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- Dec 5, 2013
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अपडेट 19
सुमित वापस राज और कीर्ति के पास आ gaya...Ek खामोशी था तीनो के bich...Koi कुछ नहीं बोल रहा tha...Aur ना hi किसी को समझ में आ रहा था की क्या बोले?
इस खामोशी को सुमित ने hi तोडा.
सुमित:- कीर्ति मुझे तुमसे कुछ बात करनी है?
कीर्ति:- हां कहो.
सुमित:- राज के बारे में.
कीर्ति:- (विथ सीरियस लुक) हाँ कहो.
सुमित की बात सुन कर राज के भी कान खड़े हो गए ये उत्शुकता के साथ की सुमित क्या कहने वाला है.
सुमित:- और राज साथ में तुझसे भी.
राज भी सर हिला कर सहमति देता है.
सुमित:- प्यार तो तुम दोनों hi एक दूसरे से करते हो या फिर thhe...Lekin तुम दोनों hi एक दूसरे को समझने में ना कामयाब रहे हो.
विश्वाश hi नहीं है तुम्हे अपने प्यार में.
राज:- नहीं bhai...Mujhe कीर्ति पर पूरा विश्वाश है.
सुमित:- कीर्ति के बारे में nahi...Tujhe अपने प्यार पर विश्वाश नहीं है.
अगर होता तो पहले hi बिना किसी दर के अपनी बात कीर्ति से kehta...Lekin तुझ में विश्वाश की कमी या फिर दर की कीर्ति तेरी बात नहीं मानेगी.
इसी वजह से पीछे हत्ता चला gaya...Aur सीधे से कीर्ति से बात करने में डरता raha...Aur अब्ब हालत ये है की तू चाह कर भी कीर्ति के सामने नहीं आ पाटा.
कीर्ति:- लेकिन मुझे राज पर बिलकुल भी भरोषा नहीं है.
सुमित:- तुम्हे यही लगता था ना की राज तुम्हारे साथ सीरियस नहीं है.
कीर्ति:- लगता था और hai...Aaj भी राज को देखता हु तो लगता है की वो बिलकुल भी नहीं बदला.
सुमित:- प्रॉब्लम यही hai...Ye तुम सोच रही हो और तुम्हे लगता है की जो तुम सोच रही हो वही सही hai...Aur कुछ बात हो hi नहीं सकता.
कीर्ति अब्ब गुस्से से सुमित को देखती है.
कीर्ति:- तो क्या अब्ब मई ये सोचु की जो राज कर रहा है वो सही hai...Ek तो वो मुझसे प्यार करने का दवा करता है और दूसरे hi पल किसी दूसरी लड़की के साथ flirting...Kya यही प्यार है?
सुमित:- लेकिन मुझे तो फ्लिर्टिंग जैसा कुछ नहीं लगा.
कीर्ति:- वो इस लिए क्यों की तुम राज का साथ देना चाहते ho...Aakhir उसका भाई जो हो.
सुमित:- और तुम्हारा दोस्त भी तो हूँ.
सुमित की इस बात पर कीर्ति कुछ नहीं बोलती.
सुमित:- मजाक और फ्लिर्टिंग में बहुत फर्क होता hai...Raj हर किसी के साथ हंसी मजाक करता hai...Haan अभी के हालात अलग है वर्ण असली राज को तो तुम भी जानती हो.
कीर्ति:- हर किसी के साथ हंसी majaak...Lekin मेरे saath...Naa hi कभी अच्छे से बात की और ना hi मुझे कभी ऐसा लगा की वो मुझसे प्यार करता है.
राज से भी ज्यादा प्यार मई उससे करती thi...Lekin वो कभी समझ hi नहीं paaya...Ulta दूसरी लड़कियों से फ्लिर्टिंग सॉरी तुम्हारे भाषा में मजाक करके मुझे जलाता tha...Aakhir कौन इतना बर्दास्त कर सकता है?
और जब अलग होने लगी राज से तो वो मेरे पीछे पद गया.
