अपडेट 217 …
एन्ड ऑफ़ फेज तवो…
डेड end….part ओने थे ब्लड ब्लूद्भात…
Raj…call कट करने के बाद बिना पीछे मुड़े हुवे हे बोलै “सब सून लिया अपने”
पीछे कड़ी पूनम ने पीछे से हे राज को हुग कर लिया ….वो समाज रही थी की उस पर क्या बीत रही hogi…aur इतनी टेंशन और पैन मई होने के बाद भी वो टूर पर सबसे मुस्कुराकर बात कर रहा tha….raj ने पूनम का हाथ पकड़ा और उसे अपने सामने की तरफ लता हुवा बोलै “मेरी जिंदगी मई यही सब ह…. आप ये सब छोड़ो मैंने आपके स्पेशल डिनर के लिए साडी चीजे मंगवा ली ह और भाभी और उन दोनों को समझा दिया ह की हम यंहा रुकेंगे बाकि वो सब संभल legi…bus दस पंडरा मिनट मई कुकिंग का सामान अजय बस फिर आपके लिए अपने हाथो से ये नाचीज डिनर बनाएगा भी और खिलायेगा भी…”
पूनम भीगी पलकों से खाने के लिए न मई गर्दन हिलने lagi…aur बोली “मुझे कुछ नहीं खाना ह बस मुझे आपके पास रहना ह”
राज पूनम के आंसूओ को साफ़ करते हुवे उसे एक पत्थर पर बैठने के बाद “अरे ये सब part ह मेरी लाइफ का और अभी कुछ दिएर पहले आप हे तोह कह रही थी की सब सह लुंगी और अभी इतने मई हे रोने लगी” फिर पास मई हे एक चुल्ला बनाने लगा कुकिंग के लिए और बोलै … “वैसे आपको क्या लगा की अभी सब ख़तम हो गया h…abhi तोह सुरुवात हुवी ह दीपिका डीई तोह गलती से उनकी नज़र मई आगयी असली अटैक तोह अब इवनिंग मई होगा या आज रात mai….aur अबकी बार दिल्ली मई होगा”
पूनम “तोह आप उन्हें बता दीजिये न की कोई घर से बहार न जाये और पुलिस की हेल्प ले”
राज चुल्ला तैयार करने के baad“lo हो गया तैयार अब लकडिया तोड़ लाते ह आप चलेंगी साथ”
पूनम “हूँ कहकर गर्दन है मई हिला दी राज ने अपना हाथ आगे किया तोह पूनम ने हाथ थम लिया और हाथ पकड़कर साथ मई चलने लगी”
राज “क्या कह रही थी आप उन्हें अलर्ट कर दू पर किसी”
पूनम “जोगिन्दर अंकल , बड़े पापा (कप्तान) और सुनील भाई को….”
राज ने कुछ दिएर कुछ नहीं कहा …पर पूनम जवाब सुनने के लिए उसे हे देखती रही तोह कुछ दिएर बाद एक मोती लकड़ी को हाथ से राज ने तोडा और बोलै आपको क्या लगता ह की आपका भाई सुनील क्या ह….”
पूनम जल्दी se“ek बिज़नेस मन और जिन्हे थोड़ी फाइटिंग अति ह मतलब अछि पर गन्स के आगे तोह खतरा होगा हे न”
राज “चलो आपको कुछ बताता हु जो किसी को भी पता नहीं ह पूरी फॅमिली मई….”
पूनम राज को देखने लगी…
राज “कभी भी जब इंटरनेट पर बैठो एक नाम सर्च करना और गलती से भी सर्च करने के बाद हिस्ट्री मिटाना मत भूलना और दुबारा वो नाम जिंदगी मई भी सर्च या अपनी जुबान पर मर लाना….”
पूनम “कौनसा नाम”
राज “कौनसा नाम जिस नाम के बारे मई आप पूछ रही ह उस नाम को सुनकर इंडिया के बड़े से बड़े किलर्स भी सोचने पर मजबूर होजाते ह की लाडे या nahi…par दिकत ये ह की सुनील को वो नाम याद हे नहीं रहता ह….”
अब पूनम और कंफ्यूज हो गयी…. और बोली “मैं समझी नहीं”
राज लम्बी साँस chodkar“jaise मेरी सेकंड पर्सनालिटी ह निर्वाण जिसके बारे मई आपको पता लग चूका ह जो सिर्फ अपनों को खतरे मई देख बहार अत ह या गुसाई की हद पार हो जाती ह तब बहार अत h…aise हे उसकी एक सेकंड पर्सनालिटी h….jo सिर्फ मुझे मौत के मू मई देखकर हे बहार आती h…aur जो दूसरा शख्स उसमे से अत ह वो किसी की भी नहीं सुनता ह मतलब किसी की भी नहीं …और वो उस वक़्त मुझसे जायदा भयानक और क्रूर होता h…even बुलेट्स भी उसका कुछ नहीं बिगड़ सकती ह उसकी स्पीड फाइटिंग सब कुछ इनक्रीस हो जाती ह..”
पूनम हैरान और शॉक हो गयी…
राज “अगर उस वक़्त अपने मेरे लिए कुछ भी कहा तोह वो एकसेकन्ड से भी काम मई आपको जान से बिना सोचे मार देगा ….तोह सोचिये इतने खतरनाक शख्स के रहते क्या दिल्ली मई अलर्ट करने की जरुरत ह …मैं तोह ये ये सोच रहा हु की अगर उन लोगो का टारगेट मैं था तोह मुज पर अटैक करना चाहिए था न की उसे या उसके किसी को टारगेट करना चाहिए था क्योकि बाद मई जब वो बदला लेना जायेगा तोह कोई भी चिप या बच नहीं पायेगा”
पूनम कई दिएर दिमाग मई ये सब सोचती रही और बोली “वो नाम क्या ह….”
राज “वैलेंटाइन राइडर”
ये वो नाम ह जिसे सर्च करने से हे सीक्रेट एजेंसीज आपके पीछे लग जाएँगी क्योकि आज तक जिसने भी ये नाम सुना ह वो दुनिया से विदा हो चूका ह”
पूनम “सच मई भाई इतने खतरनाक ह पर वो तोह सोनाली दी से भी डरते ह और सबसे प्यार से बाते करते ह”
राज “लो हो गयी लकडिया तैयार chaliye….apka भाई वर्ल्ड के टॉप डेडलिएस्ट किलर्स मई से एक h….jisne सिर्फ 16 की आगे मई हे ये नाम कमाया लिया था इसलिए जिंदगी मई कभी भी दिकत ए तोह बस अपने भाई को बोलना एक बार और इतना बोल देना वैलेंटाइन राइडर ने वडा किया था आपसे बस फिर जो होगा वो खुद देख लेना पर ये तभी करना जब आपके पास कोई रास्ता न ho..kyoki फिर वो तब तक नहीं रुकेगा तब तक वो काम पूरा नहीं होगा ”
पूनम जो अब नार्मल हो गयी थी मुस्कुरा कर “मैं भाई को क्यों बोलूंगी मैं तोह आपको बोलूंगी न…”
राज पूनम का हाथ पकड़कर …पूनम जी मैं ाचा इंसान नहीं हु
पूनम “जैसे भी हो मेरे हो और बार बार ये मत कहा करो”
राज सीरियस होकर “पूनमजी मेरे बहुत से लड़कियों के साथ फिजिकल रिलेशनशिप ह….”
पूनम कुछ पल रूक कर “और बना लेना पर मुझे मेरे हीसाई का प्यार दे देना और मैं आपका चैरेक्टर अचे से समझती हु की बिना वजह आप कभी कुछ नहीं करते हो”
राज फ़्रस्ट्रेटेड होकर “आपकी बहन सोनाली मर जाएगीइ अगर उसे ये पता लगा तोह”
पूनम राज की आँखों मई देखकर “मैं मनाऊंगी unhe….chahe मुझे कितना हे वक़्त लग जाये मैं मनाऊंगी फिर तोह आप एक्सेप्ट करेंगे न मुझे दी मुझे जरूर समझेगीइ”
राज गुसाई se“vidwa हो जाओगी ap…meri मौत कभी भी हो सकती ह कितनी baaaarrrrrr“abhi वो इतना हे बोलै था की….
पूनम ने गुसाई से एक थपड राज को जड़ दिया और बोली “मर जाऊंगा मर जाऊंगा …जान का भरोसा नहीं ….की रत लगाए रहते हो ….मेरा सुहाग की कीमत इतनी भी सस्ती nahi…maut के भी पसीने छुड़ा दूंगी आपकी जान लेने ए तोह समझे …जो करना ह करो …गफ बनानी ह बनाओ ….रंडिया नाचनी ह नचाओ जिसे शादी करनी ह karo….…do व्हाटएवर यू वांट do….par मुझे खुदसे अलग मत karo….mujhe सच मई कुछ नहीं चाहिए आपसे सिवाए थोड़े से प्यार के …..बचपन मई हे हमारा रिस्ता तय हो गया था जिदका मुझे पता भी नहीं था …पर उपरवाले का खेल देखो किस्मत ने दुबारा हमे मिला diyaaa….abhi वो बोल हे रही थी ki…Raj ने उसके हाथ को पकड़ कर झटके से अपनी तरफ खिंचा और पूनम कुछ समझपाटी उससे पहले हे राज ने उसके होठो पर अपने होठ रख दिए ….पूनम हॉकी बाकि रह गयी और पीछे होने लगी तोह राज ने उसकी कमर को कास कर पकड़ लिया और अपने सीने से लगा लिया और उसको किश करता रहा ….और फिर कुछ पल बाद खुदसे अलग किया और बोलै “बहनो को मानलो और खासकर सोनाली मम और दिव्या माँ को मन लो तोह वडा ह मैं शादी कर लूंगा आपसे …इतना कह वो लकड़ी लेकर आगे चला गया पीछे पूनम अभी जो उसे सोचकर बहुत बानी कड़ी रह गयी उसे 15 मिनट लग गए की राज ने क्या कहा और क्या huva….aur जब उसे अचे से समाज आ गया ह की क्या हुवा तोह वो खुसी से उछलने lagi…aur किसी छोटी बची की तरह नाचती हुवी राज की तरफ जाने लगी पर कुछ दूर पहले हे रूक गयी और खुद को शांत करके राज की तरफ प्यार से देखने लगी….
