Romance Sex kahani - Ek Bhool 2 - Page 7 - SexBaba
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Romance Sex kahani - Ek Bhool 2

थैंक्स कीर्ति जी फॉर योर सपोर्ट एंड review...Haan पहला प्यार होता hi ऐसा hai...Itni जल्दी भुलाये नहीं भूलता :(...अभी तो बस ट्रेलर था सुमित के करैक्टर ka...Aage वो क्या करता है ये उससे भी पता नहीं चलेगा. :D...Sumit के करैक्टर के साथ साथ स्टोरी के एन्ड तक इमोशंस और थ्रिल साथ में चलता rahega...Keep सपोर्टिंग.
 
थैंक्स कीर्ति जी फॉर योर सपोर्ट एंड review...Galatfehmi...Yeh एक ऐसा शब्द है जो किसी भी रिश्ते को बर्बाद करने का ताकत रखता hai...Bhale hi वो 1 महीने का जान पहचान हो या कई सालों ka...Kirti के केस में भी यही है...18 की उम्र में pyaar...Josh ज्यादा रहता है और ग्राउंड रियलिटी alag...Laghbhag इस उम्र के प्यार बहुत hi नाजुक होता hai...Pyaar तो करते है और सामने वाला उसके एक्सपेक्टेशन से थोड़ा भी इधर उधर हुआ तो ये प्यार का कच्चा डोर टूटने में वक्त नहीं lagta...Aur ऊपर से सुमित की laachari...Samjhaane का मौका भी नहीं मिला.

आपके इस बात से सहमत हूँ की कीर्ति ने सुमित से प्यार तो किया लेकिन भरोषा नहीं कर paayi...Kirti का प्यार के बारे में आगे पता chalega...Saath बने रहिये.
 
थैंक्स कीर्ति जी फॉर योर सपोर्ट एंड review...Sumit ने मेघा के साथ जो भी किया वो बहुत hi गलत tha...Sumit को मेघा के रूप में डूबता को तिनके का सहारा नजर aaya...Aur इसी के साथ उसने अपना प्लानिंग भी kiya...Lekin प्यार का khel...Har हाल में गलत tha...Iss गलती का बहुत बड़ा प्रभाव पड़ेगा आगे स्टोरी mein...Keep सपोर्टिंग.
 
अपडेट 38

भाई ऐसे क्या देख रहे है आप?

कुछ देर से सुमित को अपनी तरफ घूरता देख राज ने हैरानी से पूछा.

सुमित:- एनाटोमी का कपरिसों कर रहा hun...Tujh में और कुत्ते की पूछ में.

[Anatomy:- Study of body structure]

राज:- मतलब?

सुमित:- तुझे समझाने की कोशिश और कुत्ते की पूंछ को सीधा करने की koshish...Dono बेकार है.

राज:- क्या आप मेघा वाली बात के बारे में कह रहे है.

सुमित:- Haan...Aisa कौन सा सच बताने का बुखार चढ़ गया था तुझे?

सुमित की आवाज में थोड़ा गुस्सा था.

राज:- अच्छा नहीं लग रहा था bhai...Megha को ग़लतफहमी में और भी ज्यादा नफरत हो रहा था आप से.

सुमित:- यही तो कोशिश कर रहा हु में.

राज:- अपना hi िमागे गिराना चाहते है?

सुमित:- Haan...Yeh तो सुरुवात hai...Abhi तो मेघा की दिल में और नफरत भरना है खुद के लिए.

राज:- लेकिन क्यों?

सुमित:- प्यार.

मुस्कुराते हुए सुमित ने जवाब दिया.

राज:- अब्ब आप को मेघा से प्यार हो गया?

चौंकते हुए राज ने पूछा.

सुमित:- नहीं re...Pyar तो हमेशा कीर्ति से hi करता था और करता रहूँगा.

Pyaar...Aisa दर्द है जिसका इलाज किसी एनाल्जेसिक (पैन रिलीवर) में nahi...Megha को भी यही बीमारी हो गया है.

इसका इलाज मेरे पास भी नहीं hai...Ek कोशिश है नफरत ki...Jo शायद काम कर जाए.

जितना वो मुझसे नफरत करने लगेगी सिमायड उतनी जल्दी भूल सके.

उम्मीद भरी आवाज में सुमित ने कहा.

राज:- बहुत अजीब लग रहा है मुझे यह sab...Khud को हर हाल में सही दिखाने की जमाने में आप खुद को hi गलत दिखा रहे है.

सुमित:- छोड़ ना ये सब baatein...Mujhe अपने फॅमिली और कीर्ति के अलावा किसी को प्रोवे करने की जरुरत नहीं.

हाँ मेघा के साथ गलत kiya...Iska अफसोश जिंदगी भर rahega...Aaj भी खुद को कोष्टा हूँ और आगे भी कोष्टा रहूँगा जब रक् मेघा की लाइफ फिर से पटरी पर नहीं आ jaata...Shayad यही सजा है मेरे इस पाप का.

गर्व था खुद par...Kabhi कुछ गलत नहीं kiya...Lekin abb...Ek बोझ सा बैठ गया है दिल par...Ek भूल को ठीक करने के लिए एक और भूल कर बैठा.

कहते कहते कुछ बूँद आंसू भी छलकने लगा सुमित की आँखों में.

राज:- लेकिन bhai...Aapne बात को इतना आगे बढ़ जाने कैसे दिया? वक्त रहते संभाल लेते.

राज ने सुमित की कन्धा पर हाथ रख कर कहा.

सुमित:- सब प्लानिंग के साथ किया tha...Kuch ऐसा प्लान था की मेघा को सिर्फ अट्रैक्शन हो और मेरा काम भी हो jaaye...Yaani की मेघा के थ्रू कीर्ति से फिर से मुलाक़ात हो जाए.

कॉलेज में 1 वीक लेट एंट्री इसी का सुरुवात था.

ौसे hi नोर्मल्ली मेघा के साथ फ्रेंडशिप करने से बात बन जाने पर डाउट tha...Bahut खूबसूरत है wo...Bahut से लड़को ने एप्रोच किया होगा usse...Mai भी उनमे से एक नहीं बनना चाहता tha...Thoda अलग थोड़ा स्टाइलिश.

इसी वजह से प्लान के हिसाब से 1सत क्लास एनाटोमी का अटेंड किया डॉ. महेश सर ka...Seniors से सुना था की वही एक लेक्चरर है जो हर बात को ईगो पर नहीं लेते.

और चल पड़ा अपने नई मिशन par...Mahesh सर से ऐसे बात किया की थोड़ा डिफरेंट dikhu...Aur इसका असर भी हुआ.

फिर धीरे धीरे मेघा के साथ करीबी बढ़ाना सुरु kiya...Thoda प्यार का झूठा एहसास दिलाता और थोड़ा इर्रिटेट karta...Socha ऐसे करूँगा तो मेघा का अट्रैक्शन बढ़ेगा.

और बढ़ा bhi...Lekin इतना बढ़ जाएगा की ये प्यार का रूप लेगा पता नहीं था.

अचानक से उस दिन पता चला जब गांव में मई उसको ढूंढते हुए मंदिर गया tha...Wo वह अकेली thi...Aur पीछे से जब उसका विश सुना तो बहुत बड़ा सा झटका लगा.