सुमित:- समझता hun...Tumhari feelings...Lekin तुम्हे उसी वक्त समझ जाना चाहिए था की राज भी तुमसे प्यार करता है जब वो तुमसे बाकी लड़कियों की तरह मजाक नहीं करता था.
बाकी लड़कियों का क्या? उनसे मजाक कर लिया और अगर उनको बुरा भी लग गया तो राज को क्या फर्क पड़ेगा? लेकिन tum...Tum कही हर्ट ना हो जाओ इस दर से तुमसे ज्यादा मजाक नहीं करता tha...Tumse अलग तरह का केयर करता होगा जो शायद तुम समझ नहीं पायी.
इस बार कीर्ति सोच में पद गयी.
सुमित:- यही प्रॉब्लम है तुम दोनों के bich...Raj समझा ना सका और कीर्ति तुम समझने hi नहीं चाहती थी.
सुमित:- और राज tu...Yaa तो तुझे कीर्ति को अपने प्यार का इजहार कर के उससे समझाना चाहिए था की तू कैसा है या फिर अपनी वो आदत बदलना चाहिए था.
कीर्ति के नाराज होने के बाद भी तू ऐसी कोशिश कर रहा था जैसे तेरा सामान यहाँ खोया है तो तू किसी और जगह ढूंढ रहा है ये सोच कर की वह ज्यादा रौशनी है और तुझे वो सामान वह मिल जाएगा.
राज ने कोई जवाब नहीं दिया.
कीर्ति:- लेकिन मुझे अभी भी राज पर भरोषा नहीं है.
सुमित:- राज का गारंटी मई लेता hun...Jitna मई जानता हूँ बहुत hi शरीफ और ईमानदार लड़का है.
कीर्ति:- और तुम्हारा गारंटी कौन लेगा?
सुमित:- मतलब?
कीर्ति:- तुम भी तो एक वक्त में दो लड़की को बेवकूफ बना रहे thhe...Yaha मेघा और वह तुम्हारी कीर्ति.
ये जवाब सुनते hi सुमित कुछ पल के लिए चुप हो गया और फिर.
सुमित:- वो मज़बूरी tha...Lekin मैंने खुद मेघा के सामने एडमिट किया hai...Khair तुम नहीं समझोगी.
मुझे समझने की जरुरत भी नहीं hai...Raj को समझ लो मई बस इतना hi चाहता हूँ.
कीर्ति कुछ नहीं कहती.
सुमित:- अभी भी मौका hai...Ego और जिद्द में गलत फैसला मत lo...Ye राज hi है जो तुम्हारे इतने मन करने के बाद भी हार नहीं माना.
अभी थोड़ा वक्त बिताओ एक दूसरे के saath...Samjho एक दूसरे ko...Aur फिर कोई फैसला लो.
कीर्ति:- मुझे समझने की कोई जरुरत नहीं hai...Mai अच्छे से जानती हूँ राज को.
सुमित:- शायद तुमसे और बात करके कोई फायदा नहीं hai...Tum पहले से hi अपना डिसिशन बना चुकी हो.
योर लाइफ योर decision...Mai ये भी नहीं कहूंगा की राज को छोड़ कर तुम बहुत pachhtaaogi...Ho सकता है की तुम्हे राज से भी ज्यादा प्यार करने वाला मिल jaaye...Lekin राज नहीं मिलेगा.
कीर्ति ने कुछ जवाब नहीं दिया.
सुमित:- जिंदगी में कब गलती हो जाए और वो गलती कितना भारी पद सकता है ये मुझसे बेहतर कोई नहीं jaanta...Tum बहुत लकी हो जो 2 साल के बाद भी सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है और सब कुछ तुम्हारे मर्जी के साथ हो रहा है.
एक मेरा जिंदगी...2 पल में बिखर gaya...Aur शायद hi फिर से जुड़ सके.
अगर तुम्हारे साथ भी ऐसा हो जाए तो पछताना mat...Haalath बदलने में देर नहीं lagta...Kahi ऐसा ना हो की जब तुम्हे प्यार का एहसास फिर हो और उस वक्त राज बदल जाए या फिर मजबूर हो जाए तो मेरे पास मत आना.
