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दोनो वहां से निकलकर पीछे के रास्ते सड़क पर आए और एक कार को बड़ी सफाई से उड़ाकर जगदीश राय के आवास तक पहुंच गए।…. "इसके घर में घुसकर मारना रिस्की है अपस्यु, पुलिस पहुंच जाएगी यहां। हम इतने तैयार भी नहीं है।".
अपस्यु:- किसने कहा हम तैयार नहीं है, पीछे देखो कौन आ रहे है।
जेके और पल्लवी पूरी तैयारी के साथ चले आ रहे थे। आते ही जेके कहने लगा…. "अबे ये कौन है जो मेरा टारगेट तुझसे मरवा रहा है।"
अपस्यु:- वो जो कोई भी है, उसका लिंक जरूर उस डायरी से है, जिसकी फोटो मैंने आपको दी थी।
जेके:- ये तो वैसे भी मरता लेकिन अभी इसे मारने का मन नहीं था। आज राठी ब्रदर्स या शुक्ला को टपकाना था।
पल्लवी:- वक़्त बहुत कम है क्योंकि 15 मिनट में पुलिस पेट्रोलिंग यहां होगी। तुम दोनो का कोई अभी पीछा तो नहीं कर रहा था ना।
ऐमी:- जो हमे फसाकर अपना काम निकलवाना चाहते थे, उनके 5 लोगों को सुला आए हैं। पीछा करने का तो सवाल ही नहीं होता।
पल्लवी:- दैट्स माय बॉय.. चलो जी अपने शागिर्द कि मदद कर दो..
जेके:- ठीक है, अपस्यु, ऐमी तुम दोनो सामने के गेट इनको उलझाओ, मैं और पल्लवी अंदर उस जगदीश को परम पिता जगदीश के पास पहुंचाकर आते हैं।
इस काम के लिए अपस्यु ने ऐमी को बाहर ही रखा, क्योंकि वो नहीं चाहता था कि हर जगह 2 लोग दिखे। अपस्यु बाउंड्री के फैंस को चेक किया, अंदाज़ा सही था, करंट दौड़ रहा था ऊपर के लोहे में।
जेके, अपस्यु को बिजली विभाग वाला ग्लोब्स थामते हुए कहा… "सिक्योरिटी गार्ड के ऑफिस में करंट ऑफ का तरीका मिल जाएगा, जल्दी करना।"
अपस्यु तेजी से उस बाउंड्री पर चढ़ गया। बॉडी तो पुरा मास्क पहले से थी, मोटे परत की ग्लोब्स लगने के बाद, झटका का कोई सवाल ही नहीं था। लेकिन अंदर आते ही मोशन सेंसर एक्टिव हो गए और तुरंत ही अलार्म भी बजने लगा।
यह एक अलर्ट अलार्म था जो केवल सिक्योरिटी वालों के लिए था। सिक्योरिटी वाले ने अपस्यु को देखा और उसने सभी गार्ड और बॉडी गार्ड को तुरंत अलर्ट अलार्म से जगाना शुरू किया। जब तक वो सभी बाहर आते, तबतक अपस्यु गेट पर खड़े गार्ड के केबिन में दाखिल हो गया और सभी अलार्म एक साथ ऑन करके फैंस करंट सप्लाई को बंद कर दिया।
अपस्यु को तो वक़्त काटना था। अपना काम करने के बाद अपस्यु ने जेके को बढ़ने के लिए संकेत दिया और खुद वहां के लॉन में आकर गार्ड से लरने की तैयारी करने लगा।
पहले तो उसपर फायरिंग शुरू हुई, लेकिन अपस्यु के बुलेट प्रूफ जैकेट के आगे सब बेअसर था। सभी गार्ड तेजी से अपस्यु के ओर दौड़े। अपस्यु भी तेजी से भागता हुआ लॉन के चक्कर लगाने लगा। अपस्यु को पकड़ने के लिए वो सभी गार्ड जो एक साथ दौड़ रहे थे, सब बिखर गए और अलग अलग दिशा से अपस्यु को पकड़ने की कोशिश करने लगे।
अपस्यु के पीछे से 2 गार्ड दौड़ लगा रहे थे और सामने से 2 चले आ रहे था। अपस्यु अपने दोनो मुट्ठी में छोटी सी चाकू दबाए आगे बढ़ा और अपने घुटनों पर आते हुए दोनो गार्ड के पाऊं को काटते हुए आगे फिसल गया और वो दोनो पीछे जाकर गिर पड़े।
