- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 144,955
अगली सुबह सभी लोग ब्रेकफास्ट टेबल पर इकट्ठे हो चुके थे जहा पापा बुआ और राहुल भैया ऑफिस के किसी प्रोजेक्ट को ले कर डिसकस कर रहे थे.
पापा: सी रागिनी एंड राहुल हमे ये प्रोजेक्ट किसी भी हालत में अपने अंडर में चाहिए चाहे कुछ भी हो जाये.
बुआ: डोंट वोर्री भैया हमारी तरफ से पूरी तयारी है और आईएम दमन सूरे की इस बार ये प्रोजेक्ट हमें hi मिलेगा.
भैया: हाँ पापा , बुआ ने इस बार भोत अचे तरीके से साडी चीजे हैंडल की है मुझे भी लग रहा की ये प्रोजेक्ट हमारा hi होगा.
पापा: राहुल बीटा, इस बार hi नहीं रागिनी हर बार अपना काम पूरी जिम्मेदारी से करती है और इसलिए तो मुझे उस काम की कभी चिंता नहीं रहती जिस काम में रागिनी खुद इन्वोल्वेद है . मुझे उसके टैलेंट और स्मार्टनेस पर कभी कोई डाउट नहीं रहा है.
बुआ: थैंक यू भैया , इतना ट्रस्ट करणे के लिए और में हर वक्त अपना 100% देने की कोशिश करती हु ,क्युकी इस कंपनी से हमारी रेपुटेशन जुडी हुई है इसका नाम ख़राब होना या लोस्स में जाना ी चैंट बारे.
पापा: तुम्हारी यही बात और हर काम को सक्सेस्फुल बनाने की जिद्द hi तो मुझे अछि लगती है.
भैया: हाँ बस एक चीज अछि नहीं लगती बुआ आपकी वो ये की आप भोत स्ट्रिक्ट हो जाती हो ऑफिस में ः, ेस्क लगता है की अभी किसी एम्प्लोयी को थप्पड़ न लगा दो ः.
भैया की ये बात सुन सभी लोग है पड़ते है ..
बुआ: ः राहुल बीटा, मेरी बेहवे करना जरुरी है वार्ना एम्प्लाइज किसी काम को सीरियस नहीं लेंगे न.
पापा: बिलकुल सही कहा तुम्हारी बुआ ने बीटा, बॉस का दर तो हर किसी में होना hi चाहिए .
तभी माँ इन तीनो को टोकते हुए...
माँ: अरे अब ऑफिस की बाटे करने के लिए ऑफिस काम है जो घर में भी वही बाटे करने लग जाते हो आप.
पापा: ः ाचा सॉरी गलती हो गई सुबह सुबह गुस्सा न करो, रागिनी का गुस्सा फिर भी हैंडल हो सकता पर अगर तुम भड़क गई तो कोई नहीं झेल सकता ः.
माँ: बस बस अब मस्का न लगाओ सुबह सुबह और ब्रेकफास्ट कीजिये हहै.
बुआ: नहीं भैया एक बात तो माननी पड़ेगी , घर तो भाभी ने hi संभल रखा है एक भाभी hi है जो पूरा दिन घर में रहती है और घर के हर किसी मेंबर ला ख्याल करती है.
पापा: हाँ बात तो सही है, और इसीलिए तो आज भी में चाहे कितना भी बड़ा बिजनेसमैन बन जाऊ घर आ कर तो तुम्हारी भाभी की hi सुनता हु ः.
बुआ: हाहाहा भैया क्या बात कही है आपने.
तभी में बिच में बोल पड़ता हु...
में: बुआ अब मेरी माँ है और उनका सबसे बेस्ट तो बी डिफ़ॉल्ट hi होना तय है .
और में ये बात बोल कर फिर सोचने लगा की बोलै की क्यों .... क्युकी सामने से पापा के सवाल आने लग गए...
पापा: बेस्ट के बच्चे ये बताओ तुम्हारी कॉलेज किसी चल रही है इस बार तो एग्जाम अचे से क्लियर होंगे की नहीं और क्लासेज तो बंक नहीं कर रहा न..
में: नहीं पापा इस बार में सीरियसली अचे से कॉलेज जा रहा क्लासेज अटेंड कररहा और यकीं नहीं तो भाभी से पूछ लीजिये आप..
और ये बोल भाभी की तरफ देखने लगता हु मनो ये कह रहा हु की भाभी बचा लो इस बार ...
भाभी: हाँ पापा जी इस बार सनी ने बदमाशी काम कर दी क्लास म भी रेगुलर है और पढाई पर भी अचे से ध्यान दे रहा है.
में भाभी को एक थैंक यू भरी नज़र से देखता हु जिसे देख भाभी स्माइल क्र देती है.
पापा: हम्म ध्यान रखना बहु इसका कही कोई नए लफड़े न कर दे.
Bhabhi,meri और शरती मुस्कान से देखते हुए: हाँ पापा जी अचे से ध्यान रख रही हु अब तो इसका में ,कोई शिकायत का मौका नहीं मिलेगा आपको भी.
और यही पर बाटे ख़तम करते हुए पापा ,भैया और बुआ ऑफिस के लिए निकल जाते है . प्रीति आलरेडी जल्दी कॉलेज चली गयी होती है और अब में भाभी और माँ hi टेबल पर बैठे होते है ..
में: भाभी आज में आपके साथ कॉलेज चलूँगा बाइक ले जाने का मन नहीं ,और भाभी को आंख मर देता हु .
मेरी बात सुन भाभी भी समझ जाती है और मुस्कुराते हुए
भाभी: ठीक है सनी चलो मुझे क्या प्रॉब्लम होगी वैसे hi अकेली जाती हु.
हमारी बात सुन माँ बोल पड़ती है.
माँ: क्यों सनी तेरी बाइक को क्या हुआ है आज.
में: माँ कुछ हुआ नहीं है बस आज मन नहीं बाइक ले जाने का.
माँ: में तो रोज hi कहती हु की दोनों अलग अलग जाते हो इससे ाचा साथ में जाया करो पर तुम मानते hi कहा हो , पता नहीं क्यों किसी को नहीं बता रखा कॉलेज में की तुम दोनों देवर भाभी हो.