मई कोई हेल्प नहीं कर paaunga...Mujhe खुद अपने ग़म से बाहर निकलने का वक्त नहीं है तो दुसरो को क्या हेल्प करूँगा?
इतना कह कर सुमित वह से निकल गया और फैसला छोड़ दिया कीर्ति और राज पर.
सुमित की दो बात ने कीर्ति की दिमाग में गहरा छाप छोड़ gaya...Ek जो भी उससे प्यार करेगा वो राज नहीं hoga...Aur दूसरा हालत बदलने की बात.
वार्ड से निकलते hi.
सुमित:- Hello रमेश bhai...Party आज मेरी तरफ से.
इतना कह कर सुमित ने फ़ोन कट कर दिया और चल पड़ा हॉस्टल की और.
ात पार्टी
पार्टी में लगभग 5, 6 लोग thhe...Sumit और उसके seniors...Daaru की 10 बोतल, कुछ चखना और cigarette...Aur बैकग्राउंड में साद songs...Kuch ऐसा hi पार्टी था.
सुमित hi सुरुवात करते हुए आधा बोतल एक hi बार में पी लेता है.
रमेश:- अरे बस kar...Paagal हो गया है क्या?
सुमित:- हाँ अब्ब पागल होना hi बाकी रह गया है.
सुमित की होंठो में मुस्कान tha...Dard भरी मुस्कान.
राजीव:- भाई आज तू कुछ ज्यादा hi सेंटी लग रहा है.
रमेश:- मेघा को सब सच बता दिया आज इसने?
सुमित:- समझ में नहीं आ रहा है की मैंने सच बताया है या फिर अपने पेअर पर कुलहरि मारा है...2 साल का म्हणत 2 पल में ख़त्म कर दिया.
Megha...Pata नहीं ये लड़की इतनी अच्छी क्यों है की उसको और धोखा देने का मन hi नहीं हुआ.
अब्ब तो शायद कीर्ति हमेशा के लिए अलग हो जायेगी.
सुमित ने दर्द भरी आवाज के साथ कहा.
रमेश:- संभाल यार खुद ko...Jaruri तो नहीं की हर प्यार सफल ho...Hume hi देख le(Waha मौजूद सभी को इशारा kar)...Kiska प्यार कामयाब हो पाया है? किसी को धोखा मिला तो किसी ने मज़बूरी में हार मान लिया.
रमेश की बातों में भी सुमित की तरह hi दर्द था.
राजीव:- रमेश सही कह रहा है..
जिंदगी में हर वक्त हमे सिर्फ जीत hi नहीं milta...Kabhi हारना भी पड़ता है जो हमे गहरा सबक सिखाता है.
और तूने मेघा को सच बता कर सही kiya...Dil हल्का हो गया न?
सुमित:- दिल तो हल्का हो गया लेकिन दर्द?
इतना कह कर सुमित ने अपनी आँखें बंद कर लिया.
सॉरी फ्रेंड्स थोड़ा लेट अपडेट देने के liye...Abhi एक्साम्स है नेक्स्ट वीक से इसी वजह से स्टडी में ज्यादस फोकस कर रहा हूँ और ज्यादा वक्त नहीं मिल रहा hai...Exam नेक्स्ट वीक के मंडे से स्टार्ट होगा और फ्राइडे complete...Aur उस एग्जाम के 6 वीक्स के बाद 2ंद ईयर का फाइनल एग्जाम hai...Most रिस्की एंड tough...Risky इस लिए की गलती से फ़ैल हो गया तो ईयर लोस्स होगा और रे एग्जाम भी नहीं hai...Tough इस लिए क्यों की 1सत एंड 2ंद ईयर दोनों का कंटेंट होगा.
इसी लिए 6 वीक्स में भी सुरुवात के 3 या 4 हफ्ते hi अपडेट दे paaunga...Wo एक्साम्स कम्पलीट होने के बाद थोड़ा फ्री और रिलैक्स हो jaaunga...Aur नेक्स्ट अपडेट की बात करे तो सैटरडे तरय करूँगा बूत सूरे नहीं हूँ.