वंही निचे टैंट्स की तरफ…
अपूर्व “चलो लेट हो जायेंगे सभी जल्दी चलो राफ्टिंग का टाइम हो गया ….”
अनु ,manisha,kavita ने अपूर्व को साइड मई लेजा कर पूनम और राज के रूकने के लिए कई सरे रीज़न देकर मन लिया …जबकि अपूर्व तोह खुद सिर्फ राज को रोकना चाहता था पर अब तोह वो खुद हे रूक रहा था तोह वो भी मन हे मन बहुत खुस था उसे पूनम के रूकने से कोई दिकत नहीं thi….usai तोह सिर्फ राज से मतलब था और सभी स्टूडेंट के साथ राफ्टिंग के लिए जाने से पहले उसने पीछे मुड़कर …कॉलेज से साथ ए हेल्पर और कुक की तरफ देख कर एक इशारा किया तोह वो भी समाज गए की क्या करना ….wanhi…mirtyudoot को राज ने कविता अनु मनीषा को सेफ्टी के लिए साथ भेज दिया था जब की मित्युदूत जाने के लिए बिलकुल भी एग्री नहीं tha….par अपने मास्टर का आदेश न मैंने की उसके पास एक सही वजह भी नहीं थी ….
जबकि …अपूर्व का ईशर मिलते हे उनमे से एक किलर एअर पीेछे मई “क्या वो जा चूका ह”
दूसरा “है वो पैदल पहाड़ियों से होकर राफ्टिंग वाली जगह की तरफ जा रहा ह”
फिर पहले वाले ने मोबाइल निकालकर एक नंबर डायल किया और कहा “उन तीनो लड़कियों को लेकर ाजाओ”
तोह वंही ……दिल्ली दोपहर के 3 बजे
एक मॉल के अंदर ….
“कोई भी हिला तोह उसे जान से मार देंगे समझे ोये तू रंडी कड़ी हो और साडी जेव्ल्लेरी पैक कर जल्दी….”
कुछ नकाबपोश आदमियों ने मॉल के अंदर एक ज्वेलरी मई कई लोगो को गन पॉइंट पर रखा हुवा था और बहार पुलिस ने चारो तरफ से उन सबको घेर रखा था…
पुलिस वाले लगातार माइक से उन नकाबपोश आदमियों से सरेंडर करने को कर रहे थे जबकि अंदर से कोई रिप्लाई नहीं ारः tha…situation ये थी की न्यूज़ चैनल वाले पहुंचने लग गए the…chief मिनिस्टर ने भी कमश्नर से डायरेक्ट खुद सिचुएशन को हैंडल करने का आदेश दिया ….और जोगिन्दर सिंह भी जल्दी से मॉल के लिए कमिश्नर ऑफिस से निकलने लगे….. कमिश्नर ऑफिस के बहार से हे एक बिखरी “कमिश्नर निकल रहा ह भाई ….अब साडी पुलिस का धयान उस मॉल पर हे ह …”
उसकी ये इनफार्मेशन सुनते हे ….दिल्ली अंडरवर्ल्ड हेड जो कप्तान सिंघानिया के आने वाले रूट के एक होटल मई खड़ा tha…wo बोलै “ तुम लोग सब बैक्वोर्ड एरिया मई पहुंच कर कमिश्नर के आने का वेट karo….phir उसने दूसरे एआरपीएस मई दूसरी टीम से कप्तान सिंघानिया के निकलने का टाइम होने वाला ह ..याद रखना बिच वाली बुलेटप्रूफ कार उसी की होती ह किसी भी कंडीशन मई वो बचना नहीं चाहिए h…..team ओने रोड ब्लॉक कारगी टीम तवो किलर्स की जो भी स्निपर्स सेफ्टी के लिए सिंघानिया ने रखे ह उन्हें maregi…aur टीम थ्री ग्राउंड लेवल से उन पर अटैक karegiii…aur याद रखना सबके कमरे ों होने चाहिए ह ये लाइव वीडियो आगे रिकॉर्ड हो रहा होगा ”
तीनो लीडर्स टीम्स के एक साथ है मई मई जवाब देते ह …
मीटिंग रूम …
सुनील “पापा सब तीख ह दी बिलकुल तीख ह रात को पहुंच जाएँगी हम साथ हे खाना खाएंगे आप टेंशन मत लीजिये“
कप्तान गुसाई से “बेवक़ूफ़ ह वो अगर राज ने अभय को न भेझा होता तोह कुछ भी हो सकता था और वो निकल कैसे गयी अकेली उसके बॉडी गॉर्डस तोह 24 ऑवर उसकी सिक्योरिटी मई होते ह न”
सुनील “वो पापा ..राहुल के घर से चुपके से गयी होंगी मैंने पता किया तोह राहुल ने उसकी मदद की थी मुम्बई जाने मई और वो भी साथ हे ह aur…body गॉर्डस को यही लगा की वो राहुल के घर हे ह अभी भी…”
कप्तान टेंशन मई हो गए तोह सुनील बोलै “ सब तीख ह आप घर चलिए मैं अभी कुछ और काम बचा ह उसे निपटा देता हु फिर ajaunga…agai सिंह ग्रुप की बोर्ड ऑफ़ डायरेक्टर्स की मीटिंग h….jo बहुत जरुरी ह …बहुत से सांप ह जो कंपनी को खोखला कर रहे ह और कंपनी मई मुझे वो राज़ भी ढूंढने ह जो सहदेव अंकल से जुड़े हुवे ह”
कप्तान “ सुनील ये सहदेव भाई की म्हणत की कंपनी ह बीटा इसे हम खोखला नहीं होने देंगे अब तक किसी को नहीं पता ह की 60 परसेंट शेयर होल्डर्स के साथ कंपनी का रियल किंग कौन ह……”
सुनील “है पापा और मैं भी दिखाना नहीं जाता हु की मैक्सिमम शेयर होल्डर मैं और मनीषा ह पर राज और दादाजी ने जिसे तैयार किया ह वो अब इंडिया आने के लिए तैयार ह और लगभग एक साल बाद हे वो आजाएगीइ और मैंने सुना ह की वो अभी से बिज़नेस वर्ल्ड मई नाम कमाने लगीई”
कप्तान “तुम कृति की बात की बात कर रहे हो”
सुनील “है पापा उम्मीद नहीं थी की वो उमीदो पर खरी उतरेगीइ…”
कप्तान “ बीटा भरोसा और उम्मीद इंसान को बहुत स्ट्रांग बना देती ह ….तीख ह अब तुम जल्दी से काम निपटाओ और घर पर मिलो आज मैं खुद डिनर तैयार करता हु तुम दोनों के लिए और है वो तुम्हारी सेकरट्री को भी ले आना बहुत अछि लड़की ह बेचारी को तुम रेस्ट भी नहीं करने देते हो”
सुनील “जी पापा”
कप्तान को भेज कर सुनील राज के लिए सोच मई डूब गया ….और उसे महसूस हो गया था की वो नाराज ह और यही नाराजगी उसे खायी जा रही थी …वो सब सह सकता था पर राज की नाराजगी नहीं …
वंही श्वेता करीब एक ऑवर पहले हे शॉपिंग पर निकल चुकी थी उसे जोगिन्दर का मैसेज मिल चूका था की रात होने से पहले हे घर पहुंच जाना ह और साथ मई वार्निंग भी दे दी थी की वर्ण मुम्बई जाना भूल jaye…isliye वो भी जल्दी जल्दी अनु कविता मनीषा पूनम और राज के लिए ड्रेस ले रही thi…raj के लिए तोह उसे सब पता था पर अपनी भाभी के लिए वो एक सूट और लॉन्ग स्कर्ट और टॉप्स धुंध रही थी ..और मॉल के बहार साडी भीड़ उसकी सुव ko….delhi की लगभग साडी पुलिस जे श्वेता को जानती थी की ये खूंखार लड़की ैप सोनाली को भाभी बोलती ह इसलिए मॉल के बहार पुलिस वाले भी उसकी सेफ्टी के लिए खड़े थे…
शामे टाइम ….3 पं झुंझुनू…
“भाई वंहा खिड़की से कोई लड़की झांक रही थी”
नकाबपोश “बैठ जा आराम से मुझे पता ह वो मेरा पीछा कर रही थी पर वो नहीं जानती ह की कोई मेरा पीछा तोह नहीं कर रहा ह ये जानने के लिए मेरा एक आदमी मेरा पीछा हमेशा करता ह जो बता देता ह की कौन मेरे पीछे ह और कौन nahi…usne अंदर हमे बाते करता सुनकर …रंजन सर को अलर्ट करने गयी होगी की जिन हथियारों की डील वो हमसे करने ए ह हम उसका उसे लोगो को ख़तम करने के लिए karenge..sali बेवक़ूफ़ बन कर गयी ह उसे क्या पता की ये हथियार तोह ठाकुर के पुरे खानदान को मरने मई इस्तेमाल होने वाले h…phir वो खड़ा हो गया
