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- Dec 5, 2013
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तेरा ध्यान किधर है?
राहुल सर ने बहुत तेज आवाज में kaha...Sumit की ये लापरवाही उन्हें बिलकुल पसंद नहीं आया.
सुमित:- सॉरी sir...Kuch देर के लिए कंसन्ट्रेट नहीं कर पा रहा था.
1 घंटे के सर्जरी के बाद चाहते हुए भी सुमित सर्जरी में ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा था.
फिर सुमित सर्जरी में ध्यान देने लगा.
डॉ. राहुल:- बहुत बार कह चूका हूँ जितना ड्यूटी टाइम तुम लोगो का hai...Utna hi काफी hai...Lekin तुझे तो ओवरटाइम करना hai...Aur इतना सर्जरी कर चूका है पिछले एक हफ्ते में की इस सर्जरी में कंसन्ट्रेट नहीं कर पाए रहा है.
ये तुरप (प्रोस्टेट सर्जरी) है...90 मं से ज्यादा टाइम लग गया तो सर्जरी को यही रोकना padega...Aur तू है की हर चीज में देरी कर रहा है.
राहुल सर का हाथ (सर्जरी के लिए) और मुंह दोनों एक साथ चल रह था.
सुमित:- सर ओवरटाइम का प्रॉब्लम नहीं hai...Ussi से कॉन्फिडेंस बढ़ रहा hai...Aaj किसी सोच में अटका हुआ hun...Usse बाहर निकल hi नहीं पा रहा हूँ.
डॉ. राहुल:- गेट आउट.
पहली बार राहुल सर ने सुमित के चेहरा को देखते हुए कहा.
सुमित:- सॉरी सर?
हैरानी के साथ सुमित ने पूछा.
डॉ. राहुल:- अब्ब क्या हिंदी में बताना पड़ेगा.
सर का गुस्सा देख सुमित भी अब्ब बिना कुछ बोले वह से निकल गया.
उससे अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था.
बाहर आ कर ओट ड्रेस चेंज कर के वो हॉस्पिटल प्रेमिसे से बाहर निकल जाता है.
तभी वो आशीष को फ़ोन लगाता है.
आशीष:- हाँ bol...Jarur कोई काम होगा? वर्ण तू क्यों याद करेगा मुझे!!
सुमित:- अब्ब और नहीं होगा मुझसे.
आशीष:- क्या मतलब?
सुमित:- अब्ब तो समझ जा topic...Explain करने की मूड में नहीं हूँ.
आशीष:- इस बार भी जल्दबाज़ी!!!
सुमित:- नहीं इस बार देर कर चूका hun...Abb मुझसे नहीं हो paayega...Thak चूका हूँ खुद को बदलने की हर एक कोशिश करके.
आशीष:- मुझे अभी भी जल्दबाज़ी hi लग रहा है.
सुमित:- इस बार फैसला कर चूका hun...Bas तुझे ये बता रहा हूँ की इस टॉपिक में कोई बायत मत करना और सुग्गेस्टिव तो देना hi mat..Abb छिड़ होने लगा है mujhe...Abb तो ये मेरा पर्सनल लाइफ के साथ साथ प्रोफेशनल लाइफ पर भी असर दाल रहा है.
इतना कह कर सुमित फ़ोन कट कर देता है.
कॉफ़ी के दो घूँट hi पीया था की संजना भी वह आ गयी.
संजना:- पागल हो क्या तुम? सर्जरी करते वक्त ऐसा केयरलेस कैसे कर सकते हो तुम?
सुमित:- प्लीज Sanjana....Jaao यहाँ se...Abhi मूड ठीक नहीं है.
संजना:- ऐसे कैसे?
सुमित:- प्लीज जाओ.
इस बहार सुमित के आवाज में गुस्सा भी था.
सुमित की इस रूप से हैरान हो कर संजना वह से निकल जाती है.
आधा घंटा के बाद सुमित के मोबाइल में फ़ोन आता hai...Phone राहुल सर का था.
डॉ. राहुल:- ध्यान कहा था आज तेरा?
