Romance Sex kahani - Ek Bhool 2 - Page 2 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Ek Bhool 2

अपडेट 5

मेघा इंतजार करती hi रही सुमित की मुंह नोचने ki...Lekin इस बार इंतजार का फल कड़वा निकला :D...Megha की सोच से उल्टा सुमित कुछ नहीं बोलै.

धीरे धीरे क्लास स्टार्ट हुआ और दोनों के बिच बातें बिलकुल hi बंद हो चूका tha...Iss बिच मेघा ने एक भी बार सुमित को नहीं देखा था.

ऐसे hi एक बार जब उसकी नजर सुमित पर पड़ा तोह देख कर वो हैरान रह gayi...Sumit मोबाइल में गेम खेल रहा tha...Lecture पर फोकस तो दूर दूर तक नहीं tha...Aur वो उस एंगल में बैठा था की प्रोफेसर का नजर मुश्किल से उस पर पड़ता.

मेघा बिना कुछ कहे अपनी नजर घुमा लेती है.

ऐसे hi 2ंद लेक्चर में जब उसकी नजर सुमित पर पड़ता है तब सुमित प्रोफेसर का स्केच बना रहा tha...Funny type...Ye देख मेघा को हंसी तो आती है लेकिन सुमित के सामने खुल कर हंसती नहीं.

नेक्स्ट लेक्चर में देखा तो सुमित सू रहा था.

मेघा :- (इन हेर मंद) कितना अजीब लड़का है ये?

इसी तरह कॉलेज तिम्र ख़त्म हो जाता hai...Har लेक्चर में सुमित कुछ ऐसा करता की मेघा की बैरानी बढ़ते hi जा रहा tha...Kisi बी लेक्चर में उसका पढ़ाई से दूर दूर तक का कोई रिश्ता नहीं था.

आफ्टर लास्ट लेक्चर

मेघा:- कॉलेज पढ़ाई के लिए आते है.

सुमित:- लेकिन मई सोने के liye...Aisi ठण्ड मौसम में एक में सोने की मजा hi कुछ और है.

हॉस्टल में ये कॉलेज वालो ने एक भी एक नहीं लगाया hai...To आ गया यही बोरा बिस्तर ले कर.

सुमित ने दांत दिखा कर कहा.

मेघा:- ऐसे दिन में कौन सोता है?

सुमित:- मुझ जैसे अल्ट्रा लीजेंड log...Raat...Raat भी कोई सोने की वक्त hai...Raat तो एक खूबसूरत पल hai...Khud से बी खुद को भुलाने का.

मेघा:- मतलब?

सुमित:- मतलब मूड पर देपेंद है ब्यूटी queen...Agar अच्छा मूड हुआ तो 3 बोतल वर्ण 2...इतना टल्ली हो जाओ की खुद को hi भुला do...Bhulaa दो अपने सारे ग़म को, तकलीफ को.

मेघा:- युक :yuck:...Aur तुम मुझसे फ़्लर्ट कर रहे हो.

सुमित:- नौपे माय ब्यूटी queen...Tumhe पता रहा हु.

मेघा:- और मई पैट jaungi...My फुट.

सुमित:- सामने सुमित है dear...Ye तुम्हे माय फुट से माय हार्ट बुलवा कर hi रहेगा.

मेघा कुछ नबी bolti...Bas बैग उठा कर घर जाने hi लगती है की.

मनीष:- अरे सुमित bhai...Abb कितने दिन बाद आप के दर्शन होगा?

सुमित मनीष के कंधे में हाथ रख.

सुमित:- अब्ब तो रोज दिखाई दूंगा tujhe...Vajah जो मिल गयी है कॉलेज आने की.

मेघा को देख मुस्कुराते हुए सुमित ने kaha...Megha भी गुस्से से सुमित को देख वह से चली गयी.

किरटीई

हिम्मत करके राज ने घर जा रही कीर्ति को रोकने की कोशिश ki...Lekin कीर्ति रुके बिना hi वह से चली gayi...Iss बार भी उसके चेहरे में कोई भाव नहीं था.

ये देख राज का दिल फिर से टूट गया.

राज तुझे स्मोकिंग से कोई प्रॉब्लम तो नहीं है?

राज के डिनर कर के आने के बाद hi सुमित ने उससे pucha...Haath में एक सिगरेट था जो अभी उसने जलाया था.

राज:- नहीं hai...Mai भी ोक्सासिओनल स्मोकर hun...Lekin आप क्यों पूछ रहे है?

सुमित:- आज पीने का बहुत मन कर रहा hai...Ho सकता है रात भर पीटा राहु.

तू एक काम kar...Window खुला छोड़ कर सू jaana...Taaja हवा भी मिलेगा.

राज:- Hmm...Thik है.

सुमित फिर सिगरेट फूंकते हुए एक बुक उठा लेता hai...Ye देख राज.

राज:- भाई अभी तोह सिर्फ बेसिक hi स्टार्ट हुआ hai...Aur aap...Neuro एनाटोमी...

सुमित:- देख Raj...Mai हमेशा वक्त से आगे रहना चाहता hun...Issi लिए क्लास में आज जो पढाई हो रहा है वो बहुत पहले पढ़ चूका hun....Abb आगे की तयारी.

और मई रोज पढ़ने वाला स्टूडेंट nahi...Jab मूड करता है उस vakt...Jaise की aaj...Aaj सिगरेट और व्हिस्की के साथ पूरी रात पढ़ाई में बिता दूंगा.

इतना कह कर सुमित अपना पेग बनाने लगता है.

राज:- भाई आपने कीर्ति से बात किया?

सुमित:- तुझे पहले भी बता चूका hun...Mai वक्त से आगे रहता hun...Sahi वक्त से पहले hi तुझे मिंगले करवा dunga...Bas अभी मूड का वाट मत लगा.

फिर राज भी कुछ नहीं bolta...Aur कुछ देर अपने बुक और नोट्स देखने लगता है.

जब नींद आता है तो एक नजर सुमित को देखता hai...Jiske एक हाथ में व्हिस्की का गिलास था और दूसरे में cigarette...Aur नजर सामने बुक पर.

राज के सू जाने के काफी देर बाद सुमित राज को देखता है और मुस्कुराने लगता है.

अचानक से उससे पढ़ने का मन नहीं होता है और वो कुछ देर सिर्फ राज को hi देखता रहता hai...Kehte है ना खाली दिमाग शैतान ka...Sumit के दिमाग में भी कई तरह के ख्याल आता hai...Kabhi वो राज को देख हँसता तो कभी खुद से hi बातें कर के हंसने lagta...Upar से व्हिस्की का nasha...Usse कुछ भी समझ में नहीं आ रहा था की वो कहा है और क्या कर रहा है.

बस वो तो अपने hi ख्याल में गुम्म था.
 
अपडेट 6

Hello ब्यूटी क्वीन. :डी

दांत दिखाते हुए सुमित मेघा के पास गया.

सुमित को देख मेघा का मूड एक बार फिर ऑफ हो gaya...Kaha सुमित को इतने दिनों से एब्सेंट देख वो छैन की सांस ले रही थी और आज भी सुमित से दूर बैठ वो सुकून महसूस कर रही thi...Lekin अब्ब.

सुमित भी मेघा के टेबल के hi अपोजिट चेयर में बैठ गया.

मेघा:- दूर रहो मुझसे.

