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- Dec 5, 2013
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जहा में बुआ की साथ इन सब बातो में व्यस्त था वही सीमा दीदी भी हॉल से उठ कर अब कामिनी भाभी के रूम के दरवाजे पर पहुंच चुकी थी, दरवाजा खुला हुआ hi था इसलिए एक हलके धक्के से hi खुल जाता है हुए कामिनी भाभी अंदर बिंदास सोइ हुई होती है. दीदी उनके पास जा कर उनको आवाज देते हुए जगती है.
सीमा: भाभी अगर कॉलेज की थकन दूर हो गयी हो और नींद पूरी हो चुकी हो तो अब जग भी जाइये हहै.
कामिनी, अपनी ननद की आवाज सुन जागते हुए: ओह्ह्ह सीमा दी आप कब आई.
सीमा: में बस अभी अभी आई, सोचा आपको जगा दू काफी वक्त से सो रही हैं हहै.
कामिनी, उठ कर बीएड के धक्के से लग बैठते हुए: हहै हाँ आज कुछ ज्यादा hi थकन लग गई थी, वैसे आज हमारी ननद को हमारी यद् कैसे ाँ पड़ी भला.
सीमा, बीएड पर बैठते हुए: रहने भी दो भाभी आप तो ठीक है न, ये कहो की आपके पास टाइम नहीं रहा अब, मुझे आये हुए कितने दिन हुए आपने सही से बात भी नहीं की अब तक और मुझे सुना रही हो.
कामिनी: हहै अरे अब आप देख तक रही हो कॉलेज में hi पूरा दिन निकल जाता है समय कहा बचता है.
सीमा: हहै हाँ ी कैन अंडरस्टैंड भाभी और ये क्या दीदी और आप आप लगा रखा है, हम अछि दोस्त है ननद भाभी से पहले तो ये दीदी मत कहा करो हहै.
कामिनी: ः ठीक है ठीक है सीमा, ाचा हुआ तुम अभी आ गयी इसी बहाने कैच बाटे hi हो जाएँगी.
सीमा: हाँ में भी यही सोच कर चली आई हहै.
कामिनी: हम्म्म और बताओ किसी चल रही है मैरिड लाइफ तुम्हारी, अशोक खुश तो रखता है न अचे से (आँख मरते हुए), हहै
सीमा: ः क्या भाभी आप भी.
कामिनी: अरे अब मुझसे क्या शर्माना भला, वैसे तुझमे आये बदलावों को देख कर तो लगता है की अचे से खुश रखते है हमारे नन्दोई जी आपको हहै.
सीमा: हहै, ाचा और जैसे आप तो भैया के साथ खुश hi नहीं, मुझसे ज्यादा अपने आप ने बदलाव देखो कितने उभर उभर कर सामने आ रहे है ः.
कामिनी ने घर आने के बाद वापस कपडे बदल एक कुरता और लेग्गिंग डाला हुआ था जिसमे उसकी आधी चूचिया हमेषः की तरह क्लीवेज के रूप में साफ झलक रही थी.
कामिनी, हहै हाँ खुश तो हु में लेकिन इसका कारन तुम्हरे बड़े भाई नहीं छोटा भाई है : हहै अब तुमसे क्या छिपाना सीमा, तुमभी शादी शुदा हो और अब शरीर की जरूरतों को अचे से समझती हो, और ये भी अचे से समझती हो की मर्द को रिझाने के लिए इन उभारो की कितनी जरुरत होती है हहै.
सीमा, हस्ते हुए: हेहेहे हैए दिया देखो तो कैसे बेशरम हो खुल कर मन भी रही हो.
कामिनी: हहै अब तुमसे कैसा शर्माना.
सीमा: हम्म्म वैसे सच कहु न तो आप वाकई एक हॉटनेस की दुकान हो, परफेक्ट फिगर वाली लेडी बन चिकि हो, और देखो ये आपके बूब्स भी कैसे उछाल रहे मनो बहार आने को तड़प रहे हो, इन्हे इतना खुला क्यों छोरा हुआ है हहै.
कामिनी, अपनी चुकी को हाथ से दबा: हहै अब दिन भर कॉलेज रहती हु उतनी देर कैद hi तो रहते है घर पर तो आज़ादी मिलनी चाहिए न जरा, में तो कहती हु तुम भी खुला छोरा करो हहै.
सीमा: हेहेहे नाह ने ऐसे hi ठीक हु कोई जरुरत नहीं खुला चोर्ने की, और वैसे भी आप खुला चोरटी है जिससे की राहुल भैया इनको पकड़ सके और आप मजे ले सके,, मेरे नसीब में यहाँ वो मजे थोड़ी मिलने उल्टा तड़पती रह जाउंगी हहै.
कामिनी: हहै तो तड़पना क्यों, भले मर्दो वाला एहसास न दे पाव पर तुम चाहो तो में इन्हे मसलने और तड़प दूर करने में मदद कर सकती हु हेठे.
सीमा: धत्तत्तत भाभी कुछ भी,, वैसे भी मुझे लेस्बियन सेक्स करने में कोई दिलचस्पी नहीं है हहै.
कामिनी: हेहेहे ाचा बड़ा ठीक है यहाँ ऐसा न करो बूत जब वपद ससुराल जाओ तो अशोक के सामने ये जरूर करना, सच कहती हु मर्दो की सबसे बड़ी कमजोरी होती है हम औरतो की चूचिया, अशोक इन पर टूट न पड़े तो कहना हहै.
सीमा, अशोक का नाम सुन और उसके सामने ये सब करने की बात सुन थोड़ा मायूस होते हुए: कहा भाभी मेरे नसीब में आप जैसे मजे कहाँ हैं, अशोक को इन सब से कोई मतलब hi नहीं मनो.
कामिनी, ननद की बात सुन और उसका मायूस चेहरा देख सीरियस होते हुए: सीमा, क्या बात है, क्या तुम अशोक के साथ खुश नहीं, और ऐसे क्यों बोल रही हो.
सीमा, बात बदलते हुए: नहीं नहीं भाभी ऐसा कुछ नहीं मेने तो बस ऐसे hi बोल दिया.
कामिनी: देख सीमा मुझे अपना फ्रेंड मानती है न तो सच सच बता, मुझे ऐसा लग रहा है की कुछ तो बात है और तू अब मुझसे छिपा रही है.
सीमा, भाभी की आँखों में देखते हुए : क्या बताऊ भाभी आपको अब, बताने लायक कुछ होना भी तो चाहिए न.
कामिनी: देख अब तू मुझे टेंशन में दाल रही गई, तेरे और अशोक के बिच सब ठीक तो है न, बता मुझे.
सीमा, भाभी की बात सुन कमजोर पड़ते हुए: क्या कहु अब आपको भाभी, पहले प्रॉमिस करो घर में किसी से नहीं कहोगी कुछ.
कामिनी: हाँ ी प्रॉमिस किसी से कुछ नहीं कहूँगी, अब जल्दी बताओ.
सीमा : कुछ भी ठीक नहो है मेरे और अशोक के बिच भाभी, नाह अब वो मुझे पहले जैसा प्यार करते हैं, शुरू के दो तीन महीने सब ठीक रहा उसके बाद वो पूरी तरह बदल गए... आप कह रही न की पति को रिझाना चाहिए ंद आल, जिस रिश्ते में अब वो प्यार hi नहीं रहा वगा सेक्स कहा होगा भाभी.
कामिनी, सीमा की बात सुन चौकते हुए: व्हाटटटटट,, ये क्या बोल रही हो तुम, मुजगे यकीं नहीं हो रहा है इन बातो पर और ऐसा क्या हो गया तुम दोनों के बिच जो ये सब....
