Adultery Raj-- hero of the family - Page 68 - SexBaba
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Adultery Raj-- hero of the family

अपडेट 217 …

एन्ड ऑफ़ फेज तवो…

डेड end….part ओने थे ब्लड ब्लूद्भात…

Raj…call कट करने के बाद बिना पीछे मुड़े हुवे हे बोलै “सब सून लिया अपने”

पीछे कड़ी पूनम ने पीछे से हे राज को हुग कर लिया ….वो समाज रही थी की उस पर क्या बीत रही hogi…aur इतनी टेंशन और पैन मई होने के बाद भी वो टूर पर सबसे मुस्कुराकर बात कर रहा tha….raj ने पूनम का हाथ पकड़ा और उसे अपने सामने की तरफ लता हुवा बोलै “मेरी जिंदगी मई यही सब ह…. आप ये सब छोड़ो मैंने आपके स्पेशल डिनर के लिए साडी चीजे मंगवा ली ह और भाभी और उन दोनों को समझा दिया ह की हम यंहा रुकेंगे बाकि वो सब संभल legi…bus दस पंडरा मिनट मई कुकिंग का सामान अजय बस फिर आपके लिए अपने हाथो से ये नाचीज डिनर बनाएगा भी और खिलायेगा भी…”

पूनम भीगी पलकों से खाने के लिए न मई गर्दन हिलने lagi…aur बोली “मुझे कुछ नहीं खाना ह बस मुझे आपके पास रहना ह”

राज पूनम के आंसूओ को साफ़ करते हुवे उसे एक पत्थर पर बैठने के बाद “अरे ये सब part ह मेरी लाइफ का और अभी कुछ दिएर पहले आप हे तोह कह रही थी की सब सह लुंगी और अभी इतने मई हे रोने लगी” फिर पास मई हे एक चुल्ला बनाने लगा कुकिंग के लिए और बोलै … “वैसे आपको क्या लगा की अभी सब ख़तम हो गया h…abhi तोह सुरुवात हुवी ह दीपिका डीई तोह गलती से उनकी नज़र मई आगयी असली अटैक तोह अब इवनिंग मई होगा या आज रात mai….aur अबकी बार दिल्ली मई होगा”

पूनम “तोह आप उन्हें बता दीजिये न की कोई घर से बहार न जाये और पुलिस की हेल्प ले”

राज चुल्ला तैयार करने के baad“lo हो गया तैयार अब लकडिया तोड़ लाते ह आप चलेंगी साथ”

पूनम “हूँ कहकर गर्दन है मई हिला दी राज ने अपना हाथ आगे किया तोह पूनम ने हाथ थम लिया और हाथ पकड़कर साथ मई चलने लगी”

राज “क्या कह रही थी आप उन्हें अलर्ट कर दू पर किसी”

पूनम “जोगिन्दर अंकल , बड़े पापा (कप्तान) और सुनील भाई को….”

राज ने कुछ दिएर कुछ नहीं कहा …पर पूनम जवाब सुनने के लिए उसे हे देखती रही तोह कुछ दिएर बाद एक मोती लकड़ी को हाथ से राज ने तोडा और बोलै आपको क्या लगता ह की आपका भाई सुनील क्या ह….”

पूनम जल्दी se“ek बिज़नेस मन और जिन्हे थोड़ी फाइटिंग अति ह मतलब अछि पर गन्स के आगे तोह खतरा होगा हे न”

राज “चलो आपको कुछ बताता हु जो किसी को भी पता नहीं ह पूरी फॅमिली मई….”

पूनम राज को देखने लगी…

राज “कभी भी जब इंटरनेट पर बैठो एक नाम सर्च करना और गलती से भी सर्च करने के बाद हिस्ट्री मिटाना मत भूलना और दुबारा वो नाम जिंदगी मई भी सर्च या अपनी जुबान पर मर लाना….”

पूनम “कौनसा नाम”

राज “कौनसा नाम जिस नाम के बारे मई आप पूछ रही ह उस नाम को सुनकर इंडिया के बड़े से बड़े किलर्स भी सोचने पर मजबूर होजाते ह की लाडे या nahi…par दिकत ये ह की सुनील को वो नाम याद हे नहीं रहता ह….”

अब पूनम और कंफ्यूज हो गयी…. और बोली “मैं समझी नहीं”

राज लम्बी साँस chodkar“jaise मेरी सेकंड पर्सनालिटी ह निर्वाण जिसके बारे मई आपको पता लग चूका ह जो सिर्फ अपनों को खतरे मई देख बहार अत ह या गुसाई की हद पार हो जाती ह तब बहार अत h…aise हे उसकी एक सेकंड पर्सनालिटी h….jo सिर्फ मुझे मौत के मू मई देखकर हे बहार आती h…aur जो दूसरा शख्स उसमे से अत ह वो किसी की भी नहीं सुनता ह मतलब किसी की भी नहीं …और वो उस वक़्त मुझसे जायदा भयानक और क्रूर होता h…even बुलेट्स भी उसका कुछ नहीं बिगड़ सकती ह उसकी स्पीड फाइटिंग सब कुछ इनक्रीस हो जाती ह..”

पूनम हैरान और शॉक हो गयी…

राज “अगर उस वक़्त अपने मेरे लिए कुछ भी कहा तोह वो एकसेकन्ड से भी काम मई आपको जान से बिना सोचे मार देगा ….तोह सोचिये इतने खतरनाक शख्स के रहते क्या दिल्ली मई अलर्ट करने की जरुरत ह …मैं तोह ये ये सोच रहा हु की अगर उन लोगो का टारगेट मैं था तोह मुज पर अटैक करना चाहिए था न की उसे या उसके किसी को टारगेट करना चाहिए था क्योकि बाद मई जब वो बदला लेना जायेगा तोह कोई भी चिप या बच नहीं पायेगा”

पूनम कई दिएर दिमाग मई ये सब सोचती रही और बोली “वो नाम क्या ह….”

राज “वैलेंटाइन राइडर”

ये वो नाम ह जिसे सर्च करने से हे सीक्रेट एजेंसीज आपके पीछे लग जाएँगी क्योकि आज तक जिसने भी ये नाम सुना ह वो दुनिया से विदा हो चूका ह”

पूनम “सच मई भाई इतने खतरनाक ह पर वो तोह सोनाली दी से भी डरते ह और सबसे प्यार से बाते करते ह”

राज “लो हो गयी लकडिया तैयार chaliye….apka भाई वर्ल्ड के टॉप डेडलिएस्ट किलर्स मई से एक h….jisne सिर्फ 16 की आगे मई हे ये नाम कमाया लिया था इसलिए जिंदगी मई कभी भी दिकत ए तोह बस अपने भाई को बोलना एक बार और इतना बोल देना वैलेंटाइन राइडर ने वडा किया था आपसे बस फिर जो होगा वो खुद देख लेना पर ये तभी करना जब आपके पास कोई रास्ता न ho..kyoki फिर वो तब तक नहीं रुकेगा तब तक वो काम पूरा नहीं होगा ”

पूनम जो अब नार्मल हो गयी थी मुस्कुरा कर “मैं भाई को क्यों बोलूंगी मैं तोह आपको बोलूंगी न…”

राज पूनम का हाथ पकड़कर …पूनम जी मैं ाचा इंसान नहीं हु

पूनम “जैसे भी हो मेरे हो और बार बार ये मत कहा करो”

राज सीरियस होकर “पूनमजी मेरे बहुत से लड़कियों के साथ फिजिकल रिलेशनशिप ह….”

पूनम कुछ पल रूक कर “और बना लेना पर मुझे मेरे हीसाई का प्यार दे देना और मैं आपका चैरेक्टर अचे से समझती हु की बिना वजह आप कभी कुछ नहीं करते हो”

राज फ़्रस्ट्रेटेड होकर “आपकी बहन सोनाली मर जाएगीइ अगर उसे ये पता लगा तोह”

पूनम राज की आँखों मई देखकर “मैं मनाऊंगी unhe….chahe मुझे कितना हे वक़्त लग जाये मैं मनाऊंगी फिर तोह आप एक्सेप्ट करेंगे न मुझे दी मुझे जरूर समझेगीइ”

राज गुसाई se“vidwa हो जाओगी ap…meri मौत कभी भी हो सकती ह कितनी baaaarrrrrr“abhi वो इतना हे बोलै था की….

पूनम ने गुसाई से एक थपड राज को जड़ दिया और बोली “मर जाऊंगा मर जाऊंगा …जान का भरोसा नहीं ….की रत लगाए रहते हो ….मेरा सुहाग की कीमत इतनी भी सस्ती nahi…maut के भी पसीने छुड़ा दूंगी आपकी जान लेने ए तोह समझे …जो करना ह करो …गफ बनानी ह बनाओ ….रंडिया नाचनी ह नचाओ जिसे शादी करनी ह karo….…do व्हाटएवर यू वांट do….par मुझे खुदसे अलग मत karo….mujhe सच मई कुछ नहीं चाहिए आपसे सिवाए थोड़े से प्यार के …..बचपन मई हे हमारा रिस्ता तय हो गया था जिदका मुझे पता भी नहीं था …पर उपरवाले का खेल देखो किस्मत ने दुबारा हमे मिला diyaaa….abhi वो बोल हे रही थी ki…Raj ने उसके हाथ को पकड़ कर झटके से अपनी तरफ खिंचा और पूनम कुछ समझपाटी उससे पहले हे राज ने उसके होठो पर अपने होठ रख दिए ….पूनम हॉकी बाकि रह गयी और पीछे होने लगी तोह राज ने उसकी कमर को कास कर पकड़ लिया और अपने सीने से लगा लिया और उसको किश करता रहा ….और फिर कुछ पल बाद खुदसे अलग किया और बोलै “बहनो को मानलो और खासकर सोनाली मम और दिव्या माँ को मन लो तोह वडा ह मैं शादी कर लूंगा आपसे …इतना कह वो लकड़ी लेकर आगे चला गया पीछे पूनम अभी जो उसे सोचकर बहुत बानी कड़ी रह गयी उसे 15 मिनट लग गए की राज ने क्या कहा और क्या huva….aur जब उसे अचे से समाज आ गया ह की क्या हुवा तोह वो खुसी से उछलने lagi…aur किसी छोटी बची की तरह नाचती हुवी राज की तरफ जाने लगी पर कुछ दूर पहले हे रूक गयी और खुद को शांत करके राज की तरफ प्यार से देखने लगी….

वंही निचे टैंट्स की तरफ…

अपूर्व “चलो लेट हो जायेंगे सभी जल्दी चलो राफ्टिंग का टाइम हो गया ….”

अनु ,manisha,kavita ने अपूर्व को साइड मई लेजा कर पूनम और राज के रूकने के लिए कई सरे रीज़न देकर मन लिया …जबकि अपूर्व तोह खुद सिर्फ राज को रोकना चाहता था पर अब तोह वो खुद हे रूक रहा था तोह वो भी मन हे मन बहुत खुस था उसे पूनम के रूकने से कोई दिकत नहीं thi….usai तोह सिर्फ राज से मतलब था और सभी स्टूडेंट के साथ राफ्टिंग के लिए जाने से पहले उसने पीछे मुड़कर …कॉलेज से साथ ए हेल्पर और कुक की तरफ देख कर एक इशारा किया तोह वो भी समाज गए की क्या करना ….wanhi…mirtyudoot को राज ने कविता अनु मनीषा को सेफ्टी के लिए साथ भेज दिया था जब की मित्युदूत जाने के लिए बिलकुल भी एग्री नहीं tha….par अपने मास्टर का आदेश न मैंने की उसके पास एक सही वजह भी नहीं थी ….

जबकि …अपूर्व का ईशर मिलते हे उनमे से एक किलर एअर पीेछे मई “क्या वो जा चूका ह”

दूसरा “है वो पैदल पहाड़ियों से होकर राफ्टिंग वाली जगह की तरफ जा रहा ह”

फिर पहले वाले ने मोबाइल निकालकर एक नंबर डायल किया और कहा “उन तीनो लड़कियों को लेकर ाजाओ”

तोह वंही ……दिल्ली दोपहर के 3 बजे

एक मॉल के अंदर ….

“कोई भी हिला तोह उसे जान से मार देंगे समझे ोये तू रंडी कड़ी हो और साडी जेव्ल्लेरी पैक कर जल्दी….”

कुछ नकाबपोश आदमियों ने मॉल के अंदर एक ज्वेलरी मई कई लोगो को गन पॉइंट पर रखा हुवा था और बहार पुलिस ने चारो तरफ से उन सबको घेर रखा था…

पुलिस वाले लगातार माइक से उन नकाबपोश आदमियों से सरेंडर करने को कर रहे थे जबकि अंदर से कोई रिप्लाई नहीं ारः tha…situation ये थी की न्यूज़ चैनल वाले पहुंचने लग गए the…chief मिनिस्टर ने भी कमश्नर से डायरेक्ट खुद सिचुएशन को हैंडल करने का आदेश दिया ….और जोगिन्दर सिंह भी जल्दी से मॉल के लिए कमिश्नर ऑफिस से निकलने लगे….. कमिश्नर ऑफिस के बहार से हे एक बिखरी “कमिश्नर निकल रहा ह भाई ….अब साडी पुलिस का धयान उस मॉल पर हे ह …”

उसकी ये इनफार्मेशन सुनते हे ….दिल्ली अंडरवर्ल्ड हेड जो कप्तान सिंघानिया के आने वाले रूट के एक होटल मई खड़ा tha…wo बोलै “ तुम लोग सब बैक्वोर्ड एरिया मई पहुंच कर कमिश्नर के आने का वेट karo….phir उसने दूसरे एआरपीएस मई दूसरी टीम से कप्तान सिंघानिया के निकलने का टाइम होने वाला ह ..याद रखना बिच वाली बुलेटप्रूफ कार उसी की होती ह किसी भी कंडीशन मई वो बचना नहीं चाहिए h…..team ओने रोड ब्लॉक कारगी टीम तवो किलर्स की जो भी स्निपर्स सेफ्टी के लिए सिंघानिया ने रखे ह उन्हें maregi…aur टीम थ्री ग्राउंड लेवल से उन पर अटैक karegiii…aur याद रखना सबके कमरे ों होने चाहिए ह ये लाइव वीडियो आगे रिकॉर्ड हो रहा होगा ”

तीनो लीडर्स टीम्स के एक साथ है मई मई जवाब देते ह …

मीटिंग रूम …

सुनील “पापा सब तीख ह दी बिलकुल तीख ह रात को पहुंच जाएँगी हम साथ हे खाना खाएंगे आप टेंशन मत लीजिये“

कप्तान गुसाई से “बेवक़ूफ़ ह वो अगर राज ने अभय को न भेझा होता तोह कुछ भी हो सकता था और वो निकल कैसे गयी अकेली उसके बॉडी गॉर्डस तोह 24 ऑवर उसकी सिक्योरिटी मई होते ह न”

सुनील “वो पापा ..राहुल के घर से चुपके से गयी होंगी मैंने पता किया तोह राहुल ने उसकी मदद की थी मुम्बई जाने मई और वो भी साथ हे ह aur…body गॉर्डस को यही लगा की वो राहुल के घर हे ह अभी भी…”

कप्तान टेंशन मई हो गए तोह सुनील बोलै “ सब तीख ह आप घर चलिए मैं अभी कुछ और काम बचा ह उसे निपटा देता हु फिर ajaunga…agai सिंह ग्रुप की बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की मीटिंग h….jo बहुत जरुरी ह …बहुत से सांप ह जो कंपनी को खोखला कर रहे ह और कंपनी मई मुझे वो राज़ भी ढूंढने ह जो सहदेव अंकल से जुड़े हुवे ह”

कप्तान “ सुनील ये सहदेव भाई की म्हणत की कंपनी ह बीटा इसे हम खोखला नहीं होने देंगे अब तक किसी को नहीं पता ह की 60 परसेंट शेयर होल्डर्स के साथ कंपनी का रियल किंग कौन ह……”

सुनील “है पापा और मैं भी दिखाना नहीं जाता हु की मैक्सिमम शेयर होल्डर मैं और मनीषा ह पर राज और दादाजी ने जिसे तैयार किया ह वो अब इंडिया आने के लिए तैयार ह और लगभग एक साल बाद हे वो आजाएगीइ और मैंने सुना ह की वो अभी से बिज़नेस वर्ल्ड मई नाम कमाने लगीई”

कप्तान “तुम कृति की बात की बात कर रहे हो”

सुनील “है पापा उम्मीद नहीं थी की वो उमीदो पर खरी उतरेगीइ…”

कप्तान “ बीटा भरोसा और उम्मीद इंसान को बहुत स्ट्रांग बना देती ह ….तीख ह अब तुम जल्दी से काम निपटाओ और घर पर मिलो आज मैं खुद डिनर तैयार करता हु तुम दोनों के लिए और है वो तुम्हारी सेकरट्री को भी ले आना बहुत अछि लड़की ह बेचारी को तुम रेस्ट भी नहीं करने देते हो”

सुनील “जी पापा”

कप्तान को भेज कर सुनील राज के लिए सोच मई डूब गया ….और उसे महसूस हो गया था की वो नाराज ह और यही नाराजगी उसे खायी जा रही थी …वो सब सह सकता था पर राज की नाराजगी नहीं …

वंही श्वेता करीब एक ऑवर पहले हे शॉपिंग पर निकल चुकी थी उसे जोगिन्दर का मैसेज मिल चूका था की रात होने से पहले हे घर पहुंच जाना ह और साथ मई वार्निंग भी दे दी थी की वर्ण मुम्बई जाना भूल jaye…isliye वो भी जल्दी जल्दी अनु कविता मनीषा पूनम और राज के लिए ड्रेस ले रही thi…raj के लिए तोह उसे सब पता था पर अपनी भाभी के लिए वो एक सूट और लॉन्ग स्कर्ट और टॉप्स धुंध रही थी ..और मॉल के बहार साडी भीड़ उसकी सुव ko….delhi की लगभग साडी पुलिस जे श्वेता को जानती थी की ये खूंखार लड़की ैप सोनाली को भाभी बोलती ह इसलिए मॉल के बहार पुलिस वाले भी उसकी सेफ्टी के लिए खड़े थे…

शामे टाइम ….3 पं झुंझुनू…

“भाई वंहा खिड़की से कोई लड़की झांक रही थी”

नकाबपोश “बैठ जा आराम से मुझे पता ह वो मेरा पीछा कर रही थी पर वो नहीं जानती ह की कोई मेरा पीछा तोह नहीं कर रहा ह ये जानने के लिए मेरा एक आदमी मेरा पीछा हमेशा करता ह जो बता देता ह की कौन मेरे पीछे ह और कौन nahi…usne अंदर हमे बाते करता सुनकर …रंजन सर को अलर्ट करने गयी होगी की जिन हथियारों की डील वो हमसे करने ए ह हम उसका उसे लोगो को ख़तम करने के लिए karenge..sali बेवक़ूफ़ बन कर गयी ह उसे क्या पता की ये हथियार तोह ठाकुर के पुरे खानदान को मरने मई इस्तेमाल होने वाले h…phir वो खड़ा हो गया

श्रुतीय जो अंदर देख कर और उनकी बाते सून कर हैरान हो गयी थी वो मन हे मन जल्दी जल्दी चलते हुवे बोली “ हे भगवन यंहा कुछ सही नहीं ह ये लोग आर्म्स डीलर नहीं हो सकते h…ek जाना घुटका चबा रहा tha….ek के बाल बड़े हुवे थे और सबसे बड़ी बात मंडावा का इतना बड़ा मैप दीवार पर टेंगा hona….aur प्रॉपर यूनिफार्म मई न होने ये सब दिखता ह की वो लोग अटैक के लिए इखट्टा हुवे h…par रंजन इनको हथियार क्यों सप्लाई करते ह ….इनकी बातो से से तोह लग रहा की ये किसी पर अटैक करने ए ह पर किस पर मतलब जो मैंने सुना वो उन्होंने जांभोज कर kaha….abhi वो एक कम हे सोच मई जल्दी जल्दी चलकर आयी होगी की उसे अपने पीछे से आवाज आयी…

“सब सून लिया …पर अफसोस तूने अब तक किसी को भी बताया नहीं”

श्रुती जल्दी से पीछे मुड़ी तोह वो हैरान रह गयी वही शख्स उसके पीछे खड़ा हुवा था और उसके साथ दस जाने और थे जो खड़े हुवे थे…

“मसुसम भी ह और मौका भी h…acha ह कुछ करने से पहले मीठा हो जायेगा”

“दूसरा आदमी और सबसे अछि बात बॉस …इधर तोह कोई इसकी मदद वाला भी नहीं”

बॉस “जायदा उछलो मत सब समाज रहा हु बंचोदो अफीम खाके बैठो हो भोस्डिको टाइम काम और तुम मई से हर एक को काम से काम 30 मिनट लग हे जायेंगे और ये भी जानता हु की जब तक ये चीखेगी नहीं तुम्हे मज़ा भी नहीं आएगा”

एक और बोलै “ तोह क्या हुवा बॉस इस छमिया के पास 3 छेद ह तीनो काम मई ले लेंगे …काम हो जायेगा”

बॉस “मादरचोद बड़े हरामी हो गए हो उठा लो इसकी जासूस का कीड़ा आज ख़तम हे कर देते ह”

श्रुती जो इनकी बेहूदा बाते सून रही थी उसे गईं आने लगी थी वो गन निकलकर बोली “तेरी माँ ने भी जब अलग छेद से लिया होगा तब तेरी जैसी गटर की गंदगी बहार आयी hogi…aur उसने भी फिर तुझे सीसे हे गटर मई फेंक दिया होगा.”

श्रुती की बात सुनते हे बॉस गुसाई उबाल पड़ा और उसी गुसाई से आगे बढ़ा तोह…

श्रुती ने एक गोली फायर kardi“Ek कदम और आगे बढ़ा तोह मारा जायेगा”

बॉस “आज तोह जिन्दा हे पकडूँगा तुझे रंडी चला कितनी गोलिया ह तेरे पास वो देख तेरे पीछे भी मेरे दस आदमी ह आज तोह छोड़ छोड़ कर तेरी छूट और गांड का भोसड़ा न बनाया तोह मैं भी एक बाप की औलाद नहीं इसे जिन्दा पकड़ कर आदि पर ले औ मैं आगे की तयारी करता हु टाइम काम h”itna कह वो मूड गया

श्रुती ने सबको देखा और गन को बैक मई लगाकर अपने बालो को टाइट करने लगी…

गुंडा “बांध क्यों रही ह डार्लिंग अपनी काली झुलफो को इन्हे पकड़कर हे तोह तेरी घुड़सवारी करेंगे सब बरी बरी….”