सुमित वापस राज और कीर्ति के पास आ gaya...Ek खामोशी था तीनो के bich...Koi कुछ नहीं बोल रहा tha...Aur ना hi किसी को समझ में आ रहा था की क्या बोले?
इस खामोशी को सुमित ने hi तोडा.
सुमित:- कीर्ति मुझे तुमसे कुछ बात करनी है?
कीर्ति:- हां कहो.
सुमित:- राज के बारे में.
कीर्ति:- (विथ सीरियस लुक) हाँ कहो.
सुमित की बात सुन कर राज के भी कान खड़े हो गए ये उत्शुकता के साथ की सुमित क्या कहने वाला है.
सुमित:- और राज साथ में तुझसे भी.
राज भी सर हिला कर सहमति देता है.
सुमित:- प्यार तो तुम दोनों hi एक दूसरे से करते हो या फिर thhe...Lekin तुम दोनों hi एक दूसरे को समझने में ना कामयाब रहे हो.
विश्वाश hi नहीं है तुम्हे अपने प्यार में.
राज:- नहीं bhai...Mujhe कीर्ति पर पूरा विश्वाश है.
सुमित:- कीर्ति के बारे में nahi...Tujhe अपने प्यार पर विश्वाश नहीं है.
अगर होता तो पहले hi बिना किसी दर के अपनी बात कीर्ति से kehta...Lekin तुझ में विश्वाश की कमी या फिर दर की कीर्ति तेरी बात नहीं मानेगी.
इसी वजह से पीछे हत्ता चला gaya...Aur सीधे से कीर्ति से बात करने में डरता raha...Aur अब्ब हालत ये है की तू चाह कर भी कीर्ति के सामने नहीं आ पाटा.
कीर्ति:- लेकिन मुझे राज पर बिलकुल भी भरोषा नहीं है.
सुमित:- तुम्हे यही लगता था ना की राज तुम्हारे साथ सीरियस नहीं है.
कीर्ति:- लगता था और hai...Aaj भी राज को देखता हु तो लगता है की वो बिलकुल भी नहीं बदला.
सुमित:- प्रॉब्लम यही hai...Ye तुम सोच रही हो और तुम्हे लगता है की जो तुम सोच रही हो वही सही hai...Aur कुछ बात हो hi नहीं सकता.
कीर्ति अब्ब गुस्से से सुमित को देखती है.
कीर्ति:- तो क्या अब्ब मई ये सोचु की जो राज कर रहा है वो सही hai...Ek तो वो मुझसे प्यार करने का दवा करता है और दूसरे hi पल किसी दूसरी लड़की के साथ flirting...Kya यही प्यार है?
सुमित:- लेकिन मुझे तो फ्लिर्टिंग जैसा कुछ नहीं लगा.
कीर्ति:- वो इस लिए क्यों की तुम राज का साथ देना चाहते ho...Aakhir उसका भाई जो हो.
सुमित:- और तुम्हारा दोस्त भी तो हूँ.
सुमित की इस बात पर कीर्ति कुछ नहीं बोलती.
सुमित:- मजाक और फ्लिर्टिंग में बहुत फर्क होता hai...Raj हर किसी के साथ हंसी मजाक करता hai...Haan अभी के हालात अलग है वर्ण असली राज को तो तुम भी जानती हो.
कीर्ति:- हर किसी के साथ हंसी majaak...Lekin मेरे saath...Naa hi कभी अच्छे से बात की और ना hi मुझे कभी ऐसा लगा की वो मुझसे प्यार करता है.
राज से भी ज्यादा प्यार मई उससे करती thi...Lekin वो कभी समझ hi नहीं paaya...Ulta दूसरी लड़कियों से फ्लिर्टिंग सॉरी तुम्हारे भाषा में मजाक करके मुझे जलाता tha...Aakhir कौन इतना बर्दास्त कर सकता है?
और जब अलग होने लगी राज से तो वो मेरे पीछे पद गया.
सुमित:- समझता hun...Tumhari feelings...Lekin तुम्हे उसी वक्त समझ जाना चाहिए था की राज भी तुमसे प्यार करता है जब वो तुमसे बाकी लड़कियों की तरह मजाक नहीं करता था.