श्रुतीय जो अंदर देख कर और उनकी बाते सून कर हैरान हो गयी थी वो मन हे मन जल्दी जल्दी चलते हुवे बोली “ हे भगवन यंहा कुछ सही नहीं ह ये लोग आर्म्स डीलर नहीं हो सकते h…ek जाना घुटका चबा रहा tha….ek के बाल बड़े हुवे थे और सबसे बड़ी बात मंडावा का इतना बड़ा मैप दीवार पर टेंगा hona….aur प्रॉपर यूनिफार्म मई न होने ये सब दिखता ह की वो लोग अटैक के लिए इखट्टा हुवे h…par रंजन इनको हथियार क्यों सप्लाई करते ह ….इनकी बातो से से तोह लग रहा की ये किसी पर अटैक करने ए ह पर किस पर मतलब जो मैंने सुना वो उन्होंने जांभोज कर kaha….abhi वो एक कम हे सोच मई जल्दी जल्दी चलकर आयी होगी की उसे अपने पीछे से आवाज आयी…
“सब सून लिया …पर अफसोस तूने अब तक किसी को भी बताया नहीं”
श्रुती जल्दी से पीछे मुड़ी तोह वो हैरान रह गयी वही शख्स उसके पीछे खड़ा हुवा था और उसके साथ दस जाने और थे जो खड़े हुवे थे…
“मसुसम भी ह और मौका भी h…acha ह कुछ करने से पहले मीठा हो जायेगा”
“दूसरा आदमी और सबसे अछि बात बॉस …इधर तोह कोई इसकी मदद वाला भी नहीं”
बॉस “जायदा उछलो मत सब समाज रहा हु बंचोदो अफीम खाके बैठो हो भोस्डिको टाइम काम और तुम मई से हर एक को काम से काम 30 मिनट लग हे जायेंगे और ये भी जानता हु की जब तक ये चीखेगी नहीं तुम्हे मज़ा भी नहीं आएगा”
एक और बोलै “ तोह क्या हुवा बॉस इस छमिया के पास 3 छेद ह तीनो काम मई ले लेंगे …काम हो जायेगा”
बॉस “मादरचोद बड़े हरामी हो गए हो उठा लो इसकी जासूस का कीड़ा आज ख़तम हे कर देते ह”
श्रुती जो इनकी बेहूदा बाते सून रही थी उसे गईं आने लगी थी वो गन निकलकर बोली “तेरी माँ ने भी जब अलग छेद से लिया होगा तब तेरी जैसी गटर की गंदगी बहार आयी hogi…aur उसने भी फिर तुझे सीसे हे गटर मई फेंक दिया होगा.”
श्रुती की बात सुनते हे बॉस गुसाई उबाल पड़ा और उसी गुसाई से आगे बढ़ा तोह…
श्रुती ने एक गोली फायर kardi“Ek कदम और आगे बढ़ा तोह मारा जायेगा”
बॉस “आज तोह जिन्दा हे पकडूँगा तुझे रंडी चला कितनी गोलिया ह तेरे पास वो देख तेरे पीछे भी मेरे दस आदमी ह आज तोह छोड़ छोड़ कर तेरी छूट और गांड का भोसड़ा न बनाया तोह मैं भी एक बाप की औलाद नहीं इसे जिन्दा पकड़ कर आदि पर ले औ मैं आगे की तयारी करता हु टाइम काम h”itna कह वो मूड गया
श्रुती ने सबको देखा और गन को बैक मई लगाकर अपने बालो को टाइट करने लगी…
गुंडा “बांध क्यों रही ह डार्लिंग अपनी काली झुलफो को इन्हे पकड़कर हे तोह तेरी घुड़सवारी करेंगे सब बरी बरी….”
उसकी बात सुनकर सब जोर से हसने लगे श्रुतीय के चेहरे पर मुस्कराहट आगयी और गन निकलकर उसकी खोपड़ी उदा di….aur बोली “बड़बोला चुटिया” इतना कहते हे उसने एक कदम पीछे खींचा और कच्ची रोड की साइड मई बानी बड़ी सी दीवार की तरफ तेज़ी से भागी और भागते हुवे हे दीवार पर एक कदम टीकाकार ऊपर की तरफ जम्प मरी और दीवार पर चढ़कर बैठ कर सबकी तरफ मिडिल फिंगर दिखाकर दूसरी साइड कुढ़ गयी…
पीछे खड़े गुंडों मई से एक “देख क्या रहे हो पकड़ो रंडी को”
दूसरा “जा चढ़ जा दीवार पर भोस्डिके सांड हो रखा ह चढ़ने से तू रहा …तोड़ हे दे काम से काम दीवार को”
एक और बोलै “ भोस्डिको लड़ बाअद मई लेना उधर देखो उधर ह रास्ता पकड़ो साली को वर्ण बॉस तुम्हारे छेद खोल देगा “
सरे श्रुती के पीछे भागे वंही श्रुतीय जो तेज़ी से अपनी कार की तरफ भाग रही थी कार के पास पहुंची तोह सामने उसे 5 जाने और तैयार मिले…
“कान्हा भागोजी जानेमन …”
श्रुती ने तुरंत यंहा वंहा देखा और उसे एक तरफ खेत दिखाई वो तुरंत उस तरफ भाग पड़ी और बाकी आधे उसके पीछे तोह कुछ बाइक्स लेने के लिए दौड़ पड़े …वंही श्रुतती भागते हुवे… “अज्जू …अज्जू …hello ajju….kuch दिएर बाद उसे अज्जू की आवाज ईई “सॉरी बेबी खुद खाना बनाया तोह मिर्ची तेज़ हो गयी थी इसलिए bathroommmm”wo इतना हे बोलै था की उसे सामने से जोर से आवाज आयी “गधे जब तेरी बेबी मर जाएगी तोह उसकी सुनेगा क्या ी नीड हेल्प मेरे पीछे बहुत से क्रिमिनल्स पड़े हुवे ह बहुत बड़ा अटैक होने वाला ह”
अज्जू “दीपिका पर भी हुवा ह”
श्रुती “तोह मतलब ये लोग 70 परसेंट चांस ह मंडावा के लिए हे ए ह और इनके साथ काम से काम 100 लोगो की पूरी फौज ह”
अज्जू “बेबी तुम कान्हा हो अभी”
श्रुतती “ मेरा व्हीकल पुनटुरे कर दिया ह कुत्तो ने और वो मेरे पीछे ह”
अज्जू “इनकी तोह मैं तुम बस भगति रहो और मंडावा की तरफ bhago…tumhe बचने के लिए मैं अभी ठाकुर साब को कॉल करता हु”
अज्जू ने तुरंत ठाकुर साब को कॉल लगायी..
जगमाल सिंह “क्या बात ह अज्जू आज अपने हमे कॉल किया ह “
अज्जू जल्दी से “श्रुति की जान खतरे मई ह वो झुंझुनूं से मंडावा की तरफ पैदल हे भगति आरही ह”
जगमाल सिंह “मैं देखता hu”itna कह कॉल कट करदी और आगे कोई सवाल नहीं किया और चिल्लाये “भीमा”
जगमाल सिंह की तेज़ और दुमदार आवाज सुनकर सरे एक साथ हॉल मई आगये …. जगमाल सिंह दुबारा चीखे “भीमा” भीमा जो बहार थे वो तुरंत भागते हुवे “जी बाबूजी ….”
जगमाल सिंह “श्रुती बिटिया की जान को खतरा ह जाओ उसे यंहा पूरी इज़्ज़त के साथ लेकर औ …और कोई खरोंच नहीं अणि चाहिए ह”
भीमा “जी बाबूजी वो कान्हा ह”
जगमाल सिंह “वो इस वक़्त झुंझुनूं और हेतमसर गाँव के बिच मई कंही खेतो मई से दौड़ती हुवी मंडावा की तरफ आरही ह”
तभी अजय बोलै दादाजी पर उन्हें मोबाइल से ट्रैक करना मुश्किल होगा क्योकि बिच मई टावर नहीं एते ह…”
जगमाल “तोह अब”
जानवी “डोंट फियर नाना ji..main हु न”
जगमाल ने हैरानी से देखा toh…ajay बोलै “उसका मतलब ह ये एआरपीएस आप कान मई लगा लीजिये हम ड्रोन भी यंहा से उनको ढूंढने के लिए लगा देंगे वो 15 कम की रेंज मई यंहा से जंहा भी होंगी तोह हम उन्हें उनकी लास्ट लोकेशन जंहा भी होंगी उसके आसपास धुंध लेंगे आप जाईये हम ड्रोन को आपके साथ हे उदा रहे ह ..