में: अरे माँ बता कर फायदा क्या है उल्टा लोस्स है ,सबहिस्टिडेंट ये कहेंगे की मेरी भाभी कॉलेज में लेक्चरर है ऐसे hi अचे मार्क्स आजायेंगे और दस बाटे करेंगे इससे ाचा ऐसे hi रहे न .
माँ: ठीक है जैसा मर्जी करो tum.l लोग .
और ये बात ख़तम कर में और भाभी कॉलेज के लिए निकल जाते है , कार भाभी hi ड्राइव करने वाली थी और में साइड सीट पर बैठ जाता हु.
आज सुबह से जब मेने भाभी को पहली बार देखा तब से hi मेने ये पाया था की आज भाभी ने खुद के ड्रेसिंग सेंस में बदलाव किया हुआ है जैसा की उन्होंने कल रत कहा था, आज न hi उनका क्लीवेज इतना एक्सपोज्ड था न hi कही और से भी ऐसा लग रहा था की भाभी जान कर के एक्सपोज़ करना छह रही हो, भाभी इस तरह से तैयार हुई थी की एक्सपोज़र न होने के बाद भी उनको देख कोई भी देखता रह जाये, फेयर स्किन और इतनी अछि तरह से मेकअप, स्लीवलेस ब्लाउज , नाभि के निचे साड़ी बांधने का एक अलग hi तरीका और कासी साड़ी में उनके कर्व्स जो भोत hi अचे से निखार कर सामने आ रहे थे ,ये सब देख क्र hi मेरा मन भाभी के पास जा कर उन्हें मसलने का हो राजा था पर घर पर सभी की मौजूदगी में ये संभव नहीं था.
पर जैसे hi में और भाभी कार में बैठ घर से निकले और कुछ दूर पहुंचे hi थे की मेने अपना हाथ भाभी की कमर में डालते हुए ..
में: क्या बात है भाभी ,आप तो वाकई पूरी तरह बदल गई ः.
भाभी जो इस वक्त कार चला रही थी मेरे टच से उनकी बॉडी में करंट सा लगता है: िष्ठ सनी क्या कर रहे हो में ड्राइव क्र रही हु ये सब कर डिस्टर्ब न करो प्लस.
में: अरे भाभी तो आराम से ड्राइव करो अभी भोत वक्त है कॉलेज पहुंचने में तो और में भब्बी की नाभि में अपनी ऊँगली घुसा के घूमने लगता हु.
मेरे ऐसा करने से अब भाभी से रहा नहीं जाता है और कार को सड़क के एक किनारे रोक देती है ,रोकने की जगह ऐसी होती है की वह ज्यादा ट्रैफिक नहीं था और वो वैसे भी नहीं होना था क्युकी कॉलेज सिटी से बहार की तरफ था. गाड़ी रोक भाभी मेरा हाथ पकड़ते हुए...
भाभी: ममममम सनी क्या कर रहे हो ये , ऐसे तो में कभी ड्राइव नहीं कर पाऊँगी तुम्हरे टच से hi बॉडी में करंट लग रहा मुझे हहै.
में: तो भाभी थोड़ी देर ड्राइव न करो यही रुकते है मुझे आपका ये बदला हुआ रूप तो अचे से देख लेने दो न .
भाभी: हहै हाँ जब तुमने कहा की आज मेरे साथ कॉलेज आओगे तभी समझ गई थी की तुम चुप नहीं बैठ इ वाले हो, अब देख लो जल्दी से और मुझे भी बताओ की कैसा लगा मेरा ये बदलाव .
Me,bhabhi के चेहरे पर अपना हाथ फिरते हुए: सच कहु तो भाभी आज से पहले आपको इतना खूबसूरत नहीं देखा, में ये नहीं कह रहा की पहले आप अछि नहीं लगती थी , no डाउट इन तहत पर पहले जिस तरह आपका ड्रेसिंग सेंस था उसमे आपको देख ऐसा लगता था की आप छह कर अपना जिस्म दिखा रही हो और कही न कही आप सेक्स की भूखी हो पर आज आपको इस तरह देख कर मन कर रहा बस देखता hi राहु और अभी इसी वक्त उठा कर बिस्तर पर ले का कर आपकी जवानी लूट लू ..
Bhabhi,meri बात को ध्यान से सुनने के बाद : हाँ में समझ रही हु तुम लय कहना छह रहे हो सनी और अगर कल रत तुम मुझे ये बात नहीं बताते तो में कभी जान hi नहीं पति की मेरे बारे में लोगो की क्या थिंकिंग है ...
में: हम्म कोई बात नहीं अब तो जान गई न आप ः , अब मुझे थोड़ा अचे से देख तो लेने दीजिये की कैसा है आप पर ये बदलाव.
और ये बोल मेने भाभी का पल्लू हटा दिया जिससे का उप्पेरि जिस्म अब सिर्फ ब्लाउज में मेरे सामने था और क्लीवेज के नाम पर हलकी सी एक झलक दिखाई पद रही थी पर चूचिया भाभी की इतनी भरी हुई थी की उस ब्लाउज में बिलकुल उभर कर सामने आ रही थी ,जिन्हे देखते hi में भाभी के चेहरे की और देखते हुए जो मुझे देख मुस्कुरा रहा था, भाभी की दोनों चुचिओ को ब्लाउज के उप्पेर से hi अपने हाथ में पकड़ दबाने लग गया. चुचिओ को इस कदर मेरे हाथ में आने और दबने की वजह ऐ अब भाभी के चेहरे के एक्सप्रेशन में बदलाव आ रहा था जो में साफ तौर पर देख प् रहा था..
भाभी: िष्ठ्हह सनी मत करो न अभी उफ्फफ्फ्फ़ घर जा कर जो करना है कर लेना अह्ह्ह्हह ममममम उफ्फ्फ.
में: चुचिओ को और जोर से दबाते हुए, भाभी घर में तो सब होते है और मौका भी नहीं मिलता और अगर मिलेगा तो घर में फिर दबा लूंगा आपको अभी जो मौका हाथ लगा है उसे तो उपयोग में ले लेनी दो न ..