अपस्यु खड़ा होकर फिर से दौड़ लगा चुका था। देखते ही देखते बिखरे हुए गार्ड अब कर्राहते हुए जमीन कर बैठे कोई पाऊं पकड़े था, तो कोई अपने पेट के स्क्रैच को संभाले था।
इधर जेके अपने तय समय पर काम खत्म करके अपस्यु को लौटने के संकेत देने ही वाला था कि वहां पुलिस के कई जीप की सायरन की आवाज़ आने लगी। अपस्यु को भनक थी कि ऐसा कुछ होने वाला है इसलिए ऐमी को वो बाहर रहने कहा था।
ऐमी बाहर अपना काम कर चुकी थी। आने वाले दो ओर के रास्ते को वो वहां बाहर खड़ी जितनी भी कार थी उससे ब्लॉक कर चुकी थी और जिन कार के पेट्रोल पाइप काट सकती थी उनके काटकर सबको आग के हवाले कर चुकी थी।
जेके दोनो की होशियारी पर खुश होते हुए अपस्यु को लौटने का संकेत दिया। जबतक 2 मुख्य मार्ग से पुलिस पैदल गस्त करती हुई पहुंचती, चारो जेके की कार में छोटी सी गली के रास्ते, जेके के ठिकाने तक पहुंच चुके थे।
इधर अपार्टमेट में पागल कर देने वाले इस सिऊंड ने पूरे अपार्टमेंट को परेशान कर रखा था और श्रेया के लिए चिंता का विषय उसके साथी की गिरती नवज थी। उसके लिए पहले से पदेशनी कम थी क्या जो अब ये साउंड। श्रेया फ्लैट नंबर102 से निकलकर अन्य लोगों की तरह ही अपार्टमेंट सेक्रेटरी के घर पर हल्ला बोल दी।
श्रेया तकरीब 5 मिनट वहां रुकी और वापस उस फ्लैट में पहुंचीं। जब वो वापस पहुंची और वहां का नजारा देखी, उसके होश ही उड़ गए। श्रेया पागलों की तरह छटपटाने लगी और नागिन सी फुफकार मारने लगी।
श्रेया अपने फ्लैट में पागलों कि तरह भटक रही थी। कुछ ही देर में उसके लोग श्रेया के फ्लैट में पहुंचे।… "तुम लोग ने 102 में देखा या नहीं।"..
गुफरान आंखों से धधकते शोले निकालते….. "5 साथी मारे गए हैं और हम यहां बस योजना बना रहे है। अभी वो कुत्ता और उसकी गर्लफ्रंड अंदर ही होगी। पहले उसे ठोको फिर समझते रहेंगे की क्या करना है।"..
तकरीबन 10 साथी उनके जमा थे, सब लोग "हां हां" करने लगे। श्रेया सबकी भावनाओ में शरीक होती हुई कहने लगी…. "पापा को अपनें लिए एक कातिल चाहिए तो कहीं और से इंतजाम करेंगे। परिणाम का बाद में सोचेंगे पहले साफ करो दोनो को। हां लेकिन सब साथ रहना। क्योंकि हमें उसे कमज़ोर नहीं समझना चाहिए।"..
जेन:- स्प्रे मारकर बेहोश करेंगे फिर इत्मीनान से उसके अंग-अंग को चीरकर अपने कलेजे कि आग को ठंडा करेंगे। सब लोग मस्क पहनो और स्प्रे लो।
बस कुछ ही पल में सब तैयार हो गए। स्टाफ क्यूटर्स के दरवाजे से सब लोग अपस्यु के फ्लैट दाखिल हुए। अंधेरे हॉल में जैसे ही उन लोगों ने रौशनी की… हॉल में लगा प्रोजेक्टर चलने लगा और वहां आवाज़ गूंजने लगी…. "मुझे मारने आए आप सभी लोगों को नमस्कार। मैं रात के 3-5 के बीच, तुम लोगों को भाड़े पर काम देने वाले जगदीश राय को साफ कर रहा होऊंगा, उसके बाद घूमने निकल जाऊं वो मूड पर है।"..