मेघा:- बहुत बहुत शुक्रिया भगवान् जी आप ka...Jo सुमित को मेरे जिंदगी में भेजा.

अपने प्यार अपना जीवन साथी के रूप में जिस लड़के के बारे में सोचती थी बचपन से वो साड़ी खूबियां है सुमित में.

बहुत alag...Dil का saccha...(Muskuraate हुए) थोड़ा हैंडसम bhi...Aur सबसे jaruri...Mujhse बहुत प्यार करता hai...Kabhi अकेलापन महसूस नहीं कराता hai...Apne अंदाज में मुझे हसाने की और खुश रखने की हर एक कोशिश करता है.

आप हम दोनों का साथ ऐसे hi बनाये rakhiye...Jindagi भर के लिए.

ये सुनते hi आश्चर्य के साथ मई वह से निकल गया.

और भी बहुत साड़ी बातें था जिससे मुझे पता चलने लगा था की मेघा अब्ब मुझसे प्यार करने लगी है.

ज्यादा से ज्यादा वक्त मेरे पास rehna...Mujh पर अपना अधिकार jataana...Indirectly अपना प्यार का एहसास कराना.

और कुछ दिनों बाद 5 स्टार में डेटिंग के vakt...Uski aankhein...Uski आँखें बहुत कुछ कह रही thi...Ye देख मुझे खुद से hi नफरत होने लग गया.

Pyaar...Maine इससे खेल के रूप में लिया था और जल्द hi इसने मुझे एहसास दिलाया की मई मेघा के साथ साथ अपने अंतर आत्मा के साथ भी कहल रहा हूँ.

और खेला नहीं गया ये khel...Mauka मिलते hi मेघा को अपना सच्चाई बता diya...Kirti के पा तो सकता था लेकिन ऐसे और भी गिर कर नहीं.

पश्चाताप भरी आवाज में सुमित ने कहा.

राज:- अब्ब तो कीर्ति आप पर और भी गुस्सा होगी?

सुमित:- होना भी चाहिए.

राज:- तो फिर आप?

सुमित:- तेरे सामने जो खड़ा है उसका नाम सुमित hai...Jo हारा तो बहुत बार है इस प्यार mein...Lekin हार अभी तक नहीं माना.

कोशिश करता रहूँगा आगे भी दिल se...Raasta कभी न कभी तो जरूर मिलेगा.

मुस्कुराते हुए सुमित ने kaha...Jiski बातों में वापस पुरानी कॉन्फिडेंस आ गया था.

सुमित:- अच्छा sun...Anatomy बाद में padhaaunga...Abhi मूड नहीं hai...Aur हाँ ये ले papers...Kuch क़ुएस्तिओन्स लिखे hai...Jo इस एग्जाम में इम्पोर्टेन्ट है.

इतना कह कर सुमित छत में चला gaya...Aaj भी छत में मेघा थी.

वो मेघा की तरफ की छत में गया और

सुमित:- Hi ब्यूटी क्वीन.

मेघा जो अभी छत से निचे की तरफ देख रही thi...Gusse से सुमित की तरफ देखती है.

सुमित:- रात में तो और भी खूबसूरत लग रही हो.

सुमित ने दांत दिखाते हुए कहा.

मेघा फिर गुस्से में वह से चली गयी.

सुमित भी वह चेयर में बैठ गया.

आज भी देर रात में जब मेघा का नींद टुटा तो दिमाग में एक hi इंसान का चेहरा tha...Jise कभी वो बहुत प्यार करती थी.

आज भी उत्शुकता बस वो छत में गयी.

अभी भी सुमित छत पर hi tha...Kal की तरह आज उसके पास पेपर और पेन नहीं tha...Wo मुस्कान के साथ ऊपर आसमान में चाँद और तारा देख रहा था.

कुछ देर ऐसे hi सुमित को देखने के बाद मेघा वापस अपने रूम में लौट गयी.

नेक्स्ट डे

Hello ब्यूटी क्वीन.

एक बार फिर मेघा को अपने कान में किसी के गरम तेल डालने की एहसास hua...Jagah था लाइब्रेरी.

सामने देखा तो सुमित वही आगे की चेयर पर बैठ गया था.

सुमित:- आज कॉलेज क्यों नहीं आयी.

मेघा:- तुम्हे इससे कोई मतलब?

सुमित:- नहीं ऐसे hi उत्शुकता bas...Kaano में खुजली हो रहा है ये सुनने के लिए की रात भर मेरे यादों में नींद नहीं आया तुम्हे.

मेघा कुछ नहीं बोलती.

सुमित:- वैसे भी यह तो नार्मल hai...Dil जो टुटा है tumhaara...Aur मई हूँ भी charming...Itna चार्मिंग, इंटेलीजेंट और हैंडसम बॉयफ्रेंड मिस करने का ग़म में नींद थोड़ी ना आएगी.

मेघा बहुत hi नफरत के साथ सुमित को देखती hai...Itna सब हो जाने के बाद भी सुमित उसकी प्यार का मजाक बना रहा था.

आस पास देखते हुए.

सुमित:- हमेशा से यही मानता आया हूँ की कपल्स के लिए लाइब्रेरी डेटिंग स्पॉट hai...Exams के टाइम में तो और भी भरा है लाइब्रेरी.

सुमित ने सात आठ जगह ऊँगली दिखाते हुए कहा.

सुमित:- पता नहीं पढ़ाई भी करते है या फिर नैन माताका.

वैसे इन्हे देख कर ऐसा लग रहा है की काश मई और कीर्ति भी एक कॉलेज में hote...Padhaai काम प्यार ज्यादा करते.

मुस्कुराते हुए सुमित ने कहा तो उतना hi गुस्से से मेघा सुमित को घर रही थी.

फिर सुमित मेघा का बुक लेता है.

सुमित:- Pathology...Well nice...Sabhi को देखता हूँ तो सिर्फ एनाटोमी और Pathology...Samajh में कुछ आये नहीं आये पढ़ते रहते hai...Side में रखो.

बाकी के सब्जेक्ट्स पढ़ो मार्के के liye...Time मिले तो hi इन्हे पढ़ना.

फिर सुमित अपने पॉकेट से एक पेपर निकाल जार देता है.

ये है मोस्ट प्रॉबब्ले क़ुएस्तिओन्स एनाटोमी और पैथोलॉजी ka...Baaki के सब्जेक्ट्स देखो और ये paper...Topper तुम hi बनोगी.

मेघा:- यह सब मुझे क्यों बता रहे हो?

सुमित:- एहसान कर रहा था तुम par...Aur उम्मीद है इस एहसान का बदला तुम मुझे कीर्ति से मिलवा कर चुकाओगी.

इतना कह कर सुमित वह से निकल गया.

वो लाइब्रेरी से निकल कर थोड़ा आगे hi पंहुचा था की उसके मोबाइल में कीर्ति का मसाज आया.

मेघा:- वेट फॉर 1 मिनट.

सुमित के पास पहुँचते hi मेघा ने कहा.

मेघा:- कीर्ति ने मुझे सब कुछ बता diya...Sab पता चल गया तुम्हारे बारे में.

सुमित:- कीर्ति ने जो भी कहा बिलकुल सच hai...Abb तो पता चल गया होगा कितना घटिया हूँ मई.

सुमित ने दांत दिखाते हुए कहा जैसे वो मेघा को और भी छिड़ा रहा hai...Fir वो वह से निकल गया.