भीमा निकलने लगे तोह…
शेरदिल “नानाजी मैं जाऊंगा….” इतना कह उसने भीमा के बैक से कुल्हाड़ी निकली और अपनी बैक पर तंग कर बहार कड़ी बुलेट को स्टार्ट कर तेज़ी से निकल गया…
वंही श्रुतीय ..जो रनिंग मई एक्सपर्ट थी उसने हालत ख़राब कर दी थी सबकी पर थक तोह वो भी रही थी…
अज्जू “तुम बस भगति रहो मदद आरही बेबी तुम कर सकती हो”
श्रुती “बेबी के बचे भाग हे तोह रही हु पर ये हरामज़ादे बाइक से तोह भाग कर मेरे पीछा छोड़ हे नहीं रहे ह…”
अज्जू “28 कम ह मंडावा झुंझुनूं से तुम्हे भागते हुवे 20 मिनट हो गए ह …बस कुछ मिनट और bus…madada आजायेगी
तोह इधर 10 मिनट बाद अजय एआरपीएस मई शेरदिल भैया बस यही लोकेशन ह उनकी वो यही कंही होगी …जानवी तुम्हे कुछ दिखाई दिया…
जानवी “मिल गयी अरे नहीं वो तोह बाद उंक्लेस से गिरी हुवी ह वो उन्हें जल्दी हे घेर लेंगे ….उनकी गन की गोलिया भी ख़तम हो gayiii…left साइड 2 कम खेतो मई भाग रही ह जल्दी कीजिये जब तक मैं कुछ करती हु
तोह अगले कुछ मिनट्स बाद श्रुतीय ने हाथ मई खली गन को आगे वाले हिसाई को पकड़कर उसे हथियार बना लिया और लड़ने को तैयार हो गयीईइ…
आदमी “बहुत दौड़ा लिया तूने इतना कहते हुवे श्रुती के वार को रोका और एक थपड उसके गाल पर जड़ दिया….” जिसकी वजह से श्रुति के होठो के कौनो से खून आने लगा …अभी वो दूसरा थपड मरने हे वाला था की उसे कुछ भिनंनम भिनने की आवाज आने लगी अपने आसपास और इधर उधर देखने के बाद उसने ऊपर देखते हुवे बोलै “बस ये ड्रोन कान्हा से आया बे”
तभी ड्रोन से जानवी की आवाज आयी “बाद उंक्लेस मेरी दीदी को छोड़ दो वर्ण तुम्हारी इतनी पिटाई करुँगी की …सकल सुवर की तरह बन जाएगीइ”
निचे खड़े सरे छोटी बची की आवाज मई धमकी सुनकर हसने लग गए …..
जानवी गुसाई से “ हूउउ मिझे गुसा मत दिलाओ वर्ण बहुत बुरा होगा समझे ये मेरी लास्ट वार्निंग ह तुम्हारे लिए मेरी दी को छोड़ दो”
आदमी श्रुती को तरफ हाथ बढ़ाते हुवे “और अगर नहीं मणि तोह kya….hhhhooooggga”wo पूरा बोलै भी नहीं पाया था की एक मुका उसके पीछे से आकर उसकी कनपट्टी पर पड़ा और वो कई फ़ीट दूर जा कर साइड मई gira….aur ऐसा गिरा की कटी हुवी मुर्गी की तरह जमीं पर पड़ा फड़फड़ने लगा
जानवी “बोलै था मैंने सुवर को aur…dii आप बस देखो शेर से पन्गा लिया ह इन्होने अब शेरदिल भैया इनकी ऐसी पिटाई करेंगे की एनिमल्स हॉस्पिटल मई हे इनका ट्रीटमेंट होगा”
शेरदिल ने दूसरे को गर्दन से ऊपर uthaya…aur उसे जम्में पर पटक दिया उसकी चीक पूरी भी निकली थी की उसने एक तंग उठाकर उसके मू पर मरी और जमीन मई उसके मू को घुसेड़ दिया तभी उससे पीछे से एक वार अत हुवा महसूस हुवा तोह तुरंत निचे झुकार तेज़ी से पीछे घूमते हुवे एक पंच पीछे से आरहे आदमी के पेट मई जड़ दिया वो तेज़ी से उड़ता हुवे पीछे के पेड़ से टकराकर नीचेगीरा…
श्रुती “बाप रे बाप राज भाई के परिवार मई सब हे भयानक ह और तोह और उनकी बीवी तोह और खूंखार ह” तभी उसने देखा की एक जाना नाइफ को फेंक कर शेरदिल को मरने वाला ह तोह वो तेज़ी से शेरदिल के पीछे नाइफ को रोकने आगयी और अपना हाथ नाइफ के आगे कर दिया जिसकी वजह से चाकू हथेली मई घुस गया और उसकी चीक निकल गयी शेरदिल ने पीछे मुड़कर देखा तोह वो किसी पागल सैंड की तरह गुसाई से फुंकारने laga…aur भीमा वाली भरी भरकम कुल्हाड़ी हाथ मई ले ली जो सूरज की रौशनी मई सूरज की तरह चमकने लगी और अगले हे पल नाइफ फेंकने वाले की गर्दन हवा मई उछाल गयी और अब शेरदिल बिना रहम किये एक एक को चीरता और फाड़ता चल gaya….aur सबको ख़तम करने के बाद तुरंत अपनी टी शर्ट निकली और श्रुती के हाथ मई बांध दी और फिर पास के हे गाँव के सरपंच को बोलकर उन लाशो को समशान मई हे जलवाने के लिए बोल diya…taki कोई सबूत न mile…kuch दिएर बाद हवेली मई डॉ श्रुती के घाव पर पत्तिया कर रहा था तोह …शेरदिल निचे फर्श पर घुटनो के बल बैठा हुवा जगमाल सिंह से दांत सून रहा था….
श्रुती “दादाजी उसकी गलती नहीं ह”
जगमाल सिंह “जब एक मर्द घर के परिवार की औरतो की रक्षा नहीं कर सकता ह तोह फिर कैसा मर्द ह”
श्रुति “मैं हे बिच मई गयी थी उन्हें माफ़ कर दीजिये मुझे सप्से जरुरी बात करनी ह आपसे”
जगमाल सिंह शेरदिल से “दुबारा ऐसा हुवा तोह तुम्हारे साथ तुम्हारे गुरु भीमा भी पीटेंगे धयान रहे ….फिर श्रुति से ….. बेटी तुम यंहा कैसे और ये सब क्या ह”
श्रुत्ति “जानवी तुम्हारा सेटअप कान्हा ह”
जानवी “अजय भैया और हमारा सेटअप ऊपर हमारे रूम मई हे ह दीदी”
श्रुती “दादाजी आप भी साथ आईये और भीमा चाचा शेरदिल भाई आप भी “
सब ऊपर ए तोह श्रुती ने अज्जू को लाइव वीडियो पर लिया तोह”
ाजीउ “बेबी तुम तीख तोह हो मैं कितना दर गया था”
ये सून श्रुती को शर्म आयी तोह बाकि मुस्कुरा उठे…
श्रुती ने चरण बाकि की तरफ स्क्रीन को घुमा दिया और बोली अज्जू अब आप पूरी बात समझाओ”
अज्जू “ दादाजी ….मुझे 75 परसेंट यकीं ह की मुम्बई दिल्ली और मंडावा तीनो जगह एकसाथ अटैक hoga…ye बात राज भाई भी जानते ह जिसमे से एक अटैक मुम्बई मई दीपिका पर हो चूका ह पर उन्हें बचा लिया गया ह पर अभय की कंडीशन अभी बहुत जायदा सीरियस ह अभी अभी पता लगा ह की दिल्ली मई एक मॉल पर जोगिन्दर सर भी गए हुवे ह पर वो सब अलर्ट h…isliye सबसे जायदा खतरा अब आप पर हे ह बाकि श्रुती के हिसाब से 100 से 150 लोग अटैक आज रात या कल रात कर सकते ह और अगर आज रात करेंगे तोह अब तक वो पोजीशन भी सेट कर चुके होंगे आप सबको जल्दी से जल्दी छिपना hoga…aur एक बुरी खबर ह मेरी पिछले 48 हॉर्स से शिवानी मम से बात नहीं हुवी h….isliye मुझे दर ह की उन्हें कुछ हो न गया ह …अब सब चिप जाईये क्योकि दिल्ली मई से अलग अलग रास्तो से 300 से जायदा लोग वापस बहार निकले ह पर कान्हा ये नहीं पता h…aur सबसे बड़ी बात ..
मंडावा के टावर की कालिंग को एनालिसिस करने पर मुझे पता लगा ह की आज के दिन वंहा बहुत से आउटर मोबिल नंबर एक्टिवटे ह जो करीब 200 के करीब ह….
जगमाल सिंह कुछ पल अज्जू की बात सुनकर रुके और फिर होनी मूंछो पर तांव देते हुवे bole“ajju बीटा …युद्ध मई दो हे तरह के लोग लड़ते ह एक जो धरम सचाई और आचायी के लिए लड़ते ह तोह दूसरे अधरम और बुराई के liye…aur हमेशा से बुराई पर आचायी की विजय होती हुवी आयी ह…
Ajju”par दादाजी बहुत खतरा ह”
जगमाल सिंह “बलिदान तोह युद्ध मांगता हे ह ….वो तयारी के साथ आरहे ह तोह आने दो….10 20 100 200 सबको आने दो …ये क्षत्रिय का खून ह और क्षत्रियो की भूमि h…yanha पीठ दिखाकर भागता नहीं ह मौत लिखी ह तोह होगी …पर एक चीज जो होगी वो मैं तुम्हे अभी से बता सकता हु और वो ये ह उनमे से एक भी माँ भवानी की कसम जिन्दा वापस नहीं जायेगा…….