उसकी बात सुनकर सब जोर से हसने लगे श्रुतीय के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और गन निकलकर उसकी खोपड़ी उदा di….aur बोली “बड़बोला चुटिया” इतना कहते हे उसने एक कदम पीछे खींचा और कच्ची रोड की साइड मई बानी बड़ी सी दीवार की तरफ तेज़ी से भागी और भागते हुवे हे दीवार पर एक कदम टीकाकार ऊपर की तरफ जम्प मरी और दीवार पर चढ़कर बैठ कर सबकी तरफ मिडिल फिंगर दिखाकर दूसरी साइड कुढ़ गयी…

पीछे खड़े गुंडों मई से एक “देख क्या रहे हो पकड़ो रंडी को”

दूसरा “जा चढ़ जा दीवार पर भोस्डिके सांड हो रखा ह चढ़ने से तू रहा …तोड़ हे दे काम से काम दीवार को”

एक और बोलै “ भोस्डिको लड़ बाअद मई लेना उधर देखो उधर ह रास्ता पकड़ो साली को वर्ण बॉस तुम्हारे छेद खोल देगा “

सरे श्रुती के पीछे भागे वंही श्रुतीय जो तेज़ी से अपनी कार की तरफ भाग रही थी कार के पास पहुंची तोह सामने उसे 5 जाने और तैयार मिले…

“कान्हा भागोजी जानेमन …”

श्रुती ने तुरंत यंहा वंहा देखा और उसे एक तरफ खेत दिखाई वो तुरंत उस तरफ भाग पड़ी और बाकी आधे उसके पीछे तोह कुछ बाइक्स लेने के लिए दौड़ पड़े …वंही श्रुतती भागते हुवे… “अज्जू …अज्जू …hello ajju….kuch दिएर बाद उसे अज्जू की आवाज ईई “सॉरी बेबी खुद खाना बनाया तोह मिर्ची तेज़ हो गयी थी इसलिए bathroommmm”wo इतना हे बोलै था की उसे सामने से जोर से आवाज आयी “गधे जब तेरी बेबी मर जाएगी तोह उसकी सुनेगा क्या ी नीड हेल्प मेरे पीछे बहुत से क्रिमिनल्स पड़े हुवे ह बहुत बड़ा अटैक होने वाला ह”

अज्जू “दीपिका पर भी हुवा ह”

श्रुती “तोह मतलब ये लोग 70 परसेंट चांस ह मंडावा के लिए हे ए ह और इनके साथ काम से काम 100 लोगो की पूरी फौज ह”

अज्जू “बेबी तुम कान्हा हो अभी”

श्रुतती “ मेरा व्हीकल पुनटुरे कर दिया ह कुत्तो ने और वो मेरे पीछे ह”

अज्जू “इनकी तोह मैं तुम बस भगति रहो और मंडावा की तरफ bhago…tumhe बचने के लिए मैं अभी ठाकुर साब को कॉल करता हु”

अज्जू ने तुरंत ठाकुर साब को कॉल लगायी..

जगमाल सिंह “क्या बात ह अज्जू आज अपने हमे कॉल किया ह “

अज्जू जल्दी से “श्रुति की जान खतरे मई ह वो झुंझुनूं से मंडावा की तरफ पैदल हे भगति आरही ह”

जगमाल सिंह “मैं देखता hu”itna कह कॉल कट करदी और आगे कोई सवाल नहीं किया और चिल्लाये “भीमा”

जगमाल सिंह की तेज़ और दुमदार आवाज सुनकर सरे एक साथ हॉल मई आगये …. जगमाल सिंह दुबारा चीखे “भीमा” भीमा जो बहार थे वो तुरंत भागते हुवे “जी बाबूजी ….”

जगमाल सिंह “श्रुती बिटिया की जान को खतरा ह जाओ उसे यंहा पूरी इज़्ज़त के साथ लेकर औ …और कोई खरोंच नहीं अणि चाहिए ह”

भीमा “जी बाबूजी वो कान्हा ह”

जगमाल सिंह “वो इस वक़्त झुंझुनूं और हेतमसर गाँव के बिच मई कंही खेतो मई से दौड़ती हुवी मंडावा की तरफ आरही ह”

तभी अजय बोलै दादाजी पर उन्हें मोबाइल से ट्रैक करना मुश्किल होगा क्योकि बिच मई टावर नहीं एते ह…”

जगमाल “तोह अब”

जानवी “डोंट फियर नाना ji..main हु न”

जगमाल ने हैरानी से देखा toh…ajay बोलै “उसका मतलब ह ये एआरपीएस आप कान मई लगा लीजिये हम ड्रोन भी यंहा से उनको ढूंढने के लिए लगा देंगे वो 15 कम की रेंज मई यंहा से जंहा भी होंगी तोह हम उन्हें उनकी लास्ट लोकेशन जंहा भी होंगी उसके आसपास धुंध लेंगे आप जाईये हम ड्रोन को आपके साथ हे उदा रहे ह ..

भीमा निकलने लगे तोह…

शेरदिल “नानाजी मैं जाऊंगा….” इतना कह उसने भीमा के बैक से कुल्हाड़ी निकली और अपनी बैक पर तंग कर बहार कड़ी बुलेट को स्टार्ट कर तेज़ी से निकल गया…

वंही श्रुतीय ..जो रनिंग मई एक्सपर्ट थी उसने हालत ख़राब कर दी थी सबकी पर थक तोह वो भी रही थी…

अज्जू “तुम बस भगति रहो मदद आरही बेबी तुम कर सकती हो”

श्रुती “बेबी के बचे भाग हे तोह रही हु पर ये हरामज़ादे बाइक से तोह भाग कर मेरे पीछा छोड़ हे नहीं रहे ह…”

अज्जू “28 कम ह मंडावा झुंझुनूं से तुम्हे भागते हुवे 20 मिनट हो गए ह …बस कुछ मिनट और bus…madada आजायेगी

तोह इधर 10 मिनट बाद अजय एआरपीएस मई शेरदिल भैया बस यही लोकेशन ह उनकी वो यही कंही होगी …जानवी तुम्हे कुछ दिखाई दिया…

जानवी “मिल गयी अरे नहीं वो तोह बाद उंक्लेस से गिरी हुवी ह वो उन्हें जल्दी हे घेर लेंगे ….उनकी गन की गोलिया भी ख़तम हो gayiii…left साइड 2 कम खेतो मई भाग रही ह जल्दी कीजिये जब तक मैं कुछ करती हु

तोह अगले कुछ मिनट्स बाद श्रुतीय ने हाथ मई खली गन को आगे वाले हिसाई को पकड़कर उसे हथियार बना लिया और लड़ने को तैयार हो गयीईइ…

आदमी “बहुत दौड़ा लिया तूने इतना कहते हुवे श्रुती के वार को रोका और एक थपड उसके गाल पर जड़ दिया….” जिसकी वजह से श्रुति के होठो के कौनो से खून आने लगा …अभी वो दूसरा थपड मरने हे वाला था की उसे कुछ भिनंनम भिनने की आवाज आने लगी अपने आसपास और इधर उधर देखने के बाद उसने ऊपर देखते हुवे बोलै “बस ये ड्रोन कान्हा से आया बे”

तभी ड्रोन से जानवी की आवाज आयी “बाद उंक्लेस मेरी दीदी को छोड़ दो वर्ण तुम्हारी इतनी पिटाई करुँगी की …सकल सुवर की तरह बन जाएगीइ”

निचे खड़े सरे छोटी बची की आवाज मई धमकी सुनकर हसने लग गए …..

जानवी गुसाई से “ हूउउ मिझे गुसा मत दिलाओ वर्ण बहुत बुरा होगा समझे ये मेरी लास्ट वार्निंग ह तुम्हारे लिए मेरी दी को छोड़ दो”

आदमी श्रुती को तरफ हाथ बढ़ाते हुवे “और अगर नहीं मणि तोह kya….hhhhooooggga”wo पूरा बोलै भी नहीं पाया था की एक मुका उसके पीछे से आकर उसकी कनपट्टी पर पड़ा और वो कई फ़ीट दूर जा कर साइड मई gira….aur ऐसा गिरा की कटी हुवी मुर्गी की तरह जमीं पर पड़ा फड़फड़ने लगा

जानवी “बोलै था मैंने सुवर को aur…dii आप बस देखो शेर से पन्गा लिया ह इन्होने अब शेरदिल भैया इनकी ऐसी पिटाई करेंगे की एनिमल्स हॉस्पिटल मई हे इनका ट्रीटमेंट होगा”

शेरदिल ने दूसरे को गर्दन से ऊपर uthaya…aur उसे जम्में पर पटक दिया उसकी चीक पूरी भी निकली थी की उसने एक तंग उठाकर उसके मू पर मरी और जमीन मई उसके मू को घुसेड़ दिया तभी उससे पीछे से एक वार अत हुवा महसूस हुवा तोह तुरंत निचे झुकार तेज़ी से पीछे घूमते हुवे एक पंच पीछे से आरहे आदमी के पेट मई जड़ दिया वो तेज़ी से उड़ता हुवे पीछे के पेड़ से टकराकर नीचेगीरा…

श्रुती “बाप रे बाप राज भाई के परिवार मई सब हे भयानक ह और तोह और उनकी बीवी तोह और खूंखार ह” तभी उसने देखा की एक जाना नाइफ को फेंक कर शेरदिल को मरने वाला ह तोह वो तेज़ी से शेरदिल के पीछे नाइफ को रोकने आगयी और अपना हाथ नाइफ के आगे कर दिया जिसकी वजह से चाकू हथेली मई घुस गया और उसकी चीक निकल गयी शेरदिल ने पीछे मुड़कर देखा तोह वो किसी पागल सैंड की तरह गुसाई से फुंकारने laga…aur भीमा वाली भरी भरकम कुल्हाड़ी हाथ मई ले ली जो सूरज की रौशनी मई सूरज की तरह चमकने लगी और अगले हे पल नाइफ फेंकने वाले की गर्दन हवा मई उछाल गयी और अब शेरदिल बिना रहम किये एक एक को चीरता और फाड़ता चल gaya….aur सबको ख़तम करने के बाद तुरंत अपनी टी शर्ट निकली और श्रुती के हाथ मई बांध दी और फिर पास के हे गाँव के सरपंच को बोलकर उन लाशो को समशान मई हे जलवाने के लिए बोल diya…taki कोई सबूत न mile…kuch दिएर बाद हवेली मई डॉ श्रुती के घाव पर पत्तिया कर रहा था तोह …शेरदिल निचे फर्श पर घुटनो के बल बैठा हुवा जगमाल सिंह से दांत सून रहा था….

श्रुती “दादाजी उसकी गलती नहीं ह”

जगमाल सिंह “जब एक मर्द घर के परिवार की औरतो की रक्षा नहीं कर सकता ह तोह फिर कैसा मर्द ह”

श्रुति “मैं हे बिच मई गयी थी उन्हें माफ़ कर दीजिये मुझे सप्से जरुरी बात करनी ह आपसे”

जगमाल सिंह शेरदिल से “दुबारा ऐसा हुवा तोह तुम्हारे साथ तुम्हारे गुरु भीमा भी पीटेंगे धयान रहे ….फिर श्रुति से ….. बेटी तुम यंहा कैसे और ये सब क्या ह”

श्रुत्ति “जानवी तुम्हारा सेटअप कान्हा ह”

जानवी “अजय भैया और हमारा सेटअप ऊपर हमारे रूम मई हे ह दीदी”

श्रुती “दादाजी आप भी साथ आईये और भीमा चाचा शेरदिल भाई आप भी “

सब ऊपर ए तोह श्रुती ने अज्जू को लाइव वीडियो पर लिया तोह”

ाजीउ “बेबी तुम तीख तोह हो मैं कितना दर गया था”

ये सून श्रुती को शर्म आयी तोह बाकि मुस्कुरा उठे…

श्रुती ने चरण बाकि की तरफ स्क्रीन को घुमा दिया और बोली अज्जू अब आप पूरी बात समझाओ”

अज्जू “ दादाजी ….मुझे 75 परसेंट यकीं ह की मुम्बई दिल्ली और मंडावा तीनो जगह एकसाथ अटैक hoga…ye बात राज भाई भी जानते ह जिसमे से एक अटैक मुम्बई मई दीपिका पर हो चूका ह पर उन्हें बचा लिया गया ह पर अभय की कंडीशन अभी बहुत जायदा सीरियस ह अभी अभी पता लगा ह की दिल्ली मई एक मॉल पर जोगिन्दर सर भी गए हुवे ह पर वो सब अलर्ट h…isliye सबसे जायदा खतरा अब आप पर हे ह बाकि श्रुती के हिसाब से 100 से 150 लोग अटैक आज रात या कल रात कर सकते ह और अगर आज रात करेंगे तोह अब तक वो पोजीशन भी सेट कर चुके होंगे आप सबको जल्दी से जल्दी छिपना hoga…aur एक बुरी खबर ह मेरी पिछले 48 हॉर्स से शिवानी मम से बात नहीं हुवी h….isliye मुझे दर ह की उन्हें कुछ हो न गया ह …अब सब चिप जाईये क्योकि दिल्ली मई से अलग अलग रास्तो से 300 से जायदा लोग वापस बहार निकले ह पर कान्हा ये नहीं पता h…aur सबसे बड़ी बात ..

मंडावा के टावर की कालिंग को एनालिसिस करने पर मुझे पता लगा ह की आज के दिन वंहा बहुत से आउटर मोबिल नंबर एक्टिवटे ह जो करीब 200 के करीब ह….

जगमाल सिंह कुछ पल अज्जू की बात सुनकर रुके और फिर होनी मूंछो पर तांव देते हुवे bole“ajju बीटा …युद्ध मई दो हे तरह के लोग लड़ते ह एक जो धरम सचाई और आचायी के लिए लड़ते ह तोह दूसरे अधरम और बुराई के liye…aur हमेशा से बुराई पर आचायी की विजय होती हुवी आयी ह…

Ajju”par दादाजी बहुत खतरा ह”

जगमाल सिंह “बलिदान तोह युद्ध मांगता हे ह ….वो तयारी के साथ आरहे ह तोह आने दो….10 20 100 200 सबको आने दो …ये क्षत्रिय का खून ह और क्षत्रियो की भूमि h…yanha पीठ दिखाकर भागता नहीं ह मौत लिखी ह तोह होगी …पर एक चीज जो होगी वो मैं तुम्हे अभी से बता सकता हु और वो ये ह उनमे से एक भी माँ भवानी की कसम जिन्दा वापस नहीं जायेगा…….

दादाजी की बात सुनकर शेरदिल की मुठिया भी जोश से कास गयी तोह भीमा के जबड़े भी भींच गए…..

जगमाल सिंह …. “भीमा तैयार करो सबको आज गाँव का हर आदमी दिखा देगा की युद्ध कैसे लड़ा जाता ह और तुम शेरदिल हवेली को अभेद किले मई बदल दो एक भी जाना हवेली की दीवार को छू तक न paye….aur अजय जानवी तुम दोनों दिखा दो की तुम्हारी टेक्नोलॉजी क्या कर सकती h…tum दोनों हमारी आंखे बनोगे

जानवी और अजय …. दोनों एक दूसरे की तरफ देखा और अपने रूम की तरफ तयारी करने भागे …

श्रुती “मुझे भी गन चाहिए”

जगमाल सिंह ने शेरदिल को ईशर कर दिया और खुद भी निचे अपने रूम के अंदर गए और अपने हथियारों के बॉक्स को खोला तोह पास मई पड़ी एक ड्रेस पर उनकी नज़र गयी जो उन्होंने आज से 50 साल पहले डकैतों को मरते हुवे पहनी thi….unhone उसे प्लास्टिक की पैकिंग से बहार निकला ….और पहन लिया …

कप्तान सिंघानिया की करो का काफिला एक तरफ से निकला तोह दूसरी तरफ से कंशनर भी सिचुएशन को हैंडल करने के लिए मॉल की तरफ निकल चुके थे इस बात से अनजान की आज उनके साथ क्या होने वाला था …

टाइम 5 पं दिल्ली…


सोनाली “गहरी सोच मई ऑफिस की टेबल पर पेन से तक तक कर रही थी फिर कुछ सोचकर मनीषा को कॉल लगायी”

मनीषा “hello”

सोनाली “भाभी आपके पास आपकी फॅमिली की ओल्ड फोटो ह तोह प्लीज भेजो न मुझे सुनील को बड़ी करवाकर गिफ्ट करनी ह जिसमे आप छोटी हो सुर एक मई आप बड़ी हो” सोनाली ने अलग तरीके से कह कर पुराणी फोटो मांगी ताकि मनीषा को बुरा न लग जाये….

मनीषा “पुराणी तोह नहीं ह भाभी एक्चुअली माँ ने बताया था की एक बार पुराने वाले घर मई आग लग गयी थी शार्ट सर्किट की वजह से तोह सब कुछ जल गया था usmai…..meri और माँ की फिर भी एक दो मिल जाएँगी पर पापा की नहीं मिलेगी …आप अभी की बनवा कर दे दो न”

सोनाली की आंखे चमकने लगी “ok तीख ह आप जो भी ह भेज दीजिये मैं बनवा लुंगी ..मैं रखती हु भाभी सर बुला रहे ह”

मनीषा “ok bye”

सोनाली कॉल कट होने के बाद “रंजन माथुर अब तोह मुझे यकीन हो गया ह की तुम हे हो मां बस एक बार तुम्हारे पेअर पर जले हुवे का निशान कैसे भी चेक करलु फिर तेरा खेल ख़तम जल्द अति हु मुम्बई तेरे पास…..” अभी वो ये बात खुदसे कर हे कर रही थी की उसे अज्जू का कॉल आया “मम ….मंडावा मई अटैक होने वाला h….aur मुझे अब पूरा यकीन ह की दीपिका पर अटैक होना मंडावा पर अटैक होना मतलब कोई हमे टारगेट कर रहा ह तोह इस हिसाब से तोह दिल्ली मई जो बहार से बचे हुवे किलर्स ह वो आप पर या सुनील भाई या फिर कंही कमिश्नर सर पर तोह अटैक नहीं करने वाले h…ap तोह चीफ ऑफिस मई सेफ ह पर बाकी …एक मिनट कमिश्नर सर की लोकेशन मॉल क्यों दिख रही ह उन्हें तोह ऑफिस होना चाहिए न”

सोनाली “पता नहीं मैं तोह तब से मां के बारे मई हे सर्च कर रही हु ….मैं देखती हु”

अज्जू “वेट वेट दिल्ली मई जिस मॉल पर अटैक हुवा ह वंही तोह कमिश्नर सर ह”

सोनाली सीरियस hokar“ajju तुम दिल्ली और मंडावा पर कम्पलीट फोकस कर दो मुझे हर अपडेट चाहिए ह जबतक मैं मॉल पहुँचती हु”

अज्जू “यस मम”

सोनाली ने तुरंत अपनी गन बैक मई लगायी और निकल गयी….

Wanhi….Delhi हेड ….होटल के ब्लैक ग्लासेज के अंदर से बहार की हर चीज देख रहा था …

उसके 2 किल्लीर सुनील की सेफ्टी मई लगे हुवे एक स्निप्पेर के पीछे पहुंच गए …और एक ने मूवमेंट करि तोह स्निप्पेर बैक से तुरंत गन निकलकर पीछे मुदा तोह दूसरे किलर ने उसे बिना एक पल गवाए शूट कर दिया …और फिर एआरपीएस मई बोलै “ओने डाउन बॉस”

ऐसे हे किलर्स के अलग अलग छोटे छोटे 2-2,के ग्रुप्स ने सभी स्निप्पर्स को तीखाने लगा दिया..

दिल्ली हेड… “अब जब सिचुएशन पूछे कोई तुमसे दूसरी तरफ से तोह बस ok या आल क्लियर हे रिप्लाई मई बोलना ह”

सब ने है मई सर हिला दिया…

दिल्ली हेड “टीम 2 रोड ब्लॉक्स के लिए रेडी हो जाओ कप्तान सिंघानिया का व्हीकल निकल चूका ह….15 मिनट मई तुम्हारे सामने होगा”

कप्तान का काफिला करीब 20 मिनट बाद अपने फिक्स रूट से अत हुवा नज़र aya….team तवो जो कोई भिखारी तोह कोई कुछ छोटा मोटा आइटम बेच रहा था वो तैयार हो गए और एक रिक्शा वाला जो साइड मई स्टार्ट करके खड़ा था उसे इशारा कर दिया और उसने भी तुरंत …कप्तान के काफिले के आगे एते हे उसके आगे रिक्शा थोक दिया जिसकी वजह से पूरा काफिला रूक गया ..

और अचानक कई सरे स्मोक बम आकर गिरे और कार के पास की जगह को छोड़कर सारा एरिया धुंवा धुंवा हो गया कार के अंदर बैठे बॉडी गॉर्डस भी पूरी तरह अलर्ट हो गए…


अचानक साइड मई जमीन पर बैठे तीनो बिखरियो ने एक साथ ओढ़ राखी कम्बल को उठाकर झटके से दूर फेंका तोह उनके हाथ मई आटोमेटिक गन दिखाई di…aur बिना वक़्त गंवाए एक साथ उन्होंने पुरे काफिले पर फायरिंग सुरु कर diiii….aur रोड के दूसरी तरफ रेड्डी वाले और छोटे मोठे सामान बेचने वालो रेडडीले ऑटोरिक्षा वालो ने भी मास्क लगाए और हथियार निकल कर और करो पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुवे आगे बढ़ने लगे…

वंही ऑफिस मई सुनील डायरेक्टर्स और कमपनी के मैनेजर्स के साथ मीटिंग कर रहा था उसके के मोबाइल मई कॉल आया… “सर हम पर अटैक हुवा ह”

एक सेकंड के भी सेकण्ड्स मई सुनील ऑफिस से भगा उसकी रफ़्तार किसी स्पीड कार की तरह सेकण्ड्स मई हे फुल हो गयी thi….pura ऑफिस खड़ा होकर उसे ऐसे भागते देख कर हैरान रह gaya…sunil ने लिफ्ट की बजाये सीढ़ियों की तरफ गया और फायर भुजने वाले पाइप को पकड़ा और उसे पकडे हुवे हे सीधा दोनों तरफ की सीढ़ियों के बिच की जगह से निचे कुढ़ गया और रुका सेकंड फ्लोर पर और फिर एक जम्प 2 जम्प मई वो सीधा ग्राउंड पर tha…uski सिक्योरिटी कार लेकर अति तब तक वो निचे बहार मैं रोड पर tha…usne एक जाने को पल्सर 220 कक पर बैठे बात करते देखा तोह उसे एक हाथ से उठाकर पीछे फेंक diya….jabki ऊपर से पूरा ऑफिस हैरानी से मू फाडे सुनील को देख रहे थे की इतनी जल्दी निचे कैसे….