सुमित:- (इन हिज मंद) कीर्ति ने बताया है मतलब आधा काम कीर्ति ने hi कर दिया है मेघा के दिल में नफरत बढ़ाने के liye...Kirti भी अपनी जगह सही hai...Aakhir उसने बताया भी वही है जो मेरे बारे में सोचती है.

खैर जल्दी से इस सोच को बदल कर वापस कीर्ति की दिल में प्यार को जगाना है मेरे लिए.
 
अपडेट 39

एग्जाम के आखिरी दिन में भी मेघा का नजर कभी क्वेश्चन पेपर पर था तो कभी सुमित par...Aaj भी 60-70% क़ुएस्तिओन्स वही पूछा गया था जो सुमित ने रेकमेंड किया था.

मेघा:- (इन हेर मंद) इससे कैसे पता चला की यही क़ुएस्तिओन्स आने वाले है एक्साम्स में?

जरूर चोरी किया होगा क्वेश्चन पेपर्स इसने. :माध:

मेघा सुमित को एक नजर नफरत से देखती है और फिर आंसर लिखने लगती है.

लेकिन थोड़ी दूर पर बैठा सुमित का हरकत ना चाहते हुए भी मेघा का ध्यान अपनी तरफ खिंच रहा था.

वो लिख काम रहा था टाइम वास्ते ज्यादा कर रहा tha...Kabhi वही डेस्क पर सोने की कोशिश करता तो कभी पेंसिल से पेपर पर कोई आर्ट बनता और फिर इरेस कर देता.

सामने ऑब्सेर्वे कर रहे टीचर भी हैरानी से सुमित को hi देख रहे thhe...Lekin सुमित की तरफ से कोई चीटिंग जैसी हरकत नहीं था और ना hi किसी को उसकी वजह से डिस्टर्बेंस था तो उन्होंने कुछ नहीं बोलै.

और 50 मिनट बीत जाने के बाद.

सुमित:- सर कम्प्लेटेड.

आज भी सभी स्टूडेंट सुमित को हैरानी से देखने लगे फिर घडी की तरफ देख जल्दबाज़ी में अपने अंसवेरस लिखने लगे.

गार्ड:- इतना hi लिखा है और तुम्हारा कम्पलीट भी हो गया?

सुमित:- कॉलेज को भी तो हमसे इतना hi एक्सपेक्टेशन है.

गार्ड:- मतलब?

सुमित:- पास हो जाऊँगा इतना से hi...Aur कॉलेज को भी हम स्टूडेंट्स से इतना hi एक्सपेक्टेशन है की पास हो jaaye...Rules भी तो इतना सारा बनाया है की क्या कहु.

फ़ैल हो गए तो ये होगा वो hoga...Year लोस्स hoga...Year रिपीट का अलग चार्ज lagega...Parents मीटिंग hoga...Wagera वगेरा.

सभी सर दर्द से बचने के लिए सोचा पास hi हो जाता हूँ.

गार्ड:- और लिखोगे तो और भी अच्छा नंबर आएगा.

सुमित:- इससे क्या होगा? 50% भी पास hi है...90% भी पास.

गार्ड अब्ब कुछ बोल नहीं पा रहे थे.

सुमित:- अच्छा सर चलता hun...Warna मेरे बात से डिस्टर्ब हो कर टोपर टॉप नहीं कर पाएंगे और रात भर जागे हुए स्टूडेंट्स पास नहीं कर पाएंगे.

इतना कह कर सुमित वह से चला गया.


रिजल्ट डे


वैसे तो सभी स्टूडेंट्स बेसब्री से अपना रिजल्ट का इंतजार कर रहे thhe...Sumit को छोड़ kar...Wo भी बेसब्री से इंतजार कर रहा tha...Lekin मेघा का.

कुछ पल बाद उसका म्हणत रंग laaya...Dil जो खुश हो गया था मेघा की एक नजर से वो ख़ुशी अगले hi पल गायब हो गया मेघा का भाव हीं चेहरा देख कर.

खुद को दोषी मानते हुए अपने लिए hi नफरत भर गया सुमित के दिल में.

मेघा की तरफ देख कर उसने खुद से hi कहा.

सुमित:- बस कुछ दिन aur...Fir शायद सब ठीक हो जाए.

शायद शब्द कहते वक्त सुमित खुद को लाचार hi महसूस कर पा रहा था.

सुमित फिर चेहरे में झूठा मुस्कान ले कर मेघा के पास चला गया.

सुमित:- Hi ब्यूटी क्वीन. :डी

मेघा ने नफरत भरी निगाहो से सुमित को देखा और आगे चलने लगी.

सुमित:- अब्ब टोपर बनने वाली हो तो इस जस्ट पास वाले को भूल gayi...Galat बात.

मेघा अपनी जगह रुक फिर से सुमित को घूरती hai...Kuch कहना चाहती thi...Lekin फिर वो इग्नोर कर आगे बढ़ गयी.

सुमित:- एक जरुरी बात करना था.

इस बार सुमित सीरियस हो कर bola...Lekin मेघा ने कोई रिस्पांस नहीं दिया.

सुमित:- सोच lo...Agar अब्ब बात कर लोगी तो हमेशा के लिए पीछा छोड़ दूंगा.

सुमित की इस बात पर मेघा भी रुक gayi...Sumit की तरफ मुड़ी hi थी की बिच में.

"Hi सुमित."

थोड़ी दुरी से एक लड़का की आवाज आया.

सुमित:- आ गया प्यार का एक और दुश्मन.

मेघा इस बात पर सुमित को घूरती है.

सुमित:- मेरा मतलब कीर्ति से था.

फिर वो लड़का सुमित के पास आ गया.

सुमित:- देखा तो बहुत बार hai...Lekin नाम पता नहीं है.

लड़का:- अरे पता भी कैसे chalega...Megha के पीछे hi लगे रहते ho...Kabhi किसी और से भी बात चीत कर लिया karo...Dosti करो.

सुमित:- सुझाव के लिए धन्यबाद.

लड़का:- बी थे वे ी ऍम Vikash...Topper ऑफ़ थे batch...Iss एक्साम्स के रिजल्ट में भी.

सुमित:- तो मर. Vikash...Kya काम था तुम्हे मुझसे?

विकाश:- कुछ ख़ास nahi...Ek रिक्वेस्ट tha...Thoda पढाई लिखे कर लो.

सुमित:- और वो क्यों?

लड़का:- बोर हो गया हु हर एक्साम्स में टॉप करते hue...One साइडेड कम्पटीशन hai...Tum में hi आखिरी उम्मीद hai...Sabhi टीचर्स से तारीफ़ भी सुना है tumhara...Especially विवा [interview exam] में.

लेकिन उतना hi careless...Har एग्जाम में जस्ट पास.

कुछ देर के लिए सुमित चुप रहा और फींका मुस्कान के साथ कहा.

सुमित:- जब एक लड़ाई खुद से hi चल रहा hai...Khud की hi अस्तित्वा se...To दोस्त बाकी की कोई भी लड़ाई और कम्पटीशन मायने नहीं रखता.

सुमित की ये बात विकाश तो नहीं समझा और सर खुजाते हुए चला gaya...Lekin मेघा समझ gayi...Jise अब्ब इस बात से कोई मतलब नहीं था.

तभी मेघा के मोबाइल में एक मैसेज आता है.