दादाजी की बात सुनकर शेरदिल की मुठिया भी जोश से कास गयी तोह भीमा के जबड़े भी भींच गए…..
जगमाल सिंह …. “भीमा तैयार करो सबको आज गाँव का हर आदमी दिखा देगा की युद्ध कैसे लड़ा जाता ह और तुम शेरदिल हवेली को अभेद किले मई बदल दो एक भी जाना हवेली की दीवार को छू तक न paye….aur अजय जानवी तुम दोनों दिखा दो की तुम्हारी टेक्नोलॉजी क्या कर सकती h…tum दोनों हमारी आंखे बनोगे
जानवी और अजय …. दोनों एक दूसरे की तरफ देखा और अपने रूम की तरफ तयारी करने भागे …
श्रुती “मुझे भी गन चाहिए”
जगमाल सिंह ने शेरदिल को ईशर कर दिया और खुद भी निचे अपने रूम के अंदर गए और अपने हथियारों के बॉक्स को खोला तोह पास मई पड़ी एक ड्रेस पर उनकी नज़र गयी जो उन्होंने आज से 50 साल पहले डकैतों को मरते हुवे पहनी thi….unhone उसे प्लास्टिक की पैकिंग से बहार निकला ….और पहन लिया …
कप्तान सिंघानिया की करो का काफिला एक तरफ से निकला तोह दूसरी तरफ से कंशनर भी सिचुएशन को हैंडल करने के लिए मॉल की तरफ निकल चुके थे इस बात से अनजान की आज उनके साथ क्या होने वाला था …
टाइम 5 पं दिल्ली…
सोनाली “गहरी सोच मई ऑफिस की टेबल पर पेन से तक तक कर रही थी फिर कुछ सोचकर मनीषा को कॉल लगायी”
मनीषा “hello”
सोनाली “भाभी आपके पास आपकी फॅमिली की ओल्ड फोटो ह तोह प्लीज भेजो न मुझे सुनील को बड़ी करवाकर गिफ्ट करनी ह जिसमे आप छोटी हो सुर एक मई आप बड़ी हो” सोनाली ने अलग तरीके से कह कर पुराणी फोटो मांगी ताकि मनीषा को बुरा न लग जाये….
मनीषा “पुराणी तोह नहीं ह भाभी एक्चुअली माँ ने बताया था की एक बार पुराने वाले घर मई आग लग गयी थी शार्ट सर्किट की वजह से तोह सब कुछ जल गया था usmai…..meri और माँ की फिर भी एक दो मिल जाएँगी पर पापा की नहीं मिलेगी …आप अभी की बनवा कर दे दो न”
सोनाली की आंखे चमकने लगी “ok तीख ह आप जो भी ह भेज दीजिये मैं बनवा लुंगी ..मैं रखती हु भाभी सर बुला रहे ह”
मनीषा “ok bye”
सोनाली कॉल कट होने के बाद “रंजन माथुर अब तोह मुझे यकीन हो गया ह की तुम हे हो मां बस एक बार तुम्हारे पेअर पर जले हुवे का निशान कैसे भी चेक करलु फिर तेरा खेल ख़तम जल्द अति हु मुम्बई तेरे पास…..” अभी वो ये बात खुदसे कर हे कर रही थी की उसे अज्जू का कॉल आया “मम ….मंडावा मई अटैक होने वाला h….aur मुझे अब पूरा यकीन ह की दीपिका पर अटैक होना मंडावा पर अटैक होना मतलब कोई हमे टारगेट कर रहा ह तोह इस हिसाब से तोह दिल्ली मई जो बहार से बचे हुवे किलर्स ह वो आप पर या सुनील भाई या फिर कंही कमिश्नर सर पर तोह अटैक नहीं करने वाले h…ap तोह चीफ ऑफिस मई सेफ ह पर बाकी …एक मिनट कमिश्नर सर की लोकेशन मॉल क्यों दिख रही ह उन्हें तोह ऑफिस होना चाहिए न”
सोनाली “पता नहीं मैं तोह तब से मां के बारे मई हे सर्च कर रही हु ….मैं देखती हु”
अज्जू “वेट वेट दिल्ली मई जिस मॉल पर अटैक हुवा ह वंही तोह कमिश्नर सर ह”
सोनाली सीरियस hokar“ajju तुम दिल्ली और मंडावा पर कम्पलीट फोकस कर दो मुझे हर अपडेट चाहिए ह जबतक मैं मॉल पहुँचती हु”
अज्जू “यस मम”
सोनाली ने तुरंत अपनी गन बैक मई लगायी और निकल गयी….
Wanhi….Delhi हेड ….होटल के ब्लैक ग्लासेज के अंदर से बहार की हर चीज देख रहा था …
उसके 2 किल्लीर सुनील की सेफ्टी मई लगे हुवे एक स्निप्पेर के पीछे पहुंच गए …और एक ने मूवमेंट करि तोह स्निप्पेर बैक से तुरंत गन निकलकर पीछे मुदा तोह दूसरे किलर ने उसे बिना एक पल गवाए शूट कर दिया …और फिर एआरपीएस मई बोलै “ओने डाउन बॉस”
ऐसे हे किलर्स के अलग अलग छोटे छोटे 2-2,के ग्रुप्स ने सभी स्निप्पर्स को तीखाने लगा दिया..
दिल्ली हेड… “अब जब सिचुएशन पूछे कोई तुमसे दूसरी तरफ से तोह बस ok या आल क्लियर हे रिप्लाई मई बोलना ह”
सब ने है मई सर हिला दिया…
दिल्ली हेड “टीम 2 रोड ब्लॉक्स के लिए रेडी हो जाओ कप्तान सिंघानिया का व्हीकल निकल चूका ह….15 मिनट मई तुम्हारे सामने होगा”
कप्तान का काफिला करीब 20 मिनट बाद अपने फिक्स रूट से अत हुवा नज़र aya….team तवो जो कोई भिखारी तोह कोई कुछ छोटा मोटा आइटम बेच रहा था वो तैयार हो गए और एक रिक्शा वाला जो साइड मई स्टार्ट करके खड़ा था उसे इशारा कर दिया और उसने भी तुरंत …कप्तान के काफिले के आगे एते हे उसके आगे रिक्शा थोक दिया जिसकी वजह से पूरा काफिला रूक गया ..
और अचानक कई सरे स्मोक बम आकर गिरे और कार के पास की जगह को छोड़कर सारा एरिया धुंवा धुंवा हो गया कार के अंदर बैठे बॉडी गॉर्डस भी पूरी तरह अलर्ट हो गए…
अचानक साइड मई जमीन पर बैठे तीनो बिखरियो ने एक साथ ओढ़ राखी कम्बल को उठाकर झटके से दूर फेंका तोह उनके हाथ मई आटोमेटिक गन दिखाई di…aur बिना वक़्त गंवाए एक साथ उन्होंने पुरे काफिले पर फायरिंग सुरु कर diiii….aur रोड के दूसरी तरफ रेड्डी वाले और छोटे मोठे सामान बेचने वालो रेडडीले ऑटोरिक्षा वालो ने भी मास्क लगाए और हथियार निकल कर और करो पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुवे आगे बढ़ने लगे…
वंही ऑफिस मई सुनील डायरेक्टर्स और कमपनी के मैनेजर्स के साथ मीटिंग कर रहा था उसके के मोबाइल मई कॉल आया… “सर हम पर अटैक हुवा ह”
एक सेकंड के भी सेकण्ड्स मई सुनील ऑफिस से भगा उसकी रफ़्तार किसी स्पीड कार की तरह सेकण्ड्स मई हे फुल हो गयी thi….pura ऑफिस खड़ा होकर उसे ऐसे भागते देख कर हैरान रह gaya…sunil ने लिफ्ट की बजाये सीढ़ियों की तरफ गया और फायर भुजने वाले पाइप को पकड़ा और उसे पकडे हुवे हे सीधा दोनों तरफ की सीढ़ियों के बिच की जगह से निचे कुढ़ गया और रुका सेकंड फ्लोर पर और फिर एक जम्प 2 जम्प मई वो सीधा ग्राउंड पर tha…uski सिक्योरिटी कार लेकर अति तब तक वो निचे बहार मैं रोड पर tha…usne एक जाने को पल्सर 220 कक पर बैठे बात करते देखा तोह उसे एक हाथ से उठाकर पीछे फेंक diya….jabki ऊपर से पूरा ऑफिस हैरानी से मू फाडे सुनील को देख रहे थे की इतनी जल्दी निचे कैसे….