सीमा: मुझे भी नहीं पता भाभी, में तो अपनी तरफ से अचे से रिश्ता निभा रही हु और अशोक से प्यार भी भोत करती हु पर पता नहीं उन्हें क्या हो गया है.
कामिनी: तो तुमने अशोक से इस बारे में बात क्यों नहीं की, उससे पूछो न की प्रॉब्लम कहा है.
सीमा: सब कर के देख लिया भाभी और वो खुले मुँह कुछ नहीं कहते है और जब भी में ये बात उठती हु वो काम, ऑफिस इन सब का बहाना बना देते हैं. यहाँ आने से पहले भी में सब सॉर्ट करना छह रही थी लेकिन उन्होंने अब्रॉड ट्रिप का बहाना बाबा बात ताल दी.
कामिनी: हम्म्म तो हो सकता है न सीमा की सच में वर्क लोड hi हो इसलिए तुम्हे टाइम न दे प् रहा हो और ऐसे बेहवे कर रहा हो.
सीमा: पता नहीं भाभी पर में उनके आने का वेट कर रही हु बस, अगर सॉर्ट नहीं होता है कुछ तो मुझे नहीं पता क्या होगा बूत में ऐसे बेजान रिश्ते में नहीं रहना चाहूंगी.
कामिनी: अरे पगली ऐसा सोचना hi क्यों है, सब सही होगा देख लेना.
सीमा: हम्म्म्म let's सी एंड होप सो.
कामिनी: हाँ और उसके बाद भी अगर तुम्हे जब भी जरुरत होगी तो तुम्हारी ये भाभी, ये दोस्त हमेशा तुम्हारे साथ हैं.
और ये बोल ननद भाभी एक दूसरे को प्यारा सा हुग कर देते है.
कामिनी, माहौल लाइट करते हुए: वैसे अगर ये बात है तो इसका मतलब मेरी ननद भोत दिनों से प्यार पाने की प्यासी होगी और इसलिए कही आज मेरी चुचिओ को देख अपनी चुचिओ को भी कुछ आज़ादी देने का तो नहीं सोच रही हहै.
सीमा: हहै धत्त भाभी मेरा ऐसा कोई विचार नहीं है और मुझे इतना क्लीवेज दिखाना पसंद भी नहीं है हहै.
कामिनी: वैसे ाचा hi है की पसंद नहीं वार्ना तुम मुझसे भी ज्यादा हॉट एंड सुन्दर हो, तुम्हे देखने के बाद लोगो में मेरी क्लास और वैल्यू नहीं रह जाएगी हहै.
सीमा: हाहाहा भाभी क्या कुछ भी, ऐसा कभी नहीं हो सकता ु र थे हॉटेस्ट, भैया के सच में मजे है हहै.
कामिनी, मजाक में सच कहते हुए: हाहाहा अब बीवी हु उनकी, वो मजे नहीं लेंगे तो सनी लेगा क्या भला हहै.
सीमा: हहै क्या पता अब इतनी हॉट भाभी देख सनी का मन भी ख़राब हो जाये और आप भी कहा काम, कही मेरे भोले भाई को फसा भी लो हेहेहे.
कामिनी, भोला और वो, हैए वो क्या फसेगा, अब तुम्हे कैसे बताऊ की उस भोले सनी के चक्कर में तो मैं खुद फास चुकी हु और उसकी रैंड बसन चुकी हु हहै: हहै हाँ वैसे आईडिया भूरा नहीं है एक से भले दो भाई हहै.
सीमा: ओह माय गॉड भाभी, सच में भोत कामिनी हो आप हेहेहे.
कामिनी: हहै मजाक कर रही हु डोंट वोर्री तुम्हरा छोटा भाई अभी सेफ है हहै.
ये बोलते hi सीमा अपनी भाभी के गले लग जाती है और..
सीमा: थैंक ु दो मच.. आपने मेरा मूड सही जार दिया वापस एंड थैंक यू मेरी भाभी और मेरी फ्रेंड होने के लिए.
कामिनी: अरे इसमें थैंक यू क्या, ननद भाभी दो बहने hi होती है और इस नाते तुम्हरी ख़ुशी में मेरी ख़ुशी है एंड ये न भूलना की में हमेशा तुम्हरे साथ हु, बस ऐसे hi हस्ती रहो बाकि सब ठीक हो जायेगा, कुछ वक्त की बाटे है ये बस.
सीमा: हाँ उम्मीद तो यही है की सब ठीक हो जाये लेटस सी... थैंक्स एंड लव यू हहै.
और इन्ही बातो के बिच निचे से माँ की आवाज आती है दीदी को बुलाने के लिए जिसे सुन दीदी भाभी के रूम से निकल वापस निचे चली आती हैं.
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ऑफिस में इस वक्त मानव अपने केबिन में बैठा हुआ होता है और केबिन में वो अकेला नहीं होता है उनके साथ उनकी सेक्रेटरी श्वेता भी मौजूद थी और अंदर का नजारा या था की सेक्रेटरी श्वेता इस वक्त मानव की चेयर के पास अपने घुटनो पर बैठी हुई होती है और अपने हाथो से अपने बॉस के लुंड को बहार निकल कर मुँह में ले चूसने में मस्त होती है.
साड़ी का पल्लू जमीं पर गिरा हुआ और ब्लाउज के सरे हुक खोले अपनी चूचियों को बहार निकले बॉस का लुंड चुस्ती श्वेता किसी देसी रैंड से काम नहीं लग रही थी और मानव भी अपने हाथो से श्वेता के सर पर दबाव बनाते हुए लुंड चुसवाने में मस्त थे.
केबिन में लुंड चूसै का ये खेल चल रहा होता है की दरवाजे पर एक नॉक की आवाज सुनाई देती है जिसे दूँ श्वेता डरते हुए लुंड मुँह से बहार निकल कपडे ठीक करने लगती है जिसे रोकते हुए मानव अब श्वेता को अपने टेबल के और करीब और अंदर आने को कहते हुए जिससे की सामने खड़े इंसान की नजर उस पर न पड़े, और लुंड चूसना जारी रखने को कहता hai.jiske जवाब में..
श्वेता: उफ्फ्फ सर पता नहीं कोण होगा थोड़ी देर बाद चूस लुंगी न प्लस.
मानव, श्वेता की चुकी भींचते हुए: एमट भूल रैंड. है तू मेरी और में तेरा बॉस, जैसा कहा है वैसा कर समझी.
और श्वेता अब बॉस की बात मानते हुए आज्ञाकारी रैंड की तरह टेबल के निचे आते हुए लुंड चूसने लगती है और यहाँ मानव नॉक करने वाले से पूछते हुए..
मानव: एस्सस, कौन है..
रश्मि: सर, इतस में रश्मि, मई ी के इन.
रश्मि की आवाज श्वेता थोड़ी रिलैक्स हो जाती है क्युकी कही न कही पिछली बातो से उसे अंदाजा था की उसके बॉस ने रश्मि को भी सेट कर लिया हुआ है और रश्मि श्वेता और बॉस की चुदाई तो आलरेडी देख hi चुकी है पहले.
मानव: ओह रश्मि येह सूरे आजाओ अंदर.
रश्मि के अंदर आते hi मानव उसे दरवाजा बंद करने को कह देता है और आज रश्मि भी कुछ काम नहीं लग रही थी, एक पूरा पटाखा बन कर आई थी और एक फैशनेबुल कॉटन ब्लाउज जो पतली पतली स्ट्रैप्स के सहारे उसके जिस्म परबँधा हुआ था और जिसमे उसकी चूचिया भोत hi साफ तरीके से दिखाई पद रही थी, जिसे देखते hi मानव की नज़र उस पर तिकी रह जाती है और सामने इतनी मस्त जवानी कड़ी हो और निचे उसका लुंड भी एक ऐसी hi जवान रैंड के मुँह में हो तो उस मर्द को और क्या चाहिए.
