isliye no कोम्प्रोमाईज़ ों स्टाइल.

सुमित ने अपना बाल में जेल लगाते हुए कहा.

राज:- मेघा भी?

सुमित:- और नहीं तो kya...Tujhe क्या लगता है अगर मई शरीफ बन कर उससे पटाने जाता तो वो मेरी तरफ देखती भी nahi...Bhaaw देना तो दूर की बात है.

वैसे भी क्लास के hi 2, 3 चूतियों को रिजेक्ट कर चुकी hai...Ye मेरा स्टाइल और पर्सनालिटी hi है जो आज कल वो मेरे आगे पीछे चिपकी रहती है.

राज:- तो भाई मई भी कीर्ति को?

सुमित:- नहीं re...Teri कीर्ति ऐसी नहीं hai...Pyar से मना usko...Dhire धीरे मान जायेगी.

राज के कन्धा पर हाथ रख कर कहा सुमित ने.

सुमित:- सही जा रहा है लड़के tu...Kal hi कीर्ति से बात किया tha...Abb नफरत पहले जितना नहीं है.

शोएलके बाँध कर सुमित रेडी हो गया.

सुमित:- अच्छा चलता hun...Mere लिए दुआ करना की मेघा ना सही उसकी दोस्त hi पैट जाए.

राज:- नहीं bhai...Ye गलत hai...Mai कोई दुआ नहीं करूँगा किसी को धोखा देने का.

सुमित:- (हँसते हुए) तू और तेरा प्यार वाला logic...Accha ठीक है चलता हूँ.

इतना कह कर सुमित रूम से निकल gaya...Raj भी सुमित का पीछा करता रहा जब तक सुमित हॉस्टल से निकल नहीं गया.

राज:- (इन हिज मंद) रमेश भैया ने तो कहा था की सुमित भैया बहुत अलग hai...Wo जितना खुश दिखने का नाटक करते है उतना hi दुखी रहते है.

हमारे सामने तो खुश रहते है लेकिन घुमाती नजर से हटने के बाद दुखी रहते है.

लेकिन ऐसा कुछ दिखा hi nahi...Wo तो अपने hi धुन में चल रहे है.

राज का कन्फूसिओं और भी बढ़ gaya...Sumit आज सच में ख़ुशी के साथ अपने धुन में आगे बढ़ रहा था.

Hello ब्यूटीफुल गर्ल्स.

मॉल के पार्किंग हॉल से निकलते hi सुमित मेघा और उसकी दोस्त के पास चला gaya...Aur सनग्लास को उतार स्टाइल से कहा.

म. फ्रेंड:- तुम?

सुमित:- ओह्ह sorry...Maine अपना इंट्रोडक्शन दिया है नहीं.

नाम है Sumit...Pyar से लोग सुमित सफस भी कहते hai...Tum मुझे प्यार से सिर्फ सफस कहना.

सुमित की इस बात पर मेघा की दोस्त सुमित को गुस्से से घूरने लगी.

सुमित:- शायद इंट्रो छोटा रह gaya...I ऍम सुमित 12, 11, 10.

म. फ्रेंड:- ये क्या बकवास है?

सुमित:- अकादमिक क्वालिफिकेशन...10 साल बाद milna...Alag इंट्रो dunga....Sumit मस, मब्ब्स.

म. फ्रेंड (तो मेघा) यही है तेरा दोस्त सुमित? बहुत तारीफ़ करती थी तू तो.

सुमित को ऐसे देख वो सच में हैरान रह गयी थी.

सुमित:- हाँ मई hi हूँ मेघा का dost...Dost से थोड़ा upar...BF से थोड़ा काम.

म. फ्रेंड:- मैंने पूछा क्या तुमसे?

सुमित:- तो पूछ लो ना.

सुमित ने प्यार से कहा तो वो गुस्से में तिलमिला uthi...Lekin सुमित से कुछ नहीं बोली.

सुमित:- वैसे मेघा? मेरा इतना तारीफ़ करती हो अपनी दोस्तों se...Aur मई hi इस बात से बेखबर hun...Galat बात है ये.

सुमित की इस बात पर मेघा इस तरह से चुप हो गयी जैसे उसकी चोरी पकड़ा गया हो.

मेघा:- Chalo...Pehle शॉपिंग करते है.

बात बदलते हुए मेघा ने कहा..

फिर सभी मॉल की तरफ चलते है.

म. फ्रेंड:- एक दोस्त होने की वजह से कह रही hun...Iss लड़के से प्यार तो क्या दोस्ती भी मत kar...Bahut देखे है ऐसे लफंगे ko...Naa hi बात में तमीज और ना hi दिल की saaf...Apni बकवास बातों से लड़कियों को फ़साना जानते है बस.

ना जाने कितनी नफरत थी उसकी बातों में.

मेघा:- सुमित ऐसा नहीं hai...Dil का साफ़ hai...Aur जो सही लगता है वो बोल देता hai...Bahut अच्छा लड़का है.

जानती हु तेरी haalaath...Uss कमीने ने तुझे धोखा दिया इसका ये मतलब नहीं की हर लड़का गलत hi होता है.