सुनील की बाइक हवा मई बात करने lagi…par ट्रैफिक दिल्ली का उसे इतनी जल्दी कान्हा पहुंचने देने वाला था wanhi….kaptaan की गाड़ी के अंदर कप्तान घबराकर दोनों तरफ देख रहा था जंहा उसके बॉडी गॉर्डस मरे हुवे थे …अब एक जाना बड़ा सा कटर लेकर aya….aur कप्तान को अंदर डरा हुवा देख कर मुस्कुराया और उसके दूर को कट करने लगा आगे बैठे एक बॉडी गॉर्ड ने थड़ा सा शीशा निचे कर गोलिया चलायी तोह बहार से एक गोली उसके खोपड़े मई घुस gayiii…aur खून कार मई चारो तरफ उछाल गया …दूसरे बॉडी गॉर्ड ने तुरंत शीशा ऊपर कर diya….kyoki वो हे कार बुलेट प्रूफ थी इसलिए वो जब तक बहार नहीं जाते तब तक सेफ थे
कटर से कार का दूर काटने लग गया था और कप्तान को अपनी मौत आँखों के तीख सामने दिख रही thi….par कटर की वो आवाज उस फैली हुवी स्मोक मई एक दम से रूक गयी और चीकने की बहुत तेज़ आवाज ayiii……….aur उस धुंवे मई से पेण्ट शर्ट और टाई मई सुनील अंदर अत हवा दिखाई दिया ….और जब तक बाकि कुछ और समझते सुनील के हाथ मई उसका ड्डाग्गर आगया था …पास मई खड़े गुंडे ने गोली चलने के लिए जैसे हे सुनील की तरफ मुदा सुनील उसकी आँखों के तीख सामने tha…aur खच की आवाज के साथ डैगर निचे से खुलकर खोपड़ी के आर पार tha….aur एक बार नहीं दो बार tha….sunil ने एक किक उसके चेस्ट पर दी और तेज़ी से मूव होकर कार की दूसरी साइड के किलर के पास पहुंच गया उसने फायर किया तोह सुनील तुरंत निचे बैठा गया और उसकी टांग पर कट मर दिया …दर्द से वो लड़खड़ा गया पर उसके सँभालने से पहले हे सुनील उसके दोनों कंधो मई बरी बरी 3 बार डैगर को घोप कर उसकी हालत हे ऐसी करदी की उससे उसका हाथ तक नहीं हिलाया जा रहा tha….ab दूसरी साइड वाले तीनो बिखरियो ने लगातार सुनील पर गोलिया चलनी सुरु कर दी सुनील त्येर के पीछे आगया और अपने पास पड़े गुंडे की जेब टटोल कर कुछ ढूंढने लगा और उसे जल्द हे स्मोक बम मिल गए उसने स्मोक बम निकले और एक साथ हे सरे उन तीनो बिखरियो की तरफ फेंक दिए ..
सुनील “एक दो तीन चार और dus…ab मेरी बरी” और झटके से कार के बोनट पर हाथ रख कर उछाला और तीनो बिखरियो की तरफ भगा …और तीनो मई से एक धीरे धीरे गोली चलते हुवे आगे बढ़ रहा tha..usai अचना ठोकर लगी और वो निचे gir.gsya par….khachhh की आवाज हुवी और दर्द के मरे वो छीकता चिल्लाता उसे पहले हे डैगर उसके मू के आरपार tha….kuch सेकण्ड्स पहले सुनील रेंगते हुवे आगे बढ़ रहा था …उसे पता था की कोई भी उम्मीद नहीं करेगा की कोई रेंगते हुवे उनतक आजायेगा और इसलिए वो बिखरी निचे लेट कर आरहे सुनील से टकरा कर उसके ऊपर हे गिर गया था ….सुनील को क्लिक क्लिक की आवाज आयी तोह उसके चेहरे पर दरिंदगी भरी मुस्कान आगयी और उसने तेज़ी से जमीन पर हाथ टिकर जम्प के साथ खड़ा हुवा और एक तरफ अपना हाथ तेज़ी से घुमय तोह एक की गर्दन हवा मई उछाल गयी …और पास से हे किसी के आने की आहात आयी तोह एक कदम तेज़ी से उस तरफ बढ़कर घुटने की मरी तोह तेज़ चीक चारो तरफ गूंज gayiii…ab स्मोक थोड़ी कमहोने लगी तोह सुनील के चारो तरफ 10 जाने उसे घेर कर खड़े दिखाई diye…sunil ने भी अपने दरग्गेर को कसकर पकड़ लिया और चरफ खड़े गन लिए सबको देखने laga….abhi वो सरे गोलिया चलते उन्हें कान मई लगे एआरपीएस मई आवाज आयी “गधे के बचो इसे नहीं मरना ह कितनी बार कहा था इसे बेहोश कार्डो या घायल कार्डो ये सुनील सिंघानिया ह” अपने बॉस से ये सुनकर सबने अपनी गन रखली और सीधी फाइट के लिए तैयार हो गए ये देख सुनील ने भी डैगर को एक झटके मई गायब कर दिया ….दस के दस एक साथ सुनील पर टूट पड़े पर उन्हें क्या पता था की वो किस्से लड़ने जा रहे ह ..
सुनील ने सबसे पहले को पकड़ा और अपने पीछे की तरफ घुमाकर उचाल्दिया और पलट कर अपनी तरफ आरहे पंच को रोक कर उसके सर को पकड़ा और निचे झुका कर अपने घुटनो की उसके माथे पर मरी जो की उसके हेड इंजरी के साथ इंटरनल ब्लीडिंग के लिए काफी tha…….phir घूमकर एक राउंड किक दूसरे के जबड़े पर मरी और वो भी राउंड घूमता हुवा निचे gira….par जब उसकी नज़र अपने पापा पर गयी जो सब देख कर दर गए थे उसका चेहरा गुसाई से लाल होने लगा और जो डैगर उसने गायब कर दिया था वो अचानक कलाई से निकल कर उसके हाथ मई आगया और सामने से आरहे गुंडे के सर मई उसने घोप दिया ..सबको देखते हुवे दुबारा निकला और सर मई घोप दिया और लगातार घोपता raha….aur अंत मई उस आदमी का गलाकाट कर दूर फेंक diya…….aur फिर बाकियो की तरफ देखा तोह एक ने दर के मरे गन निकल ली और सुनील की तरफ फायर कर दिया पर वो इतना दर गया था की निशाना सही से नहीं लगा सका और गोली कंधे को छूटे हुवे निकल गयी वो दुबारा गोली चलता उसे पहले हे वो अपने हाथ को देख चीक पड़ा सुनील ने उसके वो हाथ कलाई से काट दिया tha….aur बाकि भी अब अपनी मौत को सामने देखकर दर के मरे थार थार कंपनी लगे the…par सुनील को फर्क नहीं पड़ा वो तेज़ी से उनकी तरफ आया और एक के पेट पर इतना बड़ा चीरा दिया की वो न मर पाया न जिन्दा रह पाया तोह फिर बाकि सभी की भी किसी की आंखे फोड़ दी तोह किसी की रीद की हदी मई हे डैगर को घुसा कर घुमा दिया …चारो तरफ से सिर्फ चिकने की आवाज आती rahi…aur जब गुसा शांत होने पर रुका तोह तब एक के कान से एआरपीएस निकलकर कुढ़ के कान मई लगा कर बोलै … “सुनील singhaniya….ye नाम याद रखना …तू अब कंही भी छिपा हो तुझे कोई मतलब कोई भी ….नहीं बचा पायेगा मुझसे…”
दिल्ली हेड ने कोई रिप्लाई नहीं दिया और गुसाई से एआरपीएस को पटक कर चिल्लाया “मादरचोद निकम्मी कंही के एक काम इनसे तीख से नहीं होता h……phir दूसरे एअर पीेछे मई कमिश्नर पहुंच गया”
सामने से “बॉस वो मॉल से निकल चूका ह पर वो खूंखार ैप सोनाली भी उनके साथ ह…”
दिल्ली हेड “ बनछोड़ ये कान्हा से आगयी उदा दो दोनों को जितना असला बारूद ह सब उसे करलो जैसे हे वो दोनों हमरे पॉइंट पर पहुंचे उदा देना और है 50 जाने हो एक साथ हे अटैक कर देना …समझे काम निपटा कर आना और कमरे ों रखना ”
“यस बॉस”
दिल्ली हेड आर्डर देने के बाद वो भी तुरंत वंहा से निकलकर कमिश्नर की लोकेशन की तरफ जाने laga…wanhi सोनाली और कमिश्नर साथ मई आरहे थे…
सोनाली “सर क्या था ये मतलब मैं यंहा हु फिर अपने भी मुझे भी नहीं बताया कुछ हो जाता आपको तोह”
जोगिन्दर मुस्कुरा कर “तुम्हे अपने होने वाले पति की सेवा करने से फुर्सत मिले तोह कुछ बताऊ na…kabhi कभी सोचता हु की ये भाई बहन एक जैसे काम थे जो अब बहु भी उनकी जैसी हे आजायेगी ..पता नहीं क्या होगा घर का ”
सोनाली की बोलती हे बंद हो गयी अब वो क्या हे बोलती बेचारी नीची गर्दन करके बैठ गयी”
जोगिन्दर “लो अभी तोह मॉल मई उनको मरते वक़्त मैं रोक रहा था तब तोह सुनने को तैयार हे नहीं thi..aur अब थोड़ा हे कहा तोह शर्मीली बहु की तरह गर्दन नीची कर्ली”
अब तोह सोनाली और शर्म से पानी पानी हो gayiii…ye देख जोगिन्दर जोर जोर से हसने lage….aur बोले ok…tikh ह घर चलते ह अपने हाथो से एक छाए बनाकर पीला देना मैं खुस हो jaunga…aur है अब सर कहना बंद करके पापा बोलने की आदत दाल लो” अभी वो आगे और बोलते तभी एक कैंपर ने उनकी गाड़ी को साइड से फुल स्पीड से तकर मरी जिसकी वजह से उनकी गाडी कई बार पलटी कहती हुवी दूर जाकर giri….jis साइड से तकर मरी थी उस साइड सोनाली थी जिसकी वजह से उसे घम्बिर चोट agayiii…aur कमिश्नर भी बुरी तरह घायल गए ….तभी उनके पीछे चलने वाली पुलिस की गाड़ियों पर भी फायरिंग सुरु हो गयी …उन्होंने ने गाड़ियों की अध् मई छिपकर पलट वार करना सुरु कर diya….dono तरफ से भयंकर गोली बारी सुरु हो gayiii….andar सोनाली ने अपने एआरपीएस मई दर्द भरी आवाज मई बोलै … “हैल्लो अज्जजूउ नींद बैकक up…Hellllo….ajjjjuuu पर उसे कोई रिप्लाई नहीं मिला तोह उसने अपना मोबाइल बड़ी मुश्किल से पॉकेट से बहार निकला ….तोह उसमे नेटवर्क नहीं आरहे the….usne जोगिन्दर सिंह की तरफ देखा जो बुरी तरह घायल होकर बेहोश हो चुके थे…
सोनाली “ sirrr….papa….papa…utho…papa….” सोनाली की हालत भी बुरी थी उसने बहार की तरफ देखा तोह पुलिस वाले लगातार मरते जा रहे थे और दूर से पैदल गुंडे फायरिंग करते हुवे उनकी हे तरफ आरहे थे….