मानव, मुस्कुराते हुए और उसे घूरते हुए: क्या बात है रश्मि आज तो एक दम कड़क माल बन कर आई है.
रश्मि: हहै सर अब जिस कंपनी के और एम्प्लोयी के बॉस आप जैसे हो उसके सामने तो ऐसे hi आना चाहिए न.
मानव, निचे श्वेता के लुंड को पूरा मुँह में लेने से और बॉल्स को जोर से बढ़ाने से मस्त होते हुए और ये एहसास करते हुए की या तो रश्मि को यहाँ से भागो या श्वेता के साथ उसकी जवानी भी आज लूट लू: हम्म्म बाकि सब बाद में पहले ये बताओ कुछ काम था जो आना हुआ.
रश्मि, नॉटी स्माइल के साथ: सर काम तो कुछ खास नहीं था बस आपके लिए आज ऐसे तैयार हो कर आई थी तो सोचा एक बार दिखा तो औ हहै.
मानव, मतलब ये रैंड भी सामने से चल के छोड़ने आई है इस बहाने: हाहाहाहा क्या रश्मि तुम भी, दिखाना तो सिर्फ बहाना है ये बोल न तेरी छूट में खुजली हो रही है रैंड.
रश्मि: िष्ठ्हह सिररररररर आपकी यही बाटे तो मुझे गरम करती है, और हाँ सच कहा आपने अब मुझे आपके लुंड की आदत सी पद गई है रोज लेना चाहती हु ममममम उफ़.
मानव: ः तो वह क्यों कड़ी है टेबल के इस तरफ आजा और तू भी शुरू हो जा.. और ये बप्ल मानव निचे लुंड चूस रही श्वेता की और देखता है जो आँखे बड़ी किये हुए रश्मि के भी ज्वाइन करने की बात से मनो संकोच में थी.
और रश्मि अपने बॉस की बात सुनते hi सीधा तब के इस तरफ आजाती है जहा उसकी नजर श्वेता पर पड़ती है जो आलरेडी मानव के लुंड को अपने मुँह में भर चूसने में लगी थी.
रश्मि: अरे वाह श्वेता मां क्या बात hai,aap तो पहले hi चालू हो राखी हो हहै,
श्वेता, लुंड चूसते हुए hi: मऊआअह्ह्ह मुआअह रश्मि हाँ क्युकी में सेक्रेटरी हु न और इस नाते बॉस के लुंड को भी हमेशा खुश रखना होता है. वैसे बॉस मुझे आलरेडी डाउट था hi की अपने रश्मि को भी अपने लुंड की दीवानी बना दिया है हहै.
मानव: हाहाहा हाँ इस रैंड को तो मेने उसी दिन पेल दिया था जिस दिन वो कैमरा वाली बात हुई थी, अब रश्मि ऐसे खड़े hi रहेगी या तू भी अपना जलवा दिखाएगी.
और बॉस की बात सुनते hi रश्मि भी अपनी साड़ी उतारते हुए ब्लाउज खोल चूचिया निकल निचे बैठ जाती है और बरी बरी दोनों रश्मि और श्वेता उनके लुंड की चूसै शुरू कर देते है.
यहाँ मानव कभी श्वेता की तो कभी रश्मि की चुचिओ को दबाते हुए लुंड चुसवाने का मजा लेता है.
कुछ देर बाद श्वेता को खड़ा क्र मानव उसे टेबल पर टंगे फैला लेटने को बोलता है और अपना मुँह उसकी छूट पर रख चूसने लगता है और रश्मि अब भी निचे बैठी मानव का लुंड चुस्ती रहती है.
केबिन में मानव द्वारा एक रैंड से लुंड चुसवाने और दूसरी रैंड की छूट चाटने से अब माहौल पूरा गरम हो चूका था और छूट चुस्वाति हुई श्वेता के मुँह से मस्ती में मस्त ाहीं निकल रही थी अह्ह्ह्हह ममममम ओह्ह्ह्ह सिररररर.
और अब मानव अपनी चेयर से खड़े होते हुए श्वेता को टेबल पर कुटिया बना टंगे फैला उसकी छूट और गांड दोनों पर बरी बरी जीभ फेरते हुए चूसने लगते है और रश्मि अब भी मानव के लुंड को निचे घुटनो पर बैठे लुंड चूस रही थी साथ hi बॉल्स को भी बिच बिच में मुँह में भर अपनी थूक से गिला कर चुकी थी.
अब रश्मि को रोकते हुए अपने लुंड को उसके मुँह से निकल मानव टेबल पर कुटिया बानी श्वेता के छूट की फैंको को खोलते हुए उसमे दाल कर रगड़ने लगता है और अगले hi पल एक जोर दर धक्का लगते हुए लुंड को छूट के अंदर उतर देता है.
इस तरह लुंड के छूट में उतारते hi श्वेता के मुँह से एक जोर की आह निकल जाती है जिसे सुन इस दृश्य को देख रही रश्मि अब सामने की तरफ जा कर अपनी चूचिया श्वेता के मुँह में दे देती है जिससे की आवाज डाब जाये.
पीछे से छूट में लुंड के धक्के कहती हुई श्वेता अपने बॉस के हर एक धक्के पर रश्मि की चुकी को जोर से मुँह में भींच लेती है जिससे अब रश्मि अपनी सिसकिया नहीं रोक पति है आउट इस गरम माहौल को देख खुद अपने हाथ से अपनी छूट को रगड़ना शुरू कर देती है अह्हह्ह्ह्ह मममममम ओह्ह्ह्हह िष्ठ्हह उफ्फ्फ्गगगग ममममम अह्ह्ह हयईईई सिरररररर उफ्फ्फ्फ़ फुककक मई लड़ छोड़ो आपकी रांडो को अह्हह्ह्ह्ह ममम की आवाज के साथ hi अब मानव श्वेता की पूरी गति से चुदाई करने लगता है और छूट में बॉस के लुंड और रश्मि द्वारा अपनी चुचिओ के मसलने से अब श्वेता बिना देर किये अपनी छूट का पानी चोर देती है अह्हह्ह्ह्ह ममम ओह्ह्ह्ह सिररररर में गयी अह्ह्ह.
श्वेता के झड़ने के बाद मानव अपना लुंड उसकी छूट से निकल वापस अपनों चेयर लार बैठ जाता है और रश्मि को इशारा करता है, इशारे को समझ रश्मि बॉस के पास आते हुए अपनी टंगे फैला चेयर पर बैठे बॉस के लुंड पर बैठ जाती है और लुंड छूट में उतरने लगती है अह्ह्ह्हह इस्स्स्सस्स्स्स मममममममम.
मानव भी रश्मि के चूतड़ पकड़ मसलते हुए निचे से अपने लुंड को रश्मि की छूट में पेलने लगता है और साथ hi पास कड़ी श्वेता के होठो को चूमने का भी मजा लेता है.
अहजहहह ममममम ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ सिर्रर्र एससससस छोड़ो मुझे अझह्ह्ह्हब उफ्फ्फ्फ़ फाड् दो मेरी छूट मममममम ीफ्फ ईशःठ की आवाज करते हुए रश्मि अब लुंड पर जोर जोर से उछलने लगी थी और श्वेता अपने होठो को बॉस के होठो से जोड़े एक हाथ से लुंड पर उछलती रश्मि की चुचिओ को मसल रही थी.
कुछ और देर उछलने के बाद अब रश्मि की गति थकन के कारन धीमी पड़ने लगी थी जिसे देख अब मानव ने उसे सीधा करते हुए वापस अपने लुंड पर बिठा अपने हाथो को उसकी कमर में जकड कर निचे से बिना रुके नॉन स्टॉप धक्के लगाना शुरू कर दिया.