सुनील की बाइक हवा मई बात करने lagi…par ट्रैफिक दिल्ली का उसे इतनी जल्दी कान्हा पहुंचने देने वाला था wanhi….kaptaan की गाड़ी के अंदर कप्तान घबराकर दोनों तरफ देख रहा था जंहा उसके बॉडी गॉर्डस मरे हुवे थे …अब एक जाना बड़ा सा कटर लेकर aya….aur कप्तान को अंदर डरा हुवा देख कर मुस्कुराया और उसके दूर को कट करने लगा आगे बैठे एक बॉडी गॉर्ड ने थड़ा सा शीशा निचे कर गोलिया चलायी तोह बहार से एक गोली उसके खोपड़े मई घुस gayiii…aur खून कार मई चारो तरफ उछाल गया …दूसरे बॉडी गॉर्ड ने तुरंत शीशा ऊपर कर diya….kyoki वो हे कार बुलेट प्रूफ थी इसलिए वो जब तक बहार नहीं जाते तब तक सेफ थे

कटर से कार का दूर काटने लग गया था और कप्तान को अपनी मौत आँखों के तीख सामने दिख रही thi….par कटर की वो आवाज उस फैली हुवी स्मोक मई एक दम से रूक गयी और चीकने की बहुत तेज़ आवाज ayiii……….aur उस धुंवे मई से पेण्ट शर्ट और टाई मई सुनील अंदर अत हवा दिखाई दिया ….और जब तक बाकि कुछ और समझते सुनील के हाथ मई उसका ड्डाग्गर आगया था …पास मई खड़े गुंडे ने गोली चलने के लिए जैसे हे सुनील की तरफ मुदा सुनील उसकी आँखों के तीख सामने tha…aur खच की आवाज के साथ डैगर निचे से खुलकर खोपड़ी के आर पार tha….aur एक बार नहीं दो बार tha….sunil ने एक किक उसके चेस्ट पर दी और तेज़ी से मूव होकर कार की दूसरी साइड के किलर के पास पहुंच गया उसने फायर किया तोह सुनील तुरंत निचे बैठा गया और उसकी टांग पर कट मर दिया …दर्द से वो लड़खड़ा गया पर उसके सँभालने से पहले हे सुनील उसके दोनों कंधो मई बरी बरी 3 बार डैगर को घोप कर उसकी हालत हे ऐसी करदी की उससे उसका हाथ तक नहीं हिलाया जा रहा tha….ab दूसरी साइड वाले तीनो बिखरियो ने लगातार सुनील पर गोलिया चलनी सुरु कर दी सुनील त्येर के पीछे आगया और अपने पास पड़े गुंडे की जेब टटोल कर कुछ ढूंढने लगा और उसे जल्द हे स्मोक बम मिल गए उसने स्मोक बम निकले और एक साथ हे सरे उन तीनो बिखरियो की तरफ फेंक दिए ..

सुनील “एक दो तीन चार और dus…ab मेरी बरी” और झटके से कार के बोनट पर हाथ रख कर उछाला और तीनो बिखरियो की तरफ भगा …और तीनो मई से एक धीरे धीरे गोली चलते हुवे आगे बढ़ रहा tha..usai अचना ठोकर लगी और वो निचे gir.gsya par….khachhh की आवाज हुवी और दर्द के मरे वो छीकता चिल्लाता उसे पहले हे डैगर उसके मू के आरपार tha….kuch सेकण्ड्स पहले सुनील रेंगते हुवे आगे बढ़ रहा था …उसे पता था की कोई भी उम्मीद नहीं करेगा की कोई रेंगते हुवे उनतक आजायेगा और इसलिए वो बिखरी निचे लेट कर आरहे सुनील से टकरा कर उसके ऊपर हे गिर गया था ….सुनील को क्लिक क्लिक की आवाज आयी तोह उसके चेहरे पर दरिंदगी भरी मुस्कान आगयी और उसने तेज़ी से जमीन पर हाथ टिकर जम्प के साथ खड़ा हुवा और एक तरफ अपना हाथ तेज़ी से घुमय तोह एक की गर्दन हवा मई उछाल गयी …और पास से हे किसी के आने की आहात आयी तोह एक कदम तेज़ी से उस तरफ बढ़कर घुटने की मरी तोह तेज़ चीक चारो तरफ गूंज gayiii…ab स्मोक थोड़ी कमहोने लगी तोह सुनील के चारो तरफ 10 जाने उसे घेर कर खड़े दिखाई diye…sunil ने भी अपने दरग्गेर को कसकर पकड़ लिया और चरफ खड़े गन लिए सबको देखने laga….abhi वो सरे गोलिया चलते उन्हें कान मई लगे एआरपीएस मई आवाज आयी “गधे के बचो इसे नहीं मरना ह कितनी बार कहा था इसे बेहोश कार्डो या घायल कार्डो ये सुनील सिंघानिया ह” अपने बॉस से ये सुनकर सबने अपनी गन रखली और सीधी फाइट के लिए तैयार हो गए ये देख सुनील ने भी डैगर को एक झटके मई गायब कर दिया ….दस के दस एक साथ सुनील पर टूट पड़े पर उन्हें क्या पता था की वो किस्से लड़ने जा रहे ह ..

सुनील ने सबसे पहले को पकड़ा और अपने पीछे की तरफ घुमाकर उचाल्दिया और पलट कर अपनी तरफ आरहे पंच को रोक कर उसके सर को पकड़ा और निचे झुका कर अपने घुटनो की उसके माथे पर मरी जो की उसके हेड इंजरी के साथ इंटरनल ब्लीडिंग के लिए काफी tha…….phir घूमकर एक राउंड किक दूसरे के जबड़े पर मरी और वो भी राउंड घूमता हुवा निचे gira….par जब उसकी नज़र अपने पापा पर गयी जो सब देख कर दर गए थे उसका चेहरा गुसाई से लाल होने लगा और जो डैगर उसने गायब कर दिया था वो अचानक कलाई से निकल कर उसके हाथ मई आगया और सामने से आरहे गुंडे के सर मई उसने घोप दिया ..सबको देखते हुवे दुबारा निकला और सर मई घोप दिया और लगातार घोपता raha….aur अंत मई उस आदमी का गलाकाट कर दूर फेंक diya…….aur फिर बाकियो की तरफ देखा तोह एक ने दर के मरे गन निकल ली और सुनील की तरफ फायर कर दिया पर वो इतना दर गया था की निशाना सही से नहीं लगा सका और गोली कंधे को छूटे हुवे निकल गयी वो दुबारा गोली चलता उसे पहले हे वो अपने हाथ को देख चीक पड़ा सुनील ने उसके वो हाथ कलाई से काट दिया tha….aur बाकि भी अब अपनी मौत को सामने देखकर दर के मरे थार थार कंपनी लगे the…par सुनील को फर्क नहीं पड़ा वो तेज़ी से उनकी तरफ आया और एक के पेट पर इतना बड़ा चीरा दिया की वो न मर पाया न जिन्दा रह पाया तोह फिर बाकि सभी की भी किसी की आंखे फोड़ दी तोह किसी की रीद की हदी मई हे डैगर को घुसा कर घुमा दिया …चारो तरफ से सिर्फ चिकने की आवाज आती rahi…aur जब गुसा शांत होने पर रुका तोह तब एक के कान से एआरपीएस निकलकर कुढ़ के कान मई लगा कर बोलै … “सुनील singhaniya….ye नाम याद रखना …तू अब कंही भी छिपा हो तुझे कोई मतलब कोई भी ….नहीं बचा पायेगा मुझसे…”

दिल्ली हेड ने कोई रिप्लाई नहीं दिया और गुसाई से एआरपीएस को पटक कर चिल्लाया “मादरचोद निकम्मी कंही के एक काम इनसे तीख से नहीं होता h……phir दूसरे एअर पीेछे मई कमिश्नर पहुंच गया”

सामने से “बॉस वो मॉल से निकल चूका ह पर वो खूंखार ैप सोनाली भी उनके साथ ह…”

दिल्ली हेड “ बनछोड़ ये कान्हा से आगयी उदा दो दोनों को जितना असला बारूद ह सब उसे करलो जैसे हे वो दोनों हमरे पॉइंट पर पहुंचे उदा देना और है 50 जाने हो एक साथ हे अटैक कर देना …समझे काम निपटा कर आना और कमरे ों रखना ”

“यस बॉस”

दिल्ली हेड आर्डर देने के बाद वो भी तुरंत वंहा से निकलकर कमिश्नर की लोकेशन की तरफ जाने laga…wanhi सोनाली और कमिश्नर साथ मई आरहे थे…

सोनाली “सर क्या था ये मतलब मैं यंहा हु फिर अपने भी मुझे भी नहीं बताया कुछ हो जाता आपको तोह”

जोगिन्दर मुस्कुरा कर “तुम्हे अपने होने वाले पति की सेवा करने से फुर्सत मिले तोह कुछ बताऊ na…kabhi कभी सोचता हु की ये भाई बहन एक जैसे काम थे जो अब बहु भी उनकी जैसी हे आजायेगी ..पता नहीं क्या होगा घर का ”

सोनाली की बोलती हे बंद हो गयी अब वो क्या हे बोलती बेचारी नीची गर्दन करके बैठ गयी”

जोगिन्दर “लो अभी तोह मॉल मई उनको मरते वक़्त मैं रोक रहा था तब तोह सुनने को तैयार हे नहीं thi..aur अब थोड़ा हे कहा तोह शर्मीली बहु की तरह गर्दन नीची कर्ली”

अब तोह सोनाली और शर्म से पानी पानी हो gayiii…ye देख जोगिन्दर जोर जोर से हसने lage….aur बोले ok…tikh ह घर चलते ह अपने हाथो से एक छाए बनाकर पीला देना मैं खुस हो jaunga…aur है अब सर कहना बंद करके पापा बोलने की आदत दाल लो” अभी वो आगे और बोलते तभी एक कैंपर ने उनकी गाड़ी को साइड से फुल स्पीड से तकर मरी जिसकी वजह से उनकी गाडी कई बार पलटी कहती हुवी दूर जाकर giri….jis साइड से तकर मरी थी उस साइड सोनाली थी जिसकी वजह से उसे घम्बिर चोट agayiii…aur कमिश्नर भी बुरी तरह घायल गए ….तभी उनके पीछे चलने वाली पुलिस की गाड़ियों पर भी फायरिंग सुरु हो गयी …उन्होंने ने गाड़ियों की अध् मई छिपकर पलट वार करना सुरु कर diya….dono तरफ से भयंकर गोली बारी सुरु हो gayiii….andar सोनाली ने अपने एआरपीएस मई दर्द भरी आवाज मई बोलै … “हैल्लो अज्जजूउ नींद बैकक up…Hellllo….ajjjjuuu पर उसे कोई रिप्लाई नहीं मिला तोह उसने अपना मोबाइल बड़ी मुश्किल से पॉकेट से बहार निकला ….तोह उसमे नेटवर्क नहीं आरहे the….usne जोगिन्दर सिंह की तरफ देखा जो बुरी तरह घायल होकर बेहोश हो चुके थे…

सोनाली “ sirrr….papa….papa…utho…papa….” सोनाली की हालत भी बुरी थी उसने बहार की तरफ देखा तोह पुलिस वाले लगातार मरते जा रहे थे और दूर से पैदल गुंडे फायरिंग करते हुवे उनकी हे तरफ आरहे थे….

सोनाली की भी उम्मीद टूट चुकी थी…

वंही शामे टाइम अज्जू …. “ये सोनाली मम और जोगिन्दर सर की लोकेशन गायब कैसे हो गयी कुछ तोह हुवा h….ye सोचते हवे उसने सुनील को कॉल लगाया तोह उसने उठाया नाहीई वो बुरी तरह घबरा gaya…usne सुनील के ट्रैकर की लोकेशन चेक कर वंहा आसपास के कक्तव को हैक करके वंहा की सिचुएशन देखि तोह उछाल पड़ा …..अब उसे समाज नहीं ारः था किस साई हेल्प मांगे तभी उसी चीफ का ख्याल और जल्दी से कॉल लगाया….

अज्जू “सर कमिश्नर सर और सोनाली मम का मोबाइल आउट ऑफ़ नेटवर्क ारः ह और इवन ट्रैकर भी आउट ऑफ़ नेटवर्क ह उनकी लास्ट लोकेशन मॉल से उनके घर की तरफ दिख रही ह और बिच मई जो 5 कम का शॉर्टकट बैकवर्ड आउटर एरिया ह वंहा की दिखा रहा ह जल्दी एक्शन लीजिये “

चीफ मैं मीटिंग मई हु “पर मैं अभी एक टीम भेजता हु और खुद भी निकलता हु”

अज्जू को अभी भी संतुस्ती नहीं हो रही थी की क्या करे तोह उसने अपने दिमाग के सरे घोड़े दौड़ने सुरु कर diye….ki क्या किया जाये क्या किया ….पर अंत मई उसे कोई उम्मीद नज़र नहीं आयी और जब वो पूरी तरह न उम्मीद होने वाला था उसे कुछ याद आया और वो तुरंत कुछ टाइप करने लगा”

सोनाली घसीट ते हुवे कार से बहार निकली और जोगिन्दर सिंह को भी बहार निकल कर गाड़ी के कवर मई छिपा लिया और एक नज़र जैसे हे बहार निकली कई साडी गोलिया उनकी गाड़ी से आकर takrayiii….takkar इतनी बुरी थी की उसको बहुत गहरी छोटे आयी थी पर फिर भी उसने एक हाथ उठाकर अँधा धुन गोलिया दूसरी तरफ फायर करि …पर कोई रिजल्ट nahiii…mila …दुश्मन पल पल और करीब आते जा रहे थे और निचे गिरे हुवे पुलिस वालो पर फायर करते हुवे उसी की तरफ आरहे the……sonali ने धीरे से बहार निकलकर देखा तोह एक गोली उसके कंधे को फाड़ती हुवी निकल gayiii….sonali का सरीर दर्द से काँप गया ….वो वापस कार के कवर मई आगयी और त्येर के सहारे बैठ gayiii…usne एक बार जोगिन्दर सिंह की तरफ देखा …और आंखे बंद करके अपनों को और अपने प्यार को याद करने lagiii….aur बोली अगले जनम तुम्हारी जरूर बनूँगी raj…..par सोनाली भूल गयी थी की उसे साधु बाबा ने शादी का आश्रीवाद दिया tha…aur इस बात को सच साबित करने के लिए ऊपर वाले ने सबसे खोता सिक्का उसकी हिफाजत के लिए भेझा tha….jab वो मौत को काबुल कर चुकी थी तब एक काली सुव तेज़ी से ड्रिफ्ट करती हुवी उसके तीख बगल मई आकर रुकी और उसका शीशा निचे हुवा और सोनाली को एक मुस्कुराता हुवा चेहरा नज़र आया जो था….

……..shwetaaa………ka

जिसे कुछ दिएर पहले हे अज्जू ने मदद के लिए कहा था और उसे पता था की उसके साथ राज के खास बॉडी गॉर्डस रहते h…isliye उसने श्वेता को पहुंचने के लिए बोलै था और इस वक़्त वो चेहरे पर मुस्कान लिए बोली …. “माय स्वीट hitler……need हेल्प” ….पर जैसे हे उसकी नज़र अपने पापा पर गयी वो गुसाई से लाल पीली हो गयी…

श्वेता बॉडी गॉर्डस se“jaldi से पापा और उन्हें अंदर बैठाइये”

Bodygaurds”main देखलूँगा आप दोनों को हॉस्पिटल ले जाइये”

श्वेता “नहीं ये मेरे हाथो मरेंगे इतना कह उसने देश बोर्ड की तरफ देख कर बोली हिटलर वेक उप”

“ कार से आवाज आयी “ै हिटलर wake-up”

श्वेता “एक्टिवटे अटैक मोड “

ै हिटलर की आवाज आयी “अटैक मोड एक्टिवेटिड”

श्वेता लॉक थे टारगेट एंड सेलेकेट वेपन राकेट लॉन्चर”

ै “ वेपन टाइप सिलेक्टेड राकेट लौचेर प्रोसेस started…selecting….target…

मल्टीप्ल टारगेट सिलेक्टेड….”

श्वेता “ फायर”

बहार सामने खड़े वो 40 गुंडे पहले तोह इतनी बड़ी सुव को देख कर हैरान थे और समझने की कोसिस कर रहे थे …पर जब रूफ से उन्हें राकेट लॉन्चर बहार अत दिखाई दिया तोह उनकी फैट गयी और वो हैट ते उससे पहले हे उनके ऊपर अटैक हो गया सुर कई जानो के चीथड़े उड़ गए एक के बाद एक तीन राकेट लॉन्चर से फायर हुवे”

श्वेता ने जैसे हे राइट से कुछ को फायर करते हुवे कार के करीब एते देखा तोह बोली “एक्टिवटे फायर ब्रस्ट मोड ों राइट साइड”

“एक्टिवेटिंग फायर ब्रस्ट इन 5,4,3,2,1”

Shweta”fire”

कार से दो पम्पस बहार ए पहले जैसे कोई हावी इंजन चालू हो रहा ऐसी आवाज आयी और गरम हवा निकली और अगले हे पल उसमे से फायर ब्रस्ट हुवे और उस्तराफ के सरे गुंडई ाआग से झुलस कर निचे पड़े तड़फड़ाने लगे”

श्वेता “ आज ये श्वेता तुम्हारी हडियो का चूरमा बना डालेगी निर्वाण की बहन हु मैं” इतना कह उसने एक बटन दबाया और सुव खड़े खड़े हे पूरी घूम गयी श्वेता ने सुव को गियर मई डाला और झुलस कर निचे पड़े हुवे के ऊपर चढ़ा दी…. हावी मॉडिफाइड गाड़ी के वजन की वजह से उनका कचूम्बर निकल गया श्वेता ने रिवर्स गियर डाला और दुबारा से उनपर चढ़ दी….

बाकि गुंडे अब एक साथ फायर करने लगे पर सुव पर कोई फरक नहीं पड़ा…

बॉडीगॉर्ड “राज सर को ये बिलकुल पसंद नहीं आता वो आपको हमेशा इन सब से दूर रखना कहते ह इन्हे मैं आपसे भी बुरी मौत दूंगा ये वडा ह आप इन्हे लेकर हॉस्पिटल जाईये ये जायदा जरुरी ह”

श्वेता ने एक बार उसकी तरफ देखा और है मई गर्दन हिला दी पर जाने से पहले

हिटलर “एक्टिवटे स्पीक्स मोड”

ै हिटलर “स्पीक्स मोड एक्टिवेटिड”

उसके इतना कहते हे सुव के चारो तरफ से स्पीक्स बहार आगये और श्वेता ने सामने से फायरिंग कर रहे गुंडों की तरफ सुव को दौड़ दिया और कईयों के उनके पीछे सुव को भागकर उन्हें चीरती काट टी फाड़ती हुवी निकल gayiii….aur रस्ते मई हे फॅमिली डॉ को कहकर साडी इमरजेंसी बता दी और पुलिस वालो के लिए भी एम्बुलेंस के लिए व्यवस्था कर diii….par पीछे खड़े श्वेता के बॉडी गॉर्ड पर बचे हुवे ुंगुंडो ने गोलिया चला di…par श्वेता के बॉडी गॉर्ड का सूट कम्प्लीटली बुलेट प्रूफ था….

गुंडई हैरानी से उसे देखने लगे की इतनी गोलिया खाने के बाद भी खड़ा ह …वो इसी सदमे मई हे थे की उस बॉडी गॉर्ड ने जम्प के साथ एक पंच एक के सर पर मारा तोह उस्क्स सर खरभुजे की तरह फैट gaya….aur फिर एक की चेस्ट पर पूरी ताकत से पंच मारा तोह वो शख्स कई मीटर पीछे जा कर गिरा ….अगले दस मिनट उस जगह चीखे गूंजती रही और बॉडीगॉर्ड्स उनके सरीर की एक एक हदी का चुरा बनता gaya….aur जब चीखे ख़तम हुवी तोह चारो तरफ सिर्फ लाशो का ढेर था तभी साईरन की आवाज सुनाई देने लगी तोह बॉडी गॉर्ड तुरंत वंहा से गायब हो गया…..

वंही …. देवप्रयाग मई….

पूनम “थैंक यू इतने अचे खाने और मेरी जिंदगी की सबसे अछि शाम के लिए “

राज ने उसको मुस्कुरा कर देखा और फिर तेज़ आवाज मई कहा “वक़्त आगया की तुम क्या चाहते हो बताने का चलो बहुत दिएर तक निगरानी कर्ली ह अब सामने ाजाओ”

पूनम कंफ्यूज होकर इधर उधर देखने lagi….par उसे कुछ भी दिखाई नहीं दिया तभी अलग अलग कौनो से ब्लैक मास्क और ब्लैक ड्रेस मई 7 जाने बहार आगये और फिर अपूर्व चलता हुवा बहार aya….raj और अपूर्व दोनों की आंखे मिली …तोह अपूर्व बोलै “कैसे हो राज या यू कान्हू निर्वाण”

राज ने कोई रिएक्शन नहीं दिया और बोलै “जब पहली बार तुम्हारी आंखे देखि तब हे सक हो गया था की हम बहुत परिचित ह पर अब यकीन हो गया ह की हम अचे से परिचित ह पर पिछली बार की फाइट अधूरी रह गयी थी”

अपूर्व “इम्प्रेससिवे मरने को तैयार ह”

राज “विक्रम ने तोह कहा था की तू एक सच्चा यौद्धा ह और बराबरी की लड़ाई करके मुझे मरेगा”

अपूर्व “डेथ हेलो यौद्धा ह और बराबरी की हे लड़ाई करेगा पर तेरी फॅमिली ने मेरे भाई को मारा ह उसकी सजा तोह मिलेगी हे तुझे… लेकर औ तीनो को”

तभी शिवानी ,simran,aur रजनी को घाइत ते हुवे लाया गया…

पूनम “डीईईडीई”

पर राज ने पूनम का हाथ पकड़ लिया ..