मेघा मोबाइल चेक करती है तभी.

सुमित:- होटल का एड्रेस सेंड किया hai...Dhyan से सोचना मेरे बातों ko...Agar सही लगे तो आ जाना वर्ण तुम्हारा मर्जी.

इतना कह कर सुमित वह से चला गया.

फ्यू मिनट्स लेटर.

सुमित:- पता था मुझे तुम जरूर aaogi...Coffee भी आर्डर कर दिया hai...Aao बैठो.

कॉलेज के पास की hi होटल में दोनों बैठे थे.

सुमित:- प्यार का ताकत hi ऐसा है की तुम्हे खिंच लाया.

मेघा का गुस्सा देख

सुमित:- सॉरी sorry...I मैं नफरत का ताकत.

मेघा:- काम की बात कहो.

सुमित:- अकेले में कुछ बातें करना था.

मेघा:- हाँ बोलो.

सुमित:- जैसा की मैंने bataya...Agar तुम मेरी एक बात maanogi...To हमेशा के लिए पीछा छोड़ दूंगा.

मेघा:- बोर मत karo...Aur बताओ क्या करना है?

मेघा को इर्रिटेट देख सुमित के चेहरे में मुस्कान आ gaya...Shayad यही देखना चाहता था Sumit...Ye देख मेघा और भी इर्रिटेट हो गयी.

सुमित:- अभी 4 वीक्स टाइम बाकी है 2ंद ईयर के liye...Iss वेकेशन में तुम अपना घर जाने का प्लान कैंसिल कर दो?

सुमित अब्ब सीरियस हो कर बोलै.

मेघा:- क्या? क्या कहा तुमने?

सुमित:- वही जो तुमने सुना.

मेघा:- सोच भी कैसे लिया तुमने ऐसा की मई तुम्हारी यह बात मानूंगी.

सुमित:- भरोषा hai...Tumhara मेरे लिए नफरत par...Mujhse छुटकारा पाने के लिए इतना तो कर hi सकती हो.

मेघा:- मई ऐसा कुछ नहीं करुँगी.

सुमित ने मेघा की बात का परवाह न करते हुए अपनी बात जारी रखा.

सुमित:- कीर्ति का कॉलेज भी ऑफ hai...Usko भी मना लो किसी तरह 4 वीक्स के टूर के लिए.

मेघा:- सोच भी कैसे लिया तुमने...

मेघा की बात को बिच में hi काट कर सुमित ने कहा.

सुमित:- तुम्हारा मर्जी hai...Agar मान जाओगी तो हमेशा के लिए पीछा छोड़ दूंगा वर्ण तुम hi तो कहती थी साइको हूँ mai...Tab तक पीछा नहीं छोडूंगा जब तक तुम्हे भी साइको न बना दू.

एक कुटिल मुश्कान के साथ सुमित ने कहा.

मेघा:- इतना निचे गिर जाओगे तुम की अब्ब सीधे ब्लैकमेलिंग पर उतर आओगे.

दर्द भरी आवाज में मेघा ने कहा.

सुमित:- Emotion...Ye बहुत जरुरी चीज hai...Aur इसका इस्तेमाल सही जगह पर karo...Aur वो सही जगह मई बिलकुल भी नहीं हूँ.

तुम्हारे इमोशंस से मुझे कोई मतलब नहीं hai...Mujhe मतलब है तो सिर्फ तुम्हारे जवाब से.

मेघा अब्ब कुछ नहीं बोलती है और सोचने लगती है.

मेघा:- (इन हेर मंद) मई hi बेवकूफ thi...Jo ये सोचती थी की कुछ मजबूरियां होंगे tumhare...Itna गलत भी नहीं हो सकते हो tum...Jarur कुछ मिसुन्दरस्टण्डींग होगा.

लेकिन तुम तो बहुत घटिया nikle...Kirti ने बिलकुल सही किया तुमसे अलग हो कर.

मेघा ने अपने चचरे में छलक रहे दर्द पर काबू कर liya...Abb उस दर्द का कोई मान नहीं tha...Jis पर उससे उम्मीद था की वो उसका दर्द समझेगा, उससे कभी दर्द का एहसास होने नहीं देगा आज वो hi शख्स सामने बैठे उसके दर्द का तमाशा बना रहा था.

सुमित ने भी मेघा को सोचने का पूरा वक्त दिया.

कुछ hi पल बाद मेघा ने अपना फैसला बताया.

मेघा:- मंजूर है.

नफरत भरी आवाज में मेघा ने जवाब दिया.

सुमित:- बहुत बहुत शुक्रिया tumhara...Kaise तुम्हारा शुक्रिया अदा करू समझ में नहीं आ रहा है.

सुमित एक्ससिटेमेंट में बोले जा रहा tha...Usse बिच में hi रोक कर.

मेघा:- ज्यादा ओवरएक्टिंग करने की जरुरत नहीं है.

सुमित:- ठीक है fir...Iss टूर के बाद तुम अपने raaste...Mai और कीर्ति अपने रास्ते.

मेघा फिर वह से जाने लगी.

सुमित से दूर जाने के बाद उसकी आँखों से आंसू बहने लगी.

मेघा:- मई अपने रास्ते लेकिन तुम और कीर्ति भी अलग अलग raaste...Manjuri इस वजह से दिया है क्यों की मई तुम्हे कीर्ति से हमेशा के लिए अलग कर dungi...Aur खेलने नहीं दूंगी तुम्हे कीर्ति की लाइफ से या किसी और लड़की से.

यू जस्ट don't डेसेर्वे ट्रू लव.

फिर रट हुए मेघा वह से चली गयी.

सुमित भी मेघा के जाने के बाद सुमित भी पेमेंट कर के वह से निकल जाता है.

काफी समय पैदल hi चलने के बाद वो एक मंदिर पहुंचा.

सुमित:- याद है आप ko...Picchli बार कीर्ति के साथ आया tha...Aur उस वक्त मैंने कीर्ति से कहा था की अभी मुझे किसी चीज की जरुरत nahi...Agar जरुरत पड़े तो यही मागूंगा की मुझे इतनी ताकत देना की हर मुशीबत से लड़ सकू.

लेकिन आज कुछ और hi मांगने आया हूँ.

कीर्ति और मेरा saath...Ye nahi...Kyu की मुझे यकीं है अगर मेरा प्यार सच्चा है या फिर कीर्ति को मुझ पर भरोषा होगा तो वो जरूर मेरी hogi...Koi नहीं रोक सकता.

कुछ aur...Jo मेरे बस में नहीं है.

सब कहते है आप के कई रूप होते hai...Ek रूप आज मैंने देख liya...Megha के रूप mein...Kitna गलत किया मैंने उसके saath...Lekin usne...Usne एक बार फिर मेरा साथ diya...Mere लिए तो वो किसी भगवान् से काम नहीं जो मुझे एक और मौका दे रही है कीर्ति से मिलने ki...Kirti का प्यार और भरोषा फिर से जितने की.

बस आप उसके साथ कुछ गलत होने मत dijiye...Jis दलदल में खुद के साथ उसको भी घसीट लाया हूँ उसको आप बाहर nikaliye...Shuruaat तो मैंने किया लेकिन अंत करना मेरे बस में नहीं है.

इस टूर के बाद उसके लाइफ में वो साड़ी खुशियां फिर से मेघा को dijiye...Jiska वो हक़दार है.