अह्ह्ह्हह्हह ोहजहह िष्ठ्हहहमारररर गईई अहह सिररररर ममम ओह्ह्ह्ह एसससस ऐसी होई मममम ओह्ह्ह और जोर से अह्ह्ह्ह छोड़ो मुझे उफ्फफ्फ्फ़ मममम की आवाज के साथ अब रश्मि अपनी टंगे पुती तरह फैलाये लुंड को छूट में ले रही होती है और तभी श्वेता आएगी झुकते हुए अपनी जीभ को लुंड ले रही रश्मि की छूट पर रख कर रगड़ना शुरू कर देती, छूट पर बॉस के लुंड और श्वेता ma'am की जीभ की रगड़ से अब रश्मि पुरे जोश में आ चुकी थी और अपने आप hi कमर हिलाते हुए अपनी छूट पर लुंड का मार सहते हुए पूरा साथ दे रही थी अह्ह्ह्ह मममम ओह्ह्ह्हह िध्ह्हः फुकककक ममम.
अपने hi ऑफिस की एक रैंड की छूट पेलते हुए अब मानव अपनी दूसरी रैंड स्वेता को टेबल पर टंगे फैलाये लेटने को कहता है और उसके ऐसा करते hi अपना मुँह उसकी छूट पर लगा देता hai.Rashmi के छूट में अपना लुंड और श्वेता की छूट में होठ और जीभ घुसते हुए एक साथ दोनों hi औरतो की चुदाई करने के कारन अब उन दोनों के मुँह से hi अह्ह्ह्हह ममममम सिरररररर उफ्फ्फफ्फ्फ़ एसससस छोड़ो मुझे अह्ह्ह्हह िष्ठ्हह छोड़ो अपनी रैंड को अह्ह्ह्ह और जोरसे खा जाओ मेरी छूट अह्ह्ह्हह कमममम फड़ड़ड़ड़ दोऊ ईशःठ एससससस की आवाजे पुरे केबिन में होने लगी थी.
एक साथ दो दो रणदीव को इस तरह छोड़ने के बाद अब मानव का शरीर भी अकड़ने लगा था और धक्को की गति अपने चरम पर हो चुकी थी जिससे रश्मि भी अब झाड़ जाती है अह्ह्ह्हह ममममम ओह्ह्ह्ह और मानव अपने लुंड को उसकी छूट से बहार निकल देता है और ये देख की अब वो झड़ने वाला है दोनों रश्मि और श्वेता वापस निचे घुटनो पर आ बैतब जाती है और लुंड से निकले मानव में वीर्य की पिचकारी को अपनर चेहरे पर लेलेती है और फिर रणदीव जैसे एक दूसरे के चेहरे पर लगे अपने बॉस के वीर्य को चाट लेती है.
मानव, चेयर पर बैठते हुए: वाह क्या मस्त रंडिया हो दोनों hi, मजा आ गया आज दोनों को एक साथ पेलने में.
श्वेता: ममममम सिररर मुझे भी भोत मजा आया आज अह्ह्ह सच में लकी हु की आपकी रैंड बन कर hi सही पर इस तरह की चुदाई का मजा लेने को मिल रहा है.
रश्मि: ममम सही कहा ma'am अपने, में तो पिछले कुछ दिनों से और कुछ बार hi सर के लुंड का मजा ले पायी हु पर आप तो वाकई भोत लकी है जो जाने कितने वक्त से सर की रैंड बनने का सौभाग्य प् रही है हहै.
मानव: हाहाहा बस अब बाटे बंद करो और दोनों अपने कपडे ठीक कर अपने अपने काम में लग जाओ, ये मजा तो में अपनी रणदीव को देता रहूँगा हमेशा hi, तुम जैसी जवान जिस्म की रणदीव की जवानी लूटने के लिए hi तो अप्पोइंट किया है हाहाहा.
और इस बात पर तीनो है देते है और अपने अपने कपडे ठीक काट काम में लग जाते है, पर यहाँ रश्मि की आज की चुदाई के बाद कुछ ज्यादा hi खुश नजर आ रही थी, और इसकी वजह उसके दिमाग में चल रही ये बात की..
"वाह आज तो जो मेने सोचा भी नहीं था वो हो गया, में तो सर को कल के लिए आमंत्रण देने आई थी लेकिन आज श्वेता की प्रजेंस में जो हुआ ये तो बोनस hi था, अब में श्वेता को भी अपना हथियार बना कर उसे कर sakungi,sach सर श्वेता को मेरे hi साथ छोड़ने का काम तो आज अपने वाकई में भोत ाचा किया है ः. और अभी तो एक वार और बचा है जो अब भोत जल्द होगा और उसके बाद होगा असली तमाशा हाहाहा, वाह अब आएगा असली मजा तो."
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रत को डिनर के बाद में अपने रूम में था की तभी प्रीति मेरे पास आती है..
प्रीति, पास आते hi: सनी सुन मुझे तुझसे कुछ बात करनी है और तेरी हेल्प चाहिए.
में, चौकते हुए: क्या.. क्या कहा तूने?? तुझे मेरी हेल्प चाहिए, में सही सु सुन तो रहा हु न या मेरे कान ख़राब हो गौए है ः.
प्रीति, चिढ़ते हुए: में मजाक नहीं कर रही हु सनी, मुझे सच में तेरी हेल्प चाहिए.
में, इतराते हुए: देखा आखिर काम लड़ hi गया न तेरा मेरे से, भोत नालायक नालायक करती रहती थी न अब क्या हुआ.
प्रीति: हाँ बाबा पद गया काम और तुझे ये काम करना भी पड़ेगा क्युकी सीमा दीदी ने कहा है की सनी तुम्हारी हेल्प करेगा उससे बात करो, अब अगर तुमने हेल्प नहीं की तो में दीदी से कह दूंगी.
में: ाचा तो अब दीदी के नाम से डरा रही है तू मुझे, जा अब तो नहीं करता हेल्प तेरी.
प्रीति: यार ऐसे क्या कर रहा है प्लस सुन तो ले, भोत जरुरी है प्लस भाई प्लस..
में, भाव कहते हुए: ाचा चल ठीक है सीमा दीदी की वजह से सुन रहा हु वार्ना नई करता... अब बोल क्या हेल्प किए.
और प्रीति यहाँ मुझे अपने कॉलेज में हो रहे फैशन इवेंट के ऑडिशंस और फोटोशूट की बात बताती है. चाहे बेहेन से कितना भी लड़ लो पर जब ये सुनने में आये की कोई उसे तंग कर रहा, परेशां कर रहा है और मौके का फायदा उठा उसके साथ कुछ भी हरकते कर रहा तो भाई को गुस्सा आना लाजमी होता है और अभी प्रीति की बाटे सुन मेरा भी वही हल था.
में: क्या बोलै तूने, वो तुझे इतने दिनों से तंग कर रहा और तू आज बता रही पहले बता दिया होता तो मुँह तोड़ दिया होता सेल का.
प्रीति: देखा बस इसीलिए नहीं बता रही थी, तुझे हर वक्त लड़ने का hi सूझता है. अब ये चोर तू बता की मेरी हेल्प करेगा या नहीं.
में: हम्म्म तीन दिन बाद ऑडिशन है न भोत टाइम है, ठीक है में तेरी मदद करूँगा, कल में कॉलेज नहीं जाने वाला हु तो दिन में कर लेंगे.
प्रीति, खुश होते हुए: वाओ थैंक यू सो मच सनी,,, तूने भोत बड़ी टेंशन दूर कर दी मेरी थैंक्स अगेन. और ये बोल कर वो फिर भगति हुई अपने रूम में चली जाती है.