सुमित:- दूर hi तो hun...Pure 1 मीटर की duri...Abb और कितना दूर?

सुमित की इस बात का मेघा कोई जवाब नहीं deti...Sumit को अवॉयड करने के लिए वो मोबाइल चलाने लगती hai...Lekin...

सुमित मेघा का मोबाइल छीन कर ऑफ कर के टेबल पर रख देता है.

मेघा सुमित को बहुत गुस्से में घर रही थी लेकिन Sumit...Usse क्या फर्क padta...Bindaas हो कर बोलै.

सुमित:- ये मोबाइल hi है सबका dushman...New जनरेशन को तबाह करने में कोई कसार नहीं छोड़ा है.

और किसी को तबाह करता तो मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता? लेकिन लवर्स को.

क्या दिन होते थे वो जब प्यार की पंछी एक दूसरे का हाथ अपने हाथो में थामे इस खूबसूरत प्रकृति (नेचर) के सैर के लिए निकलते thhe...Din रात एक दूसरे से कभी ना बिछड़ने की कसमें खाते thhe...Alag hi शिद्दत होती थी उनकी प्यार में.

लेकिन आज kal...Aaj कल तो सिर्फ बाबू सोना hi चलता hai...Aur प्यार प्यार ना रह कर अलार्म क्लॉक बन चूका है.

गुड morning...Good afternoon...Good evening...Good night...Sirf टाइम hi अपडेट करते रहते है एक दूसरे se...Ye भी कोई प्यार हुआ?

मेघा:- किसने कह दिया की हम लवर है.

सुमित:- आज नहीं तोह कल बन jaayenge...Aur कभी कभी मई भविस्य (फ्यूचर) में भी जी लेता हूँ.

मेघा:- एक बात bataao...Tum मेरे hi पीछे क्यों पड़े हो?

सुमित:- ग़लतफहमी है tumhari...Mera पहला प्यार कीर्ति थी और तुम दूसरी.

ये कहते hi सुमित को अंदाजा हुआ की उसने जल्दबाज़ी में क्या कह दिया hai...Baat सँभालने के लिए उसने कहा.

सुमित:- लेकिन Kirti...Lekin राज उससे प्यार करता hai...Aur राज है भी emotional...Uska दिल तोडना नहीं चाहता हूँ.

फिर मेरी नजर पड़ा तुम par...Aur तुम्हारे साथ भी वही हुआ जो कीर्ति को देख हुआ tha...Love ात फर्स्ट Sight...Pehli नजर का प्यार.

और तुम भी सिंगल hi ho...To सोचा क्यों ना तुम पर तरय करू.

सुमित बिंदास हो कर bola...Usse कोई मतलब नहीं था की मेघा उसके बारे में क्या सोच रही है.

मेघा:- लव ात फर्स्ट sight...Kya बकवास hai...Tumhe देखते hi मुझे नफरत सा फील होने लगता hai...Irritate होती हूँ तुम्हे dekh...Tumhari बातें सुन कर.

सुमित:- अब्ब तुमसे प्यार हो gaya...Iss में मेरा क्या गलती? वैसे गलती मेरा भी नहीं hai...Mera हाइपोथैलेमस की है.

मेघा:- क्या मतलब?

सुमित:- जब तुम्हे पहली बार dekha...To मेरा हाइपोथैलेमस से ऑक्सीटोसिन (लव हॉर्मोन) बहुत मात्रा में nikla...Itna ज्यादा की तुमसे इश्क़ हो गया.

मेघा:- कुछ समझ में नहीं आया?

सुमित:- 1सत ईयर में हो...1 महीने भी नहीं hua...To ख़ाक samjhogi...Abhi 5 साल बाकी hai...Sab समझ jaaogi...Hypothalamus भी और मुझे भी :ब्लश:

मेघा:- मुझे कुछ भी नहीं समझना.

सुमित:- अब्ब मेरा गुस्सा बेचारा हाइपोथैलेमस पर क्यों निकाल रही ho...Agar उससे नहीं समझी तो एग्जाम में फ़ैल हो jaaogi...Fir डॉक्टर कैसे बनोगी?

मेघा:- इर्रिटेट करना बंद करो.

सुमित:- अच्छा अच्छा.

सुमित ने हँसते हुए कहा और कुछ hi पल में वो सच में चुप हो गया.

दोनों की बिच की चुप्पी को सुमित के मोबाइल में मैसेज का नोटिफिकेशन ने तोडा.

मैसेज चेक करने के बाद.

सुमित:- अच्छा ब्यूटी queen...Chalta hun...Apna ख्याल रखना.

जाने का मन तो नहीं tha...Lekin सीनियर्स का बुलावा आया hai...Daaru पार्टी के लिए.

सीनियर्स भी कमीने hai...Sirf लेना जानते hai...Dena nahi...Aaj पार्टी दे रहे है तो ये मौका नहीं छोड़ सकता.

सुमित जाने के लिए उठा hi था की.

मेघा:- तुम्हे नहीं लगता तुम गलत सांगत में जा रहे हो.

सुमित:- सही रास्ता दिखने वाली कोई है भी तो नहीं.

सुमित ने मुस्कुरा कर कहा और वह से चला gaya...Ek नजर मेघा की तरफ देखा भी नहीं.

ात नाईट

भाई संभल कर.

सुमित को संभालते हुए कहा राज ने.

सुमित:- में ठीक हूँ.

नशे की हालत में hi जवाब दिया सुमित ने और आ कर अपने बीएड पर गिर गया.

सुमित:- मजाक मत kar...Koi जरुरत नहीं है इसकी.

राज को अपनी तरफ प्लास्टिक लाता देख सुमित ने कहा.

सुमित:- आदत हो चूका है abb...Aaram से डाइजेस्ट कर लूंगा.

फिर सुमित अपने बीएड पर लेता hi रहा.

राज:- ये सब पी कर आखिर क्या होता है?

सुमित:- मजा आता है.

सुमित ने मुस्कुरा कर जवाब दिया.

फिर राज ने भी कुछ सवाल नहीं kiya...Wo अपने मोबाइल में बिजी हो गया.

सुमित भी अपने सोचो में गुम्म tha...Apne सोच में वो तीनो काल का सैर कर रहा था.

राज तभी अपना मोबाइल वही छोड़ बाहर रूम से बाहर चला जाता है.

सुमित के भी दिमाग में न जाने क्या आता है की वो राज का मोबाइल उठा लेता है.

राज के स्क्रीन में देख सुमित को हैरानी होता hai...Raj का मोबाइल में मैसेंजर खुला था और कीर्ति के साथ चाट जहा वो ब्लॉक्ड था.

सुमित:- (इन हिज मंद) इसका भी कुछ करना padega...Pehle मेघा के साथ बात बन जाए फिर तेरा भी देखता हूँ.
 
अपडेट 7

धीरे धीरे दिन बीतने laga...Vakt के साथ हर एक चीज बदल रहा था लेकिन 2 चीज में आज भी कोई बदलाव नहीं आया था.

एक राज का दर्द भरी duniya...Din भर अपने hi दर्द भरी यादो में डूबा रहता.

दूसरा सुमित और उसका charecter...Kisi को कुछ समझ में नहीं आ रहा tha...Raj को भी अजीब तो बहुत लगता लेकिन उसने कभी पूछने की कोशिश hi नहीं kiya...Apne दर्द भरी दुनिया से बाहर निकलता तो hi पूछता.