"खैर ये सब तो तुम्हारे काम की बात नहीं थी, लेकिन अब जो कह रहा हूं उसे सुनने और समझने में कोई चूक ना हो। यदि मुझे मारने कि इक्छा हो तो जगदीश राय के बंगलो आ जाना, वरना अपने 5 लोगों की लाश 102 से उठाकर निकल जाओ। कॉन्ट्रैक्ट मुझे मारने का मिला था तो मुझे मारना चाहिए था, मेरे परिवार पर हमला करना माफी के लायक नहीं।"
"तुम्हारे ग्रुप को मै केवल एक चेतावनी देकर मै छोड़ रहा हूं, कि उन पांचों की डिटेल मैंने अपने पास रख ली है। अगली बार मुझे शंका हुआ कि तुमने मेरी सुपाड़ी ली है, तो मै तुम्हारा पता लगाऊंगा। पहले मारूंगा और फिर तुम्हारी लाश से पूछना शुरू करूंगा…. "भाई बता अब तुझे किसने मुझे मारने कि सुपाड़ी दी थी, या अपने 5 लोगों का बदला लेने आया है"। ज़िन्दगी प्यारी हो तो बदला भूल जाओ वरना मृत्यु ही एक मात्र सत्य है और मैं, अपस्यु रघुवंशी, उस सत्य से तुम सबको अवगत करवा दूंगा।"…
अपस्यु का संदेश सुनने के बाद सब लोग अजीब ही गुस्से के साथ, श्रेया के फ्लैट में लौटे और हर कोई अपस्यु पर हुए आज के हमले के बारे ने पूछने लगा। किसी को खबर नहीं थी कि यह स्टेप लिया जा चुका है। श्रेया सबको शांत करती हुई कहने लगी….
"कल रात अपस्यु से बात करने के बाद मुझे लगा कि वो ऐमी या आरव के लिए कुछ भी कर सकता है। जगदीश राय पर एजेंसी वालों का सिकांजा बढ़ रहा था यदि वो गवाह बान जाता या अपना मुंह खोल देता तो पदेशानी का कारन बन जाता, इसलिए यह फैसला लिया गया था।"
गुफरान:- इसका मतलब जित्तू (वहीं आदमी जिसे ऐमी ने जहर का इंजेक्शन दिया था) को इन्हीं दोनो ने कुछ किया था और तुम कह रही थी इन दोनों (अपस्यु और ऐमी) के डिक्की में माइक्रोफोन और जीपीएस फिट करने घुसा था। तुमने हमसे पूरी कहानी छिपाई।
प्रदीप:- श्रेया, तुम्हारे बकवास प्लान के वजह से हमारे 5 साथी मारे गए। साफ शब्दों में कह गया अगली बार कुछ होगा तो हमारे ग्रुप का वो पता लगाएगा… जब तुम उसे अपने जाल म फसा ही रही थी फिर उसके परिवार पर हमला करवाने किसने कहा था। उसमे भी तुमने ऐमी को चुना। वो तो खुद भी एक ट्रेंड फाइटर है और शायद हम सब से बेहतर हो। ऊपर से दोनो को देखी थी ना इंडिया गेट पर, फिर भी उसपर हमला। जहालत है ये तो….
श्रेया:- मुझे लगा जिस लड़की से वो प्यार करता है, उसके घायल होने या मरने के बाद, वो अपना आपा खोकर बिना कुछ सोचे जगदीश राय को खत्म कर देगा और उसका वकील सिन्हा तो उसे निकाल ही लेगा, इसलिए मैंने सब कुछ प्लॉट कर दिया।
जेन उसे एक थप्पड़ खींचकर मारती…. "देख लिया उसको उकसाने का नतीजा। खुद ही कहती थी ना की उसके जैसा एक भी अपने टीम में हो फिर तो दुनिया जीत लेंगे। हर पॉवर को क़दमों में लाकर झुका देंगे। फिर क्यों उसको छेड़ दी।"
श्रेया:- कल पिए म जब उसको सुनी तो लगा कि उसे हम कुछ ज्यादा ही आंक रहे है। सेक्स और पॉवर उसकी भी ख्वाहिश है और इसका भी दिमाग आम लड़कों जितना ही है, बस एबिलिटी थोड़ी ज्यादा है।
प्रदीप:- आम लड़का, हाहाहाहा… उस भूत को आम लड़का समझ रही थी। 5 मिनट में तो उसने 4 लोगों को काट दिया। कब आया कब गया कीसी को भनक तक नहीं। तुम उसे फसाने के लिए जाल बुन रही थी और उसने डिक्की में जिसे बंद किया, उसपर बाहर से नजर रखवाए था। उसने पता भी लगा लिया कि हम जित्तू को 102 में लेकर गए है और तुम फालतू की टेक्नोलॉजी से उसके बदन में ट्रैकिंग डिवाइस ढूंढ रही थी।