जहा में बुआ की साथ इन सब बातो में व्यस्त था वही सीमा दीदी भी हॉल से उठ कर अब कामिनी भाभी के रूम के दरवाजे पर पहुंच चुकी थी, दरवाजा खुला हुआ hi था इसलिए एक हलके धक्के से hi खुल जाता है हुए कामिनी भाभी अंदर बिंदास सोइ हुई होती है. दीदी उनके पास जा कर उनको आवाज देते हुए जगती है.
सीमा: भाभी अगर कॉलेज की थकन दूर हो गयी हो और नींद पूरी हो चुकी हो तो अब जग भी जाइये हहै.
कामिनी, अपनी ननद की आवाज सुन जागते हुए: ओह्ह्ह सीमा दी आप कब आई.
सीमा: में बस अभी अभी आई, सोचा आपको जगा दू काफी वक्त से सो रही हैं हहै.
कामिनी, उठ कर बीएड के धक्के से लग बैठते हुए: हहै हाँ आज कुछ ज्यादा hi थकन लग गई थी, वैसे आज हमारी ननद को हमारी यद् कैसे ाँ पड़ी भला.
सीमा, बीएड पर बैठते हुए: रहने भी दो भाभी आप तो ठीक है न, ये कहो की आपके पास टाइम नहीं रहा अब, मुझे आये हुए कितने दिन हुए आपने सही से बात भी नहीं की अब तक और मुझे सुना रही हो.
कामिनी: हहै अरे अब आप देख तक रही हो कॉलेज में hi पूरा दिन निकल जाता है समय कहा बचता है.
सीमा: हहै हाँ ी कैन अंडरस्टैंड भाभी और ये क्या दीदी और आप आप लगा रखा है, हम अछि दोस्त है ननद भाभी से पहले तो ये दीदी मत कहा करो हहै.
कामिनी: ः ठीक है ठीक है सीमा, ाचा हुआ तुम अभी आ गयी इसी बहाने कैच बाटे hi हो जाएँगी.
सीमा: हाँ में भी यही सोच कर चली आई हहै.
कामिनी: हम्म्म और बताओ किसी चल रही है मैरिड लाइफ तुम्हारी, अशोक खुश तो रखता है न अचे से (आँख मरते हुए), हहै
सीमा: ः क्या भाभी आप भी.
कामिनी: अरे अब मुझसे क्या शर्माना भला, वैसे तुझमे आये बदलावों को देख कर तो लगता है की अचे से खुश रखते है हमारे नन्दोई जी आपको हहै.
सीमा: हहै, ाचा और जैसे आप तो भैया के साथ खुश hi नहीं, मुझसे ज्यादा अपने आप ने बदलाव देखो कितने उभर उभर कर सामने आ रहे है ः.
कामिनी ने घर आने के बाद वापस कपडे बदल एक कुरता और लेग्गिंग डाला हुआ था जिसमे उसकी आधी चूचिया हमेषः की तरह क्लीवेज के रूप में साफ झलक रही थी.
कामिनी, हहै हाँ खुश तो हु में लेकिन इसका कारन तुम्हरे बड़े भाई नहीं छोटा भाई है : हहै अब तुमसे क्या छिपाना सीमा, तुमभी शादी शुदा हो और अब शरीर की जरूरतों को अचे से समझती हो, और ये भी अचे से समझती हो की मर्द को रिझाने के लिए इन उभारो की कितनी जरुरत होती है हहै.
सीमा, हस्ते हुए: हेहेहे हैए दिया देखो तो कैसे बेशरम हो खुल कर मन भी रही हो.
कामिनी: हहै अब तुमसे कैसा शर्माना.
सीमा: हम्म्म वैसे सच कहु न तो आप वाकई एक हॉटनेस की दुकान हो, परफेक्ट फिगर वाली लेडी बन चिकि हो, और देखो ये आपके बूब्स भी कैसे उछाल रहे मनो बहार आने को तड़प रहे हो, इन्हे इतना खुला क्यों छोरा हुआ है हहै.
कामिनी, अपनी चुकी को हाथ से दबा: हहै अब दिन भर कॉलेज रहती हु उतनी देर कैद hi तो रहते है घर पर तो आज़ादी मिलनी चाहिए न जरा, में तो कहती हु तुम भी खुला छोरा करो हहै.
सीमा: हेहेहे नाह ने ऐसे hi ठीक हु कोई जरुरत नहीं खुला चोर्ने की, और वैसे भी आप खुला चोरटी है जिससे की राहुल भैया इनको पकड़ सके और आप मजे ले सके,, मेरे नसीब में यहाँ वो मजे थोड़ी मिलने उल्टा तड़पती रह जाउंगी हहै.
कामिनी: हहै तो तड़पना क्यों, भले मर्दो वाला एहसास न दे पाव पर तुम चाहो तो में इन्हे मसलने और तड़प दूर करने में मदद कर सकती हु हेठे.
सीमा: धत्तत्तत भाभी कुछ भी,, वैसे भी मुझे लेस्बियन सेक्स करने में कोई दिलचस्पी नहीं है हहै.
कामिनी: हेहेहे ाचा बड़ा ठीक है यहाँ ऐसा न करो बूत जब वपद ससुराल जाओ तो अशोक के सामने ये जरूर करना, सच कहती हु मर्दो की सबसे बड़ी कमजोरी होती है हम औरतो की चूचिया, अशोक इन पर टूट न पड़े तो कहना हहै.
सीमा, अशोक का नाम सुन और उसके सामने ये सब करने की बात सुन थोड़ा मायूस होते हुए: कहा भाभी मेरे नसीब में आप जैसे मजे कहाँ हैं, अशोक को इन सब से कोई मतलब hi नहीं मनो.
कामिनी, ननद की बात सुन और उसका मायूस चेहरा देख सीरियस होते हुए: सीमा, क्या बात है, क्या तुम अशोक के साथ खुश नहीं, और ऐसे क्यों बोल रही हो.
सीमा, बात बदलते हुए: नहीं नहीं भाभी ऐसा कुछ नहीं मेने तो बस ऐसे hi बोल दिया.
कामिनी: देख सीमा मुझे अपना फ्रेंड मानती है न तो सच सच बता, मुझे ऐसा लग रहा है की कुछ तो बात है और तू अब मुझसे छिपा रही है.
सीमा, भाभी की आँखों में देखते हुए : क्या बताऊ भाभी आपको अब, बताने लायक कुछ होना भी तो चाहिए न.
कामिनी: देख अब तू मुझे टेंशन में दाल रही गई, तेरे और अशोक के बिच सब ठीक तो है न, बता मुझे.
सीमा, भाभी की बात सुन कमजोर पड़ते हुए: क्या कहु अब आपको भाभी, पहले प्रॉमिस करो घर में किसी से नहीं कहोगी कुछ.
कामिनी: हाँ ी प्रॉमिस किसी से कुछ नहीं कहूँगी, अब जल्दी बताओ.
सीमा : कुछ भी ठीक नहो है मेरे और अशोक के बिच भाभी, नाह अब वो मुझे पहले जैसा प्यार करते हैं, शुरू के दो तीन महीने सब ठीक रहा उसके बाद वो पूरी तरह बदल गए... आप कह रही न की पति को रिझाना चाहिए ंद आल, जिस रिश्ते में अब वो प्यार hi नहीं रहा वगा सेक्स कहा होगा भाभी.
कामिनी, सीमा की बात सुन चौकते हुए: व्हाटटटटट,, ये क्या बोल रही हो तुम, मुजगे यकीं नहीं हो रहा है इन बातो पर और ऐसा क्या हो गया तुम दोनों के बिच जो ये सब....