डेथ हेलो “यही यही मज़बूरी देखनी थी तेरी आँखों मई …मेरे भाई ने धमकी दी थी …पर तुम लोगो ने मार दिया बिना जाने की उसका भाई कौन h…par सरप्राइज और भी ह तेरे लिए मैंने सुना ह तेरी वो ैप सोनाली बहुत खास ह ये ले ये देख ये लास्ट फोटो ह तेरी उस ैप और तेरे बाप जोगिन्दर की वीडियो भी ह लाइव दिखाऊ क्या वैसे भी कुछ दिएर बाद तुम तीनो साथ हे होवोगे... ये कहकर उसने मोबाइल राज की तरफ फेंक दिया जिसमे जोगिन्दर बेहोश पड़ा था और सोनाली भी अधमरी हुवी हालत मई पड़ी हुवी थी…”

डेथ हेलो राज की सकल देखकर “गुसा आरहा h….ana भी चाहिए मुझे भी आया tha…aur इधर देख …”

राज गुस्से से आगे बढ़ा तोह….

डेथ हेलो “वेट वेट तू एक कदम और बढ़ा तोह तेरे पीछे जो कड़ी ह वो और बाकि तीनो जो राफ्टिंग करने गयी ह वो भी marengi…..in तीनो के साथ ये बात तू अचे से जानता ह इसलिए हिलना मत मैं“

राज की आँखों मई खून उतर आया था और अब निर्वाण उस पर बुरी तरह हावी होने लगा …

डेथ हेलो ने तीनो के चेहरे से कपडा हटाया तोह तीनो ने एक साथ राज को देखा …और तीनो की हालत और राज की हालत देखकर डेथ हेलो “एक भाई की नज़र से दर्द का बदला दर्द ह राज तूने मेरे गुरु और भाई को मारकर जो दर्द दिया ह आज वही दर्द तुझे वापस कर रहा हु इतना कहते हे उसने सिमरन के गले को काट दिया ..

राज “नाहीईई ….तुझे मेरी जान चाहिए ले ले पर इन्हे छोड़ दे ये बेक़सूर ह इन्होने मेरे कहने पर किया था सब …इन्हे छोड़ दे ..”

डेथ हेलो “बस यही यही दर्द राज ….तुझे ये दर्द कभी सोने नहीं dega….tu हमेशा तड़पेगा और सबकी मौत का जिम्मेदार खुदको manega…har रात सपने मई ये मौत तुझे दिखेंगी”

तभी डेथ हेलो के पीछे से आवाज आयी…

“नहीं राज शान से जीना ह तुम्हे मैं खुस हु तुम्हारे लिए और तुम्हारे साथ जितनी भी जिंदगी ji…dii को प्यार देंना” इतना हे बोल पायी थी की उसकी गर्दन को डेथ हेलो ने काट दी…

राज “nahiiiii….main…tujhe जिन्दा नहीं छोडूंगा …उसकी आंखे आंसुओ से भीग गयीईइ thiiii…uski नज़र रजनी पर गयी जो एक तक उसी हे देख रही thi….uski आँखों मई दर का निशान इंच भर भी नहीं tha….death हेलो उसके पीछे गया और उसके बाल पकड़कर उसकी गर्दन पर धीरे धीरे नाइफ को घूमने लगा पर …रजनी की आँखों मई अभी भी दर्द की कोई लकीर नहीं थी और वो दर्द मई भी मुस्कुराते हुवे राज को देख रही थी….

राज जमीन पर घुटने के बल गिर गया और रट हुवे निचे हाथ मरने laga..uski आँखों से आंसू बाह रहे थे …उसे तीनो के बेजान सरीर निचे गिरे हुवी दिख रहे थे……

राज “क्यों क्यों क्यों …..ये बेगुनाह थी …तेरी दुश्मनी मुझसे thi…”wo बुरी तरह एक टूटे हरे हुवे इंसान की तरह पहाड़ की उस छोटी पर बैठा हुवा था…

पूनम थोड़ी दिएर बाद छीकते हुवे बोली “ बहुत रो लिए उन तीनो की मौत को जाया मत होने दो अगर तुम सच मई निर्वाण हो तोह आज इन 8 मई से कोई भी जिन्दा नहीं जाना चाहिए ह उठो और तीनो की मौत का बदला …वर्ण फिर कोई आएगा और तुम्हारे अपनों को तुम्हारी आँखों के सामने मार देगा…” ये आखरी सब्द राज के कान मई किसी हथोड़े की तरह बजने लगे की फिर कोई सीरगा और तुम्हारे अपनों को तुम्हारी आँखों के सामने मर देगा

राज ने एक नज़र तीनो क बेजानन पड़े सरीर को देखा और अपने आंसू पोँछता हुवा खड़ा हो गया…….

डेथ हेलो… “पता ह तुझे अभी अभी पता लगा ह की मंडावा मई तेरे घर पर तेरे अपने हे किसी ने हमला करवा दिया ह”

ये सुनते हे राज का खून गुसाई से भड़क उठा और उसका निर्वाण जो बहुत वक़्त से सो रहा वो जाग गया….

राज “आज के बाद मेरा कोई अपना नहीं मरेगा…” ये कहते हे उसने उसने अपने हाथ को हिलाया तोह उसका डैगर उसके हाथ मई आगया

डेथ हेलो ने अपनी लॉन्ग नाइफ को निकल लिया और बोलै “इसी दिन का तोह इंतज़ार था मुझे तुझे अपने हाथो से चीरने का आज या तोह तू नहीं बचेगा या तोह मैं नहीं बचूंगा अब अजा “

दोनों एक दूसरे की तरफ तेज़ी से भागे और एक जम्प के साथ कई फ़ीट हवा मई उछले और अपने हथियार से एक दूसरे पर वार कर दिया…


आज के लिए इतना हे 8.4 से से एडिटिंग करते हुवे 9.1 क वर्ड्स हो गया ….कोई न भाइयो के चलता ह ….toh…masti मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का…..
 
अपडेट 217

अपकमिंग अपडेट ...218

डेड एन्ड ....थे एन्ड ऑफ़ फेज तवो..... ब्लूद्भात कॉन्टिनुएस...
 
अभी मंडावा का फाइट सन हे प्रोसेस मई h....aur राज और डेथ हेलो की फाइट लिखना बाकी h....Thoda मामला तुफ्फ ह वेट ....
 
अपडेट 218 part 1...टुडे 11 पं एक्सपेक्टेड टाइम ......

डेड एन्ड ....

थे एन्ड ऑफ़ फेज तवो..... ब्लूद्भात कॉन्टिनुएस...
 
अपडेट को िमागिन यानि कल्पना करके पढ़े आपको अपडेट जायदा ाचा लगेगा....

अपडेट 218…


डेड एन्ड…

एन्ड ऑफ़ फेज तवो…..

ब्लूद्भात… Part ओने….

ओने ऑवर बिफोर….

प्लेस मंडावा…

ठाकुर जगमाल सिंह “आज से कई दसक पहले जब डकैतों ने मंडावा को अपना घर बना रखा था और हमारी माँ बहने बहु बेटियों की इज़्ज़त के साथ खिलवाड़ और बेकसूर गाँव वालो पर अत्याचार कर रहे थे तब …युद्ध मई मेरे और पिताजी का आप सबने पूरी हीमत के साथ युद्ध मई साथ दिया था और हमने उन डकैतों को मौत के घात उतार कर अपनी इस मात्रा भूमि को उनके अत्तंक से आज़ाद करवाया था …ऐसे हे एक बार फिर aaj….mujhe आपके साथ की जरुरत ह … दुस्मन हमारे मंडावा के बहार इस हवेली के हर शख्स को मौत के घात उतरने के लिए खड़ा ह ….और वो एक ह या 50 या 500 मुझे नहीं पता h……pata ह तोह सिर्फ इतना की मंडावा मई आज की रात खून की होली जरूर खेली jayegiii…ye लड़ाई इस बार मेरे परिवार की ह इसलिए जो साथ देना चाहता ह वो रूक कर मौत का कफ़न सर पर बांध le…kyoki वो हथियारों के साथ ayenge…aur हमारे पास सिर्फ कुछ हथियार के साथ सिर्फ lath,fawde ,सरिये ,पत्थर हे होंगे उनका सामना करने के liye…aur जो जाना चाहता h…wo अभी अपने परिवार को लेकर सुरक्षित जगह पर जा सकता ह यंहा से dur…mujhe कोई शिकायत नहीं होगी unse…kyoki ये उनका हक़ ह …और जो यंहा साथ लड़ेंगे वो जिन्दा बचेंगे इसकी गॅरंटी भी नहीं दे सकता हु….

जगमाल सिंह ये बात अपने सामने खड़े पुरे मंडावा वालो से बोल रहे थे …जगमाल सिंह की बात सुनकर चारो तरफ शांति चा गयी..…

तभी उस शांत और घम्बिर हुवे माहौल मई भीड़ मई से एक बूढी औरत अपनी लाठी के सहरे चलती हुवी आगे ayi…..aur मारवाड़ी मई बोली “के बात करे ह ठाकुर तू महरे बेटे जैसा h….aur महरा रहते महरे बीटा न्न कोई हाथ लगते पोल्ल पड़ी ह के… कोई लाडे या न लाडे थे साथ मैं जरूर लड़ूंगी थे साथ …करमजलों के सर फोड़ दूंगी लाठी से समजायो …….”

तभी साडी औरतो की भी एक साथ आवाज आयी… “है थुकुर सा छोटे ठाकुर सा राज ने के नहीं करवाया ह गाँव के liye…ap सबने तोह हम सब औरतो की जिंदगी संवर दी नहीं toh….ye मर्द दारू पी पी के पड़े रहते थे और लड़ते फिरते थे humse…bhale हे महरा हाथो मई चुडिया ह पर औरत अपनी पर ाजवे तोह मर्द से काम कोनिया h….hum सब आखिरी सांस तक लड़ेंगी थे साथ”

अब औरतो की ललकार भरी बात सुनकर गाँव के मर्द जो ठाकुर साब की बात ख़तम होने का इंतज़ार कर रहे थे उनमे से एक गाँव वाला बोलै“ अरे के बोले जारही हो तुम सब बावली होगी ke…humne कब मन किया हम तोह ठाकुर सा की बात सून रहे the……mai भी मर्द हां मर्द डरा कोणी क्यू भाइयो nikalo….fawada सरियो daantal(katar) आज काट डालेंगे सारा न…”

गाँव वालो की जोश भरी बात सुनकर जगमाल सिंह… “तीख ह सुरुवात उन्होंने की तोह अंत हम करेंगे…. एक मतलब एक भी जिन्दा नहीं जाना चाहिए ह ….अब मैं जो कहता हु वो सुनो गाँव के सभी बचो को जल्दी से यंहा ले औ वो यंहा सुरक्षित रहेंगे और आज मंडावा के किसी भी घर की एक भी लाइट नहीं जलनि चाहिए ह और हर गली मई पानी के मटके खली करके फोड़ डालो …ताकि उनके चलने की आवाज हमे सुनाई दे सके aur…sari औरतो यंहा से टेल लेजा कर कांच की बोतल मई भर ले और जब वो आएंगे उनपर फेंक कर चिप जाएँगी इसे जायदा कुछ नहीं करना ह आप सबको और खतरा दिखते हे सुरक्षित जगह चिप जाना h…aur कुछ आदमी हर घर की छठ से आग जलकर उन पर एक बोतल फेंक देना जिससे वो चौंक जायेगा ..और phir…jagmal सिंह एक एक करके हर बात बताते चले gaye….sabhi गाँव वाले जगमाल सिंह की बात सुनकर तुरंत अलग अलग बताये गए काम को पूरा करने के liye…jaldi से चले गए…

उनके जाने के बाद….

जगमाल सिंह.. “ भीमा कितने आदमी ह …हवेली के लिए”

भीमा “करीब 30 आदमी ह अभी और अगर अभी बहार या आसपास के गाँव से बुलाये तोह वो अलर्ट हो jayenge…aur अभी हे हमला कर देंगे”

जगमाल सूंघ “तीख 30 के 30 को तैयार रहने को बोल दो और पलटकर शेरदिल से “बीटा अली के रहते सामने से कोई उसके अपनों को छू नहीं पाया था और आज ये जिमि दरी राज के यंहा नहीं होने पर तुम्हारी ह …क्योकि ये तोह तय ह वो हवेली के पास पहुंचेंगे हे इसलिए चाहे कुछ भी जाये उन्हें हवेली मई परिवार तक नहीं पहुंचने देना …उन हरामजादो को हवेली तक पहुंचने की कीमत चुकनी हे होगी”

शेरदिल “नानाजी वडा ह मेरी लाश को पार करके हे वो जा पायेगा और अगर हथियार काम पद गए तोह हाथ से चीयर डालूंगा पर हवेली के एक पत्थर को भी चुनने नहीं दूंगा …”

ऊपर हवेली मई ..

अजय “ड्रोन्स कितने रेडी ह”

जानवी “10 रेडी ह”

अजय “ब्लास्ट वाले”

जानवी “ वो भी रेडी ह”

अजय “आल कंस”.

जानवी “आल वर्किंग”

अजय “स्टेटस ह क्या ह ड्रोन ओने का”

जानवी “वो सब अभी मंडावा से 5 कम दूर बहार रुके हुवे और टेंट्स मई ह…”

अजय “कितने ह “

जानवी “अप्प्रोक्स 50 ह “

अजय एक बार ड्रोन को मंडावा के चारो तरफ घुमा कर अचे से चेक करले”

जानवी “ok कप्तान”

जानवी ने ड्रोन को पुरे मंडावा को देखने के लिए घुमा दिया

तोह रूफ के ऊपर …

रिफत “श्रुती दी आपको स्निपिंग आती ह”

श्रुती “ये स्निप्पेर हर जगह ह मतलब हर घर मई जंहा अटैक होने के चान्सेस होते ह वंहा स्निप्पेर रखने के लिए तुम्हारे भाई ने बोलै हुवा ह और इसकी एक गोली एक साथ 2 को फाड़ सकती ह…”

ममता “हम क्या कर सकते ह आपके लिए दी”

श्रुती “ खुद को सेफ रखो और डॉ की हेल्प करो और गाँव से मेडिकल का जायदा से जायदा इंतज़ाम करो …ताकि प्राइमरी ट्रीटमेंट सबको टाइम से मिल सके ok” दोनों के जाते हे श्रुति ने दोनों तरफ दोनों स्निप्पेर सेट कर दी और बुलेट्स को पास मई रख दिया और खुदसे बोली “ लगता ह दादाजी ने जो बोतल दी थी अब उसे पीनी हे पड़ेगी. इतना कह उसने दादाजी की दी हुवी क्सक्सक्स स्पेशल व्हिस्की की बोतल निकली और नीट हे 5 घूँट भर लिए एक बार के लिए उसके सीने मई तेज़ जलन उठ गयी पर करीब हाफ ऑवर बाद जब असर हुवा तोह …उसे दर्द से कुछ आराम मिला और बोली “अब देखूंगी की कौन अत ह पास mai…assholes की अस्स फाड़ दूंगी …”सूरज धीरे धीरे छिपने laga….toh …मंडावा के आसपास के गाँवों मई स्पीकर पर तेज़ तेज़ आवाज आने लगी …….

दादाजी जो मंडावा हवेली के तीख सामने कम्फर्टेबले चेयर पर बैठे हुवे थे उनके चेहरे पर मुस्कराहट बिखर gayiii…aur धीरे से बोले “ाजाओ और कितनी दिएर लगेगी मेरी बन्दूक प्यासी ह तुम्हारे खून की”

मंडावा से करीब 5 कम दूर….

रंजन कॉल पर “सब तैयार ह”

दूसरी तरफ से “है सर सब तैयार ह”

रंजन” सबसे पहले अपने बिना गन वाले आदमियों को अंदर जाने को बोलना और बिना शोर शराबे के आगे बढ़ते जाये ..ताकि उनकी क्या तयारी ह हमे पता चल jaye…samaj गए”

दूसरी तरफ से “सर सीधा गन से गोलियों की बारिश कर देते ह कितने होंगे जयादा से जयादा 100 बस इसे जायदा होते तोह जैसा अपने कहा आपको पता होता ….”

रंजन “बस चूतिये कितना समझाया था तुझे ….तू नहीं जनता ह उन्हें मैं जनता हु उस खानदान को और उसका एक जाना भी क्या कर सकता ह ये भी समझा इसलिए मरना नहीं चाहता ह तोह जो कहा ह वो हे करना ….”

सामने से “जी बॉस”

रंजन “बस अब कुछ पल मई अँधेरा हो जायेगा तू तैयार रहना और हवेली मई घुसते हे जो सामने ए बस मरता जा औरत आदमी कोई मतलब कोई नहीं बचना चाहिए ह”

सामने से जी बॉस….

कॉल कट होते हे रंजन अपने हाथ मई पकड़ी दूरबीन से हवेली की तरफ देखने लगा…..

अँधेरे ने पुरे मंडावा को अपने आग़ोश मई धक् लिया….

जानवी “ Bhaiya…bahut सरे आदमी दिखाई दे रहा ह”

अजय ने जल्दी से “स्क्रीन पर देखा तोह उसने तुरंत एअर पीेछे मई कहा ….दादाजी वो गाँव के अंदर आरहे ह करीब 100 जाने ह और किसी के पास भी हाथ मई गन नहीं दिखाई दे रही ह”

जगमाल सिंह तुरंत अपनी चेयर से खड़े हो गए और शेरदिल की तरफ देख कर बोले ….अली सबका ख्याल रखना ….पर वो भूल गए की वो तोह शेरदिल ह….

जगमाल सिंह के साथ इस वक़्त कोई भी नहीं था ….वो गाँव के अंदर पहुंचे और सबसे बोले …तैयार हो जाओ दुश्मन ारः ह ….और कैसे भी वो गाँव पार करके पार करके आगे नहीं भढना चाहिए h….aj बलि का दिन ह माँ काली को दुष्टो की नर बलि chadao……sare गाँव वालो ने घर की लाइट्स भुझे दी और पूरा गांव अँधेरे मई डूब गया …सायद हे इस वक़्त कोई ऐसा था जिसके हाथ मई कोई हथियार नहीं था …और आज पहली बार था की गाँव के हर मतलब हर आदमी ने थोड़ी सी पी राखी थी ताकि जरा सा भी दर हो तोह मन का वो निकल जाये…….

गाँव के बहार से 100 जाने अलग अलग गलियों से अंदर घुसाई ….जबकि गाँव की औरते घर की छठो पर बैठी हुवी उनका इंतज़ार कर रही थी…. वो लोग हाथ मई knife…sword कट्टर रोड्स घुपति ..लिए हुवे इधर उधर धयान से देखते हुवे अंदर घुसाई …….तोह उन्हें घूप अँधेरे मिला …जो की सबके लिए चौकाने वाला था पर इसे जायदा चौकन्ने वाला ये था की उन सभी ने गाँव वालो को 7 बजे मैदान मई पहुंचने का टाइम दिया था रामलीला के लिए जबकि अभी वंहा कुछ हे जाने पहुंचे थे और वो भी वही पहुंचे थे जो की बिलकुल बूढ़े हो गए थे… करीब 50 मीटर गाँव के अंदर आगे आने के बाद उनका पेअर टूटे हुवे मीठी के घडो के टुकड़ो पर पड़ा और उसके टूटने की आवाज उस स्पीकर के शोरे मई भी इतने लोगो के पैरो के कारन हो रही टूटने की आवाज से सुनाई देने लगी और तभी आदमी छठ पर बैठे एक आदमी के इशारे par…sab औरते मन मई गिनती गिनने lagi…ek दो तीन चार पांच छे.. sath..aaathh…no..aur दस …कहते हे हाथ मई पड़ी बोटलो को गलियों मई तेज़ी से फेंकना सुरु कर दिया और लगभग सभी गाँव की गलियों मई ये एक साथ हुवा ….और निचे गली मई चल रहे आदमी समाज पते उसी पहले हे कांच की बॉटल्स उन पर फूटने लगी और कुछ जिनके सर पर पड़ी वो दर्द से चीकने लगे बोतल के टूटने के बात एक अजीब सी सुगंध वंहा फ़ैल गयीईइ और जो बच गए थे वो नाक से उस फैली हुवी अजीब सी सुगंध को जल्दी सूंघने लगे ….पर तभी एक जाना चिल्ला कर बोलै ब्ब्ब्बाँचोड़ ये… ye….toh मीठी का टेल ह …..पर उसकी बात सून सब अलर्ट हो पते …उन्हें अपने ऊपर से अचानक रौशनी नज़र आने आने लगी …और सब उस रौशनी को देख दहशत मई आगये …और इधर उधर जान बचने के लिए भागे पर तब तक वो आग जाली हुवी लकडिया उन के ऊपर बरसने लगी और आग तेज़ी से धहक uthi…sab के बिच अफरा तफरी मच गयी …और इधर उधर होकर अपनी जान बचने लगे……

कुछ जान बचाकर पास के घर के आंगन मई कुढ़ gaye….aur एक जाना उनमे से एक घर के अनजान मई कुढ़ कर अपनी पहली चैन की सांस हे ले रहा था की …किसी ने उसके मू पर हाथ रखलिया और दो ने उसके हाथ पकड़ लिए और एक जाने ने हाथ मई पकडे चाकू को उसके पेट मई कई बार उतर दिया …और अंत मई उसकी गर्दन को काट दिया …पास के हर घर के आंगन मई जो कूड़ा उसका यही हाल huva……kuch दिएर बाद जब सब इस अचानक हुवे हमले से संभाले तोह …एक गुसाई से चीक कर बोलै “मादरचोद गाँव वालो ने छिपकर हमला किया ह सब सतर्क रहो”

तेज़ आवाज मई उसकी आवाज छठ पर बैठी उसी बुढ़िया ने सुनली और वो धीरे से पास बैठी से बोली …राम राम कैसी बाते बोल रहा ye…main अभी जवान होती तोह इसकी मैया छोड़ देशी” उसकी ये बात सुनकर पास की औरतो को भी शर्म आगयी…...