भाभी: अहहहहजहज िष्ठ्हहह पर तुम्हारे ऐसे मुझे दबाने से में गरम हो रही हु सनी, मेरी छूट गीली हो रही है और गीली छूट लिए में पूरा दिन कॉलेज में नहीं रह पाऊँगी िष्ठ प्लस.
में, भाभी की ये बात सुन एक हाथ को भाभी की साड़ी के अंदर करते हुए उनकी छूट पर रख रगड़ने लगता हु और उनके होठो को चूमते हुए: मऊआआह भाभी मेरे रहते आपकी छूट कभी प्यासी नहीं रहेगी और आप फ़िक्र न करो आपकी इस छूट का भी अचे से इंतेज़ाम करने के बाद हम कॉलेज जायेंगे ..
चूतमे हाथ लगने मात्रा से hi अब भाभी पूरी तरह गरमा गयी और मेरे चेहरे को अपने पास खींच कर अपने होठ मेरे होठ पर रख दिए और मेने जवाब में होठ चूसते हुए अब भाभी की छूट में ऊँगली दाल छोड़ना शुरू लार दिया था.
भाभी इतनी गरम हो चुकी थी की चुम्बन करते हुए खुद से अपने एक हाथ को साड़ी के उप्पेर से साड़ी के अंदर उनकी छूट को छोड़ने वाले मेरे हाथ पर रख जोर से दबा देती है और सीट से उप्पेर अपनी गांड उचकते हुए अब आगे पीछे होने लगी थी .... मममममम अह्हह्ह्ह्ह सुंनियीयह िष्ठ्हहहह फुकककक मीटीए मममम पहह्हह्ह्ह्ह .
और अब मेने भाभी की छूट घिसते हुए अपने मुँह को भाभी की राइट वाली चुकी को ब्लाउज सहित मुँह में भर लिया और काट ते हुए उन्हें चूसने लगा था साथ hi कभी कभी ब्लाउज से उप्पेर आ भाभी की छाती पर कतनेलगा था.. मेरे इस दोहरे हमले से अब भाभी पूरी तरह बेकाबू हो गई थी और स्पीड से अपनी छूट को ऊँगली पर दबा कर घिसते हुए छूट रास बहा देती है. छूट रास बहार कर भाभी जब तक नार्मल नहीं होती में तब तक अपना हाथ भाभी की साड़ी से नहीं निकलता हु और बाद में हाथ बहार निकल भाभी के छूट रास से गीली ऊँगली को उनके सामने देखते हुए अपने मुँह में ले चाट लेता हु.
में: मुउउउउउआअह भाभी सच भोत hi टेस्टी हो आप तो, कल भी ऊँगली hi डालने का मौका मिला और अभी भी, में तो अब आपकी इस छूट को बेसब्री से चूस लार स्वाद लेने का इंतज़ार कर रहा हु.
अपनी छूट रास की बात सुन भाभी शर्मा जाती जाती है और मुसलुरा देती है .
भाभी: जब ऊँगली को रास्ता दे दिया भाभी ने तो देवर के मुँह को भी मिल जायेगा जल्दी hi हहै
में: ः हाँ वैसे भी मुँह के साथ अब तो मेरे इस लुंड को भी चखना है आपकी छूट का स्वाद.
भाभी: मममम सनी में तो कल रत जब इसे देखि तब से उस पल का इंतज़ार कर रही जब ये मेरी छूट का स्वाद चखेगा और छूट को अपना स्वाद चखायेगा हहै.
में: ः भाभी .
में, मजाकिया स्वर में: वैसे भाभी आपके इस बदले हुए रूप से आपका तो लोस्स हुआ न, अब आपके दीवानो और चाहने वालो में कमी आ जाएगी क्युकी सब आपके अंगो को देखने के लिए तरसते थे अब वो तो दिखने से रहे ः.
भाभी, इस बात पर अपना चेहरा मेरे पास ला कर : देवर जी अब मुझे दीवानो की जरुरत नहीं है , जब घर में मेरा इतना ताकतवर और स्मार्ट देवर है जिसके पास इतना मजबूत हथियार भी है तो अब में बहार वालो को कुछ क्यों दिखाऊ , घर में मेरे देवर को hi दिखाउंगी न hehe..or ये बोल भाभी मेरे लिप्स पर एक किश करदेती है.
भाभी की ये बात सुन मुझे ये यकीं हो चूका था की लुंड को देखने से hi अब भाभी मेरी दीवानी हो चुकी है एक बार जब इस लुंड को छूट में लेलेंगी तब तो में जो कहु जैसे कहु जैसे राखु वैसे रहने को तैयार हो जाएगी
में, भाभी को बात सुन मेरे चूसने से गीले हुए ब्लाउज पर से चुकी की निप्पल मरोड़ते हुए: सच भाभी ये बोल आज खुश कर दिया आपने अब देखो आपका ये देवर आपको कितने मज़े देता है ः.
भाभी: कहहहह ईशःठ अब बाकि के मज़े बाद म फिलहाल कॉलेज चलो देर हो रही है , और ये क्या पूरा ब्लाउज गिला कर दिया साफ दिख रहा ऐसे भला कोई चुस्त है क्या.
में: ः अगर जिस देवर की भाभी इतनी मस्त माल हो तो वो देवर तो ऐसे hi चूसेगा और ऐसे क्या इससे भी बुरी तरह चूसेगा.. पल्लू है न ढकने के लिए उसे धक् लो नहीं दिखेगा और क्या ः.
भाभी: हेहेहे हाँ पता है मुझे अब कैसे ढकना वो अचे से ...
और ये बोलने के बाद भाभी अपनी साड़ी सही करती है और कार को कॉलेज ली तरफ ड्राइव करती है.
कॉलेज में गेट पर भाभी कार रोक देती है और मुझे वह चोर भाभी कार पार्क करने चली जाती है. यहाँ मैं गेट पर उतारते hi मेरे सामने प्राची ma'am दिखाई पद जाती है और मुझे देख वो स्माइल करने लगती है , मेने कोई रिएक्शन न देते हुए ma'am की तरफ चलना शुरू किया और पास जा कर गुड मॉर्निंग विश किया.
Ma'am: गुड मोरनिंफ सनी, आज ये क्या तुम कामिनी ma'am के साथ कैसे, तुमतो अपनी बाइक से आते हो न.