इतना कह कर सुमित वह से चला gaya...Aankho में aansu...Aur इस आंसू में किसी के लिए सम्मान.
 
वेलकम नैन भाई ों थे स्टोरी :hug:...Bahut ख़ुशी हुआ आप को यहाँ इस थ्रेड में देख कर और पिछले कुछ समय से फोरम में देख kar...Aapke बाकी रीडर्स की तरह मुझे भी उम्मीद है की इस बार आप कुछ ज्यादा hi वक्त के लिए आये है और बिना ब्रेक लिए स्टोरी कम्पलीट करेंगे :डी.

इस बार आप के स्टोरी का स्पीड देखा लग रहा है की स्टोरी कम्पलीट हो hi जाएगा :D...Jald hi पढ़ना स्टार्ट करूँगा भंवर.

और एक भूल 2 में आपका प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत dhanyabaad...Love ट्रायंगल के साथ साथ एक कॉम्प्लिकेटेड रोमांटिक स्टोरी लिखने की कोशिश कर रहा hu...Ummeed है स्टोरी के साथ जस्टिस कर पाउ.

और जैसे आपने बताया मेघा की शुरुआती बातों में "मेल" जैसा फील aaya...Ek दो बार चेक किया लेकिन उस लाइन को नोटिस नहीं कर paaya...Aap मेंशन कर dijiye...Edit कर दूंगा.

बहुत अच्छा लगा भाई आप को यहाँ देख कर.
 
अपडेट 40

बहुत खुश दिख रहे है आप?

राज कुछ देर से सुमित को ख़ुशी में इधर उधर टहलते देख रहा tha...Jab उससे रहा नहीं गया तो उसने पूछ hi लिया.

सुमित:- ख़ुशी की hi तो बात hai...Bas मेघा का कॉल का इंतजार hai...Fir उसके बाद निकल जाऊँगा एक हसीं सफर के liye...Apni कीर्ति के साथ.

सुमित की ख़ुशी आज उसकी बातों से भी झलक रहा था.

राज:- तो बताइये आगे क्या प्लान किया है.

सुमित:- नाउ इतस टाइम फॉर ब्रेन तो स्टॉप इतस फंक्शन एंड हार्ट तो स्टार्ट.

राज:- मतलब?

सुमित:- कुछ ख़ास nahi...Dimaag को छुट्टी दे दिया है कुछ दिनों के liye...Aur dil...Abb उसको ढंग का काम मिला hai...Ishq लड़ने का.

राज:- कुछ समझा नहीं. :हम्म:

सुमित:- अब्ब कोई प्लान नहीं karunga...Agar अब्ब भी प्लान करने लगूंगा तो ऐसा लगेगा जैसे कीर्ति को पाने के लिए कोई साजिश कर रहा हूँ.

इसी लिए अब्ब जो भी करूँगा दिल से karunga...Ek बार फिर से एहसास करना है प्यार के वो हसीं पल कीर्ति के साथ जो इतने दिनों से सिर्फ एक खाव्हिश बन कर रह गया tha...Ek बार फिर से.

सुमित कही खो सा गया था ये बातें कहते hue...Ek बार फिर से अपने अतीत के हसीं यादों में.

आँखें खोल कर उसने राज को देखा.

सुमित:- और तेरा लव स्टोरी? वो कहा तक पहुंचा?

राज:- Wo...Hum दोनों...

सुमित:- लड़का शर्मा रहा hai...Matlab सब कुछ ठीक चल रहा है.

राज:- हाँ भाई धीरे धीरे सब ठीक हो रहा hai...Kal भी 2 घंटे साथ में वक्त बिताया हमने.

सुमित:- इसी लिए अभी तेरा मुंह उतरा हुआ है...1 मोनथस की दूरियां.

हँसते हुए सुमित ने कहा.

राज:- क्या भाई आप भी? पहले hi मई परेशान हूँ इस जुदाई से और आप है की हंस रहे है.

सुमित:- थोड़ा जुदाई भी सहना सिख le...Mujhe hi देख ले...2 साल की जुदाई hai...Aur देख प्यार कितना मजबूत हो गया है.

यही छोटी छोटी दर्द hi तो है जो प्यार और जिंदगी का मतलब समझाता है.

सुमित और अपना प्रवचन देता इससे पहले hi मेघा का कॉल आ जाता है.

सुमित:- अच्छा मई चलता हूँ.

राज:- बेस्ट ऑफ़ लक भाई.

सुमित:- और हां sun...Abb कोई उटपटांग हरकत मत कर dena...Agli बार मई भी कुछ नहीं कर पाऊंगा.

इतना कह कर सुमित रूम से निकल गया.

आज कुछ ज्यादा hi शान्ति था सुमित और मेघा के bich...Dono साथ चल रहे थे और एक दूसरे से कोई बात चीत भी nahi...Naa hi कोई Hi Hello और ना hi कोई हाल चाल puchna...Abb शायद ये वेकेशन अपने मतलब का बन गया था इस वजह से.

सुमित ने एक नजर भी मेघा की और नहीं dekha...Megha कभी कभी सुमित की तरफ देखती और अगले पल hi नजरें बदल लेती.

सुमित की चेहरे की ख़ुशी देख उससे और भी गुस्सा आ रहा था.

मेघा:- (इन हेर मंद) दूसरों के दिल के साथ खेलने के बाद देखो कितना खुश है. :माध:

सुमित:- अब्ब तो बता do...Tour के लिए क्या प्लान किया hai...Kaise जाएंगे? मेघा के साथ तुमने क्या बात किया? और वो कैसे मान गयी?

लेकिन मेघा ने कोई जवाब नहीं दिया.

सुमित:- देखो मैंने इस वेकेशन को एक रोमांटिक प्लाट की तरह तैयार किया hai...Please तुम इससे सस्पेंस थ्रिलर मत बनाओ. :प्रे:

फिर भी मेघा ने कोई रिस्पांस नहीं दिया.

सुमित:- अरे yaar...Itna कुछ किया है maine...Vacation के लिए लोकेशन सेलेक्ट kiya...Hotel सेलेक्ट kiya...Visiting स्पॉट्स भी सेलेक्ट किया और साथ hi सचेडूले bhi...Itna सब कुछ फिनॉइज़ करने के बाद भी तुमसे कुछ पूछ रहा हूँ तो कोई रिस्पांस नहीं दे रही हो?

कीर्ति ने इतनी जल्दी कैसे हाँ कर ैया टूर के लिए ये सोच सोच कर दिमाग के न्यूरॉन में शार्ट सर्किट हो रहा है? और ये भी समझ में नहीं आ रहा है की कौनसा गाडी में jaayenge...Thela, ऑटो, बस, जीप कुछ पता नहीं.

तुमसे पहले पूछा था तो कहा तुम मैनेज कर लोगी लेकिन अब्ब कोई जवाब hi नहीं दे रही हो?

अब्ब तो शक होने लगा है कीर्ति इस टूर में आ रही है या नहीं...

मेघा:- तुम्हे वेकेशन से मतलब है ना.

सुमित:- हाँ.

मेघा:- तो फिर चुप चाप चलते रहो.

सुमित कन्फूसिओं में चलता raha...Kabhi उसके चेहरे में कीर्ति से होने वाली मुकाकत का सोच कर एक्ससिटेमेंट था तो कभी कन्फूसिओं की सच में कीर्ति इस टूर में आएगी?