"हमारे साथियों को मारने के बाद कितने विश्वास से कहता गया है कि वो अब जगदीश राय को साफ करेगा। वही जगदीश राय जिसपर 3 बार हमले करवा चुके है पर उल्टा मुह की खाने पड़ी थी। उसे तो यहां तक पता था कि उसने क्या किया और लोग उसे कहां ढूंढने आ सकते है। शुक्र करो उसने अपने घर में मौत का जाल नहीं बिछा रखा था। सामान्य सा लड़का है बस… । तुम जरा अपनी ओवर स्मार्टनेस कम करो श्रेया तो हमसब के लिए अच्छा होगा। भूत जैसे शिकारी को फसाने की चाहत है और अक्ल रत्ती भर भी नहीं।"
गुफरान भी गुस्से में लाल होते… "ऐमी को कोई मारने आया था, सिर्फ इस ख्याल से ही उसने सबकी बलि ले ली। परिवार की बीच रहने वाला मासूम सा लड़का जिसके चाकू का घाव देखकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि ये वही मासूम है। उसे तुम इतना कम कैसे आंक सकती है। बिना सोचे जब वो इतना कर सकता है, फिर जब ध्यान स सोचकर करेगा तो अंदाज़ा भी है वो क्या कर सकता है और कहां तक घुस सकता है। बदला भूलकर पहले सबूत मिटाओ और सर्विलेंस पर रखो 24 घंटे, ताकि पता तो चले ये हमारे ग्रुप के पीछे पड़ा है कि नहीं। अच्छा हुआ वो फ्लैट ने नहीं था वरना 10 लोगों में से 5-7 को तो लपेट ही लेता।
जेन:- जिस श्रेया को हम अपने पापा की तरह चालक समझ रहे थे वो तो आज बेवकूफी कर गई और तुम गुफरान बोलते बोलते फिर से साबित कर दिए की तुम सबसे बड़े बेवकूफ हो। सब कुछ आंखों के सामने है, फिर भी ये सोच रहे हो कि उसकी जगह पर तुम 10 लोग टिक जाते। 4 सूरमा को तो 5 मिनट में उनकी जगह पर साफ कर दिया और तुम्हारे यकीन कि मै दाद देती हूं , उसके घर में घुसकर 10 लोग जाओगे मारने। बस भी करो तुम लोग और जाकर पहले सबूत मिटाओ ताकि वो हम तक पहुंचने का उसे कोई लिंक ना मिले।
श्रेया:- जेन सही कह रही है। वैसे भी अपस्यु ने यह कत्ल, यह सोचकर किया की किसी ने उसके ऐमी को मारने की कोशिश की थी, इसलिए आवेश में उसने 5 कॉन्ट्रैक्ट किलर को मारा डाला। अब उसे मारने गया है जिसने ये कॉन्ट्रैक्ट दिया था। मतलब साफ है, परिस्थिति कैसी भी हो वो अपना आपा नहीं खोने वाला। तुम सब सही कह रहे हो, हमारे 5 साथी के मरने के पीछे केवल और केवल मेरी बेवकूफी थी और अपस्यु उसे हमारा साथी के तौर पर नहीं बल्कि अलग सोच के साथ कत्ल किया है। उसके पीछे जाने से अच्छा है कि मेरी बेवकूफी को भूलकर उसे साथ मिलाकर काम किया जाए।
सभी लोग अभी बात कर ही रहे थे कि श्रेया के पास कॉल आया… "पापा आप इतनी रात को जाग क्यों रहे हो।"
पापा:- क्योंकि मै तुम्हारी पहली सफलता पर बधाई देना चाहता हूं। जिस सोच के साथ अपस्यु पर दाव खेला था वह सही हो गया। उम्मीद से परे है इसका काम और इसे मुमकिन तुम्हारी कोशिश ने बनाया है। इसे पूरे काबू में रखो ये लड़का कुछ भी कर सकता है।
श्रेया को लग गया कि हो ना हो अपस्यु ने जगदीश राय को खत्म कर दिया होगा। श्रेया ने तुरंत न्यूज लगाया और न्यूज में अभी वही चल रहा था… "मशहूर उदयोगपति जगदीश राय के घर में घुसकर, कुछ अज्ञात लोगों ने उसका कत्ल कर दिया। पुलिस मामले की छानबीन में लगी।"… टीवी की न्यूज सभी आंख फाड़े देख रहे थे और बस अपस्यु के क्षमता के बारे में पुनः आकलन करने में जुट गए।
दोनो वहां से निकलकर पीछे के रास्ते सड़क पर आए और एक कार को बड़ी सफाई से उड़ाकर जगदीश राय के आवास तक पहुंच गए।…. "इसके घर में घुसकर मारना रिस्की है अपस्यु, पुलिस पहुंच जाएगी यहां। हम इतने तैयार भी नहीं है।".