इसी तरह 1सत सेम का एग्जाम कम्पलीट भी हो गया और रिजल्ट भी आ गया था.

सुमित:- ये क्या है राज?

राज का रिजल्ट देख सुमित का गुस्सा सातवें आसमान में था.

राज चुप hi रहा.

सुमित:- जस्ट पास हुआ है.

कुछ देर चुप रहने के बाद...

राज:- भाई आप को देख कर hi रिजल्ट ऐसा आया है.

सुमित:- क्या मतलब?

राज:- एग्जाम टाइम में आप भी नहीं पढ़ते thhe...To मुझे लगा एक्साम्स में इजी क्वेश्चन आएंगे और एग्जाम को ुँडेरेस्तिमाते कर दिया.

सुमित:- ये सबसे बड़ी बेवकूफी hai...Apna प्रिपरेशन दूसरों को देख कभी नहीं करना chahiye...Sabka पढ़ने का तरीका अलग होता hai...Koi लेट स्टार्ट करके भी कवर कर लेता है तो किसी को बहुत टाइम लगता है.

राज कुछ नहीं bola...Aur सुमित का शक भी यकीं में बदल गया.

सुमित:- वजह कुछ और है? सच बोल.

राज:- नहीं bhai...Mai सच कह रहा हूँ.

सुमित:- मेरे सर पर चुटिया लिखा नहीं है जो तू मुझे समझ रहा है.

राज कुछ देर चुप रहने के बाद...

राज:- भाई पढ़ने का मन hi नहीं karta...Din रात कीर्ति के बारे में hi सोचता hun...Aur ऊपर से ये dard...Kabhi ख़त्म hi नहीं hota...Sirf और सिर्फ वही याद आती hai...Padhne का मन hi नहीं करता.

सुमित:- तो खाना खाना और सांस लेना भी बंद कर दे?

राज:- क्या?

सुमित:- वो तो नहीं भूलता.

राज:- वो कैसे भूल...

सुमित:- तो पढ़ना क्यों भूल जाता hai...Sahi वक्त पर सही काम करना chahiye...Abb बुढ़ापे में जा कर तो तू पढ़ेगा nahi...Pyar अपनी जगह और पढ़ाई अपनी jagah...Present का असर फ्यूचर पर पढ़ना नहीं चाहिए.

राज चुप hi रहा.

सुमित:- तू कह रहा tha...Mai भी नहीं पढता.

मई कोई पढ़ाई पर डिपेंडेंट नहीं hun...B. फार्म छोड़ मब्ब्स पढ़ रहा hun...Kal जरुरत पड़ा तो ये भी छोड़ दूंगा और कुछ भी कर के जी lunga...Itna हिम्मत है मुझ me...Bol है तुझ में?

और तू बहुत बड़ी बड़ी बातें कर रहा tha...Doctor बनना तेरा सपना hai...Tu इतना डेडिकेटेड है उतना हार्ड वर्किंग hai...Tere पापा को इतना फख्र है तुझ par...Ye बातें बता रहा था.

अगर यही बात मई तेरे पापा को बता दूँ तो वो और भी फख्र महसूस karenge...Aakhir उनका बीटा इतना बड़ा आशिक़ है.

राज:- नहीं...

सुमित:- देख bhai...Pyar अपनी जगह पर सही hai...Tu कोशिश कर कीर्ति को मनाने ki...Hazaar कोशिश kar...Jab तक वो मान न jaaye...Ladta रह अपने प्यार के लिए.

Lekin...Baaki चीज भी तो जरुरी hai...Abhi पढ़ेगा नहीं तो क्या सिर्फ प्यार से hi जिंदगी काट जाएगी तेरी?

राज सिर्फ सुमित को hi देख रहा था.

सुमित:- मई वादा कर चउकस hun...Vakt आने से पहले hi तुझे कीर्ति से मिला dunga...Lekin तू...

सुमित कहते कहते रुक गया.

राज:- लेकिन कब? आप कुछ कर भी तो नहीं रहे है.

उदास आवाज में बोलै राज.

सुमित:- कर तो रहा हूँ koshish...Aise कैसे चुटकी बजाते ये सब हो jayega...Pehle मुझे कीर्ति से दोस्ती करना padega...Aur उससे विश्वाश दिलाना पड़ेगा की तेरा सच में कोई गलती नहीं है.

थोड़ा टाइम तो लगेगा hi.

राज:- लेकिन भाई प्लीज थोड़ा जल्दी kijiye...Abb और रहा नहीं जा रहा है.

सुमित:- Haan...Koshish karunga...Lekin तुझे बाकी की हर चीज में ध्यान देना hoga...Agar कभी मुझे शक भी हुआ तो तुझे मिंगले करवाने का प्लान कैंसिल.

राज ने डरते हुए हां कह diya...Wo जानता था की सुमित मजाक तो बिलकुल भी नहीं कर रहा hai...Abb उससे भी यही आखिरी रास्ता नजर आ रहा था.

सुमित:- देख bhai...Life में हजारो प्रॉब्लम आता hai...Iska ये मतलब नहीं की तू हार मान jaaye...Saamna करना पड़ता है.

मुझे देख तुझे क्या लगता है? इसका लाइफ कितना मस्त hai...Agar मेरा लाइफ और प्रॉब्लम पता चला तो पगला जाएगा.

फिर भी लड़ रहा हूँ इस उम्मीद से की कभी तो इस मुश्किल से बाहर निकलूंगा.

राज:- क्या है भाई आपका प्रॉब्लम?

सुमित:- वक्त आने पर बताऊंगा.

इस बार भी सुमित ने मुस्कुरा कर ताल दिया.

सुमित:- (इन हिज मंद) इसका जल्द hi कुछ करना padega...Kirti...Ye naam...Ajeeb सा जादू hai...Pehle कीर्ति से दोस्ती करता hun...Fir देखता हूँ राज के लिए क्या कर सकता हूँ? न जाने मेरा ये फैसला मुझे जिंदगी में किस मोड़ पर ले जाए.

सुमित यही सोच रहा था की उसके मोबाइल में एक फ़ोन aaya...Number अननोन था.

सुमित:- Hello.

Hi

दूसरी तरफ से जवाब आया और आवाज सुनते hi सुमित पहचान गया.

सुमित:- Hello ब्यूटी queen...Aaj तुम्हे मेरी याद कैसे आ गयी?

मेघा:- कैसे हो तुम? बीमार तो नहीं हो?

सुमित:- मुझे क्या होगा?

मेघा:- अचानक से कॉलेज आना बंद कर diya...Aur आते भी हो तो मुझसे कोई बात नहीं karte...Haan खुश तो हूँ लेकिन सोच रही थी की कही कुछ हो तो नहीं गया जो अचानक से इतना बदल गए? और ऊपर से रिजल्ट भी अच्छा नहीं aaya...5th position...Sab सोच रहे थे तुम टोपर हो.

सुमित:- रिजल्ट से याद aaya...Congrats मिस टोपर.

मेघा:- मई और टोपर? मई तो 3रद हूँ.

सुमित:- लड़कियों की बात कर रहा tha...Ladkon से मुझे क्या लेना देना?

मेघा:- तो लड़कियों से है?

सुमित:- नहीं सिर्फ तुम से.