में: हाँ ma'am पर आज मेरी बाइक ख़राब हो गई थी तो में कैब ले कर आने की सोच रहा था और इसी सिलसिले में मई मैं रोड पर खड़ा था की तभी ma'am वह से गुजरती हुई दिखाई दी तो उनसे लिफ्ट मांग ली बस.
Ma'am: अरे तो तुम मुझे भी तो कॉल कर सकते थे न कल तुमने मुझे ड्राप किया था आज में तुम्हे लीक के सकती थी.
में: थैंक्स ma'am पर मुझे उसकी जरुरत नहीं लगी .
Ma'am: चलो कोई बात नहीं जाते वाल्ट मेरे साथ चल लेना में द्रोप्कर दूंगी .
में: नहीं ma'am में मैनेज कर लूंगा ऑफर करने के लिए थैंक्स. और ये बोल में वह से आगे चल देता हु और बिना रुके अपनी कॉलेज बिल्डिंग में घुस जाता हु.
वह प्राची ma'am मेरे बेहेवियर में कुछ बदलाव है ये नोटिस करती है जो शायद उन्हें ाचा नहीं लग रहा था और कही न कही में उन्हें चोर कामिनी ma'am के साथ आया इस बात से उन्हें थोड़ी hi सही पर जलन होने लगी थी.
यहाँ में यही चाहता था की अब प्राची ma'am सामने से मेरे पास आये में अपनी तरफ से कोई कदम नहीं लूंगा और आज उसकी पहली झलक मुझे देखने को मिल भी गयी.
वैसे hi इस प्लान का अगला कदम मेने तब लिया जब प्राची ma'am का लेक्चर था और जैसे hi ma'am क्लास के गेट के पास आती दिखी में अपनी सीट से उठ कर बहार की और जाने लगा..
Ma'am: अरे सनी कहा जा रहे हो क्लास है अभी मेरी .
में: हाँ ma'am ी क्नोव आपकी क्लास है पर आज अटेंड करने का मन नहीं है वैसे भी आपकी क्लास में मेरी अटेंडेंस एक्स्ट्रा है जरुरत से तो एक बंक से कोई लोस्स नहीं होगा.
और ये बोल कर में क्लास से बहार निकल जाता हु यहाँ ma'am ये सोचने लगती है की ये वही सनी है जो मेरी ेल भी क्लास मिस नहीं करता था और आज सामने से बोल कर बंक कर रहा है ऐसा क्या हो गया है.
Ma'am क्लास में चली जाती है और में क्लास से बहार आ कर कुछ देर कैंटीन में बैठता हु और कुछ देर वह रुकने के बाद मेरा मन नहीं होता है सो कॉलेज से कैब कर घर आजाता हु .
दोपहर का वक्त हो रहा था और इस वक्त जैसा रोज होता है माँ अकेली hi होनी थी और यही सोच मेने दूर बेल्ल बजे, कुछ देर बाद माँ दूर खोलती है.
माँ: अरे सनी आज तू जल्दी घर आ गया सब ठीक.
में: हाँ माँ बस आज कोई इम्पोर्टेन्ट क्लास नहीं थी तो सोचा घर चला जाऊ.
और ये कहते हुए में घर के अंदर घुसा और लिविंग रूम में आया hi था की मेरी नज़र वह बैठी तीन औरतो पर पड़ती है .
ये तीन औरते माँ की बेस्ट फ्रेंड्स थी और महीने में एक बार माँ और उनकी फ्रेंड्स किसी एक के घर पर मिलती है ये फिक्स था और आज इसी सिलसिले में ये लोग इकठ्ठा हुए थे.
जब उनकी नज़र मेरे पर पड़ती है और मेरी उन पर तो में उन सबको नमस्ते बोल देता हु और माँ की तरफ देख..
में: आईएम सॉरी माँ मुझे नहीं पता था आज आपकी फ्रेंड्स आने वाली है , आपने बताया भी नहीं वार्ना में जल्दी नहीं आता घर पर.
लेडी1: अरे बीटा इसमें सॉरी क्यों इतस ऑलराइट हम यहाँ कोई बम ब्लास्ट की प्लानिंग थोड़ी करने आई जो तुम ऐसे बोल रहे हो हहै .. और उनकी बात सुन माँ और बाकि सब हसने लगती है.
में: ः आंटी ी क्नोव बूत स्टिल आप इतनी अछि फ्रेंड्स है और रोज तो मिलती नहीं है सो आपको आपका टाइम मिलना चाहिए न.
माँ: अरे सनी ऐसा कुछ नहीं हम बस ऐसे hi गप्पे मरने को मिलती है, तू ये बता कुछ खायेगा कॉलेज से थका आया है तो.
में: नहीं माँ में कैंटीन में खा कर आया हु आप मेरी फ़िक्र न करो आप आपकी फ्रेंड्स के साथ एन्जॉय कार्ल में अपने रूम में जा रहा हु और आपको कोई डिस्टर्बेंस नहीं होगा ः.
और ये बोल कर में अपने रूम में चला आता हु और जब में उप्पेर अपने रूम में जा रहा होता हु और दूर पर पंहुचा hi होता हु की माँ की फ्रेंड्स में से एक की आवाज मेरे कान में पड़ती है..
लेडी: वाह mahima,tere बीटा सनी तो पूरी तरह जवान हो गया है और दिखने में भी काफी स्मार्ट है और बॉडी भी अछि खासी बनाई हुई है.
माँ, इस बात पर उन आंटी को मजाक में : ख़बरदार जो मेरे बेटे पर गन्दी नजर डाली तो मुँह नोच लुंगी tera,jawan लड़का दिखना चाहिए इस कामिनी को तो बस तुरकंत मन में लड्डू फूटने लगते है हहै..
और माँ की इस बात पर सभी मिल कर हसने लगती है और माँ के मुँह से कामिनी वर्ड सुन और उन आंटी की ऐसी बात सुन मेरे दिमाग में घंटी बजती है की बीटा यहाँ सिर्फ गप्पे तो नहीं लगाए जाते है और भी लुक बाटे होती है और माँ भी इस तरह की बाटे करती है ये मेरे लिए पहला अनुभव था और इसी वजह से मेरा मन अब उनकी बाटे सुनने का होने लगा था..