अपस्यु:- किसने कहा हम तैयार नहीं है, पीछे देखो कौन आ रहे है।
जेके और पल्लवी पूरी तैयारी के साथ चले आ रहे थे। आते ही जेके कहने लगा…. "अबे ये कौन है जो मेरा टारगेट तुझसे मरवा रहा है।"
अपस्यु:- वो जो कोई भी है, उसका लिंक जरूर उस डायरी से है, जिसकी फोटो मैंने आपको दी थी।
जेके:- ये तो वैसे भी मरता लेकिन अभी इसे मारने का मन नहीं था। आज राठी ब्रदर्स या शुक्ला को टपकाना था।
पल्लवी:- वक़्त बहुत कम है क्योंकि 15 मिनट में पुलिस पेट्रोलिंग यहां होगी। तुम दोनो का कोई अभी पीछा तो नहीं कर रहा था ना।
ऐमी:- जो हमे फसाकर अपना काम निकलवाना चाहते थे, उनके 5 लोगों को सुला आए हैं। पीछा करने का तो सवाल ही नहीं होता।
पल्लवी:- दैट्स माय बॉय.. चलो जी अपने शागिर्द कि मदद कर दो..
जेके:- ठीक है, अपस्यु, ऐमी तुम दोनो सामने के गेट इनको उलझाओ, मैं और पल्लवी अंदर उस जगदीश को परम पिता जगदीश के पास पहुंचाकर आते हैं।
इस काम के लिए अपस्यु ने ऐमी को बाहर ही रखा, क्योंकि वो नहीं चाहता था कि हर जगह 2 लोग दिखे। अपस्यु बाउंड्री के फैंस को चेक किया, अंदाज़ा सही था, करंट दौड़ रहा था ऊपर के लोहे में।
जेके, अपस्यु को बिजली विभाग वाला ग्लोब्स थामते हुए कहा… "सिक्योरिटी गार्ड के ऑफिस में करंट ऑफ का तरीका मिल जाएगा, जल्दी करना।"
अपस्यु तेजी से उस बाउंड्री पर चढ़ गया। बॉडी तो पुरा मास्क पहले से थी, मोटे परत की ग्लोब्स लगने के बाद, झटका का कोई सवाल ही नहीं था। लेकिन अंदर आते ही मोशन सेंसर एक्टिव हो गए और तुरंत ही अलार्म भी बजने लगा।
यह एक अलर्ट अलार्म था जो केवल सिक्योरिटी वालों के लिए था। सिक्योरिटी वाले ने अपस्यु को देखा और उसने सभी गार्ड और बॉडी गार्ड को तुरंत अलर्ट अलार्म से जगाना शुरू किया। जब तक वो सभी बाहर आते, तबतक अपस्यु गेट पर खड़े गार्ड के केबिन में दाखिल हो गया और सभी अलार्म एक साथ ऑन करके फैंस करंट सप्लाई को बंद कर दिया।
अपस्यु को तो वक़्त काटना था। अपना काम करने के बाद अपस्यु ने जेके को बढ़ने के लिए संकेत दिया और खुद वहां के लॉन में आकर गार्ड से लरने की तैयारी करने लगा।
पहले तो उसपर फायरिंग शुरू हुई, लेकिन अपस्यु के बुलेट प्रूफ जैकेट के आगे सब बेअसर था। सभी गार्ड तेजी से अपस्यु के ओर दौड़े। अपस्यु भी तेजी से भागता हुआ लॉन के चक्कर लगाने लगा। अपस्यु को पकड़ने के लिए वो सभी गार्ड जो एक साथ दौड़ रहे थे, सब बिखर गए और अलग अलग दिशा से अपस्यु को पकड़ने की कोशिश करने लगे।
अपस्यु के पीछे से 2 गार्ड दौड़ लगा रहे थे और सामने से 2 चले आ रहे था। अपस्यु अपने दोनो मुट्ठी में छोटी सी चाकू दबाए आगे बढ़ा और अपने घुटनों पर आते हुए दोनो गार्ड के पाऊं को काटते हुए आगे फिसल गया और वो दोनो पीछे जाकर गिर पड़े।