निचे खड़े गुंडे का लीडर… “हर घर के अंदर से घुसते हुवे जाओ …और कोई भी मिले जान से मार डॉब्स हम से होशियारी”

अब सब अलग अलग होकर घरो की तरफ जाने लगे तोह अलग अलग घरो के ऊपर बैठी हुवी औरते भी छठ से तेज़ी से निचे आगयी …और धीरे से घर के पीछे से होती हुवी अपनी बनायीं गयी जमीन के निचे सुरक्षित जगह चली gayiiii…kyoki आगे उन्हें पता था क्या होने वाला h……ek घर के बहार गुंडों 5 जानो मई से दो ने घर के गेट पर लात मारी और दरवाजे को तोड़ दिया और अंदर धयान से देखते हुवे घुस गए ….पर घर के अंदर घूप अँधेरा था खली थोड़ी सी वही रौशनी अंदर आरही थी जो गली मई जमीन पर आग लगने की वजह से हो रही thi….sab ने अपने हाथ मई पकड़ी तलवार और बड़े चाकू को कास कर पकड़ लिया और आगे बढ़ने lage….par उन्हें घर मई कोई दिखाई नहीं diya…ab एक जाना छठ पर गया देखने के लिए तोह वंहा भी कोई भी दिखाई नहीं diya…sab घर के अंदर से तलाशी करते हुवे घर के पिछले दरवाजे के पास पहुंचे और बहार निकलने के लिए एक ने एक कदम हे आगे बढ़ाया था की khacchhh…ki आवाज आयी और जिस पेअर के साथ उसने अपनी गर्दन गेट से बहार निकली थी वो धढ़ से अलग हो गयी ….उस के पीछे खड़े …सरे जाने कई कदम पीछे हैट ते हुवे वापस घरके हॉल मई agaye….aur तब उन्हें एक सर पर साफा बंधे हुवे और मूंछो पर तांव देता हुवा और दूसरे हाथ मई बड़ी सी कुल्हाड़ी लिए हुवे भीमा अंदर एते हुवे दिखाई दिए….

“एक दो तीन चार बस इतने हे… कोई बात नहीं …पहले तुम्हारी हे बलि चढ़ाऊंगा”

इतना कहते हे उन्होंने हाथ मई पकड़ी कुल्हाड़ी को सीधी फेंक कर एक की तरफ मरी और वो गुंडा न समाज पाया और न कुछ बचने के लिए कर पाया बस जो किया वो तेज़ी से आरही किल्हाडी ने किया वो उसे अपने फाॅर्स के साथ पीछे उड़ाती हुवी ले गयी और पीछे जाकर दीवार से उसे लेकर टकराई और वो वंही मू से खून थूकता huva…maut को प्यारा हो gaya…baki तीन जल्दी से होश मई ए और एक ने अपने बड़े से चाकू से भीमा पर वार किया …तोह भीमा ने एक हाथ से उसके चाकू वाले हाथ को रोका और फिर दोनों हाथ से उसके चाकू वाले हाथ को पकड़कर उसे ताकत से गोल घुमाया और घर के बिच मई बने पिलर पर दे mara….jo टूट गया और छठ मई दर्रा agayii…ab बाकि दो की तरफ देखकर “ मौत तोह अणि हे ह एक दिन तोह आज हे सही…” और एक रपटा खींचकर एक के कान के निचे ताकतसे मारा वो सुन्ना होकर हिला तोह निचे झुक कर एक पंच उसकी थोड़ी पर दिया वो ऊपर उड़ता हुवा ऊपर लगे पंखे से टकरा कर निचे गिरा …अब बचे हुवे एक की तरफ वो तेज़ी से भागे और उसके वॉर से बचते हुवे उसे कमर से पकड़कर ऊपर उठा लिया और पीछे की देवर पर दूगनी ताकत से फेंक दिया …और वो दीवार तोड़कर सीधा बहार जाकर gira…bheema बिना वक़्त गांवए दूसरे घर के पीछे चले गए तोह ..एक घर मई …5 गुंडे घुस गए थे उनको भी उस घर मई घूप अँधेरा हे मिला पर उन्हें शॉक तब लगा जब अंदर 10 गाँव वाले उन्हें मोबाइल की रौशनी करने पर उनसबको चारो तरफ से चुप चाप घेरे हुवे गुसाई मई खड़े दिखाई diye….wo इस अचानक हुवी घटना से उभर पते उसे पहले हे एक गांव वाला मारवाड़ी मई गली देते हुवे बोलै “थी भानचोदू ..महरे ठकुरसा न मारस्यो…” इतना कह हाथ मई पकडे लेथ को घुमाकर एक के सर पर दे मारा और बाकि भी टूट पड़े …चाकू …और रोड साइज मई छोटे होते ह इसलिए वो गाँव वालो तक पहुंचते उसे पहले हे एक एक लेथ उन सब पर पद चूका था और गाँव वाले पक्के लठैत होते h..unka वार पका था किसका सर फुटहा तोह किसका कन्धा टुटा …पर गाँव वाले जो अंग्रेजी पिए हुवे थे वो गुसाई मई लेथ बरसते rahe…aur सबको मार मार कर अधमरा करके कमरे मई फेंक दिया….

हर घर मई …यही हाल था करीब 50 आदमी मरे जा चुके थे और अभी तक कोई भी गाँव वाला घायल नहीं हुवा tha…ab बाकि बचे हुवे गाँव के अंदर से घुसते हुवे गाँव को पार कर चुके थे ….पर अब उनके सामने हाथो मई रोड और लेथ लिए हुवे …बहुत सरे गाँव वाले खड़े दिखायी दिए …

गुंडा “मादरचोद सब तयारी करके बैठे हुवे थे…. आज इनमे से एक भी बचना नहीं चाहिए ह हमपर चुपके से हमला करते h…maar डालो सालो को…”

गाँव वाले और गुंडों की फौज मई आमने सामने की घमसान लड़ाई चीड़ गयी जंहा गांव वालो को जगमाल सिंह ने पहले हे कह दिया था की किसी को भी अपने सरीर के पास मत आने देना क्योकि सरीर मई वो तुमसे ताकत मई जायदा हो सकते ह पर तुम्हारी लेथ बाज़ी के आगे वो हर jayenge…aur यही काम वो अभी कर रहे थे उन्होंने एक दूसरे से इतनी दुरी बना राखी थी की आपस मई न टकरा जाये और अँधा धुन तेज़ी से लेथ और बड़ी रोड को घुमा घुमा कर गुंडों का सर फोड़े जा रहे थे जमीन पर 15 मिनट मई हे कुछ गाँव वालो के घायल होने के अलावा सरे गुंडे जमीन पर अधमरी हालत मई फाड् फाड़ा रहे the…aur कुछ पल बाद हे उनके सर पर भी वार करके उनकी फड़फड़ाहट गाँव वालो ने पूरी तरह से मिटा दी thi….sabhi गाँव वाले अपने माथे पर आया पसीना पॉंच हे रहे थे की एक गोली आकर एक को लगी और वो वंही मर गया …फिर दूसरे को lagi…aur वो भी वंही मर gaya….tabhi उन सबने इधर उधर देखा तोह गाँव की एक छठ से भीमा भागने का इशारा कर रहे थे और वो सब गाँव वाले इशारा समझते हे भागे हवेली की तरफ …पर पीछे से आरही गोलियों से एक के बाद एक गाँव वाले मरते जा रहे the….chath पर बैठी श्रुति को स्कोप मई गाँव वाले भगयते हुवे दिखाई दिए …और जब उसने उनके पीछे देखा तोह चौंक gayi…unke पीछे 200 हथियारों से लेस्स आदमी अलग से गाँव की गलियों से आरहे थे जिनमे से काफी के पास आटोमेटिक गन्स thi…aur लगातार फायर कर रहे the…..shruti ने तुरंत अपना एआईएम उन गन्स वालो पर लिया और फायर कर diya…goli हवा को चीरती हुवी गयी …और एक के सीने को फाड़ते हुवे पीछे वाले पेट मई लगीई….

श्रुती “किसी को नहीं chodungiii….”uska टारगेट गन वाले हे थे ….

कुछ वक़्त पहले दिल्ली …सुनील जो सब कुछ संभलकर फ्री हुवा था और सिक्योरिटी के बारे मई सोच रहा tha…usai सामने से उसकी सेक्रेटरी घबराई हुवी तेज़ी से भगति हुवे आती दिखायी दी उसका दिल जोर किसी अनहोनी के लिए धड़कने लगा

सेकरट्री “सर आपको कबसे धुंध रही hu…ap मोबाइल भी ऑफिस मई भूल गए थे …..”

सुनील “सब तीख ह”

सेकरट्री “नहीं sir…ajju नाम से किसी का कॉल आया था उन्होंने कहा ह की सोनाली मम और जोगिन्दर सर पर अटैक हुवा ह और वो सीरियसली इन्जुरेड ह आप श्वेता मैडम से कांटेक्ट कजिये वो उन्ही के पास ह और अभी फोर्टिस हॉस्पिटल मई उनका ऑपरेशन चल रहा ह”

सुनील तुरंत हॉस्पिटल की तरफ भगा जंहा पूरा हॉस्पिटल पुलिस की जबरदस्त सिक्योरिटी से घिरा हुवा था काउंटर से पूछकर वो तुरंत ऑपरेशन थिएटर की तरफ भगा जंहा उसने श्वेता और चीफ को टेंशन मई पाया….

सुनील कुछ बोलता उसे पहले हे ….श्वेता ने उसे खींचकर थपड मार दिया और बोली “आपकी जिमेदारी thi…na भाई …कितने कॉल किये आपको एक बार …एक बार भी उठा लेते तोह ये नौबत नहीं अतिई”

चीफ श्वेता को गले लगते हुवे “कलम डाउन श्वेता …कप्तान भाई पर भी अटैक हुवा था इसलिए सुनील नहीं पहुंच पाया और सरे अटैक एक साथ हे हुवे ह …ये सब प्रे प्लांड tha…isliye कोई कुछ नहीं कर पाया”

सुनील “सर कैसे ह अब दोनों “

चीफ “कुछ कह नहीं सकते ह डॉ ने अभी तक कुछ नहीं कहा अभी भी अंदर ऑपरेशन चल रहा ह इंजरी बहुत गहरी आयी ह”

सुनील ने गुसाई मई पास मई एक स्टील चेयर पर पंच मारा जिसपर बुरी तरह डेंट पद gaya…..aur फिर फ़ोन निकलकर अज्जू से … “किसने किया”

अज्जू “अभी तक कुछ कन्फर्म पता नहीं चला ह पर दिल्ली अंडरवर्ल्ड के इलावा भी कोई और शामिल ह जिसने आराम से और बेहद शातिर तरीके से साडी जगह एक साथ हमला किया ह'

सुनील गुसाई se“sari जगह से क्या मतलब ह आपका”

अज्जू “मंडावा पर भी अभी अभी हमला सुरु हो गया और करीब 300 के आसपास गुंडों ने एक साथ हैठियारो के साथ अटैक किया h…aur गुंडों की संख्या जायदा भी हो सकती ह सबसे बड़ा अटैक तोह मंडावा पर हे हुवा ऐसा लग रहा बाकि सरे अटैक तोह सिर्फ उलझने के लिए हे थे”

सुनील लॉबी मई सरे पुलिस वालो के सामने छीकते huve“main सबको मार dunga…aj के बाद ये अंडरवर्ल्ड का नाम इस दुनिया से मिटा dunga…kisi को जिन्दा नहीं छोडूंगा मुझे जाना होगा ”

अज्जू “अब आप कुछ नहीं कर सकते ह आप पहुंचेंगे जब तक जो होना ह वो चूका होगा सुनील भाई …आप बस यंहा धयान रखिये वंहा ….जो होना ह अब वो होकर रहेगा”

सुनील अपना मोबाइल गुसाई से दीवार पर फेंक कर मरते हुवे गुसाई और बेबसी से तिलमिलाता रह गया ये पहली बार था जब उसकी आँखों मई आंसू ए थे…

चीफ उसके कंधे पर हाथ रखते huveb“kya हुवा सुनील”

सुनील “मंडावा पर हमला हो गया ह”

चीफ कुछ पल रूक कर “मैं अभी पुलिस सपोर्ट भेजता हु वैसे जो भी इन अटैक के पीछे ह वो सब जानता ह हमारे बारे मई और अगर वो सच मई जनता ह तोह सबसे जायदा खतरे मई राज को होना चाहिए जबकि उसकी तरफ से कोई ऐसी न्यूज़ नहीं मतलब उसपर अब तक अटैक हुवा नहीं ह या होने वाला ह या फिर ”

ये सुनते हे मनो सुनील के पैरो के निचे से जमीन खिसक गयीईइ और उसने तुरंत श्वेता के मोबाइल से राज को कॉल लगाया बूत नॉट रचाबळे आया उसकी हालत और ख़राब हो गयी फिर मित्युदूत को कॉल लगाया तोह उसने कहा की सब तीख ह और कुछ दिएर बाद वो जा हे रहा ह मास्टर के पास बात करवा देगा पर अब सुनील का दिल बस राज को सेफ देखना चाहता था इसलिए तुरंत वो चीफ से कुछ कह कर निकल gaya…….par हेलीकाप्टर के उड़ते हे उसकी …वाच मई बीप बीप की साउंड आने लग गयी जिसे देखते हे उसकी आँखों मई गुसाई और क्रोध की अग्नि धधक उठी…….

मंडावा…

श्रुती लगातार एक के बाद एक गोलिया बरसाए जा रही thi….aur हर शॉट मई एक जाना मरता जा रहा था….

हवेली के सामने 100 मीटर पहले …जमीन ऊपर की तरफ हुवी और जगमाल सिंह बहार निकले और अपनी दोनाली फायर करदी …और दो जानो को वंही ढेर कर दिया फिर निचे वापस अंदर घुस कर रीलोड करि और फिर फायर kardiya…par 20 जानो के मरने के बाद भी वो हवेली के बेहद करीब आ गए थे थे….

जगमाल सिंह ने अपनी पॉकेट से दो ग्रांडे निकले और जल्दी से एक के बाद एक आगे की तरफ फेंक दिए बूम की आवाज के साथ कईयों के परखचे उड़ गए और कई बुरी तरह घायल हो गए …तब एक की हलकी नज़र जगमाल सिंह की तरफ गयी तोह वो चिल्लाया …वो वंहा जमीन की तरफ फायर करो …वंहा कोई ह ..जगमाल सिंह तुरंत उस सुरंग को बंद करके वापस दूसरी तरफ निकल गए और अबकी बार उनसे 50 मेटेरे दूर निकले …और सबको धयान से देखने lage….aur कुछ और आगे आने का इंतज़ार करने लगे …तब गुंडों की उस टीम के लीडर ने सबको छोटे छोटे ग्रुप्स मई अलग होकर आगे भड़ने का ईशर किया

जगमाल सिंह “ाजाओ हर्मियो ये मेरा घर ह यंहा मेरा र राज़ चलता ह” और कुछ और मीटर उनके आगे एते हे हाथ मई पकडे रिमोट का बटन दबा दिया और एक लाइन से लगातार कई बम उन सबके बिच मई फैट गए और एक झट मई हे लगभग आधे से जायदा लोग मरे गए … जगमाल सिंह के चेहरे पर क्रूर मुस्कान आगयी और वो सुरंग से वापस हवेली की तरफ निकल गए …

….श्रुती अभी भी एक एक करके गुंडों को मार गिरती जा रही थी ..पर तभी एक बुलेट उसके तीख बगल की दीवार को फाड़ती हुवी निकल गयी वो तुरंत अपनी स्नाइपर को निकलकर साइड हो गयी और एअर पीेछे मई बोली… “भीमा अंकल वंहा गाँव मई स्निप्पेर ह जिसने मुझे देख लिया h…apko उसे किसी भी हाल मई ढूंढकर ख़तम करना होगा वर्ण वो हमारा सर दर्द बन जायेगा”

भीमा “अजय गाँव वालो के बेसमेंट मई घुसते हे हवेली को लॉक करदेना अब आमने की लड़ाई सुरु होने वाली ह”

अजय “पर दादाजी ह बहार”

भीमा “सुना नहीं जो कहा मैंने”

अजय जी चाचा जी..

और गाँव वाले के हवेली मई बने बड़े से बेस मेन्ट मई घुसते हे अजय ने दीवार पर अपने पास लगे एक बटन को प्रेस कर दिया और फिर हर विंडो हर दूर के आगे स्टील की मोती शील्ड अति चली गयी और हवेली पूरी तरह एक अभेद किल्ले मई तब्दील हो गयी जिसे भेदना बहुत मुश्किल होने वाला tha….ab गाँव की औरते गाँव के ख़ुफ़िया बेसमेंट मई सेफ थी और गाँव के आदमी बेसमेंट मई अपनी छोटो का इलाज करवा रहे थे और ममता रिफत छोटी चची …शेरदिल की maa…sabko दवाई देने और लगाने मई डॉ की हेल्प कर रही थी…

वंही श्रुती की बात सुनते हे भीमा गाँव मई छिपे हुवे स्निप्पेर को ढूंढने लगे…

तोह दूर से सारा तमशा देख रहा रंजन एआरपीएस मई दूसरे 200 आदमियों की टीम जो अलग से रोक राखी थी उनसे बोलै “अब टाइम आगया असली अटैक का …सब का धयान आगे की तरफ ह … तुम सब पीछे से अटैक कार्डो घरकी शील्ड बहुत मजबूत ह इसलिए शील्ड को तोड़ने के लिए बम से उदा दो और हवेली मई घुसकर पूरी हवेली मई लाशो का ढेर लगा दो…...” रंजन की बात सुनते हे उन सरे गुंडों ने अपनी आटोमेटिक गन अनलॉक करि और हवेली की दूसरी तरफ से अँधेरे मई आगे भड़ने लगे ….जंहा पर गेंहू की फसल कड़ी thi…aur वो सब उसमे छिपकर आराम से आगे भड़ने lage….par वो भूल गए थे की हवेली मई …2 जाने एडवांस टेक्नोलॉजी के साथ मौजूद थे जो भले हे हाथ से लड़ने मई सक्षम नहीं थे पर टेक्नोलॉजी मई उनके बाप the…unke लगाए हुवे सेंसर ने तुरंत अपना काम कर दिया …और जानवी की स्क्रीन पर एलीट की बीप आने लगी…

जानवी “भैया हवेली के पीछे से 100 मीटर की दुरी पर बहुत सरे जाने ह ी मैं सेंसर के अकॉर्डिंग 200 काउंट हुवे ह”

अजय ने तुरंत उस तरफ की स्क्रीन पर फोकस किया ..toh..janvi ने तुरंत श्रुती को अलर्ट कर diya…….aur अपने पास से डी6 लिखे हुवे एक बटन पर फर्श किया तोह एक बड़ा सा ड्रोन छठ से निकलकर ऊपर हवा मई उड़ गया …जिसका साइज हे काफी बड़ा था …उसके फैन की आवाज़ स्पीकर और गोलियों की आवाज मई डाब गयी थी वर्ण दूर से हे उसका पता लग जाता जैसे कोई मिनी हेलीकाप्टर ारः ho….jaanvi उस ड्रोन को उन सबके ऊपर ले gayiii…….aur मुस्कुराते हुवे बोली बदूँक्लेस सुई खायी ह कभी” इतना कहते हुवे एक बटन फर्श कर दिया ऊपर उड़ रहे डरने के निचे एक सर्किल जिसे रिंग बहार निकली और धीरे धीरे gol.gol घूमते हुवे तेज़ी से घूमने लगी और कुछ पल बाद उसमे से एक के बाद एक कई होल्स मई से बहुत साडी सुइया ड्रोन से लॉन्च हुवी और निचे की तरफ उन सब पर भरसने lagi…niche वाले कुछ गुंडों क के जैसे हे कुछ सुईया लगी वो दर्द से कसमसा गए क्योकि सुईया सरीर के अंदर काफी घुस हद तक पूरी घुस गयी थी …और जल्द हे दर्द से तड़पते हुवे एक का ध्यान ऊपर गया तोह उसने गन की गोलिया ड्रोन पर भरसा diii…aur ड्रोन कटी पतंग की तरह निचे आकर गिरा….5 जाने उस ड्रोन को देखने लगे तोह बाकि सुई जो अंदर घुस गयी थी वंहा दर्द की वजह से मसलने lage…par उन्होंने गौर नहीं किया था की ड्रोन के निचे की तरफ एक उलटी गिनती चल रही ह….

जानवी “अब ज़रा धमके का टास्ते ले लो बूम ”और कुछ पल बाद हे बूम की आवाज हुवी और वो पांचो उस ड्रोन के अंदर फिट बम के साथ हे मर गए …… जानवी ने बाकि 5 डरने और लॉन्च कर दिए और अपनी सुईयों का कहर जमकर बरसयस सबके ऊपर ….