सुमित:- (तो म. फ्रेंड) बहुत जल्दबाज़ी है तुम्हे मुझे अपना बर्फ बनाने की जो तुम मेरा उनकंफेस्सेड लव का ब्रेकअप करा रही हो.

सुमित ने हँसते हुए kaha...Jaise शायद वो अभी मजे लेने का मूड में है.

म. फ्रेंड:- ज्यादा ओवरस्मार्ट समझ रहे हो खुद को?

सुमित:- वो तो बचपन से hun...Lekin कभी घमंड नहीं किया खुद पर. :स्मार्त्य:

म. फ्रेंड:- (तो मेघा) कितना घटिया लड़का है ये?

सुमित:- Thanks...Tum जैसी खूबसूरत लड़की से ये कॉम्पलिमेंट सुन कर बहुत अच्छा laga...Tumne तो बहुत जल्दी मेरस करैक्टर डीडे कर लिया.

इस बार सुमित ने आँखों में आँखे दाल कर कहा.

म. फ्रेंड:- तुम जैसे लड़को के नस नस से वाकिफ हूँ.

सुमित:- लेकिन मेरा नस थोड़ा अलग है dear...Yaha सिर्फ इश्क़ दौड़ता है.

इस नस से हर कोई वाकिफ नहीं होता.

मेघा:- अब्ब बस भी करो Sumit...Pareshaan हो गयी है.

सुमित:- तो डॉ. सुमित किस काम के लिए है? अभी मूड ठीक कर देता हूँ.

मेघा:- नहीं nahi...Abb बस.

फिर सुमित भी चुप हो जाता hai...Sabhi मॉल की तरफ चल रहे थे.

लेकिन इस बिच सुमित मेघा की नजर से बच कर कई बार उसकी दोस्त को घर रहा tha...Aaj न जाने कैसी चमक था उसकी आँखों me...Khushi था या कुछ और ये तो वही जाने.

मेघा की दोस्त भी बहुत उनकंफर्टबले फील कर रही thi....Usse तो मेघा पर गुस्सा आ रहा था की उसने साथ में सुमित को भी बुला लिया.

फिर तीनो एक शॉप पर पहुँच जाते hai...Megha की दोस्त पूरी तरह से कुछ खरीदने के लिए मन कर देती hai...Uska मूड ऑफ हो चूका tha...Sumit भी मना कर देता है.

मेघा:- अच्छा तो मई कुछ ड्रेस सेलेक्ट करती हूँ अपने liye...Tum दोनों यही बाहर वेट करो.

सुमित को तो कोई प्रॉब्लम नहीं tha...Lekin मेघा की दोस्त न चाहते हुए भी बाहर बैठ टी hai...Wo उसी बेंच में सुमित से दूर बैठती है.

सुमित:- तुम जानती हो आज मई कितना खुश हूँ.

म. फ्रेंड:- मुझे क्या मतलब तुम्हारे ख़ुशी से.

इस गुस्से का जवाब मुस्कुरा कर देता है.

सुमित:- बहुत दिनों का इंतजार ख़त्म हुआ.

इस बात पे वो सुमित की तरफ घूरती है.

सुमित:- 1 मंथ हो gaya...Megha से मिला hi नहीं.

म. फ्रेंड:- एक बात जानते ho...Tum मेघा को डेसेर्वे नहीं करते.

सुमित:- पता hai...Megha ना सही तुम्हे तो डेसेर्वे करता हु ना?

दांत दिखाते हुए लापरवाही से जवाब दिया सुमित ने.

फिर वो अपना सर दूसरी तरफ घुमा लेती hai...Abb सुमित उससे और इर्रिटेट नहीं karta...Lekin उसका घूरना बंद नहीं हुआ.

वो कभी मेघा को देखता तो कभी उसकी दोस्त को.

वो मेघा को एक मैसेज करता है.

सुमित:- आज न जाने क्यों, बहुत खुश हूँ mai...Aaj का शाम तुम्हारे साथ स्पेंड करना चाहता हूँ.

मेघा दूसरी तरफ अपने शॉपिंग में hi बिजी thi...Usse सुमित आज अजीब लग रहा tha...Class में तो वो किसी लड़की से फ़्लर्ट नहीं करता था उसके alawa...Aur आज उसकी hi दोस्त के साथ.

ये सुमित भी अजीब hai...Shayad hi कभी समझ पाउंगी मई इससे?

ये कह कर वो बात को ताल देती है.

दूसरी तरफ Sumit...Khushi का कोई ठिकाना नहीं था uska...Abhi भी वो अपने प्लानिंग में लगा हुआ था.

सुमित:- (इन हिज मंद) अब्ब मुझे सावधानी से अपना कदम आगे बढ़ाना hoga...Dhire धीरे मेघा के दिल में अपने लिए नफरत पैदा करूँगा और अपने प्लान के हिसाब से काम करूँगा.

फिर वो मेघा की तरफ देखने लगता है.
 