सीमा: मुझे भी नहीं पता भाभी, में तो अपनी तरफ से अचे से रिश्ता निभा रही हु और अशोक से प्यार भी भोत करती हु पर पता नहीं उन्हें क्या हो गया है.
कामिनी: तो तुमने अशोक से इस बारे में बात क्यों नहीं की, उससे पूछो न की प्रॉब्लम कहा है.
सीमा: सब कर के देख लिया भाभी और वो खुले मुँह कुछ नहीं कहते है और जब भी में ये बात उठती हु वो काम, ऑफिस इन सब का बहाना बना देते हैं. यहाँ आने से पहले भी में सब सॉर्ट करना छह रही थी लेकिन उन्होंने अब्रॉड ट्रिप का बहाना बाबा बात ताल दी.
कामिनी: हम्म्म तो हो सकता है न सीमा की सच में वर्क लोड hi हो इसलिए तुम्हे टाइम न दे प् रहा हो और ऐसे बेहवे कर रहा हो.
सीमा: पता नहीं भाभी पर में उनके आने का वेट कर रही हु बस, अगर सॉर्ट नहीं होता है कुछ तो मुझे नहीं पता क्या होगा बूत में ऐसे बेजान रिश्ते में नहीं रहना चाहूंगी.
कामिनी: अरे पगली ऐसा सोचना hi क्यों है, सब सही होगा देख लेना.
सीमा: हम्म्म्म let's सी एंड होप सो.
कामिनी: हाँ और उसके बाद भी अगर तुम्हे जब भी जरुरत होगी तो तुम्हारी ये भाभी, ये दोस्त हमेशा तुम्हारे साथ हैं.
और ये बोल ननद भाभी एक दूसरे को प्यारा सा हुग कर देते है.
कामिनी, माहौल लाइट करते हुए: वैसे अगर ये बात है तो इसका मतलब मेरी ननद भोत दिनों से प्यार पाने की प्यासी होगी और इसलिए कही आज मेरी चुचिओ को देख अपनी चुचिओ को भी कुछ आज़ादी देने का तो नहीं सोच रही हहै.
सीमा: हहै धत्त भाभी मेरा ऐसा कोई विचार नहीं है और मुझे इतना क्लीवेज दिखाना पसंद भी नहीं है हहै.
कामिनी: वैसे ाचा hi है की पसंद नहीं वार्ना तुम मुझसे भी ज्यादा हॉट एंड सुन्दर हो, तुम्हे देखने के बाद लोगो में मेरी क्लास और वैल्यू नहीं रह जाएगी हहै.
सीमा: हाहाहा भाभी क्या कुछ भी, ऐसा कभी नहीं हो सकता ु र थे हॉटेस्ट, भैया के सच में मजे है हहै.
कामिनी, मजाक में सच कहते हुए: हाहाहा अब बीवी हु उनकी, वो मजे नहीं लेंगे तो सनी लेगा क्या भला हहै.
सीमा: हहै क्या पता अब इतनी हॉट भाभी देख सनी का मन भी ख़राब हो जाये और आप भी कहा काम, कही मेरे भोले भाई को फसा भी लो हेहेहे.
कामिनी, भोला और वो, हैए वो क्या फसेगा, अब तुम्हे कैसे बताऊ की उस भोले सनी के चक्कर में तो मैं खुद फास चुकी हु और उसकी रैंड बसन चुकी हु हहै: हहै हाँ वैसे आईडिया भूरा नहीं है एक से भले दो भाई हहै.
सीमा: ओह माय गॉड भाभी, सच में भोत कामिनी हो आप हेहेहे.
कामिनी: हहै मजाक कर रही हु डोंट वोर्री तुम्हरा छोटा भाई अभी सेफ है हहै.
ये बोलते hi सीमा अपनी भाभी के गले लग जाती है और..
सीमा: थैंक ु दो मच.. आपने मेरा मूड सही जार दिया वापस एंड थैंक यू मेरी भाभी और मेरी फ्रेंड होने के लिए.
कामिनी: अरे इसमें थैंक यू क्या, ननद भाभी दो बहने hi होती है और इस नाते तुम्हरी ख़ुशी में मेरी ख़ुशी है एंड ये न भूलना की में हमेशा तुम्हरे साथ हु, बस ऐसे hi हस्ती रहो बाकि सब ठीक हो जायेगा, कुछ वक्त की बाटे है ये बस.
सीमा: हाँ उम्मीद तो यही है की सब ठीक हो जाये लेटस सी... थैंक्स एंड लव यू हहै.
और इन्ही बातो के बिच निचे से माँ की आवाज आती है दीदी को बुलाने के लिए जिसे सुन दीदी भाभी के रूम से निकल वापस निचे चली आती हैं.
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ऑफिस में इस वक्त मानव अपने केबिन में बैठा हुआ होता है और केबिन में वो अकेला नहीं होता है उनके साथ उनकी सेक्रेटरी श्वेता भी मौजूद थी और अंदर का नजारा या था की सेक्रेटरी श्वेता इस वक्त मानव की चेयर के पास अपने घुटनो पर बैठी हुई होती है और अपने हाथो से अपने बॉस के लुंड को बहार निकल कर मुँह में ले चूसने में मस्त होती है.
साड़ी का पल्लू जमीं पर गिरा हुआ और ब्लाउज के सरे हुक खोले अपनी चूचियों को बहार निकले बॉस का लुंड चुस्ती श्वेता किसी देसी रैंड से काम नहीं लग रही थी और मानव भी अपने हाथो से श्वेता के सर पर दबाव बनाते हुए लुंड चुसवाने में मस्त थे.
केबिन में लुंड चूसै का ये खेल चल रहा होता है की दरवाजे पर एक नॉक की आवाज सुनाई देती है जिसे दूँ श्वेता डरते हुए लुंड मुँह से बहार निकल कपडे ठीक करने लगती है जिसे रोकते हुए मानव अब श्वेता को अपने टेबल के और करीब और अंदर आने को कहते हुए जिससे की सामने खड़े इंसान की नजर उस पर न पड़े, और लुंड चूसना जारी रखने को कहता hai.jiske जवाब में..
श्वेता: उफ्फ्फ सर पता नहीं कोण होगा थोड़ी देर बाद चूस लुंगी न प्लस.
मानव, श्वेता की चुकी भींचते हुए: एमट भूल रैंड. है तू मेरी और में तेरा बॉस, जैसा कहा है वैसा कर समझी.
और श्वेता अब बॉस की बात मानते हुए आज्ञाकारी रैंड की तरह टेबल के निचे आते हुए लुंड चूसने लगती है और यहाँ मानव नॉक करने वाले से पूछते हुए..
मानव: एस्सस, कौन है..
रश्मि: सर, इतस में रश्मि, मई ी के इन.
रश्मि की आवाज श्वेता थोड़ी रिलैक्स हो जाती है क्युकी कही न कही पिछली बातो से उसे अंदाजा था की उसके बॉस ने रश्मि को भी सेट कर लिया हुआ है और रश्मि श्वेता और बॉस की चुदाई तो आलरेडी देख hi चुकी है पहले.
मानव: ओह रश्मि येह सूरे आजाओ अंदर.
रश्मि के अंदर आते hi मानव उसे दरवाजा बंद करने को कह देता है और आज रश्मि भी कुछ काम नहीं लग रही थी, एक पूरा पटाखा बन कर आई थी और एक फैशनेबुल कॉटन ब्लाउज जो पतली पतली स्ट्रैप्स के सहारे उसके जिस्म परबँधा हुआ था और जिसमे उसकी चूचिया भोत hi साफ तरीके से दिखाई पद रही थी, जिसे देखते hi मानव की नज़र उस पर तिकी रह जाती है और सामने इतनी मस्त जवानी कड़ी हो और निचे उसका लुंड भी एक ऐसी hi जवान रैंड के मुँह में हो तो उस मर्द को और क्या चाहिए.