अब श्रुती ने भी उनकी तरफ मोर्चा संभल लिया पर वो सरे अब कुछ हे दूर रह गए the….haveli की चार दीवारी से …

वंही गाँव के अंदर भीमा जो स्निप्पेर को धुंध रहे थे उन्हें कुछ अजीब सा महसूस हुवा और वो वंही रूक गए और चारो तरफ देखते हुवे बोले ाजाओ सामने उनका इतना कहते हे 4 जाने अँधेरे से निकलकर सामने गए जिनके हाथ मई स्वार्डस थी और वो बिलकुल त्रिनेड फाइटर लग रहे the……bheema ने भी अपनी कुल्हाड़ी को हाथ मई ले लिया ….वो समाज गए थे की बाबूजी ने क्यों उसे गाँव मई हे रहने को कहा था क्योकि असली खतरा तोह इन सबके पीछे से ारः tha….unke पीछे से एक शख्स आगे आया जिसने मसक पहना हुवा था और उसने पॉकेट से गन निकली और भीमा की टांग पर मार di……bheema एक घुटने पर agaye…toh उस शख्स ने एक गोली भीमा के पेट मई मार dii…bheema दर्द से कराह उठे पर ये वक़्त दर्द को देखना का नहीं था उन्होंने तुरंत अपनी कुल्हाड़ी उस शख्स की तरफ फेंकी …और कुढ़ कमर से बड़ा सा खंजर निकल कर उस गन वाले को मरने के लिए भागे पर वो शख्स कुल्हाड़ी से बचता हुवा तुरंत पीछे हो गया और बोलै … “ठाकुर का खास कुत्ता ह ye…mardo सेल को और कई टुकड़े करना इसके मैं जब तक हवेली मई मौत का तांडव देखने जा रहा हु”

भीमा जो भाग कर वार करने आरहे थे उसके वार को आगे खड़े दोनों जानो ने ब्लॉक कर दिया और एक किक भीमा की चेस्ट मई जड़ diii…jisai भीमा वापस उड़कर पीछे जाकर गिरे ….

भीमा “मज़ा आया बहुत दिनों बाद बराबर की टककर का कोई मिला ह”

भीमा ने अपना कुरता फाड़कर दूर फेंक दिया जिसके निचे बुलेट प्रूफ जैकेट पहना हुवा tha….samne से दो जानो ने एक साथ अटैक किया तोह भीमा एक जब के साथ पीछे कुढ़ गए पर पेअर मई लगी गोली की वजह से उनकी दर्द से भोंहे सिकुड़ gayi….ab बचे हुवे दोनों सोर्ड घूमते हुवे उनकी तरफ आने लगे …तोह भीमा बचते हुवे और दो कदम पीछे आगये और पीछे की दीवार से टकरा गए ….तभी उनकी नज़र निचे पड़ी एक लोहे की चौसंगी पर पड़ी और उन्होंने उसे उठा liya…….aur बोले …गाँव का देसी हथियार …अब जैसे हे एक ने वार किया तोह भीमा ने बचते हुवे चौसंगी को एक के पेट मई घोप दिया जो उसके पेट को चीरती हुवी पीठ से बहार निकल गयी उन्होंने एक हाथ से उसे ऊपर उठा लिया और एक तरफ फेंक कर … “एक गया”…

तीनो कुछ समझते उसे पहले हे भीमा एक की तरफ lapke…aur चौसंगी का वॉर किया उसने सोर्ड से रोका तोह भीमा ने अपने हाथ मई पकडे खंजर को उसकी गर्दन मई उतर दिया……. और बोले “अब 2 बचे” …और फिर तेज़ी से दोनों की तरफ भाड़े और एक की तरफ खंजर को फेंका ….और दूसरे की तरफ बढ़ गए और उसकी तरफ चौसिंगी को फेंका जिसे उसने सोर्ड से रोक तो लिया पर प्रेशर से कई फ़ीट पीछे चला गया अभी वो कुछ और करता …भीमा ने उसका सोर्ड वाला हाथ पकड़ा और उसे पीछे से अपने कंधो के ऊपर से घुमाकर उठाकर जमीन पर ला पटका वो चिल्ला भी नहीं पाया था की भीमा ने तुरंत उसे वापस उठाया और …आखिर बचे हुवे की तरफ फेंक दिया ….आखिर वाला होशियार था वो तुरंत साइड हुवा और अपनी तरफ अटैक करने आरहे भीमा के कंधे के आरपार सोर्ड को उतर दिया ….पर भीमा ने भी दर्द की परवाह किये bina…uski गर्दन अपने दूसरे हाथ से पकड़ली और उसे पीछे दीवार के सहरे लेजाकर ऊपर उठा लिया ….अब वो तड़फड़ाता हुवा छूटने की कोसिस करने लगा पर ये भीमा था उसे हर माननी पड़ी और वो मर गया ….भीमा ने सोर्ड को बहार निकला …और वो गांव साफ़ हे कर रहे थे की तभी उनको नज़र छठ के ऊपर से दुरी तरफ जाते हुवे एक साये पर पड़ी …और वो समाज गए ये वो स्निप्पेर ह जिस साई सबसे जायदा खतरा h…wo उसके पीछे भागे …स्निप्पेर अभी एक घर की छठ पर पोजीशन लेकर हवेली की चार दीवारी से निगरानी रख रहे एक को शूट करता उस साई पहले हे उसका विशन धुंधला हो गया ….और जैसे हे उसने ऊपर देखा भीमा ने उसकी आंख मई खंजर घुसा दिया ….स्निप्पेर दर्द से बहुत जोर से चीखा …


भीमा “स्निप्पिंग करेगा ये ले और दूसरी आंख मई भी खंजर घुसा दिया ….और बोले “अब करता रह स्निपिंग”….

इतना कह वो हवेली की तरफ जा रहे बचे हुवे गुंडों की तरफ पीछे से हमला करने के लिए निकल गए पर उनके दिमाग मई एक हे बात हे घूम रही थी की वो शख्स कौन था जिसने गोली मरी …

हवेली के छठ के ऊपर से श्रुती लगातार हाथ से खून निकलने के बाद भी बिना एक पल रुके हुवे व्हिस्की पीती हुवी गोलिया चला रही थी तोह बदले मई अब उसकी तरफ भी फायर आने सुरु हो गए थे ….वंही अजय दादाजी और सबको हरपाल की अपडेट दे रहा था ताकि दुश्मन किस तरफ से ारः ह उन्हें पता रहे तोह जानवी अपने ड्रोन से सुई तोह kabhi…smoke बम गिरा कर उनके विशन को ब्लॉक कर रही थी जिसकी वजह से श्रुति को काफी टाइम मिल रहा था शूट करके मरने के लिए तभी अजय की आवाज स्पीकर मई हवेली के मिक्स मई से गूंज गयी…. “दुश्मन हवेली की चार दीवारी के करीब ह और बम से वाक को कभी भी गिरा सकता ह”

और अंदर खड़े शेरदिल का खून पूरी तरह से ये सुनकर उबाल पड़ा और हवेली के अंदर के सरे अखाड़े के पहलवान भी युद्ध के लिए तैयार हो गए…..

जगमाल सिंह भी एक सुरंग से निकल कर ऊपर शेरदिल के पास आगये ..

शेरदिल “नानाजी आप अंदर जाईये वो अब भी 150 के करीब ह हम भले हे न रहे पर आपका रहना जरुरी ह आप निकल जाईये सबको लेकर सुरंग से आप हे हमारी उम्मीद ह”

जगमाल सिंह “बरखुद्दर मैंने अजय को कह दिया ह वो सबको लेकर निकल जायेगा …पर मैं अंत तक लडूंगा ये हवेली मेरे पुरखो का सैम मान ह और जब सम्मा हे नहीं रहेगा तोह मैं जीकर क्या करूँगा …मौत यंहा लिखी ह तोह यही सही लड़कर मरूंगा”

श्वर्डिल “पर वो बहुत सरे ह और हथियारों के साथ ह आप बात मानिये जल्दी जाईये”

तभी बूम की आवाज हुवी और हवेली की दीवार उड़ gayiii….aur एक के बाद एक 150 के करीब हथियारों से लेस्स आदमी अंदर agaye….aur सबसे आगे था उन सबका लीडर…

“बॉस ने कहा ह लाशे बिचानी ह तोह क्यों न इन सबको तड़पा तड़पा कर मरे बॉस भी खुस्स हो जायेंगे…100 जाने गन्स रखलो और नाइफ और खंजर 🔪 निकाल लो और चीयर डालो सालो को……100 जानो ने नाइफ और धारधार हथियार निकालिये और तैयार हो गए मरने को वो दिल्ली हरियाणा पंजाब के सबसे खूंखार गैंग्स के हत्यारे थे जिनका काम हे सिर्फ खून बहाना tha..toh दूसरी तरफ हवेली के पास खड़े सरे पहलवान भी तैयार थे पर उनकी आँखों मई एक दर भी था अपने सामने अपनी जैसी हे बॉडी वाले इतने सरे गुंडों को देख कर …..100 जाने एक साथ 30 जानो को मारने के लिए भाग पड़े उनके कदम जैसे आगे बढे उनकी रफ़्ताराउर तेज़ होती गयी सामने से दादाजी ने शेरदिल को देखा तोह शेरदिल ने भी उनको देखा और दोनों भी हथियार हाथ मई लेकर लड़ने को पूरी तरह तैयार हो gaye…par वो आपस मई अटैक कर पाते उसे पहले हे दोनों जानो के बिच निचे जमीन से एक साथ करीब 10 जाने ऊपर किसी भूत की तरह ऊपर agaye….aur उनमे से दो ने तोह बेहद तेज़ी से आगे बढ़कर 4 को हवा मई ऊपर उठा लिया ….और पूरी ताकत से दहाड़े सरे जाने एक साथ रूक गए और उन दोनों को हे देखने लगे …7 फ़ीट को 2 जल्लाद जैसी body……dekhkar वो भी देखते रह गए …..

मार्क इंग्लिश मई चिल्लाया“ मच किल थम आल ब्लडी बुस्तेरेद …थे आल अरे के तो किल raj'family” …और वो भी ये अपनी टीम के साथ भीड़ गया ….10 जानो को ऐसे 100 से ऐसे अकेले बेखोफ भिड़ता देखकर ….शेरदिल भी हैरान रह गया पर जल्द हे वो होश मई आया और वो भी अपने पहलवानो के साथ भीड़ गया …..

निचे बेसमेंट मई सब टीवी पर लाइव देख रहे थे वो सब भी हैरान रह गए बहार का घमसान देख कर उनकी आंखे फटी की फटी रह गयी….

मच ने अपने हाथ मई स्टील के ग्लब्स पहन रखे थे उसने गुसाई से एक के सर पर ताकत से मारा तोह उस आदमी का सर खरभुजे की तरह फैट गया… तोह घूमकर दूसरे के सीने पर किक मरी वो अपने साथियो के बिच से उड़ता हुवा पीछे जाकर gira…..mark तोह मैच से भी खूंखार था वो हे था जो पहले शेर के खाने के मांस को हाथ से चीरता था …इसलिए उसके आगे आना सबसे बुरी मौत थी उसने अब तक तीन के मू को पकड़कर अपने हाथ से हे फाड़ दिया था और जो निचे गिरे हुवे थे उनको उसने अपने शूज के निचे लगे स्पीक्स से कुचल दिया tha…..march मैच की लड़ाई को देख कर पहलवान भी अपने मुगदर के साथ घुमघुमा कर दुश्मनो पर कहर भरसा रहे थे उनका वार ….इस घमाशान आमने सामने की लड़ाई मई जिस पर भी वार और जंहा पर भी वार हुवा वंहा से खून हे खून निकल रहा tha…is खून की होली मई शेरदिल कान्हा पीछेरहने वाला था था ….वो दुश्मनो मई अकेला गुसा हुवा बेहरहमी से अँधा धुन खंजर घोपता जा रहा था …उसे खुद भी लग रही थी पर आज के दिन के लिए हे तोह वो तैयार हुवा था वो गुसाई से चीखा “या अली मदद “ और अब दुगनी हीमत से अपने शामे खड़े गुंडे के पेट मई लगातार चाकू घोपता रहा …तभी उसे उसकी पीठ मई दर्द महसूस हुवा वो पीछे मुदा तोह एक जाने ने उसकी पीठ पर चाकू घुसा दिया था …उसकी आंखे गुसाई से जल उठी और उसने अपना खंजर उसके सर के बीचो बिच उतर diya…..par इतने मई हे वो नहीं रुका और फिर एक सिद्ध मई जल्दी जल्दी चलते हुवे दोनों यरफ चाकू खोपता रहा तभी उसके पेट मई उसे तेज़ दर्द महसूस हुवा और वो एक कदम पीछे हैट gaya…ek चक्कू उसके पेट मई घुसा हुवा tha….par आज ये उसके पिता के उसके खुद के परिवार की रक्षा की बात थी ….और वो खुद खून था उन अली का जिनकी बहदुरी की बाते वो सबसे सुनता ारः tha…apne खून को गलत कैसे साबित कर सकता था वो …गुसाई से उसने सामने देखा और जिसने चाकू मारा था ….उसकी तरफ बढ़ने लगा …वो गुंडा पीछे दर से खिसकने लगा पर ….आज उसका सामना असली मर्द से था शेरदिल ने उसके गले के आर पर चाकू को उतर दिया…. और एक लात उसके सीने ओर मार दी

वंही जगमाल सिंह अपनी तलवार का एक हे वॉर बचते हुवे सीधा गर्दन पर कर रहे ..थे अब तक 10 की गर्दन धड़ से अलग कर चुके थे……

तभी एअर पीेछे मई उन गुंडों के लीडर को आवाज आयी … “बस तेरे कमरे मई वो जो बूढ़ा नज़र ारः ह उसे मर्दे ….सबसे पहले वो हे फसाद की जड़ ह ….और गन क्या अपनी माँ छुड़ाने ले गया ह भून दाल सबको”

लीडर सबसे बचते हुवे धीरे जगमाल सिंह की तरफ बढ़ने laga….aur बेहद करीब भी पहुंच गया पर तभी घायल हुवे शेरदिल की नज़र उस पर पद गयी …वो तेज़ी से उस तरफ भगा पर उसके सामने एक गुंडा गया और उसके कंधे मई अपने हाथ मई पकडे खंजर को घोप दिया पर शेरदिल ने बिना दर्द की परवाह किये एक लात मारकर उसे खुद से दूर फेंक दिया और लडखडे हुवे जगमाल सिंह की तरफ भगा…

वंही लीडर धीरे से जगमाल सिंह के पीछे पहुंच गया उसके चेहरे पर भयानक मुस्कान आगयी और अपने हाथ मई पकड़ी तलवार को जगमाल सिंह की पीठ मई घोप दिया ….जगमाल सिंह दर्द से तड़प गए और पीछे देखने के लिए मूड तोह उन्हें अपनी तरफ दुबारा से तलवार आती दिखाई di……par दुबारा उन्हें वो तलवार नुक्सान पहुँचती उन्हें एक धक्का लगा और वो साइड मई गिर गए …और गिरते हुवे उन्होंने देखा की जो तलवार उनके पेट मई घुसनी थी वो शेरदिल के पेट के आकर पर thi….fir भी शेरदिल लीडर को गले से पकडे हुवे tha…..aur उसे हवा मई उठा लिया और गाला दबाने laga….leader अपने एअर पीेछे मई चिल्लाया फायर करो जल्दीए….

पीछे खड़े लोग जो गन को हाथ मई पकडे हुवे थे उनमे से कुछ जो एआरपीएस लगाए हुवे लीडर से कनेक्टेड थे वो सरे अलर्ट हो गए और सब को फायर के लिए kaha…par वो फायर करते ….उसे पहले हे राजीव जो ऐसी सिचुएशन के लिए तैयार था वो जमीन से एक आटोमेटिक हाई कैलिबर की मशीन गन के साथ बहार निकला और ताबड़ तोड़ उन सब भड़ास पड़ा ….किसी को भी सँभालने का मौका भी नहीं मिला और उस हिघ्कालिबेर की आटोमेटिक गन ने उन्हें अपने कहर के अघोष मई ले लिया राजीव “ आज नहीं छोडूंगा” उनकी गन ने एक झटके मई हे सबको मौत के घाट उतर दिया पर वो नहीं रुके और तब जाकर रुके जब साडी गोलिया ख़तम हुवी …उनके पैरो के पास गोलिया का ढेर लग गया था …पर गन को निचे रखते हे वो भी घुटनो पर लगाए क्योकि एक गोली उनकी झांग मई भी लग गयी थी ….इधर लीडर को अपने एक हे पंच से शेरदिल ने बेहोश कर diya……apne लीडर और साथियो को ऐसे मरता देख बाकि लड़ रहे सब घबरा गए और वापस भागने lage…par उन्हें क्या पता था की मौत तोह वंहा भी इतंजार कर रही h…bheema जो सबको मार कर हवेली के पीछे की तरफ से आरहे थे वो उन सबके सामने खड़े हो गए ….और पीछे मैच और मार्क भी आकर खड़े हो गए….

अब लड़ने के सिवाए उनके पास कोई रास्ता नहीं था पर इन तीन से लड़ना आसान कान्हा था तीनो ने एक एक को कई हीसाई मई चीयर दिया …

और अब मार्क और मैच के सामने भीमा खड़े थे ….पर वो कुछ करते उसी पहले हे राजीव आगये…

राजीव “ भीमा भाई ये हमारी तरफ हे ह”

भीमा “ मैं जनता हु ये बात इन्हे समजाओ इनके बारे मई राज ने बताया था मुझे पर देख ाझा hu…kya हे चीयर फाड़ करते ह दोनों “ पर तभी उन्हें कुछ महसूस हुवा और वो तुरंत हवेली की तरफ भागे …और अंदर देखा तोह जगमाल सिंह और शेरदिल खून से साणे हुवे निचे पड़े हुवे थे….

राजीव…. “हमे डॉ की जरुरत ह”

भीमा “बेसमेंट मई ह”

राजीव आप इन्हे निचे लेकर जल्दी जाईये हम बचे हुवो को संभल लेंगे” इतना कह वो मार्क और मैच के साथ अपनी टीम लेकर मंडावा की चारो दिशाओ मई फ़ैल गए….”

कुछ वक़्त बाद हे ठाकुर जगमाल सिंह के ऊपर अटैक की बात अलग अलग पास के गाँव मई फ़ैल गयी और मार्केट मच गयी रामलीला दिखने के बहाने जितने भी क्रिमिनल ए थे उन्हें गाँव वालो ने मौत के घात utaar…diya…….raat के सन्नाटे मई हे एक साथ कई एम्बुलेंस सीकर की तरफ भागी जा रही thi….aur उनके पीछे एक बाद एक बहुत कई साडी करो का काफिला भगा जा रहा था …जयपुर से कई डॉ की टीम इमरजेंसी के लिए सीकर रवाना हो चुकी thi….raat को हे सीकर सिटी के हॉस्पिटल के चारो तरफ पुलिस क्रप्फ का कड़ा पहरा हो गया tha…par गाँव वाले लगातार ट्रेक्टर जीब पिचकूप से सीकर मई एते और घेरते जा रहे the….yanha तक की झुंझुनूं और फतेहपुर मई डांगो को संभल रहे पुलिस अफसर भी वंहा पहुंच चुके थे….

एक साथ आसपास के हॉस्पिटल्स के सभी ऑपरेशन थिएटर मई इलाज चल रहा था जिसमे हवेली के पहलवान से लेकर ….गाँव वालो का इलाज हो रहा tha….par मैं हॉस्पिटल mai….sherdil दादाजी ऑपरेशन थिएटर मई बेहोश लेते हुवे थे और भीमा भी बुरी तरह घायल होकर िक मई बेहोश लेते हुवे the………ek ऐसा अटैक जो सबकी जान ले सकता था ….वो ताल गया tha…par जिसे राज जान से जायदा प्यार करता ह जो उसके सबकुछ ह वो मौत के करीब पहुंच चुके थे इस वक़्त … ऐसे हे एक धोखा राज के पिता के साथ हुवा था और उसमे सब बिखर गया था और आज भी वही हुवा …राज का पूरा परिवार बिखर gaya….jismai शिवानी रजनी और सिमरन उसके प्यार और दोस्त इस दुनिया से खो गए और सोनाली और जोगिन्दर मौत के मू के करीब पहुंच gaye…aur अभय जिन्दा ह या नहीं ये भी नहीं पता था और अंत मई दादाजी भीमा और शेरदिल उसका भाई भी मौत के करीब पहुंच gaye……….ye ब्लूद्भात 600 से जायदा की मौत पर शांत हुवा या ये सुरुवात हो गयी थी एक भयानक थंडरबॉट्स की ये तोह वक़्त बताने वाला था…..

मंडावा पर हमला huva…..us वक़्त …

प्रयागराज mai…..bhi एक भयंकर युद्ध चीड़ गया था जो था बदले का अपनों के खोने का जो था …डेथ हेलो वस निर्वाण का…

“आज ये युद्ध एक की मौत से हे ख़तम hoga….aur वो होगी तेरी मौत….”

आज के लिए इतना हे मस्ती मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का ….


7.5 क वर्ड्स का अपडेट ….अब बहुत जल्द मिलते ह फाइनल बैटल निर्वाण वस डेथ हेलो के.....
 
लास्ट अपडेट Too..night....

एन्ड ऑफ़ फेज तवो...
 
अपडेट 219

डेड एन्ड…..

एन्ड ऑफ़ फेज तवो…

फाइनल बैटल ……

एक जम्प के साथ जमीं से कई फुट हवा मई दोनों एक दूसरे को जान से मरने की आँखों मई गुसा लेकर दोनों के डैगर आपस मई टकराये ….और तंत्र की तेज़ आवाज हुवी …….राज ने हवा मई हे एक किक डेथ हेलो की चेस्ट पर मार diii….jiske फाॅर्स से डेथ हेलो कई फ़ीट पीछे जाकर निचे पत्र की जमीन पर गिरा….

डेथ मुस्कान के साथ “मज़ा ारः ह तेरी तड़प देख कर कितना दर्द ह तेरी आंखे मई”

राज गुसाई से काँप उठा क्योकि डेथ हेलो की बात बिलकुल सही thi…wo अंदर हे गुसाई और बदले की आग मई जल रहा था..