थान्जस बिंदास भाई फॉर योर सपोर्ट एंड review...Kuch दिनों से आप दिख hi नहीं रहे थे? बिजी थे क्या भाई आप?.

सुमित समझ में आएगा वो भी बहुत जल्द :अप्प्रोवे:

मेरे 3 स्टोरीज में लीड करैक्टर मब्ब्स से रिलेटेड है, (मेंटालिटी को छोड़ kar)...Usmein निशा को मेडिकल स्टूडेंट दिखाया था बस.

कसम में फर्स्ट टाइम मब्ब्स से रिलेटेड likha...Usmein कॉलेज एक्टिविटी के साथ रोमांस लिखना tha...To मब्ब्स रिलेटेड लिखा स्टोरी ko...Aur ये फर्स्ट एक्सपीरियंस भी था.

Khwahishein...Isme ये लिखा था की कोई भी बीमारी इंसान को कैसे मजबूर बना सकता hai...Aur इसके लीड में डॉक्टर को hi रखा जिस को अपने hi बीमारी का अच्छा नॉलेज हो.

और अब्ब एक भूल 2...पहले तो सोचा इसमें मब्ब्स इन्क्लुडे ना karu...Lekin प्लाट की वजह से बदल नहीं saka...Aur वो आपको जल्द पता चलेगा की प्लाट और स्टडी कैसे रिलेटेड है?

कीप सपोर्टिंग भाई.
 
अपडेट 17

इतना चुप क्यों हो?

सामने जल रही आग में हाथ शेक कर सुमित के ठन्डे गाल को गर्मी देते हुए मेघा बोली.

मेघा की इस हरकत से सुमित चौंक gaya...Kuch अलग सा महसूस किया सुमित ne...Ek karibi...Lekin मजबूर भी ऐसा था की अब्ब उससे ये करीबी भी बर्दास्त नहीं हो रहा था.

मेघा:- इतनी अच्छी मौसम है और तुम इतना सीरियस हो गए?

अपने चारो तरफ देखते हुए मेघा boli...Raat की अँधेरा में दोनों एक फील्ड चाँद और तारो की रौशनी में कैंपिंग कर रहे thhe...Thand का मौसम में आज जला कर उसकी गर्मी का आनंद लेना भी अलग hi सुकून hai...Aur दोनों वही कर रहे थे.

सुमित कुछ नहीं बोलै.

मेघा:- पहली बार इतना सीरियस देख रही हूँ तुम्हे? तुम hi कहते थे ना की तुम मुझसे प्यार करते हो और मेरे सामने सीरियस नहीं होंगे? तो क्या अब्ब तुम मुझसे प्यार नहीं करते?

ये बात सुनते hi सुमित हैरानी से मेघा को देखता है.

सुमित:- Nahi...Aisi बात नहीं है.

मेघा:- तो फिर कैसी बात है?

मेघा अपना चेहरा सुमित के सामने ला कर बोली.

सुमित:- आज बहुत खुश हूँ mai...Aur इसी ख़ुशी के कुछ पल अपने तरीके से जीना चाहता हूँ कुछ पल के लिए.

मेघा:- तो फिर मुझे साथ बुलाने की क्या जरुरत था?

मुंह फुलाते हुए मेघा बोली.

सुमित:- मेरी ख़ुशी में तुम्हे भी शामिल करना चाहता tha...Bahut जल्द तुम मेरे इतना करीब जो आ गयी हो.

मेघा:- इतना करीब की तुम अभी भी मुझसे अपना सुख दुःख कुछ भी नहीं बाटना चाहते. :बीए:

सुमित:- उसी के लिए तो बुलाया hai...Aaj सब कुछ बताऊंगा तुम्हे.

मेघा:- Sach...To फिर बताओ ना.

मेघा का एक्ससिटेमेंट देखने लायक था.

सुमित:- रुको ना abhi...Jaldi किस चीज की hai...Abhi तो रात बाकी है बात बाकी है.

अपना सच बताने से पहले कुछ कीमती वक्त बिताते है एक दूसरे के saath...Kyun ना इस पल को यादगार बनाये? क्यों ना इस पल को इस तरह से जीए जो जिंदगी भर हमेशा याद रहे.

सुमित की आवाज में बेचैनी था.

मेघा:- सब कुछ ठीक तो है ना सुमित? तुम ऐसे बात कर रहे हो जैसे हमारे साथ सिर्फ आज तक का hi है.

अब्ब मेघा की बातों में भी दर tha...Sumit की हालात देख और बातें सुन कर.

सुमित:- अभी तक तो ठीक hi hai...Lekin मेरा सचाई जाने के बाद कुछ ठीक नहीं rahega...Mai वैसा इंसान नहीं हूँ जैसा तुम सोच रही हो.

मेघा:- तुम चाहे जैसा भी ho...Mai इतना hi जानती हूँ की तुम बहुत अच्छे इंसान ho...Dil के saaf...Shayad इसी वजह से मई भी तुमसे....

सुमित:- Nahi...Isse ज्यादा नहीं.

सुमित की बिच में रोकने से मेघा भी हैरान रह गयी.