बाकी लड़कियों का क्या? उनसे मजाक कर लिया और अगर उनको बुरा भी लग गया तो राज को क्या फर्क पड़ेगा? लेकिन tum...Tum कही हर्ट ना हो जाओ इस दर से तुमसे ज्यादा मजाक नहीं करता tha...Tumse अलग तरह का केयर करता होगा जो शायद तुम समझ नहीं पायी.
इस बार कीर्ति सोच में पद गयी.
सुमित:- यही प्रॉब्लम है तुम दोनों के bich...Raj समझा ना सका और कीर्ति तुम समझने hi नहीं चाहती थी.
सुमित:- और राज tu...Yaa तो तुझे कीर्ति को अपने प्यार का इजहार कर के उससे समझाना चाहिए था की तू कैसा है या फिर अपनी वो आदत बदलना चाहिए था.
कीर्ति के नाराज होने के बाद भी तू ऐसी कोशिश कर रहा था जैसे तेरा सामान यहाँ खोया है तो तू किसी और जगह ढूंढ रहा है ये सोच कर की वह ज्यादा रौशनी है और तुझे वो सामान वह मिल जाएगा.
राज ने कोई जवाब नहीं दिया.
कीर्ति:- लेकिन मुझे अभी भी राज पर भरोषा नहीं है.
सुमित:- राज का गारंटी मई लेता hun...Jitna मई जानता हूँ बहुत hi शरीफ और ईमानदार लड़का है.
कीर्ति:- और तुम्हारा गारंटी कौन लेगा?
सुमित:- मतलब?
कीर्ति:- तुम भी तो एक वक्त में दो लड़की को बेवकूफ बना रहे thhe...Yaha मेघा और वह तुम्हारी कीर्ति.
ये जवाब सुनते hi सुमित कुछ पल के लिए चुप हो गया और फिर.
सुमित:- वो मज़बूरी tha...Lekin मैंने खुद मेघा के सामने एडमिट किया hai...Khair तुम नहीं समझोगी.
मुझे समझने की जरुरत भी नहीं hai...Raj को समझ लो मई बस इतना hi चाहता हूँ.
कीर्ति कुछ नहीं कहती.
सुमित:- अभी भी मौका hai...Ego और जिद्द में गलत फैसला मत lo...Ye राज hi है जो तुम्हारे इतने मन करने के बाद भी हार नहीं माना.
अभी थोड़ा वक्त बिताओ एक दूसरे के saath...Samjho एक दूसरे ko...Aur फिर कोई फैसला लो.
कीर्ति:- मुझे समझने की कोई जरुरत नहीं hai...Mai अच्छे से जानती हूँ राज को.
सुमित:- शायद तुमसे और बात करके कोई फायदा नहीं hai...Tum पहले से hi अपना डिसिशन बना चुकी हो.
योर लाइफ योर decision...Mai ये भी नहीं कहूंगा की राज को छोड़ कर तुम बहुत pachhtaaogi...Ho सकता है की तुम्हे राज से भी ज्यादा प्यार करने वाला मिल jaaye...Lekin राज नहीं मिलेगा.
कीर्ति ने कुछ जवाब नहीं दिया.
सुमित:- जिंदगी में कब गलती हो जाए और वो गलती कितना भारी पद सकता है ये मुझसे बेहतर कोई नहीं jaanta...Tum बहुत लकी हो जो 2 साल के बाद भी सब कुछ ठीक ठाक चल रहा है और सब कुछ तुम्हारे मर्जी के साथ हो रहा है.
एक मेरा जिंदगी...2 पल में बिखर gaya...Aur शायद hi फिर से जुड़ सके.
अगर तुम्हारे साथ भी ऐसा हो जाए तो पछताना mat...Haalath बदलने में देर नहीं lagta...Kahi ऐसा ना हो की जब तुम्हे प्यार का एहसास फिर हो और उस वक्त राज बदल जाए या फिर मजबूर हो जाए तो मेरे पास मत आना.