सोनाली की भी उम्मीद टूट चुकी थी…
वंही शामे टाइम अज्जू …. “ये सोनाली मम और जोगिन्दर सर की लोकेशन गायब कैसे हो गयी कुछ तोह हुवा h….ye सोचते हवे उसने सुनील को कॉल लगाया तोह उसने उठाया नाहीई वो बुरी तरह घबरा gaya…usne सुनील के ट्रैकर की लोकेशन चेक कर वंहा आसपास के कक्तव को हैक करके वंहा की सिचुएशन देखि तोह उछाल पड़ा …..अब उसे समाज नहीं ारः था किस साई हेल्प मांगे तभी उसी चीफ का ख्याल और जल्दी से कॉल लगाया….
अज्जू “सर कमिश्नर सर और सोनाली मम का मोबाइल आउट ऑफ़ नेटवर्क ारः ह और इवन ट्रैकर भी आउट ऑफ़ नेटवर्क ह उनकी लास्ट लोकेशन मॉल से उनके घर की तरफ दिख रही ह और बिच मई जो 5 कम का शॉर्टकट बैकवर्ड आउटर एरिया ह वंहा की दिखा रहा ह जल्दी एक्शन लीजिये “
चीफ मैं मीटिंग मई हु “पर मैं अभी एक टीम भेजता हु और खुद भी निकलता हु”
अज्जू को अभी भी संतुस्ती नहीं हो रही थी की क्या करे तोह उसने अपने दिमाग के सरे घोड़े दौड़ने सुरु कर diye….ki क्या किया जाये क्या किया ….पर अंत मई उसे कोई उम्मीद नज़र नहीं आयी और जब वो पूरी तरह न उम्मीद होने वाला था उसे कुछ याद आया और वो तुरंत कुछ टाइप करने लगा”
सोनाली घसीट ते हुवे कार से बहार निकली और जोगिन्दर सिंह को भी बहार निकल कर गाड़ी के कवर मई छिपा लिया और एक नज़र जैसे हे बहार निकली कई साडी गोलिया उनकी गाड़ी से आकर takrayiii….takkar इतनी बुरी थी की उसको बहुत गहरी छोटे आयी थी पर फिर भी उसने एक हाथ उठाकर अँधा धुन गोलिया दूसरी तरफ फायर करि …पर कोई रिजल्ट nahiii…mila …दुश्मन पल पल और करीब आते जा रहे थे और निचे गिरे हुवे पुलिस वालो पर फायर करते हुवे उसी की तरफ आरहे the……sonali ने धीरे से बहार निकलकर देखा तोह एक गोली उसके कंधे को फाड़ती हुवी निकल gayiii….sonali का सरीर दर्द से काँप गया ….वो वापस कार के कवर मई आगयी और त्येर के सहारे बैठ gayiii…usne एक बार जोगिन्दर सिंह की तरफ देखा …और आंखे बंद करके अपनों को और अपने प्यार को याद करने lagiii….aur बोली अगले जनम तुम्हारी जरूर बनूँगी raj…..par सोनाली भूल गयी थी की उसे साधु बाबा ने शादी का आश्रीवाद दिया tha…aur इस बात को सच साबित करने के लिए ऊपर वाले ने सबसे खोता सिक्का उसकी हिफाजत के लिए भेझा tha….jab वो मौत को काबुल कर चुकी थी तब एक काली सुव तेज़ी से ड्रिफ्ट करती हुवी उसके तीख बगल मई आकर रुकी और उसका शीशा निचे हुवा और सोनाली को एक मुस्कुराता हुवा चेहरा नज़र आया जो था….
……..shwetaaa………ka
जिसे कुछ दिएर पहले हे अज्जू ने मदद के लिए कहा था और उसे पता था की उसके साथ राज के खास बॉडी गॉर्डस रहते h…isliye उसने श्वेता को पहुंचने के लिए बोलै था और इस वक़्त वो चेहरे पर मुस्कान लिए बोली …. “माय स्वीट hitler……need हेल्प” ….पर जैसे हे उसकी नज़र अपने पापा पर गयी वो गुसाई से लाल पीली हो गयी…
श्वेता बॉडी गॉर्डस se“jaldi से पापा और उन्हें अंदर बैठाइये”
Bodygaurds”main देखलूँगा आप दोनों को हॉस्पिटल ले जाइये”
श्वेता “नहीं ये मेरे हाथो मरेंगे इतना कह उसने देश बोर्ड की तरफ देख कर बोली हिटलर वेक उप”
“ कार से आवाज आयी “ै हिटलर wake-up”
श्वेता “एक्टिवटे अटैक मोड “
ै हिटलर की आवाज आयी “अटैक मोड एक्टिवेटिड”
श्वेता लॉक थे टारगेट एंड सेलेकेट वेपन राकेट लॉन्चर”
ै “ वेपन टाइप सिलेक्टेड राकेट लौचेर प्रोसेस started…selecting….target…
मल्टीप्ल टारगेट सिलेक्टेड….”
श्वेता “ फायर”
बहार सामने खड़े वो 40 गुंडे पहले तोह इतनी बड़ी सुव को देख कर हैरान थे और समझने की कोसिस कर रहे थे …पर जब रूफ से उन्हें राकेट लॉन्चर बहार अत दिखाई दिया तोह उनकी फैट गयी और वो हैट ते उससे पहले हे उनके ऊपर अटैक हो गया सुर कई जानो के चीथड़े उड़ गए एक के बाद एक तीन राकेट लॉन्चर से फायर हुवे”
श्वेता ने जैसे हे राइट से कुछ को फायर करते हुवे कार के करीब एते देखा तोह बोली “एक्टिवटे फायर ब्रस्ट मोड ों राइट साइड”
“एक्टिवेटिंग फायर ब्रस्ट इन 5,4,3,2,1”
Shweta”fire”
कार से दो पम्पस बहार ए पहले जैसे कोई हावी इंजन चालू हो रहा ऐसी आवाज आयी और गरम हवा निकली और अगले हे पल उसमे से फायर ब्रस्ट हुवे और उस्तराफ के सरे गुंडई ाआग से झुलस कर निचे पड़े तड़फड़ाने लगे”
श्वेता “ आज ये श्वेता तुम्हारी हडियो का चूरमा बना डालेगी निर्वाण की बहन हु मैं” इतना कह उसने एक बटन दबाया और सुव खड़े खड़े हे पूरी घूम गयी श्वेता ने सुव को गियर मई डाला और झुलस कर निचे पड़े हुवे के ऊपर चढ़ा दी…. हावी मॉडिफाइड गाड़ी के वजन की वजह से उनका कचूम्बर निकल गया श्वेता ने रिवर्स गियर डाला और दुबारा से उनपर चढ़ दी….
बाकि गुंडे अब एक साथ फायर करने लगे पर सुव पर कोई फरक नहीं पड़ा…
बॉडीगॉर्ड “राज सर को ये बिलकुल पसंद नहीं आता वो आपको हमेशा इन सब से दूर रखना कहते ह इन्हे मैं आपसे भी बुरी मौत दूंगा ये वडा ह आप इन्हे लेकर हॉस्पिटल जाईये ये जायदा जरुरी ह”
श्वेता ने एक बार उसकी तरफ देखा और है मई गर्दन हिला दी पर जाने से पहले
हिटलर “एक्टिवटे स्पीक्स मोड”
ै हिटलर “स्पीक्स मोड एक्टिवेटिड”
उसके इतना कहते हे सुव के चारो तरफ से स्पीक्स बहार आगये और श्वेता ने सामने से फायरिंग कर रहे गुंडों की तरफ सुव को दौड़ दिया और कईयों के उनके पीछे सुव को भागकर उन्हें चीरती काट टी फाड़ती हुवी निकल gayiii….aur रस्ते मई हे फॅमिली डॉ को कहकर साडी इमरजेंसी बता दी और पुलिस वालो के लिए भी एम्बुलेंस के लिए व्यवस्था कर diii….par पीछे खड़े श्वेता के बॉडी गॉर्ड पर बचे हुवे ुंगुंडो ने गोलिया चला di…par श्वेता के बॉडी गॉर्ड का सूट कम्प्लीटली बुलेट प्रूफ था….