सुमित:- तुम अभी भी सूरे नहीं ho...Sure हो जाने के बाद पूरी बात कहना.

इतना कहने के बाद सुमित चुप हो gaya...Megha भी कुछ नहीं boli...Dono के बिच खामोशी ऐसे चा गया की आग जलने और आस पास से कीड़ा के गुनगुनाने की आवाज साफ़ सुनाई दे रहा था.

मेघा:- ये तुम....

मेघा थोड़ा गुस्सा में बोली.

सुमित:- आज तो नहीं छोडूंगा तुम्हे.

सुमित की होंठो में शैतानी हंसी थी.

मेघा:- नहीं Sumit...Nahi.

फिर मेघा खुद को बचाने के लिए भागने lagi...Sumit भी पीछे पद गया.

आखिर कार सुमित ने मेघा को पकड़ hi liya...Aur फिर वही हुआ जिस बात की दर मेघा को था.

कुछ hi देर में मेघा के पुरे चेहरे पर केक लगा दिया सुमित ने.

सुमित:- आज की रात तो तुम्हारा कुछ नहीं sununga...Khushiyon से परेशान कर दूंगा.

इतना कह कर सुमित ने फिर से मेघा के चेहरे पर केक लगा दिया.

मेघा:- ये क्या है Sumit...Pura चेहरा खराब कर दिया? अब्ब इतनी ठण्ड में कैसे पोंछूंगी इतने केक ko...Tumhe तो पता है ना मुझे ठन्डे पानी से दर लगता है.

मेघा ने शिकायत भरी आवाज में कहा तो सुमित जवाब में सिर्फ हंस रहा था.

सुमित:- (लाफिंग) ऐसे तड़पाने में hi तो मजा है.

मेघा:- Ruko...Abhi तुम्हे मजा चखाती हूँ.

इतना कह कर मेघा वापस काम्पफीरे की तरफ जाती hai...Aur केक का टुकड़ा उठाने hi वाली थी की उससे साइड में एक और केक मिला.

उसमे लिखा था. "थैंक्स ब्यूटी क्वीन फॉर थी ब्यूटीफुल 6 मोनथस."

ये देख मेघा अपने जगह पर कड़ी रह gayi...Sumit भी उसके पास आ गया.

सुमित:- 6 months...Pehle hi तो तुमसे मिला tha..Aur वही से सुरु हुआ तुम्हे इर्रिटेट करने का सिलसिला.

प्यार से सुमित ने कहा.

फिर सुमित ने मेघा का हाथ पकड़ा और एक चाक़ू थमा कर कहा.

सुमित:- अब्ब सुरुवात तो karo...Aur रहा नहीं जा रहा है.

सुमित ने केक की और इशारा करते हुए कहा.

मेघा ने केक काट कर पहला टुकड़ा सुमित को प्यार से khilaya...Aur उसी टुकड़ा को तोड़ कर सुमित ने मेघा को.

फिर क्या tha...Dono के बिच होली सुरु हो gaya...Ek दूसरे के चेहरे में केक लगाने ki...Kuch hi देर में दोनों के हालत ऐसे हो गए थे की एक दूसरे के पहचान में भी नहीं आ रहे थे.

मेघा:- थैंक्स Sumit...Thanks ा lot...It इस रियली ा लवली सरप्राइज.

मेघा की ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था.

सुमित:- एंड थिस इस योर गिफ्ट फॉर 6 मोनथस मीटिंग एनिवर्सरी.

इतना कह कर सुमित ने अपने पॉकेट से एक डेरी मिल्क चॉकलेट निकाल कर दिया.

मेघा:- थैंक्स एक बार फिर se...Na जाने आज और कितना सरप्राइज मिलने वाला है.

सुमित:- आज ख़ुशी और सरप्राइज की दिन hai...Khushi मेरे लिए और सरप्राइज तुम्हारे लिए.

मेघा:- अब्ब कहा जा रहे हो?

सुमित को कैंप की अंदर जाता देख मेघा ने पूछा.

सुमित:- एक और सरप्राइज के लिए.

मेघा इंतजार करने लगी और कुछ hi पल में सुमित एक गिफ्ट ले कर आ gaya...Gift व्राप्पेड tha...Megha धीरे धीरे गिफ्ट को खोलने lagi...Aur देखते hi वो ख़ुशी के साथ हैरान भी रह गयी.

मेघा:- क्या मई तुम्हे पढ़ाई का कीड़ा दिखती हूँ?

गिफ्ट में एक बुक था.

सुमित:- तुम गर्ल्स में तो टोपर ho...Iss बार पुरे क्लास में टॉप करना है तुम्हे.

(इन हिज मंद) कुछ और देता तो मेरा सच्चाई जान ने के बाद तुम उससे फाड़ कर फेंक deti...Book है जो तुम्हारे पास सुरक्षित रह सकता है.

मेघा:- और तुम? तुम्हे टॉप करना नहीं है?

सुमित:- दो घंटे नजर किताब पर रहे यही बहुत बड़ी बात hai...Top वप करने की कोई शौख नहीं है मेरा.