सुमित:- सॉरी sir...Kuch पर्सनल प्रॉब्लम था इस वजह से.
डॉ. राहुल:- शायद ये परेशानी अभी भी hoga...Abhi ज्यादा कुछ कहूंगा नहीं.
देख एक बात कहता हूँ अच्छे से sunn...Chahe कितना भी बड़ा सर्जन बन जा लेकिन सर्जरी करते वक्त दिमाग एकदम स्थिर rakh...Aise हजार तरह के सोच के साथ करेगा तो पेशेंट के साथ साथ अपने लिए भी परेशानी खड़ा करेगा.
आज तू हर के स्टेप में गलती कर रहा tha...Painting से ले कर इरीगेशन तक और देर इतना कर रहा था की पेशेंट को कभी भी वाटर इंटोक्सिकेशन सिंड्रोम (कम्प्लीकेशन) हो सकता tha...Tera स्किल और नॉलेज बहुत अच्छा है लेकिन कुछ ऐसी गलती से हमेशा बच.
परवल प्रॉब्लम सब का होता hai...Usse suljha...Agar नहीं सुलझ रहा है तो और टाइम ले लेकिन ऐसे आधा मन के साथ सर्जरी कभी मत करना.
आज गुस्सा तो आ रहा था लेकिन इतना भी नहीं की तुझे निकाल diya...Aisa हर रेजिडेंट (MD/MS स्टूडेंट) के साथ देखा है maine...Tujhe ओट रूम से निकलने का वजह ये समझाना था की कितना बड़ा गलती कर रहा है तू.
सुमित:- समझ गया sir....Aaj मई खुद शर्मिन्दा हूँ इस गलती से.
डॉ. राहुल:- अब्ब मत dohrana...Aur हाँ बार बार एक hi गलती मुझे बिलकुल भी पसंद नहीं.
इतना कह कर राहुल सर फ़ोन कट कर देते है.
सुमित अभी भी साफé में बैठा था और इतने में उसके मोबाइल में एक मैसेज आता है.
मेघा:- कहा बिजी हो सर्जन?
और फिर मेघा का फ़ोन आता hai...Lekin सुमित मोबाइल स्विच ऑफ करके वह से निकल जाता है.
प्रेजेंट
एक लड़की ने दूर khola...Usse देखते hi.
सुमित:- इस बार लेट नहीं किया डार्लिंग तुमने.
कीर्ति:- तुम हो संजना!!!!
जाना पहचाना चेहरा देख कीर्ति कुछ ज्यादा hi हैरान रह गयी.
सुमित ने तो बिना देखे hi कह दिया tha...Lekin जब सुमित की नजर उस लड़की पर पड़ा तो.
सुमित:- ओह्ह सॉरी!!
लड़की:- बहुत जल्दबाज़ी में लग रहे है जीजू आप.
कीर्ति:- जीजू?
कीर्ति की दिमाग चकराने लगा था अब्ब.
कीर्ति:- तुम तो मेघा की दोस्त हो ना? एक दो बार देखा है.
लड़की:- हाँ कीर्ति.
कीर्ति को इस में भी हैरानी हुआ.
लड़की:- अरे कंफ्यूज मत ho...Memory अच्छा है mera...Kisi से मिल लू तो उसकी चेहरा और नाम बहुत मुश्किल से भूलती हूँ.
सुमित:- बातों में इंट्रोडस करना भूल hi गया.
ये है मेरी साली साहिबा मिस Anita...Jo अपने दोस्त मेघा से मिलने यहाँ आयी है.
सुमित:- (तो अनीता) लेकिन मेघा कहा गयी?
अनीता:- Hospital...Abhi गयी hai...Kuch जरुरी काम था शायद.
कीर्ति:- लेकिन मेघा से मिलने यहाँ क्यों आयी हो? कोई कुछ जवाब देता उससे पहले सुमित के मोबाइल में फ़ोन आता है.
सुमित:- हाँ संजना बोलो.