इन औरतो के बिच क्या बाटे होती है और आगे क्या होता है ,अब ये सब अगले अपडेट में....
पापा: सी रागिनी एंड राहुल हमे ये प्रोजेक्ट किसी भी हालत में अपने अंडर में चाहिए चाहे कुछ भी हो जाये.
बुआ: डोंट वोर्री भैया हमारी तरफ से पूरी तयारी है और आईएम दमन सूरे की इस बार ये प्रोजेक्ट हमें hi मिलेगा.
भैया: हाँ पापा , बुआ ने इस बार भोत अचे तरीके से साडी चीजे हैंडल की है मुझे भी लग रहा की ये प्रोजेक्ट हमारा hi होगा.
पापा: राहुल बीटा, इस बार hi नहीं रागिनी हर बार अपना काम पूरी जिम्मेदारी से करती है और इसलिए तो मुझे उस काम की कभी चिंता नहीं रहती जिस काम में रागिनी खुद इन्वोल्वेद है . मुझे उसके टैलेंट और स्मार्टनेस पर कभी कोई डाउट नहीं रहा है.
बुआ: थैंक यू भैया , इतना ट्रस्ट करणे के लिए और में हर वक्त अपना 100% देने की कोशिश करती हु ,क्युकी इस कंपनी से हमारी रेपुटेशन जुडी हुई है इसका नाम ख़राब होना या लोस्स में जाना ी चैंट बारे.
पापा: तुम्हारी यही बात और हर काम को सक्सेस्फुल बनाने की जिद्द hi तो मुझे अछि लगती है.
भैया: हाँ बस एक चीज अछि नहीं लगती बुआ आपकी वो ये की आप भोत स्ट्रिक्ट हो जाती हो ऑफिस में ः, ेस्क लगता है की अभी किसी एम्प्लोयी को थप्पड़ न लगा दो ः.
भैया की ये बात सुन सभी लोग है पड़ते है ..
बुआ: ः राहुल बीटा, मेरी बेहवे करना जरुरी है वार्ना एम्प्लाइज किसी काम को सीरियस नहीं लेंगे न.
पापा: बिलकुल सही कहा तुम्हारी बुआ ने बीटा, बॉस का दर तो हर किसी में होना hi चाहिए .
तभी माँ इन तीनो को टोकते हुए...
माँ: अरे अब ऑफिस की बाटे करने के लिए ऑफिस काम है जो घर में भी वही बाटे करने लग जाते हो आप.
पापा: ः ाचा सॉरी गलती हो गई सुबह सुबह गुस्सा न करो, रागिनी का गुस्सा फिर भी हैंडल हो सकता पर अगर तुम भड़क गई तो कोई नहीं झेल सकता ः.
माँ: बस बस अब मस्का न लगाओ सुबह सुबह और ब्रेकफास्ट कीजिये हहै.
बुआ: नहीं भैया एक बात तो माननी पड़ेगी , घर तो भाभी ने hi संभल रखा है एक भाभी hi है जो पूरा दिन घर में रहती है और घर के हर किसी मेंबर ला ख्याल करती है.
पापा: हाँ बात तो सही है, और इसीलिए तो आज भी में चाहे कितना भी बड़ा बिजनेसमैन बन जाऊ घर आ कर तो तुम्हारी भाभी की hi सुनता हु ः.
बुआ: हाहाहा भैया क्या बात कही है आपने.
तभी में बिच में बोल पड़ता हु...
में: बुआ अब मेरी माँ है और उनका सबसे बेस्ट तो बी डिफ़ॉल्ट hi होना तय है .
और में ये बात बोल कर फिर सोचने लगा की बोलै की क्यों .... क्युकी सामने से पापा के सवाल आने लग गए...
पापा: बेस्ट के बच्चे ये बताओ तुम्हारी कॉलेज किसी चल रही है इस बार तो एग्जाम अचे से क्लियर होंगे की नहीं और क्लासेज तो बंक नहीं कर रहा न..
में: नहीं पापा इस बार में सीरियसली अचे से कॉलेज जा रहा क्लासेज अटेंड कररहा और यकीं नहीं तो भाभी से पूछ लीजिये आप..
और ये बोल भाभी की तरफ देखने लगता हु मनो ये कह रहा हु की भाभी बचा लो इस बार ...
भाभी: हाँ पापा जी इस बार सनी ने बदमाशी काम कर दी क्लास म भी रेगुलर है और पढाई पर भी अचे से ध्यान दे रहा है.
में भाभी को एक थैंक यू भरी नज़र से देखता हु जिसे देख भाभी स्माइल क्र देती है.
पापा: हम्म ध्यान रखना बहु इसका कही कोई नए लफड़े न कर दे.
Bhabhi,meri और शरती मुस्कान से देखते हुए: हाँ पापा जी अचे से ध्यान रख रही हु अब तो इसका में ,कोई शिकायत का मौका नहीं मिलेगा आपको भी.
और यही पर बाटे ख़तम करते हुए पापा ,भैया और बुआ ऑफिस के लिए निकल जाते है . प्रीति आलरेडी जल्दी कॉलेज चली गयी होती है और अब में भाभी और माँ hi टेबल पर बैठे होते है ..
में: भाभी आज में आपके साथ कॉलेज चलूँगा बाइक ले जाने का मन नहीं ,और भाभी को आंख मर देता हु .
मेरी बात सुन भाभी भी समझ जाती है और मुस्कुराते हुए
भाभी: ठीक है सनी चलो मुझे क्या प्रॉब्लम होगी वैसे hi अकेली जाती हु.
हमारी बात सुन माँ बोल पड़ती है.
माँ: क्यों सनी तेरी बाइक को क्या हुआ है आज.
में: माँ कुछ हुआ नहीं है बस आज मन नहीं बाइक ले जाने का.
माँ: में तो रोज hi कहती हु की दोनों अलग अलग जाते हो इससे ाचा साथ में जाया करो पर तुम मानते hi कहा हो , पता नहीं क्यों किसी को नहीं बता रखा कॉलेज में की तुम दोनों देवर भाभी हो.