मेघा आज सुमित का प्यार और सरप्राइज से सच में इमोशनल हो गयी थी.

मेघा:- सुमित, तुम हमेशा मेरा ऐसे hi साथ डोज ना?

सुमित:- हाँ हमेशा तुम्हारे साथ rahunga...Tum मेरे लिए इतना इस्पेशल हो की मई बता नहीं सकता.

(इन हिज मंद) लेकिन किस रूप में साथ rahunga...Ye मई खुद नहीं बता सकता.

मेघा फिर सुमित को अपने बाहो में भर लेती hai...Sumit उससे अलग करने hi वाला था की फिर कुछ सोंचते हुए ऐसे hi छोड़ देता है.

फिर दोनों ऐसे hi आग के सामने बैठ बातें करते रहते hai...Megha सुमित के साथ बिठाये इस पल को सोच बहुत खुश थी.

सुमित भी खुश था की कुछ खुशियों का पल उसने मेघा के साथ बिता लिया जो शायद फिर कभी मिले या ना mile...Kuch खुशियां वो मेघा को भी दे पाया इस बात से वो काफी संतुष्ट tha...Dil का बोझ कुछ हद्द तक काम भी हो gaya...Bas अब्ब वो जल्दी से मेघा को अपने सच बताना चाहता था.

मेघा को भी ये सही मौका laga...Wo अभी सुमित को अपने दिल की बात बताना चाहती थी.

मेघा:- सुमित...

वो अपनी बात पूरा कर पाती उससे पहले hi सुमित के मोबाइल में फ़ोन आया.

सुमित:- 1 मिनट.

इतना कह कर सुमित ने कॉल रइवे kiya...Dusri तरफ से उसने जो भी सूना वो सुन कर बिलकुल hi हैरान रह गया.

डरते हुए उसने कहा.

सुमित:- राज...

इससे ज्यादा वो कुछ बोल पाने की हिम्मत भी नहीं था उसमें.

जल्दी से दोनों सब कुछ पैक कर के वापस लौट जाते hai...Sumit बहुत डरा हुआ tha...Thoda गुस्सा और थोड़ा फ़िक्र भी था राज के लिए.

Megha...Wo बेचारी तो हैरानी में hi thi...Naa hi वो सुमित का सच जान पायी और ना hi राज की हाल.

फ्रेंड्स नेक्स्ट अपडेट में सुमित का राज आप सब को पता chalega...Ussi के साथ स्टोरी के ज्यादातर सवाल के जवाब भी मिल जाएंगे.

महा शिवरात्रि की आप सभी दोस्तों को शुभ कामना.
 
अपडेट 18

दौड़ते हुए सुमित उस वार्ड में पहुंचा जहा पर राज एडमिट था.

राज:- भैया आप?

सुमित:- ये le...Tere लिए लाया हूँ.

गुस्से में सुमित ने कुछ टेबलेट राज को दिया.

राज:- ये क्या है?

सुमित:- तरय कर के देख.

राज:- लेकिन ये है क्या?

सुमित:- पाइजन.

ये सुनते hi राज ने उस टेबलेट को फेंक दिया.

राज:- ये क्या मजाक...

राज आगे कुछ बोलता उससे पहले hi.

सुमित:- मरने का शौख है ना tujhe...Ye तरय करेगा तो कुछ hi पल में टपक jaayega...Jyada इंतजार करना नहीं पड़ेगा.

राज इस बार कुछ नहीं बोलै.

सुमित:- तू एक लूज़र hai...Jo इतनी जल्दी हार मान gaya...Suicide करने चला था na...To कर naa...Tera हेल्प hi तो कर रहा हु में.

सुमित का गुस्सा हर एक बात के साथ बढ़ता जा रहा था.

सुमित:- मुझे तुझसे कोई हमदर्दी नहीं hai...Tujh जैसे लूज़र से तो बिलकुल भी नहीं.

पहले दर गया था तेरा ये हाल सुन kar...Abb अगर मर भी गया तो भी मुझे कोई परवाह nahi...Sach में तुझ जैसे लूज़र का कोई काम नहीं इस धरती mein...Tu चला भी गया तो एक बोझ काम हो जाएगा.

राज:- भैया आप..

सुमित:- तो क्या तेरे लिए रोओ, तुझे मनाओ की ऐसा मत कर.

राज चुप रहा.

सुमित:- प्यार में हार gaya...Ye कोई बड़ी बात नहीं hai...Lekin तू हार मान कर सुसाइड करने चला और साबित कर दिया की तू लूज़र है.

मुझे ऐसे लूज़र बिलकुल भी पसंद नहीं जिनके जिंदगी इतने सस्ता hai...Tera माँ बाप? उनकी कोई हक़ नहीं तुझ par...Itne सपने देखे थे उन्होंने क्या उनका कोई मोल नहीं? इतना प्यार से तुझे पाला, तुझे बड़ा किया, तेरा हर ख़ुशी कर सपने का ख्याल रखा और tu...Tu उन्हें बदले में ये तौफा दे रहा hai...Sahi है राज.