कुछ देर और चलने के बाद सुमित को अपना सपना सच होता दिल्ही दिया.

गली से मैं रोड पर आते hi बायीं तरफ 50 मीटर की दुरी में कीर्ति एक कार के बाहर कड़ी थी.

आँखों के अलावा सुमित के शरीर के हर हिस्सा जैसे बेजान हो gaya...Aankhein था जो कीर्ति की खूबसूरती को निहार रहा था.

आँखों में ढेर सारा प्यार के साथ सुमित ने खुद से कहा.

सुमित:- (इन हिज मंद) अब्ब से तुम्हे इन्ही पलकों में बिठा कर रखूँगा.

पिछली बार शायद मेरा hi प्यार में कोई कमी रह गया tha...Iss बार प्यार का एहसास कुछ ऐसे कराऊंगा की तुम कभी मुझसे दूत नहीं जाओगी.

मेघा भी सुमित को रुका देख वही पर रुक गयी.

जब कीर्ति का नजर सुमित पर पड़ा तो उससे विश्वाश hi नहीं hua...Aur जब हुआ तब उसने नफरत से अपनी नजरें बदल दिया.

सुमित तो पहले से hi इस बात के लिए तैयार tha...Jab उसने अपना नजर इधर उधर घुमाया तो कीर्ति से थोड़ी दूर में एक लड़का खड़ा tha...Laghbhag उसी की उम्र का.

फिर सुमित ने अपने याददास्त पर जोर दिया और याद करने लगा की कही वो कीर्ति का कोई भाई तो नहीं? कीर्ति तो अपनी माँ बाप की एक लौटी बेटी thi...Fir वो याद करने लगा की कही वो लड़का कीर्ति की कोई कजिन तो नहीं? लेकिन उससे ऐसा कुछ याद नहीं आया.

अगले पल उसके दिमाग़ में सवाल आया, "कही बॉयफ्रेंड तो नहीं?" नहीं nahi...Aisa नहीं हो सकता.

दर के साथ सुमित आगे सोच भी नहीं पा रहा था.

फिर उसने खुद को संभालते हुए.

सुमित:- (तो हिमसेल्फ) Sumit...Be कॉंफिडेंट.

फिर अपना मुठ्ठी कस्ते हुए वो आगे कीर्ति और उस लड़का के पास चला गया.

सुमित:- Hi Kirti...Aaj तो बहुत खूबसूरत लग रही हो.

प्यार भरी आवाज में सुमित ने तारीफ़ kiya...Aur कीर्ति गुस्से में मुंह फेर लेती hai...Ye देख वो लड़का भी सुमित की तरफ गुस्से से देखता है की सुमित ने कीर्ति को उनकंफर्टबले फील करवाया.

फिर सुमित उस लड़का की आँखों में देख कहता है.

सुमित:- कौन है ये विचित्र प्राणी?

सुमित ने उस लड़के का गेटउप देख कर bola...Sir में छाता जैसे बाल वो भी पीला रंग से colored...Sumit को उसके लुक से कोई ख़ास मतलब तो नहीं tha...Par अपना गुस्सा निकालने का मौका मिल गया.

ये सुन कीर्ति गुस्से में सुमित को देखती है.

लड़का:- Vivek...Vivek नाम है मेरा.

सुमित:- व् फॉर विचित्र, व् फॉर Vivek...Sahi है. :lol1:

सुमित ने जैसे मजाक उड़ाते हुए kaha...Ye सुन विवेक और कीर्ति दोनों गुस्से में सुमित को देखते है.

कीर्ति:- Megha...Isse क्यों ले कर आयी है तू? और तेरी दोस्त कहा है? जल्दी bula...Pehle hi हम लेट हो चुके है.

मेघा:- (डरते हुए) सुमित hi है वो दोस्त.

कीर्ति:- क्याआ?

मेघा की बातों से कीर्ति हैरान रह gayi...Hairaani से भी jyaada...Itna बड़ा झूठ का.

मेघा:- कुछ बातें करनी hai...Yaha साइड में आ.

कीर्ति गुस्से में मेघा की तरफ जाती है.

फिर वो दोनों कुछ देर बातें करती hai...Kirti का गुस्सा भी धीरे धीरे काम होता जा रहा था.

वापस आ कर.

कीर्ति:- ये भी चलेगा इस टूर में.

कीर्ति की बातों में अभी भी असंतुष्टि दिखाई दे रहा था.

मेघा ने भी राहत की सांस लिया और एक नफरत भरी नजर से सुमित को देखने लगी.

सुमित:- कीर्ति बहुत hi स्टाइलिश ड्राइवर है ये तुम्हारा.

कीर्ति:- विवेक दोस्त है मेरा.

सुमित:- हाँ तो कोई गलत बात थोड़ी ना hai...Driver दोस्त नहीं हो सकते क्या?

कीर्ति:- बात hi करना बेकार है.

कीर्ति की हर एक बात में सुमित के लिए नफरत था.

विवेक:- तुम्हे ये इतना परेशान कर रहा है और तुम हो की कुछ बोल hi नहीं रही हो.

इससे तो मई.

इतना कह कर विवेक सुमित के पास आता है और मुट्ठी कास कर सुमित की तरफ हाथ बढ़ाया hi था की सुमित उसका हाथ बिच में पकड़ कर.

सुमित:- पूरा मूड बना कर आया हूँ यार इस टूर के लिए.

(कीर्ति की तरफ देख) रोमांटिक हीरो hi बने रहने दे.

(विवेक की तरफ देख) फ़ालतू में ऊँगली कर एक्शन हीरो बनने में मजबूर मत कर.

इतना कह कर सुमित विवेक का हाथ झटक देता है.

कीर्ति:- Vivek...Chhodo isse...Kicchad में पत्थर फेंकने का काम मत karo...Mai जानती hun...Isse कैसे डील करना है.

विवेक गुस्से से सुमित को देख वह से जाता है और मेघा का लगेज कार में रख देता hai...Sumit भी अपना लगेज रखता है.

कीर्ति जा कर बैक सीट में बैठ जाती hai...Sumit भी बैक सीट की तरफ जाने वाला था की मेघा उसका राष्ट रोक खुद कीर्ति के साथ बैठ जाती है.

सुमित अब्ब मज़बूरी में विवेक के साथ फ्रंट सीट में बैठ जाता है.

कार जैसे hi आगे बढ़ा सभी अपने अपने ख्यालों में खोये हुए thhe...Isa टूर का मकशद सभी के लिए अलग अलग tha...Kisi को अपना प्यार हासिल करना था तो किसी को अपना नफरत जड़ से मिटाना था.

सुमित के दिमाग़ में भी कई सवाल tha...Vivek कौन है? अगर विवेक और कीर्ति दोस्त है तो ये दोस्ती किस हद्द तक? विवेक का इस टूर में क्या काम? मेघा और कीर्ति की बिच की बात चीत?

लेकिन ये सवालों को कुछ देर साइड रख सुमित सिर्फ कीर्ति के बारे में hi सोच रहा था.

फिर वो अपना पॉकेट से एक छोटा सा मिरर निकाल कर कुछ ऐसे रखता है जिससे कीर्ति का पूरा चेहरा उससे प्रतिबिम्ब के रूप में दिखाई दे.