में: अरे माँ बता कर फायदा क्या है उल्टा लोस्स है ,सबहिस्टिडेंट ये कहेंगे की मेरी भाभी कॉलेज में लेक्चरर है ऐसे hi अचे मार्क्स आजायेंगे और दस बाटे करेंगे इससे ाचा ऐसे hi रहे न .
माँ: ठीक है जैसा मर्जी करो tum.l लोग .
और ये बात ख़तम कर में और भाभी कॉलेज के लिए निकल जाते है , कार भाभी hi ड्राइव करने वाली थी और में साइड सीट पर बैठ जाता हु.
आज सुबह से जब मेने भाभी को पहली बार देखा तब से hi मेने ये पाया था की आज भाभी ने खुद के ड्रेसिंग सेंस में बदलाव किया हुआ है जैसा की उन्होंने कल रत कहा था, आज न hi उनका क्लीवेज इतना एक्सपोज्ड था न hi कही और से भी ऐसा लग रहा था की भाभी जान कर के एक्सपोज़ करना छह रही हो, भाभी इस तरह से तैयार हुई थी की एक्सपोज़र न होने के बाद भी उनको देख कोई भी देखता रह जाये, फेयर स्किन और इतनी अछि तरह से मेकअप, स्लीवलेस ब्लाउज , नाभि के निचे साड़ी बांधने का एक अलग hi तरीका और कासी साड़ी में उनके कर्व्स जो भोत hi अचे से निखार कर सामने आ रहे थे ,ये सब देख क्र hi मेरा मन भाभी के पास जा कर उन्हें मसलने का हो राजा था पर घर पर सभी की मौजूदगी में ये संभव नहीं था.
पर जैसे hi में और भाभी कार में बैठ घर से निकले और कुछ दूर पहुंचे hi थे की मेने अपना हाथ भाभी की कमर में डालते हुए ..
में: क्या बात है भाभी ,आप तो वाकई पूरी तरह बदल गई ः.
भाभी जो इस वक्त कार चला रही थी मेरे टच से उनकी बॉडी में करंट सा लगता है: िष्ठ सनी क्या कर रहे हो में ड्राइव क्र रही हु ये सब कर डिस्टर्ब न करो प्लस.
में: अरे भाभी तो आराम से ड्राइव करो अभी भोत वक्त है कॉलेज पहुंचने में तो और में भब्बी की नाभि में अपनी ऊँगली घुसा के घूमने लगता हु.
मेरे ऐसा करने से अब भाभी से रहा नहीं जाता है और कार को सड़क के एक किनारे रोक देती है ,रोकने की जगह ऐसी होती है की वह ज्यादा ट्रैफिक नहीं था और वो वैसे भी नहीं होना था क्युकी कॉलेज सिटी से बहार की तरफ था. गाड़ी रोक भाभी मेरा हाथ पकड़ते हुए...
भाभी: ममममम सनी क्या कर रहे हो ये , ऐसे तो में कभी ड्राइव नहीं कर पाऊँगी तुम्हरे टच से hi बॉडी में करंट लग रहा मुझे हहै.
में: तो भाभी थोड़ी देर ड्राइव न करो यही रुकते है मुझे आपका ये बदला हुआ रूप तो अचे से देख लेने दो न .
भाभी: हहै हाँ जब तुमने कहा की आज मेरे साथ कॉलेज आओगे तभी समझ गई थी की तुम चुप नहीं बैठ इ वाले हो, अब देख लो जल्दी से और मुझे भी बताओ की कैसा लगा मेरा ये बदलाव .
Me,bhabhi के चेहरे पर अपना हाथ फिरते हुए: सच कहु तो भाभी आज से पहले आपको इतना खूबसूरत नहीं देखा, में ये नहीं कह रहा की पहले आप अछि नहीं लगती थी , no डाउट इन तहत पर पहले जिस तरह आपका ड्रेसिंग सेंस था उसमे आपको देख ऐसा लगता था की आप छह कर अपना जिस्म दिखा रही हो और कही न कही आप सेक्स की भूखी हो पर आज आपको इस तरह देख कर मन कर रहा बस देखता hi राहु और अभी इसी वक्त उठा कर बिस्तर पर ले का कर आपकी जवानी लूट लू ..
Bhabhi,meri बात को ध्यान से सुनने के बाद : हाँ में समझ रही हु तुम लय कहना छह रहे हो सनी और अगर कल रत तुम मुझे ये बात नहीं बताते तो में कभी जान hi नहीं पति की मेरे बारे में लोगो की क्या थिंकिंग है ...
में: हम्म कोई बात नहीं अब तो जान गई न आप ः , अब मुझे थोड़ा अचे से देख तो लेने दीजिये की कैसा है आप पर ये बदलाव.
और ये बोल मेने भाभी का पल्लू हटा दिया जिससे का उप्पेरि जिस्म अब सिर्फ ब्लाउज में मेरे सामने था और क्लीवेज के नाम पर हलकी सी एक झलक दिखाई पद रही थी पर चूचिया भाभी की इतनी भरी हुई थी की उस ब्लाउज में बिलकुल उभर कर सामने आ रही थी ,जिन्हे देखते hi में भाभी के चेहरे की और देखते हुए जो मुझे देख मुस्कुरा रहा था, भाभी की दोनों चुचिओ को ब्लाउज के उप्पेर से hi अपने हाथ में पकड़ दबाने लग गया. चुचिओ को इस कदर मेरे हाथ में आने और दबने की वजह ऐ अब भाभी के चेहरे के एक्सप्रेशन में बदलाव आ रहा था जो में साफ तौर पर देख प् रहा था..
भाभी: िष्ठ्हह सनी मत करो न अभी उफ्फफ्फ्फ़ घर जा कर जो करना है कर लेना अह्ह्ह्हह ममममम उफ्फ्फ.
में: चुचिओ को और जोर से दबाते हुए, भाभी घर में तो सब होते है और मौका भी नहीं मिलता और अगर मिलेगा तो घर में फिर दबा लूंगा आपको अभी जो मौका हाथ लगा है उसे तो उपयोग में ले लेनी दो न ..
भाभी: अहहहहजहज िष्ठ्हहह पर तुम्हारे ऐसे मुझे दबाने से में गरम हो रही हु सनी, मेरी छूट गीली हो रही है और गीली छूट लिए में पूरा दिन कॉलेज में नहीं रह पाऊँगी िष्ठ प्लस.