तेरे लिए तेरा प्यार hi सब कुछ hai...Baaki तेरा सेल्फ रेस्पेक्ट, तेरे पेरेंट्स, तेरे दोस्त, तेरे सपने, तेरा फ्यूचर का कोई औकात hi नहीं.

अब्ब इससे ज्यादा बोल नहीं paaunga...Ulta मेरा hi मूड ऑफ हो रहा है.

इतना कह कर सुमित चुप हो गया.

ये सब क्या है राज?

गुस्से में कीर्ति भी राज के पास आ गयी.

सुमित:- कीर्ति, तुम सच में महान ho...Itni महान की तुम पर ये लूज़र अपना जान कुर्बान करने चला था.

कीर्ति राज को गुस्से से देखती है.

राज:- Bhai...Kuch देर मई भी कुछ कहना चाहता हूँ.

सुमित ने कोई जवाब नहीं दिया.

राज:- हाँ सही कहा aapne...Mai लूज़र hun...Lekin भैया मई इतना भी बड़ा लूज़र नहीं हूँ की अपना hi जान ले सकू.

ये कहते वक्त राज की आँखों में आंसू आ गए.

राज:- हाँ कुछ मोनथस पहले ये ड्रग्स ख़रीदा था सुसाइड करने के liye...Lekin हिम्मत hi नहीं कर paaya...Itna बड़ा लूज़र नहीं बन saka...Bas ऐसे hi इस ड्रग को निकाल कर रख दिया.

और आज कुछ घंटे पहले जब नींद नहीं आ रहा था तो सोने की दवाई की जगह गलती से वो सुसाइड वाली दवाई ले लिया.

किसी तरह कुछ दोस्तों को बताया और उन्होंने एडमिट करवा दिया.

अब्ब सुमित के चेहरे का भाव अचानक से बदल गया.

राज:- सच कह रहा हूँ bhaiya...Aap ने hi देखा होगा आज कल बहुत कॉंफिडेंट हूँ कीर्ति को मनाने के liye...Aise में सुसाइड क्यों करूँगा? जब 2 साल से इस दर्द को झेल रहा हूँ तो अचानक से कैसे हार मान सकता हूँ.

सुमित इस बार भी कुछ नहीं बोलै.

राज:- (तो कीर्ति) प्यार तो बहुत करता हूँ tumse...Lekin तुम्हारा प्यार इतना भी कमजोर नहीं बना सका की अपनी hi जान ले पाउ.

शायद कभी यकीं दिला नहीं paaunga...Lekin ऐसे घटिया तरीके से तुम्हे पाने की सोच भी नहीं सकता.

कीर्ति भी इस बार कुछ नहीं बोली.

राज:- सच कहु तो अब्ब मई थक गया हु तुम्हे मनाते manaate...Kabhi उम्मीद जगती है तो भी एकदम से बुझ जाती है.

और मनाने की ताकत नहीं है मुझ mein...Aaj से तुम फ्री ho...Kabhi परेशान नहीं करूँगा.

अगर कभी लगे मेरा प्यार सच्चा है तो एक आवाज dena...Paas आ jaaunga...Warna मर्जी जिंदगी ki...Jaha चाहे ले जाए.

इतना कह कर राज ने अपनी आँखें बंद कर लिया कुछ पल के लिए.

फिर अचानक उससे कुछ याद आया.

राज:- भैया आपसे कुछ बात करना है?

सुमित:- हाँ बोल.

राज:- आप कीर्ति से प्यार कर सकते है?

राज ने ये कहा hi था की मेघा भी पीछे आ गयी.

सुमित:- ये तू क्या...

राज:- भैया झूठ मत बोलिये.

सुमित इस बार सच में चुप रह गया.

कीर्ति:- Sumit...Ye सब क्या है?

सुमित:- किसनननी कक्काः ततुझी?

सुमित की आवाज अचानक से लड़खड़ा गया.

राज अपना मोबाइल सुमित को देता hai...Usmein एक फोटो tha...Jo सुमित के लैपटॉप का फब चाट tha...Usmein आशीष का मैसेज था.

आशीष:- अबे kamine...Bol कीर्ति को फिर से पटाया या nahi...Shayad वो मान गयी hogi...Itne वक्त में तो पैट hi jaayegi...Sumit नाम के शिकारी से शिकार कब तक बच सकता है?

अच्छा भाई एन्जॉय kar...Kabhi फुर्सत मिले तो याद कर लेना.

ये सुनते hi सुमित की हाथ से मोबाइल निचे जमीन पर गिरा.

सुमित:- (इन हिज मंद) कमीने Ashish...Hajaar बार मन किया था मैसेज और फ़ोन मत kar...Lekin तू कभी कोई बात मानता है क्या?

राज:- अब्ब आप क्या कहेंगे? अगर आप कीर्ति से प्यार करते है तो मेरा हार तो तय hai...Aap की तरह एक्सपर्ट नहीं हु जो एक बार में ना जाने कितनी भी लड़कियों को पता सकू.