अपस्यु खड़ा होकर फिर से दौड़ लगा चुका था। देखते ही देखते बिखरे हुए गार्ड अब कर्राहते हुए जमीन कर बैठे कोई पाऊं पकड़े था, तो कोई अपने पेट के स्क्रैच को संभाले था।
इधर जेके अपने तय समय पर काम खत्म करके अपस्यु को लौटने के संकेत देने ही वाला था कि वहां पुलिस के कई जीप की सायरन की आवाज़ आने लगी। अपस्यु को भनक थी कि ऐसा कुछ होने वाला है इसलिए ऐमी को वो बाहर रहने कहा था।
ऐमी बाहर अपना काम कर चुकी थी। आने वाले दो ओर के रास्ते को वो वहां बाहर खड़ी जितनी भी कार थी उससे ब्लॉक कर चुकी थी और जिन कार के पेट्रोल पाइप काट सकती थी उनके काटकर सबको आग के हवाले कर चुकी थी।
जेके दोनो की होशियारी पर खुश होते हुए अपस्यु को लौटने का संकेत दिया। जबतक 2 मुख्य मार्ग से पुलिस पैदल गस्त करती हुई पहुंचती, चारो जेके की कार में छोटी सी गली के रास्ते, जेके के ठिकाने तक पहुंच चुके थे।
इधर अपार्टमेट में पागल कर देने वाले इस सिऊंड ने पूरे अपार्टमेंट को परेशान कर रखा था और श्रेया के लिए चिंता का विषय उसके साथी की गिरती नवज थी। उसके लिए पहले से पदेशनी कम थी क्या जो अब ये साउंड। श्रेया फ्लैट नंबर102 से निकलकर अन्य लोगों की तरह ही अपार्टमेंट सेक्रेटरी के घर पर हल्ला बोल दी।
श्रेया तकरीब 5 मिनट वहां रुकी और वापस उस फ्लैट में पहुंचीं। जब वो वापस पहुंची और वहां का नजारा देखी, उसके होश ही उड़ गए। श्रेया पागलों की तरह छटपटाने लगी और नागिन सी फुफकार मारने लगी।
श्रेया अपने फ्लैट में पागलों कि तरह भटक रही थी। कुछ ही देर में उसके लोग श्रेया के फ्लैट में पहुंचे।… "तुम लोग ने 102 में देखा या नहीं।"..
गुफरान आंखों से धधकते शोले निकालते….. "5 साथी मारे गए हैं और हम यहां बस योजना बना रहे है। अभी वो कुत्ता और उसकी गर्लफ्रंड अंदर ही होगी। पहले उसे ठोको फिर समझते रहेंगे की क्या करना है।"..
तकरीबन 10 साथी उनके जमा थे, सब लोग "हां हां" करने लगे। श्रेया सबकी भावनाओ में शरीक होती हुई कहने लगी…. "पापा को अपनें लिए एक कातिल चाहिए तो कहीं और से इंतजाम करेंगे। परिणाम का बाद में सोचेंगे पहले साफ करो दोनो को। हां लेकिन सब साथ रहना। क्योंकि हमें उसे कमज़ोर नहीं समझना चाहिए।"..
जेन:- स्प्रे मारकर बेहोश करेंगे फिर इत्मीनान से उसके अंग-अंग को चीरकर अपने कलेजे कि आग को ठंडा करेंगे। सब लोग मस्क पहनो और स्प्रे लो।
बस कुछ ही पल में सब तैयार हो गए। स्टाफ क्यूटर्स के दरवाजे से सब लोग अपस्यु के फ्लैट दाखिल हुए। अंधेरे हॉल में जैसे ही उन लोगों ने रौशनी की… हॉल में लगा प्रोजेक्टर चलने लगा और वहां आवाज़ गूंजने लगी…. "मुझे मारने आए आप सभी लोगों को नमस्कार। मैं रात के 3-5 के बीच, तुम लोगों को भाड़े पर काम देने वाले जगदीश राय को साफ कर रहा होऊंगा, उसके बाद घूमने निकल जाऊं वो मूड पर है।"..