कीर्ति को निहारते हुए,

सुमित:- (इन हिज मंद) तुम्हारा खूबसूरती के साथ साथ तुम्हारा मेरे लिए नफरत और भी बढ़ गया है.

वादा है खुद se...Tumhara ये नफरत को जल्द hi प्यार में बदल दूंगा.
 
अपडेट 41

Utro...Naashta का टाइम हो गया.

कार एक होटल के सामने रुका tha...Sumit के अलावा सभी उतर चुके thhe...Lekin सुमित जो अपने hi दुनिया में खोया हुआ था उसको इससे कोई फर्क नहीं पड़ा.

सुना नहीं तुमने?

एक बार फिर गुस्से से कीर्ति ने पूछा.

आवाज थोड़ा तेज था तो सुमित का ध्यान भी टूट गया.

सुमित:- हाँ बोलो.

मुश्कुराते हुए सुमित ने पूछा.

कीर्ति:- नाश्ता करना है या नहीं?

छिड़ते हुए कीर्ति ने एक बार फिर पूछा.

सुमित:- तुम्हारे साथ hun...Issi एहसास से पेट भर गया.

कीर्ति:- बकवास बंद karo...Aage गाडी नहीं rukegi...Fir बाद में मत कहना की भूख लगा है.

सुमित:- गाडी में तुम भी तो ho...Jab जब भूख लगेगा तब तब तुम्हे देख lunga...Bhookh मिट जाएगा.

सुमित की आवाज में प्यार hi प्यार tha...Ye सुन कीर्ति और भी छिड़ गयी.

कीर्ति:- तुमसे बातें करना hi बेकार है.

कीर्ति वह से चली gayi...Megha और विवेक के साथ.

सुमित कार के विंडो से प्यार से कीर्ति को जाते हुए देखने लगा.

सुमित:- न जाने कितनी रातें तुम्हारी यादों में भूखा बिताया hai...Aaj क्यों ना तुम्हारे साथ होने की ख़ुशी में भूखा राहु. :डी

कुछ ऐसे hi ख्यालों के साथ सुमित अपने प्यार की दुनिया में फिर से खो गया.

अचानक hi एक ख्याल के साथ सुमित का ध्यान टुटा.

वो जल्द अपने जगह से उठ कर कार के बैक सीट पर बैठ gaya...Aur इंतजार करने लगा कीर्ति की वापस आने ka...Aur एक रोमांटिक ट्रिप का.

होटल से वापस आने के बाद जैसे hi कीर्ति ने कार का गेट खोला सुमित को देख फिर से आग बबूला हो गयी. :माध:

गुस्से में कुछ बोल भी नहीं पा रही thi...Megha को कुछ इशारा कर वो फ्रंट सीट में बैठ गयी.

मेघा फिर सुमित के पास बैठ gayi...Baithte वक्त वो भी सुमित को एक नजर गुस्से से देखती है.

सुमित:- अरे yaar...Tumhare साथ तो क्लास में कई बार बैठ चूका हूँ? अब्ब तो कीर्ति को मौका दो?

लेकिन मेघा कुछ जवाब नहीं देती.

सुमित:- कोई बात nahi...Kirti तो मेरे पास जिंदगी भर rahegi...Mere हमसफ़र बन kar...Kuch पल hi सही तुम भी बैठ jaao...Shayad कोई यादगार लम्हा बन जाए.

सुमित ने हँसते हुए kaha...Lekin ये बात काफी था दोनों का गुस्सा और भड़काने ka...Lekin दोनों hi चुप rahi...Shayad इस वेकेशन का मूड अभी से खराब नहीं करना चाहती थी.

कार कुछ दूर आगे गया hi था की.

सुमित:- ऐ विचित्र Praani...Ye विचित्र प्राणी थोड़ा लम्बा शब्द हो gaya...VP शार्ट form...Haan ये ठीक रहेगा.

हाँ तो मर. VP...Ye क्या बैल गाडी चला रहा है? साइकिल वाला फीलिंग आ रहा है :सिघ:

विवेक:- एक तो सुबह से ड्राइव कर रहा hun...Upar से इतनी दूर का डेस्टिनेशन रखा hai...Wo तो शुक्र मन की अभी भी चला पा रहा हूँ इतने थकान के बावजूद.

सुमित:- थोड़ा ग्लूकोस वगेरा पीया kar...Taakat milega...Wo भी इंस्टेंट वाला.

विवेक:- ये जो तू इतना भौंक रहा hai...Khud hi क्यों ड्राइव नहीं करता?

सुमित:- मई तो कर लूंगा drive...Lekin फार्मूला रेस की स्पीड रेसर और बाहर बैठे दर्शक को hi मजा आता है.

मेघा:- Nahi...Koi जरुरत नहीं है इसका.

सुमित के बात ख़त्म होते hi मेघा बोल उठी.

सुमित भी मेघा के साथ उस रात का बाइक वाला सफर याद करके मुस्कुराया.

सुमित:- अरे yaar...Kitna बोरिंग ट्रिप चल रहा hai...Thoda म्यूजिक हो जाए.

चलो Kirti...Tumse शुरुवात करते है.

लेकिन कीर्ति ने कोई रिस्पांस नहीं दिया.

सुमित:- अच्छा ठीक hai...Mai hi शुरुवात करता हूँ.

मैं तनु समझावण की

न तेरे बिना लगदा जी

मैं तनु समझावण की

न तेरे बिना लगदा जी

तू की जाने प्यार मेरा

मैं करून इंतज़ार तेरा

तू दिल, तुण्हीऊँ जान मेरी

सुमित ने पुरे फील के साथ सुर मिला कर गाना सुरु hi किया था की कीर्ति की हरकत ने मानो उसका दिल एक बार फिर से तोड़ दिया.

जहा सुमित कीर्ति को अपने दिल की बात गांव के जरिये से बताना चाहता था वही कीर्ति उसकी गाना को अवॉयड करने के लिए ईरफ़ोन मोबाइल में कनेक्ट कर के अपने कानो में लगा लेती है.

सुमित:- (इन हिज मंद) क्या इतना hi इज़्ज़त रह गया है मेरा?

सुमित ने अपना गाना बंद कर दिया और खिड़की से बाहर देखने लगा.

सुमित:- (इन हिज मंद) नहीं आज वो नाराज hai...Aaj मई मनाऊंगा तो hi कल वो भी मुझे मनाएगी जब मई नाराज hounga...Pyar में रूठना मनाना तो चलता रहता है. :)

ये सोचते hi सुमित के होंठो पर फिर से मुस्कान छा गया.

सुमित:- (इन हिज मंद) जानता हूँ तुम्हारी naraajgi...Abhi तो तुम्हे और इर्रिटेट करना hai...Tumhare अंदर का गुस्सा और नाराजगी को जड़ से मिटाना hai...Waapas से तुम्हे अपना बनाना है.

ये सोचते हुए सुमित का आत्मा विश्वाश फिर से बढ़ gaya...Aur फिर वो फिर से कीर्ति को प्यार भरी नजरो से निहारने लगा.

यह सब मेघा के सामने hi हो रहा tha...Chaah कर भी वो सुमित को अवॉयड नहीं कर पा रही थी.

फिर ऐसे hi ये ट्रिप भी ख़त्म हो gaya...Shaam में वो सभी अपने डेस्टिनेशन पहुँच गए.