मानव, मुस्कुराते हुए और उसे घूरते हुए: क्या बात है रश्मि आज तो एक दम कड़क माल बन कर आई है.
रश्मि: हहै सर अब जिस कंपनी के और एम्प्लोयी के बॉस आप जैसे हो उसके सामने तो ऐसे hi आना चाहिए न.
मानव, निचे श्वेता के लुंड को पूरा मुँह में लेने से और बॉल्स को जोर से बढ़ाने से मस्त होते हुए और ये एहसास करते हुए की या तो रश्मि को यहाँ से भागो या श्वेता के साथ उसकी जवानी भी आज लूट लू: हम्म्म बाकि सब बाद में पहले ये बताओ कुछ काम था जो आना हुआ.
रश्मि, नॉटी स्माइल के साथ: सर काम तो कुछ खास नहीं था बस आपके लिए आज ऐसे तैयार हो कर आई थी तो सोचा एक बार दिखा तो औ हहै.
मानव, मतलब ये रैंड भी सामने से चल के छोड़ने आई है इस बहाने: हाहाहाहा क्या रश्मि तुम भी, दिखाना तो सिर्फ बहाना है ये बोल न तेरी छूट में खुजली हो रही है रैंड.
रश्मि: िष्ठ्हह सिररररररर आपकी यही बाटे तो मुझे गरम करती है, और हाँ सच कहा आपने अब मुझे आपके लुंड की आदत सी पद गई है रोज लेना चाहती हु ममममम उफ़.
मानव: ः तो वह क्यों कड़ी है टेबल के इस तरफ आजा और तू भी शुरू हो जा.. और ये बप्ल मानव निचे लुंड चूस रही श्वेता की और देखता है जो आँखे बड़ी किये हुए रश्मि के भी ज्वाइन करने की बात से मनो संकोच में थी.
और रश्मि अपने बॉस की बात सुनते hi सीधा तब के इस तरफ आजाती है जहा उसकी नजर श्वेता पर पड़ती है जो आलरेडी मानव के लुंड को अपने मुँह में भर चूसने में लगी थी.
रश्मि: अरे वाह श्वेता मां क्या बात hai,aap तो पहले hi चालू हो राखी हो हहै,
श्वेता, लुंड चूसते हुए hi: मऊआअह्ह्ह मुआअह रश्मि हाँ क्युकी में सेक्रेटरी हु न और इस नाते बॉस के लुंड को भी हमेशा खुश रखना होता है. वैसे बॉस मुझे आलरेडी डाउट था hi की अपने रश्मि को भी अपने लुंड की दीवानी बना दिया है हहै.
मानव: हाहाहा हाँ इस रैंड को तो मेने उसी दिन पेल दिया था जिस दिन वो कैमरा वाली बात हुई थी, अब रश्मि ऐसे खड़े hi रहेगी या तू भी अपना जलवा दिखाएगी.
और बॉस की बात सुनते hi रश्मि भी अपनी साड़ी उतारते हुए ब्लाउज खोल चूचिया निकल निचे बैठ जाती है और बरी बरी दोनों रश्मि और श्वेता उनके लुंड की चूसै शुरू कर देते है.
यहाँ मानव कभी श्वेता की तो कभी रश्मि की चुचिओ को दबाते हुए लुंड चुसवाने का मजा लेता है.
कुछ देर बाद श्वेता को खड़ा क्र मानव उसे टेबल पर टंगे फैला लेटने को बोलता है और अपना मुँह उसकी छूट पर रख चूसने लगता है और रश्मि अब भी निचे बैठी मानव का लुंड चुस्ती रहती है.
केबिन में मानव द्वारा एक रैंड से लुंड चुसवाने और दूसरी रैंड की छूट चाटने से अब माहौल पूरा गरम हो चूका था और छूट चुस्वाति हुई श्वेता के मुँह से मस्ती में मस्त ाहीं निकल रही थी अह्ह्ह्हह ममममम ओह्ह्ह्ह सिररररर.
और अब मानव अपनी चेयर से खड़े होते हुए श्वेता को टेबल पर कुटिया बना टंगे फैला उसकी छूट और गांड दोनों पर बरी बरी जीभ फेरते हुए चूसने लगते है और रश्मि अब भी मानव के लुंड को निचे घुटनो पर बैठे लुंड चूस रही थी साथ hi बॉल्स को भी बिच बिच में मुँह में भर अपनी थूक से गिला कर चुकी थी.
अब रश्मि को रोकते हुए अपने लुंड को उसके मुँह से निकल मानव टेबल पर कुटिया बानी श्वेता के छूट की फैंको को खोलते हुए उसमे दाल कर रगड़ने लगता है और अगले hi पल एक जोर दर धक्का लगते हुए लुंड को छूट के अंदर उतर देता है.
इस तरह लुंड के छूट में उतारते hi श्वेता के मुँह से एक जोर की आह निकल जाती है जिसे सुन इस दृश्य को देख रही रश्मि अब सामने की तरफ जा कर अपनी चूचिया श्वेता के मुँह में दे देती है जिससे की आवाज डाब जाये.
पीछे से छूट में लुंड के धक्के कहती हुई श्वेता अपने बॉस के हर एक धक्के पर रश्मि की चुकी को जोर से मुँह में भींच लेती है जिससे अब रश्मि अपनी सिसकिया नहीं रोक पति है आउट इस गरम माहौल को देख खुद अपने हाथ से अपनी छूट को रगड़ना शुरू कर देती है अह्हह्ह्ह्ह मममममम ओह्ह्ह्हह िष्ठ्हह उफ्फ्फ्गगगग ममममम अह्ह्ह हयईईई सिरररररर उफ्फ्फ्फ़ फुककक मई लड़ छोड़ो आपकी रांडो को अह्हह्ह्ह्ह ममम की आवाज के साथ hi अब मानव श्वेता की पूरी गति से चुदाई करने लगता है और छूट में बॉस के लुंड और रश्मि द्वारा अपनी चुचिओ के मसलने से अब श्वेता बिना देर किये अपनी छूट का पानी चोर देती है अह्हह्ह्ह्ह ममम ओह्ह्ह्ह सिररररर में गयी अह्ह्ह.
श्वेता के झड़ने के बाद मानव अपना लुंड उसकी छूट से निकल वापस अपनों चेयर लार बैठ जाता है और रश्मि को इशारा करता है, इशारे को समझ रश्मि बॉस के पास आते हुए अपनी टंगे फैला चेयर पर बैठे बॉस के लुंड पर बैठ जाती है और लुंड छूट में उतरने लगती है अह्ह्ह्हह इस्स्स्सस्स्स्स मममममममम.
मानव भी रश्मि के चूतड़ पकड़ मसलते हुए निचे से अपने लुंड को रश्मि की छूट में पेलने लगता है और साथ hi पास कड़ी श्वेता के होठो को चूमने का भी मजा लेता है.
अहजहहह ममममम ओह्ह्ह्ह उफ्फ्फ्फ़ सिर्रर्र एससससस छोड़ो मुझे अझह्ह्ह्हब उफ्फ्फ्फ़ फाड् दो मेरी छूट मममममम ीफ्फ ईशःठ की आवाज करते हुए रश्मि अब लुंड पर जोर जोर से उछलने लगी थी और श्वेता अपने होठो को बॉस के होठो से जोड़े एक हाथ से लुंड पर उछलती रश्मि की चुचिओ को मसल रही थी.
कुछ और देर उछलने के बाद अब रश्मि की गति थकन के कारन धीमी पड़ने लगी थी जिसे देख अब मानव ने उसे सीधा करते हुए वापस अपने लुंड पर बिठा अपने हाथो को उसकी कमर में जकड कर निचे से बिना रुके नॉन स्टॉप धक्के लगाना शुरू कर दिया.