"खैर ये सब तो तुम्हारे काम की बात नहीं थी, लेकिन अब जो कह रहा हूं उसे सुनने और समझने में कोई चूक ना हो। यदि मुझे मारने कि इक्छा हो तो जगदीश राय के बंगलो आ जाना, वरना अपने 5 लोगों की लाश 102 से उठाकर निकल जाओ। कॉन्ट्रैक्ट मुझे मारने का मिला था तो मुझे मारना चाहिए था, मेरे परिवार पर हमला करना माफी के लायक नहीं।"
"तुम्हारे ग्रुप को मै केवल एक चेतावनी देकर मै छोड़ रहा हूं, कि उन पांचों की डिटेल मैंने अपने पास रख ली है। अगली बार मुझे शंका हुआ कि तुमने मेरी सुपाड़ी ली है, तो मै तुम्हारा पता लगाऊंगा। पहले मारूंगा और फिर तुम्हारी लाश से पूछना शुरू करूंगा…. "भाई बता अब तुझे किसने मुझे मारने कि सुपाड़ी दी थी, या अपने 5 लोगों का बदला लेने आया है"। ज़िन्दगी प्यारी हो तो बदला भूल जाओ वरना मृत्यु ही एक मात्र सत्य है और मैं, अपस्यु रघुवंशी, उस सत्य से तुम सबको अवगत करवा दूंगा।"…
अपस्यु का संदेश सुनने के बाद सब लोग अजीब ही गुस्से के साथ, श्रेया के फ्लैट में लौटे और हर कोई अपस्यु पर हुए आज के हमले के बारे ने पूछने लगा। किसी को खबर नहीं थी कि यह स्टेप लिया जा चुका है। श्रेया सबको शांत करती हुई कहने लगी….
"कल रात अपस्यु से बात करने के बाद मुझे लगा कि वो ऐमी या आरव के लिए कुछ भी कर सकता है। जगदीश राय पर एजेंसी वालों का सिकांजा बढ़ रहा था यदि वो गवाह बान जाता या अपना मुंह खोल देता तो पदेशानी का कारन बन जाता, इसलिए यह फैसला लिया गया था।"
गुफरान:- इसका मतलब जित्तू (वहीं आदमी जिसे ऐमी ने जहर का इंजेक्शन दिया था) को इन्हीं दोनो ने कुछ किया था और तुम कह रही थी इन दोनों (अपस्यु और ऐमी) के डिक्की में माइक्रोफोन और जीपीएस फिट करने घुसा था। तुमने हमसे पूरी कहानी छिपाई।
प्रदीप:- श्रेया, तुम्हारे बकवास प्लान के वजह से हमारे 5 साथी मारे गए। साफ शब्दों में कह गया अगली बार कुछ होगा तो हमारे ग्रुप का वो पता लगाएगा… जब तुम उसे अपने जाल म फसा ही रही थी फिर उसके परिवार पर हमला करवाने किसने कहा था। उसमे भी तुमने ऐमी को चुना। वो तो खुद भी एक ट्रेंड फाइटर है और शायद हम सब से बेहतर हो। ऊपर से दोनो को देखी थी ना इंडिया गेट पर, फिर भी उसपर हमला। जहालत है ये तो….
श्रेया:- मुझे लगा जिस लड़की से वो प्यार करता है, उसके घायल होने या मरने के बाद, वो अपना आपा खोकर बिना कुछ सोचे जगदीश राय को खत्म कर देगा और उसका वकील सिन्हा तो उसे निकाल ही लेगा, इसलिए मैंने सब कुछ प्लॉट कर दिया।
जेन उसे एक थप्पड़ खींचकर मारती…. "देख लिया उसको उकसाने का नतीजा। खुद ही कहती थी ना की उसके जैसा एक भी अपने टीम में हो फिर तो दुनिया जीत लेंगे। हर पॉवर को क़दमों में लाकर झुका देंगे। फिर क्यों उसको छेड़ दी।"
श्रेया:- कल पिए म जब उसको सुनी तो लगा कि उसे हम कुछ ज्यादा ही आंक रहे है। सेक्स और पॉवर उसकी भी ख्वाहिश है और इसका भी दिमाग आम लड़कों जितना ही है, बस एबिलिटी थोड़ी ज्यादा है।
प्रदीप:- आम लड़का, हाहाहाहा… उस भूत को आम लड़का समझ रही थी। 5 मिनट में तो उसने 4 लोगों को काट दिया। कब आया कब गया कीसी को भनक तक नहीं। तुम उसे फसाने के लिए जाल बुन रही थी और उसने डिक्की में जिसे बंद किया, उसपर बाहर से नजर रखवाए था। उसने पता भी लगा लिया कि हम जित्तू को 102 में लेकर गए है और तुम फालतू की टेक्नोलॉजी से उसके बदन में ट्रैकिंग डिवाइस ढूंढ रही थी।