मई कोई हेल्प नहीं कर paaunga...Mujhe खुद अपने ग़म से बाहर निकलने का वक्त नहीं है तो दुसरो को क्या हेल्प करूँगा?
इतना कह कर सुमित वह से निकल गया और फैसला छोड़ दिया कीर्ति और राज पर.
सुमित की दो बात ने कीर्ति की दिमाग में गहरा छाप छोड़ gaya...Ek जो भी उससे प्यार करेगा वो राज नहीं hoga...Aur दूसरा हालत बदलने की बात.
वार्ड से निकलते hi.
सुमित:- Hello रमेश bhai...Party आज मेरी तरफ से.
इतना कह कर सुमित ने फ़ोन कट कर दिया और चल पड़ा हॉस्टल की और.
ात पार्टी
पार्टी में लगभग 5, 6 लोग thhe...Sumit और उसके seniors...Daaru की 10 बोतल, कुछ चखना और cigarette...Aur बैकग्राउंड में साद songs...Kuch ऐसा hi पार्टी था.
सुमित hi सुरुवात करते हुए आधा बोतल एक hi बार में पी लेता है.
रमेश:- अरे बस kar...Paagal हो गया है क्या?
सुमित:- हाँ अब्ब पागल होना hi बाकी रह गया है.
सुमित की होंठो में मुस्कान tha...Dard भरी मुस्कान.
राजीव:- भाई आज तू कुछ ज्यादा hi सेंटी लग रहा है.
रमेश:- मेघा को सब सच बता दिया आज इसने?
सुमित:- समझ में नहीं आ रहा है की मैंने सच बताया है या फिर अपने पेअर पर कुलहरि मारा है...2 साल का म्हणत 2 पल में ख़त्म कर दिया.
Megha...Pata नहीं ये लड़की इतनी अच्छी क्यों है की उसको और धोखा देने का मन hi नहीं हुआ.
अब्ब तो शायद कीर्ति हमेशा के लिए अलग हो जायेगी.
सुमित ने दर्द भरी आवाज के साथ कहा.
रमेश:- संभाल यार खुद ko...Jaruri तो नहीं की हर प्यार सफल ho...Hume hi देख le(Waha मौजूद सभी को इशारा kar)...Kiska प्यार कामयाब हो पाया है? किसी को धोखा मिला तो किसी ने मज़बूरी में हार मान लिया.
रमेश की बातों में भी सुमित की तरह hi दर्द था.
राजीव:- रमेश सही कह रहा है..
जिंदगी में हर वक्त हमे सिर्फ जीत hi नहीं milta...Kabhi हारना भी पड़ता है जो हमे गहरा सबक सिखाता है.
और तूने मेघा को सच बता कर सही kiya...Dil हल्का हो गया न?
सुमित:- दिल तो हल्का हो गया लेकिन दर्द?
इतना कह कर सुमित ने अपनी आँखें बंद कर लिया.
सॉरी फ्रेंड्स थोड़ा लेट अपडेट देने के liye...Abhi एक्साम्स है नेक्स्ट वीक से इसी वजह से स्टडी में ज्यादस फोकस कर रहा हूँ और ज्यादा वक्त नहीं मिल रहा hai...Exam नेक्स्ट वीक के मंडे से स्टार्ट होगा और फ्राइडे complete...Aur उस एग्जाम के 6 वीक्स के बाद 2ंद ईयर का फाइनल एग्जाम hai...Most रिस्की एंड tough...Risky इस लिए की गलती से फ़ैल हो गया तो ईयर लोस्स होगा और रे एग्जाम भी नहीं hai...Tough इस लिए क्यों की 1सत एंड 2ंद ईयर दोनों का कंटेंट होगा.
इसी लिए 6 वीक्स में भी सुरुवात के 3 या 4 हफ्ते hi अपडेट दे paaunga...Wo एक्साम्स कम्पलीट होने के बाद थोड़ा फ्री और रिलैक्स हो jaaunga...Aur नेक्स्ट अपडेट की बात करे तो सैटरडे तरय करूँगा बूत सूरे नहीं हूँ.