कीर्ति के भी कान खड़े हो गए abb...Lekin दूसरी तरफ की कोई आवाज कीर्ति को सुनाई नहीं दिया.
सुमित:- Ok मई आ रहा हूँ.
फ़ोन कट करने के बाद.
सुमित:- एक इमरजेंसी केस hai...Intestinal ऑब्स्ट्रक्शन का...3-4 घंटे बाद आऊंगा.
कीर्ति:- ये सर्जरी तो फाइनल ईयर रेजिडेंट भी कर सकते hai...Tum hi क्यों?
सुमित:- Sorry...Intestinal ऑब्स्ट्रक्शन ट्यूबरक्लोसिस की वजह से hai...Agar थोड़ा भी गलती हुआ तो एडहेसिव की वजह से बार बार ऑब्स्ट्रक्शन होता रहेगा.
कीर्ति:- और तुम ये सर्जरी कर पाओगे?
सुमित:- क्यों नहीं? प्रैक्टिस बहुत किया hai....Ovetime कर कर ke...Final ईयर तो प्यार और मोह माया से उठ कर ोवेटीमे सर्जरी में बिता hai...Issi का फायदा है. :डी
सुमित ने मुस्कुराते हुए कहा और यही बात कीर्ति की दिल में चुभ गया.
सुमित:- अच्छा चलता hun...Aate वक्त मेघा से भी मिलवा dunga...Puraani दोस्ती नाम के लिए hi सही लेकिन है.
कीर्ति का दिमाग अब्ब फटने hi वाला था कन्फूसिओं की वजह se...Sumit की शादी की बात से पहले hi उसकी दिल टूट गया था और ऊपर से ये कन्फूसिओं.
सुमित की शादी संजना से हुआ है तो मेघा यहाँ क्या कर रही है? सुमित की आवाज में अभी संजना के लिए वो प्यार नहीं था जो हॉस्पिटल से आते वक्त था और गेट खुलने के बाद?
और उससे भी बड़ा sawaal...Kaun है संजना?
यही सवाल कीर्ति को बार बार परेशान कर रहा था.
तेरा ध्यान किधर है?
राहुल सर ने बहुत तेज आवाज में kaha...Sumit की ये लापरवाही उन्हें बिलकुल पसंद नहीं आया.
सुमित:- सॉरी sir...Kuch देर के लिए कंसन्ट्रेट नहीं कर पा रहा था.
1 घंटे के सर्जरी के बाद चाहते हुए भी सुमित सर्जरी में ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहा था.
फिर सुमित सर्जरी में ध्यान देने लगा.
डॉ. राहुल:- बहुत बार कह चूका हूँ जितना ड्यूटी टाइम तुम लोगो का hai...Utna hi काफी hai...Lekin तुझे तो ओवरटाइम करना hai...Aur इतना सर्जरी कर चूका है पिछले एक हफ्ते में की इस सर्जरी में कंसन्ट्रेट नहीं कर पाए रहा है.
ये तुरप (प्रोस्टेट सर्जरी) है...90 मं से ज्यादा टाइम लग गया तो सर्जरी को यही रोकना padega...Aur तू है की हर चीज में देरी कर रहा है.
राहुल सर का हाथ (सर्जरी के लिए) और मुंह दोनों एक साथ चल रह था.
सुमित:- सर ओवरटाइम का प्रॉब्लम नहीं hai...Ussi से कॉन्फिडेंस बढ़ रहा hai...Aaj किसी सोच में अटका हुआ hun...Usse बाहर निकल hi नहीं पा रहा हूँ.
डॉ. राहुल:- गेट आउट.
पहली बार राहुल सर ने सुमित के चेहरा को देखते हुए कहा.
सुमित:- सॉरी सर?
हैरानी के साथ सुमित ने पूछा.
डॉ. राहुल:- अब्ब क्या हिंदी में बताना पड़ेगा.
सर का गुस्सा देख सुमित भी अब्ब बिना कुछ बोले वह से निकल गया.
उससे अपने आप पर बहुत गुस्सा आ रहा था.