मेघा:- फ्लिर्टिंग कुछ ज्यादा hi डायरेक्ट नहीं हो रहा है?

सुमित:- तुम भी अजीब ho...Flirting ना करू तो problem...Karu तो प्रॉब्लम?

मेघा:- वैसे तुम्हारा रिजल्ट इतना बुरा कैसे? मतलब तुम्हारा लेवल का तो नहीं है?

मेघा ने बात बदलने की कोशिश की.

सुमित:- ये क्या? रोमांटिक बातों के बिच में पढाई की बातें.

मेघा:- बताओ ना.

सुमित:- बताने के लिए ख़ास है hi kya...Exam के दो हफ्ते पहले से किताब को हाथ भी नहीं lagaya...Aur मई एग्जाम में टॉप करने के लिए पढता भी नहीं hun...Apni ख़ुशी के लिए अपनी मर्जी से.

और बाकी की students...Kuch म्हणत उनकी भी.

मेघा:- तुम्हे नहीं लगता अगर तुम पढाई में और भी सीरियस होंगे तो लाइफ में बहुत आगे तक जाओगे.

सुमित:- तुम्हे नहीं लगता हमारी जोड़ी दुनिया की बेस्ट जोड़ी बन सकती है.

मेघा:- फिर सुरु हो गए?

सुमित:- पहले तुम साथ तो do...Fir सुरु करेंगे हमारी लव स्टोरी.

मेघा:- बेकार बातें करना कोई तुमसे सीखें.

सुमित:- प्यार करना कोई मुझसे सीखे.

मेघा:- और इर्रिटेट किया तो फ़ोन रख दूंगी.

सुमित:- फ़ोन से तो अलग कर dogi...Lekin अपने दिल से? 2 हफ्ते कॉलेज क्या नहीं आया तुम इतना बेचैन हो गयी.

सोचो अगर हम नहीं mile...To बाकी के 50-60 साल तुम्हे इसी बेचैनी में बितानी पड़ेगी.

मेघा:- कोई बेचैनी नहीं hai...Tum पर तरस आ गया तो सोचा हाल चाल पूछ lu...Lekin तुम्हारी बकवास करने की बीमारी का कोई इलाज नहीं.

सुमित:- इलाज तो तुम अपने दिल की karo...Jo अब्ब तुम्हारा ना रह कर मेरा हो चूका है.

इस बार मेघा सच में फ़ोन काट देती है.

सुमित मोबाइल को टेबल में रख बीएड पर लेत जाता है.

राज:- आप प्यार करते है मेघा से?

इस सवाल का जवाब था सुमित का muskaan...Isse ज्यादा सुमित कुछ नहीं बोलै.
 
अपडेट 8

भाई आज के लिए बस इतना hi.

थका हुआ आवाज में राज ने कहा.

सुमित:- चक ठीक hai...Aaj इतना hi काफी है आज के लिए.

राज:- जिस रफ़्तार से हम जा रहे है उससे तोह 2 दिन में कवर कर लूंगा अभी तक का छूटा हुआ कोर्स.

सुमित:- रेविसे करते rehna...Aur इस बार मेरा नाम ख़राब मत karna...Mera भाई और रूममेट है तू.

राज:- कोशिश तो यही है bhai...Aap भी अपना इस भाई का ख्याल रखिये.

बुक और कॉपी को साइड में रखने के बाद राज bola...Sumit भी उसका इशारा समझ कर हँसते हुए कह्तः है.

सुमित:- हाँ तेरा hi काम पर लगा हुआ hun...Kirti से दोस्ती कर लिया hai...Dhire धीरे सब ठीक कर दूंगा.

राज:- बस कीर्ति को एक बार मुझसे बात करने के लिए मन lijiye...Baaki मई सब देख लूंगा.

राज की आवाज में एक उम्मीद था.

सुमित:- फ़िक्र मत kar...Sab कुछ ठीक कर dunga...Vaada किया है tujhse...Niraash नहीं करूँगा.

आज तक सिर्फ खुद से किया हुआ वादा hi अधूरा रहा है दूसरों को किया हुआ नहीं.

सुमित की इस बात में एक गहरा मतलब था जो राज के समझ में बिलकुल भी नहीं आया.

राज:- एक बात पूछना tha...Aap इस वेकेशन में घर क्यों नहीं गए? बाकी सब तो चले gaye...Mai भी जाता लेकिन रेविसिओं करना था जो घर में पॉसिबल नहीं है.

सुमित:- मई दूसरों को फॉलो नहीं karta...Aur जाने की कोई वजह भी नहीं है.

लोग घर जाते है अपनों के साथ टाइम स्पेंड करके खुश होने, फ्रेश hone...Lekin मेरा duniya...Mera दुनिया तो इस में है.

(सुमित अपने हाथ का सिगरेट और दारु की बोतल की और इशारा करते hue)...Yahi है मेरा दुनिया और यही है मेरी khushi...Iske अलावा और कुछ नहीं.

राज:- बहका इस में क्या ख़ुशी?

सुमित:- तू समझ नहीं sakta...Khud को भुला कर नशे में डूबा रहने का मजा hi कुछ और hai...Apni तरह से जिंदगी जीने का सुकून मिलता है.

राज:- मुझे भी लगता है की मुझे भी ये सब सुरु कर देना चाहिए.

सुमित:- मुझसे बुरा कोई नहीं hoga...Bahut पिटेगा अगर मैंने तेरे हाथ में दारु का बोतल भी देखा तो.

राज:- लेकिन आप?

सुमित:- मेरा बात कुछ और है.

राज:- इतना पर्सनल?

सुमित:- पर्सनल तो नहीं hai...Bas सही वक्त नहीं है.

राज अब्ब कुछ नहीं bolta...Ghadi में एक नजर डालने के बाद ोाता चला की रात के 10:00 पं बज रहा hai...Aur वो सोने की कोशिश करने लगता है.

दूसरी तरफ Sumit...Ye तो वक्त था उसका खुद को नशे के हवाले करने ka...Dekhte hi देखते वो पूरी तरह नशे में डूब गया.

तभी उसके मोबाइल में फ़ोन आता hai...Call मेघा का था.

सुमित:- हेल्ल्लूऊओ

मेघा:- Hello सुमित.

मेघा की आवाज में एक दर tha...Wo इतना दरी हुई थी की वो सुमित का आवाज और हालत भी समझ नहीं सकीय.

सुमित:- हाँ बोलो माय ब्यूटी queennnnn...Aaj इतनी रात को याद कैसे कियाए?

मेघा:- आज वेकेशन में घर जा रही thi...Night बस se...Lekin खाने के टाइम में होटल से बस मिस हो gaya...Aur वो लास्ट बस था आज ka...Abhi अकेली हूँ और बहुत दर लग रहा hai...Iss वक्त सिर्फ तुम hi याद आये.

फिर सुमित एड्रेस नोट कर लेता है.

मेघा:- इतनीई जल्दीई.

हैरानी में मेघा boli...Baat हैरानी का hi था...30 मिनट में hi सुमित वह पहुँच गया tha...Wo भी 40 कम दूर.

सुमित:- तुम्हारे लिए कुछ भी ब्यूटी क्विंणन.

इस बार मेघा की हैरानी का कोई सीमा नहीं tha...Iss बार उसने सुमित की आवाज पहचान लिया था.