में, भाभी की ये बात सुन एक हाथ को भाभी की साड़ी के अंदर करते हुए उनकी छूट पर रख रगड़ने लगता हु और उनके होठो को चूमते हुए: मऊआआह भाभी मेरे रहते आपकी छूट कभी प्यासी नहीं रहेगी और आप फ़िक्र न करो आपकी इस छूट का भी अचे से इंतेज़ाम करने के बाद हम कॉलेज जायेंगे ..
चूतमे हाथ लगने मात्रा से hi अब भाभी पूरी तरह गरमा गयी और मेरे चेहरे को अपने पास खींच कर अपने होठ मेरे होठ पर रख दिए और मेने जवाब में होठ चूसते हुए अब भाभी की छूट में ऊँगली दाल छोड़ना शुरू लार दिया था.
भाभी इतनी गरम हो चुकी थी की चुम्बन करते हुए खुद से अपने एक हाथ को साड़ी के उप्पेर से साड़ी के अंदर उनकी छूट को छोड़ने वाले मेरे हाथ पर रख जोर से दबा देती है और सीट से उप्पेर अपनी गांड उचकते हुए अब आगे पीछे होने लगी थी .... मममममम अह्हह्ह्ह्ह सुंनियीयह िष्ठ्हहहह फुकककक मीटीए मममम पहह्हह्ह्ह्ह .
और अब मेने भाभी की छूट घिसते हुए अपने मुँह को भाभी की राइट वाली चुकी को ब्लाउज सहित मुँह में भर लिया और काट ते हुए उन्हें चूसने लगा था साथ hi कभी कभी ब्लाउज से उप्पेर आ भाभी की छाती पर कतनेलगा था.. मेरे इस दोहरे हमले से अब भाभी पूरी तरह बेकाबू हो गई थी और स्पीड से अपनी छूट को ऊँगली पर दबा कर घिसते हुए छूट रास बहा देती है. छूट रास बहार कर भाभी जब तक नार्मल नहीं होती में तब तक अपना हाथ भाभी की साड़ी से नहीं निकलता हु और बाद में हाथ बहार निकल भाभी के छूट रास से गीली ऊँगली को उनके सामने देखते हुए अपने मुँह में ले चाट लेता हु.
में: मुउउउउउआअह भाभी सच भोत hi टेस्टी हो आप तो, कल भी ऊँगली hi डालने का मौका मिला और अभी भी, में तो अब आपकी इस छूट को बेसब्री से चूस लार स्वाद लेने का इंतज़ार कर रहा हु.
अपनी छूट रास की बात सुन भाभी शर्मा जाती जाती है और मुसलुरा देती है .
भाभी: जब ऊँगली को रास्ता दे दिया भाभी ने तो देवर के मुँह को भी मिल जायेगा जल्दी hi हहै
में: ः हाँ वैसे भी मुँह के साथ अब तो मेरे इस लुंड को भी चखना है आपकी छूट का स्वाद.
भाभी: मममम सनी में तो कल रत जब इसे देखि तब से उस पल का इंतज़ार कर रही जब ये मेरी छूट का स्वाद चखेगा और छूट को अपना स्वाद चखायेगा हहै.
में: ः भाभी .
में, मजाकिया स्वर में: वैसे भाभी आपके इस बदले हुए रूप से आपका तो लोस्स हुआ न, अब आपके दीवानो और चाहने वालो में कमी आ जाएगी क्युकी सब आपके अंगो को देखने के लिए तरसते थे अब वो तो दिखने से रहे ः.
भाभी, इस बात पर अपना चेहरा मेरे पास ला कर : देवर जी अब मुझे दीवानो की जरुरत नहीं है , जब घर में मेरा इतना ताकतवर और स्मार्ट देवर है जिसके पास इतना मजबूत हथियार भी है तो अब में बहार वालो को कुछ क्यों दिखाऊ , घर में मेरे देवर को hi दिखाउंगी न hehe..or ये बोल भाभी मेरे लिप्स पर एक किश करदेती है.
भाभी की ये बात सुन मुझे ये यकीं हो चूका था की लुंड को देखने से hi अब भाभी मेरी दीवानी हो चुकी है एक बार जब इस लुंड को छूट में लेलेंगी तब तो में जो कहु जैसे कहु जैसे राखु वैसे रहने को तैयार हो जाएगी
में, भाभी को बात सुन मेरे चूसने से गीले हुए ब्लाउज पर से चुकी की निप्पल मरोड़ते हुए: सच भाभी ये बोल आज खुश कर दिया आपने अब देखो आपका ये देवर आपको कितने मज़े देता है ः.
भाभी: कहहहह ईशःठ अब बाकि के मज़े बाद म फिलहाल कॉलेज चलो देर हो रही है , और ये क्या पूरा ब्लाउज गिला कर दिया साफ दिख रहा ऐसे भला कोई चुस्त है क्या.
में: ः अगर जिस देवर की भाभी इतनी मस्त माल हो तो वो देवर तो ऐसे hi चूसेगा और ऐसे क्या इससे भी बुरी तरह चूसेगा.. पल्लू है न ढकने के लिए उसे धक् लो नहीं दिखेगा और क्या ः.
भाभी: हेहेहे हाँ पता है मुझे अब कैसे ढकना वो अचे से ...
और ये बोलने के बाद भाभी अपनी साड़ी सही करती है और कार को कॉलेज ली तरफ ड्राइव करती है.
कॉलेज में गेट पर भाभी कार रोक देती है और मुझे वह चोर भाभी कार पार्क करने चली जाती है. यहाँ मैं गेट पर उतारते hi मेरे सामने प्राची ma'am दिखाई पद जाती है और मुझे देख वो स्माइल करने लगती है , मेने कोई रिएक्शन न देते हुए ma'am की तरफ चलना शुरू किया और पास जा कर गुड मॉर्निंग विश किया.
Ma'am: गुड मोरनिंफ सनी, आज ये क्या तुम कामिनी ma'am के साथ कैसे, तुमतो अपनी बाइक से आते हो न.