अह्ह्ह्हह्हह ोहजहह िष्ठ्हहहमारररर गईई अहह सिररररर ममम ओह्ह्ह्ह एसससस ऐसी होई मममम ओह्ह्ह और जोर से अह्ह्ह्ह छोड़ो मुझे उफ्फफ्फ्फ़ मममम की आवाज के साथ अब रश्मि अपनी टंगे पुती तरह फैलाये लुंड को छूट में ले रही होती है और तभी श्वेता आएगी झुकते हुए अपनी जीभ को लुंड ले रही रश्मि की छूट पर रख कर रगड़ना शुरू कर देती, छूट पर बॉस के लुंड और श्वेता ma'am की जीभ की रगड़ से अब रश्मि पुरे जोश में आ चुकी थी और अपने आप hi कमर हिलाते हुए अपनी छूट पर लुंड का मार सहते हुए पूरा साथ दे रही थी अह्ह्ह्ह मममम ओह्ह्ह्हह िध्ह्हः फुकककक ममम.
अपने hi ऑफिस की एक रैंड की छूट पेलते हुए अब मानव अपनी दूसरी रैंड स्वेता को टेबल पर टंगे फैलाये लेटने को कहता है और उसके ऐसा करते hi अपना मुँह उसकी छूट पर लगा देता hai.Rashmi के छूट में अपना लुंड और श्वेता की छूट में होठ और जीभ घुसते हुए एक साथ दोनों hi औरतो की चुदाई करने के कारन अब उन दोनों के मुँह से hi अह्ह्ह्हह ममममम सिरररररर उफ्फ्फफ्फ्फ़ एसससस छोड़ो मुझे अह्ह्ह्हह िष्ठ्हह छोड़ो अपनी रैंड को अह्ह्ह्ह और जोरसे खा जाओ मेरी छूट अह्ह्ह्हह कमममम फड़ड़ड़ड़ दोऊ ईशःठ एससससस की आवाजे पुरे केबिन में होने लगी थी.
एक साथ दो दो रणदीव को इस तरह छोड़ने के बाद अब मानव का शरीर भी अकड़ने लगा था और धक्को की गति अपने चरम पर हो चुकी थी जिससे रश्मि भी अब झाड़ जाती है अह्ह्ह्हह ममममम ओह्ह्ह्ह और मानव अपने लुंड को उसकी छूट से बहार निकल देता है और ये देख की अब वो झड़ने वाला है दोनों रश्मि और श्वेता वापस निचे घुटनो पर आ बैतब जाती है और लुंड से निकले मानव में वीर्य की पिचकारी को अपनर चेहरे पर लेलेती है और फिर रणदीव जैसे एक दूसरे के चेहरे पर लगे अपने बॉस के वीर्य को चाट लेती है.
मानव, चेयर पर बैठते हुए: वाह क्या मस्त रंडिया हो दोनों hi, मजा आ गया आज दोनों को एक साथ पेलने में.
श्वेता: ममममम सिररर मुझे भी भोत मजा आया आज अह्ह्ह सच में लकी हु की आपकी रैंड बन कर hi सही पर इस तरह की चुदाई का मजा लेने को मिल रहा है.
रश्मि: ममम सही कहा ma'am अपने, में तो पिछले कुछ दिनों से और कुछ बार hi सर के लुंड का मजा ले पायी हु पर आप तो वाकई भोत लकी है जो जाने कितने वक्त से सर की रैंड बनने का सौभाग्य प् रही है हहै.
मानव: हाहाहा बस अब बाटे बंद करो और दोनों अपने कपडे ठीक कर अपने अपने काम में लग जाओ, ये मजा तो में अपनी रणदीव को देता रहूँगा हमेशा hi, तुम जैसी जवान जिस्म की रणदीव की जवानी लूटने के लिए hi तो अप्पोइंट किया है हाहाहा.
और इस बात पर तीनो है देते है और अपने अपने कपडे ठीक काट काम में लग जाते है, पर यहाँ रश्मि की आज की चुदाई के बाद कुछ ज्यादा hi खुश नजर आ रही थी, और इसकी वजह उसके दिमाग में चल रही ये बात की..
"वाह आज तो जो मेने सोचा भी नहीं था वो हो गया, में तो सर को कल के लिए आमंत्रण देने आई थी लेकिन आज श्वेता की प्रजेंस में जो हुआ ये तो बोनस hi था, अब में श्वेता को भी अपना हथियार बना कर उसे कर sakungi,sach सर श्वेता को मेरे hi साथ छोड़ने का काम तो आज अपने वाकई में भोत ाचा किया है ः. और अभी तो एक वार और बचा है जो अब भोत जल्द होगा और उसके बाद होगा असली तमाशा हाहाहा, वाह अब आएगा असली मजा तो."
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रत को डिनर के बाद में अपने रूम में था की तभी प्रीति मेरे पास आती है..
प्रीति, पास आते hi: सनी सुन मुझे तुझसे कुछ बात करनी है और तेरी हेल्प चाहिए.
में, चौकते हुए: क्या.. क्या कहा तूने?? तुझे मेरी हेल्प चाहिए, में सही सु सुन तो रहा हु न या मेरे कान ख़राब हो गौए है ः.
प्रीति, चिढ़ते हुए: में मजाक नहीं कर रही हु सनी, मुझे सच में तेरी हेल्प चाहिए.
में, इतराते हुए: देखा आखिर काम लड़ hi गया न तेरा मेरे से, भोत नालायक नालायक करती रहती थी न अब क्या हुआ.
प्रीति: हाँ बाबा पद गया काम और तुझे ये काम करना भी पड़ेगा क्युकी सीमा दीदी ने कहा है की सनी तुम्हारी हेल्प करेगा उससे बात करो, अब अगर तुमने हेल्प नहीं की तो में दीदी से कह दूंगी.
में: ाचा तो अब दीदी के नाम से डरा रही है तू मुझे, जा अब तो नहीं करता हेल्प तेरी.
प्रीति: यार ऐसे क्या कर रहा है प्लस सुन तो ले, भोत जरुरी है प्लस भाई प्लस..
में, भाव कहते हुए: ाचा चल ठीक है सीमा दीदी की वजह से सुन रहा हु वार्ना नई करता... अब बोल क्या हेल्प किए.
और प्रीति यहाँ मुझे अपने कॉलेज में हो रहे फैशन इवेंट के ऑडिशंस और फोटोशूट की बात बताती है. चाहे बेहेन से कितना भी लड़ लो पर जब ये सुनने में आये की कोई उसे तंग कर रहा, परेशां कर रहा है और मौके का फायदा उठा उसके साथ कुछ भी हरकते कर रहा तो भाई को गुस्सा आना लाजमी होता है और अभी प्रीति की बाटे सुन मेरा भी वही हल था.
में: क्या बोलै तूने, वो तुझे इतने दिनों से तंग कर रहा और तू आज बता रही पहले बता दिया होता तो मुँह तोड़ दिया होता सेल का.
प्रीति: देखा बस इसीलिए नहीं बता रही थी, तुझे हर वक्त लड़ने का hi सूझता है. अब ये चोर तू बता की मेरी हेल्प करेगा या नहीं.
में: हम्म्म तीन दिन बाद ऑडिशन है न भोत टाइम है, ठीक है में तेरी मदद करूँगा, कल में कॉलेज नहीं जाने वाला हु तो दिन में कर लेंगे.
प्रीति, खुश होते हुए: वाओ थैंक यू सो मच सनी,,, तूने भोत बड़ी टेंशन दूर कर दी मेरी थैंक्स अगेन. और ये बोल कर वो फिर भगति हुई अपने रूम में चली जाती है.