मेघा:- पागक हो tum...Itni नशे में इतना तेज कोई बाइक चलता है क्या? वो भी इतनी रात ko...Agar कुछ हो जाता तो.

हेलमेट उतार कर.

सुमित:- (विथ स्माइल) मेरा इतना fikr...Accident से नहीं लेकिन तुम्हारी इतनी प्यार देख कही सच में ना मर जाऊं.

मेघा:- मजाक लग रहा है तुम्हे.

मेघा गुस्से में काफी तेज आवाज में बोली.

सुमित भी नशे की हालत में खुद अपने होंठ पर ऊँगली रख देता hai...Aur फिर मेघा की तरफ देखता hai...Megha अभी भी सुमित को गुस्से से घर रही थी.

सुमित:- फ़िक्र नॉट माय ब्यूटी queennn...Jitna भी टल्ली क्यों ना हो jaau...Apne बॉडी पर पूरा कण्ट्रोल होता hai...Ye 2 रुपैया की दारू की इतनी औकात नहीं की मुझे कण्ट्रोल कर सके.

मेघा कुछ नहीं बोलती.

फिर सुमित को कही जाता देख.

मेघा:- अब्ब कहा जा रहे हो?

सुमित:- होटल mein...Nimbu पानी peene...Daaru का नशा उतारना है.

मेघा:- अब्ब कहा गया कण्ट्रोल.

सुमित:- जिस्म पर तो अभी भी कण्ट्रोल hai...Haawa की रफ़्तार में बाइक चला सकता हूँ अभी bhi...Lekin अपने बोली पर कण्ट्रोल नहीं.

कब क्या बक दूंगा कुछ पता hi नहीं chalega...Agar कुछ उल्टा सीधा बोल दिया तो तुम नाराज हो जाओगी और अभी तक का सारा म्हणत bekaar...Abhi तो तुम्हे लगभग पता चूका हूँ अब्ब फिर से म्हणत नहीं कर सकता.

सुमित जो बोल रहा था वही कर रहा tha...Usse खुद अभी पता नहीं था की उसने क्या कहा है मेघा se...Megha भी बस उससे घूरती है.

सुमित 10 मिनट में वापस आ जाता है.

सुमित:- पहले ये bataao...Tumhara घर कितना दूर है.

मेघा:- अराउंड 150 कम दूर.

फिर मेघा अपना गांव का एड्रेस सुमित को बताती है.

मेघा की बात सुनते hi सुमित का हालत ख़राब हो जाता hai...Itna दूर और वो भी कच्ची रास्ता से.

सुमित:- (इन हिज मंद) कोई बात nahi...Pyar में ये सब चलता है.

फिर सुमित मेघा को बाइक में पीछे बिठा कर चल पड़ता है मेघा की गांव की और.

[Friends abhi Story ka plot develop kar raha hun to Update thoda short hi post kar raha hun...Jaise jaise story aage badhega update ka length bhi badhta jaayega.

Update aur story mein alcohol aur smoking ka promotion nahi kar raha hun...Jitna ho sake inn cheejon se dur hi rehna behtar hai...Jo hume sirf nukshaan hi pahuchata hai personally, mentally, socially, economically aur health outcome se bhi...As a writer maine aaj tak kabhi try nahi kiya hai aur shayad hi kabhi karunga...Bas story ke character ke condition aur plot ko dikhane ke liye ye sab likhna pad raha hai.]
 
थैंक्स कामदेव भाई फॉर ीपुर सपोर्ट एंड review...Aisa जुल्म करने का सोचिये भी मत bhai...Sumit कब हंगामा करेगा मुझे भी पता nahi...Mere लिए भी वो ूनप्रेडिक्टेबले है :(...हंगामा करेगा तो जरूर लेकिन कब ये मुझे भी पता nahi...Abhi के कुछ उपदटेस में तो बिलकुल भी nahi...Aur इस चक्कर में आपके रिव्यु आना बंद हो जाएगा :beee:...Saath बने रहिये भाई.
 
अपडेट 9

मेघा:- थोड़ा स्लो chalaao...Raasta ठीक नहीं है और तुम इतना फ़ास्ट चला रहे हो?

डरते हुए मेघा बोली.

सुमित:- ठीक hi तो है...70 kmph...Isse स्लो चलाऊंगा तो लगेगा बाइक नहीं साइकिल चला रहा हूँ.

सुमित की इस बात पर मेघा सुमित को घूरती hai...Lekin कुछ फर्क नहीं padta...Sumit की नजर आगे रास्ते पर था.

मेघा:- स्पीड इतना है की लग रहा है मई किसी तूफ़ान की सैर कर रही हूँ.

अभी भी मेघा की बातों में दर था.

सुमित:- Tufaan...Wo तो हमेशा करोगी क्यों की तूफ़ान का दूसरा नाम hi सुमित hai...Yaa फिर यूँ कहो तूफ़ान मेरा करीबी रिश्तेदार hai...Jaha जहा मई जाता हूँ तूफ़ान मेरे साथ hi आता है.

अलग hi घमंड था सुमित की बातों में.

मेघा:- लेकिन मुझे ना hi तुम्हारे साथ रहना है और ना hi तूफ़ान के saath...Abhi मज़बूरी है इस लिए.

सुमित:- ऐसे कैसे? हमने साथ जीने और साथ मरने की कसम खाया है साथ mein...Uska क्या?

मेघा:- अभी भी नशे में हो तुम? मई तुमसे बात तक नहीं करती और तुम कहते हो की मैंने तुम्हारे साथ जीने मरने की कसम खाया है.

मेघा की आवाज में इस बार गुस्सा था.

सुमित:- मई तो खा चूका hun...Bas तुम्हारी बारी का इंतजार है.

सुमित हँसते हुए बोलै.

मेघा:- बहुत hi घटिया जोके था.

सुमित:- क्या करू तुम्हारा जोक्स का चॉइस hi घटिया hai...Tumhe पसंद आये इस लिए घटिया जोक्स सुनाना पड़ता है.

अफ़सोस की तुम्हे मेरा घटिया जोक्स पसंद है लेकिन मई नहीं. :(

इस बार मेघा कुछ नहीं बोलती है और सुमित भी चुप हो जाता है.

सुमित:- एक बात kahu...Gussa तो नहीं होगी तुम?

दोनों के बिच की खामोशी को तोड़ कर सुमित ने कहा.

मेघा:- पहले बताओ.

सुमित:- दरोगी तो नहीं?

मेघा:- अब्ब बोलो भी.

मेघा की गुस्सा भरी बातें सुन सुमित मुस्कुराता है और कहता है.

सुमित:- ये मेरा फर्स्ट एक्सपीरियंस hai...Raat में बाइक चलाने ka...Aur काफी मजा आ रहा है इतना तेज चलाते हुए पहली बार.

ये सुनते hi...

मेघा:- बाइक रोको.

दर में इतना तेज चीख निकला मेघा की की सुमित को डिस्क ब्रेक लगाना पड़ा.

मेघा बाइक से उतर कर सुमित को गुस्से से देखती है और सुमित मासूम सा शक्ल बना कर.

सुमित:- ी ऍम जोकिंग.

अब्ब मेघा का गुस्सा इतना बढ़ गया की वो कुछ बोल hi नहीं पा रही थी.

सुमित:- तुमसे ज्यादा प्यार मई खुद से करता hun...Tumhare चक्कर में खुद को मार नहीं सकता.