में: हाँ ma'am पर आज मेरी बाइक ख़राब हो गई थी तो में कैब ले कर आने की सोच रहा था और इसी सिलसिले में मई मैं रोड पर खड़ा था की तभी ma'am वह से गुजरती हुई दिखाई दी तो उनसे लिफ्ट मांग ली बस.
Ma'am: अरे तो तुम मुझे भी तो कॉल कर सकते थे न कल तुमने मुझे ड्राप किया था आज में तुम्हे लीक के सकती थी.
में: थैंक्स ma'am पर मुझे उसकी जरुरत नहीं लगी .
Ma'am: चलो कोई बात नहीं जाते वाल्ट मेरे साथ चल लेना में द्रोप्कर दूंगी .
में: नहीं ma'am में मैनेज कर लूंगा ऑफर करने के लिए थैंक्स. और ये बोल में वह से आगे चल देता हु और बिना रुके अपनी कॉलेज बिल्डिंग में घुस जाता हु.
वह प्राची ma'am मेरे बेहेवियर में कुछ बदलाव है ये नोटिस करती है जो शायद उन्हें ाचा नहीं लग रहा था और कही न कही में उन्हें चोर कामिनी ma'am के साथ आया इस बात से उन्हें थोड़ी hi सही पर जलन होने लगी थी.
यहाँ में यही चाहता था की अब प्राची ma'am सामने से मेरे पास आये में अपनी तरफ से कोई कदम नहीं लूंगा और आज उसकी पहली झलक मुझे देखने को मिल भी गयी.
वैसे hi इस प्लान का अगला कदम मेने तब लिया जब प्राची ma'am का लेक्चर था और जैसे hi ma'am क्लास के गेट के पास आती दिखी में अपनी सीट से उठ कर बहार की और जाने लगा..
Ma'am: अरे सनी कहा जा रहे हो क्लास है अभी मेरी .
में: हाँ ma'am ी क्नोव आपकी क्लास है पर आज अटेंड करने का मन नहीं है वैसे भी आपकी क्लास में मेरी अटेंडेंस एक्स्ट्रा है जरुरत से तो एक बंक से कोई लोस्स नहीं होगा.
और ये बोल कर में क्लास से बहार निकल जाता हु यहाँ ma'am ये सोचने लगती है की ये वही सनी है जो मेरी ेल भी क्लास मिस नहीं करता था और आज सामने से बोल कर बंक कर रहा है ऐसा क्या हो गया है.
Ma'am क्लास में चली जाती है और में क्लास से बहार आ कर कुछ देर कैंटीन में बैठता हु और कुछ देर वह रुकने के बाद मेरा मन नहीं होता है सो कॉलेज से कैब कर घर आजाता हु .
दोपहर का वक्त हो रहा था और इस वक्त जैसा रोज होता है माँ अकेली hi होनी थी और यही सोच मेने दूर बेल्ल बजे, कुछ देर बाद माँ दूर खोलती है.
माँ: अरे सनी आज तू जल्दी घर आ गया सब ठीक.
में: हाँ माँ बस आज कोई इम्पोर्टेन्ट क्लास नहीं थी तो सोचा घर चला जाऊ.
और ये कहते हुए में घर के अंदर घुसा और लिविंग रूम में आया hi था की मेरी नज़र वह बैठी तीन औरतो पर पड़ती है .
ये तीन औरते माँ की बेस्ट फ्रेंड्स थी और महीने में एक बार माँ और उनकी फ्रेंड्स किसी एक के घर पर मिलती है ये फिक्स था और आज इसी सिलसिले में ये लोग इकठ्ठा हुए थे.
जब उनकी नज़र मेरे पर पड़ती है और मेरी उन पर तो में उन सबको नमस्ते बोल देता हु और माँ की तरफ देख..
में: आईएम सॉरी माँ मुझे नहीं पता था आज आपकी फ्रेंड्स आने वाली है , आपने बताया भी नहीं वार्ना में जल्दी नहीं आता घर पर.
लेडी1: अरे बीटा इसमें सॉरी क्यों इतस ऑलराइट हम यहाँ कोई बम ब्लास्ट की प्लानिंग थोड़ी करने आई जो तुम ऐसे बोल रहे हो हहै .. और उनकी बात सुन माँ और बाकि सब हसने लगती है.
में: ः आंटी ी क्नोव बूत स्टिल आप इतनी अछि फ्रेंड्स है और रोज तो मिलती नहीं है सो आपको आपका टाइम मिलना चाहिए न.
माँ: अरे सनी ऐसा कुछ नहीं हम बस ऐसे hi गप्पे मरने को मिलती है, तू ये बता कुछ खायेगा कॉलेज से थका आया है तो.
में: नहीं माँ में कैंटीन में खा कर आया हु आप मेरी फ़िक्र न करो आप आपकी फ्रेंड्स के साथ एन्जॉय कार्ल में अपने रूम में जा रहा हु और आपको कोई डिस्टर्बेंस नहीं होगा ः.
और ये बोल कर में अपने रूम में चला आता हु और जब में उप्पेर अपने रूम में जा रहा होता हु और दूर पर पंहुचा hi होता हु की माँ की फ्रेंड्स में से एक की आवाज मेरे कान में पड़ती है..
लेडी: वाह mahima,tere बीटा सनी तो पूरी तरह जवान हो गया है और दिखने में भी काफी स्मार्ट है और बॉडी भी अछि खासी बनाई हुई है.
माँ, इस बात पर उन आंटी को मजाक में : ख़बरदार जो मेरे बेटे पर गन्दी नजर डाली तो मुँह नोच लुंगी tera,jawan लड़का दिखना चाहिए इस कामिनी को तो बस तुरकंत मन में लड्डू फूटने लगते है हहै..
और माँ की इस बात पर सभी मिल कर हसने लगती है और माँ के मुँह से कामिनी वर्ड सुन और उन आंटी की ऐसी बात सुन मेरे दिमाग में घंटी बजती है की बीटा यहाँ सिर्फ गप्पे तो नहीं लगाए जाते है और भी लुक बाटे होती है और माँ भी इस तरह की बाटे करती है ये मेरे लिए पहला अनुभव था और इसी वजह से मेरा मन अब उनकी बाटे सुनने का होने लगा था..
इन औरतो के बिच क्या बाटे होती है और आगे क्या होता है ,अब ये सब अगले अपडेट में....