और कीर्ति को फिर से पटाने का क्या मतलब?

सुमित कुछ जवाब दे hi नहीं पा रहा था.

कीर्ति:- नहीं मई सुमित को पहले नहीं जानती थी.

राज:- भैया आप तो हमेशा बोलते रहते है? इस बार क्या हो गया.

सुमित ने भी सोचा यही सही वक्त है.

सुमित:- हाँ मई कीर्ति से प्यार करता hun...Aur उसी के लिए यहाँ आया hun...My लव फॉरएवर.

सुमित की इस बात से सभी को झटका laga...Sabse ज्यादा मेघा को.

कीर्ति:- ये क्या है सुमित? मैंने तो तुम्हे दोस्त...

सुमित:- मई भी तुम्हे दोस्त hi समझता hun...Aur बात तुम्हारी नहीं है.

सुमित ने कीर्ति की आँखों में देख कर कहा.

राज:- फिर किसकी?

सुमित:- हाँ मई जिससे प्यार करता हूँ वो कीर्ति hai...Lekin तेरी वाली कीर्ति नहीं.

Megha...Tumhari दोस्त Kirti...Jiske साथ आज मई मॉल में साथ tha...Wo Kirti...Aur यही मई तुम्हे बताने वाला था.

इतना कह कर सुमित की आँखों में आंसू चालक आया तो मेघा की आँखों से आंसू की धार बहने लगा.

वो और रुक नहीं saki...Waha से आंसू पोंछते हुए भाग गयी.

सुमित:- Raj...Teri वाली कीर्ति तो फिर भी अच्छी hai...Aaj नहीं तो कल मान जायेगी.

लेकिन मेरी Kirti...Wo नहीं maanegi...Do साल से उसके पीछे पागल hun...Lekin वो मानने को तैयार hi नहीं.

अपना सब कुछ लूटा diya...Sapne, छैन, पढ़ाई, करियर, फ्यूचर और सारे rishte...Aur न जाने क्या क्या? लेकिन वो? उससे कोई फर्क पड़ता hi नहीं.

इतना कह कर सुमित की भिनानखो से आंसू आ gaye...Kuch hi देर में सुमित फुट फुट कर रोने लगा.

राज:- भैया सम्भालिये अपने आप को.

राज से भी सुमित का हालत देखा नहीं जा रहा tha...Sumit जिसको वो दिल का सबसे मजबूत समझ रहा था आज वो सुमित भी बच्चों की तरह फुट फुट कर रो रहा था.

सुमित:- जिंदगी बार बार मौका नहीं deta...Bas एक Bhool...Aur हालत देखो meri...Na इधर का रहा ना उधर का.

सही वक्त में अपना प्यार पहचाना sikho...Warna कल मेरी तरह पछताने के अलावा कुछ बाकी नहीं रहेगा.

सुमित ने ये बात राज और कीर्ति दोनों से कहा था और वो भी वह से निकल गया.

बाहर कुछ दूर में एक बेंच में मेघा बैठी thi...Jo अपना मुंह छुपा कर रू रही थी.

सुमित:- तुमसे मुझे प्यार तो कभी था hi nahi...Bas कीर्ति तक पहुँचने की एक मोहरा थी tum...Issi लिए तुम्हारे करीब आया ताकि कीर्ति के करीब रह सकू.

लेकिन mai...Kabhi कोई काम पूरा नहीं karta...Bich में hi अटक गया इस बार bhi...Accha मौका था तुमसे छुपा कर कीर्ति के करीब रहने ki...Lekin दिल इसका मंजूरी नहीं deta...Aur धोखा दे नहीं सका तुम्हे.

मेघा कुछ कहे बिना वह से जाने लगी.

सुमित:- मुझे कभी माफ़ मत karna...Mai माफ़ी के लायक नहीं हूँ.

मेघा कुछ जवाब दिए बिना hi चली गयी.

सुमित:- सॉरी Megha...Jaruri था ये सब karna...Jab सारा राष्ट बंद हो गया था तब तुम hi एक रास्ता नजर आयी mujhe...Aur ना चाहते हुए भी तुम्हे धोखा देना pada...Hamesha अफसोश रहेगा इस बात का.

3 तरह की बात किया है मैंने तुम्हारे saath...Ek पूरा sach...Ek आधा सच और एक पूरा jhuth...Naa चाहते हुए भी कभी कभी झूठ और आधा सच का साथ लेना पड़ा.

इतना कह कर सुमित चुप हो gaya...Aur वापस आज मॉल की घटना के बारे में सोचने लगा जब मेघा अपने शॉपिंग में बिजी थी.

सुमित:- बहुत खूबसूरत हो गयी हो कीर्ति तुम इन् 2 साल में?

सुमित की दिल से ये आवाज निकला.

कीर्ति:- कुछ आप जैसे लोग सिर्फ चेहरे की खूबसूरती hi देखते है? नफरत है मुझे ऐसे लोगो से.