राज “तुझे निर्वाण चाहिए था न आज तुझे निर्वाण हे milega….aur निर्वाण क्या करता ह ये तुझे पता हे hoga…itna कहते हे ….राज दुबारा से अटैक के लिए डेथ हेलो की तरफ भगा और एक जम्प के साथ राउंड घूमते हुवे पूरी फाॅर्स से वार किया …जिसे डेथ हेलो ने साइड मई जम्प के साथ कुढ़कर वार को डॉज कर diya…par राज ने तुरंत एक किक उसके मू की तरफ किक करि जिसे भी डेथ हेलो ने एन्ड टाइम पर अपने हाथ से ब्लॉक करदी अब राज ने एक बैक फ्लिप मरी और बैक फ्लिप मरते हुवे डेथ हेलो के फेस पर किक जड़ thi….death हेलो किक के प्रेशर से कई कदम पीछे खिसक गया ……राज ने गुसाई मई अपने डैगर को जमीन मई गढ़ दिया और बोलै …”तुझे तोह मैं अपने हाथो से मरूंगा तब जाकर मेरा कलेजा ठंडा होगा…

डेथ हेलो “ये भी कोसिस करले …फिर अपने डैगर को दूर फेंक कर ये ले तेरे लिए मैंने भी फेंक दिया ”

राज डेथ हेलो के डैगर दूर फेंकते हे उसकी तरफ आकर एक किक उसके चेस्ट की तरफ घुमाई जिसे डेथ हेलो ने डॉज की और बदले मई तेज़ी से एक किक राज की चेस्ट पर जड़ दी जिसका प्रेशर इतना था की वो कई फ़ीट दूर तक जमीन पर घसीटस हुवा जाकर रुका..


“बस एक हे वार मई इतनी दूर गिर गया …ाचा हुवा ये तीनो मर गयी वर्ण किसी और के हाथे चढ़ जाती तोह कई दिनों तक इनके साथ अपनी राते रगीन करता”

निर्वाण छीकते हुवे “वो मर गयी पर अकेले नहीं तेरी मौत भी आज हे होगी ”

दोनों एक साथ एक दूसरे की तरफ ए और दोनों ने एक दूसरे की तरफ पूरी ताकत से पंच मारा जो टकराया एक दूसरे के पंच से और दोनों जाने पीछे खिसक गए और रुकते हे दुबारा से एक दूसरे की तरफ वापस बढे …डेथ हेलो ने पहले वार करते हुवे पंच मारा पर ….निर्वाण ने उसे अपने हाथ से ब्लॉक कर दिया और उसका वो हाथ पकड़कर के उसे अपनी तरफ खींचते हुवे अपनी एल्बो से एक तेज़ धक्का उसके सीने पर मारकर दिया …डेथ हेलो अभी ढके से पीछे खिसक हे रहा था की निर्वाण ने उसकी तरफ एक जम्प हवा मई लेते हुवे उसपर डोबबले किक एक साथ मरी और डेथ हेलो जाकर पत्थर से takraya….abhi वो संभल कर घुटने पर बैठा हे था की उसे अपने ऊपर से निर्वाण की पूरी ताकत से किक अति हुवी नज़र आयी जिसे उसने अपने एल्बो ऊपर करके ब्लॉक किया ..पर प्रेशर की वजह से उसका दूसरा हाथ जो सपोर्ट के लिए एक पत्थर पर था उसमे भी क्रैक agaya….ek निचे तोह दूसरा ऊपर की तरफ से पूरा फाॅर्स लगा रहा था दोनों की आंखे एक दूसरे से मिली ….जिमि एक दूसरे के लिए सिर्फ मौत थी …डेथ हेलो ने निर्वाण को पीछे की तरफ उछाल दिया ….

“क्या नाम था जिसकी वजह से ये सुरु हुवा हां सिंघनिया की बेटी …deepika…wo बच गयी ……पर तेरी मौत सबको बराबर दर्द देगी …बहुत खास ह उसका तू उसका भाई मानती ह देखा था कॉलेज मई तेरा बहुत धयान रख रही थी”

निर्वाण “तू नहीं samjhega…..tu एक ाचा फाइटर तोह बनगया पर एक भाई नहीं बन पाया ये निर्वाण रिस्तो के लिए हे जीता ह और मरेगा भी उनके लिए हे” ये कहते हुवे वो आगे बढ़ा और एक साथ राइट फिर लेफ्ट फिर फिर राइट फिर लेफ्ट पंचेस की लाइन लगा दी और डेथ हेलो पंचेस को ब्लॉक करते हुवे पीछे हैट ता रहा और हैट ते हुवे हे उसके चेहरे पर एक क्रूर मुस्कान आगयी और उसने अबकी बार पंच को ब्लॉक नहीं किया और उसे हल्का सा पुश करके साइड कर दिया जिसकी वजह से निर्वाण उसके करीब आगया ….और उसने अपना यूनिक पंच जो कम्पटीशन के लिए बनाया था ..उसे निर्वाण के तीख दिल के ऊपर मारा …..निर्वाण पीछे की तरफ उड़ता हुवा जाकर गिरा और गिरते हे उसके मू से खून बहार आकर gira….ye पहली बार था जब निर्वाण ने दर्द को फील किया था…

“इस पंच की प्रैक्टिस इतनी बार इसलिए हे तोह की थी…”

Poonam…jo एक तरफ कड़ी बेचैनी से ये सब देख रही थी …..उसने ये देखा तोह उसकी हालत भी ख़राब हो गयी वो आगे जाना चाहती थी पर उसे पता था की वो कुछ नहीं कर सकती ह इसलिए उसने अपने वाच के अंदर लगे बटन को प्रेस कर दिया जो सुनील के पास बीप बीप की साउंड के साथ अलर्ट देने लग गयी thi…aur जिसे देखते हे हेलीकाप्टर मई उसकी आंखे गुसाई से जल उठी थी…..

निर्वाण मू से खून थूकते हुवे खड़ा huva….“Bus इतना हे ….बचपन से ये सरीर पत्थर जैसा बना रहा हु सिर्फ अपने ke…liye ….अब निर्वाण की बरी h…sirf इतना बता दे अकेले marega…ya तेरे ..इन लेवल 4 के कुत्तो के साथ मरेगा”

अबकी बार डेथ हेलो भी गुसाई से उबाल गया और बोलै “ ये तेरी मेरी लड़ाई ह तेरी मौत मेरे हाथ से लिखी h….ab अजा जबान से बहुत लड़ दिए दिखा कितना दम ह”

निर्वाण भी अब राज को सुप्रेस्स करते हुवे राज के ऊपर पूरी तरह हावी हो गया ….और वो बोलै …”निर्वाण ….तेरी रूह को भी आज इतना दर्द देगा की नरक की आग भी तुझे सुकून देगी “.और वॉर बिटवीन तवो मोर्टल्स सुरु हो गया

निर्वाण ने एक के बाद एक लगातार लेफ्ट राइट करते हुवे पंचेस और किक्स की बरसात करदी और डेथ हेलो भी लगातार वार को रोकता जा रहा था …दोनों के बिच अब अटैक बहुत तेज़ी से होने लगे ….

निर्वाण ने डेथ हेलो के वार को ब्लॉक करते हुवे उसकी चेस्ट पर किक मरी और डेथ हेलो के पीछे उड़ते हे हवा मई उसका हाथ पकड़ा और अपनी तरफ खिंच कर एक पंच उसके मू पर मारा …..डेथ हेलो हवा मई राउंड घूमते हुवे निचे आकर गिरा…

पूनम “मार डालो isai…maar डालो raj…jinda मत छोड़ना ..”

जंहा पूनम जोशी मई थी तोह वंही लेवल 4 के फाइटर की मुठिया कास गयी गुसाई से …अपने मास्टर को पिट ते हुवा देखकर

निर्वाण ने निचे पड़े हुवे डेथ हेलो को मौका दिए बिना हे …एक पेट पर किक मरी पर mari….par किक पड़ने से पहले हे …डेथ हेलो जम्प लेकर दूसरी तरफ जम्प कर गया …

पर अब निर्वाण ने कोई रहम नहीं दिखाया और दुबारा से लेफ्ट किक तोह राइट पंच तोह राइट किक लेफ्ट पंच से आगे बढ़ कर वार करता रहा …डेथ हेलो भी ब्लॉक करते हुवे पलटवार करने लगा …दोनों बारे बार के फाइटर थे पर जीत आज उसी की होनी थी जिसके सीने मई आग भरी हुवी थी …

वंही …. 20 मिनट पहले


“तुम्हे कितना वक़्त लगेगा राज के पास पहुंचते हुवे”

मिर्त्युदूत “ अगर अकेला पहाड़ो से निकलू तोह हाफ ऑवर”

सुनील “जल्दी पहुँचो और कविता ममता और मनीषा को भी जल्दी लेजाओ सबको खतरा ह जल्दी”

मिरतिदूत “एक ऑवर लग जायेगा”

सुनील “जल्दी करो वक़्त नहीं ह पूनम ने इमरजेंसी सिंग्नल भेजा ह जल्दी करो “


मिर्त्युदूत तुरंत तेज़ी से पहाड़ के एक कौन से निचे आया …सब उसे देखते हे घबरा गए और साथ मई ए होटल के सेफ्टी गॉर्डस ने रोका तोह मिर्त्युदूत ने एक झाप्पड़ जड़ दिया वो हे काफी था उसे बेहोश करने के लिए”

मिर्त्युदूत सीधा कविता की तरफ गया …

कविता और मनीषा अनु जो ड्रेस चेंज करने जा रही थी अचानक फ्रेमलेस की तरफ मिर्त्युदूत को ऐसे अत देख कर चौंक गयी पर मनीषा ने तुरंत रियेक्ट किया ..

मिर्त्युदूत “हमे अभी निकलना ह “

मनीषा ने “जल्दी से फ़ोन निकला और उसमे वीडियो रिकॉर्ड करके होटल स्टाफ की तरफ फेंक दिया और बोली “ ये प्रूफ ह तुम्हारे लिए हम मर्ज़ी से जा रही h….phir पलट कर … “जल्दी चलो तुम दोनों”

कविता अनु मनीषा उन हलके गीले कपड़ो मई हे मिर्त्युदूत के साथ भाग पड़ी पीछे सब उन्हें हैरानी सी देखते रह गए … पर वो कुछ 100 मीटर हे आगे बढे थे की …लेवल 4 का वो फाइटर उन चारो के पहाड़ी के ऊपर सामने आगया …

मनीषा अपने बालो का जुड़ा बांध टी हुवी “अनु कविता पीछे जल्दी चिप जाओ और फिर झुक कर अपनी जीन्स को पैरो के पास से ऊपर करके एक लंबा चुरा निकल लिया ….

मिर्त्युदूत “मैं इसे संभल लूंगा आप रुकिए”

पर मनीषा बोली “वक़्त नहीं ह आप अटैक करो मैं मौका मिलते हे वार कर दूंगी ”इतना कह वो साइड मई घूमती हुवी आगयी और मौके का इंतज़ार करने लगी क्योकि उसे पता था की वो क्या कर सकती ह ….

मिर्त्युदूत कुछ करता उसी पहले हे उस लेवल 4 के फाइटर ने गन निकल ली पर मनीषा ने राज की स्ट्रिक्ट ट्रेनिंग ली थी इसलिए उसने तुरंत रियेक्ट किया और अपने हाथ मई पकड़ा नाइफ उसकी तरफ फेंक दिया और लेवल 4 का फाइटर भी वॉर को डॉज करते हुवे मनीषा की तरफ गन को एआईएम करते हुवे फायर कर दिया पर मनीषा भी तैयार इसके लिए वो पहले हे तैयार थी …इसलिए वो एक तरफ कुढ़ गयी और गोली उसके बाजु को चुटी हुवी निकल गयी …इतना वक़्त मित्युदूत के लिए बहुत था उसने तुरंत अपनी गन निकल ली और एक साथ कई सरे फायर उसकी तरफ कर दिए पर बुलेटप्रूफ जैकेट और अपनी फुर्ती की wàjah से वो बच gaya…..ab मिरतिदूत मनीषा भी अपना लॉन्ग नाइफ हाथ मई लेकर तैयार हो गयी वो तीनो आमने सामने हो गए गन की आवाज सून कर बाकि सबका ध्यान भी उनपर चला गया और वो भी उस तरफ आने लगे…..

मिरतिदूत ने आगे बढ़ पहला वार किया जिसे उस फाइटर ने झुक कर वार को डॉज कर दिया तोह मनीषा ने एक किक उसके पेट मई मार दी ….वो थड़ा ुनबलने हुवा तोह मिरतिदूत ने एक पंच उसके मू पर जड़ दिया जिसके प्रेशर से निचे पड़े पाथेर पर तेज़ी से takraya…manisha ने भी तेज़ी से आगे बढ़ उसके सीने पर नाइफ को मरने के लिए जम्प लगाडी पर वो लेवल 4 का फाइटर था उसने तुरंत रियेक्ट किया और मनीषा के पेट मई लेते हुवे हे किक जड़ दी मनीषा दूर जाकर गिरी …पर ये वक़्त दर्द से तड़पने का नहीं था ..वो बैक फ्लिप के साथ हवा मई उछली और दुबारा से कड़ी हो gayi..aur चिकि “वक़्त नहीं ह हमारे पास जल्दी”

मित्युदूत बहुत तेज़ी से वार करने लगा और मनीषा गोल गोल उनके चारो तरफ घूमकर परफेक्ट अटैक कर उस फाइटर को घायल करने लगी

बाकि सरे जो वंहा पहुंच गए थे उन्हें तोह सामने की फाइट देख हैरानी हो रही थी की एक लड़की इतनी जबरदस्त फाइट कैसे कर सकती ह…

मिरतिदूत ने जैसे हे उसको चेस्ट पर पंच मारा वो फाइटर हवा मई पीछे उदा तोह तेज़ी से पीछे आयी मनीषा ने चक्कू का वार उसके सर पर किया पर उस किलर ने हाथ आगे कर दिया पर लॉन्ग नाइफ हाथ को फाड़ता हुवा प्रेशर से आर पार हो गया और मनीषा दूसरे हाथ सबीना वक़्त गंवाए एक मुक्का खींचकर उसके मू पर मार दिया …वो दूसरी तरफ गिरा तोह …मिरतिदूत ने बिना वक़्त गंवाए उसका एक हाथ पकड़ा और उसकी कलाई ट्विस्ट करके तोड़ डीई उसने मिरतिदूत को एक किक मरकर साइड कर दिया पर …तभी उसे अपने ऊपर से जम्प एक साथ खंजर तेज़ी से निचे लती हुवी मनीषा दिखी …और वो सिर्फ अपने दोनों हाथ सामने करके रोक पाया पर दो तरफा हमले ने उसे मौका हे नहीं दिया …और मित्युदूत ने उसकी झांग मई अपना दूसरा नाइफ निकलकर घोप diya…manisha ने पूरी ताकत लगाडी और नाइफ को उसके सीने मई घोप दिया .. मिर्त्युदूत लगातार नाइफ को उसकी बॉडी मई आरपार करता रहा…

मिर्त्युदूत “चलिये ये मर गया ह और नहीं भी मारा तोह जिन्दा भी नहीं बचेगा”

पीछे खड़े मेल स्टूडेंट्स की तोह पीछे से जितनी फैट सकती थी उससे जायदा फैट गयी थी और लड़कियों की दर से जितनी सिकुड़ सकती थी उसे भी जायदा सिकुड़ गयी thi…jis कोल्ड ब्यूटी को वो अदमीरे करते थे पर्पस करने का बहाना ढूंढते थे वो इतनी भयानक होगी किसी ने नहीं सोचा था ….इनसबसे बेखबर ….मनीषा अनु और कविता के साथ पहाड़ो के ऊपर से राज की तरफ भागी जा रही थी…

मनीषा “अनु कविता ….जंहा छिपने के लिए कहे वंहा छिपी रहना और जब तक मदद न ए वंहा से बहार मत आना चाहे कुछ भी हो जाये …”

दोनों ने है मई सर हिला दिया ….

वंही….

निर्वाण ने डेथ हेलो के पंच को रोक कर उसके मू पर पंच मारा और और हाथ को पकड़कर घुमाकर निचे पथरो पर पटका ……अब तक दोनों के सरीर खून से पूरी लेथ पथ हो चुके थे पर एक जाना भी रूकने का नाम नहीं ले रहा tha…….Death हेलो मू से खून थूक ता हुवा खड़ा हुवा और निर्वाण के आरहे पंच को डॉज करके उसकी रिब्स पर किक मरी ….निर्वाण उड़ता हुवा पीछे गिरा …

डेथ हेलो “उठ सेल”

निर्वाण भी हाथ टिका कर खड़ा हुवा और भागकर उसको कमर से पकड़कर ऊपर उठाया और दूर फेंक diya….aur वंही से कोहनी का वार बनाते हुवे सीधा उसकी चेस्ट पर कोहनी को दे mara….death हेलो के मू से खून निकल पड़ा वो दर्द से करहटा हुवा तीख से खड़ा भी नहीं हुवा था की ….निर्वाण ने हल्का पीछे होकर अपने राइट हैंड से एक फुल फाॅर्स के साथ पंच उसके पेट मई दिया …और इस पंच की पावर से …डेथ हेलो कई फ़ीट दूर जाकर घसीट ता हुवा पीछे पथरो से तकरायस ….

निर्वाण गुसाई से ऊपर आसमान की तरफ देखकर ढाहड़ा उसका दर्द उसका गुसा उस धहद मई दिख रहा tha….par उसकी आँखों मई नमी थी …उसने डेथ हेलो को गुसाई से फुँकारते हुवे गले से पकड़कर ऊपर उठाया और एक किक जड़ दी …डेथ हेलो पीछे वाले पत्थर से डराया ….और वो दुबारा से खड़ा huva….apne मास्टर को ऐसे देख बाकी लेवल 4 के किलर्स एक्टिव हो गए और उनमे से एक गुसाई से अपनी मुठिया बंद करने laga….idhar डेथ हेलो खड़ा हुवा और अपनी बाजु से मू पर आरहे खून को पौंछकर “तू एक ाचा फाइटर ह …निर्वाण सायद हम दोस्त हो सकते थे पर तूने भाई को मार कर गलत किया”

निर्वाण “naa…..aaj naa…kal ना… हे किसी और जनम मई ….हम दुश्मन ह और दुश्मन हे रहेंगे” ये कह उसने डेथ हेलो को लगतार कई सरे पंचेस मर दिए ….और एक बार फिर पथरीली जमीन pàr निचे पटक दिया…. डेथ हेलो मू से खून थूकता हुवा खड़ा हुवा …और अपनी पॉकेट से नाइफ निकल लिया और बोलै “अब तेरे मरने का वक़्त आगया ह बहुत खेल लिया तेरे साथ …..”दोनों एक दूसरे को देखने लगे पहाड़ की छोटी पर सिर्फ निचे बाह रही नदी की तेज़ आवाज हे आरही thi…par यंहा दोनों अब अपने फाइनल अटैक के लिए तैयार हो गए…

निर्वाण ने भी अपने पेअर के पास से अपना एक इमरजेंसी नाइफ निकल लिया ….

डेथ हेलो अब अपने ुनिक्वेस मूव्स के साथ किंफे को घूमते हुवे फाइनल अटैक के लिए आने लगा…. तोह निर्वाण भी एक कदम आगे बढ़ गया …डेथ हेलो ने लेफ्ट मई नाइफ लिया और एन्ड मौके पर नाइफ को एक स्टाइल से घुमायस पर उसने सेकेरेटली एक और नाइफ राइट हैंड की तरफ से अपने हाथ मई ले लिया और दोनों के वार हुवे …पर 2 सेकंड बाद हे डेथ हेलो की आंखे फ़ैल गयी और उसने तुरंत हैरानी से निर्वाण की तरफ देखा ….वो और हैरान हो gaya….kyoki निर्वाण ने उस पर वार हे नहीं किया था उसका नाइफ हवा मई हे था… वो तोह बस उसके पीछे देख रहा था उसने जल्दी से पीछे देखा तोह वो गुसाई से जल उठा क्योकि लेवल 4 एक फाइटर ने पूनम की गर्दन पर नाइफ से हल्का सा कट लगा रखा था पूनम की गर्दन से धीरे धीरे खून ारः था ….वो वंही से से चीका “छोड़ दू उसे” फिर उसने राज की तरफ देखा जिसके सीने मई नाइफ गुस्सा हुवा था और उसके नाइफ के ताकत से मरने की वजह से पीछे होता जा रहा था उसकी आँखों मई उदासी thi…….wo कुछ सोच पता उसे पहले हे निर्वाण पहाड़ के किनारे से निचे बाह रही नदी मई गिरने लगा उसने पकड़ने के लिए तेज़ी दिखाई पर जब तक वो गिर गया …..उसने जल्दी से निचे झांक कर देखा तोह निर्वाण निचे गिरता हुवा उसे हे देख रहा था ….एक किलर होने के बावजूद उसकी आँखों मई आज पहली बार किसी और के लिए इज़्ज़त दिखाई दी थी…

“तू सच्चा फाइटर था ….अगले जनम हम दोस्त न सही तोह दुश्मन भीं नहीं होंगे …” इतना कह वो गुसाई से पीछे पलटा और उस किलर को देखने लगा “ ये लड़ाई मेरी और उसकी थी …उससे ऐसे मरना होता तोह कब का मार देता उन तीनो को क्यों मरता वो उन तीनो के लिए एक बार कहने पर खुद हे मर जाता ……ये मेरी और उसके बिच की लड़ाई थी पर तूने दिखे से उसे मरवा दिया” इतना कह वो गुसाई से से जल उठा और पता नहीं कैसे पर उसकी रफ़्तार एक दम से बहुत तेज़ हो गयी और उसने एक झटके मई उस किलर को गर्दन से उठा लिया और पत्थर पर उसके सर को पटक दिया और तब तक पटकता रहा जब तक सर फैट न गया….

पूनम तोह मनो ….सामने जो हुवा उससे देख जिन्दा लाश बनगयी और वो उस शॉक से वंही घुटनो पर बैठ gayiii…uski नज़र उधर हे थी जंहा से राज इस वक़्त निचे गिरा था……..

डेथ हेलो “आज से तुम सब अपनी जिंदगी जिओगे मैं बुलाऊ तोह हे वापस aoge…main अब मास्टर के अगले सपने को पूरा करने के लिए जा स्कॉर्पियन ट्राइब जा रहा हु ….तुम सब तुरंत निकल जाओ यह्स अब किसी को नहीं मरना ह ”

इतना कह उसने एक अपनी वृस्त वाच मई एक बटन दबाया तोह 10 मिनट बाद हे एक हेलीकाप्टर …की आवाज आने लगीई…

वंही …मनीषा और तीनो ने भी ये आवाज सुनी….