बाहर आ कर ओट ड्रेस चेंज कर के वो हॉस्पिटल प्रेमिसे से बाहर निकल जाता है.
तभी वो आशीष को फ़ोन लगाता है.
आशीष:- हाँ bol...Jarur कोई काम होगा? वर्ण तू क्यों याद करेगा मुझे!!
सुमित:- अब्ब और नहीं होगा मुझसे.
आशीष:- क्या मतलब?
सुमित:- अब्ब तो समझ जा topic...Explain करने की मूड में नहीं हूँ.
आशीष:- इस बार भी जल्दबाज़ी!!!
सुमित:- नहीं इस बार देर कर चूका hun...Abb मुझसे नहीं हो paayega...Thak चूका हूँ खुद को बदलने की हर एक कोशिश करके.
आशीष:- मुझे अभी भी जल्दबाज़ी hi लग रहा है.
सुमित:- इस बार फैसला कर चूका hun...Bas तुझे ये बता रहा हूँ की इस टॉपिक में कोई बायत मत करना और सुग्गेस्टिव तो देना hi mat..Abb छिड़ होने लगा है mujhe...Abb तो ये मेरा पर्सनल लाइफ के साथ साथ प्रोफेशनल लाइफ पर भी असर दाल रहा है.
इतना कह कर सुमित फ़ोन कट कर देता है.
कॉफ़ी के दो घूँट hi पीया था की संजना भी वह आ गयी.
संजना:- पागल हो क्या तुम? सर्जरी करते वक्त ऐसा केयरलेस कैसे कर सकते हो तुम?
सुमित:- प्लीज Sanjana....Jaao यहाँ se...Abhi मूड ठीक नहीं है.
संजना:- ऐसे कैसे?
सुमित:- प्लीज जाओ.
इस बहार सुमित के आवाज में गुस्सा भी था.
सुमित की इस रूप से हैरान हो कर संजना वह से निकल जाती है.
आधा घंटा के बाद सुमित के मोबाइल में फ़ोन आता hai...Phone राहुल सर का था.
डॉ. राहुल:- ध्यान कहा था आज तेरा?
सुमित:- सॉरी sir...Kuch पर्सनल प्रॉब्लम था इस वजह से.
डॉ. राहुल:- शायद ये परेशानी अभी भी hoga...Abhi ज्यादा कुछ कहूंगा नहीं.
देख एक बात कहता हूँ अच्छे से sunn...Chahe कितना भी बड़ा सर्जन बन जा लेकिन सर्जरी करते वक्त दिमाग एकदम स्थिर rakh...Aise हजार तरह के सोच के साथ करेगा तो पेशेंट के साथ साथ अपने लिए भी परेशानी खड़ा करेगा.
आज तू हर के स्टेप में गलती कर रहा tha...Painting से ले कर इरीगेशन तक और देर इतना कर रहा था की पेशेंट को कभी भी वाटर इंटोक्सिकेशन सिंड्रोम (कम्प्लीकेशन) हो सकता tha...Tera स्किल और नॉलेज बहुत अच्छा है लेकिन कुछ ऐसी गलती से हमेशा बच.
परवल प्रॉब्लम सब का होता hai...Usse suljha...Agar नहीं सुलझ रहा है तो और टाइम ले लेकिन ऐसे आधा मन के साथ सर्जरी कभी मत करना.
आज गुस्सा तो आ रहा था लेकिन इतना भी नहीं की तुझे निकाल diya...Aisa हर रेजिडेंट (MD/MS स्टूडेंट) के साथ देखा है maine...Tujhe ओट रूम से निकलने का वजह ये समझाना था की कितना बड़ा गलती कर रहा है तू.
सुमित:- समझ गया sir....Aaj मई खुद शर्मिन्दा हूँ इस गलती से.
डॉ. राहुल:- अब्ब मत dohrana...Aur हाँ बार बार एक hi गलती मुझे बिलकुल भी पसंद नहीं.
इतना कह कर राहुल सर फ़ोन कट कर देते है.
सुमित अभी भी साफé में बैठा था और इतने में उसके मोबाइल में एक मैसेज आता है.