काफी एक्सपीरियंस है रात में बाइक चलाने की...4-5 बार हाथ पेअर तुड़वा चूका hun...Abb वो मिस्टेक फिर से नहीं hoga...Tum निश्चिंत रहो.

सुमित मुस्कुरा कर बोलै.

मेघा बाइक में बैठ जाती है और बस इतना hi कहती है.

मेघा:- चलो.

फिर सुमित बाइक स्टार्ट कर देता है.

मेघा:- वो मजाक की क्या जरुरत था?

अभी भी मेघा की बातों में गुस्सा था.

सुमित:- बोर हो रहा था तो सोचा थोड़ा मजा तुम्हारा hi ले लू.

अब्ब ऐसे hi चुप रही तो ऐसे hi खतरनाक मजाक करूँगा.

सुमित की बातों में एक वार्निंग tha...Fir भी मेघा कुछ नहीं bolti...Shayad वो सुमित से चिढ गयी thi...Sumit भी अब्ब मजाक नहीं करता क्यों की उसने देख लिया था मेघा बहुत दर चुकी थी.

वो बस गाना गन गुनाते हुए बाइक चला रहा था की तभी...

मेघा:- Sumit...Bike रोको.

सुमित:- अब्ब तो बाइक ज्यादा तेज नहीं चला रहा hun...Fir क्यों?

इस बार सुमित खुद hi हैरान रह गया.

मेघा:- थक गयी hun...Thodi देर रेस्ट karenge...Fir चलेंगे.

सुमित फिर बाइक को एक फील्ड के पास रोक देता hai...Megha बाइक से उतर कर फील्ड के एक पत्थर पर बैठ जाती hai...Sumit भी उसके साथ बैठ जाता है.

दोनों के बिच एक खामोशी tha...Sumit को चुप देख मेघा को हैरानी तो हो रहा था लेकिन वो कुछ नहीं bolti...Sumit भी मेघा को और डिस्टर्ब नहीं करना चाहता था.

कुछ देर ऐसे hi बैठने के बाद सुमित को कुछ महसूस हुआ और वो उठ कर बाइक की तरफ जाने लगा.

मेघा:- कहा जा रहे हो?

लेकिन सुमित ने कोई जवाब नहीं diya...Aur बाइक में अपने बैग से कुछ निकाल कर मेघा को दे दिया.

ब्रेड और जैम देख मेघा का सारा गुस्सा ख़त्म हो गया.

सुमित:- जानता हूँ बहुत भुक्खड़ हो tum...Dekha है कॉलेज में तुम्हे थुश थुश कर खाते हुए.

हमेशा की तरह सुमित की होंठो में मुस्कान था.

लेकिन इस बार मेघा सुमित की इस बात का बुरा नहीं मानती और वो ब्रेड पर टूट पड़ती है.

खुद तो खाती है और जबरदस्ती सुमित को भी खिलाती hai...Ye देख सुमित को कुछ अजीब सा लगता है.

मेघा:- थैंक यू सुमित.

सुमित:- ये थैंक यू कहा से आ गया बिच mein...Pyar में no थैंक यू no सॉरी.

और अपनी ब्यूटी क्वीन के बारे में मुझे नहीं तो किस्से पता होगा.

मेघा:- बात तो तुम सही करते हो लेकिन प्यार को छोड़ kar...Naa hi अभी मई तुमसे प्यार करती हूँ और ना hi कभी करुँगी.

कुछ भी कर lo...Lekin तुम्हारी किस्मत में मई नहीं हूँ.

सुमित:- Kismat...Sumit अपना किस्मत खुद लिखता hai...Dekhti jaao...Naa चाहते हुए भी तुम मुझसे प्यार कर बैठोगी.

मेघा:- इतना कॉन्फिडेंस.

सुमित:- मेघा को पता रहा hun...Itna कॉन्फिडेंस तो चाहिए hi.

मेघा:- देखते है.

इस बार मेघा भी मुस्कुरा कर बोली.

मेघा:- अब्ब कहा जा रहे हो?

सुमित अपना सिगरेट दिखा कर.

सुमित:- तुम्हे प्रॉब्लम hoga...Iss लिए.

फिर सुमित थोड़ा दूर आगे जा कर सिगरेट जलाता है.

चांदनी रात था तो दोनों एक दूसरे के नजर के सामने hi thhe...Sumit कभी मेघा को देखता तो कभी अपने सिगरेट ko...Aaj चाँद की इस रौशनी में मेघा काफी खूबसूरत लग रही thi...Sach में सुमित की ब्यूटी क्वीन hi थी वो.

सुमित दो पल मेघा को देख लेने के बाद अपना नजर मेघा से खुद हटा लेता.

मेघा सुमित से ज्यादा सुमित के सिगरेट को देखती है.

Ek...Do...Teen...Chaar...Paanch...Paanch सिगरेट फंक चूका था Sumit...Aur भी फूंकता सुमित लेकिन बिच में मेघा आ गयी.

मेघा:- और कितना स्मोकर करोगे?

सुमित:- चार hi तो हुआ hai...Kam से काम 10...वर्ण रिलैक्स्ड नहीं होता.

मेघा:- चार नहीं पांच.

सुमित:- अब्ब इतना कौन याद रखता है?

मेघा:- क्या ये स्मोकिंग तुम छोड़ नहीं सकते?

सुमित:- नौपे.

मेघा:- मेरे कहने पर भी नहीं.

इस बार मेघा ने प्यार से कहा.

सुमित:- कुछ बातें ऐसी है की अपने मर्जी से भी नहीं छोड़ सकता.

दूसरी तरफ

आकाश:- यार Raj...Tere लिए कीर्ति को मनाने गया tha...Lekin वो तो मुझसे भी बात नहीं करती.

मनीष:- शामे here...Mere साथ भी वही hua...Wo सच में बहुत नफरत करती है तुझसे.

इतना नफरत की हम तेरे दोस्त है इस वजह से हम से भी बात नहीं करती.

आकाश:- अब्ब तो सुमित भैया hi कुछ कर सकते hai...Sirf उनका दोस्ती है कीर्ति se...Aur किसी का नहीं.

राज:- मुझे भी यही लगता है.

बस एक बार कीर्ति मुझसे बात karti...Maj खुद मन लेता उससे किसी हाल में.

लेकिन वो मुझे एक मौका भी नहीं दे रही hai...Har एक रास्ता बंद कर रही है जिससे हो कर मई उसके पास जा सकता था.

काश एक मौका milta...Usse समझाने ka...Apni बातें कहने ka...Usse मनाने ka...Sirf एक मौका.

हमेशा की तरह राज की बातों में दर्द tha...Dard अपनी असफलता का.

सुमित:- अच्छा तो अब्ब तुम jaao...Mai चलता हूँ.

मेघा को उसके घर के पास छोड़ कर सुमित ने कहा.

मेघा:- कहा जा रहे हो?

सुमित:- वापस हॉस्टल.

मेघा:- सच में पागल हो tum...Raat के 1 बज रहा hai...Aur तुम वापस जाओगे इतनी रात को.

काम से काम 2 दिन रुकना padega...Wo कहते है ना "अतिथि देवो भाव."

सुमित:- (विथ स्माइल) Waah...Itna sanskaar...Kahi और प्यार ना हो जाए.