गुंडई हैरानी से उसे देखने लगे की इतनी गोलिया खाने के बाद भी खड़ा ह …वो इसी सदमे मई हे थे की उस बॉडी गॉर्ड ने जम्प के साथ एक पंच एक के सर पर मारा तोह उस्क्स सर खरभुजे की तरह फैट gaya….aur फिर एक की चेस्ट पर पूरी ताकत से पंच मारा तोह वो शख्स कई मीटर पीछे जा कर गिरा ….अगले दस मिनट उस जगह चीखे गूंजती रही और बॉडीगॉर्ड्स उनके सरीर की एक एक हदी का चुरा बनता gaya….aur जब चीखे ख़तम हुवी तोह चारो तरफ सिर्फ लाशो का ढेर था तभी साईरन की आवाज सुनाई देने लगी तोह बॉडी गॉर्ड तुरंत वंहा से गायब हो गया…..
वंही …. देवप्रयाग मई….
पूनम “थैंक यू इतने अचे खाने और मेरी जिंदगी की सबसे अछि शाम के लिए “
राज ने उसको मुस्कुरा कर देखा और फिर तेज़ आवाज मई कहा “वक़्त आगया की तुम क्या चाहते हो बताने का चलो बहुत दिएर तक निगरानी कर्ली ह अब सामने ाजाओ”
पूनम कंफ्यूज होकर इधर उधर देखने lagi….par उसे कुछ भी दिखाई नहीं दिया तभी अलग अलग कौनो से ब्लैक मास्क और ब्लैक ड्रेस मई 7 जाने बहार आगये और फिर अपूर्व चलता हुवा बहार aya….raj और अपूर्व दोनों की आंखे मिली …तोह अपूर्व बोलै “कैसे हो राज या यू कान्हू निर्वाण”
राज ने कोई रिएक्शन नहीं दिया और बोलै “जब पहली बार तुम्हारी आंखे देखि तब हे सक हो गया था की हम बहुत परिचित ह पर अब यकीन हो गया ह की हम अचे से परिचित ह पर पिछली बार की फाइट अधूरी रह गयी थी”
अपूर्व “इम्प्रेससिवे मरने को तैयार ह”
राज “विक्रम ने तोह कहा था की तू एक सच्चा यौद्धा ह और बराबरी की लड़ाई करके मुझे मरेगा”
अपूर्व “डेथ हेलो यौद्धा ह और बराबरी की हे लड़ाई करेगा पर तेरी फॅमिली ने मेरे भाई को मारा ह उसकी सजा तोह मिलेगी हे तुझे… लेकर औ तीनो को”
तभी शिवानी ,simran,aur रजनी को घाइत ते हुवे लाया गया…
पूनम “डीईईडीई”
पर राज ने पूनम का हाथ पकड़ लिया ..
डेथ हेलो “यही यही मज़बूरी देखनी थी तेरी आँखों मई …मेरे भाई ने धमकी दी थी …पर तुम लोगो ने मार दिया बिना जाने की उसका भाई कौन h…par सरप्राइज और भी ह तेरे लिए मैंने सुना ह तेरी वो ैप सोनाली बहुत खास ह ये ले ये देख ये लास्ट फोटो ह तेरी उस ैप और तेरे बाप जोगिन्दर की वीडियो भी ह लाइव दिखाऊ क्या वैसे भी कुछ दिएर बाद तुम तीनो साथ हे होवोगे... ये कहकर उसने मोबाइल राज की तरफ फेंक दिया जिसमे जोगिन्दर बेहोश पड़ा था और सोनाली भी अधमरी हुवी हालत मई पड़ी हुवी थी…”
डेथ हेलो राज की सकल देखकर “गुसा आरहा h….ana भी चाहिए मुझे भी आया tha…aur इधर देख …”
राज गुस्से से आगे बढ़ा तोह….
डेथ हेलो “वेट वेट तू एक कदम और बढ़ा तोह तेरे पीछे जो कड़ी ह वो और बाकि तीनो जो राफ्टिंग करने गयी ह वो भी marengi…..in तीनो के साथ ये बात तू अचे से जानता ह इसलिए हिलना मत मैं“
राज की आँखों मई खून उतर आया था और अब निर्वाण उस पर बुरी तरह हावी होने लगा …
डेथ हेलो ने तीनो के चेहरे से कपडा हटाया तोह तीनो ने एक साथ राज को देखा …और तीनो की हालत और राज की हालत देखकर डेथ हेलो “एक भाई की नज़र से दर्द का बदला दर्द ह राज तूने मेरे गुरु और भाई को मारकर जो दर्द दिया ह आज वही दर्द तुझे वापस कर रहा हु इतना कहते हे उसने सिमरन के गले को काट दिया ..
राज “नाहीईई ….तुझे मेरी जान चाहिए ले ले पर इन्हे छोड़ दे ये बेक़सूर ह इन्होने मेरे कहने पर किया था सब …इन्हे छोड़ दे ..”
डेथ हेलो “बस यही यही दर्द राज ….तुझे ये दर्द कभी सोने नहीं dega….tu हमेशा तड़पेगा और सबकी मौत का जिम्मेदार खुदको manega…har रात सपने मई ये मौत तुझे दिखेंगी”
तभी डेथ हेलो के पीछे से आवाज आयी…
“नहीं राज शान से जीना ह तुम्हे मैं खुस हु तुम्हारे लिए और तुम्हारे साथ जितनी भी जिंदगी ji…dii को प्यार देंना” इतना हे बोल पायी थी की उसकी गर्दन को डेथ हेलो ने काट दी…
राज “nahiiiii….main…tujhe जिन्दा नहीं छोडूंगा …उसकी आंखे आंसुओ से भीग गयीईइ thiiii…uski नज़र रजनी पर गयी जो एक तक उसी हे देख रही thi….uski आँखों मई दर का निशान इंच भर भी नहीं tha….death हेलो उसके पीछे गया और उसके बाल पकड़कर उसकी गर्दन पर धीरे धीरे नाइफ को घूमने लगा पर …रजनी की आँखों मई अभी भी दर्द की कोई लकीर नहीं थी और वो दर्द मई भी मुस्कुराते हुवे राज को देख रही थी….
राज जमीन पर घुटने के बल गिर गया और रट हुवे निचे हाथ मरने laga..uski आँखों से आंसू बाह रहे थे …उसे तीनो के बेजान सरीर निचे गिरे हुवी दिख रहे थे……
राज “क्यों क्यों क्यों …..ये बेगुनाह थी …तेरी दुश्मनी मुझसे thi…”wo बुरी तरह एक टूटे हरे हुवे इंसान की तरह पहाड़ की उस छोटी पर बैठा हुवा था…
पूनम थोड़ी दिएर बाद छीकते हुवे बोली “ बहुत रो लिए उन तीनो की मौत को जाया मत होने दो अगर तुम सच मई निर्वाण हो तोह आज इन 8 मई से कोई भी जिन्दा नहीं जाना चाहिए ह उठो और तीनो की मौत का बदला …वर्ण फिर कोई आएगा और तुम्हारे अपनों को तुम्हारी आँखों के सामने मार देगा…” ये आखरी सब्द राज के कान मई किसी हथोड़े की तरह बजने लगे की फिर कोई सीरगा और तुम्हारे अपनों को तुम्हारी आँखों के सामने मर देगा
राज ने एक नज़र तीनो क बेजानन पड़े सरीर को देखा और अपने आंसू पोँछता हुवा खड़ा हो गया…….
डेथ हेलो… “पता ह तुझे अभी अभी पता लगा ह की मंडावा मई तेरे घर पर तेरे अपने हे किसी ने हमला करवा दिया ह”
ये सुनते हे राज का खून गुसाई से भड़क उठा और उसका निर्वाण जो बहुत वक़्त से सो रहा वो जाग गया….
राज “आज के बाद मेरा कोई अपना नहीं मरेगा…” ये कहते हे उसने उसने अपने हाथ को हिलाया तोह उसका डैगर उसके हाथ मई आगया
डेथ हेलो ने अपनी लॉन्ग नाइफ को निकल लिया और बोलै “इसी दिन का तोह इंतज़ार था मुझे तुझे अपने हाथो से चीरने का आज या तोह तू नहीं बचेगा या तोह मैं नहीं बचूंगा अब अजा “
दोनों एक दूसरे की तरफ तेज़ी से भागे और एक जम्प के साथ कई फ़ीट हवा मई उछले और अपने हथियार से एक दूसरे पर वार कर दिया…
आज के लिए इतना हे 8.4 से से एडिटिंग करते हुवे 9.1 क वर्ड्स हो गया ….कोई न भाइयो के चलता ह ….toh…masti मई पढ़ने का बिंदास लाइक्स और रेवोएस पेलने का…..