मेघा:- कहा बिजी हो सर्जन?
और फिर मेघा का फ़ोन आता hai...Lekin सुमित मोबाइल स्विच ऑफ करके वह से निकल जाता है.
प्रेजेंट
एक लड़की ने दूर khola...Usse देखते hi.
सुमित:- इस बार लेट नहीं किया डार्लिंग तुमने.
कीर्ति:- तुम हो संजना!!!!
जाना पहचाना चेहरा देख कीर्ति कुछ ज्यादा hi हैरान रह गयी.
सुमित ने तो बिना देखे hi कह दिया tha...Lekin जब सुमित की नजर उस लड़की पर पड़ा तो.
सुमित:- ओह्ह सॉरी!!
लड़की:- बहुत जल्दबाज़ी में लग रहे है जीजू आप.
कीर्ति:- जीजू?
कीर्ति की दिमाग चकराने लगा था अब्ब.
कीर्ति:- तुम तो मेघा की दोस्त हो ना? एक दो बार देखा है.
लड़की:- हाँ कीर्ति.
कीर्ति को इस में भी हैरानी हुआ.
लड़की:- अरे कंफ्यूज मत ho...Memory अच्छा है mera...Kisi से मिल लू तो उसकी चेहरा और नाम बहुत मुश्किल से भूलती हूँ.
सुमित:- बातों में इंट्रोडस करना भूल hi गया.
ये है मेरी साली साहिबा मिस Anita...Jo अपने दोस्त मेघा से मिलने यहाँ आयी है.
सुमित:- (तो अनीता) लेकिन मेघा कहा गयी?
अनीता:- Hospital...Abhi गयी hai...Kuch जरुरी काम था शायद.
कीर्ति:- लेकिन मेघा से मिलने यहाँ क्यों आयी हो? कोई कुछ जवाब देता उससे पहले सुमित के मोबाइल में फ़ोन आता है.
सुमित:- हाँ संजना बोलो.
कीर्ति के भी कान खड़े हो गए abb...Lekin दूसरी तरफ की कोई आवाज कीर्ति को सुनाई नहीं दिया.
सुमित:- Ok मई आ रहा हूँ.
फ़ोन कट करने के बाद.
सुमित:- एक इमरजेंसी केस hai...Intestinal ऑब्स्ट्रक्शन का...3-4 घंटे बाद आऊंगा.
कीर्ति:- ये सर्जरी तो फाइनल ईयर रेजिडेंट भी कर सकते hai...Tum hi क्यों?
सुमित:- Sorry...Intestinal ऑब्स्ट्रक्शन ट्यूबरक्लोसिस की वजह से hai...Agar थोड़ा भी गलती हुआ तो एडहेसिव की वजह से बार बार ऑब्स्ट्रक्शन होता रहेगा.
कीर्ति:- और तुम ये सर्जरी कर पाओगे?
सुमित:- क्यों नहीं? प्रैक्टिस बहुत किया hai....Ovetime कर कर ke...Final ईयर तो प्यार और मोह माया से उठ कर ोवेटीमे सर्जरी में बिता hai...Issi का फायदा है. :डी
सुमित ने मुस्कुराते हुए कहा और यही बात कीर्ति की दिल में चुभ गया.
सुमित:- अच्छा चलता hun...Aate वक्त मेघा से भी मिलवा dunga...Puraani दोस्ती नाम के लिए hi सही लेकिन है.
कीर्ति का दिमाग अब्ब फटने hi वाला था कन्फूसिओं की वजह se...Sumit की शादी की बात से पहले hi उसकी दिल टूट गया था और ऊपर से ये कन्फूसिओं.
सुमित की शादी संजना से हुआ है तो मेघा यहाँ क्या कर रही है? सुमित की आवाज में अभी संजना के लिए वो प्यार नहीं था जो हॉस्पिटल से आते वक्त था और गेट खुलने के बाद?
और उससे भी बड़ा sawaal...Kaun है संजना?
यही सवाल कीर्ति को बार बार परेशान कर रहा था.