"हमारे साथियों को मारने के बाद कितने विश्वास से कहता गया है कि वो अब जगदीश राय को साफ करेगा। वही जगदीश राय जिसपर 3 बार हमले करवा चुके है पर उल्टा मुह की खाने पड़ी थी। उसे तो यहां तक पता था कि उसने क्या किया और लोग उसे कहां ढूंढने आ सकते है। शुक्र करो उसने अपने घर में मौत का जाल नहीं बिछा रखा था। सामान्य सा लड़का है बस… । तुम जरा अपनी ओवर स्मार्टनेस कम करो श्रेया तो हमसब के लिए अच्छा होगा। भूत जैसे शिकारी को फसाने की चाहत है और अक्ल रत्ती भर भी नहीं।"
गुफरान भी गुस्से में लाल होते… "ऐमी को कोई मारने आया था, सिर्फ इस ख्याल से ही उसने सबकी बलि ले ली। परिवार की बीच रहने वाला मासूम सा लड़का जिसके चाकू का घाव देखकर यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि ये वही मासूम है। उसे तुम इतना कम कैसे आंक सकती है। बिना सोचे जब वो इतना कर सकता है, फिर जब ध्यान स सोचकर करेगा तो अंदाज़ा भी है वो क्या कर सकता है और कहां तक घुस सकता है। बदला भूलकर पहले सबूत मिटाओ और सर्विलेंस पर रखो 24 घंटे, ताकि पता तो चले ये हमारे ग्रुप के पीछे पड़ा है कि नहीं। अच्छा हुआ वो फ्लैट ने नहीं था वरना 10 लोगों में से 5-7 को तो लपेट ही लेता।
जेन:- जिस श्रेया को हम अपने पापा की तरह चालक समझ रहे थे वो तो आज बेवकूफी कर गई और तुम गुफरान बोलते बोलते फिर से साबित कर दिए की तुम सबसे बड़े बेवकूफ हो। सब कुछ आंखों के सामने है, फिर भी ये सोच रहे हो कि उसकी जगह पर तुम 10 लोग टिक जाते। 4 सूरमा को तो 5 मिनट में उनकी जगह पर साफ कर दिया और तुम्हारे यकीन कि मै दाद देती हूं , उसके घर में घुसकर 10 लोग जाओगे मारने। बस भी करो तुम लोग और जाकर पहले सबूत मिटाओ ताकि वो हम तक पहुंचने का उसे कोई लिंक ना मिले।
श्रेया:- जेन सही कह रही है। वैसे भी अपस्यु ने यह कत्ल, यह सोचकर किया की किसी ने उसके ऐमी को मारने की कोशिश की थी, इसलिए आवेश में उसने 5 कॉन्ट्रैक्ट किलर को मारा डाला। अब उसे मारने गया है जिसने ये कॉन्ट्रैक्ट दिया था। मतलब साफ है, परिस्थिति कैसी भी हो वो अपना आपा नहीं खोने वाला। तुम सब सही कह रहे हो, हमारे 5 साथी के मरने के पीछे केवल और केवल मेरी बेवकूफी थी और अपस्यु उसे हमारा साथी के तौर पर नहीं बल्कि अलग सोच के साथ कत्ल किया है। उसके पीछे जाने से अच्छा है कि मेरी बेवकूफी को भूलकर उसे साथ मिलाकर काम किया जाए।
सभी लोग अभी बात कर ही रहे थे कि श्रेया के पास कॉल आया… "पापा आप इतनी रात को जाग क्यों रहे हो।"
पापा:- क्योंकि मै तुम्हारी पहली सफलता पर बधाई देना चाहता हूं। जिस सोच के साथ अपस्यु पर दाव खेला था वह सही हो गया। उम्मीद से परे है इसका काम और इसे मुमकिन तुम्हारी कोशिश ने बनाया है। इसे पूरे काबू में रखो ये लड़का कुछ भी कर सकता है।
श्रेया को लग गया कि हो ना हो अपस्यु ने जगदीश राय को खत्म कर दिया होगा। श्रेया ने तुरंत न्यूज लगाया और न्यूज में अभी वही चल रहा था… "मशहूर उदयोगपति जगदीश राय के घर में घुसकर, कुछ अज्ञात लोगों ने उसका कत्ल कर दिया। पुलिस मामले की छानबीन में लगी।"… टीवी की न्यूज सभी आंख फाड़े देख रहे थे और बस अपस्यु के क्षमता के बारे में पुनः आकलन करने में जुट गए।