सुमित:- दिल से खूबसूरत हो tum...Aur तुम्हारी यही खूबसूरती आज भी मुझ में ज़िंदा hai...Din रात तुम hi याद आती ho...Kuch इस तरह से तुम्हारी इस खुनसुरति मेरे दिल और दिमाग में घर कर गया है.

बहुत से खूबसूरत सपने है तुम्हारे साथ mein...Tumhare हर सपने को तुम्हारी तरह hi खूबसूरत बनाने की ख्वाहिश है.

आज भी तुम्हारे इस खूबसूरती पर मरता hun...Hamesha ऐसे hi खूबसूरत रहना.

सुमित ने तो बात दिल से कहा था लेकिन कीर्ति को कुछ फर्क नहीं pada...Usne कुछ जवाब नहीं दिया.

सुमित:- अब्ब तो तुम्हे मेरा मजाक और सेंस ऑफ़ ह्यूमर भी पसंद nahi...Kabhi वक्त था जब तुम मेरे इन्ही बातों पर फ़िदा हुआ करती thi...Lekin आज? आज तो मेरी एक बात का भी ढंग से जवाब नहीं दिया तुमने.

कीर्ति:- Aaj...Aaj तो नफरत है aapse...Aap और आपकी बातों से.

सुमित बस खुद को किसी तरह संभालने की कोशिश करने लगा.

कीर्ति:- पहले श्रुति, फिर Preeti...Aur न जाने कितनी लड़कियां? और अब्ब Megha...Megha को देख ऐसा लग रहा है जैसे वो आपसे प्यार करती hai...Uska तो ख्याल रखिये.

नफरत भरी आवाज में कीर्ति ने कहा.

सुमित:- Megha...Bahut अच्छी लड़की hai...Uske लिए खुद मई शर्मिन्दा hun...Lekin जब प्यार तुम से है तो कैसे उसके साथ झूठा रिश्ता में खुद को बाँध लू.

कीर्ति:- वो और ग़लतफहमी में रहे उससे पहले hi मई उसको सब सच बता दूंगी.

सुमित:- हाँ बता सकती ho...Waise भी मई आज hi उससे बताने वाला hun...Aur आत्मग्लानि के साथ नहीं जी सकता.

कीर्ति इस बार कुछ नहीं बोली.

सुमित:- अब्ब तो मान जाओ yaar...Aur कितना तडपाओगी? इतना भी मत तड़पाओ की ये जान hi निकल जाए.

लेकिन कीर्ति पर कोई फर्क नहीं पड़ा.

सुमित और भी कई कोशिश करता रहा कीर्ति को मनाने ki...Lekin Kirti...Abb तो जैसे वो कसम खा चुकी थी सुमित की एक ना सुनने की.

फिर कुछ देर में मेघा शॉपिंग कर के आ gayi....Aur सब वापस चलने lage...Iss बार उससे हैरानी हो रहा था की सुमित ने कीर्ति के साथ फ्लिर्टिंग करना एकदम से बंद कर दिया.

सुमित खुश तो काफी था उस वक्त...2 साल बाद अपनी कीर्ति से जो मिला tha...Usse बातें भी kiya...Bhale hi बात कड़वी क्यों ना ho...Kirti की आवाज किसी संगीत से काम नहीं था सुमित के liye...Abb एक उम्मीद भी था की शायद कीर्ति जल्द hi मान जाए.

और साथ hi एक फैसला किया की जल्द वो मेघा को सब सच बता dega...Aur धोखा देने की हालत में नहीं था सुमित.

फ्रेंड्स अब्ब तो आप सभी को पता चल hi गया होगा की फर्स्ट अपडेट का लड़का कौन था? हिंट पहले भी थोड़ा दे चूका हूँ.

1) सुमित ने एक बार मेघा को कहा था की उसका पहला प्यार कीर्ति hai...Haan कुछ झूठ भी बोलै है सुमित ने मेघा से लेकिन जब सुमित ने ये बात कहा था तो उसको अचानक से एहसास हो गया और बात को बदल दिया.

2) एक बार जब सुमित रात भर जाएगा था तब सोते हुए राज को देख कर कहना की कीर्ति नाम सुनते hi उससे अजीब फील होता है.

3) सुमित को मेघा से प्यार हुआ hi नहीं tha...Badi बड़ी बात करके उससे इम्प्रेस करना और अचानक से उससे दूर होने की कोशिश करना.

4) कीर्ति से मॉल में मिलते hi सुमित का ओवर फ्लिर्टिंग और कीर्ति का ओवर reaction...Ye तब hi होता है जब या तो कोई प्लानिंग हो या फिर पहले भी मुलाक़ात.

कुछ ऐसा hi छोटी छोटी हिंट दिया tha...Abhi भी कुछ सवाल और होंगे आप के मन में जिसका जवाब भी आने वाले उपदटेस में मिलेंगे.

अब्ब स्टोरी सुमित के आस पास चलेगा स्टोरी का मैं थीम पर...ट्रैजिक रोमांस...लेकिन सुमित का रियल करैक्टर का झलक भी मिलता rahega...Sense ऑफ़ ह्यूमर टाइप.
 
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