यह एक पहाड़ी इलाका tha...Kuch बड़े बड़े पहाड़, कुछ बड़े और हरे पेड़ से बहती ठंडी hawaayein...Aur आसमान में नीला baadal...Dhalte शाम में वो इतना hi जान पाए इस इलाका के बारे में.

सभी को इंतजार था तो कल ka...Wo भी बेसब्री से.

फिर सभी होटल के अंदर गए और सुमित काउंटर से 2 चाभी ले कर आता hai...Ek कीर्ति को दे कर.

सुमित:- सोचा था हम 3 hi होंगे टूर mein...Issi लिए 2 रूम बुक करवाया tha...Ek में मई और कीर्ति और दूसरे में मेघा.

सुमित ने मुस्कुराते हुए kaha...Kirti तो चुप thi...Lekin उसकी आँखें बहुत कुछ कह रही थी.

सुमित:- ओह्ह sorry...Ek में मई अकेला और दूसरे में तुम दोनों.

फिर सभी अपने अपने रूम की तरफ जाने lage...Vivek को सुमित के साथ रूम शेयर करना अच्छा तो नहीं लग रहा था लेकिन वो फिर भी चुप चाप चलता रहा.

रूम में पहुँच कर अपना लगेज रखने के बाद सुमित रूम से निकल कर बहार चला गया.

आशीष:- व्हाट ा प्लीजेंट सरप्राइज? फ़ोन वो भी तूने किया आज?

सुमित:- Haan...Aaj बहुत hi ज्यादा खुश hun...To सोचा तुझे फ़ोन कर lun...Waise भी तू सिर्फ ख़ुशी के वक्त के hi तो दोस्त है.

आशीष:- कुछ ज्यादा नहीं बोल रहा है?

सुमित:- अभी बोलै hi कहा hun...Bolne तो दे.

आशीष:- हाँ haan...Tera ख़ुशी तेरी बातों से hi जलक रहा है? लगता है मेघा पैट गयी है.

सुमित का रिएक्शन पहले hi सोच आशीष हसने लगता है.

सुमित:- फिर चुतियापा? :माध:

आशीष:- अच्छा अच्छा bataa...Kirti के साथ कितना आगे बढ़ा बात?

सुमित:- आज उसको इतने वक्त के बाद देखा यार वो भी इतने देर के liye...Bahut प्यार आ रहा है यार उस par...Aatma विश्वाश भी बढ़ गया है की इस बार उससे अपना बना कर hi रहूँगा.

एक्ससिटेमेंट में सुमित ने कहा.

आशीष:- सिर्फ dekha...Aur इतना खुश हो रहा है.

सुमित:- अबे पेसिमिस्टिक जनताओं के सरदार :माध: यह तो शुरुआत hai...Bahut अच्छा suruwaat...Dekhte जा इस शुरुवात को मई कितना आगे तक ले कर जाता हूँ.

आशीष:- भरोषा है यार तुझ par...Bhulna mat...Free की पार्टी पेंडिंग है.

सुमित:- अब्ब किया तूने समझदारी वाली बात.

आशीष:- वैसे Sumit...Ek कन्फूसिओं hai...Tere घर वालों को भी पता होगा इस 4 वीक के वेकेशन के बारे mein...Fir तू कैसे इस वेकेशन पर जा पाया?

सुमित:- स्टडी.

आशीष:- मालाब?

स्टडी:- ये पेरेंट्स के लिए एक्सपेक्टेशन है तो बच्चों के लिए हथियार.

आशीष:- अबे साफ़ साफ़ बता.

सुमित:- पापा को फोर में कहा की बायोकेमिस्ट्री की लाइव क्लास लेने जा रहा hun...Pehle तो उन्हें शक हुआ की मई इतना पढ़ाकू कैसे बन गया hun...Lekin फिर वो मान gaye...Bahut खुश thhe...Maa को भी समझा दिया.

और साथ hi 20,000 रस भी दाल दिया उन्होंने मेरे अकाउंट mein...Aur बाकी के कुछ पैसे सीनियर्स और दोस्तों se...Vacation का खर्चा पानी निकल जाएगा.

आशीष:- गलत नहीं कर रहा है तू?

सुमित:- (सीरियस हो कर) गलत तो कर रहा हूँ लेकिन मज़बूरी hai...Ek आखिरी कोशिश hi तो hai...Uske बाद खुद के साथ साथ कीर्ति और घर वालों के लिए भी जिम्मेदार बन जाऊँगा.

आशीष:- कोई बात nahi...Tu टूर को एन्जॉय kar...Aur हाँ भूलना मत फ्री की पार्टी खाये बहुत दिन हो गए मुझे?

आशीष ने सुमित को सीरियस होता देख बात को संभाल लिया.

सुमित:- टूर से आते hi मिल जाएगा तुझे पार्टी.

दूसरी तरफ

कीर्ति:- मुझे भी अब्ब लगता है तूने सही kiya...Kuch ज्यादा hi उड़द रहा है? ऐसे पंख काटूंगी उस सुमित का इस टूर में की वो फिर से कभी उड़द नहीं पायेगा.

मेघा कुछ नहीं boli...Wo अभी भी अपने सोच में गुम्म थी.

कीर्ति:- क्या सोच रही है?

मेघा:- यही की कितना गलत है Sumit...Nafrat हो गया है उससे अब्ब तो.

कीर्ति:- 2 सालो से जानती hun...Kitna बड़ा धोखेबाज़ है वो ये मुझसे अच्छा कोई नहीं jaanta...Tu दूर hi रह उससे.

उससे ऐसे सबक सिखाऊंगी की वो तुझे भी कभी परेशान नहीं करेगा.

नफरत भरी आवाज में कीर्ति ने कहा.
 
प्यार पुराना है फिर भी नया है :D...Matlab कुछ सालो का प्यार जब जा कर सफल हुआ hai...Starting के उपदटेस में है ये part :हिंट:

चरक्टेर्स के मामले में तो कंजूस hi हूँ :D...Aayenge इस स्टोरी में और भी चरक्टेर्स लेकिन बाद में.

नफरत वाली नाराजगी इस लिए क्यों की नफरत भी है और कुछ दबा हुआ एक्सपेक्टेशंस bhi....Aur शिकायत भी.

सुमित का फोकस भले hi कीर्ति पर ho...But मेरा फोकस अस ा राइटर पेंडुलम की तरह मेघा और कीर्ति दोनों पर hai...Kabhi मेघा तो कभी कीर्ति. :डी
 
थैंक्स मालिकर्माण भाई फॉर योर सपोर्ट एंड review...Puri कोशिश करूँगा आगे स्टोरी बोरिंग ना ho...Abb स्टोरी उस फेज में जा रहा है जहा उपदटेस लगभग पेनफुल और इमोशंस वाले honge...Abb के इस ट्रैजिक फेज में सिर्फ कुछ hi सीटुएशनल कॉमेडी होगा.

और रही बात कन्फूसिओं ka...To अभी यही कहूंगा कन्फूसिओं बस शुरुआत है स्टोरी ka...Abhi इस टूर के बाद स्टोरी में और भी बहुत कुछ होना बाकी है जिस की शुरुआत ये कन्फूसिओं hai...Bahut सी अलग पहलु देखने को मिलेगा आपको स्टोरी में. :अप्प्रोवे:

साथ बने रहिये भाई.
 
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