वैसे 2 दिन क्या 2 जन्म भी काफी नहीं hai...Tumhaare साथ रहने के लिए.

लेकिन क्या तुम्हारे घर वाले मानेंगे?

मेघा:- गांव है इसका मतलब ये नहीं की हर इंसान हद्द से ज्यादा पुराने ख़यालात के honge...Haan थोड़ा बहुत पुराने ख्याल तो है लेकिन पापा समझदार भी है.

तुमने मेरा हेल्प किया है ये जान कर वो बहुत खुश honge...Baaki तुम पापा से बात कर के उन्हें जान लो.

सुमित:- अभी जान गया कितना महान है wo...Apni बेटी का हाथ मेरे हाथ में 2 जन्म के लिए दे diya...Aise ससुर मिलना मेरा खुश किस्मती है.

मेघा:- 2 जन्म नहीं...2 din...Ghar में रहने के लिए.

सुमित:- मई सोच रहा था 2 जन्म के लिए. :(

मेघा:- किस्मत की बात hai...Tum किस्मत लिख सकते हो naa...Fir लिख लो.

मेघा मुस्कुरा कर बोली और आगे बढ़ गयी.

सुमित:- (इन हिज मंद) काश किस्मत लिखना अपनी बस की बात होती.
 
थैंक्स चिंटू भाई फॉर योर सपोर्ट एंड review...Agar राज कीर्ति को छोड़ पढाई पर ध्यान देने लगा तो स्टोरी रोमांटिक नहीं इंस्पिरेशनल बन जायेगा :D...Khair, मजाक कर रहा था सुमित की tarah...Aapki बातों से सहमत hun...Jald पता चलेगा राज अब्ब क्या करता है कीर्ति के लिए.

और दूसरी तरफ Sumit...Uska कहानी क्या है वो भी पता चल jaayega...Ek सस्पेंस है अभी उसके करैक्टर में.

साथ बने रहिये भाई. :दोस्त:
 
वेलकम प्रिंस भाई ों थे स्टोरी :हुग: एंड थैंक्स फॉर योर comment...Hero और हीरोइन कौन hai...Abhi तक तो आपने अंदाजा लगा भी लिया hoga...Aur वो गलत भी हो सकता है :D...Sab का अपना रोले है स्टोरी में और वो आगे चल कर क्लियर hoga...Bas कुछ उपदटेस और फिर आपको आपके सवाल के जवाब मिल jaayenge...Saath बने रहिये भाई.
 
अपडेट 10

Sumit...Kaisa रहा सफर गांव तक का?

हंस मुख चेहरा के साथ मेघा के पापा ने सुमित को पूछा.

सुमित:- रात में बाइक चलाने में थोड़ा मुश्किल तो जरूर hua...Isse ज्यादा कुछ तकलीफ नहीं हुआ.

म. डैड:- बहुत परेशानी उठाना पड़ा होगा तुम्हे इतनी रात को.

सुमित:- अरे नहीं uncle...Megha को अपना दोस्त कहता हूँ तो इतना फ़र्ज़ तो बनता hi hai...Aur दोस्ती है भी निभाने की चीज वर्ण नाम के दोस्त तो बहुत होते है जो कोई काम नहीं आते.

म. डैड:- अपने फॅमिली के बारे में भी बताओ कुछ.

क्यों की तुम्हारे बारे में बिना पूछे hi इतना जान चूका हूँ की तुम अच्छे लड़के हो.

मुस्कुराते हुए मेघा की पापा ने कहा.

सुमित:- आप इतना यकीं के साथ कैसे कह सकते है की मई अच्छा hi hun...Abhi हमारे बिच ज्यादा जान पहचान भी नहीं हुआ है.

म. डैड:- Experience...Umar भी कोई चीज होता है beta...Thoda बहुत अंदाजा सामने वाले की बात करने की तरीका और हाव भाव से भी पता चलता है.

उससे भी बड़ी वजह ये है ki...Megha...Ye दुसरो से मदद (हेल्प) काम hi लेती hai...Jab बहुत जरुरत हो tab...Jaise की aaj...Aur सिर्फ उन् लोगों से मदद लेती है जिस पर ये बहुत विश्वाश करती है.

सुमित:- (विथ स्माइल) मुझे तो कभी पता नहीं चला की मेघा इतना विश्वाश करती है मुझ पर.

सुमित का मुस्कान और बात सुन मेघा का चेहरे का रंग उड़द जाता है जैसे उसकी चोरी पकड़ा गया है.

फिर सुमित अपने घर वालों के बारे में बता देता है (कुछ बातें छुपा कर) और साथ hi मेघा की पापा से उनके बारे में और भी जानकारी लेता है.

म. डैड:- और तुम डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहे हो? कोई ख़ास मकशद?

सुमित:- मेघा की तरह लोगों का सेवा करना तो बिलकुल भी नहीं.

सुमित की ये जवाब सुन मेघा और उसके माँ, बाप, दादी तीनो हैरान रह जाते hai...Megha को तो गुस्सा भी आता है.

सुमित:- मई सोचता हूँ की इंसान को ऑनेस्ट रहना chahiye...Jhuth बोलने का कोई मतलब hi नहीं जब सच में मुझे किसी का सेवा करना का मन नहीं है तो.

मब्ब्स इस लिए पढ़ रहा हूँ क्यों की इससे मई एक चैलेंज की रूप में ले रहा hun...Sach बात यह है की मुझे जिंदगी और खतरों से खेलने का शौख hai...Aur मब्ब्स बायोलॉजी फील्ड का सबसे टफ कोर्स के रूप में फील किया तो पढ़ रहा हूँ.

और मेरे ख्याल में इंसान दो तरह की होते hai...Ek महान और एक accha...Mahaan इंसान जो दूसरों की मदद करते है जो मई नहीं hun...Aur अच्छा इंसान जो अपने लिए जीते है, अपने फायदे के लिए जीते है लेकिन दूसरों को नुकशान नहीं पहुंचाते hai...Sirf अपने काम से मतलब रखते है.

मई खुद को दूसरे केटेगरी में रखता hun...Accha इंसान के रूप में.

म. डैड:- ये भी सही hai...Insaan को ईमानदार hi रहना chahiye...Bahut अच्छा सोच है tumhaara...Lekin ये बता सकते हो की तुम्हारा सोच सेकंड केटेगरी की क्यों है?

सुमित:- Jindagi...Jindagi hi मुझे इस सोच की तरफ ले गया.

फिर दोनों के बिच ऐसे hi बातें चलता hai...Raat भी काफी हो गया था तो सभी सोने चले जाते hai...Sumit को एक गेस्ट रूम मिला था.

नेक्स्ट डे

तुम यहाँ हो? और मई तुम्हे सारा गांव ढूंढ कर थक गयी.

सुमित को सुबह सुबह एक तालाब में पत्थर फेंकता देख मेघा गुस्से में बोली.

सुमित बस हैरानी से मेघा को देखता है कुछ बोलता नहीं.

मेघा:- अब्ब ऐसे क्या देख रहे हो?

सुमित:- तुम्हे मेरा फ़िक्र करता देख हैरानी हो रहा tha...Saath hi बहुत अच्छा भी लग रहा hai...Kitna प्यार करने लगी हो तुम मुझे?

मेघा:- प्यार? फिर बेकार की बातें?