मनीषा “जल्दी अनु कविता जल्दी से चिप jao….hum आगे जाते ह”

पर उन्हें क्या पता था जो होना ह वो तोह हो चूका था उसका देवर दोस्त भाई उसका सबकुछ उनसे बहुत दूर जा चूका था….

डेथ हेलो हेलीकाप्टर मई बैठ ते हुवे भी निचे उस तेज़ बाह रहे पानी को हे देख रहा था ……

करीब हाफ 15 मिनट बाद …मिर्त्युदूत और मनीषा वंहा पहुंचे और तीनो की लाश देखि तोह मनीषा की आंखे भर आयी पर पूनम को ऐसे बदहवास एक तक एक तरफ देखते हुवे पाया तोह ….वो और घबरा गयी ….और जल्दी से उसके पास पहुंची …

मनीषा “पुनम पूनम… ऐसे क्यों बैठी ह और राज कहा ह ये सब किसने किया….”

पर पूनम क्या बोलती ….वो तोह जो अभी हुवा उसके सदमे मई सब भूल चुकी थी और उसका दिमाग बस एक हे जगह रूक गया था….. मिर्त्युदूत आसपास को अचे से देखने लगा और एक जगह राज का डैगर निचे धंसा हुवा दिखा फिर निचे जगह जगह खून के निशान थे जिसे उसे पता लग गया था की भयंकर लड़ाई हुवी ह….

मनीषा जो पूनम को होश मई लेन की कोसिस कर रही थी …उसने पूनम को खींचकर दो थपड मरे ……. “बोल पूनम …होश मई आ किडनी kiya..kuch तोह बोल…”

मनीषा के थपड खाने के बाद उसने सिर्फ इतना हे कहा “मार दिया …मार दिया“ पूनम जो शिवानी को मरी हुवी देख कर रो रही थी उसने पूनम को अपनी बांहो मई भर लिया उससे पूनम की हालत देखि नहीं जा रही थी…

पर पूनम गले लगेहुवे बोलती रही

पूनम “मार दिया… मेरे राज को मार दिया …वो मर नहीं सकता ह …उसने अभी हे तोह कहा था वो मुझसे शादी karega…phir वो कैसे मर सकता ह”

तभी एक और हेलीकाप्टर की गड़गड़ाहट वंहा गूंजने लगी और अज्जू की हेल्प से सुनील वंहा उतरा …और सामने का हाल देख वो बुरी तरह घबरा उठा एक तरफ उसे अपनी बड़ी बहन शिवानी की लाश दिखी जो खून से लथपथ थी तोह एक तरफ अपनी छोटी बहन पूनम को पगले की तरह बोलते हुवे देख वो दुखी हो गया … कविता और अनु भी वंहा मिरतिदूत के इशारे पर वंहा पहुंच चुकी थी ….और शिवानी की लाश देख उसके पास भागकर फुट फुट कर रोने रही थी…

सुनील को देखती हे पूनम तुरंत कड़ी हो गयीईइ और मनीषा को दूर धकेल कर सुनील की तरफ भागकर उसका कालर पकड़कर boli….…”tummm वैलेंटाइन राइडर होना ….तुम सब कुछ कर सकते hona…tum बहुत ताकत वॉर हो जाओ मेरे राज को धुंध कर लाओ जाओ jao….are तुम खड़े क्यों हो जाओ न जल्दी उसे लेकर ao…usne बोलै था मैं जो मांगूंगी वो तुम लाकर डोज ….तुम जाते क्यों नहीं …”

पूनम की ऐसी हालत देख मनीषा अनु और कविता फुट फुट कर रो पड़ी ….

सुनील ने पूनम को गले लगा लिया और अपनी भीगी आंसुओ से शिवानी को देखता रहा

मिर्त्युदूत दुखी होकर “ आप जल्दी से उनका ट्रैकर ट्रैक करवाईये अब यंहा क्या हुवा ह या ये बता सकती ह या मास्टर”

सुनील ने उससे कोई रिप्लाई नहीं दिया उसने पूनम को अपनी बांहो से अलग किया और बोलै “ उसने जो कहा था सही कहा था मैं लाऊंगा राज को चाहे धरती खोदकर पातळ से लाना पड़े या आसमान चीयर भगवान् के पास जाना पड़े मैं लाऊंगा” उसने मनीषा को पूनम को सँभालने को बोलै और खुद भरी कदमो के साथ शिवानी की तरफ जाने lage…uske कदम उठ हे नहीं रहे थे शिवानी की शकल देख उसे अभी कुछ महीने पहले की बात याद आगयी.. “तेरे जैसा भाई मिल गया …और क्या चाहिए …मरूंगी न बुढ़ापे मई तोह मेरी चिटा को आग तू हे देना”

सुनील “अपने बुढ़ापे का वडा किया था मुझसे” सुनील के लिए इस वक़्त बहुत मुश्किल हो रहा था पर …उसके अंदर भरा गुसा उसके ऊपर हावी होता जा रहा था…. उसने शिवानी के सर को अपनी गोदी मई रख लिया और कई दिएर ऐसा हे बैठा रहा और फिर खड़ा हो गया …अब उसकी आँखों मई एक आग थी जो …किसी को भी जलने के लिए काफी थी….

उसकी आंखे आसपास के एरिया को स्कैन करने लगी और वो चलते हुवे उसी किनारे के पास आगया जंहा से राज गिरा था …

और फिर “ सबको घर लेजाओ और सबको बुला लो प्रयागराज की इस नदी के हर किनारे हर जगह के छपे छपे को छान मारो कब तक राज की बॉडी नहीं मिलेगी कोई रुकना नहीं चाहिए ह …हर एयरपोर्ट हर समुन्द्र की शिप किसी को मत छोड़ना जितना पैसा चाहिए मिलेगा पर सबको काम पर लगाओ ढूँढना ह राज को ”

मिर्त्युदूत ने हां मई गर्दन हिलायी और सुनील से कोई सवाल नहीं किया और शिवानी सिमरन और रजनी की बॉडी को और अनु कविता पूनम तीनो को भी साथ वापस ले गया …पर किसी ने ये नहीं देखा था की उनके जाने के बाद सुनील का एक्सप्रेशन पूरा चेंज हो गया था………

तीख इसी वक़्त देहरादून मई भी … मधु ने दो जुड़वाँ बचो को जनम दिया ……. मधु “दोनों को चूमते हुवे बोली तुम्हारे पापा जल्दी आएंगे तुमसे मिलने के लिए वो तुमसे बहुत प्यार करते ह….”

Wanhi….Ranjan डेथ हेलो के राज के मर जाने के मैसेज के बाद …अपनी साडी प्लानिंग कर रहा था की वो झुंझुनूं क्यों गया था फिर कान्हा गया किसके साथ tha…sab कुछ सेट करने के बाद चैन से दिल्ली मई हे अंडरवर्ल्ड के ख़ुफ़िया बेस मई अपनी रात रंगीन कर रहा था उसके हिसाब से ज़हर वाले हथियार से जगमाल सिंह का बचना नामुकिन था और राज की कन्फर्मेशन डेथ हेलो ने उसे दे हे thi…..ab उसे किसी का दर नहीं था …वो खुदसे हे बोलै … “अब तोह वक़्त ह झूठे आंसू दिखने का ….कुछ वक़्त और फिर बाकी सब को भी मार दूंगा फिर सब मेरा हे होगा ….पर पहले मनीषा को थोड़ा मानना hoga”itna कह वो अपनी टैंगो के बिच मई बैठी लड़की से बोलै के ों डार्लिंग शो में योर स्किल्स ी म फीलिंग वैरी टायर्ड” और अपनी आंख बंद कर li…..par उसे क्या पता था की सच उससे उतनी हे दूर ह जितनी की सोनाली बेहोश h…..jald हे साडी जगह ये खबर फैलने लगी की निर्वाण मर चूका ह …. अंडरवर्ल्ड मई ख़ुशी की लहार दौड़ gayiiii….par ….एक महीने बाद ….एक घटना ने पुरे देश मई सनसनी फैला दी ….क्योकि 100 लोगो की लाशो का वीडियो वायरल हो गया था जिसमे एक शख्स जिन्दा लोगो के एक एक आंग को टुकड़ो मई काट रहा था और बे दर्द दी से तड़पा रहस्य tha….aur जब मीडिया से ये पता लगा की ये सब दिल्ली उन्देर्वोरके के लोग ह तोह दिल्ली अंडरवर्ल्ड तोह थार थार कांपने लगा पर रोज हत्याएं होती रही पुलिस कुछ नहीं कर पा रही thi…roj रात ये वीडियो वायरल होते …और बैक ग्राउंड मई एक नाम खून से लिखा हुवा होता …हैप्पी मर्डर valentine's day….from वैलेंटाइन राइडर …उसकी दशत निर्वाण से भी जायदा फ़ैल गयी थी रात को कोई भी क्रिमिनल भर निकलने से भी खोफ्फ़ खाने लगा था

एक साल बाद…..

..एक जाना रोड पर बोतल से पीटा हुवा रोड के बिछे बिच जा रहा था ….तभी एक 3 ,4 कार पीछे से आयी और उसे साइड हटने के लिए हॉर्न देने लगी पर उस शख्स को घंटा फर्क नहीं पड़ा और वो ऐसे हे बीचो बिच चलता raha…tab गाड़ी मसि बैठे एक ने जोर से उसे चिल्लाकर बोलै .. “भोस्डिके मरने की जल्दी ह तोह ट्रक के आगे आजा …इन गाड़ियों से नहीं मरेगा”

तोह दूसरा बोलै “साइड हटा न यार भाभी के हाथ का खाना खाने जाना ह”

पीछे बैठा एक और बोलै “भोस्डिके ये बोल न की नचावना ह भाभी को दारू और खाने के waqt”itna कह वो हँसता हुवा निचे उतरा और एक लात उस शख्स को दी और वो रोड के किनारे गिर गया …और गिरने की वजश से उसकी बोतल भी गिर गयी …जिसे देख वो तड़प उठा और …वंही बोतल पकड़कर बैठ gaya…par कुछ पल बाद हे एक कार उसके पास आकर रुकी और उसमे से एक लड़की निचे उत्तरी और उसको ऐसे बैठे देख कर बोली “आप तोह कह रहे थे की आप मुझसे कभी नाराज नहीं होंगे और गुसा नहीं karenge….par आप तोह बिना बताये हे घर से आगये ….”

पर उस शख्स ने कोई जवाब नहीं दिया …और बस उस लड़की को देखते हुवे अपनी बोतल आगे करदी ….

लड़की “मैंने इसके लिए नहीं डांटा था आपको मैंने तोह अपने सुभे योग नहीं किया इसलिए डांटा था आपको बोलै था न की रोज सुभे 4 से 7 बजे तक करना ह पर आप अचे बचो की तरह बात मानते हे नहीं ho…acha ी म सॉरी आगे से नहीं डांटूंगी “

पर उस शख्स ने दुबारा बोतल दिखा दी और जिस तरफ वो करवले गए थे उस तरफ इशारा कर दिया…

लड़की “किसी ने आपको गिरा दिया और बोतल भी गिरा दी”

शख्स ने है मई गर्दन हिलायी…

लड़की “आप चलिए मेरे साथ मैं सबको दन्त लगाउंगी कैसे आपको बोतल गिरा दी”

उस शख्स के चेहरे पर मुस्कान आगयी और उसने उस लड़की के गाल पर चुम लिया…

लड़की “ाचा इतना प्यार ारः ह तोह मुझे बिना बताये नहीं एते मैं कितना परेशां हो गयी थी…” इतना कह उसने उस शख्स को खड़ा किया और अपने हाथो से उसके कपडे साफ़ करती हुवी “गंदे कर लिए न चलो घर चलकर नहला dungi…aur उसे कार मई बैठाया और जिस तरफ वो लोग गए तोह उस तरफ चल दी….

वंही वो लोग एक घर के अनजान मई ….

“ठाकुर saab…simran हमारी भाभी ह आप भैया ने तोह कहा था की जब भी दिल करे सिमरन के हाथ का खाना खाओ उनका नाच देखो …अब अगर आप मन करोगे तोह हउमै भैया को बताना होगा और फिर आप जानते हे वो क्या करेंगे वैसे भी अगले महीने शादी होने हे वाली ह वंहा बड़ी हवेली मई तोह रोज सबके सामने नाचना होगा apko….aur वैसे भी खुलती मई हर हे चुके हो आप”

ठाकुर साब बस बेबस होकर देखते रह गए ……

तभी एक जाना आगे बढ़ा सुर सिम्मी का हाथ पकड़ते हुवे “भाभी जी चलिए न साथ मई डांस करते ह सुना ह बहुत अवार्ड जीते ह डांस मई अपने” अभी वो कुछ और करता तभी उन्हें हॉर्न सुनाई दिया सुर एक कार घर के आंगन मई दाखिल huvi….sabki नज़र उधर गयी तोह सब उस लड़की को देखते रह गए ब्लू कलर के सूट मई वो गजब की सुन्दर लग रही थी…. पर बगल मई उसी शख्स को बहार दूसरी बोतल पकडे उतरता देख वो सरे हैरान रह गए वो लड़की चुटकी बजाते हुवे… “तुम मई से कौन सा था वो जिसने इन्हे ढाका देकर गिराया” लड़की की मीठी आवाज सुनकर एक बोलै “बस ये तोह भाभी से कंटाप माल ह यार …पर ये इस बेवड़े के बंगाल मई क्या कर रही h….isai तोह हमारे पास होना चाहिए..”

लड़की “मैंने पूछा कौन था जिसने इन्हे धक्का मारा “

एक जाना आगे आया “डार्लिंग मैं हे था वो…. पर अब चल तू भी आगयी ह तोह तुझे भी धक्के मर लेंगे …वैसे भी तू धक्के वाली चीज हे ह”

उस लड़की ने एक बार पीछे मुड़कर अपने साथ ए शख्स को देखा जो आराम से गाड़ी मई बैठा बहार दूसरी तरफ देखते हुवे पी रहा था और फिर पलट कर बोली “अबे मोठे सुवर तू खीचड़ मई नाहा ले तोह सुवर और तुझमे कोई फर्क नज़र नहीं ए…”

तभी थुकुर साब बोले बेटी …तुम यंहा क्यों आयी हो अभी जाओ यंहा से जल्दी ..फिर उन सबकी तरफ देखकर तुम्हे खाना मिल जायेगा पर सराफत औकात मई रहो”

तोह एक जाना बोलै “लगता ह बूढ़े की अकड़ नहीं गयी ह पुरे उप मई ठु ठु करवा के ….”

पर तभी वो लड़की बोल पड़ी “ोये भुजी हुवी लकड़ी के भुजे हुवे कोयले इधर देख ….मेरी तरफ “बड़ो से बोलने की तमीज नहीं ह तुझे सुवर”

अब वो सरे लड़की को गुसाई से देखते हुवे उसकी तरफ भड़ने लगे ….ये देख लड़की अपने दुप्पट्टे को शरमाते हुवे हाथ से हिलाते हुवे बोली “मैं ये बताना तोह भूल गयी मुझे हल्का सा भी तकलीफ हो इन्हे बर्दास्त नहीं होती ह ….और फिर ये पागल हो जाते ह ….जो ए सामने उसी तोड़ने फोड़ने लगते h…aur मुझे कोई और तुम तोह मुझे पकड़ना चाहते हो तौबा तौबा तुम्हारा क्या होगा मैं सोच भी नहीं सकती हु.”

लड़की की बात सबको मज़ाक लगी ….और उनमे से एक वही मोटा जिसे सुवर कहा था वो जल्दी से आगे बढ़ा …और वो लड़की मंद मुस्कारते हुवे खुदसे हे बोली यही तोह मैं चाहती hu….ek बार छुवो तुम mujhe…ladki की सोच से अनजान जैसे हे उस मोठे ने कसकर उस लड़की का हाथ पकड़ा वो लड़की दर्द से जोर जोर से कराहने lagiii….aur रोने का जोर जोर से नाटक करती हुवी चीकने लगी “आपको नीचू को पकड़ लिया इन्होने ये गांड लोग आपको नीचू को मर रहे ho…..wo सरे भी हैरान रह गए और जिसने हाथ पकड़ रखा था वो भी हैरान रह गया की क्या हे नौटकी कर रही ह पर ये हैरानगी जायदा दिएर नहीं रही क्योकि उसके वापस पलट ते हे एक कांच की बोतल उसके चेहरे पर घुस गयी और पूरा चेहरे खून से लाल हो गया …..

वो शख्स जो पी रहा था अब लम्बी लम्भी सांसे लेने laga…aur घुसाई से चीकने लगा उसकी आंखे गुसाई से पूरी तरह लाल हो गयी और अगले हे पल उसने मोठे के हाथ को पकड़ा और जड़ से उखड diya…..sare एक एक कदम पीछे हो गए….

लड़की “वो सरे आपको नीचू को अपने साथ लेजाना चाहते ह और फिर शरमाते हुवे वो जो मैं आपके साथ घर घर खेलती हु न वो खेलना चाहते the…”.aur वो ये शख्स सुनते हे पागलो की तरह चीखने लगा और उनपर टूट पड़ा उसने एक के कान को इतना तेज़ी से खिंचा की उखड कर हाथ मई आ गया और फिर एक थपड उसके गाल पर मारा जिसके साथ उसका गाल हे फाड् gaya…..aur फिर पीछे पलट कर एक के टांग के बिच इतनी जोर से किक मरी की वो कई फ़ीट ऊपर उछाल गया और निचे आने से पहले हे एक पंच उसके थोपड़े पर पड़ा और एक साइड के सरे दन्त उसके मू से बहार आ पड़े और सीधा …ठाकुर साब के कदमो मई जाकर gira….thakur सब ने देखा की वो बस अपनी जिंदगी के आखिरी साँस लेटस हलेटस हु झटके खा रहा h…idhar उस शख्स ने एक के सीधा गले पर तोह किसी के घुटने पर ऐसी जगह वार किये जंहा से हड़िया टूटने के बाद जुड़ने मई सालो लग जनि थी…

पीछे कड़ी उस लड़की के चेहरे पर एक अजीब सी मुस्कान थी ये सब देख कर ….और वो बोली… “ दर्द हो रहा ह”

वो शख्स वंही रूक गया और तुरंत लड़की की तरफ भगा और उसके हाथ पेअर चेहरे को चेक करने लगा…..

सरे वो जो ए थे और ठाकुर साब का परिवार भी लड़की की नौटंकी देख हैरान थे की पिटाई ईशर हुवी ह और दर्द इसे हो रहा ह….

लड़की “थोड़ा सा दर्द घर चलकर दवाई लगा देना …”

शख्स ने हां मई गर्दन हिला डीई..

लड़की “आप बैठो मैं अभी आयी “

और शख्स के बैठने के बाद पलटकर सबको देखते हुवे मन मई बोलै “ये परिवार जिसका ह वो जिन्दा ह …इसलिए जितने दिन दूर रहोगे जिन्दा रहेगा ….मैं लायी हे उसे तुम्हारी मौत के लिए भले हे याद्दाश चली गयी ह उसकी par…jis दिन उसकी यादाश्त वापस ayegi…wo पहले से दुगना खूंखार और ताकत वार होगा इतना कह वो कार मई बैठी और उस शख्स के चेहरे पर प्यार से हाथ फिराया ..उस शख्स ने अपना सर उसके कंधे पर रख दिया…….

वंही यंहा से बहुत दूर ….

एक जगह जो बिलकुल अलग ….जैसे वो इस दुनिया का हीसा हे न हो वंहा …एक साथ बहुत सरे लोग एक घुटने पर बैठे हुवे थे और उनके सामने एक शख्स खड़ा था ….वो बोलै “ सहदेव का परिवार जिन्दा h….aur वो जिन्दा ह तोह उसका बीटा भी जिन्दा होगा”

सामने से “मास्टर वो मर चूका ह”

वो शख्स “तुम इसीलिए आज तक लेवल 6 पर हे हो वो मर नहीं सकता ह जबतक उसके पास वो साधु ह फिर एक तरफ देख कर तुम दोनों इंडिया को अचे से जानते हो जाओ ढूंढो उसे अगर हमे आगे बढ़ना ह तोह उसका मिलना जरुरी ह…” उसकी बात ख़तम होते हे वो दोनों जिनकी पीठ पर स्कॉर्पियन का बड़ा से टैटू था वो सर झुका कर निकल गए…

पिछले अपडेट पर मुझे बहुत उम्मीद थी आप सब से पर निराशा हाथ लगी .....जैसे आपको मुझसे जल्दी और अचे बड़े अपडेट की उम्मीद रहती ह वैसे हे मुझ भी आपसे रहती ह ये हर वक़्त कहने की जरुरत नहीं होती ह यर अंडरस्टैंडिंग ह एक रीडर और राइटर ki......main भी अपने कॉम्पिटिटिव एग्जाम के टाइम मई से वक़्त निकल कर अपडेट लिखता हु ...........पर मेरी ये बात भी किसी के ईगो पर लगेगी तोह कुछ मेरी बात समझेंगे भी ...अब मुझे लगता ह एक ब्रेक की जरुरत ह जो ले रहा हु कुछ वक़्त के लिए... और है रेविएवस मत लिखना क्योकि अब रिप्लाई नहीं कर पाउँगा रिव्यु का पर है डाउट या क़ुएस्तिओन्स हो तोह बेसक रिप्लाई करूँगा ऑनलाइन एते हे .....
 
अपडेट का नाम हे डेड एन्ड था ....मतलब जिसके आगे कोई रास्ता नहीं h.....matlab जंहा कुछ समाज न aye...matlb...koyi भी विशन क्लियर न हो ....मतलब सोच भी रूक जाये.......

पर फिर भी बहुत स्पैम दिए ह लास्ट अपडेट मई की आगे किस लेवल के फाइटर ayenge...action थ्रिलर एडवेंचर और भड़ने वाला ह.. फेज थ्री मई. ..nanihaal..singh ग्रुप ऑफ़ कम्पनीज ... Marriage....aur मां की तभई ... स्कोर्पियन ट्राइब एंट्री देखने को मिलेगीइ

....पर कोई बता सकता ह की ...शिवानी कैसे स्टोरी मई वापस आसक्ति h...par ये बता दू की वो मर चुकी ह
 
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