सुमित:- अब्ब ये प्यार नहीं है तो क्या है? सुबह मुझे घर में ना देख कर बेचैनी से पुरे गांव में ढूंढ़ती फिर रही हो? इससे प्यार ना कहु तो क्या इश्क़ कहु?

सुमित ने दांत दिखा कर कहा.

मेघा:- तुम मेरे गांव में ho...Mere घर me...Aur तुम मेरे रिस्पांसिबिलिटी ho...Kahi गुम्म ना हो जाओ इस वजह से ढूंढ रही थी.

सुमित:- तुम्हारा बहाना भी ऐसा होता है जिस पर किसी भरोषा भी नहीं hota...Aur मई लोल्लिपोप चूसने वाला बच्चा तो हु नहीं की कही गुम्म हो जाऊँगा.

और अगर तुम मुझे सिर्फ अपना रिस्पांसिबिलिटी समझती तो तुम्हारे चेहरे में दर होता मेरा गुम्म होने की फ़िक्र नहीं.

मेघा को कुछ जवाब नहीं मिल रहा था.

मेघा:- ये क्या फंक रहे हो?

सुमित:- प्यार से इससे बीड़ी कहते hai...Gaanw में रहती हो और इतना भी पता नहीं.

सोचा गांव में आया हूँ तो बीड़ी का मजा lu...Jaisa देश वैसा bhesh...Waise भी सिगरेट पी पीकर बोर हो चूका हूँ.

मेघा अब्ब इस बार कुछ नहीं bolti...Aa कर सुमित के पास बैठ जाती hai...Sumit भी अपना प्रोग्राम कंटिन्यू रखता hai...Taalaab में पत्थर फेंकने का प्रोग्राम.

मेघा:- कल पापा को वो सब कहने की क्या जरुरत tha...Mahaan और अच्छा इंसान वाली बात.

सुमित:- सच hi तो कहा था.

मेघा:- उनके सामने झूठ hi बोल dete...Pata नहीं अब्ब क्या सोच रहे होंगे वो तुम्हारे बारे में?

सुमित:- Jhuth...Mai इस शब्द को बहुत रेस्पेक्ट करता hun...Aur बहुत जरुरी चीज में hi झूठ का सहारा लेता हूँ.

वैसे भी ससुर जी कितना खुस थे मेरा ईमानदारी dekh...Taarif भी कर रहे थे.

मेघा:- अब्ब तो उन्हें ससुर कहने का ख्वाब hi छोड़ do...Baatein पसंद करना अलग बात है और रिश्ता अलग.

मेघा कुछ सोचती हुई बोली.

सुमित:- मतलब तुम तैयार हो.

लग भाग चिल्लाते हुए सुमित ने कहा.

मेघा भी सुमित का एक्ससिटेमेंट देख चौंक गयी.

मेघा:- मैंने ऐसा कब कहा?

सुमित:- तुमसे प्यार करता hun...Tumhare बिन बताये hi समझ जाता हूँ.

होंठ तुम्हारे खामोश hai...Lekin तुम्हारी najar...Ye तो चीख चीख कर बोल रही है तुम मुझसे कितना प्यार करती ho...Tumhari ये शर्माती हुई gaal...Jo मुझे देखते hi शर्म से लाल हो जाता है.

मेरे दूर होते hi मुरझा जाने वाला ये चेहरा और सामने आते hi मुस्कान के साथ खिलना.

क्या कहोगी तुम इसके बारे में?

सुमित की बात सुन मेघा भी सोच में पद gayi...Kya सुमित सच कह रहा है? ये बात तो वो खुद भी नहीं जानती थी.

सुमित:- जब भी तुम्हे एहसास हो की तुम मुझसे प्यार करती ho...Aa जाना मेरे saath...Jindagi के हर मोड़ हर पल में तुम्हारा स्वागत है.

चाहे कितना भी वक्त ले lo...Intejaar कर लेगा तुम्हारा ये आशिक़.

मेघा इस बात की कोई जवाब नहीं deti...Baat को बदलने के लिए,

मेघा:- वैसे तुम पापा से कह रहे थे की तुम जिंदगी में खतरों से खेलते हो.

सुमित:- हाँ हर pal...Har वक्त.

जैसे अभी dekho...Beedi फंक रहा ho...Picchle कुछ सालों से इतना सिगरेट फंक चूका हूँ की अगर लंग कैंसर भी हो जाए तो मुझे हैरानी नहीं होगा.

बाइक में भी देखा hoga...Tum साथ थी फिर भी 70 kmph...Akela रहता हूँ तो 100 से काम नहीं रहता है ओपन रोड mein...Pata नहीं कब एक्सीडेंट हो जाए.

कॉलेज में hi देख lo...Itna बंक कर रहा हूँ की कभी भी ससपेंड या ृस्तिकते हो सकता हूँ.

और भी बहुत kuch...Jisse तुम अनजान ho...Har पल हर वक्त मई खतरों से घिरा रहता hun...Wo खतरा जिसको पैदा भी मैंने hi किया है.

सुमित इस बार काफी गंभीर था.

मेघा:- और क्या करते हो?

इस बार मेघा भी डरते हुए बोली.

सुमित:- फिर कभी.

मेघा:- मुझे भी नहीं बताओगे.

सुमित:- तुम्हे नहीं बताऊंगा तो किस्से bataunga...Bahut जल्द.

मेघा:- लेकिन कब?

सुमित:- बस इतना याद rakho...Vakt से पहले और किस्मत से ज्यादा किसी को कुछ नहीं milta...Sahi वक्त आने पर सब कुछ बताऊंगा.

मेघा भी अब्ब कुछ नहीं bolti...Bas सुमित की सलामती का दुआ मांगती hai...Sach में अब्ब उससे सुमित की बहुत फ़िक्र होने लगी थी.

सुमित:- अगर सच कहु तो मैंने तुम्हारे पापा से झूठ बोलै था की मई अच्छा केटेगरी में hu...Mai उससे भी गिरा हुआ "बुरा केटेगरी" में बिलोंग करता hun...Jo वक्त आने पर तुम खुद समझ जाओगी.

इतना कह कर सुमित वह से आगे बढ़ जाता है.
 
यहीं हु भाई :D...Bas अपडेट लिख नहीं पा रहा hun...Study के लिए कंटेंट बहुत hai...Monday और वेडनेसडे सबसे ज्यादा बिजी दिन रहता है स्टडी के liye...Kyu की ट्यूसडे और थर्सडे जो भी पढ़ा हूँ वो सबके सामने एक्सप्लेन करना पड़ता है बोर्ड में जा कर.

ट्यूसडे के लिए संडे और मंडे पढ़ने का टाइम होता hai...Thursday के लिए ट्यूसडे नाईट एंड Wednesday...Issi लिए उपदटेस ज्यादातर संडे, ट्यूसडे और थर्सडे देता tha...Iss दिन का पढाई मंडे और वेडनेसडे शिफ्ट कर देता था.

कल थोड़ा अलग तरय kiya...Sunday स्टडी कर के मंडे यानी की आज अपडेट देने का सोचा tha...Lekin कंटेंट इतना है की कल कम्पलीट नहीं कर paaya...Ummeed है आज रात तक कम्पलीट कर पाया तो रात में अपडेट पोस्ट करूँगा वर्ण कल.

होपफ़ुल्ली अपडेट विल बे पोस्टेड tonight...Stay तुनेड.
 
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